दूरदर्शन भोपाल में स्ट्रिंगर भर्ती में भारी अनियमितता!

हाल ही में मध्यप्रदेश के दूरदर्शन केन्द्र के समाचार एकांश में हुई स्ट्रिगंरो की भर्ती इन दिनों राजधानी सहित प्रदेश के अंचलों में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। दूरदर्शन केन्द्र के समाचार एकांश की प्रमुख पूजा पन्नालाल वर्धन ने इन दो सालो में दूरदर्शन न्यूज के तो मायने ही बदल दिए हैं। अपनी विवादित कार्यप्रणाली के चलते अपने सहयोगी समाचार सम्पादक राय जो हाल ही में प्रमोट होकर सहायक निदेशक बने हैं, के साथ मिलकर अनियमितता के सारे रिकार्ड ही तोड़ दिये।

उल्लेखनीय है कि फरवरी 2017 में दूरदर्शन समाचार एकांश भोपाल ने मध्यप्रदेश के सभी जिलों में स्ट्रिंगर की भर्ती के लिये विज्ञापन दिये। दूरदर्शन के इतिहास में पहली बार दूरदर्शन पर इसे भर्ती के आखरी दिन तक प्रचारित किया गया। एंकर बाईट में भी समाचारों को बीच में रोककर इस भर्ती के बारे में बताया गया। प्रसार भारती द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में नियुक्त पीटीसी हाईकार्ट की शरण में चले गये। हाईकोर्ट में पहले जिन सात जिलों के पीटीसी ने शिकायत की उस पर हाईकार्ट ने इन जिलों में परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी। इसके बाद 14 और पीटीसी भी हाईकार्ट चले गये। न्यायालय में पीटीसी के ये दोनों मामले क्लब हो गये जो अब भी विचाराधीन हैं।

एक समय था जव समाचार सम्पादक राय स्ट्रिगंरो और पीटीसी को स्टोरी के लिये अनुमति देते थे। बाद में इनकी अनियमितता को देखकर राय से स्टोरी अप्रूअल के अधिकार छीनकर पूजा वर्धन खुद स्टोरी अप्रूअल देने लगीं। समाचार सम्पादक राय हाशिये पर चले गये और पूजा बर्धन का विरोध करना शुरू कर दिया। जैसे ही दूरदर्शन केन्द्र के समाचार एकांश में स्ट्रिगंरो की भर्ती की कार्यवाही चली समाचार सम्पादक राय ने अपने समकक्ष और आकाशवाणी भोपाल में पदस्थ मित्र के साथ स्ट्रिंगरों की भर्ती से लाभ लेने की रूप रेखा बनाई। इन दोनो अधिकारियों ने दूरदर्शन केन्द्र के समाचार एकांश की प्रमुख पूजा पन्नालाल वर्धन को विश्वास में लेकर अनियमितता के खेल शुरू किए। आरोप है कि भर्ती में जमकर पैसा चलने लगा।

कोर्ट के कारण जब नियुक्तियों में विलम्ब होने लगा और कई खेल तमाशे लोगों को मालूम पड़े तो पैसे वापस करने का दबाव बढने लगा। ऐसे में हाईकोर्ट का निर्णय आने से पहले ही सात जिले छोड़कर रिजल्ट घोषित कर दिये गए। दूसरे ही दिन राय का नागपुर का स्थानांतरण का आदेश आ गया। स्ट्रिगंर के पद पर कहीं गुन्डा लिस्ट में शामिल तो कहीं 10वीं पास तो कहीं जीवन में पत्रकारिता न करने वाले चाय पान के खोके चलाने वालों को चयन कर लिया गया। पत्रकारिता से स्नातक व स्नाकोत्तर डिग्रीधारी बाहर हो गये। लगभग पुराने अधिकांश स्ट्रिगंर भी बाहर कर दिये गये। इसे लेकर अब स्ट्रिंगर लामबन्द होकर हाईकोर्ट की शरण में जा रहे हैं और एक याचिका दायर कर रहे हैं।   

पूजा वर्धन की पहले भी स्टाफ और स्ट्रिंगर दिल्ली उच्चाधिकारियों को शिकायत करते रहे हैं। लेकिन दिल्ली उच्चाधिकारी जाने किस भय से चुप्पी साधे रहे। आपको बता दें कि इस महिला अधिकारी ने  पूर्व में अपने महिला होने का लाभ उठाते हुए कई अधिकारियों की शिकायतें कर चुकी हैं जिससे विभागीय लोग इससे डरते हैं। इस महिला के लिए अपने पिता के पूर्व पुलिस अधिकारी होने की धमकी देना आम बात है। देखना है कि मध्य प्रदेश के योग्य स्ट्रिंगरों को दूरदर्शन भर्ती में न्याय मिल पाता है या नहीं।

अनिल सक्सेना

पत्रकार

1224 इब्राहिमगंज, भोपाल, म0प्र0

संपर्क : saxenaanilrsn@gmail.com

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Comments on “दूरदर्शन भोपाल में स्ट्रिंगर भर्ती में भारी अनियमितता!

  • Ashutosh Sharma says:

    मैंने भी भिण्ड के लिए apply किया था। संचार में पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद भी किसी नम्बर पर नही।
    वाह दूरदर्शन

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  • बकबास खबर है जिनका नही होता वो ऐसे ही रोना रोते है किसी भी प्रतियोगीता में सब का चयन नही होता यह वो ही बात हुई नाच ना जाने आंगन डेढ़ा

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  • Doordarshan me is baar jis imandaari se selection huye hai vo aaj se pehle kabhi nahi huye sachin sir se accha adhikari ho nahi sakta vo adhikari se adhik sabke dost hai

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  • ANIL SAXENA says:

    दूरदर्शन भोपाल में स्ट्रिंगर भारती में भारी अनिय्मित्तयो के नाम से जो खबर आपके पोर्टल पर प्रलक्षित की गई है उसमे मेरा नाम निचे अनिल सक्सेना एवं मेरी इ-मेल व मेरा यह पता डाला है यह की किसी व्यक्ति द्वारा रंजिश वश उक्त खबर मेरे नाम का गलत प्रयोग कर मेरी इ-मेल आई.डी.हेक कर आपको प्रेषित की है मेरे द्वारा उक्त खबर से कोई भी सरोकार नहीं है न में न्यूज़ 24 रायसेन का रिपोर्टर हूँ एवं मेरा जो आपके पोर्टल पर पता दर्जू है वह भी गलत है अतः उक्त खबर का में स्वयं खंडन कर रहा हूँ इस खबर को मेरे द्वारा नहीं भेजा गया है कृपया जांच कर कार्यवाही करें एवं इमरा नाम उक्त आपके पोर्टल पर से उक्त मेरे नाम ख़ारिज करने का कष्ट करें
    अनिल सक्सेना रायसेन मो.9826769161

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  • Mandeep Jalota says:

    Views expressed are very biased…. Writer must adhere to Journo ethics… He must come up with facts, writing statements also damage someone reputation, If officers are not found to be guilty, writer must be prosecuted…. and must pay for damages…

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  • Mandeep Jalota says:

    Anil Saxena is Ssying the article is not his own,, website sholud put this down… otherwise the liablity of damages lies with the website Admin

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  • AKASH KUMAR says:

    बेबाक भड़ास4मीडिया ….
    पिछले कई महीनों से मैं किसी अच्छे समाचार संस्थान -प्रिंट/इलेक्टर/वेब में काम करने की हसरत है । कई जगह cv नियत ईमेल पते तक प्रेषित किए । मगर ऐसा लगता है , मानों सबों ने जमाई समझ के अंगराई ले ली । मुझे बस एक उम्मीद की किरण चाहिए, जो इस कलम के सिपाही को साबित करने का एक मौका दे ।

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