मोदी सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक है : गुरदीप सिंह सप्पल

Gurdeep Singh Sappal : मोदी सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक है। जिन भी बड़ी कम्पनी, राजनीतिक दल, भ्रष्ट अधिकारियों, बड़े व्यापारियों के पास बड़ा कैश जमा है, वे दिक़्क़त में आ गए हैं। बड़ी रक़म बैंक में जमा नहीं करा सकते, क्यूँकि सवाल उठेगा कि उस धन को पिछली Income Decleration Scheme में घोषित क्यूँ नहीं किया। साथ ही, अब केस भी चल सकेगा।

छोटे और मध्यम वर्गीय लोगों का काला धन आम तौर पर कैश में नहीं, प्रॉपर्टी और सोने में लगा होता है। उस काले धन पर कोई सीधा ख़तरा नहीं है।हाँ, प्रॉपर्टी की क़ीमतें ज़रूर गिर जाएँगी। अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा, ये अनिश्चित है। हालाँकि कुछ समय के लिये तो सब हिल जाएगा।

काला धन सिर्फ़ सरकारी या राजनीतिक भ्रष्टाचार से नहीं उपज रहा था। आम आदमी भी जो भी लेन देन बिना टैक्स अदा किए कर रहा था, वह भी काला धन पैदा कर रहा था। मार्केट से कैश का गायब होना और GST का कुछ ही महीनों में आना, ये मिल कर क्या दिशा देंगे, ये देखना मज़ेदार रहेगा।

वैसे ये वक़्त फिर से इतिहास के पन्ने पलटने का भी है। एक बार पहले भी, जनवरी 1978 में ₹1000, ₹ 5000 और ₹ 10000 के नोट यूँ ही रातों रात अमान्य कर दिए गए थे। तब भी वजह काले धन को नियंत्रित करना ही थी। मोरारजी देसाई प्रधान मंत्री थे। पहले वित्त मंत्री भी रहे थे। कठोर निर्णय लेने के लिए जाने जाते थे। तब उनके इस क़दम का अर्थव्यवस्था पर तात्कालिक और दीर्घकालिक क्या असर पड़ा था, ये फिर से समझने का वक़्त है।

राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल की एफबी वॉल से.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *