Fraud Nirmal Baba (26) : निर्मल बाबा के खिलाफ लखनऊ के दो बच्‍चों ने दर्ज कराई शिकायत

: पुलिस ने कहा जांच के बाद दर्ज होगा एफआईआर : निर्मल बाबा द्वारा तमाम लुभावने वादों से आम आदमी को ललचाने और फंसाने की घटनाओं के मद्देनज़र लखनऊ के दो बच्चों ने उनके खिलाफ गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत दी है. पुलिस दोनों बच्‍चों के प्रार्थना पत्र पर शिकायत दर्ज कर ली है. पुलिस ने कहा है कि निर्मल बाबा पर एफआईआर जांच के बाद दर्ज की जाएगी. पुलिस निर्मल बाबा के साथ मीडिया की भूमिका की भी जांच करेगी.

अमर उजाला, जम्‍मू : राजनीति से तंग होकर कई लोग दे चुके हैं इस्‍तीफा

 

अमर उजाला, जम्‍मू में राजनीति का जोर चल रहा है। रवेन्‍द्र श्रीवास्तव के आने के बाद कार्यालय में दो गुट बन गए। आज तक इस कार्यालय में कभी राजनीति हाबी नहीं हुई थी। लेकिन अब तो जोर से चल रही है। कार्यालय में दो गुट बन गए है। जो एक दूसरे की टांगों को खींच रहे है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान संस्थान को हो रहा है। क्योंकि अनुभवी लोग संस्थान को छोड़ कर जा रहे है। पिछले तीन सालों में एक दर्जन से अधिक लोग संस्थान को छोड़ चुके है। यह सभी लोग पुराने ओर अनुभवी है। आने वाले दिनों में एक डीएनई भी जाने वाले है। क्योंकि उन्हें भी तंग किया जा रहा है। खबर है कि वह किसी स्थानीय अखबार में संपादक के तौर पर ज्वाइन करने वाले हैं।

प्रताड़ना से तंग अमर उजाला, कश्मीर के ब्यूरो चीफ ने की आत्महत्या

अमर उजाला, कश्मीर के ब्यूरो चीफ अशोक राजदान ने स्‍थानीय अखबार प्रबंधन के व्‍यवहार से तंग आकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले चार सालों से कश्मीर में तैनात था। उसका शव बुधवार सुबह अपने कमरे में मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। आरोप लगाया जा रहा है कि वह पिछले छह माह से अपने पारवारिक कारणों के चलते वापस उधमपुर में ट्रांसफर मांग रहा था। लेकिन उसे नहीं किया जा रहा था। इसके लिए उसे तंग किया जा रहा था। जिस कारण उसने आत्महत्या का कदम उठाया।

राजेश उपाध्‍याय होंगे दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली के संपादक

  दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली संस्‍करण के संपादक का नाम तय हो गया है. आईएमसीएल में वेब संपादक राजेश उपाध्‍याय को प्रबंधन ने दिल्‍ली भास्‍कर का नया संपादक बनाया है. राजेश पहले भी फरीदाबाद से निकलने वाले दिल्‍ली संस्‍करण के संपादक रह चुके हैं. हालांकि वह एडिशन कुछ सालों पहले बंद कर दिया गया था. राजेश …

नोएडा में सड़क हादसे में अमर उजाला के वरिष्ठ प्रबंधक की मौत

नोएडा। अमर उजाला के एक वरिष्ठ प्रबंधक की मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। अखबार के नोएडा कार्यालय में जनरल मैनेजर (मैग्जीन) संतोष चौरसिया शाम 7 बजे के करीब सेक्टर 62 स्थित गुप्ता चौराहा पार कर रहे थे, जब एक सांड ने उन्हें टक्कर मारकर सड़क के बीचो-बीच गिरा दिया, जिससे वे सामने से आती एक कार से कुचले गए। यह हादसा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के पास हुआ।

हिंदुस्तान, पटना के संपादक अक्कू श्रीवास्तव पर गिरी गाज, केके उपाध्याय बने स्टेट हेड

हिंदी दैनिक हिंदुस्तान से कुछ बड़े उलटफेर की चर्चाएं भड़ास के पास आई हैं. सूचना के मुताबिक पटना के एडिटर अक्कू श्रीवास्तव का तबादला दिल्ली किया जा रहा है. उनकी जगह संपादक और स्टेट हेड बनाकर हिंदुस्तान, आगरा के संपादक केके उपाध्याय को भेजा जा रहा है. आगरा में नया एडिटर पुष्पेंद्र शर्मा को बनाए जाने की सूचना है. पुष्पेंद्र अभी तक हिंदुस्तान, मेरठ के संपादक थे. अब मेरठ के संपादक अमर उजाला से इस्तीफा देकर आए सूर्यकांत द्विवेदी हो गए हैं.

Fraud Nirmal Baba (25) : टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया…

: निर्मल बाबा के चमत्कारिक इलाज और कथित कृपा के बारे में टीम अन्ना के सदस्य कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया… : भारत में श्रद्धा बहुत महत्वपूर्ण विषय है. लेकिन श्रद्धा का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. हम बार बार कहते रहे हैं कि गंगा में नहाने से पापों का क्षरण हो जाता है, गंगा में नहाने से आदमी के जितने भी कलमश हैं वो घुल जाते हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति हत्या कर दे और सोचे कि मैं गंगा में नहाऊं और गंगा मुक्ति दे देगी तो ये बिलकुल गलत है. गंगा पवित्र हैं, गंगा मुक्तिदायिनी हैं, हमारी धार्मिक आस्थाओं की मां हैं गंगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप पाप कर्म करते रहें मनुष्य जीवन में और उसके बाद आप गंगा में स्नान कर लें….

Fraud Nirmal Baba (24) : मुख्य चुनाव आयुक्त वाईएस कुरैशी की प्रतिक्रिया…

: निर्मल बाबा के चमत्कारिक इलाज और कथित कृपा के बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त वाईएस कुरैशी की प्रतिक्रिया… : कॉस्टीट्यूशन में हमारे तो है कि अंध विश्वास को दूर करना है…  और अंधविश्वास फैलाने वाले हर प्रोग्राम और हर ऐसी चीज को डिस्करेज किया जाना चाहिए…लेकिन, इसके ऊपर थोड़ा समाज को भी विचार करना चाहिए…और इस पर नैशनल डिबेट होनी चाहिए कि क्या ये बढ़ता ही जा रहा है, घटने के बजाय…

Fraud Nirmal Baba (23) : चंडीगढ़ से जूना अखाड़े के महंत स्वामी अर्जुन पुरी की प्रतिक्रिया…

: निर्मल बाबा के चमत्कारिक इलाज और कथित कृपा के बारे में चंडीगढ़ से जूना अखाड़े के महंत स्वामी अर्जुन पुरी की प्रतिक्रिया… : बीमारी है तो औषधि लीजिए आप लोग, किसी के पास इतनी शक्ति कहां है कि वो ताक दे और काम हो जाए…आशीर्वाद बोलें और इतने में बीमारी दूर हो जए….ये तो समय का बहाव है…दिग्भ्रमित हैं लोग…भीड़ जुटाने के लिए तो कुछ भी शुरू कर दो, आपको मानने वाले लोग मिल जाएंगे….पाकेटमारी का कर दो..चोरी का कर दो…सत्संग कर दो…सबके फालोवर मिल जाते हैं….

निर्मल बाबा की तरफ से आए लीगल नोटिस का भड़ास ने भेजा जवाब

श्री कार्निका सेठ, एडवोकेट, सेठ एसोसिएट्स, विषय- आप द्वारा निर्मल बाबा की तरफ से मुझको भेजे गए लीगल नोटिस के संदर्भ में नोटिस का क्रमवार जवाब…. 1- Our client is highly revered spiritual guide, renowned worldwide for his spiritual discourses as “Nirmal Baba” and has lacs of followers in India and abroad. जवाब- आध्यात्मिक गुरु पैसे लेकर प्रवचन नहीं देता. वो स्वेच्छा से मिलने वाले दान पर जीवन यापन करता है या फिर घूम घूम कर अपने खाने भर मांग लेता है. यह रही है अपने देश में परंपरा. पैसे लेकर प्रवचन सुनाने वाला या कथित कृपा करने वाला व्यवसायी है और ऐसा व्यवसाय जिसमें असत्य बातें बोली जाएं, ढोंग और अंधविश्वास की श्रेणी में आता है. लाखों फालोअर होने से कोई आदमी महान या आध्यात्मिक गुरु नहीं साबित किया जा सकता. दुनिया भर में कई आतंकवादी संगठन ऐसे हैं जिनके लाखों समर्थक या प्रशंसक हैं, पर उन्हें दुनिया के नियम-कानून वैध नहीं ठहराते.

Fraud Nirmal Baba (22) : निर्मल बाबा के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने पहुंचे लखनऊ के दो बच्चे

निर्मल बाबा द्वारा तमाम लुभावने वादों से आम आदमी को ललचाने और फंसाने की तमाम घटनाओं के मद्देनज़र दो बच्चों ने उनके खिलाफ कार्यवाही करने की ठान ली है. ये बच्चे हैं लखनऊ निवासी तनया ठाकुर और आदित्य ठाकुर. ये बच्चे यूपी में एक आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार डॉ नूतन ठाकुर की संतान हैं. तनया की उम्र सोलह साल और आदित्य की उम्र तेरह साल है. इन दोनों के निर्मल बाबा के तमाम कृत्यों को सामने रखते हुए आज एक प्रार्थनापत्र थाना गोमतीनगर, लखनऊ में दिया.

राष्ट्रीय सहारा, बेगूसराय के पत्रकार और ब्लागर मनीष राज के पिता का निधन

बेगूसराय से सूचना मिली है कि आज सुबह राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार व ब्लागर मनीष राज के पिता रविंद्र प्रसाद सिंह का शव कुरहा बाजार में पड़ा मिला. इलाकाई साहबपुर कमाल थाने के थानाध्यक्ष ने जब आसपास के लोगों से शव की पहचान कराई तो पता चला कि ये मनीष राज के पिताजी हैं. आनन फानन में घरवालों को सूचना दी गई. 45 वर्षीय रविंद्र प्रताप सिंह मानसिक रूप से इन दिनों अस्वस्थ चल रहे थे.

भड़ास को निर्मल बाबा ने लीगल नोटिस भेजा Nirmal Baba sends legal notice to Bhadas ‎

: legal notice for posting of defamatory content : 10 April 2012, To, Mr. Yashwant Singh, CEO and Editor, Bhadas4Media.com, New Delhi. Sub: Legal Notice for cease and desist from publishing of defamatory articles or blogs about Sh. Nirmaljit Singh Narula on Bhadas4Media.com, Sir, Under the instructions of my client, Sh. Nirmaljit Singh Narula, S/o Sh. S.S. Narula, resident of E – 66, Greater Kailash – 1, New Delhi(hereinafter referred to as “our client”); I thereby shall serve upon you the following legal notice-

हाई कोर्ट का आदेश- मीडिया में सेना की मूवमेंट की खबर न आए

डॉ नूतन ठाकुर (कन्वेनर, नेशनल आरटीआई फोरम) द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में दायर पीआइएल संख्या 2685/2012 (एम/बी) में जस्टिस उमानाथ सिंह और जस्टिस वी के दीक्षित ने आदेश दिया कि प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में सेना के मूवमेंट की खबर नहीं आनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि वे मीडिया की स्वतंत्रता को रोक नहीं रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि पूर्व में ही सेना की मूवमेंट को लेकर तमाम खबरें मीडिया में आ चुकी हैं अतः अब यह आवश्यक हो गया है कि इस तरह से सेना के मूवमेंट की खबरों पर रोक लगे.

जनसंदेश टाइम्स, गोरखपुर में शैलेंद्र मणि ने ली सात की बलि

गोरखपुर से नए लांच हिंदी दैनिक जनसंदेश टाइम्स से सात लोगों की अचानक छंटनी कर दी गई है. इन सभी को न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई सेलरी. संपादक शैलेंद्र मणि के निर्देश पर सुशील वर्मा, अरुण गोरखपुरी, देवेंद्र नाथ दुबे, शाहीन्दा अब्बासी, दीपिका वर्मा, राधा शर्मा, फोटोग्राफर घनश्याम चतुर्वेदी को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. ये लोग कई महीनों से काम कर रहे थे. एचआर के लोगों ने इन्हें फोन कर कर के कहा कि अब आपको आफिस नहीं आना है. इन्हें आफर लेटर दिया था, लेकिन ज्वायनिंग लेटर आज तक नहीं दिया गया था.

सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए काटजू ने जरदारी को ख़त लिखा

To, H.E. The President of Pakistan, Mr. Asif Zardari, Through H.E. the Pakistan High Commissioner to India- Mr. Shahid Malik, New Delhi, 10.04.2012, Your Excellency, Re: Release of Sarabjit Singh, Your Excellency’s recent visit to India and Ajmer Sharif has created a climate for good relations between our two countries.

मेरा-तेरा नहीं बल्कि ऐश्वर्या-युवराज का मीडिया

घर लौटा युवराज, कैंसर बाउंड्री पार!- जैसी शीर्षकों से आज का मीडिया अटा पड़ा है। खुशी की बात है। हो भी क्यों नहीं एक व्यक्ति स्वस्थ होकर आया है। फिर खेलेगा भारत की और से। मीडिया ने पलक पांवड़े बिछा दिए। तब भी हल्ला मचाया था, जब उसकी बीमारी की खबर सामने आई थी। पलक पांवड़े बिछाकर आखिर क्या संदेश देना चाहती है मीडिया? कि कैंसर एक बड़ी ही गंभीर बीमारी है, या यह कि इसका इलाज अपने देश में बेहतर संभव नहीं? या फिर यह कि यह एक मामूली बीमारी है और इसका इलाज संभव है।

श्रवण गर्ग नईदुनिया अखबार के प्रधान संपादक बने

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग को नई दुनिया अखबार का प्रधान संपादक बना दिया गया है. अभी तक दैनिक भास्कर के समूह संपादक रहे श्रवण गर्ग ने इसी पहली अप्रैल को भास्कर को अलविदा कहा था. तबसे कयास लगाया जा रहा था कि श्रवण गर्ग किसी दूसरे ग्रुप के साथ नई पारी शुरू करेंगे या फिर स्वतंत्र पत्रकार के रूप में अपनी नई पारी खेलेंगे. नई दुनिया को जागरण समूह द्वारा खरीदे जाने के बाद श्रवण गर्ग को इस अखबार का प्रधान संपादक बनाया जाना बताता है कि श्रवण गर्ग की नियुक्ति दैनिक जागरण के मालिकों की सहमति से ही की गई होगी.

मिस कंडक्ट के आरोप में सहारा, आगरा के मनोज यादव सस्पेंड

सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है. यह पत्र मनोज कुमार यादव, रिपोर्टर / सीनियर आफिस वर्कर, रिपोर्टिंग डिपार्टमेंट, सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन, आगरा को संबोधित है. इस सस्पेंसन आर्डर में कहा गया है कि आपकी सर्विस इमीडिएट इफेक्ट से सस्पेंड की जाती है. वजह बताया गया है मिसकंडक्ट. मनोज को एसआईएमसी, नोएडा के साथ अटैच कर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि मनोज यादव पर कई तरह के आरोप हैं. वे कई तरह के धंधों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है.

Times of India वालों की इंगलिश Off हो गई है क्या? पढ़िए यह न्यूज

टाइम्स आफ इंडिया अखबार में ऐसी अंग्रेजी. पढ़ने वाले सिर पीट रहे हैं. छह अप्रैल को टाइम्स आफ इंडिया की वेबसाइट पर एक खबर प्रकाशित हुई. संभव है यह न्यूज अखबार में छपी हो, संबंधित एडिशन में. इस खबर में अंग्रेजी की इतनी ग्रामेटिकल मिस्टेक हैं कि पाठकों ने अपनी प्रतिक्रिया भी खूब दी है. किसी ने एडिटर की मांकानाका की है तो किसी ने लेखक की. सबने टाइम्स आफ इंडिया वालों को कोसा है कि प्लीज, एडिटिंग और ग्रामर पर ध्यान दिया करें. ये है न्यूज और उसके ठीक नीचे पाठकों के कमेंट.

डेली न्यूज एक्टिविस्ट के आलेख को चुराकर सी एक्सप्रेस में संपादकीय के रूप में छापा

लखनऊ से प्रकाशित डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट के पेज नंबर 9 पर 'आम आदमी की सुरक्षा पर हावी वीआईपी सुरक्षा' शीर्षक से सिद्धार्थ शंकर गौतम का आलेख प्रकाशित हुआ. अगले दिन 4 अप्रैल को यही आलेख बिना एक शब्द परिवर्तित किये आगरा से प्रकाशित अखबार सी एक्सप्रेस में ''वीआईपी सुरक्षा आम आदमी पर हावी'' शीर्षक से सम्पादकीय लेख के रूप में प्रकाशित कर दिया गया. सी एक्सप्रेस ने पूरे आर्टिकल को चुराकर अपना संपादकीय बना दिया.

ललितपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा की माता जी का निधन

ललितपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा की माता जी विमला देवी शर्मा का बीमारी के चलते निधन हो गया है. उनके निधन की खबर सुनते ही जिले के सभी पत्रकारों में शोक की लहर छा गयी. विमला देवी शर्मा माता जी का अंतिम संस्कार नगर के खिर्कापुरा स्थित मुक्तिधाम में वैदिक रीती रिवाज के अनुसार किया गया. इस अंतिम यात्रा में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित सभी पत्रकार सम्लित रहे. पत्रकारों ने मां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की.

दीपक लांबा का ब्लूमबर्ग यूटीवी से इस्तीफा, हरेश चावला की नई पारी

अंग्रेजी बिजनेस न्यूज़ चैनल ब्लूमबर्ग यूटीवी के बिजनेस हेड दीपक लांबा ने इस्तीफा देकर नई पारी कुछ नया करने का ऐलान किया है. वे 2010 की शुरुआत से इस चैनल में कार्यरत थे. उनका कहना है कि वे जल्द ही एक मीडिया समूह में कुछ नया करने जा रहा हूं. लांबा ने करियर की शुरुआत ‘हंगामा’ चैनल से की. वे वायकॉम ब्रांड सोल्यूशन और एमटीवी इंडिया में भी रहे.

300 करोड़ रुपये देकर टीवी टुडे ग्रुप का 26 फीसदी शेयर खरीदेगा आदित्य बिरला ग्रुप!

: आजतक न्यूज चैनल की मूल कंपनी में पैसा लगा कर मीडिया क्षेत्र में पांव पसारेगा आदित्य बिरला समूह : बड़े कहे जाने वाले चैनलों और अखबारों में कारपोरेट घरानों का पैसा लगने का क्रम तेज हो गया है. नेटवर्क18 और ईटीवी में मुकेश अंबानी ने कब्जा जमा लिया तो अब ताजी सूचना ये है कि आदित्य बिरला ग्रुप आजतक समेत कई चैनल चलाने वाली कंपनी टीवी टुडे ग्रुप में अपना पैसा लगाने जा रहा है. मीडिया इंडस्ट्री में चर्चा है कि आदित्य बिरला समूह की कोशिश है कि वह टीवी टुडे नेटवर्क में पैसा लगाकर मीडिया में अपना हाथ-पांव फैलाए.

पत्रिका, रायपुर में पलायन का दौर शुरू

पत्रिका, रायपुर को बड़ी संख्या में लोग छोड़कर जा रहे हैं। पिछले एक महीने में पांच लोगों ने संपादक गिरिराज शर्मा का साथ छोड़ दिया। इसमें चार लोगों ने भास्कर ज्वाइन किया है। फोटोग्राफर नरेंद्र बंगाले, जस्ट रिपोर्टर मनीष पांडेय, जस्ट के डेस्क से तन्मय अग्रवाल ने छोड़ दिया। तन्मय जस्ट रायपुर की रीढ़ माने जाते थे। देवेश तिवारी ने भी पत्रिका को छोड़ दिया। उन्होंने साधना न्यूज ज्वाइन किया है।

गुजरात के गांधीनगर में जीएनएस संवाददाता गौतम पुरोहित पर हमला

गुजरात समाचार के आनलाइन एडिशन ग्लोबल न्यूज सर्विस (जीएनएस) के संवाददाता गौतम पुरोहित पर आज सुबह पांच- छह बजे के बीच गांधीनगर में कुछ लोगों ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है. पुरोहित इस वक्त आइसीयू में भर्ती हैं. खबर के अनुसार गुजरात विधानसभा सत्र के दौरान जो पोर्नकांड प्रकाश में आया था, उसको ध्यान में रखकर यह हमला करवाया गया है.

अमर उजाला, बनारस में कई जिला प्रभारियों का तबादला

 

अमर उजाला, बनारस में कई आंतरिक बदलाव किए गए हैं. कई जिले के प्रभारियों की जिम्‍मेदारी में फेरबदल किया गया है. सोनभद्र के ब्‍यूरोचीफ के रूप में कार्यरत सीनियर सब एडिटर पवन तिवारी का तबदला बनारस यूनिट में कर दिया गया है. वे पिछले पांच सालों से सोनभद्र के ब्‍यूरोचीफ के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी निभा रहे थे. उनकी जगह आजमगढ़ के ब्‍यूरोचीफ प्रवीर शर्मा को सोनभद्र का नया प्रभारी बनाया गया है.

विवादित आईपीएस अधिकारी रवि कुमार लोकू Ravi Kumar Lokku पर गिरी गाज, दर्जनों IPS officer भी हुए इधर-उधर

महिलाओं को बिना अपराध थाने में बंद कराने के आरोपी यूपी कैडर के IPS officer Ravi Kumar Lokku उर्फ L. Ravi Kumar पर गाज गिर गई है. उन्हें डीआईजी इलाहाबाद के पद से हटा दिया गया है. आंध्र प्रदेश निवासी इस आईपीएस अधिकारी रवि कुमार लोकू (बैच- आरआर-95) को फील्ड की महत्वपूर्ण पोस्टिंग से हटाकर स्थापना पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद पर भेज दिया गया है. लोकू को हाल में ही जब इलाहाबाद का डीआईजी बनाया गया तो इससे संबंधित खबर का भड़ास पर प्रकाशन किया गया, उसे पढ़ने के लिए इस शीर्षक पर क्लिक करें- ''मां को अपमानित करने वाले आईपीएस रवि कुमार लोकू को प्रमोशन''

Fraud Nirmal Baba (21) : क्या टैम पर भी हो गई है बाबा के नोटों की बारिश!

इस बात का कोई सुबुत तो नहीं है लेकिन शत प्रतिशत ऐसा ही है क्योंकि तीसरी आंख वाले बाबा का ढोंग बकौल न्यूज़ चैनल्स एक विज्ञापन के तौर पर प्रसारित किया जा रहा है लेकिन सवाल ये है कि आखिर एक विज्ञापन को टीआरपी में क्यों गिना जा रहा है। हर हफ्ते टैम की ओर से जारी होने वाली रिपोर्ट में वो आधे घंटे टीआरपी में क्यों गिने जा रहे हैं। न्यूज़ चैनलों के संपादक शायद अपने साथियों की मेहनत को मिट्टी में मिलाने में तुले हैं लेकिन क्या टैम वालों पर भी तीसरी आंख की कृपा हो गई है? क्या टैम वालों ने भी घर में कढ़ी चावल बनाने शुरू कर दिये हैं? सवाल लाख टके का ये भी है।

समाचारों में सनसनी के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ज्यादा जिम्मेदार : आडवाणी

इंदौर। समाचारों के सनसनीखेज प्रस्तुतिकरण के चलन पर चिंता जताते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि पत्रकारिता जगत की इस ‘विकृति’ के लिये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया के मुकाबले ज्यादा जिम्मेदार है। इंदौर प्रेस क्लब के स्वर्ण जयंती महोत्सव के दौरान ‘आज की पत्रकारिता’ के विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में हिस्सा लेते वक्त आडवाणी ने यह मत व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘यह माना जा रहा है कि अगर समाचार में सनसनी नहीं है तो लोग इसे पढेंगे या देखेंगे नहीं। इसलिये समाचारों को इस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे सनसनी पैदा हो।’ 

गोंडा के अदम गोंडवी के जाने के बाद अब ब्रजभूषण लाल चले गए

वामपंथी संस्कृतिकर्मी व राजनीतिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण लाल नहीं रहे। बीते रविवार 8 अप्रैल 2012 को लखनऊ में उनका निधन हो गया। वे पिछले काफी अरसे से हृदय रोग से पीड़ित थे। इलाज के लिए उन्हें गोण्डा से लखनऊ लाया गया था। पिछले साल दिसम्बर में गोण्डा से अदम गोण्डवी को बीमारी की गंभीर हालत में लखनऊ लाया गया था। उन्हें भी नहीं बचाया जा सका और अन्त में उनके पार्थिव शरीर को नम आंखों से लखनऊ से गोण्डा के लिए विदा किया गया। ब्रजभूषण लाल के साथ भी यही कहानी दोहराई गई।

जरदारी के चरणों में लोट गया भारतीय टीवी मीडिया

खुद पत्रकारिता से जुड़ा होने के बावजूद ये कहने को मजबूर हो गया हूं, आसिफ अली ज़रदारी भारत क्या आये, मानो भारतीय इलैक्ट्रॉनिक मीडिया को 24 घंटे का मसाला मिल गया. दुखद है ज़रदारी का प्लेन लैंड हुआ, ज़रदारी गाड़ी में बैठकर निकल गये, ज़रदारी का काफिला यहां पहुंचा, ज़रदारी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के यहां लंच के लिए पहुंच गये, मानो देश की धरती पर कोई चमत्कार हो गया हो, आखिर मीडिया ये कैसे भूल गया कि ज़रदारी आने से पहले ही सबसे अहम मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बातचीत करने के लिए मना कर चुके हैं.

Fraud Nirmal Baba (20) : Shame Shame DJ, निर्मल बाबा के खिलाफ ब्लाग पर प्रकाशित सारी पोस्ट डिलीट

दैनिक जागरण वालों ने जागरण जंक्शन डाट काम नाम से एक ब्लाग पोर्टल बनाया है जिस पर कोई भी जाकर अपना ब्लाग बनाकर अपने मन की बात लिख सकता है. लेकिन यहां अगर आपने वाकई अपने मन की बात लिख दी तो आपका ब्लाग और आपकी पोस्ट बिना आपके बताए डिलीट की जा सकती है. पिंकी खन्ना नामक ब्लाग लेखिका ने जागरण वालों के ब्लाग मंच जागरण जंक्शन पर poghal नाम से अपना ब्लाग बनाया था और निर्मल बाबा के खिलाफ हाल में उन्होंने कई पोस्टें लिखकर प्रकाशित की. इन पोस्ट के शीर्षक ये हैं-

अजमेर हंस रहा था जरदारी के इस ‘लाइव कवरेज’ पर

पत्रकारिता के सर्वमान्य सिद्धांतों में यह भी आता है कि जब आप किसी खबर को कवर करने जा रहे हों तो कम से कम वहां की सामान्य जानकारी तो आप कर ही लें, परंतु लगता है हिन्दी न्यूज चैनल ‘हम नहीं सुधरेंगे’ के अपने अड़ियल सिद्धांत पर कायम रहने की कसम खा चुके हैं। इतवार को भी ऐसा ही हुआ। पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनके बेटे बिलावल की अजमेर यात्रा को लेकर न्यूज चैनल जो ‘लाइव कवरेज’ कर रहे थे, उसे लेकर अजमेर की जनता हंस रही थी। पत्रकारों को कितना सामान्य ज्ञान होता है, यह भी नजर आ रहा था।

सी समूह के चैनल और अखबार की हालत खराब

आगरा के सी समूह की हालत गंभीर हो गयी है. हाल में ही लांच किया गया चैनल सी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड तो लगभग हर मोर्चे पर फ़ेल हो गया है. चैनल को विज्ञापन मिल नहीं रहा है. कंटेंट में दम नहीं है. स्ट्रिंगरों का चैनल लांच होने के बाद से ही भुगतान नहीं किया गया हैं. सी यूपी चैनल देखने में बिलकुल थर्ड क्लास क्‍लास का लगता हैं. यूपी के ज्‍यादातर जिलों में तो चैनल दिख ही नहीं रहा है. प्रबंधन इसमें सुधार लाने की कोई कोशिश भी नहीं कर रहा है. सब भगवान भरोसे चलता दिख रहा है.

Fraud Nirmal Baba (19) : ढोंगी निर्मल बाबा को ही संपादक बना देना चाहिए, टीआरपी-पैसा दोनों मिलेगा

टीवी-अखबारों में हर रोज चमकने-छपने वाले, नेताओं-मंत्रियों की नैतिकता पर उंगली उठाने वाले, भ्रष्‍टाचार को लेकर चीखते-चिल्‍लाते-अपनी आवाज बुलंद करने वाले वरिष्‍ठ पत्रकार, जिनके चेहरों को देखकर-प्रवचन रूपी लेखनी को पढ़कर तमाम युवा इनको रोल मॉडल मानकर जर्नलिस्‍ट बनने का सपना पालते हैं, पर बाहर से चमकने वाले ये चेहरे अंदर से कहीं भयावह व डरावने हैं. आम आदमी के हितों की बात करने तथा सरकार को आईना दिखाने का दंभ भरने वाले ये कथित वरिष्‍ठ पत्रकारों में हिम्‍मत से कस्‍बाई पत्रकारों से भी कम हैं. बाजार को पत्रकारिता के लिए अभिशाप मानने वाले वास्‍तव में बाजार के बहुत बड़े दलाल हैं. बाजार से इनको बहुत डर लगता हैं. इनमें पत्रकारिता के सिद्धांतों के एक किनारे पर भी खड़े रहने का आत्‍मबल नहीं है.

नब्बे परसेंट भारतीय मूर्ख हैं- जस्टिस काटजू

Someone told me “Justice Katju, you say you wish to keep away from controversies, but why it that controversies keep chasing you ?” I replied that while it is true that I wish to be uncontroversial, but at the same time I have a great defect, and that is this: I cannot remain silent when I am seeing my country going downhill. Even if others are deaf and dumb I am not. So I will speak out. As Faiz said: “Bol ki lab azad hain tere, Bol zubaan ab tak teri hai”. In our Shastras it is written: “Satyam bruyat, priyam bruyat, na bruyat satyam apriyam” Which means “Speak the truth, speak the pleasant, but do not speak the unpleasant truth”

बाजारू बन गए हैं आज के दौर के पत्रकार

: 9 अप्रैल – राजेन्द्र माथुर की पुण्यतिथि पर विशेष : जब राज्य सत्ता ने संसदीय राजनीति के जरिए लोकतंत्र की परिभाषा को बदल दिया। जब संसदीय राजनीति ने सत्ता के लिये आम आदमी से अपने सरोकार को बदल दिया। जब संविधान के जरिए संसद की व्याख्या के बदले संसद के जरिए संविधान हो ही संवारा जाने लगा। तो इस बदलते दौर में मीडिया क्‍यों अपने को नहीं बदल सका। बीते साठ बरस में हर राजनीतिक प्रयोग के साथ साथ मीडिया या कहें पत्रकारिता ने भी नायाब प्रयोग किये। लेकिन आर्थिक सुधार की हवा में जब बाजार और मुनाफा ही राजनीति के मापदंड तय करने लगे तब मीडिया भी अपने मापदंड बाजार से क्‍यों आंकने लगीं। और संसदीय राजनीति के भीतर समाया लोकतंत्र ही जब कारपोरेट और निजी कंपनियों की हथेलियों में समा गया तो फिर मीडिया ने झटके में खुद को कारपोरेट या निजी हथेली में तब्‍दील करना शुरू क्‍यों कर दिया। जाहिर है यह सवाल राजेन्द्र माथुर के दौर के नहीं हैं।

एमपी सरकार ने ‘देवपुत्र’ मैग्जीन की खरीद के लिए तेरह करोड़ का भुगतान किया

Jayprakash Manas : किसी पत्रिका की ख़रीदी लाखों में सुनी थी, करोड़ों में कभी नहीं । यह सौभाग्य मिला है – मध्यप्रदेश के 'देवपुत्र' को । इतना ही नहीं, विद्याभारती की इस पत्रिका को अगले 15 साल तक खरीदने के लिए करीब 13 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान भी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर दिया गया है । और यह राशि केन्द्र सरकार की है । है ना ना सुखद और दुखद दोनों ही !

इंदौर प्रेस क्‍लब के पूर्व महासचिव अन्‍ना दुरई की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज की

इंदौर प्रेस क्‍लब के पूर्व महासचिव अन्‍ना दुरई की दो याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने रजिस्‍ट्रार को निर्देश दिया है कि वे इस मामले का निपटारा अपने स्‍तर से एक सप्‍ताह के अंदर करें. अन्‍ना ने प्रेस क्‍लब के बाइलाज में संशोधन तथा अपनी सदस्‍यता समाप्‍त किए जाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी तथा इन निर्णय पर स्‍थगन आदेश देने की मांग की थी. मामले को सुनने के बाद जस्टिस केके लोहाटी ने स्‍थगन आदेश देने से इनकार करते हुए रजिस्‍ट्रार को सुनवाई करने का आदेश दिया.

सीहोर में एसपी के आदेश से प्रेस पर सेंसरशिप लगा

: बिना एसपी के अनुमोदन के अधीनस्‍थ नहीं देंगे पत्रकारों को जानकारी : मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में मीडिया पर पाबंदी लगाने की कुत्सित कोशिशें शुरू कर दी गई हैं. यहां के पत्रकारों तथा पत्रकारिता पर नौकरशाही हावी होकर सेंसर लगाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है. इसी महीने कई थाना कोतवालियों में पुलिस ने अनुभागीय अधिकारी योगेश्‍वर शर्मा के हस्‍ताक्षर वाला पत्र चस्‍पा कर दिया है, जिसमें लिखा गया है कि पुलिस कप्‍तान के अनुमोदन के बाद ही पत्रकारों को कोई जानकारी दी जाए.

जी में चीफ कंटेंट एवं क्रिएटिव आफिसर बने भरत रंगा

जी समूह ने भरत रंगा को प्रमोट करके चीफ कंटेंट एवं क्रिएटिव ऑफिसर बना दिया है. रंगा जी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज में इंटरनेशनल ऑपरेशन में एक्‍जीक्‍यूटिव डाइरेक्‍टर के पद पर कार्यरत थे. भरत जी ग्रुप के एमडी कम सीईओ पुनीत गोयनका को रिपोर्ट करेंगे. वे 1998 से ही जी के साथ जुड़े हुए हैं. इन्‍होंने जी …

Fraud Nirmal Baba (18) : हर महीने 40 लाख पाने वाले चैनलों में दम नहीं है कि बाबा की भद्द करें

Pankaj Jha : करीब दस से पन्द्रह अखबार रोज पलटता-पढता हूं. लेकिन आज तक कहीं भी निर्मल (नरूला) बाबा के गोरखधंधे के बारे में कुछ भी नही पढ़ा जबकि वेब मीडिया ने बखिया उधेर दी इस चोट्टे की. यानी नया मीडिया अपनी भूमिका निभाना शुरू कर चुका है. हम निर्मल के अंत के साथ-साथ बाजारू मीडिया के अंत की भी कामना करते हैं.

दैनिक भास्‍कर, रोहतक के संपादक बने हेमंत अत्री

दैनिक भास्‍कर, रोहतक से खबर है कि हेमंत अत्री को यहां का स्‍थानी संपादक बनाया गया है. रोहतक में पहली बार किसी को संपादक पद पर नियुक्ति दी गई है. अब तक यहां पर न्‍यूज एडिटर ही संपादकीय प्रभारी का दायित्‍व संभालता था. हेमंत से पहले एनई अमित गुप्‍ता यहां की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. बताया जा रहा है कि प्रबंधन उनके कामों से खुश नहीं था, लिहाजा उनका तबादला अमृतसर कर दिया गया.

Fraud Nirmal Baba (17) : जूनियर टीवी आर्टिस्ट निधि का खुलासा- मुझे पैसे देकर सवाल पुछवाता रहा बाबा

नीचे एक लड़की की तस्वीर है. इस लड़की को आपने कहीं देखा है? ये कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी जूनियर आर्टिस्ट निधि है. अपने आरंभिक दिनों में ठगी का धंधा चमकाने के लिए ठग निर्मल बाबा नोएडा के फिल्मसिटी में स्थित एक स्टूडियो में अपने प्रोग्राम की शूटिंग करवाता था.  उस वक्त बाबा के सामने जो लोग अपनी समस्या के हल होने का दावा करते थे, वे लोग असली न होकर जूनियर आर्टिस्ट हुआ करते थे? सुबूत ये निधि नामक लड़की है.

हादसे में अमर उजाला के पत्रकार सुरेश मेहरा के पुत्र का निधन

अमर उजाला, भिवानी के ब्‍यूरोचीफ सुरेश मेहरा के बारह वर्षीय पुत्र पुनीत मेहरा का रविवार को सड़क हादसे में निधन हो गया. पुनीत कल शाम को साइकिल से किसी काम से जा रहा था. चिडि़याघर मोड़ के पास रोडवेज बस ने उसकी साइकिल में धक्‍का मार दिया, जिससे पु‍नीत सड़क पर गिर गया और बस के नीचे आ गया. हादसे के बाद चालक व कंडक्‍टर बस छोड़कर भाग निकले. घटना के बाद स्‍थानीय लोगों ने रोडवेज बस में जमकर तोड़फोड़ की.

छह सालों में विज्ञापन पर एक अरब से ज्‍यादा खर्च डाला नीतीश सरकार ने

मित्रों, इसे हम अपनी सुविधानुसार भारतीय प्रजातंत्र की विशेषता कहें या विडम्बना; आजादी के बाद से ही सामूहिक नेतृत्व के स्थान पर इसकी प्रीति व्यक्तिपूजा के प्रति कुछ नहीं बल्कि बहुत ज्यादा रही है. जैसा कि आप सब भी जानते हैं कि व्यक्तिपूजक व्यवस्था में सबसे ज्यादा जिस भौतिक-अभौतिक चीज की कीमत होती है वह होती है उस व्यक्ति की छवि. यह छवि लाजवंती से भी कहीं ज्यादा संवेदनशील और कांच से भी कहीं बढ़कर भंगुर होती है. उस पर यह ऐसी शह होती है जिसको बनाने में तो वर्षों लग जाते हैं और खंडित होने में एक क्षण भी नहीं लगता. शायद इसलिए हमारे राजनेता अपनी छवि चमकाने का कोई भी अवसर हाथ से नहीं जाने देते. यह छवि ही थी जिसने प्रधानमंत्री नेहरु को चाचा नेहरु भी बना डाला वरना बच्चे किस राजनेता को प्रिय नहीं थे- गाँधी को, राजेंद्र प्रसाद को, सरदार पटेल या सुभाष या तिलक इत्यादि किसको नहीं?

Fraud Nirmal Baba (16) : एनके सिंह, आशुतोष, अजीत अंजुम, शाजी जमां की चुप्पी का मतलब

भड़ास4मीडिया की तरफ से स्टार न्यूज के शाजी जमां, न्यूज24 के अजीत अंजुम, आईबीएन7 के आशुतोष, साधना के एनके सिंह आदि को एक मेल भेजा गया जिसमें उनसे निर्मल बाबा पर अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया गया था. लेकिन इन सारे संपादकों ने मेल को पी लिया. कोई जवाब नहीं दिया. सबकी बोलती बंद है. लगता है कि निर्मल बाबा के पैसे ने इन सबकी बोलती बंद कर दी है. निर्मल बाबा के पैसे के प्रति प्रतिबद्ध इन संपादकों ने अपनी इस करतूत के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से देश में अंधविश्वास को बढ़ावा देने का पाप किया है. मीडिया का काम कहां अंधविश्वास और पोंगापंथ के खिलाफ जनता को जागरूक कर ढोंगियों का पर्दाफाश करना था तो अब इसके उलट रहा है. मीडिया और इसके महान संपादक ढोंगी बाबाओं की मार्केट अपग्रेड अपडेट करने में लगे हैं.

Fraud Nirmal Baba (15) : अब न्यूज एक्सप्रेस देखिए, निर्मल बाबा के ढोंग पर प्रोग्राम शुरू

एक नए न्यूज चैनल ने पुराने और तेज-बेबाक-तुरंत-फटाफट आदि तमगे से नवाजे जाने वाले स्थापित न्यूज चैनलों को आइना दिखाया है. मुकेश कुमार के नेतृत्व वाले चैनल 'न्यूज एक्सप्रेस' पर निर्मल बाबा के खिलाफ प्रोग्राम शुरू हो चुका है. बाबा के ढोंग पर चोट करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है. अंधा युग नामक प्रोग्राम में बाबा, अंधविश्वास आदि पर बहस हो रही है. इस कार्यक्रम में पत्रकार धीरज भारद्वाज भी गेस्ट के बतौर मौजूद हैं. इस कार्यक्रम का प्रसारण लगातार जारी रहेगा.

सेलरी नहीं चाहिए तो सुदर्शन न्यूज़ में आपका स्वागत है

आज के युग में पत्रकारों की कोई अहमियत नहीं रह गयी है. पत्रकारिता की ताकत को देख हर युवा लोग पत्रकारिता से जुड़ना चाहते हैं किन्तु कुछ न्यूज़ चैनल ऐसे भी हैं जो जीविका के नाम पर भीख भी नहीं दे रहे हैं. इसका जीता जागता उदाहरण सुदर्शन न्यूज़ चैनल है जो तनख्वाह के नाम पर रोते दिखाई दे रहा है. यहां वही लोग जुड़ सकते हैं जो अपना घर फूंकना जानते हों और पत्रकारिता को अपना शौक समझते हों,  ना कि जीने का सहारा.

खबर चुराए जाने से नाराज पीटीआई की तरफ से आईएएनएस को नोटिस

ये दोनों न्यूज एजेंसिया हैं. पीटीआई बोले तो प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया अंग्रेजी की जानी-मानी न्यूज एजेंसी है. आईएएनएस यानि इंडो एशियन न्यूज सर्विस भी चर्चित न्यूज एजेंसी है. लेकिन कई बार आईएएनएस वाले पीटीआई की खबर चोरी कर अपने नाम से चला देते हैं. इस बार तो आईएएनएस ने पीटीआई की पूरी खबर को ही उड़ा दिया. नेपाल में जनरल वीके सिंह ने पीटीआई से एक्सक्लूसिव बातचीत में जो कुछ कहा था, उसे आईएएनएस वालों ने चुराकर आईएएनएस की क्रेडिट लाइन देकर चला दिया.

आई-नेक्स्ट के हेड आलोक सांवल अस्पताल में भर्ती

जागरण ग्रुप के बच्चा अखबार आई-नेक्स्ट के सर्वेसर्वा आलोक सांवल कानपुर में एक अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें पेट में अल्सर है, जिसका इलाज चल रहा है. पिछले हफ्ते भर से अस्पताल में भर्ती आलोक सांवल को मिलने देखने काफी मीडियाकर्मी अस्पताल पहुंचे और उनकी कुशल क्षेम ली. बताया जाता है कि आलोक सांवल पेट दर्द से परेशान थे. चेक कराया तो अल्सर निकला.

आनंद बाजार पत्रिका तथा स्‍टार के संबंध टूटने की खबरों से कर्मचारी परेशान

: प्रबंधन ने आईआईएमसी कैम्‍पस सलेक्‍शन में पास छात्रों को नहीं बुलाया इंटरव्‍यू के लिए : आनंद बाजार पत्रिका और स्‍टार समूह के मतभेद गहराने तथा संबंधों के टूटने का असर स्‍टार न्‍यूज के कार्यालय में भी देखने को मिल रहा है. यहां इस खबर को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है. सन 2003 तीन से चले आ रहे इस संबंध को लेकर मार्केट में कई तरह की चर्चा है. खबर है कि कुछ आंतरिक मतभेदों के बाद आनंद बाजार पत्रिका समूह ने रुपर्ट मर्डोक के नियंत्रण वाले स्‍टार समूह के शेयर खरीदकर उसे बाहर करने की तैयारी कर ली है.

Fraud Nirmal Baba (14) : ढोंग का होने लगा पर्दाफाश, कई तथ्य सामने आए

निर्मल बाबा की पोल खुलने लगी हैं. उसके बारे में कई तथ्य सामने आए हैं. पता चला है कि निर्मलजीत सिंह नरुला उर्फ निर्मल बाबा झारखंड के वरिष्ठ राजनेता इंदर सिंह नामधारी का सगा साला है. इस साले को नामधारी ने मंत्री रहते हुए ठेकेदारी के मैदान में जमाने की काफी कोशिश की लेकिन यह जम नहीं पाया. टीवी पर दिखने वाला निर्मल सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा असल में ठग है जो पैसे के बदले कृपा बांटने का ढोंग करता है. इस ढोंगी बाबा का ससुराल झारखंड में है और ये दस वर्ष से अधिक समय तक वहां गुजार चुका है. ये झारखंड के सांसद इंदर सिंह नामधारी का सगा साला है.

इतिहास के विरुद्ध युद्ध घोषणा : क्या ममता का ही अपराध है? बाकी जो युद्ध अपराधी हैं, उनका क्या?

बंगाल और देशभर में इन दिनों इतिहास से छेड़छाड़ को लेकर बवंडर मचा हुआ है। बंगाल में ममता बनर्जी ने पाठ्यपुस्तकों से लेनिन मार्कस और सोवियत क्रांति को विदा कर दिया तो एनसीआरटी की ग्यारहवीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पुस्तक में संविधान रचना को लेकर बाबा साहेब डा भीमराव अंबेडकर की खिंचाई शंकर के एक पुराने कार्टून के मार्फत किया गया, जिसमें दिखाया गया है कि बाबा साहब शंख पर बैठे हैं और पंडित नेहरु हांका लगा रहे हैं। देश को खुला बाजार में तब्दील करने के बाद सत्तावर्ग के रास्ते में अड़चन बनी दो प्रणुख विचारधाराओं पर यह हमला अकस्मात नहीं है। पर इतिहास के विरुद्ध युद्धघोषणा की लंबी पृष्ठभूमि को समझे बगैर विकृत इतिहास बोध के वर्चस्व को समझा नहीं जा सकता। जिसने आदमी की पहचान ही खत्म कर दी और लगातार सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक विषमता के पोषण का मुख्य हथियार बतौर इस्तेमाल हो रहा है।

कब मिलेगी हमार टीवी के कर्मचारियों को सैलरी?

सैलरी एक ऐसी जरूरी चीज है, जिसके बलबूते कर्मचारी अपना घर चलाते हैं लेकिन ये समय पर न मिले तो सोचो कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसी ही दयनीय स्थिति बनी है हमार टीवी में। यहां के कर्मचारियों को एक तो पहले ही एक महीने की सैलरी रोक कर मिल रही थी लेकिन हालात अब ये हैं कि जो रोक कर मिल रही थी वो भी नहीं दी जा रही है। सारे कर्मचारी बेहद परेशानी में है लेकिन इससे मालिक को कोई फर्क नहीं पड़ता।

सूर्यकांत द्विवेदी ने हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन किया

जैसी की सूचना थी वरिष्‍ठ पत्रकार तथा अमर उजाला, मेरठ के संपादक रह चुके सूर्यकांत द्विवेदी ने हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन कर लिया है. उन्‍होंने दिल्‍ली में ज्‍वाइन किया है. सूर्यकांत ने पिछले दिनों ही अमर उजाला, नोएडा से इस्‍तीफा दिया था, तभी से उनके हिंदुस्‍तान में जाने के कयास लगाए जा रहे थे.

अशोक एवं अखिलेश का तबादला, सुशील कार्यमुक्‍त, मनोज की नई पारी

अमर उजाला, सोलन से खबर है कि अशोक केडियाल का तबादला नाहन के लिए कर दिया गया है. वे कई सालों से ब्‍यूरोचीफ के पद पर कार्यरत थे. नाहन में भी उन्‍हें ब्‍यूरोचीफ बनाया गया है.उनकी जगह अखिलेश महाजन को सोलन का नया ब्‍यूरोचीफ बनाया जा रहा है. अखिलेश शिमला में अखबार को अपनी सेवाएं दे रहे थे. वे 10 अप्रैल को सोलन में ज्‍वाइन करेंगे.

सुरेंद्र शर्मा बने अध्‍यक्ष, मुख्‍तार अंसारी महासचिव चुने गए

: रुहेलखंड मीडिया वर्कर एसोसिएशन का गठन : बरेली के पत्रकारों की बैठक में रुहेलखंड मीडिया वर्कर एसोसिएशन का गठन किया गया. बैठक के मुख्‍य अतिथि यूपी के लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्‍साहन मंत्री भगवत शरण गंगवार रहे. इस दौरान पदाधिकारियों का भी सर्वसम्‍मति से चयन किया गया. अध्‍यक्ष पद पर सुरेंद्र शर्मा चुने गए तो महांमंत्री मुख्‍तार अंसारी बने. इन लोगों को अपनी पूरी कार्यकारिणी गठित करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. नीचे प्रेस विज्ञप्ति।

रिपोर्टर ने फेसबुक के जरिए भेजा इस्‍तीफा, संपादक ने फेसबुक पर ही स्‍वीकारा

: खुशहाल ने शुरू की हिमाचल आजकल से नई पारी : हिमाचल आजकल न्यूज चैनल से चीफ रिपोर्टर रमेश सिंगटा ने विदाई ले ली है और उनके स्थान पर खुशहाल सिंह ने हिमाचल आजकल ज्वाइन कर लिया है। हिमाचल आजकल से रमेश सिंगटा की विदाई बड़ी दिलचस्प ढंग से हुई। चैनल के प्रधान संपादक कृष्ण भानु और रमेश सिंगटा संयोग से एक साथ अपने-अपने फेसबुक एकाउंट पर ऑनलाइन पर थे। अचानक सिंगटा ने संपर्क कर फेसबुक पर लिखा कि वह एक नया अखबार ज्वाइन करना चाहते हैं, क्या अनुमित है।

जरदारी के ‘अंडरवियर’ या ‘लंगोट’ का रंग पता नहीं कर पाए न्‍यूज चैनल

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी मय लाव-लश्कर के 8 अप्रैल 2012 को भारत पहुंच गये। जिन जरदारी और उनके देश को हम पानी पी-पीकर सौ-सौ गालियां एक सांस में देते हैं, उनके लिए देश के “हुक्मरान” पलक-पांवड़े बिछाये राहों में खड़े थे। उन जरदारी साहब के लिए हमारे हुक्मरानों ने, वो सब शाही व्यंजन (56 भोग) खास-खानसामाओं की फौज से तैयार करवा लिये, जिनकी सेना ने कारगिल में भारत की उन तमाम नव-विवाहिताओं के सिंदूर पोंछ दिये थे, जिनके हाथों की मेंहदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था।

जीएनएन में स्ट्रिंगर बनाने के लिए वसूले जा रहे हैं पैसे!

कुछ करोड़ लगाकर आए दिन खुलने वाले चैनल ना तो जनता का दुख दर्द बांट पा रहे हैं और ना ही ये रूट लेबल के पत्रकारों का कुछ भला कर पा रहे हैं. इन्‍हें ऐनकेन प्रकारेण बस पैसा कमाने की चिंता रहती है, चाहे वो स्ट्रिंगर किसी को ब्‍लैकमेल करके दे या ये लोग निर्मल बाबा जैसों का विज्ञापन चलाकर मिले. मझोले स्‍तर के चैनल में पत्रकारों का हाल कितना बुरा है ये उनसे बात करके ही पता लगाया जा सकता है. निम्‍नतम सेलरी, लेटलतीफ सेलरी, काम की अधिकता, तनाव-दबाव, नौकरी की अस्थिरता के बीच पत्रकारिता करने की मजबूरी है इन पत्रकारों के सामने.

कुरुक्षेत्र फिल्‍म महोत्‍सव में जमकर परोसी गई अश्‍लीलता, जांच के आदेश

यशवंत भाई, नमस्कार। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में आयोजित किए गए कथित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल में की गई दलाली और उसके स्तर के बारे में पिछले कई दिनों से सुना जा रहा था। अजीत राय नाम के जो शख्स इस धंधे में लिप्त हैं उनके पत्रकारिता कैरियर के बारे में तो मैं नहीं जानता, लेकिन पंजाब केसरी में जो समाचार छपा है अगर वह सही है तो यह बड़ी ही चिंता का विषय है।

मीडिया का अराजक व्‍यवहार देश को तोड़ देगा

: समय से संवाद : चर्चिल ने भविष्यवाणी की थी. आजादी की पीढ़ी के नेताओं को गुजर जाने दीजिए, आने वाले नेता शासक या राज्यों के सूबेदार भारत को छिन्न-भिन्न कर देंगे. तबाह कर देंगे. हम इसी रास्ते हैं. अब सेना जैसे संगठन की छवि ध्वस्त करने में हम जी-जान से लग गये हैं. मैं मीडिया का आदमी हूं. लगातार अपनी गलतियों के बावजूद खुद को जिम्मेदार मीडियाकर्मी मानता हूं. पर मेरा निष्कर्ष है कि मीडिया का मौजूदा अराजक व्यवहार देश को तोड़ देगा. पहले सेनाध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री को लिखी चिट्ठी लीक होती है, फिर सेना के रूटीन अभ्यास को विद्रोह की शक्ल देकर पेश किया जाता है. पहले अखबारों में यह खबर छपती है, फिर दिन भर चैनलों पर इसकी व्याख्या-विश्लेषण होता है. क्या हम एक -एक कर संस्थाओं को तोड़ देने पर तुले हैं?

कानपुर में इनपुट इंचार्ज बनेंगे राघवेंद्र चड्ढा

दैनिक जागरण, व़ाराणसी के न्‍यूज एडिटर राघवेंद्र चड्ढा का ट्रांसफर कानपुर किया था। खबर है कि उन्‍हें कानपुर में इनपुट इंचार्ज बनाया गया है। बनारस में संपादकीय प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। जागरण प्रबंधन इस वक्‍त जोर शोर से लोगों को इधर से उधर करने पर तुला है, जिसकी मुख्‍य वजह एक जगह पर वर्षों से टिके पत्रकारों का वर्चस्‍व को तोड़ना है। इसी क्रम में कानपुर और लखनऊ में भी कई पत्रकारों को इधर-उधर किया गया है।

पीपुल्‍स समाचार, ग्‍वालियर से संपादक मनोज वर्मा समेत 36 लोगों का ट्रांसफर

पीपुल्स समाचार, ग्वालियर की उल्‍टी गिनती शुरू हो गई है। संपादक मनोज वर्मा का तबादला कर दिया गया है। वे ग्वालियर से रिलीव होकर चले गए हैं। उनके बारे में कहा जा रहा कि वे भोपाल में ज्वाइन करने के बजाय घर बैठना ज्यादा पसंद करेंगे। क्योंकि ग्वालियर में वे स्थानीय संपादक थे और भोपाल में उन्हें स्थानीय संपादक के अधीन रखा गया है। वहीं पीपुल्स समाचार, ग्वालियर में काम करने वालों को छंटनी का फरमान भी मालकिन रुचि विजयवर्गीय के दूत हरीश मरवाह ने सुना दिया है।

रतन सिंह जनसंदेश टाइम्‍स पहुंचे, शैलेंद्र एवं मनोज का तबादला

हिंदुस्‍तान, बनारस से खबर है कि वरिष्‍ठ पत्रकार रतन सिंह ने इस्‍तीफा दे दिया है. रतन सिंह बिना गलती फोर्स लीव पर भेजे जाने से नाराज थे. उन्‍होंने अपनी नई पारी जनसंदेश टाइम्‍स के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां पर चीफ सब एडिटर बनाया गया है. रतन सिंह पिछले दो दशक से ज्‍यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. इनकी गिनती अच्‍छे खेल पत्रकारों में होती रही है. वे हिंदुस्‍तान के अलावा दैनिक जागरण तथा अमर उजाला को भी कई शहरों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

हिंदुस्‍तान के कई संपादकों के जिम्‍मेदारियों में बदलाव की चर्चा

हिंदुस्‍तान में कई संपादकों के बदलाव की बड़ी सूचनाएं मिल रही हैं. हालांकि सूत्र अभी इन्‍हें आधिकारिक रूप से पुष्‍ट नहीं कर रहे हैं, पर इन बदलावों को तय माना जा रहा है. जो चर्चाएं हैं उसके अनुसार हिंदुस्‍तान, मेरठ के संपादक पुष्‍पेंद्र शर्मा को आगरा भेजा जाने वाला है. पुष्‍पेंद्र की जगह अमर उजाला, मेरठ के संपादक रह चुके वरिष्‍ठ पत्रकार सूर्यकांत द्विवेदी को उनकी जगह नया संपादक बनाए जाने की चर्चा है. वहीं आगरा के संपादक तथा वरिष्‍ठ पत्रकार केके उपाध्‍याय के बारे में कहा जा रहा है कि प्रबंधन उनके कामों से खुश हैं. उनके निर्देशन में पश्चिमी यूपी की कई यूनिटें लांच की गई हैं.

भास्‍कर में रोहतक के संपादक अमित गुप्‍ता समेत कई का तबादला

इन दिनों सभी बड़े अखबारों में तबादलों और जिम्‍मेदारियों के बदलाव का दौर चल रहा है. इस क्रम में भास्‍कर के पंजाब-‍हरियाणा के यूनिटों में भी तबादलों का दौर जारी है. दैनिक भास्‍कर, रोहतक के एनई अमित गुप्‍ता को अमृतसर भेजा जा रहा है. लुधियाना में तैनात डीएनई जितेंद्र श्रीवास्‍तव को रोहतक भेजा जा रहा है. रोहतक में स्‍थानीय संपादक के पद पर अभी किसी को नहीं भेजा गया है.

अमर उजाला के तीन सीनियर सब हिमाचल दस्‍तक पहुंचे

हिमाचल प्रदेश से जल्‍द ही प्रकाशित होने जा रहे दैनिक हिमाचल दस्‍तक दस्‍तक ने दैनिक भास्‍कर के बाद अमर उजाला में भी सेंध लगा दी है. खबर है कि अमर उजाला, शिमला और जम्‍मू से तीन सीनियर सब एडिटरों ने इस्‍तीफा देकर हिमाचल दस्‍तक ज्‍वाइन कर लिया है. इसमें अंकित सोनी, धीरज गुरंग और राजीव …

मिशन बदला के तहत लांच किया जा रहा ‘हिमाचल दस्तक’!

: कानाफूसी : हिमाचल प्रदेश से सम्भवतः मई में शुरू होने जा रहा है अखबार ‘हिमाचल दस्तक’। वैसे तो इसका शुभारंभ जनवरी 2012 में होना था लेकिन टलते-टलते अप्रैल 2012 तक पहुंच गया है। अब कहा जा रहा है कि मई में तो अखबार लांच हो ही जाएगा। प्रारंभ में चर्चा थी कि 32 पेज का होगा, लेकिन अब 12 पेजी अखबार की चर्चा चल रही है। हिमाचल दस्तक का संपादक लंबी खोजबीन के बाद हेमंत कुमार को बनाया गया है। हेमंत कुमार दैनिक भास्कर में चण्डीगढ़ में रहे हैं और यह उनका पहला और अब तक का अंतिम अखबार है। कई तरह की चर्चाएं है। कहा जा रहा है कि संपादक के लिए कोई बड़ा नाम प्रबंधन को मिला नहीं, इसीलिए हेमंत ही सही। हेमंत कुमार के सगे साढू इस अखबार के स्टेट ब्यूरो चीफ तैनात किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया के लिए दिशानिर्देश तय करने के संबंध में चार और मामले जोड़े

नई दिल्ली। मीडिया के लिए अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग के मकसद से दिशानिर्देश तय करने के प्रयास में लगे उच्चतम न्यायालय ने इस संबंध में दलीलों का दायरा बढ़ाने के लिए आरूषि हत्याकांड सहित चार और मामले जोड़े हैं। मीडिया को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज लीक होने के बीच सहारा समूह और सेबी के बीच विवाद से संबंधित मामले में आवेदन जमा होने के बाद प्रधान न्यायाधीश एसएच कपाडिया की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने मामले पर सुनवाई की।

एचटी, भोपाल के जर्नलिस्ट रंजन के पिता राजेश्वर का निधन

इलाहाबाद के एचटी के ब्यूरो चीफ रहे, इलाहाबाद न्यूज रिपोटर्स क्लब के सचिव रहे और वर्तमान में हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल के चीफ रंजन श्रीवास्तव के पिता राजेश्वर लाल श्रीवास्तव का शनिवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मूलत: कुशीनगर के निवासी राजेश्वर लाल श्रीवास्तव सहकारिता विभाग की सेवा से निवृत्त हुए थे। 72 वर्षीय राजेश्वर लाल अपने पीछे दो पुत्र, चार पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए।

तूल पकड़ने लगा एनसीआरटी के पाठ्य पुस्तक में अंबेडकर के अपमान का मामला

सत्तावर्ग भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के अपमान का कोई मौका नहीं चूकती। हालांकि अछूतों के वोटबैंक की​ ​खातिर सभी दलों की मजबूरी है कि बाबा साहेब का गुणगान किया जाये। अन्ना ब्रिगेड बाकायदा संविधान बदलने की मांग करता है तो खुद नेहरु ने संविधान की समीक्षा के लिए कमिटी बनायी। इंदिरा गांधी ने भी स्वर्म सिंह कमिटी बनायी। अब संविधान समीक्षा की बात नहीं होती। ​​आर्थिक सुधार के बहाने सारे कानून बदले जा रहे हैं। बाबा साहेब का रचा मूल संविधान तो वजूद में ही नहीं है। नागरिकता संविधान ​​संशोधन विधेयक तो संविधान में शरणार्थियों को पुनर्वास और नागरिकता दिये जाने के प्रावधान को बदले बगैर पास हो गया।

दैनिक भास्कर से चार पत्रकारों ने इस्तीफा देकर ‘हिमाचल दस्तक’ का दामन थामा

पहले से ही संपादकीय कर्मियों की कमी से जूझ रही दैनिक भास्कर, लुधियाना यूनिट को फिर झटका लगा है. दैनिक भास्कर, जम्मू से हाल में ही ट्रांसफर होकर दैनिक भास्कर, लुधियाना आए तीन सीनियर सब एडिटरों ने इस्तीफा दे दिया है. इनके नाम हैं नीलकांत, रवि कुमार और शशि गुलेरिया. सूत्रों का कहना है कि इनके इस्तीफे का कारण डेस्क पर क्षेत्रवाद की राजनीति है.

इंडियन वोमेन्स प्रेस क्लब चुनाव : रितु-मन्निका-स्मिता के पैनल ने दिखाया रंग

इंडियन वोमेन्स प्रेस कार्प के चुनाव के नतीजे आ गए हैं. प्रेसीडेंट और वाइस प्रेसीडेंट के पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया था. टीके राजलक्ष्मी प्रेसीडेंट हैं. दो वाइस प्रेसीडेंट्स के नाम हैं- शोभना जैन और अरुणा सिंह. पर प्रेसीडेंट और वाइस प्रेसीडेंट एक ही पैनल की हैं. इस पैनल के अन्य उम्मीदवार चुनाव हार गए. रितु सरीन, मन्निका चोपड़ा और स्मिता मिश्रा के पैनल ने जीत हासिल की. मन्निका चोपड़ा जनरल सेक्रट्री बनी हैं. उन्होंने अन्नपूर्णा झा को हराया. ट्रेजरार के पद पर रितु सरीन निर्वाचित घोषित की गई हैं. उन्होंने सोनल कैलाग को हराया. ज्वाइंट सेक्रेट्री के पद पर स्मिता मिश्रा ने विजयश्री हासिल की है.

दैनिक भास्‍कर, फरीदकोट के प्रभारी बने दिलबाग

दैनिक जागरण, बठिंडा के कार्यालय में क्राइम रिपोर्टर दिलबाग दानिश ने संस्थान को इस्तीफा देकर अपनी नई पारी दैनिक भास्कर, फरीदकोट से शुरू की है। दिलबाग ने फरीदकोट के इंचार्ज के रूप में कार्यभार संभाला है। फरीदकोट में भास्कर का आफिस नहीं था और उन्हें एक अच्‍छे रिपोर्टर की जरूरत भी थी, इसलिए उन्‍होंने दिलबाग …

हिंदुस्‍तान ने कथा शुरू होने से पहले ही छाप डाला बाबा का प्रवचन

: मामला चंदौली जिले का : आज की भागती दुनिया में लोग एक दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं. कोई शार्ट कट ले रहा है तो कोई दूसरा रास्‍ता अख्तियार कर रहा है. मीडिया जगत में तो एक दूसरे को पीछे छोड़ने तथा एक दूसरे आगे निकलने की होड़ लम्‍बे समय से रही है. पर ऐसा कम देखने को मिलता है कि बुलेट और एक्‍सप्रेस की रफ्तार से टीवी पर भागती खबरों के दौर में कोई अखबार एक दिन आगे होने वाले कार्यक्रम की खबर को पहले ही प्रकाशित कर दे, वो भी महाभारत के संजय स्‍टाइल में वर्णन करते हुए. अब इसे एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ कहें या फिर लापरवाही पर चंदौली जिले में हिंदुस्‍तान अखबार में ऐसा ही हुआ है.

भास्‍कर से इस्‍तीफा देकर पंजाब केसरी पहुंचे अजीत धनखड़

दैनिक भास्कर, बठिंडा यूनिट के डेस्क में सीनियर सब-एडिटर के पद पर तैनात अजीत धनखड़ ने भास्कर को अलविदा कह दिया है। वे चंडीगढ़ से पंजाब केसरी के साथ इसी पद से अपनी नई पारी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि अजीत का बठिंडा यूनिट को अलविदा कहना यहां काम के ज्‍यादा प्रेशर व राजनीति बताया गया है। गौरतलब है कि दो माह पहले ही भास्कर से संपादकीय साथी चंदन ठाकुर, नितिन सिंगला, फोटोग्राफर संजीव कुमार इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं इनसे पहले मनीष शर्मा, राजेश नेगी, लता मिश्रा, शशिंकात शर्मा भी इस्तीफा दे चुके हैं।

हिंदुस्‍तान के पूर्व ब्‍यूरोचीफ आनंद सिंह का इस्‍तीफा

हिंदुस्‍तान, चंदौली से खबर है कि पूर्व ब्‍यूरोचीफ आनंद सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि प्रबंधन ने उनके इस्‍तीफे पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है, परन्‍तु वे ऑफिस नहीं जा रहे हैं. आनंद हिंदुस्‍तान को चंदौली जिले में एक दशक से ज्‍यादा समय से ब्‍यूरोचीफ के रूप में सेवा दे रहे थे. वे अखबार की लांचिंग के समय से ही जुड़े हुए थे. कुछ महीने पहले बदलाव के क्रम में अनूप कर्णवाल को चंदौली का नया ब्‍यूरोचीफ बना दिया गया तथा ब्‍यूरो कार्यालय मुगलसराय में बना दिया गया.

Fraud Nirmal Baba (13) : पुदीने वाले गोलगप्पे खाओ-खिलाओ, टिकट मिल जाएगा….

पैसे व टीआरपी के लालच के कारण निर्मल बाबा के फ्राड पर चुप्पी साधे बैठे देश के महान संपादकों से अलग हटने का इरादा कर लिया है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार ने. बतौर चैनल हेड, उन्होंने न्यूज एक्सप्रेस के पत्रकारों को निर्देश दिया है कि वे निर्मल बाबा की असलियत का पता लगाएं और इनकी तीसरी आंख के अंधविश्वास का भंडाफोड़ करें. इसके बाद न्यूज एक्सप्रेस की टीम ने निर्मल बाबा को निशाने पर ले लिया है. इस कड़ी में पहला काम ये किया है कि एक एक मिनट के कुछ फिलर तैयार कराए गए हैं जो विज्ञापन के रूप में बीच बीच में दिखाए जाते रहेंगे. 

अंदरूनी मनमुटाव से गोरखपुर में जनसंदेश टाइम्‍स की हालत खराब

गोरखपुर में जन्संदेश टाइम्स को लांच हुए अभी चंद महीने ही हुए कि अंदरुनी बगावत के स्वर बुलंद होकर बाहर आने लगे हैं. हालात यहाँ तक पहुंच गए हैं कि कभी शैलेन्द्र मणि के इशारे पर पूरब-पश्चिम एक करने का दम भरने वाले पत्रकार उनसे तकझक करने में कहीं भी संकोच नहीं कर रहे हैं. क्षेत्रीय सूत्रों की माने तो जन्संदेश टाइम्‍स अपने बदहाली के निम्न स्तर तक पहुंचने लगा है और आपसी गाली-ग्‍लौज आम होती जा रही है. अखबार प्रबंधन द्वारा क्षेत्रीय ब्यूरो को बिजली-पानी और बुनियादी जरूरतों के लिए तक धन उपलब्ध कराने की बजाय ठेंगा दिखाया जा रहा है.

इंडियन एक्‍सप्रेस एवं द संडे गार्जियन की खबरों की सच्‍चाई की जांच के लिए पीआईएल

डॉ. नूतन ठाकुर, कन्वेनर, नेशनल आरटीआई फोरम द्वारा दो समाचार पत्रों (इंडियन एक्सप्रेस तथा द संडे गार्जियन) में प्रकाशित भारतीय सेना के बिना बताए दिल्ली कूच करने तथा यह खबर केन्द्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा साजिशन छपवाए जाने सम्बंधित अलग-अलग समाचारों के सम्बन्ध में उच्चस्तरीय जांच कराये जाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में पीआईएल दायर किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित समाचार में विवादास्पद खबर छपी थी. इसे तत्काल ही प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने पूरी तरह गलत बताया था. सेनाध्यक्ष ने इसे एक सोची समझी साजिश करार दिया था.

Fraud Nirmal Baba (12) : जो बाबा अपने एकाउंट की रक्षा नहीं कर सका वो दूसरों का भला कैसे करेगा

: तीसरी आंख मतलब लाफ्टर शो : भाई साधु संतों से तो मैं भी डरता हूं, इसलिए मैं पहले ही बोल देता हूं निर्मल बाबा के चरणों में मेरा और मेरे परिवार का कोटि कोटि प्रणाम। वैसे मैं जानता हूं कि साधु संत अगर आपको आशीर्वाद दें तो उसका एक बार फायदा आपको हो सकता है, पर वो चाहें कि आपको शाप देकर नष्ट कर दें तो ईश्वर ने अभी उन्हें ऐसी ताकत नहीं दी है। इसलिए ऐसे लोगों से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन मेरा उद्देश्य सिर्फ लोगों को आगाह भर करना है, मैं किसी की भावना को आहत नहीं करना चाहता। चलिए आपको एक वाकया सुनाता हूं शायद आपकी समझ में खुद ही आ जाए।

जीएनएन न्‍यूज में चार पत्रकारों का होगा प्रमोशन

जीएनएन न्‍यूज से खबर है कि जूनियर स्‍तर के चार पत्रकारों को प्रमोट किया जा रहा है. जल्‍द ही इन लोगों को प्रमोशन तथा इंक्रीमेंट लेटर दे दिया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि ये चारों चैनल की लांचिंग के समय से जुड़े हुए हैं. जिन लोगों का प्रमोशन किया जा रहा है उसमें निशार …

तीन हजार करोड़ में न्यूयॉर्क का द प्लाजा खरीदेंगे सुब्रत राय!

लंदन के मशहूर ग्रॉसवेनर हाउस होटल को खरीदने के 1 साल बाद ही सहारा समूह विदेश में एक और बड़े अधिग्रहण की तैयारी कर रहा है। इस बार सहारा समूह की नजर न्यूयार्क के द प्लाजा पर है। करीब 105 साल पुराने इस होटल को सहारा ग्रुप करीब 3,000 करोड़ रुपये में खरीद सकता है। सूत्रों के मुताबिक सहारा ये सौदा मौरिशस की अपनी सब्सिडियरी कंपनी एंबी वैली मॉरिशस लिमिटेड के जरिए कर सकता है। मालूम हो कि दिसंबर 2010 में सहारा समूह ने ग्रॉसवेनर हाउस होटल को खरीदा था।

हेमंत बने हिमाचल दस्‍तक के संपादक, विनीत का न्‍यूज11 से इस्‍तीफा

दैनिक भास्‍कर, चंडीगढ़ में कार्यरत हेमंत कुमार ने इस्‍तीफा दे दिया है। वे अब हिमाचल से प्रकाशित होने जा रहे नए अखबार हिमाचल दस्‍तक के साथ अपनी पारी शुरू कर रहे हैं। हेमंत को अखबार का संपादक बनाया गया है। वे लम्‍बे समय से दैनिक भास्‍कर को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि अखबार की टीम तैयार करने की जिम्‍मेदारी भी हेमंत को सौंपी गई है। 

दिवंगत फोटो जर्नलिस्‍ट रवि के लिए हवन किया गया

सड़क हादसे में मारे गए सैफई के प्रेस फोटोग्राफर रवि की आत्‍मा की शांति के लिए हवन किया गया. इस दौरान काफी संख्‍या में पत्रकार हवन कर रवि की आत्‍मा की शांति की प्रार्थना की. उल्‍लेखनीय है कि रवि 1 अप्रैल को एक वाहन की टक्‍कर से घायल हो गए थे. जिन्‍हें इलाज के लिए सैफई के मिनी पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान तीन अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी.

ट्रेन से कटकर पत्रकार लीलाधर की दुखद मौत

मध्‍य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक पत्रकार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई. पत्रकार के साथ यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपने घर करकबेल जा रहे थे. जानकारी के अनुसार करकबेल के पत्रकार लीलाधर पाटकर अपनी पत्‍नी के साथ किसी काम से नरसिंहपुर गए थे. रात में वे जब पैसेंजर ट्रेन से करकबेल आ रहे थे. ट्रेन जब स्‍टेशन पर रूकी तो वे प्‍लेटफार्म के विपरीत दिशा में उतरने लगे.

16वें स्‍थापना दिवस पर सम्‍मानित किए गए भास्‍कर के कई कर्मचारी

अजमेर : भास्कर का 16वां स्थापना दिवस शुक्रवार को भास्कर परिसर में आतिशबाजी के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में भास्कर परिवार के सदस्यों सहित आमंत्रित अतिथियों ने भाग लिया। भास्कर एचआर स्टेट हैड अमिताव नरेश, स्थानीय संपादक डॉ. रमेश अग्रवाल तथा यूनिट हैड जीके पांडे की उपस्थिति में भास्कर परिवार के सदस्यों तथा बच्चों ने केक काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 10 साल से कम उम्र के बच्चों की आयोजित चेयर रेस में हर्षित खंडेलवाल ने प्रथम, नकुल गुप्ता ने दूसरा और पंकज शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त कर पुरस्कार जीते।

क्‍या बंद हो जाएगा जनसंदेश से बदलकर न्‍यूज टाइम बना चैनल?

जनसंदेश चैनल नाम सुनते ही बसपा का नजदीकी चैनल होने की बात लोगों के जेहन में आ जाती थी. बसपा शासनकाल में यह चैनल बढि़या चला. छोटे सेटअप के बावजूद सब कुछ ठीक ठाक रहा. हालांकि इसके मालिकान को लेकर भी कई तरह की बातें होती रहीं. कभी इसे बसपा के कद्दावर नेता रहे बाबू लाल कुशवाहा का चैनल बताया गया तो कभी उनके खास सहयोगी रहे रामचंद्र प्रधान का. इन सब के बावजूद यह चैनल पिछले तीन सालों से अच्‍छा चल रहा था.

दिल्ली चुनाव में पंजाब केसरी के पेड न्यूज के कुछ प्रमाण

हाल ही में सम्‍पन्‍न हुए पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव में पेड न्‍यूज न मिलने से तमाम बड़े अखबार कसमसा कर रहे गए. अब वे दूसरे तरीकों से अपने इस घाटे की भरपाई करने पर तुले हुए हैं. जागरण ने जहां देहरादून में पेड न्‍यूज छापा वहीं पंजाब केसरी दिल्‍ली चुनावों में जमकर पेड न्‍यूज छाप रहा है. इन खबरों में कहीं भी विज्ञापन नहीं लिख जा रहा है. जनता को मूर्ख बनाने के लिए प्रतिनिधियों के हवाले से खबर लिखा जा रहा है. जबकि पहली ही नजर में दिख रहा है कि यह पेड न्‍यूज है. आप भी देखिए पंजाब केसरी के पेड न्‍यूज की कुछ तस्‍वीरें.

लखीमपुर में ईटीवी के पत्रकार को सहारा के पत्रकार ने किया अपमानित

: एसपी से की गई लिखित शिकायत : चार मार्च को लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव का शारदा बैराज पर दौरा था. अखिलेश के कार्यक्रम को कवर करने के लिए ईटीवी के पत्रकार जय गुप्‍ता समेत तमाम चैनलों के पत्रकार वहां पहुंचे हुए थे. लखीमपुर सदर के कोतवाल पी‍के मिश्रा अपने सभी चहेते पत्रकारों को कवरेज करने के लिए आगे कर रहे थे जबकि दूसरे पत्रकारों को वे टरका रहे थे. इसी बात को लेकर जय गुप्‍ता ने कोतवाल से शिकायत की तथा कहा कि आप सिर्फ चहेते पत्रकारों को आगे कर रहे हैं.

ब्‍लैकमेलिंग करने के आरोप में एक पत्रकार गिरफ्तार

मुंबई की वाकोला पुलिस ने शाहिदा खान नाम के एक पत्रकार को हफ्ता वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है. पत्रकार पर आरोप है कि उसने मोहम्‍मद शकील खामकर को ब्‍लैकमेल करके पैसा वसूली की थी. खामकर की शिकायत पर ही पुलिस ने कार्रवाई की है. पुलिस को दी गई शिकायत में खामकर ने बताया है कि वो अपने एक दोस्‍त के साथ मिलकर एक चाल बना रहे हैं. शाहिदा खान के जरिए उसे पुलिस और बीएमसी में शिकायत करने की धमकी देकर ब्‍लैकमेल किया जा रहा था.

Fraud Nirmal Baba (11) : मुझे कुछ रुपये दो और मैं एक महीने में इससे भी तगड़ा बाबा पैदा कर दूं

ये बहुत दुखद है साथ ही चिंता का विषय भी है. एक तरफ तमाम न्यूज़ चैनल ये सिखाते हैं कि 21 वीं सदी में तंत्र मंत्र, भूत प्रेत जैसी किसी भी रुढ़ीवादी दकियानूसी बातों का विरोध करना चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ जब न्यूज़ चैनल इस तरह के बाबाओं को रातों रात इस मुकाम पर पहुंचा देते हैं कि क्या बच्चे क्या बूढ़े सबकी जुबान पर इस तरह के बाबाओं का नाम रट जाता है. अब इसे हमारे देश की विडंबना ना कहें तो और क्या कहें, भारत की परंपरा साधु संन्यासियों में आस्था रखती आई है और शायद भविष्य में भी ये आस्था बरकरार रहे, लेकिन किसी इंसान को रातों रात भगवान बना देना ना भारतीय संस्कृति है और ना ही परंपरा, ये सिर्फ और सिर्फ चंद रुपयों की खातिर खेला जा रहा खेल है.

अंतरराष्‍ट्रीय फिल्म महोत्सव की धोखाधड़ी

यशवंत भाई नमस्‍कार. कुरुक्षेत्र की धरती पर कुरुक्षेत्र विश्‍वविद्यालय के पत्रकारिता संस्‍थान के तत्‍वावधान में इन दिनों अंतराराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव चल रहा है. बड़े दुख की बात है कि इस उत्‍सव को इतना बड़ा नाम देकर पत्रकार तैयार करने वाला संस्‍थान जनता को धोखा दे रहा है. अंतरराष्‍ट्रीय की बात तो बहुत दूर है, इसमें राष्‍ट्रीय स्‍तर की भी कोई जानी-मानी हस्‍ती नहीं पहुंची है. पांच दिन चलने वाले इस समारोह का समापन शनिवार को होगा.

नईदुनिया के बिक जाने पर रो पड़े पत्रकार जवाहरलाल राठौड़ (वीडियो)

जवाहर लाल राठौड़ : 65 साल का नाता रहा है नईदुनिया से. कहा कि ऐसी क्या ज़रूरत आन पड़ी कि इतना पुराना अखबार बेच देना पड़ा. उन्‍होंने बताया कि यह नईदुनिया की दूसरी बिक्री है, पहले कृष्ण चन्द्र मुग्‍दल इसके प्रकाशक थे और कृष्णकांत व्यास इसके संपादक थे. ३० सितम्बर १९४७ को बिक गया था. पांच जून १९४७ को ही यह अखबार शुरू हुआ था. इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है, इतना बड़ा इम्पायर ढह गया. पाठकों का विश्वास क्यों नहीं लिया गया?

क्या मनोज मनु ओजस्वी पत्रकार हैं जिन्हें ‘पत्रकारिता-साहित्य सम्मान’ दिया जाना चाहिए?

मेरठ में हरी जोशी और ऋचा जोशी पति-पत्नी हैं और दोनों पत्रकार भी हैं. ऋचा जोशी उत्तर प्रदेशीय महिला मंच नामक संगठन चलाती हैं. ये लोग इस मंच के बैनर तले स्‍व. वेद अग्रवाल की स्‍मृति में हर साल 'पत्रकारिता-साहित्‍य सम्‍मान' देते हैं. पिछले साल रवीश कुमार को दिया गया. उसके पहले आलोक श्रीवास्तव को दिया गया. एनडीटीवी वाले रवीश वाकई सम्मान देने लायक हैं. कवि और पत्रकार आलोक श्रीवास्तव भी सम्मान देने लायक हैं. पर इस बार ऋचा जोशी व हरी जोशी ने गड़बड़ कर दिया है.

प्रशांत झा पहुंचे हिंदुस्‍तान, आशीष अमर भारती से जुड़े

: चंद्रकांत देंगे इस्‍तीफा : दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली से खबर है कि प्रशांत झा ने इस्‍तीफा दे दिया है. प्रशांत सीनियर कॉपी एडिटर थे तथा जनरल डेस्‍क पर तैनात थे. प्रशांत ने अपनी नई पारी दिल्‍ली में ही दैनिक हिंदुस्‍तान के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां पर सीनियर सब एडिटर बनाया गया है. प्रशांत लम्‍बे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

दैनिक जागरण, मुजफ्फरपुर में कई लोग यहां से वहां किए गए

पटना के बाद अब दैनिक जागरण प्रबंधन ने मुजफ्फरपुर यूनिट में भी बदलाव किया है. वरिष्‍ठ पत्रकार एम. एखलाक को प्रादेशिक डेस्‍क से हटाकर कोआर्डिनेशन में भेज दिया गया है. अब तक कोआर्डिनेशन की जिम्‍मेदारी संभाल रहे राजीव रंजन झा को प्रादेशिक डेस्‍क पर भेज दिया गया है. उन्‍हें जिम्‍मे अपना प्रदेश रहेगा तथा वे प्रादेशिक इंचार्ज राजीव शर्मा के सहयोगी के रूप में काम करेंगे. लोकल डेस्‍क पर तैनात सीनियर रिपोर्टर अमरेंद्र तिवारी को हटा दिया गया है. अमरेंद्र को इनपुट व आउटपुट के अलावा नवगठित डेस्‍क एसटीएफ पर भेज दिया गया है. 

Fraud Nirmal Baba (10) : कोई भी बाबा भविष्य के बारे में सच नहीं जान सकता : सुभाष राय

कोई भी बाबा या भविष्यवक्ता भविष्य के बारे में सच नहीं जान सकता. वह चाहे जितने भी दावे करे. प्रकृति ने ऐसी व्यवस्था बना रखी है कि सभी गतिशील हों, सभी संघर्ष में रहें. अगर भविष्य सच में पता हो तो कोई भी कुछ भी क्यों करेगा, चुपचाप बैठा रहेगा. इसीलिये प्रकृति ने भविष्य के सारे दरवाजे, सारी खिड़कियाँ बंद कर रखीं हैं. बाहर से कुंडी भी लगा दी है. केवल वर्तमान की कुंजी ही इसे खोल सकती है. भविष्य और कुछ नहीं है बल्कि अतीत और वर्तमान का संश्लिस्ट स्वरुप है. अगर आप वर्तमान को ठीक से जी रहे हैं तो भविष्य अपने आप ठीक होगा. असल में लोग वर्तमान को छोड़कर भविष्य  की चिंता  में जुट गये हैं. उन्हें अपने काम पर, अपनी मेहनत पर भरोसा  नहीं रह गया है. बस इसी वजह से इन बाबाओं की पौ बारह है. ये स्वयं अपना भविष्य नहीं जानते.

अनिरुद्ध सिंह बने सहारा समय यूपी के ब्‍यूरो प्रभारी

सहारा समय न्यूज चैनल से खबर है कि कानपुर ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम कर रहे अनिरुद्ध सिंह को तरक्की देकर बड़ी जिम्मेदारी के तौर पर उत्तर प्रदेश का ब्यूरो प्रमुख बना दिया गया है। अचानक अनिरुद्ध को उत्तर प्रदेश का ब्यूरो प्रमुख बनाकर के बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्रकारिता के मानदंडों के प्रति हमेशा से सजग रहने वाले अनिरुद्ध सिंह 2005 में सहारा समय न्यूज चैनल में आये थे। कानपुर में काम करने के दौरान अनिरुद्ध को कानपुर से देहरादून रिपोर्टर के तौर पर भेजा गया था, उसके बाद तरक्की देकर कानपुर का ब्यूरो प्रमुख बनाया गया।

Fraud Nirmal Baba (9) : इन बाबाओं के पास अथाह पैसा है और न्यूज़ चैनल बिकने के लिए तैयार बैठे हैं : मुकेश कुमार

ये बहुत दुखद है कि एक ओर जहाँ कोशिशें  हो रही हैं कि न्यूज़ चैनलों के कंटेंट को कैसे ज़्यादा  से ज़्यादा विश्वसनीय बनाया  जाए और पत्रकारिता के उच्चतर मानदंडों से उसे जोड़ा जाए वहीं थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा जैसे पेड प्रोग्राम ने प्रदूषण को एकदम से बढ़ा दिया है। ये उन लोगों के लिए निश्चय ही चिंता का विषय होना चाहिए जो मानते हैं कि न्यूज़ चैनलों का काम केवल धंधेबाज़ी नहीं है बल्कि एक सामाजिक ज़िम्मेदारी से भी वो बँधे हुए है। उन्हें इस बात का खयाल तो रखना ही होगा कि वे जो कुछ दिखा रहे हैं उसका समाज और देश पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अगर वे ऐसा नहीं करते तो पत्रकारिता को कलंकित कर रहे हैं।

अन्‍य अखबारों में वेज बोर्ड को लेकर बातचीत जारी, जागरण को यूनियन से दिक्‍कत

बनारस के सभी बड़े अखबार मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं, बातचीत जारी रहने की बात कर रहे हैं वहीं जागरण को आपत्ति है कि हम मजीठिया वेज बोर्ड लागू करें या न करें इसमें यूनियन का क्‍या काम है. ये किस हक से अखबार के खिलाफ कम्‍पलेन कर रहे हैं, जबकि हमारे अखबार का एक भी पत्रकार इस संगठन का सदस्‍य नहीं है. जागरण के आब्‍जेक्‍शन पर डिप्‍टी लेबर कमिश्‍नर ने कई अखबारों के पत्रकारों को अं‍तरिम तथा वेज बोर्ड दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे काशी पत्रकार संघ के अध्‍यक्ष योगेश गुप्‍ता पप्‍पू तथा कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अजय मुखर्जी दादा से कैफियत पूछी है.

पीपुल्‍स समाचार की आर्थिक हालत खराब, मनोज एवं आदेश का इस्‍तीफा

मध्‍य प्रदेश के बहुसंस्‍करणों वाले अखबार पीपुल्‍स समाचार के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं. इस अखबार के मैगजीन के पेज घटा दिए गए हैं. माई लेडी, एजुकेशन करियर जैसे अतरिक्‍तांक संडे में मर्ज कर दिए गए हैं. मैगजीन के भी तीस से ज्‍यादा पेज कम कर दिए गए हैं. अखबार की आर्थिक स्थिति भी दयनीय हो चुकी है. पिछले काफी समय से पत्रकारों को समय से सेलरी नहीं मिल रही है. पीपुल्‍स समाचार के लगभग सभी यूनिटों का यही हाल है.

पूर्व विधायक ने महुआ न्‍यूज के पत्रकार से की बदसलूकी

चंदौली जिले के पड़ाव क्षेत्र में सड़क हादसे में एक युवक की मौत के बाद हुए बवाल को कवरेज कर रहे महुआ के पत्रकार के साथ भाजपा के पूर्व विधायक तथा उनके समर्थकों ने बदसलूकी की. पत्रकार से हाथापाई करने तथा कैमरा छीनने का प्रयास भी किया गया. पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कर पत्रकार को सुरक्षित भीड़ से बाहर निकाला. इस घटना के बाद से जिले के पत्रकारों में रोष व्‍याप्‍त है. 

ए2जेड में पत्रकारों का बुरा हाल, पीने को पानी तक नहीं

इस वेब साइट के माध्‍यम से हम चाहेंगे कि हमारा दर्द सबके सामने आए। ए2जेड न्यूज चैनल का हालात खस्ता है। यहां पत्रकारों का जितना शोषण होता है शायद ही कहीं और होता होगा। ऑफिस की एचआर से लेकर आफिस मैनेजमेंट तक यहां कर्मचारियों का खून चूसने में लगे हुए हैं। यहां 10 से 11 घंटे की जबरन शिफ्ट करवाई जाती है। सैलरी इंनक्रीमेंट तो दूर की बात सैलरी ही टाईम पर मिल जाए तो भी बहुत है। अटकलें तो ये भी लगाई जा रही हैं कि चैनल बंद होने की कगार पर है। ऑफिस में पीने को पानी तक नहीं मिलता।

हर तानाशाह आतंकवादी होता है और हर आतंकवादी तानाशाह : कारमान

नई दिल्ली : अरब क्रान्ति की नेता और सबसे कम उम्र में नोबेल शान्ति पुरस्कार जीतने वाली यमन की पत्रकार कारमान तवक्कुल ने आज यहाँ कहा कि हर तानाशाह आतंकवादी होता है और हर आतंकवादी निश्चित रूप से तानाशाह होता है. वे आज यहाँ बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय संस्थान के तत्वावधान में आयोजित पांचवें स्मारक व्यख्यान के आयोजन की मुख्य वक्ता थीं. अरब स्प्रिंग रिवोल्यूशन की नेता और वीमेन जर्नलिस्ट्स विदाउट चेन्स की संयोजक तवक्कुल कार्मान ने अरब दुनिया में परिवर्तन की आंधी ला दी है.

संपादक जी को महंगी पड़ सकती है विधायक जी से दोस्‍ती

: कानाफूसी : जदयू विधायक राजीव रंजन के छपास रोग की बीमारी ने एक संपादक को परेशानी में ला खड़ा किया है। खबर है कि राष्ट्रीय सहारा, पटना के संपादक हरीश पाठक को जनता दल युनाइटेड के विधायक राजीव रंजन की दोस्ती ने उन्हें मुसीबत में डाल दिया है। विधायक राजीव रंजन बिहार के नालंदा जिले के इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वैसे तो उनका सभी अखबार के संपादकों और पत्रकारों से अच्‍छा याराना है, पर पाठक जी से उनकी दोस्‍ती कुछ ज्‍यादा ही है।

Fraud Nirmal Baba (8) : gullible people must be made aware of such fraudster and his ways

Dear Yashwant, Congratulations for having journalistic instinct and courage. I got to know Nirmal Baba after my brother discussed his omnipresence, popularity and  ridiculous solutions for all problems. I then watched his advertisement. I knew instantly that this person was very shrewd. He took success of Ramdev through TV channels to another level, by being present on all channels.

हिंदुस्‍तान में सीनियर सब बने अचलेंद्र कटियार

युवा पत्रकार अचलेंद्र कटियार ने आज समाज, दिल्ली से इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने एक बार फिर हिन्दुस्तान, दिल्‍ली का दामन थामा है. अचलेंद्र का यहां सीनियर सब एडिटर बनाया गया है. मूलतः कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने अपने करियर की शुरुआत डीएलए, मेरठ से की थी, डीएलए छोड़ कर वे हिन्दुस्तान, कानपुर चले गए थे, फिर वहां से आई नेक्स्ट. आई नेक्स्ट में लम्बे समय तक काम करने के बाद वह पिछले एक साल से आज समाज, दिल्ली में जरनल डेस्क पर काम कर रहे थे.

दैनिक जागरण, देहरादून ने छापा पेड न्‍यूज

पेड न्‍यूज का जन्‍मदाता दैनिक जागरण अपने अखबार में नैतिकता और सा‍माजिक सरोकार का बराबर दुहाई देता रहता है. उसके मालिक तथा लाखों कमाने वाले संपादक भी नैतिकता की बातें करते रहते हैं, पर जब इसको अमल करने की बात आती है तो सारी बातें कूड़े के ढेर में चली जाती हैं. पैसा कमाने तथा नए अधिग्रहणों को अंजाम देने की कोशिश में जागरण पत्रकारिता के सारे सरोकारों को बेच चुका है, अब पत्रकारिता को भी बेचना शुरू कर दिया है.

अखबार लोकार्पण के दौरान ममता की चेतावनी : अपनी हद में रहे मीडिया

कोलकाता : अखबारों पर सरकारी फरमान को लेकर सरकार की हो रही किरकिरी से विचलित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चेतावनी भरे स्वर में मीडिया को अपनी हद में रहने की नसीहत दी. उन्होंने अखबारों के लिये एक लक्ष्मण रेखा भी खींच दी. कहा कि मीडिया अपनी सीमा से बाहर न जाये. मजे की बात यह है कि मुख्यमंत्री ने यह चेतावनी नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक ऐसे कार्यक्रम में दिया जिसमें एक ऐसे समाचार पत्र का लोकार्पण किया गया जिसे प्रकाशित होने से पहले ही सरकारी पुस्तकालयों में रखने का फरमान जारी कर दिया गया था.

पत्रकारिता शिक्षा एवं शोध पर एक नई पत्रिका ‘जनसंचार विमर्श’

आज बाजार में मीडिया पर अनेक तरह की पत्रिकाएं उपलब्ध हैं, लेकिन ये शोधपरक लेखों या विचारों से पूर्ण नहीं दिखती हैं। हालांकि बहुत सी ऐसी पत्रिकाएं हैं जो इस पर निरंतर काम कर रही हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाने का एक और प्रयास है शोधपरक पत्रिका 'जनसंचार विमर्श'। उम्मीद है यह लोगों से जनसंवाद करने में सफल रहेगी। पत्रिका का प्रथम अंक जल्द ही आने ही वाला है। पत्रिका के संपादक युवा पत्रकार एवं सैम हिग्गिनबाट्म इंस्टीटयूट आफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलाजी एण्ड साईंसेज़, नैनी, इलाहाबाद के स्कूल आफ फिल्म एण्ड मास कम्युनिकेशन विभाग के अतिथि प्रवक्ता संदीप कुमार श्रीवास्तव हैं।

सड़क हादसे में प्रेस फोटोग्राफर रवि की मौत, शोक जताया

सैफई के प्रेस फोटोग्राफर रवि की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. रवि बीते एक अप्रैल की शाम अपने गांव नगला सुभान से पैदल सैफई की ओर जा रहा था. तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे टक्‍कर मार दिया तथा फरार हो गया. कुछ लोगों ने गंभीर हालत में रवि को सैफई स्थित ग्रामीण आयर्विज्ञान एवं अनुसंधान अस्‍पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा था.

न्‍यूज टाइम चैनल से डेढ़ दर्जन लोगों का इस्‍तीफा

न्‍यूज टाइम चैनल से खबर है कि करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने इस्‍तीफा दे दिया है. इसमें आधे लोग संपादकीय टीम तथा आधे टेक्निकल टीम के शामिल हैं. बताया जा रहा है कि सेलरी तथा कई अन्‍य दिक्‍कतों की वजह से इन लोगों ने इस्‍तीफा दिया है. जिन लोगों ने इस्‍तीफा दिया है उनमें एंकर नूरी कायनात, एंकर स्‍नेहलता, एसोसिएट प्रोड्यूसर कनष्कि जायसवाल, मुचकुंद मिश्रा, प्रोडक्‍शन एक्‍जीक्‍यूटिव संज्ञा, जहीर तथा एसाइनमेंट डेस्‍क से सौरभ और अश्‍वनी शामिल हैं. इसके अलावा नौ वीडियो एडिटिंग तथा टेक्निकल विभाग के लोग शामिल हैं, जिनका नाम पता नहीं चल पाया है.

क्रांति की जननी तैंतीस वर्षीया तवाकुल कारमान से पत्रकार अशोक वानखड़े की एक मुलाकात

प्लेट में रखा बिस्कुट उसने हाथ में उठा लिया। बातचीत को जारी रखते बिस्कुट को उसने चाय में डुबाया और धीरे से देखा कि बैठे हुए लोगों के चेहरे पर क्या भाव आते हैं। सभी की आंखें एक दूसरे से टकराई। मोहतरमा ने हंसते हुए कहा कि मुझे चाय में डुबोकर बिस्कुट खाना अच्छा लगता है। मैं इस बहाने अपने बचपन की यादें ताजा कर लेती हूं। यूं ही चाय में बिस्कुट को डुबाकर खाने वाली कोई और नहीं, विश्व की सबसे युवा नोबल पुरुस्कार विजेता व यमन की लौह युवती तवाकुल अबदेल सलम कारमान है।

आज बरेली पहुंचेंगे शशि शेखर, पंकज मिश्रा बने सिटी इंचार्ज

हिंदुस्‍तान, बरेली में अखबार की दयनीय स्थिति तथा सिटी इंचार्जी पद को लेकर चले घमासान के बाद प्रधान संपादक शशि शेखर आज शाम बरेली पहुंचने वाले हैं. वेस्‍ट यूपी के हेड केके उपाध्‍याय कल से ही बरेली में डेरा डाले हुए हैं. आज सुबह उन्‍होंने पत्रकारों की मीटिंग ली तथा बृजेंद्र निर्मल के हाथ खड़ा करने के बाद खाली सिटी इंचार्जी की कुर्सी पर पंकज मिश्रा की ताजपोशी कर दी. केके उपाध्‍याय ने मीटिंग में कहा कि पंकज मिश्रा ही सिटी इंचार्ज होंगे बाहर से कोई नहीं आएगा.

Fraud Nirmal Baba (7) : संपादकों, पत्रकारों और पाठकों के लिए भड़ास की तरफ से एक पत्र….

: संपादकों, पत्रकारों और आपके लिए एक पत्र….  : विषय- न्यूज चैनलों पर निर्मल बाबा का साया और निर्मल बाबा पर चैनलों की माया…. आपकी राय चाहिए.. महोदय… निर्मल बाबा का जो थर्ड आई वाला फर्जी कार्यक्रम न्यूज चैनलों पर दिखाया जाता है, वह न्यूज चैनलों के लोकप्रिय टाप 50 कार्यक्रमों में शुमार हो रहा है. मतलब कि यह कार्यक्रम खूब टीआरपी बटोर रहा है. साथ ही यह कार्यक्रम निर्मल बाबा की तरफ से पूरी तरह पेड होने की वजह से चैनलों को पैसा भी खूब दे रहा है. क्या न्यूज चैनलों को निर्मल बाबा की असलियत पर बहस कराने की जगह उनसे पैसे लेकर उन्हें महिमामंडित करने वाले कार्यक्रम दिखाने चाहिए?

दैनिक जागरण, पटना में कई लोगों की जिम्‍मेदारियां बदली

दैनिक जागरण के यूनिटों में चल रहे रूटीन बदलाव में यू‍पी के बाद अब बिहार में भी कुछ आंतरिक बदलाव हुए हैं. दैनिक जागरण, पटना से खबर है कि कई लोगों के डेस्‍क तथा डेस्‍टीनेशन बदले गए हैं. इनपुट में सेकेंड इंचार्ज के रूप में काम देख रहे रवींद्र पाण्‍डेय को आउटपुट हेड बनाकर नई जिम्‍मेदारी दी गई है. रवींद्र इलाहाबाद तथा कोलकाता में भी जागरण से जुड़े रहे हैं. कोलकाता से उनका तबादला पटना के लिए कर दिया गया था, तब से इनपुट हेड अनिल तिवारी के सहयोगी के तौर पर काम कर रहे थे. इस बीच कई बार उनकी जिम्‍मेदारियों में बदलाव भी किया गया था.

Fraud Nirmal Baba (6) : निर्मल बाबा की पोल खोलने वाले पत्रकार धीरज भारद्वाज को लीगल नोटिस

भड़ास4मीडिया पर Fraud Nirmal Baba सीरिज में पत्रकार धीरज भारद्वाज का एक आलेख प्रकाशित किया गया. उस आलेख के कारण निर्मल बाबा के लोग बौखला गए और उन्होंने धीरज भारद्वाज को लीगल नोटिस भेज दिया. धीरज कई न्यूज चैनलों और अखबारों में काम कर चुके हैं. इन दिनों एक वेब साइट मीडियादरबार डाट काम से जुड़े हुए हैं. धीरज ने भड़ास4मीडिया को भेजे एक पत्र में बताया है कि हबपेजेस के खिलाफ़ हाईकोर्ट पहुंचने वाले टीम निर्मल बाबा के हौसले बुलंद हो गए हैं, इन लोगों की तरफ से बुधवार की सुबह खुद को निर्मल दरबार का प्रतिनिधि बताने वाली एक महिला ने लेखक धीरज भारद्वाज को फोन कर धमकाया और कहा कि दो घंटे के भीतर बाबा जी के खिलाफ़ लिखा आलेख हटवा लें वर्ना कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जब लेखक ने उनसे आपत्ति की वजह जाननी चाही तो महिला ने कहा कि सब उनका वकील बता देगा.

सुलेश गोस्‍वामी बने आज समाज में सीनियर मैनेजर

: चंद्रेशखर ब्‍यूरो से हटाए गए : एचटी, चंडीगढ़ से खबर है कि सुलेश गोस्‍वामी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर डिप्‍टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. सुलेश ने अपनी नई पारी आज समाज, चंडीगढ़ के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां पर सीनियर मैनेजर मीडिया मार्केटिंग बनाया गया है. सुलेश पिछले डेढ़ दशक से इस फील्‍ड में सक्रिय रहे हैं. वे एचटी के अलावा इंडियन एक्‍सप्रेस को भी अपनी लम्‍बी सेवा दे चुके हैं. सुलेश ने आज समाज के साथ काम शुरू कर दिया है.

Fraud Nirmal Baba (5) : ये लिस्ट देखिए और खुद सोचिए, निर्मल बाबा ने कितना भ्रष्ट कर रखा है न्यूज चैनलों को

न्यूज चैनलों के लिए निर्मल बाबा हाट केक हैं. वे पैसा भी दे रहे हैं और टीआरपी भी. यकीन न हो तो नीचे दिया गया टाप65 कार्यक्रमों की लिस्ट देखिए जो टैम वालों ने भेजा है. टाप65 में बार-बार निर्मल बाबा का थर्ड आई वाला प्रोग्राम आ रहा है. मतलब, निर्मल बाबा का पेड न्यूज वाला कार्यक्रम खूब टीआरपी दे रहा है. ये न्यूज चैनलों के दिवालियेपन का प्रमाण है. मीडिया का काम जनता की वैज्ञानिक चेतना को बढ़ाना होता है और अंधविश्वास का खात्मा करना होता है. पर यहां तो मीडिया उल्टी गंगा बहा रहा है. पैसा लेकर थर्ड आई और निर्मल बाबा को महानतम बना दिया है.

विजन20-20 के पूर्व एएम पर प्रबंधन ने दर्ज कराया धोखाधड़ी का मुकदमा

सैटवैल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड देहरादून के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर (मार्केटिंग एंड सेल्स) शिवानंद शुक्ला पर देहरादून पुलिस ने धेखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। संस्थान के प्रमुख तथा विज़न 2020 पत्रिका के समूह संपादक एस.एस. तोमर द्वारा नेहरू कालोनी थाने में की गई शिकायत के आधर पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। श्री तोमर ने पुलिस से की गई शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी शिवानंद शुक्ला उनकी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर (मार्केटिंग एंड सेल्स) के पद पर नियुक्त किये गए थे लेकिन शुक्ला ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनी को लाखों रूपये का चूना लगाया।

रतलाम के युवा पत्रकार की संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत

मध्‍य प्रदेश के रतलाम जिले में जनसंदेश न्‍यूज चैनल के स्ट्रिंगर के रूप में कार्यरत तरुणय सक्‍सेना मोनू की संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मोनू का शव उनके घर के बाहर एक अमरूद की पेड़ से लटकता मिला. पत्रकार के परिजनों का आरोप है कि मोनू की हत्‍या करके शव को पेड़ से लटका दिया गया. पुलिस मोनू की मौत की जांच शुरू कर दी है. उसका कहना है कि पोस्‍टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा.

ह्वाइट हाउस से निकल रहा है नेशनल दुनिया, एनडीएमसी से शिकायत

आलोक मेहता के नए अखबार नेशनल दुनिया को लांच हुए अभी एक सप्‍ताह भी नहीं बीते हैं कि शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है. इस नए अखबार का प्रकाशन मंडी हाउस के पास स्थित ह्वाइट हाउस के तीसरे तल से किया जा रहा है. यह इलाका पूरी तरह रेजिडेंसियल इलाका है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार रेजिडेंसियल एरिया में किसी भी तरह की व्‍यवसायिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सकता है. इस इलाके के कई लोग इसी आधार पर एनडीएमसी से शिकायत की है.

यूपी राज्‍य मुख्‍यालय संवाददाता समिति का चुनाव 22 अप्रैल को

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति का द्विवार्षिक चुनाव 22 अप्रैल को होगा। चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरु होगी। यह जानकारी आज यहां चुनाव समिति की बैठक के बाद वरिष्ठ पत्रकार एवं निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार ने दी। समिति का निर्वाचन संपन्न कराये जाने हेतु गठित चार सदस्यीय समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति का चुनाव 22 अप्रैल को पूर्वान्ह 9 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक विधान भवन स्थित प्रेस रूम में मतदान द्वारा संपन्न होगा।

हाईकोर्ट ने प्रताड़ना के मामले में पूर्व डीजीपी बृजलाल से जवाब तलब किया

लखनऊ। सत्‍ता और पॉवर के मद में चूर बृजलाल का किया धरा अब उनके सामने आने लगा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ ने रेलवे यूनियन के कर्मचारी पर प्रताड़ना के उद्देश्य से दर्ज कराए गए कई केस के मामले में दायर याचिका पर पूर्व एडीजी लॉ एण्ड आर्डर बृजलाल से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। अदालत ने याची की सुरक्षा वापस लिए जाने के मामले में भी उनसे सवाल पूछे हैं। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्‍ताह बाद तय की गई है।

पूरी तरह से प्रायोजित थी सेना के कूच की खबर : द संडे गार्डियन

भारतीय सेना के दिल्‍ली की तरफ कूच करने की इंडियन एक्‍सप्रेस की खबर को द संडे गार्डियन ने पूरी तरह से प्रायोजित बताया है. अखबार लिखता है कि यूपीए सरकार के एक मंत्री के इशारे पर यह खबर छापी गई तथा इस तरह का वातावरण निर्मित करने का कोशिश किया गए जैसे भारत के हालात भी अब पाकिस्‍तान की तरह हैं. अखबार लिखता है कि मंत्री ने यह बेसलेस खबर जनरल वीके सिंह को हटवाने तथा पूरी राजनीतिक बिरादरी को उनके खिलाफ खड़ा करने के लिए अखबार में प्‍लांट करवाई थी.

इंडियन एक्‍सप्रेस सेना के कूच की खबर की सत्‍यता पर अडिग

इंडियन एक्‍सप्रेस में सेना की दो टुकडि़यों के दिल्‍ली की तरफ कूच करने की खबर को लेकर पूरे देश में खलबली मची हुई है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा रक्षामंत्री एके एंटनी ने इंडियन एक्‍सप्रेस में छपी खबर की सत्‍यता को पूरी तरह नकार दिया है. जबकि दूसरी तरफ द गार्जियन ने अपने एक आर्टिकल में आरोप लगाया है कि इंडियन एक्‍सप्रेस में प्रकाशित खबर सप्रंग सरकार के एक मंत्री के इशारे पर छापी गई है, जिसका हथियार लॉबी से नजदीकी रिश्‍ता है.

एक मंत्री के इशारे पर इंडियन एक्‍सप्रेस ने छापी सेना के कूच की खबर!

नई दिल्ली : 16-17 जनवरी की रात कथित तौर पर सेना की दो टुकड़ियों के दिल्ली की ओर आने से केंद्र सरकार में मची खलबली की खबर के मास्टर माइंड सरकार में ही शामिल एक मंत्री हैं। अंग्रेजी अखबार 'द संडे गार्जियन' ने सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मंत्री अपने करीबी रिश्तेदार के जरिए रक्षा से जुड़े सामानों की खरीद फरोख्त करने वाली लॉबी से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये लॉबी सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को हटाने पर आमादा है।

पत्रकार-कलाकार बनाने वाले निजी संस्‍थानों पर नकेल कसेगी सरकार

नई दिल्ली : सरकार की नजर पत्रकार, फिल्म व टेलीविजन कलाकार बनाने वाले निजी संस्थानों पर है। अब वह ऐसे सभी गैर सरकारी फिल्म, टेलीविजन व पत्रकारिता संस्थानों के पाठ्यक्रम और फीस के लिए भी मापदंड तय करना चाहती है। इतना ही नहीं, उसका इरादा ऐसे संस्थानों की अनिवार्य मान्यता के लिए नियामक तंत्र भी खड़ा करने का है। यह पहल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने की है। मंत्रालय का तर्क है कि मामला उच्च शिक्षा से जुड़ा है। लिहाजा पत्रकारिता, फिल्म व टेलीविजन के क्षेत्र में भी पढ़ाई व प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है।

पत्रकार के घर में दिनदहाड़े चोरी, लाखों का माल उड़ाया

इलाहाबाद के नैनी इलाके में बदमाशों ने बुधवार को दिनदहाड़े पत्रकार राजेश पटेल के घर पर धावा बोल दिया। घटना के समय पत्रकार तथा उनके परिवार के लोग घर पर मौजूद नहीं थे। चोरों ने ताला तोड़कर नगदी और गहने समेत करीब एक लाख रुपये का सामान उड़ा दिया। रात में राजेश जब पत्नी-बच्चों के साथ घट लौटे तो चोरी का पता चला। उन्‍होंने इसकी सूचना तत्‍काल पुलिस को दी। दिनदहाड़े चोरी से इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं तथा पुलिस की उदासीनता को जम कर कोस रहे हैं।

अब अमर उजाला भी शुरू करेगा स्‍टेट हेड बनाने की परम्‍परा

अमर उजाला प्रबंधन भी अब दैनिक जागरण, दैनिक भास्‍कर और हिंदुस्‍तान के नक्‍शे कदम पर चलते की तैयारी कर रहा है. प्रबंधन अब राज्‍यों में इन अखबारों की तरह स्‍टेट हेड बनाने की तैयारी में है. सूत्रों का कहना है कि एक स्‍टेट हेड या फिर ईस्‍ट और वेस्‍ट जोन बनाकर दो स्‍टेट हेड बनाए जाएं इसको लेकर प्रबंधन माथा-पच्‍ची कर रहा है. साथ ही स्‍टेट हेड किस यूनिट में बैठेगा इसको लेकर गहमागहमी है.

दैनिक जागरण, बेतिया में चार लोगों की नियुक्ति

बेतिया से खबर है कि पूरी टीम को सस्‍पेंड किए जाने के बाद प्रबंधन ने नई भर्तियां शुरू कर दी हैं. हटाए गए लोगों को अब तक कोई कारण नहीं बताया गया है. मोतिहारी के चीफ रविभूषण सिन्‍हा तथा अनिल तिवारी अखबार का कामकाज संभाले हुए हैं. खबर है कि इन लोगों ने नई नियुक्तियां शुरू कर दी हैं. जानकारी के अनुसार मनोज राव, परमानंद, निशांत ठाकुर तथा आशीष राव को अखबार के साथ जोड़ा गया है. जल्‍द ही ये लोग ज्‍वाइन कर लेंगे.

बिना बताए दिल्‍ली कूच कर गई थीं सेना की दो टुकडि़यां

अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्‍सप्रेस की एक खबर से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. इंडियन एक्‍सप्रेस के संपादक शेखर गुप्‍ता और ऋतु सरीन व प्रनब धल सामंता की रिपोर्ट में बताया गया है कि 16-17 जनवरी की रात भारतीय सेना की दो टुकडि़यां राजधानी दिल्‍ली की तरफ बढ़ रही थीं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 33वीं आर्म्‍ड डिविजन की एक यूनिट बहादुरगढ़ इंडस्‍ट्रीयल पार्क तक आ पहुंची थी जबकि आगरा से 50 पैरा बिग्रेड की टुकड़ी पालम पहुंच चुकी थी. लेकिन दोनों को वहीं रोक कर वापस भेज दिया गया था. ये दोनों टुकडि़या बिना किसी इजाजत के दिल्‍ली के बिल्‍कुल नजदीक आ गई थीं.

अमर उजाला के कई यूनिटों के पत्रकारों का तबादला

अमर उजाला में संपादकों के बदलाव के बाद अब उन लोगों से जूनियर लेबल पर तबादले शुरू हो गए हैं. अमर उजाला, मेरठ से खबर है कि डीएनई लव कुमार का ट्रांसफर देहरादून के लिए किया जा रहा है. मेरठ में ही सिटी इंचार्ज के पद पर कार्यरत रंजीत सिंह को सहारनपुर का ब्‍यूरोचीफ बनाया गया है. सहारनपुर के ब्‍यूरोचीफ रहे चंद्रकांत को मेरठ बुला लिया गया है. सिटी में तैनात राजकुमार सैनी को मुजफ्फरनगर भेजा जा रहा है.

एक टीवी पत्रकार की गोली मारकर तथा दूसरे की कार में विस्‍फोट कर हत्‍या

अज्ञात हमलावरों ने नेपाल में एक टीवी चैनल के रिपोर्टर की गोली मारकर हत्‍या कर दी. एवेन्‍यूज टेलीविजन में काम करने वाले यादव पौडी कहीं जा रहे थे कि पूर्वी नेपाल में बदमाशों ने उन्‍हें गोली मार दिया. पौडी की घटना स्‍थल पर ही मौत हो गई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक हत्‍या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. नेपाल का टेलीविजन एडिटर्स गिल्‍ड ने निंदा प्रस्‍ताव पेश कर घटना पर दुख जताया है तथा सरकार से पत्रकार के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है. गिल्‍ड ने पत्रकारों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था की मांग की है तथा सरकार से कहा है कि पौडी के हत्‍या के कारणों का भी खुलासा करे.

अभिषेक एवं प्रशांत की नई पारी, घनश्‍याम का इस्‍तीफा

आई नेक्‍स्‍ट, कानपुर से खबर है कि अभिषेक त्रिपाठी वापस लौट आए हैं. अभिषेक ने अपनी टैबलाइड को सेवाएं देनी शुरू कर दी है. अभिषेक को डेस्‍क इंचार्ज बनाया गया है तथा एजुकेशन बीट की जिम्‍मेदारी भी सौंपी गई है. अभिषेक कानपुर में अमर उजाला, आई नेक्‍स्‍ट तथा जनसंदेश टाइम्‍स को अपनी सेवांए दे चुके हैं. आई नेक्‍स्‍ट से इस्‍तीफा देने के बाद वे जनसंदेश टाइम्‍स से जुड़ गए थे. बताया जा रहा है कि गिरते सर्कुलेशन को रोकने के लिए प्रबंधन पुरानी टीम को वापस लाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. इसी क्रम में अभिषे की वापसी हुई है. इसी तरह शशि पाण्‍डेय को भी कैनविज टाइम्‍स से वापस लाने की कोशिश हो रही है.

जागरण, आगरा से आनंद शर्मा के बनारस जाने तथा आशुतोष शुक्‍ल के आगरा आने की चर्चा

: कानाफूसी : आगरा में दो चर्चाएं बड़ी तेजी से चल रही हैं. हम इन्‍हें चर्चा इसलिए कह रहे हैं कि इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है. साथ ही इन खबरों से जुड़े लोग भी ऐसी किसी संभावना से इनकार कर रहे हैं. पहली चर्चा यह है कि दैनिक जागरण, आगरा के संपादकीय प्रभारी आनंद शर्मा को बनारस भेजा जा रहा है. उनकी जगह लखनऊ से बनारस भेजे गए आशुतोष शुक्‍ल को आगरा लाया जा रहा है. ये लोग इन यूनिटों के संपादकीय प्रभारी बनाए जाएंगे. 

सिटी भास्‍कर से अमित कार्यमुक्‍त, सलोनी बनीं नई प्रभारी

: दक्षा वेदकर ने प्रभात खबर ज्‍वाइन किया : अमर उजाला से विजय का इस्‍तीफा : दैनिक भास्‍कर, इंदौर से खबर है कि सिटी भास्‍कर पुल आउट के प्रभारी अमित मंडलोई को प्रबंधन ने कुछ आरोपों के बाद कार्यमुक्‍त कर दिया है. उनकी जगह सलोनी अरोड़ा को पुलआउट का नया प्रभारी बनाया गया है. इस संदर्भ में अमित से बात करने की कोशिश की गई परन्‍तु उनसे बात नहीं हो पाई. 

दैनिक भास्‍कर, पानीपत के संपादक बने शिव कुमार विवेक

: हरिमोहन शर्मा भोपाल बुलाए गए : दैनिक भास्‍कर, भोपाल से वरिष्‍ठ पत्रकार शिव कुमार विवेक का तबादला हरियाणा के लिए कर दिया गया है. उन्‍होंने अपना कार्यभार संभाल लिया है. विवेक ढाई दशक से ज्‍यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. भोपाल में उनका पद एक्‍जीक्‍यूटिव एडिटर का था तथा वे सेटेलाइट एडिशन का कोआर्डिनेशन देख रहे थे. उन्‍हें भास्‍कर ने पानीपत का स्‍थानीय संपादक बनाया है. उनके पास पूरे हरियाणा की जिम्‍मेदारी रहेगी.

अनुज खरे नोएडा बुलाए गए, सुधीर मिश्रा होंगे भास्‍कर डॉट कॉम के नए प्रभारी

: अनिल आई नेक्‍स्‍ट पहुंचे : भास्‍कर डॉट कॉम, भोपाल के संपादकीय प्रभारी व कार्यकारी संपादक अनुज खरे का तबादला प्रबंधन ने नोएडा के लिए कर दिया है. खबर है कि उन्‍हें नोएडा में स्थित भास्‍कर के वेब डिवीजन के ऑफिस में लाया गया है. अनुज की पहचान एक व्‍यंग्‍यकार के रूप में भी है. अनुज लम्‍बे समय से भास्‍कर से जुड़े हुए हैं. उनकी जगह दैनिक भास्‍कर, अलवर के संपादकीय प्रभारी सुधीर मिश्रा को भास्‍कर डॉट कॉम का प्रभारी बनाए जाने की सूचना है. अनुज की गिनती तेज तर्रार पत्रकारों में की जाती है.

हिमानी, अमित, अजय, संदीप व रमनदीप को मिला सिम्‍मी मरवाहा सम्‍मान

चंडीगढ़। सिम्मी मरवाहा मेमोरियल चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा 9वां युवा पत्रकार सम्मान दिवस मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित किया गया। जिस दौरान डीडी न्यूज दिल्ली की पत्रकार हिमानी सेठी, इकोनामिक टाइम्‍स दिल्ली से अमित त्यागी, दैनिक भास्कर, चंडीगढ़ के छायाकार अजय जालंधरी, न्यूज प्वाइंट न्यूज चैनल फैज़बाद यूपी से संदीप श्रीवास्तव और पीयू चंडीगढ़ से मॉस कॉम पत्राचार में इस वर्ष की टॉपर रमनदीप कौर (फिरोज़पुर, पंजाब) को यह सम्‍मान शुद्ध चांदी का स्मृति चिन्ह प्रदान कर दिया गया।

श्रवणजी ने ड्राइवर को बुलाया और कहा – इन्‍हें बस स्‍टैंड छोड़ दिया करो

: कठोर प्रशासक के साथ ही सहृदय व्‍यक्ति हैं गर्ग साहब : जिन लोगों ने श्रवण गर्ग जी के साथ काम किया है अथवा जो थोड़ा भी उनके बारे में जानते हैं, उन्हें श्रवण जी की कठोर प्रशासक की छवि की जानकारी होगी, लेकिन कम लोगों को पता होगा कठोर प्रशासक के साथ ही सहृदय व्यक्ति हैं श्रवण जी. सहकर्मियों का बहुत ध्यान रखने वाले व्यक्ति हैं वे. मैं देखा करता था इंदौर भास्कर कार्यालय में उनके पहुंचते ही चुप्पी छा जाती थी. गलतियों पर अनेक लोगों को उनके गुस्से का शिकार होते देखा था. इसलिए मन में डर भर गया था लेकिन अनेक अवसरों पर उनका अपनत्व भरा व्यवहार भी दिखाई पड़ता था.

जागरण कार्यालय में जान लेने की कोशिश का मामला : विनोद भारद्वाज ने चौतरफा मोर्चा खोला

: प्रेस काउंसिल, मानवाधिकार आयोग, मुख्‍यमंत्री एवं जागरण के संपादकों को भेजा पत्र : दैनिक जागरण के पूर्व डिप्टी न्यूज एडिटर विनोद भारद्वाज ने न्याय पाने और लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अब चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। हालांकि हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश पर उनकी हत्या के प्रयास और मेंटल डिसऑर्डर में पहुंचाने की साजिश का मुकदमा तो पुलिस ने मजबूरी में दर्ज कर लिया है, लेकिन दैनिक जागरण के आगरा कार्यालय में बैठे षड्यंत्रकारियों और उनके आकाओं के दबाव में पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी हुई है।

पत्रकार सौदागर को हिस्‍ट्रीशीटर ने दी जान से मारने की धमकी

लखनऊ में एक हिंदी समाचार पत्र में कार्यरत पत्रकार ए अहमद सौदागर को एक हिस्‍ट्रीशीटर व उसके साथी ने जान से मारने की धमकी दी है. चिनहट के मल्‍हौर क्षेत्र के निवासी पत्रकार को इलाके का ही एक हिस्‍ट्रीशीटर अपने साथी के साथ मिलकर जान से मारने की धमकी दी है. पत्रकार ने इस मामले …

पूछताछ से परेशान जेम्‍स मर्डोक का बीस्‍काइबी से भी इस्‍तीफा

: निकोलस फर्गुसन बनेंगे नए चेयरमैन : लंदन : फोन हैकिंग कांड से जुड़ी पूछताछ से परेशान होकर जेम्स मर्डोक ने ब्रिटेन की सैटेलाइट प्रसारण कंपनी बीस्काइबी के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले फरवरी में मर्डोक ने न्यूज इंटरनेशनल के कार्यकारी चेयरमैन से इस्तीफा दे दिया था। मीडिया मुगल रूपर्ट मर्डोक के छोटे बेटे जेम्स फोन हैकिंग विवाद के चलते सांसदों के समक्ष दो बार पेश हो चुके हैं।

अदालत ने कहा – पत्रकार काजमी के खिलाफ दिख रहे सबूत, नहीं मिलेगी जमानत

नई दिल्ली। इसराइली राजनयिक की कार को निशाना बनाकर गत 13 फरवरी को यहां किए गए बम विस्फोट में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार पत्रकार सैयद मोहम्मद अहमद काजमी को मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया सबूत दर्शाते हैं कि उनकी आतंकवादी हमले में भूमिका थी।

सदानंद गौड़ा ने अपने मीडिया सलाहकार को बर्खास्त किया

बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने आज अपने मीडिया सलाहकार आर पी जगदीशा को बर्खास्त कर दिया। जगदीशा को येदियुरप्पा का विश्वासपात्र माना जाता है। पत्रकार जगदीशा को येदियुरप्पा ने उस समय मीडिया सलाहकार नियुक्त किया था जब वह मुख्यमंत्री थे। वह येदियुरप्पा के पद से हटने और सदानंद गौड़ा के कार्यभार …

एडिटर्स गिल्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- संपादकों के साथ बैठिये, दिशानिर्देश पर करिये चर्चा

नई दिल्ली। एडिटर्स गिल्ड ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह अदालत की रिपोर्टिंग करने के बारे में कोई दिशानिर्देश तय करने से परहेज करे। गिल्ड ने सुझाव दिया कि शीर्ष न्यायालय इस मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए संपादकों को बुलाये। गिल्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि न्यायालय को अदालत में विचाराधीन मामलों संबंधी रिपोर्टिंग के लिए कोई दिशानिर्देश तय करने से परहेज करना चाहिए क्योंकि इससे अभिव्यक्ति की आजादी जोखिम में पड़ सकती है। ‘‘मीडिया अधिकारों को संतुलित करने के लिए पर्याप्त समृद्ध विधिशास्त्र नहीं है।’’

Fraud Nirmal Baba (3) : कोर्ट ने दी निर्मल बाबा को राहत, वेबसाइट को कंटेंट हटाने के निर्देश

महाधूर्त निर्मल बाबा को राहत प्रदान करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने उस अमेरिकी वेबसाइट को कंटेंट हटाने के निर्देश दिए हैं जिसने निर्मल बाबा की पोल खोल रखी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिका की एक वेबसाइट को सख्त निर्देश दिया है कि वह अपनी साइट और वेब पेज से आध्यात्मिक गुरू निर्मल बाबा के लिए डाली गई अपमान और आपत्तिजनक सामग्री हटा ले और भविष्य में वह ऐसी सामग्री नहीं डाले. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनमोहन सरीन ने अपने अंतरिम आदेश में वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. हबपेजिस.काम www.hubpages.com को उस पर ऐसी कोई सामग्री नहीं डालने का निर्देश दिया है जो निर्मल बाबा नाम से मशहूर निर्मलजीत सिंह नरूला की साख को नुकसान पहुंचाए.

सीएम अखिलेश पर किताब लिखने को बेताब यूपी के दर्जन भर वरिष्ठ पत्रकार

: प्रदेश में पहली बार देखी जा रही है इस तरह की होड़ : लखनऊ। प्रदेश के एक दर्जन वरिष्ठ पत्रकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जीवनी पर किताब लिखने को आतुर हैं। इसके लिए कई उनसे मुलाकात भी कर चुके हैं। इसमें एक महिला पत्रकार भी हैं। वैसे मुख्यमंत्री ने इनमें से किसी को अभी तक हरी झंडी नहीं दी है। इसलिए इस होड़ में और लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है।

नई दुनिया खरीदने के बाद जागरण ने गड़ा दी टेलीग्राफ पर निगाहें

एक गासिपनुमा सूचना मिली है कि जागरण समूह ने कोलकाता से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक दी टेलीग्राफ पर निगाहें गड़ा दी हैं. बताया जा रहा है कि दी टेलीग्राफ प्रबंधन और जागरण प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है. संभव है देर सबेर कुछ नतीजा निकले. जागरण ग्रुप की कोशिश है कि वह दी टेलीग्राफ को खरीदकर वेस्ट बंगाल जैसे महत्वपूर्ण स्टेट में अपना विस्तार करे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि अभी किसी लेवल पर नहीं हो पा रही है. उधर, जागरण समूह ने अपने अखबार दैनिक जागरण में नई दुनिया को खरीदने संबंधी खबर का प्रकाशन कर दिया है, जो इस प्रकार है…

हार्ट अटैक के कारण बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक का निधन

छत्तीसगढ से अभी अभी खबर आ रही है कि बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बोधन मरावी का आज एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्री मरावी को गत एक अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने पर अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान श्री मरावी ने सुबह दम तोड़ दिया. वे बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक भी रहे थे. वे मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के सालेह गांव के मूल निवासी थे.

हरीश पाठक की खुशी सहारा प्रबंधन ने दो घंटे में खत्म कर दी

: कानाफूसी : राष्ट्रीय सहारा पटना के प्रभारी स्थानीय संपादक हरीश पाठक की खुशी महज दो घंटे ही कायम रह सकी. सहारा मैनेजमेंट ने उनके सपने को चकनाचूर कर दिया. सोमवार को करीब पाँच बजे कार्यालय में यह खबर फैली कि पाठक जी का नाम आज से प्रिन्टलाइन में स्थानीय सम्पादक के रूप में जायेगा. सो जश्न तो होना ही था. जश्न की जिम्मेवारी उनके सिपहसलार किशोर केशव ने थाम ली. विभागीय हेड को बोर्ड रूम में बुलाया गया. तालियां बजी और बुके पाठक जी को दिये गये और जमकर डोडा मिठाईयां बंटी.

बिहार में निष्पक्ष पत्रकारिता की हत्या कर दी नीतीश ने

: भेदभापूर्ण विज्ञापन नीति है मीडिया पर सरकारी दबाव का कारण : विगत दो दिनों तक प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम बिहार में मीडिया व पत्रकारों पर कथित सरकारी दबाव की जांच कर रही थी। दरअसल पिछले दिनों प्रेस काउंसिल ऑपफ इंडिया के अध्यक्ष सह पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने यह कह दिया था कि नीतीश राज में मीडिया सरकारी दबाव में काम कर रही है। मार्कण्डेय काटजू ने जो कुछ भी कहा था, उसी की सच्चाई जानने प्रेस काउंसिल की तीन सदस्सीय टीम राज्य के दौरे पर है। एक और दो अप्रैल को प्रेस परिषद की टीम ने पटना के अशोक होटल स्थित कमरा नं. 101 में शिकायतों को सुना। अब टीम राज्य के अन्य जिलों का भी दौरा करने वाली है।

अवैध खनन का विरोध करने वाले पत्रकार विजय विनीत पर हमला

सोनभद्र : ओबरा में २७ फरवरी को हुए खनन हादसे को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकार विजय विनीत को परेशान करने की शुरुआत खनन माफिआयों के इशारे पर हो गयी है। २७ मार्च को अचानक दूसरे गांव के दर्जन भर से अधिक लोग लाठी डंडा लेकर उनके घर पर चढ़ आये। घर में घुस कर मारपीट की। इस दौरान उनके लड़के का सर फट गया ७८ साल की वृद्ध मां को चोट लगी। सूचना पर कुछ देर बाद कोतवाल कुंवर प्रदीप सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे और चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की।

डीजी बृजलाल के आतंक से पीड़ित सुभाष दुबे की गुहार

बड़े अधिकारी किस तरह अपनी ताकत का खुलेआम दुरुपयोग कर सकते हैं यह बात यूपी के अभी तक बहुत ही ताकतवर आईपीएस रहे बृज लाल द्वारा सुभाष दुबे नाम के एक साधारण रेलवे कर्मचारी के मामले में की गयी हरकतों से देखी जा सकती है. दुबे पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में कार्यरत एक साधारण कर्मचारी हैं रेलवे यूनियन में भी सक्रीय रहे हैं. इन्ही कारणों से आज से करीब पन्द्रह साल पहले उनकी पूर्वोत्तर रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक सोमनाथ पाण्डेय से लड़ाई हो गयी थी. बृज लालउस समय पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में प्रतिनियुक्ति पर मुख्य सुरक्षा आयुक्त थे. सोमनाथ पाण्डेय और बृज लाल में आपस में बनती थी क्योंकि शायद दोनों के अनैतिक लाभ और निजी स्वार्थ एक तरह के रहे हों. दुबे सोमनाथ पाण्डेय के गलत कार्यों का विरोध कर रहे थे, लिहाजा जल्दी ही वे बृज लाल के सीधे निशाने पर भी आ गए. बृज लाल ने दुबे को एक-दो बार बुला कर जीएम का विरोध करने से मना किया पर जब वे नहीं माने तो कहानी शुरू हो गयी. उन्होंने अपनी कुर्सी और ताकत का गलत प्रयोग करते हुए दुबे पर हर संभव पुलिसिया अत्याचार शुरू कर दिया.

कुलपति विभूति नारायण राय समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश

लेखिकाओं को गाली देने के मामले में माफी मांगकर जैसे तैसे अपना पद बचाने वाले हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति, विभूति राय अब मुश्किल में फंस सकते हैं. इस बार विभूति सहित विश्वविद्यालय के चार अधिकारियों पर फर्जी माइग्रेशन जारी करने, उसे अपने पजेशन में रखने के इल्जाम में धारा  ४२०, ४६८ , १२० (बी) के तहत एफ.आई.आर दर्ज करने का आदेश दिया है.  कल, 2 अप्रैल 2012 को वर्धा के जिला न्यायालय के सी.जी.एम कोर्ट (जस्टिस डी.एच शर्मा) ने हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति राय सहित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कैलाश खामरे, डी. आर. अकादमिक कादर नवाज खान और परीक्षा प्रभारी के.के.त्रिपाठी पर मुकदमा दायर करने का आदेश पुलिस को दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आवेदन कर्ता राजीव सुमन के आवेदन में बताये गये तथ्यों के आधार पर कोई कारण नहीं बनता है कि राय और अन्य पर एफ.आई.आर दर्ज करने का आदेश न पारित किया जाय.

हिंदी मीडिया में सन्नाटा है, खबरों में कोई अंतर्दृष्टि नहीं है (पार्ट तीन)

Amalendu Upadhyaya सुमंत जी, मुझे लगता है कि आपने जो प्रश्न उठाये हैं उनके उत्तर सही मायनों में क्या हैं लगभग सभी को मालूम हैं लेकिन अहम् सवाल ये है कि क्या हम इस बात की स्वीकारोक्ति करने को तैयार हैं? और मेरी धारणा इस मामले में एकदम साफ़ है कि लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ होने का दावा नितांत खोखला है…… मीडिया की आज़ादी के नाम पर मालिकों को आज़ादी चाहिए……. कौन सा दिन ऐसा है जब लोकतंत्र के छठे खम्भे के दफ्तरों में श्रम कानूनों, न्यूनतम वेतनमान और श्रमजीवी पत्रकारों के अधिकारों का हनन नहीं होता……………और इस शोषण के सूत्रधार कौन होते हैं, जाहिर है हमारे बीच से ही निकले हुए लोग…… अपनी पोस्ट में आपने जो महत्वपूर्ण सवाल उठाया है कि -"क्या हिंदी मीडिया के दिग्गज हिंदी पट्टी को दो कदम आगे ले जाने में सक्षम या काबिल हैं….यदि हां तो वो कौन हैं,,और नहीं तो क्यों नहीं." तो इतना ही कहना ही उचित होगा कि हमारे दिग्गज सक्षम भी हैं और काबिल भी…………लेकिन वो ऐसा करेंगे इसमें संदेह है………………."वो कौन हैं" का उत्तर शायद व्यक्तिगत अस्मिता से जुड़ा प्रश्न है इस पर राय देना उचित नहीं…

हिंदी मीडिया में सन्नाटा है, खबरों में कोई अंतर्दृष्टि नहीं है (पार्ट दो)

Sumant Bhattacharya मैं बहस से भागा नहीं..आप सभी को ध्यान से पढ़ रहा था और स्थितियों के विविध आयामों को समझने की कोशिश कर रहा था..मैं ये सवाल सिर्फ इसलिए उठाया था कि क्या हिंदी पत्रकारिता जिस मुकाम पर है, वहां से आगे नीतियों की पत्रकारिता के रास्ते बढ़ कर नए आयाम, नई चुनौतियां हासिल और स्वीकार कर सकती है…आप सभी के विचारों से मेरी कई धारणाएं और मजबूत हो रही हैं और यकीनन तमाम युवा साथियों को भी इस बहस से अंतरदृष्टि मिल रही है। और ये भी देख रहा हूं कि कॉफी होम के तमाम दिग्गज इस मुद्दे से कतरा कर निकल गए हैं। उनकी आपराधिक खामोशी को भी ध्यान में रखिए…ये ही आज की मीडिया हरावल के नियामक और सार्थवाह हैं…

हिंदी मीडिया में सन्नाटा है, खबरों में कोई अंतर्दृष्टि नहीं है (पार्ट एक)

फेसबुक पर जनसत्ता नामक एक ग्रुप बना है. इस ग्रुप में देश के ढेर सारे वरिष्ठ कनिष्ठ संपादक और पत्रकार हैं. गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए गंभीर लोगों द्वारा बनाए गए इस गंभीर ग्रुप की खासियत ये है कि यह पब्लिक के लिए आम नहीं है. यह क्लोज्ड ग्रुप है. यानि जो इसके सदस्य हैं, वही लिख देख पढ़ पाएंगे. बाकी लोगों को भनक तक नहीं लग सकेगी कि गंभीर लोग किस गंभीर मुद्दे पर गंभीर विमर्श में क्या क्या कह लिख रहे हैं. कुछ सदस्य इस बात से भी दुखी हैं कि इस क्लोज्ड ग्रुप की बहस की बातें भड़ास तक पहुंच जा रही हैं. इस फोरम में हिंदी मीडिया को लेकर एक लंबी बहस हुई है, जिसे यहां पेश किया जा रहा है. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

श्रवण गर्ग का मेल- मैंने भास्कर छोड़ दिया, ये है नई मेल आईडी

वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने भास्कर की अपनी आफिसियल मेल आईडी से अपने सभी कांटैक्ट्स को मेल किया है. इस मेल के जरिए अपने परिचितों को सूचित किया है कि उन्होंने दैनिक भास्कर से इस्तीफा दे दिया है. भविष्य में सभी से संपर्क के लिए उन्होंने अपनी परसनल मेल आईडी दी है. श्रवण जी का मेल इस प्रकार है….

प्रेस क्लब आफ इंडिया वर्सेज अभिषेक उपाध्याय : सुनवाई चालू आहे….

: Abhishek Upadhyay :  Today was the date of my case in Patiala court. Abhishek Upadhyay vs. Press Club of India. (I am fighting against my illegal expulsion from Press Club for raising the issue of transparency in the new membership list of the Press Club.) It was the day of Poetic justice today! Witnessed very very literary session in court proceedings! From British Philosopher Bertrand Russel to revolutionary poet Paash to Galib, Zauk and Iqbal, all came in the discussion.

काटजू के बयान पर हरिवंश ने लिखा- बिना सबूत-सुनवाई फैसला (छह और अंतिम)

: न एफडीआई और न शेयर बाजार का पैसा : प्रभात खबर जैसा समूह, जिसके पास न एफडीआई है, न शेयर बाजार का पैसा है. उसकी आर्थिक हालत और चुनौतियों को पाठक नहीं जानते. पग-पग पर आर्थिक कठिनाइयां-चुनौतियां. पड़ोस में, बंगाल से भी प्रभात खबर निकलता है. बंगाल में ममता बनर्जी के सत्तारूढ़ होने से बंगाल के समाज को बड़ी उम्मीदें थीं. पर सत्तारूढ़ होते ही, उन्होंने सत्ता को जिस तरह से निजी जागीरदारी समझ ली है, उससे उम्मीदें टूट रही हैं. हिंदी अखबारों में प्रभात खबर पहला अखबार है, जिसने इस लोक आक्रोश को स्वर दिया. जो चीजें कोलकाता में हो रही हैं. उन्हें प्रमुखता से छापा. लगातार. बलात्कार से लेकर अव्यवस्था की अन्य घटनाएं, उन्हें हमने प्रमुखता से स्वर दिया.

काटजू के बयान पर हरिवंश ने लिखा- बिना सबूत-सुनवाई फैसला (पांच)

: सरकारी विज्ञापन : विज्ञापन का प्रसंग न्यायमूर्ति काटजू ने उठाया है. हालांकि यह निजी सूचना है. प्रभात खबर से जुड़ी सूचना है. इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए. पर काटजू साहब के बयान के संदर्भ में यह निजी सूचना सार्वजनिक करना जरूरी है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो. आज प्रभात खबर की लगभग चार लाख प्रतियां बिहार में बिक रही हैं. अकेला अखबार है, जो बिहार में चार जगहों (पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया) से छप रहा है. इस अखबार ने गये वर्ष-दो वर्ष में वह मंजिल हासिल की, जहां अन्य घराने 10 से 20 वर्षों में पहुंचे. पर बिहार सरकार के विज्ञापन सिर्फ प्रभात खबर के पटना संस्करण के लिए मिलते रहे हैं. क्योंकि पटना संस्करण को ही मान्यता है.

काटजू के बयान पर हरिवंश ने लिखा- बिना सबूत-सुनवाई फैसला (चार)

बिहार बदल रहा है. इस बार बदलते बिहार की पृष्भूमि, टीवी, ग्लोबलाइजेशन और उदारीकरण ने भी तैयार की है. पर बिहार के इस बदलाव के लिए तत्पर मानस को बिहार और इसके शासक दल की राजनीति ने पहचाना और उसे स्वर दिया. यह नब्ज कोई और दल पहचानता, तो सत्ता उसके पास होती. याद है, 2007 के अंतिम वर्ष, अपने सीमित साधनों में प्रभात खबर को बिहार में बदलने की तैयारी में हम साथी लगे थे. बिहार के कुछ इलाकों में यात्रा करने से लोगों का वह मानस समझ में आया, जो मीडिया में रिफ्लेक्ट नहीं हो रहा था. तब हम मीडिया के लोग पुरानी राह पर थे, हर घटना में नकारात्मक तत्व उछालना या उसे बेचने की दृष्टि से सेंसेशनल (सनसनीखेज) बनाना.

काटजू के बयान पर हरिवंश ने लिखा- बिना सबूत-सुनवाई फैसला (तीन)

: बिहार, झारखंड में तो बात-बात में प्रेस परिषद में शिकायत जाती है : बिहार और झारखंड ऐसे राज्य हैं, जहां से बात-बात पर प्रेस काउंसिल को शिकायत जाती है. खास कर चोरी और सीनाजोरी करनेवाले तुरंत प्रेस काउंसिल के माध्यम से नोटिस देते हैं. पर प्रेस काउंसिल की हर नोटिस को हम अत्यंत तत्परता-गंभीरता से लेते हैं. यह गंभीर पत्रकारीय सरोकार, पुरानी संस्कृति और अनुशासन के तहत है. मेरे मन में प्रेस के लिए सर्वोपरि कानूनी संस्था के बारे में वैधानिक कारणों से सम्मान तो है ही, साथ ही अपनी पेशेगत जिम्मेवारी, अनुशासन, मूल्य और सम्मान के कारण यह आदर अधिक है.

काटजू के बयान पर हरिवंश ने लिखा- बिना सबूत-सुनवाई फैसला (दो)

: काटजू उपनाम के प्रति अदभुत सम्मान है : इस काटजू उपनाम से एक निजी मोह भी है. इसकी एक पृष्भूमि है. काटजू परिवार के किसी व्यक्ति से कोई निजी संबंध न रहते हुए भी, काटजू उपनाम (सरनेम) के प्रति मन में अद्भुत सम्मान है. कैलाशनाथ काटजू स्वतंत्रता सेनानी थे. इलाहाबाद हाइकोर्ट के मशहूर वकील. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे. आजादी के बाद वह ओड़िशा और बंगाल के राज्यपाल बने. उनके पुत्र शिवनाथ काटजू इलाहाबाद हाइकोर्ट में (उम्र लगभग 40 वर्ष) औसत प्रतिभा के वकील थे. ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन (जिसका उत्तर प्रदेश में कारोबार था) के चेयरमैन सर रोबर्ट मेनजीन ने शिवनाथ काटजू को अपनी कंपनी में "बोर्ड आफ डायरेक्टर'' में रखने का प्रस्ताव रखा. शिवनाथ काटजू ने अपने राज्यपाल पिता को, कोलकाता में, पत्र लिख कर सूचना दी. कैलाशनाथ जी ने अपने बेटे को पत्र लिखा, जो इस प्रकार है-

काटजू के बयान पर हरिवंश ने लिखा- बिना सबूत-सुनवाई फैसला (एक)

: संदर्भ- प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू का बिहार बयान : प्रेस काउंसिल के चेयरमैन न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू का पहला बयान आया कि बिहार में प्रेस स्वतंत्र नहीं है, फिर उन्होंने इस मसले पर जांच कमेटी बैठाने की घोषणा की, अब जांच कमेटी के आने का विज्ञापन अखबारों में छप चुका है, देश में शायद पहली बार किसी राज्य में इस तरह की जांच प्रेस काउंसिल करा रहा है, इस अवसर पर अखबारों का पक्ष भी सार्वजनिक होना चाहिए, क्योंकि यह बहस भी सार्वजनिक हो रही है : इस मसले पर प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश का विश्लेषण… :

नेशनल दुनिया से राकेश गर्ग का इस्‍तीफा

नईदुनिया से नेशनल दुनिया की ओर कदम रखने वाली टीम की एकजुटता को करारा झटका लगा है. खबर है कि गुडग़ांव के वरिष्ठ क्राईम रिपोर्टर राकेश गर्ग ने नेशनल दुनिया में ठीक से  काम शुरू करने से पूर्व ही अपना इस्तीफा प्रबंधन को सौंप दिया है. गुडग़ांव में 28 साल से क्राईम रिपोर्टिंग में अपना …

छत्‍तीसगढ़ में ‘पत्रिका’ को लेकर न्‍यायपालिका एवं विधायिका में टकराव

लोकतंत्र में न्याय पालिका, कार्यपालिका और विधायिका का अपना-अपना महत्वपूर्ण योगदान रहता है… लेकिन कभी-कभी लोकतंत्र के इन स्तंभों के बीच टकराव की स्थिति भी निर्मित होती है.. कुछ ऐसे ही टकराव की स्थिति इन दिनों छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रही है.. जहां न्याय पालिका और विधायिका के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हुई है.. छत्तीसगढ़ विधानसभा की विलोपित कार्यवाही को एक अखबार 'पत्रिका' द्वारा प्रमुखता से छापे जाने के बाद अध्यक्ष के समाचार पत्र पर कार्रवाई को लेकर विधायिका और न्याय पालिका के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.

मीडिया पर निगाह रखने के लिए स्‍वंतत्र संस्‍था बने : प्रशांत भूषण

नई दिल्ली। मीडिया शोध जर्नल ‘जन मीडिया’ और ‘मास मीडिया’ का नवान्न (लोकार्पण) करते हुए वरिष्‍ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि मीडिया सभी पर निगाह रखती है, लेकिन अब जरूरत है कि मीडिया पर निगाह रखने के लिए नागरिकों की स्वतंत्र संस्था बने, जो पूरी तरह से स्वतंत्र रहे। उन्होंने कहा कि प्रेस काउंसिल जैसी संस्थाएं पूरी तरह से नकारा साबित हो गई हैं। जरूरत है कि नागरिक समाज की तरफ से ऐसी संस्था बने जो मीडिया के कामकाज और उसकी खबरों पर नजर रख सके। इस संस्था को कड़े कदम उठाने के अधिकार भी होने चाहिए।

हाईकोर्ट के नोटिस से विधानसभा अध्यक्ष ने झाड़ा पल्ला

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष ने पत्रिका के पत्रकारों के प्रवेश पत्र निरस्त किए जाने पर उच्च न्यायालय द्वारा जारी नोटिस का जवाब देने से आज यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उनकी व्यवस्था न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं है। अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के तुरन्त बाद सदन में गत 30 मार्च की रात को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा दी गई नोटिस का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा रायपुर से प्रकाशित पत्रिका के पत्रकारों को पत्रकार दीर्घा के लिए जारी प्रवेश पत्रों को निरस्त करने सम्बन्धी उनकी 24 मार्च को दी गई व्यवस्था को आधार बनाकर प्रस्तुत याचिका पर न्यायालय ने यह नोटिस जारी किया है।

जागरण प्रबंधन ने बेतिया की पूरी टीम को सस्‍पेंड किया

: वरिष्‍ठों पर अपने लोगों को सेट करने के लिए यह कार्रवाई करने का आरोप : इधर जागरण ने तीन सौ करोड़ खर्च करके नियम कानून से नईदुनिया को खरीदा तो वहीं बेतिया में इस अखबार के कर्ताधर्ता बिना नियम कानून के पूरी टीम को ही सस्‍पेंड कर दिया. किसी को कोई कारण नहीं बताया गया. ब्‍यूरोचीफ से लेकर चपरासी तक को काम करने से रोक दिया गया है. इन लोगों को हटाए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया है. मोतिहारी से रविभूषण सिन्‍हा की टीम बेतिया पहुंचकर अखबार का संचालन कर रही है. इसको लेकर जो खबरें आ रही हैं अगर वो सही हैं तो यह काफी शर्मनाक मामला है. पर जागरण प्रबंधन हटाए जाने का कारणों पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है.

राम बहादुर राय पर केंद्रित मीडिया विमर्श का विमोचन रमन सिंह ने किया

रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया विमर्श अंक का विमोचन छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री डा. रमन सिंह ने किया. मीडिया विमर्श का यह अंक जानेमाने वरिष्‍ठ पत्रकार राम बहादुर राय पर केंद्रित है. इस अंक में राम बहादुर राय से जुड़ी काफी सामग्री प्रक‍ाशित की गई है. कार्यक्रम में डा. रमन सिंह ने कुछ और किताबों का भी विमोचन किया. इस दौरान मीडिया विमर्श की प्रकाशक भूमिका द्विवेदी, सांसद तरुण विजय समेत कई लोग मौजूद रहे.

Fraud Nirmal Baba (2) : निर्मल बाबा की अंधाधुंध कमाई से हिस्सा लेकर चुप हैं मीडिया वाले

निर्मल दरबार लगा कर लोगों की हर समस्‍या का आसान समाधान बताने वाले निर्मल बाबा को हर रोज चढ़ावे के तौर पर कितने पैसे मिलते हैं? हर दिन टीवी पर दिख कर दर्शकों और लोगों पर शक्तियों की कृपा बरपाने वाले बाबा जी को किसी ने अन्य बाबाओं की तरह चढ़ावा या पैसा लेकर पैर छूने के लिए मिलते नहीं देखा, लेकिन फिर भी उन्हें हर रोज़ करोड़ों रुपए मिल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बाबा जी की इस मोटी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मीडिया को भी मिल रहा है।

अब छत्‍तीसगढ़ से लांच होगा अंग्रेजी दैनिक द पायनियर, सुजीत बने संपादक

अंग्रेजी दैनिक द पायनियर का प्रकाशन जल्‍द ही छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से होने जा रहा है. अखबार के आरएनआई नम्‍बर के लिए रजिस्‍ट्रेशन किया जा चुका है. इस अखबार की फ्रेंचायजी रायपुर के जाने माने मीडिया पर्सन विजय बुधिया ने ली है. श्री  बुधिया रायपुर से कुछ समय पहले तक प्रकाशित होने वाले जनसत्‍ता से भी जुड़े हुए थे. इस अखबार को काव्‍या प्रकाशन से प्रिंट कराया जाएगा. संभवत: अखबार अप्रैल के अंतिम सप्‍ताह या मई के पहले सप्‍ताह तक लांच कर दिया जाएगा.

आईजेयू ने जस्टिस काटजू को लिखा पत्र, विधायक काजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इंडियन जर्नलिस्‍ट एसोसिएशन ने प्रेस काउंसिल के अध्‍यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू को पत्र लिखकर मेघालय में एक विधायक फाउंडर स्‍ट्रॉंग काजी के उचित कदम उठाए जाने की मांग की है. आईजेयू के अध्‍यक्ष एसएन सिन्‍हा तथा महासचिव देवुलापाल ने जस्टिस काटजू से मांग की है कि वे इस मामले में स्‍वत: संज्ञान लेते हुए इसकी जांच कराएं तथा दोषी विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई करें.

हथियारों के दलाल और उनके कारिंदे जनरल के खिलाफ लामबंद हो गए हैं

जनरल वीके सिंह के खिलाफ नई दिल्ली के सत्ता के गलियारों में बहुत सारे लोग लाठी भांज रहे थे. बाद में उनकी संख्या कुछ कम हुई. जनरल वीके सिंह को हटाने के लिए दिल्ली में सक्रिय हथियार दलालों की लाबी बहुत तेज़ काम कर रही थी. राजधानी में यही लाबी सबसे ताक़तवर मानी जाती है. नई दिल्ली के हथियार दलालों ने ही कुमार नारायण नाम के हथियारों के एक दलाल को जेल में डलवा दिया था क्योंकि वह विरोधी पार्टी का था और उसके दुश्मन उससे मज़बूत थे.

DE Shaw Group may be close to settlement with Amar Ujala

: If an agreement is reached, it could fetch DE Shaw Rs. 170-200 cr for its 18% stake in the newspaper publisher : New Delhi: New York-based private equity (PE) firm DE Shaw Group, which had acquired an 18% stake in Amar Ujala Publications Ltd in 2006 for Rs. 117 crore, may be close to arriving at an out-of-court settlement with the newspaper publisher that it’s been locked in a legal battle with since October 2010, according to two people familiar with the development.

साढ़े तीन हजार करोड़ से ज्यादा रुपये देकर रूपर्ट मर्डोक वाले स्टार ने भारतीय क्रिकेट का प्रसारण अधिकार हथियाया

मीडिया मुगल रूपर्ट मर्डोक के मालिकाना हक वाले स्टार टीवी ने जुलाई 2012 से मार्च 2018 तक भारतीय क्रिकेट के प्रसारण अधिकार 75 करोड़ डॉलर (लगभग 3851 करोड़ रुपए) की बोली लगाकर हासिल कर लिए हैं। भारत में क्रिकेट के प्रसारण, इंटरनेट और मोबाइल अधिकारों के लिए चार कंपनियां होड़ में थीं जिनमें से स्टार टीवी ने बाजी मार ली। स्टार टीवी ने 3851 करोड़ रुपए की बोली से 96 मैचों के लिए प्रसारण अधिकार हासिल किए हैं।

जागरण समूह की घोषणा : अब उनका हुआ नईदुनिया

 लंबे कयासों, चर्चाओं तथा छंटनी के कसैले फैसलों के बीच जागरण प्रकाशन ने अंतत: नईदुनिया मीडिया लिमिटेड के अधिग्रहण की आधिकारिक घोषणा कर दी है. जागरण समूह ने इसके साथ ही नईदुनिया का प्रकाशन करने वाली इंदौर बेस्‍ड मूल कंपनी 'सुवी इंफो मैनेजमेंट' का भी अधिग्रहण कर लिया है. इसकी जानकारी जागरण ने बाम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज को भी दे दी है. इसके साथ ही नईदुनिया को लेकर चल रहे कयासों और चर्चाओं का अंत हो गया है.

पुलिस ने पत्रकारों पर लाठियां भी भांजी और समझौता भी करा लिया

: पॉवर के आगे फेल हो गया कथित चौथा खंभा की हेकड़ी : कोई पत्रकार संगठन नहीं जुटा सका विरोध करने का हिम्‍मत : यशवंतजी, पुलिस की जितनी भी गलती हो आप उससे जीत नहीं सकते. ऐसा मेरे तथा अन्‍य पत्रकारों के मामले में हुआ है. प्रतापगढ़ में विधानसभा चुनाव के मतगणना के दिया यानी 6 मार्च को पट्टी विधानसभा सीट के लिए मतगणना चल रही थी, जिसमें भाजपा के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह मोती दस्‍यु सरगना ददुआ का भतीजा तथा सपा सांसद बाल कुमार पटेल का बेटा राम सिंह पटेल 156 मत से चुनाव जीत गया था.

हिंदुस्‍तान, इलाहाबाद के संपादक दयाशंकर शुक्‍ल सागर को मातृशोक

वरिष्‍ठ पत्रकार और हिंदुस्‍तान, इलाहाबाद के संपादक दयाशंकर शुक्‍ल सागर की माता सावित्री देवी का शनिवार को लखनऊ में निधन हो गया. वे लगभग 62 साल की थीं. उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर शाम उन्‍होंने आखिरी सांस ली. सावित्री देवी का अंतिम संस्‍कार …

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की मैगजीन एनसीआर लुक की लांचिंग

हरियाणा के पलवल जिले से नई मैगजीन एनसीआर लुक की लांचिंग रविवार को हुई. हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मैगजीन की लांचिंग की. इस दौरान फर्रुखाबाद से कांग्रेस के सांसद राज बब्‍बर, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, अवतार सिंह भड़ाना, विधायक विनोद शर्मा, पूर्व मंत्री करन सिंह दलाल, सिरसा के सांसद अशोक तंवर समेत तमाम जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. इस मौके पर मुख्‍यमंत्री हुड्डा ने एनसीआर लुक टीम को बधाई तथा शुभकामनाएं दीं.

हिंदुस्‍तान, बनारस के डाक इंचार्ज आदर्श शुक्‍ला का तबादला

हिंदुस्‍तान, बनारस से खबर है कि आदर्श शुक्‍ला का तबादला लखनऊ के लिए कर दिया गया है. वे यहां पर डेस्‍क इंचार्ज की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. आदर्श को कुछ दिन पहले फोर्स लीव पर भेज दिया गया था. इनके तबादले को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं. सूत्रों का कहना है कि कुछ महीने पहले आदर्श ने गाजीपुर दौरे के दौरान एक होटल में शराब पीकर जमकर हंगामेबाजी की थी. इसकी शिकायत मिलने पर प्रबंधन ने इसकी खिलाफ जांच बैठा दी थी, जांच में यह आरोप सही पाए जाने पर उन्‍हें फोर्स लीव पर भेज दिया गया था.

पाटलीपुत्र के विश्‍वकोश थे पत्रकार रामजी मिश्र मनोहर

: 85 जन्‍मदिन पर याद किए गए : पटना। बिहार राष्ट्रभाषा परिषद की ‘‘परिषद पत्रिका‘‘ के पूर्व संपादक और प्रख्यात भाषा वैज्ञानिक डा. श्रीरंजन सूरिदेव ने कहा है कि रामजी मिश्र मनोहर पाटलिपुत्र के विश्वकोश थे। पत्रकारिता पेशा अपनाने के बावजूद वे प्राचीन पाटलिपुत्र की एतिहासिक धरोहरों की खोज में लगे रहे। देश की हिंदी पत्रकारिता में ऐसे विरले उदाहरण हैं कि एक ही परिवार की छह पीढ़ी पत्रकारिता में ही हो। मनोहरजी चौथी पीढ़ी थे। इनके बाद इनके पुत्र और पौत्र भी सक्रिय पत्रकारिता में हैं।

सुब्रत रॉय के नाम से बने स्‍टेडियम का पुणे में उद्घाटन

पुणे में सहारा इंडिया परिवार के मुख्य अभिभावक एवं चेयरमैन सहाराश्री सुब्रत रॉय सहारा के नाम से बने स्टेट ऑफ दी आर्ट स्टेडियम का रविवार को उद्घाटन किया गया. स्टेडियम का उद्घाटन सहारा इंडिया परिवार के मुख्य अभिभावक सहाराश्री श्री सुब्रत रॉय सहारा और मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान की मौजूदगी में आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार ने किया. सहारा पुणे वॉरियर्स इस बार इंडियन प्रीमियर लीग-5 में अपने घरेलू मैदान में खेलेंगे.

पत्रकार काजमी की रिहाई के लिए शियाओं ने किया लहूलुहान मातम

: पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूले : मेरठ : सिटी स्टेशन पर रविवार को साढ़े तीन घंटे तक हंगामा, प्रदर्शन, धक्का-मुक्की और झड़पें हुई। इस दौरान शताब्दी, जनशताब्दी को रोकने की कोशिशें हुई। पुलिस ने लाठियां फटकार कर कई प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। शिया समुदाय के गुस्साये लोगों ने जंजीरों और हथियारों से खुद को लहूलुहान कर विरोधस्वरूप मातम करना शुरू दिया। जालंधर-नई दिल्ली (सुपर) को रोक प्रदर्शनकारी इंजन पर जा चढ़े। खून से तर-ब-तर लोगों को देख पुलिस-प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। अफसरों के साथ ही नायब शहर काजी के समझाने पर मामला निपटा।

स्‍टार समूह से नाता तोड़ेगा आनंद बाजार पत्रिका!

: चैनलों की पूरी हिस्‍सेदारी खरीदने की तैयारी : पिछले कुछ महीनों से आनंद बाजार पत्रिका और संयुक्त उद्यम साझेदार स्टार समूह के बीच संपादकीय और अन्य रणनीतिक मसलों को लेकर जारी मतभेद और गहराता नजर आ रहा है। यही वजह है कि आनंद बाजार पत्रिका ने रूपर्ट मर्डोक के नियंत्रण वाले स्टार समूह से नाता तोडऩे का इरादा कर लिया है। दोनों साझेदार पिछले 9 साल से सफलतापूर्वक समाचार चैनल उद्यम मीडिया कंटेंट ऐंड कम्युनिकेशंस सर्विसेज इंडिया प्रा. लि. (एमसीसीएस) का परिचालन करते आ रहे हैं। लेकिन सूत्रों के मुताबिक अब आनंद बाजार पत्रिका ने संयुक्त उद्यम में मर्डोक और स्टार की हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी कर ली है।

एमपी में मीडिया और पत्रकारों को निपटाने के लिए सरकार की व्यूह रचना

यदि मध्य प्रदेश में पत्रकारों पर ऐसे ही हमले और एफआईआर होती रही तो तो निकट भविष्य में ऐसे सरकारी आदेश जारी होने की संभावना है:- 1. विधानसभा भवन में पत्रकारों का वीडियो-स्टिल कैमरा/वॉइस रेकॉर्डर लेकर आना वर्जित है। 2. वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन, विंध्याचल भवन, पर्यावास भवन में पत्रकारों का प्रवेश वर्जित है। 3. पत्रकार सूचना का अधिकार के माध्यम से जानकारी प्राप्त करें। अधिकारियों/कर्मचारियों को अनावश्यक परेशान न करें।

टीवी पत्रकारिता की नई पीढ़ी के लिए चेतावनी भरी शुभकामना

टीवी मीडिया में १२ बरस हो गए… बहुत उतार चढ़ाव देखे, आँखों देखी से एनडीटीवी तक का सफ़र इज्ज़त से बीता… ईश कृपा से संस्कारों से अपनी छवि को बनाये रखा… पर एक सवाल कई बार जेहन में आता है कि आने वाली नयी पीढ़ी के लिए, टीवी न्यूज़ चैनल एक बेहतर भविष्य है? जिस तरह से नयी पीढ़ी …जो कि तमाम नए पुराने विश्वविद्यालयों से मॉस कॉम  या पत्रकारिता करके, रातों रात बड़े-छोटे चैनलों में एंकरिंग का, रिपोर्टिंग का ख्वाब देख रहे हैं, उनके लिए सलाह है कि वो इस लाइन की बजाय, प्रिंट मीडिया पत्रकारिता या फिर किसी कम्पनी में पीआरओ जैसी नौकरी तलाश करें.

यूएनआई, श्रीनगर के अंशकालिक संवाददाता गुलाम जिलानी बाबा का निधन

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर में संवाद समिति यूनाइटेड न्यूज आफ इंडिया (यूएनआई) के अंशकालिक संवाददाता गुलाम जिलानी बाबा का परसों रात निधन हो गया. वह 66 वर्ष के थे. श्री बाबा यूएनआई के अलावा विभिन्न अंग्रेजी एवं उर्दू समाचार पत्रों के लिए भी काम करते थे. उन्हें कुछ दिनों पूर्व श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल …

स्वतंत्र मीडिया नियामक प्राधिकरण जरूरी : प्रशांत भूषण

तिरूवनंतपुरम। वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने आज कहा कि खबरों को सनसनीखेज बनाने तथा गलत खबर देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए देश को मीडिया क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र एवं अधिकारसंपन्न नियामक प्राधिकरण की आवश्यकता है। भूषण ने यहां मलयालम दैनिक ‘केरल कौमुदी’ के शताब्दी समारोह के सिलसिले में आयोजित ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष में मीडिया की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘हालांकि अन्य पेशे में स्वनियमन है, लेकिन मीडिया में इससे काम नहीं चलेगा । एक ऐसी एजेंसी बनायी जानी चाहिए जो सरकार से स्वतंत्र है और दोषी मीडिया के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम हो।

एक निश्चित दायरे में पत्रकारों के भ्रष्ट आचरण की जांच हो : एम जे अकबर

तिरूवनंतपुरम : प्रख्यात लेखक और पत्रकार एम जे अकबर ने आज कहा कि मीडियाकर्मियों के भ्रष्ट आचरण की एक निश्चित दायरे में रहकर जांच की जानी चाहिये क्योंकि भ्रष्ट मीडिया समाज में सकारात्मक बदलाव नहीं कर सकता। अकबर ने कहा कि आपातकालीन समय की तरह वर्तमान समय के पत्रकार ‘प्रबंधन के दबाव में’ ‘कई भगवानों …

पीसीआई पैनल के समक्ष छत्तीस मीडियाकर्मी उपस्थित हुए

पटना। बिहार की राजग सरकार के शासनकाल में पे्रस आजादी पर उठे प्रश्नचिन्ह की जांच के लिए पे्रस काउंसिल आफ इंडिया :पीसीआई: द्वारा गठित किए गए तीन सदस्यीय पैनल के समक्ष आज पटना में 36 मीडियाकर्मी और छोटे अखबारों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए और अपनी बातें रखी। पीसीआई के उक्त पैनल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार अरूण कुमार ने बताया कि राजग सरकार के शासनकाल में पे्रस आजादी पर उठे प्रश्नचिन्ह की जांच के लिए गठित किए गए एमसीआई के पैनल के समक्ष आज प्रथम दिन 36 मीडियाकर्मी और छोटे अखबारों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए और अपनी बातें रखी।

सेव योर वॉयस की टीम ने दी मूर्ख दिवस पर कपिल सिब्‍बल को शुभकामनाएं

1 अप्रैल के दिन पर राजघाट पर सेव योर वाइस की टीम ने आईटी मिनिस्टर कपिल सिब्बल को प्री सेंसरशिप पर दिए गए उनके बयानों के लिए मूर्ख दिवस की शुभकामनाएं दीं. राजघाट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल, आईबी, सीआईडी और सीबीआई के लोग मौजूद थे और सेव योर वाइस के सदस्यों को बापू की समाधि पर जाने से रोका गया. केवल कुछ गिने चुने लोग ही चुपचाप राजघाट पर पहुंच पाए. पुलिस ने पूर्व अनुमति होने के बावजूद सिब्बल दिवस का आयोजन नहीं होने दिया. कारण पूछने पर उच्चस्तरीय आदेशों का हवाला दिया गया और कहा गया कि उन्हें पीएमओ और आईटी मिनिस्ट्री से आदेश दिए गए हैं. काफी गहमागहमी के बाद टीम के सदस्य राजघाट के बाहर समता स्थल पर एकत्र हुए.

मनोज भावुक एवं श्वेता तिवारी को बेस्ट टीवी एंकर अवार्ड

मनोज भावुक को बेस्ट टीवी एंकर अवार्ड (मेल) और श्वेता तिवारी को बेस्ट टीवी एंकर अवार्ड (फीमेल) से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें पूर्वांचल एकता मंच द्वारा दिल्ली में आयोजित 6ठवें विश्व भोजपुरी सम्मेलन में दिया गया. इस अवसर पर हिन्दी एवं भोजपुरी सिनेमा जगत की कई बड़ी हस्तियाँ सुनील सेट्टी, कुणाल सिंह, राजकुमार आर पाण्डेय, असलम शेख, कानू मुखर्जी, रानी चटर्जी, रिंकू घोष, संगीता तिवारी, स्मृति सिन्हा, सीमा सिंह, प्रिया शर्मा, सुजीत पुरी, अजय दीक्षित, सुदीप पाण्डेय, चिंटू पाण्डेय और संगीत जगत से उदित नारायण, भरत शर्मा व्यास, मालिनी अवस्थी, देवी, इन्दू सोनाली व अजीत आनंद आदि मौजूद थे.

आईबीएन-लोकमत से 70 कर्मचारियों की छंटनी

आईबीएन-लोकमत, मुंबई से खबर है कि यहां भारी पैमाने पर छंटनी किया गया है. बताया जा रहा है‍ कि चैनल की आर्थिक स्थिति खराब होने का बहाना बनाकर प्रबंधन ने 70 लोगों को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया है. इसमें सभी विभागों से चार से लेकर छह तक लोग शामिल हैं. बताया जा रहा है कि अब चैनल में 130 के आसपास कर्मचारी रह गए हैं. सूत्रों ने बताया कि इसके पहले भी 45 तथा 25 कर्मचारियों के स्‍लाट में दो बार छंटनी की जा चुकी है. 

पी7 न्‍यूज, मुंबई के चीफ बने वरिष्‍ठ पत्रकार बलजीत परमार

: प्रबंधन ने की संजय प्रभाकर के पर कतरने की तैयारी : पी7 न्‍यूज मुंबई में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. डीएनए के वरिष्‍ठ पत्रकार बलजीत परमार पी7 न्‍यूज ज्‍वाइन करने जा रहे हैं. बलजीत लम्‍बे समय से मुंबई की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर है कि वे एक्‍जीक्‍यूटिव एडिटर के पद पर ज्‍वाइन कर रहे हैं. अब तक मुंबई में पी7 न्‍यूज की जिम्‍मेदारी संभाल रहे एसोसिएट एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर संजय प्रभाकर बलजीत परमार को रिपोर्ट करेंगे. संजय काफी समय से पी7 को सेवाएं देते चले आ रहे हैं.

प्रदीप, अल्‍ताफ तथा प्रवीण ने जय महाराष्‍ट्रा ज्‍वाइन किया

पी7 न्‍यूज, मुंबई से खबर है कि प्रदीप कुमार ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर रिपोर्टर थे. प्रदीप ने अपनी नई पारी शीघ्र लांच होने जा रहे मराठी चैनल जय महाराष्‍ट्रा से शुरू करने जा रहे हैं. उन्‍हें करेस्‍पांडेंट बनाया गया है. प्रदीप इसके पहले वॉयस ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया और मी मराठी को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. प्रदीप की गिनती तेजतर्रार पत्रकारों में की जाती है.

PCI Fact Finding Team on Bihar, Recorded your evidences

Patna : The three-member Press Council Of India fact-finding team on Sunday, began its two-day hearing on the charges of state government’s  pressure on journalists in Bihar. Senior journalist and the head of the team Rajiv Ranjan Nag said that a significant number of journalists and people from different streams of the society turned up before the team and recorded their verbal and documentary evidences in this connection.

पांच साल बाद भी उपेक्षित है दूरदर्शन का उर्दू चैनल

नई दिल्ली। दूरदर्शन का ‘डीडी उर्दू’ चैनल स्थापना के बाद पांच वर्षों में अपना कोई ढांचा तैयार नहीं कर पाया है। मीडिया स्टडीज ग्रुप के एक सर्वे से पता चला है कि देशभर के 80 दूरदर्शन केंद्रों में ‘डीडी उर्दू’ के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके अलावा दूरदर्शन के दिल्ली केंद्र में उर्दू चैनल के लिए केवल 6 स्थायी कर्मचारी हैं, उनमें भी चार पद प्रशासनिक हैं। देशभर में दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, पटना और अहमदाबाद के अलावा दूरदर्शन के 80 केंद्रों से उर्दू चैनल के लिए नियुक्त कर्मचारियों के बाबत सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी गई थी। यह सर्वे मासिक शोध जर्नल ‘जन मीडिया’ (हिंदी) और ‘मास मीडिया’ (अंग्रेजी) ने प्रकाषित किया है, जिसका पहला अंक 2 अप्रैल को जारी किया जाएगा।

श्रवण जी ने कहा – मुझे लगता है आपको एक्‍सपोजर की जरूरत है

यही कोई पंद्रह वर्ष पहले की बात है, जब श्रवण जी गर्ग से पहली मुलाकात हुई थी. आईएएस परीक्षा की तैयारी करते हुए अनेक विषयों को विस्तार से पढ़ने का मौका मिला था. तैयारी के साथ-साथ ही यदा-कदा कुछ लेख नईदुनिया और नवभारत टाइम्स में प्रकाशित होते रहे थे. इसलिए दो बार साक्षात्कार तक पहुँचने के बाद भी अंततः आईएएस न बन पाने की स्थिति में पत्रकारिता को करियर बनाना तय किया था. अवसाद की -सी स्थिति थी और अपने आप को सिद्ध (prove) करने की चुनौती थी.

हिंदुस्‍तान, बरेली में सिटी इंचार्जी को लेकर तनाव

: बृजेंद्र निर्मल ने खड़े किए हाथ, पद अब भी खाली : हिंदुस्‍तान, बरेली में तनाव का माहौल बना हुआ है. अखबार में जमकर गुटबाजी हो रही है. मलाईदार पद को हथियाने के लिए शह-मात और एक दूसरे को पटकनी देने का खेल शुरू हो चुका है. यहां पर सीनियर और जूनियर को लेकर अंदर ही अंदर उबाल है. बताया जा रहा है कि पर अमर उजाला आए तथा गैर अमर उजाला वालों के बीच एक दूसरे को अड़ंगी मारने की कोशिश चल रही हैं, जिसका असर अखबार के सर्कुलेशन पर भी पड़ रहा है.

बदला लेने के लिए निकाला अखबार, अब वेतन के लिए चिल्‍ला रहे पत्रकार

: कानाफूसी : यशवंतजी, पूर्व में रांची सन्मार्ग के संबंध में भड़ास पर कई तथ्यात्मक ख़बरें आ चुकी हैं जिससे कर्मियों को काफी राहत मिली है. लेकिन व्यवस्था में अभी भी गड़बड़ियाँ हैं. इसका मूल कारण है अखबार के मालिक की मीडियाकर्मी विरोधी प्रवृति. अखबार के मालिक का असली नाम है प्रेमशंकर तिवारी वल्द केदारनाथ तिवारी. बिहार के बक्सर जिले के एक साधारण परिवार से आते हैं. इन्होंने मधुकोड़ा के मुख्यमंत्रित्व काल में दलाली में करोड़ों की कमाई की. उस ज़माने में इन्होंने अपना नाम दक्षिण भारतीय तर्ज़ पर प्रेम शंकरन रख लिया.

यतीश राजावत की भास्‍कर से विदाई, रोहित शरण नए संपादक

दैनिक भास्‍कर के मजबूत आधार स्‍तंभों में से एक रहे यतीश राजावत का अध्‍याय दैनिक भास्‍कर से समाप्‍त हो गया है. यतीश नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं यानी जल्‍द ही वो संस्‍थान से विदाई लेने वाले हैं. कभी भास्‍कर के मजबूत संपादकों में गिने जाने वाले यतीश की विदाई किस कारण से हुई है …

अमर उजाला ने आठ यूनिट के संपादकों को इधर उधर किया

जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था ठीक वैसा हुआ है. अमर उजाला प्रबंधन ने अपने आठ यूनिटों के संपादकों को इधर-उधर किया है. जिन यूनिटों के संपादकों की जिम्‍मेदारियां बदली गई हैं उनमें बरेली, कानपुर, इलाहाबाद, बनारस, गोरखपुर, अलीगढ़, मेरठ और गाजियाबाद यूनिट शामिल हैं. अमर उजाला, बरेली में तैनात प्रभात सिंह का तबादला गोरखपुर के लिए कर दिया गया है. इसे प्रभात का डिमोशन माना जा रहा है. माना जा रहा है कि प्रभात का तबादला पिछले दिनों उन पर लगे आरोपों के चलते किया गया है.

रवि प्रकाश ने कोलकाता में दैनिक जागरण ज्‍वाइन किया

आई नेक्‍स्‍ट, पटना के संपादकीय प्रभारी रहे रवि प्रकाश ने अपनी नई पारी दैनिक जागरण के साथ शुरू की है. रवि को कोलकाता में जागरण का प्रभारी बनाया गया है. सूत्रों का कहना है कि उन्‍हें कोलकाता के साथ खड़गपुर की जिम्‍मेदारी भी दी जा सकती है. युवा, तेजतर्रार तथा बेबाक पत्रकार के रूप में पहचाने जाने वाले रवि एक दशक से ज्‍यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रवि की दैनिक जागरण के साथ ये दूसरी पारी है. इन्‍हें कई यूनिटों को लांच कराने का श्रेय भी प्राप्‍त है.

कल्‍पतरु एक्‍सप्रेस से चंद्रशेखर और मयंक का इस्‍तीफा

कल्‍पतरु एक्‍सप्रेस, मथुरा से खबर है कि चंद्रशेखर गौड़ और मयंक अग्रवाल ने भी इस्‍तीफा दे दिया है. दोनों लोग रिपोर्टिंग से जुड़े हुए थे. बताया जा रहा है कि दोनों ब्‍यूरोचीफ की मनमानी से परेशान होकर इस्‍तीफा दिया है. इन लोगों ने अपनी नई पारी सी एक्‍सप्रेस के साथ मथुरा में ही शुरू कर …

राज्‍य सभा टीवी में महिला पत्रकार ने आउटपुट हेड को गालियां दी

राज्य सभा टीवी में फिर से तमाशा हो गया. इस बार आउटपुट हेड प्रोग्रामिंग की एक सीनियर पत्रकार की गालियों के शिकार बन गए. मामला दरअसल आउटपुट में ज़बरदस्ती सभी के काम में टांग अड़ाने और एक दूसरी महिला पत्रकार से जुड़ा है. आउटपुट हेड इस बार भी बगैर सोचे समझे सांस्कृतिक प्रोग्रामिंग से जुड़ी एक महिला पत्रकार से भिड़ गए. ये जाने बिना कि ये महिला पत्रकार इनसे भी ऊँची पहुँच के ज़रिये राज्य सभा में हैं. इनके पति दूरदर्शन में उच्च पद पर हैं और नौकरी की इन्हें खास परवाह भी नहीं.

फर्जी पत्रकार को धुनने के बाद पुलिस के हवाले किया

देवरिया : पत्रकार बनकर बोर्ड परीक्षा के दौरान एक विद्यालय पर पहुंचे युवक को स्कूल के कर्मचारियों ने पकड़ लिया। युवक ने जब पत्रकार के रूप में रौब दिखाना शुरू किया, तो उसकी पिटाई भी की गई। बाद में उसे लार पुलिस के हवाले कर दिया। जहां जानकारी मिली की यह फर्जी पत्रकार है। युवक से पूछताछ जारी है, अभी उसे जेल नहीं भेजा गया है।