पीपी सिंह हटाए गए, संजय को प्रभार

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक बड़ा उलटफेर होने की सूचना है. कुलपति बीके कुठियाला ने विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष पी. पी. सिंह उर्फ पुष्पेंद्र पाल सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी को प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक पीपी सिंह के खिलाफ महिला आयोग से एक नोटिस आई है.  विश्वविद्यालय की एक महिला ने पीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत की थी. इसीलिए पीपी सिंह को अल्प समय के लिए पद से बर्खास्त किया गया है.

पीपी सिंह को हटाने की सूचना मिलते ही माखनलाल के छात्रों में आक्रोश फैल गया है. पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने कुछ पुराने छात्रों के साथ मिलकर कुलपति के चैंबर के पास बवाल किया. सूत्रों के मुताबिक, दोपहर करीब दो बजे एक न्यूज चैनल पर फ्लैश में खबर चली कि विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष पी. पी. सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है और उनके स्थान पर जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी को प्रभार सौंपा गया है.

चैनल में चली खबर के फ्लैश से पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी उग्र हो गए. कुलपति के चैंबर के पास की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अपना विरोध दर्ज करा दिया. दुख की बात ये है कि गुरु-शिष्य की परंपरा के नाम पर इतना करने वाले इन्हीं छात्रों ने प्रभारी विभागाध्यक्ष को भी नहीं बख्शा. जब श्री द्विवेदी सिर्फ बातचीत करने के लिए पत्रकारिता विभाग में पहुँचे तो उनके खिलाफ भी नारेबाजी की गई और दुर्व्यवहार का प्रयास किया गया. पत्रकारिता शिक्षा के लिए देशभर में मशहूर भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विवि को ना जाने किसकी नजर लग गई है. विगत कुछ महीनों से अक्सर विरोध, प्रदर्शन, नारेबाजी का अड्डा बनता जा रहा है कैंपस. आए दिनों माहौल में सरगर्मी बनी ही रह रही है.

भड़ास4मीडिया से बातचीत में संजय द्विवेदी ने कहा कि कुलपति की तरफ से कोई आदेश जारी किया गया है. उन्होंने अभी तक कोई नया पदभार नहीं ग्रहण किया है. संजय ने इस मसले पर ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने खुद से छात्रों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की कथित घटना से भी इनकार किया.

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Comments on “पीपी सिंह हटाए गए, संजय को प्रभार

  • Apko ye bata na chahti hun ki guru shishya parampara kya hoti hai isi classes le sakte hain pp sir..inte kaabil insaan par aise tuchh laanchan lagane se pehle socha jana chahiye tha…unke sath bitaye gaye do saal meri zindagi k sabse achhe do saal hain…ye sab jhooth hai…hum ladai jaari rakhenge…aur VC, baki depptts ke HOD’s aur ab to baki so called teachers( jis mahila ki baat ki gai hai isme vo usi deppt ki ek karmchari hai) bhi kya thhaane baithe hain…nahi pata..lekin bas ab bht hogaya..ab chup nahi baitha ja raha…jald hi kuch hona chahiye aur uski taiaari puri hai…

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  • this is very bad….ridiculous….ek aise insaan pe aisa ghatiya ilzaam lagana jisne kabhi apne students se bhi oonchi aawaaz me baat nahin ki, patrakarita vibhag ko apna sab kuchh de diya bht hi bachkaani harkat hai, vc will have to take him bak as soon as psble….we as a student of pp sir, will stand by him always, we completely adore him n unko wapas lena hi padega…..

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  • एक सुनियोजित साजिश के तहत माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता संस्थान के कुलपति कुठियाला ने पत्रकारिता विभाग के अध्यछ श्री पुष्पेन्द्र पाल सिंह सर को उनके पद से हटा दिया गया है,जिसके परिणाम स्वरुप पूरे विश्वविध्यालय में महल बहुत ख़राब हो गया है,कुछ बाहरी तत्वों ने फैसले के विरोध में आ कर कुलपति के कार्यालय में तोड़फोड़ कर दिया है,हालत बेहद ख़राब हैं,

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  • anjna singh parmar says:

    shree pushpendrapal singh sir par lgaye gaye saare aarop galt hai. or yadi pad se kisi ko hataya jana chahiye to wo vc kho kyuki unke uper 100 se bhi jyada aarop hai jinka vishvavidhyalay ne kai bar virodh kiya gaya hai. me b isi department ki student hu or jo b ye todfod hui hai ye hum sabhi ko fasane ke liye kisi or stnds se jariye hume fasane ke liye karai gai hai. hum logo ne shree sanjay dwevedi sir ke saath koi abhadrata nahi ki bus hamne itna kaha tha ki hamare hod ki kursi par koi or hod ke roop me bathe ye hum sahan nahi kar sakte hai.
    aksar hamare department ke saath VC sotela behav karte hai. pahle to iske aane se naya session late se start hua hai or dusari baat jb se hi hamare department ke khilaf koi na koi shadyantra racha jata hai jisse hamari study badhit ho rahi ye drama ab or sahan nahi kiya jakta hai. yadi hamare hod ko unka pd wapas nahi kiya jata hai to hum sabhi student apna addmission cancel kara lenge. kyunki jaurnalism department ka matlab hai pushpendrapal singh sir or unhe wapas lane ke liye hum sabhi student apni jaan tak dene ko taiyar hai.

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  • aap ke paas un sargrmiyo ko pahchanne ki chamta nahi hai nahi to aap aise bina kisi saboot ke aise aarop nahi lagate. aap ko khud yaha ke mahool ko samajne ki jarurt hai. aap pure prakaren ko jane bina aaisi khabar nahi likh sakte aur ye patrakarita ke niymo ke khilaf hai….

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  • anjna singh parmar says:

    shree pushpendrapal singh sir par lgaye gaye saare aarop galt hai. or yadi pad se kisi ko hataya jana chahiye to wo vc kho kyuki unke uper 100 se bhi jyada aarop hai jinka vishvavidhyalay ne kai bar virodh kiya gaya hai. me b isi department ki student hu or jo b ye todfod hui hai ye hum sabhi ko fasane ke liye kisi or stnds se jariye hume fasane ke liye karai gai hai. hum logo ne shree sanjay dwevedi sir ke saath koi abhadrata nahi ki bus hamne itna kaha tha ki hamare hod ki kursi par koi or hod ke roop me bathe ye hum sahan nahi kar sakte hai.
    aksar hamare department ke saath VC sotela behav karte hai. pahle to iske aane se naya session late se start hua hai or dusari baat jb se hi hamare department ke khilaf koi na koi shadyantra racha jata hai jisse hamari study badhit ho rahi ye drama ab or sahan nahi kiya jakta hai. yadi hamare hod ko unka pd wapas nahi kiya jata hai to hum sabhi student apna addmission cancel kara lenge. kyunki jaurnalism department ka matlab hai pushpendrapal singh sir or unhe wapas lane ke liye hum sabhi student apni jaan tak dene ko taiyar hai.

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  • मि.कूल says:

    पी पी सिंह के खिलाफ आज जो भी कदम उठाये गए है वो सब पहले से ही सुनियोजित थे, सब को पता था कि आज अयोध्या का मामला आने वाला है और भोपाल में धारा १४४ लगी हुई है, ऐसे में कोई भी मामला आने पर ५ से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकते ये बात सिंह के विरोधी अच्छी तरह से जानते हैं, इसीलिए उन्होंने आज का दिन चुना.. रही बात पी पी सिंह को बर्खास्त करने की तो ये खबर भी सहारा ने ब्रेक की है, विश्विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी बाद में पता चली है, ऐसे में क्या यह गुपचुप प्लानिंग नहीं कहलाएगी.. और जो शिक्षिका पी पी सिंह के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत कर के आई हैं, उनके बारे में उन्ही के विद्यार्थियों की राय कुछ बेहतर नहीं है, इन शिक्षिका ने पहले भी पी पी सिंह के खिलाफ स्टेप उठाने की कोशिश की थी लेकिन पूर्व कुलपति मिश्र जी ने इन्हें गलत कदम उठाने से रोक दिया था.. ये शिक्षिका हैं ज्योति वर्मा, और इनके साथ साथ कुछ शिक्षक भी जुड़े हैं, (उनके नाम सार्वजनिक करना बेहतर नहीं होगा) कुछ सामने आ गए है तो कुछ पीछे से वार कर रहे हैं, बहरहाल ये तो सिर्फ मोहरा है असल में करने वाले तो कोई और ही है.. मामला पूरा आपके सामने है, लेकिन यदि आप पी पी सिंह जी को नहीं जानते है तो उन्हें जाने बिना कोई धारणा न बनाये.. क्यूंकि जो लोग उन्हें जानते है, उनका सम्मान भी करते है..
    विश्विद्यालय से हमारी मांग है कि पी पी सिंह को तत्काल बहाल किया जाये..और तरीके से पूरी जांच करवाई जाये

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  • dharmendra bhadoriya says:

    kuthiyala aakanth bhrastachar me dooba hai. university ki pratistha bachani hai to kuthiyala ko hatay pp sir ko layen.

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  • आज जो भी कुछ पी. पी. सिंह जी के लिये लिखी वा प्रसारित किये गया हैं ऐ साब गलत हैं. आज भोपाल पत्रकारिता के मुकाम पे khadda हैं. वाह मुकाम पी. पी. साहब सिंह के करण हैं

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  • all the allegations claimed on PP Singh are false. there is no proof for all these allegation. the students have many times rebelled against the
    VC but no action has been taken against him. We want PP Singh back in the office…..till then we will continue our fight.

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  • [b] जहा तक मुझे याद है की पी.पी सिंह मीडिया में काफी फेमश व्यक्ति है ये केवल उनको हटाने के लिए किया गया है क्यों की बी.के कुठियाला जो की आरोपों के घेरे में रहते है अगर हटना है तो कुलपति को सोयम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और मुख्यमत्री जोकि अपने आप को बच्चो का हितेसी बताते है क्या उनको नहीं मालूम की विश्वविद्याले में क्या हो रहा है [/b]

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  • manhar choudhary says:

    सबसे पहले तो एक चैनल —-एक महिला लिखना बंद किजिए पत्रकारिता लोगो को सच्चाई बताने के लिए होती है ना कि कनफ्यूज करने के लिए
    पुष्पेन्द्र पाल सर पर काफी पहले से हि साजिश की जा रही थी
    मगर कुछ होता ना देख अब एक महिला को आगे कर दिया गया
    और बता दु की वो महिला विभाग की ही मैडम सिंह है और चैनल सहारा है
    खैर जवाब तो करारा मिलेगा —————करारा का मतलब समझते है ना

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  • PP Sir ke jaisa teacher milna bada kathin hai aaj ke daur me.
    Is beech Sanjay dwivedi ke saath chatro ke dwara ki gayi badsaluki ki kadi alochana honi chahiye.
    Sikshak ka apman kisis bhi rup me swikarya nahi hai.
    rahi tod fod ki baat to tod for ke phle bhi kuch prakriyaein hoti hai.

    Reply
  • Mrituenjay Kumar Jha says:

    पी पी सिंह जी के खिलाफ़ उठाया कदम पूरी तरह से प्रायोजित है। दरअसल कुछ लोग विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा पूरी तरह से धुमिल करने करने में लगे हुए हैं। तात्कालीन कुलपति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कैसे रीडर बने थे, ये जगजाहिर है। ऐसे में पुष्पेंद्र पाल सिंह जैसे कर्मठ, योग्य व्यक्ति के खिलाफ़ इस तरह का कदम कुलपति द्वारा उठाना एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगता है। पी पी सिंह के कार्यकाल में न सिर्फ पत्रकारिता विभाग बल्कि पूरे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा देशभर में बढ़ी है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ़ के इस तरह की कार्रवाई की हम घोर निंदा करते हैं औऱ विश्वविद्यालय से मांग करते हैं कि उनका निलंबन जलद वापस लेकर विश्वविद्यालय की छवि को धुमिल होने से बचाएं।

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  • rupendra singh says:

    छात्रों द्वारा विश्वविद्यलय में हंगामा खडा करना और मारपीट करना शर्मनाक है, उन्हें मारपीट की बजाय बातचीत से मामला सुलझाना चाहीए।

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  • avinash aacharya says:

    PP Singh bahut bade racketiar hai, wo koi na koi kamal dikhayengey abhi. Students ko padhai se jyada jugaad ka calculation samjhaney aur apni dukaan chalaney me unka koi saani nahi hai. majuda aarop galat ho sakta hai lekin PP Singh koi bahut bhali aur imaandaar chavi ke hongey ye koi nahi maanney waala.

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  • Vimalendu Kumar Singh says:

    पी पी सिंह साजिश के शिकार हुए हैं. वह छात्रों के मददगार हैं और इसलिए छात्रों में बहुत लोकप्रिय हैं. वह छात्रों की चिंता करते हैं. उसके भविष्‍य की चिंता करते हैं. उनके जैसे सक्रिय व्‍यक्ति को निशाना बनाना विश्‍वविद्यालय और समूचे शिक्षा जगत के लिए दुर्भाग्‍य है. उनके चरित्र पर लांछन लगाना उन लोगों को तो हरगिज नहीं हजम होगा जो उन्‍हें जानता है या उनके सानिध्‍य में कभी न कभी आया है. बेहतर होगा कि आप उनसे बात कीजिए और हकीकत प्रकाशित कीजिए. यशवंत जी वस्‍तुस्थिति मालूम कीजिए और दुनिया को भी इससे अवगत कराइए.
    विमलेन्‍दु कुमार सिंह .

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  • sandeep tomar says:

    मैं पीपी सिंह जी से कभी नही मिला हु लकिन उनके स्टुडेंट से जितना सुना हूँ उसके आधार पर यकीन से बोल सकता हु की ये सारे आरोप गलत है, माखन लाल की पहचान ही पीपी सिंह सर है इसलिए उन्हें हटाकर वीसी ने गलत किया है उन्हें वापस कर देनी चाहिए

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  • कुठियाला साहब आप से पहली बार दिल्ली में दो महीने पहले मुलाकात हुई थी…लेकिन पता नहीं था कि आप इतने घाघ व्यक्ति है…पद से हटना और फिर उस पद पर वापस आना और कभी कभी उससे भी उंचे पद पर पहुंचना ये नौकरी का एक हिस्सा है लेकिन इस तरह किसी पर गलत इल्जाम लगाना ये सिर्फ एक ओंछी हरकत है जो सिर्फ एक राजनेता ही कर सकता है और जहां तक पी पी सिंह की बात है माखनलाल के सभी छात्र उनकी इज्जत करते है और बेहतर जानते है उनके बारे में तो कुठियाला साहब ये कदम कहीं आप को गर्त में न ले जाए

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  • Mr. Avinash, main nahi jaanti ki aapki mansha kya hai, aapko kisne ye adhikaar dia ki jis aadmi ko aap jaante na hon (jobhi aapne likha hai…unke bare me nahi hai) uske baare me aisa sab kaise likh sakte hain..aapko itni decency honi chahiye ki ek dedicated journalist, ek jujhaaru teacher aur ek active HOD ke liye aap jin shabdon ka prayog kar rahe hain, vo unke jooton ki dhool ko describe karne ke yogya bhi nahi hain…aap kripya apne shabdon par gaur karen aur ye “racketier aur jugad sikhane vala’ jaise shabd shayad aapke hi liye honge kyunki sach se aap koson door hain hi…nihayati gair zimmezaar aur agyani bhi hain…. PITY YOU….

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  • शिव शिव शिव ....................... says:

    सबसे पहले तो संजय जी को बधाई
    आखिर विजेता ठहरे हमारी ड्यूटी बनती है
    और मान गए कुठियाला साहब आपको क्या सोलिड गेम बजाया है प्यादे से वजीर को चित कर दिया. अब बस विवि के नाम से दादा माखनलाल और पत्रकारिता को हटा दीजियेगा
    फिर जो चाहो सो कर श्रीकांत सिंह और पीपी सिंह के बाद अगला कौन ?
    देश हर कौने में मीडिया में पीपी सिंह बैठे है उनका क्या करेंगे लगाओ अपनी ताकत …….
    सम्माननीय संजय सर किसी की लकीर मिटने से ज्यादा मेहनत अपनी लकीर को बड़ा करने में लगते तो विवि का भला होता.
    अगर आपको लगता है कि पीपी सिंह के पास सोने का मखमली सिंहासन है और सिंहासन में जादुई ताकत है तो आप भी आजमा लो अपने दम को…..
    क्योंकि विभाग के परम ज्ञानी गुरूजी लोगों के ज्ञान के चर्चे तो आप भी सुने होंगे

    Reply
  • Avinash ji ap guru shisya parampara kee itni duhai de rahe hai to pata hona chahiye ki jin mam ko lekar baval hai ve bachchon ko media history padhati hai. ya to ek bar ap unki class mai baithe ya fir pata kar le ki kitna badhiya padhti hai,

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  • This all controversy is preplanned against P.P. singh ji . He is a great human being as well as a good teacher. since a long time only pushpendra ji is behind the placement of student of journalism department.

    Reply
  • बहुत वक्त हो गया है पीपी सिंह सर से मिले हुए…. माखनलाल, भोपाल की राजनीति से भी हम यहां दिल्ली में वाकिफ़ नहीं हैं….. लेकिन हां इतना मैं भी मानता हूं कि पीपी सिंह पर लगाए गए ये इल्ज़ाम सही नहीं हो सकते…. मैं अपने सभी साथियों के साथ पीपी सिंह सर के साथ हूं।

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  • डा. पुष्पेंद्र पाल सिंह एक बहुत ही योग्य ईमानदार एवं चरित्र वान व्यक्ति हैं। एक षड़यंत्र के तहत उन्हें पद्च्यूत करना न सिर्फ शर्मनाक है बल्कि घिनौना कृत्य है। इस षड़यंत्र में मोहरा बनी महिला की निर्लज्जता पर हैरानी होती है। तथा षड़यंत्र में शामिल लोगों की बीमार मानसिकता पर हैरान होती है कि कैसे यह लोग पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान की गरिमा को अपने स्वार्थ के वशीभूत होकर अपने पैरों तले रौंद रहे हैं। पुष्पेंद्र पाल सिंह जी से मेरी मुलाकात कुल्लू हिमाचल प्रदेश में मनाव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे इलेक्ट्राॅनिक मीडिया शब्द कोष के लिए आयोजित एक शिविर के दौरान भुट्टी कालौनी में हुई थी। यहां पुष्पेंद्र तथा मैं व हमारे 5 अन्य साथी शब्दकोष विशेषज्ञ के तौर पर कार्य करते हुए 7 दिन एक साथ रहे। इस दौरान मैं पुष्पेंद्र जी के व्यक्तित्व से खासा प्रभावित हुआ। भारतीय मीडिया के पथ प्रदर्शक रहे हैं। इनके सानिध्य में पत्रकारिता का ककहरा सीखे हजारों पत्रकार आज राष्ट्रीय,अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में कुशलता से कार्य करते हुए विश्व को हर छोटी बड़ी खबर मुहैया करवा रहे हैं। पुष्पेंद्र जी पत्रकारिता के भीष्म पितामाह हैं जिन पर लंछन लगाना पत्रकारिता जगत पर लंाछन लगाना है। पत्रकारिता जगत इस घिनौने कृत्य को कदापि बर्दास्त नहीं करेगा। पुष्पेंद्र जी आप बेदाग हैं इस बात की गारंटी हम यहां बैठे दे सकते हैं। आप बिल्कुल मत घबराईए हम आपकी लड़ाई हर स्तर तक लडेंगे।
    गोपला शर्मा, चंडीगढ़

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  • prabhakar singh says:

    काफी दुर्भाग्य पूर्ण ख़बर है..पीपी सिंह जैसे महान व्यक्तित्व का अगर चरित्र हनन किये जाने की कोशिश की जा रही है तो इस बात में दूर-दूर तक कोई सच्चाई नहीं हो सकती है. इस सारे घटना क्रम में एक साजिश की बू नजर आती है..कुठियाला जी की योग्यता से हम सभी वाकिफ है. ..लेकिन बेचारे काफी कमजोर इंसान है..कुठिंत कुठियाल जी को एक सलाह है कि पीपी सिहं अपनी योग्यता के बल पर माखनलाल के वीसी बनेंगे ..आप के रास्ते पर चल कर नहीं ..एक बात और साफ कर दू पीपी सिह के चरित्र का मुल्यांकन करना आप जैसे लोगों के बस की बात नहीं है ..संजय जी को मोहरा बना कर जो खेल आप खेल रहें है…वो आपको मुबारक कुछ भी नहीं कर पाएगे

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  • मैं पीपी सिंह जी से कभी नही मिला हु लकिन उनके स्टुडेंट से जितना सुना हूँ उसके आधार पर यकीन से बोल सकता हु की ये सारे आरोप गलत है, माखन लाल की पहचान ही पीपी सिंह सर है इसलिए उन्हें हटाकर वीसी ने गलत किया है उन्हें वापस कर देनी चाहिए

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  • जो कुछ हुआ या जो कुछ हो रहा है वह प्रायोजित है की नहीं ये जाँच क बाद हि पता चलेगा ..लेकिन ये कहा जा सकता है की पी.पी.सिंह भी कोई दूध क धुले नहीं हो सकते है .. पी. पी. सिंह ने पुरे विश्वविद्यलय का मतलब सिर्फ पत्रकारिता विभाग (यानी की अपने विभाग को बना लिया था )अपने विभाग क लिए वह अन्य विभाग क बच्चो क भविष्य क साथ हमेशा से खिलवाड़ करते रहे है …विश्वविद्यलय की सहगामी योजनाये सिर्फ उनके विभाग क लिए थी ..इतने हि भले आदमी है तो सबके हित क बारे में सोचते .अपने विभाग में चोरी से मीडिया संस्थाओ को बुलाकर सिर्फ अपने बच्चो का प्लेसमेंट करवाना कहा की भाल मानसी है ..अगर आपके अच्छे लिंक है तो सब बच्चो का भला करते .क्या माखन लाल में सिर्फ पत्रकारिता विभाग हि चलता है ..पी.पी.सिंघ हमेशा से विश्वविद्यलय क नियमो का उल्लंघन करते हुए अपने विभाग का अलग स्व प्रवेश प्रक्रिया का विज्ञापन निकलवाते थे.पहले क वी .सी. को pata कर खूब काम निकलवाया लेकिन सिर्फ अपने लिए लेकिन अब दाल नहीं गल रही है ज्यादा भोले बन्ने के जरूरत नहीं है अगर आप सही होगे तो कोई गलत नहीं ठहरा सकता.लेकिन मामला आप क हि विभाग का है .वैसे भी माखन लाल दादा के आत्मा अब कराह रही है क्यों की हजारो बच्चो का भविष्य ये विश्वविद्यलय बिगाड़ रहा है सिर्फ बाबा क चेलो का हि भविष्य अल्प समय क लिए बन रहा है वो सिर्फ खुशफ़हमी में … बाबा क चेले विरोध इस लिए कर रहे है क्योकि बाबा का हाथ मंदी में भी इनके ऊपर बना रहता है .जबकि अन्य विभाग क छत्र इंटर्नशिप को भी तरसते है .दुनिया क किसी शिक्षा संसथान में इतना भेदभाव नहीं है जितना माखनलाल में है ..एक आदमी अपने संपर्को से इतनी अधिक हानि पहुचायेगा ये चिंता की बात है ..हजारो लडको को बददुएं भी तो लगेगी .जो आज भी सडको पे नौकरी क लिए घूम रहे है इस लिए नहीं की वे काबिल नहीं है बल्कि इस लिए की उनके ऊपर बाबा का हाथ नहीं है ..क्यों की बाबा अपने विभाग क बच्चे क लिए उसका पत्ता भी साफ करवाते है.पी. पी. सिंह की इसी प्रभावशीलता ke कारन उन्हें बाबा भी कहा जता है …माखनलाल अब पत्रकारिता की युनिवेर्सिटी नहीं रह गई है अब केवल विवादों क लिए हि जाना जा रहा है ,,वैसे भी इसका स्तर डेल्ही में हि जा क pata चलता है जब कोई संसथान इसके नाम पे हि नाक सिकोड़ने लगता है ..हा बाबा की किरपा है तो घुसने का जरूर मौका मिल जाता है लेकिन बाबा दयालु नहीं है जो सबपे उनकी किरपा हो.उनकी दयालुता सिर्फ कुछ हि लोगो पे होती है जो आज उनके साथ है और तोड़ फोड़ मचाये हुए है .

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  • दावे के साथ कह सकता हूं आरोप गलत है
    पीपी सर को 1996 से जानता हूं। उनका छात्र रहा हूं। नित नई प्रेरणा मिली हैं उनसे। माखनलाल पत्रकारिता विवि में पत्रकारिता संकाय और पीपी सर पर्याय हैं। अभी उनसे बहुत दूर हूं, लेकिन उनसे बातें होती रहती हैं। इस प्रकरण के बाद कोई बात नहीं हुई। मुझे समझ में नहीं आया कि वीसी साहब ऐसे बचकाना कदम कैसे उठा सकते हैं। बहुत जल्दी सब साफ हो जाएगा। मुझे लगता है वीसी साहब ने ऐसा कदम उठाया है जैसे कि कोई भी नया अधिकारी नई जगह जाता है तो अपनी उपस्थिति जताने के लिए कुछ नया करता है। अफसोस है इस कदम। वीसी साहब पीपी सर के बारे में पूरी बात जानिए फिर कुछ फैसला लीजिएगा।

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  • Main bhi makhanlal chaturvedi vishwavidyalaya ke mass communicaion deparment ka ek passout student hu. Jab maine university me admission liya tha to logo se pp sir ke baare me pata chala ki wo apne departmen ke bachchon ka placement karwane ke liye dusre department ke bachchon ke chances ko bhi prabhavit karte haiun. us waqt unse thodi ghrina hu. lekin jaldi hi mere man se ye bhranti nikal gayi. jab maine nibandh praiyogita me pratham puraskar prapt kiya tho sabse pahle meri peeth thapthapane wale vyakti wahi the. uske baad se vishvidyalaya me jab meri koi uplabdhi hoi to sabse pahle unhi ki badhai aati. Main ye kahna chahta hun ki yadi wo vyakti apne department ke bachchon ke baare me itna sochte hain aur itne samarpit hain, to unse irshya karne ki vajay unse seekhna chahiye. Makhanlal university me unse kabil aur bhi kai professors hue, lekin unke jitna samman aur kad kyon nahi kisi aur ne paida kiya. yadi sabhi deparment ke HOD unki tarah ho jate to is university ka naam aaj puri dunia me liya jaata. Aise mahan vyakti par lanchhan lagana sarvatha anuchit hai. Rahi baat sanjay dwivedi ki to unki rasik mijaji ko kaun nahin janta.
    Ab baat kare university ke nye VC kuthiala sahab ki. Jab ve mahatma gandhi kashi vidyapeeth me the o unke khilaf bhi ek mahila karmi ne mahila ayog me shikayat darz karayi thi. Vivad aur Kuthiala ek doosre ke paryayvachi hain. Yadi unme abhi bhi thodi sharm bachi hai, to unhe swayam isteefa dekar apne is shdyantra ke liye PP sir, students aur Makhan Dada se Maafi mangna chahiye.

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  • Ashish Maharishi says:

    यूनिवर्सिटी का भगवाकरण बहुत तेजी से हो रहा है। मप्र में जिसकी भी सरकार होती है, वह अपना आदमी इस यूनिवर्सिटी में बैठाता है। चाहे कांग्रेस हो या फिर भाजपा। इस बार भी इसी परंपरा का पालन किया गया है। पीपी सिंह की लड़ाई में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र जुट रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार भी पीपी सिंह के समर्थन में उतर आए हैं। लड़ाई जारी है।

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  • dhiraj dhillon says:

    PP Singh ji ka student raha hoon. 15 yrs se unke sanidhya me hoon. isse pehle bhi tamam teachers ke saath judav hua. lekin pp sir ke samne koi nahin. wo na keval eh achchhe teacher hain balki bahut achchhe insaan bhi hain. bebuniad aarop lagane se pehle vc saheb ko bhi 100 bar sochna chahiye tha. main kya unka koi bhi student in aaropon ko sahi nahin maan sakta. vc saheb ke is kamam ki jitni bhartsna ki jaye kam hai. pp singh sir se gujaris hai ki aap apna hosla banaye rakhen, hum sab aapke saath hain.

    Reply
  • me bi jurnlism ka ek studant hoo. aur meri mulakat P.P. sir se bhopal me ek seminar me hui thi jo science writing par adharit tha. me unse mcu me bhi mila tha wahan par mujhe unka gyan ek wyakhayan ke roop me mila tha jo ki mere jahan me aajbhi tarotaja bana huaa hai. jab mujhe P.P. sir ko unke pad se hata dene ki khabar mili to pahle mujhe is bat par vishwash nahi hua me tv ka rimort lekar is samachar ko talash hi raha tha ki achanak mujhe ek channel par chalti flash najar me aayi mano us samay mere kadmo ke niche ki jamin hil gayi ho.aakhi enshi shajish unke khilaf kyo rachi gayi. V.C. ko ayisa nahi karna chahiye tha .yah kuthiyala ji ne bahut galat kam ko anjam diya hai. shayad khudiyala ji apne daman par lage dago ko bhol gaye hai jo ki unke daman par bhi kam nahi hai. wah ek ese wayaki ko apni shajish ka nishana bana rahe hai jin P.P. sir ke bare me me jitna bhi abhi janta ho unke daman par to koi dag to door ki bat hai ek tinka bhi nhi ho sakata.

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  • abhishek kumar jha says:

    jo bhi chhatr p.p. sir k sath hain thik hai hum unke khilaph nahin hain.ve pp sir se sahanbhuti rakhen , lekin iska matlab yah nahin ki aap dusre teacher k sath durvyavhar karen,jis tarah se 23 ko viswavidyalay parisar me hangama tor-phor hui vah kahin se bhi ucheet nahin dikhta.
    ye kahan ki adar bhawana hai ki apne teacher ka aadar karo aur dusro ko gali do, jis tarah ka durvyavhar sanjay deuvedi sir aur anya teacher k sath kiya gaya kaphi nindaniye hai,patrakarita vibhag k sabhi chhatro ko unse maphi mangani chahiye ,
    aur patrakarita k jo bhi chhatra viswavidyalay ki pratistha ko dhumeel karne me lage hain kripya ise band kar de aur apne nijee swarth k liye puree visvidyalay ki vyavastha va pathan pathan ko prabhaveet naa kare,
    aur patrakarita k chhatro ko kya sikhaya jataa mujhe nahi pata but unhe teachero ka saman karna sikhana chhahiye.isse jyda chhatro ko kya kahun wo bhee master k chhatra hain .but apni rajniti me nae chhatro ka bhavisya kharab na kare.
    bhukh hartal ka dikhawa bhi band kar de aap kya karte ho ye bhi sab ko pata hai

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  • om prakash gaur says:

    पी. पी. सर पर लगे आरोप सही है, यह जब तक जाँच मे साबित नहीं हो जाएँ तब तक उन्हें सही कहने या मानने का साहस या दुस्साहस किसी को भी नहीं करना चाहिए. लेकिन पूर्व छात्रों और अपने दोस्तों की मदद से प्रदर्शन की राजनीति से भी अब पी. पी. सर को बाज आ जाना चाहिए. वह एक्सपोज हो चुके है. उनकी, विवि और छात्रों की भलाई है. पी. पी. सर और उनकी मंडली ने खूब काम किया है और खूब मॉल खाया – दबाया है. अब दूसरों को कम से कम काम ही कर लेने दो. जब वे मलाई मारें तो जरा प्रमाणिकता के साथ जोर से हंगामा करना हम सब साथ देंगे.
    ओम प्रकाश गौड़, मो – 09926453700

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  • Harendra narayan says:

    Lagta hai puri bahas hi preplaned hai. Koi v wyakti, sanstha se bara nahi ho sakta.makhan lal me kewal kagji degree milti hai.ek chhote se depart ko le itna ashalin aarop patyarop achha nahi.tathakathit placement wali baat me jaan hai.harendra

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