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बजाज शुगर मिल के खिलाफ क्षेत्रीय अखबारों में काम करते समय हम खबर नहीं लिख पाते थे!

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हर्ष कुमार-

बजाज शुगर मिल के खिलाफ क्षेत्रीय अखबारों में काम करते समय हम खबर नहीं लिख पाते थे। वजह- 15 अगस्त और 26 जनवरी को इनका एक ₹20000 का विज्ञापन आता था, केवल इसलिए कि इनके खिलाफ कोई खबर मीडिया में ना छपे, लेकिन अब अपना चैनल है जिसके हम ही रिपोर्टर हैं हम ही संपादक हैं, हम ही मालिक हैं।

बुढ़ाना शुगर मिल पर किसानों के बीच जाकर इस कंपनी के बारे में जो फीडबैक मिला उसके बाद तो एक ही शब्द दिमाग में आता है कि ‘बजाज हिंदुस्तान शुगर प्राइवेट लिमिटेड चोर’ कंपनी है। दूसरी शुगर मिलों की तरह इनके खिलाफ सरकार मुकदमा क्यों नहीं दर्ज करा पाती यह समझ में नहीं आया?

Video Link- https://youtu.be/Rqfx5wctMyo

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