न्यूज24 के मकानखोर पत्रकार प्रशांत देव श्रीवास्तव ने जवाबी पत्र में भड़ास वाले यशवंत को अपराधी बताया!

Yashwant Singh : मकान कब्जाने वाले न्यूज़24 के पत्रकार प्रशांत देव श्रीवास्तव ने अपने मकान मालिक लवलेश कड़वे को भेजा दबंग अंदाज़ वाला जवाबी पत्र… शुरू से अंत तक इस अहंकार से लबरेज पत्र में मकान मालिक को सलाह देने के नाम पर केवल भाषण, ज्ञान, चेतावनी, हेकड़ी, उजड्डयी और धमकी…. भड़ास वाले यशवन्त को बताया अपराधी…. भड़ास के पास जाने की सलाह देने वाले को बताया मकान मालिक का सबसे बड़ा दुश्मन… पत्र में खुद की नहीं बल्कि मकान मालिक की कमियां गिनाते हुए शुरू से अंत तक धिक्कारता रहा… लंबे चौड़े पत्र में बस यह कहीं नहीं लिखा कि किस तारीख को मकान खाली करेगा… पूरे पत्र को पढ़ने के बाद आप भी कह उठेंगे- भगवान ऐसा ‘काबिल’ और ‘विद्वान’ किराएदार किसी को न दें!

पढ़ें, मकानखोर प्रशांत देव द्वारा अपने मकान मालिक को भेजा गया जवाबी पत्र…

लवलेश कडवे

तुम्हारा मेल मिला है। पढ़कर तुम्हारी बेवकूफी पर हैरानी हो रही है। हालांकि भाषा में सुधार कर लिया है तुमने लेकिन अकल से बिलकुल काम नहीं ले रहे हो। मेल पढ़कर तुम्हारी निराशा और मजबूरी भी झलक रही है। जिस पर मुझे खेद है। लेकिन इसके जिम्मेदार तुम खुद हो। तुम पहले दिन से लगातार गलतियां कर रहे हो। और अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार रहे हो। मेरी बात पर ध्यान दो, बिल्कुल समझदारी से।

तीन मुद्दे हैं।

1- फ्लैट के खरीद-फरोख्त में मेरे साथ धोखाधड़ी

2- मकान मालिक-किरायेदार विवाद

3- सार्वजनिक मंच से मेरा अपमान करना

अदालत जाते हो तो उपरोक्त तीन मुद्दों पर अदालत में लड़ना है तुमको। लेकिन मेरी सलाह है कि मामले को विवादित न बनाओ। मैने टेनेंसी एक्सटेंड करने की रिक्वेस्ट भेजी है। उसे मान लो। उसके बाद घर खाली हो जाएगा… मेेरी कब्जा करने की कोई बदनीयती नहीं है। उससे पहले भी खाली हो सकता है। लेकिन इतना समय इसलिए मांग रहा हूं क्योंकि मेरी मजबूरी है। साधारण सी बात समझ में आती है तो पहल करो।

याद रखो मैंने हमेशा बोला है कि मकान तुम्हारा है। मैंने इस पर मालिकाना हक कभी नहीं कहा है। अगर कहा है तो तुमने और तुम्हारे साथियों ने। अगर तुमने मेहनत से घर बनाया है तो इसे संभालना भी सीखो। मैं घर खरीदकर शिफ्ट हो जाउंगा। हो सकता है 11 महीने के पहले हो जाउं। मैं फौरन शिफ्ट होने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हूं। कियाया देने को तैयार हूँ, लेते रहो।

फैसला तुम्हारे हाथों में, अदालत में निपटना है या आपस में। ये बात मैंने प्रेसींडेंट रावत को भी पहले ही बता दी है। उन्होंने तुमको बताया या नहीं। मुझे नहीं पता। तुम क्यों लड़ रहे हो? किसके लिए लड़ रहे हो? मुझे नहीं मालूम। मुझे लगता है कि तुम कई तरह की गलतफहमी का शिकार हो चुके हो। जिससे बात सुलझेगी, उसे छोड़ कर सबसे बात करते हो। मकान मालिक होकर सोसाइटी के सामने मदद की भीख मांग रहे हो। समझ नहीं आता क्यों? कौन कितना सामने आता है, वक्त बताएगा। जहां कोई विवाद नहीं हो उसे विवादित बना रहे हो। मेरी तरफ से तुम्हारे फ्लैट को लेकर कोई विवाद नहीं है। बिना किसी बीच-बिचौलिए के सीधे आकर बात करो।

अब मेल में लिखी तुम्हारी गलतियां बताता हूँ, हालांकि तुम्हारी गलतियों की कोई गिनती नहीं है।

1- तुमने अपने मेल से लिखा है कि “मिस्टर प्रशांत देव श्रीवास्तव News 24 channel को किराए पर दिया था। ” जब अदालत और पुलिस के सामने ये मेल खुलेगा तब वहीं अदालत में मुंह के बल गिरोगे। क्योंकि किराएदारी एग्रीमेंट में सिर्फ प्रशांत देव श्रीवास्तव लिखा है। न्यूज24, कहीं नहीं लिखा है। यहीं तुमहारी नीयत बदनाम करने की एक्सपोस हो रही है।

2- मेल में तुम खुलेआम छत पर कमरा बनाने की बात कर रहे हो । जबकि छत पर किसी भी प्रकार का कसट्रक्शन कानूनी रूप से अवैध है। याद रखो ये तुमने अपने मेल से खुद लिखा है।

3- तुम मेरी कार की पार्किंग हटवाने की बात कर रहे हो। जनरेटर कटवाने की बात कर रहे हो, यानि झगड़े की वजह। जिसके जिम्मेदार तुम होगे। क्योंकि मेल में तुमने लिखा है।

एक बार RWA का ऐक्ट और रोल पढ़ लो। और अपनी सोसाइटी के पदाधिकारियों को भी पढ़ा लो। सामाजिक कानून अलग है। और अदालती कानून अलग।

4- याद रखो मैने अभी तक कुछ नहीं किया है । मेरी तरफ से हर बार सिर्फ तुम्हारे ऐक्शन पर रिएक्शन है। मै पुलिस में गया अपनी सुरक्षा को लेकर। जो आशंका मैने जताई थी वो सच साबित हुई। सुनील ने तुम्हारे इशारे पर मुझे धमकी दी। जब पुलिस आई तो उसने सबसे पहले तुमसे फोन पर बात की। जो येे साबित करती है कि तुम्हारे इशारे पर वो मेरे पास आया। पुलिस के सामने प्रापर्टी डीलर ने कहा कि तुम्हारे कहने पर उसने ऐसा कहा। याद रखो किसी गलतफहमी में मत रहो कि मैं पत्रकार हू इसलिए पुलिस मेरा साथ दे रही है। पुलिस सिर्फ कानून के आधार पर काम कर रही है। और मुझे थोड़ी कानून की जानकारी है, और कानूनी तौर पर मैं अपनी जगह बिल्कुल सही हूं। पुलिस में जांच इस बात की हो रही है कि कौन झूठ बोल रहा है कौन सच। बयान इसी बात के लिए रिकार्ड किए जा रहे हैं। मकान मालिक और किराएदार के कानून और अधिकार पहले अच्छी तरह से पढ़ लो। समझ लो।

ये वही सुनील डीलर है जो पहले अपनी कमीशन की लालच में मेरा सााथ देेने की बात करता था, मुझे उकसाता था कि मैं घर खाली न करू। कब्जा करने का बात करता था। लेेकिन मैं ऐसे लोगों की बातों में नहीं आता। ऐसे लोगों पर तुम भरोसा कर रहे हो। तुम दुसरों के फायदे के लिए बलि का बकरा बन रहे हो। किराएदार के तौर पर घर तुम्हारा मेरे पास बिल्कुल सुरक्षित है, वापस भी होगा।

5- दुनिया में सिर्फ शरीफ होने से काम नहीं चलता है। इंसान को समझदार भी होना पड़ता है। यशवंत भड़ास वाले का रास्ता जिसने भी तुमको दिखाया है वो सबसे बड़ा तुम्हारा दुश्मन है। यशवंत एक अपराधी किस्म का इंसान है। जेल जा चुका है और तुम उसके साथ मिलकर मुझसे अपना घर खाली करा रहे हो। याद रखो, अपराधी का साथ दने वाला भी अपराधी होता है। पारिवारिक आदमी की तरह से व्यवहार करो। पहले भी आगाह किया था कि अपने आस पास के लोगों से सावधान रहो।

मेरी सलाह है घर में बड़े बुजुर्ग से सलाह लो। किसी अच्छे वकील से सलाह लो। कोई ऐसा काम न करो जिससे तुम्हारा नुकसान हो। ये सलाह इसलिए कि तुम अदालत जाने की तैयारी कर रहे हो। जरूर जाओ लेकिन कानून हाथ में मत लो, ये मेरी सलाह है। बाद में ये न कहना कि तुमको तो पता ही नहीं था।

ठंडे दिमाग से बैठ कर विचार करो। शुरू से लेकर अब तक देखो किससे कहां गलती हुई है। किसी प्रापर्टी डीलर के दबाव में हो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं। तुम्हारी परेशानी को देखत हुए ये बात मैं तुमको लिख रहा हूं। समझदारी दिखाओ, गलतियों की माफी मांगो। काम बनाना और बिगाड़ना तुम्हारे अपने हाथ में है, नहीं तो अदालत में मुलाकात होगी।

प्रशांत देव

प्लैट न- टीएफ 02
सिद्दविनायक सोसाइटी
अभय खंड 3
इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

भड़ास एडिटर यशवंत सिंह की उपरोक्त एफबी पोस्ट पर आए ढेरों कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूं हैं-

नोएडा के 5 पत्रकारों पर गैंगेस्टर लगाने की असली कहानी जानिए

यह IPS खबर छापने वालों पर गैंगस्टर ठोंक देता है!

Posted by Bhadas4media on Saturday, August 24, 2019

Neeti Vashisht : It is too much. He is threatening that innocent man in all his letter. No politeness . He has showed his intention to capture that property and asking the landlord not to to take any support from society freinds and court. He has threatened with dire consequences many times in letter. Why he himself not vacate the property and goes away and matter will be solved itself. He should be bring before the law. when he spend money and time in court Then he will himself know how to behave properly.

Sanjay Yadav : Mujhe lagta hai lavlesh kadve uski baat maan lega

Yashwant Singh : संजय भाई, देखते हैं। ये केस भी एक केस स्टडी जैसा है। दोनों पक्ष जो भी तय कर लें, अपन लोग तो एक मीडिया मैन की तरह इस कांड के हर डेवलपमेंट हर सूचना को रिपोर्ट करते रहेंगे।

Sanjay Yadav : Bilkul sir ,waise makaan malik kabhi bhi court mai nahi jaana chahte , uss hisaab se Maine socha mamla out of the court hi settle ho jayega ,aur uski suruaat tenant ne kar di hai option dekar.

Yashwant Singh : संजय भाई, आप पत्र के निहितार्थ को समझ नहीं पाए। पत्र यह कह रहा कि हे अधम नीच मूर्ख मकान मालिक, मेरी शरण में आ, मुझसे किराया लेता रह, मुझे रहने दे तब तक जब तक मैं चाहूं, बाकी आगे की आगे देखा जाएगा, इन यशवन्त भड़ास के चक्कर में पड़कर छपवाना बन्द कर दो! पत्र में उसने कोई ऑप्शन ही नहीं दिया है। केवल खुद को प्रभु और कड़वे को दास की तरह ट्रीट किया है।

Madan Tiwary : His act is criminal ,and that should be dealt with the appropriate criminal law, he has threatened the land owner ,further he is taking advantage of being journalist associated with News24, hence the News 24 would also be party in criminal act.

Kumar Sanjay Tyagi : Yashwant is prashant ki g..d pr main laat marney ko taiyar hoon.

Yashwant Singh : कुमार संजय त्यागी जी, भाई हम आप न थाना हैं न पुलिस हैं न कोर्ट हैं। किराएदार और मकान मालिक के बीच की जंग है। इसमें किराएदार के मीडिया वाला होने के चलते यह प्रकरण भड़ास के लिए कवरेज का मामला है। सो, हर जानकारी, हर डेवलपमेंट को रिपोर्ट किया जा रहा है। इसमें अपन लोग को कुछ नहीं करना है। ये किराएदार रूपी जो पत्रकार है वह खुद इतने ‘ज्ञान’ से लबालब भरा है कि वह ही सबके हिस्से का काम इकट्ठे कर दे रहा है। 🙂

Anil Pandey : लाला की भाषा आपत्तिजनक है विशेषकर यशवंत के सन्दर्भ में ।

Yashwant Singh : अनिल भाई, उसको भी भड़ास निकालने का हक़ है। वो इतना पढ़ा लिखा ज्ञानी पत्रकार है कि उसे हर जेल गया व्यक्ति अपराधी नज़र आता है। ऐसे महान पुरूष की भाषा पर सवाल उठाएंगे तो वो आपको आपकी भाषा ज्ञान की समझ पर लंबा ज्ञान पिला देगा 🙂

Ved Ratna Shukla : Yashwant Singh आपको अपराधी बता रहा है। आप भी एक ठो नोटिस भेज दीजिए। बाकी लाला क्या लड़ पाएगा।

Yashwant Singh : वेद भाई, तीन कारणों से मैं उसे नोटिस नहीं भेजना चाहूंगा. 1- मैं आलसी आदमी हूँ। इतना pain लेकर जीवन नहीं जीता। 2- लोकतंत्र में किसी को कुछ कहने से नहीं रोक सकते। 3- अपराधी होने को अगर मैं ग़लत मानूं तब तो नोटिस भेजूं 😀

Ved Ratna Shukla : Yashwant Singh सही बात। लेकिन उसको इतनी समझ नहीं है, इसलिए मुझे बुरा लग रहा है।

Yashwant Singh : Ved Ratna Shukla उसकी मानसिक हालत समझिए। उस पर दया करिए। उसने खुद को अकबकाने वाली मन:स्थिति में पहुंचा लिया है।

Ved Ratna Shukla : Yashwant Singh हे प्रभु! उसे माफ करना। वह नहीं जानता कि वह क्या कर रहा है कि

Deepak Uma Shankar Yadav : ये प्रशांत दानव तो बड़ा ढक्कन और चिरकुट टाइप आदमी मालूम हो रहा है…

Yashwant Singh : दीपक भाई, इस आदमी से सीखने लायक बहुत कुछ है। किन किन लॉजिक से आप खुद को डिफेंड कर सामने वाले को दोषी बताते हुए उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ कर सकते हो, ये ज्ञान हासिल हो जाता है। वाकई ये आदमी क़लम और तर्क का धनी है, बस उसका इस्तेमाल ग़लत मकसद के लिए कर रहा है। भगवान इसे और ‘बुद्धि’ दें!

Deepak Uma Shankar Yadav : यशवंत जी, ऐसे लोगो ने ही तो गंध मचा के रखी है.. भगवान भाला करेगा इनके।

Nitin Jauhari : मनोवैज्ञानिक बन गये है चच्चा। अदालत में जाने से पहले ही निर्णय बता दे रहे है। मुकदमा लड़ना वकील का काम है, वो अपने दांव पेंच जानता होगा।

Gautam Sharma : ये पत्तलकार कब से तय करने लगे कि कौन अपराधी हैं और कौन क्या है..? कायदे से तो लाला के खिलाफ मानहानि, बदनीयति और धमकी का केस दर्ज कराना चाहिए.

Manish Dubey : खुद अपराध कर रहा है और दूसरे को अपराधी बता रहा है, प्रशांत देव तुम्हारी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है बेटे ध्यान राखिये.

Dhruva Singh : उस पत्रकार को न्यूज 24 से निकलवाया जाय भइआ. सड़क पर आएगा तभी अक्ल आएगा. पत्रकारिता के धौंस पर ही वो एक शरीफ ब्यक्ति को उसकी प्रोपर्टी बेचने का दबाव बना रहा.

Ram Dayal Rajpurohit : खोल दो इस फर्जी की पोल

Kamlesh Sharma : इतनी नौटँकी से अच्छा तो मकान खाली कर किसी दूसरे जगह किराए से मकान ले लेते पत्रकार महोदय… वैसे अब कोई नही देगा सब सतर्क हो गये हैं…

Pawan Singh : ये मंदिर का चप्पल चोर है …आदत में चोरी चकारी होगी इसके…इतना बेज्जत होने के बाद भी लगा पड़ा है चीकट…

Adv Deepak Vidrohi : आज कल मीडिया “न्याय” का वैकल्पिक स्त्रोत बन गई है। महोदय उसी से प्रभावित है।

Mahendra Singh : कैसे झेलते है इन दो कौड़ी के लोगो को

Journalist Devesh : एकदम चिरकुट टाइप का है गुरु जी ये तो

Manish Dubey : पक्का जूतखोर है ये

Kuldeep Singh Gyani : बहुत बड़ा वाला लग रहा है ये…

Kanchan Srivastava : आपके हौसले को सलाम

उपरोक्त जवाबी पत्र इस मूल पत्र से उपजा है, देखें इसे भी-

न्यूज24 के पत्रकार प्रशांत द्वारा फ्लैट हड़पने से दुखी कड़वे ब्रदर्स ने सोसाइटी सदस्यों को भेजा पत्र, पढ़ें

पत्रकार ने होटल रूम में खुफिया छेद पकड़ा

पत्रकार ने होटल रूम में खुफिया छेद पकड़ा, होटलवालों की बदमाशी को भड़ास संपादक ने कैमर में कर लिया रिकार्ड

Posted by Bhadas4media on Tuesday, August 27, 2019

‘भड़ास ग्रुप’ से जुड़ें, मोबाइल फोन में Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “न्यूज24 के मकानखोर पत्रकार प्रशांत देव श्रीवास्तव ने जवाबी पत्र में भड़ास वाले यशवंत को अपराधी बताया!

  • Puran Bhatt says:

    क्या मकान मालिक अपने मकान की बिजली नहीं कटवा सकता uppcl के ऑफिस में अर्जी देकर, दबाव तो वो भी बना सकता है

    Reply
  • प्रदीप रावत says:

    यशवंत भाई,यह चिरकुट प्रशांत किया जाना पाएगा कि जेल में (यशवंत के आनंद का परम सुख)… इस धूर्त को यही नहीं पता कि जेल जाने वाला हर व्यक्ति अपराधी नहीं होता…!! यह ढक्कन तो अपना पक्ष भी सलीके के साथ नहीं, बल्कि बात बात पर अपने चैनल का अहम दिखा रहा है।। यह पत्रकार तो हो ही नहीं सकता..!
    अगर थोड़ा भी यशवंत सिंह को जानता तो पंगा ही नहीं लेता.. वाकई यह अभी बच्चा है… खुद ब खुद ही निपट जाएगा… वैसे भी Bhadas4मीडिया में आने के बाद इसकी इज्जत बची है..???

    Reply
  • Arun Chandel says:

    Yashwant ji this story show we r in 2020 year and any one who is landlord ;he beg to all people/police/govt/media please help me from my tenant who is so called journalist.it is really amazing.30 -40 year before this type of situation in all over India.Now we r again in this situation @National President-Rural Journalists Association Of India.

    Reply

Leave a Reply to प्रदीप रावत Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *