कौन कहता है सत्यमेव जयते?

सरकारी दफ्तरों के भीतर दीवार पर धूल फांकते सत्यमेव जयते को क्या कभी आपने देखा है? मकड़ी के जाले के नीचे दम घुटते इस शब्द की व्यथा-वेदना को क्या आपने कभी महसूस किया है? यही नहीं लाठी लेकर पगडंडियों पर चलने वाले एक बुजुर्ग के दृश्य को आपने कभी गौर से देखा है। अगर नहीं तो मैं आप को अंधा नहीं कहूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि देखने के लिए सिर्फ आंखों की जरूरत नहीं होती। मैं आपसे यह जानना चाहता हूं कि सत्य एवं अहिंसा के महान पुजारी महात्मा गांधी को राजघाट पर कभी सिसकते हुए सुना है? राष्ट्रपिता को किसी गांधी प्रतिष्ठान में आपने दुःखी महसूस किया है। अगर नहीं तो आप आंखों वाले अंधे हैं।

जागरण : प्रतीक्षा, दुर्गेश एवं अमित ने किया अपने-अपने ग्रुप में टॉप

दैनिक जागरण में प्रोन्‍नति एवं इंक्रीमेंट में भाई-भतीजावाद के खात्‍मे के दौर में मात्र एक दर्जन पत्रकार ही 75 फीसदी अंक के आंकड़े को पार कर पाए हैं. दूसरी तरफ लगभग सात दर्जन पत्रकार 30 फीसदी के आंकड़े को भी नहीं छू पाए हैं. सीनियर सब-सीनियर रिपोर्टर ग्रुप में नोएडा की प्रतीक्षा सक्‍सेना ने टॉप किया है तो सब एडिटर एवं रिपोर्टर की परीक्षा में रांची के दुर्गेश कुमार अव्‍वल आए हैं. जूनियर सब एवं जूनियर रिपोर्टर में नोएडा के अमित कुमार सिंह ने अपनी डंका बजाई है.

दैनिक जागरण में 75 हुए प्रोन्‍नत, 100 किए जाएंगे बाहर

दैनिक जागरण समूह में नियुक्तियों को लेकर मारामारी और ऊंचे दर्जे पर भाई-भतीजावाद की परम्‍परा अब इतिहास में सिमटने जा रही है। यहां बरसों से खट रहे सम्‍पादकीय विभाग के करीब 75 लोगों कर अब प्रोन्‍नत कर दिया गया है। समूह में प्रतिभाओं की पहचान के लिए केंद्रीय स्‍तर पर आयोजित परीक्षा के नतीजे आ चुके हैं। खबर यह भी है कि इस केंद्रीय परीक्षा में शामिल में लोगों में ज्‍यादातर में उत्‍तीर्ण कर दिया गया है। इसके साथ ही एक बुरी खबर भी। वह यह कि इस परीक्षा में तय किये गये मानदंडों पर सफल न हो पाये लोगों को समूह के दरवाजों से बंद कर दिया जाए। इसके पहले इस समूह में पत्रकारों की नियुक्ति, प्रोन्‍नति और बर्खास्‍त करने के लिए केवल ऊंचे सम्‍पर्क की मर्जी की चलती रहती होती थी।

सांसद का कार्टून बनाने की सजा : 25 कोड़े

ईरान के खेल जगत में गैरवाजिब हस्तक्षेप करने वाले सांसद का कार्टून बनाना कार्टूनिस्ट महमूद शौकराई को उस समय महंगा पड़ गया जब उन्हें इसके लिए 25 कोडे मारे जाने की सजा सुनाई गई। मरकाजी में मीडिया से जुडे मामलों की एक अदालत ने शौकराई को सांसद अहमद लुत्फी अशथियानी का अपमानजनक कार्टून बनाने का दोषी पाया और उन्हें यह सजा सुनाई गई।

टाइम ने अपने कवर पर छापी स्‍तनपान की तस्‍वीर, बवाल मचा

मशहूर अमेरिकी पत्रिका टाइम के कवर पेज पर प्रकाशित स्‍तनपान की तस्‍वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पाठकों का एक तबका इस तस्‍वीर का खुलकर विरोध कर रहा है तो कुछ लोग इस तस्‍वीर का पक्ष लेते हुए इस की तारीफ भी कर रहे हैं. अक्‍सर अपने खबरों को लेकर चर्चा में रहने वाली टाइम मैगजीन इस तस्‍वीर के चलते पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसके पहले भी कवर पेज पर प्रकाशित तस्‍वीर को लेकर टाइम मैगजीन विवादों में घिर चुकी है.

साले मद्रासी फिर जीत गए (इंडियन एक्सप्रेस की भाषा)

जी हां. आपको आश्चर्य हो रहा होगा कि इंडियन एक्सप्रेस जैसा अंग्रेजी अखबार इतनी घटिया हिंदी भला क्यों लिखेगा. लेकिन यह उलटबांसी हुई है. इस अखबार की वेबसाइट पर चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों राजस्थान रायल्स की हार की जो खबर अंग्रेजी में लगी है, उस खबर को ढोने वाला कंधा यानि यूआरएल यानि डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट इंडियनएक्सप्रेस डाट काम के बाद जो कुछ कड़ियां आती हैं, उसमें अंग्रेजी में ही यह लिखा गया है- saale-madrasi-phir-jeet-gaye. इंडियन एक्सप्रेस की तरफ से यह सब जानबूझ कर किया गया है या किसी इंप्लाई ने बदमाशी की है, यह तो नहीं पता चला लेकिन फेसबुक पर इस मसले पर चर्चा शुरू हो गई है.

असीम त्रिवेदी को मिलेगा ‘करेज इन कार्टूनिंग अवार्ड’

: मशहूर कार्टूनिस्‍ट अली फरजत के साथ साझा करेंगे पुरस्‍कार : इंडियन कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को कार्टूनिस्ट के अधिकारों के लिये लड़ने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था ‘कार्टूनिस्ट राइट्स नेटवर्क इंटरनेशनल’ की ओर से 2012 का ‘करेज इन कार्टूनिंग अवार्ड’ दिया जाएगा. वे यह अवार्ड सीरिया के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट अली फरजत के साथ साझा करेंगे. अली फरजत दुनिया के जाने माने कार्टूनिस्ट हैं और टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शुमार हैं. उन्हें यह अवार्ड 15 सितम्बर को जार्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, वाशिंगटन में दिया जाएगा.

अमर उजाला से अजय एवं साधना भक्ति से संजीव का इस्‍तीफा

अमर उजाला, गोरखपुर से खबर है कि अजय पाण्‍डेय ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सब एडिटर थे. अजय के इस्‍तीफा देने के कारणों के बारे में पता नहीं चल पाया है, परन्‍तु समझा जा रहा है कि उन्‍हें किसी संस्‍थान से बढि़या ऑफर मिला है, जिसके चलते उन्‍होंने अमर उजाला को बाय कर दिया है. अजय ने करियर की शुरुआत प्रभात खबर, धनबाद से की थी. उसके बाद वे अमर उजाला के साथ गोरखपुर में जुड़ गए थे. वे पिछले पांच सालों से अखबार को अपनी सेवाएं दे रहे थे. 

उत्‍तराखंड से प्रकाशित होगा ‘दिल्‍ली आजकल’, लखनऊ से लांच होगा ‘कल्‍पतरु एक्‍सप्रेस’

दिल्‍ली से प्रकाशित होने वाला साप्‍ताहिक अखबार 'दिल्‍ली अबतक' अपने विस्‍तार की रणनीति पर काम कर रहा है. प्रबंधन इसका विस्‍तार अब दिल्‍ली से बाहर उत्‍तराखंड में करने जा रहा है. जल्‍द ही अखबार का प्रकाशन देहरादून से होने लगेगा. देहरादून में क्षेत्रीय कार्यालय स्‍थापित किया जा रहा है. पिछले लगभग डेढ़ दशक से इस अखबार का प्रकाशन दिल्‍ली से किया जा रहा है. 12 पेज के इस पूर्ण रूप से रंगीन साप्‍ताहिक का विस्‍तार उत्‍तराखंड के बाद अन्‍य हिंदी भाषी राज्‍यों में भी किया जाएगा.

दैनिक जागरण, बरेली से आशीष का इस्‍तीफा

दैनिक जागरण, बरेली से खबर है कि आशीष सक्‍सेना ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सब एडिटर थे. आशीष कुछ दिन पहले ही अमर उजाला छोड़ने के बाद जागरण से जुड़े थे, परन्‍तु उन्‍हें जागरण का अंदरूनी माहौल रास नहीं आया. बताया जा रहा है कि उन्‍होंने संपादक को अपने इस्‍तीफे की बात से अवगत करा दिया है. जल्‍द ही वे लिखित रूप में भी अपना इस्‍तीफा प्रबंधन को सौंप देंगे.

रुद्रपुर के तीन पत्रकारों के खिलाफ पुलिस ने कई धाराओं में दो मामले दर्ज किए

पिछले दिनों उत्‍तराखंड के रूद्रपुर में पत्रकारों के दो पक्षों के बीच हुए विवाद में दोनों पक्षों की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था. अब खबर है कि पूरन सिंह रावत पर मुकदमा होने के बाद रावत एवं एक अन्‍य पत्रकार ने तीन पत्रकारों आकाश आहूजा, गौरव कपूर एवं राजीव चावला के खिलाफ अलग-अलग मुकदमा दर्ज कराया है. बताया जा रहा है कि पूरन सिंह एवं उनके साथी पर हमले की घटना को एक पूर्व विधायक की शह पर अंजाम दिया गया.

दैनिक जागरण, कानपुर में प्रवीण सिटी चीफ एवं विनोद डेस्‍क इंचार्ज बनाए गए

दैनिक जागरण, कानपुर से खबर है कि संस्‍थान में कुछ आंतरिक बदलाव किए गए हैं. सिटी इंचार्ज अंजनी निगम को हटा दिया गया है. उनकी जगह क्राइम इंचार्ज प्रवीण शर्मा को नया सिटी चीफ बनाया गया है. अंजनी निगम को उनका सहयोगी बना दिया गया है. डेस्‍क इंचार्ज उमेश शुक्‍ला को खेल पेज पर भेज …

एचआईवी पाजिटिव होने के कारण प्रबंधन ने नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया

ज्‍यादातर बुराइयां और पिछड़ापन पढ़े-लिखे तबकों में ही देखने को मिलती हैं. आमिर खान ने इस बात को अपने कार्यक्रम सत्‍यमेव जयते में भी प्रूव किया कि लड़की भ्रूण हत्‍या बड़े शहरों तथा कथित रूप से सांभ्रांत लोगों में ही ज्‍यादा होता है. इसी तरह की एक बेवकूफी भरा फैसला सामने आया है पुणे में. यहां की एक कंपनी सीनटेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाले रोहित कुमार (बदला हुआ नाम) को कंपनी से इसलिए निकाल दिया गया और उनसे जबरदस्‍ती इस्‍तीफा ले लिया गया कि वे एचआईवी पॉजिटिव हैं. 

यशवंतजी, आप जैसों की न कोई सरहद होती है न कोई उम्र

यशवंतजी, भड़ास के चार साल पूरे होने पर बधाई. यशवंत भाई वास्‍तव में आप जैसे इंसान कभी नहीं मरते हैं. आप जैसे विप्‍लवी प्राणियों की न कोई सरहद होती है और न कोई उम्र. आपके पोर्टल को पढ़े बिना नींद नहीं आती. उन पत्रकारों ने आपको समझा, पहचाना जो स्‍वयं मीडिया की संस्‍था बन चुके हैं. हमारे मुल्‍क की माताओं ने ऐसे हजारों वीरों को जन्‍म दिया है, जिन्‍हें हम प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्‍च शिक्षा की किताबों में पढ़ते आए हैं.

केटीएन चैनल के पत्रकार औरंगजेब की गोली मारकर हत्‍या

: भाई और दोस्‍त भी मारे गए : इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बंदूकधारी बदमाशों ने समाचार चैनल में काम करने वाले एक रिपोर्टर सहित तीन लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी। मारे गए लोगों में पत्रकार के अलावा उस के भाई एवं दोस्त शामिल हैं। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार सिंधी न्यूज चैनल केटीएन के पत्रकार औरंगजेब तूनियो की ललूरौंक कस्बे में गुरुवार देर रात उसके भाई एवं दोस्त के साथ गोली मार कर हत्या कर दी गई।

विवादित बयान देने वाले सहारनपुर के डीआईजी समेत 21 आईपीएस बदले गए

लखनऊ : यूपी में अधिकारियों को इधर उधर करने का क्रम अभी तक थमा नहीं है। 20 आईपीएस अधिकारियों को सरकार ने तबादला किया है तो सहारनपुर मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक एसके माथुर को उनके विवादास्‍पद बयान के बाद हटा कर लखनऊ में पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। डीआईजी माथुर के बयान की चारो तरफ निंदा हुई थी तथा सीएम अखिलेश यादव ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए पहले ही कार्रवाई के संकेत दे दिए थे। इस तरह कुल 21 पुलिस अधिकारी हेरफेर के जद में आए हैं। 

ग्रेनो के जीएम समेत कई अधिकारियों एवं बिल्‍डरों के यहां आयकर विभाग का छापा

इनकम टैक्‍स की टीम ने शुक्रवार को नोएडा एवं ग्रेटर नॉएडा में अथारिटी के अधिकारियों तथा कई बिल्डरों के ठिकानों पर छापे मारे. तमाम अधिकारियों और ठेकेदारों के घरों तथा ऑफिस में एक साथ डाले गए छापे से हड़कम्‍प मचा हुआ है. आयकर विभाग की टीम ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के कार्यालय और यहां के जीएम रविंद्र सिंह समेत ललित विक्रम और एमएस रिजवी के घरों में छापेमारी की. इसके अलावा कसाना बिल्‍डर्स और डीआर बिल्‍डर्स के भी कई ठिकानों पर छापे मारे गए हैं. खबर देने तक छापेमारी की कार्रवाई जारी है.

चार साल माने चार सौ साल पिछले और अगले

भड़ास4मीडिया के चार वर्ष पूरे हो गए। कम नहीं होते चार वर्ष। यह बात आज ही एक युवा पत्रकार ने मुझसे कही। दरअसल, चार साल कम होते हैं या पर्याप्त यह बहुत महत्वपूर्ण तो है, लेकिन आज से चार साल पहले तक यह कम से कम मुझे तो नहीं लगता था कि कोई एक ऐसी वेबसाइट जो अखबार-चैनलों से भी कहीं ज्यादा लोकप्रिय हो जायेगी। सूचनाओं-जानकारियों जिज्ञासा की दिशा को नया मोड़ दे देगी। खबर वालों की खबरें बनेंगी फिर उनकी खबरें सब पढ़ेंगे। कम्प्यूटर खोलते ही मीडिया जगत के लोग सब से पहले क्या पढ़ना पसंद करेंगे? यह सोचा तो जा रहा था। करने की कोशिश भी की जा रही थी। लेकिन भड़ास ने तो कर दिखाया।

मोक्ष का अर्थ है- समूची आसक्तियों से मुक्ति, कोई भी आसक्ति न हो

मोक्ष के बारे में भगवत गीता का उल्लेख जरूरी है। अर्जुन भगवान कृष्ण से प्रश्न करते हैं- स्थितप्रज्ञस्य का भाषा, समाधिस्थ केशव/ स्थितिधिः किम प्रभाषेत, किम आसीत, व्रजेत किम।। यानी हे प्रभु, स्थितप्रज्ञ यानी सुख-दुख, लाभ-हानि और तमाम द्वैतों से परे व्यक्ति कैसे बोलता है? और समाधि प्राप्त व्यक्ति कैसे बोलता है? जो व्यक्ति सांसारिक द्वंद्वों से मुक्त है- यानी स्थिर है वह कैसे बोलता है, कैसे चलता है और कैसे आसन ग्रहण करता है? भगवान कृष्ण उत्तर देते हैं कि स्थितप्रज्ञ व्यक्ति इंद्रियातीत होता है। वह इंद्रियों के वश में नहीं रहता। वह सुख में खुश या दुख में दुखी नहीं होता। वह सदा मधुर वचन बोलता है और संसार की विपरीत या अनुकूल स्थितियां उसे व्यापती नहीं हैं। वह सदा मुक्त रहता है।

दैनिक जागरण की एक खबर का कमाल, हो गए मालामाल

महराजगंज के जागरण ब्यूरो प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी की एक खबर ने एक परिवार में खुशियों की बरसात कर दी. 13 अप्रैल को ग्यारहवीं की छात्रा प्रियंका परतावल ब्लाक अन्तर्गत विशुनपुर खुर्द गांव निवासी अमरजीत की पत्‍‌नी के रूप में पहली बार अपने ससुराल पहुंची तो घर में शौचालय ना पाकर उसने इसकी मांग की. व्यवस्था न होने पर चार दिन बाद इस घोषणा के साथ वह अपने मायके लौट गई कि जब तक शौचालय नहीं बनेगा, वापस नहीं आएगी. इस खबर को दैनिक जागरण ने मुद्दा बनाया. पहले तो प्रियंका और उसके ससुरालियों को बात नागवार लगी, लेकिन अब जागरण की गाथा गाते नहीं थकते हैं.

प्रसार भारती के पास सैलरी और ऑपरेशंस के भी पैसे नहीं होंगे!

नई दिल्ली : पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती के पास पैसे खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। आशंका है कि दो महीने में प्रसार भारती के पास सैलरी पेमेंट और ऑपरेशंस के लिए पैसे नहीं होंगे। कॉरपोरेशन के एकाउंटिंग पर चले रहे विवाद से प्रशासन दुविधा में है। ऐसे में सरकार इसे मिलने वाले ग्रांट को रोक सकती है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रसार भारती से कहा है कि फाइनेंशियल ईयर 2009-10 से संस्था ने ऑडिटेड एकाउंट्स नहीं सौंपे हैं, लिहाजा वह साल 2012-13 के लिए नए फंड नहीं जारी करेगा। अमूमन प्रसार भारती के सालाना बजट का दो तिहाई हिस्सा सरकारी ग्रांट से मिलता है। प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सिरकर ने बताया, 'इस मसले को सुलझाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।'

एक हजार करोड़ के काले धन की केबल इंडस्‍ट्री पर लग पाएगा लगाम?

हर बरस एक हजार करोड़ से ज्यादा ऑफिशियल कालाधन केबल इंडस्ट्री में जाता है। हर महीने सौ करोड रुपये केबल इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाने के लिये अंडरवर्ल्ड से लेकर राज्यों के कद्दावर नेता अपने गुर्गों पर खर्च करते हैं। हर दिन करीब एक करोड रुपये केबल-वार में तमंचों और केबल वायर पर खर्च होता है, जिनके आसरे गुंडा तत्व अपने मालिकों को अपनी धाक से खुश रखते हैं कि उनके इलाके में केबल उन्हीं के इशारे पर चलता है और बंद हो सकता है। इन्ही केबलों के आसरे बनने वाली टीआरपी किसी भी न्यूज या मनोरंजन चैनल की धाक विज्ञापन बाजार से लेकर सरकार तक पर डालती है, जो चैनल की साख चैनल को देखने वाले की टीआरपी तादाद से तय करते हैं।

साक्षी समूह के अखबार व चैनल में सरकारी विज्ञापन के प्रसारण पर रोक

: बीस हजार पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारियों का भविष्‍य खतरे में : हैदराबाद। सीबीआई द्वारा साक्षी समूह के बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगाने के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के बेटे और वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस जगनमोहन रेड्डी की आर्थिक मोर्चे पर और नाकेबंदी कर दी। सरकार ने साक्षी समाचार पत्र व टेलीविजन चैनल पर अपने सभी विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगा दी है। जगन साक्षी समाचार पत्र व चैनल के मालिक हैं।

Shazi Zama is indeed a sunni fundamentalist and india hater

yashwant ji, shazi zama is a fundamentalist sunni muslim. there is no doubt about it. those who have worked with him call him zinna because he is a blatant and open sympathiser of pakistan. when he was with aajtak, he banned foreign policy expert and former high commissioner to pakistan mr parthasarthy because he criticised pakistan in the harshest words.  he hates hinduism and hindus to the hilt. if you support india in front of him he will kick you out of his office. he has spoiled career of several nationalist journalists and is still doing so. it is really pity that he is at such a good position. we demand that he should be sacked immediately and an inquiry should be constituted to probe his pakistani links and the money that he gets from isi.

यूपी में सिर्फ एक प्रदीप शुक्ला नहीं, ऐसे दर्जनों भ्रष्ट आईएएस हैं, नाम सब जानते हैं पर कौन डालेगा इन पर हाथ!

ये वो कार्रवाई थी जो एक साल पहले हो जानी चाहिए थी। यूपी के आईएएस अफसर प्रदीप शुक्ला को गुमान था कि उनके आधा दर्जन आईएएस रिश्तेदार, प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात उनके आईएएस संबंधी और कांग्रेसी नेता विद्याचरण शुक्ल की नातेदारी के चलते सीबीआई अफसर उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। यह बात हकीकत भी लग रही थी क्योंकि तमाम लोगों की राष्ट्रीय स्वाथ्य मिशन में गिरफ्तारी के बावजूद एक साल से प्रदीप शुक्ला पर हाथ डालने की हिम्मत कोई नही जुटा पा रहा था। प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े लोगों के भी इस घोटाले में फंसने की उम्मीद बढ़ गयी है। यह बात दीगर है कि यूपी में प्रदीप शुक्ला की तरह अभी भी दर्जनों ऐसे आईएएस अफसर मौजूद हैं जिनकी भ्रष्टाचार की गाथायें सबको मालूम हैं मगर उनका कुछ नहीं बिगड़ रहा।

भास्‍कर से एक्‍जीक्‍यूटिव एडिटर हरिमोहन शर्मा का इस्‍तीफा, अमर उजाला जाने की चर्चा

दैनिक भास्‍कर, पानीपत से खबर है कि वरिष्‍ठ पत्रकार हरिमोहन शर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे एक्‍जीक्‍यूटिव एडिटर के रूप में कार्यरत थे. डेढ़ पहले उन्‍होंने ग्‍वालियर से पानीपत में ज्‍वाइन किया था. बताया जा रहा है कि हरिमोहन शर्मा अपनी नई पारी अमर उजाला से शुरू करने वाले हैं. संभावना जताई जा रही है कि इन्‍हें बनारस का स्‍थानीय संपादक बनाया जाएगा. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.

इंडिया टीवी छोड़कर पी7 न्‍यूज पहुंचे मृत्‍युंजय

इंडिया टीवी से खबर है कि मुंबई ब्‍यूरो से मृत्‍युंजय सिंह चंदेल ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थे. मृत्‍युंजय ने अपनी नई पारी पी7 न्‍यूज से शुरू करने जा रहे हैं. वे पिछले ढाई साल से इंडिया टीवी को अपनी सेवाएं दे रहे थे. उन्‍हें पी7 न्‍यूज में सीनियर …

जगन के मीडिया समूह पर कार्रवाई से नाराज पत्रकार सड़कों पर उतरे

: भविष्‍य को लेकर चिंतित हैं पत्रकार : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से लोकसभा सदस्य और वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी के समाचार पत्र और टीवी चैनल के बैंक खातों को ज़ब्त करने से आंध्र प्रदेश में बवाल खड़ा हो गया है. कुछ लोग इसे राजनैतिक उद्देशों से प्रेरित कदम के रूप में देख रहे हैं तो कुछ पत्रकारिता की आज़ादी पर हमले के रूप में. सीबीआई ने समाचार पत्र साक्षी और उसी नाम से टीवी चैनल चलाने वाली तीन कंपनियों- जगती पब्लिकेशंस, इंदिरा टेलीविज़न और जननी इन्फ्रास्ट्रक्चर के ऐसे दस बैंक खातों को ज़ब्त किया है, जिनमें 113 करोड़ रुपए जमा हैं.

फिल्‍मी पत्रिका ‘रूपतारा’ ने प्रकाशित किया थ्री डी एडिशन

थ्रीडी फिल्‍मों के माहौल में कन्‍नड़ फिल्‍मी पत्रिका 'रूपतारा' ने अपना थ्रीडी एडिशन लांच किया है. मनीपाल मीडिया नेटवर्क द्वारा प्रकाशित इस मासिक फिल्‍मी पत्रिका इस बार 98 पेज का स्‍पेशल थ्री डी इश्‍यू लांच किया है. इस पत्रिका के साथ पाठकों को थ्री डी चश्‍मा भी दिया जा रहा है, जिससे पाठक इस मैगजीन …

अमर उजाला ने युवान का प्रकाशन सभी यूनिटों से शुरू किया

अमर उजाला द्वारा लगभग दो साल पहले युवाओं को लक्ष्‍य में रखकर लांच किये गये युवान की सफलता से खुश प्रबंधन ने अब इसका प्रकाशन समूह के सभी केंद्रों से शुरू कर दिया है. अमर उजाला का यह साप्‍ताहिक अखबार यूपी, उत्‍तराखंड, पंजाब, हिमाचल, जम्‍मू कश्‍मीर समेत सभी यूनिटों से प्रकाशित किया जा रहा है. इस अखबार की शुरुआत कानपुर से की गई थी. जिसे शुरुआत में लोगों का मन मिजाज टोहने की कोशिश की गई थी, पर इसकी सफलता के बाद प्रबंधन ने इसे हर यूनिट से प्रकाशित करने का निर्णय ले लिया.

नकारा चौथे खंभे से अलग दुनिया बनाकर भड़ास ने जो काम किया है, प्रशंसनीय है

इस रंग बदलती दुनिया में हर इंसान की नीयत पर शक होता है। दूसरों को आईना दिखाने वाला चौथा खंभा इन दिनों सामाजिक कसौटी पर बिल्कुल नकारा साबित हो रहा है। इन नकारों  से इतर अपनी अलग दुनिया बनाकर भड़ास4मीडिया ने जो काम किया है, वह प्रशंसनीय है। यशवंत जी आपकी इस साइट के चार साल होने को हैं, किन्तु आपने जिन लोगों को जोड़ा है या जो लोग आपसे वाकई शब्दों से जुड़े हैं, उनको आपने अपने व्यवहार से खरीद लिया है। इस समयचक्र में जहां आदमी चरम पर पहुँचने के बाद किसी को पहचानता तक नहीं है, वहीं आप ने मेरे बच्चे के देहावसान के समय तुरंत कालबैक करके जो बातें कहीं थी, वाकई में उस सहानुभूति ने उस समय में मर्म पर मरहम का काम किया।

भड़ास ही मीडिया की दबी आवाज को जगा सकता है

यशवंत सिंह जी, आपके द्वारा भड़ास4मीडिया के नाम से शुरु किया गया पोर्टल बहुत अच्छा लगता है और मैं रोजाना दिन में कई बार इसे पढ़ता हूँ. मैं आपके द्वारा शुरू किये गए भड़ास4मीडिया से जुड़ना चाहता हूँ. कृपया मुझे बताएं मैं आपके साथ कैसे जुड़ सकता हूँ. मैं पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब के छोटे से शहर, जिसे एशिया की सबसे बड़ी लोहा नगरी मण्डी गोबिंदगढ़ के नाम से भी जाना जाता है, का निवासी हूँ और पिछले 8 साल से मीडिया जगत से जुडा हुआ हूँ, पर मीडिया के साथ जुड़ कर भी पूरी तरह से खुल कर कुछ नहीं लिख पा रहा हूं, क्योंकि पंजाब में सरकार का मीडिया पर पूरा कब्ज़ा है. 

अमर उजाला से नेहा एवं देशबंधु से सूरज का इस्‍तीफा

अमर उजाला, गाजियाबाद से खबर है कि नेहा धुसा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे रिपोर्टिंग की जिम्‍मेदारी संभाल रही थीं. नेहा का तबादला कुछ समय पहले पंजाब से गाजियाबाद के लिए किया गया था. यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि नेहा अपनी नई पारी किस संस्‍थान से शुरू करने जा रही हैं.

यशवंत के पास दलाल संपादकों की तरह अर्जित की गई अकूत सम्‍पत्ति नहीं है

आज भड़ास के चार साल पूरे हो चुके हैं लेकिन जितने अल्प समय में भड़ास4मीडिया ने नाम कमाया हैं, मैं समझता हूँ किसी भी पोर्न वेबसाइट के द्वारा उतना नाम नहीं कमाया जा सकता. चूंकि एक पुरानी कहावत हैं कि दाग तो चाँद में भी हैं. हम तो केवल इंसान हैं उसी तर्ज पर कुछ यशवंत सिंह भी हैं. कहते हैं कि आरोप तो कृष्ण पर भी लगे हैं. वह तो भगवान थे तो फिर यशवंत तो सिर्फ एक इंसान हैं, सो आरोप लगना लाजिमी है. आज हम बात करते हैं जेल की. जेल को समाज घृणित नज़रों से देखता हैं, लेकिन हम शायद यह नहीं सोचते कि जेल में हमारे इष्ट कृष्ण ने जन्म पाया हैं तो फिर जेल गलत कहाँ हैं. इसी तरह से बात शराब की तो अब तक शराब मुस्लिम समाज में हराम थी लेकिन उपयोग मुस्लिमों में सबसे ज्यादा है.

जब सुनवाई के रास्‍ते बंद दिखे, भड़ास ने मंच दिया, साथ दिया

भड़ास4मीडिया न्यूज पोर्टल ने चार साल पूरा कर लिया। खुशी की बात है। हमारी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं। पोर्टल ने अपनी साख बनाई। इसकी बुलंदी दिनोंदिन प्रखर और तेज हुई। निश्चितरूप से यह यशवंत सिंह, उनकी टीम जिसमें अनिल भाई समेत कई काबिल लोग शामिल हैं, उन सबकी लगन-मेहनत का परिणाम है। इसमें कोई संदेह नहीं कि भड़ास4मीडिया न्यूज पोर्टल देश-विदेश में लाखों-करोड़ों लोगों में मजबूत आवाज बन चुका है। जानकारी का खजाना है। यह सब लिखना इसलिए जरूरी लगा जब भड़ास4मीडिया न्यूज पोर्टल के चार साल पूरा करने पर कई लोगों की भांति-भांति की टिप्पणी देखी।

साधना समूह जून में लांच करेगा जम्‍मू कश्‍मीर न्‍यूज चैनल

साधना ग्रुप अब एक कदम और आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है. ग्रुप अपने क्षेत्रीय चैनलों की पहुंच को विस्‍तारित करते हुए जून में जम्‍मू कश्‍मीर से चैनल लांच करने जा रहा है. चैनल जम्‍मू कश्‍मीर के साथ हिमाचल प्रदेश को भी फोकस करेगा. फिलहाल हिमाचल प्रदेश की खबरें यूपी-उत्‍तराखंड चैनल पर प्रसारित की जाती रहती हैं. लांचिंग के बाद यह जम्‍मू कश्‍मीर का पहला सेटेलाइट न्‍यूज चैनल बन जाएगा. अब तक एक भी सेटेलाइट न्‍यूज चैनल जम्‍मू कश्‍मीर से प्रसारित नहीं हो रहा है.

प्रेस क्लब चुनाव में भी आचार संहिता!

इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब के त्रिवार्षिक चुनाव को लेकर इस मर्तबा एक आचार संहिता तैयार की गई है। इंदौर प्रेस क्लब की साधारण सभा ने २७ मई २०१२ को होने वाले चुनाव में आचार संहिता के लिए पूर्व अध्यक्ष शशीन्द्र जलधारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय आचार संहिता समिति गठित की गई। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी, ओमी खंडेलवाल, मनोहर लिम्बोदिया एवं जीवन साहू इस समिति के सदस्य हैं।

दैनिक जागरण की खबर से जितेंद्र को मिली नई जिन्दगी

अखबार वाले तो रोज खबर लिखते हैं, लोग पढ़ते भी हैं. कुछ का असर होता हैं कुछ से किसी का प्रचार. लेकिन आजमगढ़ के दैनिक जागरण की एक खबर से एक मासूम की जिंदगी में फिर से खुशियां आ गई हैं. 27 अप्रैल के अंक में जागरण द्वारा गरीब जितेंद्र के ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित होने की खबर प्रकाशित की गई. खबर का असर ये हुआ कि लाइफ लाइन अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह यादव ने गरीब जितेन्द्र के मुफ्त इलाज का फैसला किया और दैनिक जागरण अखबार के दफ्तर फोन कर जितेन्द्र को हास्पिटल लाने को कहा.

शाजी जमां को कट्टर सुन्नी बताने वाली मानसिकता ने भारत का विभाजन करवाया

प्रिय यशवंत, शाजी जमां के पक्ष में तुमने बहुत ज़ोरदार लिखा. मैं भी उसमें शामिल हो रहा हूं. लेकिन तुमने अपनी टिपिकल शैली में वार नहीं किया. शाजी पर ''कट्टर सुन्नी'' लिख कर जिस व्यक्ति ने हमला किया, उसका संबंध यक़ीनन जाहिलों की उस जमात से होगा, जिसका पढ़ाई-लिखाई से कभी कोई वास्ता नहीं रहा है.  शाजी जमां की एक बड़ी लियाकत यह है कि वह बदीउज्जमां के सुपुत्र हैं. हर हिंदी वाले को उन पर गर्व होना चाहिए. बदीउज्जमां का उपन्यास ''छाको की वापसी'' उन्हें राही मासूम रज़ा और मंटो की कतार में पहुंचाता है. ''सभा पर्व'' पूरा करने से पहले उनका इंतकाल हो गया. उसे पूरा किया शाजी ने.

बिच्छू डाट काम का कई राज्यों में होगा विस्तार, अशोक वानखेड़े को नया काम

मध्यप्रदेश के भोपाल से प्रकाशित एवं प्रसारित प्रादेशिक पाक्षिक बिच्छू डॉट कॉम ने मई माह से राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है। शुरुआत में इसका प्रसार क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ रहेगा। जून माह से राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी प्रसारित होगा। कई बड़े अखबारों में समूह संपादक की भूमिका निभा चुके वरिष्ठ पत्रकार अवधेश बजाज का यह अखबार मध्य प्रदेश के राजनीतिक, प्रशासनिक एवं मीडिया के गलियारों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। पिछले साल ही बिच्छू डॉट कॉम पाक्षिक अखबार ने चार साल पूरे किए हैं। इसी नाम से वेबसाइट पांच साल पूरे कर चुकी है।

दुनिया में सबके बाप मरते हैं, तुम्हारे बाप भी मरेंगे, इसमें नया क्या है, छुट्टी नहीं मिलेगी

यशवंत सर, सादर प्रणाम. भड़ास पर प्रकाशित करने के लिए प्रेषित कर रहा हूँ. यदि कोई सम्पादक काम कराने के बाद पैसा न दे तो क्या करना चाहिए? मेरे पास भी एक-दो सम्पादक ऐसे हैं, जिन्होंने काम करा लिया है, लेकिन पैसा देने में आना-कानी कर रहे हैं. मजे की बात देखिये कि जिस सम्पादक की बात मैं कर रहा हूँ, वह खुद को प्रतिष्टित संस्थानों में काम करने की बात कहकर लोगों को इम्प्रेस करते हैं. बुजुर्ग हैं. बुजुर्ग होने के नाते दुनिया उनका सम्मान करती है, लेकिन वह बुजुर्गियत की आड़ में लोगों का शोषण करने से भी बाज नहीं आते हैं.

हिमाचल प्रदेश से जून में लांच होगा दैनिक ‘एनकाउंटर’, संपादक की तलाश

‘हिमाचल दस्तक’ के बाद अब हिमाचल प्रदेश में एक और दैनिक अखबार ‘एनकाउंटर’ का पर्दापण होने वाला है। जालंधर (पंजाब) से प्रकाशित हिंदी दैनिक 'एनकाउंटर’ के हिमाचल प्रदेश संस्करण की लाँचिंग जून में हो जाएगी। राजधानी शिमला में ‘एनकाउंटर’ का कार्यालय खुल गया है और लगभग सभी जिला मुख्यालयों में कार्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संडे इंडियन में हालात बेकाबू, कई ने दिया इस्‍तीफा

अरिंदम चौधरी के संडे इंडियन मैगजीन के हालात खराब चल रहे हैं. पत्रिका के बंद होने के कयास तो पहले से ही लगाए जा रहे थे, अब खबर है कि अंदर की राजनीति और कार्यालय में काम का माहौल न होने के चलते लोग इस समूह को छोड़कर भाग रहे हैं. पिछले दिनों भी काफी लोगों ने इस्‍तीफा दिया था. इस बार भी कई लोगों ने इस्‍तीफा दे दिया है. प्रबंधन कुछ लोगों को परेशान करने की नीयत से चार महीने का नोटिस मांग रहा है. इतने दिनों की सैलरी जमा करने पर भी प्रबंधन उनका इस्‍तीफा मानने को तैयार नहीं है.

अमर उजाला : हरिश्‍चंद्र सिंह ने कानपुर एवं कुमार अभिमन्‍यु ने बनारस में कार्यभार संभाला

अमर उजाला, कानपुर से खबर है कि यूनिट के नए संपादक बनाए गए हरिश्‍चंद्र सिंह ने ज्‍वाइन कर लिया है. हालांकि ज्‍वाइन करने के बाद वे उदयपुर गए हैं जहां उन्‍हें कुछ आवश्‍यक कार्रवाई पूरी करनी है. जल्‍द ही वे कानपुर में पूर्ण रूप से अखबार की जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे. फिलहाल अभी अखबार में संपादक के रूप में पूर्व संपादक दिनेश जुयाल का नाम जा रहा है, जिन्‍होंने नोएडा में ज्‍वाइन कर लिया है.

उन्‍नाव में पत्रकार पर हमला, एक आरोपी जेल भेजा गया

: सपाई बनाते रहे हमलावर से समझौते का दबाव : उन्‍नाव में इलेक्‍ट्रानिक चैनल के पत्रकार विजय सिंह से मारपीट करने एवं उनका कैमरा व चेन छीनने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मंगलवार को अवैध बालू खनन की कवरेज करने पहुंचे विजय पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया था तथा उनसे जमकर मारपीट की गई. हमलावरों ने उनका कैमरा तथा चेन भी छीन लिया था. पत्रकार ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी स्‍थानीय पुलिस को दी, परन्‍तु गंगाघाट पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

अमर उजाला से इस्‍तीफा देकर हिंट के आरई बने दिनकर गुप्‍ता

अमर उजाला, गाजियाबाद से खबर है कि दिनकर गुप्‍ता ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर डीएनई थे. प्रबंधन ने उनका तबादला बरेली के लिए कर दिया था. खबर है कि उन्‍होंने हिंट न्‍यूज पेपर ज्‍वाइन किया है. उन्‍हें स्‍थानीय संपादक बनाया गया है. दिनकर लम्‍बे समय से अमर उजाला से जुड़े हुए थे. फिलहाल वे मेडिकल लीव पर चल रहे थे. उल्‍लेखनीय है कि गाजियाबाद से संपादकीय प्रभारी कुमार अभिमन्‍यु समेत कई लोगों का तबादला पिछले दिनों प्रबंधन ने रूटीन के तहत किया था.

एनआरएचएम घोटाले में पूर्व डाइरेक्‍टर प्रदीप शुक्‍ला गिरफ्तार

लखनऊ। यूपी मेडिकल घोटाले में एक और बड़े अफसर पर शिकंजा कसा है। एनआरएचएम (नेशनल रूरल हेल्थ मिशन) के पूर्व मिशन डायरेक्टर और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। यूपी मेडिकल घोटाले में इस गिरफ्तारी को अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी माना जा रहा है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से प्रदीप शुक्ला को सीबीआई ने आज सुबह हिरासत में लिया था। यूपी मेडिकल घोटाले में ये पहली गिरफ्तारी है जिसमें किसी आईएएस अफसर पर सीबीआई ने हाथ डाला है। प्रदीप शुक्‍ला की गिरफ्तारी के बाद कुछ और लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

पत्रकारों के लिए इंसान की जान से ज्‍यादा जरूरी खबर होती है!

: एक तस्वीर ने रातों-रात चर्चित कर दिया चीनी पत्रकार को : अगर कोई पत्रकार किसी संवेदनशील मामले की रिपोर्टिंग कर रहा हो, तो उसकी पहली जिम्मेदारी क्या बनती है? घटना को कवर करना या मौका-ए-वारदात पर जरूरतमंद की मदद करना? ये एक ऐसा प्रश्न है जिसका जवाब हर इंसान की नज़र में अलग-अलग हो सकता है। एक ऐसा ही वाकया 23 वर्षीय चीनी पत्रकार काओ आइवेन की ज़िंदगी में घटित हुआ, जिसने उसे सोचने पर मजबूर कर दिया।

झूठे ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ को नंगा कर डाला ‘द हिंदू’ ने

: पेड न्‍यूज को खबर बनाकर किया गया प्रकाशित : अंग्रेजी के विश्‍वसनीय एवं तेजतर्रार अखबार 'द हिंदू' ने सरोकार की हत्‍या कर देने वाले 'टाइम्‍स ऑफ इंडिया' की पोल खोल कर रख दी है. पी साईनाथ द्वारा लिखी गई इस स्‍टोरी में विस्‍तार से बताया गया है कि 'टाइम्‍स ऑफ इंडिया' ने पैसे के लिए सच को भी गिरवी रख दिया. पत्रकारिता के सारे मापदंड को ताख पर रखते हुए ना केवल अपने पेशे से दगाबाजी की बल्कि पीडि़त किसानों को ठेस पहुंचाई. डिस्‍क्‍लेमेयर में अपने को 'टाइम्‍स ऑफ इंडिया' का प्रतिद्वंद्वी बताते हुए 'द हिंदू' ने लिखा है कि इस अखबार ने बीटी कॉटन से परेशान किसानों के बारे में बिल्‍कुल झूठी खबर प्रकाशित की.

हाई कोर्ट ने कहा गूगल, याहू आदि नियुक्‍त करें शिकायत अधिकारी

इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच ने आज आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में दायर रिट याचिका संख्या 3489/2012 में आदेश देते हुए कहा है कि आज का युग इंटरनेट का युग है, अतः इंटरनेट सम्बंधित नियमों को पूरी सख्ती से पालन किया जाए. अमिताभ और नूतन ने अपना पक्ष कोर्ट में स्वयं रखा जबकि भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अशोक निगम ने रिट याचिका का इस आधार पर विरोध किया कि याचीगण ने याहू, गूगल आदि को प्रतिवादी नहीं बनाया है.

Fraud Nirmal Baba (84) : कोर्ट ने दिया निर्मल बाबा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश

: तनया एवं आदित्‍य की याचिका पर सुनाया फैसला : सीजेएम, लखनऊ राजेश उपाध्याय ने गोमतीनगर थाने को आदेशित किया है कि दिल्ली स्थित कथित धार्मिक गुरु निर्मल बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी विवेचना करें. सीजेएम ने बुधवार को यह आदेश तनया ठाकुर (कक्षा बारह की छात्रा) और आदित्य ठाकुर (कक्षा दस के छात्र) द्वारा धारा 156(3) सीआरपीसी के अंतर्गत प्रस्तुत याचिका पर दिया. तनया और आदित्य आईपीएस अधिकारी अमिताभ और सामाजिक कार्यकर्ता डा. नूतन के बच्चे हैं. रोहित त्रिपाठी और नीरज कुमार याचीगण के वकील थे. 

पत्रकार ने बिल्‍डर से मांगे दो लाख रुपये

लखनऊ में फर्जी एसएमएस के माध्यम से इंजीनियरों और बिल्डरों से धन उगाही करने वाला गिरोह सक्रिय है। मंगलवार को ऐसी ही एक शिकायत पुलिस को मिली है। पुराने लखनऊ के एक बिल्डर ने डीआईजी शिकायत प्रकोष्ठ में एक कथित पत्रकार द्वारा दो लाख रुपए मांगने की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

कोर्ट ने कहा दैनिक भास्‍कर के पांच मालिक होना गैर कानूनी

ग्वालियर। सिविल कोर्ट ने एक अहम फैसले में दैनिक भास्कर के 5 मालिक होना गैर कानूनी बताया है। भास्कर पब्लिकेशन एंड एलाइड इंडस्ट्रीज दैनिक भास्कर पर मालिकाना हक की पुष्टि के लिए दस्तावेज कोर्ट में पेश नहीं कर सकी है। कोर्ट ने कहा कि एक टाइटल के एक से अधिक मालिक नहीं हो सकते। कोर्ट ने प्रतिवादी संजीव जैन को झूठे आवेदन के लिए दंडित किए जाने का आवेदन रद्द कर दिया है।

राष्‍ट्रीय सहारा, कानपुर के सर्कुलेशन ऑफिसर दिलीप सिंह सस्‍पेंड

राष्‍ट्रीय सहारा, कानपुर से खबर है कि सर्कुलेशन ऑफिसर दिलीप कुमार सिंह को सस्‍पेंड कर दिया गया है. दिलीप पर अनुशासनहीनता के कुछ आरोप लगे थे, जिसके बाद कंपनी ने उन्‍हें सस्‍पेंड कर दिया है. दिलीप को आदेश दिया गया है कि वे उच्‍च अधिकारियों को सूचना दिए बिना कानपुर न छोड़े. साथ ही यह …

पूर्व कांग्रेसी विधायक के भतीजे ने पत्रकार से की धक्‍का-मुक्‍की

: पत्रकार संगठनों में रोष, आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग : सर्व शिक्षा अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में धांधली किए जाने की खबर लिखने की तैयारी करने वाले पत्रिका के पत्रकार से पूर्व कांग्रेसी विधायक का भतीजा ने धक्‍का-मुक्‍की किया तथा जान से मारने की धमकी दी. मामला मध्‍य प्रदेश के  नरसिंहपुर जिले की है. पत्रिका के पत्रकार राजेंद्र शर्मा सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत चल रहे एक कार्यक्रम में धांधली पकड़ा तथा इस कार्यक्रम की संयोजक शालिनी प्रजापति से उनका पक्ष लेने पहुंचे तो उन्‍होंने कहा कि आपको पांच बजे के बाद अपने हिसाब से खबर भेज देंगे.

फेसबुक पर शाजी जमां के खिलाफ कुत्सित मुहिम

इंटरनेटी ब्रह्मांड में आजादी सबके लिए है. जाहिर है, बुरे लोगों को भी ये आजादी मयस्सर है. कुछ ऐसे बुरे लोग हैं जो गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को हीरो के रूप में पेश करके हत्यारे की मार्केटिंग करते हैं और गांधी जी को बुरा-भला कह घटिया आदमी बताते हुए कोसते रहते हैं. ऐसे लोगों की दिमागी स्थिति को क्या कहा जाए. इन्हीं में से कुछ लोग शाजी जमां के पीछे पड़ गए हैं. शाजी जमां को शरीफ, संवेदनशील और पढ़ा-लिखा संपादक माना जाता है. लो-प्रोफाइल में रहने वाले शाजी जमां आमतौर पर रिएक्ट नहीं करते, वे चुपचाप अपना काम करते हैं.

झगड़ा दो महिला आईपीएस अधिकारियों का

Gyaneshwar Vatsyayan : महिलाओं का वहम लाइलाज होता है,यह बहुत लोग कहते हैं। लेकिन मंगलवार को एक महिला आईपीएस अधिकारी ने जिसे तरीके से दूसरे महिला आईपीएस अधिकारी के कक्ष में घुसकर बवाल काटा,वह देखकर हाजिर रहे सभी अधीनस्‍थ पुलिसवाले अवाक थे। लेकिन बुधवार के समाचार-पत्रों में संबंधित खबर को स्‍थान न मिला। ईटीवी भी लाइनर तक ही रहा।

श्री टाइम्‍स से श्‍याम बिहारी का इस्‍तीफा

श्री टाइम्‍स, लखनऊ से खबर है कि श्‍याम बिहारी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे मैनेजर मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे. श्‍याम बिहारी ने अपनी नई पारी लखनऊ में ही पायनियर के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां पर भी वही जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. श्‍याम अखबार की लांचिंग के समय से ही जुड़े …

हिंदुस्‍तान विज्ञापन घोटाला : सरकारी विभाग को डिक्‍टेट करता आ रहा है अखबार

मुंगेर। विश्व के सनसनीखेज 200 करोड़ रुपये के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले में पुलिस अधीक्षक पी. कन्नन के निर्देशन में आरक्षी उपाधीक्षक अरूण कुमार पंचालर की पर्यवेक्षण रिपोर्ट में नामजद अभियुक्त मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्ष और एडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भरतीया, मुद्रक एवं प्रकाशक अमित चोपड़ा, प्रधान संपादक शशि शेखर, कार्यकारी संपादक अकु श्रीवास्तव और स्थानीय संपादक विनोद बंधु के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420/471/476 और प्रेस एण्ड रजिस्‍ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट, 1867 की धाराएं 8 (बी), 14 और 15 के तहत लगाए गए सभी अभियोगों को प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाने की घटना में बिहार सरकार के वित्त (अंकेक्षण) विभाग, पटना, बिहार की वित्त रिपोर्ट -195/2005 की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जब मंत्री ने पत्रकार से कहा – बाइट नहीं दूंगा, तुम्‍हारे मालिक ब्‍लैकमेल करते हैं

आगरा में अब सी एक्सप्रेस समूह व परिवहन मंत्री राजा अरिदमन सिंह के बीच कांटे की लड़ाई खुलकर सामने आने लगी है. इसकी झलक आज सुबह परिवहन मंत्री की प्रेस वार्ता में देखने को मिली, जब सी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के लिए सी समूह का एक पत्रकार परिवहन मंत्री राजा अरिदमन सिंह के इंटरव्‍यू के लिए गया तब परिवहन मंत्री ने स्पष्ट तौर पर पत्रकार से कह दिया कि मैं तुम्‍हें बाइट नहीं दूंगा, क्योंकि तुम्हारे मालिक ब्लैक मेल करते हैं. इसके साथ-साथ परिवहन मंत्री ने स्पष्‍ट तौर पर कहा कि मेरी तुम से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. तुम कभी भी मेरे घर पर आ जाना.

पंचम तल पर बैठकर सोनभद्र जिला चला रहे हैं पंधारी यादव!

: एक माह से खाली पड़ा है जिलाधिकारी का पद : जेपी ग्रुप के हितपोषक जिलाधिकारी की तलाश : सोनभद्र में एक माह से जिलाधिकारी का पद रिक्त है। जिलाधिकारी की तैनाती न होना अपने आप में इस महत्वपूर्ण जिले के लिए आश्चर्यजनक है। चर्चा है कि जिले को राजधानी के पंचम तल पर बैठे मुख्यमंत्री के विषेश सचिव व सोनभद्र के पूर्व जिलाधिकारी पंधारी यादव की सलाह पर चलाया जा रहा है। वर्तमान में मुख्य विकास अधिकारी शफाकत कमाल प्रभारी जिलाधिकारी का काम देख रहे हैं, लेकिन वह कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसके चलते तमाम काम बाधित हैं। घोटालों के बेताज बादशाह के रूप में यह जिला देश में मशहूर हो चुका है।

इलेक्ट्रानिक मीडिया को प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के दायरे में लाने का प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को परिषद के दायरे में लाने का प्रस्ताव किया है. सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने सी. राजेंद्रन और खगन दास के सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय प्रेस परिषद का दायित्व प्रेस की स्वतंत्रता का संरक्षण करने के साथ अखबारों और समाचार एजेंसियों की गुणवत्ता और मानक को बेहतर बनाना है. परिषद इस बारे में शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि पीसीआई के अध्यक्ष ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को परिषद के दायरे में लाने का प्रस्ताव किया है.

पत्रकार पुत्र ने सिपाही को थप्‍पड़ मारा, मामला दर्ज

देवरिया। एक इलेक्‍ट्रानिक चैनल के पत्रकार के पुत्र द्वारा पुलिस वाहन चेकिंग के दौरान सिपाही को थप्पड़ मार दिया गया। पत्रकार का बेटा इस गुमान में था कि उसका बाप इलेक्ट्रानिक चैनल में है तो पुलिस उसका कुछ नहीं कर पाएगी, लेकिन पासा उलटा पड़ गया। इस घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक शचि घिल्डियाल के निर्देश पर पत्रकार पुत्र के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे पत्रकारों में हड़कम्प मचा हुआ है।

आरएसएस के मुखपत्र ‘आर्गनाइजर’ की पीआईबी मान्यता रद्द

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने आरएसएस के मुखपत्र आर्गनाइजर की पीआईबी मान्यता रद्द कर दी है. आर्गनाइजर के संपादक आर. बालाशंकर ने बताया कि हाल ही में उन्हें एक पत्र मिला है जिसमें कहा गया है कि अनिवार्य शर्तें पूरी न कर पाने के कारण उनकी मान्यता रद्द की जाती है. बालाशंकर ने सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन कारणों से उनकी मान्यता रद्द करने की बात कही गई है, वे बेबुनियाद हैं. संपादक ने कहा कि सरकार के मुताबिक अखबार की बिक्री पचास हजार या उससे ज्यादा होनी चाहिए.

जनसंदेश टाइम्‍स, देवरिया के ब्‍यूरोचीफ सिद्धार्थमणि ने गोरखपुर में ज्‍वाइन किया

जनसंदेश टाइम्‍स, देवरिया से खबर है कि ब्‍यूरोचीफ सिद्धार्थमणि त्रिपाठी, जिनका तबादला गोरखपुर किया गया था, ने ज्‍वाइन कर लिया है. शुरू में उन पर गबन के आरोप लगाए गए थे, जो सही नहीं थे. इन्‍हीं आरोपों के चलते उन्‍होंने प्रबंधन को इस्‍तीफा सौंप दिया था. सिद्धार्थ को कंपनी ने देवरिया कार्यालय के लिए सामान उपलब्‍ध नहीं कराया था, लिहाजा उन्‍होंने प्रबंधन के आदेश पर ही विज्ञापन के पैसों से कार्यालय के लिए सामान खरीद लिया था, जिस पर कुछ लोगों ने गबन का आरोप मढ़ दिया था. खबर है कि प्रबंधन से बातचीत के बाद उन्‍होंने गोरखपुर ज्‍वाइन कर लिया है.

”मुझ पर हमला करने वाले को ही प्रतिनिधि बना दिया ‘दाता संदेश’ ने”

हमारा समाज पत्रकार से यह अपेक्षा करता है कि विकृतियों को उजागर कर इंसाफ के बुझते चिराग को जलाये रखेंगे। तमाम बाधाओं से संघर्ष करते पत्रकार ऐसा करने में जरा भी नहीं हिचकते। लेकिन खामियाजा के तौर पर उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होती है। उन पर जान लेवा हमले होते हैं। लेकिन वह कानून की लड़ाई में विश्वास रखते अपराधियों से जूझता है। मीडिया संस्थान भी अपने प्रतिनिधि की लड़ाई में साथ देता है। अन्तोगत्वा अपराधियों को मुंह की खानी होती है। और वे पुनः मीड़िया कर्मी पर वार करने से कतराते हैं। लेकिन आज आर्थिक लाभ का दौर चल पड़ा है। कुछ मीड़िया संस्थान भी इससें अछूते नहीं हैं। वे अपने लाभ के लिए अपने प्रतिनिधि को जमींदोज करने से जरा भी परहेज नहीं रखते।

मीडियाकर्मियों से मारपीट करने वाला शिक्षक निलंबित

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में बोर्ड परीक्षा के दौरान मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट के आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। उल्‍लेखनीय है कि 29 मार्च 2012 को सहसपुरी के एक इंटर कालेज में कुछ पत्रकार कवरेज के लिए पहुंचे थे। पत्रकारों को इस कालेज में नकल की शिकायत मिली थी। मीडियाकर्मी जब इसकी कवरेज कर रहे थे तो कॉलेज के कई शिक्षक मीडियाकर्मियों पर टूट पड़े। इस हमले में कई पत्रकार घायल हो गए थे।

मीनाक्षी नटराजन के मीडिया का गला घोंटने के अति उत्‍साह से कांग्रेस में असमंजस

बतौर सांसद मीनाक्षी नटराजन की ओर से तैयार किए गए निजी बिल के मामले में संदेशवाहक भी संदेश जितनी ही अहमियत रखता है. पहली बार संसद सदस्य बनीं नटराजन इतनी सीधी-साधी भी नहीं हैं. वे राहुल गांधी के ब्रिगेड की अहम सदस्य हैं. इसलिए जब उन्होंने मीडिया का गला घोंटने की पर्याप्त क्षमता वाले प्रिंट ऐंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्टैंडर्ड्स ऐंड रेग्युलेशन बिल का मसौदा तैयार किया तो खुद उनके संगी-साथी भी चकरा गए.

पुलिस ने फर्जी पत्रकार को पकड़ा, कैमरामैन भाग निकला

लखनऊ। काकोरी थाने की पुलिस ने पुलिसकर्मियों पर रौब जमाने वाले एक फर्जी पत्रकार को गिरफ्तार किया, जबकि कैमरामैन मौके का फायदा उठाकर भाग खड़ा हुआ. पुलिस ने पकड़े गए युवक के पास से चैनल की आईडी बरामद की है. चैनल के ब्यूरो चीफ की शिकायत पर पुलिस ने  दोनों फर्जी पत्रकारों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस दूसरे युवक की भी तलाश कर रही है.

चीन ने अल जरीरा के पत्रकार को देश से बाहर निकाला, चैनल का ब्‍यूरो बंद

अल जजीरा ने कहा है कि चीन की सरकार ने उसकी अंग्रेजी भाषा की पत्रकार को बीजिंग छोड़ने पर विवश किया है और इस कारण से उसे वहाँ अपना अंग्रेजी भाषा का ब्यूरो बंद करना पड़ रहा है. चीन की सरकार ने रिपोर्टर मीलिसा चान के वीजा की अवधि नहीं बढ़ाई है और इस कारण से उन्हें देश छोड़ना होगा. चीनी विदेश मंत्रालय ने चान की जगह किसी अन्य पत्रकार को वीजा देने से भी इनकार किया है.  वर्ष 2007 से चीन में अल जजीरा की पत्रकार हैं. चीनी विदेश मंत्रालय ने इस कदम का कोई कारण नहीं बताया है.

इंटरनेट की आजादी बचाए रखने के लिए लड़ रहे असीम और आलोक को मदद दें

Aseem Trivedi के आंदोलन Save Your Voice के तहत असीम और आलोक पिछले 7 दिन से अनशन पर हैं… और इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की आज़ादी को रोकने की सरकारी साज़िश और आईटी एक्ट 2011 के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं… असीम और आलोक संसद में आने वाले संशोधन के खिलाफ प्रस्ताव के समर्थन और इस कानून के ज़रिए अभिव्यक्ति के आखिरी बचे ताकतवर माध्यम को भी सेंसर कर देने की कोशिशों के खिलाफ 7 दिन से भूखे हैं…

जनसत्ता चंडीगढ़ की रजत जयंती पर पुनर्मिलन समारोह (देखें तस्वीरें)

छह मई, 1987 को चंडीगढ़ से जनसत्ता अखबार निकला और छह मई, 2012 को पूरे पच्चीस साल हो गए। जाहिर है यह दिन अखबार के लिए विशेष था। शुरू के बहुत वर्षों तक इस दिन विशेष आयोजन भी होता रहा लेकिन सिलसिला टूटा तो टूट ही गया। हर साल यह दिन आता है लेकिन आयोजन नहीं होता। वक्त-वक्त की बात है। अखबार से जुड़े रहे कुछ लोग, जिनके मन में आज भी जनसत्ता के प्रति वही  आदर-सम्मान है और उनका दिल इसके लिए अब भी वैसे ही धड़कता है जैसा यहां काम करने के दौरान धड़कता था।

यशवंत भाई, क्रांतिकारी विचारधारा और स्पष्ट नज़रिया आपसे ही मिला… दिल से धन्यवाद

दोस्तों, भड़ास4मीडिया से पिछले 3 वर्षों से नियमित तौर पर जुड़ा हूँ लेकिन रूटीन ख़बरों के अलावा भड़ास के लिए कभी कुछ नहीं लिखा. आज जबकि यशवंत भाई की लगनशीलता… जज़्बे… साहस और मेहनत के चलते भड़ास4मीडिया ने सफलतम 4 वर्ष पूरे कर लिए हैं… ख़ुशी के ऐसे मौके पर मैं यशवंत भाई के बारे में खुद को लिखने से रोक नहीं पाया. आज के समय में स्पष्टवादी नजरिया रखने वाले लोग बिरले ही मिलेंगे…. और अगर मिलेंगे भी तो अक्सर दोहरा चेहरा लेकर या दोहरी बातें करते हुए मिलेंगे.

स्वतंत्र मिश्रा, अनिल राय, राजेश कौशिक, रजनीकांत सिंह के दायित्व में फेरबदल

सहारा मीडिया से सूचना है कि कई लोगों के कामकाज में बदलाव किया गया है. स्वतंत्र मिश्रा को राष्ट्रीय सहारा अखबार के सेल्स और मार्केटिंग का हेड बना दिया गया है. वे मीडिया हेड हुआ करते थे लेकिन उपेंद्र राय को मीडिया हेड समेत कई बड़ी जिम्मेदारियां दे दिए जाने के बाद स्वतंत्र मिश्रा लगभग शंटिंग में चले गए थे. अब उनके कर्तव्य को पुनर्परिभाषित कर दिया गया है. वे सहारा मीडिया के प्रिंट डिवीजन (जिसमें अखबार, मैग्जीन आदि सभी हैं) के सेल्स-मार्केटिंग के हेड के तौर पर काम देखेंगे.

उत्साही एवं जुझारू पत्रकार दुर्गा प्रसाद पांडे का आकस्मिक निधन

सिनेमा एवं कला-संस्कति की रिपोर्टिंग करने वाले अत्यंत जुझारू पत्रकार दुर्गा प्रसाद पांडे का अचानक निधन हो गया। वह पिछले काफी दिनों से दिख नहीं रहे थे। मैंने सोचा कि कहीं बाहर गये हैं, लेकिन पत्रकार सुशमा कुमारी ने आज रात ही उनके निधन की खबर दी जिसे सुनकर मैं सन्न रह गया। पहले उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उन्हें सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया।

इमानदार पत्रकारों की अनकही पीड़ा के लिए सशक्त मंच बना भड़ास

किसी कवि की ये पंक्तियां  भारतीय पत्रकारिता में भड़ास की भूमिका और उसकी सार्थकता पर सटीक बैठती है कि 'बड़ा महीन है ये अखबार का मुलाजिम भी, खुद में खबर है,मगर दूसरों की छापता है।' भड़ास के चार साल पूरे होन पर यशवंत जी सहित सभी भड़ासियों को बधाई। ‘भड़ास' यानि क्षोभ, आक्रोश और पत्रकारिता के चाल, चरित्र और चेहरे से पर्दा उठाने का नाम. मीडिया जगत के अन्दर क्या घट रहा है? इसकी जानकारी का कोई मजबूत जरिया पत्रकार बिरादरी के पास नहीं था। यह काम यशवंत जी ने भड़ास के माध्यम से किया जो अपने में एक क्रांतिकारी काम है।

महुआ न्यूज लाइन में एसोसिएट प्रोड्यूसर बने अमिताभ भूषण

टेलीविजन पत्रकार अमिताभ भूषण ने महुआ न्यूज लाइन में अपनी नई पारी की शुरुआत की है. महुआ न्यूज लाइन में अमिताभ बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर शामिल हुए हैं. इससे पहले अमिताभ भूषण सौभाग्य मिथिला चैनल में एंकर, रिपोर्टर, प्रोड्यूसर तीनों काम एक साथ सँभालते थे. प्रभात खबर मुजफ्फरपुर से अपनी पत्रकारिता की यात्रा शुरू करने वाले अमिताभ मीडिया के सभी माध्यमों में काम कर चुके हैं. हाल के दिनों में न्यू मीडिया पर काम कर रहे थे. अमिताभ के बारे में खास बात है इनकी सोशल नेटवर्किंग. सामाजिक-राजनीतिक और मीडिया के लोगों में अच्छी पकड़ रखते हैं.

यशवंत जी, मोक्ष वह नहीं जो आप समझ-लिख रहे, खुद को दुरुस्त करें

आपने भड़ास फार मीडिया के चार साल पूरे होने पर जो लेख लिखा है उसमें बार-बार मोक्ष शब्द का इस्तेमाल किया है। मोक्ष के बारे में भगवत गीता में भगवान कृष्ण ने जो कहा है, उससे आप परिचित ही होंगे। इसके अलावा सारे उपनिषद भी विस्तार से इसे बताते हैं। मुझे लगता है कि मोक्ष यह नहीं है कि बहुत हो गया, मन भर गया, या मन अघा गया या मन ऊब गया या सब कुछ व्यर्थ है, इसलिए हम मोक्ष की ओर चले गए। मोक्ष का बड़ा व्यापक और गहरा अर्थ है। यह मैं आपका विरोध नहीं कर रहा हूं। बस मन में विचार आए, उसे व्यक्त कर रहा हूं। आपका चार साल का संस्मरण अच्छा तो लगा लेकिन मोक्ष शब्द का बार-बार इस्तेमाल खटका, इसलिए विनम्रतापूर्वक इसका उल्लेख कर रहा हूं। इसे आप कतई तीखी प्रतिक्रिया न मानें। यदि आप इस टिप्पणी को इग्नोर करना चाहें तो मुझे बुरा नहीं लगेगा।

भ्रष्टाचार के महीन रूप उर्फ मीडिया को लेकर भड़ास ने हम जैसों को जागरूक किया

यश जी प्रणाम, मैंने पढ़ा, भड़ास को चार वर्ष हो रहे है. बधाई. भड़ास4मीडिया, मीडिया का वाच डॉग तो है ही, मेरे जैसे सामान्य प्रज्ञा के व्यक्तियों को जागरूक करने में भड़ास के बहुत बड़ा योगदान है. लोकनीति ने State of the Nation Survey August 2011 कराया था. उसके आंकड़ों को देखिये महज़ दो फीसदी लोगों का मानना है के एन.जी.ओ और मीडिया भ्रष्ट हैं. (क्लिक करें- www.lokniti.org) ये आंकड़े यही बताते हैं के लोगों की नज़र और समझ अभी इतनी तेज़ नहीं हुई के भ्रष्टाचार के महीन रूपों को देख सके.

शराबी और बदजुबान यशवंत की दो बुराइयां

यशवंत से मेरी पहली मुलाक़ात आज से लगभग तीन साल पहले हुई थी जब वे हमारी संस्था आई.आर.डी.एस. द्वारा दिए जाने वाले एस.पी.सिंह पुरस्कार के सिलसिले में लखनऊ आये थे. हमारी संस्था ने पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए जाने वाले एस.पी.सिंह पुरस्कार के लिए उन्हें सर्वाधिक उपयुक्त समझा था, लेकिन इस मुलाक़ात के बहुत पहले से मैं उन्हें और उनके भड़ास के बारे में जानती थी. भड़ास से मेरा साबका कब और कैसे हुआ यह तो मुझे ठीक से याद नहीं लेकिन इतना मैं जरूर जानती हूँ कि जिस दिन मैंने पहली बार भड़ास को पढ़ा था उसी दिन से मैं इसकी प्रशंसक हो गई थी. इसका कारण भी बहुत साफ़ था, भड़ास में वे तमाम बातें बहुत ही साफगोई से लिखी गई थी जो किसी भी पत्रकारिता में कहीं भी दूर-दूर तक देखने कों नहीं मिलती है. 

लखनऊ के दो पत्रकार मित्रों ने मुझे बताया- ठीक आदमी नहीं है यशवंत

: मेरा प्रिय पर पियक्कड़ साथी : “ए भाई, ई कैसा आदमी है. आप भी कैसे-कैसे लोगों के चक्कर में रहते हैं” मुझसे एक सज्जन ने यह बात उस समय कही थी जब मैंने यशवंतानन्द सरस्वती को अपनी संस्था आईआरडीएस की ओर से सम्मानित किया था. यह बात लखनऊ के ही एक पत्रकार ने कही थी और उन्होंने यह बात कुछ इस ढंग से कही थी कि मेरे मुहं का जायका एकदम से बिगड गया था. इस तरह की बात सुन कर मूड ऑफ होना स्वाभाविक भी था क्योंकि अभी एक दिन पहले ही तो मैंने इस आदमी को पुरस्कृत किया था और अब अचानक से यह जान कर कि यह बहुत बेकार आदमी है, पतित है, दलाल है, झूठा है, मक्कार है, फरेबी है और ना जाने क्या-क्या है, मुझे अपने आप में बड़ी ग्लानि सी हुई थी.

लेखन की मेरी दूसरी पारी और भड़ास का साथ

: भड़ास ने मुझे लिखने का मौक़ा देकर दोबारा एक लिखने वाले पत्रकार के रूप में मेरी पहचान बनायी : जब मैं दोबारा लिखने पढने की दुनिया में आया, तो मुझे लिखने वाला मानने वाले बहुत कम लोग थे. 1997 के बाद कई साल तक मैंने टीवी न्यूज़ में काम किया. टी वी न्यूज़ और पत्रकारिता शिक्षण की दुनिया से जब मैं बेआबरू होकर निकला तो मुझे नौकरी देने वाला कोई नहीं था. मेरे एक पुराने शुभचिन्तक एक नई पत्रिका निकाल रहे थे. मैं जब उनके पास नौकरी मांगने गया तो उन्होंने कहा कि मित्र आप पहले तो बहुत अच्छा लिखते थे लेकिन दस साल का अंतराल है, कहीं आप लिखना भूल तो नहीं गए होंगे. मैं अपना सा मुंह लेकर लौट आया.

कांग्रेस के पोर्न स्टार की कसमसाहट

अभिषेक मनु सिंघवी कसमसा रहे हैं। सिंघवी को कांग्रेस का नया पोर्न स्टार कहा जा सकता है। इस पोर्न स्टार की कसमसाहट यह है कि वह कहीं भी नहीं जा पा रहे हैं। सब जगह से गायब हैं। जिस मीडिया के रोज जम कर मजे लेते थे, वहां से तो बिल्कुल ही फुर्रर। एक सीडी ने सारा मजा किरकिरा कर दिया। बेचारे सिंघवी… गए तो थे सेक्स का मजा लेने। पर, दुनिया अब उनके मजे ले रही है। वैसे, भजन, भोजन और ‘भोग’ का यह कायदा है कि उसे परदे में किया जाए, तो करनेवाले को खूब आनंद आता है। लेकिन जब उसको लोग देख लेते हैं, तो आपका आनंद तो हवा हो ही जाता है, उल्टे लोगों को उसका बहुत मजा आता है।

भड़ास के चार साल होने पर लिखा गया आपका लेख अपने आप में पूरी फिलासफी है

यशवंत भाई …जय हो …भड़ास के 4 साल पूरे होने के मौके पर लिखे आपके इस लेख 'सुख-दुख आपसे साझा कर लूं' ने तो धमाका कर दिया.. इतनी गहरी फिलोसफी में चले गये कि पाठकों को दर्शनशास्त्र, सिस्टम की हकीकत, मीडिया का नंगापन सब कुछ गहरे से समझा दिया. एक बार तो हर पाठक, यहाँ तक कि बड़े बड़े संपादक भी इसे पढकर सोचने पर मजबूर हो जांयगे. बहुत सही कहा आपने  '…काहे का मीडिया जो बस अपने रेवेन्यू के लिए समझौते करता फिरता है, इसके आलावा कुछ नहीं करता है..''

भड़ास की सफलता और यशवंत सिंह की मीडिया सरकार

अखबारों, पत्रकारों और इलेक्ट्रानिक न्यूज़ चैनल के गलत और अनुचित कार्यों के खिलाफ आग उगलने वाली प्रसिद्ध वेबसाइट भड़ास4मीडिया अब कुछ ही समय में अपने सफर का चौथा साल भी पूरा करने को आगे बढ़ रही है. आज भड़ास के पढ़ने वालों की संख्या प्रतिवर्ष 6 करोड़ 90 लाख 30 हजार तक पहुंच चुकी है. भड़ास ने हमेशा सबकी सुनी और किया वही जो किसी ने नहीं सुनी. वहीं भड़ास के घेरे में आये लोगों की फटती रही, चीख पुकार मचती रही लेकिन भड़ासियों के मसीहा कहे जाने वाले यशवंत सिंह ने कभी सच्चाई से मुंह न मोड़ कर उसका सामना किया और प्रकाशित तथ्य को साफ़ छवि देने के लिए लगातर कमेन्ट बॉक्स में भी नजर आते रहे. भड़ास4मीडिया को प्रतिदिन पढ़ने और लिखने वाले 1,91,750 भड़ासियों की सूचनाओं की गोपनीयता बनाने में हर संभव प्रयास करने के साथ सही तथ्यों को जान कर प्रकाशित करने में कभी पीछे नहीं रहे.

मुझे लगता था कि इस तेवर के कारण भड़ास ज्यादा दिन नहीं चलेगा

सर्वप्रथम बड़े भाई यशवंत जी के मिशन और भड़ास4मीडिया के चार साल पूरे होने पर ढेर सारी बधाई. आज के चार साल पहले जब भड़ास इन्टरनेट के रास्ते हम तक पहुंचा था तो उसके तेवर कलेवर को देखने के बाद तो लगता ही नहीं था कि ये दो चार महीने भी चल पायेगा. क्योंकि तहलका का हश्र मैंने देखा था कि एक खबर ने तरुण जी को किस हालत में पहुंचा दिया था. जबकि भड़ास तो सैकड़ों तहलका को भी मात देने वाला था, तो इसका क्या होगा. मन में एक अजीब सी दहशत थी कि क्या होगा, चलेगा भी या नहीं. जिस तरह दिन प्रतिदिन सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ भड़ास बिना किसी की परवाह किये पंगे ले रहा था, बड़ा ही रोमांचक लगता था.

जग का हाल लिखने वालों के हाल से भड़ास ने बखूबी परिचित कराया

यशवंत जी, भड़ास4मीडिया के सफल चार साल संपन्न होने और पंचम वर्ष में प्रवेश के लिए बधाई. तीन-चार माह के संक्षिप्त प्रवास के बाद सितम्बर 2009 में जब मैं दिल्ली से विदा ले रहा था, तभी पहली बार फ़ोन पर आपसे बात हुई थी. पत्रकार और पत्रकारिता की दशा-दिशा पर पैनी निगाह रखने की भड़ास4मीडिया की पहरेदारी ने अनजाने में ही जो ऐतिहासिक कार्य किया है, उससे मीडिया बिरादरी का सचमुच भला हुआ है. जग का हाल लिखने वालों को अपने और अपनी बिरादरी के हाल से परिचित कराने का काम भड़ास ने बखूबी किया है.

भड़ास4मीडिया ने शोषित-उत्पीड़ित पत्रकारों का मनोबल बढ़ाया

यशवंत जी नमस्कार, भड़ास4मीडिया के सफल 4 वर्ष पूरे होने पर आपको बधाई। आपकी भड़ास वेबसाईट ने पत्रकार जगत से जुड़े लोगों को अपने मन की पीड़ा व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम दिया है। भड़ास की जितनी प्रशंसा की जाये उसके लिये शब्द कम हैं। मन की भड़ास और सच को सामने लाने के लिये देश में भड़ास फॉर मीडिया एक बेहतर माध्यम बन चुका है। यह आज पत्रकार जगत से जुड़े लोगों की जरूरत बन गया है। सम्पादकों, जनरल मैनेजरों तथा प्रधान सम्पादकों द्वारा किये जाने वाले रिपोर्टरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का मंच देकर आपने ऐसे शोषित पत्रकारों का मनोबल बढ़ा दिया है।

दो पंक्तिया यशवंत और भड़ास के लिए…

: चार साल होने पर 'भड़ासी' को बधाई : कमाल तो किया है भड़ास ने. हिंदी पत्रकारिता का आईना भी बना. कभी-कभी कुछ झूठी, मगर अधिकाँश सच्ची खबरों घटनाओं को सामने लाकर बहुतों की पोल भी खोली, चेहरे दिखाए, बेनकाब किये. मुझे तो पत्रकारिता पर केन्द्रित अपना व्यंग्य उपन्यास याद आता है ''मिठलबरा की आत्मकथा'', जिसमें 'मिठलबरा' नामक संपादक ही अपनी पत्रकारिता की पोल खोलता है. (जो मीठी-मीठी बात करे मगर 'लबारी' मारे, यानी झूठा हो, शातिर हो. ऐसे लोगों को ''छत्तीसगढ़ी'' भाषा में 'मिठलबरा' कहते हैं) पत्रकारिता के भीतर के सच को भी सामने आना चाहिए.

आईबीएन7 के पत्रकार हरीश बर्णवाल की कहानियों का संग्रह प्रकाशित

टेलीविजन पत्रकार हरीश चंद्र बर्णवाल की कहानियों का संग्रह “सच कहता हूं” दिल्ली के वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। हरीश की ये तीसरी किताब है। इसमें 6 लंबी कहानियां और 14 लघु कथाएं हैं। कहानियों में समसामयिक विषयों को भावनात्मक तौर पर बहुत ही अच्छे से उभारा है। हरीश ने कई ऐसे मुद्दों को कहानियों में जगह दी है, जो इससे पहले कभी नहीं आईं। ‘निकाह’, ‘बागबां’ और ‘बाबुल’ जैसी फिल्मों की कहानियां लिखने वाली लेखिका अचला नागर लेखक की कहानियों के बारे में लिखती हैं कि “हरीश की कहानियों में तीन बातें हैं। संवेदनशीलता कूट-कूटकर भरी हुई हैं। दूसरी पैनी दृष्टि और तीसरी ईमानदारी दिखाई देती है। एक तरह से दूध को मथते-मथते ये मक्खन निकला है। तभी उन्होंने 16 सालों में सिर्फ 6 कहानियां लिखी हैं।”

हिंदुस्तान में राजीव वर्मा और अमर उजाला में अजय उपाध्याय के दिन हुए पूरे?

: कानाफूसी : दो चर्चाएं इन दिनों जोरों पर है. हिंदुस्तान और एचटी में सीईओ के रूप में लंबे समय से काम देख रहे राजीव वर्मा के बारे में पता चला है कि उनके दिन पूरे हो गए हैं और प्रबंधन उनसे पिंड छुड़ाने की तैयारी में है. खासकर हिंदी बिजनेस की दशा-दिशा से प्रबंधन राजीव वर्मा से काफी नाराज है. हिंदुस्तान अखबार की दिन प्रतिदिन गिरती साख और अपेक्षित बिजनेस व प्रसार न मिलने से एचटी मैनेजमेंट किसी ऐसे शख्स की तलाश में है जो पूरे वेंचर को नई उंचाइयों पर ले जाए. राजीव वर्मा कई वर्षों से हिंदुस्तान ग्रुप में हैं. कई संपादक आए गए लेकिन राजीव वर्मा अपने पद पर जमे रहे. पर बताया जाता है कि अब उनकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.

सहारा ने फोटो छापकर टर्मिनेट किया पत्रकार मनोज यादव को

सहारा आगरा ब्‍यूरो के हेड रहे मनोज यादव को भ्रष्‍टाचार के आरोप में कंपनी से टर्मिनेट कर ‍दिया गया है. सहारा ने यह फैसला लंबी जांच पड़ताल के बाद लिया है. बताया जा रहा है ‍कि सहारा में साल भर पहले हुए सत्‍ता परि‍वर्तन के दौरान मनोज यादव ने रमेश अवस्‍थी का साथ छोड़कर स्‍वतंत्र ‍मिश्र का हाथ थाम लिया था. मनोज यादव को रमेश अवस्‍थी ने ही आगरा का ब्‍यूरो हेड बनवाया था. मनोज यादव का टर्मिनेशन सहारा अखबार में फोटो छापकर किया गया है. इस पब्लिक नोटिस का प्रकाशन राष्ट्रीय सहारा के सभी संस्करणों में किया गया है.

द पायोनियर, दिल्ली से सिद्धार्थ मिश्र और कंचन गुप्ता का इस्तीफा

अंग्रेजी अख़बार "द पायोनियर" को तगड़ा झटका लगा है. अख़बार के दो सीनियर पत्रकारों सिद्धार्थ मिश्र और कंचन गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है. दोनों अख़बार के एसोसियट एडिटर थे. सिद्धार्थ मिश्र दिल्ली में सिटी रिपोर्टिंग के इंचार्ज थे और साथ में द पायोनियर के चंडीगढ़, देहरादून और रांची एडिशन के प्रभारी थे. कंचन गुप्ता अख़बार के एडिटोरियल पेज के प्रभारी थे. दोनों अख़बार के मालिक-संपादक चन्दन मित्रा के काफी करीब माने जाते थे. सिद्धार्थ मिश्र लगभग 18 सालों से पायोनियर से जुड़े थे जबकि कंचन भी लगभग एक दशक से पायोनियर में काम कर रहे थे. इन दोनों का इस समय जाना पायोनियर के लिया घातक साबित हो सकता है.

हिंदुस्तान के मेरठ आफिस पर दर्जनों हथियारबंद युवकों का धावा, फायरिंग

बीती रात की खबर है. करीब एक बजे दर्जनों हथियारबंद युवकों ने हिंदुस्तान के मेरठ आफिस पर धावा बोल दिया और जमकर फायरिंग की. ये युवक मेरठ विश्वविद्यालय के बताए जाते हैं. रात एक से चार बजे तक हंगामा चलता रहा. कुछ पत्रकारों के भी घायल होने की सूचना है. बताया जाता है कि कापी एडिटर पारिजात तिवारी की आफिस के नीचे बाइक सवार दो युवकों से किसी बात पर कहासुनी हुई. उसके बाद वे लड़के दुबारा दर्जनों की संख्या में अपने साथियों को लेकर आए जिनके हाथों में तमंचे, डंडे, राड, हाकी, बैट आदि थे. ये लोग हिंदुस्तान आफिस में घुसने लगे.

45 लाख रुपये लेकर भागा टीवी रिपोर्टर

मुंबई : पिछले सप्ताह एल. टी. मार्ग पुलिस स्टेशन में 45 लाख रुपये की चोरी में जो चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है, उसमें एक पूर्व टीवी रिपोर्टर कमलेश सिंह का भी नाम है। क्राइम ब्रांच की यूनिट- दो ने इन चार में से एक आरोपी जितेंद्र चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। जितेंद्र ने सीनियर इंस्पेक्टर निशिकांत पाटील, भास्कर कदम व हृदय मिश्रा की टीम को बताया कि चोरी का रुपया कमलेश व उसके चचरे भाई लकी के पास है।

भास्‍कर से इस्‍तीफा देकर दैनिक सवेरा से जुड़े विजय

दैनिक भास्‍कर, भदौड़ से खबर है कि विजय जिंदल ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे काफी समय से भास्‍कर से जुड़े हुए थे. विजय ने अपनी नई पारी कुछ दिन पहले लांच हुए अखबार दैनिक सवेरा से की है. दूसरी तरफ विजय के इस्‍तीफा देने के बाद खाली हुए स्‍थान पर पटियाला के पत्रकार मखन …

प्रो. धूमल के हाथों शिमला से लांच हुआ ‘हिमाचल दस्‍तक’

लम्‍बे इंतजार के बाद आखिरकार शिमला से 'हिमाचल दस्‍तक' की लांचिंग कर दी गई। सोमवार को धूमधाम से राज्‍य के मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस अखबार की लांचिंग की। हिमाचल दस्‍तक के मालिक हैं केपी भारद्वाज। केपी लम्‍बे समय तक 'दिव्‍य हिमाचल' अखबार के एमडी रह चुके हैं। वहां से निकलने के बाद ही उन्‍होंने 'हिमाचल दस्‍तक' के लांचिंग की योजना बनाई थी परन्‍तु बीच में कुछ परेशानियों की वजह से इस अखबार की लांचिंग में देर हो गई।

ट्राई के आदेश से उलझन में न्‍यूज चैनल

तर्कसंगत और व्यावहारिक सुधारों के उलट काम करने की यूपीए सरकार और इसके ओहदेदारों की आदत बन गई है. 30 अप्रैल को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने एक आदेश जारी किया और इसमें केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (नियमन) संशोधन कानून दिसंबर 2011 को लागू करने के तौर-तरीकों का ब्योरा देने को कहा गया. आदेश की एक विवादास्पद धारा ने ब्रॉडकास्टिंग बिजनेस खासतौर से टीवी न्यूज को मुश्किल में डाल दिया है. इससे एक अच्छे कानून या सुधार के बेपटरी होने का खतरा खड़ा हो गया है.

ब्‍लॉगर योगेश शीतल ने खोली राजद सांसद के ‘हवा हवाई’ किराए की पोल

: ब्‍लॉग पर प्रकाशित होने के सप्‍ताह भर बाद मुख्‍य धारा की मीडिया में आई खबर : सोशल मीडिया कई जगहों पर मुख्यधारा की मीडिया को ओवरटेक करता हुआ दिख रहा है. निर्मल बाबा, अग्निवेश टेप प्रकरण, राडिया टेप के खुलासे, बरखा दत्त का इंडिया गेट पर से भागने की खबर और अभिषेक मनु सिंघवी की लीला के सार्वजनिक हो जाने के बाद ताजा मामला राजद के संसद द्वारा हवाई अड्डे से घर तक हवाई खर्चे क्लेम करने का है.

सुदर्शन के स्ट्रिंगर पर रेलवे का पेपर आउट कराने का मामला दर्ज

जोधपुर के गीता भवन के पास स्थित सोहनलाल मनिहार सीनियर सेकेण्डरी बालिका विद्यालय में रेलवे की ग्रुप भर्ती परीक्षा के दौरान रविवार सुबह एक टीवी चैनल का स्ट्रिंगर फर्जी रेलकर्मी बनकर अन्दर घुसा और मोबाइल से ओएमआर (उत्तर पुस्तिका) की फोटो खींच ली। उसने ओएमआर शीट आउट करने की कोशिश की लेकिन कक्ष संचालक ने उसे पकड़ लिया तथा मौजूद रेलवे अधिकारियों को सौंप दिया। विद्यालय के प्राचार्य की शिकायत पर प्रताप नगर पुलिस ने आरोपी स्ट्रिंगर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

अपने तीनों समाचार चैनलों को नए नाम से रिलांच करेगा एमसीसीएस

स्‍टार समूह से अपना नाता तोड़ने वाला एबीपी ग्रुप अपने चैनलों को एक जून से नए नाम से रिलांच करने जा रहा है. पूर्व घोषणा के अनुसार एमसीसीएस ने ऐलान किया है कि अब स्‍टार न्‍यूज एक जून से एबीपी न्‍यूज, स्‍टार बांग्‍ला एबीपी आनंद तथा स्‍टार मांझा एबीपी मांझा के नाम से रिलांच किया जाएगा. ये तीनों समाचार चैनल अब पूर्ण रूप से आनंद बाजार पत्रिका ग्रुप के स्‍वामित्‍व के अधीन रहेगा. इसकी घोषणा एसीसीएस के सीईओ अशोक वेंकटरमानी ने की है. आप भी देख सकते हैं वेंकटरमानी का पत्र. 

असीम और आलोक को अभी भी आपका इंतजार है

असीम और आलोक दोस्त हैं, ये उनकी आपस में पहचान है लेकिन मेरे लिए असीम और आलोक वो दो युवा हैं, जिनमें हमारे मुस्तकबिल की वो उम्मीदें दिखती हैं, जिनको देखने की हमारी पिछली पीढ़ी में हिम्मत ही नहीं थी, लेकिन हमारी पीढ़ी जिसके सपने देखते बड़ी हुई। पर हमारे लिए हमेशा वो सपना, सपने जैसा ही था, हम हमेशा ये ही सोचते रहते कि आखिर कौन लड़ेगा इस सपने के लिए, क्योंकि हमारे पितृ सत्तात्मक परिवारों ने हमेशा हमें सच के साहस की जगह मिथ्या अहम से ही नवाजा, हम बड़े हुए सिर्फ आवश्यक्ताओं से अधिक सुविधाओं को इकट्ठा करने की जद्दोजहद के बीच और हमें शिक्षा मुहैया कराई गई सिर्फ नौकरी पाने के लिए। साफ था कि हमारी पिछली पीढ़ी हमारे अंदर उसी कायरता और नपुंसकता के बीज बो रही थी, जिसे वो उम्र भर जीती आई थी। लेकिन समय हमेशा उत्परिवर्तन लाता है, और पत्थरों में भी अंकुर फूटना केवल मुहावरा नहीं है, लेकिन फिर भी असीम और आलोक मैं चाहता हूं कि तुम ये लड़ाई छोड़ दो।

आशुतोष की किताब और अन्ना आंदोलन पर कुछ सवाल

इस आलेख को लिखने की शुरुआत में ही यह साफ करना चाहूंगा कि देश के करोड़ों लोगों की तरह मैं भी भ्रष्टाचार (घूसखोरी) खत्म करने के अन्ना ही नहीं बल्कि किसी भी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थक हूं। जब-जब अन्ना का दिल्ली के रामलीला मैदान या जंतर-मंतर पर धरना-अनशन हुआ, मैं वहां अन्ना टोपी लगाए एक बार जरूर पहुंचा हूं (इस बात के जोखिम के बावजूद कि हमारे तत्कालीन संपादक अन्ना आंदोलन को अच्छी नजरों से नहीं देखते थे)।

Freedom Fast : Fifth day of hunger strike for internet freedom

Fifth day of freedom fast continued at Jantar Mantar- Activists were persuasively admitted to Dr. RML Hospital. Aseem Trivedi and Alok Dixit from Save Your Voice continued with the fifth day of their hunger strike to support the ANNULMENT MOTION against IT Rules-2011in the Rajya Sabha. Their main motive is to draw attention of the law makers and government to this issue as well as request all the political parties, including Congress, to support the motion in the RS. Both of them were in a severe condition today as they had completed almost 21 hours of their fast without drinking water and so were forcefully admitted to Dr. Ram Manohar Lohia Hospital at about 5 pm today.

एक जून से स्‍टार न्‍यूज़ बन जाएगा एबीपी न्‍यूज़

नई दिल्ली: तीन लोकप्रिय समाचार चैनलों का प्रसारण करने वाली मीडिया कंटेंट ऐंड कम्युनिकेशंस सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड यानी एमसीसीएस ने ऐलान किया है कि अब स्‍टार न्‍यूज़ एक जून से एबीपी न्‍यूज़ बन जाएगा. एमसीसीएस के ऐलान के मुताबिक 24 घंटे के तीनों समाचार चैनल स्टार न्यूज अब एबीपी न्यूज़, स्टार माझा अब एबीपी माझा और स्टार आनंद अब एबीपी आनंद के नाम से जाने जाएंगे.

पत्रकार रोमियो को रिहा करेगा विद्रोही संगठन फार्क

कोलंबिया के सबसे बड़े विद्रोही संगठन फार्क का कहना है कि वो बंधक बनाए गए फ्रांसीसी पत्रकार को रिहा कर देगा. एक सोशल नेटवर्किंग साइट पर प्रकाशित बयान में कहा गया है कि रोमियो लैंगलोइस नामक इस पत्रकार को पिछले हफ्ते कोलंबिया सेना के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था. माना जा रहा है …

भड़ास4मीडिया के चार साल : कुछ सुख-दुख आपसे कर लूं साझा

चार साल पहले जब भड़ास4मीडिया डोमेन नेम बुक कराया था तब मैं अपने एक मित्र की नई शुरू हुई मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विस कंटेंट प्रोवाइडर कंपनी में वाइस प्रेसीडेंट के पद पर था. तीस पैंतीस हजार के आसपास तनख्वाह थी. उसके पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और आई-नेक्स्ट अखबारों में करीब बारह-तेरह साल तक नौकरी कर चुका था, ट्रेनी पद से लेकर एडिटर पद तक की. उसके भी पहले सीपीआईएमल और इसके छात्र संगठन आइसा व कल्चरल फ्रंट जन संस्कृति मंच में करीब पांच साल तक सक्रिय रहा, कभी सपोर्टर के रूप में तो कभी होलटाइमर के रूप में. पत्रकारिता में आने के बाद समाज-देश बदलने के आदर्श और शराबखोरी की शुरुआत से उपज रही सनक का जो काकटेल बना तो इसने रुकने का नाम नहीं लिया. इमानदारी, आदर्श, कठिन मेहनत, दुस्साहस, अराजकता, लफंगई-लंठई… आदि के छोरों-दायरों में घूमता-तैरता एक ऐसा वक्त आया जब मेरे लिए मेनस्ट्रीम मीडिया में जगह नहीं थी.

आमिर खान, रवीश कुमार, मीना शर्मा, श्रीपाल शक्तावत और मेच्योर होते हिंदी चैनल

: 'सत्यमेव जयते' के लिए आमिर खान को चहुंओर से मिल रही बधाई : भ्रम होने लगा है कि अपने हिंदी टीवी चैनल मेच्योर होने लगे हैं. रविवार को स्टार प्लस पर आमिर खान का बहुप्रतीक्षित शो सत्यमेव जयते प्रसारित हुआ. पूरा देश आंखें गड़ाए देखता रहा. नाच-गाने, कामेडी और सनसनी के आदी अपने हिंदी पट्टी के दर्शकों के लिए यह एक ऐसा प्रोग्राम था जो समाज के एक कड़वे हकीकत से जुड़ा हुआ था. कन्या भ्रूण हत्या के हर पक्ष को आमिर ने अपने एपिसोड में समेटा. हिंदी पट्टी के दो पत्रकारों मीना शर्मा और श्रीपाल शक्तावत द्वारा कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सात वर्ष पहले पैसे के लोभी डाक्टरों का बड़े पैमाने पर किए गए स्टिंग आपरेशन को आमिर खान ने सराहा  और इस स्टिंग के जरिए साबित हो रहे अपराध को मुकाम पर पहुंचाने की घोषणा की. दोनों पत्रकारों को कार्यक्रम में बुलाकर उन्होंने हिंदी पत्रकारों का मान बढ़ाया, साथ ही हिंदी पत्रकारिता का सबको लोहा भी मनवाया.

पीत पत्रकारिता की यह तो हद हो गई साहब!

यशवंतजी, आपके लोकप्रिय ब्लॉग भड़ास में रामनगर (नैनीताल) में बीते 4 मई को संयुक्त चिकित्सालय में हुई घटना के बावत कुछ और जानकारी देना चाहूंगा जो छपी खबर में नहीं है। पहली बात तो यह कि खबर में सी न्यूज के पत्रकार का नाम राजीव लिखा है जबकि न्यूज चैनल में रागिब खान नाम का शख्स है। राजीव स्थानीय उत्तर उजाला अखबार के पत्रकार है। जहां तक डाक्टरों द्वारा कवरेज से रोकने की बात है, दरअसल ऐसा मामला घटा ही नहीं था।

रायपुर से लांच हुआ अंग्रेजी दैनिक ‘द पायनियर’

अंग्रेजी दैनिक 'द पायनियर' का प्रकाशन छत्‍तीसगढ़ से भी शुरू हो गया है। रविवार को इस अखबार की लांचिंग रायपुर में की गई। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्‍ण आडवाणी, डा. रमन सिंह, अखबार के प्रधान संपादक चंदन मित्रा, रायपुर में अखबार के प्रकाशक विजय बुधिया समेत कई गणमान्‍य लोगों ने अखबार की लांचिंग की। 'द पायनियर' का संपादक सुजीत कुमार को बनाया गया है। सुजीत पिछले डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

ब्‍लैकमनी से चलती हैं राजनीतिक पार्टियां!

: छोटे सपनों में डूबा देश : समय से संवाद : किसी भी दूसरे मुल्क में यह सवाल, देश की राजनीति के लिए निर्णायक बन जाता. ऐसे सवाल देश के अस्तित्व से जुड़े होते हैं, पर इन सवालों पर चुप्पी का अर्थ समझ से परे है. सत्ता का अर्थ क्या महज अपनी कामनाओं को पूरा करना रह गया है या देश भी कहीं एजेंडे पर है? – इस मुल्क के बारे में बाबर के अनुभव सही थे. उन्होंने पाया कि लाखों लोग सड़क के किनारे खड़े होकर बाहर से आये हमलावरों को देखते भर थे. मूकदर्शक होकर. बाहरी हमलावरों की संख्या सैकड़ों या हजारों में होती थी.

डा. शिवकुमार राय लांच करेंगे न्‍यूज एवं वूमेन इम्‍पॉवरिंग मैगजीन

आजतक, वॉयस ऑफ इंडिया, दैनिक जागरण समेत कई संस्‍थानों में वरिष्‍ठ पद पर रहे डा. शिव कुमार राय अब अपनी मैगजीन लांच करने जा रहे हैं. फोर्थ वॉयस मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले वे एक न्‍यूज मैगजीन तथा एक वूमेन इम्‍पॉवरिंग मैगजीन लांच करने जा रहे हैं. उनकी कंपनी टीवी माध्‍यम के लिए भी कार्यक्रम तैयार करेगी. संभावना जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में वे अपनी इस योजना को मूर्त रूप दे देंगे.

नईदुनिया को भास्‍कर बनाने की कोशिश इस अखबार को बरबाद कर देगी

नईदुनिया, इंदौर के एसोसिएट एडिटर एवं वरिष्‍ठ पत्रकार हेमंत पाल ने कुछ समय पहले अखबार से इस्‍तीफा दे दिया था. हेमंत लम्‍बे अर्से तक नईदुनिया से गहरे जुड़े रहे हैं परन्‍तु वे समूह संपादक श्रवण गर्ग की नीतियों से खफा थे. इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने एक पत्र इस अखबार को खरीदने वाले जागरण समूह के प्रबंधन को लिखा है. हिंदी और अंग्रेजी में लिख गए इस पत्र में उन्‍होंने नईदुनिया के प्रधान संपादक एवं वरिष्‍ठ पत्रकार श्रवण गर्ग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं. हेमंत पाल उनसे इतने नाराज थे कि उन्‍होंने एक महीना का नोटिस देने की बजाय एक महीने की सैलरी जमा करके नईदुनिया को बाय कर दिया था.

जनसंदेश टाइम्‍स, देवरिया के ब्‍यूरोचीफ पर गबन का आरोप, इस्‍तीफा दिया

: बस्‍ती से आशुतोष गोरखपुर बुलाए गए : वीरेंद्र यादव बस्‍ती एवं जितेंद्र बने देवरिया के प्रभारी : जनसंदेश टाइम्‍स, देवरिया से खबर है कि सिद्धार्थमणि त्रिपाठी ने इस्‍तीफा दे दिया है. साथ ही उन्‍होंने देवरिया ब्‍यूरो ऑफिस में ताला भी जड़ दिया है. प्रबंधन के आदेश पर जब सलेमपुर से जितेद्र उपाध्‍याय चार्ज लेने देवरिया पहुंचे तो कार्यालय में ताला लगा मिला. बताया जा रहा है कि सिद्धार्थ पर कुछ गबन के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्‍हें गोरखपुर अटैच कर दिया गया था, लेकिन उन्‍होंने ज्‍वाइन करने की बजाय इस्‍तीफा दे दिया. इस संदर्भ में सिद्धार्थमणि का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया परन्‍तु उन्‍होंने कॉल पिक नहीं किया. 

“Prove that you are a journalist”

The Indian state where press freedom is perhaps most severely tested today is Chattisgarh. Those who try to practice journalism in its districts are neither free from danger to life and limb, nor from exploitation by those they work for. Even as another World Press Freedom Day dawns, there is yet another tale to tell from the forests here.

होमगार्ड भाइयों ने बस्‍ती जिले में पत्रकार को बंधक बनाकर पीटा

: एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी : बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र के ग्राम कोदई में शनिवार को होमगार्ड की नौकरी करने वाले दो सगे भाइयों ने मिल कर एक पत्रकार की निर्मम पिटाई कर दी तथा घर में तोड़-फोड़ के बाद युवक को मोटरसाइकिल पर बैठा कर जबरिया ले गए। अपने घर में बंदी बना कर उसकी करीब एक घंटे पिटाई की गई। बाद में गांव के लोगों ने मिलकर किसी तरह मुक्‍त कराया। पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने दोनों होमगार्डो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा दूसरा फरार है।

विनोद तिवारी का तबादला आदेश होगा वापस, एसके शर्मा नए ब्‍यूरोचीफ

अमर उजाला, गोरखपुर से खबर है कि मेरठ के लिए भेजे गए विनोद तिवारी का तबादला आदेश वापस ले लिया गया है. विनोद अब गोरखपुर में ही अमर उजाला को अपनी सेवाएं देंगे. उल्‍लेखनीय है कि अमर उजाला, गोरखपुर में कई ब्‍यूरोचीफो की जिम्‍मेदारी बदली गई थी, वहीं दूसरी ओर यशोदा श्रीवास्‍तव का तबादला बनारस तथा विनोद तिवारी का तबादला मेरठ के लिए किया गया था. परन्‍तु प्रबंधन ने विनोद तिवारी की परेशानियों को देखते हुए अपना यह आदेश वापस ले लिया है. हालांकि प्रबंधन ने अभी उन्‍हें लिखित आदेश जारी नहीं किया है.

”तुम्‍हे दिल्‍ली में रहने नहीं दूंगा, घर तक बिकवा दूंगा”

यशवंतजी, नमस्कार. सबसे पहले तो मेरी खबर को प्रकाशित करने के लिए आप को बहुत-बहुत धन्यवाद, लेकिन खबर२४ क़ी सच्चाई बताने का अब मुझे फल मिल रहा है. शनिवार की शाम चार बजकर सोलह मिनट पर मुझे ०९६५४९६९००६ नंबर से फोन आया. दूसरी तरफ खबर२४ के सीईओ श्री मनीष जी मौजूद थे. उन्होंने फोन पर मुझसे जो कुछ भी कहा वो मैं आपको बताना चाहता हूँ.

अमर उजाला ने बिजली पहुंचवाई, हिंदुस्तान ने कटवाई

: रूड़की के गांव में दिखा पत्रकारिता का दो अलग-अलग रूप : आजादी के 65 साल बाद भी बिजली की रोशनी से महरूम गाँव में अमर उजाला ने अभियान चला कर बिजली पहुंचाई. लेकिन इस बिजली की रोशनी हिंदुस्तानियों की आँखों पर चुभने लगी. और हिंदुस्तान ने एक गाँव की बिजली कटवा दी. मामला उत्तराखंड की देहरादून यूनिट का है. देहरादून यूनिट के अंतर्गत रूड़की ब्यूरो है. रूड़की तहसील के तहत शाहमंसूर गाँव में आजादी के 65 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी.

फ्रीडम फास्‍ट : चौथे दिन टीम अन्‍ना के सदस्‍य भी पहुंचे जंतर-मंतर

इंटरनेट सेंसरशिप के खिलाफ सेव योर वॉयस की भूख हड़ताल 'फ्रीडम फास्ट' का आज चौथा दिन था. फ्रीडम फास्ट का उद्देश्य है तमाम राजनीतिक दलों से आईटी रूल्स के खिलाफ राज्यसभा में आ रहे एनलमेंट मोशन के पक्ष में वोट करने की अपील करना. आज अनशन के चौथे दिन टीम अन्ना के सदस्य और वरिष्ठ रंगकर्मी अरविन्द गौर अपनी थिएटर टीम के साथ जंतर मंतर पहुचे और इंटरनेट की आज़ादी की वकालत की. अरविन्द गौर ने कहा कि इंटरनेट एक आम आदमी की अभिव्यक्ति का माध्यम है इसलिए इंटरनेट की आज़ादी लोकतंत्र के लिए बहुत ज़रूरी है. अरविन्द जी ने माना कि आज के समय अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सबसे बड़ा ख़तरा इंटरनेट सेंसरशिप की ओर से ही आ रहा है.

आमिर खान के शो ‘सत्यमेव जयते’ में राजस्थान के पत्रकार श्रीपाल शक्तावत की कहानी!

आज छह मई को स्टार प्लस पर सुबह ग्यारह बजे से आमिर खान का बहुप्रतीक्षित शो 'सत्यमेव जयते' शुरू हो रहा है. चर्चा है कि इस शो में राजस्थान के पत्रकार श्रीपाल शक्तावत के जीवन की कहानी भी है. जानकारी के मुताबिक आमिर खान की 'सत्यमेव जयते' की टीम ने श्रीपाल शक्तावत व उनके परिवार का एक वर्षों में करीब चार बार इंटरव्यू किया. कभी डाक्यूमेंट्री के फार्म में तो कभी सवाल जवाब के रूप में, कभी अलग अलग मुद्राओं में. श्रीपाल शक्तावत से सत्यमेव जयते की टीम ने उनके द्वारा की गई सोशल स्टोरीज पर बात की.

हॉकरों का बीमा भी कराएगी छत्‍तीसगढ़ सरकार

छत्तीसगढ़ में अब अखबार बांटने वाले हॉकरों का भी बीमा करवाया जाएगा। इन्हें अपने काम में सहूलियत के लिए राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क साइकल भी उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार ने अखबार हॉकर सहित नौ अन्य व्यवसायों से जुड़े असंगठित श्रमिकों को असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाते हुए इन्हें विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल की है। श्रम विभाग द्वारा नट-नटनी, देवार, शिकारी अन्य घुमंतू जातियों, खैरवार, रसोइयों, हड्डी बीनने वालों, काष्ठगारों में काम करने वाले हमालों और समाचार पत्र बांटने वाले हॉकरों को असंगठित कर्मकार के रूप में अधिसूचित किया गया है।

हिंदुस्‍तान विज्ञापन घोटाला : पुलिस ने रिपोर्ट में कहा एक करोड़ रुपये से ज्‍यादा की धांधली

अनारचारसिस ने कहा है कि लिखित कानून मकड़ी के जाल के समान है। यह कानून केवल गरीब और कमजोर को पकड़ने के लिए है। अमीर और शक्तिशाली लोग कानून को रौंद देते हैं। परन्तु इस कहावत को बिहार सरकार की पुलिस ने पूरी तरह झुठला दिया है। इस राज्य में कानून का शासन है और कानून के शासन में गरीब और अमीर पर कानून का डंडा समान रूप से चलता है।

कवरेज कर रहे पत्रकारों से भिड़ गए डाक्‍टर, दोनों तरफ से पुलिस में शिकायत

नैनीताल जिले के रामनगर के सरकार अस्‍पताल में समाचार कवरेज करने गए जैन टीवी एवं सी न्‍यूज के पत्रकारों के साथ डाक्‍टरों ने बदसलूकी की. दोनों पक्षों में विवाद हुआ. दोनों लोगों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी. रामनगर थाने में दोनों तरह से लिखित तरहीर दे दी गई है. पुलिस ने किसी भी तरफ का मुकदमा दर्ज नहीं किया है. मामले की जांच की जा रही है. इस घटना से स्‍थानीय मीडियाकर्मियों में नाराजगी है.

नासिर खान ने हिंदुस्‍तान, बरेली के लोगों को समझाया अखबार प्रजेंटेशन का तरीका

हिंदुस्‍तान, बरेली की टीम के लोगों को अखबार को पाठकों के मन लायक बनाने की टिप्‍स दी गई. दिल्‍ली से आए वरिष्‍ठ पत्रकार नासिर खान ने गुरुवार व शनिवार को बरेली में रूककर संपादकीय कर्मियों को अखबार का प्रजेंटेशन बेहतर करने के तरीके बताए तथा कई जानकारियां दीं. सूत्रों का कहना है कि नासिर खान ने पत्रकारों को अंग्रेजी के शब्‍दों का प्रयोग कम करने के साथ ही हिंदी के शब्‍दों का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने की सलाह दी.

अस्‍पताल के स्‍टाफ ने टीवी पत्रकार को बंधक बनाया

पंजाब के तरनतारन में भ्रष्टाचार व डाक्टरों की लेटलतीफी की शिकायतों पर कवरेज करने के लिए गए टीवी पत्रकार जसबीर सिंह को सिविल अस्पताल पट्टी के स्टाफ ने कमरे में बंधक बना कर कैमरा व मोबाइल छीन लिया। यही नहीं करंट लगाने की धमकियां दी गईं। पत्रकार समुदाय ने पुलिस व सेहत विभाग को लिखित शिकायत करके स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में स्टाफ ने पत्रकार का सामान वापस कर दिया।

धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े के खिलाफ ‘प्राण मीडिया’ में हंगामा शुरू

मीडिया शिक्षा के नाम पर खुले संस्‍थान छात्रों को अच्‍छे-अच्‍छे सब्‍जबाग दिखाकर और प्‍लेसमेंट की गारंटी देकर फंसाते हैं और जब कोर्स पूरा हो जाता है तो उन्‍हें दर दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ देते हैं. ऐसा ही हाल नोएडा से संचालित हो रहे प्राण'स मीडिया संस्‍थान का है. इस संस्‍था के छात्रों ने आरोप लगाया है कि यहां पर शत प्रतिशत प्‍लेसमेंट की गारंटी दी जाती है लेकिन जब कोर्स पूरा हो जाता है तो संस्‍थान के एमडी निखेल प्राण उन लोगों से सीधे मुंह बात तक नहीं करते, प्‍लेसमेंट कराना तो दूर की बात है.

बिजनेस के लिए कृपा देने की अलग से फीस लेता है ईसाई धर्म गुरु पॉल दिनाकरण

निर्मल बाबा की नौटंकी की पोल खुलने के बाद अब मीडिया के निशाने पर ईसाई धर्मगुरु पाल दिनाकरण का कृपा कारोबार है. यह पाखंडी कई तरह से जनता को लूटता है. एक तरीका बिजनेस ब्लेसिंग भी है. अगर आप कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या अपने बिजनेस पर कृपा चाहते हैं तो अलग से पैसे दीजिए, आपको कृपा मिल जाएगी. ये जो पाल है, वह 2008 में अपने पिता की बनाई गई कारुण्या यूनिवर्सिटी और जीसस कॉल्स नामक संस्‍था का सर्वेसर्वा बन गया. पॉल दिनाकरन अपने प्रवचनों से ईसा मसीह की कृपा बरसाने का दावा करता है और इस काम में उनके परिवार के बाकी सदस्य भी शामिल हैं.

रूस के पुराने अखबार प्रावदा में कर्मियों को वेतन के लाले

मास्को : रूस में वर्ष 1917 की अक्टूबर क्रांति में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाला प्रावदा अखबार शनिवार को जहां अपनी सौवीं वर्षगांठ मना रहा है वहीं दुनियाभर के मेहनतकशों को एक होने का संदेश भी दे रहा है। संपादक बोरिस कोमोत्सकी बताते हैं कि मौजूदा समय में इसमें महज 23 पत्रकार काम करते हैं और कई बार तो उन्हें वेतन भी ठीक से नहीं मिल पाता।

इंटरनेट की आज़ादी के लिए जंतर मंतर पर अनिश्चित कालीन अनशन जारी

इंटरनेट सेंसरशिप के खिलाफ सेव योर वॉयस की भूख हड़ताल 'फ्रीडम फास्ट' का आज तीसरा दिन है. सेव योर वॉयस की टीम फ्री इंटरनेट और आजाद लबों की मांग को लेकर दो मई से अनशन पर बैठी है. टीम को जन्तर मन्तर पर केवल ३ दिनों की ही अनुमति दी गई थी और सरकार इसे आगे बढ़ाने को राजी नहीं थी. पर यहाँ से पीछे हटना का विकल्प इस टीम को पसंद नहीं आया और इसलिए इन्‍होंने तय किया है कि ये लोग बिना सरकारी मंजूरी के भी जंतर मंतर पर अपनी भूख हड़ताल तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि इन लोगों को सरकार और पालिटिकल पार्टियों से इस बारे में कोई ठोस जवाब नहीं मिल जाता.

भास्‍कर, जागरण एवं अमर उजाला जैसे अखबारों से क्‍यों होती है ऐसी नासमझी?

यशवंत भाई, नमस्कार। भाई साहब हिंदी के अखबारों ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के रिजल्ट के समाचार में इतनी भारी गलती की है कि राष्ट्र भाषा शर्म के मारे सर झुकाए खड़ी है। हिंदी के बड़े अखबारों, जिनमें दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे नाम शामिल है, ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के रिजल्ट में लिखा है कि अमुक परीक्षार्थी ने संघ लोक सेवा आयोग में टॉप किया है। किसी ने लिखा कि आईएएस की परीक्षा में टॉप किया। अब कोई इनको समझाए कि भाई सिर्फ यूपीएससी में टॉप लिखना कितना गलत है। कोई इनको बैठकर अच्छी तरह बताए कि यूपीएससी का सीधा मतलब सिविल सेवा परीक्षा नहीं, ये संगठन सैकड़ों अलग अलग पदों की परीक्षाएं आयोजित करता है।

जब काम करें यूपी के सीएम तो आराम करे जिले में एसपी-डीएम?

: उल्‍टा होने लगा है जनता दरबार का असर : अखिलेश यादव के विरुद्ध बढ़ रही है लोगों में नाराजगी सीन नं.1– सरकारी ट्यूबवेल का बिजली ट्रान्सफार्मर एक साल से फुंका पड़ा है। विभागीय भाग दौड़ बेकार रही। 120 किलोमीटर चल कर चार ग्रामीण डीएम साहब से मिलने सवेरे दस बजे जिला मुख्यालय पहुंच कर कार्यालय के बाहर इंतजार कर रहे है। दोपहर 2 बजे उन्हें बताया जाता है कि डीएम साहब आज नहीं बैठेंगे। वह कमिश्नर के साथ मीटिंग में हैं।

वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह के बड़े बेटे सतेंद्र का सड़क हादसे में निधन

दो दुखद सूचनाएं हैं. पहली फैजाबाद से है. दैनिक जनमोर्चा, फैजाबाद के सम्पादक शीतला सिंह के बड़े बेटे सतेंद्र सिंह का निधन हो गया है. उनके निधन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव तथा प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त करते हुए परिवारीजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सतेन्द्र सिंह (55 वर्ष) मंगलवार को मार्ग दुर्घटना में सपत्नीक घायल हो गए थे। बृहस्पतिवार को ट्रामा सेन्टर में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी घायल पत्नी भी वहीं भर्ती हैं ।
श्री मुलायम सिंह यादव ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को धैर्य धारण करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

सपा नेता के भाई ने कराई थी पत्रकार नासिर की हत्‍या, एक शूटर गिरफ्तार

पिछले दस दिन से मुरादाबाद की सनसनी बने मूवीज टाइम्‍स के संपादक तथा सपा नेता नासिर कुरैशी हत्याकांड का खुलासा हो गया है. सपा नेता की हत्या कारोबारी प्रतिस्पर्धा को लेकर हुई थी. पुलिस के अनुसार सपा नेता हाजी इकराम के भाई फुरकान कुरैशी ने पचास हजार रुपए में भाड़े के शूटरों से हत्‍या करवाया था. पुलिस ने एक शूटर वेद प्रकाश उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया है. सपा नेता नासिर कुरैशी हत्याकांड की गूंज महानगर से लेकर लखनऊ थी. सपा नेता आजम खां के करीबी रहे नासिर के हत्‍याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस पर जबरदस्‍त दबाव था. 

अंग्रेजी दैनिक द हितवाद को खरीद रहा है डीएनए?

नागपुर से एक बड़ी चर्चा सामने आ रही है. रायपुर, जबलपुर, भोपाल, नागपुर से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी के एक पुराने दैनिक द हितवाद की बिक्री की तैयारी होने की सूचना मिली है. बताया जा रहा है कि इसे मुंबई समेत कई जगहों से प्रकाशित जी समूह का अंग्रेजी दैनिक डीएनए टेकओवर करने वाला है. सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बातचीत फाइनल हो चुकी है, सिर्फ एनाउंसमेंट की औपचारिकता बाकी है. हालांकि अभी आफिसियली कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है.

सुबोध यादव ने सीएम से कहा – कफन के पैसे चुराने वालों की जांच हो

उत्‍तर प्रदेश पुलिस एसोसिएशन के संस्‍थापक सुबोध यादव ने मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर पुलिस विभाग में शवों के अंतिम संस्‍कार के लिए मिलने वाली धनराशि में घोटाले की जांच कराए जाने की मांग की है. सुबोध ने अपने पत्र में लिखा है कि शासनादेश के तहत लावारिश शवों के अंतिम संस्‍कार हेतु शासन द्वारा पन्‍द्रह सौ रुपये धनराशि का निर्धारण किया गया है, परन्‍तु पुलिस के उच्‍च अधिकारी ऐसे शवों के अंतिम संस्‍कार करने वाले आरक्षियों को एक भी पैसा नहीं देते हैं. इन आरक्षियों को अपने जेब से पैसा खर्च कर ऐसे शवों का अंतिम संस्‍कार करना पड़ता है.

इस बार क्यों खामोश है मीडिया जूही प्रसाद के असली हत्यारे के सवाल पर?

पुणे के बहुचर्चित जूही प्रसाद हत्याकांड में मंगेतर निमेश सिन्हा और उसकी पूर्व प्रेमिका अनुश्री कुंद्रा इस मामले को कानून की पेचीदगियों में उलझा कर पाक-साफ बचने की तैयारी में हैं। अदालत ने जूही के पिता ए.एन.प्रसाद की उस दलील को तो मान लिया है जिसमें निमेश को भी आरोपी माना गया है, लेकिन अब अनुश्री उसे बचाने में जुटी है। हैरानी की बात ये है कि इस बार पुलिस के साथ-साथ मीडिया भी चुप्पी साधे हुए है।

दैनिक जागरण, बरेली के सिटी इंचार्ज ने सिस्‍टम इंजीनियर को मारा थप्‍पड़

: प्रबंधन राजीव द्विवेदी के बचाव में : काम की अधिकता और तनाव पत्रकारों की सहनशीलता को लगातार कम करती जा रही है. कलम से लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार अब हाथ-पैर भी चलाने लगे हैं. तमाम अखबारों की यूनिटों से मीडियाकर्मियों की मारपीट की खबरें आने लगी हैं. ताजा मारपीट की सूचना दैनिक जागरण, बरेली से है. पेज छोड़ने की बातचीत के बीच विवाद इतना बढ़ा कि सिटी इंचार्ज ने सिस्‍टम इंजीनियर पर थप्‍पड़ चला दिया. यह सारा वाकया संपादकीय प्रभारी अवधेश गुप्‍ता के सामने हुआ, परन्‍तु उन्‍होंने किसी प्रकार से बीच बचाव करने या इस बदतमीजी को रोकने की कोशिश नहीं की.

एलएन शीतल से विवाद करने वाले अमरनाथ एवं उनकी पत्‍नी ममता का बनारस तबादला

राष्‍ट्रीय सहारा, देहरादून से खबर है कि संपादक एलएन शीतल से बदतमीजी करने वाले अमरनाथ एवं उनकी पत्‍नी ममता सिंह का तबादला प्रबंधन ने बनारस के लिए कर दिया है. अमरनाथ ब्‍यूरो इंचार्ज के रूप में अपनी जिम्‍मेदारी निभा रहे थे, जबकि उनकी पत्‍नी सब एडिटर के पद पर कार्यरत थीं. पिछले दिनों संपादक एलएन शीतल एवं अमरनाथ के बीच विवाद हो गया था, जिसकी शिकायत एलएन शीतल ने प्रबंधन को की थी.

विनोद मेहता को लाइफटाइम अचीवमेंट देगा मुंबई प्रेस क्‍लब

मुंबई प्रेस क्लब ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय किया है. प्रेस क्‍लब ने एक बयान में कहा है कि पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए उन्‍हें यह सम्मान शनिवार को मुंबई में केंद्रीय मानव संसाधन, दूरसंचार और आईटी मंत्री कपिल सिब्बल देंगे. छह अन्य श्रेणियों में भी प्रतिभाशाली पत्रकारों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. पूरे देश से 500 से ज्यादा प्रविष्टियों का चयन किया गया है.

भारतीय पत्रकार ने ब्रिटेन में झंडा गाड़ा

लंदन। केरल के रहने वाले भारतीय पत्रकार फिलिप अब्राहम को ब्रिटेन में पार्षद निर्वाचित किया गया है। इस तरह वह एशियाई मूल के पहले व्यक्ति हैं जो लाउटॉन टाउन काउंसिल के लिए निर्वाचित हुए हैं। फिलिप केरल लिंक के संपादक हैं। लाउटॉन एसेक्स के इपिंग जिले का शहर है। फिलिप ने एल्डर्टन वार्ड से लाउटॉन …

नौकरी से निकालने के 67 साल बाद एपी ने संवाददाता से मांगी माफी

वाशिंगटन से खबर है. एक सैन्य इंबार्गो का उल्लंघन करने और द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जर्मनी के आत्मसमर्पण करने की खबर देने वाले एक युद्ध संवाददाता से उसकी कंपनी ने आज 67 साल बाद माफी मांग ली। सैन्य इंबार्गो का उल्लंघन करते हुए खबर छापने के कारण उन्हें निकाल दिया गया था। द एसोसियेटेड प्रेस ने रिपोर्टर एडवर्ड केनेडी से माफी मांग ली जिसने सैन्य सेंसर का उल्लंघन किया और सात मई 1945 को आत्मसमर्पण तथा युद्ध की समाप्ति के बारे में खबर दिया था।

संशोधित- अजय शर्मा की सहारा में वापसी, मीना जयपुर में बनी रहेंगी

सहारा मीडिया से खबर है कि अजय शर्मा ने एक बार इस समूह के साथ नई पारी की शुरुआत की है. उन्होंने सहारा के नोएडा स्थित आफिस आकर ज्वाइन कर लिया. उन्हें कहां तैनात किया जा रहा है, यह पता नहीं चल पाया है. प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि अजय की जिम्मेदारी अभी तय होनी है. रही बात जयपुर की तो वहां मीना शर्मा यथावत अपना काम करती रहेंगी.

किसानों के लिए मुफ़्त ज़हर योजना

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया आज बहुत हल्का महसूस कर रहे थे। उन्हें लग रहा था मानो उनके सिर से कोई बड़ा बोझ उतर गया हो। बल्कि उन्हें तो ये महसूस हो रहा था कि जैसे उन्होंने माटी का कर्ज़ अदा कर दिया हो। दरअसल, जब से उन्हें ये ख़बर मिली थी कि विदर्भ के किसानों के पास ज़हर खाने कि लिए भी पैसे नहीं हैं, वे बहुत डिस्टर्ब थे, दुखी थे। उन्हें अफसोस हो रहा था कि देश के वे किसान जो अन्नदाता की तरह हैं और अपनी जी तोड़ मेहनत से अन्न उपजाते हैं, ज़हर तक के लिए मोहताज हो रहे हैं। उनसे न खाना खाया जा रहा था और न ही कुछ पीने-पिलाने का मन कर रहा था। यहाँ तक कि उनकी नींद तक उड़ गई थी। वे सुबह वॉक पर भी नहीं जा सके थे।

मैक्सिकों में तीन पत्रकारों की हत्‍या

मैक्सिको सिटी। मैक्सिको के पूर्वी वेराक्रूरज प्रांत में तीन फोटोग्राफरों की हत्या कर दी गयी है। उनके शव प्लास्टिक की थैलियों में डालकर नहर के पास फेंक दिए गए थे। पिछले एक हफ्ते से भी कम समय में इस प्रकार यह दूसरी घटना है। इससे पहले एक एक खोजी पत्रिका की एक संवाददाता की भी हत्या कर दी गयी थी। प्रेस की स्वतंत्रता की वकालत करने वालों ने इन हमलों के मद्देनजर सरकार से तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा है। वेराक्रूरज में पिछले एक साल में कम से कम छह वर्तमान और पूर्व संवाददाता मारे जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर अपराध संबंधित खबरों पर काम कर रहे थे।

प्रेस स्‍वतंत्रता दिवस पर काली स्‍याही से रंगे रहे अखबार

क्वालालंपुर। मलेशिया में कई चीनी अखबार गुरुवार को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर काली स्याही से रंगे रहे। अखबारों ने हाल ही में चुनावी सुधारों पर विपक्ष समर्थित रैली के दौरान पत्रकारों के खिलाफ हुई हिंसा पर इस तरह से विरोध व्यक्त किया। सिन च्यू डेली, नानयांग सिआंग पाउ, चाइना प्रेस, गुआंग मिंग डेली और ओरियंटल डेली ने अपने आमुख पृष्ठ पर काला और सफेद रंग पोत दिया ताकि पाठकों और अधिकारियों को अपने दायित्वों को अंजाम देते हुए पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों की याद दिलाई जा सके।

काटजू के उलट अंबिका सोनी ने की मीडिया के आत्‍मनियमन की वकालत

नई दिल्ली। मीडिया के लिए आत्मनियमन के तंत्र का बचाव करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने आज कहा कि इस धीमे और सुनिश्चित तंत्र को स्थापित करने के लिए और समय की आवश्यकता है। सोनी ने एसोचैम द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उसी कार्यक्रम में प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने अपने भाषण में न्यूज मीडिया की देश में असली मुद्दों पर जोर नहीं देने के लिए जोरदार आलोचना की।

सहारा समय, ललितपुर के रिपोर्टर ने की नजूल की भूमि पर अवैध कब्‍जा!

ललितपुर जिले में सहारा समय के संवाददाता दीपक सोनी पर आरोप है कि उन्‍होंने जिले में नजूल की भूमि पर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कराया है. इसका विरोध कई स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं द्वारा किया जा चुका है. अब भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्‍यक्ष प्रदीप खटीक ने डीएम सुश्री निधि केसरवानी से इसकी शिकायत की है. अपनी शिकायत में प्रदीप ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर पालिका के कर्मचारियों से मिली भगत कर अवैध निर्माण तो कराया ही गया सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां भी उड़ाई जा रही है.

सहारा यूपी चैनल के इनपुट-आउटपुट में कई लोगों की जिम्‍मेदारियां बदली

सहारा समय से खबर है कि पिछले काफी समय से ढुलमुल पड़े सहारा को कसने की तैयारी शुरू हो चुकी है. कुछ बड़े बदलावों के बाद अब चैनलों में आतंरिक स्‍तर पर भी बदलाव शुरू कर दिए गए हैं. इस क्रम में खबर है कि सहारा समय यूपी-उत्‍तराखंड में कई लोगों की जिम्‍मेदारियां बदली गई हैं. चैनल हेड राजेश कौशिक ने टीम को रफ्तार देने के लिए कुछ आंतरिक बदलाव किए हैं. सहारा समय उत्तर प्रदेश उत्तराखंड चैनल में आउटपुट की ज़िम्मेदारी संभाल रहे कृष्ण रजित से आउटपुट की ज़िम्मेदारी वापल ले ली गई है और ये ज़िम्मेदारी अब पुराने व वरिष्ठ पत्रकार विवेक पचौरी को दी गई है.

दैनिक जागरण, बनारस में छंटनी और तबादले का दौर शुरू

दैनिक जागरण प्रबंधन वेज बोर्ड लागू होने से पहले ही अपने पुराने कर्मचारियों को निपटाने में जुट गया है. खबर है कि प्रबंधन पूरे जागरण समूह से दस फीसदी कर्मचारियों की छंटनी का लक्ष्‍य निर्धारित किया है. इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि वेज बोर्ड लागू हो जाने के बाद कर्मचारियों को ज्‍यादा पैसे तो देने ही होंगे इसके अलावा अन्‍य भत्‍ते भी देने होंगे, जो कंपनी के खर्च को कई गुना बढ़ा देगा. इसी से छुटकारा पाने के लिए कंपनी अपने पुराने कर्मचारियों से कुछ महीने की सेलरी देकर इस्‍तीफा ले रहा है या फिर ऐसी जगह तबादला कर दे रहा है कि वो खुद ही इस्‍तीफा देने के लिए मजबूर हो जाएं. इसकी शुरुआत बनारस यूनिट से हो चुकी है.

जागरण-भास्‍कर के पंगा में पाठकों को मिल रहे मुफ्त अखबार

रोहतक जिले के महम कस्बे व उसके अधीन आने वाले गांवों में पाठकों को एक की बजाय दो-दो समाचार पत्र एक साथ पढऩे को मिल रहे हैं। यह कारनामा दैनिक जागरण व दैनिक भास्कर के आपसी कम्पीटिशन के चलते हो रहा है। जिसके यहां पहले से दैनिक जागरण जा रहा था अब उसके यहां बगैर पाठक की इजाजत लिए दैनिक भास्कर भी जाने लगा है। जगजाहिर है कि दैनिक जागरण व दैनिक भास्कर का आपस में जबरदस्त कम्पीटिशन है। एक दूसरे की खाट खड़ी करने में कोई भी मौका नहीं चुकता।

नक्‍सलियों के गढ़ से साधना न्‍यूज ने किया डीएम की रिहाई का लाइव प्रसारण

: नक्सलियों के गढ़ में सबसे पहले पहुँची साधना न्यूज की ओवी : नक्सलियों ने ली ओवी की तलाशी : कलेक्टर के अपहरण के मामले को लेकर तमाम अटकलों पर लगाया विराम : नक्सलियों के दुर्गम इलाकों से साधना न्यूज की लाइव तस्वीरें : साधना न्यूज मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के कवरेज को लेकर एक बार फिर अपने दर्शकों के विश्वास पर खरा उतरा है..प्रदेश के दर्शकों के अलावा नेशनल इलेक्ट्रानिक मीडिया ने भी साधना न्यूज की खबरों को तवज्‍जो दिया.. कलेक्टर के अगवा होने के पहले ही दिन से साधना न्यूज ने सधी और सटीक खबरें दिखाई.

जनता टीवी के गुरविंदर सिंह ने देहरादून में दो पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कराया

देहरादून से खबर है कि दो पत्रकार चंदन कुमार झा एवं ज्ञान सिंह के खिलाफ जनता टीवी के मालिक एवं वाइस प्रेसिडेंट गुरविंदर सिंह ने नेहरू कालोनी थाने में मामला दर्ज कराया है. इन दोनों पत्रकारों पर आरोप है कि ये लोग जनता टीवी की फर्जी आईडी बनाकर कंपनी को धोखा देकर लोगों को चूना लगा रहे थे. इस फर्जीवाड़े की सूचना मिलने पर गुरविंदर सिंह ने दोनों के खिलाफ नेहरू कालोनी थाने में शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468 एवं 471 के तहत मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच कर रही है.  

पीपुल्‍स समाचार, इंदौर में केके शर्मा एवं रोहित तिवारी की वापसी

पीपुल्‍स समाचार, इंदौर से खबर है कि केके शर्मा 'गुड्डू' एवं रोहित तिवारी एक बार फिर अपनी पारी शुरू कर दी है. इन लोगों को वापस रिपोर्टिंग में लाया गया है. ये दोनों लोग इसके पहले भी पीपुल्‍स समाचार को ही अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन जब पीपुल्‍स समाचार के समूह संपादक एनके सिंह …

इंडिया न्‍यूज में 20 करोड़ रुपये का गबन!

कार्तिक शर्मा के चैनल इंडिया न्‍यूज समूह से खबर है कि यहां पर 20 करोड़ से ज्‍यादा रुपये का गबन हुआ है. कंपनी में काम करने वाले कुछ विभाग के सीनियरों पर शक है. इसके चलते चैनल की अंदरुनी दिक्‍कत बढ़ गई है. कार्तिक शर्मा का इन लोगों पर विश्‍वास करना महंगा पड़ गया है. प्रबंधन अपने स्‍तर से मामले की जांच करा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि कई लोगों की गर्दन इस घपलेबाजी में नप सकती है.

दैनिक भास्‍कर से इस्‍तीफा देकर पीयूष आज समाज में एनई बने

दैनिक भास्‍कर, चंडीगढ़ से खबर है कि पीयूष शर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है. पीयूष डीएनई के पद पर कार्यरत थे तथा न्‍यूज कोआर्डिनेशन की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी आज समाज, अंबाला से शुरू की है. इन्‍हें न्‍यूज एडिटर बनाया गया है. वे हरियाणा का न्‍यूज कोआर्डिनेशन देखेंगे. पीयूष ने करियर …

दैनिक जागरण, गोरखपुर में कई लोग इधर से उधर

गोरखपुर दैनिक, जागरण से खबर है कि कई लोगों की जिम्‍मेदारियां बदल दी गई हैं. देवरिया डेस्‍क पर कार्यरत बच्‍चा पाण्‍डेय को संत कबीरनगर का प्रभारी बनाया गया है. संत कबीरनगर के प्रभारी सिन्‍धु मिश्रा को गोरखपुर बुला लिया गया है. सिटी में नगर निगम की जिम्‍मेदारी संभाल रहे आशीष श्रीवास्‍तव को कुशीनगर का नया प्रभारी बनाया गया है. कुशीनगर में प्रभारी का दायित्‍व निभाने वाले त्रिलोकीनाथ पाण्‍डेय को गोरखपुर बुला लिया गया है.

भारत में मोबाइल मीडिया का दिग्‍गज कौन बनेगा?

जरा सोचिए, वेब सर्च में गूगल होने का क्या मतलब है, यू ट्यूब और वीडियो का क्या रिश्ता है अथवा प्रिंट के लिए जाइट के अथवा संगीत और विभिन्न ऐप्स के लिए आईट्यून्स के क्या मायने हैं। दरअसल ये सभी समूहक (एग्रीगेटर) हैं जो अपने बलबूते पर बड़े मीडिया ब्रांड बन चुके हैं। वैश्विक स्तर पर बड़े मीडिया ब्रांडों के लिए ऑनलाइन अथवा मोबाइल पर आधारित कारोबार आसान नहीं रहा है। इकॉनॉमिस्ट और डिज्नी जैसे कुछ सफल उदाहरण हैं लेकिन बड़े पैमाने पर देखा जाए तो दिग्गज मीडिया कारोबारी इसमें उस हद तक सफलता हासिल नहीं कर सके हैं। एक परिपक्व बाजार की 'नया मीडिया' व्यवस्था में ताकत का केंद्र अनिवार्य रूप से एक समूहक ही है। एक ऐसी व्यवस्था जहां विभिन्न, तकनीक, सामग्री और प्रारूप एक साथ मिल सकें।

जस्टिस काटजू ने मढ़ा मीडिया पर अंधविश्‍वास को बढ़ावा देने का आरोप

नई दिल्ली : भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कडेय काटजू ने मीडिया को फिर निशाने पर लेते हुए कहा कि वह अंधविश्वास और रूढि़वादिता को बढ़ावा देकर सामाजिक और आर्थिक मुद्दों से लोगों का ध्यान हटा रहा है। काटजू ने आरोप लगाया है कि दर्शकों की संख्या में इजाफे और ज्यादा कमाई के लिए मीडिया घराने ऐसा कर रहे हैं। काटजू ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गुरुवार को जारी बयान में कहा, भारत में हालिया प्रवृत्ति दर्शाती है कि मीडिया प्रतिक्रियात्मक भूमिका निभा रहा है, जबकि इसके बदले उसे वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना चाहिए। मीडिया फिल्म अभिनेताओं, क्रिकेट, भविष्यवाणी समेत अन्य गैर मुद्दों को बढ़ावा दे रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया की लक्ष्‍मण रेखा पर फैसला सुरक्षित किया

नई दिल्‍ली : सत्रह दिनों की मैराथन बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्यवाही की मीडिया रिपोर्टिंग के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने संबंधी मुद्दे पर बृहस्पतिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इस फैसले से नई बहस छिड़ने और मीडिया तथा अदालत के बीच कई जटिलताएं पैदा होने की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। पांच न्याधीशों की संविधान पीठ ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखने के लिए न्यायविदों, कानूनविदों और संगठनों को आमंत्रित किया था। गत 27 मार्च से इस मुद्दे पर व्यापक सुनवाई शुरू हुई थी।

No tie up with Baba Ramdev : Arvind Kejriwal

Delhi: The book Annandolan – Sambhanayen Aur Sawal edited by Arunoday Prakash, a Star News journalist was formally launched by Arvind Kejriwal, team Anna’s member and Major General (Retd.) B. C. Khanduri, former Chief Minister of Uttrakhand on Wednesday late evening at the India International Center, New Delhi. The programme was attended by many eminent journalists and guests. The book published by HarperCollins is a collection essays and interviews of people who either were associated closely with the movement lead by Anna Hazare or who closely watched and observed it. As this movement against corruption led by Anna gained momentum, it also kicked off a raucous discussion on the strategies of Team Anna. Is the Jan Lokpal movement right or wrong? Are all the demands of Team Anna justified? Is the government s debate on it in earnest or a sham?

बिहार से हिंदुस्‍तान के वाइस प्रेसिडेंट वाईसी अग्रवाल का तबादला

बिहार से खबर है कि हिंदुस्‍तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड में वाइस प्रेसिडेंट वाईसी अग्रवाल का तबादला दिल्‍ली कर दिया गया है. कंपनी के वरिष्‍ठ साथी वाईसी अग्रवाल लम्‍बे समय से बिहार में हिंदुस्‍तान को ऊंचाइयों पर पहुंचाने में लगे हुए थे. कहा जाता है कि बिहार में हिंदुस्‍तान उन्‍हीं के नेतृत्‍व व मेहनत की बदौलत …

”शर्म से कहिए कि वो ‘मुसलमान’ है…”

दिल्ली में कई बार ऐसा हुआ कि मैं और मेरे मुसलमान साथी किराए के लिए कमरा ढूंढने निकले हों और मकान मालिक ने सब कुछ तय हो जाने के बाद हमें कमरा देने से इनकार कर दिया हो। कई बार मुसलमान साथी के सामने ही तो कई बार मुझे अकेले में बताते हुए। इस उम्मीद से कि मैं हिंदू हूं तो उसकी बात समझ ही लूंगा। कई बार दिल्ली की तीखी ज़ुबान से बिहारी सुनने का भी कड़वा अनुभव रहा है। मगर, ऐसे लोगों की बौद्धिक हैसियत पर मन ही मन हंसकर चुपचाप सह लेना ही बुद्धिमानी लगता रहा है।

जंग और डॉन का आर्डर : अब अटारी के रास्‍ते पाकिस्‍तान जाएगा पेपरप्रिंट

भारत-पाकिस्‍तान के तनावपूर्ण रिश्‍तों के बीच भी संबंधों में सुधार की कोशिशें अक्‍सर की जाती रही हैं. पहले भारतीय अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने शांति के लिए एक साथ हाथ मिलाया. अब खबर है कि न्‍यूजप्रिंट के सहारे इस कदम को और आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. पाकिस्‍तान के दो अखबार जंग और डॉन ने भारत से न्‍यूजप्रिंट खरीदने का आर्डर दिया है. इस आर्डर को तैयार कर रही है अमृतसर की खन्‍ना पेपर मिल्‍स. अब तक पाकिस्‍तान में पेपरप्रिंट दुबई के रास्‍ते जाता था, अब सीधे अटारी के रास्‍ते जाएगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी. हिंदुस्‍तान टाइम्‍स में प्रकाशित खबर.

सहारा यूपी चैनल के इनपुट हेड बनाए गए विमलेंदु

सहारा के यूपी चैनल में न्‍यूज सेक्‍शन को मजबूती देने के लिए एक आंतरिक बदलाव किया गया है. इनपुट हेड के रूप में कार्यरत अनिल शाही की जगह बिहार चैनल में अपनी जिम्‍मेदारी निभा रहे विमलेंदु को लाया गया है. अनिल शाही को कौन सी जिम्‍मेदारी दी गई है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. …

4रियल न्‍यूज में कर्मचारियों का जबरन बीमा, सेलरी से कटेगा पैसा!

: अब तक नहीं बन पाया पीसीआर : जल्द शुरु होने वाला न्यूज चैनल 4रियल न्यूज शुरु होगा भी या नहीं ये तो वक्त बताएगा, लेकिन इस चैनल के सीईओ यश मेहता की तानाशाही के कारण चैनल में काम करने वाले कर्मचारियों की जिंदगी नर्क बनकर रह गई है। इलेक्ट्रानिक मीडिया तकनीकी जानकारी की एबीसीडी से दूर का वास्ता नहीं रखने वाले यश मेहता मालिकों से नजदीकी के कारण चैनल के सर्वेसर्वा तो बन गए। लेकिन आठ महीने के बाद भी चैनल की लांचिग नहीं करा पाए। चैनल तीन बार सूचना प्रसारण मंत्रालय से लांचिग की डेट बढ़वा चुका है। अगर जून के अंत तक चैनल की लांचिग नहीं हुई तो लाइसेंस रद्द होने की आशंका है।

नईदुनिया से बिजनेस हेड संजीव भाटिया ने दिया इस्‍तीफा

नईदुनिया से संजीव भाटिया ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे बिजनेस हेड के पद पर कार्यरत थे. वे पिछले दो सालों से नईदुनिया को अपनी सेवाएं दे रहे थे. वे अपनी नई पारी कहां से शुरू करने वाले हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि वे अगले महीने …

वश चले तो इन दलाल पत्रकारों को गोली मार दूं

पत्रकारों का बुरा करने वाले पत्रकार ही हैं. अपना उल्‍लू सीधा करने के लिए दलाल टाइप के पत्रकार ही असली दोषी हैं पत्रकारों की बेरोजगारी के. दरअसल, ये दलाल टाइप के पत्रकार पहले एक फाइनेंसर को फांसते हैं. उसे ऊंचे-ऊंचे सब्‍जबाग दिखाते हैं. उसके बाद जब फाइनेंसर इनके झांसे में फंस जाता है तो ये दलाल टाइप के पत्रकार अपने साथियों को भरते हैं ताकि चैनल की हर खरीद-फरोख्‍त में माल कमा सकें.

प्रवीण खारीवाल फिर बने पीपुल्‍स समाचार, इंदौर के आरई

इंदौर प्रेस क्‍लब के अध्‍यक्ष एवं वरिष्‍ठ पत्रकार प्रवीण कुमार खारीवाल फिर पीपुल्‍स समचार के आरई बना दिए गए हैं। पीपुल्‍स समाचार प्रबंधन ने आरई की जिम्‍मेदारी संभाल रहे रमन रावल के स्‍थान पर प्रवीण को यह जिम्‍मेदारी सौंपी है. रमन रावल के पहले प्रवीण ही इंदौर में पीपुल्‍स समाचार के आरई थे, परन्‍तु समूह …

दैनिक जागरण, हल्‍द्वानी में अनुज, चंद्रशेखर एवं अभिषेक की जिम्‍मेदारियां बदली

: अखिलेश जागरण, बदायूं के नए ब्‍यूरोचीफ : दैनिक जागरण, हल्‍द्वानी से खबर है कि सीनियर सब एडिटर अनुज सक्‍सेना को सिटी इंचार्ज बना दिया गया है. अनुज जनरल डेस्‍क पर कार्यरत थे. जनरल डेस्‍क पर उनकी जगह चंद्रशेखर जोशी को भेजा गया है. चंद्रशेखर कुमाउं मंडल के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे. सिटी इंचार्जी से हटाए गए अभिषेक को कुमाउं मंडल का इंचार्ज बना दिया गया है. वे कुमाउं की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. सारे तबादलते तत्‍काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि यह बदलाव अखबार को मजबूत करने के लिए किया गया है.

एक कोयलाकर्मी बना झारखंड के पीआरडी विभाग का निदेशक, कर्मी नाखुश

झारखंड सरकार में एक से बढ़कर एक फैसले लिये जाते हैं। अजब-गजब कारनामे होते रहते हैं यहाँ। कोई भी, कभी कुछ बन सकता है अथवा बनाया जा सकता है। इसी कड़ी में एक और नाम जुड़ने को तैयार है, बल्कि जुड़ भी गया है (सूचना-पत्र संलग्न किया जा रहा है)। यह नाम है आलोक कुमार का। आलोक कुमार राँची के रेडियम रोड स्थित आलोका होटल के मालिक बताये जाते हैं। आलोक कुमार सीसीएल में प्रबंधक (कार्मिकद्ध)/(कल्याण एवं सामुदायिक विकास) के पद पर थे, आज की सूचना से उन्हें झारखंड सरकार के महत्वपूर्ण विभाग-सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का निदेशक बनाया गया है। और 4 मई को पदभार ग्रहण के लिए शुभ मुहूर्त निकाल लिया गया है।

देश के सबसे बड़े अखबारी घोटाले पर जस्टिस काटजू भी मौन

भाई यशवंत जी, भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक कार्यालय के नियमानुसार एक आरएनआई नंबर पर एक ही संस्करण निकाला जा सकता है। अखबार स्वामी संस्करणों की संख्या बढ़ायेगा, तो उसे पुन: और प्रत्येक संस्करण के लिए नया आरएनआई नंबर लेना आवश्यक है। एक ही आरएनआई नंबर पर दो तरह के अखबार नियमानुसार नहीं निकाले जा सकते। खबरों को कम-ज्यादा करने के साथ बदला भी नहीं जा सकता, पर अधिकतर बड़े अखबारों के स्वामी नियम का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से प्रकाशित अखबारों का उदाहरण देना चाहूंगा।

जब सब दलाल हो जाएंगे तो प्रिंट मीडिया का सत्यानाश हो जाएगा : विनोद मेहता

: इं‍टरव्‍यू : लखनऊ में पले-बढ़े और पढ़े-लिखे आउटलुक के एडिटर इन चीफ रहे विनोद मेहता ने पत्रकारिता में जो प्रसिद्धि का शिखर छुआ है उस से किसी को भी रश्क हो सकता है। खास कर नया अखबार या नई पत्रिका निकाल कर उसे स्थापित करने में उन का कोई सानी नहीं रहा है। डेबोनियर, इंडिपेंडेंट, संडे आब्जर्वर, द पायनियर और आउटलुक सरीखे पत्रिकाओं व अखबारों के संपादक रह चुके विनोद मेहता मानते हैं कि तमाम खामियों और गड़बड़ियों के बावजूद अखबारों की जगह कोई और संचार माध्यम नहीं ले सकता। इलेक्ट्रानिक मीडिया तो कतई नहीं। पर पत्रकारिता में दलालों की बढ़ती फौज से भी वह चिंतित दिखते हैं और इनके आगे अपने को असहाय पाते हैं।

एक दूसरे को निपटाने में लगे हैं अशोक पांडेय एवं बसंत निगम

देहरादून में पत्रकारिता के दो महारथियों में जंग छिड़ी हुई है. नेटवर्क10 से शुरू हुई यह जंग अब बाहर भी महामारी की तरह फैलती जा रही है. नेटवर्क10 के पूर्व सीईओ बसंत निगम और एक्‍जीक्‍यूटिव एडिटर अशोक पाण्‍डेय एक दूसरे को सबक सिखाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं. इस मामले की शुरुआत तब हुई जब अशोक पाण्‍डेय ने नेटवर्क10 में उनकी इंट्री कराने वाले बसंत निगम को ही शतरंजी चाल चलते हुए साइडलाइन करवा दिया, जिसके बाद बसंत इस्‍तीफा देकर नेटवर्क10 से बाहर चले गए. अशोक पाण्‍डेय अब चैनल के सर्वेसर्वा बन गए हैं.

ऋषिकेश से गायब हो गया इं‍टरनेशनल हेराल्‍ड ट्रिब्‍यून का पत्रकार

: खोजने के लिए आयरिश मां-बाप इडिया पहुंचे : इंटरनेशनल हेराल्‍ड ट्रिब्‍यून, हांग कांग का युवा पत्रकार जोनाथन लियोनार्ड स्‍पोलेन ऋषिकेश से गायब है. उसे आखिरी बार ऋषिकेश में लक्ष्‍मण झूला के पास देखा गया था. जोनाथन का बैग गरुण चट्टी झरने के पास मिला था. उसके बाद से उसका कोई अता पता नहीं है. जोनाथन के पिता डेविड स्‍पोलेन और मां लिंडा स्‍पोलेन उसे ढूंढने के लिए इंडिया आए हैं. इस आयरिश दम्‍पति ने सरकार एवं स्‍थानीय लोगों से उनके पुत्र को ढूंढने में मदद की अपील की है. नीचे मेल टुडे में प्रकाशित खबर.

सन्‍मार्ग, रामगढ़ के प्रभारी बने विनीत शर्मा

न्‍यूज11 से खबर है कि रामगढ़ के प्रभारी विनीत शर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे काफी समय से चैनल से जुड़े हुए थे. विनीत ने अपनी नई पारी सन्‍मार्ग के साथ शुरू की है. उन्‍हें रामगढ़ का ब्‍यूरो प्रभारी बनाया गया है. इसके पूर्व सन्‍मार्ग के प्रभारी बलिउल्‍लाह थे, जिन्‍हें प्रबंधन ने कार्यमुक्‍त कर …

मीडिया को रिपोर्टिंग की सीमा रेखा बताएगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : मीडिया पर अंकुश को लेकर देश में छिड़ी बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिग के लिए दिशा निर्देश का मकसद मीडिया के लिए उसकी लक्ष्मण रेखा बताना है। चीफ जस्टिस एसएच कपाडि़या की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि ये दिशा-निर्देश मीडिया को अदालत की रिपोर्टिग की सीमाएं बताने के लिए होंगे, न कि पत्रकारों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई के लिए।

फगवाड़ा में पत्रकार पर हमला, घायलावस्‍था में अस्‍पताल में भर्ती

फगवाड़ा : गांव बाखड़ियाना में तीन लोगों ने एक पत्रकार बलदेव सिंह पर हमलाकर उसे घायल कर दिया। घायल को सिविल अस्पताल फगवाड़ा में भर्ती करवाया गया है। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन बलदेव सिंह ने बताया कि वह प्रापर्टी डीलर का कार्य करता है। बुधवार को वह अपने एक अन्य साथी के साथ गांव में …

टीओआई, पटना से हटाए गए कर्मचारियों ने राहुल कंसल का किया विरोध

पटना : टाइम्स ऑफ़ इंडिया के नए नए कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गए राहुल कंसल को आज टाइम्स के छंटनीग्रस्त मजदूरों के गुस्से का कोपभाजन बनना पड़ा. वे आज टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पटना स्थित दफ्तर में आये हुए थे. उनके आने की भनक मिलते ही हटाये गए मजदूरों का जो पिछले 16 जुलाई 2011 से टाइम्स ऑफ़ इंडिया की नाक के नीचे धरना चलाते आ रहे हैं, स्वतः स्फूर्त ढंग से गुस्से में आकर टाइम्स ऑफ़ इंडिया पटना के गेट पर पहुंच गए और टाइम्स ऑफ़ इंडिया मुर्दाबाद और कंसल मुर्दाबाद के नारे लगाये.

अमर उजाला छोड़कर जन जन जागरण में सिटी चीफ बने अतुल शर्मा

झांसी। अमर उजाला को झांसी में कई साल सेवाएं देने वाले वरिष्‍ठ पत्रकार अतुल शर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है। उन्‍होंने अपनी नई पारी जन जन जागरण के साथ शुरू की है। इन्‍हें अखबार में सिटी चीफ बनाया गया है। अतुल शर्मा झांसी में एक अच्छे वरिष्ठ पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं। यह अमर उजाला में प्रशासनिक रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 2 मई को अतुल शर्मा ने रिजाइन लेटर भी अमर उजाला को सौंप दिया है। अतुल शर्मा इससे पहले दैनिक जागरण में थे, उसके बाद अमर उजाला पहुंचे थे। उससे पहले भी वह कई लीडिंग अखबारों में संवाददाता के रूप में काम कर चुके हैं।

न्‍यूज टाइम से कई पत्रकारों ने दिया इस्‍तीफा

जनसंदेश से न्‍यूज टाइम बने चैनल से खबर है कि कई लोगों ने इस्‍तीफा दे दिया है. पिछले एक महीने में चैनल की दयनीय स्थिति देखते हुए कई लोग इस्‍तीफा दे चुके हैं तो कई लोगों की छंटनी की जा चुकी है. इसबार भी कई विभागों से कर्मचारियों ने इस्‍तीफा दिया है. चैनल को बाय करने वालों में सीनियर प्रोड्यूसर अमित छाबड़ा, प्रोड्यूसर आदित्‍य त्रिपाठी, संजय बिष्‍ट, अविनाश तिवारी, ज्‍योत्‍सना, तरूण कुमार, पारुल, हिमांशु, कैसर रजा, जयंत एवं कोमल शामिल हैं.

राजस्‍थान पत्रिका में संदीप, आनंद एवं परितोष की जिम्‍मेदारियां बदली

राजस्‍थान पत्रिका, उदयपुर से खबर है कि संपादकीय विभाग में कुछ फेरबदल किए गए हैं. चीफ रिपोर्टर संदीप कुमावत को रिपोर्टिंग से हटाकर डेस्‍क पर भेज दिया गया है. संदीप की जगह आनंद शर्मा को नया चीफ रिपोर्टर बना दिया गया है. वहीं डेस्‍क पर अपनी जिम्‍मेदारी निभा रहे परितोष दुबे को रिपोर्टिंग में भेज …

अनप्रोफेशनलिज्म की वजह से पहले वीओआई गया, अब सीएनईबी

प्रिय यशवंत जी, मजदूर दिवस के दिन जब मीडिया के तकरीबन 250 कर्मियों पर छंटनी की गाज गिरी तो वाकई बहुत खराब लगा। एक तरफ जहां सारे न्यूज़ चैनलों पर दिनभर मजदूर दिवस से जुड़ी खबरें दिखाई जाती रहीं वहीं सीएनईबी के 250 कर्मियों को नोटिस थमाए जाने का कोई जिक्र नहीं हुआ। हमें भी काफी तकलीफ हुई क्यूंकि मैं इस संस्थान से जुड़ा रहा हूं। 4 साल से ज्यादा समय तक चैनल चलाने के बाद उसका बंद होना निश्चित तौर पर मैनेजमेंट की दूरदर्शिता और कल्पनाशीलता पर सवाल खड़े करता है। ज्यादातर अनप्रोफशनल लोगों की जमात इकट्टा की गई .. भाई-भतीजों को नौकरी दी गई और उन लोगों ने संस्थान का बेड़ा गर्क कर दिया।

Media (both print and electronic) needs to be regulated : Katju

: Media cannot reject regulation : If red lines can be drawn for the legal and medical professions, why should it be any different for profit-making newspapers and TV channels? : I have not read the Private Member's Bill on media regulation that Meenakshi Natarajan was scheduled to move in Parliament last week so I am not in a position to comment upon it, but I am certainly of the opinion that the media (both print and electronic) needs to be regulated. Since my ideas on this issue have generated some controversy they need to be clarified.

मुश्किल में न्‍यूज इंडस्‍ट्री : हजारों मीडियाकर्मियों के सिर पर छंटनी-बेरोजगारी की तलवार!

पिछले कुछ सालों में मीडिया इं‍डस्‍ट्री में हुई हलचल ने मीडिया के नए स्‍वरूप को लेकर एक नई बहस को जन्‍म दिया है. मीडिया की सरोकार-नैतिकता से इतर यह ट्रेंड मीडिया की ग्‍लैमर तथा बाहरी चकाचौंध देखकर आने वाले मीडियाकर्मियों के लिए भी यह खबर अच्‍छी नहीं है. आर्थिक उदारीकरण के दौर में सामाजिक तानेबाने जैसी कहानी ही मीडिया इंडस्‍ट्री में दोहराई जाती दिख रही है. समाज में जैसे अमीर-गरीब के बीच का फर्क और खाई बढ़ती जा रही है, कुछ उसी प्रकार मीडिया में भी बड़े घराने-छोटे घरानों के लिए बाजार नहीं छोड़ रहे हैं. यानी उनमुक्‍त आर्थिक समुंदर में बड़ी मछलियां बिना किसी हिचक के छोटी मछलियों को निगलती जा रही हैं. इसी का परिणाम है कि कई मीडिया समूह बंद होते जा रहे हैं या आर्थिक दुश्‍वारियों से जूझ रहे हैं. मीडियाकर्मियों के लिए अवसर घटते जा रहे हैं.

शख्सियत । उपेंद्र राय : इकतीस वर्ष की उम्र और ये कामयाबी…

: सहारा ग्रुप के मोस्ट पावरफुल लोगों में शुमार हुए उपेंद्र राय : मीडिया, हाउसिंग, रिटेल, हास्पिटेलटी, कारपोरेट का काम सीधे तौर पर देख रहे, इसके अलावा पूरे ग्रुप के किसी भी वेंचर में दखल देने का अधिकार : सहाराश्री सुब्रत राय सहारा की तरफ से नया सरकुलर जारी : पहला सरकुलर सहाराश्री सुब्रत राय सहारा के हस्ताक्षर से 29 मार्च को जारी हुआ. इसमें उपेंद्र राय को फिर से सहारा न्यूज नेटवर्क के एडिटर और न्यूज डायरेक्टर के बतौर डेटुडे का कामकाज पूरी तरह से देखने को कहा गया. साथ ही यह भी कहा गया कि उपेंद्र राय मीडिया डिवीजन के अलावा हास्पिटेलिटी, हाउसिंग, सर्विस डिविजन का भी काम देखेंगे. मतलब, उपेंद्र राय सहारा के पहले ऐसे मीडिया हेड बने जिन्हें मीडिया के अलावा भी ग्रुप की अन्य कंपनियों व वेंचर्स के शीर्षस्थ पद से नवाजा गया. साथ ही उन्हें सहारा ग्रुप के शीर्षस्थ पांच सदस्यीय स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट ग्रुप में शामिल कर लिया गया.

दैनिक भास्‍कर में दस फीसदी तक इंक्रीमेंट

दैनिक भास्‍कर समूह ने अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का तोहफा दिया है. इंक्रीमेंट से कहीं खुशी कहीं गम का माहौल है. खबर है कि औसतन सभी को दस फीसदी तक इंक्रीमेंट दिया गया है. राजस्‍थान में प्रबंधन ने सबके कल्‍याण की रूपरेखा तैयार करते हुए दस फीसदी तक इंक्रीमेंट दिया है. वहीं मध्‍य प्रदेश में कनिष्ठ कर्मचारियों को एक हजार रुपये तक का इक्रीमेंट दिया गया है. हालांकि बेसिक बढ़ने के नाम पर कुछ जगहों पर पत्रकारों के पैसे काटे जाने की भी सूचना है. इससे एमपी के पत्रकार खुश नहीं हैं. 

हिंदुस्‍तान विज्ञापन घोटाला : पुलिस पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी, वरिष्‍ठों पर चलेगा मुकदमा

मुंगेर।  दैनिक हिन्दुस्तान के दो सौ करोड़ रुपये के विज्ञापन घोटाले मामले में पांच माह की मशक्कत के बाद पुलिस ने अब ‘पर्यवेक्षण-रिपोर्ट‘ जारी कर दी है। पर्यवेक्षण-रिपोर्ट से देश के मीडिया हाउस की नींव हिल जायेगी। पर्यवेक्षण-रिपोर्ट ने मीडिया हाउसों के आर्थिक भ्रष्टाचार का पोल खोल दिया है। देश के अधिकांश हिन्दी और अंग्रेजी दैनिक अखबार दैनिक हिन्दुस्तान की तर्ज पर ही आर्थिक अपराध की गंगा में दशकों से गोता लगाते आ रहे हैं और बात-बात में केन्द्र और राज्य सरकारों को आंखें भी दिखाते आ रहे हैं। सारा आर्थिक अपराध संस्करणों के नाम पर अवैध अखबार निकालने और सरकारी विज्ञापन हासिल कर करोड़ों का वारा-न्यारा करने के अपराध से जुड़ा यह मामला है।

हिंदुस्‍तान से एए तन्‍हा का इस्‍तीफा, गुनहगार कौन?

यशवंत जी नमस्कार, जानकारी देना चाहूंगा कि विगत दिवस एए तन्हा के हिन्दुस्तान से इस्तीफे के पीछे संपादक गुरनानी जी का हाथ नहीं है। बल्कि उसके पीछे ऐसे छुपे चेहरों का हाथ है जिन्होंने तन्‍हाजी को हिन्दुस्तान से इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया तथा षड़यन्त्र रचते हुये संपादक महोदय पर आरोप लगवा दिये। इसमें खुलकर सामने आ रहा है कि यह षड़यन्त्र हिन्दुस्तान अखबार के उत्तराखण्ड के मैनेजमेंट से जुड़े एक बड़े अधिकारी, जिनका पूरे उत्तराखण्ड संस्करण में विज्ञापन बिजनेस का जिम्मा है तथा उधमसिंह नगर के विज्ञापन प्रतिनिधि पीयूष पन्त का इस घालमेल में पूरा-पूरा हाथ है।

चुनाव खत्म होते ही स्ट्रिंगरों से चैनलों ने पल्ला झाड़ा, कई भुखमरी के शिकार

पांच राज्‍यों के चुनाव के बाद तमाम चैनल के स्ट्रिंगर्स भुखमरी के शिकार होने लगे हैं, पर इस बात की चिंता न तो चैनलों को न ही वरिष्‍ठ पत्रकारों को है. आपने कई वरिष्‍ठ पत्रकारों को दुनिया भर के लोगों की समस्‍या पर महाबहस करते हुए देखा होगा, पर कभी अपने लोगों की समस्‍या पर चर्चा करते हुए नहीं देखा होगा. इससे स्‍पष्‍ट है कि ये लोग समस्‍या जानते हुए इसका हल नहीं करना चाहते हैं! 

महाराज अरिदमन सिंह ने करवाई सी न्‍यूज समूह पर कार्रवाई!

: कानाफूसी : आगरा के जैन बंधुओं के मीडिया घराने सी ग्रुप पर बिजली चोरी वाले मामले में एक नया मोड़ आ गया हैं, जिसमें अब उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री राजा अरिदमन सिंह का खुलकर नाम सामने आने लगा हैं. बताया गया है कि विधान सभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री किसी कारणवश सी एक्सप्रेस के दफ्तर पहुंचे थे, जिस पर उन्हें कोई ख़ास तवज्जो नहीं दी गयी. यही कारण था कि महाराज अरिदमन सिंह सी एक्सप्रेस से खुन्‍नस मानने लगे. यह खुन्‍नस चुनावों के दौरान लगभग बहुत बढ़ गयी, क्योंकि सी एक्सप्रेस ने लगातार अपने समाचार पत्र के माध्यम से यही प्रकाशित किया कि भदावर राज घराने पर छाए संकट के बादल.

राहुल की करीबी मीनाक्षी चाहती हैं मीडिया पर अंकुश के लिए मीडिया नियामक प्राधिकरण बने

एक हैं मीनाक्षी नटराजन. कांग्रेस में हैं. राहुल गांधी की करीबी हैं. उन्होंने खुलकर कहा कि मीडिया पर अंकुश लगाए जाने की जरूरत है. मीडिया पर अंकुश के लिए मीडिया नियामक प्राधिकरण बनाए जाने की जरूरत है. उनके इस बयान के बाद बवाल मच गया. मीनाक्षी नटराजन के इस तालिबानी ऐलान के बाद कांग्रेस ने मीनाक्षी के बयान को उनका निजी विचार बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया.  इससे पहले मीडिया की आजादी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आंखें दिखाई थी. अब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की निकट सहयोगी और सांसद मीनाक्षी नटराजन चाहती हैं कि प्रिंट और ब्रॉडकास्‍ट जर्नलिज्‍म को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाया जाए. इसके तहत बनने वाले प्राधिकरण को इतनी शक्ति हो कि वह मीडिया के खिलाफ बिना किसी शिकायत के ही खुद से संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सके.

न्यूज चैनल से इंटरटेनमेंट चैनल में तब्दील होगा सीएनईबी

जिस सीएनईबी न्यूज चैनल के सैकड़ों मीडियाकर्मियों पर मजदूर दिवस के दिन छंटनी की लाठी पड़ी है, उसके बारे में खबर है कि वह चैनल अब न्यूज चैनल की बजाय इंटरटेनमेंट चैनल बनेगा. इसी कारण न्यूज से जुड़े सभी लोगों को बाहर किया जा रहा है. सीएनईबी प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों ने बातचीत में कहा कि कई वर्षों तक न्यूज चैनल चलाने के बाद जब दूर दूर तक इसके प्राफिट में आने की संभावना नहीं दिखी तो प्रबंधन ने न्यूज से हटकर जनरल इंटरटेनमेंट चैनल (जीईसी) बनने का इरादा किया. न्यूज चैनल के मुकाबले जीईसी में स्टाफ की जरूरत बेहद कम होती है.

पत्रिका प्रबंधन अत्याचारियों का पक्षधर, बिना कारण बताए पत्रकार को निकाला

जिस बात की आशंका थी, वह घटित हो गयी. पत्रिका प्रबंधन ने मुझे फोन से सूचना दी कि मुख्य कार्यालय द्वारा मेरा एग्रीमेंट आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है इसलिए आज से वे मेरी सेवा समाप्त कर रहे हैं. दो दिन पहले नियुक्ति पत्र मांगे जाने पर उन्होंने 30 अप्रैल तक इंतजार करने को कहा था. आज भी मैंने जब उनसे कहा कि पिछले दो वर्ष का नियुक्ति पत्र या एग्रीमेंट की कापी उपलब्ध कराएँ तो उन्होंने ऐसा कर पाने में अपनी असमर्थता बता कर मुझे हटाये जाने की सूचना भी लिखित में देने के लिए मना कर दिया. मैं मामला श्रम न्यायलय ले जाने के बारे में सोच रहा हूँ. कृपया सलाह दें कि क्या यह उचित होगा? या ज्यादा ना उलझ कर नई राह की तलाश करूँ ? 

अनुज पोद्दार की नीतियों से क्षुब्ध होकर राजेंद्र गुप्ता ने सीनियर सर्कुलेशन मैनेजर पद छोड़ा

जनसंदेश टाइम्स के एम.डी. अनुज पोद्दार की नीतियों से क्षुब्ध होकर पिछले कुछ दिनों से छुट्टी पर चल रहे लखनऊ के सीनियर सर्कुलेशन मैनेजर राजेन्द्र गुप्ता ने संस्थान को बाय बोल दिया है. जम्मू-कश्मीर के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक स्टेट टाइम्स के साथ बतौर सीनियर मैनेजर वह अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं.  स्टेट टाइम्स के जम्मू स्थित हेड आफिस से ही वह श्रीनगर, लद्दाख, लेह तक का सारा कार्य देखेंगे.

सपा सरकार आने के बाद से दहशत में है मीडिया स्टूडेंट और उसका परिवार

आगरा की रहने वाली गायत्री पाराशर पत्रकारिता की छात्रा हैं. उन्होंने एक पत्र आगरा मंडल के आईजी व पुलिस अफसरों को भेजा है. इसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह एक महिला (यादव) वकील और पुलिस वाले (यादव) सांठगांठ करके उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं. पूरा पत्र इस प्रकार है– सेवा में, आईजी, आगरा मंडल, आगरा : विषय- पत्रकारिता की एक छात्रा व उसके परिजनों को पुलिस उत्पीड़न से बचाने और जान-माल की रक्षा कराने हेतु गुहार : महोदय, मैं गायत्री पाराशर (निवासी भावना सुपर बाजार, फ्लैट न. 204, सेक्टर 9, आवास विकास, सिकन्दरा, आगरा) मीडिया स्टूडेंट हूं.  इन दिनों मैं और मेरा परिवार पुलिस उत्पीड़न का शिकार है. हम लोगों को मारहरा गैस ऐजेंसी की प्रोपराइटर और पेशे से अधिवक्ता मीनेश कुमारी यादव अपने पैसे व प्रभाव के बल पर पुलिस के जरिए उत्पीड़ित कराती हैं.

मौत के खतरे से जूझ रहे अफगानी पत्रकार की रिहाई के लिए अभियान

काबुल। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक अफगान पत्रकार की रिहाई के लिये अभियान शुरु किया है। ब्रिटेन की एक मानवाधिकार संस्था ने राष्ट्रपति करजई की सरकार पर नूरीन टेलीविजन के नास्तो नादेरी को बिना किसी अभियोग के हिरासत में लेने का आरोप लगाया। संस्था ने कहा है कि नादेरी उत्पीड़न और मौत के खतरे से जूझ …

उपमुख्यमंत्री, मीडिया कर्मियों ने दी पत्रकार अशोक सोढ़ी को श्रद्धांजलि

जम्मू। दिवंगत पत्रकार अशोक सोढी को कल उपमुख्यमंत्री ताराचंद, मीडियाकर्मी सहित पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। पत्रकारिता के क्षेत्र में सोढी के योगदान को याद करते हुए चंद ने कहा कि दिग्गज फोटोग्राफर ने संकट और खतरे की परिस्थितियों में भी पूरे पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ काम किया। उन्होंने कहा …

खबर न छापने के कोर्ट आदेश के खिलाफ पीसीआई ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया

: सेना के कूच करने का मामला : नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद ने कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जिसमें सैनिकों के कूच करने के मुद्दे पर मीडिया के रिपोर्टिंग करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गौरतलब है कि गत 10 अप्रैल को न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह और न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार दीक्षित की पीठ ने विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि सैनिकों के कूच करने के संबंध में प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कोई रिपोर्टिंग न करे या कोई खबर नहीं जारी करे।

इग्नू पत्रकारिता कोर्स बंद किए जाने से छात्र आंदोलित, मंत्रालय नरम

नयी दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में चल रहे जनसंचार एवं पत्रकारिता (फेस टू फेस) कोर्स बंद किये जाने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने कल संस्थान का घेराव किया और अनशन करने का निर्णय किया है। छात्रों ने इग्नू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एम असलम पर संस्थान में संचालित जनसंचार एवं पत्रकारिता (फेस टू फेस कोर्स) समेत कई पूर्णकालिक पाठ्यक्रमों को बंद करने किये जाने का निर्णय करने और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अपनी सिफारिश भेजने का आरोप लगाया है।

मनोरंजन कर विभाग की नोटिस के खिलाफ यूपी के स्थानीय चैनलों का प्रसारण बंद

वाराणसी। वाराणसी-लखनऊ व कानपुर सहित प्रदेश के लगभग सभी शहरों में स्थानीय इलेक्ट्रानिक चैनलों ने मनोरंजन कर विभाग से जारी नोटिस के परिप्रेक्ष्य में अपना प्रसारण कल शाम से बंद कर दिया है। गौरतलब है कि पिछली मायावती सरकार में जारी एक अध्यादेश के तहत प्रत्येक स्थानीय चैनल से प्रति कनेक्शन एक सौ रुपये वार्षिक वसूली की बात कही गयी थी, जिसके बाद प्रदेश स्तर पर कई दौर की वार्ताओं के बावजूद कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका था और मामला शांत पड़ गया था लेकिन नयी सरकार के आने के बाद राजस्व वसूली बढ़ाने के क्रम में विभाग ने उसी अध्यादेश पर फिर से सक्रियता दिखायी है।

सीएनईबी न्यूज चैनल के सभी कर्मियों को महीने भर में नौकरी छोड़ने का फरमान

चैनलों की बंदी, बिक्री, छंटनी की तमाम सूचनाओं के बीच एक ताजी सूचना ये है कि सीएनईबी न्यूज चैनल के सभी कर्मियों को प्रबंधन ने एक महीने का नोटिस दे दिया है. इस नोटिस में उनकी सेवाएं महीने भर के बाद समाप्त कर देने की घोषणा की गई है. सूत्रों के मुताबिक अचानक आई इस विपदा से सभी कर्मी हैरान परेशान है. यह नोटिस सभी विभागों के सभी कर्मियों को दिया गया है. इससे माना जा रहा है कि प्रबंधन इस चैनल को बंद करने के मूड में है.

बद्रीनाथ वर्मा, सतीश जागलान और चंद्र प्रकाश मणि की नई पारी

कोलकाता से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार बद्रीनाथ वर्मा ने अपनी नई पारी की शुरुआत नई दिल्ली से प्रकाशित संपूर्ण राजनीतिक साप्ताहिक पत्रिका 'इतवार' से शुरू की है। वे इस पत्रिका के प्रभारी संपादक बनाये गये हैं। यह पत्रिका श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में निकल रही है। वर्माजी इससे पूर्व 'सन्मार्ग' कोलकाता में उप संपादक के रूप में पदस्थ थे। लगभग दो साल पहले सन्मार्ग ज्वाइन करने से पहले वे कोलकाता के ही दैनिक 'भारतमित्र' में समाचार संपादक थे।

फेसबुक पर कमेंट को लेकर कई राउंड आपस में लड़े-भिड़े-पिटे मीडियाकर्मी, कई रिपोर्ट दर्ज

उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर मुख्यालय रुद्रपुर में ईटीवी के पत्रकार पर मुकदमा दर्ज हुआ है. बताते हैं कि दिनांक 26 अप्रैल दिन गुरुवार को पत्रकारों के दो गुट काशीपुर बाईपास स्थित अम्बर होटल के बाहर भिड़ गए. सूत्रों के मुताबिक नेटवर्क 10 चैनल के जिला प्रभारी आकाश आहूजा ने अपना फेसबुक अकाउंट चेक करने के दौरान पाया कि एक स्थानीय सांध्य  दैनिक समाचार पत्र में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप बोरा ने उनकी एक फोटो पर अभद्र टिप्पणी की हुई है. इसके बाद आकाश आहूजा ने प्रदीप बोरा को फोन कर आपत्ति जताई.

दो नए चैनल आ रहे पर क्या ये चल पाएंगे?

राजस्थान की एक कंपनी दो नए चैनल ला रही है. एक न्यूज चैनल है, जिसका नाम जन टीवी रखा गया है. दूसरा इंफोटेनमेंट चैनल है, जन टीवी प्लस नाम से. ऐसे वक्त में जब कई चैनल बिक रहे हैं, बंद हो रहे हैं, छंटनी के शिकार हो रहे हैं, दो नए चैनल शुरू करना वाकई हिम्मत का काम है पर सवाल ये है कि क्या ये चैनल चल पाएंगे. राजस्थान की कम्प्यूकॉम सॉफ्टवेयर लिमिटेड नामक कंपनी यह चैनल अगले हफ्ते लाने जा रही है. दोनों चैनलों का हेड किन्हीं प्रसून गुप्ता को बनाया गया है.

कोमा में पड़े जीएनएन न्यूज में सांस भरेंगे अनंत मित्तल, कलर्स में भी बदलाव

अनंत मित्तल ने नई पारी शुरू कर दी है. वे जीएन इंफोमीडिया ग्रुप के न्यूज चैनल जीएनएन न्यूज में चैनल हेड बने हैं. अनन्त कई अखबारों व मैग्जीनों में काम कर चुके हैं. जीएनएन न्यूज कई तरह के विवादों और गलत फैसलों के कारण खराब हालत में है. इस ग्रुप का भक्ति चैनल पहले ही बंद हो चुका है. इस चैनल में कई संपादक, मैनेजर, हेड आए और गए. देखना है कि अनंत मित्तल इस चैनल में संजीवनी डाल पाते हैं या नहीं.

प्रेमचंद की विरासत को आगे बढ़ा रही है ‘लमही’ : राजेन्द्र यादव

दिल्ली। प्रतिष्ठित कथाकार एवं हंस पत्रिका के संपादक राजेन्द्र यादव ने लमही पत्रिका के कहानी एकाग्र अंक का अपने आवास पर लोकार्पण किया। राजेन्द्र यादव ने लमही के इस विशेषांक को ऐतिहासिक घटना के रूप में रेखांकित किया। उन्होने कहा कि पिछले दिनो कई पत्रिकाओं ने हिंदी कहानी की नई रचनाशीलता पर अंक निकाले हैं। उन सबके बीच लमही का यह अंक विशेष है। प्रेमचंद यथार्थ को देखने की जिस दृष्टि के पक्षधर थे, उसका विकास इस अंक में हुआ है।

Community Radio broadcasters protest hike in spectrum fee

While India’s Ministry of Information and Broadcasting looks at ways to promote community radio in the country, an order by the Ministry of Communications and Information Technology to hike spectrum royalties has confounded community radio advocates. A move by the government of India to increase spectrum fee for using spectrum has invited wide-ranging criticism from fraternity of community radio operators in the country.

मीडिया पर अंकुश लगाने का प्रयास समाज के लिए घातक साबित होगा : एनके सिंह

: आत्मनियमन ही मीडिया को जनोपादेय बना सकता है : अपनी तीन साल पहले लिखी गयी मशहूर पुस्तक 'द आइडिया आफ जस्टिस' में नोबल पुरस्कार विजेता और जानेमाने अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने श्रीकृष्ण के परिणाम निरपेक्ष भाव और अर्जुन के परिणाम सापेक्ष तर्कवाक्यों की तुलना की और कहा कि अर्जुन कतई गलत नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि अर्जुन का तर्क श्रीकृष्ण के तर्क से ज्यादा उचित था, क्योंकि उसमें व्यापक मानव जीवन का दृष्टिकोण था। श्रीकृष्ण जब उसे खारिज नहीं कर पा रहे थे तो उन्होने अपने बौद्धिक तर्कों के साथ ही सुपर नेचुरल शक्ति का प्रदर्शन कर अपने देवत्व को स्थापित किया और तब जाकर अर्जुन को अपनी बात मनवा पाये।

अपडेटेड- क्या दैनिक राज एक्‍सप्रेस बिकने जा रहा है?

: कानाफूसी : मध्‍य प्रदेश के मध्‍यम दर्जे के अखबार समूहों की हालत खराब होती जा रही है. मध्‍य प्रदेश के प्रमुख अखबार नईदुनिया को दैनिक जागरण ने खरीद लिया तो पीपुल्‍स समाचार भी इसी स्थिति में पहुंचता दिख रहा है. ताजी चर्चा यह है कि बिल्डर अरुण सहलोत का अखबार राज एक्‍सप्रेस बिकने जा रहा है. प्रॉपर्टी का धंधा करने वाले अरुण सहलोत के इस अखबार ने कुछ समय पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके बाद खार खाए सीएम ने अरुण सहलोत के कई प्रोजेक्‍टों को तहस-नहस करवा दिया.

लोकमत समाचार, नागपुर ने निकाला सेंटेड अखबार

 

पाठकों को अक्‍सर चकित कर देने वाला लोकमत समाचार मंगलवार को भी सरप्राइज पैकेज के रूप में लोगों के घरों में पहुंचा. महाराष्‍ट्र दिवस के मौके पर लोकमत समाचार ने नागपुर से सेंटेड अखबार का प्रकाशन किया. नागपुर की पहचान माने जाने वाले संतरा की महक से भरपूर अखबार का प्रकाशन किया गया था. अखबार ने इस तरह का प्रयोग पहली बार किया है.