25-06-2016 Hits:2262 ये दुनिया
मार्कंडेय काटजू
Brexit is a product of the worldwide economic recession, and is a step towards extreme nationalism, growth in right wing politics, and fascism. What is the cause of this recession, and what is the solution ? This is what will be examined here. For quite some time there has been an economic recession all over the world. From time to time we hear of a recovery, but in fact there has not been, and there is unlikely to be, a genuine recovery of the world economy for a long time. I will try to explain.
Read more21-06-2016 Hits:1154 दुख-सुख
ओशो
बुद्ध ने कहा है कि जब मैंने जाना तो मैंने पाया है कि अदभुत हैं वे लोग, जो दूसरों की भूल पर क्रोध करते हैं! क्यों? तो बुद्ध ने कहा कि अदभुत इसलिए कि भूल दूसरा करता है, दंड वह अपने को देता है। गाली मैं आपको दूं और क्रोधित आप होंगे। दंड कौन भोग रहा है? दंड आप भोग रहे हैं, गाली मैंने दी! क्रोध में जलते हम हैं, राख हम होते हैं, लेकिन ध्यान वहां नहीं होता! इसलिए धीरे-धीरे पूरी जिंदगी राख हो जाती है। और हमको भ्रम यह होता है कि हम जान गये हैं! हम जानते...
Read more21-06-2016 Hits:1138 दुख-सुख
ओशो
पूर्णता एक विक्षिप्त विचार है। भ्रष्ट न होने वाली बात मूर्ख पोलक पोप के लिए उचित है पर समझदार लोगों के लिए नहीं। बुद्धिमान व्यक्ति समझेगा कि जीवन एक रोमांच है, प्रयास और गलतियां करते हुए सतत अन्वेषण का रोमांच। यही आनंद है, यह बहुत रसपूर्ण है! मैं नहीं चाहता कि तुम परफेक्ट हो जाओ। मैं चाहता हूं कि तुम जितना संभव हो उतना परफेक्टली, इनपरफेक्ट होओ। अपने अपूर्ण होने का आनंद लो! अपने सामान्य होने का आनंद लो!
Read more21-06-2016 Hits:1077 प्रदेश
अजय कुमार
अजय कुमार, लखनऊ यूपी में अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तेजी चौकाने वाली है। कांग्रेस आलाकमान ने देश भर के अपने तमाम धुरंधरों को मिशन यूपी पर लगा दिया है। कांग्रेस से जुड़ी खबरें मीडिया में सबसे अधिक सुर्खिंया बटोर रही हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन जाता होगा जब कांग्रेस खेमे से कोई चौका देने वाली खबर न आती हो। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत कुमार(पीके)जब से कांग्रेस के साथ आये हैं तब से कांग्रेस मेें कुछ अधिक बेचैनी देखने को मिल रही है। इस पर गुलाम नबी आजाद को यूपी का प्रभारी बनाया जाना ‘सोने...
Read more13-06-2016 Hits:1293 ये दुनिया
रवीश कुमार
प्रधानमंत्री मोदी की हिन्दी और मिस्टर प्राइम मिनिस्टर मोदी की अंग्रेज़ी.. प्रधानमंत्री मोदी की हिन्दी और मिस्टर प्राइम मिनिस्टर मोदी की अंग्रेज़ी.. भारत के दो प्रधानमंत्री हैं। एक हिन्दी बोलने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और दूसरे अंग्रेज़ी बोलने वाले मिस्टर प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी। एक जो गांव गांव में हिन्दी बोलते हैं और दूसरे जो अंतरर्राष्ट्रीय सभाओं में अंग्रेजी बोलते हैं। हमारे देश में भाषा के विकास और विस्तार में साहित्यकारों, फ़िल्मकारों और पत्रकारों की चर्चा तो होती है लेकिन नेताओं के योगदान की कम चर्चा होती है। प्रधानमंत्री भाषा का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। समय समय पर इस आधार...
Read more09-06-2016 Hits:1703 बिजनेस
अमित कुमार सिंह
रिलायंस की सीडीएमए सेवा अपनी अंतिम सांसे गिन रही है। रिलायंस ने अपने सभी सीडीएमए कस्टमर्स को जीएसएम के 4G नेटवर्क में अपग्रेड करना शुरु कर दिया है। 93 नंबर से शुरु होने वाली रिलायंस की सीडीएमए सेवा की अब तक अपनी अलग पहचान रही है। जीएसएम में अपग्रेड होने के बाद अब इस नंबर का अस्तित्व तो रहेगा, लेकिन सीडीएमए वाली पहचान नहीं रह पाएगी। वर्षों से रिलायंस सीडीएमए फोन का इस्तेमाल करने वाले मेरे जैसे लोगों का इससे कितना लगाव रहा है, इसकी बयां शब्दों में करना मुश्किल प्रतीत हो रहा। रिलायंस से मेरा गहरा लगाव रहा है।...
Read more09-06-2016 Hits:1885 ये दुनिया
Bhadas Desk
The joint declaration issued by India and the United States during the Prime Minister’s visit is shocking as it effectively celebrates the undermining of India’s sovereign Nuclear Liability Act, passed by the parliament in 2010 to ensure justice to the victims in case of an accident. The joint statement holds India’s signing of the Convention on Supplementary Compensation (CSC) as “strong foundation” for building US-imported nuclear power plants in India. The CSC is a template promoted by international nuclear lobbies, channeling the entire liability to the operator of plants and exempting the supplier companies. In case of a future nuclear...
Read more08-06-2016 Hits:1187 दुख-सुख
अखिलेंद्र प्रताप सिंह

पांच राज्यों के चुनाव पर कुछ बातें लोगों के सामने उभरकर आ रही थीं। केरल में वाम मोर्चे की सरकार बनेगी, असम में भाजपा सरकार बना सकती है और पश्चिम बंगाल में ममता की वापसी हो सकती है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि केरल में वाम मोर्चे को, असम में भाजपा को और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को इतनी अधिक सीटें मिलेंगी। दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों में तमिलनाडु में इतनी कांटे की टक्कर होगी, ऐसा भी नहीं सोचा जा रहा था। बहरहाल, पांच राज्यों के चुनावों में जो बात उभरकर आयी है वह यह है कि कांग्रेस के...
Read more08-06-2016 Hits:1190 प्रदेश
अजय कुमार
लखनऊ : ऐसा लगता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धर्म नगरी मथुरा में खौफनाक हादसे के बाद उठे सियासी भूचाल, दादरी की घटना में नये मोड़ और मुजफ्फरनगर दंगों की आड़ में सियासी सूरमा एक बार फिर चुनावी बिसात बिछाने में जुट गये हैं।वेस्ट यूपी में जो सियासी मंजर दिखाई दे रहा है उससे तो यही लगता है कि 2017 के विधान सभा चुनाव में तमाम राजनैतिक दल अपनी विजय गाथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ही लिखना चाहते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जिस तरह से तमाम राजनैतिक दलों ने अपना सियासी अखाड़ा बना रखा है वह चौकाने वाली...
Read more08-06-2016 Hits:1255 दुख-सुख
Bhadas Desk
सरकार के संरक्षण में सार्वजनिक सम्पदा की लूट के कारण हुई मथुरा की घटना : उच्च न्यायालय के न्यायाधीश करें जांच, आश्रमों को दी जमीनों की भी हो जांच : जांच टीम ने किया मथुरा का दौरा, राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह को सौपेंगे रिपोर्ट आगरा : जवाहर बाग की घटना ने उत्तर प्रदेश में सरकार के संरक्षण में जारी सार्वजनिक सम्पदा की लूट के सच को सामने लाया है। इस घटना में साफ तौर पर यह दिखता है कि उ0 प्र0 में कानून का राज नहीं है और न्यायालयों तक के आदेश निष्प्रभावी हो जाते है। जवाहरबाग में कब्जा की...
Read more08-06-2016 Hits:1116 प्रदेश
बी.पी.गौतम
अखिलेश सरकार ने प्रदेश भर के तालाबों की भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सरकार का निर्देश बुंदेलखंड के बाहर जाकर निरर्थक सा हो जाता है, क्योंकि प्रदेश के अधिकांश जिलों के तालाब माफियाओं और दबंगों के कब्जे में हैं। हाल-फिलहाल बदायूं जिले का चंदोखर नाम का प्राचीन तालाब चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस प्रकार चरखारी के तालाबों का दो सौ वर्ष पुराना इतिहास है। चरखारी के तालाब चन्देल राजाओं द्वारा बनवाए गए थे, उसी प्रकार बदायूं शहर के चंदोखर तालाब का भी प्राचीन इतिहास है, यह राजा महीपाल द्वारा बनवाया गया था, जिसका...
Read more07-06-2016 Hits:1071 प्रदेश
Bhadas Desk
यूपी में भ्रष्टाचार को लेकर भले ही राजनैतिक गलियारों से लेकर गली-मोहल्लों के नुक्कड़ तक घमासान मचा हो और भले ही यूपी की बदहाल कानून व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक प्रधान कारक माना जाता हो पर सरकारी रिकॉर्ड में यूपी की कानून व्यवस्था के रखवाले कहे जाने वाले वर्तमान कार्यरत 416 आईपीएस अधिकारियों में से कोई भी भ्रष्ट नहीं है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन 416 आईपीएस अधिकारियों में से न तो किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की कोई जांच लंबित है और न ही इनमें से किसी के भी खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति...
Read more07-06-2016 Hits:1749 सोशल मीडिया
संजय सिन्हा
Sanjay Sinha : आपने खबर पढ़ी होगी कि दो दिन पहले उत्तराखंड के एक आईएएस अधिकारी नोएडा के मॉल में अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ खाना खा रहे थे, तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। 39 साल के इस आईएएस अधिकारी का नाम था- अक्षत गुप्ता। ये उधमसिंह नगर में कलेक्टर थे। इनकी पत्नी भी आईपीएस अधिकारी हैं और ये परिवार उत्तराखंड से नोएडा घूमने-फिरने के ख्याल से आया था। यह बताने के लिए आज मैं पोस्ट नहीं लिख रहा कि वो कितने लोकप्रिय अधिकारी थे, कितनी मेहनत करके वो आईएएस अधिकारी...
Read more07-06-2016 Hits:1339 दुख-सुख
नवीन कुमार
Navin Kumar : रामवृक्ष यादव तो मोहरा था। किसी गुरुदेव, उसकी दौलत और राजनीति के गठजोड़ का। वह पहला भी नहीं था आखिरी भी नहीं है। जंगलों में धूनी रमाने वाले, कंदमूल पर जीने वाले अनासक्त बाबाओं को जब से रुपया कमाने की लत लगी, आलीशान आश्रम बनाने की लत लगी, टीवी के कैमरों पर चमकने की लत लगी, कारोबार करने की लत लगी तभी से ऐसे गठजोड़ बनने शुरू हुए। सुना था कि संत मृत्यु से नहीं डरते। लेकिन बाबा जब इतना डरपोक होगा कि एक्स वाई ज़ेड टाइप की सुरक्षा लिए बगैर चल ही न सके तो समझ...
Read more30-05-2016 Hits:1580 बिजनेस
अभिषेक कांत पाण्डेय
हर किसी के जीवन में कुछ न कुछ ऐसा अनुभव होता है जो सोचने पर मजबूर करताहै। ऐसे अनुभवों में मैं पिछले महीने से जूझ रहा हूं। ये मेरा व्यक्तिगतअनुभव है लेकिन सही मायने में ये दर्द हर उस व्यक्ति का है जो जीना चाहताहै, सम्मान की जिंदगी चाहता है। भारत में रहने वाले उन करोड़ों लोगों कीकहानी है। इसमें मजदूर से लेकर महीने पगार पाने वाले कामगार, ठेके परमजदूरी करने वाले या किसी कंपनी में कंप्यूटर वर्क करने वाले यहां तक कीपत्रकार, शिक्षक, हर वो कोई जो अपने हाथों से मेहनत करता है, उसके बदलेउस बेहतर जिंदगी के लिए...
Read more29-05-2016 Hits:1252 बिजनेस
संजय द्विवेदी
बौद्धिक वर्ग से रिश्ते सुधारे मोदी सरकार, अच्छी नीयत से किए गए कामों को भी चाहिए लोकस्वीकृति अपने कार्यकाल के दो साल पूरे करने के बाद नरेंद्र मोदी आज भी देश के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक ब्रांड बने हुए हैं। उनसे नफरत करने वाली टोली को छोड़ दें तो देश के आम लोगों की उम्मीदें अभी टूटी नहीं हैं और वे आज भी मोदी को परिणाम देने वाला नायक मानते हैं। देश की जनता से साठ माह में राजनीतिक संस्कृति में परिर्वतन और बदलाव के नारे के साथ इस सरकार ने 24 माह में अपनी नीयत के जो पदचिन्ह छोड़े हैं, उससे...
Read more29-05-2016 Hits:1563 ये दुनिया
विष्णु शर्मा
तेज आर्थिक विकास के सुपरसोनिक दौर में क्रांति की रफ्तार भी तेज होनी चाहिए। शायद इसलिए नेपाल के संसदीय माओवादी क्रांति जल्द पूरा कर लेना चाहते हैं। फौरन से पेशतर। तो क्या अगर इसके लिए कुछ मामूली ‘समझौते’ करने पड़े। जैसे, सर्वहारा की तानाशाही जैसे ‘बदनाम’ नारे को छोड़ना पड़े। ‘लोकतंत्र’ के दौर है तानाशाही की बात करना जड़सूत्रवाद है। ऐसे ही और तर्को के साथ नेपाल का माओवादी आंदोलन खुद को ‘नई’ विश्व मान्यता के अनुरूप ढालने, ‘विश्व जनमत’ का भरोसा जीतने और ‘नई’ तरह की क्रांति करने के काम में व्यस्त है। कुल मिला कर वह मार्क्सवादी या...
Read more29-05-2016 Hits:1162 बिजनेस
आजाद खालिद
नई दिल्ली : क्या देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी इन दिनों किसी बड़ी साज़िश का शिकार हो रही है? क्या कांग्रेस के अंदर ही राहुल गांधी पर प्रशांत किशोर हावी होते जा रहे हैं? क्या जिस प्रशांत किशोर को कांग्रेस ने अपनी नय्या पार लगाने के लिए मोटी रकम अदा की है, वो बीजेपी द्वारा कांग्रेस में फिट गये मोहरे तो नहीं ? क्या बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत के प्लान पर पीके आज भी काम तो नहीं कर रहे ? क्या कई साल से हाशिये पर पड़ी कांग्रेस का सच्चा समर्थक और कार्यकर्ता वर्तमान में उपेक्षा और घुटन...
Read more29-05-2016 Hits:1099 दुख-सुख
मार्कंडेय काटजू
Today is the birth anniversary of 'Veer' Savarkar (1883-1966). Many people have praised him as a great freedom fighter, but what is the truth about him? The truth is that many nationalists during British rule were arrested by the British, and given long sentences. In jail the British authorities would give them an offer : either collaborate with us, in which case we will free you, or rot in jail for the rest of your life.
Read more19-05-2016 Hits:1264 बिजनेस
विवेक दत्त मथुरिया
पश्चिमी बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुंडुचेरी के चुनाव परिणामों के जिस तरह के नतीते आए हैं, वह ममता बनर्जी और जयललिता के लिए तो बड़ी उपलब्धि है। बाकी कांग्रेस, वामपंथी और भाजपा के लिए चिंता और चिंतन का विषय है। असम में भाजपा की जीत को असमिया जनता के जायका बदलने इच्छा और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की सियासत के रूप में देखना-समझना होगा। पांचो राज्यों के चुनाव परिणाम का एक सार यह भी है कि मोदी सरकार के अच्छे दिनों के दावे को जनता ने खारिज कर दिया है और इस तरह भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी...
Read more19-05-2016 Hits:2191 ये दुनिया
डॉ राकेश पाठक
कांग्रेसी अब भी न सुधरे तो 2019 में आंसू पोंछने को भी नाम लेवा न मिलेगा पांच सूबों के नतीजे सन् 2016 के केलेंडर पर कांग्रेस के लिए कट्टस लगा रहे हैं।दो साल से बदहाल और बेहाल बैठी कांग्रेस का हाल उस दुल्हन की तरह हो गया जिसके लिए कहते हैं- " कछू तौ पहलैई रुआंसी बैठीं थीं तापै भैया और आय गए"। जनता ने "हाथ का पंजा" मरोड़ कर धर दिया है।पांच राज्यों से पांचों उंगलियां गाल पर छप गयीं हैं।ऐसा 'चनकट्टा' लगा है कि बिलबिलाहट बहुत देर तक रहेगी। आज जिन पांच राज्यों के नतीजे आये हैं उनमें से...
Read more18-05-2016 Hits:2130 ये दुनिया
संदीप कुमार गर्ग
आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी,भारत की आम जनता व्यथित होकर एक बार फिर सभी चोर और भ्रष्ट राजनेताओं के पार्टी लाइन से उठकर एक होने का नजारा देख रही है। घोर निराशा की बात है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के NEET-II को लागू करने के ऐतिहासिक निर्णय के विरूद्ध सभी राजनेता एकजुट होकर अध्यादेश लाने की बात कर रहे हैं। कोई इसे राज्यों की सम्प्रभुता के नाम पर, और कोई छात्रों की भाषा की समस्या के नाम पर उठा रहे हैं। पर सच्चाई यह है कि इसके पीछे प्राईवेट मेडिकल कालेजों की खरबों रूपयों की इण्डस्ट्री है जिसने इस देश में...
Read more10-05-2016 Hits:1125 दुख-सुख
राहुल वर्मा
-राहुल वर्मा- डॉ. भीमराव आंबेडकर अपनी 125वीं जयंती पर भारतीय राजनीति में नए चुनावी जोड़ तोड़ के केंद्र में हैं. कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी, आप और वाम पार्टियाँ उन्हें अपना घोषित करने की तेज़ लडाई में लगी हैं. अधिकतर राजनीतिक टिप्पणीकारों का दावा है कि आंबेडकर और उस की धरोहर को हथियाने को लेकर पार्टियों में यह वाकयुद्ध दलितों को जीतने के लिए है. क्या इस से हमें हैरानी होनी चाहिए? आखिरकार सभी पार्टियों का उद्देश्य अपने वोट बैंक को बढ़ाना और कुर्सी जीतना है. दिलचस्प प्रश्न तो यह है कि अब भाजपा डॉ. आंबेडकर को हथियाने के लिए उतावली क्यों है...
Read more10-05-2016 Hits:1024 प्रदेश
Bhadas Desk
लखनऊ : पीलीभीत जेल में सात कैदियों की पीट पीट कर हत्या के मामले को वापस लेने की हो न्यायिक जांच... यह बात आज एस.आर. दारापुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रेस को जारी बयान में कही है. ज्ञात हो कि 1994 में जब मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री थे तो पीलीभीत जेल में जेल स्टाफ द्वारा 28 टाडा कैदियों की बुरी तरह से पिटाई की गयी थी जिनमें से 7 कैदियों की मौत हो गयी थी. इसकी सीबीसीआईडी द्वारा विवेचना की गयी थी जिसमें 42 जेल कर्मचारियों के दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध...
Read more08-05-2016 Hits:2338 दुख-सुख
MD Rizwan S.
Do your best to put an end to sufferings of isolated Indians. Ending the tradition of human rights abuses in indian prisons, mental asylums and boarding school. Nearly a million Indians are waiting in prisons, mental asylums and boarding schools... For someone who can put an end to their sufferings. If CCTV cameras are installed in all prisons, mental asylums and boarding schools, Atleast it would end the suffering of those people , whose voices cannot cross the boundaries Of prisons, mental asylums and boarding schools.
Read more07-05-2016 Hits:3932 ये दुनिया
Bhadas Desk

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने कहा है, होश से चले, होश से बैठे, होश से उठे। बुद्ध का एक भिक्षु आनंद पूछने लगा; वह एक यात्रा पर जा रहा था और उसने पूछा कि भगवान, कुछ मुझे पूछना है। स्त्रियों के संबंध में मन में अभी भी काम-वासना उठती है; तो स्त्रियां मिल जाएं तो उनसे कैसा व्यवहार करना? तो बुद्ध ने कहा, “स्त्रियां अगर मिल जाएं तो बचकर चलना। दूर से निकल जाना।” आनंद ने कहा, “और अगर ऐसी स्थिति आ जाए...
Read more07-05-2016 Hits:861 ये दुनिया
चंद्रभूषण
Chandra Bhushan : कार्ल मार्क्स को पढ़ना कठिन जरूर है लेकिन अगर आप लिखने-पढ़ने से कुछ वास्ता रखते हैं तो उन्हें मूल रूप में पढ़ने की कोशिश करें। आप कितने भी ज्ञानी हों, दिमाग का दही हो जाएगा। लेकिन एक बार बात समझ में आने लगी तो सतह पर मौजूद हल्ले के नीचे की गहरी बातें जानने-समझने की आदत पड़ जाएगी। एक दौर था, जब मैंने लंगोट बांधकर उनकी कई सारी किताबें एक के बाद एक पढ़ डाली थीं। इस काम में गणित की पढ़ाई के दौरान हासिल तर्कपद्धति ने मेरी काफी मदद की थी, लेकिन यह कहना होगा कि...
Read more07-05-2016 Hits:783 बिजनेस
Bhadas Desk
कोलकाता : नैक द्वारा ए ग्रेड प्राप्त महात्माव गांधी अंतरराष्ट्री य हिंदी विश्वतविद्यालय के कोलकाता केंद्र में सत्र 2016-17 के लिए एमए हिंदी और एमए जनसंचार में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2016 है। एमए जनसंचार व एमए हिंदी के अलावा एमए शांति व विकास तथा एनजीओ मैनेजमेंट में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी कोलकाता केंद्र में इस वर्ष से प्रारंभ किए गए हैं और उनके लिए भी आवेदन मांगे गए हैं। एमए हिंदी, एमए जनसंचार, एमए शांति व विकास तथा एनजीओ मैनेजमेंट में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र ऐकतान, आईए 290, सेक्टर-3, साल्टलेक...
Read more07-05-2016 Hits:818 प्रदेश
संजय कुमार सिंह
Sanjaya Kumar Singh : योजना आयोग के साथ और उसके बिना... बहुत पुरानी बात है, कुछ लोग दिल्ली आए हुए थे और वापस जाने की उनकी ट्रेन पुरानी दिल्ली से थी। रास्ता एकसप्रेस बिल्डिंग होकर था और तय हुआ था कि मैं एक्सप्रेस बिल्डिंग से उनलोगों के साथ गाड़ी में सवार होकर स्टेशन जाउंगा और ट्रेन में बैठाकर वापस आ जाउंगा। चूंकि छोड़ने वाली गाड़ी को इसी रास्ते वापस लौटना था इसलिए मुझे उसी से वापस एक्सप्रेस बिल्डिंग आ जाना था। उस दिन ड्यटी क्या थी वह सब अब याद नहीं है पर उन दिनों हमलोग कहीं से भी घूम-फिर...
Read more05-05-2016 Hits:782 प्रदेश
अमिताभ ठाकुर
Amitabh Thakur : कैट के आदेश के बाद भी मेरी बहाली नहीं करने के सम्बन्ध में मेरे द्वारा दायर याचिका पर कैट ने प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है. जिन बड़े-बड़े आईएएस अफसरों ने राजनैतिक आका को खुश करने के लिए मेरे मामलों में फर्जी अभिलेख बनाने का घिनौना काम किया, उनके सबूत अब मेरे हाथ में हैं और अपनी आदत के मुताबिक मैं उनकी जिम्मेदारी तय कराने में लग चुका हूँ. निजी फायदों के लिए कितना गिरेंगे ये घिनौने सफेदपोश नौकरशाह!
Read more05-05-2016 Hits:947 ये दुनिया
अरुण श्रीवास्तव
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर : एक पराडकर जी हुआ करते थे। अखबार के ही काम से गए लेकिन काशी नरेश का आतिथ्य स्वीकार नहीं किया। एक आज के पत्रकार हैं। वे अपने निजी काम के लिए भी सूचना विभाग की गाड़ी के ऐड़ी चोटी का जोर लगा देंगे। बच्चे को जिले के नामी गिरामी स्कूल में दाखिला दिलवाने का मामला हो या फीस माफ करवाने का, सारे घोड़े खोल डालेंगे। एक कहावत है भ्रष्टाचार रूपी गंगोत्री ऊपर से नीचे को बहती है। यह फार्मूला अखबार या यूं कहें मीडिया पर पूरी तरह से लागू होता है। पहले छोटे अखबार...
Read more04-05-2016 Hits:907 ये दुनिया
शिव दास
प्राधिकरण ने खारिज की उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना.... मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी दिया आदेश... नई दिल्ली। सोनभद्र में वनभूमि हस्तांतरण मामले में उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के बाद राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने भी जेपी समूह को झटका दिया है। उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती बसपा सरकार द्वारा सोनभद्र में जेपी समूह की सहयोगी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के पक्ष में 1083.231 हेक्टेयर (करीब 2500 एकड़) वनभूमि को हस्तांतरित करने के लिए जारी अधिसूचना को एनजीटी ने आज खारिज कर दिया। साथ ही उसने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह जल्द से...
Read more04-05-2016 Hits:741 ये दुनिया
आज़ाद ख़ालिद
चुनावी वादों के बावजूद आपके एकाउंट में अब तक 15 लाख रुपए क्यों नहीं आए..? क्या कालाधन विदेशों से वापस आ गया..? एक सिर के बदले कई पाकिस्तानियों के सिर लाए जाने लगे..? क्या धारा 370 हटा दी गई..? कुछ इसी तरह के दूसरे कई सवालों के जवाब बिल्कुल ऐसे हैं जैसे कि गोरा करने की क्रीमों के इतने विज्ञापनों के बावजूद मिशेल ओबामा और विलियम बहने अब तक काली क्यों हैं...? और बालों को झड़ने से रोकने वाले इतने तमाम शैंपुओं के विज्ञापनों की मौजूदगी में अनुपम खेर और गोरवाचौफ के सिर बाल कहां चले गये?
Read more04-05-2016 Hits:1889 विविध
एस.आर.दारापुरी
गत वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने शासनादेश द्वारा पदोन्नति में आरक्षण और परिणामी ज्येष्ठता के आधार पर 15/11/97 के बाद और 28/4/12 के पूर्व पदोन्नति पाए सभी दलित अधिकारीयों/कर्मचारियों को उनके मूल पद पर पदावनत करने का आदेश जारी किया था. शासनादेश में कहा गया था कि उक्त कार्रवाही सुप्रीम द्वारा एम नागराज के मामले में दिए गए निर्णय के अनुपालन में की जा रही है. इसी प्रकार की कार्रवाही देश के अन्य प्रान्तों में भी की गयी है. आइये सब से पहले यह देखें कि 2006 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एम नागराज के मामले में क्या दिशा निर्देश दिए...
Read more04-05-2016 Hits:832 प्रदेश
Bhadas Desk
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सरकार ने सरकारी खजाने से लगभग 25 करोड़ की भारी-भरकम रकम खर्च करके राज्य सूचना आयोग के लिए सभी अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस बिल्डिंग बना तो दी और इसे ‘RTI भवन’ का एक अच्छा सा नाम भी दे दिया पर लगता है कि उद्घाटन को लेकर इस ‘RTI भवन’ की किस्मत कुछ ठीक नहीं है l पहले इस ‘RTI भवन’ का उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों बीते 11 अप्रैल को होना था पर सूचना आयुक्तों की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा उसी दिन ‘RTI भवन’ के मुख्य द्वार के सामने सभी...
Read more04-05-2016 Hits:693 प्रदेश
Bhadas Desk
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कार्यरत मीडियाकर्मियों के वेतन और अन्य सुविधाओं के लिए जल्दी ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने पर उत्तर प्रदेश की स्थिति की रिपोर्ट जल्दी ही तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने मजदूर दिवस के मौके पर इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) के प्रतिनिधि मंडल को यह आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मीडिया कर्मियों को स्वास्थ सुविधाएं दिए जाने को लेकर भी उचित कदम उठाएगी।
Read more04-05-2016 Hits:831 दुख-सुख
Bhadas Desk
संघ बताए मछली वेज या नानवेज, अगर वाजपेयी नान-वेज खा सकते हैं तो फिर दलित छात्र क्यों नहीं, नान वेज खाने वाले देशों से आर्थिक सम्बंध क्यों नहीं तोड़ लेते मोदी लखनऊ । रिहाई मंच ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) की मेस में नानवेज प्रतिबंधित करने को बीबीडीयू के दलित छात्रों द्वारा कुछ दिनों पहले रोहित वेमुला का सवाल उठाने और मोदी की मौजूदगी में मोदी गो बैक का नारा लगाने के चलते नाराज मोदी सरकार द्वारा की गई कुंठित और बदले की कार्रवाई बताया है। मंच ने जेएनयू के छात्रों द्वारा छात्रों के निलम्बन के खिलाफ चलाए...
Read more26-04-2016 Hits:1387 ये दुनिया
ताबिश सिद्दीकी
Tabish Siddiqui : क़ुरआन की पहली आयत नाज़िल होने के बाद क़रीब बारह (12) साल तक पैग़म्बर मुहम्मद ने लोगों को समझाने का काम किया.. बारह साल तक वो लोगों की गालियां खाते रहे.. पत्थर और लकड़ियों से उन पर हमला होता जहाँ भी वो अपनी बात कहते.. ऊंट के मूत्र भरे हुवे मूत्राशय और मलाशय को उन पर फेंका जाता.. लगभग ये रोज़ की बात हो गयी थी बारह सालों तक.. मुहम्मद घर से निकलते और वापस आते तो खून से लहूलुहान होते थे और पेशाब और मल से लथपथ.. और वापस आने पर उनसे पंद्रह साल बड़ी बीबी...
Read more25-04-2016 Hits:1212 ये दुनिया
एस.आर. दारापुरी
हाल में 14 अप्रैल को लखनऊ में आंबेडकर जयंती के अवसर पर सर्वजन की रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने जेएनयू के कन्हैया कुमार पर अपना गुस्सा दिखाया और दलितों को उस से सावधान रहने के लिए कहा. उस ने कन्हैया के बारे में मुख्यतया चार बातें कहीं: (1) कन्हैया दलित नहीं भूमिहार है (2) कन्हैया अम्बेडकरवादी नहीं कम्युनिस्ट है (3) कन्हैया लाल सलाम और नीला सलाम को मिला कर दलितों को धोखा देना चाहता है तथा (4) कन्हैया जय भीम का नारा लगा कर दलितों को गुमराह करना चाहता है. इससे स्पष्ट है कि मायावती को अपने को...
Read more25-04-2016 Hits:809 प्रदेश
Bhadas Desk
सीबीआई जांच की मांग, भूमि पर किये खनन से हुयी हानि की भरपाई जेपी समूह से करायी जाये लखनऊ : जेपी समूह को वर्ष 2006 में मुलायम सिंह सरकार द्वारा वन विभाग की 2500 एकड़ भूमि के अवैध अवैध आवंटन के मामले की हो सीबीआई जाँच” यह मांग आज एस.आर.दारापुरी भूतपूर्व आई.जी. तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में उठाई है. उन्होंने आगे कहा है कि उक्त भूमि मुलायम सिंह सरकार द्वारा वर्ष 2006 में सोनभद्र स्थित यूपी सीमेंट कारपोरेशन के दिवालिया होने पर जेपी समूह को बेचते समय दी गयी थी.
Read more25-04-2016 Hits:945 ये दुनिया
ओशो

एकनाथ के जीवन में ऐसा उल्लेख है। एक युवक एकनाथ के पास आता था। जब भी आता था तो वह बड़ी ऊंची ज्ञान की बातें करता था। एकनाथ को दिखाई पड़ता था, वे ज्ञान की बातें सिर्फ अज्ञान को छिपाने के लिए हैं। एक दिन उसने एकनाथ को पूछा सुबह - सुबह कि एक संदेह मेरे मन में सदा आपके प्रति उठता है। आपका जीवन ऐसा ज्योतिर्मय, ऐसा निष्कलुष, ऐसी कमल की पंखडियों जैसा निर्दोष क्वांरा, लेकिन कभी तो आपके जीवन में भी पाप उठे होंगे? कभी तो अंधेरे ने भी आपको घेरा होगा? कभी आपकी जिंदगी में भी कल्मष...
Read more25-04-2016 Hits:1136 ये दुनिया
अजय कुमार
अजय कुमार, लखनऊ बिहार में भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंसूबों पर पानी फेरने के बाद अपने आप को केन्द्रीय राजनीति में फिट करने को आतुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने लिये बिहार और सीएम का पद छोटा लगने लगा है। भले ही नीतीश न-न कर रहे हों लेकिन हकीकत यही है कि वह बिहार से निकल पर पूरे देश में और मुख्यमंत्री से आगे प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। इसके लिये उन्हें यूपी जीतना जरूरी है। यूपी में 2019 के लोकसभा से पहले 2017 में विधान सभा चुनाव होने हैं। नीतीश उत्तर...
Read more25-04-2016 Hits:906 ये दुनिया
ओशो

मूर्तियों का प्राचीनतम उपयोग .... मूर्ति पर अगर कोई बहुत देर तक चित्त एकाग्र करे और फिर आंख बंद कर ले तो मूर्ति का निगेटिव आंख में रह जाएगा, जैसा कि कैमरे की फिल्म पर रह जाता है। और उस निगेटिव पर भी ध्यान अगर केंद्रित किया जाए तो उसके बड़े गहरे परिणाम हैं।
Read more25-04-2016 Hits:2057 दुख-सुख
ओशो

आखिर तंत्र विज्ञान है क्या .... अक्षर से क्षर की यात्रा यंत्र, क्षर से अक्षर की यात्रा मन्त्र, अक्षर से अक्षर की यात्रा तंत्र। देह है यंत्र। दो देहों के बीच जो संबंध होता है वह है यांत्रिक। सेक्स यांत्रिक है। कामवासना यांत्रिक है। दो मशीनों के बीच घटना घट रही है। मन है मंत्र। मंत्र शब्द मन से ही बना है। जो मन का है वही मंत्र। जिससे मन में उतरा जाता है वही मंत्र। जो मन का मौलिक सूत्र है वही मंत्र। तो देह है यंत्र। देह से देह की यात्रा यांत्रिक - कामवासना।
Read more25-04-2016 Hits:954 ये दुनिया
ओशो

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी पीना मुश्किल हो गया था। गले से कोई भी चीज ले जाना कष्ट था। घाव था। तो विवेकानंद ने एक दिन रामकृष्ण को कहा, कि इतनी पीड़ा शरीर को हो रही है। आप जरा मां को क्यों नहीं कह देते? जगत जननी को जरा कह दो। तुम्हारा वह सदा से सुनती रही है। इतना ही कह दो, कि गले को इतना कष्ट क्यों दे रही हो? फिर भोजन की असुविधा हो गई है।
Read more25-04-2016 Hits:934 दुख-सुख
मुकेश कुमार
Mukesh Kumar : जैनियों ने महावीर स्वामी के साथ ज़बर्दस्त विश्वासघात किया है। जैसा कि इतिहास सिद्ध है, वे नास्तिक थे और शुरू में जैन धर्म भी नास्तिक ही था। अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, अचौर्य जैसे सिद्धांतों पर उनका ज़ोर था। चलिए मान लिया कि उनकी तरह दिगम्बर होकर कठिन साधना करना सबके लिए मुश्किल काम है, मगर जैन और भी तो बहुत कुछ कर सकते थे लेकिन वे उसी तरह पाखंडी है गए जैसे दूसरे धर्मों के अनुयायी। वे आज उन्हीं पापों की गठरी ढो रहे हैं जिनसे विरत रहने के लिए महावीर ने कहा था।
Read more25-04-2016 Hits:941 ये दुनिया
दयाशंकर शुक्ल सागर
Daya Sagar : तो आप देखिए भारत सरकार ने चीनी एक्टविस्ट डोल्कुन ईसा का वीजा रद कर दिया। चीन भारत के इस कदम का विरोध कर रहा था। ईसा साहब आजादी और लोकतंत्र पर हमारे धर्मशाला में होने वाली एक कान्फ्रेंस में हिस्सा लेने आ रहे थे। लेकिन चीन की नजर में ईसा आतंकवादी हैं जैसे उसकी नजर में दलाईलामा एक आतंकी नेता हैं। ईसा को वीजा मिलने का सबसे ज्यादा विरोध हमारे कामरेड दोस्त कर रहे थे जो रात दिन- लेकर रहेंगे आजादी- का कोरस गाते हैं। बताते चलें कि आतंकी ईसा पर कत्लो गारत का आज तक कोई...
Read more25-04-2016 Hits:1148 ये दुनिया
राजीव नयन बहुगुणा
Rajiv Nayan Bahuguna : आज भारत के एक अतिशय महत्वाकांक्षी, चतुर, सुयोग्य एवं अवसरवादी राजनेता रह चुके हेमवती नन्दन बहुगुणा जीवित होते तो 97 वर्ष के होते। लेकिन 100 वर्ष तक जीवित रह पाना सिर्फ गुलजारी लाल नन्दा अथवा मोरारजी देसाई जैसे संयमी एवं संतोषी नेता के ही वश में होता है, बहुगुणा जैसों के नहीं। जब डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी की 69 वर्ष की पक्व आयु में दिल का ऑपरेशन कराने की बजाय उन्हें दवाओं के भरोसे रहना अधिक सुरक्षित रहेगा, बशर्ते वह दौड़ भाग कम और आराम अधिक करें। इस पर हेमवती बाबू का जवाब था कि...
Read more25-04-2016 Hits:730 सोशल मीडिया
Bhadas Desk
"अरे सब सामान ले लिया क्या? बस में किसी का कुछ रह तो नहीं गया? "जी सर, सब ले लिया।" स्कूल ट्रिप से वापिस आये सब बच्चे एक साथ चिल्लाये और बस से उतरकर घर की तरफ दौड़ गए।"सर, फिर भी बस में देख लेना।"
Read more25-04-2016 Hits:948 विविध
शहंशाह आलम
इस सच से इनकार नहीं किया जा सकता कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 'संपूर्ण क्रान्ति' देश की आत्मा और देश की चेतना में अब भी पूरी तरह पैवस्त है। बिहार का सन् 1974 का छात्र-आंदोलन व्यवस्था-परिवर्तन के लिए जयप्रकाशजी की ललकार पर किए गए विश्व भर के उन आंदोलनों जैसा ही था, जोकि सफ़ल हुए थे। यह एक ऐसा अद्भुत आंदोलन था, जिसने लालू प्रसाद, नीतीश कुमार, सुशील कुमार मोदी तथा प्रो. जाबिर हुसेन जैसे नेताओं को भी जन्म दिया, जो जयप्रकाशजी के विचारों को आज भी स्पष्ट और सार्थक तरीक़े से ज़िंदा रखे हुए हैं।
Read more25-04-2016 Hits:791 बिजनेस
Bhadas Desk
नई दिल्ली : केंद्र सरकार की सभी योजनाओं के साथ जल्द ही ‘प्रधानमंत्री’ या राष्ट्रवादी नेताओं के नाम जुड़ सकते हैं और प्रत्येक थिएटर में फिल्मों के प्रदर्शन से पहले नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताने वाले वृत्तचित्रों को अनिवार्य रूप से दिखाया जा सकता है। राज्यों और जिलों में केंद्र सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों के बारे में बताने के लिए उपाय सुझाने की खातिर गठित मंत्री समूह ने केंद्रीय योजनाओं के साथ ‘प्रधानमंत्री’ तथा अन्य राष्ट्रवादी नेताओं के नाम जोड़ने और सरकार की उपलब्धियों के बारे में फिल्मों के प्रदर्शन से पहले वृत्तचित्र दिखाए जाने...
Read more19-04-2016 Hits:887 ये दुनिया
डॉ. संजय सिंह बघेल
गुडगाँव का नाम रातोरात बदलकर जिस तरह गुरुग्राम कर दिया गया. यह कोई महज संयोग नहीं है. इसके पीछे के राजनैतिक मंसूबे तभी स्पस्ट हो गए थे. जब भाजपा सरकार ने पार्टी से ऊपर करके “अबकी बार मोदी सरकार” का नारा स्वीकार कर लिया. यह बात भी किसी से छुपी नहीं है कि भाजपा की लगाम जिस अदृश्यमान लेकिन सबको पता शक्ति के हाथ में है उसका मुख्य मकसद रास्ट्रवादी और स्वदेशी सरकार को स्थापित करना है. अनायास नहीं है कि जिस कार्पोरेटस और मीडिया मुग़लों के सहारे सत्ता तक पहुंची भाजपा सरकार, जिस तरह से एक-एक करके अपने छुपे...
Read more19-04-2016 Hits:1040 दुख-सुख
मनीराम शर्मा
भारतीय न्याय व्यवस्था पर श्वेत-पत्र उदारीकरण से देश में सूचना क्रांति, संचार, परिवहन, चिकित्सा आदि क्षेत्रों में सुधार अवश्य हुआ है किन्तु फिर भी आम आदमी की समस्याओं में बढ़ोतरी ही हुई है| आज भारत में आम नागरिक की जान-माल-सम्मान तीनों ही सुरक्षित नहीं हैं| ऊँचे लोक पदधारियों को सरकार जनता के पैसे से सुरक्षा उपलब्ध करवा देती है और पूंजीपति लोग अपनी स्वयं की ब्रिगेड रख रहे हैं या अपनी सम्पति, उद्योग, व्यापार की सुरक्षा के लिए पुलिस को मंथली, हफ्ता या बंधी देते हैं| छोटे व्यावसायी संगठित रूप में अपने सदस्यों से उगाही करके सुरक्षा के लिए पुलिस को...
Read more17-04-2016 Hits:1396 बिजनेस
राकेश भदौरिया
अम्बेडकर नाम की लूट है लूट पाये सो लूट.... अम्बेडकर और दलित प्रेम बना राजनीतिक दलों के लिए संजीवनी... लगता है कि पहली बार संघ और भाजपा के चिंतकों ने वृहद राजनीतिक सोच के तहत दलित वर्ग में अपना राजनीतिक भविष्य तलाशने के लिए डॉ० भीम राव अम्बेकर पर अपना होम वर्क जोर-शोर से शुरू कर दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण की पुनः समीक्षा वाले बयान से हुए राजनीतिक नुकसान की पूरे देश में भरपाई और ख़ास तौर से उत्तर प्रदेश में आगामी विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संघ और बीजेपी के रणनीतिकारों ने श्री...
Read more17-04-2016 Hits:1778 दुख-सुख
अश्विनी उपाध्याय
लोक कल्याण ही लोकतंत्र का मुख्य उद्देश्य है ! संविधान की प्रस्तावना में भी स्पस्ट किया गया है कि भारत एक सोशलिस्ट सेक्युलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक है ! सरकार का मुख्य कर्तब्य है कि वह संविधान की प्रस्तावना में वर्णित उदेश्य – सामाजिक-आर्थिक न्याय, सामजिक-आर्थिक समानता और सबको समान अवसर सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक कदम उठाये ! आज शिक्षा का व्यापारीकरण हो गया है ! परिवार के आर्थिक हालत के अनुसार स्कूल की पांच केटेगरी बन गयी है ! लोअर इनकम ग्रुप, मिडिल इनकम ग्रुप, हायर इनकम ग्रुप और इलीट ग्रुप और सरकारी स्कूल, जहाँ गरीबी रेखा से नीचे जीवन...
Read more17-04-2016 Hits:896 बिजनेस
Bhadas Desk
IPS officer Amitabh Thakur today filed a Writ petition in Lucknow bench of Allahabad High Court with prayer to direct the Central government not to extend the date for submission of property returns of central government employees, including IAS and IPS officers any further and to ensure that all these public servants submit their property return within time.
Read more14-04-2016 Hits:824 प्रदेश
Bhadas Desk
Solar power scam reaches Bihar's "Sushashan babu" Chief Minister's doorstep, Cobrapost brings to light a Rs 3 crore scam regarding purchasing of solar lamps for Bihar Chief Minister Nitish Kumar’s residence, involving state government officials By Md Hizbullah Another solar scam in Bihar has come to light following an RTI petition by activist Shiv Prakash Rai, this time at Chief Minister Nitish Kumar’s official residence. In 2011, the Central government had proposed installing a solar plant at the chief minister’s residence and office premises, including at his Janta Darbar. According to documents available with Cobrapost from the Ministry of New and Renewable...
Read more14-04-2016 Hits:910 विविध
Bhadas Desk
नई दिल्ली : भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव सुनील अरोड़ा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। पीसीआई ने यह कदम अपने समन पर सोमवार को उनके उपस्थित नहीं होने पर उठाया। सेवानिवृत न्यायाधीश न्यायमूर्ति सी.के. प्रसाद की अध्यक्षता वाली परिषद ने सर्वसम्मति से यह निर्णय किया कि बैठक की अगली तारीख 22 अप्रैल को अरोड़ा उपस्थित हों।
Read more14-04-2016 Hits:763 ये दुनिया
Abhinav Shankar
A million dollar question first Before starting this article let me start with a question. Have anybody wondered why Islamic State has got such an overwhelming support among Muslims around globe which seemed to be missing in case of Al Qaieda ?? More I study Islam more I become clear of the reasons behind this huge success of Islamic State as compared to Al Qaieda. One fundamental fact about Islam is that it is lesser a religious philosophy & more a political ideology. Interconnections between religious and political authority is something that we can find in almost all religions more or...
Read more13-04-2016 Hits:1993 ये दुनिया
ओशो

दूध असल में अत्याधिक कामोत्तेजक आहार है और मनुष्य को छोड़कर पृथ्वी पर कोई पशु इतना कामवासना से भरा हुआ नहीं है, और उसका एक कारण दूध है। क्योंकि कोई पशु बचपन के कुछ समय के बाद दूध नहीं पीता, सिर्फ आदमी को छोड़ कर। पशु को जरूरत भी नहीं है। शरीर का काम पूरा हो जाता है। सभी पशु दूध पीते हैं अपनी मां का, लेकिन दूसरों की माताओं का दूध सिर्फ आदमी पीता है, और वह भी आदमी की माताओं का नहीं, जानवरों की माताओं का भी पीता है।
Read more13-04-2016 Hits:5039 ये दुनिया
ओशो

तुमने खयाल किया, कोई स्त्री किसी पुरुष के पीछे नहीं भागती। और अगर भागे तो पुरुष फिर बिलकुल ही भाग खड़ा होगा। उस स्त्री से कोई भी पुरुष बचेगा, जो उसका पीछा करे। स्त्री कभी किसी पुरुष से प्रेम का निवेदन भी नहीं करती। पूरी मनुष्य—जाति के इतिहास में किसी स्त्री ने कभी किसी पुरुष से प्रेम—निवेदन नहीं किया। ऐसा नहीं कि स्त्री को प्रेम अनुभव नहीं होता; पुरुष से ज्यादा अनुभव होता है। पुरुष का अनुभव प्रेम का बहुत छोटा है, आंशिक है। स्त्री का अनुभव प्रेम का बहुत बड़ा है और बहुत समग्र है। मगर निवेदन नहीं करती...
Read more13-04-2016 Hits:946 दुख-सुख
Bhadas Desk
''जिनका हित इस सामाजिक ढाँचे के ऐसे ही बने रहने में है वे हमें शहीदों और महापुरुषों के विचारों पर ध्यान देने के बजाय उन्हें अवतार बनाकर पूजने की शिक्षा देते हैं, उनके ग्रंथों का अध्ययन करने के बजाय उन्हें मत्था टेकना सिखाते हैं और समाज को बदलने का यत्न करने के बजाय अवतार की प्रतीक्षा करने का उपदेश देते हैं।'' -राहुल सांकृत्यायन राहुल सांकृत्यायन Rahul Sankrityayan (1893-1963) भारत में वैचारिक-सांस्कृतिक क्रान्ति के एक ऐसे सूत्रधार थे जिनका यह अटल विश्वास था कि जनता स्वयं अपने इतिहास का निर्माण करती है। महापुरुष कोई आसमानी जीव नहीं होते बल्कि वे लोग होते...
Read more12-04-2016 Hits:735 बिजनेस
प्रवीण कुमार सिंह
कान्हा रे, कान्हा अगले जनम मोहे किसान न बनाना -प्रवीण कुमार सिंह- राधे-राधे... ब्रज की होली टीवी पर देखते-देखते हम भी मथुरा पहुंचे, होली देखने के लिए। होली को लेकर मन में बहुत उमंग था क्योंकि होली मेरा सबसे पसन्दीदा त्यौहार है। यहां लोगों ने राधे-राधे बोल के स्वागत किया तो मन बहुत प्रसन्न हुआ। लेकिन हुआ ये कि होली तो बाद में खेली जानी थी, साथियों से पता चला कि यहां के एक युवा किसान ने कर्ज के बोझ तले दबे होने के कारण आत्महत्या कर लिया है। अब साथियों के संग गोबर्धन ब्लाक के बोरपा गांव पहुंचे जहां के 35...
Read more12-04-2016 Hits:873 प्रदेश
Bhadas Desk
उज्जैन। मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ कुम्भ के पावन अवसर पर शनिवार को सिंहस्थ और मीडिया की भूमिका पर राष्ट्रीय परिचर्चा का आयोजन हुआ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि मीडिया वास्तव में देश का सचिव है। वही राज्य को सही सूचनायें देता है। मीडिया को निष्पक्ष होना चाहिए, चाटुकार नही वरना देश और समाज का नुकसान होता है। समाचारो में आलोचना भी सकारात्मक रूप में ही आए तो अच्छा हो। आजकल कई ऐसे महात्मा भी आ गए है जो संत नहीं हैं, वे महज मीडिया को मैनेज कर के ही संत बन गए...
Read more11-04-2016 Hits:1146 दुख-सुख
आनंद तेल्तुम्बडे
इधर डॉ. आंबेडकर के स्मारकों की बाढ़ सी आ गयी है. आज कल संघ परिवार डॉ. आंबेडकर जिन्होंने हिन्दू धर्म पर इतनी तीखी टिप्पणियाँ की थी जिस कारण उन्हें अपना कट्टर दुश्मन मानना चाहिए, को हथियाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है. उसी समय दलितों और गैर दलितों में दूरी बढ़ती जा रही है और उन पर निर्बाध अत्याचार हो रहे हैं. अब इंग्लैंड में बाबा साहेब के नाम पर लन्दन में एक स्मारक होगा. बाबा साहेब 1920 के शुरू में इस घर में रहे थे जब वे लन्दन स्कूल आफ इकोनामिक्स में पढ़ रहे थे. अगस्त के...
Read more10-04-2016 Hits:856 विविध
पदमपति शर्मा
बनारस का प्राचीन मोहल्ला सरस्वती फाटक, जिसका नया नाम विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर दो हो गया है, यहीं मैं जन्मा-पला-बढ़ा ही नहीं, आधी सदी से ज्यादा समय से यहां मौजूद उद्यान का बैडमिंटन कोर्ट मेरी फिटनेस स्थली भी रहा है. लंबी कहानी है सरस्वती उद्यान और बैडमिंटन की. उसकी फिर कभी चर्चा करूंगा. विक्रम संवत 2073 का आरंभ एक घबराई सी फोन काल के साथ सुबह हुआ, ' जल्दी आइए, विकास प्राधिकरण वाले आए हैं और कोर्ट तोड़ने जा रहे हैं.' घर से सौ मीटर होगा उद्यान सेकेंडों में पहुंच गया. देखता हूं कि कुछ पुरुष - महिला श्रमिकों के...
Read more10-04-2016 Hits:975 मनोरंजन
मणिका मोहिनी
नोएडा में नया मॉल खुला है, Mall Of India. बहुत बड़ा है, GIP Mall से भी बड़ा. इसमें सारे ब्रैंडेड स्टोर हैं. अभी पूरे स्टोर नहीं खुले हैं, खुल रहे हैं. तीन parking layers हैं. Chili's रेस्टोरेंट एक बड़ी चेन का रेस्टॉरेंट है, जिसमे अमेरिकन खाना मिलता है. कल मनु का जन्मदिन हमने यहाँ डिनर से सेलेब्रेट किया. क्या विस्तार है ! क्या decor है ! क्या ambiance है ! हम 'बार' वाले हिस्से में बैठे थे (नहीं, बार अभी शुरू नहीं हुआ है, may be, waiting for the licence.) उस एक हिस्से में 13 LED (must be 150") साथ-साथ...
Read more09-04-2016 Hits:821 प्रदेश
सुरेश डुग्गर
जम्मू-कश्मीर में पहली बार सत्ता में आने वाली भाजपा के लिए वही झंडे अब चिंता का कारण बनने लगे हैं जिनके सहारे उसने राज्य की राजनीति में अपना प्रभुत्व जमाया। हालात यह है कि इन झंडों की राजनीति में उसका भविष्य खतरे में नजर आने लगा है। चिंता तो यह भी है कि कहीं ये झंडे उसको ले न डूबें। सबको 1992 की 26 जनवरी याद होगी, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी श्रीनगर के लाल चौक में संगीनों के साए में और कर्फ्यू के हालात में तिरंगा फहराकर वाहवाही लूट चुके हैं, पर अब उसी तिरंगे के...
Read more09-04-2016 Hits:1847 दुख-सुख
एस.आर.दारापुरी
-एस.आर. दारापुरी इधर वर्तमान दलित राजनीति के लिए एक नयी चुनौती खड़ी हुयी है. वह चुनौती है दलित राजनीति के जनक डॉ. आंबेडकर को विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा हथियाए जाने की. इस में भाजपा सब से अधिक सक्रिय है. कांग्रेस भी इसमें बड़ी शिद्दत से लगी हुयी है. समाजवादी पार्टी भी सरकारी तौर पर डॉ. आंबेडकर जयंती के माध्यम से डॉ. आंबेडकर मानने वालों को लुभाने की कोशिश कर रही है. इन पार्टियों का आंबेडकर प्रेम उनका दलितों अथवा डॉ आंबेडकर के प्रति कोई हृदय परिवर्तन नहीं है बल्कि उनके जातिवाद और हिंदुत्व के विरुद्ध संघर्ष की धार को कुंद करने...
Read more09-04-2016 Hits:3356 प्रदेश
प्रभुनाथ शुक्ल
-प्रभुनाथ शुक्ल राजनीतिक लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजनीतिक उथल-पुथल का असर पूरे राष्टीय परिदृश्य पर दिखायी देता है। राजनीति में एक कहावत चर्चित है कि दिल्ली का रास्ता लखनउ से होकर गुजरता है। यानी केंद्र की सत्ता पर झंडा फहराना है तो यूपी की उपेक्षा नहीं की जा सकती है। भाजपा के दिल्ली राजतिलक में इस राज्य की अहम भूमिका रही है। दिल्ली और बिहार में मुंहकी खाने के बाद भाजपा का अगला निशाना यूपी है। क्योंकि राज्य में 2017 में सबसे बड़ा राजनैतिक महासंग्राम होगा। भाजपा ने इसका ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।
Read more09-04-2016 Hits:1044 विविध
एस.आर.दारापुरी
-एस.आर. दारापुरी रोहित की दर्दनाक आत्महत्या ने इस भयानक सच्च को उजागर किया है कि आज भी भारत में एक दलित को अपने विचारों और विश्वासों के साथ बराबरी और आज़ादी की चाह के साथ जीने की क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है. और फिर उसके लिए न्याय की लड़ाई आज के भारत में कैसे लगभग असंभव है, एक हारी हुयी लड़ाई है. रोहित देश के किसी गुमनाम दलित बस्ती में नहीं था वर्ना वहां से निकल कर साइब्राबाद के केन्द्रीय विश्वविद्यालय में देश की उच्चतम शिक्षा हासिल कर रहा प्रतिभाशाली नौजवान था. उसकी सांस्थानिक हत्या के खिलाफ देश में चौतरफा...
Read more09-04-2016 Hits:705 बिजनेस
संजय द्विवेदी
-संजय द्विवेदी देश की आजादी के सात दशक बाद वंदेमातरम् गाएं या न गाएं, ‘भारत माता की जय’ बोलें या न बोलें इस पर छिड़ी बहस ने हमारे राजनीतिक विमर्श की नैतिकता और समझदारी दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आजादी के दीवानों ने जिन नारों को लगाते हुए अपना सर्वस्व निछावर किया, आज वही नारे हमारे सामने सवाल की तरह खड़े हैं। देश की आजादी के इतने वर्षों बाद छिड़ी यह निरर्थक बहस कई तरह के प्रश्न खड़े करती है। यह बात बताती है राजनीति का स्तर इन सालों में कितना गिरा है और उसे अपने राष्ट्रीय स्वाभिमान...
Read more08-04-2016 Hits:956 ये दुनिया
संजय कुमार सिंह
ऐसे में ये भक्तगण अपना गुस्सा मीडिया, सेकुलरों और आपियों पर निकाल रहे! Sanjaya Kumar Singh : जिसकी लाठी उसकी भैंस में यही होता है! एनडीटीवी के प्राइमटाइम में आज एनआईटी श्रीनगर का मामला था। वहां जो हुआ इस बारे में जो बताया, सुनाया, दिखाया गया और उससे जो समझ में आया वह यही है कि भारत-पाकिस्तान मैच में पाकिस्तान की हार पर गैर कश्मीरी छात्रों ने कश्मीरी छात्रों को चिढ़ाया और कमेन्ट किया। बदले में, सेमीफाइनल में भारत की हार पर कश्मीरी छात्रों ने उसका बदला लिया। पाकिस्तान का झंडा लहराया। (और यह सब वहां होता रहता है)। इस बार...
Read more06-04-2016 Hits:876 बिजनेस
संजय कुमार सिंह
Sanjaya Kumar Singh : इंडियन एक्सप्रेस की जिस खबर के लिए आज हर कोई तारीफ कर रहा है वह जनसत्ता में पहले पेज पर नहीं है। यह है देश की पत्रकारिता, आज के मीडिया संस्थान और हिन्दी का सच। प्रभाष जी के जमाने में एक्सप्रेस की कितनी ही एक्सक्लूसिव, गोपनीय और धमाकेदार खबरें कैसे-कैसे अनुवाद और कंपोज होकर छपीं हैं (जब डेस्क पर लोगों को पता भी नहीं होता था कि कोई धमाकेदार खबर जा रही है)।
Read more06-04-2016 Hits:800 प्रदेश
प्रयाग पांडे
नैनीताल : उत्तराखंड के नेताओं की सत्तालोलुपता और निजी महत्वाकांक्षाओं ने इस पहाड़ी राज्य को राजनीतिक अस्थिरता के भंवर में धकेल दिया है। यहाँ के नेताओं की सत्तालिप्सा के चलते ही आज उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा है। राज्य की सत्ता हासिल करने की इस अमर्यादित दौड़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। सत्ता पाने की इस होड़ में अलग राज्य गठन से जुड़े बुनियादी सवाल पहले ही दरकिनार हो चुके हैं। अब खुदगर्ज नेताओं ने अलग राज्य के सपने को भी चकनाचूर कर दिया है। उत्तराखंड की आम जनता कांग्रेस और भाजपा के हाथों...
Read more06-04-2016 Hits:814 ये दुनिया
Bhadas Desk
लखनऊ : “मोदी जी! दलितों को “स्टैंड-अप-इंडिया” नहीं बल्कि ज़मीन और रोज़गार चाहिए” यह बात एस.आर. दारापुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता , आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रेस नोट में कही है. उन्होंने कहा है कि 2011 की आर्थिक एवं जाति जनगणना के अनुसार भारत के कुल परिवारों में से 4.42 करोड़ परिवार अनुसूचित जाति/ जन जाति से सम्बन्ध रखते हैं. इन परिवारों में से केवल 23% अच्छे मकानों में, 2% रहने योग्य मकानों में और 12% जीर्ण शीर्ण मकानों में रहते हैं. इन परिवारों में से 24% परिवार घास फूस, पालीथीन और मिटटी के मकानों में रहते हैं. इन आंकड़ों से...
Read more06-04-2016 Hits:992 प्रदेश
देवेश शास्त्री
गंगा-यमुना के उद्गम (गंगोत्री-यमुनोत्री) से लेकर संगम (प्रयाग) तक फैले इष्टसाध्य इष्टापथ का केन्द्र इष्टिकापुरी (इटावा) जनपद में सूर्य तनया यमुना के उत्तरी तटस्थ दुर्गम करारों के मध्य विस्तृत राज्य था आसई, जिसे जैनतीर्थ आशानगरी नाम से जाना जाता था। यह जैनतीर्थ निश्चित रूप से अन्य तीर्थो से अति सर्वोत्कृष्ट रहा होगा, जिसका प्रमाण यदा-कदा उत्खनन से मात्र जैन तीर्थंकरों की प्रतिमायें मिलना है। आसई के निकटवर्ती ईश्वरीपुरा में मातादीन राजपूत के खेत में खुदाई में सैकड़ों साल पुरानी खंडित जैन तीर्थंकरों की मूर्तियाँ मिली है जिनकी छोटी-बड़ी मिलाकर संख्या लगभग 400 से 500 तक है।
Read more06-04-2016 Hits:772 बिजनेस
Bhadas Desk
श्री योग गुरु बाबा रामदेव जीहरिद्वार, उत्तराखंड। विषय : बाबा जी काले धन को भूल गए तो छोड़िए, व्यवस्था परिवर्तन को तो ना भूलें पूज्य गुरु जी, कांग्रेस के भ्रष्ट यानी यूपीए-2 के दौरान देश की हालत काफी खराब हो गई थी, लोगों को लग रहा था कि कांग्रेस यू ही लूटती रहेगी, लेकिन उस दौरान आप व श्री अन्ना हजारे जी ने सोए हुए भारतीयों को जगाया। भारत के युवा एकजुट हुए। इस कारण देश में सत्ता परिवर्तन हुआ। इसमें आपका व अन्ना जी का अहम योगदान रहा। बाबा जी उस दौरान आप ने कांग्रेस के कथित नीतियों को उजागर ही नही...
Read more06-04-2016 Hits:965 दुख-सुख
देवेश शास्त्री
टीवी कलाकार प्रत्यूषा बनर्जी द्वारा आत्महत्या प्रकरण की कहानी महाकवि कालिदास के नाटक ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ से अन्तरंग होते हुए भी काफी भिन्न प्रतीत होती है। इण्टरमीडिएट के संस्कृत विषय में ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का चतुर्थांक है जबकि अधिकांश विश्वविद्यालयों के स्नातक के संस्कृत पाठ्यक्रम में ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ है। 30 वर्ष के अध्यापन काल में मैं सदैव ये सवाल करता रहा - ‘‘आखिर इस नाटक के माध्यम से महाकवि कालिदास समाज को क्या संदेश देने चाहते हैं?’’
Read more06-04-2016 Hits:863 प्रदेश
डॉ.वीरेन्द्र बर्त्वाल
उत्तराखण्ड की माध्यमिक शिक्षा को काफी हद तक पटरी पर लाने वाले अतिथि शिक्षकों को उनके कार्य का पुरस्कार देते हुए हटा दिया गया है। शिक्षा और शिक्षकों की इससे बड़ी दुर्दशा नहीं हो सकती। यह सरस्वती और गुरु दोनों का अपमान है। यहां अच्छे कार्यों में नियम आड़े आते हैं, यही बड़ा दुर्भाग्य है। किसी नेता के आदमी को ठेका दिलाना होता तो शायद जीओ एक घण्टे में भी बन जाए। राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में एलटी और प्रवक्ताओं की नियुक्ति में देरी के दृष्टिगत सरकार ने इस शिक्षण सत्र के लिए 6214 अतिथि शिक्षक 89 दिनों के लिए...
Read more30-03-2016 Hits:703 ये दुनिया
Bhadas Desk
इप्टा का 14 वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन 2 से 4 अक्टूबर 2016 को मध्यप्रदेश के इंदौर नगर में आयोजित किया जायेगा। मुख्य आयोजन नगर के आनंद मोहन माथुर सभागार में संपन्न होगा, जिसमें देश भर से आने वांले प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस आशय का निर्णय विगत दिनों लखनऊ में आयोजित इप्टा की राष्ट्रीय समिति के सचिव-मंडल की बैठक में लिया गया। राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सुविख्यात रंगकर्मी-अभिनेता गिरिश कर्नाड अथवा फिल्मकार आनंद पटवर्द्धन करेंगे। अंतिम निर्णय सम्मेलन की तारीखों में उनकी उपलब्धता के आधार पर लिया जा सकेगा।
Read more30-03-2016 Hits:770 प्रदेश
Bhadas Desk
आजमगढ़ : मीडिया समग्र मंथन-2016 के दूसरे दिन पूर्वांचल की पत्रकारिता का राष्ट्रीय महत्व आंचलिक पत्रकारिता के विशेष संदर्भ में एवं मीडिया और सरकारी तंत्र विषयों पर मंथन हुआ। समापन सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। बतौर मुख्य अतिथि मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि पूर्वांचल की परम्परा समृद्ध रही है। आज के दौर में राष्ट्रीय मीडिया को पूर्वांचल का अंचल ही दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि आंचलिक पत्रकारिता की जिम्मेदारी है कि जो समाज से वंचित...
Read more30-03-2016 Hits:747 दुख-सुख
Bhadas Desk
उर्दू के जाने-माने अफ़सानानिग़ार, नक्काद, शायर और जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. आफ़ाक़ अहमद का भोपाल में कल देर रात इंतकाल हो गया. आज, 30 मार्च को, दोपहर बाद उन्हें भोपाल के जहांगीराबाद कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक़ किया गया. प्रो. आफ़ाक़ अहमद मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग से उर्दू प्रोफ़ेसर के पद से सेवानिवृत्त थे. शिक्षक के अलावा वे आल इंडिया अल्लामा इक़बाल अदबी मर्क़ज़ के सचिव और चेयरमैन रहे. मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के भी वे सचिव रहे, जहां से वे वेतन नहीं लेते थे. ‘पुरज़ोर ख़ामोशी’ (कहानी संग्रह) और ‘अमानते क़ल्बोनज़र’ (आलोचना पुस्तक) उनकी चर्चित किताबें हैं. ‘गज़लीसे इक़बाल’...
Read more26-03-2016 Hits:658 ये दुनिया
संजय द्विवेदी
-संजय द्विवेदी यह कितना निर्मम समय है कि लोग इतने गुस्से से भरे हुए हैं। दिल्ली में डा. पंकज नारंग की जिस तरह पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी,वह बात बताती है कि हम कैसा समाज बना रहे हैं। साधारण से वाद-विवाद का ऐसा रूप धारण कर लेना चिंता में डालता है। लोगों में जैसी अधीरता,गुस्सा और तुरंत प्रतिक्रिया देने का अंदाज बढ़ रहा है वह बताता है कि, हमारे समाज को एक गंभीर इलाज की जरूरत है। सोचना यह भी जरूरी है कि क्या कानून का कोई खौफ लोगों के भीतर बचा है या अब सब कानून को हाथ...
Read more26-03-2016 Hits:744 प्रदेश
Bhadas Desk
25 मार्च 2016 श्री मनोहर लालमुख्यमंत्री, हरियाणा सरकारचंडीगढ़ विषय : "जाट आरक्षण" के सवाल पर एक रचनात्मक सुझाव आदरणीय मनोहर लाल जी, 1. इस पत्र के माध्यम से मैं आपको प्रदेश के एक महत्वपूर्ण, कठिन और नाजुक सवाल पर अपना सुझाव दे रहा हूं। पिछले दिनों सद्भाव मंच के साथियों के साथ मैंने प्रदेश के सभी हिंसा प्रभावित इलाकों की यात्रा की, सभी पक्षों से बात की। इस यात्रा के अनुभव से मुझे लगता है कि "जाट आरक्षण" के पक्ष और विपक्ष में खड़े लोगों का आग्रह अभी बहुत तीखा है। इस सवाल पर जातीय गोलबंदी हो रही है। प्रदेश में पहले ही...
Read more26-03-2016 Hits:697 प्रदेश
Bhadas Desk
उत्तर-प्रदेश का एक जिला है ...चंदौली! कभी वाराणसी जिले का हिस्सा रहे इस चंदौली जिले को कृषि-क्षेत्र में "धान का कटोरा" वाला रूतबा हासिल है ! रेलवे-विभाग, इस क्षेत्र के, अति-महत्त्वपूर्ण रेलवे स्टेशन ...."मुग़ल-सराय" पर गर्व करता है! पर धर्म और आध्यात्म की ऊँचाइयों में रुचि व् आस्था रखने वाले लोग, इस जिले के बलुआ थाना-क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामगढ़ नामक स्थान को पूजनीय मानते हैं ! कारण....? ये वही जगह है जहां भगवान् शिव के मानव-तन एवं औघड़-परम्परा के आधुनिक स्वरुप के प्रणेता .....अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी ने मानव-तन में इस धरा पर आगमन किया!
Read more23-03-2016 Hits:695 विविध
Bhadas Desk
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- प्राइवेट प्लेस में अश्लील हरकत करना या इसे देखना आईपीसी की धारा 294 के तहत नहीं आता बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन 13 लोगों के खिलाफ केस खारिज कर दिए, जिन पर एक फ्लैट में महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप थे। हाईकोर्ट ने कहा कि निजी जगह पर इस तरह की कृत्य आईपीसी के तहत अपराध की श्रेणी में नहीं आता। जस्टिस एनएच पाटिल और एएम बदर की बेंच उस याचिका पर सुनवाई की गई थी, जिसमें इन लोगों पर से आईपीसी की धारा 294 के तहत दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने...
Read more23-03-2016 Hits:761 मनोरंजन
अनुज अग्रवाल
होली है. पर्यावरण पर बहस छिड़ेगी ही. मीडिया सूखे की तस्वीरें दिखायेगा. बताएगा कि महाराष्ट्र में किसान पानी की कमी वजह से सुसाइड कर रहे हैं. हमको पानी बचाना है. इस बार जो हमने पानी से होली खेली तो धरती पर २/३ की जगह १/१० जगह भाग ही पानी रह जायेगा. फिर "तिलक होली" टाइप कोई नया जुमला उछाला जायेगा. ये भी बताएंगे कि ग्रीन हाउस इफेक्ट भी होली पर पानी बर्बाद करने के कारण हुआ हैय ओजोन में छेद भी होली के ही कारण हुआ है. फिर अपन सब "सूखी होली" खेलेंगे और शाम को थम्स अप, पेप्सी, चढ़ाएंगे...
Read more23-03-2016 Hits:838 प्रदेश
अनिल द्विवेदी
अजीब संयोग रहा कि कल जब सारा देश भारत-पाक क्रिकेट मैच में क्रिकेटरों के चौके-छक्कों पर पागल था तब नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के किसान एक नया इतिहास रच रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में दाल के बम्पर उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ को दो करोड़ रूपये के राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने लगातार चौथी बार यह पुरस्कार अपने नाम करते हुए खुशी और भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ अब दाल का कटोरा के रूप में स्थापित हो चुका है।
Read more23-03-2016 Hits:641 दुख-सुख
Bhadas Desk
एक साल पहले लिए गए फ़ैसले के अनुसार नेशनल काउंसिल फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ उर्दू लैंग्वेज (NCPUL) ने थोक ख़रीद हेतु वित्तीय मदद के लिए आवेदन करनेवाले उर्दू लेखकों से जो घोषणा-फॉर्म भरवाना शुरू किया है, वह घोर आपत्तिजनक और निंदनीय है. एनसीपीयूएल मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत आनेवाली एक स्वायत्त संस्था है जिसका मुख्य काम उर्दू के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है. इसके लिए यह साहित्यिक कृतियों की थोक ख़रीद भी करती है. यह प्रकाशन की सहूलियत के लिए मिलनेवाला एक तरह का वित्त-पोषण है जिसके लिए आवेदन करते हुए अब लेखकों को यह घोषणा करनी है कि उनकी...
Read more23-03-2016 Hits:914 प्रदेश
राकेश भदौरिया
क्या मोदी सरकार अंदर ही अंदर अयोध्या में राम मंदिर बनाने की तैयारी कर रही है? क्या २०१९ के लोकसभा चुनाव में बीजेपी राम मंदिर के अपने वादे को पूरा करके ही जायेगी? यह सम्भावना उस समय और मजबूत दिखी जब उन्नाव से बीजेपी के सांसद, अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के आरोपी और राम जन्म भूमि आंदोलन से जुड़े रहे साक्षी महाराज ने एटा स्थित अपने आश्रम में फिर कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण बीजेपी के एजेंडे में है और हम २०१९ के लोकसभा चुनाव में मंदिर बनाने के बाद ही जायेंगे।
Read more22-03-2016 Hits:601 दुख-सुख
विवेक दत्त मथुरिया
भगत सिंह का सपना और आजादी 23 मार्च को पूरा देश भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को आजादी के लिए उनकी शहादत के लिए याद करता है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम उनकी कुर्बानी के पीछे निहित मकसद को आज तक समझ पाए हैं? बिल्कुल नहीं, क्योंकि भगत सिंह का राजनीति विचार आज उतना ही जोखिम भरा है, जो ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान था। देश में मौजूदा लोकतंत्र नव अमेरिकी साम्राज्यवाद का पोषण कर रहा है। और यही कारण है कि लोक और तंत्र के बीच स्पष्ट संघर्ष दैखा जा सकता है। भगत सिंह के राजनीति विचारों की सार्वभौमिकता...
Read more22-03-2016 Hits:557 विविध
अंबरीश कुमार
Ambrish Kumar : अपनी सहयोगी रहीं पत्रकार शुभी चंचल ने संघ के बारे में टिपण्णी की है कि शाखा के समय पार्क में उनकी उपस्थिति संघ के बुजुर्ग प्रचारकों को नागवार गुजरी और उन्हें दूर जाने को कहा. ऐसा लगता है कि संघ महिला पुरुष समानता के विचार से सहमत नहीं है. ऐसा क्यों है कि सेना में महिलाएं जा सकती हैं पर संघ में नहीं. संघ के कार्यकर्त्ता राजीव भृगु ने पिछली पोस्ट पर पूछा था कि कितने शब्दों में वे टिपण्णी लिखें. वे पूरा लेख लिख सकते हैं जिसे हम प्रकाशित भी करेंगे. वरिष्ठ पत्रकार और शुक्रवार मैग्जीन के...
Read more22-03-2016 Hits:577 प्रदेश
अंबरीश कुमार
Ambrish Kumar : बस्तर के आईजी शिवराम कल्लूरी हैं. अपने साथ इनसे करीब डेढ़ दशक पहले कोरबा में मुठभेड़ हुई थी. मुख्यमंत्री अजीत जोगी वहां बालको के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे थे. तब जो नेशनल मीडिया कवरेज में गया उसमें इंडियन एक्सप्रेस से मैं था और हिंदू, टाइम्स और पीटीआई के प्रकाश होता भी साथ थे. किसी बात पर हम लोग उखड़ गए तो ये कल्लूरी पहुंचे बीच बचाव के लिए तो सबसे पहले इन्हीं पर गुस्सा निकला. पूछा गया आप कौन हैं, तो बोले एसपी हूँ. फिर कहा गया मुख्यमंत्री दौरे पर हैं और आप सादी वर्दी में...
Read more22-03-2016 Hits:667 प्रदेश
डॉ.वीरेन्द्र बर्त्वाल
चाण-बाणों के चक्कर में फंसे हरीश! डॉ.वीरेन्द्र बर्त्वाल, देहरादून हाल ही का घटनाक्रम हरीश रावत के लिए सबक है। विजय बहुगुणा और हरक सिंह के इस कदम से बहुत आश्चर्य जैसी कोई बात नहीं, क्योंकि इनके राजनीतिक इतिहास और ' उपलब्धियों' को देखकर यही उम्मीद की जा सकती थी,लेकिन एक समय बहुगुणा की तीखी आलोचना करने से न थकने वाली भाजपा ने जो किया, वह जरूर हैरत करने वाला है। हरीश रावत को सियासत का मंझा खिलाडी माना जाता है। वे अच्छे पॉलिटिकल मैनेजर हैं, पर लोग हैरत में हैं कि इस बार एक 'डॉक्टर' ही क्यों 'बीमार' हो गया? आखिर हरीश...
Read more19-03-2016 Hits:616 दुख-सुख
Bhadas Desk
: Defend Democracy and Women’s Rights Says DUJ : On this March 8, International Women’s Day, the Delhi Union of Journalists and its Gender Council commends with pride the role of women journalists in upholding media rights and freedoms in the face of growing assaults on the freedom of expression. We note with dismay the increasing attacks on the media as well as various sections of our society for exercising the right to debate and dissent. In recent weeks several women journalists have been variously targeted for their work.
Read more19-03-2016 Hits:679 बिजनेस
Bhadas Desk
नई दिल्ली/नोएडा। मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर दो साल से संघर्ष कर रहे दैनिक जागरण के कर्मचारियों को बड़ी सफलता मिली है। नई दिल्ली जिले के श्रम न्यायालय ने जागरण कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए दैनिक जागरण द्वारा कर्मचारियों के लगातार किये जा रहे टर्मिनेशन पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि गत 4 मार्च को कर्मचारियों के पक्ष में फैसला देते हुए नई दिल्ली स्थित जिला श्रम कार्यालय के अधिकारियों ने कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर रोक लगाने का आदेश दैनिक जागरण प्रबंधन को दिया था। लेकिन जागरण प्रबंधन ने तानाशाही...
Read more19-03-2016 Hits:655 दुख-सुख
अर्पण जैन "अविचल"
मीडिया से तकलीफ है तो देशव्यापी मीडिया पर रोक लगवायें, मैं आपका साथ दूंगा। पर उससे पहले एक बार मीडियाविहीन जीवन की बस कल्पना मात्र कर लीजिये श्रीमान जी। या अनुभव चाहिए तो एक बार 1947 के पूर्व की पैदाइश अपने दादा-नाना से आजादी के पहले के जीवन के अनुभव साझा जरूर कर लेना। मालूम चल जायेगा कि ये अफसरशाही क्या होती हैं और कैसे काम करती है। नितांत आवश्यक जीवन भी अपने आसपास देख लो एक बार। आपके घर के बाहर की सड़क ना जाने कितनी बार कागजों पर बन कर बिखर जायेगी, आपको पता चलना तो दूर, भनक...
Read more19-03-2016 Hits:547 मनोरंजन
विवेक दत्त मथुरिया

कान्हा यानी श्रीकृष्ण का हर वह कर्म जो समाज परिवर्तन की प्रगतिशील चेतना से जुड़ा सरोकार है, जिसे भक्त लीला कहते है। ब्रज में होली की उन्मक्त परंपरा नारी प्रगतिशीलता और सशक्तीकरण से जुड़ा संदेश हैं। जिसे हम सामाजिक रूप से लागू करने में अपने को विफल पाते हैं। होली रूपी नारी स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के कृष्ण के संदेश को महज धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा बना रख छोड़ा है। घर की चार दीवारी में कैद रहने वाली ब्रज गोपियों को हाथ में लठ्ठ पकड़ा गोपों के ऊपर प्रहार की प्रेरणा में आत्मरक्षा और आत्म सम्मान का संदेश निहित है। महिलाओं...
Read more19-03-2016 Hits:778 सोशल मीडिया
Bhadas Desk
Sanjay Tiwari : धार्मिक रूप से देखें तो देश के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई देश के मुद्दे पर देश के साथ किसी बहस में नहीं है। बहस में हैं सिर्फ मुस्लिम। पहले भी थे, अब भी हैं और आगे भी बहस में बने रहेंगे। वन्देमातरम बोलना हो या भारत माता की जय, तिरंगा फहराना हो या देश के लिए तेवर दिखाना हो किसी गैर मुस्लिम को देश की परंपराओं से कोई आपत्ति नहीं है। न तो उसका मजहब आड़े आता है और न ही मानसिकता। मुश्किल होती है मुसलमान के साथ।
Read more19-03-2016 Hits:726 मनोरंजन
मनोज कुमार
हर दिन गुजरने के साथ तारीख बदल जाती है. यह क्रम हमारे जीवन में नित्य चलता रहता है किन्तु कुछ तारीखें बेमिसाल होती हैं. बेमिसाल होने के कारण इन तारीखों को हम शिद्दत से याद करते हैं. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी कई तारीखें हैं जो हमें रोमांचित करती हैं तो आपातकाल की वह तारीख भी हमें भूलने नहीं देती कि किस तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नकेल डाला गया था. इन सबसे इतर यहां पर हम उन बेमिसाल तारीखों का जिक्र कर रहे हैं जिन तारीखों ने हमारे सांस्कृतिक वैभव को लगातार उन्नत किया है. दादा साहेब फाल्के ने...
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