खबर रोकने के लिए जी के संपादकों द्वारा पचास करोड़ रुपये मांगने की खबर इंडियन एक्सप्रेस और ईटी की वेबसाइट पर भी

धीरे धीरे अन्य मीडिया हाउस भी ब्लैकमेलिंग कांड की खबर प्रकाशित करने लगे हैं, लेकिन अभी अंग्रेजी वाले ही कर रहे हैं. हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स आफ इंडिया के बाद इंडियन एक्सप्रेस और इकानामिक टाइम्स की वेबसाइट पर भी इससे संबंधित खबर प्रकाशित की गई है. दोनों ही जगहों पर खबर अंग्रेजी समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया (पीटीआई) के हवाले से प्रकाशित की गई है. खबर में जी न्यूज के एडिटर सुधीर चौधरी का पक्ष भी शामिल किया गया है जिसमें उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है. इंडियन एक्सप्रेस और इकानामिक टाइम्स में प्रकाशित खबर इस प्रकार है……..

क्या सचमुच फंस पाएंगे ज़ी न्यूज़ के ब्लैकमेलर संपादक?

ज़ी न्यूज़ के एडीटरों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दूसरों को सच्चाई और सफाई का पाठ पढ़ाने वाले स्वनामधन्य मेनस्ट्रीम मीडिया का अपना चरित्र कितना झूठा और मैला है। कोयला आवंटन की दलाली की खबरों पर व्यापार घरानों, मंत्रालयों, दलालों और मंत्रियों के दामन पर कालिख पोतने वाली मीडिया का खुद का चेहरा कितना काला है ये भी साफ दिख गया। 

सुभाष चंद्रा के लिए नवीन जिंदल से पैसे मांगे थे जी के एडिटरों ने!

जी न्यूज और जी बिजनेस के एडिटर द्वय सुधीर चौधरी व समीर अहलूवालिया ने नवीन जिंदल से अगर पैसे की मांग की थी तो अपने लिए नहीं की, अपने आका सुभाष चंद्रा के लिए की जो जी ग्रुप के मालिक हैं. सुभाष चंद्रा भी हरियाणा के हैं और नवीन जिंदल भी. इनमें आपस में बिजनेस राइवलरी है. मौका मिला तो सुभाष चंद्रा ने नवीन जिंदल को निपटाने व दूहने की ठानी. इसके लिए अपने दोनों एडिटरों को लगा दिया. ब्लैकमेलिंग व उगाही के पुराने धंधे की पोल इस बार खुल जाएगी, ये सुभाष चंद्रा को भी अंदाजा नहीं था. नए जमाने की तकनीक जानने वाले नवीन जिंदल ने नहले पर दहला दे मारा और दोनों संपादकों का स्टिंग करा लिया. बस, इससे बाजी पलट गई.

महुआ न्यूज़ से भी विदाई हुई भूपेंद्र नारायण भुप्पी की

खबर है कि भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी की महुआ ग्रुप से विदाई हो गयी है। भुप्पी ने पिछले साल अप्रैल में महुआ ग्रुप में बतौर ऑपरेशन हेड ज्वाइन किया था। वे सीधे मालिक पीके तिवारी को रिपोर्ट कर रहे थे और ग्रुप के लायजनिंग के सभी काम देख रहे थे। इसकी ऐवज़ में उन्हें मोटी तनख्वाह भी मिल रही थी लेकिन इसके बावजूद वे तिवारी के जेल जाने और फ्रॉड संबंधित मामलों को निपटाने में कुछ खास नहीं कर पाए।

कई अखबारों में छपे हैं ज़ी न्यूज़ के एडीटरों के ‘ब्लैकमेलिंग’ के किस्से

ज़ी न्यूज़ के एडीटरों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगने की ख़बर सिर्फ हिन्दुस्तान टाइम्स में ही प्रकाशित नहीं हुई है, बल्कि इसे देश की सबसे बड़ी न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने भी प्रसारित की है। टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस और बिजनेस स्टैंडर्ड समेत कई अखबारों ने इसे प्रमुखता से छापा है।

सही साबित हुई सुधीर चौधरी पर ब्लैकमेलिंग के आरोप वाली खबर

आखिर ज़ी न्यूज़ के एडीटरों के खिलाफ एफआईआर की ख़बर सच साबित हो ही गयी। भड़ास4मीडिया.कॉम ने इस मामले में निर्भीक पत्रकारिता का उदाहरण पेश करते हुए सबसे पहले ये ख़बर छापी थी। आज हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ज़ी न्यूज़ के एडीटर सुधीर चौधरी और ज़ी बिजनेस के समीर आहलूवालिया के खिलाफ़ जिंदल ग्रुप के एक अधिकारी की तरफ़ से एफआईआर दर्ज करवाई गयी है। 

नहीं रहे मेघालय के वरिष्ठ पत्रकार प्रसाद गुप्ता

पीटीआई से मिली ख़बर के मुताबिक मेघालय के एक वरिष्ठ पत्रकार प्रसाद गुप्ता का शनिवार को गुवाहाटी में दिल का दौरा पड़ने से निधन से हो गया। गुप्ता के परिजन और मित्रों ने उनके निधन की जानकारी दी।  55 वर्षीय गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटे हैं।  गुप्ता पत्रकार समुदाय और आम …

दस हजार में प्रेस कार्ड बेचने वाले भूत का 18 से अधिक बैंकों में है खाता

दिल्ली से प्रकाशित पुलिस पब्लिक प्रेस के सर्वेसर्वा (मालिक संपादक) पवन कुमार भूत द्वारा 10,000 रुपए में प्रेस कार्ड दिए जा रहे हैं। यूं तो पवन कुमार भूत अपनी पत्रिका के माध्यम से भारत में बढ़ रहे अपराध के ग्राफ को कम करने व पुलिस व पब्लिक के बीच सामंजस्य स्थापित करने लिए एक पहल बताता है। पर सच्चाई इससे अलग है। पवन भूत अपनी मासिक पत्रिका (जो कि कभी कभार ही छपती है) के रिपोर्टर बनाने के नाम पर लोगों से 10,000 रुपए लेकर प्रेस कार्ड दे रहा है। दो नंबर का धंधा करने वाला हो या गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर हो या हो कोई किराणे का व्यापारी सभी को 10 हजार लेकर प्रेस कार्ड बांटे जा रहे है।

मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज के पिता का निधन

मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज के पिता सुखदेव नारायण का निधन हो गया. उनकी उम्र 95 वर्ष थी. आखिरी दिनों में वे गिरने के चलते घायल हो गए थे. उनका निधन 29 सितंबर को बिहार के सुपौल जिले के बीरभूमि गांव में हुआ. वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके चार बेटे व एक बेटी हैं. तेरवहीं की रस्म 12 अक्टूबर को गांव में ही होगी.

राबर्ट वढेरा पर आरोपों वाली खबर दैनिक भास्कर में नहीं छपी, हिंदुस्तान ने अंडरप्ले किया, जी में वढेरा की जय-जय

मीडिया विश्लेषक पुष्कर पुष्प अपने फेसबुक प्रोफाइल पर कुछ जानकारियां लगातार अपडेट कर रहे हैं… जैसे ये कि– ''दैनिक भास्कर अखबार से रोबर्ट वढेरा की खबर लगातार गायब है. अच्छा – बुरा कुछ नहीं छप रहा.'' ''जी न्यूज़ ने रॉबर्ट वढेरा की इतनी तारीफ़ की कल से उबकाई आ रही है. फिटनेस, डोले-शोले से लेकर…….''. जालंधर से एक सज्जन ने भड़ास को फोन कर सूचित किया कि- ''वढेरा की खबर तो दैनिक भास्कर से पूरी तरह गायब है, आप चाहें तो आनलाइन एडिशन पर ईपेपर चेक कर लें.''

अरिंदम चौधरी ने सवा सौ मीडियाकर्मियों को सड़क पर ला पटका

आईआईपीएम फेम अरिंदम चौधरी ने करीब सवा सौ मीडियाकर्मियों को बेरोजगार कर दिया है. जो बचे हैं, वे लगभग भुखमरी के शिकार हैं. इस ग्रुप की मीडिया कंपनी प्लानमैन मीडिया नाम से जानी जाती है. इस कंपनी के कई डिपार्टमेंट्स को बंद कर दिया गया है. द संडे इंडियन नाम से निकलने वाली मैग्जीन के 13 क्षेत्रीय भाषाओं के संस्करण बंद किए जा चुके हैं. सिर्फ अंग्रेजी, तमिल, भोजपुरी और हिंदी के एडिशन निकल रहे हैं.

जिन पत्रकार पुष्प शर्मा पर रामदेव ने मढ़ा आरोप, उन पुष्प ने क्या खिलाए गुल… पढ़ें संपूर्ण स्टिंग रिपोर्ट

पत्रकार पुष्प शर्मा के खिलाफ प्रेस कांफ्रेस करके बाबा रामदेव ने उन पर ब्लैकमेलिंग समेत कई आरोप लगाए थे. उन पुष्प शर्मा ने अपने खुफिया कैमरे से जो तहकीकात की, उसका विवरण आईबीएन७ और आउटलुक ने प्रकाशित किया है. पुष्प ने मेल के जरिए पूरी स्टोरी को भड़ास के पास भी भेजा है, जिसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है.

”मुझे सांसद नरेश अग्रवाल और उनके लोग उत्पीड़ित कर रहे ”

: रोज-रोज अपने पुजारी के इशारे पर पुलिस को फोन करके करवाता है उत्पीड़न : पत्रकार संतोष ने की सीएम और पीएम से गुहार, उत्पीड़नन रूका तो आत्मदाह को तैयार : सेवा में, श्रीमान सम्पादक महोदय, भड़ास, नई दिल्ली। महोदय, मुझे अपने बयान में यह बताना है कि 16 मई 2006 में मुझे थाना प्रभारी असन्द्रा ने एक हीरोहाण्डा एक अनुबन्ध पत्र के बाद सुपुर्दगी में दी थी, जिसको उन्होंने वाहन मालिक का पता चल जाने के बाद 27 मई की सुबह ले ली थी। इसके गवाह के रूप में सपा के पूर्व सांसद राम सागर रावत और वहां के कुछ स्थानीय लोग थे। थाना प्रभारी ने इस गाड़ी के वापसी का तसकरा भी दर्ज कर दिया। वह गाड़ी राम सुमिरन यादव पुत्र उत्तरी निवासी ग्राम अहिरनपुरवा थाना असन्द्रा की थी, जिसका साक्ष्य थाने में जमा है।

अखबारों में गजेंद्र की गिरफ्तारी की खबर छपी लेकिन एकतरफा

दैनिक जागरण द्वारा भड़ास के संस्थापक यशवंत सिंह और संपादक अनिल सिंह के खिलाफ लिखाए गए फर्जी मुकदमे और इनकी गिरफ्तारी को लेकर उस समय कई अखबारों ने एकतरफा खबरें प्रकाशित की, उसी तरह दैनिक जागरण द्वारा गजेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमें को लेकर अखबारों ने एकतरफा खबर का प्रकाशन किया है. नीचे टाइम्स आफ इंडिया और इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर को दिया जा रहा है. इन खबरों में ये कहीं नहीं लिखा है कि मुकदमा दैनिक जागरण वालों की एक कंपनी की तरफ से कराया गया और किस तरह दैनिक जागरण वालों की कंपनी के घटिया काम के कारण उनकी रकम काटने को मजबूर हुए गजेंद्र सिंह. अखबारों ने सिर्फ एकतरफा रिपोर्टिंग की और गजेंद्र सिंह को ही कटघरे में खड़ा करते हुए फ्राड करने का आरोपी बता दिया. नीचे हैं टीओआई व इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबरें… ये घटना पांच अक्टूबर की है…

दैनिक जागरण वालों ने सारेगामा के निर्माता गजेंद्र सिंह को हवालात की हवा खिला दी

: दैनिक जागरण के चलते गजेंद्र सिंह को दिल का दौरा : मुम्‍बई से पुलिस ने किया गिरफ्तार गजेंद्र को : सोमवार को कानपुर की अदालत में पुलिस पेश करेगी गजेंद्र को : छोटे पर्दे के महशूर निर्माता निर्देशक गजेंद्र सिंह की यह गत बनाने से फिल्‍मकारों में रोष : मुम्‍बई: भड़ास4मीडिया डाट काम वेबसाइट के संस्थापक यशवंत सिंह और संपादक अनिल सिंह पर फर्जी मुकदमें दर्ज कराकर जेल की हवा खिलवाने वाले दैनिक जागरण समूह ने अब यूपी पुलिस का फिर बेजा इस्तेमाल करते हुए छोटे पर्दे से जुड़े नामचीन शख्स गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार करा दिया है।  दैनिक जागरण ने 30 लाख रुपये के लेनदेन के एक मामले में छोटे पर्दे के मशहूर इवेंटकार गजेंद्र सिंह को हवालात की हवा खिला दी।

जी न्यूज के सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के समीर अहलूवालिया के खिलाफ जिंदल ने दर्ज करा दी रिपोर्ट!

एक अपुष्ट खबर पता चली है कि जी न्यूज के एडिटर सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के एडिटर समीर अहलूवालिया के खिलाफ कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल के तरफ से एक एफआईआर दर्ज करा दिया गया है. सूत्रों द्वारा मिली जानकारी पर भरोसा करें तो दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल में एफआईआर नंबर 240 है जिसमें अभियुक्त सुधीर चौधरी और जी बिजनेस को बनाया गया है. इन दोनों पर नवीन जिंदल की तरफ से आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने कोल ब्लाक आवंटन से जुड़ी खबरें न दिखाने को लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया और रंगदारी मांगी.

स्ट्रिंगर के एकाउंट में 5500 रुपये की जगह 60000 का पेमेंट हो गया!

ऐसा कम ही होता है लेकिन इस बार हो गया. और, स्ट्रिंगर ने साबित किया कि वह आज भी ईमानदार है, उनके मीडिया मालिक बेइमान. भूखे मरेंगे….. लेकिन दाग नहीं लगने देंगे…… मामला बहराइच के अजय शर्मा से जुड़ाहै ….इनके नाम से  5,500/- की जगह पर 60,000 /- का चेक आ गया…और वो चेक स्ट्रिंगर के अकाउंट में क्लिअर भी हो गया …..जब कुछ समय बाद क्लियरेंस की रुटीन में आने वाली मेल से जानकारी आफिस को मिली और हिसाब मिलाया गया तो हड़कंप मच गया….

नीलेश मिश्र शुरू कर रहे हैं अखबार “गाँव कनेक्शन”, दिसंबर में होगा लांच

लखनऊ : शहरी और ग्रामीण पत्रकारों का मिला जुला प्रयास, भारत का अपनी तरह का पहला ग्रामीण अख़बार "गाँव कनेक्शन" दिसंबर से उत्तर प्रदेश में प्रकाशन प्रारंभ करेगा और इसका संचालन आम लोग करेंगे, न कि कोई उद्योगपति समूह. ''गाँव कनेक्शन'' बारह पन्ने का साप्ताहिक ब्रौडशीट अख़बार होगा जो लखनऊ में छपेगा. इसकी कीमत पांच रुपये होगी. यह एक कंपनी द्वारा बिना फायदे के व्यवसाय की तरह चलाया जाएगा और अगर मुनाफा होगा तो उसे कंपनी के डायरेक्टर नहीं स्वीकार करेंगे, बल्कि वापस गाँव कनेक्शन की बढ़ोत्तरी में उसका प्रयोग करेंगे. उत्तर प्रदेश में एक वर्ष तक प्रकाशन के बाद ही इसे किसी और हिंदी भाषी राज्य में ले जाया जाएगा. भविष्य में इसे अन्य भाषाओँ में भी छापने की योजना है.

दैनिक जागरण लखनऊ से छह विज्ञापन वालों का तबादला : विजयन्त, मदन और संदीप की नई पारी

लखनऊ से खबर है कि दैनिक जागरण के विज्ञापन विभाग में कार्यरत छह कर्मियों का तबादला दूसरी यूनिटों में कर दिया गया है. प्रशांत भंडारी, जो कि रिटेल विज्ञापन देखते थे और वरिष्ठ पद पर थे, उनका तबादला भागलपुर यूनिट में कर दिया गया है. अन्य पांच लोगों का नाम और कहां तबादला हुआ है, यह पता नहीं चल पाया है. 

प्रभात किरण के संपादक प्रकाश पुरोहित का गिरफ्तारी वारंट जारी

इंदौर : भोपाल के गोविंदपुरा के रिटायर्ड सीएसपी के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक खबर छापने पर स्थानीय सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ के संपादक प्रकाश पुरोहित का गैरजमानत गिरफ्तारी वारंट यहां की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सुमन श्रीवास्तव ने जारी किया है। बताया जाता है कि इंदौर में टीआई के रूप में पदस्थ रहते गुरू सेंट्रल कोतवाली थाने में टीआई थे तभी हीरानगर थाना क्षेत्र में एक दलित युवक घनश्याम मंडलोई को थाना परिसर में पेड़ से बांधकर पीटने पर कुध्द भीड़ ने थाने पर पथराव कर आगजनी की घटना की थी।

ईशान टाइम्स के संपादक संजय राय की इंडिका कार चोरी

पंचकुला । ईशान टाइम्स अखबार के संपादक संजय राय ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्होंने अपनी इंडिका कार गुरुवार 4 अक्टूबर की रात्रि करीब 10.30 बजे अपने घर के  सामने खड़ी कर थी और कार को ठीक से बंद भी किया था, मगर जब उन्होंने शुक्रवार की सुबह देखा, तो वहां पर गाड़ी नहीं थी। गाड़ी न मिलने पर उन्होंने पड़ोसियों से पूछताछ की, मगर किसी को भी गाड़ी के बारे में कुछ भी नहीं पता था। उसके बाद संजय राय ने पुलिस के कंट्रोल रूम में गाड़ी चोरी होने की सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रेस काउन्सिल आफ इण्डिया के सदस्य शीतला सिंह समेत छह लोगों ने किया देहदान

रूदौली। प्रेस काउन्सिल आफ इण्डिया के सदस्य शीतला सिंह समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों ने महात्मा गांधी की जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम में देहदान देकर एक इतिहास रचा है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त मधुसूदन रायजादा ने कहा कि सुपुर्देखाक और सुपुर्देआग से महान है देहदान। फैजाबाद के जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने देहदानियों से सीख लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के आयोजक डा. निहाल रजा ने कहा कि रूदौली सेवा कार्यों की तीर्थस्थली बनेगी जहां दूसरे नगरों से आकर लोग सेवा कार्यों का अंग बनेंगे।

”4 रियल न्यूज का एक ब्यूरो चीफ पूरे दिन लड़कियों के पीछे पड़ा रहता है”

4रियल न्यूज के एक ब्यूरो चीफ के खिलाफ भड़ास के पास एक महिला पत्रकार ने अपने नाम पहचान के साथ मेल भेजा है. इसमें आरोप लगाया गया है कि ये ब्यूरो चीफ महोदय लड़कियों को स्टिंग ऑपरेशन का झांसा देकर अपने यहां ज्वाइन करवाता है फिर उन्हें इस्तेमाल करने की कोशिश करता है. तंग आकर जब लड़कियां नौकरी छोड़ देती हैं तो उन्हें बदनाम करता है, साथ ही उनके पैसे भी नहीं लौटाता. वह ब्यूरो चीफ दिन रात शराब के नशे में डूबा रहता है.

पत्रकार को थानेदार ने चोरी की मोटरसाइकिल बतौर उपहार दे दिया

बाराबंकी। जिले में वर्ष 2006 में एक पत्रकार को एक थानेदार ने चोरी की मोटरसाइकिल को बतौर उपहार दे दिया। काले रंग की यूपी41सी4898 रजिस्‍ट्रेशन वाली सुपर स्‍प्‍लेंडर को अंसदरा थाने के भूतपूर्व एसओ आरके सक्‍सेना ने पत्रकार संतोष कुमार शुक्‍ला को दे दिया था। इस बात की शिकायत दीनानाथ मिश्र शेखपुर निवासी ने एक प्रार्थनापत्र के जरिए बाराबंकी में एसपी को की। इस मामले की जांच 25 सितंबर 2012 को शुरु की गई। जांच अधिकारी बनाए गए हैं इंद्रजीत सिंह।

उमेश त्रिवेदी, अजय बोकिल और पंकज शुक्ला के बाद कुछ और बड़े पत्रकार ‘प्रदेश टुडे’ से जुड़ने के मूड में

अजय बोकिल और पंकज शुक्ला ने नवदुनिया (नईदुनिया का भोपाल संस्करण) छोड़कर करीब ३ सप्ताह पहले 'प्रदेश टुडे' ज्वाइन कर लिया है. उमेश त्रिवेदी के 'प्रदेश टुडे' में एडिटोरिअल डायरेक्टर बनने के बाद इन दोनों पत्रकारों का 'प्रदेश टुडे' ज्वाइन करना एक बड़ी खबर माना जा रहा है. अभी तक 'प्रदेश टुडे' को गंभीर अखबार नहीं माना जाता था, पर बदले हालात और कुछ बड़े नामों के जुड़ने से 'प्रदेश टुडे' चर्चा में आ रहा है. अजय बोकिल और पंकज शुक्ला इसी श्रंखला की कड़ी हैं.

मोदी के लांच हुए चैनल ”नमो गुजरात” पर चुनाव आयोग ने बैन लगा दिया, प्रसारण बंद

गुजरात में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भापजा के लिए ‘नमो गुजरात’ नाम से चैनल लांच किया गया. पर यह चैनल सिर्फ एक दिन चल पाया. लांचिंग के अगले दिन ही चुनाव आयोग ने चैनल पर बैन लगा दिया और इसके प्रसारण को रुकवा दिया.

सहारा में एसएनबी हेड अनिल राय को बना दिया गया

सहारा मीडिया में पहले तय हुआ था कि रमेश अवस्थी एसएनबी हेड बनाए जाएंगे. और अनिल राय को डिप्टी एसएनबी हेड बनाया जाएगा. लेकिन जाने क्या हुआ कि अनिल राय को ही एसएनबी हेड बना दिया गया है. रमेश अवस्थी के पास कानपुर का चार्ज था. संभवतः उन्हें वापस कानपुर में ही पहले वाली जिम्मेदारी में भेज दिया गया है. ऐसा क्यों हुआ, यह पता नहीं चल पाया है.

मायावती की मूर्ति तोड़ने के आरोपी पत्रकार शगुन त्यागी जेल से रिहा

मायावती की मूर्ति तोड़ने के आरोप में जेल में बंद पत्रकार शगुन त्यागी की जमानत हो गई है. उन्हें लखनऊ जेल से रिहा कर दिया गया. डिस्ट्रिक्ट जज केके शर्मा ने अदालत में जमानत पर सुनवाई के दौरान माना कि घटना में शगुन की संलिप्तता संदिग्ध है. शगुन नई दिल्ली में एक मैग्जीन में बतौर पत्रकार कार्यरत रहे हैं. पुलिस ने दावा किया कि शगुन ने मूर्ति तोड़े जाते समय वीडियो रिकार्डिग करने और पर्चे फेंकने की बात स्वीकार की. शगुन उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के मीडिया प्रभारी का काम भी देखता है.

सुल्तानपुर में राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार मनोज पांडेय की गोली मारकर हत्या

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में राष्ट्रीय सहारा के एक स्थानीय रिपोर्टर मनोज पाण्डेय की अज्ञात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी. हत्या उस समय की गयी जब मनोज बाइक से घर वापस लौट रहे थे. उसी दौरान बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दी. घटना पुलिस स्टेशन धम्मौर के ग्राम करमचंदपुर इलाके में हुई.

राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार को पीटा, मुंह में रिवाल्वर घुसेड़ा

यूपी के कुशीनगर जिले से खबर है कि मथौली बाजार निवासी पत्रकार प्रदुम्न मद्देशिया को एक गैस एजेंसी के लोगों ने बंधक बना कर बुरी तरह से मारा पीटा और मुंह में रिवाल्वर घुसेड़ दिया़. बहुत अनुनय विनय करने के बाद पत्रकार को किसी प्रकार छुड़ाया जा सका. इस मामले में प्रद्युम्न की तहरीर पर एजेंसी के मालिक अनुपम सिंह, कर्मचारी कन्हैया व विजय के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. बताया जाता है कि गैस एजेंसी पर पत्रकार अपने कनेक्शन का वेरिफिकेसन करने गया था.

निधन हुआ भाजपा नेता केदारनाथ साहनी का, फोटो छपा कवि केदारनाथ सिंह का

Om Thanvi : कल भाजपा नेता केदारनाथ साहनी के निधन से संबंधित एक खबर के साथ दिल्ली से हाल ही शुरू हुए एक 'नेशनल' हिंदी दैनिक ने प्रसिद्ध कवि केदारनाथ सिंह का फोटो छाप दिया. ईश्वर कविश्री को लम्बी उम्र दे. उन्हें कोई फ़ोन आया तो उन्होंने कहा कि भूल हुई होगी, वे लोग कल सुधार लेंगे. लेकिन अख़बार में आज भी कोई भूल-सुधार नहीं छपा तो उन्हें हैरानी हुई. सज्जन कवि के साथ यह बर्ताव उचित नहीं. टाइम्स नाउ चैनल ने जस्टिस पीबी सावंत का फ़ोटो किन्हीं जस्टिस सामंत की जगह दिखा दिया तो श्री सावंत ने चैनल पर मुक़दमा कर दिया था और अदालत ने चैनल पर सौ करोड़ रुपये का ज़ुर्माना सुना दिया था. यह ठीक है कि केदारनाथ सिंह जस्टिस सावंत नहीं हैं, पर भूल-चूक अख़बारों पर हो या चैनलों से — जो हो ही सकती है — पर उसका फ़ौरन सखेद सुधार भी कर देना चाहिए.

अमीर होते जा रहे संपादकों और शोषक मीडिया मालिकों की संपत्ति जब्त करके बेचारे पत्रकारों में बांट दी जाए!

Mayank Saxena : कई न्यूज़ चैनलों में कर्मचारियों की हालत बेहद खराब है…सैलरी बेहद कम है और कई सालों से बढ़ी नहीं है…ऊपर से जानवरों की तरह एक आदमी से कई लोगों का काम कराया जाता है…यही नहीं…सीनियर्स और सम्पादक इनसे बेहद बुरा बर्ताव करते हैं…अपमानित करते हैं…निकाल बाहर करने की धमकी देते हैं… ये पत्रकार साथी बेहद कम आमदनी में मुश्किल से घर चला रहे हैं…माली हालत खराब है तो कर्ज़ भी बढ़ता जाता है…नई नौकरी मिलनी मुश्किल होती है…और सैलरी बढ़ाने की बात पर "तुम्हारी सैलरी में 3 आदमी ले आऊंगा…" जैसे संवाद सुनने को मिलते हैं…कई साथी पत्रकारिता छोड़ना चाह रहे हैं…कई छोड़ गए…

पैसा लेकर बैकडेट में सरकारी विज्ञापन छाप देता है हिंदी दैनिक न्यायाधीश!

यूपी के सोनभद्र जिले के पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट विजय विनीत ने एक पत्र केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली को लिखकर शिकायत की है कि एक अखबार सरकारी विभागों से मोटी रकम लेकर उनके विभागीय विज्ञापनों का प्रकाशन बैक डेट में कर रहा है. कई विभाग बिना टेंडर निकाले काम करा देते हैं और जब उनसे टेंडर की बाबत पूछताछ की जाती है तो वे बैकडेट में विज्ञापन प्रकाशित करा कर दिखा देते  हैं.

‘दबंग’ पुलिस अफसर ने हंसते-मुस्कराते-इठलाते बंद करा दिया फर्जी न्यूज चैनल

कटिहार से खबर है कि यहां प्रभारी एसपी शिवदीप लांडे ने एक फर्जी न्यूज़ चैनल में छापेमारी कर उसे बंद करवा दिया. न्यूज़ चैनल का नाम KBC न्यूज़ हैं जो नगर थाना क्षेत्र के बनिया टोला में वर्षों से चल रहा था. बिना सूचना और प्रसारण मंत्रालय से निबंधित हुये ये चैनल वर्षों से लोगो को न्यूज़ रहा था. इस न्यूज़ चैनल को ललित अग्रवाल नाम के एक व्यक्ति चलाते थे. इस न्यूज़ चैनल को बंद करने का आदेश वर्ष 2009 में राज्य सूचना विभाग ने कटिहार के डीएम को दिया था लेकिन चैनल चलता रहा.

कोयला घोटाले में इन तीन मीडिया हाउसों ने भी कमाया ‘मोटा माल’

एक लाख 76 हजार करोड़ के कथित कोयला घोटाले में कई मीडिया हाउस ने ‘हल्दी लगे न फिटकरी, रंग चढ़े चोखा’ मुहावरे को चरितार्थ करते हुए पत्रकारिता की हनक की आड़ में मोटा माल कमाया है। इसमें से एक मीडिया टायकून विजय दर्डा के यहां सीबीआई का छापा पड़ चुका है। वो महाराष्ट्र के बड़े अखबार ‘लोकमत’ समूह के सर्वेसर्वा हैं। उन पर आरोप है कि कोयला खदान हासिल करने में उन्होंने ‘अखबार’ और ‘पत्रकार’ दोनों का जम कर दुरूपयोग किया था। सूत्र बताते हैं कि दो अन्य मीडिया हाउस के मालिकान के यहां कभी भी छापा पड़ सकता है। सीबीआई छापे से पूर्व की औपचारिकता पूरी करने में जुटी हुई है। इस संभावित छापे से बचने के लिए मालिकान को मीडिया के प्रभाव का ही इस्तेमाल कर कार्रवाई कवाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

नक्षत्र न्यूज़ से कुमार निशांत और दैनिक हिंदुस्तान से सादिक और धर्मेश का इस्तीफा

कुमार निशांत ने नक्षत्र न्यूज़ से अपना इस्तीफ़ा दे दिया है. कुमार नक्षत्र न्यूज़ में सीनियर प्रोड्यूसर और एंकर के पद पर कार्यरत थे. नक्षत्र न्यूज़ को ऑन एयर हुए अभी छः महीने भी पूरे नहीं हुए कि लोगों ने छोड़ना शुरू कर दिया है. कुमार ने करियर की शुरुआत देश लाईव चैनल से की. कुमार ने नक्षत्र न्यूज़ को अपना इस्तीफ़ा दो महीने से तनख्वाह ना मिलने की वजह से दिया. 

हिन्दी में रक्षा और सामरिक विषयों पर पत्रिका ‘डिफेंस मॉनिटर’, प्रमोद जोशी मुख्य संपादक

हिन्दी में रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, विदेशनीति और नागरिक उड्डयन जैसे विषयों पर केन्द्रित पत्रिका ‘डिफेंस मॉनिटर’ का पहला अंक प्रकाशित होकर सामने आया है। अंग्रेज़ी में निश या विशिष्ट पत्रिकाओं का चलन है। हिन्दी में यह अपने किस्म की पहली पत्रिका है। इसका पहला अंक वायुसेना विशेषांक है। इसमें पूर्व नौसेनाध्यक्ष अरुण प्रकाश, एयर मार्शल (सेनि) एके सिंह, एयर वाइस मार्शल (सेनि) कपिल काक, हर्ष वी पंत, घनश्री जयराम और राजीव रंजन के अलावा मृणाल पांडे का उन्नीसवी सदी के भारतीय फौजियों पर विशेष लेख है।

नईदुनिया के रायपुर संस्करण में ये कौन-सी गाली छप गई!

याद होगा आपको वो किस्सा जिसमें दैनिक जागरण, नोएडा में मायावती को गाली छप गई थी और फिर मायावती ने जागरण वालों का बैंड बजा दिया था. इसी तरह एक बार राष्ट्रीय सहारा, कानपुर में गाली प्रकाशित हो गई थी. अखबारों में गालियों का छपना बताता है कि कम पैसे में काम कराने के आदी हो चुका अखबार मालिकों के खिलाफ किस कदर आम मीडियाकर्मियों में गुस्सा है, जिसके कारण वे अपनी भड़ास इस तरीके से निकालने पर मजबूर हो जाते हैं. एक मामला नई दुनिया, रायपुर का सामने आया है. है तो मामला जुलाई महीने का लेकिन इसका प्रकाशन भड़ास पर नहीं हुआ था, सो आज प्रकाशित कर रहे हैं.

यशवंत के बाद अनिल को इसलिए अरेस्ट कराया गया ताकि भड़ास4मीडिया पूरी तरह बंद हो जाए

भड़ास4मीडिया, वो नाम जिसे कमजोर,मजबूर और शोषित पत्रकारों की आवाज कहा जाता था , जोकि पत्रकारों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता था| लेकिन आज वो भड़ास4मीडिया शांत है क्यूंकि अपने काले कारनामे जगजाहिर होने से घबराये और तिलमिलाए कुछ तथाकथित सफेदपोश मीडिया मालिकों ने भड़ास के खिलाफ उत्तरप्रदेश की कर्तव्यनिष्ठ और जुझारू पुलिस के साथ मिलकर एक ऐसी घिनोनी साजिश रची जिसमे भड़ास4मीडिया के कर्ता-धर्ता यशवंत फंसते ही चले गये|

इनसेंटिव का पैसा हड़पना चाहते हैं हिंदुस्तान, बरेली के वरिष्ठ लोग?

: कानाफूसी : यूपी निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाली यूनिट को हिंदुस्तान मैनेजमेंट ने इनसेंटिव भेजा है. मुरादाबाद और बरेली यूनिट के लिए भी करीब अस्सी हजार रुपये आए. मुरादाबाद में पेजीनेटर से लेकर एनई तक में पैसे बांट दिए गए लेकिन बरेली के पैसे पर वरिष्ठों को लालच आ गया. जैसे ही इनसेंटिव से संबंधित मेल आया, पैसा हड़पने का खेल शुरू हो गया. नए संपादक को इस पैसे के असली हकदारों की लिस्ट भेजी गई. इसमें केवल चार नाम थे. एनई, दोनों डीएनई और पुराने संपादक का खास कापी एडिटर.

यूपी में सपा की सरकार बनी तो तथाकथित एक पत्रकार ने ढेड़ लाख रूपए से अधिक के लड्डू बांटे

: अब अच्छा लिखने वाला पत्रकार बड़ा पत्रकार नहीं समझा जाता है, बड़ा पत्रकार वह है जो अपने मालिक के लिए लाबिंग कर सके : नब्बे प्रतिशत पत्रकार समाज के प्रति अपने दायित्वों को भूलकर स्वयं के स्वार्थ पूरे करने में लगे हैं : एक जमाना था जब मीडिया को समाज का दपर्ण कहा जाता था। जनता को समाज में हो रहे प्रत्येक छोटे-बड़े, अच्छे-बुरे बदलाव की जानकारी देना, पत्रकार का मिशन होता था। यह वह दौर था जब पत्रकारिता पैसा कमाने का माध्यम न होकर समाज सेवा का मिशन हुआ करता था। वे लोग ही पत्रकारिता में आते थे जिनमें सत्ता की खामियों को उजागर करने, नौकरशाहों के कारनामों की पोल खोलने और गुंडे-बदमाशों के खिलाफ लिखने और बोलने की ताकत एक जुनून की तरह होती थी। कंधें पर थैला, पैरों में मामूली सी चप्पल, मोटा पहनावा (अक्सर खादी का कुर्ता-पैजामा या फिर छोती-कुर्ता) और पैदल भ्रमण या फिर बहुत हुआ तो साइकिल की सवारी,पत्रकारों की मुफलिसी का दौर कभी खत्म नहीं होने वाला सिलसिला हुआ करता था। वर्षों तक पत्रकारों की यही पहचान रही।

राजस्थान पत्रकार और साहित्यकार कल्याण कोष की प्रबन्ध समिति का पुनर्गठन

जयपुर : राजस्थान सरकार ने आदेश जारी कर राजस्थान पत्रकार और साहित्यकार कल्याण कोष के संचालन हेतु दो वर्ष की अवधि के लिए प्रबन्ध समिति का पुनर्गठन किया है। आदेश के अनुसार समिति में सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को उपाध्यक्ष तथा निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क को सदस्य सचिव बनाया गया है।

दिलीप सिंह और मनोज कुमार ने DIGI छोड़ा, WWIL पहुंचे

जयपुर के DIGI Cable से मनोज कुमार और दिलीप सिंह ने इस्तीफा दे दिया है| दोनों अपनी नई पारी जयपुर में हाल ही लॉन्च होने जा रहे नए MSO जिसका नाम WWIL है, के साथ शुरू कर रहे हैं| DIGI में Technical Manager के पद पर काम कर रहे दिलीप सिंह इससे पहले मुंबई में इनकेबल नेट में अपनी सेवाएं दे रहे थे| इसके बाद इन्होंने राजस्थान और मध्यप्रदेश में भास्कर मल्टीनेट के लिए अपनी तकनीकी सेवाएं दीं|

राजस्थान में प्रेस प्रतिनिधि अधिस्वीकरण समिति का पुनर्गठन

जयपुर : राजस्थान सरकार ने आदेश जारी कर प्रेस प्रतिनिधि अधिस्वीकरण नियम के अन्तर्गत समाचार पत्रों/समाचार समितियों/इलेक्ट्रोनिक मीडिया  के प्रतिनिधियों तथा स्वतंत्र पत्रकारों के अधिस्वीकरण के विषय में राज्य सरकार को परामर्श देने के लिए राज्य प्रेस अधिस्वीकरण समिति का पुनर्गठन दो वर्ष की अवधि के लिए किया है।

तीन सदस्यों प्रदीप शाह कुमाया, जीतेश अवस्थी और नायला किदवई का मनोनयन

लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की कार्यकारिणी में आज तीन सदस्यों को मनोनीत किया गया है। समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी की अध्यक्षता में विधान भवन प्रेस रूम में हुयी बैठक में कार्यकारिणी ने द पायनियर के छायाकार प्रदीप शाह कुमाया, न्यूज चैनल पी7 के कैमरामैन जीतेश अवस्थी और न्यूज एजेंसी एडीएनआई की नायला किदवई को मनोनयन का निर्णय लिया।

‘सरिता’ और ‘हिंदुस्तान एक्सप्रेस’ में यशवंत व भड़ास

यशवंत की गिरफ्तारी के खिलाफ जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन से संबंधित खबरें देश भर के कई छोटे बड़े अखबारों में प्रकाशित हुई. यह खबर उर्दू अखबार हिंदुस्तान एक्सप्रेस में भी छपी जिसकी कटिंग नीचे प्रकाशित की जा रही है. सरिता मैग्जीन के सरित प्रवाह में इस बार मीडिया के मुद्दे पर चिंतन किया गया है जिसमें यशवंत और भड़ास का भी जिक्र है, उसे भी नीचे दिया जा रहा है. दोनों खबरों को पढ़ने के लिए आपको नीचे दिए गए इनकी कटिंग पर क्लिक करना होगा ताकि ये बड़े साइज में खुल सकें……..

”यशवंतजी, आपका तेवर और आपकी निडरता आपकी पूंजी है”

यह पत्र घनश्याम श्रीवास्तव ने भड़ास4मीडिया के यशवंत सिंह को भेजा है. उन्होंने भड़ास ब्लाग से लेकर भड़ास४मीडिया तक की यात्रा को देखा, आब्जर्व किया है और अब यशवंत के जेल प्रकरण को भी सुन-जान लिया. घनश्याम जी पूरे वाकये पर अपनी तरह से टिप्पणी करते हैं. टिप्पणी के अंत में उनका फोन नंबर और उनकी मेल आईडी भी है. उनकी टिप्पणी को हूबहू प्रकाशित किया जा रहा है…. कृपया नीचे देखें….

खबर छपवाने के लिए दैनिक जागरण के दफ्तर में घुसकर धमकाने वाला नेता जेल गया

सुलतानपुर। बीती रात दैनिक जागरण अखबार में घुसकर अपनी खबर प्रकाशित कराने की बात कहने वाले और इसके लिए धमकाने वाले एक दबंग नेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोप है कि दबंग नेता ने पत्रकार पर अवैध असलहा तानकर जान से मारने की धमकी दी. मौके पर पहुंचकर नगर कोतवाल ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करते हुए मुकदमा पंजीकृत किया था. गुरुवार को उक्त आरोपी को अदालत में पेश किया गया जिसकी जमानत अर्जी को खारिज करते हुए अदालत ने मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया है.

हद है, ये फुटेला अब यशवंत ही नहीं, तस्लीमा का भी विश्लेषण करेंगे

वेब मीडिया के एक "महारथी" हैं जगमोहन "फुटेला". सिर्फ उनका लिखा ही पढ़ा है. शब्दों पर गजब का कमांड है. आजकल इन महाशय की दसों ऊँगली घी में और सर कड़ाही में है. कारण यशवंत भाई का जेल जाना. तिस पर तुर्रा ये कि महारथी ने तय कर दिया है कि भड़ास बंद हो चुका है. इनके लेखन में ऐसी लाईनें भी मिल जाएँगी "चंडीगढ़ पुलिस से उठवाकर इधर मंगवाऊँ…." (मानो चंडीगढ़ पुलिस प्रमुख वगैरह इनके गेटकीपर हों.)

दो बयान… : यशवंत के साथ है पूर्वांचल प्रेस क्लब…. साजिश के शिकार बने हैं यशवंत भाई

भड़ास ४ मीडिया के संस्थापक यशवंत सिंह ने जिस तरह सफ़ेद लिबास में छिपे काले चेहरों के नकाब उतरने शुरू किये है उससे कई लोग खार खाए हुए हैं, उन्होंने पत्रकारिता को एक नया आयाम देते हुए उन लोगों के बारे में खबरें देनी शुरू की जिन्होंने सिर्फ दूसरों पर अंगुली उठाने का काम किया था.

जिस कारपोरेट मीडिया के साथ सत्ता का सहयोग है, उसके लिए यह काम नामुमकिन नहीं

: वेब मीडिया पर मंडराता खतरा : अभी हाल ही में झारखंड के पत्रकार मुकेश भारतीय जो राजनामा डाट काम के संचालक व संपादक हैं, उनकी गिरफ्तारी हुई थी। कारण था पायनियर अखबार के पवन बजाज द्वारा थाने में रंगदारी वसूलने की लिखित शिकायत। इस घटना में सबसे अजीब बात यह रही कि जिस खुलासे के लिए खबर लिखी गई वह खबर पहले ही छप चुकी था, और जब खबर छप चुकी है तो किस बात के लिए रंगदारी मांगने गए थे, क्या खबर नहीं छापने की? पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी रात में की जिससे कई सवाल जन्म लेते है क्या मुकेश भारतीय पत्रकार न होकर कोई बड़ा अपराधी था जो भाग सकता था, इसलिए आनन फानन में उनकी गिरफ्तारी की गई? या कोई ऐसा दबाव प्रशासन के ऊपर बना जिससे उन्हें ऐसा करने के लिए विवश होना पड़ा।

वरना महज शराबी और कबाबी पत्रकार के रूप में ही यशवंत का शुमार होगा

: यशवंत की गिरफ्तारी से उठे चंद सवालात : जॉन स्टुअर्ट मिल स्वतंत्रता की सीमाओं पर रोशनी डालते हुये कहता है, “एक व्यक्ति तभी तक स्वतंत्रत है जबतक कि उसकी स्वतंत्रता किसी अन्य व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधक न हो।” भड़ास 4 मीडिया के संचालक और संपादक यशवंत सिंह की गिरफ्तारी से कई तरह के संदेह और सवाल उठ रहे हैं, जिन पर गौर फरमाना लाजिमी है। सबसे पहला और अहम सवाल यह है कि क्या यशवंत सिंह को उनकी बैखौफ अभिव्यक्ति या फिर पारंपरिक मीडिया जगत से छुपी हुई घिनौनी खबरों को प्रकाश में लाने के लिए गिरफ्तार किया गया है या फिर वाकई में वह खबरों की आड़ में पूरी बदतमीजी के साथ उगाही करने में लगे हुये थे?

यशवंत की गिरफ्तारी और बाघ वाली ये कहानी

श्री यशवंत जी की गिरफ्तारी  की खबर पढ़ कर बेहद दुःख हुआ और गुस्सा भी| खबर पढ़ते ही मुझे गाँव में एक सहपाठी द्वारा सुनाई गई लोक कहानी याद आ गई| मुझसे उम्र में दोएक साल बड़े हमारे सहपाठी श्री रघुनाथ जी अक्सर लोक मुहावरे और  कहानियां सुनाया करते  थे| इसी क्रम में एक बार उन्होंने किसी गाँव में रहने वाली एक निसंतान विधवा बुजुर्ग महिला की कहानी सुनाई थी| छुटपन में सुनी बाकी सभी कहानियां तो भूल गया| मगर न जाने क्यों अड़तीस-चालीस साल पहले सुनी यह कहानी स्मृति पटल पर मानो छप सी गई|

एक संदेश बुरे वक्‍त के नाम : ऐ बुरे वक्‍त, जरा अदब से पेश आ…

मीडिया घराने के मालिकानों की कठपुतली बने एवं बेचारगी के मारे पत्रकारों को अपनी भड़ास निकालने के लिये नया तेवर, नई आवाज, जोश व मजबूत प्‍लेटफार्म देने वाले भाई यशवंत सिंह पर आये अप्रत्‍याशित मुसीबत की घड़ी में हम बागी बलिया के ग्रामीण पत्रकार भी साथ हैं और हर तरह से निपटने के लिये सदैव साथ देने का वादा करते हैं। इस वादे व भरोसे को कोरा या खोखला न समझें। आपसी पैर खिंचाऊ मानसिकता से ग्रसित हम पत्रकार भले ही आपस में कब्‍बड्डी-कब्‍बड्डी खेले किंतु कलमकारों के वजूद को चैलेंज करने वाली ऐसी हरकत पर हम चुप भी नहीं रहने वाले।

आंदोलनकारी आवाज भड़ास4मीडिया के समर्थन से परहेज क्यों?

भड़ास4मीडिया के संपादक य़शवंत जी को जेल पहुंचाने में कॉरपोरेट मीडिया घरानों के मालिक और उनके चापलूस कामयाब हो गए हैं क्योंकि समाज में पत्रकारिता के नाम पर अपना धंधा चलाने वालों की बाढ़ आ गई है। यहां सबसे बड़ी निराशा उन आंदोलनकारी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गतिविधियों से हुई है जो खुद को जनता का रहनुमा बताते फिरते हैं और देश के प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए लाइन लगाए खड़े रहते हैं। वैकल्पिक मीडिया के एक माध्यम के बल पर बड़े से बड़े कॉरपोरेट घरानों और उसके चापलूसों की सच्चाई लाने वाला एक आंदोलनकारी आवाज सलाखों के पीछे पहुंच गया, लेकिन जमीनी स्तर पर एक चूं तक नहीं हुई।

बेबाक पत्रकारिता पर दलाल पत्रकारिता और भ्रष्ट पुलिस तंत्र का हमला तेज़ हुआ

यशवंत सिंह संपादक भड़ास4मिडिया की नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ़्तारी ने यह साबित कर दिया है कि वेब मीडिया की ताकत से दलाल पत्रकारों और भ्रष्ट पुलिस तंत्र के रखवालों के होश उड़ गये हैं. पिछले महीनों से संदुपुर -बाराबंकी, गोरखपुर, लखनऊ के पश्चात् नोएडा और लखीमपुर में जनसरोकार रखने वाले और निर्भीक पत्रकारों के पुलिसिया उत्पीडन से यह साफ हो गया है कि यह एक सुनियोजित साजिश है निर्भीक पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की. एक के पश्चात एक घटित हो रही घटना यह सिद्ध करती है कि वेब मीडिया ने दलाल प्रवृति के पोषक और पत्रकारिता की आड़ में अधिकारियों की दलाली करने वाले प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के काकस को भेद दिया है.

एडवेंचर स्पोर्ट्स फोटो कंपटीशन में इण्डिया न्‍यूज कोटा की संवाददाता ज्‍योति पाठक दूसरे स्थान पर रहीं

मर्सडिज बैंज की ओर से आयोजित अल्टीमेट ट्यूरिंग ट्रैल कांटेस्ट के चंबल एडवेंचर फोटो कंपटिशन में चंबल रेस्‍क्‍यू फोर्स की चेयरपर्सन व इण्डिया न्‍यूज कोटा की संवाददाता ज्‍योति पाठक दूसरे स्‍थान पर रहीं. उन्हें शहर व देशभर के लोगों ने ऑनलाइन वोटिंग कर 27 हजार 556 वोट दिए. इस कांटेस्ट में कोटा की चंबल वैली ने पहचान बनाई है. देश के पांच चुनिंदा प्रतिभागियों में से ज्‍योति और उनकी चंबल वैली फोटो को दूसरा स्‍थान मिला. ज्‍योति को लाइफ टाइम एडवेंचर का विजेता घोषित किया है.

पत्रकार नारायण परगाई पर कई धाराओं में केस दर्ज

धार्मिक मामले में ग्रुप मैसेज भेजने वाले देहरादून के पत्रकार नारायण परगाईं के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 क (ख) और 7 क़िमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. नारायण परगाई के साथ-साथ ३५० लोगों के खिलाफ 7 क़िमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट में केस दर्ज किया गया है. पूरा मामला क्या है, इस बारे में देहरादून का कोई पत्रकार विस्तार से लिख भजे सके तो उसका प्रकाशन भड़ास पर किया जाएगा. अपनी बात रखने के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स का भी सहारा ले सकते हैं.

”एयरपोर्ट इंडिया” का अजित सिंह ने किया विमोचन

केन्द्रीय वि‍मानन मंत्री अजि‍त सिंह ने 'एयरपोटर्स इंडि‍या' नामक एक मासि‍क पत्रि‍का का वि‍मोचन कि‍या. इस पत्रिका का प्रकाशन भारतीय हवाई अड्डा प्राधि‍करण की तरफ से शुरू किया गया है. जैसे भारतीय रेल की ओर से ''रेलबंधु'' मैग्जीन प्रकाशित की जाती है, उसी तर्ज पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी अपनी मैगजीव ''एयरपोर्ट इंडिया'' की शुरुआत की है.

जागरण में खबर छपने के बाद खुद को जिंदा बताता घूम रहा है रामचंद्र

दैनिक जागरण में झूठी खबर छप जाने के बाद अपने जिन्दा होने का सबूत देता चल रहा है रामचंद्र. देव प्रखंड के बनुआ पंचायत का रहनेवाला रामचंद्र रिकियासन के बारे में कुछ दिन पहले दैनिक जागरण अखबार में एक खबर औरंगाबाद कार्यालय संवाददाता मनीष कुमार के नाम से छापी गई थी. इसके मुताबिक एड्स से हुई मौत के बाद युवक को लोगों ने नहीं दिया कफ़न. खबर में बताया गया है कि औरंगाबाद जिले के सीमा से सटे नावा गांव के रहने वाले रामचंद्र रिकियाशन की मौत एड्स से हो गई और मौत के बाद ग्रामीणों ने कफ़न तक नहीं दिया. तब रामचंद्र की पत्नी कलावती ने अपने आँचल को फाड़कर कफ़न बना दिया और अपने पति के शव को नहीं जलाया और उसे उसी इलाके के पहाड़ों में दफ़न कर दिया.

नवल किशोर ने फारवर्ड प्रेस छोड़कर टाइम न्यूज चैनल पकड़ा

अपना बिहार डाट ओआरजी के संपादक नवल किशोर कुमार ने फ़ारवर्ड प्रेस से त्यागपत्र दे दिया है और अब वे पटना से प्रसारित होने वाले टाइम न्यूज चैनल के सीनियर करेस्पांडेंट बनाये गये हैं. मिल रही जानकारी के अनुसार कुमार ने पारिवारिक जिम्मेवारियों के मद्देनजर यह निर्णय लिया है. जानकारी यह भी है कि फ़ारवर्ड प्रेस प्रंबंधन के साथ कुछ खबरों को लेकर अनबन पहले से ही चल रही थी. इस बीच पटना में माता-पिता की अचानक तबीयत खराब हो जाने के बाद कुमार का पटना जाना फ़ारवर्ड प्रेस प्रबंधन को रास नहीं आ रहा था.

बड़ा हो गया ‘आजतक’ पर छोटा हुआ दिल, चैनल के मीडियाकर्मियों में नौकरी जाने की दहशत

: कानाफूसी : कहा जा रहा है कि आजतक न्यूज चैनल बदल रहा है.  बताया जा रहा है कि यहां बदलाव की बयार चल रही है. चर्चा है कि यहां सब कुछ बदल रहा है. नए चैनल हेड के रूप में सुप्रिय प्रसाद चैनल को नेतृत्व दे रहे हैं जिन्हें सरोकार और खबर के लिए कम, टीआरपी देने वाले मीडिया कलाकार के रूप में ज्यादा जाना जाता है. आजतक का आफिस वीडियोकान टावर से हटकर फिल्म सिटी में आ पहुंचा है. फिल्म सिटी वो जगह जहां ज्यादातर न्यूज चैनलों के आफिस हैं. चैनल को एक नया और फ्रेश लुक देने का दावा किया गया है. इन बदलावों में से कई के बारे में बाकायदा चैनल पर दिखाया भी गया.

प्रदीप ने आई नेक्‍स्‍ट छोड़ा, हिंदुस्‍तान में अनूप का तबादला, नईदुनिया से रूमनी जुड़ीं, जनसंदेश से विदा हुए बसंत

आई नेक्‍स्‍ट, इलाहाबाद से खबर है कि प्रदीप दुबे ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सीनियर फोटोजर्नलिस्‍ट के पद पर कार्यरत थे. पिछले दिनों ही प्रदीप को गोरखपुर से इलाहाबाद भेजा गया था. वे पिछले दो सालों से आई नेक्‍स्‍ट को अपनी सेवाएं दे रहे थे. प्रदीप ने अपने करियर की शुरुआत नोएडा में डीएलए के साथ की थी. प्रदीप ने अपनी मां की बीमारी को इस्‍तीफा देने का कारण बताया है. बताया जा रहा है कि प्रदीप जल्‍द ही एक बार फिर नोएडा से अपनी नई पारी की शुरुआत करने वाले हैं.

जागरण कर्मियों और प्रत्याशी के बीच बवाल के पीछे पेड न्यूज तो वजह नहीं!

यूपी के सुल्‍तानपुर जिले से समाचार है कि जिला पंचायत सदस्‍य पद के लिए नामांकन करने वाले एक प्रत्‍याशी ने किसी खबर को लेकर दैनिक जागरण कार्यालय को घेर लिया तथा अपना विरोध दर्ज कराया. आरोप है कि उसने जागरण कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी. जागरण के कर्मचारियों की तरफ से इस मामले में नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

बिग बॉस-6 का हिस्सा नहीं बनेंगे कुमार विश्वास

जनता और मीडिया के बीच चलने वाली अटकलों को डॉ कुमार विश्वास के इस फैसले ने शांत कर दिया कि वे आने वाले बिग बॉस-6 का हिस्सा नहीं होंगे. सूत्रों के अनुसार  डॉ कुमार विश्वास को बिग बॉस की तरफ से अत्यधिक आकर्षक पारिश्रमिक का ऑफर दिया गया था  तथा बिग बॉस टीम कि ये पुरजोर कोशिश थी कि डॉ कुमार विश्वास बिग बॉस का हिस्सा बनें.

टीवी एंकर खुर्शीद रब्बानी को नैक्सजेन एक्सीलेन्सी अवॉर्ड

जयपुर। राजस्थान के प्रमुख टेलीविजन चैनल ईटीवी राजस्थान के एंकर व रिपोर्टर खुर्शीद रब्बानी को शहर में हुए एक भव्य समारोह में पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। रुण्डल ग्रुप तथा नैक्सजेन की ओर से होटल क्लार्क्स आमेर में हुए समारोह में उन्हें नैक्सजेन एक्सीलेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। इस दौरान उनके पत्रकारिता संबंधी कार्यों पर एक शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

पंजाब केसरी का सहारनपुर में ब्यूरो आफिस खुला

पंजाब केसरी अखबार जालंधर ग्रुप ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जेवी जैन डिग्री कालेज चौक पर अपना ब्यूरो कार्यालय खोला है. कार्यालय का उदघाटन सिद्व किराना पीठ मंदिर किशनपुरा के महामंडलेश्वर बाबा रिजक दास के परम शिष्य बाबा गोपालदास ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच नारियल फोड कर किया. इस अवसर पर शहर के तमाम वर्गों के सैकड़ों लोग उपस्थित थे. लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को पूरी तरह आत्मसात करने का आश्वासन देते हुए पंजाब केसरी हरियाण के प्रभारी एंव समाचार संपादक रविन्द्र नाथ पांडेय ने कहा कि उनके अखबार को जिस तरह से देश के पांच राज्यों में सिरआंखों में लोगों ने बैठा रख है उसी तरह से सहारनपुर के लोगों के दिलों की धडकन बनने का प्रयास करेगा.

अरुण खोसला की नई पारी, पंजाब केसरी से जुडे मनीष और मोहित

लुधियाना से प्रकाशित होने वाले पंजाब की शक्ति हिंदी समाचार ने कपूरथला जिला प्रभारी के तौर पर कपूरथला से सम्बंधित अरुण खोसला को नियुक्त कर दिया है. अरुण खोसला कई समाचार संस्थानों के साथ फ्री लांसर के तौर पर काम कर रहे हैं. 2001 में जालंधर से प्रकाशित हो रहे संध्या हिंदी एनकाउंटर में खोसला ने अहम कार्य कर उसे एक मुकाम पर पहुंचाया. अरुण खोसला 2005 में दैनिक जागरण के साथ जुड़ गए. 2007 के अंत में उन्होंने जागरण को अलविदा कह दिया. अरुण खोसला ने कपूरथला जिले में अपनी टीम के गठन का काम पूरा कर लिया है.

उज्जवल कुमार ने आई-नेक्स्ट और संधू व आरती ने ‘पंजाब की शक्ति’ से इस्तीफा दिया

आई नेक्स्ट, पटना के डिप्टी चीफ रिपोर्टर उज्जवल कुमार ने इस्तीफा दे दिया है. वे उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर थे, बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया. उज्जवल करीब साढ़े चार वर्ष तक आई-नेक्स्ट के साथ रहे. उन्होंने आई-नेक्स्ट प्रबंधन से छह माह का स्टडी लीव मांगा था, मास कम्युनिकेशन में एमफिल कंप्लीट करने के लिए. वे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से एमफिल कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन ने पहले तो उन्हें अवकाश दिया लेकिन बाद में आनकानी करने लगा. इस पर उज्जवल ने इस्तीफा दे दिया. इस बारे में जब प्रतिक्रिया के लिए उज्जवल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

रामनगर में किस बात के लिए लोगों ने जला दिया दैनिक जागरण अखबार?

लोगों की जागरूकता का आलम ये है कि अब वे अखबारों की गल्ती के खिलाफ भी खुलकर बोलने-विरोध करने लगे हैं. इससे उम्मीद बंधती है कि भ्रष्ट और अराजक होती कारपोरेट मीडिया पर यही जनता लगाम लगाएगी. ताजा घटनाक्रम में पता चला है कि उत्तराखंड के रामनगर में लोगों ने दैनिक जागरण अखबार जलाया. एक सज्जन ने भड़ास को अखबार जलाने की तस्वीर मेल करके इतना बताया कि वहां के व्यापारी एक गलत खबर छपने से नाराज थे और इकट्ठा होकर अखबार को जलाते हुए अपना विरोध प्रदर्शित किया. अखबार जलाने की तस्वीर नीचे प्रकाशित है.

राज्यसभा टीवी में अप्लाई कर रहे हैं तो इसे जरूर पढ़ें…

: चैनल में हिंदी वालों के लिए कुछ खास नहीं  : नियुक्तियां ठेके पर होंगी जिन्हें तीन साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है : दिहाड़ी मजदूरों से कुछ बेहतर स्थिति वाली इन अस्थायी नौकरियों के लिए फीस तो ठीक है पर हिन्दी में काम ही कम हैं : राज्यसभा टेलीविजन में 20 पदों पर करीब 60 रिक्तियों के लिए आवेदन आंमंत्रित किए गए हैं। लेकिन हिन्दी में सहायक संपादक की जरूरत राज्य सभा टीवी को नहीं है। 90 हजार रुपए प्रतिमाह की फीस वाली यह नौकरी जाहिर है, संपादकीय गुणवत्ता के लिए है। पर हिन्दी में गुणवत्ता की चिन्ता कौन करता है? तो राज्यसभा टीवी को भी इसकी परवाह नहीं है।

”हिंदुस्तान” की इस खबर पर नाराज हुए यादव जाति के लोग, आप भी पढ़िए

बिहार के मधेपुरा में यादव जाति के लोग पिछले दिनों सड़क पर आ गए थे. हिंदुस्तान अखबार की प्रतिया जला डाली. सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया. वजह, एक खबर, जिसका प्रकाशन हिंदुस्तान अखबार में हुआ. आरोप है कि इस खबर के जरिए यादव जाति को नीचा दिखाया गया है, नकारात्मक टिप्पणी की गई है, उनकी भावनाओं को हर्ट किया गया है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इस खबर में ऐसा कुछ नहीं है जिसका बुरा माना जाए. बदलते परिवेश में जब सब कुछ बदल रहा है तो जातियों की मान्यताएं भी बदल रही हैं. इसी का उल्लेख खबर में किया गया है.

आईएएस शशि भूषण प्रकरण : बड़े आईएएस बच गए, बलि का बकरा बन गए जीआरपी इन्स्पेक्टर अनिल राय!

मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत डॉ नूतन ठाकुर द्वारा मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश को पत्र लिख कर कहा गया है कि शशि भूषण कुमार, आईएएस द्वारा कथित छेड़छाड़ वाली घटना में अनिल राय, इन्स्पेक्टर, जीआरपी को अकारण निलंबित किया गया प्रतीत होता है. उन्होंने कहा है कि जब घटना की सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद जीआरपी के डीआईजी और एसपी थाना जीआरपी पहुँच गए थे तथा इन्स्पेक्टर ने काफी विचार-विमर्श के बाद इन अधिकारियों की मौजूदगी में ये धाराएँ लगायी थी, तो अकेले इन्स्पेक्टर को निलंबित किया जाना उचित नहीं दिखता.

यादव जाति के खिलाफ खबर छपने से नाराज जनता ने हिन्दुस्तान अखबार जला डाला

हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान में यादव जाति के विरुद्ध छपी टिप्पणी से मधेपुरा में आक्रोश की आग धधकने लगी थी. आक्रोशित लोगों नें 22 अगस्त को हिन्दुस्तान दैनिक के कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन कर हिन्दुस्तान दैनिक की सैकड़ों प्रतियों को आग के हवाले कर दिया. प्रदर्शनकारियों के तेवर को देख कर “हिन्दुस्तान” कार्यालय के सभी कर्मी भाग खड़े हुए. काफ़ी मशक्कत के बाद मधेपुरा के थाना अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने हालात को संभाला. लोगों ने “हिन्दुस्तान ” के विरुद्ध नुक्कड़ नाटक और पर्चा वितरण कर अपनी नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दिया है. साथ ही न्यायालय में  “हिन्दुस्तान” के कर्ताधर्ता के विरुद्ध मुकदमा भी ठोकने की तैयारी कर रहे हैं.

दैनिक जागरण से इस्तीफा देकर मनीष शर्मा ”पंजाब की शक्ति” के ब्यूरो चीफ बने

बठिंडा : दैनिक जागरण, बठिंडा कार्यालय में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर सेवाएं दे रहे मनीष शर्मा ने दैनिक जागरण प्रबंधन को अपना इस्तीफा भेज दिया है। मनीष पंजाब में जल्द लांच होने जा रहे ''पंजाब की शक्ति'' के बठिंडा से ब्यूरो चीफ होंगे जबकि इससे पहले दैनिक भास्कर मोगा से चीफ सब के पद से इस्तीफा देने वाले हरिदत्त जोशी पंजाब की शक्ति के मालवा चीफ के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। मनीष शर्मा की अब तक की पारी की बात करें तो उन्होंने इससे पहले पंजाब केसरी, अमर उजाला व दैनिक भास्कर में बखूबी सेवाएं दी हैं।

कानून बनाने वाली संसद के चैनल में कानून की धज्जियां उड़ी : नौ घंटे तक नौकरी करने का फरमान

राज्यसभा टीवी को चले साल भर से ज्यादा हो गया है लेकिन कर्मचारियों को सुविधा देने की जगह उनका उत्पीड़न बढ़ता ही जा रहा है. सरकारी कामनवेल्थ खेलों का पर्याय बने इस सफ़ेद हाथी में सारे खर्चों के लिए पैसे हैं. अधिकारियों के फर्जी टूर कराये जाते हैं. मगर कर्मचारियों का हाल बड़ा बुरा है. न बोनस न इन्क्रीमेंट, ऊपर से 12-12 घंटे काम. कानून बनाने वालों को नहीं है कानून का ज्ञान. राज्यसभा टीवी में कार्यरत कर्मियों के लिए नया फरमान जारी हुआ है कि कोई भी कर्मी किसी भी हाल में रोजाना 9 घंटे से कम की शिफ्ट नहीं करेगा. इसके लिए पंचिंग मशीन की व्यवस्था की गयी है.

महेंद्र मोहन गुप्त, संजय गुप्त समेत जागरण के कई गुप्ताज पर चारसौबीसी और धोखाधड़ी करने का आरोप

: जागरण विज्ञापन फर्जीवाड़ा से जुड़ा परिवाद-पत्र दायर : परिवादी का शपथ पर बयान दर्ज : कंचन शर्मा की गवाही पूर्ण : मुजफफरपुर (बिहार) : दैनिक जागरण के करोड़ों के सरकरी विज्ञापन घोटाले के संबंध में बिहार के मुजफ्फरपुर जिला मुख्यालय में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में रमन कुमार यादव (निवासी-पुस्तक भवन, सफी दाउदी मार्केट, मोती झील, थाना-मुजफफरपुर) ने मेसर्स जागरण प्रकाशन लिमिटेड (जागरण बिलिडंग, 2, सर्वोदयनगर, कानपुर-208005) के चेयरमैन  महेन्द्र मोहन गुप्ता सहित कुल सत्रह  व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120बी, 420, 471, 476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट, 1867 की धाराओं  8बी, 12, 13, 14 और 15 के अन्तर्गत ''परिवाद-पत्र'' दायर किया है.

तातेड़ बने 4रियल न्यूज के राजस्थान ब्यूरो चीफ, नवजीत ए2जेड के यूपी हेड

जोधपुर निवासी प्रमोद तातेड़ हिन्दी न्यूज चैनल 4 रियल न्यूज के राजस्थान के ब्यूरो चीफ बनाये गये हैं. 4 रियल न्यूज चैनल भारत सहित विश्व के प्रमुख 18 देशों में प्रसारित हो रहा है. तातेड़ इससे पूर्व कई न्यूज चैनल और समाचार पत्र-पत्रिकाओं में अपनी सेवाए दे चुके हैं. तातेड़ को राजस्थान का ब्यूरो चीफ बनाने पर मीडिया जगत की कई हस्तियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. इसमें जनहित भारतीय पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष चेतन कुमार मालवीय, सीनियर पत्रकार दिव्य गौड, एस.एन. विवेक, मनोज अवस्थी, रघुवीर सिंह सहित कई पत्रकारों नें बधाई दी हैं.

मुजफ्फरपुर के एचआर हेड ने दिया इस्तीफा, बहराइच में पत्रकार की पिटाई

प्रभात खबर, मुजफ्फरपुर ब्रांच के एचआर हेड ने इस्तीफा दे दिया. रांची की तिरछी नज़र में वह सबसे ऊपर थे और उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था. जमशेदपुर के संपादक अनुज सिन्हा के भाई रांची एचआर में सेकेण्ड मैन है इसलिए अभी धनबाद और जमशेदपुर को टच नहीं किया जा रहा है.

झारखंड सूचना जन संपर्क विभाग में लूट का नया खेल : उर्दू अखबार के पहले अंक में दिया फुल पेज रंगीन विज्ञापन

इन दिनों झारखंड सरकार के सूचना एवं जन-संपर्क विभाग में लूट का आलम है। एक लंबे समय तक पद खाली रहने के बाद जब एक सीसीएलकर्मी को निदेशक बनाया गया तो उम्मीद बनी थी कि इस विभाग के दिन बहुरेंगे और सरकारी विज्ञापनादि में जो गोरखधंधा चल रहे हैं, वे बंद भले न हों, उसमें कमी जरूर आयेगी। दुर्भाग्य कि फिलहाल यहां ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है और भ्रष्टाचार का पानी सिर से उपर बहने लगा है।

टाप टेन पत्रिकाओं का हाल : सात हिंदी और छह अंग्रेजी मैग्जीन्स के पाठक घटे

इंडियन रीडरशिप सर्व (आईआरपएस) २०१२ के दूसरी तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक टाप 10 में से 7 हिंदी पत्रिकाओं के पाठक घटे हैं. एवरेज इश्यू रीडरशिप के अनुसार दूसरी तिमाही में सरस सलिल, मेरी सहेली, क्रिकेट सम्राट, इंडिया टुडे, गृहलक्ष्मी, गृहशोभा और चंपक के पाठकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है. सरस सलिल के पाठकों की संख्या में 53 हजार की कमी आई है. प्रतियोगिता दर्पण हिंदी पत्रिकाओं के बीच अग्रणी बनी हुई है और इसके पाठकों भी बढ़े हैं. 2012 के पहली तिमाही के पाठकों की संख्या 18 लाख 93 हजार से बढ़कर, एवरेज इश्यू रीडरशिप के मुताबिक दूसरी तिमाही में 19 लाख 18 हजार हो गई है. निरोगधाम के पाठकों की संख्या में 3 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और दूसरी तिमाही में इसके पाठकों की संख्या 7 लाख 50 हजार हो गई है.

मिसमैनेजमेंट की मिसाल बनता जा रहा है न्यूज 24!

: कानाफूसी : राजीव शुक्ला और अनुराधा प्रसाद के चैनल न्यूज़24 में इन दिनों काफी कुछ चल रहा है. इंडिया टीवी के सीईओ के आने के बाद इस चैनल में इंडिया टीवी से आए कर्मचारियों की भरमार होती जा रही है. सुनने में आ रहा है कि जो लोग इंडिया टीवी में साधारण पोस्ट पर थे उन्हें ऊँची पोस्ट पर न्यूज़ 24 में लाया गया है और उन्हें ज्यादा सेलरी दी जा रही है. दो सप्ताह पहले दफ्तर में समय से ना आने और शनिवार को दफ्तर से गयाब रहने के कारण कई उच्चाधिकारियों की कंपनी की एमडी अनुराधा प्रसाद ने जमकर क्लास ली थी. न्यूज़24 में अजीत अंजुम समेत पुराने उच्च अधिकारियों की एक लॉबी और इंडिया टीवी से आई टीम की लाबी के बीच ठनी हुयी है.

हिन्दी प्रकाशकों को पाठक बनाने के नए तरीके खोजने होंगे : राजेन्द्र यादव

: पुस्तक श्रृंखला 'मेरी प्रिय कथाएं' का लोकार्पण : नई दिल्ली. हंस के सम्पादक और विख्यात कथाकार राजेन्द्र यादव ने कहा है कि पारंपरिक तरीकों से पाठकों तक जाना अब पर्याप्त नहीं इसके लिए हिन्दी प्रकाशकों को  नए तरीके खोजने होंगे. वे ज्योतिपर्व प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक श्रृंखला 'मेरी प्रिय कथाएं' का लोकार्पण कर रहे थे. हिन्दी भवन में आयोजित इस लोकार्पण समारोह में उन्होंने इस पुस्तक श्रृंखला को भी महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्थापित लेखकों की ऐसी पुस्तकें आना तो उचित ही है लेकिन असल चुनौती यह है कि नए लेखकों के लिए भी ऐसी कोई श्रृंखला हो.

‘पंजाब की शक्ति’ के मालिक का नकली सीमेंट का ट्रक पकड़ा गया!

पंजाब में नवरात्र के दिनों में लांच होने वाले हिंदी दैनिक ''पंजाब की शक्ति'' की चर्चा लांच होने से पहले ही काफी होने लगी है. पंजाब के मोगा जिले में बीते दिनों एक नकली सीमेंट का ट्रक पकड़ा गया जो कि ''दैनिक सवेरा'' में छपी खबर के अनुसार ''पंजाब की शक्ति'' के मालिक राजेश शर्मा का है. पुलिस ने ट्रक ड्राइवर सहित सभी आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है. ''दैनिक सवेरा'' ने तो अपनी खबर में ''पंजाब की शक्ति'' के मालिक पर नकली सीमेंट का धंधा करने का भी आरोप लगा दिया है.

प्रभात खबर, पटना के प्रोडक्शन हेड को आफिस में घुसने नहीं दिया गया

: एचआर वालों के पक्ष में बोलने का आरोप : हरिवंश जी से गुहार लगाएंगे प्रभात खबर से पीड़ित एचआर वाले : प्रभात खबर में सभी एचआर वालों को बाहर का रास्ता दिखाने का खेल हो रहा है. उसमे एक नया मोड़ आ गया है. कोर्ट में केस की जाने वाली फाइल में कोलकाता के एचआर का नाम सबूत के तौर पर दिया जा रहा है. इससे प्रभात खबर प्रबंधन परेशान हो गया है.  कोलकाता प्रभात खबर की एचआर हेड पिंकी को नहीं निकालने का फैसला सबके गले नहीं उतर रहा है. प्रभात खबर में अंदरखाते यह चर्चा है कि नवीन सिन्हा से करीबी के कारण उस पर गाज नहीं गिराई जा रही है. लेकिन अब यही फैसला प्रभात खबर पर भरी पड़ रहा है.

यशवंत की गिरफ्तारी का औचित्य सिद्ध करने में जुट गए थे कुछ अखबार

: यशवंत अपने को अकेला न समझें : भड़ास4मीडिया से मेरा परिचय लगभग दो साल पहले हुआ था  मैं कभी यशवंत से नही मिला हूं मगर आज ऐसा लग रहा है कि यश वंत से काफी पुरानी मुलाकात है क्यांकि भड़ास के माध्यम से उन से रोजाना मुलाकात जो होती रही है। भड़ास से पहली मुलाकात के बाद से ही यह आदत बन गई है कि भले ही एक बार अखबार न देख पाउं मगर भड़ास रोजाना देखने की आदत बन गई है। केवल देखना ही नही बल्कि कुछ खबरों का पढना भी जरूरी हो गया है। कभी मन में आता है तो कमेंट भी लिख देता हूं। आज यशवंत जेल में हैं मैं उन के इस संकट में बराबर का साझीदार हूं। उनकी तथा उनके परिवार और चाहने वालों की पीड़ा को मैं भली भांति समझ सकता हूं क्योंकि 2008 में मैं भी पुलिस और कुछ नेताओं के षडयंत्र और मनमानी का शिकार होकर एक महीना जेल में बिता चुका हूं जबकि मेरे खिलाफ कोई एफ. आई. आर. भी नहीं थी। इसलिए मैं भली भांति जानता हूं कि जेल का जीवन कितना कष्टदायी होता है। आज यशवंत पर जो बीत रही है, उसे मैं अच्छी तरह से महसूस कर रहा हूं।

उस अखबार के आठ संपादकों को कुल 125 साल की काला पानी सजा हुई

देहरादून : सनसनीपूर्ण ख़बरों को ही समाचार मानने की समाज में पनप रही परंपरा उचित नहीं है। समाचार में सिर्फ रोचकता के लिए सनसनी का होना समाज और पत्रकारिता दोनों के लिए खतरनाक है। सनसनी से बचते हुए राष्ट्र हित वाले समाचारों को प्रमुखता मिलने से समाज में उत्कृष्टता को बढ़ाया जा सकता है। यह कहना है आरएसएस के उत्तरांचल प्रांतकार्यवाह और वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल का।

‘सोनिया के खर्च वाली खबर से ‘हिन्दुस्थान समाचार’ का कोई लेना-देना नहीं’

नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेश प्रवास से संबंधित खर्चों पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान में दिये गये स्रोत से ‘हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी’ का कोई लेना-देना नहीं है। यह खबर न ही हिन्दुस्थान समाचार ने जारी की है और न ही इस खबर का स्रोत यह एजेंसी है। यह बातें हिन्दुस्थान समाचार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिरुद्ध शर्मा ने कही है। विदित हो कि भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी ने एक समाचार पत्र का हवाला देते हुए एक जनसभा के दौरान सोनिया पर तीखी टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी में नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि सोनिया गांधी ने अपने विदेश प्रवास के दौरान सरकारी खजाने से 1880 करोड़ रुपए खर्च किये हैं।

बनवारी लाल पुरोहित के हाथों ‘नागपुर टुडे डाट इन’ लांच

The nation yesterday celebrated the birth anniversary of Mahatma Gandhi. On this day in 2012, Nagpur Today, Nagpur’s first and only E-newspaper and information website was launched at 11:00 am in Tilak Patrakar Bhavan, Nagpur. Nagpur Today is an E-NEWSPAPER based out of Nagpur. It contains sections viz NEWS TODAY, ENTERTAINMENT, BUSINESS, SPORTS, PAGE 3, EDITOR, NAGPUR CRIME, HEALTH, EDUCATION, FOOD, FINANCE, LIFESTYLE etc.

रूचिर गर्ग बने नई दुनिया, छत्तीसगढ़ के स्थानीय संपादक

रूचिर गर्ग ने सहारा समय छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल के प्रमुख का पद छोड़ कर नई दुनिया, छत्तीसगढ़ के स्थानीय संपादक के रूप में पारी की शुरुआत की है. रूचिर गर्ग को छत्तीसगढ़ में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में पत्रकारिता का ढाई दशक से अधिक का अनुभव है. कार्यभार ग्रहण के मौके पर नई दुनिया के प्रधान संपादक श्रवण गर्ग खासतौर पर उपस्थित थे.

तीन तस्वीरों से खुली सीबीआई की पोल : आईबीएन7 और शलभ मणि को बधाई

आईबीएन7 पर पिछले कुछ दिनों से एक बड़ी खबर प्रसारित हो रही है. इस खबर के जरिए फिर साबित हो गया है कि सीबीआई बड़े आकाओं के इशारे पर काम करती है और उनके निर्देश के अनुसार ही अपनी रिपोर्ट तैयार करती है. आईबीएन पर प्रसारित रिपोर्ट को इसके लखनऊ ब्यूरो चीफ शलभ मणि त्रिपाठी ने तैयार किया. सचान की मौत के बाद आईबीएन7 की टीम ने मौके पर जाकर कई तस्वीरें ली थी. उन्हीं तस्वीरों के जरिए आईबीएन टीम ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट कर सवाल खड़ा कर दिया है.

छेड़छाड़ में गिरफ्तार आईएएस शशिभूषण लाल को अखिलेश ने किया सस्पेंड

लखनऊ : चलती ट्रेन में एक युवती के साथ छेड़खानी के आरोप में लखनऊ में सोमवार को गिरफ्तार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निलंबित कर दिया है. उत्तर प्रदेश में विशेष सचिव (तकनीकी शिक्षा) के पद पर तैनात आईएएस शशिभूषण लाल के खिलाफ राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), लखनऊ ने छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया.

दैनिक सवेरा अखबार में छपी खबर- ”विजय चोपड़ा पर श्री दुर्ग्याणा कमेटी, अमृतसर ठोकेगी मुकद्दमा”

: पंजाब केसरी को तीसरे झटके की तैयारी : पंजाब के हिन्दू धार्मिक संगठन जिनके प्रति हिंद समाचार ग्रुप यानि पंजाब केसरी अपनी पूरी सुहानुभूति आज तक दिखाता रहा है और प्रदेश में हिंदुत्व की रक्षा का दावा भी गाहे बगाहे करता रहा है, उस पर अमृतसर के मंदिर श्री दुर्ग्याणा के प्रबंधक मुकदमा ठोकने की तैयारी में हैं. इस बात का खुलासा दैनिक सवेरा अख़बार ने एक समाचार के माध्यम से किया है.

दैनिक भास्कर ने जम्मू संस्करण बंद कर दिया

दैनिक भास्कर ने अपने जम्मू संस्करण को बंद कर दिया है। पहली अक्तूबर से जम्मू कश्मीर के बाजारों से यह नदारद है। हाकरों से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें इसकी जानकारी सिर्फ एक दिन पहले ही दी गई थी। वे कहते हैं कि जिन पाठकों ने सालभर का सबस्क्रिप्शन लिया हुआ है, वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। करीब तीन माह पहले जम्मू संस्करण की प्रिंटिंग को जम्मू से स्टाप कर कर दिया गया था। फिलहाल पंजाब के कपूरथला से यह छप कर आ रहा था।

देशबंधु का ग्रेटर नोएडा में कार्यालय खुला, कमान भूमेश शर्मा को

ग्रेटर नोएडा। नई दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय हिंदी दैनिक  देशबंधु ने अपने विस्तारीकरण की श्रृंखला में गे्रटर नोएडा में ब्यूरो कार्यालय खोल दिया है। इस कार्यालय की कमान वरिष्ठ पत्रकार भूमेश शर्मा को सौपी गयी है। श्री शर्मा दैनिक प्रभात तथा आंखो देखी जैसे संस्थानो में कार्य कर चुके है। श्री शर्मा के अलावा देवेंद्र शर्मा को सवांददाता के रूप में नियुक्त किया गया है। नीलकंठ अपार्टमेंट में देशबंधु का कार्यालय खोला गया है। यह कार्यालय देशबंधु के गाजियाबाद स्थित प्रादेशिक कार्यालय के नियंत्रण में रहेगा।

कोटा में नौ फोटो जर्नलिस्ट की फोटो प्रदर्शनी ‘इमेजिन’ की धूम

फोटो पत्रकारों के जज्बे और उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती फोटो प्रदर्शनी 'इमेजिन' की शुरुआत पिछले दिनों कोटा के जवाहर कला केन्द्र में हुई। राज्यपाल मार्गेट अल्वा ने इसका उदघाटन किया। जोधपुर, उदयपुर, कोटा और जयपुर के 9 फोटो जर्नलिस्ट द्वारा समय-समय पर विभिन्न घटनाक्रमों और रोचक दृश्यों को दर्शाने वाली यह प्रदर्शनी आमतौर पर लगने वाली प्रदर्शनियों से काफी हटकर है। यहां हर फोटोग्राफर के खींचे गए दो फोटो हैं। इनमें फोटो पत्रकारिता का हर आयाम समाया है।

पं. श्रीनारायण चतुर्वेदी की जयंती के बहाने : दामाद की तरह बुलाए जाने की प्रतीक्षा में मीडिया वाले

एक हिंदी सेवी की याद में कल की मेरी शाम जैसी बीती, वैसी कभी नहीं बीती। लखनऊ के खुर्शेदबाग में कल भैय्या जी यानी पंडित श्रीनारायण चतुर्वेदी को उन्हीं के नाम से बने प्रेक्षागृह में याद किया गया। हिंदी की अस्मिता का जो गान उन्होंने गाया है, उस को याद किया गया। उनकी ११९वीं जयंती पर। हिंदी वांग्मय निधि द्वारा आयोजित भक्ति संगीत से। कोई दिखावा नहीं, कोई औपचारिकता भी नहीं। मतलब प्रचार आदि के टोटकों से कोसों दूर। पर हाल और बाहर लान भी खचाखच भरा था। पर कोई एक प्रेस फ़ोटोग्राफ़र या संवाददाता भी नहीं। किसी अखबार में कोई खबर भी नहीं थी। न कल, न आज। किसी चैनल की तो खैर बात ही क्या। ज़्यादातर लखनऊ के लेखकों में भी लोग लापता थे। पंडित श्रीनारयण चतुर्वेदी खुद भी तमाशा अदि से हमेशा दूर रहने वालों में थे। शायद उन्हीं की इच्छा का मन रखने के लिए उनके परिवारीजन प्रेस आदि के तमाशे आदि से इस कार्यक्रम को दूर रखते हैं।

अमर उजाला के ”तीन करोड़ अक्लमंद और दूरदर्शी पाठक” वाले विज्ञापन पर विवाद शुरू

देश में तीन करोड़ लोग ही अक्‍लमंद और दूरदर्शी हैं… ऐसा मानन है उमर उजाला का. देश में जो लोग अमर उजाला नहीं पढ़ते हैं, वे मूर्ख और अदूरदर्शी होते हैं. यकीन न हो तो अमर उजाला द्वारा जारी ये विज्ञापन देख लीजिए. इसमें बताया गया है कि उसके तीन करोड़ पाठक हैं जो अक्लमंद और दूरदर्शी हैं. नीचे लिखा है कि आईआरएस की रिपोर्ट के मुताबिक अमर उजाला के पाठकों की संख्या तीन करोड़ से अधिक हो गई है. यानि, अमर उजाला सिर्फ अपने पाठकों को ही अक्लमंद और दूरदर्शी मानता है.

केजरीवाल समर्थकों और मीडियाकर्मियों के बीच झड़प

: केजरीवाल की पार्टी का एजेंडा जारी : कुमार विश्वास राजनीति नहीं करेंगे : अन्ना हजारे से अलग होकर राजनीति में प्रवेश करने वाले अरविंद केजरीवाल के समर्थकों और मीडियाकर्मियों के बीच आज सियासी दल के गठन के मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम में मामूली झडप हो गई जिसके बाद कई मीडियकर्मी मौके से वाकआउट कर गए. दरअसल, आज दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में केजरीवाल और उनके साथियों ने राजनीतिक दल बनाने का आधिकारिक तौर पर ऐलान करने के लिए संवाददाता सम्मेलन बुलाया था. मंच के निकट से कुछ फोटोग्राफर तस्वीरें ले रहे थे और उसी वक्त केजरीवाल के कुछ समर्थकों ने उनके साथ बदसलूकी की. इस दौरान केजरीवाल समर्थकों ने नारेबाजी भी की. इस घटना के तत्काल बाद फोटोग्राफ आयोजन स्थल से चले गए. आयोजन स्थल पर करीब 500 केजरीवाल समर्थक मौजूद थे और उन्होंने ‘मैं हूं आम आदमी’ लिखी टोपियां पहन रखी थीं.

राजस्थान में पत्रिका फिर शिखर पर, एमपी में पौन दो लाख पाठक जोड़े

मुम्बई। भारतीय पाठक सर्वेक्षण (आईआरएस) की मुम्बई में जारी ताजा सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक पत्रिका समूह की कुल पाठक संख्या एक करोड़ 98 लाख 82 हजार हो गई है। अपनी विश्वसनीय खबरों के लिए देशभर में पहचान रखने वाले राजस्थान पत्रिका को इस रिपोर्ट में एक बार फिर राजस्थान का सिरमौर घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश में भी पत्रिका ने करीब 1.75 लाख नए पाठक जोड़े हैं।

आईआरएस 2012 की दूसरी तिमाही : ये हैं टाप टेन अखबार, टाप टेन इंग्लिश डेली, टाप टेन हिंदी दैनिक

इंडियन रीडरशिर सर्वे (आईआरएस) २०१२ की दूसरी तिमाही के आंक़डे जारी कर दिए गए हैं. इन्हें जारी किया है मीडिया रिसर्च यूजर काउंसिल ने. टाप टेन के क्रम में कोई बदलाव नहीं आया है. लेकिन टॉप टेन में से सात अखबारों ने अपने पाठक गंवाए हैं. एवरेज इशू रीडरशिप (एआईआर) के पैमाने पर बात करें तो दैनिक भास्कर, मलयाला मनोरमा, अमर उजाला, द टाइम्स आफ इंडिया, डेली थांती, राजस्थान पत्रिका और मातृभूमि को झटका लगा है. सभी अखबारों में दैनिक जागरण 23वीं बार पहले पायदान पर बना हुआ है. जागरण को एआईआर के लिहाज से इस बार फायदा मिला है. 2012 की पहली तिमाही में जहां जागरण के पाठकों की संख्या 16,412,000 थी वहीं इस बार बढ़कर 16,429,000 हो गई है.

मीडियाकर्मियों के लिए राज्यसभा टीवी में ढेर सारी नौकरियां, अप्लाई करें

राज्यसभा टीवी में बड़े पैमाने पर भर्ती हो रही है. इस बाबत एक आदेश जारी किया गया है. जिन पदों पर राज्यसभा टीवी को योग्य लोग चाहिए, वे हैं… सीनियर असिस्टेंट एडिटर, सीनियर प्रोड्यूसर, सीनियर पैनल प्रोड्यूसर, प्रोड्यूसर / करेस्पांडेंट, पैनल प्रोड्यूसर, एसोसिएट प्रोड्यूसर / सीनियर रिपोर्टर, असिस्टेंट प्रोड्यूसर / रिपोर्टर, जूनियर रिपोर्टर, सीनियर रिसर्चर, रिसर्चर, सीनियर एंकर, कनसल्टेंट एंकर, एंकर, जूनियर एंकर, कंसल्टेंट इनपुट, सीनयिर कैमरापरसन, कैमरा परसन, वीडियो एडिटर, सीनियर ग्राफिक आर्टिस्ट, ग्राफिक आर्टिस्ट आनलाइन एंड आफलाइन, गेस्ट कोआर्डिनेटर, फ्रंट आफिस एक्जीक्यूटिव… 

आईआरएस 2012 की दूसरी तिमाही : अमर उजाला और दैनिक जागरण ने भी अपनी-अपनी पीठ थपथपाई

नई दिल्ली : अपनी श्रेष्ठता का परचम लहराते हुए अमर उजाला की बढ़त का सिलसिला जारी है। अखबार उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में नंबर वन के स्थान पर बरकरार है। आईआरएस 2012 की दूसरी तिमाही के लिए जारी कुल पाठक संख्या (टीआर) आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में अमर उजाला के पाठकों की संख्या देश भर में तीन करोड़ के पार चली गई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आगरा, बरेली, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा आदि शहरों में बढ़त के साथ पूरे प्रदेश में अखबार का शानदार प्रदर्शन जारी है।

नवभारत टाइम्‍स को पीछे छोड़ प्रभात खबर सातवें नंबर पर

: आईआरएस 2012 दूसरी तिमाही के नतीजे : रांची : प्रभात खबर औसत इश्यू पाठक संख्या में नवभारत टाइम्स को पछाड़कर देश के शीर्ष दस हिंदी अखबारों में सातवें स्थान पर आ गया है. प्रभात खबर ने आइआरएस 2012 की दूसरी तिमाही के नतीजों में एक बार फिर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की है. औसत इश्यू पाठक संख्या के लिहाज से पहले तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में प्रभात खबर 7.55 फीसदी की वृद्धि के साथ देश के दस शीर्ष अखबारों में एक पायदान ऊपर चढ़ कर सातवें स्थान पर आ गया है. इस तरह प्रभात खबर की औसत इश्यू पाठक संख्या नवभारत टाइम्स, पत्रिका और नई दुनिया से ज्यादा हो गयी है. प्रभात खबर इस अवधि में 1.84 लाख नये पाठक जोड़े हैं.

दैनिक भास्कर की पाठक संख्या में गिरावट, दूसरे पायदान पर और मजबूत हुआ हिन्दुस्तान

नई दिल्ली : पांच राज्यों में मजबूत पकड़ वाले हिन्दुस्तान ने देश के अन्य अखबारों को पीछे छोड़ते हुए इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस क्यू2 2012) में अपनी दूसरे पायदान की स्थिति को खासा मजबूत कर लिया है। हिन्दुस्तान की कुल पाठक संख्या अब 3.88 करोड़ हो गई है। इस अवधि में हमारे निकटतम प्रतिद्वंद्वी दैनिक भास्कर की पाठक संख्या में गिरावट हुई है। इस समय उसकी कुल पाठक संख्या 3.54 करोड़ रह गई है।

जब आईएएस ज्ञानेश्वर पैंट खोल सकते हैं तो आईएएस शशि भूषण छेड़खानी क्यों नहीं कर सकते!

यूपी की नौकरशाही जो गुल न खिला दे, वह कम है। 2001 बैच के आईएएस अफसर शशि भूषण ने जो कारनामा कर दिखाया उसने पूरी आईएएस बिरादरी को कलंकित कर दिया। इस कारनामे के बाद उनको गिरफ्तार करके चौदह दिनों के लिए जेल भेजकर निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश में विशेष सचिव प्राविधिक शिक्षा के पद पर तैनात आईएएस महोदय दिल्ली से लखनऊ आने के लिए 'लखनऊ मेल' में बैठे थे।

चिदर्पिता ने दैनिक जागरण, हरिद्वार के पत्रकारों को बिका हुआ बताया

Sadhvi Chidarpita : आश्रम जाना स्वामी चिन्मयानंद के पास जाना नहीं है। आश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित है और सार्वजनिक संपत्ति है। साल में हजारों ऐसे लोग भी आश्रम जाते हैं जो स्वामी चिन्मयनन्द का नाम तक नहीं जानते। दूसरी बात यह कि जैसे वो अध्यक्ष हैं वैसे ही मैं भी आश्रम की प्रबन्धक हूँ। उनके पूर्वजों ने वो संपत्ति उनके नाम नहीं कर दी थी और मेरे पूर्वजों ने आश्रम की भैंस नहीं खोल ली थी। वो मुफ्त में रहते हैं पर मैंने आश्रम में रहते हुए सदैव अपनी सेवाएँ दी हैं। आश्रम का प्रबंधन देखा है, शिक्षण संस्थाओं में बिना वेतन के पढ़ाया है और गंगा तट पर आरती की है जो पिछले कुछ वर्षों में परमार्थ का सबसे महत्वपूर्ण और लाभदायक प्रकल्प बन गया था।

भास्कर के पत्रकार दिलनवाज पाशा से नोएडा में लूट की कोशिश

Dilnawaz Pasha : अभी करीब सात बजे मैं अपने साथी Mukesh Kumar 'Gajendra' के साथ दफ्तर से निकला। नोयडा सैक्टर 63 में हमारा दफ्तर है। आज रविवार होने के कारण बाकी कंपनियों में छुट्टी थी लिहाजा ऑटो या रिक्शा भी नहीं मिला। कुछ दूर पैदल चले..मैं मोबाइल पर ही चैट करता हू जा रहा था… करीब 100 मीटर दूर एक ऑटो मिला जिसे लेकर मुकेश जी गेस्ट हाउस चले गए। मैं अकेला ही मेन रोड की ओर जाने लगा….

जानेमन जेल (चार) : ”भड़ासजी, इस पेज को पढ़ दो, मजा आ जाएगा”

किताबों के साथ लंबे समय तक जीने-बतियाने का वक्त काफी लंबे समय बाद मिला. डासना जेल में 68 दिनों के प्रवास के दौरान दर्जन भर से ज्यादा किताबें पढ़ डाली. पाकिस्तानी लेखिका तहमीना दुर्रानी के आत्म-कथात्मक उपन्यास 'ब्लासफेमी' के हिंदी अनुवाद ''कुफ्र'' को पहली बार पढ़ा. इस किताब के बारे में पहले से सुन रखा था. कई लोगों ने पढ़ने की सलाह दी थी. लेकिन पढ़ने का सौभाग्य डासना जेल में मिला. जब इसे पढ़ना शुरू किया तो मुझे एक नशा-सा हो गया.

दौ सौ करोड़ रुपये के विज्ञापन घोटाले को मैनेज करने में जुटा हिंदुस्तान प्रबंधन!

: कोर्ट में सरकारी वकील करने लगा लापरवाही : मैनेज करने की इस कवायद का विरोध शुरू : मुख्यमंत्री और महाधिवक्ता से की गई शिकायत : मुंगेर (बिहार) : दैनिक हिन्दुस्तान अखबार का प्रबंधन दौ सौ करोड़ रुपये के सरकारी विज्ञापन के घोटाले को मैनेज करने में जुट गया है. इस घोटाले में अखबार की मालकिन शोभना भरतिया और प्रधान संपादक शशि शेखर से लेकर दर्जनों लोग फंसे हुए हैं. घोटाले की प्रमुख अभियुक्त मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्षा शोभना भरतिया हैं. इसी कारण इस पूरे मामले को रद करने की गुहार हिंदुस्तान अखबार ने हाईकोर्ट में लगाई है.

कुमार नीलाभ ने नागपुर से ”नागपुर टुडे” नाम से ई-न्यूजपेपर शुरू किया

नागपुर से एक ई-न्यूजपेपर शुरू किया गया है. नाम है नागपुरटुडे डॉट इन. इस साइट से जुड़े कुमार नीलाभ ने भड़ास को एक मेल के जरिए सूचित किया है कि दो अक्टूबर को लांच किए जा रहे इस ई-न्यूजपेपर nagpurtoday.in को महीने भर से टेस्ट मोड पर रखा गया है. पिछले दिनों इस पोर्टल पर कुलदीप नैय्यर का बड़ा इंटरव्यू छपा.

राष्ट्रीय सहारा, लखनऊ के संपादक अनिल को एक साल का एक्सटेंशन

लखनऊ से खबर है कि राष्ट्रीय सहारा के स्थानीय संपादक अनिल कुमार पांडेय को कंपनी ने एक साल का एक्सटेंशन दे दिया है. वे रिटायर होने वाले थे और उनकी जगह पर स्थानीय संपादक बनने को दयाशंकर राय और मनोज तोमर लाबिंग करने में जुटे हुए थे.

भास्कर दास ने टीओआई, विजय मिश्रा ने अमर उजाला और सुधीर ने दैनिक जागरण छोड़ा

सबसे पहले भास्कर दास की बात जिन्होंने टाइम्स आफ इंडिया के टाइम्स ग्रुप से 32 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है. चर्चा है कि वे जी ग्रुप में सलाहकार के रूप में ज्वाइन कर सकते हैं. भास्कर दास ने 1980 में टाइम्स ग्रुप को मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में ज्वाइन किया था. उन्हें प्रेसीडेंट के पद तक प्रमोट किया गया. वे बेनेट कोलमैन एंड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के प्रिंसिपल सेक्रेट्री भी बनाए गए.

प्रभात खबर में सभी एचआर वालों का मेल बंद, सेलरी रोकी

प्रभात खबर ने अपने एचआर डिपार्टमेंट वालों को अब प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है. जबरन इस्तीफा दिलवाने के लिए पिछले महीने की सेलरी नहीं दी जाने की धमकी दी जा रही है. इससे सभी कर्मी तनाव में हैं. उधर प्रभात खबर में सिस्टम हेड ने सभी एचआर वालों के मेल की पूरी जानकारी निकालनी शुरू कर दी है. इससे उन्हें ये पता लगाने में सहूलियत होगी कि किसके मेल से इम्पार्टेंट जानकारी ट्रांसफर की गयी है.

”न्यूज एक्सप्रेस” एक्सक्लूसिव : निर्मला शर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर लगाए कई आरोप

अन्ना हज़ारे के पूर्व सहयोगी अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों पर सामाजिक कार्यकर्ता और जागृति महिला मंच की अध्यक्ष निर्मला शर्मा ने गंभीर आरोप लगाये हैं… निर्मला शर्मा ने न्यूज चैनल ''न्यूज़ एक्सप्रेस'' से खास बातचीत में कहा कि अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण, प्रशांत भूषण और किरण बेदी आले दर्जे के भ्रष्ट हैं… उन्होंने कहा कि बात उस समय की है जब केजरीवाल सामाजिक क्षेत्र में काम करने से जुड़े ही थे…