सड़क हादसे में घायल टीवी पत्रकार क्रांति किशोर मिश्र का निधन

लखनऊ : प्रदेश के युवा पत्रकार क्रांति किशोर मिश्र की शनिवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। हरिद्वार से कवरेज करके लौट रहे एक टीवी चैनल के पत्रकार क्रांति किशोर की कार बरेली के किला पुल से नीचे गिर गई थी। कार पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे रेलवे लाइन की बाउंड्री पर गिरी थी, जिसमें क्रांति किशोर को गंभीर चोटें आई थीं, जबकि उसमें सवार चार अन्‍य लोग भी घायल हुए थे।

पटना में छात्रों के शांति मार्च पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया

पटना, 31 अगस्त। : बीडी कालेज में छात्र समागम व एबीवीपी के गुंडों द्वारा भगत सिंह के फोटो को जलाने व आयोजित छात्र सम्मेलन पर हमले के विरोध में आज प्रतिरोध मार्च निकाल रहे आज आल इण्डिया स्टूडेन्ट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) की पटना जिला ईकाइ के छात्रों पर सचिवालय डीएसपी मनीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने आरब्लाक चौराहे पर बर्बर लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को गंभीर चोट लगी है। इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस आशय की जानकारी संगठन के राज्य परिषद सदस्य प्रिंस कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। 
 

क्या IIMCAA क़ब्रिस्तान में पंचायत करने के लिए गठित हुई है?

Abhishek Ranjan Singh : चलिए यह मान लिया जाए कि छात्र हित के नाम पर गठित आईआईएमसी एल्युमिनाई एसोशिएसन यानी भारतीय जनसंचार पूर्व छात्रसंघ; भा.ज.सं में छात्रावास से वंचित छात्रों की समस्याओं के निदान के लिए किसी तरह का कोई प्रयास नहीं करेगी. यह भी मान लेते हैं कि छात्रों की बाकी दर्द-तकलीफ़ों से भी उनका कोई वास्ता नहीं है. बकौल, एल्युमिनाई एसोशिएसन उनका संविधान इसकी इज़ाज़त नहीं देता, उनके मुताबिक़ इन मामलों में सक्रियता दिखाना भारतीय जनसंचार संस्थान के प्रशासनिक कार्यों में दख़ल देना है.
 

छंटनी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर ये सारे आइकोनिक पत्रकार ही सबसे पहले कन्नी काटते नज़र आते हैं : उर्मिलेश

: छंटनी के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी मौजूद : नई दिल्ली : मीडिया में जारी छंटनी और पत्रकारों की समस्याओं को ध्यान में रख आयोजित की गयी पत्रकार एकजुटता मंच (जर्नलिस्ट सोलिडेरिटी फोरम- जेएसएफ) की पब्लिक मीटिंग 31 अगस्त को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में सम्पन्न हुई। इस बैठक में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ वकीलों ने मीडिया पर कॉर्पोरेट के बढ़ते प्रभाव और उससे पैदा हो रही समस्याओं पर सबका ध्यान आकर्षित किया।
 

अखिलेश ने रोकी उत्तराखंड की मदद

: राहत राशि के दुरुपयोग से सपा सांसद नाराज : देहरादून : उत्तराखंड की आपदा में सबसे ज्यादा बढ़-चढ़ कर मदद करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मदद से अपना हाथ खींच लिया है और फिलहाल राहत की क़िस्त रोक दी है. समाजवादी पार्टी के महासचिव नरेश अग्रवाल ने पत्रकारों से इसका खुलासा करते हुए कहा कि जिस प्रकार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा लोगों द्वारा आपदाग्रस्तों के लिए बाहर से मिलने वाली राहत राशि का दुरूपयोग कर रहे हैं उससे उनके नेता अखिलेश यादव बेहद खफा हैं.
 

दो टीवी पत्रकारों पर आसाराम समर्थकों के हमले की मनीष तिवारी समेत कई नेताओं-संगठनों ने की निंदा

नई दिल्ली : सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने स्वयंभू गुरु आसाराम के समर्थकों द्वारा जोधपुर में दो टीवी पत्रकारों पर किए गए हमले की निंदा की। मंत्री ने ट्वीट किया, ‘एक धार्मिक उपदेशक के अनुयायियों द्वारा पत्रकारों पर हमला बेहद निंदनीय और परेशान करने वाला है।’ तिवारी ने पूछा, ‘क्या वह अपने अनुयायियों को यही पढ़ाते और सिखाते हैं?’ आश्रम में आसाराम के समर्थकों ने कथित तौर पर एक टीवी रिपोर्टर और एक कैमरामैन पर हमला किया। टीवी पत्रकार ने बताया कि वे आसाराम के आश्रम में कवरेज करने गए थे। तभी उनके कुछ समर्थकों ने उन पर हमला किया और उनका कैमरा छीन लिया। 
 

जोधपुर व भोपाल में पत्रकारों पर हुए हमले ने उठाये कर्इ सवाल

: संविधान का चौथा स्तंभ खतरे में : संविधान का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडियाकर्मी अब असुरक्षा के घेरे में है। जोधुपर व भोपाल में मीडियाकर्मियों के साथ जिस तरह बदसलूकी व मारपीट की घटना घटी है इसके बाद एक बार फिर मीडियाकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। क्या दूसरों के अधिकारों व हक की लडार्इ लड़ने वाले पत्रकारों के खुद के लिए भी कोई हक है? क्या पत्रकार के साथ कोर्इ भी अप्रिय घटना घटने पर सरकार या जिस कंपनी के लिए वो कार्य करता है, वो आगे आती है? नहीं, ऐसा नहीं है।
 

पेमा, जालंधर की एजीएम में मीडिया राइट्स एंड प्रोटैक्शन एक्ट का खाका पेश

जालंधर : देश में मीडिया पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंतित प्रिंट एंड इलैकट्रोनिक मीडिया एसोसिएशन, जालंधर (पेमा) ने मीडियापर्सन्स को स्पैशल एक्ट से कवर करने की दिशा में पहलकदमी है। देश के प्रमुख राज्य पंजाब की मीडिया सिटी जालंधर में पत्रकारों की भलाई के लिए काम कर रही संस्था की शनिवार को आयोजित एनुयल जनरल मीटिंग (एजीएम) में एक्ट का खाका पेश किया गया। प्रधान संजीव कुमार टोनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लीगल सैल के चेयरमैन राजेश कपिल ने एक्ट का खाका पेश किया जिसको और भी प्रभावशाली बनाने के लिए सभी सदस्यगणों से एक सप्ताह में सुझाव दाखिल करने की अपील की गई है। 
 

एसीजेएम ने अभिनेता कमाल खान पर एफआईआर की याचिका खारिज की

एसीजेएम लखनऊ ने मेरे द्वारा फिल्म अभिनेता कमाल आर खान द्वारा राँझना फिल्म की रिव्यू में की टिप्पणी पर एफआईआर दर्ज कराने की याचिका को खारिज कर दिया. 20 जून 2013 को यूट्यूब पर लोड हुए इस वीडियो रिव्यू में खान ने कहा था- “सर, पता नहीं आप यूपी से हैं या नहीं, बट मैं यूपी से हूँ. पूरे यूपी में जैसा धनुष है, वैसे आपको भंगी मिलेंगे, चमार मिलेंगे बट एक भी इतना सड़ा हुआ पंडित आपको पूरे यूपी में कहीं नहीं मिलेगा.”
 

जिया न्यूज, बिहार के स्टेट हेड बने कुलदीप भारद्वाज, राजीव मिश्र बिग मैजिक टीवी गए

पटना से खबर है कि कुलदीप भरद्वाज ने अपनी नयी पारी जिया न्यूज़ चैनल के साथ शुरू की है. आठ वर्षों से ज्यादा समय से मीडिया क्षेत्र का अनुभव रखने वाले कुलदीप भरद्वाज को स्टेट हेड बनाया गया है, कुलदीप ने बीएज़ी फिल्म्स से अपने करियर की शुरुआत की थी. कुलदीप भारद्वाज ने जिया न्यूज़ के बिहार स्टेट हेड की जिम्मेवारी सम्भालने से पहले इंडिया न्यूज में न्यूज़ कोआर्डिनेटर कम इंडिया न्यूज चैनल के समूह सम्पादक दीपक चौरसिया के व्यक्तिगत सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं.
 

BEA Condemns Attack On Media Persons

New Delhi, 31.08.2013 : The Broadcast Editors' Association (BEA) is shocked at the attack on media persons allegedly by supporters of Asaram Bapu. Condemning the attack, BEA demands immediate steps for safety and security of media persons as democracy cannot afford to allow anybody to hold the rule of law to ransom.
 

एक अखबार आसाराम को बचाने, ब्रांडिंग करने में जुटा, देखिए उसका कवरेज

इंदौर से छपने वाला 'दबंग दुनिया' की दबंगई सबके सामने आ ही गई. वह बलात्कारी आसाराम को बचाने में जुट गया है. उसने आसाराम के महिमामंडन में फ्रंट पेज से लेकर अंदर तक के पेज भर डाले हैं. उसने शीर्षक से लेकर सब हेडिंग, कैप्शन तक ऐसे लगा रखे हैं कि एक नजर में देखने वाला ही समझ सकता है कि यह अखबार आसाराम को बचाने और ब्रांडिंग करने में जुटा हुआ है. 

शाश्वत चिंतन :: खड़ी बोली हिंदी को जहां तक पहुंचना था, पहुंच चुकी, अब पतन के दिन शुरू

क्राइस्ट चर्च कॉलेज से ग्रेजुएशन और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से विधि स्नातक की परीक्षायें पास करने के बाद जब इच्छित रोजगार नहीं मिला तो बेरोज़गारी के कुछ दिन अपने गृह जनपद में सुकून के साथ गुजारे। काम-धाम कुछ था नहीं, तो उस छोटी सी जगह में दिन आराम के साथ गुजर रहे थे। माँ-बाप चूँकि अध्यापक थे और मित्रों में भी डिग्री कॉलेज में पढ़ा रहे लोग शामिल थे, सो बातचीत में भी अकसर शिक्षा का विषय शामिल हो ही जाता था। अपने शहर में भी विद्यार्थियों को मूर्ख बनाने के लिये जातिगत आधार पर इंटर एवं डिग्री कालेज खुले हुऐ थे, जिन्हें उन कालेजों के नाम से नहीं, बल्कि जिन जातियों ने वो कालेज खोले थे, उन जातियों के नाम से संबोधित किया जाता था। उन कालेजों की कुछ खास विशेषतायें थीं।
 

कलीमउद्दीन शेख ने इंदौर से अपनी मासिक पत्रिका ‘कला संसार’ शुरू की

पत्रकारिता में करीब डेढ दशक से सक्रिय कलीमउद्दीन शेख ने इंदौर से अपनी मासिक पत्रिका 'कला संसार'  शुरू की है. यह पत्रिका राष्ट्रीय स्तर की कला गतिविधियों का दर्पण है. इसमें  रुपंकर कला के साथ सिनेमा और रंगमंच को शामिल किया गया है.  कलीमउद्दीन ने यह पत्रिका अपने भाई रियाज़उद्दीन के साथ शुरू की है.

सुधीर अग्रवाल को भेजे रिजाइन लेटर में प्रशांत चाहल ने खोली भास्कर, चंडीगढ़ की पोल

सेवा में, श्री सुधीर अग्रवाल जी, मैनेजिंग डायरेक्टर, दैनिक भास्कर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, 6, द्वारका सदन, प्रेस कॉपलेक्स, एमपी नगर, भोपाल,  मध्य-प्रदेश। विषय: पद से इस्तीफा देने का नोटिस। महोदय नमस्कार, मैं पिछले 16 महीने से भास्कर समूह का सदस्य हूं। भास्कर के चंडीगढ़ दफ्तर में संपादकीय विभाग में कार्यरत हूं और सिटी लाईफ में बतौर रिपोर्टर काम कर रहा हूं। ग्रुप के सदस्य के तौर पर गुजारे इस कार्यकाल में, जोकि बेहद छोटा है, मैंने हमेशा ही विशेष ध्यान संस्थान की नीतियों को समझने में लगाया। संस्थान की मान्यताओं, उसकी बुनियाद और उन लक्ष्यों को जानने की कोशिश की, जिन्हें कंपनी जीतना चाहती है। अखंडता, विश्वसनीयता और इनोवेशन के दम पर सामजिक-आर्थिक बदलाव लाकर देश का समानित और सबसे बड़ा मीडिया ग्रुप बनने का जो सपना कंपनी देखती है, उसे जीने का प्रयास किया। 

एनयूजे की बैठक 28-29 सितम्बर को कोडरमा में

नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट (एनयूजे) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 28-29 सितम्बर को कोडरमा में होगी. इस आयोजन को लेकर कोडरमा में पत्रकारों की एक बैठक भी हुई जिसमे यूनियन के झारखण्ड यूनिट अध्यक्ष रजत कुमार गुप्ता और शिव कुमार अग्रवाल भी मौजूद थे. 

बिजनेस भास्कर के गौरव ने डीडी न्यूज और लाइव इंडिया के इंद्रीजत राय ने पाजिटिव मीडिया ज्वाइन किया

एक मेल से मिली सूचना के अनुसार बिजनेस भास्कर से गौरव कुमार ने इस्तीफा दे दिया है. गौरव कुमार यहां पिछले साढ़े तीन सालों से काम कर रहे थे. वे पिछले लगभग दो सालों से एडिट पेज का कार्यभार संभाल रहे थे. उन पर अखबार के संपादक एसके सिंह को बड़ा भरोसा था. आईआईएमसी से पास आउट गौरव ने दूरदर्शन न्यूज जॉइन कर लिया है.

सतीश के. सिंह ने लाइव इंडिया से इस्तीफा दिया, फोकस-हमार टीवी वाले पाजिटिव मीडिया ग्रुप पहुंचे

सतीश के. सिंह को लेकर जो मार्केट में चर्चा थी, और जिसका प्रकाशन भड़ास पर भी किया गया था, वो सच निकली. उन्होंने लाइव इंडिया न्यूज चैनल को गुडबाय बोल दिया है. उन्होंने एडिटर इन चीफ पद से इस्तीफा दे दिया है. वे नई पारी की शुरुआत पाजिटिव मीडिया ग्रुप के साथ करेंगे. नवीन जिंदल और मतंग सिंह वाले इस ग्रुप के फोकस, हमार समेत कई चैनल हैं. सतीश के सिंह के जाने के बाद लाइव इंडिया में काफी बदलाव होने की संभावना है. उनके खास लोग उनके आगे पीछे लाइव इंडिया से इस्तीफा देकर पाजिटिव मीडिया ग्रुप का हिस्सा बनेंगे. 

‘टूनाइट विथ दीपक’ नंबर वन न्यूज शो बना!

टैम के 34वें हफ्ते के आंकड़े बताते हैं कि इंडिया न्यूज चैनल पर प्रसारित दीपक चौरसिया का शो 'टूनाइट विथ दीपक' नंबर वन न्यूज शो हो गया है. इस 34वें हफ्ते इस शो की टीआरपी 17.4 फीसदी रही जबकी नंबर दो पर रहा इंडिया टीवी का प्रोग्राम, 15.0 फीसदी के साथ. इस उपलब्धि पर इंडिया न्यूज की तरफ से चैनल पर एक विज्ञापन प्रसारित किया जा रहा है , जो इस प्रकार है…

एक बड़े न्यूज चैनल में कई हजार करोड़ रुपये डालकर ब्लैक को ह्वाइट कर लिया एक बड़े कांग्रेसी नेता ने!

चर्चा है कि एक बड़े और प्रभावशाली कांग्रेसी नेता ने अपने कई हजार करोड़ रुपये की ब्लैकमनी एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल में निवेश कर ह्वाइट कर लिया. 

नेटवर्क18 समूह की कंपनी इंफोमीडिया18 में आज हो रही है छंटनी, कई को मिले लिफाफे

मुंबई से खबर आ रही है कि नेटवर्क18 समूह की कंपनी इफोमीडिया18 में छंटनी का दौर शुरू हो चुका है. आज सुबह से लोगों को लिफाफे पकड़ाए जा रहे हैं. भड़ास के पास कम से कम पांच लोगों को बाहर कर दिए जाने की खबर पुख्ता तौर पर है. नेटवर्क18 में पिछले कई महीनों से छंटनी का दौर चल रहा है. हाल में ही सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 से सैकड़ों लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया. 

आगरा में चैनल्स की भीड़, मीडियाकर्मियों के लिए मारामारी

आगरा में पहले से संचालित डैन, मून, सी और डीजी में प्रतिद्वंदिता कम नहीं थी कि एक अन्य कंपनी ने दस्तक दे दी। हालांकि पहले से संचालिक मून, सी और डीजी में मून और डीजी तो पहले ही वेंटिलेटर पर हैं, डैन और सी की रेस में अब एक नया चैनल भी कूद पड़ा है। इस चैनल में तेज़ी से कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी गई है जिनमें अधिकतर नैसिखिये शामिल हैं जिन्हें एक से बढ़कर एक लॉलीपॉप थमाये जा रहे हैं। जिसकी आवश्यकता नहीं उन्हें भी सिर्फ इसीलिए रखा जा रहा है क्योंकि वो अन्य चैनल्स में कार्यरत हैं। इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है डेन न्यूज़ चैनल पर जिसके कई कर्मचारी पहले ही नये चैनल का रुख कर चुके हैं। अंदरखाने में दो तीन नाम और प्रस्तावित हैं।

दारिन शाहदी, ब्रजमोहन, आमिर, शारदा, डा. महेश चौधरी, ज्ञानेंद्र, शैलेष की नई पारी

आईबीएन7 से छंटनी के शिकार हुए स्पोर्ट्स एडिटर दारिन शाहदी स्टार स्पोर्ट्स के साथ जुड़ गए हैं. दारिन ने अपनी नई शुरुआत के बारे में फेसबुक पर खुलासा किया है. वे स्टार स्पोर्ट्स के लिए कुछ असाइनमेंट पर काम कर रहे हैं.  आईबीएन7 से ही निकले ब्रजमोहन ने न्यूज नेशन ज्वाइन कर लिया है. आईबीएन7 में ही कार्यरत आमिर अंसारी के बारे में चर्चा है कि वो दूरदर्शन से जुड़ने वाले हैं. आईबीएन7 में कार्यरत शारदा शुक्ला का इंटरनल ट्रांसफर ईटीवी पटना हो गया है. 

इटावा के पत्रकार राकेश शर्मा के नामजद हत्यारे अभी तक पकड़े नहीं गए, परिजन नाराज

इटावा : पत्रकार राकेश शर्मा की हत्या में नामजद आरोपियों की एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी न होने पर उनके परिजन गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिले। परिजनों ने अब तक हत्याभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता और नाराजगी जतायी। अपेक्षा की कि जल्द गिरफ्तारी होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलाब्जा चौधरी ने पत्रकार के परिजनों की शिकायत को संजीदगी से सुनते हुए आश्वस्त किया कि नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस प्रशासन इस दिशा में भरसक कोशिश कर रहा है। 

अदालत की अवमानना करने वाले सुब्रत राय को दंडित किया जाए (सेबी का सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध)

चौबीस हजार करोड़ रुपये इनवेस्टरों को लौटाने के आदेश का पालन न करने के लिए सुब्रत राय और इनके तीन फर्मों के डायरेक्टरों को अदालत की अवमानना के जुर्म में दंडित किया जाना चाहिए. यह अपील बाजार नियामक सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से की है. सेबी का कहना है कि जिन कंपनियों-फर्मों ने निवेशकों से अवैध तरीके से पैसे उगाहा है, उनमें सुब्रत राय की हिस्सेदारी सत्तर प्रतिशत है, इसलिए वह दंडित किये जाने योग्य हैं. उन्हें अवमानना के जुर्म में छह महीने के लिए जेल भेजा जाए या फिर जुर्माना लगाया जाए. इस प्रकरण की पूरी खबर समाचार एजेंसी पीटीआई ने रिलीज की है, जो इस प्रकार है…

बाजार की चाल से सहमी केंद्र सरकार

डॉलर के मुकाबले रुपए की जिस तरह से पिटाई हुई है, उससे देश के राजनीतिक हल्कों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद रुपए ने गिरावट का रिकॉर्ड गोता लगा लिया है। स्टॉक बाजार भी भारी गिरावट के शिकंजे में फंस गया है। एक सप्ताह के अंदर ही सेंसेक्स में डेढ़ हजार से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज हो गई है। जबकि, सोने के भाव एक बार फिर आसमान पर चढ़ गए हैं।
 

हे विजय बुहुगुणा, आप तो प्रोपर्टी डीलरों से घिरे हो (पढ़ें एक पत्र)

आदरणीय, भाई विजय बहुगुणा जी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड, मान्यवर, आपने मेरी पुस्तक "रंवाई कल आज और कल" का अपने आवास पर विमोचन किया था, तब मैंने अपने संबोधन में कहा था कि आपकी प्रतियोगिता शिशुमंदिर के शिक्षक से मुख्यमंत्री बने बेचारे निशंक जैसों से नहीं है बल्कि अपने पिता स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा से है जिनकी आँखे पहाड़ और पहाड़ की महिलाओं की दयनीय दशा का बखान करते करते भर आती थी. इंदिरा गांधी जैसी नेता से टक्कर लेकर राष्ट्रीय राजनीति में नई धारा बहाने की सोच रखने वाले ये महान नेता देश के साथ -साथ पहाड़ की भी उतनी ही चिंता करते थे.

यूपी में दो माह में चार पत्रकारों की हत्या पर ”वॉल स्ट्रीट जर्नल” में छपी स्टोरी

यूपी में सपा राज निश्चित रूप से बसपा राज से भी बुरा साबित हो रहा है, अभी जबकि सत्ता में आए दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं. खासकर मीडिया वालों के लिए तो यूपी बेहद असुरक्षित और डरावना इलाका बन चुका है. दो महीने में चार पत्रकारों की हत्याएं की गईं. सैकड़ों पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे लादे गए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. मीडिया वाले अब लोकसभा का इंतजार कर रहे हैं जिसमें वो सपा को झटका दिला सकें. 

वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) यानि तीसरी आंख, जिसकी नजर है आपके फाइनेंस ट्रांजेक्‍शन पर

''बड़ा भाई देख रहा है'', ''प्रिज़्म कार्यक्रम'', ''स्नौडेन का खुलासा''। ये सभी वाक्यांश विभिन्न सरकारों द्वारा अपने ही नागरिकों की हो रही खुफ़िया निगरानी के बारे में खुलासे करते हैं और हम हमेशा इस निगरानी को बहुत नकारात्मक नज़रिए से देखा करते हैं। हम इसे हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के रूप में देखते हैं जबकि किसी भी निगरानी तंत्र का अभाव, निगरानी होने से ज़्यादा बुरी हालात को जन्म देता है। प्राचीन भारत के पहले शासक प्रबंध की शिक्षा देने वाले ग्रंथ कौटिल्य के अर्थ-शास्त्र में भी राज्य द्वारा गुप्तचरों के प्रयोग करने के विशद विवरण और निर्देश दोनों मौजूद हैं फ़िर सभी प्रकार की गुप्तचरी को राजनीतिक उत्पीड़न या विचारों के दमन से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। कहीं ना कहीं इससे जनकल्याण की भावना भी जुड़ी है। 

प्रेस क्लब आफ इंडिया और यूनिसेफ यौन हिंसा से लड़ने के लिए एक साथ काम करेंगे

: यह रेड सायरन बजाने का समय : प्रेस कल्ब आफ इंडिया और यूनिसेफ के बीच इस बात पर सहमती बनी है कि ये दोनों मिलकर बच्चों विशेष रूप से लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा एवं अन्य तरह के उत्पीड़न के मसले पर मिलजुलकर काम करेंगे. पत्रकारों को इस समस्या से रूबरू कराने और इस दिशा में उनका सहयोग प्राप्त करने के लिए 21 अगस्त को प्रेस क्लब आफ इंडिया के सभागार में यूनिसेफ और प्रेस क्लब आफ इंडिया ने एक परिचर्चा का आयोजन किया. दरअसल यह प्रेस क्लब आफ इंडिया और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से भविष्य में आयोजित किये जाने वाले विभिन्न सेमिनारों की कड़ी में पहला सेमिनार था, जिसके तहत बच्चों के खिलाफ होने वाला हिंसा विशेष रूप से लड़कियों के साथ होने वाले यौन हिंसा और शारीरिक उत्पीड़न पर केंद्रित था. 

कुल्लू में मुंबई गैंगरेप के खिलाफ पत्रकारों का प्रदर्शन (देखें तस्वीरें)

कुल्लू : मुबंई में महिला पत्रकार के साथ गैंगरेप करने वाले आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय के पत्रकारों ने काले बिल्ले पहनकर रोष रैली निकाली। बाद में एडीएम कुल्लू के माध्यम से प्रधानमंत्री व कानून मंत्री को ज्ञापन भी भेजा। इस अवसर पर समस्त पत्रकारों ने गैंगरेप में शामिल रहे दोषियों को फांसी देने की मांग की। साथ ही देश भर में हो रहे गैंगरेप पर चिंता जताई तथा ऐसे कृत्य को अंजाम देने वालों को केवल फांसी दिए जाने की मांग की। 

1500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है पीके तिवारी और महुआ वालों ने, चार्जशीट दाखिल

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले पीके तिवारी उर्फ प्रमोद कुमार तिवारी की कहानी भी चरम उत्थान और चरम पतन की है. इस एक शख्स से बहुत कुछ सीखा जा सकता है. अपने जीवन में जितने रंग पीके तिवारी ने देखे होंगे, उतना शायद ही किसी ने. फर्श से अर्श और फिर अर्श से फर्श की दास्तान हैं पीके तिवारी. इन पीके तिवारी की कंपनी महुआ पर पंद्रह सौ करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है. 

फेसबुक पर लव के बाद सेक्स और हत्या

नोएडा। राजधानी दिल्‍ली से सटे नोएडा में इश्‍क और बेवफाई का एक खूनी खेल सामने आया है। यहां के एक गेस्‍ट हाउस के कमरे में पेशे से फैशन डिजाइनर एक युवती का शव बरामद होने से हड़कम्‍प मच गया। ऐसा बताया जा रहा है कि उसके प्रेमी ने ही उसकी हत्‍या कर दी और फिर फरार हो गया। युवती के मुंह से झाग निकल रहा है जिसके बाद ये आशंका जताई जा रही है जहर देकर उसकी हत्‍या की गई है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन कर रही है। 

क्या बीइए, एनबीए इसकी भर्त्सना करते हुए प्रेस रिलीज जारी करेंगे?

Vineet Kumar : अगर जन्म के पूर्व लिंग परीक्षण कानूनी अपराध है तो जी न्यूज की अल्का सक्सेना आखिर क्यों इतनी बेशर्मी से ये लाइन बार-बार दोहरा रही थी कि- सबको चाहिए कान्हा? क्या उस क्लिनिक पर तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और जी न्यूज से जवाब-सवाल तलब नहीं किए जाने चाहिए कि एक क्लिनिक और उसके डॉक्टर खुलेआम सजेरियन के जरिए निर्धारित समय से पूर्व डिलिवरी करा रहे हैं तो आपने इसे महिमामंडित करने के बजाय इस पर निगेटिव स्टोरी क्यों नहीं चलायी? 
 

हिंदी और हिंदी पत्रकारिता के गढ़ बनारस में पत्रकारिता घुटनों के बल बैठ चुकी है

विभांशु दिव्याल : हिंदी और हिंदी पत्रकारिता के गढ़ बनारस में पत्रकारिता घुटनों के बल बैठ चुकी है। बंगाल में 'हिक्की गजट' के बाद बनारस में संस्कृत भाषा में समाचार पत्र छपने शुरू हुए। बंगाल और बनारस की पत्रकारिता ने आज़ादी की लड़ाई में बंदूक से ज्यादा गोलियां कलम से चलाई थीं। समाचार पत्रों की आवाज़ को दबाने के लिए अंग्रेजों ने 'वर्नाकुलर एक्ट' बनाया।  लेकिन अब बनारस की पत्रकारिता महज 'चंपूगिरी' और 'मुखबिरी' तक सीमित हो गई है। आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों की लाठी और गोली खाने वाले 'स्वर्गीय' पत्रकारों के 'वंशज' पुलिस की एक नोटिस पर दंडवत हो जा रहे हैं। नई नई बनी 'इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन' ने बीएचयू की खबरों का कवरेज नहीं करना का फैसला किया है लेकिन एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी के यहां से 'दुत्कार' कर भगाए जाने के बाद भी कप्तान के 'सत्कार' में लगी हुई है।

राजस्थान में शराब के कारोबार को बढ़ावा देती सरकार

राजस्थान में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। पिछले चुनाव के समय आबकारी नीति एक मुद्दा थी। तब कांग्रेस विपक्ष में थी और भाजपा सत्ता में। हमलावर कांग्रेस और मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तत्कालीन सरकार पर आरोप लगाए थे कि भाजपा शराब संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। तब ’एट पीएम, नो सीएम’, जैसे जुमले कांग्रेस के मंच से कहे जाते थे। हालांकि भाजपा ने आरोप को बेबुनियाद बताया था। लेकिन, कांग्रेस ने जो घेराबंदी की, उससे चुनाव में भाजपा के खिलाफ शराब को लेकर एक माहौल बना। तब शराब के दुष्परिणामों के भुगतभोगियों और उनके परिजनों में यह उम्मीद जगी थी कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर शराब की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। बल्कि, बीते साढ़े चार साल के आंकड़े और घटनाएं इसके उलट है।

श्रेय शुक्ला बने श्री न्यूज चैनल के प्रधान संपादक, उनकी टीम के पांच लोग भी जुड़े

श्री न्यूज चैनल से सूचना मिली है कि लखनऊ में इंडिया न्यूज के ब्यूरो चीफ रहे श्रेय शुक्ला एडिटर इन चीफ के पद पर ज्वाइन कर रहे हैं. श्रेय के ससुर के निधन से फिलहाल उनकी ज्वायनिंग टल गई है. लेकिन उनकी टीम के पांच लोगों ने श्री न्यूज ज्वाइन कर लिया है. फरमान अब्बास को लखनऊ में ब्यूरो चीफ बनाया गया है. 

मनीष अरोड़ा को जागरण में प्रमोशन और ट्रांसफर, पंकज मलिक का नई दुनिया से इस्तीफा

दैनिक जागरण, पानीपत से खबर है कि मार्केटिंग के एरिया मैनेजर मनीष अरोड़ा को ग्रुप का क्लासीफाइड हेड बनाया गया है. वे अब कानपुर में बैठकर काम देखेंगे. वे कानपुर चले गए हैं. उनकी जगह पानीपत में संजीव तिवारी काम देखेंगे. उधर, नई दुनिया से सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पंकज मलिक ने इस्तीफा दे दिया है. वे ग्रपु मैनेजर (प्रोडक्शन) के पद पर कार्यरत थे. 

पत्रकार दीप्ति चौरसिया पर भड़के आसाराम

भोपाल : पहले दीपक चौरसिया को आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने दलाल कह डाला था और अब खुद आसाराम ने दीपक चौरसिया की पत्रकार बहन दीप्ति चौरसिया को अनाप-शनाप कह डाला. दीप्ति चौरसिया ने जब आसाराम से उन पर लगे आरोपों के बारे में पूछा तो आसाराम भड़क गए और तू-तड़ाक करते हुए बेशर्म तक कह डाला. इस बीच, दीपक चौरसिया के प्रधान संपादकत्व वाले इंडिया न्यूज चैनल ने आसाराम बापू के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. 

नभाटा, गाजियाबाद के ब्यूरो चीफ राकेश रिटायर, संजय को जिम्मेदारी, साजिद रजा जागरण से जुड़े

नवभारत टाइम्स, गाजियाबाद से सूचना है कि यहां के ब्यूरो चीफ राकेश पाराशर रिटायर हो गए हैं. उनकी जगह पर संजय श्रीवास्तव को ब्यूरो चीफ का कार्यभार मिला है. संजय के ब्यूरो चीफ बनने के बाद से आफिस में अंदरुनी राजनीति तेज हो गई है. लंबे से कार्यरत लोग खुद को उपेक्षित और प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं. पुराने लोगों का आरोप है कि नवभारत टाइम्स के गाजियाबाद कार्यालय में ब्यूरो चीफ संजय श्रीवास्तव मनमानी कर रहे हैं. मौजूदा रिपोर्टरों से आए दिन किसी न किसी बात पर झगड़ा होता रहता है. नए लोगों को आफिस में इंट्री दिलाने की भी कोशिशें हो रही हैं. 

नवभारत में मजीठिया वेतनमान लागू, ठेका कर्मचारियों को ठेंगा

नवभारत छत्तीसगढ़ में मजीठिया वेतनमान पिछले महीने से दिया जा रहा है लेकिन इस वेतनमान का लाभ रेगुलर कर्मचारियों को ही मिल रहा है। अन्य को ठेका कर्मचारी बोलकर उन्हें ठेगा दिखा दिया गया है। चूंकि छत्तीसगढ़ में नवभारत ठेके में चल रहा है, इसका ठेका आर अजीत लिए हुए हैं। अनुबंध के अनुसार वे प्रतिमाह मालिक को 65 से 70 लाख रूपए देते हैं और इतना लक्ष्य उन्हें सरकारी विज्ञापनों से मिल जाता है। 

गोवा की अय्याशी में शामिल बाराबंकी के सदर विधायक के भाई को बख्श दिया?

: शहर में सीएम के साथ लगी धर्मेन्द्र यादव की होर्डिंग्स आज सपाइयों ने ही फाड़ डाली : बाराबंकी। समाजवादी पार्टी द्वारा तीन विधायकों को निलम्बित करने व दो विधायकों के पुत्र को पार्टी से निष्काषित करने के मामले में आज उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब आलाकामान के फैसले पर सवालिया निशान लगाते हुए सपा के ही कुछ नेता नजर आये। उनका कहना था कि बाराबंकी शहर के विधायक सुरेश यादव का भाई धर्मेन्द्र यादव भी गोवा की अय्याशी में पकड़ा गया। न इनको निलम्बित किया गया और न उसको निकाला किया गया। बंकी ब्लाक का प्रमुख बताकर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ लगाने वाला धर्मेन्द्र यादव क्या गोवा में सीतापुर के सपा विधायक के साथ अय्याशी करते हुए पकड़ा गया है? ऐसी चर्चायें आज उस वक्त सही साबित होने लगी जब धर्मेन्द्र यादव की होर्डिंग्स ही उनके अपने ही गुर्गे फाड़ने लगे।

चुनावी टीस और मरहमी फंडा

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी जब-तब वंचित वर्गों के दर्द को लेकर एकदम खांटी दार्शनिक वाला चोला ओढ़ लेते हैं। कई बार ऐसा लगता है कि इस संवेदनशील नेता को शायद अब तक पता ही नहीं था कि दलित और वंचित वर्गों की हालत आज भी ज्यादा अच्छी नहीं है। भले विकास और बढ़ती समृद्धि के तमाम दावे किए जाते रहे हों। उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के एक आयोजन में दलितों की स्थिति पर काफी चिंता जताई। इस बात पर खास जोर दिया कि जब तक पूरे देश में यह वंचित समाज कांग्रेस के साथ मजबूती से नहीं खड़ा होगा, तब तक पार्टी की जड़ें राजनीतिक रूप से पहले की तरह पुख्ता नहीं हो सकतीं। 

आसाराम के आश्रमों में भ्रष्टाचार और महिलाओं के शोषण को नजदीक से देखा है वैद्य अमृत प्रजापति ने

: आसाराम की कुंडली : 425 आश्रम, 1400 समिति, 17000 बाल संस्कार केन्द्र, 50 गुरुकुल… : जब से दिल्ली में, आसाराम बापू पर जोधपुर में एक नाबालिक लड़की से बलात्कार करने का आरोप लगा है, तब से आसाराम अपने कारनामों और बयानों से लगातार मीडिया की सुर्खियां बटोर रहे हैं। दिल्ली में एक लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद जब लोग सड़कों पर उतरे थे, तब आसाराम ने बलात्कार के खिलाफ कानून बनाने का विरोध करते हुए बयान दिया था।  
 

छंटनी मसले पर एक्‍शन चाहते हैं तो ये आरटीआई अपने अपने नाम से लगाएं

Rising Rahul : साथि‍यों, छंटनी के मसले पर अगर सच में कोई एक्‍शन चाहते हैं तो नि‍म्‍न आरटीआई अपने अपने नाम से लगाएं। यकीन मानें, इसके बाद सत्‍ता को एक्‍शन लेना ही पड़ेगा। बस यहां से कॉपी करें और अपना नाम नीचे लि‍खकर पोस्‍ट कर दें।

प्रेममंदिर लाइव कवरेज : कृपालु महाराज के पेड न्यूज़ पर नाचे न्यूज़ चैनल

दुनिया को नैतिकता के कठघरे में खड़ा करने वाले मीडिया का यह रूप आखिर किस नैतिकता की कैटेगरी में आएगा?  कल कृष्‍णजन्‍माष्‍टमी की रात मैंने सोचा कि टीवी न्‍यूज चैनलों पर देश के विभिन्‍न भागों में, यथा- मथुरा, वृंदावन, द्वारका, मुंबई, दिल्‍ली……में यह पर्व किस तरह से मनाया जाता है, देखा जाए। रात के 11.45 पर जैसे ही टीवी ऑन किया, तो झटका लगा।

अशोक सिंघल की अवैध हिरासत के खिलाफ मानवाधिकार आयोग को शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को विहिप नेता अशोक सिंघल की अवैध हिरासत के खिलाफ शिकायत भेजी है. शिकायत के अनुसार 25 अगस्त 2013 को सिंघल को अमौसी हवाईअड्डे पहुँचते ही लगभग 10.30 बजे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया. सभी न्यूज़ चैनल ने तत्काल यह खबर प्रसारित की. अरुण कुमार, एडीजी क़ानून व्यवस्था ने लगभग 11 बजे और बाद में आर के विश्वकर्मा, आईजी क़ानून व्यवस्था और कमाल सक्सेना, गृह सचिव ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की. 

साजिश के तहत हो रहा है मीडिया पर हमला

“लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन” (लीपा) के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने मीडिया की विश्वसनीयत पर हो रहे हमलों की घोर निन्दा करते हुए कहा है कि मीडिया की छवि को ध्वस्त करने का काम बड़े सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया, क्षेत्रिय मीडिया, टीवी मीडिया एवं वेब मीडिया से इन सुनियोजित हमलों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

दभोलकर की हत्या के मायने

विज्ञान हार गया ! आप सोच रहे होंगे कैसी पहेली समझाई जा रही है?….जी हां,ये चीत्कार है उन तमाम लोगों की जिनकी संवेदनाएं नरेन्द्र दभोलकर की हत्या किए जाने से हिल गई हैं। जो आहत हुए वे प्रगतिशील,आधुनिक और संविधानिक इंडिया के हितों के समझदार कहे जाते हैं। इन्हें रंज है कि हत्यारे पकड़े नहीं गए हैं लिहाजा जादू-टोने और अंधविश्वास के उभार की आशंका में ये दुबले हुए जा रहे हैं। बौद्धिक जगत,मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया में इस मुतल्लिक बहस जारी है। इनके सुर में सुर मिला रहे हैं राजनीतिक जमात के वे लोग जो इस वारदात के बहाने दक्षिणपंथियों को घेरने की जुगत में हिन्दू धर्म पर हमले किए जा रहे हैं।

Ensure the Rights of Media Workers! Democratize Indian Media Now!

: SOLIDARITY MEETING ON: JOURNALISTIC FREEDOM AND CORPORATE OWNERSHIP OF MEDIA IN THE WAKE OF RECENT CNN-IBN LAY OFF : Date: August 31, 2013.  Time: 11.30 am : Venue: Press Club of India, Raisina Road, Delhi-01 : Dear Friends, The recent sacking of CNN-IBN and IBN 7 journalists is not just an isolated incident, there has been a number of examples where corporate media owners/managements have violated the labor rules and exploited journalists and other media workers. Hiring and firing has become a common phenomenon in Indian media industry. There are no fixed working hours.

मलयालम पत्रकार विथुरा बेबी का निधन

तिरूवनंतपुरम : पांच दशकों से भी ज्यादा समय तक केरल के राजनैतिक और सांस्कृतिक बदलावों के साक्षी रहे वरिष्ठ मलयाली पत्रकार और लेखक विथुरा बेबी का कल निधन हो गया।

एक और लड़की का आरोप- आसाराम ने आशीर्वाद के बहाने मेरे अंगों को छुआ

रायपुर से खबर है कि एक और लड़की सामने आई है और आसाराम पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. इस लड़की का कहना है कि आसाराम हमेशा से ही कम उम्र की लड़कियों के साथ कुकृत्य करते आए हैं. वह खुद इस तरह की घटना का शिकार हो चुकी है. रायपुर से सामने आई लड़की का नाम है टीना (बदला हुआ नाम). टीना का दावा है कि वह आसाराम के सत्संग में कई बार शामिल हो चुकी है. उसने बताया कि आसाराम अक्सर कम उम्र की लड़कियों के साथ गलत हरकतें करते हैं. उसके मुताबिक, वह आसाराम की वासना का शिकार होते-होते बची है. आसाराम ने उसके अंगों के साथ जो छेड़छाड़ की इस घटना की, वह उसे अभी तक भूल नहीं पाई है.

उत्तराखंड में ढाई माह बाद भी नहीं मिला आपदा पीड़ितों को मुआवजा, प्रदर्शन

धारचूला : ढाई माह बीत जाने के बाद भी आपदा पीड़ितों के अभी तक मकान और मवेशियों के नुकसान का मुआवजा तक नहीं मिल पाया है। किसान महासभा के बैनर तले आपदा पीड़ितों ने आज तहसील कार्यालय पर ज्ञापनों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर प्रशासन आपदा पीड़ितों के चैकों का वितरण करें। इसी के साथ फाइबर हट इण्टर कॉलेज के खेल मैदान और स्टेडियम में बनाने की मांग भी उठी। किसान महासभा के बैनर तले सोबला, तीजम, न्यू, खिम, कन्च्यौती, खेत, तवाघाट, ऐलागाड़ सहित दर्जनों गांवों के आपदा प्रभावित उपजिलाधिकारी कार्यालय के आगे जमा हुए। हाथों में ज्ञापन लेकर प्रदर्शन करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव जगत मर्तोलिया ने कहा कि ढाई माह बीत गया है। अभी तक आपदा पीड़ितों को मकान और मवेशियों के नुकसान का मुआवजे का चैक तक नहीं दिया गया है। ढाई माह से आपदा पीड़ित तहसील का चक्कर काट रहे हैं। 

जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार डीसी प्रशांत का निधन

पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार डीसी प्रशांत का जम्मू-कश्मीर में उनके निवास पर 28 अगस्त 2013 को निधन हो गया. वह 96 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार थे. डीसी प्रशांत ने अपना करियर आजादी से पहले असोसिएटेड प्रेस से शुरू किया था. वह आकाशवाणी और पीटीआई से भी लम्बे समय तक जुड़े रहे. 

फोटो जर्नलिस्ट अस्पताल से अपने घर पहुंची, आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया

मुंबई में पिछले हफ्ते गैंगरेप की शिकार हुई 23 वर्षीय फोटो पत्रकार का इलाज कर रहे डाक्टरों ने उसे ‘‘स्वस्थ’’ घोषित करते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी है. पीड़िता को जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने एक बयान में कहा कि मरीज की हालत में लगातार सुधार हुआ और उसका इलाज कर रहे डाक्टरों ने मंगलवार रात बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे छुट्टी दी जा सकती है.  इसके बाद उसे देर रात छुट्टी दे दी गई. अस्पताल ने कहा कि मरीज को हर वक्त बेहतरीन चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई. यह बयान जसलोक मेडिकल सेवाओं की निदेशक और कार्यवाहक सीईओ डा. तरंग ज्ञानचंदानी द्वारा जारी किया गया था.       

एनडीटीवी, आउटलुक, नेटवर्क18, भास्कर के बाद अब ब्लूमबर्ग टीवी में छंटनी की तैयारी

मुंबई : मीडिया में हाहाकार की स्थिति है. किसी भी चैनल, अखबार में किसी की नौकरी सुरक्षित नहीं दिख रही है. छंटनी पर छंटनी हो रही है. अब खबर ब्लूमबर्ग टीवी से छंटनी की है. यहां से करीब तीन दर्जन मीडियाकर्मियों को निकाला जा रहा है. खुद चैनल की तरफ से कहा गया है कि वह चार सौ कर्मचारियों में से तीस को निकाल रहा है. यह तो घोषित तौर पर छंटनी है. ढेर सारे लोगों को गुपचुप तरीके से इस चैनल से निकाले जाने की आशंका है. 

अंशुमान तिवारी का तबादला, देवेंद्र और सुधीर ने अमर उजाला ज्वाइन किया

रामेश्वर पांडेय के रिटायरमेंट के बाद जागरण प्रबंधन ने नेशनल ब्यूरो के प्रभारी अंशुमान तिवारी का तबादला लखनऊ कर दिया है. उन्हें स्टेट ब्यूरो का चीफ और यूपी का हेड बनाया गया है. अंशुमान तिवारी का काफी समय से राजनीतिक संपादक प्रशांत मिश्रा से मनमुटाव चल रहा है. इसी कारण वे बीच में अवकाश पर भी चले गए थे और उनके इस्तीफे की खबरें भी कई बार उड़ीं. प्रबंधन ने यूपी जैसे महत्वपूर्ण स्टेट का प्रभार और लखनऊ में कार्यरत स्टेट ब्यूरो का प्रभार देकर अंशुमान को अपने लिए महत्वपूर्ण माना है. 

ट्रेनी-ट्रेनी जपो, चले आएंगे बिहारी…

Jitendra Dixit :  राधे-राधे जपो…. उन दिनों पत्रकार साथी राधे-राधे गुनगुनाते मिलते थे। एक-दूसरे को देखकर यही जपना और फिर खिलखिलाना। बात तब की है जब अमर उजाला हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू में विस्तार की तैयारी में लगा था। बड़े पैमाने पर पत्रकारों की भर्ती चल रही थी। विस्तार की सभी गतिविधियां मेरठ से ही संचालित हो रहीं थी। तब मेरठ में ही अमर उजाला का कॉरपोरेट आफिस था। दफ्तर में पूरा दिन पूर्वांचल और बिहार के युवाओं का जमावड़ा रहता था। 

कैंसर से लड़ रहे वीरेन डंगवाल का आपरेशन सफल

Ashutosh Kumar : कल के आपरेशन के बाद वीरेन दा से मिलने गया. वे अभी अभी आईसीयू में पहुंचे थे. आपरेशन कठिन था. कुछ ही समय पहले हुई एंजियोप्लास्टी के कारण नाज़ुक भी. लगभग पांच घंटे चला. डाक्टर सुधीर बहादुर के सधे हुए हाथों से सब कुछ संतोषजनक तरीके से निभ गया. मैं आईसीयू में उन्हें तलाश रहा था. उम्मीद थी वे बेहोशी के असर में होंगे. तभी तरह-तरह की नालियों और उपकरणों से ढंके एक मुखड़े की आधी छुपी चिर- परिचित मुस्कान मेरी तरफ लपकी. 

जी ग्रुप ला रहा चौबीसों घंटे का क्राइम बेस्ड न्यूज चैनल, कई जुड़े

अपराध जगत से जुड़ी खबरों और शो पर आधारित चौबीसों घंटे के न्यूज चैनल की योजना बना रहा है जी समूह. बताया जाता है कि अंदरखाने सब कुछ फाइनल हो चुका है. इस चैनल का हेड नवीन कुमार को बनाए जाने की चर्चा है. माना जा रहा है कि ये चैनल देश का पहला ऐसा चैनल होगा जो सिर्फ क्राइम की खबरें प्रासरित करेगा. इस नए चैनल से जुड़ने को लेकर कई नामों की चर्चा है.
 

ये न्यूज चैनल वाले कब सुधरेंगे? देश की बेटी को रुला डाला, ‘द हिंदू’ ने ली खबर

न्यूज चैनलों में कुछ हरामखोर किस्म के लतिहड़ पत्रकार और कैमरामैन हैं जो खुद को सबसे बड़ा समझने का भरम पाले रहते हैं. इन चिरकुटों ने कल उस लड़की को रुला डाला जो तीरंदाजी के क्षेत्र में परदेश में आयोजित प्रतियोगिता में देश का नाम रोशन कर लौटी. इस लड़की से सारे चैनल वाले अलग अलग इंटरव्यू चाहते थे. पर यह ऐसा कर पाने में असमर्थ थी. लगातार यात्रा की थकान और न सो पाने के कारण परेशान तो थी ही, भारत आते ही इनके सम्मान में एक प्रोग्राम रख दिए जाने और ढेर सारे प्रशंसकों से घिर जाने के बाद इनके लिए सांस लेना मुश्किल हो गया. 

‘हमारा महानगर’ के पत्रकार ने दिखाई देशभक्ति

: तिरंगे का अपमान करने वाली फोटो डालने वाले के खिलाफ कराई एफ आई आर : नई मुंबई : राष्ट्रध्वज पर पैर रखकर इसका अपमान करने और इस घृणित तस्वीर को फेसबुक पर अपलोड करने वाले शरारती युवक के खिलाफ एक पत्रकार ने तुर्भे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में यह बताया गया कि पत्रकार ने जब लैपटाप खोला तो फेसबुक पर एक तस्वीर में एक युवक राष्ट्रध्वज पर पैर रखकर खड़ा दिखा और इंग्लिश में यह लिखा मिला कि हम लोग नरेन्द्र मोदी को भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। 
 

एमिटी वालों ने मुझे जिंदा जमीन में गड़वा देने की धमकी दी : अखिल खरे

अखिल खरे ने एमिटी यूनिवर्सिटी के घपलों-गड़बड़ियों को लेकर भड़ास को एक मेल लिखा. इसके बाद एमिटी मैनेजमेंट ने अखिल को जमकर डराया-धमकाया. उनका लैपटाप छीन लिया. चेकबुक ले लिए. गार्डों से घेर कर धमकी दी कि राजस्थान में जिंदा गड़वा देंगे. ये सारे आरोप अखिल खरे ने एमिटी मैनेजमेंट पर लगाए हैं. भड़ास4मीडिया ने जब पूछा कि क्या आपने पुलिस में इसकी शिकायत की तो उनका जवाब था कि इतने बड़े लोगों के खिलाफ कौन रिपोर्ट दर्ज कराएगा. अखिल खरे फिलहाल अपने गृह जिले रायसेन चले गए हैं. नीचे उनके वो पत्र हैं जो उन्होंने भड़ास के पास भेजे हैं.. 

मुसलमानों के विकास में बाधक रहे बिरादरी वाले

सच्चा मुसलमान वतन के लिए कुर्बान होता है। यहां तक कि हिन्दू से भी ज्यादा हमदर्द होता है। उसकी गरीबी के कारणों में उसकी मजहबी कट्रता भी शामिल है। सबसे ज्यादा वह अपनी बिरादरी में ऊँचे पर बैठे लोगों द्वारा ही ठगा गया है। स्वारथी लोगों ने इस वर्ग को गलत रास्ते पर ढ़केल दिया। जिससे कि वह जीवन भर अपनों से ही अपनी गुलामी करा सकें। आज वही हुआ अपने आप तो काफी आगे चले गए अपनों को अपने पीछे ही रखा। फिर भी मुसलमान अपने जातिवादी प्रेम विचार धारा के चक्रव्यूह को नहीं तोड़ सका। जिससे मुसलमान अपने उस मुकाम तक नहीं पहुँच सका जहाँ तक उसको पहुँचना चाहिए था।

ज्वाइन द मैचलेस टी.वी. चैनल

एक दिन सपने में मेरी मुलाकात अब तक के सर्वोपरि मीडिया परसन नारद जी से हो गई। वही नारद जो हिन्दी टी.वी. धारावाहिकों के धार्मिक एपीसोड्स में आकाश-पाताल एवं धरती लोक का विचरण करके संवादों का संकलन करते दिखाए जाते हैं। जी हाँ वही जो टी.वी. चैनलों के ओ.बी. वैन के डिश एण्टिना जैसी चोटी रखे, हाथ में करताल और इकतारा लिए रहते हैं। जहाँ तक मैं जानता हूँ कि नारद जी को हर लोग जानते होंगे। नारद जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी मीडिया परसन हैं। वह चिर कुँवारे और सुशिक्षित-प्रशिक्षित पत्रकार हैं। उनके पास आधुनिकतम संसाधन हैं, जिसे हम तपोबल कहते हैं। जब चाहे पलक झपकते किसी भी लोक में पहुँच सकते हैं।

छोटे और मझोले अख़बारों को बचाने के लिए एकजुट हों

छोटी-छोटी पूँजी से संञ्चालित होने वाले लघु एवं मध्यम समाचार पत्र देश में पत्रकारिता की प्राण-आत्मा हैं. इन्हीं में सही तरीके से आज भी देश की बहुतायत ग्रामीण जनता, किसानों और आम आदमी की समस्याओं और पीड़ा को स्थान मिलता है. व्यवस्था से शिकायत के साथ उसके प्रति आम लोगों के आक्रोश, क्षोभ, गुस्से तथा कुण्ठा का बिना लाग-लपेट इज़हार होता है. उन पर ज़ुल्म-ओ- सितम और अन्याय की बातें बिना ‘टिल्ट’ या ‘ट्विस्ट’ हुए छपती हैं. यही सरकार के विकास कार्यक्रमों की सही झलक आम जनता को दिखलाते हैं और उसकी बात को सही तरीके से जनता के समक्ष रखते हैं. अनेक अवसरों पर राज्य सरकार के नुमाइन्दों के अलावा केन्द्र सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों ने भी यह बात खुद ही न केवल स्वीकारी है बल्कि अपनी ओर से भी कही है.
 

उत्तराखंड में पुलिसकर्मियों ने पूर्व सैनिक से की मारपीट, पत्रकारों से बदसलूकी

कोटद्वार में हफ्ता देने से इनकार करने वाले वाहन चालाक पूर्व सैनिक पर जानलेवा हमला करने वाले पुलिसकर्मियों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारीयों के खिलाफ जनांदोलन होने के बावजूद घटना के एक हफ्ते बाद भी उत्तराखण्ड सरकार निर्णय नहीं ले पायी है। निर्दोष को सजा और दोषी को मजा… शायद यही है कलियुग – धन्य हो सरकार। दुगड्डा चौकी के पुलिसकर्मियों ने जिस पूर्व सैनिक वाहन चालक को निर्दयतापूर्वक पीटकर गंभीर रूप से घायल किया, उसे गुप्तकाशी से आपदा राहत कार्य कर वापस घर आये महज एक दिन ही हुआ था और घर आने की वजह भी उसका स्वास्थ्य ख़राब होना था। 

मजीठिया वेतनमान क्यों जरूरी?

यदि समाज में संचार का स्वच्छ वातावरण बनाना है तो उसके लिए पत्रकारों को निष्पक्ष होना जरूरी है और पत्रकार तभी निष्पक्ष पत्रकारिता कर सकते हैं जब उन्हें अपेक्षा के अनुरूप वेतन मिले, जाब सिक्योरटी मिले। नहीं तो वे आय का अन्य रास्ता खोजेंगे जो भ्रष्टाचार के द्वार से होकर जाता है।  यूं तो श्रम विभाग खुद को मजदूरों का हितैषी बताता है लेकिन पत्रकारों के साथ किस तरह का शोषण हो रहा है, कोई नहीं देखता। कहने को तो केन्द्र सरकार ने मजीठिया वेतन बोर्ड लागू कर वाह -वाही लूट ली लेकिन मालिक किस तरह पत्रकारों व सरकार को लूट रहे है इसे कोई नहीं देखता।  
 

दैनिक भास्कर, दिल्ली में आपाधापी का आलम, छंटनी-ट्रांसफर के लिफाफे तैयार

दैनिक भास्कर, दिल्ली के कर्मियों के बीच आपाधापी का आलम है. हर किसी की सांस टंगी है कि कहीं उसका नाम छंटनी की लिस्ट में न हो. ढेर सारे लोगों का ट्रांसफर भी होना है. आज जन्माष्टमी पर शायद लिफाफा न बंटे, लेकिन कल तो सब कुछ सामने आना ही है. इसी कारण हर कोई बुझे व आधे मन से काम कर रहा है. कई लोग तो छुट्टी पर चले गए हैं. सूत्रों का कहना है कि तबादले की लिस्ट में कई लोगों का नाम है जिनमें नेशनल ब्यूरो में कार्यरत कई लोग भी हैं. बताया जाता है कि नेशनल ब्यूरो से सचिन देव का ट्रांसफर भोपाल किया जाना है. हालांकि इसकी अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है.
 

मेरे कस्बेनुमा गाँव में मायूसी पसरी हुई है : मुकेश कुमार

Mukesh Kumar : घर से वापस लौट आया हूँ। इस बार मैंने पाया कि मेरे कस्बेनुमा गाँव में मायूसी पसरी हुई है। मंदी और मँहगाई और भ्रष्टाचार से पैदा हुई मायूसी। चेहरों के रंग उड़े हुए हैं। जीवन को लेकर उत्साह नहीं है। बाज़ार की रौनक़ गायब है। लोग बारिश के बाद सबसे ज़्यादा चर्चा आने वाले बुरे दिनों की कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि वे नाउम्मीद भी हैं। स्थानीय राजनीति का इस कदर अपराधीकरण हो गया है कि एक तरह का आतंक लोगों के चेहरों पर पढ़ा जा सकता है।
 

नीलम दुबे ने पीड़िता की मां से मिलकर आसाराम को माफ करने को कहा

आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे और उनकी बेटी पूजा बेन ने शाहजहांपुर में पीड़ित लड़की की मां से मुलाकात की। ये लोग पीड़ित लड़की के घर में पिछले दरवाजे से घुसे। इन लोगों ने पीड़ित लड़की की मां से एक बार आसाराम से मिलने की गुजारिश की। ये दोनों आसाराम को माफ करने की मिन्नतें कर रही थीं।
 

हमें नहीं पता था कि आसाराम के कमरे में चोर दरवाजा है जिससे वह बेटी के कमरे में घुस गए

आसाराम पर बलात्कार की गूंज संसद से सड़क तक हो रही है। आसाराम द्वारा अपने ही शिष्य की बेटी के साथ बलात्कार करने घटना के बाद पूरे देश में आसाराम की गिरफ्तारी की मांग हो रही है। वहीं आसाराम खुले आम घूम रहा है। पुलिस उसे क्यो गिरफ्तार नही कर रही है? आसाराम को कोई बचा रहा है? अभी मुम्बई में एक पत्रकार के साथ गैंग रेप के मामले में मुम्बई पुलिस ने 72 घंटे में पांचों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पर आसाराम को गिरफ्तार करने में राजस्थान पुलिस को पसीना क्यो आ रहा है? आशाराम पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की का पिता आज मीडिया के सामने आया और सीबीआई जांच की मांग की। साथी ही कहा कि आसाराम को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

लखीमपुर खीरी में पत्रकार की हत्‍या

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी जिले के फूलबिहार थाना क्षेत्र में चार हथियार बंद हमलावरों ने एक स्थानीय पत्रकार 40 वर्षीय लेखराम भारती की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि फूलबिहार थाना क्षेत्र में सैदपुर गांव के पास मोटरसाइकल पर एक पेट्रोल पंप के पास से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार भारती पर चार लोगों ने लोहे की छड़ों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

गरीब की लाशों पर मगरमच्छ का पहरा.. कोई अमीर मरा होता तो?

बाराबंकी। घाघरा जिले में हमेशा विनाश लीला ही खेलती आयी है। बाढ़ पीड़ितों से ज्यादा इसका दर्द कौन जा सकता है। नेताओं व अधिकारियों के मेले इसके तट पर हर वर्ष लगते हैं लेकिन जब सवाल हो घाघरा में डूबे हुए नौ गरीबों की मौत का अथवा उनकी लाशों का तो केवल मगरमच्छ के दर्शन मात्र से ही प्रशासन की संवेदनशीलता मर जाये यह चौकाता जरूर है। ऐसे में प्रश्न है कि क्या कोई प्रभावी या अमीर अथवा राजा-महराजा या फिर कोई नेता पानी में डूबा होता तो क्या प्रशासन मगरमच्छ के डर से छिटक कर दूर खड़ा हो जाता? 
 

आनलाइन माध्यम से हिंदी पट्टी के पत्रकार कमा सकते हैं ठीकठाक रकम, क्यों न एक वर्कशाप करें?

Yashwant Singh :  जब मैं भड़ास4मीडिया वेबसाइट शुरू कर रहा था तो मुझे इस बात का मलाल था कि मेरी फितरत, मेरी हरकतों, मेरी अराजकताओं, मेरी प्रवृत्तियों, मेरे सोचने-जीने के तौर-तरीकों को बेहद ना-पसंद करने वाले हिंदी पट्टी के लालाओं और इनके डरपोक किस्म के चमचे संपादकों ने मेरे लिए हिंदी अखबारों में कोई जगह न होने की अघोषित घोषणा कर दी थी और इसको लेकर आपस में अंदरखाने एकजुटता, एकगुटता भी बना ली थी. डरपोक व चमचा संपादक कभी किसी बहादुर व सरोकारी पत्रकार को बर्दाश्त नहीं कर सकता, क्योंकि उसे डर लगा रहता है कि पता नहीं कब यह सवाल खड़ा करने लगे, बहस करने लगे, अच्छा-बुरा समझाने लगे और क्या करें क्या ना करें की बात बताने लगे… 
 

जुलाई के पहले हफ्ते में यशवंत ने पत्रकारों के लिए जो लिखा था, वो अब सही साबित हो रहा

Shambhunath Shukla : जुलाई के पहले हफ्ते में Yashwant Singh ने यह पोस्ट डाली थी तब इसका सिरा या पूँछ किसी को समझ में नहीं आया था। लेकिन जिस तरह से चैनलों में छंटनी हुई और अचानक तमाम पत्रकार बाहर हो गए उससे लगा कि Yashwant ने सही लिखा था। ठीक उसी तरह एक बड़े कहे जाने वाले अखबार ने भी अब अपना दिल्ली संस्करण बंद करने का फैसला किया है। जाहिर है और तमाम पत्रकार बाहर हो जाएंगे। संकट अब और गहरा गया है। कब कौन सा मीडिया संस्थान छंटनी शुरू कर दे कुछ पता नहीं।
 

राडिया मामले की सुप्रीम कोर्ट में बंद कमरे में होगी सुनवाई

नई दिल्ली : पूर्व कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के फोन टेप मीडिया में लीक होने की जांच करने वाली जांच समिति की रिपोर्ट पर सर्वोच्च न्यायालय गुरुवार को बंद कमरे में सुनवाई करेगा। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति वी. गोपाल गौड़ा की पीठ ने जांच समिति की रिपोर्ट को परखने के बाद बंद कमरे में सुनवाई का फैसला किया। राडिया का टेप मीडिया को लीक करने की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। टाटा सन्स के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा एवं गैर सरकारी संगठन, सेंटर फॉर पब्लिक इन्ट्रेस्ट लिटीगेशन (सीपीआईएल) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, "हम रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे।"
 

उड़ते जहाज में आसाराम समर्थकों का ‘मीडिया पर पंच’

मुंबई। पिछले 12 दिनों से जो इनसान सबसे ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है तो वह है आसाराम बापू। 16 साल की लड़की द्वारा बलात्कार के आरोप को झेल रहे आसाराम मंगलवार को इंदौर से सूरत जाते वक्त एक दफा फिर चर्चा में इससिए आ गए क्योंकि उड़ते जहाज में आसाराम के समर्थकों ने टीवी चैनल 'आजतक' के कैमरामैन पर अपना पंच चला दिया। आसाराम की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने रिपोर्टर को अपशब्द कहे, हाथापाई हुई, कैमरा गिरा दिया और देख लेने की धमकी दी। यदि विमान के क्रू मेंबर आकर मामले को शांत नहीं करते तो हो सकता था कि हवा में ही कोई अनहोनी हो जाती…
 

सहारा में प्रमोशन देने के लिए स्ट्रिंगरों का एक्जाम हुआ, नकल की शिकायत

सहारा इंडिया परिवार ने सालों बाद एक अच्छा निर्णय लिया, लेकिन वही हुआ जिसका डर था। कुछ पत्रकार साथियों के सपने को कुछ दलाल टाइप पत्रकारों ने मिट्टी में मिला दिया। कुछ महीने पहले ‘राष्ट्रीय सहारा’ का जिम्मा दोबारा संभालने के बाद सहारा समूह के छोटे मालिक जेबी राय ने आते ही पुनीत कार्य यह किया कि सभी स्ट्रिंगरों, रिपोर्टरों और डेस्क के लोगों को कन्फर्म कर स्टॉफर बनाने का आदेश अधीनस्थों को दिया। सालों से बतौर स्ट्रिंगर अल्प वेतन पर काम कर रहे पत्रकारों के लिये यह आदेश खुशियां और सपने लेकर आया। सब खुश थे कि चलो अब हम भी वास्तव में पत्रकार कहलाएंगे, लेकिन स्थापना के दिन से भाई-तीजावाद, गुटबाजी और गंदी राजनीति का अड्डा बनी राष्ट्रीय सहारा की देहरादून यूनिट ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया लगता है।
 

मुंबई व इटावा कांड के खिलाफ पत्रकारों में गुस्सा, कई जगहों पर सभाएं व जुलूस

मुगलसराय। मुंबई में महिला पत्रकार के साथ समाचार संकलन के दौरान हुए गैंग रेप व उत्तर प्रदेश के इटावा क्षेत्र में पत्रकार की हत्या के विरोध में स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री पार्क से नगर के समस्त पत्रकारों द्वारा एक मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस नगर भ्रमण करते हुए नेता जी सुभाष पार्क में जाकर गोष्ठी के रूप में तब्दील हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार भागवत नरायण चौरसिया व संचालन कमलेश तिवारी ने किया।

यूपी के औरैया में पत्रकार को पुलिस जिप्सी से कुचलने का प्रयास

औरैया के बीहड़ क्षेत्र में पुलिस की नाकामियों को उजागर करने वाले एक पत्रकार को दिन दहाडे पुलिस जिप्सी से रौदने की असफल कोशिश की गई है। गनीमत रही कि पत्रकार ने पुलिस की मन्शा भांप खड्ड में बाईक डालकर जैसे तैसे जान बचाने में सफलता पा ली वरना इटावा में पत्रकार की हत्या के महज कुछ घण्टों के अन्तराल पर औरैया में भी एक पत्रकार की हत्या को दुर्घटना का रूप देने में देर नहीं थी।
 

मनोज व्यास और संजय पाठक का पत्रिका को बाय-बाय

मनोज व्यास ने पत्रिका, रायपुर छोड़कर भास्कर का दामन थाम लिया है। मनोज पत्रिका के मजबूत रिपोर्टरों में से एक थे। पिछले कुछ दिनों से वे पत्रिका में काफी असहज महसूस कर रहे थे। इन दिनों पत्रिका से लोगों के छोड़ने का सिलसिला जारी है। रिपोर्टर संजय पाठक ने भी पत्रिका से नाता तोड़ लिया है। सिटी में रहने के दौरान मनोज और संजय ने बेहतरीन काम किया। शिक्षाकर्मी आंदोलन, नगर सुराज से लेकर कई अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
 

अमुक-अमुक को ज्यादा से ज्यादा छापो, ये लोग बेरोजगार हैं और उनका भी घर चलना चाहिए

हिंदी के इन दिनों खूब छपने वाले एक स्तंभकार और एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार जो बड़ी जगह पर कार्यरत थे, को पिछली सदी के आखिरी सालों में शिद्दत से नौकरी की तलाश थी…तब दैनिक भास्कर में कमलेश्वर जी प्रधान संपादक की हैसियत से कार्यरत थे। यह बात और है कि दफ्तर कम ही आते थे। बहरहाल दोनों सज्जनों को कमलेश्वर जी भास्कर में लाना चाहते थे। भास्कर के प्रबंध संचालक सुधीर अग्रवाल से मुलाकात भी करवाई। यह बात और है कि उन्हें नौकरी नहीं मिली। लेकिन कमलेश्वर जी उन लोगों की मदद करना चाहते थे। 
 

पत्रकारों ने किया एएमयू कुलपति के सम्मेलन का बहिष्कार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति जमीरुद्दीन शाह द्वारा एक पत्रकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दिये जाने पर सभी मीडियाकर्मियों ने संवाददाता सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया. यह घटना एएमयू के जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज में छात्रों द्वारा रैगिंग के आरोप में मुकदमा दर्ज किये जाने के सिलसिले में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में दौरान हुई. शाह ने कहा कि रैगिंग के कथित मामले की शुरुआती जांच में यह पता लगा है कि वह घटना छात्रावास में रहने वाले छात्रों के दो गुटों के बीच तनातनी और कहासुनी का परिणाम था और वह रैगिंग का मामला कतई नहीं था.
 

अज़ीज़ बर्नी : एक अबूझ पहेली

उर्दू मीडिया में अज़ीज़ बर्नी एक अजब ही टाइप के इंसान का नाम है। वह कब क्या करेंगे किसी को पता नहीं। सहारा में रहते हुये तो उनहों ने बहुत सारी नौटंकी की अब सहारा से अलग होकर तरह तरह की नौटंकी कर रहे हैं। सहारा उर्दू से अलग होने के बाद वह बहुत दिनों तक किसी अखबार से जुड़े नहीं रहे अलबत्ता तरह का एलान करते रहे। शहर शहर घूमते रहे और आखिर में उनहों ने उर्दू का एक एक अखबार अजीजुल हिन्द निकाल कर यह ज़ाहिर कर दिया कि वह शहर शहर घूम कर आखिर क्या करना चाह रहे थे।
 

मीडिया में छंटनी का मुद्दा राज्यसभा में नरेश अग्रवाल ने उठाया

समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में आर्थिक स्थिति के मुद्दे पर चर्चा के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। बेरोजगारी से हर क्षेत्र प्रभावित है। लेकिन सरकार को कई चिंता नहीं है। टीवी 18 ग्रुप में हुई 350 मीडियाकर्मियों की छंटनी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पत्रकार भयभीत है, इस कारण जिम्मेदारी के साथ काम नहीं कर पा रहे हैं। 

आसाराम की मौजूदगी में उनके आदमियों ने हेडलाइंस टुडे के पत्रकार-कैमरामैन पर किया हमला

आसाराम जब जहाज में सवार हुआ, कहीं जाने के लिए तो हेडलाइंस टुडे के पत्रकार व कैमरामैन को भनक लग गई और ये मीडियाकर्मी जहाज में पहुंच गए, बलात्कार प्रकरण में आसाराम का पक्ष जानने के लिए. रिपोर्टर ने ज्योंही बोलना शुरू किया और कैमरामैन ने शूट करना शुरू किया, आसाराम के आदमियों ने कैमरे पर हाथ रख दिया. कैमरामैन पर हमला बोल दिया. पत्रकार के साथ बदतमीजी की. इस पूरे प्रकरण का वीडियो टीवी टुडे ग्रुप के चैनलों आजतक व हेडलाइंस टुडे पर दिखाया गया. इस मुद्दे पर युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार ने फेसबुक पर लिखा….
 

मुंबई रेपकांड के आरोपी तुरंत धरे गए, पर आसाराम मामले में पुलिस को क्या हो गया : उदय प्रकाश

Uday Prakash : मुंबई में 'शक्ति मिल' के खंडहर में एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ हुए बलात्कार के पांचो अपराधी चौबीस घंटे के भीतर गिरफ़्तार हो गये . पुलिस ने काबिले तारीफ़ सक्रियता दिखाई.  लेकिन आसाराम के खिलाफ़ एफ आई आर दर्ज होने के चार दिन बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई. यह एक बुनियादी सवाल है.

सपा विधायक को गोवा में कालगर्ल संग गिरफ्तार कर बीजेपी ने ले लिया बदला!

Sanjay Sharma : बीजेपी ऐसा ही गलत सलत काम करती है. यूपी में अखिलेश भैया ने विहिप की हवा क्या निकाली, उन्होंने गोवा में बदला ले लिया. समाजवादी पार्टी के सीतापुर के विधायक महेंद्र सिंह को 6 कालगर्ल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. अब बताओ भला यह भी कोई बात हुई.

शेखर गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस के सीईओ का पद छोड़ा (पढ़ें मेल)

इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के सीईओ का पद शेखर गुप्ता ने छोड़ दिया है. इस बाबत एक लंबा इंटरनल मेल खुद शेखर गुप्ता की तरफ से जारी किया गया है. इस मेल में शेखर ने सीईओ का पद थामने और छोड़ने के बारे में विस्तार से बताया है. शेखर गुप्ता एडिटर इन चीफ के रूप में काम देखते रहेंगे. उन्होंने सीईओ का पद छोड़कर मैनेजेरियल दायित्वों से मुक्ति पा ली है. एक्सप्रेस ग्रुप के सीईओ का दायित्व जार्ज वर्गीस को दे दिया गया है. वर्गीस ग्रुप के एमडी विवेक गोयनका को रिपोर्ट करेंगे. नीचे वो पत्र है जो शेखर गुप्ता ने एक्सप्रेस समूह के सभी लोगों को भेजा है…
 

पिता ने किया खुलासा- गुरुकुल से आसाराम के पास जाती रहती हैं लड़कियां

: साहसी छात्रा के हवाले से पिता ने किया सनसनीखेज खुलासा : भय के चलते मौन ही रह जाती हैं अधिकाँश शोषित लड़कियां : मुंह खोलने पर एक लड़की को शिक्षकाओं ने बेरहमी से पीटा : बदायूं : कथित धर्म गुरु आसाराम गुरुकुल से महीने में एक-दो बार अनुष्ठान आदि के बहाने छात्राओं को अपने आश्रम में बुला कर यौन शोषण करता ही रहता है, उसके इस कुकृत्य में गुरुकुल की शिक्षकायें पूरा साथ देती हैं। उसकी शिकार अधिकाँश लड़कियां बहशी आसाराम के बारे में भय के चलते चर्चा तक नहीं करतीं। एक लड़की ने सहेलियों को बताया था, इसके बाद सब ने मिल कर शिक्षकाओं को आसाराम के कुकृत्य की जानकारी दी थी, तो शिक्षकाओं ने उस लड़की को बेरहमी से पीटा था, साथ ही उसके परिजनों को बुला कर गुरुकुल से भगा दिया, जिसके बाद किसी ने आसाराम के विरुद्ध मुंह नहीं खोला।

दैनिक भास्कर दिल्ली में छंटनी शुरू, विमल झा और रफीक विशाल की विदाई, संजीव क्षितिज और हरिमोहन मिश्रा के जाने की चर्चा

सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 में सैकड़ों लोगों की छंटनी की मार से पत्रकार समुदाय अभी उबरा भी नहीं था कि दिल्ली में ही एक बड़े अखबार का एडिशन बंद करने व छंटनी की कवायद शुरू हो गई है. भास्कर प्रबंधन दैनिक भास्कर दिल्ली का शटर गिरा रहा है. बताया जाता है कि दिल्ली एडिशन के नाम पर दिल्ली में बस पांच-सात लोग रहेंगे. जनरल डेस्क भोपाल शिफ्ट किया जा रहा है. बाकी सारे पेजेज भोपाल में तैयार व फाइनल होंगे. केवल प्रिंटिंग का काम दिल्ली में किया जाएगा. इस तरह सैकड़ों लोगों को अब कार्यमुक्त करने व ट्रांसफर करने की कवायद शुरू हो चुकी है.

दैनिक भास्कर का दिल्ली संस्करण बंद, सैकड़ों पत्रकार सड़क पर

Awadhesh Kumar : दैनिक भास्कर दिल्ली संस्करण बंद किए जाने की सूचना.. अभी कम्प्यूटर पर बैठा कुछ लिख रहा था कि अचानक हमारे पुराने मित्र और वरिष्ठ पत्रकार रफीक विशाल का फोन आया। रफीक इंदौर के पत्रकार हैं और नई दुनिया में लेखन के समय से ही उनके साथ संबंध हैं। उन्होंने मुझसे पूछा, ‘सर, कुछ पता है’? मैंने जवाब दिया,‘ क्या’? उनने बताया- हमलोग सड़क पर आ गए।

कारपोरेट का कसाई अब पहुंचा है भास्कर के दिल्ली दफ्तर

पंकज कुमार झा : खबरें आतंकित करने वाली है. रूहें काप जाती है कल्पना कर की कत्ल होने वाले सरों में अपन भी हो सकते थे. सरदेसाई के कत्लखाने से सैकड़ों हलाली के बाद कारपोरेट का कसाई अब पहुचा है भास्कर के दफ्तर. दिल्ली संस्करण बंद होने की खबर. इससे पहले भी थोक में निरीह पत्रकारों के क़त्ल का सिलसिला चलाते रहे हैं अंबानीगण. क्या यह समय समाचार माध्यमों के राष्ट्रीयकरण का नहीं है? तेल लेने गयी अभिव्यक्ति की आज़ादी भाई. भरण-पोषण रोजी-रोज़गार की आज़ादी सबसे बड़ी है. शेष बातें बाद की. उफ़ उफ़.

क्या भास्कर का दिल्ली एडिशन पहली तारीख से बंद हो रहा है?

Arvind K Singh : दैनिक भास्कर का दिल्ली संस्करण बंदी की कगार पर… थोड़ी देर पहले अपने मित्र और विख्यात कलमकार भाई अवधेश कुमार से जानकारी मिली कि दैनिक भास्कर का दिल्ली संस्करण 1 सितंबर 2013 से नहीं निकलेगा…इस खबर से दुख हुआ…मेरे कई दोस्त वहां हैं जिन्होंने अपने श्रम से इस अखबार को जमाया… हालांकि यही एक ऐसा अखबार है जिससे मेरा लेखक के तौर पर रिश्ता रहा नहीं… पत्रकारिता के शुरुआती दिनों में मेरे कुछेक लेख वहां छपे थे लेकिन बाद में मैने कभी लिखा नहीं…लेकिन यह खबर पीड़ाजनक है…

छह महीने पार्ट टाइम करता रहा और एक अधिकारी से पंगा ले कर सचमुच सस्पेंड हो गया

: मेरा पहला इंटरव्यू और अंतिम भी : लगभग 40 साल के नौकरी जीवन में लंबी और छोटी अवधि की कुल मिला कर आठ नौकरियां कीं मगर इंटरव्यू केवल एक ही नौकरी के लिए दिया बस यही पहला और अंतिम इंटरव्यू साबित हुआ। हालात ऐसे बने कि बी. ए. की पढाई बीच में ही छोड़ कर नौकरी करना मजबूरी बन गया। शादी इंटर के बाद ही कर दी गई थी। अमरोहा में एक मौसा जी रहते थे उन्हें जैसे ही हालात का पता चला तो उन्होने अमरोहा बुला लिया। उनके जानकार एक सेठ को ऐसे आदमी की आवश्यकता थी जो हिंदी उर्दू और अंग्रेजी में उन का हिसाब किताब रख सके। अमरोहा जाते ही काम मिल गया।

बनारस में सड़क पर उतरे पत्रकार, अखबारों में खबर नहीं छपी

वाराणसी। इसे किस तरह की पत्रकारिता कहेंगे आप कि मुंबई में महिला पत्रकार के साथ हुए गैंगरेप के विरोध में बनारस में युवा पत्रकारों के प्रदर्शन को स्थानीय अखबारों ने छापना तक जरूरी नहीं समझा। ये अलग बात है कि मौके पर प्रमुख अखबारों के संवाददाता पहुंचे तो जरूर, विज्ञप्ति भी लिया लेकिन इतने संवेदनशील मसले पर उठे आवाज को अखबार से गायब कर दिया। सिर्फ दैनिक राष्ट्रीय सहारा ने इस युवा पत्रकारों के विरोध मार्च को अपने अखबार में  ''पत्रकारों ने की न्याय दिलाने की मांग'' शीर्षक से प्रमुखता से छापा।

अगर दोषी पाए जाएं तो सुब्रत राय को जेल भेजो : राम जेठमलानी

सहारा ग्रुप की तरफ से जाने माने वकील राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट से इस बात की जांच कराने की अपील की है कि उसने प्रीमैच्योर रिडेंप्शन पर इन्वेस्टर्स को कितना पेमेंट किया है. जेठमलानी ने कहा कि अगर कंपनी की इस मामले में बड़ी गलती पाई जाती है, तो कोर्ट उनके डायरेक्टर्स और फाउंडर सुब्रत रॉय को जेल भेज दे. सोमवार को सहारा, उसके डायरेक्टर्स और रॉय के खिलाफ मार्केट्स रेग्युलेटर सेबी की अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान कंपनी के सीनियर वकील राम जेठमलानी ने जस्टिस के एस राधाकृष्णन और जस्टिस जे एस खेहर की दो जज की बेंच से कहा, 'इस बात की समुचित जांच कराएं कि हमने इन्वेस्टर्स को कितना पैसा चुकाया। अगर हम गलत साबित होते हैं, मैं गुनाह कबूल कर लूंगा। फिर हमें जेल भेज दें।'

आसाराम की तुलना गुरु नानक से करने पर प्रवक्ता नीलम दुबे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

नई दिल्ली : आसाराम की प्रवक्ता पर कथित तौर पर उनका बचाव करने के लिए टीवी चैनलों पर होने वाली चर्चाओं में अनेक धार्मिक संतों पर अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों अनुसार दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी ने राजधानी दिल्ली के संसद मार्ग थाने में प्रवक्ता नीलम दुबे के खिलाफ समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज कराया। शिकायत में आरोप है कि नीलम ने एक हिंदी समाचार चैनल पर आसाराम के खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपों से संबंधित बहस में गुरु नानक, गौतम बुद्ध और अन्य धार्मिक गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

Zee News’ exclusive story on former Asian Gold medalist Makhan Singh awakens Lok Sabha

New Delhi : Zee News’ recent exclusive story on former Asian Gold medallist late Makhan Singh, was hard hitting enough that it was even raised in Lok Sabha by BJP leader Sushma Swaraj. Makhan Singh was an athlete from Punjab who won number of gold medals in National Games and even defeated Milkha Singh in the 1962 National Games in Calcutta. He passed away in 2002 due to extreme poverty. His family is now going through all kinds of trauma and sufferings and is willing to auction his medals including his Arjuna Award.

हक की लड़ाई लड़ रहीं डिंपल को भदोही में मिला सहयोग और सम्मान

गोपीगंज (भदोही) : सोशल मीडिया के माध्यम से हक की लड़ाई लड़ने वाली डिंपल मिश्रा को नगर में सम्मान के साथ सहयोग प्रदान किया गया। आदर्श अतिथि भवन गोपीगंज में हर्षवर्धन सेवा समिति गोपीगंज द्वारा समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पुत्री आंचल के साथ शामिल डिंपल मिश्रा को उसकी लड़ाई में सहयोग का भरोसा दिलाते हुए उपस्थित लोगों ने भरपूर सहयोग भी दिया। समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ करते हुए मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद दास गुप्त ने डिंपल मिश्रा की सराहना की कहा कि अपने हक की लड़ाई लड़ कर महिलाओं में जागरुकता पैदा की है।

छंटनी के खिलाफ पत्रकारों के प्रदर्शन पर ‘न्यूजलांड्री’ में स्टोरी व वीडियोज

न्यूजलांड्री डाट काम की तरफ से सोमी दास उस दिन पत्रकारों के प्रोटेस्ट को कवर करने के लिए लगातार मौके पर डंटी रहीं. वे प्रोटेस्ट में शामिल लोगों से विरोध प्रदर्शन के प्रत्येक पक्ष के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करती रहीं. कई लोगों की बाइट ली.

फुटेला खतरे से बाहर लेकिन बोलने की हालत में नहीं

मैं रोज ''जर्नलिस्टकम्युनिटी.काम'' साइट खोलता हूं इस उम्मीद में कि जगमोहन फुटेला फिर सक्रिय हो गया होगा। ग्रोवर साहब अब नोएडा आ गये हैं और उन्होंने फोन पर आश्वस्त किया था कि फुटेला खतरे से बाहर हैं। फुटेला किछा से हैं और ठीक 16 कुमी दूर मेरा घर बसंतीपुर में। किछा में हमारे पुराने मित्र कवि मदन पांडे भी शिक्षक थे। किछा से हैं बीबीसी हिंदी के हमारे मित्र राजेश जोशी भी। राजेश लंदन से दिल्ली आ गये हैं, यह हमारे फिल्मकार मित्र राजीव कटियार से मालूम हुआ। हिमालयी आपदा के बेहतरीन कवरेज के लिए उसे बधाई देना बाकी था। फिर उसका फोन आया। वहीं पुराना जनसत्ताई अंदाज। लंबी चौड़ी बातें हुईं। उसने बताया कि फुटेला के घर में बात हुई है और अभी हालत बेहतर है।

वाह रे गुलाब कोठारी जी, एक तरफ धंधेबाजी और दूसरी तरफ प्रवचन!

इंदौर के 'पत्रिका' अखबार के एक्सपोज़ परिशिष्ट में आज पहले पेज पर विशेष खबर है –''मोबाइल कंपनियों के टॉवर लगाने के नाम पर ठगी हो रही है… धोखेबाजी हो रही है"… आदि। अखबार ने लिखा है -"अगर ठगी के बारे में जानकारी हो तो हमें बताएं।'' 

कविता सुन कुंवर साहेब नाराज हुए और मुझे शिक्षक पद से बर्खास्त कर दिया

: मेरा पहला कवि सम्मेलन, अंतिम भी : मनोविज्ञान के अनुसार व्यक्तित्व के निर्माण में दो बातों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक वंशानुगत और दूसरा वातावरण। मगर एक बात और होती है जिसे गॉड गिफ्ट कह सकते हैं। यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि मेरे परिवार में दूर तक कोई कवि नही था और वातावरण एक दम गंवई और कस्बाई। यहां भी कोई कवि नहीं था, यहां तक कि अपना कोई अध्यापक भी कवि नहीं था और मैं टूटी फूटी तुकबंदी ही सही कविता करने लगा। इस कविता ने मुझे काफी कष्ट भी दिए मगर यह जारी रही। तुकबंदी तो पता नहीं कब से कर रहा था मगर 1962 के चीन युद्ध के समय एक वीर रस की कविता लिखी जो नवभारत टाइम्स में छपी वीर रस की यही एक मात्र कविता थी, बाकी तो सब हास्य और व्यंग्य में ही लिखता रहा।

पत्रकार ने खुद की पैरवी और विजयश्री हासिल की, जज ने डीपीआरओ को दोषी माना, सौ रुपये जुर्माना

: पत्रकार प्रेस का मान्यता से सम्बंधित फार्म देरी से भेजना जिला लोक संपर्क अधिकारी पर पड़ा भारी : हरियाणा प्रदेश का इस तरह का पहला मामला, पत्रकार ने खुद की अपने केस की पैरवी : अदालत ने पत्रकार को 100 रुपये हर्जाना अदा करने के आदेश दिए  :

भड़ास4मीडिया.कॉम पर प्रकाशित खबर का असर

प्रिय यशवंत जी! मेरी ओर से प्रेषित खबर…सोनभद्र सूचना विभाग का फर्जीवाड़ा…का प्रकाशन आपने अपनी वेबसाइट पर किया, इसके लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद। आपको अवगत कराना है कि मैंने आपकी वेबसाइट पर प्रकाशित खबर का लिंक सोनभद्र के जिला सूचना केंद्र की वेबसाइट पर दिए गए ई-मेल पते पर भेज दिया था, जिसके बाद पत्रकारों की सूची वेबसाइट से हटा ली गई है और उसके वेरीफिकेशन के लिए जिला सूचना कार्यालय को प्रेषित कर दिया गया है।

आसाराम ने एबीपी न्यूज के अभिसार शर्मा से लाइव इंटरव्यू के दौरान दिखाए कई रंग

आसाराम ने कुछ ही मिनटों में कई रंग दिखाए. वे मंचासीन थे और सामने ढेर सारे भक्तगण. एबीपी न्यूज की तरफ से रिपोर्टिंग करने गए अभिसार शर्मा से पूछे जाने वाले सवाल पहले ही आसाराम ने मंगवा लिए थे. अभिसार को पंडाल में जाने दिया गया और आसाराम से दूर से ही सवाल पूछने को कहा गया. आसाराम अपनी जगह पर बैठे रहे और मंच के ठीक नीचे खड़े होकर अभिसार सवाल पूछने लगे.

खाद्यान्न सुरक्षा गारंटी विधेयक को लगे पंख

लंबी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस की प्रमुख सोनिया गांधी की राजनीतिक महत्वाकांक्षी कार्य योजना को अपनी मंजिल मिल गई है। तमाम बाधाओं को पार करते हुए बहुचर्चित खाद्यान्न सुरक्षा गारंटी विधेयक पर लोकसभा में मुहर लग गई। बहस के दौरान सोनिया गांधी ने यहां तक कह डाला कि पर्याप्त साधन हों या नहीं, लेकिन लोगों को भोजन का अधिकार हर हालत में देना ही होगा। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने बहस के दौरान कई तीखे कटाक्ष किए।

बरेली में पवन सक्सेना और राजीव शर्मा की नई पारी, एक नभाटा से तो दूसरा उजाला से जुड़ा

एक मेल के जरिए मिली सूचना के अनुसार उपजा बरेली के अध्यक्ष पवन सक्सेना नवभारत टाइम्स, बरेली के इंचार्ज बन गए हैं. पवन सक्सेना ने विश्व मानव से अपने करियर की शुरुआत की थी. वो अमर उजाला के बाद दैनिक जागरण में भी रहे. जमीन के कामकाज से जुड़ने की पुष्टि के बाद जागरण मैनेजमेंट ने उनका तबादला इलाहाबाद कर दिया था जिस पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. करीब साल भर बाद अब वे नवभारत टाइम्स के जरिए नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं.

माध्यम साहित्यिक संस्थान ने लगाई युवा व्यंग्यकारों की पहली कार्यशाला

लखनऊ। माध्यम साहित्यिक संस्थान ने स्टेट गेस्ट हाउस में युवा व्यंग्यकारों की पहली कार्यशाला आयोजित की। दिल्ली के प्रसिद्ध व्यंग्यालोचक सुभाष चंदर ने कार्यशाला में रचनाओं को सुनने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नई पीढ़ी संभावनाओं से भरी हुई है। इन युवा रचनाओं से गुजरते यह साफ है कि भविष्य में बेहतर रचनाकार साहित्यिक परिदृश्य में नजर आएंगे। यह कार्यशाला इतिहास बनाएगी।

ये जो नवाजुद्दीन है

मुजफ्फरनगर से 40 किलोमीटर की दूरी पर हिंडन नदी के किनारे पर बसा है ऐतिहासिक कस्बा बुढ़ाना। यह कभी बेगम समरू की रियासत भी रहा है। नदी के तट से थोड़ी ऊंचाई पर बसे बुढ़ाना की ऊंची-नीची गलियां किसी पहाड़ी सरीखे कस्बे का एहसास कराती हैं। इस कस्बे से मशहूर शायर तमन्ना जमाली, अकमल राही, हकीम जलील अहमद, लक्ष्मी चंद त्यागी चैयरमेन, निवर्तमान चैयरमेन मुन्नन। 80-90 के दशक में देश के तमाम समाचार पत्रों में संपादक के नाम पत्र लिखकर बुढ़ाना को पहचान देने वाले शाहिद सिद्दीकी जैसी कई अजीम शख्सियतें वाबस्ता हैं।

सभी दस्तावेज भेजने के बाद भी लुटेरे सहारा वालों ने पैसा नहीं लौटाया

महोदय, मेरी माता जी श्रीमती रामदेई देवी जी ने सहारा में पैसा जमा किया था, स्कीम का नाम है-“सहारा इंडिया रियल स्टेट” जिसमे मेरी माता जी को कम्पनी की तरफ से एक पासबुक मिला था, मैंने पत्र मिलने के बाद असली पासबुक और सभी जमा रुपये की पावती मूल रूप से आपको दिनांक-4-7-13 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया, इस सम्बन्ध में आपसे कई बार मेल से पत्राचार किया गया पर कोई जवाब नहीं मिला |

ठंडे बस्ते में आडवाणी की नसीहतें, तेज रफ्तार थामने को तैयार नहीं मोदी

भाजपा के चर्चित नेता नरेंद्र मोदी ने इधर अपने राजनीतिक रथ की रफ्तार काफी तेज कर दी है। वे कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक निशाने साधने में जुट गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर कांग्रेस आलाकमान पर तीखे कटाक्ष करने में मोदी नहीं चूक रहे हैं। पिछले दिनों स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर भी उन्होंने लालकिले से दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण की खिंचाई लालन कॉलेज (भुज) से दिए गए भाषण में कर डाली थी।

यूपी में थम नहीं रहा पत्रकारों की हत्या का सिलसिला, लखीमपुर खीरी में भी मर्डर

उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी जिले के फूलबिहार थाना क्षेत्र में चार हथियार बंद हमलावरों ने एक स्थानीय पत्रकार 40 वर्षीय लेखराम भारती की हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि फूलबिहार थाना क्षेत्र में सैदपुर गांव के पास मोटरसाइकल पर एक पेट्रोल पंप के पास से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार भारती पर चार लोगों ने लोहे की छड़ों से हमला कर दिया।

मुझे गर्मी लग रही है… कहते हुए इंटरव्यू के दौरान टापलेस हो गई एंकर

कनाडा में केलोवना के मेयर उस दौरान अचानक हक्केबक्के रह गए, जब एक इंटरव्यू के दौरान रेडियो होस्ट और न्यूजपेपर कॉलमनिस्ट टॉपलेस हो गई। बावजूद इसके की मेयर जरा भी विचलित नहीं हुए और पूरा इंटरव्यू खत्म किया। लॉरी वेलबॉर्न कनाडा एक रेडियो शो की एंकर हैं, इसके अलावा वह अखबारों के लिए आर्टिकल भी लिखती हैं।

गैंग रेप पीड़िता पत्रकार ने न्यूड फोटो वीडियो डिलीट करने की मांग की

मुंबई में महिला पत्रकार के साथ हुए गैंगरेप के मामले में पीड़िता और उसके पुरुष मित्र की हत्या भी की जा सकती थी लेकिन, रेप के दौरान बनाए गए वीडियो क्लिप की वजह से उन्हें जिंदा छोड़ दिया गया. अस्‍पताल में भर्ती पीड़िता ने इच्‍छा जताई है कि वह जल्‍द से जल्‍द काम पर लौटना चाहती है. लड़की ने पुलिस से उसके न्यूड फोटो ढूंढ़कर डिलीट करने की गुजारिश की है.

मनमोहन बोले- अंधेरे में तीर चलाते हैं मीडिया वाले

आजकल मनमोहन का बोलना भी न्यूज है. ऐसा इसलिए क्योंकि वो अक्सर बोलते ही नहीं. अब उन्होंने बोला है तो न्यूज तो बनती ही है. और, उन्होंने मीडिया पर बोला है तो पठनीय न्यूज है, भले ही इसे मीडिया वाले प्रमुखता से न छापें क्योंकि मीडिया वालों को अपनी खुद की आलोचना सहने सुनने की आदत नहीं है. सोशल मीडिया के अविवेकपूर्ण इस्तेमाल पर सावधान करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि छानबीन करना मीडिया का स्वभाव है लेकिन उसे आरोपों के जाल में नहीं फंसना चाहिए. उन्होंने कहा कि अंधेरे में तीर चलाना खोजी पत्रकारिता का विकल्प नहीं है.

सभी तरह के मीडियाकर्मियों को वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट से कवर करने की लड़ाई लड़ी जानी चाहिए

मीडियाकर्मियों को जिस तरह 300 और 60 की बड़ी संख्या में नौकरी से निकाला गया है उस से यह बात स्पष्ट होती है कि पूंजीवादी आर्थिक ढाँचे में कर्मचारियों और मजदूरों को कानूनी संरक्षण की आवश्यकता रहती है। इस आर्थिक ढाँचे में कभी भी कर्मचारी-मजदूर किसी संविदा के मामले में पूंजीपति के बराबर नहीं रखे जा सकते। अखबारों में काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा शर्तों, कार्यस्थल की सुविधाओं, वेतनमान तय करने, वेतन और ग्रेच्यूटी भुगतान, तथा नौकरी से निकाले जाने के मामलों के नियंत्रण के लिए वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट बना हुआ है।

हिंदुस्तान में विवेक खन्ना को रिपोर्ट करेंगे सुनील मुतरेजा

अमर उजाला से भगाए गए सुनील मुतरेजा अब दैनिक हिंदी समाचार पत्र हिन्दुस्तान से जुड़ गए हैं. मुतरेजा का पद मीडिया मार्केटिंग हेड का है. अमर उजाला में वे पहले मार्केटिंग प्रेसीडेंट हुआ करते थे. बाद में उन्हें एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पद पर प्रमोट कर दिया गया था. मतलब ये कि एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जैसे बड़े पद से डिग्रेड होकर मुतरेजा को अपने असली औकात यानि मीडिया मार्केटिंग हेड के रूप में फिर से काम शुरू करना पड़ रहा है.

प्रवीण खारीवाल को आईएफडब्ल्यूजे की इकाइयां भंग करने का अधिकार नहीं

भोपाल। ''एम. पी. वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (आईएफडब्ल्यूजे) के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने आई. एफ. डब्ल्यू. जे. के राष्ट्रीय सचिव कृष्णमोहन झा की सहमति से प्रदेश की पूर्व की जिला एवं संभाग की इकाईयों को भंग कर दिया है। अब प्रदेश में नए सिरे से तहसील, जिला एवं संभाग इकाईयों का गठन किया जाएगा।'' इस तीन लाइन को जरा गौर से पढ़कर समझ लें. प्रदेश में (आईएफडब्ल्यूजे) के नए प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने जिला एवं संभाग की सभी इकाईयों को भंग कर दिया है।

हेम को फौरन रिहा करो, फर्जी केस रद्द करो

((मशीन नौजवानों पर मुकदमे थोपती है: वह उन्हें कैद करती है, यातनाएं देती है, मार डालती है. ये नौजवान इसके नाकारेपन के जीते जागते सबूत हैं…निकम्मी मशीन हर उस चीज से नफरत करती है, जो फलफूल रही है और हरकत कर रही है. यह सिर्फ जेलों और कब्रिस्तानों की तादाद ही बढ़ाने के काबिल है. यह और कुछ नहीं बल्कि कैदियों और लाशों, जासूसों और पुलिस, भिखारियों और जलावतनों को ही पैदा कर सकती है. नौजवान होना एक जुर्म है. हर सुबह हकीकत इसकी पुष्टि करती है, और इतिहास भी जो हर सुबह नए सिरे से जन्म लेता है. इसलिए हकीकत और इतिहास दोनों पर पाबंदी है. —एदुआर्दो गालेआनो))

पार्श्व गायक मुकेश की 37वीं पुण्यतिथि पर संगीतमय श्रद्धांजलि

महान पार्श्व गायक मुकेश की 37वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर नोएडा में इंदिरा गांधी कला केन्द्र में आयोजित संगीतमय श्रद्धांजलि समारोह ‘‘जादू-ए-मुकेश’’ के मौके पर सांस्कृतिक संस्था ‘‘सखा’’ के अध्यक्ष अमरजीत सिंह कोहली द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘मुकेश : सुनहरे स्वर और सुनहरे दिल का मालिक’’ का विमोचन किया गया। यह पुस्तक 28 साल पहले मूल रूप में अंग्रेजी में प्रकाशित पुस्तक (मुकेश : गोल्डन वॉयस विद ए गोल्डन हार्ट) का हिन्दी रूपांतर है। हिन्दी रूपांतरण पत्रकार और लेखक विनोद विप्लव ने किया है।

नौकरी के लॉलीपॉप के बहाने न्यूज चैनलों में इंटर्नशिप के नाम पर शोषण

Rajnikant Gupta : हमारे यहाँ के सभी बड़े मीडिया हाउसेस में नौकरी के नाम पर लोलीपोप के नाम का लालच देकर जितना काम करवाया जाता है अगर उतना काम के पैसे मिलने लग जाएँ तो रातो रात अंबानी तो नहीं लेकिन कुछ तो हम भी बन ही जायंगे। इंटर्नशिप का चलन लगभग हर न्यूज़ चैनल और अख़बारों के दफ्तरों में बेख़ौफ़ जारी है जहाँ सिखाने के नाम पर पत्रकारिता में कुछ कर गुजरने की चाहत लिए आये इस नयी पोध से हर तरह के काम करवाए जाते हैं और बदले में उन्हें दी जाती है – ” लोलीपोप”.

ओम पुरी ने अपनी पत्नी नंदिता पुरी को छड़ी से पीटा

जाने-माने बॉलीवुड अभिनेता ओम पुरी के खिलाफ उपनगरीय अंधेरी में अपने अपार्टमेंट में पत्नी की पिटाई करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. वर्सोवा थाने के वरिष्ठ निरीक्षक हरिश्चंद्र परमाले ने बताया, ‘ओम पुरी की पत्नी नंदिता पुरी ने गुरुवार की रात हमसे संपर्क किया और अपने पति के खिलाफ शिकायत की. उन्होंने शिकायत की कि उनके पति ने छड़ी से उनकी पिटाई की, जिसके बाद हमने उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की.’

अमेरिकी छात्रा भारत में आई और स्ट्रेस डिसार्डर का शिकार हो गई

एक अमेरिकी छात्रा की भारत में स्‍टडी ट्रिप के दौरान यौन शोषण की भयावह कहानी इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है. अपनी आपबीती में उन्‍होंने बताया है कि किस तरह भारत यात्रा के दौरान लोग उन्‍हें घूरते थे, उनका पीछा करते थे और यहां तक कि उनका रेप करने की भी कोशिश की गई. शिकागो यूनिवर्सिटी की छात्रा मिशेला क्रॉस साल 2012 में एक स्‍टडी ट्रिप के लिए भारत आईं थीं. इस दौरान वह भारत की कई बातों से प्रभावित हुईं, लेकिन उनका कहना है कि भारत महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह नहीं है. उन्होंने भारत को मुसाफिरों के लिए स्वर्ग और महिलाओं के लिए नरक बताया.

इन पांच मीडिया हाउसों ने शास्त्री भवन में अपने वकील छोड़ रखे हैं!

Vineet Kumar : ओजी, आप पत्रकारों को अंदर की कोई भी बात पता नहीं होती..मैं आपका नेटवर्क 18 पर छपा लेख पढ़ रही थी, आपके ब्लॉग की फीड आती है मेरे मेल पे..मैं आपको बताती हूं इस मीडिया की सीक्रेट जो कि आप पत्रकार को हवा ही नहीं लगता.. ऐसा है न जी कि ये नेटवर्क18 वाले, एबीपी न्यूजवाले, जीटीवीवाले, टीवी टुडेवाले और उधर सन टीवीवाले ये पांच शास्त्री भवन में अपने वकील छोड़ रखे हैं और ये लोग जमकर अपनी कंपनी के लिए लॉबिइंग करते हैं..आप नोटिस करोगे कि सरकार जो है न जी वो सारे कायदे-कानून इनके फायदे के लिए बनाती है..अब ये देखो, डिस्ट्रीब्यूशन के धंधे में सारे बड़े एमओएस( मल्टी ऑपरेटिंग सिस्टम) के लोग हैं, ये गरीब बेचारा छोटे केबल ऑपरेटर क्या करे ? मरेगा ही न..

मेरे हटने से बीबीसी जैसी महान संस्था पर कोई फर्क नही पड़ेगा : राम दत्त त्रिपाठी

Ram Dutt Tripathi : आप सब मित्रों ने मेरे बीबीसी छोड़ने पर जो उदगार व्यक्त किये हैं, इनके लिए मैं आप सबके प्रति ह्रदय से कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ. यही मेरी संचित पूँजी है. क्यों छोड़ा बीबीसी? इतना ही कहूँगा कि बीबीसी जनता के पैसे से जनता के लिए चलने वाली विश्व की एक अद्वितीय और महान संस्था है.

सोर्स की पत्रकारिता में क्या भूमिका होती है, मैंने रमेश जी से सीखा

सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी : वर्ष 2007 की सर्दियों की एक रात थी। मुझे पता चला कि राजस्‍थान पत्रिका के बैंगलोर संस्‍करण के प्रभारी रमेशजी बीकानेर आए हुए हैं। रात की बारह बजे तक की ड्यूटी पूरी कर मैं सीधा भट्टड़ों के चौक स्थित ज्‍योतिषी मामू के ठिकाने पर पहुंचा। जैसा कि उम्‍मीद थी, रमेशजी वहां मिल गए। पूरी रात वहीं उनका डेरा रहता था। प्रणाम के बाद बातचीत ऐसे शुरू हुई जैसे हम दोनों एक दूसरे को सालों से जानते हों।

 

रेप की शिकार महिला पत्रकार जल्द से जल्द काम पर लौटने को तैयार, इस जज्बे को सलाम : गिरिराज किशोर

Giriraj Kishore : पत्रकार महिला के साथ बलात्कार हुआ। मुंबई पुलिस ने पांचों बलात्कारियों को गिरफ़्तार भी कर लिया लेकिन मैंने अखबारों में पढ़ा उस बहादु महिला ने कहा है कि दुर्घटना का मतलब यह नहीं कि हम घर पर बैठ जाएं, मैं जल्दी से जल्दी काम पर लौटना चाहती हूं। इस जज़्बे को सलाम। अब समाज को सोच बदलना चाहिए।

बीबीसी में भाई भतीजावाद, अंधेर और चापलूसी चमचागिरी

Alok Joshi : Ram Dutt Tripathi लंबे अनुभवों से गुजरे हैं। ज़िंदगी ने उन्हें पकाया ही नहीं है, बेहद शिष्ट और विनम्र भी बनाया है। इसीलिए बीबीसी से वक़्त से पहले रिटायर होने की कड़वाहट उनके स्टैटस में नहीं झलकती। कह रहे हैं बीबीसी विश्व की एक अद्वितीय और महान संस्था है। लेकिन सच क्या है वो खुद भी जानते हैं। बीबीसी में जितना भाई भतीजावाद, जितना अंधेर और जैसी चापलूसी चमचागिरी चलती है, वो अगर भारत के किसी अखबार या चैनल में हो जाए तो मीडिया के मतवाले उनका जीना हराम कर देंगे। .. ऐसा नहीं है तो किसी तर्क से सिद्ध कीजिए कि उमर फारुक, मणिकांत ठाकुर और राम दत्त त्रिपाठी के सामने ऐसी स्थिति क्यों आई कि उन्हें नौकरी छोड़ने या रिटायर होने का फैसला करना पड़ा। और उनसे पहले न जाने कितने लोगों के सामने ऐसी ही स्थिति और भी आ चुकी है। ..

जागरण की खबर पढ़िए: मुख्यमंत्री की आत्महत्या की अति महत्वाकांक्षी पर्यटन…

खुद को तो बताएंगे कि देश दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़े जाते हैं पर छापते क्या हैं, यह कम ही लोगों को पता होगा. दैनिक जागरण आगरा में जो कुछ छपा है, वह शर्मनाक है. पर कहते हैं न कि जब आप अपने लोगों का हद से ज्यादा शोषण करेंगे तो लोग भी किसी न किसी बहाने आपको डैमेज करेंगे. पर उनका क्या जो दैनिक जागरण में हर माह मोटी तनख्वाह पाते हैं पर काम ढेला भर भी नहीं करते, सिवाय उगाही और राजनीति करने के.

झांसी के आधा दर्जन पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश

झांसी पत्रकारों के बीच चल रहे आपसी अदावत में कल्‍पतरु एक्‍सप्रेस के पत्रकार पवन झा के आवेदन पर कोर्ट ने मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है. मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट ने 156 (3) के तहत शकील अली हाशमी, परवेज अहमद, लक्ष्‍मी नारायण, इमरान, हनीफ खान एवं कमर कुरैशी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच का निर्देश दिया है.

बुलंदशहर में एक पत्रकार की हत्‍या, शव बोरे में मिला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुलदंशहर जनपद में एक पत्रकार शव बोरे में मिला है। यह पत्रकार 23 अगस्‍त से लापता था।  पत्रकार की हत्या करने के बाद शव को बोरे में रखकर सड़क के किनारे फेंक दिया गया था। खुर्जा के पंजाबियान मोहल्ला निवासी 29 वर्षीय पत्रकार जकाउल्लाह 23 अगस्त को किसी काम से खुर्जा नगर कस्बा गए थे। इसके बाद वह लापता हो गए। घरवालों ने रात भर इधर-उधर काफी तलाशा पर पता नहीं चल सका। 24 अगस्त को परिवार के लोगों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली देहात थाने में दर्ज कराई।

देखिए, पीटीआई वालों ने क्या ब्लंडर किया है

खबर किसी की और फोटो किसी का.. ऐसी गल्तियां चैनलों अखबारों में आए दिन होती रहती है. पर ये गल्ती समाचार एजेंसियां भी करें, वो भी प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया जैसी तो गंभीर बात है. पीटीआई की खबर व तस्वीर देश भर के अखबार चैनल सब्सक्राइव करते हैं. ऐसे में यह गलती आगे भी दुहरा दी जाए तो कोई बड़ी बात नहीं. पीटीआई वालों को थोड़ा एलर्ट रहने की जरूरत है. देखिए खबर जाने किस मुखर्जी के बारे में है और फोटो लगा दी है प्रणव मुखर्जी की. जो आदमी राष्ट्रपति हो उसे आप जाने किस कंपनी में नौकरी दे रहे हैं.. 🙂

भरभराते इमारतों को शूट करने वाले देवेंद्र रावत को ‘दादा साहेब आप्टे पुरस्कार’

उत्तराखंड में आई हिमालय सुनामी के वीडियो चित्र बनाने वाले उत्तरकाशी जी न्यूज़ के संवाददाता देवेन्द्र रावत को राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास ने 'दादा साहेब आप्टे पुरस्कार' से सम्मानित करने का फैसला लिया है। उन्हें ये सम्मान दिल्ली में 31 अगस्त को दिया जायेगा। देवेन्द्र रावत ऐसे और सम्मान के हकदार है क्योंकि उन्हीं की मेहनत से ताश के पत्तों के तरह गंगा में समा रही इमारतों को कैमरे में क़ैद किया जा सका।

कुल जमा पंद्रह सोलह साल की होगी वो और इतने ही उसके ब्वायफ्रेंड हैं…

Sanjay Tiwari : कुल जमा 15-16 साल की उमर होगी उसकी। लेकिन फ्रेंड के अलावा कोई 15-16 ब्वायफ्रेंड। पूरा इलाका जानता है, लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता। सुना है, एक दिन उसकी मां ने उसको "यह सब" करने से रोका तो उसने धमकी दी, घर से उठवा देगी। आमतौर लोग पुलिस से डरते हैं, लेकिन पुलिसवाले भी उससे पनाह मांगते हैं। कोई कह रहा था कि अब तो उसने उगाही, वसूली के कारोबार में भी हाथ डाल दिया है। लड़कियों को लड़के पटाने की ट्रेनिंग अलग से देती है। फीस के बतौर क्या लेती है, पता नहीं लेकिन उसके किस्से बड़े रोचक होते जा रहे हैं।

छंटनी के खिलाफ नोएडा फिल्म सिटी में प्रदर्शन की कुछ झलकियां (देखें वीडियो)

धूप में पूरे फिल्म सिटी में नारेबाजी करते हुए चक्कर लगाना मुझ पर इतना भारी पड़ा कि दो दिन तक ठीक से बोल नहीं पाया क्योंकि गला बैठ गया था. बहुत दिनों बाद सड़क पर उतरा था और नारेबाजी भाषणबाजी मार्च के कारण पसीने से लथपथ हो चुका था. दो बजे मौके पर पहुंचने से पहले न्यूजलांड्री की रिपोर्टर सुमि का फोन आया था कि सब लोग कहां हैं? मैंने उन्हें बताया कि सभी लोग रास्ते में हैं, बस पहुंचने ही वाले हैं, मैं भी पहुंचने वाला हूं.

पत्रकार हेमचंद्र की हत्या के बाद अब हेम मिश्रा की गिरफ्तारी से सरकार जनपक्षधर लोगों में दहशत पैदा करना चाहती है

Shahnawaz Malik : हेम मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद मैं हिन्दुस्तान में छपी उस ख़बर को दोबारा पढ़ना चाह रहा था जिसे Abhishek Srivastava ने अपनी वॉल पर लगाया था। ख़बर का शीर्षक था- 'नक्सलियों से सहानुभूति रखने वालों को हो सकती है जेल'। ख़बर को मैंने भी शेयर किया था लेकिन अब दोनों जगह से गायब है। सरकार की ये परोक्ष धमकी अख़बार में शायद कई बार छपी, लेकिन जब खबर की उस कतरन को सोशल मीडिया में लाकर सवाल किया गया तो गायब कर दी गई।

फिल्म ”मद्रास कैफे” के जरिए वरिष्ठ पत्रकार दिबांग की नई पारी

'मद्रास कैफे' में वरिष्ठ पत्रकार दिबांग का भी रोल है. फिल्म की शुरुआत में ही जब फिल्मी कलाकारों का नाम स्क्रीन पर उभरता है तो उसमें दिबांग का नाम भी आता है.. फिल्म में दिबांग ने छोटा सा लेकिन बढ़िया रोल किया है… फिल्म की कैनवास में दिबांग का चयन बिलकुल उपयुक्त जान पड़ता है. दिबांग लंदन की एक पत्रकार के न्यूज सोर्स बने हैं जो भारत-श्रीलंका-एलटीटीई-हथियार लाबी-वेस्ट के देश आदि के संबंधों के बारे में सूचनाएं पत्रकार को देते रहते हैं और एक निर्णायक मोड़ पर वह फिल्म के हीरो, जो भारतीय खुफिया अधिकारी है, को सटीक जानकारी व सुबूत मुहैया कराते हैं…

‘मद्रास कैफे’ जरूर देखें, जैसा दिमाग होगा आपका, वैसा रिसीव कर पाएंगे

Yashwant Singh : ''मद्रास कैफे'' जरूर देखें. जिसका बौद्धिक स्तर जितना होगा, उसी स्तर पर वह इस फिल्म से कोई न कोई नतीजा निकाल लेगा… मैंने इस फिल्म से पहले से निकले एक नतीजे पर मुहर लगता पाया कि मनुष्य बहुत हरामी चीज है और इन हरामियों के बीच के महाहरामी ही देश दुनिया पर अब तक राज करते आये हैं, विकास विनाश करते आए हैं और यही महाहरामी प्राणी कम हरामी या आम हरामी के भाग्य को तय करते आए हैं…

भ्रमित पटकथा वाली फिल्म ”मद्रास कैफे”

: सच्ची दुर्घटना पर आधारित फिल्म मद्रास कैफे की कहानी सच्चाई से कोसों दूर : मार्च 2007 में दिल्ली वापस लौटने के बाद से 24 अगस्त 2013 तक मैंने कुल चार फिल्में ही देखी हैं। मद्रास कैफे चौथी फिल्म थी। पहली फिल्म 'ए वेनेसडे' शाह सर के कहने पर शेखर आनंद त्रिवेदी के साथ, दूसरी फिल्म 'राजनीति' शाह सर के साथ, तीसरी फिल्म का जिक्र नहीं करुंगा। बेहतरीन अभिनय और तमाम तकनीकि खूबियों बावजूद मद्रास कैफे की कहानी, मेरी नजर से मलमल में टाट का पैबंद सरीखी है। ''मद्रास कैफे'' मेरी नजर से…

शेम शेम… बाइट लेने वालों की.. और इस ”विदुषी” को तो जितना भी शेम कहो, कम है (देखें वीडियो)

Om Thanvi : जिनकी जुबान हर मौके-बेमौके कुछ-न-कुछ कहने को कुलबुलाती है; न बोलें तो उन्हें लगता है कि वे अपने "समय" के सवालों से जूझ नहीं रहे, उनसे "पलायन" कर रहे हैं, उन्हें यह वीडियो जरूर देखना चाहिए। जैसे माइक इस विदुषी को ललचा रहा है, फेसबुक भी कुछ विद्वानों को अपने "उच्च विचार" प्रकट करने को ऐसे ही आकर्षित नहीं करती?

40 का होने पर कुछ बात बेबात

मोक्ष अचानक नहीं मिलता. वह लगातार चलता रहता है और उसके चलते रहने से जो स्वाभाविक गुणात्मक मात्रात्मक बढ़ाव चढ़ाव विकास होता है वह एहसास कराता जाता है कि मोक्ष की तरफ अग्रसर हैं. जब काफी करीब पहुंच जाते हैं हम तो एक डेडलाइन तय करने लगते हैं या फिर डेडलाइन से परहेज करने लगते हैं. जो डेडलाइन तय कर देता है कि इस दिन से अब तक मिले ज्ञान मोक्ष समझ को पूरी तरह जीवन में उतार लेना है, ढाल लेना है तो वो साहस का दिन होता है और ये दिन मोक्ष का दिन घोषित कर दिया जाता है. वह मौका वह दिन एक खास तारीख के रूप में तब्दील हो जाता है.

कर्नाटक में दो लोस सीटों पर कांग्रेस की जीत से भाजपा के लिए कई सबक

कर्नाटक की दो लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनावों पर नतीजे आ चुके हैं. इन परिणामों से कांग्रेस को जरूर राहत मिली होगी. मिलनी भी चाहिए, दोनो सीटों पर कांग्रेस का कब्जा हो चुका है. दोनों ही सीटों के नतीजे ये बताने के लिए  काफी है कि इन इलाकों की जनता ने कांग्रेस को पूरे मन से जीत दिलाई है. इस जीत के क्या मायने हैं? येदियुरप्पा-कांड के बाद वैसे भी कर्नाटक में बीजेपी की राह मुश्किल हो गई है. आने वाला लोकसभा चुनाव बीजेपी के लिए ज्यादा बेहतर साबित होगा, कहना कठिन है. वैसे भी दक्षिण भारत में बीजेपी की मौजूदगी शून्य है.

‘भड़ासजी’, अच्छा लिखा आपने, किताब का नाम ‘रोमांस विथ जेल’ भी रखा जा सकता था

कल जैसे ही घर पहुंचा, स्नेपडील के मार्फत तशरीफ ला चुकी ‘जानेमल जेल’ मेरा इंतजार कर रही थी. शाम के तकरीबन पांच या सवा पांच बज रहे होंगे. पैकेट खोला और पुस्तक को पलटा तो सबसे पहले ‘भड़ास जी’ का संक्षिप्त जीवन परिचय पढ़ने लगा. हालांकि कई बातों की जानकारी पहले से थी. नीचे नंबर भी लिखा था.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर को प्रमोशन के मामले में दो माह में निर्णय देने के आदेश

Amitabh Thakur : एक न्यायिक विजय का उत्साह… प्रत्येक विजय अपने आप में प्रसन्नता देती है, चाहे वह छोटी सी विजय ही क्यों ना हो. फिर यदि इस विजय पर न्यायिक मुहर लगी हो तो खुशी दुनी हो जाती है. आज एक बार फिर मेरे साथ ऐसा हुआ जब कथित रूप से कोई जांच या अन्य कार्यवाही लंबित नहीं होने के बावजूद पदोन्नति रोके जाने के विरोध में मेरे द्वारा दायर याचिका पर मा० इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच कई बिंदुओं पर मुझसे सहमत दिखी और उन के द्वारा मा० कैट, लखनऊ को दो माह में सुनवाई कर निर्णय देने का आदेश दिया गया.

चौरासी कोसी परिक्रमा या सियासी ड्रामा! (झांसी में सेमिनार)

झांसी। देश ही नहीं दुनिया के भी सभी लोग इस तथ्य से परिचित हैं कि अयोध्या में ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पैदा हुए थे। सनातनी हिंदू परिवारों के लिए अयोध्या महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। वास्तव में यदि कोई हिंदू वहां जाकर परिक्रमा करना चाहता है तो वह किसी भी वक्त ऐसा कर सकता है। अपने धार्मिक क्रियाकलापों की रस्मों को पूरा करने के लिए देश के हिंदू विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप जैसे संगठनों के मोहताज नहीं हैं।

उपेंद्र स्वामी ने दैनिक जागरण को गुडबाय कहा

जागरण नोएडा से विकेट गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है. अब सूचना उपेंद्र स्वामी के इस्तीफा देने की है. इनके पहले जीएम अरुण सिंह और पत्रकार विजय झा ने इस्तीफा दिया. फीचर में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत उपेंद्र स्वामी जागरण के यात्रा सप्लिमेंट के इंचार्ज रहे और उसके पहले जागरण डॉट कॉम को हेड करते थे.

बनारस के फोटोग्राफरों ने फोटो बनाने के लिए कार पर ईंट रखवा दिया और यही तस्वीर दैनिक जागरण में छपी (देखें वीडियो)

यशवंत जी, मैं आपका ध्यान इस मेल साथ अटैच वीडियो की ओर आकृष्ट करना चाह रहा हूँ. हमेशा से ही इलेक्ट्रानिक मीडिया पर यह आरोप लगाया जाता है कि विजुअल को सनसनीखेज बनाने के लिए खबरों दृश्यों को मैनेज किया जाता है लेकिन यह वीडियो इस बात का प्रमाण है कि प्रमुख अखबारों के फोटोग्राफर भी अपनी फोटो को आकर्षक सनसनीखेज बनाने का हर प्रयास करते हैं.

एक प्रस्ताव : जो भी साधु-संत या सन्यासी बनना चाहे, उसे पहले नपुंसक (बधिया) होना पड़ेगा

Balendu Swami : एक विचार आया है, जोकि धर्मशिक्षा अथवा अन्धविश्वास की आड़ में होने वाले बलात्कारों को बंद कर सकता है, परन्तु उसके लिए धार्मिक संस्थाओं और सरकार को आगे आना पड़ेगा. जो भी साधु-संत सन्यासी बनना चाहे, उसे पहले नपुंसक (बधिया) होना पड़ेगा, और वैसे भी इसमें उन्हें कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनका धर्म तो वैसे भी सेक्स न करने और ब्रह्मचारी रहने की हिदायत देता है, कम से कम इस प्रकार अन्धविश्वास में पड़े हुए माता पिता के बच्चे तो बलात्कार का शिकार होने से बच सकेंगे.

बनारस के ओजस्वी और तेजस्वी किंग साइज़ पत्रकारों का यही हाल रहा तो…

विभांशु दिव्याल : बनारस के ओजस्वी और तेजस्वी किंग साइज़ पत्रकारों का यही हाल रहा तो पत्रकारों की अगली पीढ़ी नपुंसक ही पैदा होगी, वो सिर्फ तेल लगाने का काम करेगी। शहर में आप कहीं भी बीएचयू के कुलपति का पुतला फूंक दीजिये, कोई खबर नहीं बनेगी। आसाराम बापू के साथ उमा भारती का पुतला फूंक दीजिये, कैमरों के शटर अपने आप बंद हो जायेंगे। लेकिन तीज के नाम पर आधुनिक नारियों का समूह कहीं कमर मटका दे तो क़यामत हो जाती है। जगह की समस्या का रोना रोकर ख़बरों पर कैंची चलाने वाले पूरे पेज को फोटो एल्बम बना देंगे।

हेम मिश्रा की रिहाई से बढ़कर कोई भी सवाल करना बेमानी है

Himanshu Kumar : हेम मिश्रा को पुलिस ने पकड़ लिया. आप अगर आदिवासी इलाके में जायेंगे तो आप भी पकड़े जा सकते हैं. आखिर आदिवासी इलाके में जाना क्यों खतरनाक है? क्योंकि आदिवासी इलाके में नक्सलवादी रहते हैं. और हो सकता है आप आदिवासी इलाके में जाकर नक्सलवादियों को कोई मदद पहुंचा दें. यूँ तो मुंबई में भी भाई लोग रहते हैं लेकिन मुंबई जाना तो मना नहीं है? इसलिये सच्चाई यह नहीं है कि नक्सलियों के कारण आपके लिये आदिवासियों के इलाके में जाना खतरनाक बात है.

जिस दिन लिखने पर आ गया…वापस बेगूसराय भागना पड़ेगा सर : मयंक सक्सेना

Mayank Saxena : "साले तुम से एक स्पेलिंग ठीक नहीं लिखी जाती…चूतिए हो…तुम भी और तुम्हारा वो चूतिया मयंक सक्सेना भी…नौकरी से निकाल दूंगा…जाओ और उन्ही बूंद के चूतियों के साथ काम करो…" ये एक राष्ट्रीय टीवी चैनल के न्यूज़ रूम में एक महान सम्पादक की भाषा है…दर्शक ज़रा ग़ौर करें…पत्रकार भी…प्रशिक्षु पत्रकार भी…हिंदी मीडिया कैसे लोगों के हाथों में है…

भास्कर से निकले सोमदत्त, नवीन और धर्मवीर ने जागरण व हरिभूमि ज्वाइन किया

भास्कर की रोहतक यूनिट में सम्पादक हेमंत अत्री की प्रताड़ना से तंग आकर सीधे स्टेट हैड विवेक को पानीपत इस्तीफा भेजने वाले सोमदत्त शर्मा ने रोहतक में ही दैनिक जागरण ज्वाइन कर लिया है. बतौर सीनियर रिपोर्टर सोमदत्त शर्मा की भर्ती हुई है. हेमंत अत्री के शिकार बने रिपोर्टर नवीन नैन और धर्मवीर शर्मा ने रोहतक में हरिभूमि ज्वाइन कर लिया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की बढ़ी दुविधा, सपा और संघ की तकरार में कांग्रेस हुई हल्कान

अयोध्या क्षेत्र में प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा यात्रा को लेकर सपा और संघ परिवार के बीच तकरार काफी गंभीर होने लगी है। क्योंकि, सपा नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने ऐलान कर दिया है कि किसी भी कीमत पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और संघ परिवार के दूसरे घटकों को परिक्रमा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जबकि, विहिप नेतृत्व इस मुद्दे पर सरकार से दो-दो हाथ करने की रणनीति पर उतारू हो गया है। 25 अगस्त से यह यात्रा शुरू करने का कार्यक्रम है।

आसाराम की चेली नीलम दुबे ने इंडिया न्यूज चैनल पर दीपक चौरसिया को दलाल कह डाला!

आसाराम बापू की प्रवक्ता नीलम दुबे ने इंडिया न्यूज चैनल पर बहस के दौरान चैनल के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया को उनके सवाल करने के दौरान कहा- ''दीपक जी आप दलालों की तरह सवाल कर रहे हैं''. चैनल पर आसाराम प्रकरण को लेकर बहस के दौरान नीलम दुबे अपना आपा खो चुकी थीं. वह किसी भी तरह से आसाराम के खिलाफ कोई बात स्वीकार नहीं कर रही थीं और उन पर अब तक लगे सभी आरोपों को गलत बता रही थीं. उनकी बातें सुन कर इस बहस में शामिल एक धर्म गुरु ने कहा कि यदि आप इस तरह से बात करेंगी तो लोग उन्हें पागल करार देंगे.

वरिष्ठ पत्रकार अम्बादत्त भारतीय का निधन

हाथरस : वरिष्ठ पत्रकार अम्बादत्त भारतीय का शुक्रवार को तड़के निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी शवयात्रा में सामाजिक, राजनीतिक, स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। वरिष्ठ पत्रकार अम्बादत्त भारतीय को राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की ओर से 1990 में साक्षरता दूत तथा 1992 में कलकत्ता के महेन्द्र सिंह पुरस्कार ट्रस्ट ने पटना में स्वर्ण मुकुट से नवाजा गया था। वह नई दिल्ली व भोपाल में कई समाचार पत्रों से जुडे़ रहे। वे यहीं मुरसान गेट के मूल निवासी थे और उनके छोटे भाई गुरुदत्त भारतीय भी पत्रकार हैं।

आसाराम का बेटा नारायण सांई आश्रम में रंगरेलियां मनाते रंगे हाथ पकड़ा गया था

आसाराम के ख़िलाफ़ बुधवार 21/08/13 को दिल्ली में एक नाबालिग़ लड़की ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। यह पहली बार नहीं है कि आसाराम को आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। यह आसाराम पर कोई पहला आरोप नहीं है। उन पर पहले भी हत्या, भूमि हथियाने और मीडियाकर्मियों से बदतमीज़ी करने के आरोप लगे हैं। निरंतर यौन उत्पीड़न के आरोप लगते रहे हैं लेकिन हर बार यह ढोंगी किसी न किसी तरह बच जाता है।

सर इतनी गर्दनों से ही चैनल घाटे से उबर आयेगा…या फिर कुछ और मंगायें

टीवी-18 ग्रुप के नामुराद मालिकान ने सीएनएन, सीएनवीसी आवाज और आईबीएन7 के करीब 350 कर्मचारियों की रोजी-रोटी छीनकर हलकान कर दिया। मालिकों के एक इशारे पर यह काम किया उनके "पालतूओं" किसी राजदीप सरदेसाई और किसी आशुतोष गुप्ताओं ने। कंपनी मालिकों ने पूछा था दोनों से, कि चैनल का घाटा पूरा करने का रास्ता खोजो। बहुत दिन से तुम लोग कंपनी की कमाई पर मस्ती कर रहे हो। मालिक की बात शत-प्रतिशत सही थी। कंपनी की दौलत पर मौज में यही दोनों थे। बाकी तो बिचारे परिवार-पेट पालने के लिए नौकरी कर रहे थे।

रामदत्त, मणिकांत व उमर फारुख के बीबीसी हिंदी से मुक्त होने को लेकर एक पत्र, बीबीसी के डीजी के नाम

ये एक युवा का पत्र है जो इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है. उसने बीबीसी के डीजी यानि डायरेक्टर जनरल को एक पत्र लिखा है. इसमें उसने बताया है कि बीबीसी हिंदी को सुनना उसके परिवार का एक रुटीन है और वह इस रेडियो सर्विस का तीसरी पीढ़ी का श्रोता है.

जिस लड़की ने साहस के साथ एफआईआर दर्ज करवाया, उस पर तरस क्यों खा रहा यह चैनल!

Vineet Kumar : कल जब आसाराम बापू पर अपने ही आश्रम की 15 साल की छात्रा के साथ रेप करने के आरोप की खबर से गुजर रहा था तो देखा कि न्यूज24 ने आसाराम के साथ लड़की को दिखाने के लिए वही सारे स्टिल्स का इस्तेमाल किया जिसे 16 दिसंबर की दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना के लिए किया गया था. रोती हुई, घुटने सिकोड़कर, सिर झुकाए, शर्म से हाथ ढंककर बैठी हुई.. जिसे एक ही नजर में देखकर आप समझ लेंगे कि लड़की को बुरी तरह शर्मसार और लाचार बताया जा रहा है.

आसाराम के भय से भूमिगत हुआ लड़की का परिवार

शाहजहांपुर : आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की के परिजन हमले के डर से भयभीत हैं. इस घटना के बाद से पूरा परिवार भूमिगत है. एक करीबी ने मीडिया को फोन कर बताया कि आसाराम र्समथक आरोप लगाने वाली लडकी के घर पर हमला कर सकते हैं. जिस ट्रांसपोर्टर की बेटी ने आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया है, चांदापुर वाला आश्रम उसी ट्रांसपोर्टर ने अपनी जमीन देकर बनावाया था. सारी देखरेख भी वही करते थे. आसाराम के भक्त हतप्रभ हैं. कट्टर अनुयायी की बेटी के साथ ऐसा हुआ होगा. कई तो भरोसा नहीं कर पा रहे है तो कुछ बोलने से बच रहे हैं.

भगोड़े आईएएस को दंडित करने की संजय शर्मा की मुहिम को पत्रकारों का समर्थन

सूर्य प्रताप सिंह के मामले में वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा की इस पहल को लेकर मीडिया में कुछ धड़े बंदी रही। देश के जाने माने पत्रकारों ने इस मामले को उठाने पर श्री शर्मा को जहां बधाई दी वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जो सूर्य प्रताप सिंह के पास जाकर उन्हें अपना समर्थन देकर श्री शर्मा के बारे में तरह-तरह की कहानियां बता रहे थे। 

बयान देने पहुंची टीना अंबानी ने जज को विशेष मेहमान बनकर मुंबई आने का न्योता दे डाला

नई दिल्ली : विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि सवालों का जवाब देने के मामले में टीना अंबानी अपने पति अनिल अंबानी से बेहतर हैं. टीना 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश हुईं. विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने मुस्कुराते हुए कहा, ''ये अंबानी साहब से बेहतर हैं.'' इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा, ''सर, यही वजह है कि ये उनकी (अंबानी की) पत्नी हैं.''

गैंगरेप की शिकार फोटोजर्नलिस्ट का ऑपरेशन, मानसिक आघात के कारण बात करने की हालत में नहीं

मुंबई : सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई महिला फोटो पत्रकार का शुक्रवार को ऑपरेशन किया गया। यह जानकारी जसलोक अस्पताल के प्रवक्ता ने दी। पीड़िता का इसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। महालक्ष्मी स्टेशन के निकट स्थित खाली पड़ी शक्ति मिल्स में पीड़िता के साथ गुरुवार को सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। मानसिक आघात के कारण वह अभी भी बात करने की हालत में नहीं है। प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया, ''गुरुवार रात से ही पीड़िता का इलाज जारी है। शुक्रवार को उसका एक छोटा सा ऑपरेशन किया गया और अब उसकी हालत में थोड़ा सुधार है और स्थिर है। हम उसके शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद करते हैं।''

सीएनएन-आइबीएन के आगे लगे डाउन-डाउन के नारे को पर्याप्त जगह देने के लिए चैनल का शुक्रिया : प्रदर्शन की तस्वीरें (4)

Vineet Kumar : नेटवर्क 18 मामले में निजी समाचार चैनलों की गहरी सुनियोजित चुप्पी के बीच परसों लोकसभा टीवी पर उर्मिलेश( Urmilesh  Urmil) और आनंद प्रधान( Anand Pradhan) को सुनना उस यकीन की तरफ लौटने जैसा लगा कि अभी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है.

याद आ रहा है कि क्या करते करते हम पत्रकार बन गए : आलोक जोशी

Alok Joshi : पुराने दिन याद आ रहे हैं। पुराने किस्से याद आ रहे हैं। ये भी याद आ रहा है कि क्या करते करते हम पत्रकार बन गए। तब पत्रकारों की तनख्वाह कुछ खास नहीं होती थी। कैरियर प्रोग्रेशन भी 55 रुपए सालाना इन्क्रीमेंट की रफ्तार से ही था.. मगर आ गए तो आ गए।.. दो बार नौकरी से भी हाथ धोया, बल्कि तीन बार। दो बार तो तमीज़ से चिट्ठी पकड़ाकर मुआवजे समेत निकाले गए और एक बार महीने की तनख्वाह तो छोड़ो, लाला अपना कुछ पैसा भी खा गया।..

जब कुछ मर्द टीवी एंकरों को मुंबई दिल्ली की घटनाओं पर बकते देखता हूं तो सोचता हूं…

: मुंबई क्यों शर्मसार हो? : मुंबई की एक फोटो पत्रकार के साथ बलात्कार की घटना ने हमें उसी दिसंबर जनवरी में लाकर छोड़ दिया है जहाँ हम निर्भया को लेकर मर्दों के सामाजिकरण पर बहस किया करते थे । उन बहसों में क़ानून का डर समाज की कायरता से बड़ा होता चला गया था और जिसे क़ायम करने के लिए जस्टिस वर्मा ने एक वाजिब क़ानूनी ढाँचा भी पेश किया । बात दिल्ली और मुंबई के शर्मसार होने की नहीं है । मुंबई हो या दिल्ली इन शहरों ने कब औरतों के लिए एक आदर्श शहरी सामाजिक वातावरण बनाने में सक्रियता दिखाई ।

जब अखिलेश के गृह जिले इटावा में पत्रकार मारे जाने लगे तो सूबे का हाल समझा जा सकता है

Dinesh Shakya : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जिले इटावा में कानून व्यवस्था का हाल कितना खराब है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब पत्रकारों की भी हत्या होने लगी है। पत्रकार राकेश शर्मा की हत्या के बाद इटावा के पत्रकारों में बहुत गुस्सा है। यह घटना इटावा जिले के बकेवर क्षेत्र में होने से सनसनी फैल गई। पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और घायल पत्रकार को जिला अस्पताल लेकर आई, जहां डॉक्टर द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना से पत्रकार राकेश के परिवार में कोहराम मच गया।

यूपी में जनता लुट रही है और सच लिखने पर पत्रकारों को गोलिया पड़ रही हैं

Ashutosh Agnihotri : इटावा में आज शाम हिंदी दैनिक आज के बकेबर क्षेत्र के प्रतिनिधि राकेश शर्मा को कुछ लोगों ने गोली मार दी! उनकी मौके पर ही मौत हो गयी! बकेवर पुलिस आधे घंटे तक मौके पर नहीं पहुची! ढाई घंटे बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निलाब्जा चौधरी जिला अस्पताल में पहुचे!

जेएनयू के छात्र और संस्कृतिकर्मी हेम मिश्रा को गिरफ्तार कर पुलिस ने रिमांड पर लिया, व्यापक विरोध शुरू

Ashutosh Kumar : जेएनयू के छात्र और संस्कृतिकर्मी Hem Mishra को गढ़चिरौली में गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. इस घटना की व्यापक निंदा और विरोध होना चाहिए. हेम का जीवन इतना सार्वजनिक है कि सर्विलांस के इस दौर में फेसबुक पर उसका मोबाइल भी पब्लिक है. पतित बाबाओं के सामने थरथराने वाली पुलिस स्वप्नदर्शी युवाओं के लिए खासी बर्बर हो सकती है.

नेटवर्क18 के मुंबई स्थित माटुंगा आफिस में मचा कोहराम, 60 मीडियाकर्मियों की छंटनी

मुकेश अंबानी, राघव बहल और राजदीप सरदेसाई के स्वामित्व वाले टीवी18 समूह की कंपनी नेटवर्क18 के माटुंगा रोड आफिस में आज सुबह से कोहराम मचा दिखा। यहां एचआर विभाग ने सुबह 11 बजे से उन कर्मचारियों में से एक-एक कर्मचारी को बुलाना शुरू किया जिनकी छंटनी की जानी थी। जिनकी छंटनी होनी थी उसमें जो कर्मचारी ऑफिस ही नहीं आए,  उनको एचआर वालों ने फोन कर बुलाया और नौकरी खत्‍म करने का लेटर एवं चेक थमाया।

इटावा में पत्रकार राकेश शर्मा की गोली मार कर हत्या

उत्तर प्रदेश में पूरी तरह जंगल राज आ चुका है. सपा सरकार अपने वोट बैंक की राजनीति के चलते सारा ध्यान हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण पर लगाए है और इसी हिसाब से चालें चली जा रही हैं जबकि आम जनता क्या, पत्रकार तक प्रदेश में सुरक्षित नहीं रह गए हैं. मुलायम और अखिलेश के गृह जिला इटावा में आज अखबार के पत्रकार राकेश शर्मा की गोली मार कर हत्या कर दी गई. उन्हें चार पांच गोलियां मारी गई. उनकी लाश सड़क पर मिली.

भगोड़े अफसरों का मसला कोर्ट ने खारिज किया पर जनता ने स्वीकारा

: प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास एवं अवस्थापना सूर्य प्रताप सिंह का मामला देश में गरमाया : देश भर के सैकड़ों आईएएस गायब : प्रदेश के प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास एवं अवस्थापना सूर्य प्रताप सिंह एवं अन्य गायब आईएएस अधिकारियों के विरुद्ध दायर की गयी जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने इसे भले ही खारिज कर दिया हो मगर जनमानस ने इस मुद्दे को बेहद सराहा है। सैकड़ो लोगो ने सरकार से मांग की है कि ऐसे आईएएस अफसर जो बिना अवकाश लिये गायब हैं उनके खिलाफ अविलंब कार्रवाई की जाये। उधर इस याचिका के दायर होने के बाद बड़े अफसरों में खलबली है और इस मुद्दे को दबाने की कोशिश की जा रही है।

चूरू निवासी पत्रकार का निधन, मुगलसराय में दो पत्रकार घायल

चूरू निवासी अस्सी वर्षीय प्रख्यात शिक्षक और पत्रकार रामलाल शर्मा का कल देर रात जयपुर चिकित्सालय में स्वर्गवास हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनकी अंतिम यात्रा आज दोपहर एक बजे चूरू के सुराणा मोहल्ला (पुरानी पंचायत समिति के पास) उनके निवास से प्रारंभ हुई। रामलाल चूरू में पत्रकारिता के अलावा शिक्षक के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएं दी।

डॉ. दाभोलकर की हत्‍या विवेकवादी आंदोलन पर हमला, हिंदी विश्‍वविद्यालय के बुद्धिजीवियों ने की हत्‍या की भर्त्‍सना

वर्धा : महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय के लगभग पचास बुद्धिजीवियों ने महाराष्‍ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अग्रणी और मराठी साप्‍ताहिक ‘साधना’ के संपादक डॉ.नरेन्‍द्र दाभोलकर की हत्‍या का निषेध किया है और विवेकवादी आंदोलन के प्रति सहभागिता प्रदर्शित की है। इन बुद्धिजीवियों जारी हस्‍ताक्षरित वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि डॉ.दाभोलकर की साजिशाना हत्‍या से जाहि़र होता है कि देश में अंधश्रद्धा, धर्मांधता, अंधराष्‍ट्रवाद, सांप्रदायिक राष्‍ट्रवाद और अंधअर्थवाद का खतरनाक गठजोड़ कायम हो र‍हा है।

दागी-दबंग अफसरों के दबाव में यूपी सरकार… देखिए लिस्ट और कारनामे

सपा सरकार जनता की कसौटी पर खरी नहीं उत्तर रही है। प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास के साथ अखिलेश की ताजपोशी का रास्ता सशक्त किया था। वह सपना चकनाचूर हो गया है। समाजवादी पार्टी के मंत्री और नेता अमर्यादित भाषा बोल रहे हैं। बसपा, भाजपा, कांग्रेस जैसे विरोधियों के प्रति उनकी तल्खी तो समझ में आती है लेकिन ईमानदार युवा नौकरशाहों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, व्यापारियों के प्रति ही नहीं आम जनता के प्रति भी उनकी अमानवीय सोच और बेरूखी अकल्पनीय लगती है। मंत्रियों की बद-जुबानी सिर चढ़कर बोल रही है। सपा के पाले हुए गुडों की दहशत है। कानून व्यवस्था गर्द में जा रही है। राज्य की जनता आये दिन होने वाले साम्प्रदायिक दंगों से थर्रायी हुई है।

कोर्ट ने राडिया का फोन टैप करने का आदेश और मूल रिकॉर्ड मांगा

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार नीरा राडिया के टेलीफोन टैप करने के लिए अधिकृत किए जाने से संबंधित मूल रिकॉर्ड उच्चतम न्यायालय में पेश नहीं कर सकी। न्यायालय ने इसे ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। केन्द्र सरकार को गुरुवार को न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष उस समय शर्मसार होना पड़ा जब मूल रिकॉर्ड पेश करने में उसकी असफलता के बाद न्यायालय ने फोन टैपिंग पर उसके दृष्टिकोण को सुनने से इनकार कर दिया।

भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष रविकांत दुबे का डबल गेम!

पटना। यह तो हद हो गई, एक ओर भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष रवि कांत दुबे अपने फेसबुक पेज पर लगातार लिख रहे हैं कि सब राजनीति है, और भोजपुरी अभिनेता तथा गायक मनोज तिवारी तथा लोकगायक भरत शर्मा द्वारा लौटाया गया सम्मान उनके पास पहुंचा ही नहीं, वहीं दूसरी ओर वह इस सम्मान को वापस लेने से इंकार कर रहे हैं। बिहार सरकार के सख्त रुख के बाद अवधी लोक-गायिका मालिनी अवस्थी के ब्रांड-एम्बेस्डर बनने से इंकार कर देने के बावजूद भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी के अनुसार वह तब तक यह सम्मान वापस नहीं लेंगे, जब तक रवि कांत दुबे सार्वजनिक तौर पर माफी ना माँग लें।

इंग्लिश लाइफस्टाइल मैग्जीन में इंटर्नशिप कर रही लड़की से गैंगरेप की मीडिया संगठनों ने निंदा की

मुंबई। मुंबई के परेल इलाके में 22 साल की महिला फोटोग्राफर के साथ गैंग रेप की घटना के बाद हर एक मीडिया संगठन ने निंदा का बयान जारी किया है। लड़की महालक्ष्मी एरिया की शक्ति मिल में अपने दोस्त के साथ फोटोग्राफी करने गई थी। वहां पर 5 बदमाशों ने पहले तो लड़की के दोस्त की पिटाई की और फिर उसे बंधक बनाकर लड़की को अपनी हवश का शिकार बनाया।  पुलिस के मुताबिक यह घटना गुरुवार शाम 5 से 6 बजे की है। एक इंग्लिश लाइफ स्टाइल मैगजीन में इंटर्नशिप कर रही यह लड़की एक असाइनमेंट के सिलसिले में महालक्ष्मी एरिया के रेलवे ट्रैक्स के करीब शक्ति मिल में फोटॉग्रफी करने गई थी।

अजीत झा अमर उजाला से जुड़े, विजय झा ने जागरण से इस्तीफा दिया, मुतरेजा हिंदुस्तान ज्वाइन करेंगे

नईदुनिया इंदौर से इस्तीफा दे चुके अजीत झा ने वापस दिल्ली की राह पकड़ ली है। उन्होंने अमर उजाला के साप्ताहिक प्रकाशन युवान में ज्वॉइन किया है। आपको बता दें कि अजीत झा ने कुछ महीनों पहले ही नईदुनिया इंदौर ज्वॉइन किया था। दरअसल नईदुनिया में प्रयोगों का दौर और लोगों के आने जाने का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रबंधन भी अजीबोगरीब फरमान जारी कर रहा है।

दुर्गाशक्ति निलंबन, परिक्रमा पाबंदी और मुस्लिम आरक्षण… समझिए सपा सरकार की वोट की राजनीति

आईएएस दुर्गाशक्ति के ‘निलंबन’ के बाद अयोध्या की 84 कोस परिक्रमा पर ‘‘प्रतिबंध’’ दोनों ही मुद्दों को साम्प्रदायिक सौहार्द्र कायम रखने की छद्म ढाल के तले उचित ठहराने का राग अलापते हुए राज्य सरकार ने अल्पसंख्यकों को 20 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान किया। इन तीनों बिन्दुओं के दूरगामी इफेक्ट को समझना आसान नहीं है। सवाल उठता है कि क्या अल्पसंख्यक वोटबैंक उन्हें आसन्न लोकसभा चुनाव की वैतरणी-पार लगा सकेगा?

यूपी में कीट जनित और संक्रामक रोगों की रोकथाम के दावों की पोल खुली

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार द्वारा निरंतर नयी योजनाओं की घोषणा की जा रही हैं. ऐसा पहले की सरकारें भी करती रही हैं और आगे की सरकारें भी करती रहेंगी. इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब ये सरकारें इन योजनाओं के अमल के प्रति वास्तव में गंभीर होंगी. अब इसे सरकार की कार्यप्रणाली की कमी कहा जाए, सरकार और  प्रशासनिक अमले में सामंजस्य की कमी या सरकारी तंत्र का भ्रष्टाचार किन्तु इसका खामियाजा तो प्रदेश की बेचारी जनता को ही उठाना पड़ता है.

पी7न्यूज का स्ट्रिंगर कर रहा था स्टिंग, पकड़े जाने के बाद बनारस में मचा बवाल

बनारस के सर सुंदरलाल अस्पताल (बीएचयू) के मेडिसिन विभाग से जुड़े बहिरंग चिकित्सा विभाग (ओपीडी) में 21 अगस्त को एक इलेक्टॉनिक न्यूज चैनल को लेकर हुए बवाल ने पांच माह पूर्व स्थानीय अर्दली बाजार के एक प्रसिद्ध जांच घर में हुई घटना की याद ताजा कर दी है। दोनों में फर्क बस इतना है कि पांच माह पूर्व हुई घटना में स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर एक डॉक्टर को ब्लैकमेल करने की कोशिश से उपजा विवाद था जबकि इस बार जो कुछ हुआ वह असली स्टिंग ऑपरेशन का नतीजा रहा। इस असली स्टिंग को अंजाम दे रहे पी 7 न्यूज चैनल के स्थानीय प्रतिनिधि अभ्युदय द्विवेदी को कुछ देर के लिए बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों ने घेरे में लिया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इस बीच पता चला है कि फिलहाल अभ्युदय द्विवेदी को बनारस में पी7 का काम करने से रोक दिया गया है।

मुंबई में मीडिया ने सीएम की प्रेस कांफ्रेंस का बॉयकाट किया

मुंबई : प्रिंट और टीवी मीडिया ने गुरुवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का बॉयकॉट कर दिया। पुलिस प्रेस रूम की तरफ से मीडिया को जो एसएसएस आया था, उसके मुताबिक इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को संबोधित करना था। पहले मीडिया को एसएमएस किया गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस शाम 5 बजे होगी। बाद में एसएमएस से इस कॉन्फ्रेंस का समय शाम 4.30 बजे कर दिया गया। सारे पत्रकार समय से पहले पहुंच गए, लेकिन जब शाम पौने सात बजे तक जब सीएम या गृहमंत्री में से कोई नहीं आया, तो नाराज मीडिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का बॉयकॉट कर दिया।

पंद्रह साल का बालक तारबंदी पार कर पहुंचा पाकिस्तान

बाड़मेर : भारत पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों के बाद देश की सरहद पर विशेष सतर्कता बरतने के दावों की पोल बाड़मेर जिले की पश्चिमी सरहद मुनाबाव में खुल गई। यहां से तीन रोज पूर्व पंद्रह वर्षीय बालक तारबंदी पार कर पाकिस्तान पहुंच गया। वह पाकिस्तान के खोखरापार स्थित चेता चौक पर पाकिस्तानी रेंजरो के हत्थे चढ़ गया। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान सेना द्वारा आये दिन सीज फायर के उल्लंघन की वारदातों के बीच केंद्र सरकार ने देश के पाकिस्तान और चीन की सरहदों पर तैनात सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए थे।

असम में विस्फोट से फोटो जर्नलिस्ट और टीवी रिपोर्टर घायल

पीटीआई-भाषा की तरफ से जारी खबर के मुताबिक असम में हुए धमाके में दो पत्रकार भी घायल हो गए हैं. इनमें एक फोटो जर्नलिस्ट है और दूसरा टीवी जर्नलिस्ट. मंगलदोई से मिली खबरों के मुताबिक असम के दरांग जिले में यहां मंगलदोई पुलिस थाना के अंदर संदिग्ध उल्फा उग्रवादियों ने एक ग्रेनेड से विस्फोट किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी और दो पत्रकार सहित कम से कम पांच लोग घायल हो गए.

गैंगरेप की शिकार मुंबई की फोटो जर्नलिस्ट एक अंग्रेजी मैग्जीन में ट्रेनी है

मुंबई के परेल इलाके में कल रात जिस 23 वर्षीय महिला फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया, उसने हाल में ही पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और बतौर प्रशिक्षु फोटो जर्नलिस्ट अपना काम अंजाम देने फील्ड में निकली हुई थी. एक अंग्रेजी पत्रिका में बतौर प्रशिक्षु फोटो पत्रकार काम करने वाली 23 वर्षीय पीड़िता की हालात ‘स्थिर’ बनी हुई है. युवती को अंदरुनी तौर पर काफी चोट आई है. फोरेंसिक दल भी जांच में लग गया है ताकि पुलिस ठोस सुबूत जुटा सके और इस जघन्य अपराध के दोषियों को अधिकतम सजा मिल सके.

आईपीएस नजरुल ने मुख्यमंत्री ममता के खिलाफ दर्ज किया फौजदारी मुकदमा

अभूतपूर्व प्रशासनिक संकट है बंगाल में इन दिनों। बाकी देश में भी इसकी कोई नजीर है या नहीं, फिलहाल नहीं मालूम। राज्य सरकार की सेवा में रहते हुए वरिष्ठतम आईपीएस अफसर ने मुख्यमंत्री के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज करा दिया। एक समय मुख्यमंत्री के घनिष्ठ रहे साहित्यकार पुलिस अफसर नजरुल इस्लाम ने इससे पहले मुख्यमंत्री पर अल्पसंख्यकों के साथ छलावा करने करने का आरोप ही नहीं लगाया बल्कि पूरी एक किताब लिखकर प्रकाशित कर दी, ''मुस्लिमदेर कि करणीय'' मतलब मुसलमान क्या करें। वे लगातार सख्त भाषा में मुख्यमंत्री की आलोचना करते रहे हैं। इस मुताबिक उनके खिलाफ अभियोगपत्र भी दायर हो गया और उनकी पदोन्नति भी रुक गयी।

NUJ(I) condemns gang-rape of photo journalist in Mumbai

New Delhi : The National Union of Journalists (India) expressed shock over the gang-rape of a photo journalist in Mumbai yesterday. Demanding immediate arrest of all the culprits who are behind the heinous crime, the NUJ (I) Secretary General Prasanna Mohanty demanded the government to ensure safety and security of the mediapersons who are covering life threatening assignments.

मुंबई में फोटो जर्नलिस्ट से रेप में एक अरेस्ट, पीड़िता की हालत स्थिर, विरोध प्रदर्शन शुरू

मुंबई के परेल इलाके में गुरुवार रात एक फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने बाकी के चार संदिग्धों को पहचानने का दावा किया है. इस बीच जसलोक अस्पताल की डॉक्टर तरंग ज्ञानचंदानी ने कहा है कि पीड़ित की हालत स्थिर है. पीड़ित लड़की मुंबई के जसलोक अस्पताल में भर्ती है. उन्होंने कहा, "लकड़ी को कभी भी आईसीयू में नहीं रखा गया था. उन्हें आंतरिक और बाहरी चोटें हैं. हम प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी स्थिति जल्द ही सुधर जाए"

अनिल चमड़िया ने यूनीवार्ता के संदर्भ में मार्कंडेय काटजू को भेजा पत्र

प्रति, अध्यक्ष, भारतीय प्रेस परिषद नई दिल्ली, विषय- देश की समाचार एजेंसी यूएनआई (यूनीवार्ता और उर्दू सेवा समेत) की पत्रकारिता की स्वतंत्रता में बाधा जारी रखने में परिषद के हस्तक्षेप की मांग। प्रिय न्यायाधीश श्री मार्कंडेय काटजू, मैंने भारतीय प्रेस परिषद की बेवसाईट पर आज एक सूचना देखी। उसके एक अंश को यहां प्रस्तुत कर रहा हूं।

यूनीवार्ता की बंदी की साजिशों पर एक कहानी इस बार चौथी दुनिया में छपी है (पढ़ें पूरी रिपोर्ट)

Abhishek Srivastava : UNIVARTA की बंदी की साजि़शों पर एक कहानी इस बार चौथी दुनिया में छपी है। जिन्‍हें इसका दोषी बताया गया है, उनमें एक पत्रकार मुकेश कौशिक भी हैं जो संयोग से IIMC Alumni Association के मुखिया हैं। कहानी कहती है कि इनके लालकृष्‍ण आडवाणी के साथ करीबी रिश्‍ते हैं।

पाठकों की नजर में ‘जानेमन जेल’ : मुकुंद हरि शुक्ला की समीक्षा

Mukund Hari Shukla : भड़ास के संस्थापक और पत्रकार यशवंत सिंह की लिखी इस किताब को उपन्यास समझने की भूल न करें. यह तो एक संस्मरण है जिसमें उन्होंने न केवल अपनी जेलयात्रा का रोचक तथा जीवंत वर्णन किया है बल्कि जेल के जीवन को भी छोटी-छोटी चीजों से प्रेरणा लेकर अधिक सुखदायी रूप से जिया है. ये पुस्तक एक विचारधारा को दर्शाती है कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के साथ भी असीमित शक्ति और संसाधनों वाले बड़े-बड़े नामों और संस्थानों के विरुद्ध सफल रूप से लड़ा जा सकता है. ज़रूरत है तो सिर्फ सच्चाई और ईमानदारी के साथ सच बात को कहने की और अपना खूंटा गाड़कर उस पर अडिग रहने की.

पाठकों की नजर में ‘जानेमन जेल’ : चंदन श्रीवास्तव की टिप्पणी

Chandan Srivastava : मैंने जितनी किताबें (संस्मरण या उपन्यास) पढी हैं उसमें चेतन भगत ही फेसबुक के कम्युनिकेशन्स का यूज अपनी किताबों मे करते मुझे मिले. "REVOLUTION 2020"!!! आज भी गोपाल याद आता है तो उसके लिए रोने का मन करता है. उसका आरती से वो फेसबुकिया कम्युनिकेशन. "GopalKotaFactory: hi FlyingAarti:Hey! Guess what! ….." या आरती का अपनी शादी पर गोपाल को भेजा गया वो आखिरी मैसेज "Come. but only if u want to"

सरकार जब पत्रकारों को वेतन नहीं दिला सकती तो सरकारी परीक्षा में कौन बैठेगा?

Sanjaya Kumar Singh : छुट्टा पत्रकारों की परीक्षा कौन लेगा? सरकार जब पैसे / वेतन नहीं देती तो उसकी परीक्षा में कौन बैठेगा? और सस्ते में छुट्टा पत्रकारों से काम लेने वाले संपादक तो हर रचना को परख कर ही छापते हैं ? या योग्यता जानने के बाद ही असाइनमेंट देते हैं। इस स्थिति में, मुझे लगता है कि संपादक बनने के लिए परीक्षा जरूरी है। थानेदार ठीक तो थाना ठीक। पर जैसे आईएएस की परीक्षा पास करने वाला भी चोर हो जाता है, वैसे ही परीक्षा पास करके संपादक बनने वाला भी चोर हो जाएगा तो नतीजा वही ढाक के तीन पात।

सूर्य प्रताप जैसे अफसरों का गायब रहना क्या बड़ा मुद्दा नहीं है?

प्रिय महोदय, देश के ऐसे आईएएस अफसर जो बिना छुट्टी लिए सालों से गायब हैं, उनके विरुद्ध तथा इसी क्रम में श्री सूर्य प्रताप सिंह प्रमुख सचिव ओद्योगिक विकास के विरुद्ध कार्यवाही करने संबंधी मेरी जनहित याचिका अदालत ने ख़ारिज कर दी. अदालत ने कहा कि यह सेवा का मामला है और जनहित याचिका कैटगरी में नहीं आता. अदालत ने भले ही याचिका ख़ारिज कर दिया हो पर लोगों ने इसे बड़ा मुद्दा माना.

आशुतोष को भी जाने के लिए कहा गया था पर उन्होंने इनकार कर दिया!

एक अंग्रेजी वेबसाइट न्यूजलांड्री डाट काम की खबर पर भरोसा करें तो आईबीएन7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष को भी प्रबंधन ने जाने के लिए कह दिया था लेकिन आशुतोष ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था. इस बारे में जब वेबसाइट ने आशुतोष से संपर्क किया तो आशुतोष ने कुछ भी कहने से मना कर दिया. हां, उन्होंने यह जरूर बताया कि इस मैटर पर कुछ भी बोलने के लिए वे अथाराइज नहीं हैं.

सीईओ और जीएम की राजनीति का साइड इफेक्ट, डेढ़ दर्जन ने आज समाज को बोला गुडबॉय

हरियाणा के कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा के विधानसभा क्षेत्र अंबाला से प्रकाशित अखबार आज समाज के कार्यालय में चल रही आंतरिक राजनीति से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. यहां कोई हुड्डा का चमचा है तो कोई सीईओ राकेश शर्मा का. इन चमचों के चक्कर में अखबार की हालत लगातार पतली होती जा रही है. खैरात में सेलरी पाने वालों की यहां मौज है और काम करने वालों की जिंदगी बर्बाद हो रही है. चमचे और सीईओ अपनी सेलरी व खर्च निकाल लेते हैं किंतु स्ट्रिंगर से लेकर समाचार संपादक तक की सेलरी डेढ़ से दो महीने में भी नहीं आती है.

नभाटा, मुंबई में छपी बासी खबर, वो भी बाइलाइन

मुंबई। मुंबई के हिंदी भाषी इस तेज रफ़्तार मिडिया के युग में भी बासी खबरे पढ़ने को मजबूर हैं। इस शहर के सबसे लोकप्रिय हिंदी अखबार नवभारत टाइम्स में अक्सर बासी खबरे छप रही है। 23 अगस्त को ही इस समाचार पत्र के पेज 3 पर छपी राजीव गाँधी जीवनदायी योजना की न्यूज़ 10 दिन पुरानी है।10 दिन पहले तो इसका प्रेसनोट इशू हुआ था। यह खबर तो महीनो पहले और जगहों पर  छप गयी थी।

जो पानी छानकर पीते हैं, वे आदमी का खून बिना छना पी जाते हैं

Anup Shukla :  आज परसाईजी का जन्मदिन है। परसाई जी की स्मृति को नमन करते उनके कुछ उद्धरण यहां पेश हैं:

1.इस देश के बुद्धिजीवी शेर हैं,पर वे सियारों की बरात में बैंड बजाते हैं.

2. जो कौम भूखी मारे जाने पर सिनेमा में जाकर बैठ जाये, वह अपने दिन कैसे बदलेगी!

3. अच्छी आत्मा फोल्डिंग कुर्सी की तरह होनी चाहिये.जरूरत पडी तब फैलाकर बैठ गये,नहीं तो मोडकर कोने से टिका दिया.

यह अधर्मी, पाखंडी, दुष्चरित्र आसाराम साधू वेश में शैतान है

Devendra Surjan : उमा भारती द्वारा आसाराम का बचाव दुर्भाग्यपूर्ण है. यह आसाराम पर कोई पहला आरोप नहीं है जो उमा भारती जी इस ढोंगी का पक्ष भोलेपन में ले रही हों. आसाराम पर निरंतर यौन उत्पीडन के आरोप लगते रहे हैं लेकिन हर बार यह ढोंगी किसी न किसी तरह बच जाता है.आसाराम की ही तरह इनका बेटा नारायण सांई भी भोपाल बैरागढ़ के आश्रम में महिलाओं के साथ रंगरेलियां मनाते रंगे हाथ पकड़ा गया था लेकिन कानूनों कार्यवाही क्या हुई – किसी को पता नहीं चली.

भारत पर्यटकों के लिये स्वर्ग किंतु महिलाओं के लिये नर्क है

हितेन्द्र अनंत : शर्म मगर हमको नहीं आती…. शिकागो विश्वविद्यालय के "दक्षिण एशिया अध्ययन" विभाग की छात्रा रोज ने सीएनएन पर लिखी एक ब्लॉग में भारत यात्रा के अपने कड़वे अनुभव सार्वजनिक किये हैं। वे कहती हैं कि "भारत पर्यटकों के लिये स्वर्ग किंतु महिलाओं के लिये नर्क है"। पुरूषों का उन्हें लगातार घूरना, होटल के कर्मचारी द्वारा बलात्कार का प्रयास, बाजारों में, दुकानों में उनकी अनुमति के बिना तस्वीरें लेना, यहाँ तक कि एक बार उन्हें दिखाते हुए एक पुरूष द्वारा हस्तमैथुन करना यह सब उनके भारत यात्रा के कटु अनुभवों का हिस्सा है।

आज हरिशंकर परसाई जी का जन्म दिन है…

Chanchal Bhu : टाइम्स के मालिकान ने फैसला लिया कि 'सारिका' को बंबई से हटा कर दिल्ली कर दिया जाय. इसके पीछे संस्थान की अघोषित मंशा थी कि कमलेश्वर जी हटें. और यही हुआ. सारिका दिल्ली आ गयी और नंदन जी पराग के साथ साथ सारिका भी देखने लगे. सारिका से जुड़े रमेश बतरा, सुरेश उनियाल भी बंबई से दिल्ली आ गए. उन दिनों इन पत्रिकाओं का दफ्तर १० दरियागंज होता था.

हिंदी पट्टी की ड्रामेबाजी

Mayank Saxena : लखनऊ में कई रिश्तेदार और परिचित हैरान हैं कि मेरे जैसे कई पागल नौकरी और पढ़ाई छोड़ कर उम्मीद उत्तराखंड Ummeed Uttarakhand में जुड़ गए हैं… बूंद Boond की कहानी और सफलता के बारे में वो पहली बार में यक़ीन ही नहीं कर पाते हैं…उसके बाद अंत में कह देते हैं कि सबका अपना कोई न कोई फ़ायदा होता है तभी लोग जुड़ते हैं… दरअसल हिंदी पट्टी की एक खासियत और कुंठा है…जो काम करने का नैतिक साहस लोगों में नहीं होता वो कोई और करने की सोचता है तो पहले वो कहते हैं कि ये काम हो ही नहीं सकता…फिर वो कहते हैं कि इससे तुम्हारा नुकसान होगा…उसके बाद वो आपके काम को ड्रामा बताते हैं…फिर वो आपकी बुराई करने लगते हैं…

आलोचना का आदर और सवालों का सम्मान करने से संवाद की गुंजाइश बची रहती है : राणा यशवंत

Rana Yashwant : मेरी राय में आप जब किसी जिम्मेदार-जवाबदेह ओहदे पर होते हैं तो आपसे सवाल होंगे। आपकी आलोचलना होगी। आलोचना का आदर और सवालों का सम्मान करने से संवाद की गुंजाइश बची रहती है। फेसबुक पर मेरे एक पोस्ट के बाद मेरे कुछ दोस्तों ने सवाल किए । मीडिया खबर के पुष्कर भी उनमें से हैं – बाकियों से मैं परिचित नहीं हूं। यह बात है सही है कि जब मैं महुआ का ग्रुप एडिटर था तो कंपनी ने यूपी का चैनल बंद किया ।

एक ये बापू हैं जो केवल दूसरों के ब्रह्मचर्य का परीक्षण करते हैं

Nadim S. Akhter : आसाराम बापू 'संत' कहे जाते हैं…लेकिन एक नाबालिग उन पर बलात्कार का आरोप लगाती है, मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि भी होती है लेकिन बलात्कारी कौन है, इसकी जांच होनी अभी बाकी है…इस लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक को समान देखने वाले कानून की बात करें तो इतने संगीन अपराध में आरोप लगने के बाद भी आसाराम बाबू को हिरासत में लेकर अभी तक पूछताछ नहीं हुई है, गिरफ्तारी तो दूर की बात है…

मनीष तिवारी के लाइसेंस की शुरुआत हुई तो दो प्रकार के पत्रकार पैदा होंगे…

Pramod Joshi : मनीष तिवारी जिस लाइसेंस की बात कर रहे हैं उसकी शुरूआत हो गई तो दो प्रकार के पत्रकार पैदा होने लगेंगे। एक, व्यवस्था के पोषक लाइसेंसी पत्रकार और दूसरे व्य़वस्था विरोधी और हाशिए पर चले गए पत्रकार। दरअसल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिक का अधिकार है। उसका लाइसेंस देने का हक किसी को नहीं है। पर घूम फिरकर जो लोग पत्रकारों की योज्ञता वगैरह के सवाल उठा रहे हैं वे पत्रकारिता को अपने कब्जे में करने की मनोकामना को व्यक्त कर रहे हैं। यदि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का खुला माहौल हो और संजीदा पत्रकारों को बेहतर जीवन मिले तो स्वस्थ पत्रकारिता भी पनपेगी।

एबीपी न्यूज के ‘प्रधानमंत्री’ को आजतक के ‘वंदे मातरम्’ ने टीआरपी में पछाड़ा

Vikas Mishra : लीजिए साहब पिछले हफ्ते की परीक्षा का नतीजा भी आ गया। शनिवार से आजतक न्यूज चैनल पर हम लोगों का जो शो शुरू हुआ था- 'वंदे मातरम्', वो टीआरपी में नंबर वन आया है। एबीपी न्यूज के प्रोग्राम 'प्रधानमंत्री' को 'वंदे मातरम्' ने टीआरपी में काफी पीछे छोड़ दिया है। यानी 'वीएम' भारी पड़ गया 'पीएम' पर।

बिजोड़ हंगामा किए थे सब लोग पोस्टर-बैनर लेकर… : प्रदर्शन की तस्वीरें (3)

Vineet Kumar : नेटवर्क 18 के रवैये पर लिखने की वजह से इसके पहले कि फेसबुक हमें दोबारा से ब्लॉक कर दें, ये बताना बेहद जरूरी है कि हमने कल नोएडा फिल्ट सिटी में उन्हीं राजदीप सरदेसाई, आशुतोष गुप्ता जैसे नामचीन टीवी चेहरे के खिलाफ नारे लगते देखे जो डंके की चोट पर न केवल नेशन को फेस करते हैं बल्कि जब-तब लोगों को कटघरे में शामिल करते हैं, सवाल करते हैं और देश के आम दर्शक उन्हें पत्रकार कम मसीहा ज्यादा मान बैठते हैं.. क्या उनसे सवाल करने का किसी को हक नहीं है?

पहले बड़ी रकम का पारिश्रमिक तय करो….

हाल के दिनों में एक नवेले हिंदी पत्रकार ने कुछ अखबारों के संपादकीय और ऑप एड पेज प्रभारियों को कुछ स्तंभ लेखकों के एक ही लेख के कई जगह प्रकाशित होने की जानकारी दी है…इससे कुछ लेखकों के कुछ संपादकों ने लेख छापने भी कम कर दिए हैं…इस बारे में मुझे याद आता है अपना एक संस्मरण..दैनिक भास्कर के रविवारीय परिशिष्ट रसरंग में मैं 1998 में काम कर रहा था…तब दैनिक भास्कर के प्रधान संपादक कमलेश्वर थे। उस समय भास्कर सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान में ही प्रकाशित होता था।

मीडिया में दलित पत्रकारों के अनुभवों की कहानी ‘द हूट’ में प्रकाशित

'द हूट' वेबसाइट ने मीडिया में दलित पत्रकारों पर एक लंबी स्टोरी प्रकाशित की है. इस स्टोरी में कई दलित पत्रकारों के उनके मीडिया के अनुभवों को सविस्तार प्रकाशित किया गया है. 'दलितमत' डाट काम वेबसाइट के संचालक और 'दलित दस्तक' मैग्जीन के प्रकाशक व संपादक अशोक दास की भी कहानी इसमें है.

दीवार पत्रिकाओं ‘संवेग’ व ‘प्रतिरोध’ को एबीवीपी व बजरंग दल द्वारा फाड़ने की धमकी

साथियों, ज्ञात हो कि पिछले माह जुलाई से शहीद भगत सिंह विचार मंच तथा स्त्री मुक्ति लीग के कार्यकर्ताओं को ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ व ‘बजरंग दल’ के तथाकथित कार्यकर्ताओं द्वारा धमकी दी जा रही है। जुलाई माह में मेडिकल कालेज के एक छात्र ने फोन किया और गाली­गलौज की। उस समय यह लगा कि ऐसे ही किसी शरारती तत्व की करतूत होगी। इस महीने (अगस्त) ‘संवेग’ में गुजरात के विकास के दावों को गलत साबित करते तथा ऐसे दावों पर सवाल खड़े करते हुए कुछ आंकड़े दिये गये थे। इसके अलावा ‘प्रतिरोध’ दीवार­पत्रिका में मोदी के संदर्भ में अमर्त्य सेन द्वारा दिये गये बयान के बाद तथाकथित मोदी समर्थकों द्वारा अमर्त्य सेन की बेटी की अर्ध­नग्न तस्वीर फेसबुक पर डालने के स्त्री­विरोधी कृत्य पर विरोध प्रकट किया गया।

चौरासी कोसी यात्रा को लेकर कथित संत चिन्मयानंद से साध्वी चिदर्पिता के सवाल

सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक स्तर पर पूरी तरह शून्य हो चुके चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर विवाद उत्पन्न करके पुनः चर्चा में आने का प्रयास करने वाले कथित संत चिन्मयानंद से मैं करोड़ों हिन्दुओं की ओर से ही नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की ओर से सार्वजनिक रूप से सवाल कर रही हूँ जिसका वे सार्वजनिक रूप से ही जवाब दें… कि वह कौन से संत समाज के अगुआ बनकर चौरासी कोसी यात्रा को निकालने की जिद कर रहे हैं? कौन से अखाड़े के एवं कितने लोग उनके साथ हैं?

MMC यानि मर्डर ऑफ़ मॉस कम्युनिकेशन विवि के चांसलर होंगे अंबानी या राजदीप या आशुतोष!

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के चांसलर के तौर पर महामहिम राष्ट्रपति, जबकि राज्य के विश्वविद्यालय के चांसलर का पद राज्यपाल के जिम्मे होता है…..मगर भारतीय व्यवस्था पर हावी पूंजीवाद के तहत, देश के सबसे अमीर इंसान (मुकेश अम्बानी) भी अब इस दौड़ में दिखाई देते हैं! हकीकत के क़रीब संभावित MMC-Murder of Mass Communication-विश्वविद्यालय के चांसलर पद पर आप को , गर, मुकेश अम्बानी बैठे दिखाई दें तो हैरान मत होइएगा ! परेशान भी मत होइएगा..यदि…राजदीप और आशुतोष जैसे पत्रकार भाई लोग इस विष-विद्यालय के वाइस-चांसलर  पद हेतु आवेदन करते मिल जाएँ !

दैनिक जागरण का कमाल : डीएसपी के लिए चयनित लड़की को बना दिया लड़का और छाप दी खबर

पटना : पटना से प्रकाशित हिंदी समाचार पत्र दैनिक जागरण ने एक कमाल किया है। कमाल यह कि उसने एक लड़की को लड़का बताते हुए खबर छापा है कि प्रारंभिक परीक्षा में असफ़ल रहने के बावजूद उसका चयन डीएसपी के लिए हुआ है। बताते चलें कि जिस उम्मीदवार के बारे में अखबार ने खबर छापा है उसका नाम सुरभ सुमन है। ये मूल रुप से मनेर के शेरपुर गांव की रहने वाली हैं। इनके पिता का नाम डा शिवनंदन सिंह यादव है। इन्हें बीपीएससी द्वारा बिहार पुलिस सेवा के लिए चयनित उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया गया है।

राडिया का आदमी जब भड़ास से डील करने पहुंचा था!

Yashwant Singh : अभिनव भाई, कह तो आप सही रहे हैं लेकिन यह सभी जानते हैं कि हम लोग किसी छोटे मोटे मित्र दोस्त यार से तो पट सकते हैं लेकिन राडियाओं और अंबानियों से कतई नहीं.. जब राडिया टेपकांड वाला मामला हुआ था तो उनकी पीआर एजेंसी का एक सीनियर बंदा हम लोगों से मिलने के लिए, मीटिंग के लिए पीछे पड़ गया… सीपी में मिलना तय हुआ.. मैं अपने साथ एहतियातन एक थर्ड मैन, जो एक वेबसाइट के एडिटर हैं, उन्हें ले गया… वो डील करने लगा… मैं बीयर पीता रहा…

जाने किसने भड़ास के एकाउंट में तैंतीस हजार दो सौ रुपये डाल दिए!

Yashwant Singh : कल देर सुबह जब जगा तो फोन में कई मिस काल और कई मैसेज दिखे. एक मैसेज भड़ास के बैंक एकाउंट से संबंधित था. लिखा था कि तैंतीस हजार दो सौ रुपये भड़ास के एकाउंट में क्रेडिट हुए. पता मुंबई का दिया गया था.. वहां से किन्हीं सज्जन ने डाला है.. पर मैं अब तक नहीं समझ पाया कि इसे किसने डाला और क्यों डाला है.. कहीं से पैसा बिन मंगाए, बिन बुलाए आ जाए तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए पर मैं कल से थोड़ा चिंतित परेशान हूं..

चुनाव आते ही मध्य प्रदेश में न्यूज चैनलों की भरमार

टीवी पत्रकारिता किसकदर पैसे वालों की गुलाम हो गई है इसा सीधा सादा उदाहरण मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा  है….ऐसा लगता है चुनाव करीब आते हैं उद्योगपतियों में न्यूज चैनल खोलने की होड़ लगी हुई…एक के बाद एक चैनल खुलते जा रहे हैं….पर चुनाव के बाद जब ये बंद होंगे तो पता नहीं कितने पत्रकारों को बेरोजगार करके जाएंगे…एक समय ता जब मध्यप्रदेश में सिर्फ दो न्यूज चैनल हुआ करते थे…सहारा और ईटीवी…..2008 में प्रदेश को साधना के रुप में तीसरा चैनल मिला….

टीवी18 से स्‍टॉफ भगाने की जिम्‍मेदारी दिल्‍ली में बैठे एचआर हेड संजीव की है (देखें रिजाइन लिखाने के लिए तैयार फार्मेट)

नेटवर्क 18 और टीवी18 समूह में जो इस्‍तीफा लिया जाता है उसकी कॉपी भेज रहा हूं। टीवी18 समूह में इस्‍तीफा लेने या कह लीजिए स्‍टॉफ को भगाने की जिम्‍मेदारी दिल्‍ली में बैठे एचआर हैड संजीव सिंह की है। ये शख्‍स स्‍टॉफ को यह बताते हैं कि ''बस यह दो लाइन ही आपको लिखनी है और कुछ नहीं.. हम आपका जल्‍दी ही सेटलमेंट करवा देंगे… और देखिए, दुनिया बहुत छोटी है और हम आप फिर से कहीं मिलकर कार्य करने के लिए इकटठा हो सकते हैं..''

IBN की छंटनी में एक खास गुट के लोगों पर ही गाज गिरी है

ये सब कहने की बात है कि मीडिया में माहौल खराब है या मंदी की वजह से छंटनी हो रही है। ये सब मुनाफे को और बढ़ाने का मालिकों का खेल है। पत्रकारों की हालत मनरेगा के मजदूरों से भी खराब हो चली है। मुट्ठी भर पैसे देकर बोरी उठाने से भी ज्यादा मेहनत करवाता है मैनेजमेंट, या यूं कहें मैनेजमेंट के टुकड़ों पर पलने वाले संपादक। मैं आपको एक उदाहरण देना चाहूंगी।

मंजुल भारद्वाज का नाटक ”ड्राप बाय ड्राप : वाटर” 26 अगस्त से 28 अक्टूबर तक यूरोप में मंचित होगा

सुप्रसिद्ध रंगकर्मी मँजुल भारद्वाज द्वारा लिखित, निर्देशित नाटक 'ड्राप बाय ड्राप वॉटर' का मँचन यूरोप में 26 अगस्त 2013 से 29 अक्टूबर 2013 तक होगा । 65 दिन तक चलने वाले इस नाटक के शो जर्मनी,सिल्वेनिया,और ऑस्ट्रिया के विभिन्न शहरों  में मँजुल भारद्वाज द्वारा स्थापित सँस्था दि एक्सपेरिमेंटल थियेटर फाउँडेशन द्वारा आयोजित किये जायेंगे। बुरो फॉर कुल्तुर उन्द मीदिएन्न प्रोजेक्कते (Buro Fur Kultur Und-Medien Projekte) ने एक्सपेरिमेंटल थियेटर फाउँडेशन को उपरोक्त नाटक  का “किंडर कुल्तुर कारवां” यानि बाल नाट्य समारोह में मंचित करने के लिए आमंत्रित किया है .

खाली होगा नेटवर्क18 का माटुंगा रोड का आफिस, कइयों की नौकरी जाएगी

मुंबई : टीवी18 और नेटवर्क18 में काम करने वालों के लिए नवंबर 2009 से भी बदतर हालात नजर आ रहे हैं। रामोजी राव से इनाडु टीवी के सौदे के समय यह माना जा रहा था कि देश के शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी का पैसा आने एवं राइट इश्‍यू से यह समूह तेजी से प्रगति करेगा। लेकिन हो रहा है उल्‍टा। अब तो लोग चर्चा करने लगे हैं कि एक जमाने में ऑर्ब्‍जवर अखबार को खरीदकर बंद कराने का श्रेय रिलायंस समूह को है कहीं वही कहानी टीवी18 समूह के साथ न दोहरा दी जाए।

अंबानी परिवार पहले भी दो अखबार खरीद कर बंद कर चुका है

अंबानियों का मीडिया के प्रति रवैया कभी ठीक नहीं रहा है. अभी सैकड़ों लोगों की छंटनी के बाद अंबानी निशाने पर आ गया है लेकिन अतीत में जाएं तो ये लोग पहले भी दो अखबार खरीद कर बंद कर चुके हैं. एएफएक्यूएस डाट काम पर आलोक नंदा चक्रबर्ती की एक स्टोरी सन 2000 के नवंबर महीने की है. इसे पढ़िए, आपको अंबानी परिवार और मीडिया से इनके रिश्ते के बारे में काफी कुछ पता लगेगा.

फिल्‍म ‘आखिर क्‍यों’ का यह गाना सुनें, आपको जरूर संबल देगा..

भारतीय मीडिया इंडस्‍ट्री में इस समय अनेक जगह से छंटनी की खबरें आ रही हैं। पत्रकार और गैर पत्रकार काफी निराश हैं, दिल दुखी हैं, लाचार हैं क्‍योंकि सारे संगठन केवल कागजी हैं। मेरी अपील है सभी से निराश न हों, 1985 में बनी हिंदी फिल्‍म 'आखिर क्‍यों' का यह गाना जिसे मोहम्‍मद अजीज ने आवाज दी है, आपको जरूर संबल देगा..

आयकर नियम 17 ए : राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक ख़तरा

कोई भी जंजीर अपनी सबसे कमजोर कड़ी से मज़बूत नही होती , अगर आप जंजीर को मज़बूती देना चाहते हैं तो आपकों इसकी सबसे कमजोर कड़ी को ढूंढ कर उसे मज़बूत करना होगा। यदि आप ये मान बैठे है कि अब कोई कमजोर कड़ी नही बची है तो आप एक ऐसे घटना चक्र को जन्म दे बैठते है जिसका परिणाम क्या होगा ये आप नही जानते। जब कोई अप्रत्याशित परिणाम आपके सामने आ जाता है तो आप जो कि ये मान बैठे थे कि कोई कमजोर कड़ी तो रही नही थी, एक ऐसे कुचक्र में उलझ जाते है कि फ़िर आप बाहर नही निकल सकते। दूसरी तरफ एक कमजोर कड़ी दूसरी कड़ी को कमजोर करती चली जाती है और अंत में सब कुछ धराशायी हो जाता है।

TV18 Fires 300 But Management Stays Despite Trust Debacle

Turns out TV-18 has fired 300 people last week and it seems this is across the channels – TV18, Awaaz, CNNIBN and Lokmat. One of the terminated ones said, “We were called to the office and simply handed letters. Almost the entire crew at IBN7 has been asked to leave.” Livemint has a long piece on how the restructuring with Reliance has changed dynamics. The Reliance group runs the show, and it seems they are behind the change. While they don’t have any direct ownership (yet), they have a right to buy out Raghav Behl’s ownership and he’s the promoter of the group.

रामेश्वर पांडेय काका रिटायर, कुमार राजेश ने हमार टीवी छोड़ा, सुनील पांडे साधना बिहार के आउटपुट हेड बने

दैनिक जागरण में वरिष्ठ पद पर कार्यरत रामेश्वर पांडेय उर्फ काका रिटायर हो चुके हैं. यूपी में दैनिक जागरण के एक मजबूत पावर सेंटर के रूप काफी समय से सक्रिय रामेश्वर पांडेय को दैनिक जागरण ने सेवा विस्तार नहीं दिया. हालांकि काका को जानने वाले जानते हैं कि वे चुप नहीं बैठने वाले. देर सबेर कहीं न कहीं कुछ जरूर शुरू करेंगे. काका इसके पहले अमर उजाला में काफी समय तक रहे. वे जालंधर, मेरठ आदि संस्करणों के संपादक रहे.

Jodi No.1- Exciting Game show on Shagun TV

Shagun TV, India’s first Wedding Entertainment Channel is all set to enthrall its viewers with its first game show ‘JODI NO.1’ from 30 August, every Friday to Saturday, 8 p.m. to 9 p.m. Based on the universal theme of love, compatibility and understanding  Jodi No.1 is a unique game-show which will not only entertain the viewers but will simultaneously explain the importance of marital relationship through each of its round.

डीएनए के आरई बने अनिल भारद्वाज, आर्यन के ऑपरेशन हेड बने वेद प्रकाश, रविकांत राजपूत दबंग दुनिया पहुंचे

डेली न्‍यूज एक्टिविस्‍ट, लखनऊ से खबर है कि समाचार संपादक के रूप में जिम्‍मेदारी निभा रहे अनिल उपाध्‍याय 'भारद्वाज' को प्रमोट करके स्‍थानीय संपादक बना दिया गया है. उनकी रिपोर्टिंग पहले की तरह संपादक अरविंद चतुर्वेदी को होगी. अनिल लगभग 28 सालों से प्रिंट एवं इलेक्‍ट्रानिक मीडिया में सक्रिय हैं. इन्‍होंने अपने करियर की शुरुआत 1985 में वर्कर्स हेराल्‍ड, लखनऊ से की थी. इसके बाद लखनऊ में ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्‍ता एक्‍सप्रेस को अपनी सेवाएं दीं. 2003 में इन्‍होंने ईटीवी के साथ अपनी नई पारी शुरू की. चार सालों तक यहां काम करने के बाद ये डीएनए की लांचिंग टीम में स्‍पेशल करेस्‍पांडेंट बन गए. तब ये वरिष्‍ठ पदों पर यहीं कार्यरत थे.

‘प्लांटवादी पत्रकारिता’ के मक्कार राजदीप और आशुतोष लगता है पीएम मनमोहन से प्रेरणा लेकर चुप्पी साधे हैं!

जब पत्रकार अपनी जमीन छोड़कर आसामान में पतंग बनकर उड़ेंगे तो भुकाटा कभी हो सकता है….पत्रकारिता बड़ी पूंजी की खेल में फंसी हुई है, बड़े-बड़े प्लांट में काम करने वाले लोग सिर्फ तकनीकी स्तर पर खबरों की कांट-छांट करते हैं…खबरों की कांट छांट करते हुये उनके प्रतिरोध की क्षमता कब खत्म हो जाती है उन्हें भी पता नहीं चलता…मुल्क में पत्रकारिता की प्लांटवादी व्यवस्था उदारवादी इकोनोमिक की देन है…प्लांटरूपी दानव खुद को बचाने के लिए कभी भी कभी भी इसमें काम करने वाले लोगों को निगल सकता है…वैसे भी इन प्लांटों में काम करने के दौरान लोगों की हड्डियों का चूरमा निकल जाता है…वे जेहनीतौर पर महज जमीन पर रेंगने वाले कीड़े बनकर रह जाते हैं…दानव के लिए इन्हें निगलना और भी आसान हो जाता है…

टीवी18 ग्रुप का पत्रकार विरोधी रवैया असहनीय : कृष्ण मोहन झा

इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस् के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण मोहन झा ने टीवी18 समूह के प्रबंधन द्वारा संस्थान में कार्यरत सैकड़ों पत्रकारों की छटनी की कार्यवाही को पत्रकारों के हितों पर कुठाराघात निरूपित करते हुए सरकार से इस मामले में तुरन्त हस्तक्षेप करने की मांग की है। श्री झा ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि टीवी 18 समूह ने संस्थान के पुनर्गठन के नाम पर सैकड़ों पत्रकारों को नौकरी से वंचित कर जो अधिनायकवादी व्यवहार किया है वह एक लोकतांत्रिक देश में असहनीय और अवांछनीय है।

सोनभद्र में सूचना विभाग का फर्जीवाड़ा

जिला सूचना विभाग, सोनभद्र जनपद में कार्यरत पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के बारे में अधिकारियों और जनता को भ्रामक जानकारी मुहैया करा रहा है। इसके पीछे जिला सूचना विभाग में नियुक्त उर्दू अनुवादक सह लिपिक नेसार अहमद और प्रभारी जिला सूचना अधिकारी मनीलाल यादव की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। दोनों ही व्यक्ति कानूनी रूप से जिला सूचना केंद्र को पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों के बारे में लिखित सूचना उपलब्ध कराते हैं। इसके आधार पर जिला सूचना अधिकारी जिले की वेबसाइट पर इसे प्रकाशित करता है।

पूर्वांचल विवि के जनसंचार विभाग में लगी फोटो प्रदर्शनी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा विश्व फोटोग्राफी  दिवस सप्ताह १९-२५ अगस्त के अंतर्गत फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें समाज के ज्वलंत मुद्दों पर  समय समय पर छात्रों द्वारा खिची गई बेहतरीन तस्वीरों को प्रस्तुत किया गया।

मोदी, अंबानी, नेटवर्क18, ईटीवी और छंटनी

Himanshu Kumar : सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 चैनलों से तीन सौ से ज्यादा पत्रकारों को निकाला गया. इस मीडिया घराने को कुछ समय पहले मुकेश अम्बानी ने खरीद लिया था. मुकेश अम्बानी ने कुछ ही समय पहले ईटीवी चैनल को भी खरीद लिया है. मुकेश अम्बानी और मोदी की मिलीभगत जग जाहिर है. कुछ ही समय पहले मुकेश अम्बानी ने मोदी को खुश करने के लिये एक बकवास सी खबर उडाई थी कि साहब इन्डियन मुजहिदीन ने मुकेश अम्बानी के आफिस में आकर एक धमकी का खत दिया है. खैर लोगों ने उस खबर की खिल्ली उडाई तो उस खबर को ज्यादा नहीं बढ़ाया गया .

प्रश्न पत्रकारिता में नैतिकता का है, ज्ञान का नहीं?

संघ लोक सेवा की सिविल परीक्षा और आईआईटी के इंजीनियरिंग की परीक्षा देश की सबसे कठिन मानी जाती है. लेकिन अपने बैच का एक टॉपर आईएएस अधिकारी और कई आईआईटी पास इंजीनियर भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पाए गए. क्रिपस मिशन की असफलता के पॉइंट्स या चीन का सकल घरेलू उत्पाद रट लेना या रोटेशनल मैकेनिक्स के सवाल कर लेना यह सुनिश्चित नहीं करता कि व्यक्ति नैतिक भी होगा.

पुलिसवालों, जासूसों, बाउंसरों की घेरेबंदी तोड़ पत्रकारों का पूरे फिल्म सिटी में ‘अंबानी के दलालों’ के खिलाफ नारेबाजी : प्रदर्शन की तस्वीरें (2)

: पुलिस के पहरा के बीच सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 के दफ्तरों को पत्रकारों ने घेरा : सीएनएन आईबीन और आईबीए7 के दफ्तर में करीब 100 से ज्यादा पत्रकारों के जत्थे ने प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन 325 मीडियाकर्मियों को नौकरी से निकालने के खिलाफ था. जर्नलिस्ट सोलिडरिटी फोरम के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आईबीएन प्रबंधन ने भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात करवा दिया था. सबसे पहले यूपी पुलिस की टीम वहां पहुंची उसके बाद दिल्ली पुलिस को भी बुलवा लिया गया.

साठ बरस के हुए धीरेंद्र नाथ श्रीवास्‍तव : राजनीति से पत्रकारिता तक के सफर पर एक नजर

गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, कानपुर, लखनऊ, होते हुए कोलकाता, सिलीगुड़ी, मुजफ्फरपुर और पटना के माध्‍यम से उत्‍तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के हिंदी पत्रकारिता जगत में ईमानदार कलम का परचम फहराने वाले श्री धीरेंद्र नाथ श्रीवास्‍तव मंगलवार को 60 वर्ष के हो गए। सामाजिक जीवन और पत्रकारिता में मस्‍ती, फक्‍कड़ी और ईमान के पयार्य श्री धीरेंद्र नाथ श्रीवास्‍तव हमारे-आपके बीच रहकर आर्थिक स्‍थ‍िति में आज भी उसी मोड़ पर हैं जहां 1971 में थे।

हवा में उड़ेंगे यूपी के विधायक

लखनऊ : अखिलेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के विधायकों के लिए यात्रा सुविधा में विस्तार करते हुए उन्हें हवाई यात्रा करने का तोहफा प्रदान किया है। इसके पूर्व उन्हें रेलमार्ग से पूरे देश में रेल यात्रा के लिए एक लाख बीस हजार मूल्य के रेल यात्रा कूपन निशुल्क प्रदान किये जाते थे। अब इसमें से 30 हजार रूपये की राशि विधायक नकद लेकर किसी भी एयरलाइंस से हवाई यात्रा यात्रा कर सकेंगे। 

राजनीति के क्षेत्र में आने वालों के लिए मानक परीक्षा जरूरी

सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वालों के लिए एक मानक परीक्षा कराने की वकालत की है । कुछ समय पहले भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्‍त) मार्कण्डेय काटजू ने पत्रकार बनने के लिए जरूरी न्यूनतम योग्यता की सिफारिश करने के लिए एक समिति गठित की बात कही थी। उन्होंने इस वास्ते बाकायदा एक समिति गठित भी की है । पीसीआई के सदस्य श्रवण गर्ग और राजीव सबादे के अलावा पुणे विश्वविद्यालय के संचार एवं पत्रकारिता विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उज्ज्वला बर्वे को इस समिति में शामिल किया गया है।

‘दाल-रोटी’ योजना और बुकलेट से भास्कर मैनेजमेंट का पेट जरूर भर गया

: एमपी प्रिंटर्स नोएडा में छपी लाखों की बुकलेट : चंडीगढ़ । दाल-रोटी, यही नाम है हरियाणा सरकार की उस योजना का, जो केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के अंतर्गत हरियाणा में लागू की गई है। यह चुनावी साल है, इसलिए योजना को शुरू करने के लिए सरकार ने राजीव गांधी के जन्मदिवस को चुना गया है। इस चुनावी दाल-रोटी के जरिए सरकार का इरादा प्रदेश के सवा करोड़ से ज्यादा लोगों के पेट भरने का है। हालांकि अभी इसमें समय लगेगा यानि लोगों को दाल-रोटी के लिए इंतजार करना पड़ेगा, पर इस योजना से दैनिक भास्कर का पेट जरूर भर गया है। यह बात शायद इतनी आसानी से हजम न हो, लेकिन यह सच्चाई है।

आशुतोष को अपने साढ़े तीन सौ साथियों के निकाले जाने का जरा सा भी गम नहीं है

Samar Anarya : आप आशुतोष गुप्ता को जानते हैं? यह आईबीएन 7 वाले आशुतोष का पूरा नाम है. कल भाईसाहब अपनी पत्नी के साथ ऐम्बियांस मॉल गए थे. मद्रास कैफे का प्राइवेट प्रिव्यू देखने. मुफ्त में. देखी भी. फिर ट्विटर भर दिया अपनी ट्वीट्स से. खबर है कि शानदार दावत भी उड़ाई. बाकी उनकी किसी करतूत से लग जाय कि उनको अपने 350 साथियों के निकाल दिए जाने का जरा सा भी गम है तो मुझे भी बताइयेगा. शर्म उनको मगर न आती है. (फिर तैयार हूँ अब 12/24/48 घंटों के लिए ब्लाक होने को. पर तब तक आप इन सरोकारी साहब के सरोकार को दुनिया के सामने धर दीजियेगा. मेरे पास माँ है वाले अंदाज में).

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जिन्‍हें निकाला गया है, वे सब इतनी जल्‍दी सड़क पर नहीं आएंगे

Abhishek Srivastava : अफ़सोस कि मैं शाम छह बजे यानी मीडिया कर्मचारियों की छंटनी के खि़लाफ़ आज हुए प्रदर्शन के समय से चार घंटा देर से दिल्‍ली पहुंचा। तस्‍वीरें देखीं अभी, सारे टैग किए हुए पोस्‍ट भी पढ़ डाले। यह शुरुआत अच्‍छी है और कारगर हो सकती है, बशर्ते इसे नेटवर्क 18 समूह के कर्मचारियों तक सीमित न रख कर व्‍यापक शक्‍ल दी जाय और मीडिया के कॉरपोरेट स्‍वामित्‍व, उसके निहितार्थों व उससे पत्रकारों के बदलते चरित्र की तह तक ले जाया जाय।

मीडिया में उंचे पदों पर बैठे लोग ही पत्रकारिता की साख में गिरावट के लिए जिम्मेदार

इन दिनों फेसबुक में सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 से करीब तीन सौ से अधिक मीडियाकर्मियों की छंटनी का मुद्दा छाया हुआ है । इस मसले पर नरम – गरम बहसें चल रहीं हैं । दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर वो लोग खूब लिख – पढ़ रहे हैं , जो तटस्थ हैं । जिनको इस छटनी से प्रत्यक्ष में न कोई लेना – देना है और न उन्हें नुकसान नहीं हो रहा है । पर जो लोग नौकरियों से बेदखल किए जा रहे हैं या जिन्हें निकट भविष्य में लालाजी के मुनीमों द्वारा देर – सबेर बेदखल किया जाना तकरीबन तय हैं , वे लोग कतई चुप्पी साधे बैठे हैं ।

यूपी के आईएएस अफसर सदाकांत को समाजसेविका उर्वशी ने दो करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग और सूचना विभाग के प्रमुख सचिव सदाकांत ने लखनऊ की सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा पर विद्वेष की भावना से ग्रसित होकर जान बूझकर बहुत से गलत कार्य करने का आरोप लगाया है.

सवाल ई बा कि का कवनो सरकारी संस्था पइसा लेके केहु के राज्यपाल के हाथों सम्मानित करवा सकेले?

पटना। भोजपुरी कलाकारन आ साहित्यकारन का संगे भोजपुरी अकादमी जवन सलूक कइलस, ऊ त सभ केहु जान गइल, लेकिन आज पता चलल ह कि रवि कांत दुबे अउर उनुकर भोजपुरी अकादमी बिहार के माननीय राज्यपाल के भी गुमराह कइलस, अउर निजी स्वार्थ खातिर उनका हाथ से कई गो अइसन लोगन के सम्मानित करवलस, जे ओह स्तर के सम्मान के हकदारे ना रहे। एगो आश्चर्य के बात इहो बा कि अकादमी भोजपुरी के नांव पर कई गो अइसन लोगन के भी सम्मानित करवा दिहल, जेकरा के कबो सार्वजनिक जीवन में भोजपुरी बोलत भी ना देखल गइल।

बनारस से लाइववीएनएस डॉट कॉम की शुरुआत

वाराणसी : फोर आईज विज़न ऑफ़ मीडिया के बैनर तले मंगलवार अपराहन स्थानीय पराड़कर स्मृति भवन भवन के सभागार में न्यूज़ वेब पोर्टल www.livevns.com की औपचारिक शुरुआत हुई। इस मौके पर वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष अत्रि भारद्वाज ने अपने कर कमलों से www.livevns.com पर पहली हिट करते हुए न्यूज़ पोर्टल का श्रीगणेश किया। वहीं बतौर विशिष्ठ अतिथि पधारे डीरेका के सेवानिवृत विद्युत् अभियंता मिश्री लाल उपाध्याय ने न्यूज़ वेब पोर्टल के उज्जवल भविष्य के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मी मेडिकल एंड सर्जिकल सेंटर के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ चिकित्सक डा. अशोक राय ने किया।

‘जनसंदेश टाइम्स’ पर क्यों आरोप लगाने लगे कंवल भारती!

Virendra Yadav : कँवल भारती के बहाने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के पक्ष में पिछले दिनों जो एकजुटता दिखाई दी वह अभूतपूर्व है .लेकिन पिछले दो दिनों से कँवल भारती ने फेसबुक पर जो राजनीतिक मंतव्य व्यक्त किये हैं ,वे विवादास्पद और बहसतलब हैं .उनके द्वारा वामपंथी नेतृत्व को 'रूढ़िवादी' कहना ,कांग्रेस को एकमात्र विकल्प बताना और विहिप की चौरासी कोसी यात्रा की प्रदेश सरकार द्वरा अनुमति न दिए जाने की आलोचना करना इसी तरह के मंतव्य हैं . अपनी इस राय के जरिये वे एक राजनीतिक स्टैंड लेते दीख रहे हैं.

मीडिया घरानों की साख को भुना रहे कॉर्पोरेट घरानों के लिए पत्रकारिता का कोई मूल्‍य नहीं

: मीडिया का गला घोंटने की साजिश : मीडिया के लिए आने वाले दिन दिक्‍कत वाले हैं। खासतौर पर न्‍यूज चैनलों के लिए। टीवी18 में एकमुश्‍त 350 से ज्‍यादा पत्रकारों, कैमरामैन और तकनीशियनों की एक ही दिन में की गई छंटाई कोई अप्रत्‍याशित घटना नहीं थी। फर्क सिर्फ इतना है कि इन सभी को एक साथ नौकरी से निकाला गया। निश्‍चित तौर पर यह कत्‍लेआम है। कत्‍लेआम इसलिए, क्‍योंकि पिछले सितंबर में 50 से ज़्यादा पत्रकार एनडीटीवी से निकाले गए, दैनिक भास्कर से 16 पत्रकारों, आउटलुक समूह की तीन पत्रिकाओं (मैरी क्लेयर, पीपुल इंडिया और जियो) के बंद होने से 42 पत्रकार झटके में बेरोज़गार हुए।

हिंदी दैनिक कल्पतरु एक्सप्रेस को चाहिए नए पत्रकार, करें आवेदन

हिंदी दैनिक कल्पतरु एक्सप्रेस को विभिन्न संस्करणों के लिए नए पत्रकारों की जरूरत है. प्रशिक्षु उपसंपादकों और संवादताओं के लिए निकाली गई वैकेंसी में एक हफ्ते के भीतर आवेदन करने को कहा गया है. आप आवेदन मेल के जरिए भी कर सकते हैं और डाक से अपना बायोडाटा भेज कर भी.

देश में आपातकाल लगाने की तैयारी

आज देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। देश की इस हालत के लिए केंद्र सरकार और उसकी  नीतियां जिम्मेदार हैं। हम केवल केंद्र सरकार को ही दोषी मानकर नहीं छोड़ सकते, दोषी विपक्षी दल भी हैं, जोकि संसद के सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद को नहीं चलने देते। संसद के अंदर जब देश की आर्थिक स्थिति व विदेश नीति पर कोई चर्चा ही नहीं होगी तो आम जन इसमें पिसेगा ही। देश के इस हालात के लिए सरकार के सलाहकार व योजना आयोग जिम्मेदार हैं।

मीडिया बन चुका है व्यापार… मनीष तिवारी को अब समझ में आया

नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने सोमवार को कहा कि पिछले सप्ताह एक समाचार चैनल द्वारा बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने और चैनल के एक संरक्षक द्वारा वेतन बोर्ड की सिफारिशों के खिलाफ कानूनी सहारा लिए जाने के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मीडिया भी एक व्यापार है।

पंद्रह अगस्त का विज्ञापन पहली बार लघु एवं मध्यम अखबारों को नहीं मिले

: लघु एवं मध्यम मीडिया केन्द्र सरकार से नाराज : मीडिया की नाराजी भारी पड़ेगी कांग्रेस को :  नई दिल्ली। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि स्वतंत्रता दिवस पर डीएवीपी के विज्ञापन लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को नहीं मिले। डीएवीपी अभी तक समाचार पत्र और पत्रिकाओं को जो पंजीयत होते थे। स्वतंत्रता एवं गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शन विज्ञापन जरूर करते थे। इस बार १५ अगस्त का विज्ञापन जारी नहीं करने से ही बड़ी तीव्र प्रतिक्रिया मीडिया जगत में हुई।

अपराध से पांच साल से दूर व्यक्ति को यूं पुलिस वालों ने फंसाया और घोषित कर दिया लुटेरा

लखनऊ : निरालानगर में एससीजेएम की पत्नी की सोने की चेन लूट में हसनगंज पुलिस ने मंगलवार को एक पुराने अपराधी को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा तो कर दिया, लेकिन आरोपी ने मीडिया के सामने सच खोल दिया। एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन ने जानकारी दी कि हसनगंज कोतवाली के एसआई राजेंद्र सिंह, कांस्टेबल इफलाक अहमद, प्रवीण कुमार व राजेश श्रीवास्तव की टीम ने चौराहा नंबर-आठ पर घेराबंदी कर मोहल्ला पतौरागंज निवासी राका उर्फ रवि सोनकर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 7.5 ग्राम सोने की आधी चेन बरामद हुई। चेन एसीजेएम भूपेंद्र राय की पत्नी सीमा राय से रविवार शाम लूटी गई थी।

राडिया टेप लीक मामले में बहस सुनने रतन टाटा खुद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली । टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा अपनी याचिका पर चल रही बहस सुनने के लिए खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। टाटा ने निजता के अधिकार की दुहाई देते हुए कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के साथ उनकी निजी बातचीत को सार्वजनिक करने पर रोक लगाने की मांग की है। बुधवार को टाटा के वकील हरीश साल्वे ने टेप लीक मामले की जांच में सरकार पर शिथिलता बरतने का आरोप लगाया और फोन टैपिंग के मामलों की समीक्षा के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने का सुझाव दिया।

फेसबुक पर हुई दोस्ती, विवाहिता घर से ले भागी जेवरात

बाड़मेर : करीब तीन माह पूर्व घर से जेवरात व नगदी लेकर फरार हुई विवाहिता के मामले में पुलिस को सुराग लगा है कि वह जिस युवक के साथ फरार हुई वह झुंझुनूं जिले का है। दोनों के बीच फेसबुक पर चैटिंग के दौरान दोस्ती हो गई और इसी बीच दोनों ने साथ भागने का फैसला कर लिया। विवाहिता घर से फरार होने से पहले करीब 52 तोला सोना तथा एक लाख 33 हजार रुपए नकद ले गई थी।

सोनभद्र में अवैध खनन ने ली एक मजदूर की जान

सोनभद्र। सफेदपोशों, राजनेताओं, पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों के नाम से आबंटित खनन पट्टों की आड़ में जिले में चल रहे अवैध खनन का खातक नजारा बुधवार की सुबह एक बार फिर देखने को मिला। बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र के बारी-डाला स्थित पत्थर की एक खदान से लगी करीब 100 फीट ऊंची पहाड़ी की चट्टानें जर्जर होकर गिर पड़ीं जिसकी चपेट में आकर एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और कंप्रेशर मशीनों समेत दो ट्रैक्टर जमींदोज हो गए। चर्चा है कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है। हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने हादसे में किसी व्यक्ति के चोटित होने अथवा मरने की खबर से इंकार किया है।

छंटनी के खिलाफ सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 के दफ्तरों पर धावा : प्रदर्शन की तस्वीरें (1)

नौजवानों पत्रकारों के एक समूह ने नेटवर्क18 में हुई छंटनी के खिलाफ कुछ घंटों की नोटिस पर पत्रकार एकजुटता मंच बनाया और ठीक दो दिन बाद एक विरोध प्रदर्शन का एलान कर दिया. यह प्रदर्शन नोएडा स्थित फिल्म सिटी के आईबीएन7 व सीएनएन-आईबीएन के आफिसों  पर होना तय हुआ. फिल्म सिटी में संभवतः पहली बार ऐसा हुआ कि कई घंटे तक पत्रकारों के नारों की गूंज यहां से लेकर वहां तक सुनाई देती रही. इस मौके की कुछ तस्वीरें…

‘कुछ लोगों को निकाला गया है जो अब ब्लॉगबाजी कर चैनल को बदनाम कर रहे हैं’

प्रिय यशवंतजी, आप मीडिया जगत की सूचना देने के लिए भड़ास मीडिया चलाते हैं और हम सबको इस पर गर्व है. आपके पोर्टल के माध्यम से सूचनाओं का जो आदान-प्रदान होता है वो पत्रकारों के लिए जरूरी है. कशिश न्यूज रांची से संचालित संस्था है जो लगातार तीन साल से चल रही है. आपके साइट पर इसके बारे में कभी किसी ने गलत सूचना नहीं दी.. हर बार हमें कशिश के बारे में जो सूचना आपके साइट से मिलती थी उसको लेकर हमें गर्व होता था… इतना ही नहीं, चैनल की शुरुआत में आपके साइट पर जो विज्ञापन दिया गया था, उसके माध्यम से 17 लोगों को रोजगार मिला जो अब भी संस्था से जुड़े हैं और कहीं ना कहीं आपके प्रति कृतज्ञ हैं.

सैन्य बलों में सस्ती शराब के खिलाफ दायर पीआईएल खारिज

लखनऊ : आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा सैन्य बलों तथा बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी जैसे अर्ध-सैनिक बलों में काफी सस्ती दरों पर दी जा रही शराब के खिलाफ दायर पीआईएल इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया.  चीफ जस्टिस शिव कीर्ति सिंह और जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने कहा कि याचिका में इस विषय पर पर्याप्त अध्ययन की कमी थी, अतः वर्तमान समय में यह याचिका स्वीकार्य नहीं है.

‘पत्रकार एकजुटता मंच’ यानी Journalist Solidarity forum’ की ओर से जारी विज्ञप्ति पढ़ें

: IBN 7 और CNN-IBN में छंटनी के विरोध में आ दो बजे जुटें… :  पत्रकारिता और पत्रकारों के सरोकारों के लिए ‘पत्रकार एकजुटता मंच’ यानी ‘Journalist Solidarity forum’ का गठन : बुधवार 21 अगस्त को IBN 7 और CNN-IBN के दफ्तर के बाहर होगा 300 से भी अधिक पत्रकारों के निकाले जाने के विरोध में प्रदर्शन : समय दोपहर 2 बजे, स्थान- IBN 7 और CNN-IBN दफ्तर, फिल्म सिटी, नोएडा सेक्टर-16 : विभिन्न संगठनों का समर्थन : मालिकों और उनके दलाल संपादकों की मनमानी के पूरजोर विरोध और जनता के सामने उनकी असलियत उजागर करने की योजना :

आपके नौजवान होने, आपके बेखौफ होने पर अंबानी जैसों का कब्जा नहीं

एक ही झटके में तकरीबन साढ़े तीन सौ पत्रकारों की छंटनी ने दिल्ली के पत्रकारों को अन्दर और बाहर से हिला कर रख दिया है. जब एक-एक करके पत्रकार, कैमरामैन और अन्य कर्मचारियों को मैनेजमेंट अन्दर बुलाकर इस्तीफे पर दस्तख़त करवा रहा था, दफ़्तर के अन्दर एक मायूस सा सन्नाटा पसरा हुआ था. जो बच गए और बचा लिए गए, उनके अन्दर भी वही डर पैबस्त था, जो निकाल दिए गए लोग महसूस कर रहे थे.

दलाली की दुकानें भी सक्रिय हो चुकी हैं

Surendra Grover : कुछ लोग राजदीप और आशुतोष पर लगातार हो रही गालियों की बौछार से परेशान हो गए हैं. कई दलाली की दुकाने सक्रिय भी हो चुकी हैं. वे कहते हैं कि निशाना मालिक राघव बहल होना चाहिए, बेचारे संपादक तो गालियाँ खाने को ही रखे जाते हैं. अब इन मूर्खों से पूछिये कि ये सम्पादक इस मसले पर चुप क्यों हैं? क्या ये संपादक आज होने वाले इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेगें?

कोर्ट परिसर में थप्पड़ से हुआ टुंडा का स्वागत

नई दिल्ली: लश्कर-ए-तैयबा के गिरफ्तार आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के लिए ले जाने के दौरान हिंदू सेना के एक कार्यकर्ता ने झन्नाटेदार तमाचा रसीद कर दिया। बताया जा रहा है कि इस शख्स का नाम विष्णु यादव है और वो हिन्दू सेना का अध्यक्ष है। दिल्ली पुलिस ने शिव कुमार राघव और उसके साथी विष्णु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।

नेटवर्क18 के निकाले गए कर्मचारियों का भय

सुनीता भास्कर : सीएनएन-आईबीएन दफ्तर के बाहर कल हो रहे प्रदर्शन में सुना कि निकाले गए 350 पत्रकार शिरकत नही कर रहे, इस डर से कि कहीं इसका भुगतान उन्हें किसी भी अन्य चैनल में नो एंट्री से न करना पड़े..डर स्वाभाविक है..पर अंतिम विकल्प नहीं.. हमें उर्जा लेनी होगी 1996 में हुवे उस प्रकरण से जब बैनेट कौलमैन ग्रुप ने 47 साल पुरानी पत्रिका धर्मयुग को उसके पंद्रह कर्मचारियों समेत (दासों या कहें मवेशियों की तरह बेचने का अनूठा मामला) चंद्रप्रभा पब्लिकेशन्स (जिसके मालिक वेद प्रताप वैदिक थे) को तीन लाख में बेच दिया था……  बेचे गए उन्हीं पंद्रह में से धर्मयुग के उपसंपादक आलोक कुमार श्रीवास्तव अन्याय के सामने झुके नहीं..जबकि मुम्बई जैसा शहर उस पर कम पगारी व मुफलिसी..वह सभी पंद्रह कर्मचारियों को साथ लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे,और अंततः एक साल बाद उनकी पुनर बहाली का आदेश आया… इतने न्यूनतम कर्मचारियों को साथ लेकर इतने बड़े ग्रुप के खिलाफ लड़ पाना इतना आसान न था..पर तब पत्रकारीय जज्बा अपने पूरे वेग में हुआ करता था. मित्रों, हमें उसे दोबारा पाना होगा…पत्रकार एकजुटता मंच के बहाने ही सही…क्यूँ न इसे एक शुरुआत ही मान लें…

इसी हौसले के साथ आज दो बजे मिलते हैं

Vijai Pratap : हम जानते हैं कि जिसके लिए हम लड़ने जा रहे हैं वो पूरी तरह से हमारे साथ नहीं खड़े हैं, लेकिन ये तर्क हमारे बच कर निकलने के लिए नहीं हो सकता हमें अपने हिस्से की लड़ाई लड़नी होगी। जो तटस्थता के लिए तर्क गढते हैं वो दरअसल लड़ाई से बचना चाहते हैं। हम उन्हें भी अपने साथ ही मानकर चलते हैं क्योंकि आज नहीं तो कल जब मालिक उनके पैरों तले भाड़े की जमीन खींच लेगा तो वो ऐसे ही किसी आईबीएन-7 के सामने या जंतर-मंतर पर गिरेंगे।  कब तक बचेंगे। ……हो सकता है कि इस लड़ाई से बहुत कुछ हासिल ना हो लेकिन बिना लड़े भी कुछ नहीं मिलता। BITV (बिजनेस इंडिया टेलीविजन) के कर्मचारियों का दसियों साल से चल रहा संघर्ष हमें हौसला देगा। इसी हौसले के साथ आज 2 बजे मिलते हैं…

नरेन्द्र दभोड़कर ‘साधना’ पत्रिका के प्रधान सम्पादक भी थे

Sheela Dongre : ''अन्ध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और ''साधना'' पत्रिका के प्रधान सम्पादक श्री नरेन्द्र दभोड़कर की पूना में गोली मार कर हत्या