जी न्यूज के क्राइम रिपोर्टर रहे प्रदीप राय का निधन

प्रदीप रायएक दुखद समाचार है. गाजीपुर जिले के निवासी और जी न्यूज, दिल्ली में क्राइम रिपोर्टर के तौर पर तीन वर्षों तक सेवा देने वाले युवा पत्रकार प्रदीप राय का निधन हो गया है. उन्होंने अंतिम सांस बनारस के एक अस्पताल में ली. बताया जाता है कि प्रदीप की किडनी और लीवर में प्राब्लम थी जिसका इलाज चल रहा था.

प्रदीप को बनारस के भोजूबीर स्थित अलकनंदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जाता है कि प्रदीप अल्कोहल लेने के आदी थे. बीच में उन्हें जांडिस की शिकायत हुई पर डाक्टरी सलाह के बावजूद जांडिस में भी मदिरा सेवन करते रहे. प्रदीप ने करियर की शुरुआत गाजीपुर जिले से स्टार न्यूज के स्ट्रिंगर के बतौर की थी. बाद में उन्होंने बनारस में जी न्यूज ज्वाइन कर लिया. फिर जी न्यूज ने उन्हें दिल्ली आफिस बुला लिया और उन्हें रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी दी गई. उन्होंने तीन वर्षों से ज्यादा समय तक जी में क्राइम रिपोर्टर के रूप में काम किया.

प्रदीप की पहचान अच्छे रिपोर्टर के तौर पर थी. उनकी उम्र 30 वर्ष थी. वर्ष 2009 के दिसंबर महीने में प्रदीप की शादी हुई थी और उन्हें हाल ही में एक बिटिया हुई. बिटिया के जन्म के बाद वे गांव चले गए थे. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उन्होंने जी न्यूज से किन्हीं वजहों से इस्तीफा देने के बाद अपने गांव का रुख कर लिया था. प्रदीप के निधन की सूचना देर में दिल्ली तक पहुंची. उनको जानने-चाहने वाले प्रदीप के अचानक चले जाने से स्तब्ध और दुखी हैं.

अगर प्रदीप से जुड़ा कोई संस्मरण आपके पास हो तो तस्वीर समेत भेज सकते हैं, भड़ास की मेल आईडी bhadas4media@gmail.com है.

Comments on “जी न्यूज के क्राइम रिपोर्टर रहे प्रदीप राय का निधन

  • प्रदीप के इस तरह चले जाने की खबर मुझे उस दिन रात में मिली तो एकाएक यकीन नहीं हुआ.प्रदीप से मेरी मुलाकात उन दिनों हुयी थी जब वे स्टार न्यूज़ के लिए काम किया करते थे.गाजीपुर में हम लोगों ने कई स्टोरी पर एक साथ काम किया था.ये वो दौर था जब गाजीपुर से नेशनल न्यूज़ चैनल में बहुत कम खबरे जा पाती थी.हम लोग हमेशा खबर को लेकर बात चीत किया करते थे.मैं जब भी गाजीपुर जाता तो प्रदीप से मुलाकात जरुर होती थी.आज मुझे कई ऐसी सुबहें याद आ रही हैं जब लोअर और टी शर्ट पहने प्रदीप कचहरी पर पहुच जाते थे.एक हाथ में सिगरेट और दुसरे में गरमागरम चाय का कुल्हड़ लिए ख़बरों की तलाश में लोगों से बात करना प्रदीप की रोज की दिनचर्या थी.बाद में मैं पूरी तरह से चंदौली और मुगलसराय में काम करने लगा तो मुलाकात का सिलसिला कम होता गया.जी न्यूज़ में रिपोर्टिंग के दौरान प्रदीप से मेरी सिर्फ एक बार बात हों पायी.मेरे पास उनका नंबर नहीं था.मैंने गाजीपुर के एक मित्र से प्रदीप का नंबर लेकर मैंने फोन किया.प्रदीप उस समय व्यस्त थे.औपचारिक बात चीत के बाद इस वादे के साथ बात ख़त्म हुयी थी की बाद में इत्मीनान से बात करेंगे.उसके बाद फिर प्रदीप से बात नहीं हों पायी.लेकिन पुराने साथियों से हाल चाल मिलता रहता था.
    प्रदीप चले तो जरुर गये हैं लेकिन उनकी स्मृतियाँ हमेशा साथ रहेंगी.ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.
    –उदय

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  • manish mishra says:

    pradeep ka achanak chala jana shoked kar gaya,march2006 me jab meri tainati ghazipur huee,tab ghazipur hi nahi poore purvanachal me electronic media me gine chune reporter hi the,pradeep unme se hi ek,vicharo me matbhed ke bavjood pradeep hamesa dil ke karib raha,saath saath kai bhetreen stories ki,ek doosre se kafi seekha,apni apni life me busy hone ke baad bhi aksar phone par hoti rahi,teekhe tevar ke saath ghazipur me pradeep ke saath ki gayi patrkarita ab mahaz yaad ban kar rah gayi,bhagvaan uski aatma ko santi de.

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