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  • क्या संजय गुप्ता की टांग टूट गई है?

    Shrikant Singh : दैनिक जागरण के कर्मचारियों की बददुआ का असर देखिए.. सुना है कि संजय गुप्‍ता का पैर टूट गया है। समझ में नहीं आ रहा है कि इस पर दुखी हुआ जाए या खुश। हां चिंता जरूर हो रही है कि वह अपने पैरों पर चल कर जेल कैसे जा पाएंगे। शायद भगवान उनका साथ अब छोड़ने लगे हैं। दरअसल, जो मालिक अपने आश्रित कर्मचारियों का हक मारता है, उसकी यही दशा होती है। शनि महाराज ऐसे लोगों से तत्‍काल नाराज हो जाते हैं और पहले अपना प्रभाव पैर पर ही दिखाते हैं। शनि का प्रतिकूल प्रभाव दूर करने के लिए पैदल चलना जरूरी होता है, लेकिन शनि महाराज कोई बुड़बक थोड़े ही हैं। शायद इसीलिए वह पहला प्रहार पैरों पर ही करते हैं। सही गाना है-पैर ही जब साथ न दें तो मुसाफिर क्‍या करे।

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  • जानो दुनिया न्यूज़ चैनल का भूतपूर्व आईएएस मालिक पत्रकारों को ओछा और दो कौड़ी का समझता है

    IAS sanjay

    जानो दुनिया के मालिक भूतपूर्व आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता

    Naresh Soni: अहमदाबाद से एक बेहद बुरी खबर आई कि जानो दुनिया न्यूज़ चैनल बंद हो गया है... कुछ महीनों तक मैं भी इस चैनल से जुड़ा रहा, लेकिन यहां की अव्यवस्था देखकर काफी पहले मैंने किनारा करना सही समझा.. अब जो लोग वहां रह गए, क्या आप सब उनकी मदद के लिए आगे आएंगे?

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  • दैनिक जागरण नोएडा हड़ताल : देखिए और पढ़िए जीत के इस निशान को, सलाम करिए मीडियाकर्मियों की एकजुटता को

    जो मालिक, जो प्रबंधन, जो प्रबंधक, जो संपादक आपको प्रताड़ित करता है, काम पर आने से रोकता है, तनख्वाह नहीं बढ़ाता है, बिना कारण ट्रांसफर करने से लेकर इस्तीफा लिखवा लेता है, वही मालिक प्रबंधन प्रबंधक संपादक जब आप एकजुट हो जाते हैं तो हारे हुए कुक्कुर की तरह पूंछ अपने पीछे घुसा लेता है और पराजित फौज की तरह कान पकड़कर गल्ती मानते हुए थूक कर चाटता है. जी हां. दैनिक जागरण नोएडा में पिछले दिनों हुई हड़ताल इसका प्रमाण है. कर्मचारियों की जबरदस्त एकजुटता, काम का बहिष्कार कर आफिस से बाहर निकल कर नारेबाजी करना और मैनेजरों के लालीपॉप को ठुकरा देना दैनिक जागरण के परम शोषक किस्म के मालिक संजय गुप्ता को मजबूर कर गया कि वह कर्मचारियों की हर मांग को मानें.

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  • नरेंद्र मोदी की शह पाकर दैनिक जागरण के मालिक और सीईओ संजय गुप्‍ता अपराध की राह पर निकल पड़े हैं!

    Fourth Pillar : अपराधियों, घोटालेबाजों और तस्‍करों को संरक्षण दे रहे हैं संजय गुप्‍ता... वाहन पर प्रेस लिखा देख कर पुलिस वाले सम्‍मान में वाहन को नहीं रोकते और उसकी जांच करना पत्रकारिता का अपमान समझते हैं। उन्‍हें लगता है कि इस वाहन में कोई गणेश शंकर विद्यार्थी बैठा होगा। पहले कमोवेश यह बात सही भी रही होगी, लेकिन सावधान। दैनिक जागरण के प्रेस लिखे वाहन में कोई अपराधी, घोटालेबाज अथवा तस्‍कर भी हो सकता है।

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  • ब्रेकिंग न्यूज... सुधीर चौधरी की सेल्फी... ब्रेकिंग न्यूज... दीपक चौरसिया का हालचाल ...

    मैं आज के दिन को मीडिया के लिहाज से शर्मनाक दिन कहूंगा. पत्रकारिता के छात्रों को कभी पढ़ाया जाएगा कि 25 अक्टूबर 2014 के दिन एक बार फिर भारतीय राजनीति के आगे पत्रकारिता चरणों में लोट गई. धनिकों की सत्ता भारी पड़ गई जनता की आवाज पर. कभी इंदिरा ने भय और आतंक के बल पर मीडिया को रेंगने को मजबूर कर दिया था. आज मोदी ने अपनी 'रणनीति' के दम पर मीडिया को छिछोरा साबित कर दिया. दिवाली मिलन के बहाने मीडिया के मालिकों, संपादकों और रिपोर्टरों के एक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए. देश, विदेश, समाज और नीतियों पर कोई बातचीत नहीं हुई. सिर्फ मोदी बोले. कलम को झाड़ू में तब्दील हो जाने की बात कही. और, फिर सबसे मिलने लगे. जिन मसलों, मुद्दों, नारों, आश्वासनों, बातों, घोषणापत्रों, दावों के नाम पर सत्ता में आए उसमें से किसी एक पर भी कोई बात नहीं की.

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  • यशवंत की जागरण कर्मियों को सलाह- संजय गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए चुनाव आयुक्त को पत्र भेजो

    Yashwant Singh : दैनिक जागरण का संपादक संजय गुप्ता है. यह मालिक भी है. यह सीईओ भी है. एग्जिट पोल वाली गलती में यह मुख्य अभियुक्त है. इस मामले में हर हाल में गिरफ्तारी होनी होती है और कोई लोअर कोर्ट भी इसमें कुछ नहीं कर सकता क्योंकि यह मसला सुप्रीम कोर्ट से एप्रूव्ड है, यानि एग्जिट पोल मध्य चुनाव में छापने की कोई गलती करता है तो उसे फौरन दौड़ा कर पकड़ लेना चाहिए. पर पेड न्यूज और दलाली का शहंशाह संजय गुप्ता अभी तक नहीं पकड़ा गया है.

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  • संजय गुप्ता यानि स्वतंत्रता का दुश्मन

    Shrikant Singh : देश के इस दुश्‍मन को अच्‍छी तरह पहचान लें... दोस्‍तो, देश के दुश्‍मनों से लड़ने से कहीं ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण उन्‍हें पहचानना है। सीमापार के दुश्‍मनों से कहीं अधिक खतरनाक दुश्‍मन देश के अंदर हैं। आप उन्‍हें पहचान गए तो समझिए हमारी जीत पक्‍की। हम आपका ध्‍यान देश के एक ऐसे दुश्‍मन की ओर दिलाना चाहते हैं, जो पुलिस, प्रशासन, देश की न्‍यायपालिका और यहां तक कि देश की व्‍यवस्‍था तक को प्रभावित कर अपनी मुनाफाखोरी के जरिये इस देश को लूट रहा है। आप पहचान गए होंगे। हम दैनिक जागरण प्रबंधन की बात कर रहे हैं। आज 26 जनवरी है। गणतंत्र दिवस। इस दिन एक वाकया याद आ रहा है।

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  • संजय गुप्ता समेत पूरी जागरण टीम गिरफ्तार न होने का मतलब चुनाव आयोग भी किसी दबाव में है!

    Ram Janm Pathak : हेकड़ी, एक्जिट पोल और खानापूरी... चुनाव आयोग के स्पष्ट मनाही की जानकारी होने के बावजूद अगर दैनिक जागरण की आनलाइन साइट ने एक्जिट पोल छापने की हिमाकत की है तो यह सब अचानक या गलती से नहीं हुआ है, जैसा कि उसके स्वामी-संपादक संजय गुप्ता ने सफाई दी है। गुप्ता ने कहा कि यह ब्योरा विज्ञापन विभाग ने साइट पर डाल दिया। अपने बचाव में इससे ज्यादा कमजोर कोई दलील नहीं हो सकती। अखबार के बारे में थोड़ा -बहुत भी जानकारी रखने वाले जानते हैं कि समाचार संबंधी कोई भी सामग्री बिना संपादक की इजाजत के बगैर नहीं छप सकती।

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  • सुप्रीम कोर्ट ने जागरण के मालिकों महेंद्र मोहन और संजय गुप्ता को तलब किया

    मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू न करने और सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानून, न्याय, संविधान तक की भावनाओं की अनदेखी करने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने आज दैनिक जागरण के मालिकों महेंद्र मोहन गुप्ता और संजय गुप्ता को अगली सुनवाई पर, जो कि 25 अक्टूबर को होगी, कोर्ट में तलब किया है. आज सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू न किए जाने को लेकर सैकड़ों मीडियाकर्मियों द्वारा दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई हुई.

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