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बिहार से खबर है कि जी पुरवैया के रेजिडेंट एडिटर कुमार प्रबोध और उनकी टीम ने जी मीडिया प्रबंधन के मुंह पर इस्तीफा दे मारा है. सूत्रों का कहना है कि जी मीडिया प्रबंधन लगातार बिजनेस टारगेट पूरा करने के लिए दबाव बनाए हुए था. प्रबंधन ने बिहार के लिए दस करोड़ रुपये का बिजनेस टारगेट दिया था. ऐसे में पत्रकारिता कर पाना संभव नहीं था. इसको देखते हुए कुमार प्रबोध ने अपनी पूरी टीम के साथ इस्तीफा दे दिया.

वहीं चर्चा ये भी है कि जगदीश चंद्रा द्वारा लाई गई टीम को इन दिनों जी मीडिया में निशाना बनाया जा रहा है. कुमार प्रबोध और उनकी टीम ईटीवी से इस्तीफा देकर जी मीडिया में आई थी. तब वह जगदीश चंद्रा का दौर था. जो नया प्रबंधन आया है, उसने जगदीश चंद्रा के जमाने में लाए गए लोगों को भारी भरकम बिजनेस टारगेट देकर इसे पूरा करने के लिए दबाव बनाने के बहाने परेशान करना शुरू कर दिया है. इससे आजिज आकर कुमार प्रबोध और उनकी टीम ने इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने वालों के नाम इस प्रकार हैं- कुमार प्रबोध, शशि भूषण, शैलेंद्र साहिल, शालिनी, संतोष, रोशन वर्मा, राकेश रोशन.

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  • Guest - CRIMES WARRIOR

    इस प्रबोधवा ने सुना है चैनल में सब एक खास जाति के अपने चहेतों को भर लिया था....सही घेरा है इसे चैनल वालों ने......

  • Guest - Rahul

    लगता है यशवंत जी आपको सही जानकारी नही दी गई है कुमार प्रबोध और उनके गुर्गों ने इस्तीफा दिया नहीं था, बल्कि चैनल ने जबरन इस्तीफा ले लिया था।

    from Patna, Bihar, India
  • Guest - rahul sharma

    जी बिहार झारखंड के कुमार प्रबोध से प्रबंधन ने लिया इस्तीफा... भड़ास पर जो खबर छपी है ..प्रबंधन के रवैये से नाखुश जी पुरवईया के आरई कुमार प्रबोध समेत सात पत्रकारों ने दिया इस्तीफा..ये खबर पूरी तरह निराधार है...इसमें मेरा वर्जन स्वीकार करें... ज़ी बिहार झारखंड चैनल के पटना ब्यूरो में कार्यरत कुमार प्रबोध और उनकी टीम से प्रबंधन ने इस्तीफा ले लिया है...जी प्रबंधन को कुमार प्रबोध और उनकी टीम के खिलाफ लगतार और कई शिकायतें मिल रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, चैनल की आड़ में कुमार प्रबोध और उनकी टोली अवैध वसूली में लगी हुई थी, इस बाबत जी प्रबंधन ने आंतरिक जांच भी कराई थी। जांच में आरोपों को सही पाए जाने के बाद प्रबंधन ने इनसे इस्तीफा ले लिया। जिन लोगों से इस्तीफा लिया गया है., उनमें कुमार प्रबोध, शशिभूषण, विवेकानंद, शैलेंद्र साहिल, शालिनी सिंह, संतोष, राकेश रौशन और रौशन वर्मा शामिल है। बिहार के मीडिया में ये भी चर्चा है कि कुमार प्रबोध और उनकी टीम ने जी समूह के पटना ऑफिस को पूरे कब्जे में ले रखा था, अपनी इसी मंशा को पूरा करने के लिए कुमार प्रबोध ने कई अवैध नियुक्तियां भी कर रखी थी । जैसे ही इसकी भनक जी प्रबंधन के नोएडा हेड ऑफिस को लगी तो आनन-फानन से इन पर चैनल छोड़ने का दवाब डाला गया। बिहार के मीडिया के में एक चर्चा ये भी है कि कुमार प्रबोध जिस चैनल में जाते हैं, उसका बंटाधार कर देते हैं। उनकी पूरी टीम एक गैंग के तौर पर काम करती है। जो प्रबंधन पर दवाब बनाने के अलावा फील्ड में चैनल के नाम पर अवैध उगाही भी करती है... इससे पहले भी कुमार प्रबोध पर कई आरोप लग चुके हैं। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर जी बिहार झारखंड के पटना ऑफिर में ही कार्यरत कन्हैया सिंह ने भी कुमार प्रबोध पर भ्रष्टाचार और उगाही का गंभीर आरोप लगाया था। इसी के बाद से माना जा रहा था कि कुमार प्रबोध और उनकी टीम का जाना तय है। जी बिहार झारखंड में कभी काम करने वाले कन्हैया ने फेसबुक पर कुमार प्रबोध के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.
    सादर
    राहुल शर्मा
    जी बिहार झारखंड
    rahuls2d@gmail.com

  • Guest - Rajesh Ranjan

    कुमार प्रबोध और टीम भूमिहार को जी वालों ने निकाल​ दिया है। ये लोग जातिवाद करते थे। अवैध वसूली करते थे। विवादित संपत्ति​यों पर कब्जा करने का काम करते थे।

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