हरेंद्र के विजुअल पर कोई और ले उड़ा रामरती देवी पुरस्‍कार

गोरखपुर में दिया जाने वाला रामरती देवी स्‍मृति पुरस्‍कार विवादों के घेरे में आ गया है. सिटी चैनल के फोटो जर्नलिस्‍ट हरेंद्र दुबे ने आरोप लगाया है कि यह पुरस्‍कार उनके द्वारा किए गए विजुअल शूट पर किसी और को दे दिया है. उन्‍होंने गोरखपुर प्रेस क्‍लब में पत्रकार वार्ता कर पूरे विजुअल को सार्वजनिक करने की मांग की है. इस दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट एवं गाली ग्‍लौज भी किया.

प्रेस वार्ता में हरेंद्र ने कहा कि रामरती देवी पुरस्‍कार पहले से तय लोगों को दिए जा रहे हैं. और ऐसे लोगों का चयन आगामी प्रेस क्‍लब के चुनाव को लाभ हानि देखकर दिया गया है. उन्‍होंने कहा कि 25 दिसम्‍बर 2010 को उन्‍होंने गलरिहा क्षेत्र के भरवलिया गांव में शाम को पांच बजे तेंदुए के हमले से कई ग्रामीणों के घायल होने की सूचना मिली. समाचार संकलन के लिए कई लोग उस गांव गए.

हरेंद्र ने कहा कि सब लोग विजुअल बना रहे थे और फोटो खींच रहे थे. मैं अपना जान जोखिम में डालकर तेंदुए के काफी नजदीक से विजुअल बना रहा था. इसी दौरान उसने एक व्‍यक्ति पर झपट्टा मारा जिसे मैंने अपने कैमरे में कैद कर लिया. यह सीन कोई और नहीं ले पाया था. इस सीन को सिटी चैनल पर सबसे पहले चलाया गया. इसके बाद कई लोग हमारे ऑफिस से विजुअल मांग कर ले गए तथा अपने चैनलों पर चलाया.

हरेंद्र ने कहा कि इसी विजुअल पर राष्‍ट्रीय सहारा के पंकज श्रीवास्‍तव को पुरस्‍कार दिया गया, जिसे मैंने कवर किया था. उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा किसी और विजुअल पर पुरस्‍कार दिया जाता तो मुझे कोई एतराज नहीं था. क्‍योंकि पुरस्‍कार का चयन समिति के लोगों को करना होता है, परन्‍तु मेरे विजुअल पर किसी और को पुरस्‍कार दिया गया, मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूं. यह विजुअल मेरा है.

हरेंद्र ने बताया कि जब वो अपनी बात रखने के लिए प्रेस क्‍लब में आ रहे थे तो प्रदीप के कुछ शुभचिंतकों ने उनके साथ मारपीट तथा गाली ग्‍लौज की. धमकी दी गई कि बदनाम कर रहे हो यह ठीक नहीं है. हरेंद्र ने कहा कि मुझे पुरस्‍कार नहीं चाहिए पर आयोजक यह सार्वजनिक करें कि उन्‍होंने प्रदीप को पुरस्‍कार किस विजुअल पर दिया है. उन्‍होंने बताया कि इसके पहले भी एक पत्रकार जितेंद्र पांडेय यह विवाद‍ित पुरस्‍कार लौटा चुके हैं.

Comments on “हरेंद्र के विजुअल पर कोई और ले उड़ा रामरती देवी पुरस्‍कार

  • ek gkp ka patrkar says:

    harendra ke dave me sachai hai. yeh baat uss gatna ko cover karne gai sabhi patrkar jante hai. dar assal yes pushkar to patrkaro ke hit mai hai. par iss me jo naam puskar paa rahe hai unme se kuch ki yogta par sandeh hai. isske aayojan samiti se juda ek vyakti apni rajneetik mahtvkancha ko pura karne ke liye ayogya patrkaro ko bhi purskrit kar raha hai. yeh dukhad hai. aab iss mai itni rajneeti ho rahi hai ki aayojan samiti ne kuch yese patkaro ko inam dene ka yelan kiya jinho ne innam pane ka aavedan tqak nahi kiya……..

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  • manish mishra says:

    jai ho media ur award danay walo ki. jis ramrati deve awrd ki bat aap nay likihi hai.wah awrd noida kay ek land mafia kay maa kay nam par hai esay mai imandari ki umid kaha. ur rahi bath pankj ki to ek neta kay sifarish say sahara samay may kam kar rahi hi ur sahara buro heda ka khas honay ki wajah say tika hua pankj hamay nahi lagta ki kisi bhi kam layak hai. mangi gayi khabro ko dhika kar ya chura kar aagay bdhna hi uska kam hai.
    harendra bhi hamy aap ki kabiliyat par ykin hai. aap in awrdo ki fikra na karo .aapnay kam karo award khud milaynga.
    manish mishra

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