रजनीकांत पर गाज, मनोज मनु को नेशनल का ताज, पूनम का एनसीआर में राज

सहारा समय में कल कुछ आंतरिक बदलाव किए गए हैं. सहारा एमपी-छत्‍तीसगढ़ के हेड मनोज मनु को नेशनल चैनल का भी हेड बना दिया गया है. इसके पहले उपेन्‍द्र राय इस चैनल को देख रहे थे, उनके जाने के बाद नेशनल चैनल का प्रभार आउटपुट हेड के रूप में काम कर रहे रजनीकांत के पास था. रजनीकांत को रिसर्च टीम का हेड बना दिया गया है. पूनम मेहता को एनसीआर का इंचार्ज बनाया गया है.

नए फरमान के बाद मनोज मनु का कद और बढ़ गया है, जबकि उपेन्‍द्र राय के खास रहे रजनीकांत किनारे कर दिए गए हैं. इसके पहले स्‍वतंत्र मिश्रा एंड कंपनी ने उपेन्‍द्र राय की टीम के प्रमुख सदस्‍य विजय राय को सलटाया था. इस बार उनके दूसरे प्रमुख सदस्‍य रजनीकांत को भी हाशिए पर भेज दिया गया है. मनोज मनु के पास उपेन्‍द्र राय के समय में एमपी चैनल के साथ एनसीआर, एंकर हेड तथा नेशनल चैनल के न्‍यूज कोआर्डिनेशन की जिम्‍मेदारी थी, जिसे स्‍वतंत्र मिश्रा के आने के बाद वापस ले लिया गया था.

अब स्‍वतंत्र मिश्रा ने मनोज मनु पर एक बार फिर भरोसा करके उन्‍हें नेशनल चैनल की जिम्‍मेदारी सौंप दी है. इसी क्रम में मनोज मनु के हटने के बाद से खाली पड़े एनसीआर चैनल का इंचार्ज पूनम मेहता को बना दिया गया है. पूनम काफी समय से सहारा से जुड़ी हुई हैं. इस संदर्भ में पूछे जाने पर मनोज मनु ने नेशनल हेड बनाने जाने की पुष्टि की.

Comments on “रजनीकांत पर गाज, मनोज मनु को नेशनल का ताज, पूनम का एनसीआर में राज

  • loveneet seni says:

    मनोज मनु को हार्दिक हार्दिक बधाई साथ मैं चम्बल की उस मिटटी को भी जिसने देश के दिल दिल्ली मैं मनोज मनु के तौर पर अपना नाम बनाया..मनोज मनु जैसे नाम उन युवा पत्रकारों के लिए सीख है जिन्हें बिना किसी सहारे बिना पहचान के अपना नाम कमाने का जूनून रहता है..छोटे से शहर ग्वालियर से स्वदेश मैं पत्रिकारिता शुरू करने के बाद संघर्ष की लम्बी दास्ताँ लिखी मनोज मनु ने..मैं मनोज मनु से मिला नहीं लेकीन उनकी अद्भुत बोलने की छमता वाक्य संयोजन शब्द चयन का मैं प्रशंशक हूँ..आज जितने भी नेशनल चेनल है उसमे बिना फम्बल किये कोई एंकर बोल नहीं सकता बिना टी पी के सहारे पढ़ नहीं सकते लेकीन मनोज मनु इस मामले मैं सबसे बेहतरीन है..वाकई मनोज मनु बधाई के पात्र है..

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  • ऋतुपर्ण दवे says:

    विलक्षण प्रतिभा के धनी मनुजी को बधाई। सहारा एमपी ने उनकी लीडरशिप में जो ख़ास मुकाम बनाया है वह खुली किताब है। काम का बोझ जरूर बढ़ा होगा मनुजी पर लेकिन जज्बा हो मजबूत और इरादा पक्का हो तो मुश्किल कुछ भी नहीं । यकीनन मनोज मनु नेशनल स्तर पर भी जल्द ही खाम मुकाम बना लेंगे।

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  • Mushilo se bhag jana aasan hota hai,
    Har pahlu zindagi ka imtihaan hota hai,
    Darne walo ko kuchha nahi milta zidagi me,
    Ladne walo ke kadmo me jahan hota hai.

    bahut bahut shubhkamnaye,
    apka apna Mangal Pandey

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  • Mushkilo se bhag jana aasan hota hai,
    Har pehlu zindagi ka imtehaan hota hai,
    Darne walo ko kuchha nahi milta zindagi me,
    Ladne walo ke kadmo me jahan hota hai.

    bahut bahut shubhakamnaye
    apka apna Mangal Pandey

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  • Ashish Aggarwal says:

    नए कार्यभार के लिए मेरी और से हार्दिक शुभकामनाये सर……

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  • abhishek shrivastava narsinghpur mp says:

    manoj sir ..sahara praanaam..badhaai aur subhkaamnayn. ye .kusalta aur yaogyta ki safalta hai..

    abhishek & ashish and all member of mj/bj group sagar univercity 2002

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  • यशवंत भाई मनोज मनु को लेकर यहां जितने भी लोगों ने बधाई दी है…इनमें से कई लोग कुछ दिन पहले मनोज को गालियां दे रहे है। आज वह नेशनल हेड हो गए तो…बधाई हो बधाई…
    लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए की सहारा का इतिहास हम सब ने देखा है…और यह जिम्मेदारी मनोज मनु की विदाई के लिए भी हो सकती है…इसलिए इतने खुश मत हों…दोस्तों क्योंकि सहारा में विदाई गीत गाने में समय नहीं लगता…क्योंकि सहारा के नेशनल चैनल का यह इतिहास पुराना है…दूसरी तरफ सहारा में यह भी ख़बर लगभग तय हैं…की उपेंद्र राय के लोगों की विदाई भी लगभग तय हो गयी है….जिनको उपेंद्र राय ने सम्मान के साथ पद दिया था…उन्हें खुद ही अपने रास्ते देखने चाहिए…क्योंकि सहारा में पित्रपक्ष के बाद…उनकी विदाई तय हैं…जिनमें राजेश कोशिश,प्रभुदराज..रजनी कांत…और राय…राय…शामिल है…

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  • इसमें मुकाम पाने या खुश होने जैसी कोई बात नहीं है भाई।सहारा के नेशनल चैनल का हैड बनना अभिशाप से कम नहीं।चुछ दिन बाद देखिएगा जब इतिहास खुद को दोहराएगा।इतिहास गवाह है।नेशनल के पहले हेड थे अरूप घोष जिन्हें आखिरकार जाना पड़ा।प्रभात डबराल को जाना पड़ा जबकि प्रभात की जड़ें सहारा में अंदर तक फैली थीं।इसके बाद,राव वीरेन्दर को हैड बनाया गया,जो आज कहीं नहीं हैं।इसके बाद पुष्य प्रसून को बनाया गया, वो भी गए।संजय बरागटा चले गए।संजीव श्रीवास्तव तो 2 महीने रहे।उपेन्दर जैसे खिलाड़ी भी हटाए गए।मनोज मनु ज़्यादा नहीं 4 महीने में सड़क पर होंगे..ये तय जानिए

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  • नीतिन त्रिपाठी says:

    हर गधे के दिन फिरते है..फिर मनोज मनु के फिर गये तो कौन से अचंभे की बात है…

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  • Manuji apako yeh nahi bhoolana chahiye ki apake stringer dukan khole baithe hain. MP me Shahdol jaise chhoti si jagah par apka stringer kya gul khila raha hai apako pata nahi. Patrakarita ki ABCD nahi janane wale log jab media ki bat karte hai bade logo ko channel ki dhous dikhate hain aise me MP se National ka star bhee pata chal jayega. Kya kabhi janane ki koshish ki Sahara ke nam par Shahdol me kya ho raha hai ya chikani chupadi baton me hi ulajhe rahenge har din naya chehra ID liye dikhta hai kahi farzi logo ko badhava to sahara nahi de raha hai Manuji pahale chhoti si jagah shahdol ko sudharo fir National ki baat karna>

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  • khabaron ke mutabik manoj manu ki nazar ab media head ki kursi par hai. isake liye usane ab jodtod tez kar di hai. iske liye usane sahara india pariwar ke kanooni mamalon ko dekhane wale aur chairman ke vishwasniya ko pakada hai. inhi sajjan ne manoj manu ko diamond card dilwaya hai.

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  • मनु विलक्षण प्रतिभा के नहीं बल्कि विलक्षण चापलूसी के झंडाबरदार हैं।ये आदमी आस्तीन का सांप है।कभी उपेन्दर के आगे-पीछे रहने वाला मनोज मनु अव्वल दर्जे का फ्रॉड है।इसने सहारा में कैसे राइज किया,ये सभी जानते हैं।अपनों को किस तरह धोखा दिया,ये सभी जानते हैं।मनोज की खासियत है जिसकी सत्ता हो उसे सैट कर लो..अगर वो कब्जे में ना आए तो या तो उसकी कमजोर नब्ज पता करके उसे ब्लैकमेल करके दबाव में रखो और फिर भी बात न बने तो किसी मंत्री से फोन करवा दो।स्वतंत्र मिश्र के सत्ता में आने के बाद इस शातिर को सांप सूंघ गया था।लेकिन इसने यहां भी सैटिंग कर ली।आजकल एर बार फिर उपेन्दर की वापसी की चर्चा जोरों पर है।उपेन्दर के जाते ही मनोज मनु ने अपनी निष्ठा बदल दी।मनोज मनु नेशनल चैनल के हैड हो गए हैं।अगर उपेन्दर की वापसी हो गई तो तय जानिये कि मनोज मनु के लिए सहारा के मुख्य द्वार पर नो एंट्री का कागज चस्पा कर दिया जाएगा..जिसका इंतजार सभी को है

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  • ग़ुमनाम says:

    आज के युग में तरक्की का रास्ता चाहें जो भी हो, ऊपर ही ले जाता है.. भले ही वहां से खाली हाथ वापस लौटना पड़े… लेकिन वहां पहुंचकर ही पता चल सकता है कि उस औहदे पर बैठकर बाकी पत्रकारिता की दुनिया कैसी दिखती है.. यहां बैठकर तो सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है.. और खून जलाया जा सकता है…

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  • rajesh bajpai says:

    arre sahab sahara me gadhon aur chapluson ko uche pad melte he hai. Mere dosto swatantra mishra, unke sathi manoj dube, ye sare log kewal Dalali karke he aage badh gaye hai. Ense pucho to ki akhir inhone kabhi khabar se matlab rakha hai kya. Punam ke bare me to bolna he kya.

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