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देश पहली बार इतने असंवेदनशील प्रधानमंत्री को झेल रहा है!

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हरेंद्र मोरल-

ये देश के प्रधानमंत्री हैं, एक शहर के नगरपालिका चुनाव में अपनी पार्टी की जीत पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देने में देर नहीं लगाई।

आज एक कलाकार क़ा भी निधन हुआ तो दो शब्द सांत्वना के उनके लिए भी निकले।

लेकिन चार दिन पहले चार किसानों की हत्या हो गई इनकी ही पार्टी के चार कार्यकर्ता भी मारे गए लेकिन इनके मुंह से एक शब्द नहीं फूटा।

दिनभर ट्विट ट्वीट खेलते हैं लेकिन एक ट्वीट गरीब किसानों के लिए नहीं कर सके। इसलिए इस आदमी से कोफ्त होती है, इस दोगुले चेहरे को देखकर कोफ्त होती है। क्योंकि गरीब की मौत पर इनकी आंख में एक आंसू नहीं आता एक बार भी मुंह से आह नहीं निकलती।

lockdown में लाखों लोग सड़क पर थे लेकिन साहब की जुबान तब भी चुप रही। देश को पहली बार इतना असवेंदनशील प्रधानमंत्री मिला है मुस्कुराइए।


शीतल पी सिंह-

प्रधानमंत्री के पास लखीमपुर-खीरी, उन्नाव, हाथरस आदि लोमहर्षक मामलों पर टिप्पणी के लिए सदा समय का अकाल रहता है लेकिन टीवी सीरियल, सिनेमा , खेल-कूद आदि के छोटे से छोटे सितारों की लोकप्रियता में अपना हिस्सा बंटाना वे भूलकर भी नहीं भूलते।

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