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अमर उजाला में पिछले दिनों एक खबर छपी थी जो मूलत: दैनिक जागरण में छपी खबर को चोरी करके लगाया गया था. इस खबर में साफ साफ लिखा था कि ''दैनिक जागरण से बातचीत में जानकारी दी'' यानि खबर तो चोरी कर ली गई लेकिन उसे एडिट करना, कम से कम दैनिक जागरण का नाम हटाना रह गया था. ऐसी गंभीर गलती पर अमर उजाला प्रबंधन ने तीन पत्रकारों को सस्पेंड कर दिया है.

सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला के गुरुग्राम एडिशन में दैनिक जागरण के हवाले में खबर छपने के मामले में अमर उजाला संस्थान ने जिन तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया है, उनके नाम हैं- गुरुग्राम के रिपोर्टर गौरव चौधरी, ब्यूरो चीफ मयंक तिवारी और डेस्क की दीपा त्रिपाठी. इन तीनों को अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है.

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  • Guest - Rita semwal

    उदय कुमार और भूपेंद्र सिंह ने अपने चमचे मयंक तिवारी को बचाने के लिए जिस निर्दोष रिपोर्टर को निशाना बनाया गया वह पहले ही इन तीनों की राजनीति समझकर इस्तीफा दे चुका है

  • Guest - dinesh

    गौरव चौधुरी ने इस्तीफा दे दिया था पहले ही। अब उदय कुमार और भूपेन्द्र ने अपनी नौकरी बचाने को तीनों की बलि चढ़ा दी। मयंक और उदय और भूपेंद्र कुमार की पैसा कमाऊ योजना अब लोगो के सामने आ गए है। मयंक जैसे लोगो को कोई फर्क नही पड़ता ससपेंड का। क्योकि वो सेलरी से कई गुना ज्यादा कमा चुका है। अभी मयंक का एक और चेला शाहनवाज आलम कमाने के लिए gurgaon में बैठा है। भूपेन्द्र कुमार अब उसे ब्यूरो चीफ बनाने की फेर में हैं। ताकि अपनी दुकान चलती रहे। चूतिया संपादक भूपेन्द्र कुमार के कारण आज ये दिन देखना पर रहा है। कंपनी को सबसे पहले ऐसे संपादक को बाहर का रास्ता दिखाने चाहिए। जिसने अखबार की छवि अपने व्यक्तिगत रिस्तो और व्यवसाय के लिए खराब की। जब छोटे कर्मचारी को सजा मिली है तो ऐसे बड़े संपादक को भी मिलनी चाहिए। जिनकी नौकरी जाएगी क्या उनका घर मयंक उदय या भूपेंद्र या फिर कम्पनी चलाएगी।

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