पंजाब केसरी के पत्रकार के खिलाफ प्रदर्शन

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के गोहर ब्लॉक से पंजाब केसरी के पत्रकार एवं शाला पंचायत के उप प्रधान राजकुमार के खिलाफ सोमवार को उसी पंचायत के लोग सडक़ों पर उतर आए। उपप्रधान को बर्खास्त न करने और लिखित शिकायत के बावजूद गिरफ्तार न करने पर ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश आरटीआई ब्यूरो संयोजक लवण ठाकुर की अगुवाई में गोहर बाजार में रोष रैली निकाली और जम कर नारेबाजी की।

उपप्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी भानु गुप्ता को ज्ञापन दिया और आरोप लगाया कि उप्रधान ने पंचायत के सचिव से मिलीभगत कर रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ की है तथा बाद में ग्रामीणों ने पुलिस थाना गोहर के प्रभारी प्रताप चंदेल को ज्ञापन सौंप कर जान से मारने की धमकी देने वाले उपप्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पंचायत के आरटीआई कार्यकर्ताओं ने आरटीआई के तहत सूचना हासिल कर मनरेगा के कामों में हुई लाखों की गड़बड़ का पर्दाफाश कर डीसी मंडी से शिकायत की थी। इस पर तिलमिलाए उपप्रधान ने आरटीआई कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी थी।

इस बारे में ७ सितंबर को एसपी मंडी से शिकायत की गई थी और २७ सितंबर को एसपी मंडी को फिर इस बारे में अवगत करवाया था। बावजूद इसके उपप्रधान के खिलाफ अभी मामला दर्ज नहीं हुआ है। उपप्रधान के खिलाफ जाली बिल पर लाखों का सीमेंट उपलब्ध करवाने और मनरेगा के कार्यों में जम कर धांधलिया करने के आरोप हैं। आरटीआई के तहत हासिल की गई सूचना में इस बात का खुलासा हुआ है। डीसी मंडी के आदेश के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई है और डीआरडीए के परियोजना अधिकारी बीसी भंडारी को इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस बीच ग्रामीण उपप्रधान को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। बीडीओ गोहर भानू गुप्ता ने बताया कि इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है। 26 अक्तूबर तक जांच पूरी हो जाएगी।

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