Categories: सियासत

बुलडोजर नीति पर NHRC में केस दर्ज

Share

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी में मनमाने ढंग से बुलडोजर का प्रयोग करते हुए सेलेक्टिव ढंग से अचानक कोई घर, बिल्डिंग, स्ट्रक्चर आदि गिरा देने के प्रकरणों में मानवाधिकार उल्लंघन की पूर्ण संभावना के संबंध में अमिताभ ठाकुर तथा डॉ नूतन ठाकुर द्वारा भेजी गयी शिकायत पर केस नंबर 17976/24/48/2022 दर्ज कर लिया है.

अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि यूपी में कुछ समय से “बुलडोजर नीति” की चर्चा चल रही है, यद्यपि यह बिलकुल स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में इस प्रकार की कोई शासकीय नीति है या नहीं और क्या इसके लिए प्रदेश में कोई अधिनियम, नियम, शासनादेश आदि निर्गत हुआ है. लगातार लोगों के घर गिराए जा रहे हैं और शासन-प्रशासन द्वारा किसी कथित गुंडे, माफिया, अराजक तत्व आदि का अवैध निर्माण गिरा कर त्वरित न्याय की बात कही जा रही है.

अमिताभ और नूतन ने कहा था कि भले यह सुनने में अच्छा लगे पर अत्यंत खतरनाक है क्योंकि इसके दुरुपयोग की असीम संभावनाएं हैं. इनका आम नागरिक के मानवाधिकारों से सीधा संबंध है.

उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से अब तक गिराए गए निर्माण का आधिकारिक ब्यौरा, कारण व विधिक प्रक्रिया तलब कर इनके संबंध में निर्णय लेने का अनुरोध किया था. साथ ही उन्होंने निर्माण गिराए जाने के मामले में प्रदेश सरकार को निश्चित दिशानिर्देश देने की भी प्रार्थना की थी.

The National Human Rights Commission has registered Case No 17976/24/48/2022 in the complaint presented by Amitabh Thakur and Dr Nutan Thakur as regards selective, sudden and random demolition of houses, buildings and structures by the UP Government.

In their complaint, they had said that UP is witnessing “Bulldozer Policy” for some time, though it is not at all clear whether there is any actual Government policy in this regard and whether these structures are being demolished under some Acts, Rules, Regulations or Government Orders. In contrast, houses are being demolished on a regular basis, with the Administration claiming demolition of houses of alleged Gunda, Mafia and criminal elements.

Amitabh and Nutan had said that though it sounds so good but the process is fraught with extreme danger and has high potential of being misused. It is directly related to the Human Rights of common masses.

Hence, they have requested the Chairman of Commission to get information about the structures demolished by the UP Government so far, along with their reason and legal procedures followed, and to decide the cases accordingly. They have also prayed to direct the State Government to formulate a definite policy in this regard.

Latest 100 भड़ास