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  • 'समय' चैनल पर क्यों नहीं चल पाया 'आपरेशन महावत'?

    : कानाफूसी : सहारा समूह के न्यूज चैनल 'समय' से एक सूचना है कि चैनल पर करीब पंद्रह बीस दिन से 'आपरेशन महावत' नामक एक स्टिंग आपरेशन दिखाए जाने को लेकर प्रोमो चलाया जा रहा था लेकिन फाइनली यह कार्यक्रम दिखाया नहीं गया. यह स्टिंग आपरेशन बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा पर आधारित बताया जाता है. प्रोमो में बार बार हाथी का जिक्र किया जाता रहा. हाथी को हांकने वाले, चलाने वाले महावत का जिक्र कर सतीश चंद्र मिश्रा की तरफ इशारा किया जाता रहा.

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  • 4,600 Sahara investors claim refund from Sebi

    NEW DELHI: Around 4,600 investors in two Sahara group companies have come forward to claim refunds from the Securities and Exchange Board of India (Sebi), which had asked those who had purchased bonds issued by the entities to claim their money. Sources familiar with the development told TOI that the average claim is to the tune of Rs 20,000, resulting in a total demand of under Rs 10 crore.

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  • SEBI : Sahara Q Shop conversion under scanner, Sahara not cooperating

    Securities & Exchange Board of India (SEBI) has requested Lucknow Bench of Allahabad High Court to grant further 6 months to enquire into the complaints presented by IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur regarding issuance of Sahara Q shop bonds and advances.

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  • Support to & Solidarity With Agitating Sahara Workers

    : Press Statement : The Delhi Union of Journalists extends its full support to the agitating journalists and workers of the Sahara Group. The workers of the Sahara have been demanding the immediate payment of their wages which have accumulated for a period of six months.

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  • अब कर्मचारियों को बेवकूफ बना रहा सहारा

    निवेशकों के बाद अब कर्मचारियों / भूतपूर्व कर्मचारियों को बेवकूफ बना रहा है सहारा प्रबंधन। अपने मुखिया सुब्रतो राय के धरे जाने के बाद कथित रूप से आर्थिक तंगी झेल रहे समूह ने बचे खुचे कर्मचारियों से "पिंड" छुडाने के लिए सेल्फ या सेफ ऐक्जिट प्लान लाने की घोषणा की, और उसे दो चरणों में ले आए। हो सकता है कि उसका तीसरा चरण भी शीघ्र आये। याद रहे कि प्लान हमेशा सामान्य से बेहतर होता है।

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  • अब रिकवरी डालने में जुटे दैनिक जागरण कर्मचारी

    नई दिल्ली/ नोएडा। मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करने की वाजिब मांग कर रहे दैनिक जागरण के कर्मचारियों ने अब प्रबंधन को तगड़ी चोट देने की तैयारी कर ली है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश को धता बताने में जुटा जागरण प्रबंधन मजीठिया से बचने के लिए सारे हथकंडे अपना चुका है लेकिन अब उसे ऐसी चोट पड़ेगी कि कंपनी को डुबोने को तैयार बैठे प्रबंधन के चमचे बुरी तरह तिलमिला जायेंगे।

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  • आईएएनएस में वैकेंसी, करें अप्लाई

    समाचार एजेंसी आईएएनएस को संपादकीय विभाग में कई पत्रकार चाहिए. उन पत्रकारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें लाइफस्टाइल और सिनेमा को लेकर कार्य का अनुभव हो. अंग्रेजी भाषा का ज्ञान जरूरी है और फीचर सेक्शन में काम किया हुआ होना चाहिए. नियुक्ति आईएएनएस के नोएडा आफिस में की जाएगी. अपना बायोडाटा पर भेजें.

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  • आलोक गुप्ता पर सहारा ने फिर जताया भरोसा, बने लखनऊ के ब्यूरो प्रभारी

    लखनऊ के वरिष्ठ टीवी पत्रकार आलोक गुप्ता पर सहारा प्रबंधन एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें सहारा समय न्यूज चैनल के लखनऊ ब्यूरो प्रमुख का प्रभार सौंपा है। आलोक गुप्ता इससे पहले भी ब्यूरो चीफ की लंबी पारी खेल चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद कानपुर के ब्यूरो प्रमुख अनिरुद्ध यादव को ब्यूरो चीफ का प्रभार दिया गया था। आलोक उसके बाद नंबर दो की पोजीशन पर थे।

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  • उपेंद्र राय और सहारा मीडिया ने खूब चूतिया बनाया इन कर्मियों को!

    एक कहावत है कि मछली मर जाती है लेकिन उसकी गंध मरने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ती। कुछ ऐसा ही हाल उपेंद्र राय का है। उनके जाने के बाद भी उनकी दुर्गंध से सहारा मीडिया के लोग बेहाल हैं। उपेंद्र राय ने अपने समय में राष्ट्रीय सहारा से आंदोलनकारी लोगों को सेफ एग्जिट प्लान के तहत संस्थान से बाहर निकल जाने को कहा। इस प्लान के तहत संस्था को अलविदा कहने वाले कर्मचारियों को कोई न्याय नहीं मिल रहा है। इस कारण इन कर्मचारियों के अंदर भारी बेचैनी है।

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  • उपेंद्र राय ने सीईओ और एडिटर इन चीफ पद से इस्तीफा दिया

    जब मालिक पैसे नहीं देगा तो सीईओ और एडिटर इन चीफ क्या कर लेगा. लंबे समय के जद्दोजहद के बाद उपेंद्र राय ने इस्तीफा दे दिया. बात वही थी. सुब्रत राय फंड रिलीज नहीं कर रहे थे और कर्मचारियों की सेलरी की डिमांड बढ़ती जा रही थी. ऐसे में रोज रोज के किच किच से तंग आकर उपेंद्र राय ने ग्रुप एडिटर इन चीफ और ग्रुप सीईओ के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है. सहारा के उच्च पदों पर आसीन लोगों ने इस खबर को कनफर्म किया है. यह भी बताया जा रहा है कि अभिजीत सरकार को अब सहारा मीडियाा की भी पूरी जिम्मेदारी दे दी गई है.

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  • उपेंद्र राय सहारा से मुक्त हुए!

    एक बड़ी खबर सहारा मीडिया से आ रही है. सूत्रों का कहना है कि डायरेक्टर न्यूज समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर काबिज उपेंद्र राय अब इस संस्थान के हिस्से नहीं रहे. हालांकि उपेंद्र राय के करीबियों का कहना है कि उपेंद्र राय सहारा के हिस्से बने हुए हैं. बस, उनके काम का प्रोफाइल बदल गया है. उन्हें सहारा की तरफ से जो भी सुख सविधाएं मिल रही हैं, वह यथावत जारी है. उनका पद अब ग्रुप एडवाइजर का हो गया है. उनकी रिपोर्टिंग साल भर से जेबी राय को थी. अब वे सीधे सुब्रत राय को रिपोर्ट करेंगे.

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  • उपेंद्र राय, विजय राय, देवकीनंदन मिश्रा, योगेश मिश्रा, रमेश अवस्थी, पीयूष बंका, मनोज तोमर, मुनीश सक्सेना के बारे में सूचनाएं

    सहारा मीडिया बहुत बड़े बदलाव की प्रक्रिया से गुजर रहा है. सहारा प्रबंधन ने उपेंद्र राय पर पूरी तरह भरोसा करके उनके हवाले सहारा मीडिया कर दिया है. इसके बाद उपेंद्र राय हर मोर्चे पर बदलाव की कवायद में जुटे हैं. राष्ट्रीय सहारा अखबार का समूह संपादक विजय राय को बनाया गया है. प्रिंट लाइन में इनका नाम भी जाने लगा है. पहले समूह संपादक के पद पर रणविजय सिंह हुआ करते थे. प्रिंट लाइन में उपेंद्र राय का पद ग्रुप सीईओ और एडिटर इन चीफ के बतौर जा रहा है. उपेंद्र राय ग्रुप सीईओ होने के साथ साथ टीवी और अखबार दोनों के एडिटर इन चीफ हैं. विजय राय को सिर्फ अखबार का ग्रुप एडिटर बनाया गया है.

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  • एकजुट होने लगे सहारा कर्मी, सेलरी के लिए किया प्रबंधन का घेराव

    सहारा कर्मी अपनी सेलरी के लिए एकजुट होने लगे हैं. सहारा मीडिया में सेलरी संकट और कर्मचारियों की अंदरखाने एकजुटता की खबर भड़ास पर प्रकाशित होने के कुछ घंटे के बाद ही सहारा के नोएडा आफिस में कई महीने से सेलरी न मिलने से नाराज सहारा कर्मियों ने प्रबंधन का घेराव कर लिया. आंदोलनकारी कर्मियों ने भड़ास को एक मेल के जरिए जानकारी दी कि कर्मचारियों की एकजुटता और घेराव देखकर वहां मौजूद सभी एचओडी अपनी अपनी केबिन में भाग निकले.

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  • गुंडई के बल पर प्रबंधन ने सहारा समय राजस्थान चैनल के छह ब्यूरो जबरन खाली कराए

    सहारा मीडिया से खबर है कि राजस्थान के 6 ब्यूरो को जबरन खाली करा दिया गया है। खाली कराने से पूर्व न तो संस्था ने कोई नोटिस जारी किया और न ही फोन से सूचना दी। संस्था की दो टीमें हरी मिश्रा व राजीव शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पहुंची और आफिस जाकर सामान लेने की बात कही। ब्यूरो पैकअप से पूर्व जब ब्यूरो प्रभारियों ने लोकल कनवेंस व अन्य खर्चों का बकाया भुगतान मांगा, जो कि करीब तीन से चार लाख रूपये था, तो संस्था के अधिकारियों ने कहा कि मार्च के प्रथम सप्ताह में आपका भुगतान कर दिया जायेगा। इसके अलावा यदि आपने सामान उठाने से मना किया तो हम आपके खिलाफ सामान जबरन जप्त व चोरी का मुकदमा दर्ज करवा देंगे और संस्था से बेइज्जत करके निकाल ​देंगे। अधिकारियों ने यह भी कहा कि चुपचाप सामान पैकअप कराने में कोआपरेट करे।

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  • चहेते पत्रकारों पर करोड़ों उड़ाने वाली सरकार अमित पांडेय जैसे छोटे पत्रकार की जान बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकती!

    Alok Ranjan : बहुत ही दुखद खबर आयी है... सहारा के न्यूज चैनल 'समय' उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड में 35 साल के असिस्टेंट प्रोड्यूसर अमित पांडेय की मौत हो गयी है... मौत की वजह तो और भी ज्यादा झकझोर देने वाली है... दो महीने से अमित सिर्फ बिस्किट के सहारे ज़िंदा थे... क्योंकि दो महीने से सैलरी नहीं आयी थी... दो महीने से वो ब्रेकफास्ट... लंच और डिनर में बिस्किट खा कर ऑफिस आ रहे थे... ज्यादा दुख इस बात का है कि...

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  • छेड़छाड़ में मनोज मनु, गौतम सरकार और रमेश अवस्थी के खिलाफ FIR के आदेश

    सेक्सुअल हरासमेंट मामले में सहारा मीडिया को बड़ा झटका... मनोज मनु, गौतम सरकार और रमेश अवस्थी हैं बड़े पदों पर आसीन...

    दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सेक्सुअल हरासमेंट के केस में शुक्रवार 10.1.2017 को ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है... सेक्सुअल हरासमेंट के एक मामले में सहारा मीडिया के मनोज मनु, गौतम सरकार और रमेश अवस्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं... इन पर आरोप है कि ये लोग अपनी घिनौनी करतूत छिपाने के लिए पीड़ित महिला को लगातार धमकाते रहे... साथ ही पुलिस को भी मैनेज करते रहे...

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  • जिसने किया महिला टीचर का सम्मान तार-तार, उसे मिला रामनाथ गोयनका सम्मान

    Vineet Kumar : जी न्यूज के दागदार संपादक सुधीर चौधरी को 16 दिसंबर 2012 में हुए दिल्ली गैंगरेप की पीडिता के दोस्त का इंटरव्यू करने के लिए साल 2013 का रामनाथ गोयनका सम्मान दिया गया. ये सम्मान सुधीर चौधरी के उस पत्रकारिता को धो-पोंछकर पवित्र छवि पेश करती है जिसके बारे में जानने के बाद किसी का भी माथा शर्म से झुक जाएगा. पहली तस्वीर में आप जिस महिला के कपड़े फाड़ दिए जाने से लेकर दरिंदगी के साथ घसीटने,बाल नोचने के दृश्य दे रहे हैं, ये शिक्षक उमा खुराना है. इन पर साल 2007 में लाइव इंडिया चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन किया और लोगों को बताया कि ये महिला शिक्षक जैसे पेशे में होकर छात्राओं से जिस्मफरोशी का धंधा करवाती है. चैनल ने इस पर लगातार खबरें प्रसारित की.

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  • जेल न भेजा जाना सुब्रत रॉय की जीत है

    सर्वोच्च अदालत ने भले ही ऐम्बी वैली टाउनशिप जब्त करने का आदेश दे दिया हो और मीडिया वाले इसे सहारा के लिए झटका बता रहे हैं पर सच्चाई ये है कि अगर सुब्रत राय को जेल नहीं भेजा गया है तो फिर यह कोर्ट की हार और सुब्रत राय की जीत है. हालांकि सुब्रतो रॉय को 27 फरवरी तक ही राहत मिली है. उस दिन फिर सुनवाई होगी. यानि फिर भी सहारा पर लटकी है तलवार. पर आज की सुनवाई को लेकर देश भर के लोगों की निगाह इस बात पर थी कि क्या सुप्रीम कोर्ट फिर से सुब्रत राय को जेल भेजेगा. जेल न भेजे जाने और ऐम्बी वैली टाउनशिप जब्त किए जाने की खबर सामने आने पर मिली जुली प्रतिक्रिया रही. कुछ लोगों ने इसे सुब्रत राय की जीत बताया क्योंकि वे जेल नहीं गए तो कुछ लोगों ने सबसे कीमती टाउनशिप को जब्त किए जाने को सहारा के लिए बड़ा झटका करार दिया.

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  • टैक्‍स न देने के चलते सहारा पर गिरी गाज, एक लाख करोड़ रुपये का एंबी वैली रिसॉर्ट सील

    महाराष्‍ट्र सरकार ने 4.82 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान न करने पर मंगलवार को सहारा ग्रुप के एंबी वैली रिसॉर्ट को सील कर दिया। मुलशी तालुका के तहसीलदार ने गैर कृषि टैक्‍स न देने पर लोनावाला स्थित इस संपत्ति एंबी वैली रिसॉर्ट को सील कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस लग्‍जरी रिजॉर्ट के लिए सहारा ग्रुप छोटे निवेशकों के पैसे का उपयोग कर रहा है। कंपनी रेगुलेटर के समक्ष पेश किए गए दस्‍तावेजों के अनुसार सहारा ने अपने दो क्रेडिट कॉपरेटिव्‍ज से एम्‍बी वैली रिसॉर्ट प्रोजेक्‍ट में निवेश किया है। कुछ निवेशकों ने शिकायत की है कि सहारा उनका वापस नहीं लौटा रहा है।

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  • डाक्टर से रंगदारी लेते सहारा समय चैनल का कर्मी धरा गया, बर्खास्तगी की तैयारी

    सहारा समय (यूपी-उत्तराखंड) चैनल के मार्केंटिंग विभाग में कार्यरत दीपक बिशनोई को एक डाक्टर से रंगदारी लेते हुए रंगे हाथो पकड़ लिया गया। ये मामला बिजनौर जिले के नगीना इलाके का बताया जा रहा है। रंगदारी लेते वक्त दीपक अपनी धर्मपत्नी के साथ मौजूद थे। हालांकि तमाम दबाव के चलते दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के तुरंत बाद चैनल के मानव संसाधन विभाग को सूचित कर दिया गया है।

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