प्रशांत मुझे झूठे केस में फंसाना चाहता है ताकि मकान कब्जा सके : राजेश कड़वे

बस! अब बहुत हुआ प्रशांत देव श्रीवास्तव. पत्रकार, न्यूज़24. अब और बर्दाश्त नहीं. अब आंदोलन करेंगे. प्रशांत देव श्रीवास्तव (पत्रकार, न्यूज़24) मकान कब्जाने की कोशिश में भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की मर्यादा को शर्मसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. पहले तो अपने पत्रकार होने की दबंगई दिखाई और तमाम प्रभावशाली लोगों से फ़ोन लगवाकर हम पर दबाव बनाने की कोशिश की जो कि नाकामयाब रही. नाकामयाबी का कारण रहा कि समाज, सोसाइटी और मीडिया ने सत्य को समर्थन दिया.

अब प्रशांत देव श्रीवास्तव की मक्कारी का आलम ये है कि फिर अपना पैंतरा बदला और अब अपने बच्चों की पढ़ाई का वास्ता देकर 11 माह का समय मांग रहा है. इस नाम पर वह सोसाइटी, समाज और मीडिया से सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहा है जो पूर्ण रूप से असफल रही. इस असफलता का कारण है कि सोसाइटी के आसपास बहुत से फ्लैट खाली होने के बावजूद वह मकान से कब्ज़ा नहीं छोड़ रहा है.

अब जबकि मक्कार पत्रकार का ये पैतरा भी काम न आया तो अब मक्कारी की चरम सीमा तक पहुंच कर नया और घिनौना नीचतापूर्ण तरीका अपनाने की पूरी कोशिश कर रहा है कि बस किसी तरह किसी भी पुलिस थाने में मेरे खिलाफ एक केस दर्ज करा सके.

1) पटियाला हाउस दिल्ली एरिया के थाने में अपना (प्रभावशाली पत्रकार के चलते) फर्जी शिकायत देना कि राजेश कड़वे ने मुझे धमकी दी है, मेरी शिकायत दर्ज़ करो। लेकिन जांच के बाद प्रशांत देव का यह पैंतरा नाकामयाब हो गया.

२) मंदिर मार्ग थाना दिल्ली में भी इसने आवेदन लगाया कि राजेश कड़वे ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है, आप केस दर्ज़ करें. आरम्भिक जांच के बाद प्रशांत देव की ये चाल भी नाकाम रही.

3 ) सीओ-३, इंदिरापुरम, गाज़ियाबाद में भी आवेदन किया. इसमें पत्रकार प्रशांत देव ने नया कारण लिखा कि राजेश कड़वे और एक प्रॉपर्टी डीलर भुवन रावत उसके घर में (जबकि ये घर हमारा है) उस समय आए जब वो घर पर नहीं था, सिर्फ उसका परिवार था और हमने उसको धमकाया (जो पूरी तरह झूठ है). पुलिस जांच कर रही है. जांच के बाद सो सामने आएगा वो भी आपके सामने लाऊंगा.

प्रशांत देव श्रीवास्तव (पत्रकार न्यूज़ 24) चाहता है कि बस किसी तरह वो राजेश कड़वे पर कोई झूठा केस दर्ज़ करवाने में कामयाब हो जाए फिर तो मकान उसका हो गया, वो भी मुफ्त में.. लेकिन मैं प्रशांत देव को ये बता दूं….

तुम्हारे दुःख का कारण तुम हो,
तुम्हारे सुख का कारण तुम हो,
और, दुसरो को दुःख देने से
तुम सुख न पा सकोगे
दुसरो को सताने से तुम कभी
उत्सव न मना सकोगे!

प्रशांत देव श्रीवास्तव, इस मकान को मेरे भाई ने बड़ी मुसीबत का सामना करके, रात दिन हम दोनों भाई ने छोटी सी नौकरी करके 2004 में बहुत ही मुश्किल से ख़रीदा है जिसका लोन आज भी चल रहा है. प्रशांत देव कहता है कि मै अपनी पत्रकारिता के बल पर मकान कब्ज़ा लूंगा. पर मैं और मेरा भाई तुझे इस मंसूबे में कामयाब नहीं होने देंगे. मुझे अफ़सोस है कि देश में तेरे जैसे मक्कार पत्रकार भी हैं जो सरेआम ऐसा कुकर्म कर रहे हैं फिर तो परदे के पीछे भी किसी न किसी प्रकार चैनल को भी दीमक की तरह चट करने में लगा होगा. प्रशांत देव श्रीवास्तव तूने हमारे ऊपर बहुत दबाव बना लिया. अब बस हुआ. अब बर्दाश्त करने की क्षमता ख़त्म हुई. मैं तेरे खिलाफ सड़क पर उतरूंगा. देखता हूं तेरी मक्कारी जीतती है या मेरा सच.


न्यूज24 चैनल की मालकिन अनुराधा जी से एक अनुरोध…

आदरणीय अनुराधा जी, जय हिन्द.. आपकी शख्सियत को कौन नहीं जानता, आपने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भारतीय मीडिया जगत में एक खास मुकाम हासिल किया है जो बड़े से बड़े पत्रकारों का सपना होता है। आप का नाम देश की तेजतर्रार एवं बेबाक महिला पत्रकार के रूप में जाना जाता है| आपके चैनल न्यूज़ 24 को पुरे देश में लोकप्रियता हासिल है| आपको एक मीडिया सर्वे में टीवी मीडिया के एक प्रमुख सरताज के तौर पर पाया गया| आप अपने पास काम करने वाले लोगों के लिए जरूरत पड़ने पर साथ खड़ी नजर आती हो| मैं खुद आपका बहुत बड़ा समर्थक हूँ पर मैं और मेरे साथी गण एवं समाज जन की समझ से परे है कि आप जैसी बेबाक पत्रकार इस मामले में चुप्पी क्यों साधे हैं| आपसे नम्र निवेदन है कि आप अपनी चुप्पी को तोड़ें। आपका एक सही कदम मुझे और मेरे परिवार के आसियाने को बचा सकता है| इस बार आपको अपने पास कार्य करने वाले के साथ खड़े होने के बजाय सत्य के साथ खड़े होना होगा, नहीं तो मेरे साथ साथ और भी सैकड़ो लोगों का आप और आपके चैनल से विश्वास टूट जाएगा| मैं ये भी जानता हु कि मैं कि आपकी शख्सियत के सामने बहुत ही छोटा हूँ पर फिर भी साहस के साथ आखर तक अपनी लड़ाई जारी रखूँगा। फिर भले ही अकेला या चंद लोगों के साथ सड़क पर उतरूंगा| महोदया जी शायद आपको ये जानकारी न हो कि प्रशांत देव श्रीवास्तव पत्रकारिता को किस हद तक शर्मसार कर रहा है। सर्वप्रथम सिर्फ आपको उसके बारे में पूरी जानकारी सम्पूर्ण प्रमाण के साथ देना चाहता हूँ| आप अपने बहुमूल्य समय में से चंद मिनट का समय दें और मैं आपको ये विश्वास दिलाता हूँ कि मेरी बात में कोई भी असत्य जानकारी निकली तो जो सजा आप देंगी, मुझे मंजूर होगी लेकिन अगर प्रशांत झूठा निकला तो आपको मुझे और मेरे परिवार को न्याय देना होगा| मुझे न्याय न मिला तो मैं आपके चैनल के दफ्तर के सामने आत्मदाह नहीं करूँगा बल्कि अपनी लड़ाई जारी रखूँगा।


आप सभी से मेरा निवेदन है कि मेरी इस लड़ाई में अपना सहयोग प्रदान करे.

जय हिन्द
निवेदक
राजेश कड़वे
9993973686
rajeshkadwe@gmail.com


इसे भी पढ़ें-

इस टीवी पत्रकार ने अपने ही मकान मालिक को ‘पीड़ित’ से ‘आरोपी’ बना डाला!

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “प्रशांत मुझे झूठे केस में फंसाना चाहता है ताकि मकान कब्जा सके : राजेश कड़वे

  • प्रशांत देव says:

    रोजेश कडवे
    किस हद तक झूठ बोलोगे?
    वो टेप क्यों नहीं सुनाते सबको जिसमें तुम मुझसे 2 लाख रूपए की डिमांड कर रहे हो।
    फ्लैट वेचने जब मेरे पास आए थे…. वो बात क्यों नहीं बताते
    चैनल का नाम लेकर लगातार व्लैकमेल कर रहे हो।
    फिर कह रहा हू.. कोई कब्जा नहीं है। लवलेश ही मकान मालिक है।
    मामले को लगातार विवादित बना रहे हो।
    घर भी खाली होगा समय पर
    पुुुुलिस की जांच में सब सामने आ जाएगा, राजेश कडवे
    सांच को आंच नहीं.
    जांच इसी बात की हो रही है कि कौन झूठ बोल रहा है।
    जिसके साथ मिलकर साजिश कर रहे हो…सब सामने आ जाएगा.
    झूठ का अजेंडा चलाने वाले भी बेनकाब होंगे.

    Reply
    • निशांत मिश्रा says:

      प्रशांत देव जी टेप जो रिकॉर्डिंग जिसके आपने ऊपर उल्लेख किया है वह आप क्यों नहीं सबके सामने लेकर आते हो मैं भी एक पुलिस ऑफिसर के परिवार से बिलॉन्ग करता हूं और पुलिस तो अपनी जांच कर ही लेगी और दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त सजा भी देगी रिकॉर्डिंग की बात बीच में लाकर आप इस मामले को उलझा रहे हो आप सीधे मुद्दे की बात पर क्यों नहीं आते एक सीधे आदमी का मकान खाली कर क्यों नहीं मकान अपने असली मालिक को सौंप देते

      Reply
  • Prashant Dev ji…..itna kuch hine k bawjood koi ye nai samaj paa raha k agar aap k iraade nek hai aur ye sub aaroop bebuniyaad hai toh aap k kirayenaame ki awdhi samapt hone pe bhi aap makaan khali kar kyo nai sub k muh pe taala lagaate.
    Aap kaa ek sahi kadam is fassad ko khatam hee nai karega balki aap pe daaman pe lag rahe in daago ko bhi dho dega.

    Reply
  • Abhayveer Singh says:

    दूसरे के ख़ून पसीने से कमाये गये पैसे से बनाये गये मकान को हथियाने वाले या उसके संस्थान को विनती नहीं लतियाये जाने के अधिकारी है मकान मालिक दो-दो भाई हैं तो ये स्वाभाविक है कि पत्नियाँ बच्चे भी होंगी जब मकान के काग़ज़-पत्र अपने नाम है तो किसी दिन सारे अपने घर के अंदर पहुँच कर रहना क्यों नहीं शुरू कर देते, ऐसे में देश का कोई क़ानून पुलिस या चाहे जितना प्रभावशाली व्यक्ति हो मकान क़ब्ज़ाने वाले का नहीं अपितु मालिक का ही साथ देगा.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *