अपनी पहली मौलिक हिन्दी किताब के प्रकाशन के लिए वेस्टलैंड बना हिन्द युग्म का पार्टनर

चेन्नई : ट्रेंट लिमिटेड की सब्सिडियरी और भारत के सबसे बड़े प्रकाशकों में एक, वेस्टलैंड ने हिन्द युग्म के साथ एक साझेदारी की घोषणा की है। हिन्द युग्म आज के समय का उभरता हुआ हिन्दी प्रकाशक है। इस साझेदारी की शुरुआत बेस्ट सेलिंग लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के नये ट्रेंड के उपन्यास मुसाफ़िर कैफ़े के साथ होगी। मुसाफ़िर कैफ़े वैस्टलैंड से छपने वाला पहला हिन्दी उपन्यास होगा जो कि आधिकारिक तौर पर 14 सितंबर 2016 (हिन्दी दिवस) के दिन रिलीज होगा।

इस साझेदारी से वैस्टलैंड के सीईओ गौतम पद्मनाभन बहुत उम्मीद रखते हैं और कहते हैं, “वैस्टलैंड हिन्दी प्रकाशन की संभावनाओं और उसकी क्षमता को अच्छी तरह से समझता है और इस मार्केट को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। अमेजॉन से मुझे पता चला कि हिन्द युग्म प्रकाशन की किताबें आमतौर पर हमेशा ही अमेज़ॉन की टॉप की हिन्दी किताबों में रहती हैं। सबसे बेहतरीन बात यह कि हिन्द युग्म लगातार उसी तरह के कमर्शियल फ़िक्शन का प्रकाशन करता रहा है जोकि अंग्रेजी की किताबों के प्रकाशन की हमारी योजना के हिसाब से सटीक बैठती है।”

हिन्द युग्म के संपादक शैलेश भारतवासी कहते हैं, “वैस्टलैंड के पास किताबों के विक्रेताओं और डिस्ट्रीब्यूशन का जबरदस्त नेटवर्क है। हमारी किताबें यूँ तो ऑनलाइन स्टोर्स से बहुत अच्छी बिक रही हैं लेकिन वैस्टलैंड की मदद से हम छोटे शहरों और गाँवों के भी अधिकाधिक पाठकों तक पहुँच सकेंगे। इन जगहों पर ऑनलाइन दुकानों की वैसी पहुँच नहीं है। इस साझेदारी से हिन्दी की किताबों की पहुँच तो बढ़ेगी ही, साथ ही इसका लाभ पूरे हिन्दी किताब उद्योग को पहुँचेगा।”

वैस्टलैंड हिन्दीभाषी मार्केट से अनजान नहीं है। अमीश के ‘शिव रचना त्रय’ की बेहतरीन सफलता के बाद वैस्टलैंड के लिए हिन्दी के बाज़ार में अपनी पहुँच को मज़बूत करना एक स्वाभाविक क़दम था क्योंकि हिंदी भारत की सबसे बड़ी भाषा है। साल 2011 में अमीश की किताब, मेलुहा के मृत्युँजय के प्रकाशन के बाद वैस्टलैंड ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद यात्रा बुक्स के साथ साझेदारी से इसने बंगाली, मराठी, तमिल और तेलुगु जैसी कई भारतीय भाषाओं में किताबें छापनी शुरू कीं।

गौतम पद्मनाभन आगे कहते हैं, “हिन्दी देश की पचास प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या की मातृभाषा है इसलिए यह एक ऐसा मार्केट है जिसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती। हमारी हिन्दी अनूदित किताबों ने बहुत अच्छा किया है और इससे हमें ये बल मिला है कि हम हिन्द युग्म के साथ साझेदारी करें और हिन्दी की मौलिक किताबें लाएँ।”

हिन्द युग्म अपनी ‘नई वाली हिन्दी’ और ‘कूल हिन्दी’ के कारण पाठकों के बीच लोकप्रिय है। हिन्द युग्म से प्रकाशित दर्जन से अधिक किताबें बेस्ट सेलर हो चुकी हैं जिसमें निखिल सचान की ‘नमक स्वादानुसार’ और ‘ज़िंदगी आइस पाइस’, अनु सिंह चौधरी की ‘नीला स्कार्फ़’, दिव्य प्रकाश दुबे की ‘मसाला चाय’ व ‘टर्म्स ऐंड कंडीशन्स अप्लाई’ और सत्य व्यास की ‘बनारस टॉकीज़’ आदि प्रमुख हैं। 

“फ़िक्शन हिन्दी पाठकों में काफ़ी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा कहानियों के संग्रहों का भी अपना एक पाठकवर्ग है। हालाँकि पिछले कुछ सालों में नॉन-फ़िक्शन की किताबें भी अपना पाठकवर्ग तलाशने में सफल रही हैं”, शैलेश भारतवासी जोड़ते हैं। आकर्षक नामों, संवाद-परक कथाओं और मनोरंजक कहानियों के साथ, वैस्टलैंड और हिन्द युग्म को ऐसी उम्मीद है कि इस साझेदारी के साथ ये किताबें भारत और बाहर के बाज़ारों की हिन्दी भाषा की अनछुई गलियों में पहुँचेंगी।

मुसाफ़िर कैफ़े
दिव्य प्रकाश दुबे
रिलीज तारीख़: 14 सितम्बर 2016 (हिंदी दिवस)
मूल्य: रु 150
विधा: उपन्यास
प्रकाशन: हिन्द युग्म / वेस्टलैंड
पृष्ठ: 144

अंग्रेज़ी से हिंदी में अनूदित वैस्टलैंड की चर्चित किताबें
The Immortals of Meluha by Amish (Meluha Ke Mrityunjay)
Secret of the Nagas by Amish (Nagaon Ka Rahasya)
Oath of the Vayuputras by Amish (Vayuputron Ki Shapath)
Scion of Ikshvaku by Amish (Ikshvaku Ke Vanshaj)
The Zoya Factor by Anuja Chauhan (Zoya)
Battle for Bittora by Anuja Chauhan (Ginni)
Those Pricey Thakur Girls by Anuja Chauhan (Dabbu)
The Rozabal Line by Ashwin Sanghi
Chanakya’s Chant by Ashwin Sanghi
The Krishna Key by Ashwin Sanghi
13 Steps to Bloody Good Luck by Ashwin Sanghi (Good Luck Ke 13 Pakke Tareeke)
Women and the Weight Loss Tamasha by Rujuta Diwekar

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