तीन खबरों का खंडन

: ‘सॉरी’ : भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित तीन खबरों में करेक्शन है. इन करेक्शन को प्रकाशित कराया जा रहा है. इसे खंडन भी समझ सकते हैं. इसे माफीनामा भी मान सकते हैं. जिन तीन खबरों पर कुछ आपत्तियां आईं, पड़ताल करने पर ये आपत्तियां सही पाई गईं. इसलिए यहां करेक्शन दिया जा रहा है. ये तीन करेक्शन इस प्रकार हैं-

  1. वभारत, ग्वालियर के आरई सुरेश सम्राट का इस्तीफा शीर्षक से प्रकाशित खबर पूरी तरह गलत है. सुरेश सम्राट आज भी नवभारत, ग्वालियर में हैं. एलएन शीतल जब दैनिक आदित्याज के एडिटर इन चीफ थे तो सुरेश सम्राट की आदित्याज प्रबंधन से बातचीत हुई थी. इसी मिलने-जुलने के आधार पर और एलएन शीतल के आदित्याज से इस्तीफा देकर सहारा ज्वाइन करने के बाद लोग कयास लगाने लगे कि नए एडिटर सुरेश सम्राट बनाए जा सकते हैं. इसी कयास के आधार पर मिली सूचनाओं को प्रकाशित करा दिया गया. सुरेश सम्राट ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि कहीं किसी से मिलने-जुलने के आधार पर इस्तीफा देने – ज्वाइन करने जैसा नतीजा नहीं निकालना चाहिए. मैं नवभारत में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जुड़ा हुआ था, हूं और रहूंगा.

  2. रई समेत पांच पत्रकारों का तबादला शीर्षक से प्रकाशित दूसरी खबर भी नवभारत अखबार से ही संबंधित है. खबर में कहा गया है कि स्थानीय संपादक क्रांति चतुर्वेदी का भी तबादला कर दिया गया है. जबकि ऐसा नहीं है. क्रांति चतुर्वेदी को प्रमोट कर नवभारत का ग्रुप एडिटर बना दिया गया है और उन्हें इंदौर से भोपाल भेज दिया गया है, छिंदवाड़ा नहीं. यह खबर भड़ास4मीडिया के पास एक मेल के माध्यम से पहुंची थी और मेल में जो कुछ लिखा था, उसे बिना क्रास चेक किए प्रकाशित करा दिया गया था. क्रांति चतुर्वेदी ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि खबर में उनसे संबंधित तथ्य सही नहीं है. मैं भोपाल में प्रमोशन देकर भेजा गया हूं और अब ग्रुप एडिटर के रूप में काम कर रहा हूं.

  3. कुमार अभिमन्यू बने अमर उजाला, गाजियाबाद के प्रभारी शीर्षक से प्रकाशित खबर में एक जगह कहा गया है- ”एक अन्य चर्चा अमर उजाला में तेजी से फैल रही है कि दिल्ली-एनसीआर का प्रभारी शंभूनाथ शुक्ला की जगह संजय पांडेय को बनाने की तैयारी है. शंभूनाथ शुक्ला इन दिनों अवकाश पर हैं और उनकी गैर-मौजूदगी में सारा काम संजय पांडेय देख रहे हैं.” इस घटनाक्रम के बारे में पता चला है कि शंभूनाथ शुक्ला पारिवारिक कारणों से अवकाश पर गए थे और उनकी जगह संजय पांडेय नहीं बल्कि मनीष  दीक्षित काम देख रहे थे. मनीष शंभूनाथ शुक्ला के अंडर में बतौर न्यूज एडिटर काम देखते हैं और शंभू नाथ शुक्ला की गैर-मौजूदगी में प्रभार संभालते हैं. शंभूनाथ शुक्ला पिताजी की बरसी होने के कारण अवकाश लेकर रामेश्वरम गए हुए थे और अब वापस लौटकर आफिस ज्वाइन कर चुके हैं. वे पहले की भांति अपना काम यथावत देख रहे हैं.

ये तो रहा सॉरीनामा.

अब कुछ आपसे, सीधे-सीधे… भड़ास4मीडिया का सॉरी बोलने में यकीन है. अगर हम जाने-अनजाने में गल्ती कर देते हैं, और गल्ती हो जाने की जानकारी मिल जाती है तो हम उसे तुरंत दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं. भड़ास4मीडिया बेहद खुला और लोकतांत्रिक मंच है. हम इरादतन किसी का नुकसान या फायदा नहीं चाहते. हम खबर सूचनाएं जानकारियां विश्लेषण देते रहते हैं. इस प्रक्रिया में कई बार अतिरंजित, गलत, सतही, नुकसानदायक चीजें भी प्रकाशित हो जाती हैं. पर ध्यान दिलाए जाने पर इसे ठीक कर-करा दिया जाता है. कई बार खबरों सूचनाओं जानकारियों में प्रकाशित गल्तियों के बारे में खुद भड़ास4मीडिया के पाठक ही कमेंट कर कर के ध्यान दिला देते हैं, और हम उन कमेंटों को प्रकाशित कर एक तरह से तथ्य सुधार का काम कर देते हैं. अगर आपको भी लगे कि कोई तथ्य गलत है तो सही सूचना की तरफ हम लोगों का ध्यान फौरन दिलाएं.

ये मंच मीडिया वालों का है, मीडिया से किसी भी तरह से जुड़े शख्स का है, वो चाहे मीडिया का पाठक-दर्शक हो या मीडिया के भीतर कार्यरत व्यक्ति. भड़ास4मीडिया कोई एक आदमी नहीं चलाता और न किसी एक शख्स पर जानकारियां, सूचनाएं बटोरने और प्रकाशित करने की जिम्मेदारी है. ये एक बहुत बड़ा टीम वर्क है जिसके हिस्से आप भी हैं. अगर आपको यह एहसास नहीं है कि आप भड़ास4मीडिया के हिस्से हैं, पार्ट हैं, तो यकीन मानिए, ‘साफ साफ सच’ कहने के जुनून में शुरू हुए भड़ास4मीडिया का पतन तय है.

सारी जानकारियां, सूचनाएं आपके माध्यम से भड़ास4मीडिया के पास पहुंचती है. तभी उन्हें प्रकाशित कराया जाता है. इसलिए आप अपनी बात कहने, अपनी जानकारी भड़ास4मीडिया तक पहुंचाने में बिलकुल न हिचकें. भड़ास4मीडिया को सिर्फ पढ़ते रहने से काम नहीं चलने वाला, इससे जुड़िए, सूचना देकर, लेख पोस्ट कर, संपर्क रखकर, आर्थिक मदद देकर, किसी भी तरीके से. हम विश्वास दिलाते हैं, अगर आप चाहेंगे कि आपकी पहचान नाम का खुलासा न हो तो ऐसा हर हाल में किया जाएगा. ऐसा किया जाता है और किया जाता रहेगा. पिछले ढाई वर्षों में, जबसे इस मीडिया पोर्टल का जन्म हुआ है, सूचना देने वालों की पहचान का किसी भी स्तर पर खुलासा नहीं किया गया है. हम विश्वास जीते हैं और विश्वास को ही अपनी सबसे बड़ी पूंजी, सबसे बड़ी ताकत मानते हैं. आपके विश्वास, भरोसे और निष्ठा की हम खुले दिल से तारीफ करते हैं.

आप हमसे जुड़कर प्रसन्न होंगे तो हमें भी आपसे जुड़कर आपसे मेल के जरिए संवाद कर आनंद आएगा. आप yashwant@bhadas4media.com, bhadas4media@gmail.com, anil.1616@rediffmail.com के जरिए अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं. 09999330099 और 09717536974 पर एसएमएस कर सकते हैं. जरूरी हो तो फोन भी कर सकते हैं

-यशवंत

एडिटर

भड़ास4मीडिया

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Comments on “तीन खबरों का खंडन

  • raam singh says:

    kyon jhoot bol rhe ho yashwant bhai….ab logon ko ullu banana chod do…….maine tumhe kuch khabren chaapne ko di….ek baar nahi kai baar…..sab proof or phone no k sath…….uske baad bhi tumne khabar nahi chaapi…..koi baat nahi…..lekin kam se kam logon se jhoot to mat bolo ki khabar chapegi……….

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  • Rajesh Saxena says:

    Respected Yashwantji,
    Aap jo kaam kar raho ho, vah ajad bharat ke itihas main darj ho raha hai. itni himmat is jamane main mujhe to kisi main bhi nahin lagi. yeh mote lale yani bhaskar-jagran wale jo arbon kharbon ka nawa peet rahe hain, andar se sare-gale log hain, unse aap lakh darza achha kaam kar rahe hain.. aap ne media ko jo majbooti di hai, usko salaam. rahi baat galtiyon ki, to niji dushmani ya ranjish se news chapwane wale media ki kali bhere bhi hoti hi hain. thanks a lot.
    Rajesh Saxena
    yugbikaner@gmail.com

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