अंतिम संस्कार गीता कालोनी श्मशान घाट पर

कमल
कमल
नौ महीने से बीमार चल रहे 43 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार कमल शर्मा का शनिवार को निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह 11 बजे गीता कालोनी स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा. मोटरसाइकिल से दुर्घटनाग्रस्त होने से उनके पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर हुआ था. इससे उबरते ही दो माह बाद उन्हें ब्रेन ट्यूमर हो गया. इसका इलाज चल रहा था. शनिवार दोपहर तबियत खराब होने पर उन्हें लाइफ लाइन, फिर मैक्स बालाजी और अंत में लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

वह आज तक न्यूज चैनल में वरिष्ठ पत्रकार थे. इसके पहले वह नवभारत टाइम्स में कार्यरत थे. वह चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे. कमल की मौत पर दिल्ली का पूरा मीडिया जगत मर्माहत है. उनके साथ काम कर चुके दर्जनों क्राइम रिपोर्टर आज रुआंसे हैं. सब उनके सरल सहज व्यवहार की चर्चा कर रहे हैं. किसी को कतई अंदेशा न था कि कमल शर्मा जी इस तरह अचानक सभी को छोड़ कर चले जाएंगे. कमल के साथ काम करने वाले कई लोग उनसे काम के गुर सीखकर बड़े पदों पर चले गए, लेकिन कमल का कभी किसी के प्रति प्यार कम न हुआ. वे जैसे थे, वैसे ही रहे. कहते हैं कि अच्छे लोग जल्द इस दुनिया से चले जाते हैं. कमल शायद ऐसे ही अच्छे लोगों में से थे जिन्हें ईश्वर ने दुनिया के साथ रहने-जीने नहीं दिया. कमल जी के अंतिम संस्कार में कल दिन में 11 बजे गीता कालोनी स्थित श्मशान घाट पर उनके चाहने और जानने वाले इकट्ठा होंगे. समय हो तो आप भी आइए.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “अंतिम संस्कार गीता कालोनी श्मशान घाट पर

  • manjit kaur says:

    kamal ji jaise achhe logon ko bhagwan jaldi kyon ke jata hain???????………..phele he is dunaia mein achhe logon ki kami hein…..kamal ji ki kami hemasha media jagat mein khalti rehegi….mein wahuguru ke aage aardas karti hu ki unki atma ko shani de or unki faimly ko hemat mile….

    Reply
  • एक सवाल ……. उन तमाम पत्रकार संघटनो और पत्रकारों से जिन्होंने दिल्ली में एक प्रमुख चैनल पर rss के हमले को लेकर अपने घडीयाली आंसू बहाकर मीडिया कि एकजुटता का आवाहन किया था ,और अपनी अलग वजहों से घटना को जी भर कर कोसा था, क्या उन्हें अपने ही बीच बिरादरी के इस जुझारू पत्रकार कि असामयिक मौत और उसके परोक्ष कारणों पर चिंता और संवेदना व्यक्त करने की नैतिकता नहीं निभानी चाहिए थी.
    अवसरवादी राजनेताओ और पत्रकारों में कोई तो फर्क होना ही चाहिए.
    —–विनीत—–
    newszone broadcom
    Lucknow (winit07@gmail.com)

    Reply
  • bhagvan ke yaha bhi unhi ke bando ki puch hoti hai. duniya to aise logo ke liye bani hi nai hai. bhagvan kamalji ki atma ko shanti de aur unke parivar ko is dukh se ubarne ki shakti de.

    Reply
  • चंद्र प्रकाश says:

    जिसने भी कमल के साथ काम किया ये उसका सौभाग्य था। ऐसा क्राइम रिपोर्टर जिसके चेहरे पर हमेशा वैरागियों वाली मुस्कान रहती थी। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

    Reply
  • kamal sir ham akpo kabhi nahi bhula sakte.maine apne career ki pahli crime story apke sath ki thi tab main bilkul naya tha..apne mujhe bataya kis tarah kam kiya jata hai..sir ap jab bhi milte har samay kuchh na kuchh sikhate,main sir apko kabhi nahi bhool paunga,jindgi bhar apka abhari rahunga apne hamesha hame sikhaya hai..plj bhagwan hamare sir ko wapis bhej do…bharat chauhan

    Reply
  • alok mishra mahuaa news says:

    कभी कभी भगवान को भी कमल जैसे इन्शान कि जरुरत पड जाती ही सायाद इसीलिये उन्होने उनको जल्दी बुला लिया भगवान उनकी आत्मा को शांती प्रदान करे/

    Reply
  • delhi me crime reporting ka mera pehle din tha..aaj se 5 saal pehle…sultanpuri me chalti car me balatkar ka mamla…wahan pahunchte hi sabse pehle kamal sir se mulaquat hui…ek aise insaan se jinhone mujhe wahan per delhi me crime reporting ki baarikiyan samjhayin….meri badbasibi hi kahiye ki ki unke bare me mujhe aapki website se abhi pata chala….maine ek behad hi acche senior aur guru ko kho diya[/b]…ek aur acche insaan ko bhagwan ne humse cheen liya….iise zyada aur nahin likh paunga…kamal sir ko meri shradhanjali…..

    Reply

Leave a Reply to payal Cancel reply

Your email address will not be published.