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क्या अंबानी प्रेम में गैस सब्सिडी ख़त्म कर क़ीमतें बढ़ाते जा रहे मोदीजी?

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गिरीश मालवीय-

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ओर सब्सिडी खत्म किये जाने का सीधा संबंध अम्बानी से है। अम्बानी जी का मुख्य कारोबार पेट्रोकेमिकल ही है।

उनकी एक कंपनी है रिलायंस गैस जो कमर्शियल एलपीजी बेचने में सबसे आगे है। अभी तक चूँकि सरकार घरेलू गैस में सब्सिडी दे रही थी इस कारण वह इस घरेलू गैस के क्षेत्र में अधिक हाथ पाँव नहीं मार रहे थे।

भारत में कुल 2 करोड़ टन घरेलू गैस की वार्षिक सेल होती है। यह बहुत बड़ा व्यापार है जिसमे मुख्य रूप से तीन सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल का ही कब्जा है। चूँकि अब ग्राहकों की तरफ से भुगतान की गई शुद्ध कीमत पिछले साल 20% बढ़ गयी है इसलिए कई ग्राहकों के लिए कुकिंग गैस पर मिलने वाली सब्सिडी शून्य हो गई है।

फिलहाल 10 लाख रुपये तक सालाना आय वालों को डायरेक्ट खाते में सब्सिडी दी जाती थी। यह व्यवस्था 2016 से चल रही थी। इस साल वित्त मंत्रालय ने 2022 के लिए पेट्रोलियम सब्सिडी को घटाकर 12,995 करोड़ रुपये कर दिया है जो अब मुख्य रूप से उज्वला योजना में एडजस्ट की जा रही है।

इसके पहले 2019-20 में सरकार की तरफ से दी गई रसोई गैस सब्सिडी 22,635 करोड़ रुपये थी, जबकि उससे पिछले वर्ष ये 31,447 करोड़ रुपये थी।

पिछले चार सालों में क्रमानुसार कैसे सब्सिडी कम की गई यह आप इस आँकड़े से समझ सकते हैं-

जनवरी 2018 – अप्रैल 2018 — 397 रुपये
जनवरी 2019 – अप्रैल 2019— 290 रुपये
जनवरी 2020 – अप्रैल 2020— 110 रुपये
जनवरी 2021 – अगस्त 2021— 35 रुपये

कई ग्राहकों को खाते मे अब 35 छोड़िए 5 रु भी सब्सिडी नही दी जा रही है। LPG सब्सिडी खत्म किये जाने का सबसे बड़ा लाभ रिलायंस गैस जैसी निजी कंपनियों को ही मिलने जा रहा है।

सब्सिडी खत्म करने के बाद रिलायंस गैस एलपीजी कारोबार में आक्रामक तरीके से उतर जाएगी क्योंकि अब वह एलपीजी की प्रतिस्पर्धी कीमतें तय कर सकती है।

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