अजीज बर्नी को भी निपटा दिया उपेंद्र राय ने!

: शीत युद्ध अब खुली जंग में तब्दील : सहारा उर्दू का चेहरा बन चुके अज़ीज़ बर्नी को उपेन्द्र राय ने पूरी तरह किनारे कर दिया है. इससे पूर्व यह काम कोई नहीं कर सका था. अब उपेन्द्र राय ने सहाराश्री के चहेते समझे जाने वाले बर्नी को मात देने में सफलता प्राप्त कर ली है. बर्नी से उन्होंने सारे अधिकार ले लिए हैं. बर्नी के किनारे कर दिए जाने की सूचना दीवारों पर चिपका दी गयी है. उपेन्द्र राय जल्द ही उर्दू का टीवी चैनल शुरू कर रहे हैं जो बर्नी की वजह से रुका हुआ था.

उपेन्द्र राय ने बर्नी के भर्ती किये हुए उर्दू टीवी कर्मियों को अलग कर नयी भरती भी शुरू कर दी है. इसके अतिरिक्त वह उर्दू का डेली अखबार लन्दन से भी शुरू कर रहे हैं, ऐसी चर्चा है. इस प्रोजेक्ट से भी बर्नी को अलग रखा गया है. इस तरह वह शीत युद्ध जो काफी महीनों से अन्दर ही अन्दर चल रहा है, वह खुली जंग में तब्दील हो गया है.

असल में काफी दिनों से हिन्दूवादी संगठन बर्नी के खिलाफ शिकायतें कर रहे थे परन्तु कोई सुन नहीं रहा था.  अब सुना है कि सहाराश्री ने एक सभा में बर्नी के सारे अधिकार छीन कर उपेन्द्र को दे दिए हैं और खुद बर्नी भी चुप होकर बैठ गए हैं. पिछले काफी दिनों से उर्दू में सम्पादकीय विभाग को लेकर उपेन्द्र राय परेशान थे लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे थे. लेकिन जैसे ही सहाराश्री ने इशारा किया, उनको बर्नी के पर कतरने का मौक़ा मिल गया. अब उपेन्द्र राय ने हिंदी के संपादक रणविजय सिंह को बर्नी के ऊपर बिठा दिया है ताकि उर्दू और हिंदी की पालिसी में फर्क ना होने पाए.

यह भी कहा जा रहा है कि बर्नी को राजनीतिक क्षेत्र में बहुत सम्मान प्राप्त है इस कारण उनका क़द घटाने की कोशिशें हो रही थी. मुस्लिमों में बर्नी की लोकप्रियता बहुत अधिक है क्योंकि वह मुस्लिम मुद्दों पर बड़ी चतुराई से लिखते हैं और उनकी सभा में बहुत भीड़ उमड़ती है. इस वजह से उनका क़द बहुत बड़ा हो गया है. बर्नी से अधिकार छीन लिए जाने को हिन्दू संगठनों की एक बड़ी जीत समझा जा रहा है.

आशा की जा रही है कि उर्दू सहारा की पालिसी में अगले कुछ दिनों में बड़ा परिवर्तन आएगा. ख़ासतौर पर बिहार के चुनाव में इस समाचार पत्र को मुस्लिमों का मन बदलने के लिए प्रयोग किये जाने की योजना बन रही है. इसके लिए उपेन्द्र राय बिहार की कई बार यात्रा भी कर चुके हैं और बर्नी को बिहार चुनाव से दूर रखा जा रहा है. इस समय सहारा में यह लड़ाई बहुत साफ़ तौर पर देखी जा रही है और ऐसा लगता है जिस तरह उपेन्द्र ने संजीव श्रीवास्तव को चारों खाने चित कर दिया था, वैसे ही वह बर्नी को भी पटक देंगे.

सहारा समूह में कार्यरत एक मीडियाकर्मी की चिट्ठी पर आधारित. संभव है, इस समाचार के कुछ अंश अतिरंजित हों या अनुमान पर आधारित हों, लेकिन पत्र भेजने वाले विश्वस्त सूत्र का कहना है कि अधिकतर बातें सच हैं. अगर किसी को इन तथ्यों व सूचनाओं पर आपत्ति है या खंडन-मंडन करना चाहता है तो नीचे कमेंट बाक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर bhadas4media@gmail.com पर मेल कर सकते हैं.

Comments on “अजीज बर्नी को भी निपटा दिया उपेंद्र राय ने!

  • bahut bali bane hain upendra rai to ranvijaya singh ko chu kar dekhen khud nipat jayenge. waise aziz burni bhi kam nahin hain. sach to yah hai ki malikan jaisa chahte hain waise hi yah purja type mahabli log karte hai. swatantra mishra ko subrat roy hatana chahate the, upendra ko tool bana kar hata diya. ab aziz burny se bhi ji bhar gaya hoga subrat rai ka to unhen paidal karwa diya. jis din ranvijaya se ji bharega us din subrat roy use bhi hata denge. jis din upendra rai se ji bharega hit nahin sadhega yabhi nipata diye jayenge. tab koyi aur mahabali aayega. sabki dor subrat roy ke hath hai sahara men. wahi pahle adami hain aur wahi akhiri adami. baki sab kide makode.

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  • purshottam kumar says:

    सहारा में जब से उपेंद्र राय जी आए हैं हर हफ्ते कोई ना कोई ऐसी घटना होती है जिससे सहारा के अंदर हलचल मची रहती है…..इससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों के भीतर ये सुगबुगाहट बढ़ती रहती है कि अगले हफ्ते क्या होने वाला है। इससे संस्थान का कोई फायदा तो शायद नहीं हुआ है लेकिन यहां के कर्मचारियों और पत्रकारों में सैलरी को बढ़ने की संभावना जरूर खत्म हो गई है। क्यों कि सभी को लगने लगा है कि पुराने लोगों की यहां कोई बकत नहीं है….और नए लोग अच्ची सैलरी पर आते हैं उन्हें पुराने कर्मचारियों के दुख-दर्द से कोई लेना-देना नहीं होता है..जब से उपेंद्र राय आए हैं सहारा में बस उठापटक ही हो रही है…..टीआरपी, जीआरपी तो बढ़ नहीं रही। अब सिर्फ यूपी चैनल ही बचा है….जहां के चैनल हेड को हटाना बाकी है…..उसे भी निपटाओ…जिससे अब आगे की हटाने की कार्रवाई बंद हो और कर्मचारियों को उम्मीद बंधे कि अब शायत वेतन उपेंद्र राय वेतन बढ़ाने के बारे में सोचें…….पी के

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  • Ex sahara reporter says:

    Jhola chhap docter se lekar hawker, phir patrakar..or phir sahara shree ke joote uthane se lekar bahuto ko nibtane ke safar me azeez barni ne kai rang badle hain…
    Ek zamana tha jab darjano logo ne sahara pranam sirf isliye bol diya tha kyonki wo jahil barni ke niiche kam karne ko razi nahi the.
    Ab Barni ke sath jo ho raha hai wo sirf unke karmo ka phal hai.
    Bhala ho Majid Raman, Sajid bhai, or siraj naqvi jaise logo ka jo in jahil ko qabil banaye rakhe the.musalmano me bhi in jaiso ke beech hi kuch ho to ho warna mosad, america or israel ki fanatasies hi sahara urdu ki pahchan ban gayi..sahafat, hindustan express or jadeed times se bhi kam circulation ke bawajood Iran culture house or saudi embassy se paisa banakar zarur barni ne apni qabiliyat dikhai warna sahara urdu me sabhi jante hain ki barni ki byline chhapne wale article aksar majid raman ke hote the.

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  • ....................... says:

    सही बात है सहारा समय में हर सप्ताह कोई न कोई घटनाक्रम हो रहा है। दो दिन पहले सहारा समय मध्यप्रदेश से एक कर्मी से इसलिए इस्तीफा ले लिया गया क्योंकि उसने अपने बॉस से किसी खबर पर जुबान लड़ाने की कोशिश की। सहारा में अब काम कम होता है और जी हुजूरी ज्यादा और अगर नहीं की तो इसी तरह से नौकरी ले ली जा रही है। ऊपर वाला ही मालिक है इस का

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  • Masoom Hyderabadi says:

    Mubarakbad ho Mr.Upender Roy.Meri subh kamana phunche.Yeh bhut pehle hona tha taki Urdu ke nam par Karorobarbad kiya gaya.Har chiz ki inquiry ho!

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  • Saurabh Kumar says:

    sahara media mein Ajeej Barni aur Ranvijay singh aise log hai jo kisi kam ke nahi hai inko yadi sahara se ruksat kar diya jaye to sahara media kafi sudhar jayega abhi to Upendra rai ne inko nikala nahi hai lekin yeh kisi kam ke nahi hai in dono ki yadi Upendra rai ne chhutti nahi ki to yeh dono sahara media ko rajneeti ka akhara bana dege sach to yeh hai ki Upendra rai ke Media head banane ke baad sahara media mein sudhar hona shuru hua hai [b]Saamp naath naag nath [/b] ko Upendra rai ko niptana bahut jauri hai yeh dono sahara media ke liye kalank hai MR rai ne ek bade khurafti swatantra mishra bamushkil kinare lagaya ab unko in dono par dhyan dena bahut jaroori hai sahra TV mein bhi badlav ki poori poori gunjish hai aditoriol aur marketing dono or dhyan bhi dena chahiye sath hi apani poori team jo faithfull ho usako frint par layein safalta unko milegi

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  • ShaikhUl Islam Zaeer says:

    Mein Upender Rai ko dhanywad deta hoon kie unhoo ne Urdu section mein kuch aham faisle kiyein hain magr jo log zimedar banaye gaye hain woh ab is layaq nahin hain.Bhar se nahin to Upender Ji ko andar se nai Chaire talash karna chaiye.Aziz Burney ke baad jin do logo ko zimedari di gayi hai woh apne kam mein serious nahin hain.Unhe bhi Burney ki tarah Taqreer ka shoque hai.
    Meri ek rai yeh bhi hai Upender Ji Burney ke zariye apne secretate main Delhi se Kolkata,Hyderbad ,Bombay etc mein darzon bhar gopiyoon ke appointment aur unke kam ka jayiza bhi laienKyon kei yeh Maha Boss bani fhirti hain .Asha hai aap gor karien gaye .Dhanyewad

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  • S.A. Mohammmad says:

    आज कल आप के पोर्टल के सहारे बहुत से लोग अपना दिल खुश कर रहे हैं. उन को लग रह है कि सहारा से बर्नी साहेब कि छुट्टी हो गई हालांकी हकीक़त कुछ और ही है. न तो बर्नी साहेब और उपेन्द्र राय जी के बीच कोइ झगडा है न ही कोइ शीत युद्ध चल रहा है. सहारा श्री कि नज़र में बर्नी साहेब आज भी उतना अहेम समझते हैं जितना पहले समझते थे. वह नराज़ हों तो कुन रह सकता है सहारा में.
    सहारा में उर्दु को बढाने का काम चल रहा है और श्री उपेन्द्र राय जी वा बर्नी साहेब मिल कर काम कर रहे हैं.
    जो बर्नी साहेब के पुराने दुश्मन अपनी जगाह पर खुश हो रहे हैं उन को जल्द ही पता चल जाएगा कि सहारा का किटना फायदा उर्दु से हो रहा है और कितना फायदा उर्दु को सहारा से हो रहा है. कुछ लोग जो जिन्दगी में कुछ न कर पाए अपने दिल के फफूले फोड़ कर खुश हो रहे हैं. यशवन्त जी कुछ लोग हर संगठन में ऐसे होटे हैं जिन को लगत है कि वोह सब से ज़यादा काबिल हैं लेकिन यह उन का भ्रम ही है. इस से पहले तो बर्नी साहेब को इन्बिसात अल्वी ने भी अपने ख्याल में निकल्वा दिया था लेकिन बाद में हुआ किया सब को पता है. आप निशचिंत रहें यह समय भी गुज़र जाएगा. उर्दु में बैठे दो तीन खडूस कुछ नही कर सकते

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  • Saurabh diaxit says:

    Sahara media ke head Upendra rai ko chahiye ki media mein raajneeti karane vale sabhi diggajo ko jald hi kinare lagaye varne sahara media ke liye raajneeti ka akhara bana rahega har kadam turant uthane ki jaroorat hai Ajeej barni, Ranvijay singh ,Rao virendra singh ,Amarsingh,TB shriatavtava ,Ramesh awasthi jaise khurafati jald kinare lagaye jaye sochane ka samay nahi hai aur na ye sabhi kisi kam ke hai roj kuchh na kuchh khurafat karate rahege isake sath hi kuchh chhutbhaiye bhi chinhit kiye jaye Upendra ji ko apani team strong karane ki jaroorat hai khali vijay rai ke kandho ko hi na majaboot kare varna poore media ka kahi bhala nahi dikh rahah hai kam poori yojna banakar kare tabhi safal hoge

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  • Mujhe lagta hai Saurabh dixit ko Urdu Dept ka haal zyada nahin patta hai.Phir mein bata ta chaloon kie bura haal kar rakha hai.Is mein bhut sudhar ki zaroorat hai.

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  • ....................... says:

    बाहर से नए मैनेजमेंट की तारीफ करने वालों जरा न्यूज रूम में जाकर देखो किस कदर काम करने वालों का हश्र किया जा रहा है। बाहर बैठ कर साइट पर कमेंट करना बहुत आसान है। उनसे पूछो जो मेहनत कर रहे थे आज किनारे बैठा दिए गए। अजीज बर्नी और दूसरे बड़े नाम छोड़ो किसी छोटे पद पर काम करने वालों से पूछो जमीनी हकीकत पता चल जाएगी।

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  • Mohammad shareef says:

    aap ke yehan badi mazedaar bahes chal rahi hai lekin ek baat bataa doon abhi bhaley hi opneder ray ko lag raha ho ki unhoo ne azeez burney ko patakh diya lekin kuch hi din men un ko bhi maloom ho jayega ki un ki kaya haisiyat hai. Sahaaye sb nahi kuch chlaa sakey apni, prabhat Dabral gaye sumit roy ko jana pada. sanjeev shrivastav bhi nikal liye is liye opendr ray ko zayadah khush honey ki zaroorat nahi. Sahara men ooper ley jaa kar neechey phenkne ka chalan kaafi purana hai. azeez burni urdu journalism ka itna bada naam ho gaya hai ki opendr ray jaisey bauney un ka kuch bigaad nahi sakenge. sab se badi baat to yeh ki azeez burni ko saharashri ka ashirwaad prapt hai. opender ray ke liye achha hoga ki woh sahara ki history ko phir se padheyn to un ko apna anjaam bhi maloom ho jayega.

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  • EKHLAQUE KHAN says:

    Yahi hoto hai. Aur media ki saakh girne ki asli wajah bhi yahi hai. Upendra Roi ne jo kiya unka KALYUGI KARTAVYA THA. filhaal apne ko SAHARA ka maie-baap samajhne wale AJIZ BARNI ko ab to samajh me aa jana chahie.

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  • RAJESH VAJPAYEE JANSANDESH UNNAO says:

    saurabhji ap ko kitna pata hai sahara ya sahara may pichalay 18 varso say kaam karnay walo k baray mein.kitna nazdiki say jantay hai ap unko jinkay baray may apnay khurapati sabd ka istaymaal kiya hai.
    agar ramesh awasthiji k baray may update hona chahtay ho tou sirf itna he apko batana chahta hoo ki es banday nay apni duty k aagay apni ardhangi patni k nirantar bigad rahey swastha ki bhi parwah nahi ki aur company k karyo may farukhabad say lekar agra tak pura dhayan dekar apnay kartabyo ko nibhata raha aur parinaam yeh huwa ki rameshji ko apni patni ka ashahniya vichoh jhelna pada aur ap aisay company aur bosses k prati divoted vakti k baaray may itni ghatiya adjective ka istaymaal kar k apni ochi mancikta ki bangi jaroor pesh ki hai.
    pahlay kisi k baray may update ho liya karo tab upendraji ko salah dena.upendraji bachey nahi jo tumahray jaisi ghatiya logo ki salaah par chalay.

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  • Hameed Ali Ansari says:

    Roznama Rshtriya Sahara ne jab Mumbai mein qadam rakha tab Urdu tabqe ne yehi anooman lagayatha kie Metro Polition sehar mein ek nay daur ki shuroaat hogi.Mumbai mein sirf do akhbar Inquilab aur Urdu Times ki monopoly thi kyon kie pechle chalish varxh mein koi teesra Akhbar ne yahan sar nahi uthaya tha.Is liye Sahara ka garm joshi se israqba kiya gaya magr Esa hua nahi aur apne Mast par Number One ka logo lagye rakhne par bhi use tarqi nahin hui.
    Uske kie karan batyee jasakte hain .Un mein se ek Group Eidtor ka apne hujre mein anginat Hurooro ka palna.Jin ki wajah se Sahara Urdu ki naiya ko duboo diya.Ab in ka bura haal hai

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  • Kamal Mohan singh says:

    उर्दू एक ऐसी ज़बान है जो सब को प्यारी है .सुब्रोत रॉय भी उर्दू की चशिनी से मुतासिर हैं और येही वजह है कि उन्होंने सारे मुल्क से उर्दू का अख़बार निकलने का फैसला किया .
    लेकिन कयादत ऐसे लोगों को सौंप दी जो सिर्फ दावा ही करना जानते थे और उन लोगों को अमली तोर पर कुछ कर नहीं आता है I
    एक ऐसी जिम्मेदारी सहारा श्री ने दी जिस कि बुनियाद पर उर्दू का एक एम्पार खड़ा किया जासकता था लेकिन एक दुसरे कि टांग खींचने के इलावा इन लोगों ने कुछ नहीं किया I दरअसल यह over confidence के भी शिकार रहे और काबिल व बसल्यीत लोगों को किनारे कर दिया I बल्कि इन के दरमियाँ ऐसे लोगों को छोड़ दिया जो मुतलक जाहिल थे I उनलोगों में लड़की और लड़के सभी शामिल रहे हकीकत यह है कि लड्कियूं का दिमाग जयादा ख़राब था I
    किसी भी शेहर में देख लिए इन का बोल बाला था I अख़बार कि टर्की से उन्हें कोई सरोकार नहीं था I इसका नतीजा सामने है I करोडो का खसारा जिस ने बाज़ार मैं अख़बार कि शाख को नुखसान पहुंचाया है और सर्चुलासन बड नहीं सका है I
    मेरी राये है कि उर्दू अख़बार का लोगों में जो मुकाम है उसके लिए और बेहतरी कि लिए प्लानिंग कि जाये तब ही मुमकिन है कि अख़बार आगे बड सके गा I
    मुझे आशा है कि नए और काम करने वालों को भर पुर अवसर दिया जाये गा I मेरी प्रातना है कि उपेंदर राय अख़बार को नया रूप दें I

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  • Shaikh Shafiq says:

    Ab to Aziz Burney ka yeh haal hua hai kie padpadye phir rahe hain.Lekin unhee patta hona chaiye kie Allah ki ladhi mein awaz nahin hoti hai.

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