अद्भुत लिक्खाड़ और दुर्लभ लड़ाका थे वरिष्ठ पत्रकार कोटमराजू विक्रम राव

हेमंत शर्मा- अलविदा, कोटमराजू विक्रम राव उन्होंने लिखा. खूब लिखा. मरते दम तक लिखा. मौत से बारह घंटे पहले तक लिखा. वे अद्भुत लिक्खाड़ और दुर्लभ लड़ाका थे. किसी की परवाह नहीं करते. वे सिर्फ पत्रकार नहीं लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के विकट योद्धा थे. वे एक हाथ में कलम और दूसरे हाथ में … Continue reading अद्भुत लिक्खाड़ और दुर्लभ लड़ाका थे वरिष्ठ पत्रकार कोटमराजू विक्रम राव