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उगाही के लिए तैनात शिक्षा अधिकारियों पर बड़े अफसर मेहरबान!

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यूपी में बेसिक शिक्षा से जुड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आते जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि इन अफ़सरों की नियुक्ति केवल पैसे कमाने के लिए हुई है। इनकी सबूत सहित शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिक्षक ऐसे अफ़सरों से त्रस्त हैं और आशंकित हैं कि कब उनसे किस बहाने से पैसे की माँग कर दी जाए।

ग़ाज़ीपुर जिले की एक महिला शिक्षा अधिकारी के भ्रष्टाचारी तांडव की कहानी सुनिए। इनका नाम है डाक्टर कल्पना। ये ब्लॉक एजुकेशन ऑफ़िसर (बी ई ओ) मरदह, गाजीपुर के पद पर कार्यरत हैं। इनके भ्रष्टाचार के महत्वपूर्ण बिन्दु:-

1- महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं निदेशक राज्य परियोजना सम्रग शिक्षा द्वारा जारी शासनादेश संख्यागुण/स्पोर्ट्स अनुदान/3996/2021-22 दिनाँक 3.11.21 का उल्लंघन करते स्पोर्ट्स के सामान के खरीद की केंद्रीकृत व्यवस्था करते हुए पूरे ब्लाक में अपने चहेते फर्म आस्था इंटरप्राईजेज़ से भारी भरकम कमीशन लेकर गुणवत्ता विहीन खेल सामग्री का वितरण कराते हुए प्रधानाध्यापको से स्पोर्ट्स धनराशि का चेक अपने कार्यालय जमा करा लिया गया। (साक्ष्य-अनेको विद्यालयो में एक ही फर्म के द्वारा सप्लाई की रसीद उपलब्ध है)

2- विद्यालय पर उपस्थित शिक्षकों को भी निरीक्षण में जबरन अनुपस्थित दिखाकर अपने कार्यालय पर बुलाकर धन की मांग करना। (साक्ष्य-दर्जनों शिक्षकों ने शपथ पत्र/ब्यानहल्फ़ी के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां शिकायत की है)

3- आयकर आगणन तैयार कराने के नाम पर प्रत्येक शिक्षक से 300 रू की दर से फरवरी मार्च 2022 में जबरन धन वसूला गया। (साक्ष्य-इसकी शिकायत विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने लेटर हेड से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां की है)

प्रमाण सहित इतनी शिकायतों के बावजूद कल्पना जी की कुर्सी पर कोई आँच नहीं। चर्चा है कि कुछ बड़े अधिकारी इनको संरक्षण दे रहे हैं जिसके चलता इनका बाल तक बाँका नहीं हो पा रहा है।

…जारी…

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  • तुरंत बर्खास्त करे ऐसी घूसखोर शिक्षा अधिकारी को

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