गुजरात दंगों पर मार्च 2002 में लिखे गए लेख ने मुझे पहली नौकरी दिलाई थी

Vikram Singh Chauhan : मुझे अच्छी तरह से याद है गुजरात दंगों पर मार्च 2002 में लिखे गए मेरे लेख ने मुझे पहली नौकरी दिलाई थी. छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित अख़बार देशबंधु में "पाठकों के पत्र" स्तंभ में मैंने गुजरात दंगों पर टूटे-फूटे और अस्पष्ट हिंदी में अपनी भावनाओं को लिखा था. यह लेख संपादक को पसंद आया और उन्होंने तुरंत मुझे संपादकीय विभाग में रख लिया. रुचिर गर्ग सर ने मेरा इंटरव्यू लिया. मैंने तब उनसे कहा था गुजरात दंगा हुआ नहीं, होने दिया गया! नरेन्द्र मोदी ने राजधर्म का पालन नहीं किया!

बुरा यह है कि आप हिन्दू होने के कारण गैर हिंदुओं को अपने से नीच गन्दा और अछूत मानते हो

Himanshu Kumar :  हिन्दू होना पाप नहीं है. ना राष्ट्रवादी होना बुरा है. बल्कि बुरा यह है कि आप हिन्दू होने के कारण गैर हिंदुओं को अपने से नीच गन्दा और अछूत मानते हो. इस तरह से असल में आप समाज के प्रति अपने कर्तव्य के पालन से चालाकी से बच जाते हो क्योंकि लोकतांत्रिक समाज का सदस्य होने के बाद तो आप और टट्टी साफ़ करने वाला अपढ़ आदमी, या गरीब फटे कपडे पहने मुसलमान सब बराबर इज्ज़त अधिकार वाले हो जाने चाहिये थे.

एक है टाइगर उर्फ मनोज रंजन दीक्षित

प्रसिद्ध बालीवुड फिल्म ‘एक था टाइगर’ में अभिनेता सलमान खान ने देश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालासिस विंग) के एजेंट का किरदार निभाया था। टाइगर, एजेंट विनोद, जेम्स बांड और खुफिया एजेण्ट के कई किरदार आपने सिल्वर स्क्रीन पर देखे होंगे एवं जासूसी उपन्यास और कामिक्स में उनके रोंगटे खड़े कर देने वाले किस्से भी पढ़े होंगे। लेकिन आम जिंदगी में शायद ही कभी आपकी मुलाकात किसी असली टाइगर या खुफिया  एजेंट से हुई हो। मौत को हथेली पर रखकर बीस बरस तक पाकिस्तान में रहरक देश के लिए जरूरी सूचनाएं जुटाने वाला भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के एक ऐसे ही एजेंट का नाम है मनोज रंजन दीक्षित।

4रीयल न्यूज से वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड मार्केटिंग श्रद्धा मिश्रा बर्खास्त, एडी वर्मा भी हटाए गए

4रीयल न्यूज प्रबंधन की तरफ से बताया गया है कि चैनल की वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड मार्केटिंग श्रद्धा मिश्रा को बर्खास्त कर दिया गया है। इन्हें बर्खास्त वीरेंद्र कुमार ने किया। 4 रीयल न्यूज चैनल में श्रद्धा का लास्ट वर्किंग डे 23 जून 2013 रहा। श्रद्धा मिश्रा पर प्रबंधन की ओर से कई आरोप लगाए गए हैं।

सलमान खान के धमकाने पर ब्लागर ने पोस्ट हटाई, माफी मांगी!

एक हैं सौम्यदीप्त बनर्जी. वे बालीवुडजर्नलिस्ट डॉट कॉम नामक ब्लाग / वेबसाइट के संचालक हैं. उन्होंने सलमान खान को लेकर कुछ लिखा तो उन्हें कई तरह की धमकियां मिलने लगी और आखिर में दबाव में आकर उन्होंने सलमान खान के बारे में जो लिखा था, उसे हटा दिया. साथ ही उन्होंने अपने ब्लाग पर एक माफीनामा भी प्रकाशित किया.

जिन्दा को मुर्दा बताने से नहीं चूके न्यूज़ चैनल वाले

न्यूज़ चैनल वालों ने अपनी न्यूज़ के लिए एक बार नहीं वरन सैकड़ो बार मार दिया उस लड़की को जो अभी जीवन और मौत से जूझ रही है और जिन्दा है। उसे मरा हुआ सिर्फ सहारा समय, लाइव इंडिया, एनडीटीवी जैसे न्यूज़ चैनलों ने ही नहीं दिखाया वरन देश भर के हर न्यूज़ चैनलों ने लड़की को अपनी न्यूज़ में एक बार नहीं सैकड़ों बार मारा। इटावा में जलजला आ गया था, शुक्रवार के दिन। पूरे देश की मीडिया का ध्यान उस वक्त इटावा पर आकर टिक गया जब यह पता चला कि इटावा में एक लड़की के साथ गैंगरेप करके उसको जिंदा जला दिया गया है। बताया गया कि गैंगरेप की शिकार लड़की की जलने से मौत भी हो गई है।

NHRC team to visit Uttarakhand from 15th – 18th July, 2013 for an on-the-spot assessment of the situation.

New Delhi : A team from the National Human Rights Commission, headed by Smt. Kanwaljit Deol, DG (Investigation) and comprising of Shri A.K. Garg, Registrar (Law), Shri A.K. Parashar, Joint Registrar (Law), Shri P.D. Prasad, SSP and Shri C.S. Mawri, Assistant Registrar (Law) will be visiting the State of Uttarakhand from 15th to 18th July, 2013 for the purpose of an on-the-spot assessment of situation in the State due to massive tragedy of loss of human lives and property caused by the recent floods/cloud burst and landslides.

कल भोपाल में अखिल भारतीय कुकुर महासभा की विशेष बैठक हुई

Sachin Kumar Jain : कल भोपाल में अखिल भारतीय कुकुर महासभा की विशेष बैठक हुई, जिसमे मोदी के बयान के बाद उपजी स्थितियों पर गंभीर चर्चा की गयी. महासभा के विशेष सलाहकार ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि अल्प-संख्यकों के बाद अब कुकुर समाज भी मोदी की नज़रों में आ चुका है और उनके वक्तव्य से संकेत मिलता है कि उनका अगला निशाना कुकुर समुदाय हो सकता है. हमारी गुप्तचर शाखा की सूचना के मुताबिक सबसे पहला निशाना फोर-लेन और एट-लेन सड़कों पर दिखाई देने वाले कुकुर हो सकते हैं क्योंकि इससे विकास पर फर्क पड़ता है.

भाई मान गए, मीडिया में नरेन्द्र मोदी की बड़ी ज़बरदस्त पीआर शिप और सेटिंग है

Zafar Irshad : भाई मान गए, बड़ी ज़बरदस्त पीआर शिप और सेटिंग हैं, मीडिया में नरेन्द्र मोदी की…आज पुणे के एक कॉलेज में उनके दिए जा रहे लेक्चर को सभी टीवी चैनल ऐसे लाइव टेलीकास्ट कर रहे थे, जैसे प्रधानमन्त्री लाल किले से 15 अगस्त को जनता को संबोधित कर रहे है, या फिर वर्ल्ड कप क्रिकेट का कोई फाइनल मैच चल रहा हो… सेटिंग और गेटिंग में कांग्रेस उनसे कोसों दूर चल रही है फ़िलहाल…

तेरह साल से पत्रिका के लिए काम कर रहे राकेश कुमार शर्मा ने इस्तीफा दिया

राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ पत्रकार और चीफ सब एडिटर राकेश कुमार शर्मा ने पत्रिका समूह को अलविदा कह दिया है। करीब तेरह साल तक राकेश शर्मा ने जयपुर संस्करण में न्यायपालिका, क्राइम, पर्यटन बीट में ख्याति पाई और वे चीफ क्राइम रिपोर्टर और सिटी चीफ भी रहे।

‘इंडिया टीवी’ की ब्लैकमेलिंग को बिजनेस मॉडल मानते हैं अजीत अंजुम!

निर्मल बाबा दोबारा प्रकट हो गये हैं. उसी 'इंडिया टीवी' पर जिस पर उनकी जम कर आलोचना की गयी. खबर है कि इंडिया टीवी ने ये आलोचना और पोल-खोल अभियान बाबा की बांह मरोड़ने के लिये ही चलाया था और अब दोगुने रेट पर विज्ञापन चला रहा है. दिलचस्प बात ये है कि टीवी के स्वयंभू धुरंधर इसे 'बिजनेस मॉडल' बता रहे हैं. एक सेमिनार में इंडिया टीवी के विनोद कापड़ी से एक पत्रकार ने पूछा कि निर्मल बाबा के दोबारा आपके चैनल पर प्रकट होने पर आपको कुछ कहना है, तो वे बगलें झांकने लगे, लेकिन न्यूज-24 के अजीत अंजुम अपने उल-जुलूल तर्कों के साथ मैदान में कूद पड़े.

ऑनलाइन पत्रिका ‘दृष्टि विमर्श’ का शुभारंभ

चिंतन-मनन की गंभीर वैचारिक एवं शोधपरक पत्रिका 'दृष्टि विमर्श' का ऑनलाइन प्रकाशन आरंभ हो गया है. इसे drishtionline.in पर लॉग इन करके पढ़ा जा सकता है. यह पत्रिका शिक्षा पर कार्य करनेवाली मशहूर संस्था 'सिद्ध' (मसूरी, उत्तराखंड) की ओर से प्रकाशित की जा रही है.

इलाहाबाद के शायर ख़्वाज़ा जावेद अख़्तर का इंतिकाल

इलाहाबाद। शहर के मशहूर शायर ख़्वाजा जावेद अख़्तर का दिल का दौरा पड़ने से इंतिकाल हो गया। उन्हें तीन दिन से वाइरल फीवर आ रहा था, हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें शनिवार की दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे नाजरेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और लगभग 5:30 बजे इंतिकाल हो गया। 2 सितंबर 1964 को कोलकाता में जन्मे श्री अख़्तर ने अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय से एमए किया था। वे शायर के साथ-साथ फुटबाल के खिलाड़ी भी थे, और इलाहाबाद स्थित एजी आफिस में नौकरी कर रहे थे।

भोपाल में पत्रकार पर गोली चली, घायल, साथी की मौत

शुक्रवार की रात करीब 11 बजे भोपाल में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शलभ भदौरिया के पुत्र आदेश भदौरिया और उनके साथी पर दंबंगों द्वारा दनादन गोलियां बरसाई गईं। पत्रकार आदेश भदौरिया अपने संस्थान से काम निपटाकर घर वापस लौट रहे थे. उनके साथ सुनील नामक व्यक्ति भी था. रात करीब 11 बजे किसी ने उन पर अंधाधुन्ध फायर कर डाले. अचानक हुए इस हमले में पत्रकार आदेश भदौरिया के हाथ में गोली लगी, वहीं सुनील के शरीर में गोली लगी. इस घटना में सुनील की मौत हो गई. पत्रकार आदेश भदौरिया बुरी तरह घायल हैं और उनका ईलाज भोपाल के एक अस्पताल में किया जा रहा है.

लोकसभा चुनाव के बाद ही नौकरी बदलने के बारे में सोचें पत्रकार

यशवंतजी बहुत बहुत धन्‍यवाद इस बात के लिए आगाह करने के लिए कि जल्‍द ही पूरी मीडिया इंडस्‍ट्री भयानक मंदी की चपेट में आने वाली है.. अर्थशास्त्रियों का तो यहां तक कहना है कि इस बार की मंदी भारत के लिए 2008 की मंदी से भी ज्‍यादा घातक साबित होगी.. मंदी की मार का जिन क्षेत्रों पर सबसे ज्‍यादा असर होता है उनमें मी‍डिया उद्योग भी शामिल है.. इस उद्योग में कई आंख के अंधे और गांठ के पूरे फायदा उठाने की होड़ में कूद पड़ते हैं और उनकी इसी बे‍वकूफी का शिकार सैकड़ों पत्रकार और अन्‍य मीडियाकर्मी होते हैं जो ऐसे संस्‍थानों में नौकरी करने के लिए मजबूर हैं..

Sixth Somali journalist killed in 2013

VIENNA : The International Press Institute (IPI) condemns the murder of Somali television journalist Liban Abdullahi Farah—the sixth journalist to be killed in the east African country this year—and urges Somali authorities to take the prompt and necessary steps to bring the crime’s perpetrators to justice.

Probe into suicide of former journalist

MUMBAI: Home minister R R Patil has handed over the probe into the suicide of Charudatta Deshpande (57), former journalist and Tata Steel's ex-head of corporate communications, to the crime branch. Patil said the state CID will assist in the inquiry. He directed the crime branch to immediately send teams to Jamshedpur and Thane, where Deshpande lived.

Sumit Vats was a journalist before becoming a TV actor

Sumit Vats who plays Rishi in Trilogy Media Pvt. Ltd has experienced fame and recognition courtesy the hit show Hitler Didi. Not many know Sumit Vats was a journalist before he turned actor. He says, "I was bornand brought up in Delhi. I have done my schooling and college from there. I have completed my post graduation in journalism from Delhi. I was active in theatre and play before that. A team had come to Delhi for auditioning for TV show Kaashi. I got selected and got to come to Mumbai. In Mumbai you are accepted by Mumbai once you start getting work here."

‘जनसंदेश टाइम्स’ की तरफ से उत्तराखंड के लिए पीएम राहत कोष में पांच लाख रुपये

उत्तराखंड की पीड़ा पर मरहम। जनसंदेश टाइम्स परिवार की ओर से प्रधानमंत्री राहत कोष में पाँच लाख रुपये दिये गये। ये रुपए जन सन्देश टाइम्स के कर्मचारियों ने अपनी एक दिन की तनख्वाह दान कर इकठ्ठे किये हैं। इस पवित्र कार्य मैं जनसन्देश टाइम्स के मैनेजमेंट का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

एबीपी न्यूज पर आज रात दस बजे से शेखर कपूर पेश करेंगे ‘प्रधानमंत्री’

नई दिल्ली: एबीपी न्यूज पर आज से एक नया शो 'प्रधानमंत्री' शुरू हो रहा है. ये शो हर शनिवार और रविवार को रात दस बजे दिखेगा. इस शो के होस्ट शेखर कपूर का कहना है कि इसमें आज के भारत की ऐसी घटनाएं होंगी, जो बड़े बदलाव और घटनाओं के शोर में दब जाती हैं. शेखर यह भी कहते हैं कि मुमकिन है कि इस शो से विवाद पैदा हो, लेकिन इस शो में बनते भारत की पूरी कहानी पेश करने की कोशिश की गई है. आम तौर पर इतिहास की पुस्तकों में सभी घटनाओं का समावेश नहीं मिलता. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और भारत विभाजन, इतिहास की ऐसी युगांतकारी घटनाएं हैं जिनके हर पहलू की रोचकता का हर कोई अनुभव करना चाहता है.

Pepsi is Playing with the Health of Human Lives

hi, Please consider the fact in a shape of a real story, which probably be happening in every second house of India or as a matter of fact the World. Every Kid or Youth right now says the Campaign line of the soft Drink “Mountain Dew” (A Product of Pepsico India) and they also have some remarkable lines about their Quality Manufacturing Process and still they are producing dead flies in their bottles.

हिमाचल प्रदेश में अफसरों ने पत्रकार व कैमरामैन को गिरफ्तार कराया, खफा मीडियाकर्मी सड़कों पर उतरे

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) : जुखाला के पत्रकार अभिषेक मिश्रा और कैमरामैन चैतन्य शर्मा को बीते दिनों पुलिस ने साल भर पुराने मामले में एकतरफा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया. पिछले वर्ष युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के हास्टल में रहने वाली छात्राओं को किसी तांत्रिक के पास कथित इलाज के लिए ले जाया गया. ऐसा अफसरों के कहने पर किया गया. तांत्रिक के यहां अफसर लोग भी पहुंचे हुए थे. इसकी भनक लगने पर पत्रकार अभिषेक और कैमरामैन चैतन्य कवरेज करने व फोटो खींचने मौके पर पहुंचे थे.

प्राण को तलाशते हुए चले गए प्राण

जिन्दगी की भी अपनी एक अलग तासीर होती है। कहा तो यही जाता है कि हम चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, जिंदगी को हार या जीत के खेल में तब्दील नहीं सकते। लेकिन, यह जरूर है कि जिंदगी अगर चाहे, तो वो हमें अपने खेल में एक मोहरे की तरह बहुत आसानी से इस्तेमाल कर सकती है। जैसा कि असकर वह कर ही लेती है। क्या आप और क्या हम, सब के सब मोहरे ही तो हैं जिंदगी के। लेकिन हमारे जमाने में एक आदमी ऐसा भी रहा, जिंदगी जिसके साथ कोई खेल नहीं कर पाई। उस सख्श का नाम था –  प्राण सिकंद। लेकिन दुनिया उन्हें प्राण के नाम से जानती है, सिर्फ प्राण। जिन्होंने जिंदगी को ही उल्टे अपने लिए खेल का सामान बना डाला। और खेलते रहे, पूरे 93 साल तक।

केके का आना और उनकी बांछों का खिलना

केके उपाध्याय के लखनऊ हिन्दुस्तान में ज्वाइन करते ही कुछ लोगों की बांछें खिल गई हैं। इसमें वे लोग शामिल हैं, जो केके के करीबी और साथ ही नाकाबिल भी हैं। उन लोगों को इतनी बधाईयां मिल रही हैं, जितनी तो शायद खुद केके को भी नहीं मिल रही होंगी। शुक्रवार को केके उपाध्याय ने लखनऊ में बतौर संपादक कार्यभार संभाल  लिया। यह खबर जैसे ही कुछ पोर्टल और फोन पर लोगों को मिलीं वे चौड़े होकर घूमने लगे। यह वे लोग हैं जो स्वयं को केके का करीबी बताते हैं। खास बात यह है कि उन्हें कामधाम से कोई मतलब नहीं वह सिर्फ लॉबिंग में ही दिन-रात जुटे रहते हैं। कई लोग ऐसे हैं, जिनकी ताजपोशी केके ने की थी और सही तरीके से काम को अंजाम न दे पाने के कारण वे इस वक्त हाशिए पर चल रहे हैं। उन्हें एक बार फिर तेल लगाकर अपने दिन बहुरने का इंतजार है।

‘खबर मंत्र’ के साथ शंभूनाथ चौधरी, संदीप कमल, अखिलेश कुमार सिंह, सुनील सौरभ जुड़े

झारखंड से 'खबर मंत्र' अखबार 11 जुलाई को लांच हो गया. अब इस अखबार से जुड़े कुछ लोगों के बारे में जान लेते हैं. इस अखबार के एडिटर इन चीफ तो हरिनारायण सिंह हैं, जिनके बारे में सब जानते हैं. अखबार के रेजीडेंट एडिटर हैं शंभूनाथ चौधरी. न्यूज एडिटर का दायित्व निभा रहे हैं संदीप कमल.

हरिनारायण सिंह के नेतृत्व में ‘खबर मंत्र’ की झारखंड में दमदार दस्तक

वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह के नेतृत्व में चुपचाप लांच हुए 'खबर मंत्र' अखबार ने झारखंड में जोरदार दस्तक दी है. 11 जुलाई को लांच हुए इस अखबार के लिए पिछले दो सालों से तैयारियां चल रही थीं. लांच से पहले अखबार की सदस्यता करीब दो लाख लोगों ने ली. अखबार में विज्ञापनों की संख्या देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस अखबार को लाने से पहले मार्केटिंग से लेकर ब्रांडिंग, कंटेंट सभी फील्ड में काफी काम किया गया है.

दैनिक भास्कर, जयपुर के विशेष संवाददाता मदन कलाल का इस्तीफा, नेशनल दुनिया ज्वाइन करेंगे

दैनिक भास्कर, जयपुर के विशेष संवाददाता मदन कलाल ने भास्कर से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा मंजूर होने की प्रक्रिया विचाराधीन है। सधी और सटीक रिपोर्टिंग की पहचान रखने वाले मदन कलाल पिछले ग्यारह साल से भास्कर से जुड़े रहे हैं। वे भास्कर एकेडेमी के पहले बैच के विद्यार्थी रहे हैं। शिक्षा, समाज और राजनीति विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

थानवी और भंडारी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल के सदस्य बने

वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी और विजय भंडारी राजस्थान में नवगठित ‘हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय’ के प्रबंध मंडल के सदस्य बनाए गए है। राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को उनके मनोनयन आदेश जारी किए। बीकानेर के मूल निवास ओम थानवी ‘जनसत्ता’, नई दिल्ली के कार्यकारी संपादक हैं जबकि विजय भंडारी राजस्थान पत्रिका के संपादक रह चुके हैं। दोनों तीन साल तक मंडल के सदस्य रहेंगे।

नवभारत टाइम्स ओर सांध्य टाइम्स में कइयों को प्रमोशन और इंक्रीमेंट

दिल्ली : बीसीसीएल कंपनी की तरफ से इस बार टाइम्स आफ इंडिया ग्रुप के हिंदी ब्रांड नवभारत टाइम्स और सांध्य टाइम्स में धुंआधार प्रमोशन और इक्रीमेंट मिले हैं. नवभारत टाइम्स में क्राइम बीट के मास्टर पंकज त्यागी को प्रिंसिपल कारेसपोंडेंट से स्पेशल कारेसपोंडेट बनाया गया है. सूचना है कि पंकज त्यागी को अब क्राइम बीट से हटाकर दिल्ली ब्यूरो में टांसफर कर एनआईए, सीबीआई, होम मिनिस्टी व अन्य महत्वपूर्ण बीटें दी गई हैं.

उत्तराखंड आपदा पर जमीनी रिपोर्ट : सरकार का आपदा प्रबंधन फेल

धारचूला के बाजार में आज से चाय मिलनी बन्द हो गयी, दो-चार दिन में खाना भी मिलना शायद बन्द हो जायेगा। आपदा की त्रासदी से कराह रहा पिथौरागढ़ जिले का धारचूला व मुनस्यारी का इलाका सबसे न्याय की उम्मीद कर रहा है। आपदा की त्रासदी आज बीसवां दिन है। मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत का दौरा हो चुका है। सांसद व विधायक कई बार इलाके का दौरा कर चुके हैं। आज पता चला कि आपदा मंत्री धारचूला में हैं। 1977 में तवाघाट में आयी भीषण आपदा की त्रासदी के दौरान भी धारचूला का इलाका पिथौरागढ़ से केवल एक दिन सड़क मार्ग से कटा रहा। धारचूला में अस्सी साल से अधिक उम्र के वृद्धों की जुबान पर यह बात है कि पहली बार बीस दिन से सड़क बन्द होने के बाद उपजी स्थितियों का वह सामना कर रहे हैं।

आपदा की खबरें ‘मैनेज’ न कर पाने की गाज विनोद शर्मा और अनिल चंदोला पर गिरी

देहरादून। खबर है कि सूचना निदेशालय के डीजी विनोद शर्मा को आपदा की खबरों को ठीक से मैनेज न करने के कारण हटा दिया गया है. साथ ही इसी मामले में सूचना विभाग के अनिल चंदोला को कुमांऊ स्थानांतरण किये जाने की कार्यवाही को भी अंजाम दिया जा रहा है. माना जा रहा है मुख्यमंत्री के खिलापफ मीडिया में आपदा को लेकर छपी खबरें व सही मैनेजमेंट नहीं किये जाने के चलते विनोद शर्मा की डीजी पद से छुट्टी की गयी है. हालांकि चर्चा है कि चंदोला मुख्मयंत्री के एक करीबी से मिलकर खुद की वापसी के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं.

दो बड़े अखबारों के पोलिटिकल ब्यूरो अरुण जेटली के चहेते पत्रकार चलाते हैं!

कारवां मैग्जीन के जुलाई अंक में भारतीय जनता पार्टी पर एक कवर स्टोरी है. इसमें बताया गया है कि अरुण जेटली को भाजपा के अंदर 'ब्यूरो चीफ' कहा जाता है क्योंकि उनके चहेते पत्रकार दो बड़े अखबारों के पोलिटिकल ब्यूरो चलाते हैं. कारवां मैग्जीन में पत्रकार पूर्णिमा जोशी द्वारा लिखित कवर स्टोरी में कहा गया है कि गडकरी के खिलाफ खबरें छापे जाने, उनको पार्टी के अध्यक्ष पद पर आसीन न होने देने के लिए माहौल बनाने, फिर आडवाणी के खिलाफ खबरों के प्रकाशन आदि के लिए भाजपा के लोग अरुण जेटली को ही जिम्मेदार मानते हैं. पेश है मैग्जीन में प्रकाशित स्टोरी के कुछ अंश…

उत्तराखण्ड को मानव तस्करों से बचाओ

चरित्र के मामले में काफी विवादित रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने घोषणा की है कि उनके पंद्रह सौ अनुयायी उत्तराखण्ड के केदारनाथ क्षेत्र में आयी आपदा के कारण विधवा हुई महिलाओं से विवाह करेंगे। इस मामले पर उत्तराखंड के शासन, प्रशासन और यहां के हर इनसाफपसंद व्यक्ति को कड़ी नजर रखनी चाहिए। यहां पहले से ही लड़कियों और महिलाओं के तस्कर सक्रिय हैं। इसके अलावा देह व्यापार कराने वालों ने यहीं की लड़कियों को यहां भी इस धंधे में धकेला हुआ है। उत्तराखंड जिसे देव भूमि कहा जाता है लंबे समय से अय्याशों की भूमि बना हुआ है और अय्याशों के कारण ही इतनी बड़ी त्रासदि घटित भी हुई है।

दो बार एमएलए रहा शख्स पैसे की कमी से मर गया, पड़ोसियों ने कफन के लिए दिए पैसे

नेता, विधायक, मंत्री बनकर आज लोगों में होड़ है ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की. पर एक शख्स विधायक रहकर भी पैसे वाला न बन सका. सिर्फ इसलिए कि उसे ईमानदारी से प्यार था और ईमानदारी को वह आदमी जीता था. भगवती प्रसाद एक बार नहीं बल्कि दो बार उत्तर प्रदेश में विधायक रहे. पहली बार 1967 में और दूसरी मर्तबा 1969 में. इतना होने के बाद जब उनका आखरि वक़्त आया तो मजबूरन उनको एक चाय की दुकान खोल कर बैठना पड़ा ताकि वह अपना और अपने घर वालों का पेट पाल सके. आखिरकार 70 साल की उम्र में कल उन्होंने आखिरी सांस ली.

दैनिक जागरण के जिला प्रतिनिधि को दी जान से मारने की धमकी

उरई (जालौन) से खबर है कि विज्ञापन के चेक का फर्जी तरीके से भुगतान कराकर हजारों रुपये हड़पने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने से झल्लाये आरोपी मुकेश उदैनिया ने दैनिक जागरण, झांसी के जिला प्रतिनिधि मनोज राजा को जान से मारने की धमकी दे डाली. इसकी लिखित शिकायत पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन से की गई है. कई पत्रकारों ने दैनिक जागरण, के जिला प्रतिनिधि को दी गई धमकी पर नाराजगी व्यक्ति की है और कार्यवाही की मांग की है.

कात्यायनी के नोटिस का जवाब : वाह! खूब…उल्टा चोर…

हमें जानकारी मिली है कि सुश्री कात्यायनी, सत्यम एवं रामबाबू जो एक व्यक्ति भी है एवं कुछ संस्थाओं के अधिकारी भी, ये लोग संस्थाओं के माध्यम से हमारे ऊपर 25 लाख की मानहानि का वकालतन नोटिस भेज रखा है। उस नोटिस में मानहानि का आधार पुस्तक 'क्रान्ति की नटवरगिरी' के आलेखों को बनाया गया है। …

केके उपाध्याय ने हिंदुस्तान लखनऊ का चार्ज लिया

हिंदुस्तान, लखनऊ से नवीन जोशी की विदाई हो गई है. वे रिटायरमेंट तक हिंदुस्तान, दिल्ली के साथ संबद्ध रहेंगे. उनकी जगह लखनऊ में केके उपाध्याय ने ले ली है जो अभी तक हिंदुस्तान, पटना में कार्यरत रहे हैं. पटना के संपादक पद पर तीरविजय सिंह पहले ही बैठ चुके हैं.

नीरा राडिया के टेप रिकार्ड पर लेने की सीबीआई की मांग खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई की उस याचिका को आज खारिज कर दिया जिसमें उसने पूर्व कॉरपोरेट लॉबीस्ट नीरा राडिया की टेप की हुई बातचीत की सीडी और स्पेक्ट्रम के आवंटन के संबंध में उसकी कथित बातचीत के लिखित अंश को रिकॉर्ड में लेने की मांग की थी. विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी ने याचिका यह कहते खारिज कर दी कि ऐसा लगता है एजेंसी इसे लेकर गंभीर नहीं है क्योंकि उसने आरोपी को कुछ दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं.

यूपी में अमिताभ ठाकुर को जवाब न देने के कारण छह सप्ताह में तीन जन सूचना अधिकारी दण्डित

डीजीपी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी धर्मेन्द्र सचान पर यूपी के मुख्य सूचना आयुक्त रणजीत सिंह पंकज ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर को सूचना नहीं दिये जाने के मामले में 25,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है. ठाकुर ने रूल्स एवं मैनुअल्स विभाग में नियमों के विपरीत अपनी नियुक्ति के सम्बन्ध में आरटीआई में कुछ सूचनायें मांगी थी.

70 साल के रमाशंकर चौरसिया को समाज, सरकार और लोकतंत्र ने पागलपन परोसा

सत्तर बरस के रमाशंकर चौरसिया फिलहाल पागलों की तरह यहां वहां भटक, टहल के जीवन के आखिरी दिन काट रहे हैं. उनका कोई बसेरा नहीं. उनकी संपत्ति, जायदाद पर इनकी बेटियां सपरिवार काबिज हो गई हैं और ये अपने ही घर से बेदखल किए जा चुके हैं. यह किसी एक रमाशंकर का मामला नहीं बल्कि गाजीपुर जिले में ही करीब 13 हजार से ज्यादा अति बुजुर्ग लोग अपनों के सताए हैं और अपनी ही धन-संपत्ति से भगाए हुए हैं.

यूपी पुलिस शर्म करो : हवालात में पानी के लिए तड़पते एक युवक की दास्तान (देखें वीडियो)

वरिष्ठ पत्रकार संजीव चौहान ने भड़ास को एक वीडियो उपलब्ध कराया है जो आगरा के एक थाने का है. हवालात में एक युवक बंधा पड़ा है और पानी के लिए तड़प रहा है. अगर मीडिया के लोग न पहुंचते तो यह तड़प तड़प कर मर जाता. इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर किसकी रुह नहीं कांप उठेगी. नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके इस वीडियो को देख सकते हैं.

कुमार विक्रांत सिंह ने एनडीटीवी से इस्तीफा दिया, विवेक अग्रवाल न्यूज एक्सप्रेस से बर्खास्त

हिंदी न्यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया के चीफ करेस्पांडेंट (पोलिटिकल) कुमार विक्रांत सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रबंधन के पास भेज दिया है. चर्चा है कि वे आजतक न्यूज चैनल के साथ नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं.

शंकर दुबे के आरोपों पर सिद्धार्थ कलहंस ने भी दी सफाई

अभी दो दिन पहले भड़ास में वाराणसी के किसी सज्जन (जो स्वंय को श्रमजीवी पत्रकार और आईएफडब्लूजे का 27 साल पुराना साथी होने का दावा भी करते हैं) का लेख पढ़ा। लेख पोस्ट करने वाले श्री शंकर दुबे, हालांकि काशी पत्रकार संघ के पदाधिकारी ऐसे किसी नामधारी के आईएफडब्लूजे के रायपुर अधिवेशन में जाने के दावे या उसके पत्रकार संघ के सदस्य होने की बात को सिरे से खारिज करते हैं, ने अधिवेशन में गैर पत्रकारों के यूपी से जाने की बात कही।

आज उत्तराखंड को ऐसे ही संवेदनशील पत्रकारों की जरूरत है

लक्ष्मी प्रसाद पन्त जी ने टेहरी के डूबने पर भी बेहतरीन रिपोर्टिंग की थी. अमर उजाला में स्वर्गीय राजेन टोंडरिया जी और जागरण से लक्ष्मी भाई की लेखनी से आँखे कई बार नम हुई थी. आज उत्तराखंड को ऐसे ही संवेदनशील पत्रकारों की जरूरत है. जो सच को पहले ही सूंघ कर सिस्टम को आगाह कर सकें. पन्त जी की केदारनाथ के बारे में लिखी गयी रिपोर्ट का मैं भी गवाह रहा हूँ. पन्त जी की जरूरत इस समय उत्तराखंड को है.

एकीकृत न्यूजरूम के जरिए नेटवर्क18 ग्रुप में छंटनी, बिजनेस न्यूजरूम के एडिटर इन चीफ बने सी. सेंथिल

नेटवर्क18 ग्रुप ने छंटनी के लिए नया तरीका निकाला है. इसने अब एकीकृत न्यूज रूम बनाने का फैसला किया है. अंग्रेजी बिजनेस चैनल, हिंदी बिजनेस चैनल, बिजनेस न्यूज वेबसाइट के लिए अब-अब अलग संपादकीय टीम नहीं होगी. इन सभी के लिए एक बिजनेस न्यूरूम बनाया गया है. इसी न्यूज रूम से अंग्रेजी-हिंदी बिजनेस चैनलों और डिजिटल मीडिया के लिए खबरें निकलेंगी.

मंदी की चपेट में आए पत्रकारों को भड़ास की नेक सलाह से मैं भी सहमत

: मीडिया में यह मंदी का वक्त, पत्रकार बंधुओं संभल जाओ : अपनी आय नकदी के रुप में न संभाली तो संकट का सामना मुश्किल : मंदी की चपेट में आए पत्रकारों को भड़ास की नेक सलाह से मैं भी सहमत : मीडिया पहले अपने बारे में अमूमन नहीं लिखता है। दुनिया को शोषण और अत्याचार की कहानी बताएगा अपने घर और पड़ोस के मीडिया पर चुप्पी साध लेता है। हमें शुक्रगुजार होना चाहिए कि वेबसाइटों, ब्लागों, सोशल मीडिया का जिनके जरिए पत्रकारों और मीडिया जगत में हो रहे हलचल की जानकारी लगातार मिलती रहती है। मीडिया सेक्टर की खबरें निकालना कोल्हू में तेल निकालने के समान है। इससे पत्रकार कितने सशक्त होंगे इसका आकलन कुछ समय बाद ही हो सकेगा।

दलाल लोग सरकार चलाएंगे, जनहित के लिए लड़ने वाले चुनाव नहीं लड़ पाएंगे

Vishnu Gupt : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उछलिये मत, खुशफहमी मत पालिये, यह लोकतंत्र की हत्या है, जनता के अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों के हाथों में हथकंडिया डालना का फैसला है, सोनिया गांधी-राहुल गांधी और मनमोहन सिंह जैसे लोगों की राह आसान होगी…… अब राजनीति पर कारपोरेट घरानों, कारपोरेट चमचों और नौकरशाही का कब्जा होगा, जनता के हितों को लड़़ने वाले लोग चुनाव लड़ने से वंचित होंगे।

सुखतवा मीडिया संवाद (3) : मीडिया हाउसेस रिपोर्टिंग पर खर्च कम करते जा रहे, इसीलिए चैनलों पर टॉक शो की बाढ़ आ गई है

इस सत्र के खत्म होते-होते हॉल में वो शख्स दाखिल हो गया, जो पत्रकारिता जगत में एक आदर्श नायक की तरह स्थापित है। 70 के दशक के अमिताभ (गरीब, मजलूम और किसानों के हक की लड़ाई का प्रतीक नायक) सरीखा कद हासिल कर चुके पी साईंनाथ मंच पर आसीन थे। 'कॉरपोरेट हस्तक्षेप और मीडिया' पर अपनी बात इस मुनादी के साथ शुरू की कि असहमति का कोई भी सुर, कोई भी सवाल बीच व्याख्यान में मुमकिन है।

सुखतवा मीडिया संवाद (2) : मंगल पर जीवन तलाशने वाला मानव पृथ्वी पर जीवन के ख़ात्मे में सहभागी बना बैठा है

भोजन उपरांत का सत्र- 'बाबा बागदेव' के पाठ के साथ हुआ। पचमढ़ी में भवानी प्रसाद मिश्र की कविता 'सतपुड़ा के घने जंगल' का जो वाचन प्रशांत ने किया था, यहां उसे कश्मीर उप्पल ने अपनी ही कविता के जरिए विस्तार दिया…

सुखतवा मीडिया संवाद (1) : आजादी के पहले प्यार और पॉलीटिक्स दोनों ही चाइनीज़ मोबाइल की तरह नहीं थे

सुखतवा, केसला के जंगलों को रात के अंधेरे में चीरती हुई हमारी गाड़ी रात करीब डेढ से दो बजे के बीच प्रदान के कैंपस में पहुंची। पेट में चूहे दौड़ रहे थे और उनींदी सी रोली शिवहरे पुरानी चिरपरिचित गर्मजोशी से सभी साथियों का स्वागत कर रहीं थीं। बावजूद इसके इतनी रात गए ये बेतकल्लुफी कौन करता… कौन ये कहता कि हमें भूख भी लग रही है, सो हम सभी अपने-अपने कमरों में जा विराजे। कुछ देर बाद अखलाक ने मेरा दरवाजा खटखटाया, वो बिस्किट का एक डिब्बा कहीं से जुगाड़ लाया था। तब तक मैं भी अपने बैग से बिस्किट के एक आध-पैकेट ढूंढ चुका था। खैर, दो चार बिस्किट चबाए, पानी गटका और सो गए।

‘नेशनल दुनिया’, दिल्ली में श्री चंद्र बने रेजीडेंट एडिटर

खुद श्री चंद्र ने ये जानकारी अपने फेसबुक वॉल के जरिए अपने जानने वालों को दी है. उन्होंने लिखा है- ''८ जुलाई को जब नेशनल दुनिया के प्रधान सम्पादक श्री शैलेंद्र भदौरिया ने मुझे दिल्ली संस्करण का स्थानीय संपादक बनाने की घोषणा की तो मित्रों और सहयोगिओं ने जमकर खुशियाँ मनाई। मुझे भी अच्छा लगा। कुछ अजीब भी लगा कि कैरिअर के इतने साल बाद इसका क्या मतलब है। फिर लगा, तरक्की जीवन के किसी भी मुकाम में मिले, उसे अपनी मिहनत का फल मानना चाहिय और मैंने माना भी। इसी भाव से मैंने इसे ग्रहण किया और खुश हो गया। तो मित्रों अब मैं नेशनल दुनिया का रेजिडेंट एडिटर हूँ और अपने आलोचकों का जीवंत जबाव भी। लेकिन अपने शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा करना भी मेरा फ़र्ज़ है सो, उन सभी का शुक्रिया जिन्होंने कभी भी मेरे लिए कुछ भी अच्छा सोचा या कामना की।''

केदारनाथ के बारे में पत्रकार लक्ष्मी प्रसाद पंत की वर्ष 2004 में लिखी ये खबर पढ़िए

पत्रकार अगर दिल से और ईमानदारी से रिपोर्टिंग करे तो वह भविष्य की आहट को सूंघ-समझ लेता है और उसे सामने लाकर सरकार, समाज और देश को आगाह कर देता है. पर अगर सिस्टम सड़ा,  सरकार सोई व समाज सुन्न हो तो कुछ नहीं हो सकता. बात वर्ष 2004 की है. उन दिनों पत्रकार लक्ष्मी प्रसाद पंत दैनिक जागरण अखबार के देहरादून एडिशन में काम किया करते थे.

पत्रकार की गल्ती से अखबार में छप गई आजम खां के मरने की खबर

दिल्ली से प्रकाशित एक हिंदी अखबार 'अवाम-ए-हिंद' के एक पत्रकार के 'स्लिप आफ पेन' से ब्लंडर हो गया. खबर में लिख दिया गया कि यूपी के नगर विकास मंत्री आजम खां का इंतकाल हो गया. जबकि इंतकाल हुआ उनकी मां का. अखबार के 10 जुलाई के अंक में पहले पेज पर एक 4 कॉलम की बॉटम खबर छपी.

लखनऊ में बुजुर्ग पत्रकार सैयद अख्तरूल मुल्क को मदद की दरकार

Kumar Sauvir : एक बुजुर्ग पत्रकार अपनी आखिरी सांसें ले रहा है, लेकिन सिविल अस्प‍ताल के डॉक्टरों को उनकी परवाह नहीं। यह बुजुर्ग पत्रकार लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय यानी सिविल अस्पताल में फर्श पर बेहोश पड़ा है। वजह है 20 हजार रुपया, जो यहां के डॉक्ट‍र मांग रहे हैं। जाहिर है कि यह घूस की रकम मांगी जा रही है। नतीजा यह है कि यह पत्रकार हर सांस पर अपनी मौत की रवानगी दर्ज करवा रहा है। यह हालत तब है जबकि प्रदेश सरकार ने पत्रकारों को नि:शुल्क चिकित्सा की व्यवस्था का ऐलान कर रखा है।

समाचार विस्फोट के दो वर्ष पूरे, अब सप्ताहिक होगा प्रकाशित

नागपुर से प्रकाशित हिंदी मासिक पत्रिका समाचार विस्फोट ने सफलतापूर्वक दो वर्ष पूरा कर लिए हैं। अगस्त, 2011 से शुरू हुई यह मासिक पत्रिका ने समाचारों के वैचारिक तेवरों के साथ तेजी से महाराष्टÑ, छत्तीसढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, बिहार एवं ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में प्रसार किया हैं।

एक्‍सप्रेस टावर : भव्‍य इतिहास लौटने का झूठा इंतजार

आज लंबे समय बाद या यूं कह लीजिए कई साल बाद अपने एक पत्रकार मित्र से मिलने मुंबई के नरीमन पाइंट इलाके में गया। मित्रवर का कहना था कि शाम को मेरे दफ्तर ही आ जाइए। यही चर्चा कर लेंगे। उनके अखबार में पहुंचते ही पानी-चाय से स्‍वागत हुआ। इसके बाद जरुरी चर्चा….चर्चा चल ही रही थी कि मित्र ने आग्रह किया कमल जी कुछ खाने का मन हो तो बताएगा। नरीमन पाइंट की कई चीजें फैम्‍स है, जिनमें से आपकी पसंद की चीज आपको खिलाई जाएगी। इस बात ने बरसों पहले की याद ताजा दिला दी।

के. विक्रम राव को सत्ता सुख लेना होता तो 1977 में जेल से ही चुनाव लड़ लोस पहुंच जाते और मंत्री बन जाते

यशवंत जी नमस्कार, अनिल सिंह की नयी यात्रा के सम्बन्ध में पढ़कर प्रसन्नता तो हुई लेकिन दुःख भी हुआ कि टीम के सबसे भरोसेमंद साथी की समर्पित सेवाएँ अब हम लोगो को नहीं मिल पाएंगी. भड़ास की लोकप्रियता के पीछे निश्चित तौर पर अनिल सिंह का योगदान अविस्मरणीय है. आपके साथ अनिल सिंह की कारागार यात्रा का वो दौर भी हमें याद है जब सत्य को छाती ठोंक कर सत्य कहने के चलते कुछ ऐसे व्यापारियों ने साजिशन आपको और अनिल को डासना का दंश झेलने पर मजबूर किया था जिनके बारे में कहा जाता है कि 1975 के आपातकाल के दौर में जब के. विक्रम राव सरीखे पत्रकार आपातकाल का विरोध कर जेल जा रहे थे तो इन व्यापारियों के पुरखे तानाशाह के आगे घुटने टेक कर बाकायदा माफ़ी मांग कर जेल से बाहर आ गए थे ताकि इनकी विलासिता में कोई कमी न आ सके. 

पाई-पाई बचाकर रखें मीडियाकर्मी क्योंकि मंदी है छाई, छंटनी शुरू हो गई भाई

मंदी ने फिर भारत को अपने आगोश में ले लिया है. मीडिया वाले कतई मंदी के बाबत नहीं बताएंगे क्योंकि जाने-माने पत्रकार पी साईनाथ के शब्दों में- ''बाजार के उतार-चढ़ाव से टाइम्स आफ इंडिया समेत कई मीडिया कंपनियां जुड़ी हैं और इनका सैकड़ों लिस्टेड कंपनियों के शेयरों पर कब्जा है, अगर ये मंदी के बारे में ज्यादा बताएंगी तो निवेशक पैसे नहीं लगाएगा, या लगा हुआ पैसा निकाल लेगा, सो इन्हें घाटा झेलना पड़ेगा, इसलिए बाजारू मजबूरियों के कारण ये मीडिया कंपनियां भारत में आशावादी माहौल जबरन बनाए रखती हैं जबकि जमीन पर मंदी का बुरा असर चहुंओर दिखने लगा है''.

ये मंदी साल के आखिर तक निजी सेक्टर में कार्यरत हर तीसरे व्यक्ति की नौकरी लेगी

Deepak Sharma : वोडाफोन को अपना नेटवर्क बेच कर एस्सार ग्रुप ने अपनी झोली में 75000 करोड़ रुपए भर लिए …. लेकिन आज एस्सार घाटे में है और वहाँ वर्कर्स की छंटनी हो रही है. भाई से अलग होकर अनिल अंबानी टॉप टेन की सूची में तो आ गए पर आज 35000 करोड़ के नुक्सान में है. टाटा मोटर्स से लेकर टाटा केमिकल की हालत खस्ता है. ये रिपोर्ट वित् मंत्रालय की है. रिपोर्ट जाहिर करती है कि रीयल एस्टेट में 30 फीसदी तक बाजार क्रैश कर गया है.

फाइनेंस कंपनियों का आतंक, एक और कर्जदार ने की आत्महत्या

बाड़मेर। मनमानी दरों पर ब्याज वसूलने वाली फाइनेंस कंपनियों के चक्कर में एक युवक की बीते महीने हत्या अथवा आत्महत्या की गुत्थी अब तक सुलझी ही नहीं थी कि इस बीच ऐसे ही एक मामले में दो दिन पहले बाड़मेर के एक युवक के गोवा में आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। युवक पिछले पांच-छः दिन से घर से गायब बताया जा रहा हैं। वहीं उसका भाई भी इतने ही दिन से गायब है जिसका अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

ब्रजमोहन सिंह पीटीसी और विजय मौर्या दैनिक भास्कर से जुड़ रहे

चंडीगढ़ के पत्रकार ब्रजमोहन सिंह पीटीसी (पंजाबी चैनल) से जुड़ने जा रहे हैं. वे इसके पहले दैनिक भास्कर, चंडीगढ़ के साथ जुड़े हुए थे. पीटीसी में वे डिप्टी एडिटर के पद पर जुड़ेंगे. बताया जाता है कि वे दिल्ली आफिस से जुड़कर कार्य करेंगे. ब्रजमोहन एनडीटीवी के साथ लंबे समय तक कार्य कर चुके हैं. वे ईटीवी, जी न्यूज, एएनआई के साथ भी काम कर चुके हैं.

यशवंत जैसा बनने की कोशिश मत करो!

Yashwant Singh : ''यशवंत जैसा बनने की कोशिश मत करो'' … मेरे एक पत्रकार मित्र को किन्हीं सज्जन ने उपरोक्त गंभीर चेतावनी दी है… मैं तबसे सोच रहा हूं कि उन्होंने मेरी बुराई की या अच्छाई बताई…

वैसे, ये दोनों चीजें अलग-अलग नहीं होतीं, पर समाज-देश में एक पैरामीटर बनाया गया होता है जिसके कारण अच्छाई तो खूब प्रदर्शित की जाती है लेकिन बुराई दबा कर रखी जाती है जब तक कि वह किसी तरीके से उदघाटित न हो जाए…

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नेता बुद्धि से सोचिए और खुश होना छोड़िए

Yashwant Singh : कुछ भाई लोग बड़े खुश हैं और बार बार लिख बोल रहे हैं… ऐतिहासिक फैसला.. सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला… इन बाल बुद्धियों को कहना चाहूंगा कि नेता बुद्धि से सोचें… जिस तरह नेताओं ने आरटीआई के दायरे में पोलिटिकल पार्टीज को लाने से बचाने की तैयारी कर ली है और अध्यादेश लाया जा रहा है, उसी तरह संसद के जरिए ये प्रस्ताव पास करा लेंगे कि … ''सजा और सांसद के बीच कोई रिश्ता न रखा जाए क्योंकि नेता तो जनता के लिए लड़ते हुए कई बार जेल जाता है और सजा तक पा जाता है.. तो ये गलत बात है….'' ऐसी ही बहसें आपको आगे नेताओं के श्रीमुख से सुनने जानने को मिलेंगी… इसलिए दिमाग को डेमोक्रेटिकली मेच्योर बनाइए और नेताक्रेसी-ब्यूरोक्रेसी के बीच नत्थी डेमोक्रेसी के असली नटखट नट-बोल्टुओं पेंचों का पता लगाइए..

‘रांझड़ा’ फिल्म में यही वह हिंदुत्ववादी ‘सेक्युलरिज़्म’ है, जिसे पहचानने की ज़रूरत है

Uday Prakash : कई दिनों से टीवी चैनलों में केदारनाथ, अमरनाथ, जगन्नाथ आदि छाये हुए हैं. सारा सीन नाथ-मय हो रहा है. अयोध्या फिर से लौट रहा है. बोध गया उभर आया है. बाबा राम देव फिर से नमूदार हैं. सारे जोगड़े झुंड बना रहे हैं. १२ साल का एक युग बनता है. एक युग से गुजरात का मुख्यमंत्री हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री बनने के लिए रथ खींच रहा है. उसी की आइडियोलाजी का एक ताकतवर सत्तर पार का बूढ़ा मंत्री नौकर के साथ सोडोमी के जुर्म में जेल पहुंच गया है. उसी की पार्टी के राज में एक कंपाउडर के पास से दो सौ करोड़ बरामद हो चुका है और उसी कंपाउडर को राष्ट्रपति सम्मान दे चुके हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार समिति का वह सम्मानित सदस्य है.

इस तस्वीर में जी न्यूज की माइक आईडी लिए शख्स कौन है?

नीचे लखनऊ की एक तस्वीर है जिसमें एक युवक के हाथ में जी न्यूज की माइक आईडी है. मेरा सवाल आपसे है कि ये शख्स  कौन है? क्या लखनऊ का कोई पत्रकार साथी मेरी मदद कर सकता है? यह सवाल पूछने के पीछे एक मकसद है. किसी ने इस फोटो और जी न्यूज की माइक आईडी संभाले शख्स को लेकर एक खबर भड़ास के पास भेजी है, लेकिन मैं अपने लेवल पर तहकीकात करना चाहता हूं कि ये बंदा है कौन… ?

सिर्फ चार अखबारों में ही टेंडर प्रकाशित कराया जाए- एडीएम का फरमान

: जनपद की नगर पंचायतों को लिखित दिया आदेश : पत्रकारों ने भेजा प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया को शिकायती पत्र : बाराबंकी। अपर जिलाधिकारी द्वारा नगर पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में टेण्डर प्रक्रिया के प्रकाशित विज्ञापनों के लिए सिर्फ चार अखबारों को छपवाने के निर्देश के बाद अधिकांश अखबारों के पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। एक तरफ जहां अपर जिलाधिकारी के इस तुगलकी फरमान से नाराज होकर पत्रकारों ने इसकी शिकायत प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया व प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है। वहीं दूसरी तरफ जनपद के पत्रकारों ने इनके खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया है।

बाराबंकी के वरिष्ठ पत्रकार गिरजा शंकर शुक्ल उर्फ गिरजा गुरू का निधन

बाराबंकी। हिन्दी पत्रकारिता में जिले को लगभग पांच दशक तक नये आयाम और नई सोच देने वाले गिरजा शंकर शुक्ल उर्फ गिरजा गुरू का गुरूवार को देहान्त हो गया है, वह 85 वर्ष के थे। उनका अन्तिम संस्कार शुक्रवार को दोपहर बाद किया जायेगा। श्री गिरजा शंकर शुक्ल का परिवार आजादी के पहले से ही हिन्दी पत्रकारिता से जुड़ा रहा है।

इस दैनिक सवेरा ने तो पंजाब केसरी की वॉट लगा कर रख दी

पंजाब से खबर आ रही है कि डेढ़ साल पहले जालंधर से शुरू हुए दैनिक सवेरा हिंदी दैनिक ने ''उत्तराखंड रिलीफ फंड'' के लिए दो करोड़ से ज्यादा की राशि सिर्फ 19-20 दिन के समय अंतराल में एकत्रित कर ली है। राज्य के जाने वाले इंडस्ट्रलिस्ट कंबल किंग शीतल विज के दैनिक सवेरा ने कम समय में इतनी राशि एकत्रित करके पंजाब के आवाम पर तो छाप छोड़ी ही है, साथ ही पंजाब केसरी के मुंह पर भी जबरदस्त तमाचा मारा है।

Wipro Technologies does not have enough profit and money to give hike to their all employees

A news about Wipro Technologies management fanda… Wipro Technologies does not have enough money to give hike to their own employees. Wipro Technologies is giving highly demotivative  atmosphere to their a large number of employee by giving them only  0% hike this year. This year Wipro Technologies has given corporate guide line the employees who belongs to band B1and got rating HVC in their annual appraisal rating. Those employees will get 0% hike. If the overall rating is HVC employee will get 0% hike.

Stop Repression of Maruti Workers!

Press Release- Bigul Mazdoor Dasta and other organizations today protested at Jantar Mantar to support the struggling Maruti workers facing state repression for past one year. More than 150 workers, students and citizens gathered to support the protest demonstration. A memorandum stating the demands of Maruti workers was given to Prime minister office (PMO) and central labour ministry.

भारत में मंदी का दौर शुरू, घबराए वित्तमंत्री दौड़ पड़े अमेरिका!

भारत की कारपोरेट सरकार के वित्तमंत्री एकबार फिर भारत बेचने के अभियान पर निकले हैं और विश्वव्यवस्था के मुख्यालय पहुंच गये हैं। उम्मीद है कि विकास कथा जारी रखने के लिए वे सीधे विश्वबैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से दिशा निर्देश प्राप्त करेंगे। लेकिन दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हाटलाइन होने और पिछले बीस साल से वाशिंगटन के दिशा निर्देश से ही सुधारअश्वमेध चलाने के अमेरिकी दिशानिर्देश प्राप्त करने की अटल रघुकुल नीति के बावजूद उन्हें यह कष्ट उठाने की क्या आवश्यकता पड़ी?

चिटफंड मामले में सेबी की नींद फिर खुली, रोजवैली के खिलाफ जमा लेने पर रोक

लंबे अंतराल के बाद बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की नींद खुली है। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की कब नींद खुलेगी या खुलेगी भी नहीं कहना मुश्किल है। बंगाल में चिटफंड कंपनियों की सीबीआई जांच के लिए हाई कोर्ट से मना हो गया। लेकिन सीबीआई असम में क्या गुल खिला रहीं है,अभी पता नहीं चला।इस बीच शारदा चिटफंड फर्जीवाड़े के भंडाफोड़ के बाद राजनीतिक तूपान भी थम गया है। हावड़ा लोकसभा उपचुनाव में जो दागी नेताओं को लेकर जो राजनीतिक संकट नजर आ रहा था, वह सिरे से गायब है। पंचायत चुनाव के लिए मतदान बी शुरु हो गया। शारदा कर्णधार सुदीप्त सेन और उनकी खासमखास देवयानी मुखर्जी को जेल हिरासत में सत्तर दिन बिताये हो गये। चिटफंड पर अंकुश के राज्य और केंद्र सरकारों के कदमों का क्या असर हुआ मालूम ही नहीं पड़ा। बंगाल में सैकड़ों छोटी बड़ी चिटफंड कंपनियों का धंधा बेरोकटोक जारी है जबकि जांच में किसी प्रगति की सूचना नहीं है।

अनिल सिंह ने भड़ास4मीडिया को अलविदा कहा, डीएनए अखबार संग नई पारी

भड़ास4मीडिया में कंटेंट एडिटर पद पर कार्यरत अनिल सिंह ने इस चर्चित न्यूज पोर्टल को अलविदा कह दिया है. उन्होंने नई पारी की शुरुआत लखनऊ समेत कई शहरों से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट (डीएनए) के साथ की है. अनिल भड़ास के साथ कई वर्षों तक जुड़े रहे. उन्होंने अपनी मेहनत से भड़ास को नई उंचाइयों तक पहुंचाया. पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के रहने वाले अनिल दैनिक जागरण अखबार और हमार टीवी समेत कई अखबारों-चैनलों में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं.

ताज टीवी के सीईओ बने राजेश सेठी, एडी वर्मा ने ज्वाइन करते ही 4रीयल न्यूज छोड़ा

जी ग्रुप के चैनल ताज टेलीविजन के साथ राजेश सेठी जुड़ गए हैं. उन्होंने सीईओ के रूप में ज्वाइन किया है. वे जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज (ZEE) के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका को रिपोर्ट करेंगे. सेठी टेन स्पोर्ट्स चैनलों और संपूर्ण स्पोर्ट्स बिजनेस के लिए जिम्मेदार होंगे. अभी तक सीईओ का काम अतुल पांडे देख रहे थे जिन्हें जी वालों की ही कंपनी एस्सेल ग्रुप में भेज दिया गया है किसी नई जिम्मेदारी के लिए.

चार शीशी केशर लेकर भी न्यूज न छापने वाले ब्यूरो चीफ से डायमंड कंपनी दुखी!

गुडगांव से खबर है कि डीएलएफ गोल्फ कंट्री क्लब से टी-शर्ट और कैप मांगने को लेकर गुडगांव में एक अखबार के ब्यूरो चीफ पहले से ही चर्चा का विषय बने हुए थे लेकिन अब एक नई चर्चा उनके साथ और जुड़ गई है. उनके मांगने का यह सिलसिला उत्तर प्रदेश की एक डायमंड कंपनी से भी जारी रहा पर भरपूर दान देकर भी भुगतना पड़ा कंपनी को. बीते मंगलवार को शहर के बड़े होटल में कंपनी ने प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित की.

सागर के वरिष्ठ पत्रकार सतीश गौतम का निधन

सागर जिले के प्रखर पत्रकार सतीश गौतम 47 का बीते दिनों दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया. उनकी अंतिम यात्रा वसंत विहार कालोनी स्थित निवास से निकली व गोपालगंज विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की.

कई चैनलों के लिए मंथली टीआरपी जारी करने पर टैम हुआ राजी

कई टीवी चैनलों में काम करने वालों के लिए ये सबसे अच्छी खबर है. उन्हें अब हर हफ्ते 'धक धक करने लगा' टाइप की स्थिति में नहीं जीना पड़ेगा क्योंकि टैम वाले टामियों ने कई चैनलों के लिए टीआरपी को हफ्ते की बजाय महीने में एक बार जारी करने का फैसला किया है. कई चैनलों और टैम के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए इनके बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है.

श्री न्यूज में बड़े पैमाने पर छंटनी, दर्जनों की नौकरी गई

लखनऊ : खबर है कि श्री न्यूज चैनल से दर्जनों कर्मियों की छंटनी कर दी गई है. शुरुआती झटके में 35 से ज्यादा पत्रकारों और कर्मचारियों को हटाया गया. फिर 70 अन्य पत्रकारों और कर्मचारियों को हलाल कर दिया गया.  सूत्रों के मुताबिक 10 कैमरामैन, 7 रिपोर्टर, 5 मार्केंटिंग और 14 डेस्क सहायकों के साथ ही बड़ी तादात में लोगों को पैदल कर दिया गया है.

प्रधानपति को गोली मारकर भाग रहे बदमाशों को ग्रामीणों ने पीटा, हुई मौत

एक सनसनीखेज वारदात के तहत गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र मे गुरूवार को महिला ग्राम प्रधान के पति पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर भाग रहे तीन बदमाशों को गुस्साये ग्रामीणों ने पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया। घटना क्षेत्र के फतेहउल्लाहपुर गांव की है। घटना के बारे मे बताया जा रहा है,कि इस गांव की प्रधान शिव कुमारी बिंद के पति राम किशुन बिंद आज सुबह क्षेत्र मे स्थित एक प्राइमरी स्कूल पर बच्चों के मिड डे मील की व्यवस्था करा कर बाइक से घर वापस लौट रहे थे।

विवेक गोयनका के बेटे अनंत गोयनका आए मैदान में, शेखर गुप्ता के काम को ‘फैंटास्टिक’ बताया

राजनीति में ही नहीं, मीडिया में भरपूर वंशवाद चलता है और धड़ल्ले से चलता है. मालिक का बेटा ही अगला मालिक होता है, जैसे नेता का बेटा ही इलाके का अगला नेता होता है. नेता पुत्रों ने राजनीति पर कब्जा जमाना शुरू किया है तो मीडिया मालिकों के बेटों ने मीडिया पर. ताजा मामला इंडियन एक्सप्रेस के मालिक विवेक गोयनका का है. उनके पुत्र यानि रामनाथ गोयनका के पोते अनंत गोयनका मैदान में आ चुके हैं. उनका बड़ा सा इंटरव्यू भी मिंट अखबार में छप चुका है ताकि उनका एक्सपोजर हों और लोग उन्हें ही असली व भावी मालिक मानने लगें.

सीएनबीसी टीवी18 के मैनेजिंग एडिटर पद से उदयन मुखर्जी हटे, शेरीन भान को जिम्मेदारी

नेटवर्क18 का असली मालिक रिलायंस के बन जाने के बाद इस मीडिया समूह पर रिलायंस का असर खूब दिख रहा है. टाप लेवल पर धड़ाधड़ चेंजेज हो रहे हैं. पिछले दिनों फोर्ब्स इंडिया के चार बड़े पत्रकारों से जबरन इस्तीफे लेते हुए उन्हें बेआबरू करके हटाया गया, अब निशाना बना है बिजनेस चैनल सीएनबीसी टीवी18.

मजीठिया वेज बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच छह अगस्त को करेगी अंतिम सुनवाई

द हिंदू में जे. वेंकटेश की एक बाइलाइन खबर प्रकाशित हुई है जिसमें बताया गया है कि मीडियाकर्मियों के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड के खिलाफ दायर अखबार मालिकों की याचिका पर आखिरी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच 6 अगस्त से करेगी. पूरी खबर इस प्रकार है…

सीपी ने टीओआई और मोहित ने भास्कर से नाता तोड़ा

खबर है कि टाइम्स आफ इंडिया, गुड़गांव के सीनियर एडिटर सीपी सुरेंद्रन ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने किन वजहों से इस्तीफा दिया और कहां ज्वाइन करने जा रहे हैं, यह पता नहीं चल पाया है. वे टीओआई के पुणे एडिशन के भी आरई रह चुके हैं.

दैनिक जागरण Žब्यूरो चीफ की बेटी फॉरेस्ट गार्ड की एसएलआर राइफल लेकर फोटो शूट कराती रही

ललितपुर। शुक्रवार को ललितपुर जिले में आयोजित वन विभाग का एक कार्यक्रम पूरी तरह से दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ रवीन्द्र दिवाकर का पारिवारिक कार्यक्रम बन कर रह गया। ब्यूरो चीफ की बेटी फॉरेस्ट गार्ड की एसएलआर राइफल को लेकर फोटो शूट कराती रही। इस दौरान जिलाधिकारी ओपी वर्मा, डीएफओ से लेकर सारे आला अधिकारी समेत तमाम पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।

गोमतीनगर दुराचार में पुलिसवालों पर धारा 21 में मुक़दमा दर्ज हो

थाना गोमतीनगर, जनपद लखनऊ में बच्ची के दुराचार और हत्या मामले में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने पीड़ित पक्ष से बातचीत के बाद देवराज नागर, डीजीपी, यूपी को पत्र लिख कर इस मुकदमे में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 6 बढाए जाने की मांग की है. अभी मुकदमे में यह महत्वपूर्ण आपराधिक धारा नहीं लगाई गयी है जो गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला से सम्बंधित है और जिसमें न्यूनतम दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा है.

तो क्या खालिद की मौत स्वाभाविक थी!

उत्तर प्रदेश पुलिस हिरासत में 20 मई 2013 को फैजाबाद से लखनऊ पेशी पर जा रहे सीरियल बम ब्लास्ट कांड के आरोपी आतंकवादी खालिद मुजाहिद की मौत स्वभाविक थी। न कि किसी साजिश का हिस्सा। इस बात का खुलासा उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (लखनऊ) में हुए बिसरे की जांच के बाद हुआ। यह रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद इस बात की संभावना जताई जा रही है कि खालिद की मौत के बाद हत्या और साध्य मिटाने के आरोप का मुकदमा झेल रहे पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह और तत्कालीन डीजी लॉ एंड आर्डर ब्रजलाल सहित उन पुलिस वालों की मुश्किले कम हो जायेंगी जिनकी कस्टडी में खालिद की मौत हुई थी।

सपाइयों के ‘टमाटर’ से डर गये बेनी बाबू

‘डर के आगे जीत है।’ पेय पदार्थ बनाने वाली एक कम्पनी का यह स्लोगन कांग्रेस नेता और केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा पर स्टीक बैठता है। पिछले काफी समय से सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को पानी पी-पीकर कोसने वाले बेनी बाबू के अचानक मुलायम के प्रति सुर बदलने को उक्त स्लोगन के साथ जोड़ कर देखा जा रहा है। बेनी प्रसाद वर्मा पिछले कुछ माह से अपने पूर्व साथी और राजनैतिक हमसफर रहे मुलायम के खिलाफ काफी तल्ख टिप्पणी कर रहे थे। असंसदीय भाषा का भी प्रयोग उनके(बेनी) द्वारा किया जा रहा था। पिछले दिनों उन्होंने यह कहकर सभी मर्यादाएं लांघ ली कि मुलायम तो प्रधानमंत्री निवास पर झाड़ू लगाने लायक भी नहीं है।इस बात को मुलायम ने ज्यादा तरजीह नहीं दी और यह कहकर चुप हो गये कि वह हमारे पुराने मित्र हैं और हमारा प्रचार कर रहे हैं।

कांग्रेसियों के नाम एक और घोटाला, अबकी Facebook Like Scam

सोशल मीडिया पर जारी सियासत ने राजस्‍थान में नया मोड़ ले लिया है। भाजपा ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अपनी शोहरत बढ़ाने की कोशिश में आधिकारिक फेसबुक पेज के लिए 'लाइक्स खरीदने' का आरोप लगाया है। इसे सोशल मीडिया घोटाला करार देते हुए भाजपा प्रवक्ता ज्योति किरण ने कहा कि गहलोत का फेसबुक पेज का जिम्मा एक अलग टेक टीम संभालती है और 1 जून तक इसे 1,69,077 लाइक्स मिले हुए थे। ज्यदातर लाइक्स 5 मई वाले हफ्ते में आए हैं।

Force Facebook to stop turning over our private conversations to NSA and U.S. govt

जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता तथा श्रम व विकास संबंधी मामलों के गहरे जानकार मित्र Partha Banerjee ने फेसबुक छोड़ने की घोषणा करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है… आप सबके विचारार्थ :

टीम मोदी को पता है कि यदि पीएम बनना है तो यूपी में भाजपा की सेहत ठीक करनी होगी

वे बड़ा लक्ष्य लेकर गुजरात से लखनऊ पहुंचे हैं। अगले ही कुछ महीनों में उन्हें यहां पार्टी के लिए रेतीली हो चली जमीन में शानदार चुनावी फसल लहलहानी है। इस मुश्किल काम की जिम्मेदारी उनके उस्ताद ने दिलाई है। सो, वे पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर सियासी अलख जगाने की जुगाड़बंदी देख रहे हैं। फिलहाल, उन्हें चुनावी संजीवनी के लिए रामलला की शरण ही मौंजू लग रही है। उन्हें लगता है कि पार्टी को राम-मंदिर मुद्दे से दूरी नहीं बनानी चाहिए। क्योंकि, देश के करोड़ों-करोड़ हिंदुओं की भावनाएं इससे जुड़ी हैं।

लोअर कोर्ट से भी दो साल की सजा हो गई तो समझो विधायकी, सांसदी गई

सुप्रीम कोर्ट ने एक जोरदार फैसला सुनाया है. उसने कहा है कि अगर किसी को दो साल की सजा हो गई तो समझो उसकी सांसदी, विधायकी चली गई. ऐसे सजायाफ्ता नेताओं की विधानसभा या लोकसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने जनप्रतिनिधि कानून की धारा- 8 [4] को निरस्त कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा सांसद या विधायक के दोषी पाये जाने पर उसकी सदस्यता रद कर दी जाएगी. इसके साथ ही दो साल से ज्यादा सजा होने वाले जनप्रतिनिधियों को अयोग्य करार दिया जाएगा.

आशीष महर्षि का जयपुर तबादला, कुमार विक्रांत के एनडीटीवी छोड़ने की चर्चा

भास्कर डाट काम, नोएडा में कार्यरत आशीष महर्षि के बारे में सूचना है कि उनका तबादला भास्कर डाट काम, जयपुर के आफिस के लिए कर दिया गया है. आशीष भास्कर में लंबे समय से हैं. उसके पहले वे कई जगहों पर विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं. आशीष महर्षि हिंदी ब्लागिंग के शुरुआती दौर से वेब माध्यमों में सक्रिय हैं और अपने खरे व लीक से हटकर लेखन के लिए जाने जाते हैं.

मेरी लायब्रेरी को किताबों के कोप भवन में तब्दील कर चुकी काकू

: मेरी प्रिय पुस्तकों पर काकू का प्रलय-स्नान : वह नन्ही सी है अभी डेढ़-दो साल की। फुदर-फुदर पूरे घर को सिर पर उठाये हुए-सी। कभी टीवी पर हाथ मारना, तार निकाल कर बाहर कर देना, कभी दवा, ट्रे में रखे पानी गिलास और टोकरी की सब्जियां जहां तहां बिखेर देना और इतना ही नहीं क्रिकेट का बैट सो रहे घर के किसी भी प्राणी के सिर पर सुबह-सवेरे दे मारना…..

इन कारणों से ब्लैकबेरी से मेरी निष्ठा डिग गई

Om Thanvi : BlackBerry तब से प्रयोग कर रहा हूँ, तकरीबन जब से इसका आविष्कार हुआ। यानी निष्ठावान प्रयोक्ता हूँ। मगर इस दफा निष्ठा डिग गई। आते ही नया मॉडल Q10 खरीदा। निश्चय ही उसकी मशीन (OS) त्वरित है। कई खूबियाँ हैं। सबसे बड़ा गुण यह (जो मुझे दरकार है) कि डायलिंग-पैड भी है और शानदार टच-पैड भी है, जैसा कि पिछले मॉडल 9900 में था। फिर भी मेरी निष्ठा डिग क्यों गई?

सैक्स से चरित्र को समझने में या उसे सामने लाने में शायद ही कोई मदद मिलती हो : चार्ली चैप्लिन

चार्ली चैप्लिन ने आजीवन हँसाने का काम किया। दुनिया भर के लिए। बिना किसी भेद भाव के। उन्होंने राजाओं को भी हँसाया और रंक को भी हँसाया। उन्होंने चालीस बरस तक अमेरिका में रहते हुए पूरे विश्व के लिए भरपूर हँसी बिखेरी। उन्होंने अपने बटलर को भी हँसाया, और सुदूर चीन के प्रधान मंत्री चाऊ एन लाइ भी इस बात के लिए विवश हुए कि विश्व शांति के, जीवन मरण के प्रश्न पर मसले पर हो रही विश्व नेताओं की बैठक से पहले से वे खास तौर पर मंगवा कर चार्ली चैप्लिन की फिल्म देखें और चार्ली के इंतज़ार में अपने घर की सीढ़ियों पर खड़े रहें। चार्ली ने अधिकांश मूक फिल्में बनायीं और जीवन भर बेज़ुबान ट्रैम्प के चरित्र को साकार करते रहे, लेकिन इस ट्रैम्प ने अपनी मूक वाणी से दुनिया भर के करोड़ों लोगों से बरसों बरस संवाद बनाये रखा और न केवल अपने मन की बात उन तक पहुंचायी, बल्कि लोगों की जीवन शैली भी बदली। चार्ली ने ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में बनायीं लेकिन उन्होंने सबकी ज़िंदगी में इतने रंग भरे कि यकीन नहीं होता कि एक अकेला व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है। लेकिन चार्ली ने ये काम किया और बखूबी किया।

हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट बाइस और अंतिम)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर 22 पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट इक्कीस)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर 21 पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट बीस)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट उन्नीस)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर 19 पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट अट्ठारह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट सत्रह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट सोलह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट पंद्रह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट चौदह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट तेरह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट बारह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट ग्यारह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट दस)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट नौ)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट आठ)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट सात)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट छह)

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट पांच)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर पांच पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट चार)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर चार पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

-यशवंत

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट तीन)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर तीन पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

-यशवंत

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट दो)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर दो पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

-यशवंत

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हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी, दस्तावेजों की जुबानी (पार्ट एक)

देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक एचटी मीडिया के हिंदी दैनिक हिंदुस्तान अखबार के घोटाले की कहानी को बयां करता ये दस्तावेज भारत में कोई भी न्यूज चैनल न दिखा सकता है और न ही कोई अखबार इसे छाप सकता है… मीडिया घरानों की आपस में कुत्सित एकता की वजह से अखबारों के बड़े फ्राड की कहानियां जन जन तक नहीं पहुंच पाती, इसलिए ये मीडिया दलाल खुद को महान समझते बताते कहते फिरते हैं.. पर इनके नकाब तो कभी न कभी नुचेंगे ही… भले शुरुआत छोटी-सी ही हो. बिड़ला जी के अखबार ने किस तरह करोड़ों का विज्ञापन घोटाला किया है, उसे जानने के लिए दस्तावेजों की सीरीज प्रकाशित की जा रही है. नीचे दिए गए दस्तावेज नंबर एक पर क्लिक कर दें ताकि आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न हो.

-यशवंत

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भाग रहे कैदी को रिपोर्टर की बहादुरी से पकड़ा जा सका

रतलाम : शुक्रवार शाम पांच बजे रतलाम कोर्ट में जेल से पेशी पर लाये गए कैदियों को जब वापस जेल ले जाने के लिए पुलिस वाहन में बैठाया जा रहा था तभी एक कैदी पुलिस जवान को धक्का देकर भाग गया। उसको पकड़ने के लिए चार सिपाही भागे. एक सिपाही कुत्ते से डर कर रुक गया. दूसरा कीचड़ में गिर गया. उधर भाग रहा कैदी छह फीट ऊँची दीवार लांघ गया.

सुरेश नीरव की किताब का लोकार्पण किया कर्ण सिंह ने, कई लोग हुए सम्मानित

नई दिल्ली : भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् (भारत सरकार) एवं अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के तत्वावधान में आजाद भवन, नईदिल्ली में सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार पंडित सुरेश नीरव की अभी हाल में प्रकाशित हुई पुस्तक ''उत्तरप्रश्नोपनिषद्'' का लोकार्पण पद्मविभूषण डॉक्टर कर्ण सिंह (सांसद एवं अध्य़क्षः भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद्, भारत सरकार) तथा पद्मभूषण डॉक्टर विंदेश्वरी पाठक (संस्थापकः सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन) ने किया।

सुल्तानपुर के चर्चित जेलकांड में छह बंदी दोषमुक्त, 18 को रिहा करने के आदेश

सुलतानपुर : 25 जून 2007 को जिला कारागार में बैरिक नम्बर 12 में नल के नीचे मोबाइल मिलने के बाद बंदियों पर कार्रवाई की गई जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई। प्रशासन के मनमाने रवैये से बंदी एकजुट हो गए थे और तत्कालीन जेल अधीक्षक आरके मिश्र को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी थी। इसके बाद ईंट पत्थर व गुम्मे चलने लगे। सूचना पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अजय मिश्र, थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी, देवेन्द्र दूबे, रूमसिंह यादव समेत कई थानों की पुलिस जेल पहुंच गई।

अमर उजाला ने टीएमयू यानि Teerthanker Mahaveer University के विज्ञापन का कर्जा चुकाया

मुरादाबाद मे टीएमयू (TMU) यानि Teerthanker Mahaveer University नामक एक यूनिवर्सिटी है जिसको यहां का पुराना लाटरी व्यापारी चला रहा है. इसमें मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत तमाम कोर्स चल रहे हैं. बताया जाता है कि वो अखबारों को 10 करोड़ रुपया सालाना का विज्ञापन देता है. पिछले दिनों तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के पहले साल में पढ़ाई कर रही एक लड़की की डेड बाडी मिली. यह लड़की फरीदाबाद के आरएसएस कर्मचारी की बेटी थी. लड़की की मौत कैसे हुई, इसको लेकर दो बातें सामने आई.

राघवजी के नाम रवीश कुमार का पत्र

आदरणीय राघवजी

पूर्व वित्त मंत्री

मप्र

इस घड़ी में जब आप उपहास के पात्र हैं, मैं अकेला साहसिक व्यक्ति हूँ जो आदरणीय संबोधन के साथ आपका आह्वान कर रहा है। राघव जी आपने अपने मददगार (नौकर शब्द अप्रिय है मुझे) सहचर राजकुमार के साथ जो 'राजकुमारीपन' (प्रेम या ज़बरन प्रेम के क्षणों में आप शायद राजकुमारी पुकारते थे) किया है वो स्वाभाविक है।

यही जुगाड़ू पत्रकार आईएफडब्लूजे अध्यक्ष के बगलगीर थे

आईएफडब्लूजे के अधिवेशन (रायपुर) मे शिरकत करने के बाद एक बात मेरी समझ में आ गयी कि जिस तरह पत्रकारिता में गिरावट हो रही है उसी तरह आईएफडब्लूजे के क्रियाकलापों में भी गिरावट आयी है. मैं 1986 से इस संगठन के क्रिया कलापों से जुड़ा हूँ लेकिन पहले जिस तरह पत्रकारों के हित के लिये इस मंच का उपयोग किया जाता था वैसा अब नही हो रहा  है. यह संस्था श्रमजीवी पत्रकारों की है.

छात्रावास के मुद्दे पर आईआईएमसी के पूर्व छात्रों की बैठक संपन्न

भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली मुख्य परिसर में विदेशी छात्र-छात्राओं और ढेंकनाल, अमरावती, आइजॉल, कोयट्टम और श्रीनगर कैंपस की सभी छात्र-छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिले, इस बाबत संस्थान के पूर्व छात्रों की एक महत्वपूर्ण बैठक 9 जुलाई, मंगलवार को इंडियन कॉफी हाउस, नई दिल्ली में संपन्न हुई. इस बैठक में वरिष्ठ पत्रकार सत्येंद्र रंजन और अभिषेक श्रीवास्तव केअलावा विनय जायसवाल, विजय प्रताप, अवनीश राय, अरुण उरांव, योगेश कुमार शीतल, मुनिशंकर, देवेश खंडेलवाल, आनंद कुमार दत्त, संजीव कुमार साहू, राहुल आनंद, शेखर सुमन सिन्हा, धर्मेंद और अभिषेक रंजन सिंह ने शिरकत की.

राजस्थान पत्रिका: दिलीप, हिमांशु अजमेर आए, मुंडियार ब्यावर, शरद कुचामन सिटी गए

राजस्थान पत्रिका के ब्यावर ब्यूरो दिलीप शर्मा का तबादला अजमेर में रिपोर्टर के पद पर किया गया है जबकि उनके स्थान पर अजमेर के रिपोर्टर केआर मुंडियार को भेजा गया है। इसी तरह पत्रिका कुचामन सिटी से हिमांशु धवल को अजमेर रिपोर्टर लगाया गया है जबकि ब्यावर से रिपोर्टर शरद शुक्ला को कुचामन सिटी भेजा गया है।

जयपुर से 15 अगस्त से छपेगा ‘नेशनल दुनिया’, मनोज माथुर बने संपादक, कई अन्य जुड़े

जयपुर से 15 अगस्त से ‘नेशनल दुनिया’ प्रकाशित होने की उम्मीद है। राजस्थान पत्रिका, जयपुर के वरिष्ठ पत्रकार मनोज माथुर इसके संपादक बनाए गए हैं। प्रबंधन के साथ मिलकर माथुर इन दिनों अपनी टीम तैयार करने में जुटे हैं। राजापार्क स्थित होटल रामाडा में पहले दौर में कई पत्रकारों के साक्षात्कार लिए जा चुके हैं। अब तक कई लोग माथुर के पास अपने बायोडाटा भेज चुके हैं। कुछ सीधे भी संपर्क कर रहे हैं। इनमें दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका में कार्यरत पत्रकारों की भी ठीकठाक संख्या है।

आतंकवाद पर सियासी बेशर्मीः भाजपा और कांग्रेस में होने लगा तेज ‘घमासान’!

बोधगया में हुए आतंकी विस्फोटों के पीछे किन लोगों की भूमिका रही है? इसको लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पड़ताल जारी है। अभी तक इस एजेंसी ने खुले तौर पर किसी संगठन की तरफ अपनी शक की सुई नहीं घुमाई है। हालांकि, हादसे से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज उसे मिल गई है। खबर यही है कि इस फुटेज से उसे कई महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि इन सुरागों के जरिए जल्दी ही जांच एजेंसियां अपराधियों को शिकंजे में ले लेंगी।

इस राघवजी ने अपने जवानी के दिनों में जाने कितने बच्चों का यौन शोषण किया होगा

मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ८० वर्षीय राघव जी भाई कह रहे थे … दो-तीन दिन से वह लड़का पता नहीं कहां है … जो मेरे हाथ पांव दबाता था. वो क्या क्या दबाता था यह उन सीडी को देख के पता चल जाता है. ८० की उम्र में अपने नाती-पोते के उम्र के बच्चे से यौन सम्बन्ध बनाते देख कर इस आदमी ने सारी मान मर्यादाओं को तिलांजलि दे दी है. यह राघव जी नाम का आदमी जिसके पैर कब्र में लटके हुए हैं अपनी उम्र के आठवें दशक में जब इतना यौन सक्रिय है, तब इस बात की कल्पना आसानी से की जा सकती है इसने अपनी जवानी के दिनों में कितने बच्चों को यौन शोषण किया होगा और उन्हें जिन्दगी भर का मानसिक क्लेश बदले में दिया होगा.

अनिमेश और विजय की नई पारी, अमित को नई जिम्मेदारी, ‘हाल ए हलचल’ से कई जुड़े

अनिमेश रंजन ने समाचार प्लस चैनल के साथ नई पारी की शुरुआत की है. वे इसके पहले A2Z, इंडिया न्यूज़ और खबर भारती में कार्य कर चुके हैं. समाचार प्लस में वे प्रोड्यूसर के पद पर पहुंचे हैं.

मुकुंद बने ईटीवी न्यूज के नेशनल सेल्स हेड

मुकुंद सेतलुर ने एस्ट्रो अवानी नेटवर्क से इस्तीफा देकर फिर से नेटवर्क18 ज्वाइन कर लिया है. वे ईटीवी न्यूज़ के नेशनल सेल्स हेड के तौर पर नेटवर्क18 मीडिया में काम करेंगे. वे सीईओ, संजय दुआ को रिपोर्ट करेंगे. मुकुंद एस्ट्रो अवानी में सेल्स हेड थे.

‘एपिक टीवी’ में महिंद्रा और अंबानी दोनों ही कंपनियों के पास 25.8 फीसदी शेयर होंगे

मुकेश अंबानी मीडिया वेंचर के लिए वेंचर कैपिटलिस्ट बन गए हैं. ‘एपिक टीवी’ में अंबानी ने पैसा लगा दिया है. इसमें महिंद्रा और अंबानी दोनों ही कंपनियों के पास 25.8 फीसदी शेयर होंगे. एपिक टीवी संचालित करने वाली कंपनी पर वित्तीय नियंत्रण भी महिंद्रा और अंबानी के पास ही होगा. रिलायंस के एक प्रवक्ता ने इस खबर की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने सौदे की रकम की जानकारी देने से इनकार कर दिया.

मारुति के मानेसर प्लांट से 200 कर्मचारियों की छुट्टी!

मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में तीसरी पारी को बंद कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ऑटो कंपनियां इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही हैं। कंपनियों की बिक्री घटने के कारण नुकसान हो रहा है। तीसरी पारी बंद करने से उसमें काम करने वाले करीब दो सौ संविदा कर्मियों की अनिश्चित काल के लिए छुट्टी हो रही है।

बंगले में छिपकर बैठे राघवजी को ताला तोड़कर किया गिरफ्तार (देखें फोटो)

पूर्व मंत्री राघवजी को हबीबगंज पुलिस ने २ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया. भोपाल के कोहेफिजा इलाके में राघवजी एक रिश्तेदार के खाली फ्लैट में परिवार के साथ छुपे हुए थे. फ्लैट में बाहर से ताला लगवाकर राघवजी अंदर छिपे हुए थे. पुलिस ने ताला तोड़कर उन्हें गिरफ्तार किया. फ्लैट में उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ थी. इससे पहले पुलिस ने सुबह ५ बजे राघवजी के चार इमली के बंगले पर भी छापा मारा था. बाद में एक आश्रम पर छापा मारने के बाद पुलिस इस फ्लैट पर पहुंची थी.

‘मनी मंत्रा’ के संपादक पद से अवनीश मिश्र ने दिया इस्तीफा

अवनीश मिश्र ने पर्ल ग्रुप की बिजनेस हिंदी और अंग्रेजी मैग्जीन 'मनी मंत्रा' के संपादक पद से इस्तीफा दे दिया है. जानकारी के मुताबिक अवनीश कुछ नया करने की योजना बनाए हैं जिसके तहत उन्होंने करीब 'मनी मंत्रा' के साथ की अपनी पारी को पंच वर्षीय बनाकर खत्म कर दिया. सूत्रों के मुताबिक अवनीश नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं और जल्द ही कामकाज वरिष्ठ पत्रकार व शुक्रवार मैग्जीन के संपादक विष्णु नागर को सौंपकर अपने नए प्रोजेक्ट पर सक्रिय हो जाएंगे. उन्होंने इसी महीने में वर्ष 2008 में मैग्जीन का कामकाज संभाला था और उन्हीं के नेतृत्व में हिंदी व अंग्रेजी, दोनों बिजनेस मैग्जीन की लांचिंग हुई. अवनीश मिश्र दैनिक भास्कर, दिल्ली के स्थानीय संपादक भी रह चुके हैं. वे भास्कर में करीब तीन वर्ष तक रहे.

गाजियाबाद में दैनिक जागरण के रिपोर्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

गाजियाबाद के थाना लोनी में दैनिक जागरण के रिपोर्टर सुरेंदर भाटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. यह एफआईआर समाज सेविका सितारा परवीन की लिखित शिकायत के बाद दर्ज हुई है. भड़ास के पास किसी ने एफआईआर की कापी प्रेषित की है, जो इस प्रकार है…

सीएम से हुई शिकायत के बाद चित्रकूट के डीएम का गुस्सा फूटा मीडिया पर

चित्रकूट : बीते 19 जून को शहर में आये प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव का चित्रकूट जिले में लैपटॉप वितरण करना यहाँ के पत्रकारों को ही पड़ा भारी। लैपटॉप वितरण के बाद जिस वक़्त सीएम अखिलेश यादव पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, उस दौरान कुछ पत्रकारों ने जिले के कामचोर अधिकारियों की शिकायत की। उधर, 19 जून को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों उन स्थानों का फिर लोकार्पण कर दिया जिनका लोकार्पण पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कार्यकाल में सन 2011 में कर दिया था।

घर जले चालीस सुनकर यह खबर मैं खुश हुआ, थी अखबार में मेरे खाली जगह वो भर गई

: दैनिक भास्कर के संपादक डॉ0 रमेश अग्रवाल के गजल संग्रह ‘भीड़ में तनहाइयां’ का विमोचन : दैनिक भास्कर, अजमेर के कार्यकारी संपादक एवं गजलकार डॉ0 रमेश अग्रवाल के गजल संग्रह ‘भीड़ में तनहाइयां’ का विमोचन रविवार को जवाहर रंगमंच पर मासिक पत्रिका ‘अहा जिंदगी’ के संपादक आलोक श्रीवास्तव और राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष वेद व्यास ने किया। डॉ0 अग्रवाल की यह तीसरी पुस्तक है। इससे पहले पत्रकारिता पर दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

शारदा फर्जीवाड़े के शिकार लोगों के मुआवजे के लिए फंड का क्या हुआ?

एक घोटाले को रफा दफा करने के लिए एक और घोटाले की जरुरत होती है। रेल गेट, कोलगेट, शारदा, आईपीएल, टुजी स्पेकट्रम, राष्ट्रमंडल खेल गोटालों का हश्र यही साबित करता है। शारदा चिटफंड फर्जीवाड़े के भंडाफोड़ के बाद बंगाल में जारी सैकड़ों फर्जी कंपनियों के गोरखधंधे का सिलसिला केंद्रीय एजंसियों की सुरुआती प्रतिक्रिया खत्म हो जाने के बाद जस का तस जारी है। विशेष जांच टीम ने अभी काम ही शुरु नही किया है।

मीडिया में किसानों की समस्या की जगह किसानी का पाखंड ज्यादा जगह पा रहा

पटना के स्काडा सेंटर में सोमवार 8 जुलाई को मीडिया प्रतिनिधियों को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसे आप सेमिनार भी कह सकते हैं। विषय परंपरा से हटकर था। विषय था: बिहार में टिकाऊ खेती और मीडिया का नजरिया। इसका आयोजक ग्रीनपीस था। ग्रीनपीस जैव विविधता और पर्यावरण से जुड़े खतरों को लेकर जन जागरूकता की दिशा में काम कर रहा है।

भारतीय सीमा में घुसकर चीनी सैनिकों ने भारतीय कैमरे और अस्थायी ढांचे तोड़ डाले

एक बार फिर चीन का दुस्साहस सामने आया है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 17 जून को चीनी सेना ने लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के नजदीक चुमुर इलाके में घुसकर नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया था और वहां लगे भारतीय सेना के हाई रेजोल्यूशन कैमरों और भारतीय सेना के बनाए गए कुछ अस्थायी ढांचों को भी गिरा दिया था।

Mumbai builder Ajmera Group harrasing residence of Malad

Dear Sir/Madam, I Mr.Dhaivat D Mehta residence of Malad (Mumai, Maharashtra). I hereby bring in to your notice that it will be one of the big news for you that Mumbai famous builder M/s.Vishal Constrction (Ajmera Group) of Mumbai is harrasing the residence of Malad approx 200 family re living in that area and he want to forcefully take this land in to his custody. Because this is one of the biggest plot on s.v.road.

राजस्थान पत्रिका से निकले पत्रकारों ने ”नेशनल राजस्थान” नाम से अखबार शुरू किया

बीकानेर में राजस्‍थान पत्रिका में कार्यरत कर चुके मीडियाकर्मियों की एक पूरी टीम ने पत्रकारिता क्षेत्र में नया प्रयोग करना शुरू कर दिया है। इन लोगों ने अब बीकानेर से ''नेशनल राजस्‍थान'' नाम से नया अखबार शुरू कर दिया है। इस अखबार में अंतरराष्‍टीय स्‍तर पर पत्रिका के लिए पुरस्‍कार जीतने वाले फोटोग्राफर अजीज भुट़टा है। संपादक के तौर पर अनुराग हर्ष काम कर रहे हैं, जिन्‍हें पत्रकारिता का पंद्रह वर्ष का अनुभव है।

सहारा समूह की दो कंपनियों के शीर्ष अधिकारी कोर्ट में तलब

मुंबई के मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट ने चर्चित सेबी-सहारा मामले में सहारा की दो कंपनियों तथा उनके आला अफसरों के खिलाफ दीवानी तथा आपराधिक शिकायतों का संज्ञान लेते उन्हें विभिन्न नियम कानूनों के उल्लंघन के आरोप में तलब किया है।

राजेश ने दैनिक जागरण और नीरज ने अमर उजाला छोड़ा

दैनिक जागरण मुजफ्फरपुर से राजेश कुमार श्रीवास्‍तव ने इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने इस्‍तीफा का कारण बार-बार ट्रांसफर और उस वजह से आर्थिक तंगी को बताया है. देवरिया के रहने वाले राजेश कुमार श्रीवास्‍तव ने पत्रकारिता की शुरुआत गोरखपुर में स्‍वतंत्र भारत से की. इसके बाद अक्‍टूबर 2007 में दैनिक जागरण, मुजफ्फरपुर से जुड़े.

मीडिया से उत्तराखंड नदारद, क्षेत्रीय दैनिकों में भी आपदाओं की खबरें सिर्फ जिलों तक सीमित

Rajiv Lochan Sah : दो सप्ताह से अधिक समय तक मीडिया में छाया रहने वाला उत्तराखंड अब वहाँ से नदारद हो गया है। क्षेत्रीय दैनिकों में भी आपदाओं की खबरें सिर्फ जिलों तक ही सीमित रह गयी हैं, यानी धारचूला निवासियों के दुःख-दर्द सिर्फ पिथौरागढ़ संस्करण पढ़ने वाले ही जान पायेंगे और अगस्त्यमुनि वालों की दिक्कतें चमोली-रुद्रप्रयाग संस्करण पढ़ने वाले। इतना तो स्वाभाविक था। मगर ज्यादा चिन्ता की बात यह है कि सोशल मीडिया में भी यह मुद्दा हाशिये पर चला गया है। जबकि जन जागरूकता की वास्तविक जरूरत अब है।

द ट्रिब्यून के साथ 34 साल की लंबी पारी के बाद पत्रकार एसपी शर्मा रिटायर

द ट्रिब्यूर के मालवा एडिशन के ब्यूरो चीफ एसपी शर्मा के बारे में सूचना मिली है कि वे संस्थान के साथ 34 साल की लंबी पारी के बाद 30 जून को रिटायर हो गए. रिटायरमेंट के मौके पर स्टाफ और सिविल सोसाइटी की तरफ से फेयरवेल पार्टी बठिंडा में दी गई.

हरिद्वार प्रेस क्लब के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में नरेश को हराकर अध्यक्ष बने संजय आर्य

हरिद्वार । हरिद्वार प्रेस क्लब के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के संजय आर्य ने 57 मत लेकर नरेश गुप्ता को 10 वोटों के अन्तर से हराकर अध्यक्ष पद पर चुनाव जीत लिया हैं जबकि एन0 यू0 जे0 के रामचन्द्र कन्नौजिया ने 58 बालकृष्ण शास्त्री को हराया कर महामंत्री पद पर विजय हासिल की। चुनाव में 10 कार्यकारिणी सदस्य भी चुने गये।

‘पाखी’ में ‘दारोगा कुलपति’ का यह कैसा पीआर है प्रेम बाबू!

पूरे तीन साल बाद 'पाखी' के जुलाई अंक के कवर पेज पर दारोगा कुलपति, कोतवाल साहित्यकार श्री विभूति नारायण राय और कथाकार मैत्रयी पुष्पा का सहज फोटोग्राफ लगाकर अन्दर के तेरह पन्नों में ‘टाक ऑन टेबल’ की प्रस्तुति की गई है. यह ‘टाक ऑन टेबल’ इसलिए भी ऐतिहासिक है कि इसमें सुनियोजित तरीके से हिंदी साहित्य की एक ऐसी लम्पटता को सम्मानित करने का प्रयास है, जिसने हिंदी साहित्य और स्फीअर में तीन साल पहले ख़ास हलचल पैदा की थी.

गाजीपुर में मंत्री के आवास पर प्रदर्शन कर रही जनता पर पुलिस ने भांजी लाठियां

गाजीपुर मे बिजली समस्या को लेकर वैकल्पिक उर्जा राज्य मंत्री विजय मिश्र के आवास पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर मंगलवार को पुलिस ने लाठी चार्ज किया। शहर के मुहल्लों के लोग लंबे अर्से से बिजली की बेतहाशा कटौती और विद्युत समस्या झेल रहें है। ऐसे मे लगातार बिजली की समस्या से परेशान आक्रोशित लोगो ने आज मंत्री विजय मिश्रा के आवास पर प्रदर्शन करते हुये रोड जाम कर दी।

सेक्स स्कैंडल में फंसे राघवजी फरार

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री राघवजी यौन शोषण मामले में गिरफ्तारी के डर से फरार बताए जा रहे हैं। नौकर के साथ कथित अप्राकृतिक सेक्स के मामले में एफआईआर दर्ज होते ही वे रविवार से ही फरार हो गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार राघवजी अपने सुरक्षाकर्मी को घर पर ही छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे ने बताया कि चार-पांच ठिकानों पर पुलिस पार्टियां उनकी तलाश में भेजी गईं हैं, लेकिन उनका कुछ भी पता नहीं चला।

टैक्स चोर है Amity Universirty, इसका लखनऊ कैंपस भी अवैध

खुद को नंबर वन प्राइवेट विश्विद्यालय बताने वाले एमिटी यूनिवर्सिटी के बारे में सूचना आ रही है कि इसने करीब 30 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की है. इस बाबत एमिटी को 30 करोड़ रुपये का कर नोटिस भेजा गया है. 30 करोड़ रुपये का यह सेवा कर नोटिस केंद्रीय उत्पाद शुल्क खुफिया महानिदेशालय ने एमिटी यूनिवर्सिटी के लखनऊ परिसर को भेजा है. नोटिस करीब 25 पेज का है. इसमें काफी कुछ एमिटी के बारे में बताया कहा गया है.

समाचार प्रकाशन से नाराज विधायक ने पत्रकार से किया दुर्व्यवहार

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) : समाचार प्रकाशन के बाद पत्रकार से दुर्व्यवहार करने वाले दंतेवाड़ा विधायक भीमा मण्डावी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी मामले की शिकायत की जा रही है। दंतेवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार और श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष यशवंत यादव के साथ विधायक श्री मण्डावी ने रविवार 23 जून की रात 10 बजकर 13 मिनट पर अपने मोबाईल नंबर 9425267900 से कॉल कर गाली-गलौज किया, जान से मारने की धमकी दी और दंतेवाड़ा में नहीं रहने देने की चेतावनी दी।

भास्कर में छंटनी और खर्चे बचाने का अभियान, बिजनेस भास्कर का दिल्ली आफिस जयपुर शिफ्ट होगा

लगता है जैसे भास्कर में छंटनी और खर्चे बचाने का दौर शुरू हो गया है. ताजी सूचना के मुताबिक समूह के हिंदी बिजनेस डेली पेपर ''बिजनेस भास्कर'' का दिल्ली आफिस बंद कर इसे जयपुर शिफ्ट किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में कुछ रिपोर्टर रह जाएंगे. बाकी सारा काम जयपुर से होगा. अखबार प्रिंट होने के लिए दिल्ली आएगा. इस बाबत आदेश जारी होने की खबर है. 

‘इसी फेसबुक पर रहकर मैं बहुतों को पलीता लगाता रहूंगा’

Shambhunath Shukla : फेसबुक की आभासी दुनिया में भी लोग सीरियस रहते हैं। यहां आकर तो आप मठ उजाडि़ए फिर देखिए मठाधीशों के दयनीय मुद्रा में बनते बिगड़ते चेहरे। राजनीतिकों के भी, पत्रकारों के भी और उन तथाकथित ज्ञानियों के भी जो मठ में बैठकर अपने फरमान जारी करते रहते हैं। मैं तो अपना वक्त यहां इसलिए लगाता हूं कि इस बहाने एक तो कुछ जो आप नहीं कह पाए या लिख पाए उसे कहने अथवा लिखने का मौका मिलता है।

‘एक भी दिन लेट हो गए तो इंडियन एक्सप्रेस का दफ्तर पैसे काट लेता था’

Shambhunath Shukla : मैं जब दिल्ली आया यानी 2 अगस्त सन् 1983 को तब जनसत्ता में पालेकर वन का ग्रेड मिलता था। मुझे तीन इंक्रीमेंट दिए गए थे तब भी कुल मिलाकर करीब डेढ़ हजार रुपये महीने में मिलते थे वह भी कट कुटाकर मात्र 1200 रुपये। हर हफ्ते कानपुर जाता था। तब गोमती का किराया 37 रुपये था। और एक भी दिन लेट हो गए तो इंडियन एक्सप्रेस का दफ्तर पैसे काट लेता था। मुझे कभी भी महीने में 1000 रुपये से ज्यादा न मिल पाता। मकान का किराया भी 500 रुपये महीने देना पड़ता था। अब बाकी के 500 में महीने का गुजारा मुश्किल था।

मुकेश कुमार का ‘हंस’ में छप रहा मीडिया कालम बंद, अब ‘साखी’ में लिखेंगे

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार पिछले आठ साल से साहित्य की चर्चित व नंबर वन मैग्जीन 'हंस' में मीडिया पर स्तंभ लिख रहे थे. पर 'हंस' के संपादक राजेंद्र यादव ने अब यह स्तंभ बंद करने का फैसला लिया है. उन्होंने इसके पीछे कारण हंस में कुछ बदलाव करना बताया है. उधर, साहित्य की एक मैग्जीन 'साखी' ने मुकेश कुमार को अपने यहां मीडिया पर स्तंभ लिखने के लिए आमंत्रित किया है, जिसे मुकेश ने स्वीकार कर लिया है.

टीआरपी के मैदान में घमासान : अचानक क्या हुआ कि उन्हें टैम खटकने लगी

पिछले तीन हफ़्ते से टीवी इंडस्ट्री एक अनोखी जंग में फँसी हुई है। ये जंग छेड़ी है कई बड़े टेलीविज़न चैनलों ने और उनके निशाने पर है टीआरपी (टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट) बताने वाली मार्केट रिसर्च एजंसी टैम (टेलीविज़न ऑडिएंस मेजरमेंट)। दोनों के बीच की ये लड़ाई इस मायने में अभूतपूर्व है कि इसके पहले टैम का इस पैमाने पर संगठित विरोध कभी नहीं हुआ था। इस बार ऐसा लग रहा है मानो प्रसारक आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं। उन्होंने टैम की सदस्यता रद्द कर दी है और कह दिया है कि वह अपने आँकड़ों में उनका ज़िक्र न करे। इसका मतलब है कि टैम उन चैनलों की टीआरपी न बताए।

डीएलए में छंटनी, दर्जनों मीडियाकर्मी पैदल, गाजियाबाद में 31 अगस्त को लगेगा ताला

जिस तरह से डीएलए मिड डे अखबार ने गाजियाबाद, नोएडा समेत एनसीआर में धमाकेदार एंट्री की थी, इसको देखते हुए अमर उजाला ने मिड-डे अमर उजाला कांपेक्ट लांच कर दिया था। मगर डीएलए के आगे कांपेक्ट नहीं चला। अब उसी तीव्र गति से डीएलए धरातल में चला गया। डीएलए अखबार की लांचिग के दौरान सभी बड़े बैनरों से रिपोर्टर तोड़ कर लाए गए। एक टाइम हालात यह हो गए थे कि गाजियाबाद में ही इस अखबार की 70,000 कापियां प्रतिदिन हो गईं थी। मगर मालिकों की उपेक्षा, मोटी सैलरी वाले अधिकारियों द्वारा जेबभराऊ नीति के चलते यह अखबार दिन प्रतिदिन धरातल में चला गया।

कांग्रेसी नेताओं की आपसी राजनीति में मोहरा बना शराबी पत्रकार जेल पहुंच गया

बैतूल : विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट की दावेदारी के पूर्व 'मेरी कमीज तेरी कमीज से ऊजली कैसे' के फार्मूले पर चल रही कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं की एक दूसरे को नीचा दिखाने की मुहिम का शिकार बना एक शराबी पत्रकार जिसे सिर्फ शाम को पीने को चाहिए। उसके समाचार पत्र की आड़ में तथाकथित राजनैतिक चीर हरण का ऐसा घृणित कार्य किया गया जिसमें पूरे जिले के पत्रकारों में स्वयं को इमानादार दिखाने एवं बताने की महत्वाकांक्षा ने उस पत्रकार को जेल की चारदिवारी के पीछे पहुंचा दिया।

महुआ के आफिस पर माइक्रोसाफ्ट वालों का छापा, कई दिन ठप रहे कंप्यूटर

खबर है कि कुछ रोज पहले महुआ के फिल्म सिटी स्थित आफिस पर माइक्रोसाफ्ट के अधिकारियों ने छापा मारा. इन लोगों ने बाकायदा कोर्ट से छापेमारी का आदेश ले रखा था. इन लोगों को पुख्ता सूचना मिली थी कि महुआ में जो कंप्यूटर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उसमें माइक्रोसाफ्ट के पायरेटेड वर्जन का यूज किया जा रहा है. यानि माइक्रोसाफ्ट का प्रोग्राम खरीद कर नहीं यूज किया जा रहा बल्कि दो नंबर का काम किया जा रहा.

एंटरटेनमेंट और धार्मिक चैनल भी लांच करेगा साई प्रसाद मीडिया

''न्यूज एक्सप्रेस'' चैनल संचालित करने वाली कंपनी साईं प्रसाद मीडिया की तरफ से कहा गया है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए दो रीजनल न्यूज चैनल लांच कराने के बाद एंटरटेनमेंट व धार्मिक चैनलों को लांच कराने की भी प्रक्रिया शुरू की जाएगी. लगभग दर्जन भर चैनलों का बुके तैयार करने की योजना है. यह सब काम कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर शशांक भापकर के नेतृत्व में होगा.

झारखंड से कांग्रेस ने शुरू की विपक्ष को झटका देने की कार्य योजना!

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नए सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है। इसी कार्य योजना के तहत पहला राजनीतिक प्रयोग झारखंड से किया जा रहा है। यहां पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक समझदारी बन गई है। इसके तहत राज्य में कांग्रेस और जेएमएम की साझा सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा चुनाव की रणनीति को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर जेएमएम सुप्रीमो शिबु सोरेन से हाथ मिला लिया है। सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन का राज्य का नया मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, झारखंड के अलावा पश्चिमी बंगाल, ओडिशा, बिहार व छत्तीसगढ़ में भी सोरेन से हाथ मिलाकर चुनाव लड़ेगी। ताकि, आदिवासी इलाकों में खास राजनीतिक फायदा लिया जा सके।

गैंगवार की आशंका से बढ़ाई गई मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा

: पेशी पर लाने ले जाने के दौरान तैनात रहेंगे विशेष जवान : घात लगाकर हत्या करने में माहिर खिलाड़ी है बृजेश गुट : कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांगी थी सुरक्षा : सुलतानपुर : पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खासमखास माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। वजह यह है कि माफिया बृजेश सिंह के चचेरे भाई की हत्या के बाद गैंगवार की आशंका के मद्देनजर शासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। खंगाले गए रिकार्डों से पता चला है कि बृजेश गुट घात लगाकर खूनी खेल खेलने का माहिर गैंग है। इसी अनहोनी को लेकर मुन्ना को पेशी से ले जाने-आने के लिए विशेष श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

‘शुक्रवार’ में प्रकाशित अपने ‘खान-पान’ कालम में पुष्पेश पंत ने कायस्थों की जय-जय की

लीना : एक बुजुर्ग रचनाकार पुष्पेश पंत ने हिन्‍दी पत्रिका ‘शुक्रवार’ के 11 जुलाई 2013 के अंक में अपने नियमित खान-पान स्‍तंभ में गर्व के साथ अफसोस जताया है कि एक खास जाति (कायस्थ) के खाने को उस खास जाति वाले ही तजने लगे हैं। बड़े ही गर्व से उन्‍होंने कायस्थों के खान-पान की परंपरा के विकास को बताया है। यही नहीं, खान-पान की परंपरा बताने से पहले वे इस कुल में जन्‍म लेने वाले लोग विद्वान, साहित्‍यकार, प्रबंधक आदि यानि कि बु्द्धिजीवी होते हैं, यह तारीफ करना भी नहीं भूले हैं। उन्‍हें तरक्‍की पसंद, यथार्थवादी सोच वाला भी बताया है।

हिंदू महासभा यूपी के नये अध्यक्ष बने पूर्व आईपीएस काशीनाथ

लखनऊ। अखिल भारत हिन्दू महासभा, उत्तर प्रदेश इकाई को लगभग तेरह माह बाद नया अध्यक्ष मिल गया है। यहां गंगा प्रसाद वर्मा मेमोरियल हाल अमीनाबाद में हुयी आपातकालीन बैठक में बिहार कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी और झारखण्ड के पूर्व एआईजी काशीनाथ को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुन लिया गया। इसी के साथ ही अगले माह 18 अगस्त को फतेहपुर में प्रान्तीय अधिवेशन कराने का निर्णय लिया गया। जिसके लिये चुनी गयी स्वागत समिति का अध्यक्ष मनोज त्रिवेदी को बनाया गया है।

मीडिया विमर्श में नीलाभ मिश्र ने अभिव्यक्ति की चुनौतियों के प्रति किया सचेत

 आगरा। ''पत्रकारिता पेशा है या मिशन, इस तरह की बहस अब बेमानी लगती है। पत्रकारिता के पेशे में, पेशेवर होने में दक्षता  और ईमानदारी निहित है। लेकिन अब पत्रकारिता धंधा बन रही है और चीजें धंधेबाजी तक गिर गई हैं। लूट और शोषण अभिव्यक्ति को प्रभावित कर रहे हैं। सूचना का अधिकार अभिव्यक्ति के अधिकार से जुड़ा है, क्योंकि बिना सूचना के अभिव्यक्ति नहीं होती। सूचना और समाचार अपने आप में अभिव्यक्ति हैं।  पूंजीवाद आज सटोरिये के रूप में समाज व्यवस्था के लिए नई परेशानियां खड़ी कर रहा है , जिसके कारण विचार, सिद्धांत और मूल्यों का क्षरण हो रहा है। अभिव्यक्ति की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। चारों ओर लूट मची है और इस लूट की कोई सीमा नहीं है। विचार, सिद्धांत और मूल्यों का तेजी से क्षरण हो रहा है। पत्रकारिता इससे अछूती नहीं हैं।''

भिखारी ठाकुर के परिजनों को न्याय मिलने तक अभय सिन्हा की फिल्मों पर रोक लगाएं

'जनकवि भिखारी ठाकुर लोक साहित्य और संस्कृति मंच' ने भोजपुरी फिल्मों के निर्माता अभय सिन्हा की फिल्मों पर बिहार-झारखंड में प्रतिबन्ध लगाने की मांग 'बिहार-झारखण्ड मोशन पिक्चर एसोसिएशन' से की है. एसोसियेशन के अध्यक्ष डॉ . सुनील को दिए ज्ञापन में जनकवि भिखारी ठाकुर लोक साहित्य व संस्कृति मंच के अध्यक्ष लालन राय व सचिव कृष्ण कुमार वैष्णवी ने कहा है की अभय सिन्हा ने भोजपुरी के शेक्सपियर माने जाने वाले नाट्यकर्मी भिखारी ठाकुर के नाटक 'बिदेसिया' पर भोजपुरी फिल्म बनायी थी जो की कापीराईट एक्ट का उल्लंघन था.

जयपुर दूरदर्शन पहली अगस्त से चौबीसों घंटे का चैनल होने जा रहा

खबर य़ह है कि जयपुर दूरदर्शन 1 अगस्त से चौबीसों घंटे का चैनल होने जा रहा है… साथ ही यह सभी डिशों पर भी उपलब्ध होगा…. माना जा रहा है कि इस कदम से ईटीवी राजस्थान को तगड़ी चुनौती मिलेगी. ईटीवी राजस्थान इस प्रदेश में नबंर  1 न्यूज चैनल है क्योंकि यही अकेला चैनल है जो केबल और डिश दोनों पर उपलब्ध है. बाकी सारे रीजनल चैनल सिर्फ केबल पर ही उपलब्ध हैं, वो भी हर जगह नहीं.

मीडिया में दलितों की “आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व” पर झूठा बहस और विमर्श

हमारे देश में एक नये तरह के "हाईपोथेटीकल किस्म" के विचारको का ग्रुप जन्म ले रहा है, जिसका जमीनी हकीकतो से कोई लेना-देना नहीं होता। एक वरिष्ठ पत्रकार है "संजय कुमार", इन्हें कुछ नहीं मिला तो एक लेख लिख दिया …."मीडिया में दलित आ भी जायें तो करेंगे क्या" ……बहुत ही लम्बा लेख है और येन-केन-प्रकारेण इस लेख में भाई-साहब ने चिंता व्यक्त की है कि  मिडिया में दलितों का प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है और मिडिया में उनका उनकी आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व  होना चाहिए।

उत्तराखंड में ईटीवी के नए ब्यूरो चीफ मनीष और सहारा समय के नए ब्यूरो हेड अवनीश बने

ईटीवी, उत्तराखंड के हेड गोविंद कपटियाल के इस्तीफा के बाद प्रबंधन ने मनीष सिंह को ईटीवी, उत्तराखंड का नया ब्यूरो हेड बना दिया है. मनीष यहीं पर कार्य करते थे और अब उनको प्रमोट करके बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई है. मनीष ईटीवी के लिए फैजाबाद और आगरा में काम कर चुके हैं और अपने कार्यकाल के दौरान इन दोनों शहरों से कई महत्वपूर्ण खबरें ब्रेक कर चुके हैं. पिछले साल मार्च में उन्हें आगरा से ट्रांसफर करके देहरादून भेजा गया था.

दो से अधिक बच्चे पैदा कर चुके आईएएस, आईपीएस अफसरों पर कार्यवाही कराएंगी नतून ठाकुर

सरकारें अक्सर नियम बना कर उसे भूल जाने के लिए जानी जाती हैं. अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली 1968 का नियम 17ए एक ऐसा ही नियम है. इस नियम के अनुसार इन सेवाओं के प्रत्येक अधिकारी को अपने व्यक्तिगत स्तर पर दो शिशु परिवार मानक का पालन करना अनिवार्य है. यह नियम 13 जनवरी 1995 को नोटिफिकेशन संख्या 11017/27/93—एआईएस(III) के माध्यम से लागू किया गया था.

सोमालिया के टीवी जर्नलिस्ट की गोली मारकर हत्या

मोगादिशू : अज्ञात हमलावरों ने एक सोमालियाई पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी। हिंसाग्रस्त देश में इस साल यह पाचंवें पत्रकार की हत्या है। लिबान अब्दुलाही फराह हाल ही में शुरू हुए कालसान सैटेलाइट टेलीविजन के लिए काम करते थे। उन पर उस समय हमला किया गया जब वह कल गालकायो शहर स्थित अपने घर जा रहे थे। उन्हें लिबान कुरान के नाम से भी जाना जाता था।

वरिष्ठ पत्रकार व डॉ. रमेश अग्रवाल के गजल संग्रह का विमोचन

अजमेर : वरिष्ठ पत्रकार व गजलकार डॉ. रमेश अग्रवाल का गज़ल संग्रह ‘भीड़ में तनहाइयां’ का विमोचन समारोह रविवार को स्थानीय जवाहर रंगमंच पर आयोजित किया गया। गजल संग्रह का विमोचन विख्यात कवि व पत्रकार आलोक श्रीवास्तव और राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष वेदव्यास ने किया। इससे पूर्व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

पत्रकार को हुआ हार्ट अटैक, डाक्टरों की उपेक्षा से मौत, विरोध में हाइवे जाम

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से सूचना है कि नवदुनिया में कार्यरत पत्रकार राजेंद्र गिरि का हृदय गति रुकने से निधन हो गया. पत्रकारों का आरोप है कि स्थानीय सरकारी अस्पताल में समय से इलाज न मिलने के कारण राजेंद्र का निधन हुआ. सरकारी अस्पताल के डाक्टरों की उपेक्षा से नाराज पत्रकारों ने सड़क जाम कर अपना गुस्सा निकाला. राजेंद्र गिरि की उम्र 48 साल थी. घटना शनिवार शाम की है.

शिवपाल समाजवादी हैं या सामंतवादी! देखें वीडियो और खुद तय करें

गाजीपुर (यूपी)। समाजवाद बराबरी का दर्जा देने के लिए जाना जाता है. इसी समाजवाद की विचारधारा को पढ़ पल सीख देख कर मुलायम सिंह यादव आगे बढ़े. समाजवाद के चिंतक लोहियाजी को बात-बात में दुहराने वाले मुलायम सिंह यादव उम्र के उत्तरार्ध में लगता है समाजवाद की विचारधारा को मटियामेट करने पर तुले हैं. यही कारण है कि वे खुद के द्वारा आगे बढ़ाए गए और अब यूपी में सबसे ताकतवर नेताओं में से एक माने जा रहे अपने सगे छोटे भाई शिवपाल यादव की करनी को लेकर लगातार चुप हैं.

अपने दूसरे जन्मदिन के ठीक पहले पत्रकार की बेटी की सड़क हादसे में मौत

बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमण्डल के कस्बा दधोल में पडयालग चौक पर एक तेज रफ्तार वाहन ने एक पत्रकार के दो साल की बच्ची को कुचल दिया। हालांकि बच्ची को तत्काल सिविल अस्पताल घुमारवीं लाया गया परंतु तब तक तेज रफ्तार के कहर से बच्ची की मौत हो गई थी। पुलिस ने भादसं की धारा 279 व 304 के तहत तेज रफ्तारी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पत्रकार पर पच्चीस लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, जाना पड़ा हवालात

हरिद्वार : ऊर्जा निगम के एसडीओ को ब्लैकमेल कर पच्चीस लाख रुपए की डिमांड करने वाले एक व्यक्ति को निगम कर्मचारियों ने दबोच नगर पुलिस के हवाले कर दिया। एसडीओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को महाराष्ट्र के एक चैनल का संवाददाता बता रहा था। आरोपी ऊर्जा निगम के एक जेई का रिश्तेदार भी है। नगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि विपिन रावत पुत्र जितेंद्र रावत निवासी गड़कोट, थैलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल कुछ समय पहले हरिद्वार आया था और गणेशपुरम कनखल मे किराए पर रहने लगा।

एजेंट ने हिंदुस्‍तान के प्रसार प्रबंधक पर गाली-ग्‍लौज करने का आरोप लगाया

हिंदुस्‍तान, बनारस से खबर है कि प्रसार प्रबंधन अरुण कुमार सिंह के खिलाफ चंदौली जिले में बबुरी के एजेंट विवेक कुमार गुप्‍ता ने मोबाइल पर गाली-ग्‍लौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. उसने इस बात की शिकायत यूपी प्रसार हेड रजत कुमार से भी की है. विवेक ने कई अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी है.

अमर उजाला ने प्रकाशित की गलत खबर, संपादक से शिकायत

अमर उजाला, चंदौली से खबर है कि धानापुर के रहने वाले जलालुद्दीन ने संपादक से स्‍थानीय प्रतिनिधि द्वारा गलत खबर प्रकाशित करने की शिकायत की है. अमर उजाला ने धानापुर डेटलाइन से एक खबर प्रकाशित की है, जिसका शीर्षक है – 'बाहर सोते रहे, घर चोरों ने खंगाला'. इसी खबर पर जलालुद्दीन ने आपत्ति जताई है.

चैनल मालिक व चैनल हेड में भिड़ंत के बाद कशिश न्यूज पर लगा ताला

रांची से एक सूचना आ रही है कि कशिश न्यूज में ताला लग गया है. सूत्रों का कहना है कि ऐसा चैनल के मालिक और चैनल हेड गंगेश गुंजन के बीच किन्हीं मतभेदों की वजह से हुआ है. बताया जाता है कि किसी खबर पर सीएमडी नाराज थे और रिपोर्टर को तलब करना चाहते थे लेकिन चैनल हेड गंगेश गुंजन ने रिपोर्टर का भरपूर साथ देते हुए खुद को खबर के लिए उत्तरदायी बताया. इसी को लेकर बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष भिड़ गए.

हफ्ते भर बाद अमर उजाला ने हिंदुस्तान की खबर फ्रंट पेज पर छाप दी

अख़बार में गलती होना, एक खबर दो-बार प्रकाशित होना, किसी की खबर को बाइलाइन लिख देना जैसी तमाम खामियां अखबारी जगत में आए दिन उजागर होती रहती हैं। इसी प्रकार एक गलती मुरादाबाद के अमर उजाला ने कर दी है। दैनिक हिन्दुस्तान की एक खबर "विधायक पिंकी के पिता-पति पर दर्ज मुकदमा होगा वापस" जो 30 जून को पेज नंबर दो पर प्रकाशित की गई थी, को आज (6 जुलाई) हफ्ते भर बाद  अमर उजाला ने अपने मुरादाबाद संस्करण के फ्रंट पेज पर "पूर्व मंत्री पर दर्ज मुकदमा वापस होगा" शीर्षक से प्रकाशित कर दिया है।

रस्म पगड़ी पर वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार रहे देवब्रत वशिष्ठ को याद किया गया

भिवानी : वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार रहे देवब्रत वशिष्ठ की रस्म पगड़ी रविवार को यहां शिवनगर कालोनी स्थित सिंघानिया भवन धर्मशाला में आयोजित की गई। इस अवस पर स्व.वशिष्ठ के ज्येष्ठ पुत्र श्रीभगवान वशिष्ठ को पगड़ी पहनाई गई। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा भी आयोजित की गई,जिसमें महंत चरणदास, महंत वेदनाथ व कमरूद्दीन ने भाग लिया।

दिल्ली के पत्रकार प्रदीप महाजन के पिता का निधन

पत्रकार प्रदीप महाजन के पिता का परसों निधन हो गया. उनकी उम्र 68 साल थी. कल सुबह दिल्ली के गीता कालोनी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया. मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र और पत्रकार प्रदीप महाजन ने दी. इस मौके पर दिल्ली के ढेर सारे पत्रकार, मंत्री, नेता, परिजन मौजूद थे.

अरविंद अपूर्वा का नागौर से अजमेर तबादला

दैनिक भास्कर नागौर में कार्यरत सीनियर सब एडीटर अरविंद अपूर्वा का अजमेर तबादला हो गया है। अरविंद नागौर में पिछले दो साल से कार्य कर रहे थे। वे यहां सेटेलाइट और सिटी एडीशन देख रहे थे। जल्द ही वे अजमेर में कार्य शुरू कर देंगे। अरविंद अजमेर दैनिक भास्कर में पहले भी करीब तीन साल तक कार्य कर चुके हैं।

समस्तीपुर में चैनल वन न्यूज का काम देखेंगे प्रकाश, गलत खबर छपने पर चीफ रिपोर्टर का डिमोशन

पत्रकार प्रकाश कुमार ने चैनल वन न्यूज से अपनी नई पारी शुरू कर ली है. उन्‍हें बिहार के समस्तीपुर शहर का रिपोर्टर बनाया गया है. इसके पहले वे दैनिक जागरण में कार्यरत थे. कुछ विवाद के बाद अखबार से उनका संबंध विच्‍छेद हो गया था. इसके पहले प्रभात खबर, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, बिहार ऑब्जर्वर, जैन टीवी, 365 दिन चैनल और भोजपुरी मीडिया जैसे संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनकी कई कहानियां, लेख और रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही है.

जेएनयू में होगी आदिवासी साहित्‍य पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी

देश के प्रतिष्ठित विश्‍विद्यालय जेएनयू, नई दिल्ली के भारतीय भाषा केन्‍द्र में 29 और 30 जुलाई को 'आदिवासी साहित्‍य : स्‍वरूप और संभावनाएं' विषय पर दो दिवसीय राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी का आयोजन किया जाएगा. इसमें देशभर से आदिवासी साहित्‍य के विशेषज्ञ भाग लेंगे. गोष्‍ठी के संयोजक डॉ. गंगा सहाय मीणा ने बताया कि 'स्‍त्री लेखन और दलित लेखन के बाद अब साहित्‍य और शोध के गलियारों में आदिवासी लेखन अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है. आदिवासी साहित्‍य की परंपरा बहुत पुरानी है लेकिन वह अब तक आदिवासी समाज के समान ही उपेक्षा का शिकार रहा है.

भूख का शर्तिया सरकारी इलाज

कहा ऐसे जा रहा है कि खाद्य संरक्षण विधेयक को मजबूरी में अध्यादेश के जरिए इसलिए राष्ट्रपति की मंजूरी दिलाई गई है क्योंकि इससे देश में भूख से जुड़े सारे संतापों का अंत हो जाएगा। अध्यादेश पर संसद की अनुमति दिलाने के लिए सरकार के पास छह महीने का समय होता है और अच्छी बात यह है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तब भी इसी समय सीमा के आसपास देश में लोकसभा का चुनाव हो रहा होगा।  मतलब यह कि अगर देश को भूख से निजात दिलाना है तो कम से कम इस चुनाव में कांग्रेस की सरकार जैसे भी हो, बननी चाहिए। तभी, तीन साल तक देश में कोई भूख से नहीं मरेगा, इसकी पक्की गारंटी है।

बढ़ गई मोदी की चौधराहट, आडवाणी ने छोड़ दिए ‘विद्रोही’ तेवर!

तमाम विवादों के बावजूद भाजपा में नरेंद्र मोदी की ‘चौधराहट’ रंग लाने लगी है। यहां तक कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के तेवर भी अब मोदी के मुद्दे पर नरम पड़ गए हैं। संसदीय बोर्ड की बैठक में कई मुद्दों पर आडवाणी ने मोदी के सुझावों की जमकर सराहना की। बोर्ड की बैठक, खासतौर पर मोदी के अनुरोध पर ही बुलाई गई थी। गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी की कोशिश रही है कि चुनाव की रणनीति पर पार्टी की सर्वोच्च निर्णायक समिति में कुछ जरूरी चर्चा हो जाए।

जितेंद्र जी, आपने जो बयां किया उसे पोस्टर बनाकर दीवारों पर चिपकाना चाहिए

बड़े कठोर सच और यथार्थ को आपने लोगों के सामने रखा है। इसके लिए आपका तहे दिल से साधुवाद। उदयन शर्मा की पुस्तक फिर पढ़ना। उसमें रविवार पत्रिका में उनके लिखे गए कुछ लेखों का संकलन है। मैंने उसे पढ़ा था। एसपी के बारे में भी एक पवित्र छवि थी। लेकिन यहां तो बुनियाद ही बदनामी, बदनीयती, बजबजाती गंदगी से शुरू हुई जो आजतक जारी है। सारे जगहों पर प्रतिबद्धता किसी चिड़िया का नाम है।

राजस्थान पत्रिका, बीकानेर के उप मुख्य संपादक योगेश सैन का इस्तीफा

बीकानेर से खबर है कि राजस्थान पत्रिका में कार्यरत उप मुख्य संपादक योगेश सैन ने इस्तीफा दे दिया है. योगेश पिछले सात वर्षों से पत्रिका में कार्यरत थे. सूत्रों का कहना है कि योगेश ने संपादक को भेजे गए अपने इस्तीफा में कहा है कि जिस तरह के हालात बन चुके हैं पत्रिका में, उसके कारण वह काम करने में असमर्थ हैं. योगेश फिलहाल नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं. वे कहां ज्वाइन करेंगे, इसका पता नहीं चल पाया है.

हिंदुस्तान, देहरादून से सुकांत ममगई और अंशुल दांगी का इस्तीफा

देहरादून से सूचना है कि हिंदुस्तान अखबार में कार्यरत सुकांत ममगई और अंशुल दांगी ने इस्तीफा दे दिया है. सुकांत पिछले पांच वर्षों से हिंदुस्तान में कार्यरत थे. उन्होंने देहरादून में ही दैनिक जागरण के साथ नई पारी शुरू की है. सुकांत आर्मी, आबकारी समेत कई बीटों पर अच्छी पकड़ रखते हैं.

मीडिया में दलित आ भी जायें तो करेंगे क्या

मीडिया में दलितों की भागीदारी और उनके सरोकरों की क्या स्थिति है सब जानते हैं। किस तरह उन्हें आने नहीं दिया जाता या उनके लिए दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं। फॉरवर्ड प्रेस के मई13 के अंक में ‘जातीय पैकेजिंग के टी.वी. चैनल’ में वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया ने दलितों के मीडिया में आने और उनके प्रवेश पर अघोषित रोक पर लिखा है कि, ‘हर साल एक अच्छी-खासी संख्या में पिछड़े, दलित, आदिवासी लड़के-लड़कियां भारतीय जनसंचार संस्थान से डिग्री लेकर निकलते हैं। आईआईएमसी, भारतीय जनसंचार संस्थान में प्रवेश लेने के लिए इस वर्ग के लड़के-लड़कियां परीक्षा देते हैं। फिर कई परीक्षाएं पास करने के बाद वे डिग्री लेती हैं। लेकिन, उसके मीडिया संस्थानों में फिर उनकी योगता की परीक्षा शुरू होती है। वह मीडिया संस्थान चाहे सरकारी हों या पूंजीपति के। हर जगह इस वर्ग के युवा अयोग्य करार दिए जाते हैं दरअसल, समाजिक प्रतिनिधित्व की अपनी एक सीमा है और उस पर पूरा समाज आश्रित नहीं हो सकता।’

चुनावी दायित्व संभालने हरीश मलिक जयपुर रवाना, जीनेश जैन नए आरई, धर्मेंद्र व अमरजीत का इस्तीफा

राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने राजस्थान में विधानसभा चुनावों के लिए अपने आजमाए पत्रकार हरीश मलिक को जिम्मेदारी सौंपी है. वे चुनाव कवरेज के इंचार्ज होंगे. इस कार्य के लिए उन्हें पत्रिका, भोपाल से कार्यमुक्त कर जयपुर बुला लिया गया है. उनकी जगह पत्रिका, भोपाल के नए आरई जीनेश जैन बनेंगे. जीनेश स्टेट डेस्क पर हुआ करते थे.

लड़की सेक्स की आदी होगी तो हमारे पुलिस वाले रेप करके गोली मार देंगे!

Himanshu Kumar : एक तथाकथित बड़े स्थिरचित्त माने जाने वाले सज्जन कह रहे थे कि अगर इशरत निर्दोष थी तो गैर मर्दों के साथ कार में क्या कर रही थी ? तो भाई जी अगर कोई भी लड़की गैर मर्दों के साथ किसी कार सफर करेगी तो मोदी साहब प्रधानमंत्री बनने के बाद उसे गोली मरवा दिया करेंगे क्या ? याद आ रहा है कि छत्तीसगढ़ में सोलह साल की मीना खलको नाम की आदिवासी लड़की के साथ पूरे पुलिस दल ने बलात्कार किया और फिर उसके सीने से बंदूक टिका के उसे दो गोलियां मार दी .

एक नामचीन अखबार की वेबसाइट देखने के बाद पत्रकारिता की नई परिभाषा गढ़ने का मन हो आया

Sachin Kumar Jain  : एक नामचीन अखबार की वेबसाईट को आज देखने के बाद पत्रकारिता की नयी परिभाषा गढने का मन हो आया – ''मीडिया में पोर्न और विलासिता के परिपूर्ण सामग्री (खास तौर पर चित्र) को परोसना जरूरी है. क्योंकि हमारे कुंठित समाज में इसका बड़ा भीतरी महत्व है. और चूँकि इस तरह की सामग्री बिना सन्दर्भ दिखायेंगे तो बड़े अखबार की साईट को पोर्न साईट की श्रेणी में ला दिया जाएगा. बस इसीलिए पोर्न चित्रों या सामग्री दिखाने के लिए जो सन्दर्भ खोजे, बनाए या गढे जाते हैं, उसे ही पत्रकारिता कहा जाता है.''

एमजे अकबर के अखबार द संडे गार्जियन ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर निशाना साधा

एमजे अकबर के संपादकत्व वाले प्रतिष्ठित समाचारपत्र 'द संडे गार्जियन' के 6 जुलाई 2013 के अंक में मैंने एक लेख देखा. लेख का शीर्षक है- 'अखिलेश लुजेज ग्राउंड इन यूपी, मुलायम लुजेज होप'. इसमें लिखा था- 'पार्टी की कार्यप्रणाली में कुछ हद तक अराजकता घुस गयी दिखती है.' यह लेख अन्य बातों के अलावा मेरा भी उल्लेख करता है- 'उत्तर प्रदेश में अधिकारी भी अनुशासन को दरकिनार करते दिखते हैं. एक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरि शंकर पाण्डेय ने तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर उन्हें उत्पीड़ित करने का एफआईआर दर्ज करा दिया है. एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर एक भयावह नियमितता से सेवा नियमों के विरुद्ध पीआईएल दायर करते हैं.”

राघवजी की सेक्स सीडी बनाने वाले भाजपा नेता पटेरिया पार्टी से सस्पेंड

भोपाल. मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार में वित्त मंत्री रहे राघवजी की करतूतों की पोल खोलने वाले बीजेपी नेता शिव शंकर पटेरिया का दांव उल्टा पड़ गया. बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया. पटेरिया का दावा है कि उनके पास राघवजी की 22 सेक्स सीडियां हैं. कुछ सीडी तो ट्रेन के एसी कोच में बनवाई गई हैं. उनके मुताबिक बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को इसकी जानकारी थी.

मेरे पास राघवजी की एक-दो नहीं, 22 सेक्स सीडी : भाजपा नेता पटेरिया

भोपाल. मध्य प्रदेश के सनसनीखेज सीडी कांड की खास बात ये है कि राघवजी को जिस विवादित सीडी के कारण इस्तीफा देना पड़ा, उसके मास्टरमाइंड बीजेपी के ही एक अन्य नेता शिवशंकर पटेरिया हैं. पटेरिया ने मीडिया के सामने दावा किया है कि उनके पास 22 सीडी मौजूद हैं. वहीं, सेक्स स्कैंडल के आरोपी बीजेपी के पूर्व मंत्री राघवजी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शनानीवाड़ा को जमकर हंगामा किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग है कि राघवजी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए.

आठ फीसदी मनुष्य आनुवांशिक (जीन) कारणों से समलैंगिक होते हैं

Balendu Swami : आयरलैंड में एक बार मेरे पास एक चर्च का 70 वर्षीय पादरी आया, बोला कि "धार्मिक कारणों से औरत की समीपता संभव नहीं थी, इसलिए मैं समलैंगिक हो गया". वैसे तो धर्म समलैंगिकता की इज़ाज़त भी नहीं देता और सेक्स की वर्जना और दमन करके विकृति को उत्पन्न करता है. इसीलिये समर्थ साधू सन्यासी चेलियाँ रखकर अपनी कामपिपासा शांत करते हैं और जिन्हें नहीं मिलती वो समलैंगिक हो जाते हैं. हमारे शहर वृन्दावन के बहुत से आश्रमों में रहने वाले साधु संत आपस में ही एकदूसरे को यौनसुख देने के लिए प्रख्यात हैं.

आठ धमाकों से दहल गया बोधगया मंदिर, दो बौद्ध भिक्षु समेत पांच घायल

रविवार की सुबह बोधगया मंदिर आठ सिलसिलेवार धमाकों से थर्रा उठा। इन विस्फोट में दो बौद्ध भिक्षु समेत पांच जख्मी हुए हैं। सवेरे 5.40 मिनट पर चार धमाके महाबोधि मंदिर परिसर के भीतर हुए, जबकि तीन ब्लास्ट टेरेगा मोनेस्ट्री में हुए। आठवां धमाका दुनिया भर में मशहूर 80 फीट की भगवान बुद्ध की मूर्ति के करीब हुआ। इन धमाकों को गृह मंत्रालय ने आतंकी वारदात करार दिया है।

लखनऊ में सरकारी आवास पर अवैध कब्जा करने वाले नेताओं, अफसरों और पत्रकारों की लिस्ट

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने मंत्रियों, सांसदों, अफसरों और न्यायधीशों से सरकारी आवास खाली करने की मियाद भले ही तय कर दी हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में तमाम ऐसे अफसर, नेता और पत्रकार हैं जो वर्षों से अवैध रूप से सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए हुए हैं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर (दिवंगत) के नाम पर और लखनऊ से सांसद लालजी टण्डन तक अवैध रूप से सरकारी आवास कब्जा कर रखा है। राज्य सम्पत्ति विभाग की सरकारी कालोनियों के हजारों आवास नेता, अफसर और पत्रकारों के अवैध कब्जे में है। यह खुलासा सूचना अधिकार के तहत मिली सूचनाओं से हुआ है। इस मुद्दे पर राज्य सम्पत्ति विभाग के आला अफसरों ने चुप्पी साध ली है।

”पत्रकारों द्वारा ठगे जाने के मामले से मेरा कोई संबंध नहीं”

सेवा में, श्रीमान संपादक भड़ास 4 मीडिया, श्रीमान निवेदन इस प्रकार है कि आपकी वेबसाईट में 4 जुलाई को एक खबर छपी थी जिसका शीर्षक था ''चैनल में नौकरी दिलाने के नाम पर पत्रकारों ने मुझे ठग दिया''. श्रीमान इस खबर में विजय और नीरज के साथ साथ मेरा भी नाम छपा हुआ है. महोदय इस मामले में मेरा कोई लेना-देना नहीं है.

लोस चुनाव में भाजपा किसी भी हाल में लड़ाई की स्थिति में नहीं

कमाल का सर्वे होता है इस देश में ! मीडिया घरानों का सर्वे पूरी तरह प्रायोजित होता है ! जब एनडीए का वजूद ही खत्म हो गया तो उन्हें बढ़त किस आधार पर मिलेगी? ये देश गुजरात नहीं है ! आज बीजेपी मतलब नरेन्द्र मोदी है लेकिन देश के बड़े हिस्से में न तो कोई मोदी का नामलेवा है और न ही भारतीय जनता पार्टी के बाराती दिखाई देते हैं !

‘हरिभूमि’ के स्थानीय संपादक को एक्स केटेगरी की सुरक्षा

प्रदेशवासियों और विपक्ष को सुरक्षा देने में नाकाम रही रमन सिंह सरकार ने नक्सली खतरा के बहाने अपने रिश्तेदारों और समर्थको की सुरक्षा चाक चौबंद कर दी है ! मुख्यमंत्री रमन सिंह ने जहाँ अपने बेटे अभिषेक सिंह को जेड केटेगरी सुरक्षा दिया है वहीँ अपनी पुत्रवधू ऐश्वर्या सिंह व बेटी अस्मिता गुप्ता को वाय केटेगरी सुरक्षा दिया है ! यहीं नहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु के अखबार 'हरिभूमि' के स्थानीय संपादक को एक्स केटेगरी की सुरक्षा दिया गया है !

विदेशी पत्रकारों की याचिका पर कोर्ट ने दिल्‍ली पुलिस को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली : बसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालती कार्रवाई की कवरेज का अधिकार पाने के लिए विदेशी पत्रकारों द्वारा दायर याचिका पर उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाई कोर्ट के जज राजीव शकधर ने पुलिस को जवाब देने के लिए 11 जुलाई तक का समय दिया है.

वरिष्‍ठ पत्रकार फरजंद अहमद को यूपी में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला

लखनऊ : यूपी सरकार ने फरजंद अहमद को प्राविधिक शिक्षा विभाग में सलाहकार नियुक्‍त किया है. उन्‍हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. मूल रूप से बिहार के रहने वाले फरजंद अहमद लंबे समय तक इंडिया टुडे के प्रतिनिधि के तौर पर यूपी में काम कर चुके हैं. रिटायरमेंट के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उन्‍हें सूचना आयुक्‍त नियुक्‍त कर दिया था. हाल ही में वे बिहार में सूचना आयुक्‍त के पद से रिटायर हुए हैं. अब अखिलेश सरकार ने उन्‍हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए लाल बत्‍ती से नवाजा है.

‘वबाल’ का ‘बवाल’ : गलती संपादक की, नुकसान पत्रकारों का

अमर उजाला, मुरादाबाद से खबर है कि संपादक की गलती उनके कर्मचारियों पर भारी पड़ गई. 'वबाल' के बवाल के चलते प्रबंधन ने एडिटोरियल के सभी कर्मचारियों को इंक्रीमेंट और प्रमोशन न देने का फैसला किया है. पत्रकार उनकी गलती न होते हुए भी प्रबंधन के फैसले से नाराज हैं. उनका मानना है कि प्रबंधन को पैसे न देने का बहाना चाहिए था, जो संपादक की गलती के चलते उन्‍हें मिल गया है.

कभी शशि प्रकाश मेरे आदर्श थे, आज क्रांति का भगोड़ा

रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट लीग ऑफ इंडिया एक कम्पनी है जो शहीदे आजम भगत सिंह के नाम पर युवाओं को भर्ती करती है. इसके लिए कई तरह के अभियानों का नाम भी दिया जाता है. उदाहरण के लिए 'क्रांतिकारी लोग स्वराज अभियान. कार्यकर्ता चार पेज का एक पर्चा लेकर सुबह पांच बजे से लेकर रात 8 बजे तक कालोनियों, मोहल्लों, ट्रेनों, बसों आदि में घर-घर जाकर कम्पनी के मालिक माननीय श्री श्री शशि प्रकाश जी महाराज द्वारा रटाए गये चंद शब्दों को लोगों के सामने उगल देते हैं। लोग भगत सिंह के नाम पर काफी पैसा भी देते हैं।

समकालीन कवियों में डा. कुमार विश्वास बने सबसे पसंदीदा कवि

हरिवंश राय 'बच्चन' और रामधारी सिंह 'दिनकर' के बाद डा. कुमार विश्वास सबसे पसंदीदा कवि बन गए हैं। हिंदी कविता के सबसे बड़े ऑनलाइन पोर्टल कविता कोष ने सात वर्ष पूरे होने पर 'टॉप 315 रचनाकारों' की सूची जारी की है, जिस में पहले स्थान पर हरिवंश राय 'बच्चन', दूसरे पर रामधारी सिंह 'दिनकर' और तीसरे स्थान पर डा कुमार विश्वास का नाम है। समकालीन कवियों की श्रेणी में डा कुमार विश्वास का नाम प्रथम स्थान पर है।

दागी अफसर पर बेनी वर्मा की मेहरबानी के निहितार्थ

बेनी वर्मा की चर्चा आजकल मुंहफट नेता के रूप में ज्यादा है. जब देखो तब सपा और मुलायम के बारे में आग उगलते रहते हैं. मीडिया भी बेनी के इसी रूप को पकड़े उछाले रहता है. कारपोरेट मीडिया को अब न तो करप्शन की चिंता है और न ही कुनीति की क्योंकि कुनीति व करप्शन के रहने और इसमें शामिल हो जाने से कारपोरेट मीडिया का सालाना टर्नओवर बढ़ जाता है. कारपोरेट मीडिया को टर्नओवर के अलावा भला चाहिए भी क्या. पत्रकारिता की चिंता करने का काम इन लोगों ने आजकल सोशल मीडिया वालों और वेब-ब्लाग वालों को सौंप दिया है.

यूपी के प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव नहीं चाहते नूतन ठाकुर शासन से पत्राचार करें

Nutan Thakur : क्या कोई सरकारी अफसर किसी गैर-सरकारी व्यक्ति को सरकार से पत्राचार करने से रोक सकता है? हमारे देश के किसी भी क़ानून में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. लेकिन शायद आईएएस अफसर क़ानून से भी ऊपर होते हैं. तभी तो अपने एक आदेश में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह श्री आर एम श्रीवास्तव ने अपने नोट में मेरे लिए ऐसी टिप्पणी की है.

लुटेरी सिपला : लूज मोसन (दस्त) की इस दवा पर लूटे जा रहे भारतवासी

Ali Sohrab : सिपलॉक्स टी जेड, लूज मोसन (दस्त) में यह बहुत की कारगर दवा है. इस दवा की सरकार द्वार तय बिक्री मूल्य 25.70 रूपया प्रति 10 टैबलेट बताई गई है. मगर देश की सबसे बड़ी कंपनी का दावा करने वाली सिपला इस दवा को पूरे देश में 100 रुपए से ज्यादा में बेच रही हैं. यानी हर 10 टैबलेट वह 75-80 रुपए ज्यादा वसूल कर रही है…..!!

मैं कृपालु के खिलाफ लिख रहा हूं और लिखता रहूंगा : स्वामी बालेंदु

 Swami Balendu : हमें कृपालु की संस्था की तरफ से एक इमेल मिला है, उसमें उन्होंने लिखा है कि मैं अपनी वेबसाईट पर से उस लेख को हटा दूँ जो मैंने कृपालु के विषय में लिखा है. कृपालु के ऊपर खुद कई बार बलात्कार के आरोप लग चुके हैं और उसका शिष्य प्रकाशानंद जिसे कि अमेरिका में यौन शोषण के अपराध में 400 साल की सजा हो चुकी है, वो पुलिस से भागा हुआ अपराधी है और अमेरिकन पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में है, अमेरिकन पुलिस को शक है कि वो मेक्सिको के रास्ते भारत भाग गया है. कृपालु ने हमारे शहर वृन्दावन में 140 मिलियन डॉलर खर्च करके 'प्रेम मंदिर' बनवाया है.

सम्भावना या संभावना, सम्बन्ध या संबंध, हिन्दी या हिंदी?

Qamar Waheed Naqvi : बहुत से लोगों ने इस विषय में कई बार सवाल पूछे हैं कि सम्भावना सही है या संभावना? सम्बन्ध लिखना ठीक है या संबंध? हिन्दी या हिंदी, उत्तराखण्ड या उत्तराखंड? दरअसल, यह सवाल काफ़ी पुराना है. और सच कहें तो यह सवाल भी हिन्दी को "आधुनिक", सरल (यानी Less Complicated) व "टेक्नाॅलाॅजी फ़्रेण्डली" (वैसे मैं फ़्रेंडली भी लिख सकता था) बनाने के दौर में ही शुरू हुआ. यह भी तर्क दिया गया कि "आधा म" या "आधा न" के मुकाबले अनुस्वार कम स्थान लेता है, इसलिए शीर्षक लगाने, कैप्शन लिखने में तो आसानी होगी ही, साथ ही "बाॅडी काॅपी" में भी कुछ जगह बचेगी, जिससे उसी स्थान में अपेक्षाकृत ज़्यादा सामग्री दी जा सकेगी.

लड़की की कोर्ट से गुहार- दरोगा से बचा लो!

इलाहाबाद। खाकी को एक बार फिर से शर्मसार होना पड़ा है। यमुनापार के मांडा थाना क्षेत्र के भारतगंज टाउन एरिया में चेयरपर्सन के घर काम करने वाली सोलह साल की लड़की ने 22 जून को एसीजेएम कोर्ट में बयान देकर बहशी दरोगा के चंगुल से बचाने की गुहार लगाई है। लड़की के कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद बवंडर मच गया है। पुलिस महकमा सन्न है।

Fraud/ Fake Policy issued by HDFC which cannot be cancelled

This mail is regarding the policy sold by HDFC bank, I have purchase a policy of HDFC life in month of Oct, 2012. Before purchasing this policy I was told that in any case if I find this policy is not useful, I can cancel this policy within 15 days of receiving of bond documents. I have not received any bond documents till date. Premium amount Rs 20,000.00 is debit from credit card within 2 days of purchasing of policy.

Complaint against -Noida Toll Plaza

Respected concern DND Toll officials : This is really very heart breaking for me to inform you that your company/organisation has failed to provide proper services to the coustmers travelling between two cities Noida and Delhi. The roads are in worse condition, day today your team can be seen doing the patch work on roads, entire road is full of concrete bolts. The road is in a very bad condition. You company has failed to keep the proper maintenance of the Toll Road.

लखनऊ का ‘निष्पक्ष प्रतिदिन’ अखबार पीसीएस हरिशंकर पांडेय को बेइमान बताने पर तुला

आजकल कौन बेइमान है और कौन इमानदार, यह पता करना बेहद मुश्किल है. जिस हरिशंकर पांडेय को ईमानदार बताया जा रहा है और उनके पक्ष में ढेर सारे लोग उठ खड़े हुए हैं, उन्हें बेइमान साबित करने पर तुल गया है एक अखबार. लखनऊ से प्रकाशित निष्पक्ष प्रतिदिन में इसके ब्यूरो चीफ मनीष श्रीवास्तव की एक स्टोरी छपी है, जिसमें बताया गया है कि हरिशंकर पांडेय भी कम बड़े कलाकार नहीं हैं. आइए, पढ़ें मनीष की रिपोर्ट. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

दैनिक जागरण के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में रियल एस्टेट, मैक्डोनल्ड्‍स, टैक्स कंसल्टेंट्स और सीए नजर आएंगे, पत्रकार नहीं

: कारपोरेट मीडिया का सच -3 : फिलहाल मीडिया की एबीसी इस प्रकार की हो चुकी है- ए माने एडवरटाइजमेंट, बी माने बॉलीवुड, सी माने क्रिकेट। यही वजह से क्रिकेट में हुए एक भी घोटाले को मीडिया ने उजागर नहीं किया। सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, मीडिया घराने भी परिवारवाद और एकाधिकारवाद के शिकार हो रहे हैं। उनके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कंपनियों के नुमाइंदे घुस आए हैं। बंगाल में दो साल के भीतर 7 नए अखबार खुले। असल में ये चिटफंड कंपनियों के सेल्स काउंटर थे। सुदीप्तो सेन का घोटाला सामने आने के बाद सबके सब औंधे मुंह गिरे। दैनिक जागरण के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में रियल एस्टेट, मैक्डोनल्ड्‍स, टैक्स कंसल्टेंट्स और सीए नजर आएंगे।

टीओआई वाले 119 कंपनियों के लिए पेड न्यूज छापते हैं

: कारपोरेट मीडिया का सच-2 : बहुत कम ही लोगों को जानकारी होगी कि 2005 में टाइम्स ऑफ इंडिया ने टाइम्स प्रायवेट ट्रीटीज (समझौता) के नाम से एक नई कंपनी खोल ली थी। असल में यह निवेशक कंपनी है, जो है तो बेनेट कोलमैन के तहत, लेकिन इसका काम चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों के शेयर खरीदना था। बदले में कोई पैसा नहीं दिया जाता, पर टाइम्स में इन घरानों के मुफ्त इश्तेहार छपते। साथ में इन कंपनियों की पसंद की खबरें (हाल ही में इन्हें पहचानकर पेड न्यूछ कहा गया) भी छपती रहीं।

एनडीटीवी के मुंबई दफ्तर से 250 पत्रकारों की नौकरियां गईं, सब चुप रहे

: कारपोरेट मीडिया का सच-1 : मॉनसून के सीजन में हर साल फल-सब्जियों के दाम अचानक बढ़ जाते हैं। इस साल तो चौतरफा बारिश हो रही है। तकरीबन पूरा देश तर है। खुले बाजार में कोई भी सब्जी 60 रुपए किलोग्राम से नीचे नहीं है। दिल्ली में टमाटर कहीं-कहीं 120 रुपए किलोग्राम बिक रहा है। शाम को मुंबई में अकेली रहने वाली मेरी एक मित्र का फोन आया तो मैंने गाहे-बगाहे पूछ लिया, टमाटर का क्या भाव है तुम्हारे यहां। बोलीं, 90 से 100 रुपए किलोग्राम। उसने टोमैटो कैचअप के ‘पिचकू’ पैक से काम चलाना शुरू कर दिया है, लेकिन मीडिया इस तरह की खानापूर्ति नहीं करता। उसे तो खबरों से लोगों को जोड़े रखना है। उसे मुद्दे की पड़ताल नहीं करनी, लेकिन सवाल जरूर पूछना है। ऐसा करने से जिम्मेदारी भी निभाई जा सकती है और बीच के ‘विवाद रहित’ रास्ते पर भी चला जा सकता है।

लखनऊ में नवभारत टाइम्‍स की बुकिंग एक लाख पहुंच गई

: लखनऊ लांचिंग के बाद नभाटा की 15 और यूनिटें देश भर में लांच होंगी : महंगे होटल में खूब नाची नभाटा की एडोटोरियल टीम, प्रमोशन का भी एलान : लखनऊ में नवभारत टाइम्‍स की बुकिंग एक लाख पहुंचने पर गोमती नगर के एक महंगे होटल में एक रोज पहले एडोटोरियल टीम जमकर नाची। यह जश्‍न  देर शाम शुरू हुआ तो अगले रोज तडके सुबह तक चला।

जिस लेख को अंजीत अंजुम ने ‘हंस’ के मीडिया विशेषांक में नहीं छापा, उसे यहां पढ़िए

पिछले डेढ़ दशक से लगातार एस.पी. सिंह के खड़े किए खबरिया चैनलों के व्‍यावसायिक मॉडल के चलते खा रहे हैं और उनके सम्‍मान में गा रहे हैं, लेकिन एस.पी. सिंह का दौर इतना भी पुराना नहीं हुआ है कि किंवदंती बन कर धुंधला हो जाए। दो दशक पहले पत्रकारिता शुरू किए जितेन्‍द्र कुमार उस पीढ़ी से हैं जिन्‍होंने एस.पी. के दौर और उनकी विरासत दोनों को भीतर-बाहर से करीब से देखा है। प्रस्‍तुत लेख जनवरी 2007 में अजित अंजुम के संपादन में आए हंस के मीडिया विशेषांक के लिए लिखा गया था जिसे छापने से मना कर दिया गया।

‘दीपक शर्मा और दिलीप मंडल एफबी पर खुलकर मोदी समर्थन में लिखे जा रहे हैं’

Mohammad Anas : टुडे ग्रुप मोदी स्पांसर्ड ग्रुप है… जैसे जैसे २०१४ आयेगा, ये और मुखर हो जायेंगे! आज तक न्यूज़ चैनल के लिए मोदी ने कई बार आभार सौंपा है… अब बारी है इण्डिया टुडे की! कुछ कमंडल और सामाजिक गैर बराबरी के पुरोधा किस्म के लोग भले ही ईमानदार हों लेकिन उनकी ईमानदारी फिसल कर आखिर में वहीं गिरेगी जहाँ से पैसा मिलता है… दीपक शर्मा (आज तक) और दिलीप मंडल (इंडिया टुडे) खुले तौर पर फेसबुक पर लिख रहे हैं मोदी के समर्थन में…

किसने आपसे कहा कि चैनल-अखबार चला-निकाल कर देश पर एहसान करिए… घाटा हो रहा है तो बंद कर दीजिए ना…

Nadim S. Akhter : क्या कीजिएगा…अब मीडिया की खबर देने वाली वेबसाइट्स पर भी PR Stories दिखने लगी हैं…पहले एक खबर चलाते हैं और फिर उसे काटने के लिए दूसरी "PR स्टोरी" चेंप देते हैं… वैसे मेरी समझ में ये नहीं आता कि रेवेन्यू आ नहीं रहा…मिल नहीं रहा…घाटा बढ़ता जा रहा है लेकिन बड़े-बड़े बनिए फिर भी अखबार-चैनल चलाए जा रहे हैं…आखिर किसलिए? कोई तो बात होगी…कहीं तो कोई हित सध रहा होगा…या फिर ये सारे बनिए देशसेवा के लिए इतने तत्पर हैं कि घर से पैसा लगाकर-घाटा सहकर अखबार-चैनल चलाए जा रहे हैं….

राष्ट्रीय सहारा, पटना के यूनिट हेड ने पूछा- विकास मुझसे क्यों मिलने आया है?

कल पटना गया था बिजनेस संबंधी काम से। पटना पहुंचकर पता लगा कि एक मीडिया हाउस जहां मैं पूर्व में काम कर चुका हूं वहां के मार्केटिंग मैनेजर अब यूनिट हेड बना दिये गये हैं। हलांकि उन्होंने पूर्व में अपने पावर का दुरुपयोग करते हुए बेहतर प्रदर्शन के बावजूद भी मेरा गला घोंट दिया था लेकिन फिर भी मेरी ईच्छा हुई कि सर से मिलकर उन्हें प्रमोशन की बधाई दे दूं। ऐसा सोचते हुए मैं उन्हें बधाई देने उनके कार्यालय पहुंचा और रिसेप्शन काउंटर पर औपचारिकता पूरी की लेकिन श्रीमान् यूनिट हेड ने यह कहते हुए अपनी औकात दिखा दी कि विकास मुझसे क्यों मिलने आया है?

भ्रष्ट और दागी अफसरों पर इतने मेहरबान क्यों हैं सीएम अखिलेश यादव

यह इस प्रदेश का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस प्रदेश के भ्रष्ट अफसरों के चंगुल में फंस गये। उन्होंने प्रदेश के सभी आईएएस और पीसीएस अफसरों को तैनात करने की कमान उस दागी अफसर को सौंप दी है जिसे भ्रष्टाचार के आरोप में पहले ही तीन साल की सजा हो चुकी है। इन प्रमुख सचिव नियुक्ति राजीव कुमार और तीन अन्य अफसरों के खिलाफ अब ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के विशेष सचिव हरिशंकर पाण्डेय ने मुकदमा भी दर्ज करा दिया है।

लोकमत समाचार का छिंदवाड़ा एडिशन 12 जुलाई से

हिंदी दैनिक लोकमत समाचार अब मध्य प्रदेश में भी दस्तक देने जा रहा है. 12 जुलाई को छिंदवाड़ा एडिशन लांच किया जाएगा. छिंदवाड़ा के बाद मैनेजमेंट भोपाल, इंदौर और जबलपुर एडिशन लांच करेगा.  यह समूह मध्य प्रदेश के लिए मध्यांचल एडिशन पहले से ही प्रकाशित कर रहा है जो एमपी के चार सीमावर्ती जिलों छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिओनी और बैतूल में प्रसारित होता है. छिंदवाड़ा एडिशन का दाम सोमवार से शुक्रवार 1 रुपये, शनिवार 2 रुपये व रविवार 3 रुपये होगा.

‘न्यू कन्वर्जेंस’ मीडिया के लिए नया और बहुत बड़ा खतरा : पी साईनाथ

मीडिया को सबसे बड़ा खतरा न्यू कन्वर्जेंस से है. जिसके तहत बड़े व्यापारिक घराने मीडिया समूह को खरीद रहे हैं और मीडिया समूह बिजनेस हाउसिस में बदल रहे हैं. बड़े राजनैतिक दल नए-नए अखबार और चैनल की शुरुआत कर रहे हैं. यानी अब मीडिया, कॉरर्पोरेट और राजनैतिक दलों के हित एक हो रहे हैं. यह ‘न्यू कनवर्जेन्स’ सबसे खतरनाक है. क्योंकि कॉरर्पोरेट जगत को सृजनात्मकता अथार्त क्रिएटिविटी से कोई मतलब नहीं. उनका मुख्य उद्देश्य केवल प्राफिट है. पेड न्यूज, प्राइवेट ट्रीटी (निजी समझौते) जैसी प्रवृतियों पहले ही मीडिया की साख को कम कर चुकी हैं.

सत्ता और धन आते ही नेता मदांध और कामांध हो जाते हैं

Amitabh Agnihotri : उत्तर प्रदेश के एक स्वनाम धन्य मंत्री अपनी ही पार्टी की एक महिला नेता से मांग रहे हैं चूजे …… वो भी 18 से 21 साल की उम्र के …… साथ में चूजे का मतलब भी खुद समझा रहे हैं ….. कह रहे हैं महिला नहीं चलेगी …. चूजे लेकर आया करो ….वो भी 18 से 21 साल की उम्र के …… लोहियाजी, आप देख रहे हैं अपने चेलों की करतूतें ????

यूपी में भी सेक्स सीडी कांड, 71 वर्षीय सपा नेता को चाहिए ‘चूजा’ (सुनें बातचीत)

इंडो एशियन न्यूज सर्विस यानि आईएएनएस ने खबर रिलीज की है कि यूपी में 71 वर्षीय सपा नेता सेक्स सीडी कांड में फंस गया है. सीडी में सेक्स सीन नहीं बल्कि सपा नेता का एक महिला से बातचीत रिकार्ड है. मामला यूपी के औरेया जिले का है. समाजवादी पार्टी की पूर्व महिला सदस्य ने सपा नेता के खिलाफ यौन शोषण और उन पर सेक्स के लिए लड़कियां मंगवाने का आरोप लगाया है. महिला नेता ने जिला मजिस्ट्रेट के सामने सबूत के तौर पर सीडी और शिकायत दर्ज करवायी है.

भाजपा नेता राघव जी अपने नौकर से करते थे दुराचार, सीडी सामने आने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा

भोपाल से एक बड़ी खबर आ रही है. भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री राघवजी अपने नौकर के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते थे. इसकी सीडी सामने आने के बाद मंत्री पद से उनका इस्तीफा हो गया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है.

काश, इंडिया टीवी के संपादक जी समझ पाते… .सारे किए कराए पर इस एक शॉट ने पानी फेर दिया…

Mayank Saxena : कल इंडिया टीवी पर उत्तराखंड त्रासदी पर एक विशेष कार्यक्रम देख रहा था…इंडिया टीवी ने इस बार यक़ीनन अच्छा काम किया है…लेकिन तभी एक पैकेज के बीच में अचानक देखा कि एक विधवा के चेहरे के आगे मंगलसूत्र लटका कर…उस में से उसका फ्रेम बनाया गया…एक त्रासदी पर इस कदर बॉलीवुडिया फिल्मांकन कितना अश्लील होता है…

डीजीपी के जरिए नूतन ठाकुर को कह दें कि भविष्य में वे शासन से पत्राचार न करें

Amitabh Thakur : कल मुझे एक बहुत मजेदार आरटीआई सूचना देखने को मिली. इसमें एक बहुत बड़े सरकारी अधिकारी द्वारा लिखा गया था- "साथ ही इस सम्बन्ध में डॉ नूतन ठाकुर को पुलिस महानिदेशक के माध्यम से परामर्श दे दिया जाए कि इस प्रकार शासन से भविष्य में अन्यथा पत्राचार न करें."

स्मिता भादुड़ी के हत्यारे पुलिस वाले अब भी आजाद, परिजनों को 12 साल से इंसाफ का इंतजार

स्मिता भादुड़ी एनकाउंटर केस जब मैंने वर्ष 2000 में लिखा, तो सोचा नहीं था कि उसके परिजन इंसाफ के इंतजार में बूढ़े हो जायेंगे। स्मिता का मामला जांच के बाद अब सीबीआई कोर्ट में चल रहा है।  दरअसल बीकॉम कर रही छात्रा स्मिता भादुड़ी को मेरठ पुलिस के दौराला थाने के कथित होनहार तीन पुलिसकर्मियों ने उस वक्त गोली मार दी थी जब वह अपने दोस्त मोहित त्यागी के साथ जा रही थी।

कांग्रेस भाजपा दोनों का विचारधारा से मतलब नहीं, सिर्फ सत्ता पाने की लालसा

लोकसभा के चुनाव में भले अभी 10 महीने का समय बाकी हो, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी तीर-तुक्कों की तैयारी युद्ध स्तर पर करनी शुरू कर दी है। खास तौर पर कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के उस्ताद तरह-तरह की रणनीतियां तैयार करने में जुट गए हैं। राजनीतिक विचारधारा पर किसी का ज्यादा जोर नहीं है। बस, लक्ष्य एक ही है कि किसी तरह 2014 में केंद्र की सत्ता हासिल हो जाए। भले ही कैसे भी हथकंडे अपनाने पड़ें? कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पिछले नौ सालों से सत्ता में है। लेकिन, 2009 से इस सरकार की जो दूसरी पारी शुरू हुई है, वह राजनीतिक रूप से सुकूनभरी नहीं रही।

एनबीटी से जुड़ गए दिनेश, कुलदीप आजतक पहुंचे, स्वप्निल कोटकी आफिस नहीं आ रहे, नीलू की नई पारी

लखनऊ में एनबीटी के साथ दिनेश चंद्र मिश्रा जुड़ गए हैं. उन्हें प्रमुख संवाददाता बनाया गया है. दिनेश हाल तक कैनविज टाइम्स में कार्यरत थे. वे दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, अमर उजाला आदि अखबारों में विभिन् पदों पर कई शहरों में काम कर चुके हैं.

नेता ने वीकली अखबार के संपादक को सुधीर चौधरी स्टाइल में अरेस्ट कराया

बैतूल (मप्र) : जिस तरह सुधीर चौधरी खबर रोकने के लिए एक नेता से मोलतोल कर रहे थे और नेता ने उनकी सीडी बनाकर पुलिस के दे दी, जिसके बाद उन्हें अरेस्ट होकर जेल जाना पड़ा था, उसी स्टाइल में मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में वीकली अखबार 'फर्स्ट डान' के संपादक को जेल जाना पड़ा. वीकली अखबार के ये संपादक एक नेता के खिलाफ लगातार खबरें लिख छाप रहे थे.

वसुंधरा राजे के प्रेस सलाहकार ने पत्रकारों को धमकाया

जयपुर से सूचना है कि राजस्थान की जनता को सुराज का सपना दिखाकर सुराज संकल्प यात्रा निकाल रहीं भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे को अपने निजी कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कुराज की जानकारी ही नहीं है. उनके प्रेस सलाहकार महेन्द्र भारद्वाज ने ना सिर्फ पत्रकारों से धक्का मुक्की की बल्कि उनको राजे की बाइट नहीं दिलाने और भाजपा प्रदेश कार्यालय से बाहर निकलवाने की चेतावनी भी दे डाली। प्रेस सलाहकार की इस हरकत से पत्रकारों में काफी रोष है।

डॉ रहमतुल्लाह बने डीडी न्यूज़ में कंसल्टिंग एडिटर

वरिष्ठ पत्रकार डॉ रहमतुल्लाह ने एक बार फिर दूरदर्शन ज्वाइन कर लिया है। दिल्ली डीडी न्यूज़ में कंसल्टिंग एडिटर के रूप में जुड़ने वाले डॉ रहमतुल्लाह पहले भी दूरदर्शन में लगभग सात वर्षों तक काम कर चुके हैं। डीडी न्यूज़ ज्वाइन करने से पहले डॉ रहमतुल्लाह चैनल वन में न्यूज़ हेड थे।

पीसीएस हरि शंकर पांडेय मामले में सरकार के दावे झूठे, ये रहे सही तथ्य

: मेरे आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में प्रस्तुत तथ्य (साक्ष्य और अभिलेख सहित) :  हरि शंकर पाण्डेय द्वारा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के घोटालों और विभाग के निदेशक उमा शंकर के उम्र घटाने सम्बंधित जांच पर राज्य सरकार आधिकारिक रूप से बयान दे कर उन्हें गलत और तथ्यों से परे बताया है. मैं इस सम्बन्ध में सरकार के दावे और वास्तविकता को आपके सामने रख रही हूँ-

अंबाला में महिला पत्रकार से छेड़छाड़, खुद को पत्रकार बताने वाला आरोपी गया जेल (देखें वीडियो)

अंबाला में एक कथित पत्रकार ने महिला पत्रकार से छेड़छाड़ और धक्कामुक्की की. बाद में महिला पत्रकार की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. कथित पत्रकार का नाम है राजीव ऋषि. महिला पत्रकार से उसने भीड़ में बेहद अभद्र व शर्मनाक व्यवहार किया. महिला पत्रकार एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची तो नशे में धुत राजीव ऋषि भी वहां पहुंचा.

इंडिया टीवी तीसरे नंबर पर, समय की सेहत सुधरी

26वें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि इंडिया टीवी तीसरे नंबर पर बरकरार है और एबीपी न्यूज नंबर दो पर काबिज है. आजतक लगातार नंबर वन बना हुआ है. सहारा के समय का वक्त ठीक हुआ है और यह इंडिया न्यूज को पछाड़कर आगे निकल चुका है. जी न्यूज चौथे पायदान पर है जबकि आईबीएन7 पांचवें नंबर का हिंदी न्यूज चैनल है. एनडीटीवी नंबर छह पर है. आंकड़ें इस प्रकार हैं…

रमेश नीलकमल की याद में..

कवि, कथाकार और ’शब्द कारखाना’ पत्रिका के सिद्ध संपादक रमेश नीलकमल के निधन से मर्माहत हूँ..। बिहार में समकालीन लेखन के प्रति उनके योगदान को भूलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कई कवि व कथाकारों पहचान दी। उनकी पत्रिका ’शब्द कारखाना’ के 27 वें अंक, जो जर्मन साहित्य पर केन्द्रित था का संयोजन करने का अवसर मुझे मिला था। ग्युंटर ग्रास पर मेरे एक आलेख की उन्होंने बेहद सराहना की थी, जब अगले वर्ष ग्रास को साहित्य का नावेल पुरस्कार मिला था..।

आगे बढ़ने की होड़ में टॉपलेस हुई हिन्‍दी पत्रकारिता

30 मई यानी हिन्‍दी पत्रकारिता दिवस। देश के कई शहरों में पत्रकारों ने इस दिन को जश्‍न की तरह मनाया। दिन भर हिन्‍दी पत्रकारिता के इतिहास-भूगोल पर एक से बढ़कर एक लेख इंटरनेट पर दौड़ते रहे, पत्रकारिता संस्‍थान में परिचर्चाओं का विषय बने। लेकिन जब मैंने कलम उठाई, तो इतिहास भूल गया और भूगोल का पता नहीं। पहले सोचा कि क्‍या मुझे यह टिप्‍पणी करने का अधिकार है? दिल ने कहा हां, जरूर, क्‍योंकि मैंने अपने जीवन के अमूल्‍य 11 वर्ष हिन्‍दी पत्रकारिता को दिये।

सोलह अगस्त को यूपी विधानसभा पर धरना देंगे प्रदेश भर के समाचार पत्र वितरक

गाजियाबाद : समाचार पत्र वितरक समाज को शासन से कल्याणकारी सुविधाएं दिलाने के लिए आगामी 16 अगस्त को वितरक आवाज के संपादक राकेश पांडेय की अगुवाई में प्रदेश भर के अखबार वितरक विधानसभा के सामने धरना देंगे. धरने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बारह सूत्रीय ज्ञापन सौंपेंगे. राकेश पांडेय का कहना है कि आजादी के 65 साल बाद भी समाचार पत्र वितरकों को शासन स्तर से किसी भी प्रकार की सुविधा न प्राप्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है. इसी कारण वितरक पिछड़ा हुआ है.

टैम पर आफत : एबीपी भी अलग, सीसीआई ने जांच शुरू की

टैम वाले टामियों पर आफत के दिन आ गए हैं. बहुत दिनों से टीवी इंडस्ट्री को अपनी उंगली पर नचाने वाले टैम मीडिया रिसर्च के खिलाफ लगातार खबरें आ रही हैं. ताजी सूचना के मुताबिक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने टैम के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. प्रसार भारती ने टैम पर आरोप लगाया है कि वह अपनी प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग करके प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 4 का उल्लंघन कर रहा है.

हिंदी विवि में 12 करोड़ की लागत से बनेगा संग्रहालय

वर्धा : महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा में 12 करोड़ की लागत से अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर का म्‍यूजियम बनाया जा रहा है। विश्‍वविद्यालय परिसर स्थित गांधी हिल में स्‍वामी सहजानंद सरस्‍वती संग्रहालय (म्‍यूजियम) के भवन का शिलान्‍यास करते हुए कुलपति विभूति नारायण राय ने कहा कि यह संग्रहालय ज्ञान-विज्ञान के उन्‍नयन में मील का पत्‍थर साबित होगा।

यूपी पुलिस ने भी प्रमोशन-पोस्टिंग के लिए कइयों की हत्या की

: इशरत जहाँ बनाम पुलिस एनकाउंटर : इशरत जहां मामले में बिना तथ्यों का छिद्रान्वेषण किये मेरी व्यक्तिगत राय यही है कि यदि कोई भी व्यक्ति (जिसमे जाहिरा तौर पर अफसर भी शामिल हैं) चाहे वे सरकार के किसी भी विभाग का अंग हों, को अवश्य दण्डित किया जाना चाहिए, यदि साक्ष्य ऐसा कहते हों. मात्र अपनी आधिकारिक स्थिति के कारण किसी को भी कोई भी लाभ दिया जाना कदापि उचित नहीं माना जाएगा.

सत्ता की दबंगई : स्टे के बावजूद प्रशासन ने दिलाया पूर्व विधायक को कब्जा

वाराणसी के जिला मुख्यालय पर सपा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी की दंबगई से एक परिवार त्रस्त है. पुलिस प्रशासन के लोग 'सत्ता तुम्हारी तो हम भी तुम्हारे' की धुन गा रहे हैं. जिला मुख्यालय पर महीने भर से धरना दे रहे मंजूर अहमद का परिवार इस बात का नजीर है कि पूर्व सपा विधायक समद अंसारी के मामले में बनारस के पुलिस प्रशासन ने अदालत के आदेश को तार-तार करते हुए पूर्व विधायक को मकान पर जबरन कब्जा दिलाया. कोर्ट ने इस मामले में स्टे दे रखा है और अगली सुनवाई आगामी 16 अगस्त को होनी है. प्रथम अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन ने यथास्थिति को बनाए रखने के साथ ही किसी भी तरह के हस्तक्षेप न किए जाने की बात कही है. पर विधायक, पुलिस, प्रशासन ने कुछ भी नहीं माना.

पत्रकारों पर गुस्साईं सुषमा स्वराज, बोलीं- मुझे नहीं करनी प्रेस कांफ्रेंस

बुधवार को हरियाणा दौरे के दौरान लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज कैसे पत्रकारों पर उखड़ पड़ी और कुछ पत्रकार भी कितने ठीठ साबित हुए, इसका लाइव आपको भेज रहा हूं। सुषमा के हरियाणा दौरे के दौरान पत्रकार उनसे प्रेस कांफ्रेंस करने की जिद पर अड़ गए। सुषमा ने कहा कि मैं यहां किसी की मौत का शोक मनाने आई हूं और आप लोग हो कि प्रेस कांफ्रेंस की जिद पर अड़े हो। पत्रकार बाज नहीं आए, बोले- ''नहीं मैडम, एक मिनट के लिए बात कर लो। अरे, आधे मिनट के लिए ही बात कर लो।''

‘इंडिया न्यूज’ और ‘न्यूज एक्स’ के राजस्थान आफिस की बत्ती गुल

जयपुर से सूचना है कि यहां पर दो चैनलों का संयुक्त आफिस अंधेरे में हैं. ये चैनल हैं इन्डिया न्यूज और न्यूज एक्स. ये दोनों हरियाणा के कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा के चैनल हैं. बुधवार को इन्डिया न्यूज राजस्थान के जयपुर स्थित सी106 लाल कोठी स्थित कार्यालय का बिजली कनेक्शन बिजली विभाग ने काट दिया है।

SAD DEMISE OF FORMER SENIOR JOURNALIST CHARUDATTA DESHPANDE

Dear Member, With great sorrow and regret we have to inform you that former senior journalist &  club member and one of the well wisher of press club passed away on Friday June 28, 2013 evening at Mumbai. He was only 58. Charu, known for his coverage on politics was the political editor of The Economic Times. He started his career as a reporter with The Daily, then moved on to the Indian Express before moving to ET.

जिन्हें सम्मानित किया गया वह कुख्यात सुधाकर शेट्टी के चैनल के वाइस प्रेसीडेंट बने हैं

Qamar Waheed Naqvi : एस. पी. सिंह की बरसी पर आयोजित सेमिनार में जाना हुआ. मीडिया की मौजूदा दयनीय स्थिति और पत्रकारीय मूल्यों के 'घोर पतन' पर गरमागरम बहस हुई. सम्पादकों को इस पतन के लिए ख़ूब लतियाया गया. इसके बाद कुछ लोगों को उनके संघर्ष/ योगदान के लिए 'सम्मानित' भी किया गया. सेमिनार की समाप्ति के बाद संयोग से मेरी बातचीत उनमें से एक सज्जन से हुई, जिन्हें 'सम्मानित' किया गया था.

जब अखिलेश को इंटरव्यू देना सिखाने पर सलीम सैफी को सजा मिली थी

मुझे याद है वो दिन जब मै एक टीवी चैनल के लिए अखिलेश यादव का पहला लोकसभा चुनाव कवर करने कन्नौज गया था और अखिलेश यादव कैमरा फैस करने में शर्मा रहे थे. धर्मेन्द्र यादव ने मेरे से कहा कि सैफ़ी भाई आप ही कुछ समझाए. मैं अखिलेश यादव को अच्छी तरह समझा रहा था कि मैं आपसे ये सवाल पूछुंगा और आप ये जवाब दीजियेगा. ये सिलसिला अखिलेश यादव के निजी कक्ष में काफी देर तक चला और हमारा कैमरामैन ये सब रिकॉर्ड करता रहा, जो मुझे पता नहीं था.

ए2जेड न्यूज चैनल में नेताओं के नाम के आगे ‘जी’ लगाने का फरमान

आसाराम बापू का चैनल कहने जाने वाला ए2जेड इन दिनों नए विवाद का केंद्र बन गया है. यहां मैनेजमेंट ने फरमान जारी किया है कि जिस भी नेता का नाम एंकर लेंगे, उसके आगे 'जी' जरूर लगाएंगे. बताया जाता है कि इस चैनल में आए नए-नए एक शख्स की शह पर वहां के मैनेजमेंट ने यह फरमान एंकरों-रिपोर्टरों को जारी किया है. सूत्रों के मुताबिक हाल ही में भोपाल से जमालउद्दीन इस चैनल के अस्सिटेंट न्यूज हेड बनकर आए हैं. वे भोपाल में पीटीआई के संवाददाता रहे हैं.

न्यूज चैनलों के इन संपादकों से पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव का सवाल

एसपी सिंह के नाम पर भाई Pushkar Pushp बड़े जतन से हर साल कार्यक्रम करवाते हैं, लेकिन हर बार एसपी के समकालीन और उन्‍हें अपना आदर्श मानने वाले संपादक आम दर्शकों और नौजवान पत्रकारों की बची-खुची आस को एक-एक सेंटीमीटर डुबोते जाते हैं। फिलहाल उर्मिलेश जी को छोड़ दें तो विनोद कापड़ी, राहुल देव, नक़वी जी, अजित अंजुम और यहां तक कि निशांत जैसे दुर्घटनावश बने चैनल चंपादक- सब ने मिलकर मीडिया की खराब हालत के लिए नए लड़कों के ''अनपढ़'' होने को आज जिम्‍मेदार ठहरा दिया।

Shagun Tv has launched a “Saas-Bahu” chat show- “Saas Ko Saas Rahne Do”

Shagun TV – Indian’s first wedding entertainment channel has recently created a buzz in the television industry by launching a number of wedding entertainment shows in a row. This niche channel is not only targeting the Indian youth who is ready to tie a knot in coming years but is also targeting the entire family audience be it the third generation or first generation.

‘हंस’ में नक्सली हिंसा को लेकर राजेंद्र यादव के संपादकीय पर राजीव रंजन प्रसाद का जवाब

: नक्सली हिंसा हिंसा न भवति : हंस का जुलाई  अंक पढा। संपादकीय पढने के बाद लगा कि रिटायरमेंट की एक उम्र तय होनी चाहिये।  छोडिये, सचिन ही कब रिटायर होना चाहते हैं तो राजेन्द्र यादव की पारी भी जारी रहे। चर्चा पर उतरने से पहले राजेन्द्र यादव के बस्तर विषयक ज्ञान की गहरायी को उनके ही शब्दों में बयान करते हैं – “विडम्बना यह है कि हम यहाँ दिल्ली में एक एयरकंडीशनर कमरे में बैठ कर उनके बारे में बात कर रहे हैं जिनसे हमारा सीधा सम्बन्ध नहीं रहा। आज वहाँ के हालात की जमीनी जानकारी हमें नहीं है इसलिये हमारे लिये यह बैद्धिक और वैचारिक विमर्श है”।

दैनिक भास्कर, जमशेदपुर से उज्ज्वल ने शुरू की नई पारी

महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से एम फिल करने के बाद एक बार फिर सक्रिय पत्रकारिता में उज्ज्वल ने वापसी की है. इस बार दैनिक भास्कर, जमशेदपुर में सीनियर सब एडिटर के तौर पर नई पारी की शुरुआत की है. वर्धा से लौटने के बाद नए ठिकाने की तलाश में बैठे थे.

‘रेवान्त’ का नया अंक (अप्रैल – जून 2013) प्रकाशित

साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में हर दौर में लखनऊ ने अपना योगदान किया है। आज भी यहां से कई पत्रिकाएं निकल रही हैं जिनमें तदभव, रेवान्त, निष्कर्ष, कथाक्रम, लमही, साहित्य मीमांसा आदि प्रमुख हैं। ‘रेवान्त’ इनमें अलग खासियत रखती है। संभवतः महिला रचनाकारों व संस्कृतिकर्मियों के सामूहिक प्रयास से निकलने वाली साहित्य व संस्कृति की यह अकेली पत्रिका है।  इसका नया अंक – अप्रैल-जून 2013 का अंक विलंब से सही, लेकिन एक नये तेवर व नई सज-धज के साथ आया है। आवरण से लेकर सामान्य पृष्ठ तक कलात्मक है।  आवरण पर एक आदिवासी स्त्री का चित्र है। यह चित्र अहमदनगर (महाराष्ट्र) की चित्रकार अनुराधा ठाकुर द्वारा बनाई कलाकृति है।  इस युवा आदिवासी स्त्री की आंखों की भाषा, उसके सपने, भाव भंगिमा गहरे अर्थ लिए हैं। ‘रेवान्त’ के पृष्ठ प्रसिद्ध जनवादी चित्रकार अशोक भौमिक के चित्रों से सजा है।

बसंत विहार दुष्‍कर्म मामले की कवरेज के लिए विदेशी पत्रकार पहुंचे कोर्ट

नई दिल्ली : बसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालती कार्यवाही की कवरेज को लेकर अब विदेशी पत्रकार भी कोर्ट पहुंच गए हैं. इससे पहले भारतीय पत्रकार कोर्ट कवरेज का अधिकार पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं. इस बार भारत में मौजूद विदेशी पत्रकारों के समूह ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि अदालत अपने 22 मार्च के उस आदेश पर फिर से विचार करे, जिसमें भारत के प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को इस मामले की सुनवाई कवर करने की अनुमति दे दी थी.

दुर्गेश ने दैनिक जागरण एवं समर ने हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन किया

दैनिक भास्‍कर, बठिंडा से खबर है कि दुर्गेश ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे. दुर्गेश ने अपनी नई पारी दैनिक जागरण, जालंधर के साथ की है. उन्‍हें यहां सीनियर सब एडिटर बनाया गया है. दुर्गेश लंबे समय से दैनिक भास्‍कर को अपनी सेवाएं दे रहे थे. मूल रूप से बनारस के रहने वाले दुर्गेश ने अपने इस्‍तीफे के बारे में बताया कि पक्षपात तथा छुट्टी नहीं मिलने के कारण उन्‍होंने यह निर्णय लिया है. इसके पहले भी वे कई संस्‍थानों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

चैनल में नौकरी दिलाने के नाम पर पत्रकारों पर ठगी करने का आरोप

संपादक, भड़ास4मीडिया, महोदय, मेरे साथ मीडिया में काम करने वाले कुछ पत्रकारों ने मीडिया में काम दिलाने के नाम पर ठगी की है. प्रार्थी श्रीपाल सिह राणा निवासी ग्राम चौड़ा सहादतपुर सेक्टर 22 नोएडा की नोएडा सेक्टर 10 में प्रिंटिंग प्रेस है. मुझे नोएडा के कुछ पत्रकारों ने मीडिया में काम करने का आश्वासन दिया. ये लोग कई बार प्रिंटिंग प्रेस में प्रिंटिंग के सिलसिले में आये थे जिसके चलते मेरी इन पत्रकारों से जान पहचान थी. विजय,  संतोष और नीरज नामक पत्रकारों ने मुझे आश्वासन दिया कि ये तीनों मुझे नोएडा के सेक्टर 6 स्थित चैनल वन न्यूज में ब्यूरो चीफ बनवा देंगे.

बौखलाए सीडीओ ने फाड़ा अख़बार

नार्थ इण्डिया टाइम्स समाचार पत्र में २३ जून के अंक में प्रकाशित हुई खबर को लेकर बौखलाए पीलीभीत जनपद के मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह ने जिला संवाददाता के सामने अपने खिलाफ प्रकाशित खबर को लेकर बातों ही बातों में अख़बार को फाड़ दिया।

Dukhendu ki amar dastaan

Delhi Times of India (ToI) ki jaan hai uski metro desk aur reporting jismein 12 subeditor desk par aur 17-18 reporter hain. Kaam hai Delhi shahar ki khabar lana. Page 2 se Page 7 tak ka jimma metro desk par hai. Is poore unit ke in-charge hai ek aadmi jo ki badsuluki aur gandi gaali dene aur phansate hi jhoot bolne mein ustaad hai. Sab log use Dukhendu (Dhukh dene wala), Hypertendu (Hamesha jhagda karne wala) kehte hain. Who bangali hain aur kisi se bhi nahin patati hai. Bangaliyon se bhi nahin.

मराठी अखबार ‘विश्व सह्याद्री’ का पूना से प्रकाशन, मिलिंद वैद्य संपादक

महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पूना से ''विश्व सह्याद्री'' नाम के मराठी अखबार का लांचिग हो गया है. पूना में पहले से ही लोकसत्ता, सकाल, महाराष्ट्र टाइम्स, पुढारी, लोकमत, प्रभात पब्लिश होते हैं. नया अखबार बाजार में आने से पूना मे अखबारों की स्पर्धा तेज हो गई है. 16 फोर कलर पेजेस, अच्छा ले-आऊट और अच्छे कंटेंट वाले विश्व सह्याद्री का पूना के पाठकों ने अच्छा-खासा स्वागत किया.

खाकी के शिकंजे में मीडिया का जलबा

मथुरा। आज के अर्थ भरे आधुनिक युग में मीडिया, पुलिस, प्रशासन, माफिया के तथा कथित गठजोड़ की चर्चाऐं भले ही जग जाहिर हों लेकिन जनपद में खाकी का कहर गठजोड़ में लिप्त तथाकथित पत्रकारों पर जमकर टूट रहा है। जिसमें गोवर्धन, राया, मथुरा के पत्रकारों में हड़कम्प मचा हुआ है। उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार की बिगड़ती छवि एवं ध्वस्त होती कानून कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश के डीजीपी देवराज नागर अफसरों को अपराधियों एवं माफियाओं पर कहर बनकर टूटने तथा मीडिया से बेहतर सम्बन्ध बनाने का भले ही फरमान जारी कर रहे हों लेकिन जनपद में कालेकारोबार में लिप्त माफियाओं से टकराना एवं ब्लैकमेल करना कथित मीडिया कर्मियों को महंगा साबित हो रहा है।

”ऑफिस ब्‍वॉय से प्रभारी बने” खबर पर राजेंद्र का पक्ष

दैनिक जागरण, नारनौल (हरियाणा) में आफिस ब्वाय को प्रमोट करके आफिस इंजार्च बनाने की खबर पिछले दिनों भड़ास पर प्रकाशित हुई थी. इस खबर में जिन राजेंद्र पर आरोप लगाया गया है, उन्होंने अपना पूरा पक्ष भड़ास के पास भेजा है, जिसे यहां ससम्मान प्रकाशित किया जा रहा है. राजेंद्र की बात से यह साबित होता है कि कुछ लोग उनकी प्रगति से जल-भुन कर बेवजह उन्हें टारगेट करके बदनाम करना चाह रहे हैं.

सहमति से सेक्स करना अपराध नहीं, इसलिए आप परेशान न हों

भड़ास के पास कई तरह की चिट्ठियां, सूचनाएं आती हैं. कई ऐसी आती हैं कि उन्हें प्रकाशित नहीं किया जा सकता. कुछ ऐसे भी मामले आते हैं, जिनमें भेजने वाले को यह अंदाजा नहीं होता कि जो वह भज रहा है, वह छपनीय है या नहीं. इसी तरह का एक पत्र आज भड़ास के पास पहुंचा जिसमें पत्रलेखक किसी चैनल में कार्यरत एक नर और एक मादा के बीच आपसी संबंधों को लेकर छाती पीटते दिखे. इन्हें जवाब में लिखकर भेजना बड़ा कि बंधु, अगर सहमति से सेक्स हो रहा है तो क्या दिक्कत है. अपराध तब है जब मादा शिकायत करे कि उस नर प्रलोभित कर रहा है. लीजिए, ओरीजनल पत्र पढ़िए और उन सज्जन को भड़ास की तरफ से भेजा गया जवाब. -एडिटर, भड़ास4मीडिया