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रिश्वत लेते मथुरा पुलिस का दरोगा भरतपुर में रंगे हाथों गिरफ्तार

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Sunil Sharma-

आरोपी दरोगा दहेज के मामले में जांच करने गया था भरतपुर, आरोपियों के नाम निकालने के एवज में 30 हजार रुपये की ले रहा था रिश्वत, भरतपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भरतपुर ने रंगेहाथों पकड़ लिया, मथुरा के थाना मर्गारा में दर्ज है दहेज का मुकदमा

मथुरा। यूपी में भ्रष्टाचार की हालत देखिये भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) भरतपुर की टीम ने 25 जुलाई की शाम भुसावर थाना क्षेत्र के गांव तरगवां में यूपी के मथुरा जिले के मर्गोरा थाने के एसआई को 30 हजार रुपए की घूस लेते हुए दबोच लिया। एसआई ने मर्गोरा थाने में दर्ज दहेज प्रकरण मामले में धाराओं को हटाने की एवज में एक लाख रुपए की मांग थी। जबकि परिवादी की पत्नी ने बाद में मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने का प्रार्थना पत्र एसआई को दिया था लेकिन वह रिश्वत राशि नहीं देने पर कार्रवाई पर अड़ गया। शिकायत कर्ता भीलवाडा जिले में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। उसकी पत्नी दहेज प्रकरण का मामला दर्ज कराया था।

दहेज के एक मामले भरतपुर के एक गांव में जांच के लिए गए मथुरा पुलिस के दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया है। थाना मगोर्रा में तैनात उप निरीक्षक प्रेमपाल दहेज के मामले में भरतपुर के भुसावर में विवेचना करने गए थे। दहेज के एक मामले में आरोपियों का नाम निकालने एवं राजीनामा करवाने की एवज में दरोगा ने रिश्वत मांगी थी। थाना मर्गारा में दर्ज है दहेज का मुकदमा।

मथुरा के थाना मगोर्रा के उपनिरीक्षक प्रेमपाल को राजस्थान के भरतपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रविवार को रंगेहाथों 30 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। मथुरा पुलिस के दरोगा दहेज के मामले में जांच करने के लिए भरतपुर गए थे।

कार्रवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भरतपुर के उपाधीक्षक परमेश्वर लाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। थाना प्रभारी रंजीत वर्मा ने बताया कि उपनिरीक्षक प्रेमपाल को रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भरतपुर ने गिरफ्तार किया है। एसीबी भरतपुर ने 30 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथों दरोगा को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पूछताछ कर टीम साथ ले गई। बताया गया है कि भुसावर थाने के गांव तरगवां निवासी राजवीर सिंह पुत्र मुरारी लाल जाट भीलवाड़ा में पुलिस कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। कांस्टेबल की पत्नी मिथलेश द्वारा थाना मगोर्रा में दहेज का मामला दर्ज कराया गया था। राजीनामा करवाने को लेकर थाना मगोर्रा के उप निरीक्षक प्रेमपाल द्वारा आरोपी राजवीर से एक लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। दरोगा प्रेमपाल को 10 हजार रुपये पहले ही दे दिए गए थे।

30-30 हजार रुपए की तीन किश्तों में रुपये मांगे गये

एसआई प्रेमपाल ने 22 जुलाई को उक्त मामले में धारा 307 हटाने व उसके दो भाइयों के नाम प्रकरण से हटाने की एवज में एक लाख रुपए की मांग की। जिस पर एसआई ने दस हजार रुपए पहले ही ले लिए। शेष राशि 90 हजार रुपए उसने 30-30 हजार रुपए तीन किश्तों में मांगी। इस बीच परिवादी ने एसीबी ने शिकायत की। एसआई पहली किश्त लेने उसके गांव पहुंचा और रिश्वत राशि लेकर उसने वर्दी की जेब में रख लिए। इशारा पाकर एसीबी ने कार्रवाई कर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत राशि बरामद कर ली।

एसीबी के सीओ परमेश्वरलाल ने बताया कि परिवादी राजवीर सिंह पुत्र मुरारी लाल जाट निवासी गांव तरगवां भुसावर ने ने परिवाद में बताया कि उसकी पत्नी मिथलेश ने मथुरा जिले के मर्गोरा थाने में इस साल दहेज प्रकरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने मुकदमा भादसं. की धारा 498ए, 323, 504 व 307 के तहत दर्ज किया था। बाद में परिवादी की पत्नी ने अपने पति राजवीर व ससुरालीजनों के खिलाफ दर्ज कराए मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं करने के लिए एसआई प्रेमपाल सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था।

Sunil Sharma
Journalist
Deeg House, Lal Darwaza,
Mathura

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