RSTV के चर्चित शो ‘गुफ़्तगू’ में अबकी छायाकार भरत एस तिवारी की बारी , देखें इंटरव्यू

“जो काम सरकार या बड़े-बड़े सांस्कृतिक संस्थानों को करना था, वह मैं अपनी ज़िद और जुनून में कर रहा हूँ। इसका कारण है मुझे परिवार से मिला साहित्य और कला का अनुराग। प्रख्यात रचनाकारों से मिलने के बाद भी मैने उनकी तस्वीरें डॉक्युमेंट न कीं तो आनेवाली पीढ़ियां मुझे धिक्कारेंगी।” लेखकों, चित्रकारों, फिल्मकारों सहित प्रमुख सांस्कृतिक हस्तियों की जीवंत छवियां अपने कैमरे में कैद करने और जन-जन तक पहुंचाने वाले भरत तिवारी ने गुफ्तगू में कही।

26 अप्रैल 1970 को उत्तर प्रदेश के शहर फैज़ाबाद में जन्में भरत तिवारी इंटीरियर डिजाइनर और फोटोग्राफर हैं। भरत तिवारी ने थोड़ा समय कोलकाता में कम्प्यूटर शिक्षण में गुज़ारा और बाद में दिल्ली के मॉडर्न स्कूल में पढ़ाते भी रहे। भरत तिवारी को फोटोग्राफी का शौक अपने पिता से और साहित्य का शौक अपनी मां से मिला। यही कारण है की आज भरत तिवारी अपने मुख्य पेशे के साथ-साथ शौकिया तौर पर साहित्य और संस्कृति के आयोजनों में ऎसी तस्वीरें खींचने के लिए मशहूर हैं जिनमें रचनाकारों और रसिकों के जीवंत पल बखूबी स्थान पाते हैं।

भरत तिवारी को अभी हाल ही में प्रतिष्ठित इंडिया फोटो आर्काइव की नील डोंगरे ग्रांट प्राप्त करने का अवसर मिला जिसके अंतर्गत उन्होंने ‘सिल्क रूट वाया चंदेरी’ शीर्षक से भारत की मृतप्राय कलाओं का फोटो डॉक्यूमेंटेशन किया। इन तस्वीरों की प्रदर्शनी को भी व्यापक सराहना मिली।

राज्य सभा टीवी के कार्यक्रम ‘गुफ्तगू’ में भरत तिवारी ने अपनी जीवन यात्रा और प्रेरणाओं पर बड़ी हार्दिकता से बात की है। यह बातचीत बीते रविवार की रात 10:30 बजे राज्य सभा टीवी पर प्रसारित हुई। भारतीय टेलीविजन इतिहास में निर्बाध रूप से साप्ताहिक प्रसारित होने के सबसे लम्बे चलनेवाले कल्चरल सेलीब्रीटी शो का कीर्तिमान बना चुका यह कार्यक्रम ‘गुफ्तगू’ यूट्यूब पर भी खूब देखा और सराहा जाता है।

आप भी देखें छायाकार भरत एस तिवारी का बेबाक इंटरव्यू-

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