देशभक्ति का दिखावा करने वाले सहारा समूह ने मधु कोड़ा से भी खाए पैसे!

धीरे-धीरे सहारा समूह की पोल खुलने लगी है. लंदफंद तरीके से पैसा जुटाने का खुलासा होने लगा है. जिससे घबराए समूह के कर्ताधर्ता धमकी और ब्‍लैकमेलिंग पर उतर आए हैं. 2 जी स्‍पेक्‍ट्रम घोटाले मामले में तो सहारा समूह के खिलाफ जांच हो ही रही है. इसी में एक और नए मामला भी सामने आया है. सहारा समूह की जांच कर रहे ईडी अधिकारी राजकेश्‍वर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि सहारा समूह झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लाउंड्रिंग घोटाले समेत कई अन्‍य मामलों में भी जांच के दायरे में है.

राजकेश्‍वर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सहारा समूह पर हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी मधु कोड़ा के पैसों के सहारा समूह में लगने के आरोप हैं. समूह इस मामले में भी संदिग्‍ध है. इस मामले में झारखंड उच्‍च न्‍यायालय ने सीबीआई और ईडी को प्रीवेंशन ऑफ मनी लाउंड्रिंग कानूनी, विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून के तहत जांच का निर्देश दिया है. इसमें मामले भी समूह की जांच हो रही है. यानी इस बड़े आर्थिक नाव में छेद होने शुरू हो गए हैं.

अब 2जी मामले में भी सहारा ग्रुप पर स्वान टेलीकॉम को 150 करोड़ रूपए ट्रांसफर करने के आरोप हैं. इसी मामले की जांच कर रहे ईडी अधिकारी राजकेश्‍वर सिंह को धमकी देने तथा ब्‍लैकमेल करने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय, उपेंद्र राय तथा सुबोध जैन को अवमानना की नोटिस जारी किया है. सहारा के डायरेक्‍टर न्‍यूज उपेंद्र राय तथा सुबोध जैन पर ईडी अधिकारी को धमकाने और ब्‍लैकमेल करने का भी आरोप है.

इतना ही नहीं सहारा एयरलाइंस के खिलाफ भी विदेशी विनिमय कानून फेरा के तहत नियमों के उल्‍लंघन का मामला चल रहा है. सहारा एयरलाइंस का अधिग्रहण जेट एयरवेज ने कर लिया है और जेटलाइट के नाम से परिचालित हो रही है. सहारा की दो इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर कंपनियों सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड व सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड पर भी सेबी के आदेशों की अवहेलना करते हुए नियम-कानून को ताक पर रखकर बाजार से पैसा उगाहने का आरोप लग चुका है.

अब जैसे-जैसे सहारा की पोल खुलती जा रही है उसके बेहसहारा होने के चांस बढ़ते जा रहा है. देशभक्ति के नाम पर बड़े-बड़े बयान देने वाले समूह की असलियत खुलती जा रही है. पहले मैनेज करने के प्रयास फिर धमकाने की रणनीति अपनाने वाला यह ग्रुप इस बार पूरी तरह जकड़ा हुआ दिख रहा है. जिस तरह से ईडी के अधिकारियों को धमकाने की कोशिश की गई उसे जानकार समूह की खोलती पोल का खीझ मान रहे हैं. बहरहाल, अब इस समूह की पोल कब खुलती है ये तो आने वाला समय ही बताएगा.

Comments on “देशभक्ति का दिखावा करने वाले सहारा समूह ने मधु कोड़ा से भी खाए पैसे!

  • Rajesh kumar says:

    Bhaiya ye sahara hai. sabko sahara dena iska farz hai. isliye isne madhu kora ko bhi sahara diya. bhle hi badle main moti rakam wasula. ye to aagaz hia aage aage dekhiye kitne mamle uzagar hote hain.sabko sahara dene wala desh bhakti ke aarh main apni hi roti seka hia. aise chenal par to pratibandh lag jana chahiye.

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  • Kripakant says:

    sahara samuh ke bare me jo bhi baten samne aa rahi hain usase itana to spasht hai ki sahara me sab kuchh thik-thak nahi chal raha hai.abhi tak to Top level par ho rahe bade-bade khel ki baten parat-dar-parat samne aa rahe hain,lekin agar khas kar Sahara Media ke nichale star,isake Beauro prabharion ki sampatti ki janch karayi jaye to aur bhi kayi choukane wale tathy samne aa sakte hain.Sahara media kis tarah kuchh chatukaron aur dalalon ke changul me phans gaya hai isaka praman ab Madhu Koda prakaran ke samne aane par saph ho jayega.sabse dukhad baat yah hai ki Sahara Samuh me aise hi bhrasht logon par ankush lagane ke liye ek Kartawy Council bhi banaya gaya hai jinhen aise dalal aur bhrasht Beauro Prabhrion ke karnamon ki jankari barabar di jati rahi hai lekin unake dwara bhi kabhi koyi kadam nahi uthaye gaye jisaka parinam ab samne hai.Sahara samuh ko ab apani sakh bachane ke liye uper se lekar niche tak aise dag-dhabbon se touba karni padegi.

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  • एक पत्रकार says:

    ब्लैकमेलिंग कर पैसा जुटाना सहारा न्यूज नेटवर्क का पुराना धंधा है. कभी मैं भी इस समूह से जुड़ा था. एक कूपन देकर स्ट्रिंगर को वसूली के लिए बाजार में छोड देना इसके लिए आम बात है. उस दौरान मुझे पता चला की यह चैनल ऊपर से जितना देश भक्त दीखता है उतना ही अंदर से देश द्रोह है. जब मधु कोड़ा लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे तो मुझे उनके खिलाफ नेगेटिव स्टोरीज करने से मना कर दिया गया. जबकि मेरे सामने कई ऐसे ख़बरें थी जो मधु कोड़ा को चुनाव मैदान में परेशान कर सकती थी. जनता को भी पता चल जाता की मधु कोड़ा पैसों के बल पर कैसे लोगों का वोट खरीद रहे हैं. लेकिन मेरे ऊपर बैठे ब्यूरो प्रमुखों ने इस पर पर्दा डाल दिया. बाद में मुझे पता चला की करोड़ों रुपये देकर मधु कोड़ा ने सहारा समय बिहार झारखण्ड को खरीद लिया था. यह चैनल लगों की आँखों में धुल झोंकता है, पैसे के लालच में जनता की भावनाओं से खेलता है और देश को गुमराह करता है.

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  • Rajesh Kumar says:

    pichle kai dino se sahara, aur sahara ke news director Mr. Upendra rai jee par ungliyan uthati dikhai de rahi hain, chaliye maan liya jai ki ungaliyan uthna bhi lajmi hai , par kya aarop lagne se hi doshi karar de diya jaata hai , abhi aarop, pratyarop ka daur shuru hua hai, abhi ek pach ne aarop lagaya hai, aabhi dusare pach ko safai Javab dena abhi baaki hai , mera manan yah hai ki jab tak aarop sabit na ho jaye kisi ki kirkiri karna theek nahi hai,

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  • राजेश कुमार says:

    सहारा न्यूज के डायरेक्टर उपेंद्र राय के खिलाफ जिस प्रकार से समाचार लिखे जा रहे हैं। जिस प्रकार के भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है उससे यही लगता है कि कुछ लोगों का एक समूह उपेंद्र को बदनाम करने पर तुला हुआ है। उपेंद्र ने बहुत ही कम समय में न्यूज डायरेक्टर के पद पर पहुंच गये इससे कइयों को जलन होने लगी। जो लोग सहारा में नौकरी ढूंढ रहे थे उन्हें नहीं मिला और उपेंद्र के खिलाफ गलत सलत प्रचार करने लगे। उपेंद्र ने अपने समय कई ब्रेकिंग न्यूज दिये। उन्हें सम्मानित भी किया गया। लेकिन अब कुछ लोग फर्जी इमेल बनाकर उनके खिलाफ प्रचारह कर रहे हैं। भड़ास4मीडिया के संपादक से आग्रह करूंगा कि नाम के साथ साथ प्रतिक्रिया देने वाले का इमेल पता प्रकाशित करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो मालूम चल जायेगा कि कितने सही प्रतिक्रियाएं हैं और कितने लोग नाम बदल कर झूठी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

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  • राजेश कुमार says:

    सहारा न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र न्यायलय का मामला अदालत में हैं। माननीय अदलात जो भी उचित समझेंगे वे अपना निर्णय देंगे। लेकिन लगता है अदालत से पहले हीं क्या सच है और क्या नहीं, कुल लोग उपेंद्र को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। उनके खिलाफ ऐसे अपशब्ध का इस्तेमाल कर रहे हैं जैसे वर्षो पूरानी दुश्मनी है। लगता कुछ लोग फर्जी इमेल का सहारा लेकर अपना व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने पर लगे हैं।

    उपेंद्र जब रिपोर्टिंग करते थे तब वे शानदार रिपोर्टिंग किये। एक नजर –
    पत्रकारिता की दुनिया में उपेंद्र राय ने एक नई मिसाल कायम की है। स्टार न्यूज के वरिष्ट संपादक रहे उपेंद्र ने सहारा न्यूज में बतौर न्यूज डायरेक्टर ज्वाईन किया है। इतने कम उम्र में एक बड़े संस्थान का न्यूज डायरेक्टर बनना बड़ी बात है। उपेंद्र के बारे में जितनी तारीफ की जाये वह कम होगा। क्योंकि उसका व्यक्तित्व ही ऐसा है।

    ब्रेकिंग न्जूय – उपेंद्र ने हार्ड न्यूज से लेकर मनोरंजन की दुनिया तक में ऐसे न्यूज ब्रेक किये जिसके बारे में आम लोग जानना चाहते हैं। उन्होंने दर्जनों न्यूज ब्रेक किये हैं लेकिन जो याद है उनका उल्लेख आगे कर रहा हूं। 20 अक्टूबर 2005 को उन्होंने डीमेट एकाउंट घोटाला का पर्दाफाश किया था। इस घोटाले में देश की बड़ी बड़ी फाईनेंश कंपनियां और ट्रैड से जुड़े दिग्गज लोग शामिल थे। इनलोगों ने गरीब लोगों ने नाम पर फर्जी डीमेट एकाउंट खोल रखे थे और करोड़ो करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया। उपेंद्र की रिपोर्ट के बाद दिल्ली से लेकर मुंबई तक की सारी सरकारी मशिनरी हरकत में आई।

    26 अक्टूबर 2005-2006 के दौरान उपेंद्र ने फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन सहित अन्य कलाकारों के कमाई का लेखा जोखा पेश किया। और टैक्स से जुड़े सारे मामले सामने लाये। यह खबर भी उन दिनों काफी चर्चित रही। जैसे जैसे समय निकलता गया उपेंद्र एक से एक खोजी खबर जनता के सामने लाते गये।

    5 जनवरी 2007 को उन्होंने घोड़े के कारोबार से जुडे हसन अली को लेकर जबरदस्त खबर ब्रेक की । देश-दुनिया से जुड़े 36 हजार करोड के घोटाले का पर्दाफाश जब उपेंद्र ने किया तो सारी दुनिया चकित रह गई। पूरा सरकारी महकमा सकते में आ गया। इतना बड़ा घोटाला देश के सामने पहले कभी नहीं आया था। इसके अलावा दर्जनों हार्ड न्यूज ऐसे हैं जिसका ब्रेक उपेंद्र ने किया। और खास बात यह रही कि जिस न्यूज को ब्रेक उपेंद्र ने किया। वह खबर दूसरे रिपोर्टर को अगले दिन भी ठिक से नहीं मिल पाती थी।

    मनोरंजन से जुड़े क्षेत्र में भी उपेद्र का जबरदस्त दखल रहा है। फिल्मी दुनियां की हस्ती ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन की शादी को लेकर मीडिया जगत में कयास लगाये जाते रहे। शादी की तिथियों को लेकर अटकलें लगती रही लेकिन पुख्ता तौर पर इस खबर को उपेंद्र ने हीं स्टार न्यूज में ब्रेक किया।

    अवार्ड से सम्मानित –
    उनके जाबांजी रिपोर्टिंग के कारण हीं कई बार उपेंद्र को महत्वपूर्ण पुरूस्कारों से नवाजा गया। 19 जुलाई 2007 को देश का सबसे बढिया टीवी पत्रकार के लिये उन्हें न्यूज टेलीविजन अवार्ड से नवाजा गया। उन्हें इस वर्ष भी शानदार रिपोर्टिंग और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिये लायन गोल्ड अवार्ड से नावाजा गया। इन सबसे पहले उपेद्र को 2006 में स्टार न्यूज एचिवर अवार्ड से नवाजा गया।

    ब्रेकिंग न्यूज और शानदार रिपोर्टिंग के लिये लगातार किसी न किसी अवार्ड से सम्मानित किया जाना हीं उनकी शानदार सफलता को दर्शाता है।

    बहरहाल उपेंद्र ने पत्रकारिता में अपनी कैरियर की शुरूआत राष्ट्रीय सहारा अखबार से शुरू की। सहारा के बाद वे स्टार न्यूज ज्वाईन किये। फिर वे बिजनस चैनल आवाज में गये। यहां यह बता दूं कि उपेंद्र की बिजनस न्यूज के मामले में भी जबरदस्त पकड़ है। उसके बाद फिर स्टार न्यूज आये और अब वे सहारा समय चैनल के न्यूज डायरेक्टर हैं।

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  • priy rajesh kumar gi,
    jab kamane ko nahi milta to pardafash hota hai, upendra rai gi yadi itne hi paak saaf hai to unhone iss khabar ko break kyo nahi kiya……
    vo jis tarah hai mai jaanti hu kyonki mai bhi sahara sansthan me hi kaam karti hu…….

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  • एक पत्रकार says:

    उपेंद्र जी के बारे में जो लोग इतना खुन्नस निकाल रहें है वो ठीक नहीं है। उनकी लेखनी से लगता है कि वो भी पेशे से पत्रकार हैं। जनाब ज़रा सोचिए और आप अपने आप से सवाल पूछिए कि क्या इतनी कम उम्र (उपेंद्र जी की उम्र 30 साल आस पास होगी) आपने इतने बड़े ख्वाब देखे थे ? क्या आपने कभी सोचा भी है कि आप सहारा जैसे बड़े ग्रुप के न्यूज डायरेक्टर बन सकेंगे लेकिन उपेंद्र जी इतनी छोटी सी उम्र में इतने बड़े पद पर है, तो यकीनन आपको जलन हो रही है। यहां तक तो ठीक है लेकिन उनके बारे में उल्टी सिधी बाते करने वालों इतना तो सोचिए कि आप अपनी मर्यादा ताक पर रखकर कैसे संस्कार का परिचय दे रहे हैं।

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  • एक पत्रकार says:

    सहारा को बदनाम करने वालों खुद के गिरेबान में झांक कर देखों हर अंग में
    दगाबाजी की खस्ताहाल तस्वीरें दिखाई देंगी। बाकी आपको बोलने की स्वतंत्रता है इसीलिए कुछ बोल लेतें है कुछ भी लिख देतें हैं।

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  • एक पत्रकार says:

    उपेंद्र जी के बारे में कुछ भी लिखने से पहले एक बार सोच तो लें कि आप ज़िंदगी के किस मुकाम पर हैं आपने क्या पाया है और क्या खोया है, बात रही उपेंद्र जी कि उन्होंने ज़िंदगी में बहुत कुछ पाया है सफल रहें है और खोने के लिए कुछ नहीं।

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