टाटा रिश्वतखोर मंत्री का नाम क्यों नहीं खोलते

देहरादून में एक कार्यक्रम में टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा- ”वर्षों पहले मुझसे एक केंद्रीय मंत्री ने करोड़ों रुपये रिश्‍वत मांगी थी. तब टाटा ग्रुप सिंगापुर एयरलाइंस के सहयोग से घरेलू एयरलाइंस स्‍थापित करने में जुटा था. एयरलाइन इंडस्‍ट्री में सबसे आगे रहने के बावजूद टाटा ग्रुप को यह परियोजना शुरू करने में काफी मुश्किलें पेश आ रही थीं. इस बात को मीडिया ने उठाया. तब हमने तीन प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की लेकिन किसी ने हमारी कोशिशों को बढ़ावा नहीं दिया. बाद में एक उद्योगपति ने आकर मुझसे कहा कि तुम बेवकूफ हो, केंद्रीय मंत्री 15 करोड़ रुपये की रिश्‍वत मांग रहा है, उसे क्‍यों नहीं दे देते, काम हो जाएगा. लेकिन मैं रिश्‍वत नहीं देना चाहता था और मैंने ऐसा ही किया. 10-12 साल पहले हुई इस घटना के बाद एयरलाइंस खोलने का मेरा सपना अधूरा ही रह गया.”

रतन टाटा ने केंद्रीय मंत्री के नाम का खुलासा तो नहीं किया लेकिन इतना जरूर कहा कि देश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती है. रतन टाटा उत्‍तराखंड के गठन के 10 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित ‘21वीं सदी में भारत-अवसर और चुनौतियां’ विषय पर बोलने के बाद लोगों के सवालों का जवाब दे रहे थे. रतन टाटा के खुलासे पर कई मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा खुद रतन टाटा जैसे लोग दे रहे हैं जो रिश्वत मांगने वालों के नाम का खुलासा नहीं करते और अपनी कंपनियों के काम कराने को अफसरों-मंत्रियों को पटाने के लिए अपनी कंपनियों में बाकायाद एक अलग विभाग बनाकर रखते हैं और कई बाहरी एजेंसियों की सेवाएं लेते हैं. पिछले दिनों कुख्यात दलाल नीरा राडिया को लेकर जो चर्चाएं शुरू हुईं उसमें यह भी पता चला था कि टाटा समूह टेलीकाम मिनिस्टर अपनी पसंद का आदमी चाहता था. तो क्या ये भ्रष्टाचार नहीं है कि अपनी कंपनी को फायदा दिलाने के लिए अपनी पसंद के नेता को मंत्री बनवाने के लिए लाबिंग की जाए.

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Comments on “टाटा रिश्वतखोर मंत्री का नाम क्यों नहीं खोलते

  • mahesh kumawat kishangarh says:

    TATA BOL TO SACH RAHE HAI LEKIN VE SACH BOLANE KE ADHIKARI NAHI HAI. KYON KI VE BHI BHARSTACHARIYON KE PANAH GAAR HAI.

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  • Kuch Netao ko chodkar baakee to ghushkhor hee hain….Tata bhee kiska Naam Batayega. Waise bhee रिश्‍वत ke waige India mai kaam karwana bahut kushkil hai….

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  • suna hai tata samooh ka voonav me rajnitik partiven ko chanda dene ke liye alg se sel hai, jo har badi parti ko paisa deta hai. kaya yah bharstachar nahi hai. ratan tata mantri ka nam kaio nahi bata rahin hai.

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  • I attended Ratan Tata’s lecture in Dehradun and he never said “One Minister asked a bribe of Rs 15 Crore for the airlines deal from me.” The media made the issue sensational by violating the ethics of journalism. Giving an example on values and ethics Tata said, ““Some years back the Tata Group was keen on establishing a domestic airlines. We had joined hands for the project with the Singapore Airlines and I had meeting with three different governments and three PMs. The project failed to materialize as one individual constantly created hurdle. One day I met a fellow traveler in a plan and terming me a foolish chap the fellow passenger said that had we paid Rs 15 crore we could have got the airlines project. We decided against it so that we are not ashamed of our act. So you also have to price for the values and ethics.” His statement were twisted.
    The Ratan Tata gave a clarification on it in the Wall Street Journal. Here is the link: http://blogs.wsj.com/indiarealtime/2010/11/16/ratan-tata-clarifies-his-‘corruption’-remarks/

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  • dhanish sharma says:

    tata sir is great man.jo ya sub sahan kiya.vasa naam batakar bhi kya hoga.kitna crupt nata ji asa hain jo dash main khula ghum raha hain.

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