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दलित मंगल ग्रह से आए प्राणी हैं इसलिए मायावती जी उनसे नहीं मिलती हैं!

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नवीन कुमार-

दलित राजनीति पर एक निबंध… मायावती जी दलितों की बहुत बड़ी नेता हैं। उनके लिए दलित मंगल ग्रह से आए प्राणी हैं। इसलिए वो हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अत्याचारों पर भी दलितों से गलती से भी नहीं मिलती हैं।

अभी उनका घोषित लक्ष्य ब्राह्मणों को सामाजिक न्याय दिलाना है। उनके लिए वो त्रिशूल भी लहराती हैं, गणेश भी पूजती हैं, मंगलाचरण में भी भाग लेती हैं। सभी दलितों से निवेदन है कि ब्राह्मण उत्थान के लिए मान्यवर कांशीराम ने जो सपना देखा था उसे पूरा करने के लिए मायावती जी को ही वोट दें।

मायावती जी जब फिर से मुख्यमंत्री बन जाएंगी तो अयोध्या में फिर से एक पंडित सम्मेलन होगा। मायावती फिर पहुंचेंगी। वहां पंडित सतीश मिश्र की अगुवाई में सारे ब्राह्मण मनु स्मृति में आग लगाएंगे। मायावती जी गणेश की मूर्ति को तिरोहित कर देंगी।

मायावती जी के इस ब्राह्मण उत्सव में सारे ब्राह्मण दलितों के पैर पखारेंगे। पंडित सतीश मिश्र इसके बाद बीएसपी दफ्तर में साफ सफाई का काम देखेंगे। इस तरह दलित और ब्राह्मण बराबर हो जायेंगे।

जब सारे ब्राह्मणों को न्याय दिलाने का सपना पूरा हो जाएगा तो मायावती जी धरती से मंगलग्रह की यात्रा करेंगी जहां दलित रहते हैं। हाथरस भी जाएंगी, इलाहाबाद भी और आगरा भी। अभी वो पंडित पुनर्जागरण में पूरी ताकत से लगी हैं। इसलिए फिलहाल दलित मजबूती से मायावती जी के साथ खड़े रहें। शोषित दमित ब्राह्मण बिरादरी को उनके वोट की बहुत जरूरत है।

मान्यवर कांशीराम अमर रहें। बाबा साहेब जिंदाबाद
फूले पेरियार जिंदाबाद। संविधान जिंदाबाद।

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