आगरा में हिंदुस्तान बांट रहा है डॉक्टरेट की डिग्री!

आगरा से प्रकाशित हिंदुस्तान अखबार के रविवार के अंक यानी 5 दिसंबर में पृष्ठ 10 पर 7-8 कालम पर ‘सूरज सा चमकूं मैं, चंदा सा दमकूं मैं’ शीर्षक से समाचार है कि आज बाल साहित्यकार द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की जयंती है. इस समाचार में दिवंगत बाल साहित्यकार को डाक्टर द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी दो बार लिखा है. जबकि इस सच्चाई को आगरा के सभी पत्रकारों सहित साहित्यकार भी जानते हैं कि माहेश्वरी जी ने डॉक्टरेट नहीं की, जब उन्होंने पीएचडी की ही नहीं तो फिर हिंदुस्तान का वरिष्ठ संवाददाता यह क्यों लिख रहा है. लगता है कि हिंदुस्तान ने डॉक्टरेट की डिग्री बांटने का काम शुरू कर दिया है.

इस खबर को देख कर आगरा के साहित्यिक क्षेत्र में काफी चर्चा है. उनकी समझ में यह नहीं आता कि हिंदुस्तान दिवंगत साहित्यकार को सम्मान दे रहा है या उन्हें डाक्टर बना कर उनका अपमान कर रहा है. जबकि सच्चाई यह है कि माहेश्वरी जी आगरा में ही रहते थे और काफी समय तक कवि गोष्ठियों में जाते थे. वह जयपुर हॉउस के निकट आलोक नगर में रहते थे. यहीं उनका निधन हुआ था. उनके पुत्र डाक्टर विनोद माहेश्वरी आगरा कालेज में अंग्रेजी के शिक्षक हैं. आज स्थानीय नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा कालेज के सामने द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की जयंती मनाई जा रही है.

आगरा से एक पत्रकार द्वारा भेजी गई चिट्ठी पर आधारित. लेखक ने अपना नाम, पहचान, मेल आईडी को गोपनीय रखने का अनुरोध किया हुआ है.

Comments on “आगरा में हिंदुस्तान बांट रहा है डॉक्टरेट की डिग्री!

  • galti kisi se bhi ho sakti haii iska matlab ye nahi ki har bat par tang kheechi jai. patrakari aur katachch mein antar rakhiye.

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  • kuch nahi khabar galat chaap do phir keh do compojing mein galati ho gayi hain.hindusttaan agra mein kebal sceem baatkar prasaar aaagey bada raha hin.sampaadak ko salry se matalab hain bhai kunki aditya birlaaa group hain moj maro sampadak ji aur kya matlab akhbaar koi padey ya naa padey.

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  • अजय मुड़ोतिया says:

    गलती किसी से भी हो सकती है! हिंदुस्तान के रिपोर्टर से भी हुई है और जिन पत्रकार महोदय ने भड़ास को ये खबर भेजी है, उनसे भी..!! जैसे भड़ास को भेजी अपनी इस खबर में भी ये महाशय गलती पर हैं..! स्वर्गीय श्री द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी जी के बेटे आगरा कॉलेज में नहीं पढ़ाते बल्कि केए कालेज, कासगंज में प्राचार्य हैं..! इसलिये कहा गया है कि.. पर उपदेश कुशल बहुतेरे..!!

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