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पत्रकार अविनाश झा की निर्मम हत्या के विरोध में निकाला कैंडल मार्च, हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग

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दरभंगा। मधुबनी के पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा की निर्मम हत्या के विरोध में रविवार की शाम दरभंगा में बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले पत्रकारों ने कैंडल मार्च निकाला। पत्रकारों ने शहर के चंद्रशेखर आज़ाद चौक से लेकर भोगेंद्र झा चौक तक विरोध-प्रदर्शन किया और हत्यारों को फांसी देने की मांग की।

इसके पहले लक्ष्मीश्वर पब्लिक लाइब्रेरी में आयोजित बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की बैठक में पत्रकार हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की गई। सदस्यों ने कहा कि यह चौथे स्तंभ पर हमला है।

यूनियन के जिलाध्यक्ष अमरेश्वरी चरण सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बिहार सरकार से इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराकर हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ मृतक पत्रकार के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सरकार और प्रशासन पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करे जिससे पत्रकार अपने कर्तव्यों का पालन निर्भीक व स्वतंत्र रूप से कर सकें। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने पत्रकार सुरक्षा कानून को बिहार में लागू करने की मांग को दुहराया। संगठन राज्य और केंद्रीय स्तर पर भी पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आंदोलन करेगा।

बैठक के अंत में राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरो चीफ संजीव कुमार की मां पूर्णिमा देवी और पत्रकार मनोज झा के असमय निधन पर दोनों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर 2 मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में सुनील मिश्रा, शशि मोहन भारद्वाज, विजय कुमार श्रीवास्तव, मुकेश कुमार, पुनीत कुमार सिन्हा, उत्तम सेन गुप्ता, प्रवीण कुमार चौधरी, मनीष कुमार सिन्हा, मनोज कुमार, दीपक कुमार झा, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, रवि कुमार, रविकांत ठाकुर, मो.मिन्नतुल्लाह,शकील अहमद,पंकज महासेठ ,राजू सिंह,राम लखन झा, पंकज महासेठ आदि मौजूद थे।

बता दे कि मधुबनी के बेनीपट्टी के पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा 9 नवंबर से लापता थे। 13 नवंबर को उनका शव एक बोरे में बंद जली हुई हालत में बरामद हुआ था। अविनाश जिले में चल रहे फ़र्ज़ी नर्सिंग होम और जांच घरों के खिलाफ लगातार ख़बरें लिख रहे थे और सूचना का अधिकार लगाते थे। उनकी शिकायत पर कई अस्पतालों और जांच घरों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से अस्पताल माफिया ने उनकी हत्या करवा दी।

परिजनों ने इस संबंध में कई नामजद समेत अज्ञात अस्पताल संचालकों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामले में अब तक एक महिला अस्पताल संचालक समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

  • विजय कुमार श्रीवास्तव,
    सचिव, बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, दरभंगा

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  • झारखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन इस घटना की निंदा करती है और सरकार से दोषियों को शीघ्र कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करती है।

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