ठरकी को अगर ठरकी कह दो तो नौकरी छोड़नी पड़ती है!

रिपोर्टर ज्योति सिंह ने हिंदी खबर चैनल से इस्तीफा दिया दे दिया है. ज्योति हिंदी खबर चैनल में दिल्ली की रिपोर्टिंग करती थीं.

उन्होंने एक ट्वीट के जरिए इस्तीफे की जानकारी दी है.

वैसे चर्चा ये है कि ज्योति ने ‘ठरकी संपादक की रंगबाजी’ से संबंधित एक ट्वीट किया था जिसके बाद प्रबंधन ने उन्हें रिपोर्टिंग से आफिस में डेस्क पर ट्रांसफर कर दिया. इससे नाखुश ज्योति ने इस्तीफा दे दिया.

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ज्योति एक नए मीडिया संस्थान में ज्वाइन करने वाली हैं, इसलिए उन्होंने हिंदी खबर को गुडबाय किया.

ज्योति प्रतिभाशाली पत्रकार हैं और फील्ड में बेबाक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं.

उन्होंने फिर से ट्वीट कर जता दिया है कि वे आत्मसम्मान और स्वाभिमान से समझौता नहीं करने वाली हैं, सुधरना तो ‘ठरकी संपादकों’ को होगा!

समझौते करने की बजाय नौकरी को गुडबॉय कहने पर ज्योति की लोगों ने सराहना की है. देखें कुछ प्रतिक्रियाएं-

ज्ञात हो कि हिंदी खबर न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ अतुल अग्रवाल हैं जो हाल में ही नोएडा में फर्जी लूट कांड की कहानी सुनाने के कारण चर्चा में आए थे.

संबंधित खबर-

कुछ ठरकी लोगों ने मीडिया को अपनी रंगबाज़ी का अड्डा बना लिया है!

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Comments on “ठरकी को अगर ठरकी कह दो तो नौकरी छोड़नी पड़ती है!

    • Om prakash dipak says:

      अब अखबाकों में संपादक नहीं मैनेजर होते हैं। ब्यूरो चीफ विज्ञापन एजेंट। इन पदों को खबरों से कोई मतलब भी नहीं रहती। दैनिक जागरण जैसे समूह का भी यही हाल है। इसकी मुजफ्फरपुर यूनिट में ब्यूरो चीफ तो है, मगर वह वर्षों से खबर नहीं लिखता। बस संपादक के यहां सब्जी पहुंचाओ और कुर्सी पर बने रहो।

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  • Om prakash dipak says:

    अब अखबारों में संपादक नहीं मैनेजर होते हैं। ब्यूरो चीफ विज्ञापन एजेंट। इन पदों को खबरों से कोई मतलब भी नहीं रहती। दैनिक जागरण जैसे समूह का भी यही हाल है। इसकी मुजफ्फरपुर यूनिट में ब्यूरो चीफ तो है, मगर वह वर्षों से खबर नहीं लिखता। बस संपादक के यहां सब्जी पहुंचाओ और कुर्सी पर बने रहो।

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