अशोक पांडेय और बेनी माधव को लेकर कयास का दौर

हिंदुस्तान, रांची के संपादक और यूनिट हेड को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं. पिछले दिनों हिंदुस्तान के जिन-जिन लोगों के तबादले की चर्चा ने जोर पकड़ा था, उसके पीछे सच्चाई है लेकिन उस सच्चाई के सच होने में वक्त लग सकता है, ऐसा सूत्रों का कहना है. भविष्य के फेरबदल की तैयारी है. इसका आधार परफारमेंस बनाया जा रहा है. रांची यूनिट से मिली जानकारी के अनुसार शशि शेखर के खास माने जाने वाले अशोक पांडेय हिंदुस्तान, रांची में कोई जलवा दिखा पाने में सफल नहीं हुए.

भास्कर के रांची में लांच होने के बाद सबसे ज्यादा अगर किसी की हालत खराब हुई है तो वो हिंदुस्तान है. भास्कर देखते ही देखते नंबर दो की पोजीशन पर आ गया है. नंबर एक पर प्रभात खबर है. नंबर तीन और चार पर क्रमशः हिंदुस्तान और दैनिक जागरण हैं लेकिन इनके बीच का फासला दिनोंदिन कम होता जा रहा है. बताया जा रहा है कि प्रसार के साथ-साथ बिजनेस के मामले में भी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी झटका लगा है. इसी को देखते हुए हिंदुस्तान प्रबंधन की एक शीर्ष टीम ने रांची में बदलाव की संस्तुति की है. रांची के लिए कई ऐसे वरिष्ठ पत्रकारों से बात चल रही है जिन्हें बिहार-झारखंड की अच्छी समझ हैं और अखबार को नए विजन के हिसाब से आगे ले जाने में सक्षम हैं.

सूत्रों के मुताबिक अशोक पांडेय और उनके खास लोगों की इन दिनों रांची में स्थिति ठीक नहीं चल रही है. अशोक पांडेय के तबादले की चर्चाएं जो पकड़ने लगी हैं. पहले ये माना जा रहा था कि अशोक पांडेय को लखनऊ जैसी महत्वपूर्ण यूनिट की जिम्मेदारी दिला देंगे शशिशेखर लेकिन बदली स्थितियों में ये कहा जा रहा है कि अशोक पांडेय हिंदुस्तान में अपनी नौकरी बचा लें, यही बड़ी बात है क्योंकि उनका रांची में परफारमेंस बेहद दयनीय रहा है. सूत्रों के मुताबिक शशि शेखर को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई है. कुछ लोग मार्च को डेडलाइन बता रहे हैं. उधर, नवीन जोशी धैर्य और संतुलन के साथ अपने सधे पग आगे बढ़ा रहे हैं. शीर्ष प्रबंधन नवीन जोशी के लगातार संपर्क में है.

नवीन जोशी धीरे-धीरे शशि शेखर के बराबर के कद के होते जा रहे हैं क्योंकि लाख कोशिशों के बावजूद शशि शेखर नवीन जोशी की कुर्सी को हिला नहीं पाए और अब प्रबंधन प्रत्येक बड़े फैसले में नवीन जोशी को इनवाल्व कर रहा है. इससे लगता है कि भविष्य में नवीन जोशी को दिल्ली की बागडोर भी सौंपी जा सकती है. हालांकि ये सब कुछ अभी कयास के स्तर पर है और कयासों का कोई आधार नहीं होता. लेकिन यह भी कहा जाता है कि बिना आग के धुआं नहीं उठता. सो, दिन गिनते जाइए और गिनती करते हुए आदमियों पर निगाह मारते जाइए. जरूर कुछ न कुछ निकलेगा. फिलहाल इस कानाफूसी में भड़ास बस इतना ही है कि जब ज्यादा बड़े दावे करने वालों को वाकई में ज्यादा बड़ी चुनौती मिल जाती है तो अक्सर वे लड़खड़ा जाते हैं और सोचने लगते हैं जब नहीं था तो गूदा तो आखिर मैं क्यों लंका में कूदा!

चेतावनी : कानाफूसी कैटगरी की खबरें चर्चाओं, अफवाहों, कयासों पर आधारित होती हैं, जिसमें सच्चाई संभव है और नहीं भी. इसलिए इन खबरों को प्रामाणिक मानकर न पढ़ें. अगर कोई इसे प्रामाणिक मानकर पढ़ता है तो वो उसकी मर्जी व समझ पर निर्भर करता है और वह उसके लिए खुद जिम्मेदार है.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “अशोक पांडेय और बेनी माधव को लेकर कयास का दौर

  • yashwant jee

    agar is khabar par koi tippani merey, yanee, ajay shukla ke naam sey aatee hai toh uske neeche itna avashya likh deejiyega ki yeh ajay shukla ve nahin hain jo pahley hindustan mein they aur is samay ranchi mein jagran kee sewa kar rahe hain. iske pahley aapney jab hindustan mein vyapak badlav par speculate kiya thaa, us khabar par hui tippani bhee meri nahin thee.
    dhanywad
    ajay shukla
    ajshuklg@gmail.com

    Reply
  • दिनेश मिश्रा नए संपादक होंगे और पंकज यादुका झारखंड हेड। अकु का भी होगा इस्तीफा। अश्क भी जाएंगे। हिंदुस्तान करेगा कोलैप्स क्योंकि यहां गधे पंजीरी खा रहे है।

    Reply
  • sunita ji itna dimag agar aap khabar ki heading lagane me lagaye to hindustan bhi aapko bula lega kyoki yaha khajhi billio ko bhi rakha jata hai

    Reply
  • lagta hai aapko naveen joshi ne is tarah ki language likhne ke lie appki kafi jeb garam ki hai yashwant ji.aap bina kisi ka paxh lekar likha karie.kisi sampadak ki press vigyapti mat chhapa karein.ye meri aapse prarthana hai

    Reply
  • madhrachod ashok pandey apni marji se resign kiye hai. Aur yeh fakr ki baat hai ki ashok pandey jaisa sampadak hindustan ko mila jo reporter ke dukh dard ko samjhte hai. ashok pandey kahi bhi rahenge to seer utha kar rahenge

    Reply

Leave a Reply to pct Cancel reply

Your email address will not be published.