दागी आईएएस अफसरों से दब जाती है या डर जाती है योगी सरकार!

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मनीष श्रीवास्तव-

संजीव सरन, चंचल तिवारी, सत्येंद्र सिंह यादव, विमल शर्मा, सदाकांत शुक्ला, रमारमण, दीपक सिंघल, डॉ ललित वर्मा, राजीव कुमार जैसे न जाने कितने दागी आईएएस अफसर आराम से सेवा से रिटायर हो गए… योगी सरकार कोई कार्रवाई न कर सकी…

‘सन्देशवाहक’ अखबार में प्रकाशित मेरी आज की खबर… करने को तो यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेन्स की नीति पर चलती है। कई सरकारी विभागों से सैकड़ों कर्मचारियों, अफसरों और इंजीनियरों को बीते साढ़े चार वर्षों में जबरिया रिटायर किया गया है। लेकिन आजतक एक भी सेवारत दागी आईएएस को जबरिया रिटायर करने की संस्तुति यूपी सरकार ने नहीं की।

सितंबर 2017 में मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में गड़बड़ आईएएस अफसरों की छंटनी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी न सिर्फ बनी थी बल्कि पहली बैठक भी हुई थी। कई गड़बड़ आईएएस अफसरों पर तलवार लटक रही थी। लेकिन दागी आईएएस अफसरों के दबाव में स्क्रीनिंग कमेटी हाशिये पर डाल दी गयी।

इसी बीच संजीव सरन, चंचल तिवारी, सत्येंद्र सिंह यादव, विमल शर्मा, सदाकांत शुक्ला, रमारमण, दीपक सिंघल, डॉ ललित वर्मा जैसे न जाने कितने दागी आईएएस आराम से सेवा से रिटायर हो गए। योगी सरकार ने पांच वर्ष से निलंबित चल रहे वरिष्ठतम आईएएस राजीव कुमार को जबरिया रिटायर करने की सिफारिश भेजी तो जरूर, लेकिन वो भी डीओपीटी में दम तोड़ गयी और राजीव कुमार भी रिटायर हो गए।

देखें अखबार में छपी पूरी खबर-

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