भास्‍कर समूह की गुंडागर्दी, पत्रकारों पर कराया मुकदमा

रायगढ़ जिले धरमजयगढ़ में दैनिक भास्कर समूह की कोल डिविज़न का एक ब्लाक सरकार ने आबंटित किया है, जिसकी जनसुनवाई 28 फ़रवरी को होनी है, पर इससे पहले दैनिक भास्कर समूह ने गुंडागर्दी की पराकाष्ठ पार कर दी. 22 फ़रवरी को स्थानीय ग्रामीणों ने डीबी पॉवर के खिलाफ हल्ला बोल दिया और उनके धरमजयगढ़ स्थित कार्यालय में तोड़-फोड़ कर दी. इसके बाद डीबी पॉवर के अधिकारियों ने ग्रामीणों के अलावा उन पत्रकारों पर भी एफ़आईआर दर्ज करावा दी, जो घटना की कवरेज़ करने गए थे.

वहां के स्थानीय लोगों ने जब पत्रकारों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया, तब जाकर प्रशासन ने विवेचना में पत्रकारों का नाम हटाने का आश्वासन दिया. इस मामले क दूसरा लज्जास्पद पहलू यह है कि 2 अखबार (स्थानीय) और एक चैनल (सहारा समय) को छोड़ कर किसी ने भी इस खबर को न छापा न दिखाया. मीडिया के इस चुप्पी से दैनिक भास्कर समूह के लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है. दूसरी ओर उनके अपने समाचार पत्र में जो जी में आया लिखा भी गया. पहले यहाँ उद्योगों की दादागीरी चला करती थी अब मीडियागिरी हावी हो जाएगी और आम आदमी का सुनने वाला शायद ही कोई रहेगा.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Comments on “भास्‍कर समूह की गुंडागर्दी, पत्रकारों पर कराया मुकदमा

  • Anirudh Mahato says:

    In present daink or any akhbar, magazin is going the way of black maling with govt, leader & capitalist. It is not dood for country.

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  • भास्कर समूह अख़बार की आड़ में सरकार को ब्लैक मेल कर अपनी दुकान चला रहा है, भास्कर समूह को आम आदमी से कोई लेना देना नहीं है इसीलिए धरमजयगढ़ के भोले-भाले ग्रामीणों पर बिकाऊ पुलिस की सहारा लेकर डंडे बरसा रहा है, यहाँ पाठकों को यह भी बताना लाजमी होगा भास्कर के रायगढ़ जिला ब्यूरो चीफ के खिलाफ रायगढ़ स्थित जिंदल ग्रुप ने बहुत ही गन्दा स्लोगन लिखवाकर बड़ा सा बोर्ड प्लांट के गेट के बहार लगवा दिया था फिर बाद में सगे समाज का हवाला देकर उस बोर्ड को हटवाया गया था उस ब्यूरो चीफ पर जिंदल से ब्लैक मेल करने का आरोप था तो आप स्वयं ही अंदाजा लगा सकते हैं भास्कर समूह छत्तीसगढ़ में पत्रकारों से कैसी पत्रकारिता करवाना चाहते हैं (शराब ठेकेदारों द्वारा पोषित लठैत )

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  • ek patrakaar says:

    भास्कर समूह धरमजय गढ़ में न केवल ग्रामीणों और पत्रकारों के खिलाफ षड़यंत्र किया है,बल्कि वहां के आदिवासी विधायक के बारे में मनमर्जी छापकर उसे जनसुनवाई में विरोध न करने के लिए बड़े नेताओं से ताड़ी भी लगवा दी.हालाँकि दैनिक भास्कर की दादागिरी यहाँ नहीं चलेगी ,बंगलादेशी विस्थापितों को फिर से विस्थापित करने का भास्कर समूह का चाल कामयाब नहीं होगा और यहाँ के लोग इतने जिबट हैं की ये कभी कोयल तो दूर एक टोकरी मिटटी नहीं खोद कर ले जा सकते हैं
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