स्ट्रिंगर ने चैनल छोड़ते हुए बॉस की लंका लगा दी, देखें वाट्सअप ग्रुप में पोस्ट इस्तीफ़ानामा!

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रायसेन के स्ट्रिंगर देवराज दुबे ने न्यूज़ 18 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ छोड़ दिया है… छोड़ने से पहले उन्होंने चैनल के अधिकृत वाट्सअप ग्रुप में ऐसा कुछ लिखा कि बवाल मच गया… पढ़ें :

सभी सम्मानीय वरिष्ठ अधिकारियों को मेरा नमस्कार 

विषय-रचित कठिल जी से प्रताड़ित होकर इस्तीफा देने बावत

आदरणीय सर मैंने news18 एमपी सीजी में दो साल 8 माह अपनी सेवाएं दी है और बड़ी मेनहत के साथ कार्य किया है। पूरी मप्र टीम हैदराबाद टीम का मुझे सहयोग मार्गदर्शन मिला। सिर्फ रचित कठिल जी को छोड़ कर, किसी को मेरे से या मुझे किसी से कोई कभी भी परेशानी नहीं हुई है।

श्री मान जी, रचित जी से मैं ही नहीं, पूरी mp की टीम परेशान है, लेकिन कोई नहीं चाहता इनकी जॉब में दिक्कत आये। इसलिए कोई शिकायत नहीं करता। मैंने भी अभी तक इस लिए कोई शिकायत नहीं की थी। इनसे परेशान होकर मैंने पहले भी संस्थान से इस्तीफा दे दिया था पर शिकायत नहीं की थी। पर कब तक रिपोर्टर सहता रहेगा। ये अपने आप को मालिक समझते हैं। कॉल करके सीधा कहते हैं आईडी जमा कर दो तुम। सर हमेशा ही बहुत गंदी तरीके से बात करते है। श्रीमान जी ये सब इसलिए किए जाता क्योंकि इनकी ग़लत बात मानने से मना कर दिया जाता है।

कई बार इन्होंने अपने परिचितों के कार्य के लिए मुझे मजबूर किया। ये news18 के ऑफिस में बैठ कर दूसरे जगह का काम करते है और रिपोर्टर पर भी दबाव बनाते है दूसरों का काम करने को। रिपोर्टर को news18 जैसी अच्छी संस्था में काम करना है इसलिए सुनना मजबूरी है। इनके द्वारा एक कंपनी में id बनाकर वहाँ पर विज्ञापन देखने का कार्य हमसे कराया गया। जब नहीं किया तो परेशान करने लगे।

शराब के लिए परेशान किया 

फ़स्ट लॉक डाउन में जहां लोग घर से नही निकल रहे थे उस समय इन्होंने मुझे परेशान किया। भोपाल से रायसेन जिला सटकर लगा हुआ है इनके द्वारा दवाव बना कर कंसेशन में शराब मंगाई गई। जो काम कभी नही किया इनके लिए करना पड़ा। सोचा चलो एक अच्छी संस्था में काम कर रहे है, दारू नही दी तो यह काम ही नही करने देंगे। श्रीमान जी लॉक डाउन में पुलिस से बच बच कर इनको शराब दी। एक दो बार के तो इन्होंने पैसे बिल्कुल भी नही दिए। इनके द्वारा हमेशा कहा गया किसी नेता को बलू टिक चाहिए fb पर दिला देंगे किसी को लाइक चाहिए पेज पर कर देंगे, नेताओ की सोशल मीडिया का पूरा काम देखेगे, आप बात करिए। अपने यहां के नेता मंत्री से, सर इनके द्वारा ऑफिस में बैठ कर दूसरे काम किये जाते हैं।

सर कुछ माह पहले जब रिजाइन दिया था इनसे इन्ही सब से परेशान होकर रिजाइन दिया था। मैं नही चाहता था कि इनका असली चेहरा किसी को पता चले लेकिन मेरे वापस आते ही फिर इनके द्वारा मुझे लगातार परेशान किया गया। बोले कि अब नए बॉस आ गए है तुम शिकायत भी नही कर पाओगे। बॉस मेरे पहले के परिचित है मैं जो बोलूंगा वही वो करेंगे और सुनेंगे।

इनके द्वारा फिर मुझे कहा गया देवराज शादी के बाद बहुत खर्च बढ़ जाते है ज्यादा से ज्यादा कंसेशन में शराब लेकर दे दो और कुछ अपनी तरफ से भी भेज देना। जब मैने नही सुना इनके फोन उठाना बंद कर दिए तो इनके द्वारा मुझे बिना बजह ग्रुप में लिखा गया। इनका कभी अगर फोन गलती से कोई रिपोर्टर नही उठा पाता तो यह उसकी ग्रुप में सार्वजनिक बेइज्जती करने लगते हैं। श्रीमान जी से एक ही निवेदन है जांच कर आगे की कार्रवाई जरूर करें!

इनसे सब रिपोर्टर परेशान रहते हैं। आप किसी से भी जानकारी ले सकते हैं। इनका व्यवहार संस्था के रिपोर्टर के प्रति बिल्कुल भी ठीक नही है, जी इस कारण इनको कोई पंसद नही करता। ऑफिस स्टाफ इनसे दूर भागने की कोशिश करता है।

श्रीमान जी इन पर उचित कार्यवाही नही हुई तो धीरे धीरे ईमानदार रिपोर्टर संस्था छोड़ कर चला जायेगा।

मेरा एक्सीडेंट हुआ। मैं छुट्टी पर था, तब भी इन्होंने परेशान किया। परेशान करने के कारण मैं 2 माह से काम नही कर पाया। ये काम करने की वजह से सीधा धमकी देते हैं कि संस्था छोड़ दो अन्यथा मैं तुम्हे खुद ही बाहर निकलवा दूँगा!

संस्था में कार्य करके अच्छा लगा संस्था में बहुत कुछ सीखने को मिला…

आदरणीय सर अब मैं इनसे बहुत ज्यादा प्रताड़ित हो चुका हूं। ऐसा न हो कि मैं इनकी प्रताड़ना के चलते कभी कोई गलत कदम उठा लूँ। मैं मानसिक रूप से काफ़ी प्रताड़ित इनसे हो चुका हूं। इसलिए मैं अब कार्य नहीं करना चाहता। मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार किया जाए!

देवराज दुबे

रायसेन मप्र

संग्लन :- इनके द्वारा किए गए कार्यो के कुछ सबूत सलग्न है

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