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चौधरी चरण सिंह का निधन औऱ आलोक तोमरजी की रिपोर्ट

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अरविंद कुमार सिंह-

29 मई 1987 को जब चौधरी चरण सिंह का निधन हुआ था तो उस दौर पर क्या नजारा था उसका मैं गवाह हूं। इतनी बड़ी तादाद में ग्रामीण किसी और राजनेता के निधन पर मैने नहीं देखा।

तुगलक रोड कोठी पर तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह से लेकर प्रधानमंत्री राजीव गांधी, लोक सभा अध्यक्ष बलराम जाखड़, चौधरी देवीलाल औऱ हेमवती नंदन बहुगुणा से लेकर पक्ष विपक्ष के जाने कितने दिग्गज नेता पहुंचे थे।

फिर राजघाट की अलग कथा है।

30 मई के अखबार चौधरी साहब के जीवन औऱ उपलब्धियों के साथ किसानों पर उनके विचार से भरे पड़े थे। लेकिन मुझे उनमें भाई आलोक तोमर की लिखी यह रिपोर्ट बहुत पसंद आय़ी।

आज भी इसे पढ़ेंगे तो लगेगा कि जैसे आप 12 तुगलक रोड पर खड़े हैं। इस रिपोर्ट को साझा कर रहा हूं तो आलोक भाई भी याद आ रहे हैं। वे इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन जो लिख गए हैं, उसका जवाब नहीं।

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