लो जी आते ही स्‍वतंत्र मिश्रा को मिल गया अवार्ड

अभी कुछ दिन ही हुए हैं स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा मीडिया का सर्वे सर्वा बने. इसके पहले वे सहारा श्री के दूसरे धंधों में हाथ बंटाते थे. पर उन्‍होंने इतने समय में पत्रकारिता के लिए इतना कुछ खास कर दिया है कि उन्‍हें मीडिया में विशेष योगदान के लिए कल सम्‍मानित किया गया. इसके पहले उपेंद्र राय को लगातार सम्‍मान मिल रहे थे. अब स्‍वतंत्र मिश्रा को पुरस्‍कार मिलने लगे हैं.

लखनऊ में राष्‍ट्रीय सहारा के प्रिंटर पब्लिशर रह चुके स्‍वतंत्र मिश्रा को पिछले दिनों उपेंद्र राय एंड कंपनी ने सस्‍पेंड करा दिया था. पत्रकारिता में कई पुरस्‍कार पाने वाले उपेंद्र राय ने धीरे-धीरे अपने राह में आने वालों को ठिकाने भी लगा चुके थे,  परन्‍तु नीरा राडिया मामले के चपेटे में आ जाने के चलते उपेंद्र राय थोड़े मुश्किल में घिर गए. फिर सीबीआई,‍ फिर सुप्रीम कोर्ट के बाद सहारा श्री ने उपेंद्र राय ग्‍लोबल कर दिया तथा उनकी जगह स्‍वतंत्र मिश्र को सहारा मीडिया का हेड बना दिया.

स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा मीडिया का सर्वे सर्वा बने अभी ठीक से डेढ़ माह भी नहीं गुजरे हैं कि उन्‍होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अमूल्‍य योगदान दे दिया है. अब कौन सा अमूल्‍य योगदान स्‍वतंत्र मिश्रा ने दिया है अब तो उन्‍हें पुरस्‍कार देने वाले ही जाने परन्‍तु पुरस्‍कार पाकर सहारा परिवार को जरूर गर्व हो रहा होगा कि पहले उपेंद्र राय पाते थे तो अब स्‍वतंत्र मिश्रा भी पुरस्‍कार पाने लगे हैं. स्‍वतंत्र मिश्रा को मिले पुरस्‍कार को उनकी गैर मौजूदगी में एसोसिएट एडिटर दिलीप चौबे और आउटपुट हेड अमिताभ श्रीवास्‍तव ने ग्रहण किया. नीचे पढि़ए राष्‍ट्रीय सहारा में प्रकाशित  पुरस्‍कार की खबर.

मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए ‘सहारा इंडिया मीडिया’ के हेड स्वतंत्र मिश्र सम्मानित

नई दिल्ली, (एसएनबी)। केन्द्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जैसी शख्सियत का हीरक जयंती वर्ष पूरे धूमधाम से व सालभर मनाया जाना चाहिए। उनकी रचनाओं से मानवता और संस्कृति टपकती थी। ‘भारत भारती’  जैसी रचनाएं अब नहीं लिखी जातीं। हम ऐसे युग पुरुषों को भूलते जा रहे हैं, जो राष्ट्र की धरोहर हैं। हमें चाहिए कि हम ऐसे महापुरुषों के व्यक्तित्व व कृतित्व से नई पीढ़ी को भी अवगत कराएं। इस मौके पर मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए ‘सहारा इंडिया मीडिया’  के हेड श्री स्वतंत्र मिश्र व सात लेखकों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त मेमोरियल ट्रस्ट, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और गहोई वैश्य एसोसिएशन दिल्ली द्वारा बुधवार शाम आजाद भवन में आयोजित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 125वीं हीरक जयंती एवं पुरस्कार वितरण समारोह में श्री जायसवाल ने अपने विचार खुलकर रखे। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’, दिल्ली के भाजपा विधायक एससीएल गुप्ता, अखिल भारतीय गहोई वैश्य एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम कूचिया, पूर्व सांसद डा. रत्नाकर पांडे आदि मौजूद थे।

इस मौके पर कोयला मंत्री ने कहा कि यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जैसे व्यक्ति की जयंती को मनाने के लिए एक समाज विशेष (गहोई वैश्य समाज) के लोगों को आगे आना पड़ रहा है। क्या इस समाज के वगैर राष्ट्रकवि की हीरक जयंती (125वीं जयंती) को नहीं मनाया जा सकता है। अगर ऐसी स्थिति पैदा हुई है तो यह साहित्य और इससे जुड़े लोगों के लिए बहुंत ही शर्म की बात है। उन्होंने राष्ट्रकवि के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा कानपुर में राष्ट्रकवि की भव्य जयंती समारोह मनाने की है।

ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’  ने बुंदेली संस्कृति और भारतीय संस्कृति को मुख्यधारा में लाने की बात कही। इस समारोह में मीडिया क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित ‘सहारा इंडिया मीडिया’ के हेड श्री स्वतंत्र मिश्र के स्थान पर ‘राष्ट्रीय सहारा’ के एसोसिएट एडिटर दिलीप चौबे और ‘सहारा समय’  मध्य प्रदेश के आउटपुट हेड अमिताभ श्रीवास्तव ने श्री जायसवाल के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। समारोह में जिन सात लेखकों को सम्मानित किया गया उनमें जगदीश पीयूष को उनकी रचना ‘सुयोधन’  के लिए राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त शिरोमणि पुरस्कार, वीरेन्द्र गोयल को उनकी कृति ‘बाजार में स्त्री’ और डा. दुर्गा प्रसाद गुप्त को उनकी रचना ‘जहां धूप आकार लेती है’  के लिए संयुक्त रूप से मैथिलीशरण गुप्त गरिमा पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा अमरजीत कौर को उनकी रचना ‘स्वर्णिम सांझ’  के लिए राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त प्रवासी भारतीय पुरस्कार, डा. शेरजंग गर्ग को उनकी बाल कविता ‘हो हो हंसते मिस्टर जोकर’, पीके गुप्ता को उनकी रचना ‘अनंत की खोज में’  तथा राम रंग की रचना ‘उत्तर साकेत’  के लिए पुरस्कृत किया गया।

Comments on “लो जी आते ही स्‍वतंत्र मिश्रा को मिल गया अवार्ड

  • Sahara is no where in TRP ratings yet they get awards for what? God knows. They can never run a media house its a company…sorry pariwar good only for parabanking.

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  • Yashwant,

    Khujli lagi naa?Jalte raho?jyada jalo ? website pe khabar likho aur jalte raho? mirchi lagni chahiye?Bich Bich me lagate Raho?Hilte Raho Jhatke lete Raho?Mirchi Seth Bante Raho?Mishra jee ko purashkar milne pe tumhe kyon aapti hoti hai jab mauka milta hai muh phare khare ho jate ho?

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  • badri chandra bhatt says:

    राजेश जी अगर स्वतंत्र मिश्रा स्वतंत्र सिंह या स्वतंत्र राय होते तो यह खुजली यशवंत को नहीं लगती। यह खुजली लगनी लाजिमी है। इनके इस खुजली का इलाज जालिम लोसन मरहम भी नहीं कर पाएगा। स्वतंत्र मिश्रा को मेरी ओर से ढेरो बधाई। यशवंत जब इस फील्ड में पैदा नहीं हुए थे, तब से लखनऊ की पत्रकारिता में स्वत्रंत जी सक्रिय है। अभी और खुजली लगेगी। मेरी सलाम है इस साइट का नाम भड़ास फार मीडिया की जगह भड़ास फार पंडित कर देना चाहिए।

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  • anurag bajpai says:

    swatantra ji ek yogya patrakar hai puruskar to milna tha.. esme logo ko dikkat kya hai we bhi patrakarita me kush khaas kare ………….anurag bajpai jansandesh unnao

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