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खंडहरों की भव्यता और रोमांच देखना हो तो ओल्ड गोवा का यह भग्नावशेष एक बेहतरीन जगह है!

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ध्रुव गुप्त-

गुमनाम है कोई! ओल्ड गोवा के बारे में बहुत सुन और पढ़ रखा था। यहां कई ऐतिहासिक और खूबसूरत गिरजाघर हैं, मगर यहां जिस चीज़ ने मुझे घंटों बांधे रखा वह है वर्ष 1597 से 1602 के बीच अगास्टीनियन फ्रायर द्वारा निर्मित 46 मीटर ऊंचे चार मंजिला घंटाघर वाले विशाल गिरजाघर के खंडहर।

इसे सेंट अगास्टीन चर्च परिसर के नाम से जाना जाता है। पुर्तगाल की तत्कालीन सरकार द्वारा लगाए गए कई प्रतिबंधों के बाद सही देखरेख के अभाव में इसका ऊंचा टावर 1842 में और शेष गिरिजाघर पिछली सदी के तीसरे दशक में ढह गए। इसके टावर का अब आधा हिस्सा ही बचा है।

अपनी भव्यता और प्राचीनता के कारण वर्ल्ड हेरिटेज का दर्ज़ा प्राप्त इस ऐतिहासिक गिरजाघर परिसर में गोवा के अन्य दर्शनीय इमारतों के विपरीत दिन के किसी भी समय बस इक्का-दुक्का पर्यटक ही दिखते हैं।

भूतहा जैसा दिखने वाला यह भग्नावशेष बॉलीवुड फिल्मकारों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। इसका बेहद डरावना उपयोग प्रसिद्ध फ़िल्म ‘गुमनाम’ के गीत ‘गुमनाम है कोई’ में किया गया था। ‘साथिया’, ‘सिंघम’ जैसी कुछ दूसरी फिल्मों में भी खंडहर के दृश्य दिखे थे।

खंडहरों की भव्यता और रोमांच देखना हो तो ओल्ड गोवा का यह भग्नावशेष एक बेहतरीन जगह है। #goatourism

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