छत्तीसगढ़ : कॉर्पोरेट बस्तर के सेप्टिक टैंक में दफ्न ‘लोकतंत्र’
मुकेश चंद्राकर की हत्या ने बता दिया है कि क्रोनी कैपिटलिज़्म (परजीवी पूंजीवाद) ने जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर अडानी-अंबानी पैदा किए हैं, उसी तरह उसने स्थानीय स्तर पर भी जिन अडानियों-अंबानियों को पैदा किया है, उनमें से एक नर-पिशाच सुरेश चंद्राकर है… संजय पराते- यदि पत्रकारिता लोकतंत्र की जननी है या पत्रकार लोकतंत्र के … Continue reading छत्तीसगढ़ : कॉर्पोरेट बस्तर के सेप्टिक टैंक में दफ्न ‘लोकतंत्र’
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