उस अखबार के संपादक से पूछो, जिसमें खबर छपी थी

अंबाला सिटी में सहायक जन सूचना अधिकारी की भूमिका निभा रहे डीएसपी राजकुमार ने इस दबंगई से एक सूचना का जवाब दिया है कि कोई भी उसे पचा न पाए। सूचना मांगने वाला भी इस जवाब से हैरान रह गया। आरटीआई के तहत सूचना मांगने वाले ने अब पूरे मामले को राज्य सूचना आयुक्त को अवगत करवाने का निर्णय लिया है। उधर कानून के जानकारों ने भी अधिकारी के जवाब पर असहमति जताई है।

सिटी के जलबेड़ा रोड निवासी सुरजीत सिंह ने आरटीआई एक्ट के तहत एसपी शशांक आनंद को पत्र लिखकर 13 अप्रैल, 2009 को सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड द्वारा पकड़े गए तीन सट्टेबाजों योगेश, सुरेंद्र कुमार और आनंद कुमार के सिलसिले में जानकारी मांगी थी। उसने चार सवालों का एसपी से जवाब देने का आग्रह किया था। बाकायदा सूचना के साथ समाचार पत्र में सट्टेबाजों के सिलसिले में प्रकाशित खबर की कटिंग भी भेजी गई थी।

सवाल 1. सट्टेबाजों के मामले में जांच का जो आश्वासन दिया गया था वह गलत है या ठीक?
सवाल 2. इस मामले की जांच करवाई गई या नहीं?
सवाल 3. अगर जांच नहीं करवाई गई तो कारण बताएं?
सवाल 4. अगर जांच करवाई गई तो अब तक की प्रगति रिपोर्ट से अवगत करवाया जाए?

सिटी के जलबेड़ा रोड निवासी सुरजीत सिंह द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई सूचना पर सहायक जन सूचना अधिकारी राजकुमार वालिया ने अपने जवाब में कहा कि जिस समाचार पत्र की प्रति लगाकर सट्टा खाईवाली के संबंध में सूचना मांगी गई है उसमें प्रकाशित खबर का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। डीएसपी ने सुरजीत सिंह को जवाब में कहा कि वे उस समाचार पत्र के सम्पादक से ही सूचना प्राप्त करें, जिनके अखबार में खबर छपी थी।

दरअसल, मामला यह है कि सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड के तत्कालीन इंस्पेक्टर तेजेंद्र कुमार ने 13 अप्रैल, 2009 को मानव चौक के पास अचानक रेड कर 30-40 जुआरियों के साथ तीन सट्टेबाजों योगेश, आनंद कुमार और सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4695 रुपए भी जब्त करने का दावा किया था।

जांच टीम ने गिरफ्तारी के बाद ये सट्टेबाज कोतवाली पुलिस के हवाले करने की बात कही थी मगर अब तक इन सट्टेबाजों के खिलाफ दर्ज मामले का सुराग नहीं लग पाया, जबकि जांच टीम की सिफारिश पर पुलिस चौकी 5 के प्रभारी एएसआई सुरेंद्र कुमार और हेड कांस्टेबल धर्मपाल को सस्पेंड कर दिया गया था। जांच टीम का आरोप था कि आदेश के बावजूद चौकी प्रभारी व हेड कांस्टेबल ने सट्टेबाजों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था।

सूचना देने वाले डीएसपी एवं सहायक सूचना अधिकारी राजकुमार का कहना है कि सूचना के दायरे में जो सवाल किए थे उसी दायरे में उनके जवाब दिए गए हैं। हर रोज मेरे पास जवाब के लिए कई सूचनाएं आती हैं। टाइम टू टाइम हर सूचना का जवाब दे दिया जाता है। मेरे लिहाज से सुरजीत सिंह द्वारा मांगी गई सूचना का सही जवाब दिया गया है। साभार : भास्‍कर

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