एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में भारत सरकार के सीनियर स्टेंडिंग काउंसिल नियुक्त

भारत सरकार ने जाने-माने एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर स्टेंडिंग काउंसिल नियुक्त किया है. नेशनल हैराल्ड से लेकर इंडियन एक्सप्रेस तक हुए विभिन्न न्यूज हाउसों में हुए मीडिया कर्मियों के  आंदोलनों को लीगल हेल्प करने वाले और अदालतों में मीडिया कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा के प्रोफाइल में यह एक और बडी उपलब्धि जुड़ गई है.

एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के मेम्बर और देश के लब्धप्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों के लीगल एडवाइज़र भी हैं। एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा आजकल प्रिंट मीडिया में काम करने वाले पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मियों को मजीठिया वेज़ बोर्ड की सिफारिशों के मुताबिक वेतन दिलाने की लडा़ई शुरु कर चुके हैं. भडा़स4मीडिया के साथ एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा भी मजीठिया दिलवाने के लिए लड़ाई में ‘नो प्रोफिट-नो लॉस’ के आधार पर जुटे हुए हैं. इससे पहले एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा ने प्रिंट मीडिया संस्थानों में पालेकर, बछावत, महीसाणा बोर्ड लागू करवाने के लिए लंबी और दुरूह लडा़ईयां जीत चुके हैं. हालात यह हैं कि नंबर वन और निडरता का थोथा ढोल पीटने वाले संस्थानों के मालिक एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा के नाम से खौफ खाते हैं. कानून से विभिन्न क्षेत्रों में महारत हासिल रखने वाले एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा साइवर और आईटी लॉ के विशेषज्ञों मे शुमार हैं. एनजीटी और डीआरटी जैसे ट्रिब्युनल्स के अलावा एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सन् 1994 से सक्रिय वकालत कर रहे हैं. अगस्त 1962 में जन्मे एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से वकालत की उच्च शिक्षा हासिल की है.

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