कोई इतना असंवेदनशील या कोई कौम इतनी ‘मुर्दा’ कैसे हो सकती है!

Dilnawaz Pasha : कितनी अजीब बात है कि राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों में लिखा होता है, "बेग़ुनाह मुसलिम नौजवानों को रिहा किया जाएगा." पहले ये तो बताओ कि जो बेग़ुनाह हैं उन्हें गिरफ़्तार करने की तुम्हारी मजबूरियाँ क्या हैं? जिन्होंने ग़लत गिरफ़्तारियों को अंजाम दिया उनके ख़िलाफ़ क्या कार्रवाइयाँ की गईं? 

Workers of ‘Daikin plant’, Neemrana are on strike for last 53 days

846 workers of Daikin plant in Neemrana, Rajasthan are on strike for last 53 days asserting their right to form union and demanding the reinstatement of 125 fellow workers who have been terminated by the management for being part of the process of union formation. Daikin Air-conditioning India Pvt. Ltd., a100% Japanese owned enterprise, is a part of Daikin Industries Ltd,  world’s no. 1 Air-conditioner manufacturing company with 60 production base units and 182 consolidated subsidiaries worldwide.

एक वो नवाब साहब थे, एक ये नवाब साब हैं

Nadim S. Akhter : जो लोग ज्ञान झाड़ रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल वाली आम आदमी पार्टी सरकार नहीं चला पाएगी, ये लोग डर गए हैं, सो सरकार नहीं बना रहे, अरविंद की सीमा यहीं तक है, आगे वे फेल हैं, वगैरह-वगैरह, वे अपने ज्ञान-बुक की तावीज बनाकर गले में डाल लें. जादू-टोना से बच जाएंगे.

चीन सरकार की विदेशी पत्रकारों को बाहर निकालने की तैयारी

चीन के सरकारी अधिकारियों ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए चीन में व्यापार संबंधी खबरों को कवर करने वाली एजेंसी ब्लूमबर्ग और अखबार न्यूयार्क टाइम्स के लगभग दो दर्जन पत्रकारों का वीजा रोक रखा है. ये पत्रकार अभी चीन में ही रह रहे हैं. चीन के इस कदम से ये चर्चा तेज हो गई है कि चीन विदेशी पत्रकारों को देश से बाहर करने की योजना बना रहा है.

अमेरिका में भारतीय राजनयिक देवयानी फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

अमेरिका में भारतीय वाणिज्य दूतावास में तैनात भारत की उप महावाणिज्य दूत देवयानी खोबराडगे को फर्जी दस्तवेज पर एक भारतीय नागरिक को काम पर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. देवयानी पर अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि देवयानी ने अपने घर में एक घरेलू नौकर के वीजा आवेदन के लिए अमेरिकी विदेश विभाग के सम्मुख नकली दस्तावेज तैयार कर प्रस्तुत किए थे.

आज राज्यसभा में पेश होगा लोकपाल बिल, कांग्रेस और भाजपा दोनो सहमत

आखिर अब लगने लगा है कि शायद अब लोकपाल बिल पास हो जाये. आम आदमी पार्टी की सफलता से डरी सहमी भाजपा और कांग्रेस पहली बार लोकपाल पर सहमत नजर आ रही हैं. आज राज्यसभा में सरकार लोकपाल बिल पेश करेगी. अगर सब ठीक रहा तो इस बार लोकसभा बिल पास कर दिया जायेगा.

कशिश न्यूज के चैनल हेड रविन्द्र भारती को लीगल नोटिस

यशवंत जी, मेरा नाम राज वर्मा है और मैं कशिश न्यूज रांची में वर्ष 2011 से में शेखपुरा जिले में स्ट्रिंगर के रूप में कार्यरत हूं. 2013 के सितम्बर माह में कशिश न्यूज़ में कार्यरत इनपुट इंचार्ज राकेश सिन्हा ने मुझे फोन किया और कहा कि आप कशिश न्यूज छोड़ दें अब वहां से दूसरा लड़का काम करेगा. मेरा खुद भी कशिश न्यूज में काम करने का मन नहीं था क्यूंकि वहां पैसे के नाम पर कुछ दिया नहीं जाता था. चैनल की तरफ से महीने में बमुश्किल हजार या दो हजार रूपये मिलते थे.

न्यूज एक्सप्रेस के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ बने विनोद कापड़ी

अंततः विनोद कापड़ी ने सांई प्रसाद ग्रुप ज्वाइन कर लिया है. उन्हें सांई प्रसाद मीडिया ग्रुप का सीईओ और एडिटर-इन-चीफ बनाया गया है. इस संबंध में सांई प्रसाद ग्रुप द्वारा इंटर्नल मेल जारी कर दिया गया है.

अमर उजाला वाराणसी से एक साथ पांच इस्तीफे, गोरखपुर से भी एक

अमर उजाला वाराणसी में हाहाकार मचा हुआ है. संस्थान से एक साथ पांच लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. कुछ और लोग भी जाने की तैयारी में हैं. खबर है कि छोड़कर जाने वाले सभी लोग हिन्दुस्तान पटना में गये हैं. अमर उजाला को बड़ा झटका सीनियर कर्मी और काम्पैक्ट के इंचार्ज हेमन्त श्रीवास्तव के जाने से लगा है.

उज्जवल कुमार का दैनिक भास्कर से इस्तीफा, हिन्दुस्तान पहुंचे

दैनिक भास्कर जमशेदपुर में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे उज्जवल कुमार ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने हिन्दुस्तान पटना के साथ अपनी नई पारी की शुरूआत की है. उन्हें यहां सीनियर सब एडिटर की जिम्मेवारी मिली है. उज्जवल कुमार पिछले पांच महीने पहले ही भास्कर में आए थे. 

दैनिक हिन्दुस्तान के कारनामे के कारण शर्मिंदा हुई बिहार सरकार

पटना से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के एक कारनामे के कारण बिहार सरकार को बिहार विधान परिषद में शर्मिंदगी उठानी पड़ी। हालत यह हो गयी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदन में खेद व्यक्त करना पड़ा और यहां तक कहना पड़ा कि आजकल आउटसोर्सिंग का जमाना है। लेकिन फ़िर भी जो भूल हुई है वह बहुत गंभीर है और सरकार इस पूरे मामले की जांच करवायेगी। दरअसल यह पूरा मामला बिहार सरकार के सूचना एवं प्रकाशन विभाग और दैनिक हिन्दुस्तान के संयुक्त प्रयास से बिहार के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित एक विशेष पत्रिका से जुड़ा है। इस मामले को मंगलवार को परिषद में भाजपा के विधान पार्षद हरेन्द्र प्रताप पांडेय ने उठाया।

श्री न्यूज छोड़ इंडिया न्यूज पहुंचे अजीत त्रिपाठी

श्री न्यूज में प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रहे अजीत त्रिपाठी ने इंडिया न्यूज के साथ जुड़कर अपनी नई पारी शरू की है. यहां भी उन्हें प्रोड्यूसर बनाया गया है. अजीत त्रिपाठी ने सात महीने पहले ही श्री न्यूज से जुड़े थे. अजीत इसके पहले समाचार प्लस और न्यूज 24 में प्रोड्यूसर के पद पर काम कर चुके हैं. वे यूएनआई से भी जुड़े रहे हैं.

महेश भट्ट जैसे लोग भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर धब्बे की तरह हैं

महेश भट्ट जैसे लोग भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर ऐसे धब्बे की तरह हैं जिनको अगर कोई और देश होता तो ज़रा बर्दाश्त नहीं करता। ताजा मामला संजय दत्त का है जिनकी हिमायत में महेश उतरे है. पहली बात तो जघन्य अपराध करने के बाद भी नेता-अभिनेता अपनी पहुंच के बल पर जल्द ही आजाद हो जाते हैं या भारतीय कानून की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं. ऐसा नहीं होता तो देशद्रोह जैसे आरोप के बाद भी संजय दत्त सजायाफ्ता होने के बाद समय-समय पर तफरीह के लिए जेल से बाहर नहीं आ पाते। सलमान पर चिंकारा हिरन के शिकार मामले की सुनवाई कब से चल रही है लेकिन फैसला नहीं आ पा रहा है अब तो उन्होंने मामले की पुनः सुनवाई की अर्जी भी लगा दी है.

ये अन्ना हजारे को क्या हो गया है? कुछ करते क्यों नहीं, उन्हें समझाओ भाई

Nadim S. Akhter : जरा पता लगाइए कि अन्ना हजारे कब अनशन तोड़ रहे हैं. उनके आसपास की मंडली उन्हें क्या सलाह दे रही है. अन्ना भी बुरी तरह एक्सपोज हुए हैं. आम आदमी पार्टी की जीत के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कह रहे थे कि यहां लोकतंत्र कहां है??

पीके तिवारी समेत महुआ के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

मुंबई : भोजपुरी टीवी चैनल महुआ के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है. शत्रुघ्न सिन्हा ने महुआ चैनल के अधिकारियों पर गेम शो के बनी करोड़पति की मेजबानी के दौरान उन्हें और चैनल पर आए दूसरे फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों के साथ 1.75 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.

यूपी में सपा लोस चुनाव के बाद ‘इन्नोवा+अल्टो’ पार्टी बन जाएगी

Yashwant Singh : यूपी में समाजवादी पार्टी का वही हाल लोकसभा चुनाव में होना है जो दिल्ली में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी का हुआ. पूछिए कैसे? मैं समझाता हूं. मुजफ्फरनगर कांड का घाव इतना गहरा है कि मुसलमान किसी हालत में सपा को वोट नहीं देने वाला. बसपा को मुस्लिम वोट. मोदी का पिछड़ी जाति का होना यूपी के पिछड़ों में एक अघोषित अंडरकरंट है. सो, सपा का ट्रेडीशनल वोट बैंक लोकसभा चुनाव में टूट रहा है. मोदी के नाम पर भाजपा को पोलराइजेशन मिल रहा है. ऐसे में अगर बसपा और भाजपा ने कसकर वोट खींच लिए तो सपा के पास क्या बचेगा, बाबाजी का ठुल्लू 🙂

महिला एंकर ने की फांसी लगाकर जान देने की कोशिश

झारखंड के एक लोकल न्यूज चैनल 'न्यूज लाइन' की एक महिला एंकर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. घटना कल शाम की है. संयोगवश घर वालों ने देख लिया और तुरंत उसे फंदे से उतारकर बेहोशी की हालत में धनबाद के केन्द्रीय अस्पताल में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने तत्काल इलाज कर उसे मौत के मुंह से बचा लिया. युवती फिलहाल आईसीयू में भर्ती है.

मुश्किलों से घिरी सपा सरकार अब मीडिया से पंगा ले रही!

Yashwant Singh : मुजफ्फरनगर दंगे की हकीकत अफसरों की जुबानी सुनाकर आजतक वालों ने जो नेक काम किया, उससे चिढ़ी यूपी सरकार (असल में चिढ़ते मियां आजम खान हैं लेकिन लगता है कि पूरी सरकार चिढ़ गई है क्योंकि सपा सरकार को मुस्लिम वोट बैंक की खास चिंता रहती है और इसी चक्कर में इस बार मुजफ्फरनगर में घनचक्कर हो गया है, जो संभाले नहीं संभल रहा और एक एक कर नए नए रायते फैलते जा रहे हैं ऊप्पी में) ने अब आजतक वालों को सबक सिखाने की कसम खा ली है… यानि अब मीडिया से पंगा…

तेजपाल से आगे : कार्पोरेट न्यूज मीडिया के अंदर का मवाद बाहर आने दीजिए

इस बार यह स्तंभ बहुत तकलीफ और मुश्किल से लिख रहा हूँ. कारण, ‘तहलका’ के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल खुद अपनी ही एक महिला सहकर्मी पत्रकार के साथ यौन हिंसा और बलात्कार के गंभीर आरोपों से घिरे हैं और न्यूज मीडिया की सुर्ख़ियों में हैं. खुद ‘तहलका’ के सम्पादकीय नेतृत्व और प्रबंधन पर इस मामले को दबाने, रफा-दफा करने और तथ्यों के साथ तोड-मरोड करने के अलावा अपनी पीड़ित पत्रकार के साथ खड़े होने के बजाय तरुण तेजपाल का बचाव करने के आरोप लग रहे हैं.

आठ फीसदी मनुष्य आनुवांशिक (जीन) कारणों से समलैंगिक होते हैं

Balendu Swami : ‎समलैंगिकता‬ को गैर कानूनी ठहराने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला अफसोसजनक है! धार्मिक रुढियों से ग्रस्त देश में आप और क्या आशा रख सकते हैं और इन्हीं धार्मिक रुढियों की वजह से हमारे देश में समलैंगिक सम्बन्धों को अक्सर 'अप्राकृतिक' कहा जाता है! जबकि हर संस्कृति और सभ्यता में यह हजारों वर्षों से चला आ रहा है और आधुनिक (मेडिकल रिसर्च) वैज्ञानिक कहते हैं कि 8% मनुष्य आनुवांशिक (जीन) कारणों से समलैंगिक होते हैं, और स्वभावतः प्राकृतिक रूप से उन्हें समलिंगी के प्रति ही आकर्षण होता है!

राहुल गांधी के खिलाफ प्रत्याशी का ऐलान, नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवारी पर ‘आप’ चुप क्यों?

Virendra Yadav : अभी राहुल गांधी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी घोषित नहीं हुयी है लेकिन 'आप' पार्टी ने राहुल के विरुद्ध कुमार विश्वास की उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया है .नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की घोषित उम्मीदवारी के बावजूद अभी तक 'आप' ने उनके विरुद्ध उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है .क्यों ? क्या इसलिए कि जो 'आप' के मतदाता हैं उनमें अधिकांश नरेंद्र मोदी को पी एम के रूप में देखना चाहते हैं ?

बादशाहत जाते ही फेसबुक पर प्रकट हो जाने वाले ये लोग

Nadim S. Akhter : फेसबुक पर मैंने एक चलन नोटिस किया है. जब तक लोग कामयाब रहते हैं, पद पर रहते हैं, उनकी हुकूमत होती है, तो वे फेसबुक से नदारद होते हैं. पता नहीं, कभी इधर झांकते भी हैं या नहीं लेकिन वे क्या सोच रहे हैं-कर रहे हैं, नहीं बताते. जब तक शहंशाही है, अपने दड़बे में दुबके रहते हैं. लेकिन, लेकिन, जैसे ही बादशाहत जाती है, तो अचानक से बंधु फेसबुक पर प्रकट होने लगते हैं. बताने लगते हैं कि वे क्या कर रहे हैं, क्या सोच रहे हैं. और भेड़चाल देखिए, फेसबुक पर चेले-चपाटे भी तुरंत जयकार करने लगते हैं. ये नहीं पूछते कि महोदय, अब तक आप कहां थे?? अचानक से दर्शन कैसे, वह भी बिना हमारी किसी तपस्या के!!!?

कुमार विश्वास के खिलाफ लोकसभा चुनाव में उतरेंगे गिन्नीज ऋषि!

22 गिन्नीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाकर गिन्नीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाने वाले निरंकारी कालोनी दिल्ली के निवासी 72 वर्षीय गिन्नीज ऋषि ने घोषणा की है कि 2014 में आने वाले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के खिलाफ वो अपना नामांकन भरेंगे।

इंडिया टुडे के एडिटोरियल डायरेक्टर बनेंगे सिद्धार्थ वरदराजन!

एक कानाफूसी भड़ास तक पहुंची है. वो ये कि सिद्धार्थ वरदराजन इंडिया टुडे के नए एडिटोरियल डायरेक्टर बनाए जा रहे हैं. बताया जाता है कि वो सोमवार को ज्वाइन करेंगे. फिलहाल इस कानाफूसी की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पा रही है.

अमर उजाला मेरठ संस्करण आज 28वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है…. एक किस्सा…

Jitendra Dixit : अमर उजाला मेरठ संस्करण आज 28वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 1989-90 में अखबार से जुड़ा। अमृत प्रभात का लखनऊ संस्करण बंद होने के बाद नौकरी की तलाश में मेरठ पहुंचा। स्व. अतुल माहेश्वरी जी से संक्षिप्त बातचीत के बाद नौकरी मिल गयी। ना कोई लिखित परीक्षा और ना ही साक्षात्कार की औपचारिकता। कह सकते हैं कि दस मिनट की बातचीत में ही एक-दूसरे को जान-समझ लिया। भरोसे के साथ एक ही सेवा शर्त- अमर उजाला के लिए आप काम कीजिए, आपकी चिंता अमर उजाला करेगा। उसी क्षण जीवनपर्यंत अमर उजाला से जुड़े रहने का स्व संकल्प-सा ले लिया।

आम आदमी पार्टी मूलतः विचारहीन पार्टी है

Yashwant Singh : आम आदमी पार्टी मूलतः विचारहीन पार्टी है. विचार के नाम पर कोरी भावुकता है, कि हम सब(चोरों)को जेल भेज देंगे… टाइप की. कांग्रेस-भाजपा के करप्शन, दोगलापन और चिरकटुई से उबे हुए हम लोगों ने एक नई पार्टी और नए नेता पर जरूर दांव लगा दिया लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी समझ-बूझ कर रखिए. विचारहीनता अंततः कारपोरेट और बड़े लोगों के पक्ष में ही जाकर बैठती है.

अपने समलैंगिक बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले इन पैरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि….

Manisha Pandey : फरवरी, 2011 में फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल और अमोल पालेकर की पूर्व पत्नी चित्रा पालेकर के नेतृत्व में 19 पैरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. वे लोग अपने लेस्बियन और गे (समलैंगिक) बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ रहे थे. आपको याद है कि तब श्‍याम बेनेगल और चित्रा ने सुप्रीम कोर्ट में क्‍या कहा था। उन्‍होंने कहा था, ''हमारे बच्चे अपराधी नहीं हैं. हम अपने बच्चों को बहुत करीब से जानते हैं और वे दुनिया के सबसे अच्छे बच्चे हैं.”

भड़ासी पोल-खोल के बाद विनोद कापड़ी का कुबूलनामा

इंडिया टीवी से विदा किए जा चुके विनोद कापड़ी के बारे में जब भड़ास पर पोल खुली कि वे न्यूज एक्सप्रेस चैनल में रोजी रोटी तलाश रहे हैं तो उन्हें भी मजबूरी में अपनी हालिया स्थिति बयान करनी पड़ी, पूरे फिल्मी ड्रामे व इमोशन्स के साथ. विनोद कापड़ी ने फेसबुक पर इंडिया टीवी से नाता टूट जाने की अघोषित सच्चाई को घोषित कर दिया है.

रजत शर्मा में अब वो बात नहीं, इंडिया टीवी नंबर तीन पर खिसका

वो कहते हैं न कि बनाने में बहुत मेहनत की जरूरत होती है और बिगाड़ने में वक्त नहीं लगता. कभी न्यूज के दम पर अपनी मजबूत पकड़ दर्शकों में बनाने वाले इंडिया टीवी की इमेज जबसे भूत-प्रेत झूठ-मूठ हवा-हवाई कामेडी-फिल्मी टाइप न्यूज चैनल की बनी तबसे इसके संजीदा व समझदार दर्शक इससे दूर जाने लगे.

ब्लैकमेलिंग करने वाले पत्रकारों के नाम सार्वजनिक किए जाने की मांग

देहरादून : 'जर्नलिस्ट यूनियन आफ उत्तराखण्ड' ने पुलिस महानिदेशक को राजधानी क्षेत्र में कथित रूप से कार्यरत कई कथित पत्रकारों द्वारा ब्लैकमेलिंग के मामले में ज्ञापन दिया. जर्नलिस्ट यूनियन आफ उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह रावत ने कहा कि इस तरह की चर्चाएं न केवल पत्रकारिता के पेशे के लिये बल्कि पूरे समाज और देश के लिये घातक हैं. अगर समाज के पथ प्रदर्शक ही पथभ्रष्ट हो जांय तो समाज कहां जायेगा, इसकी कल्पना की जा सकती है.

झारखंड में पत्रकारों पर पुलिस ने भांजी लाठियां

गढ़वा : थाना परिसर में घटना को कवर करने गये मीडिया कर्मियों की पुलिस ने जमकर पिटाई कर दी. पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई में पत्रकार चंदन कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, लव कुमार, अभिमन्यु, प्रताप आदि को गंभीर चोटें आईं. घटना से गुस्साए पत्रकार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए. एसडीपीओ हीरालाल रवि ने पत्रकारों के साथ वार्ता कर मामला सुलझाने की कोशिश की लेकिन बात बनी नहीं.

अमर उजाला, दैनिक जागरण से दो-दो विकेट गिरे, सभी पहुंचे न्यायसेतु

अमर उजाला हिमांचल को बड़ा झटका लगा है. खबर है कि हिमांचल के सबसे बड़े जिले कांगड़ा के प्रभारी शशि भूषण पुरोहित ने अमर उजाला का साथ छोड़ दिया है वहीं अमर उजाला चंडीगढ़ से पंजाब डेस्क इंचार्ज देवेन्द्र गुलारिया ने भी संस्थान को अलविदा कह दिया है.

सेबी को सरकारी गुंडा कहने पर सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को लताड़ा

बाजार नियामक सेबी को 'सरकारी गुंडा' बताने वाले सहारा के विज्ञापन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सहारा को चेतावनी दी है. कोर्ट ने बुधवार को कहा कि बाजार नियामक सेबी एक सरकारी निकाय है और केवल अपना काम कर रहा है. अदालत ने सहारा समूह से उन समाचार पत्रों में माफीनामा छापने को कहा है जिनमें ये विज्ञापन छापे गए थे.

धारा 377 आईपीसी पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर विचार

Amitabh Thakur : आज अप्राकृतिक सेक्स से सम्बंधित धारा 377 आईपीसी के विषय में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्णय पर दिन भर काफी शोर-शराबा होता रहा. कई लोग जिनकी व्यक्तिगत अलग प्रकार की व्यक्तिगत पसंद है द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की काफी खुली निंदा की गयी है. 

वरिष्ठ पत्रकार सुभाष कोछड़ का निधन

वरिष्ठ पत्रकार सुभाष कोछड़ का आज सुबह देहान्त हो गया. वे 70 वर्ष के थे. श्री कोछड़ पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका अमृतसर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था. सुभाष कोछड़ सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए थे. वे सामाजिक संस्था सती लक्ष्मी देवी समिति से पिछले बीस वर्षों से जुड़े हुए थे.

हिन्दुस्तान, कानपुर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई का नोटिस

हिन्दुस्तान प्रबंधन कानपुर द्वारा निकाले गए चारों पीड़ित कर्मियों संजय दूबे, पारस नाथ शाह, नवान कुमार एवं अंजनी प्रसाद  के मामले की सुनवाई में लेबर कमिश्नर द्वारा बार-बार बुलाये जाने के बावजूद प्रबंधन की तरफ से किसी के ना आने से लेबर कमिश्नर ने सख्त नाराजगी जताई है. लेबर कमिश्नर ने कर्मचारियों की अपील पर हिन्दुस्तान प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए 6 दिसम्बर उपस्थित रहने को कहा था. लेबर कमिश्नर के द्वारा नोटिस भेजने के बाद भी प्रबंधन की तरफ से कोई नहीं आया.

मोती बी.ए. न्यू मीडिया सम्मान से सम्मानित होंगे डॉ. सौरभ मालवीय

आगामी 21 दिसंबर 2013 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला पंचायत सभागार में नया मीडिया एवं ग्रामीण पत्रकारिता विषयक संगोष्ठी का आयोजन नया मीडिया मंच द्वारा किया जा रहा है. उक्त कार्यक्रम में नया मीडिया के विस्तार एवं ग्रामीण अंचलों में इसकी जरुरत पर तमाम राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों का वक्तव्य होना है. 

दसवीं ‘विकास संवाद मीडिया लेखन फैलोशिप’ के लिए आवेदन आमंत्रित

भोपाल। वर्ष 2014 के लिए दसवीं विकास संवाद मीडिया लेखन फैलोशिप की घोषणा कर दी गई है। इस साल प्रदेश के चार पत्रकारों को सामाजिक मुद्दों पर लेखन के लिए फैलोशिप दी जाएगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी, 2014 है।

जनसंदेश टाइम्स से हरेप्रकाश उपाध्याय ने दिया इस्तीफा

जनसंदेश टाइम्स, लखनऊ से खबर है कि प्रधान संपादक के करीबी और जनसंदेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हरेप्रकाश उपाध्याय संस्थान से अलग हो गये हैं. खबर आ रही है कि हरे प्रकाश ने सुभाष राय से मतभेद के चलते संस्थान से इस्तीफा दे दिया है. कुछ ऐसी भी सूचना आ रही है कि प्रबंधन ने उन्हें हटाया है. सुभाष राय ने जनसंदेश से जुड़े सभी कर्मचारियों को संदेश भेज कर सूचित किया है कि अब सभी लेख और सूचनाएं हरेप्रकाश के बजाय सीधे उनके मेल पर भेजी जाय.

तरुण तेजपाल 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए

पणजी : तहलका के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को गोवा जिला न्यायालय ने आज 12 दिेनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है. तेजपाल की चार दिनों की पुलिस रिमांड की अवधि आज समाप्त हो रही थी. तेजपाल पर उनकी महिला सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था जिसके बाद उन्हें 30 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद से तेजपाल को पुलिस रिमांड में भेज दिया गया था.

बुंदेली भाषा को हिंदी साहित्य में उचित स्थान दिलाने की कोशिशें तेज

बुंदेली भाषा अति प्राचीन है लेकिन उसे हिंदी साहित्य के इतिहास में वह मुकाम नहीं मिल पाया जिसकी वह हकदार है। अब उसे वाजिब स्थान दिलाने की पुरजोर कोशिश शुरू हो गई है। हिंदी के चिंतकों न बुंदेली की गहरी जड़ें खोजने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इसी माह तीन और चार दिसंबर को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में देश के हिंदीचिंतकों और दिशा निर्धारकों का संगम हुआ। 

टीवी पत्रकार पर हमले के मामले में मानवाधिकार आयोग ने भेजा एसएसपी को नोटिस

लखनऊ स्थित टीवी पत्रकार मोहसिन हैदर के साथ लखनऊ पुलिस के कर्मचारियों द्वारा किये गए आपराधिक हमले की सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा की गयी शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान ले लिया है.

सुधाकर शर्मा, प्रमोद मिश्रा, शोएब और केके सक्सेना के बारे में सूचनाएं

बदायूं से खबर है कि तहसील बिसौली में अमर उजाला से हटाए गए सुधाकर शर्मा को जागरण में प्रभारी बनाया गया है. वहीं बिसौली में ही जागरण देख रहे प्रमोद मिश्रा अमर उजाला पहुंच गए हैं.

जितेन्द्र ज्योति ने हिन्दुस्तान छोड़ा, भास्कर से जुड़े

हिन्दुस्तान पटना से खबर है कि जितेन्द्र ज्योति ने हिन्दुस्तान का दामन छोड़कर दैनिक भास्कर के साथ अपनी नई पारी शुरू की है. उन्हें जल्दी ही हिन्दुस्तान नोएडा से हिन्दुस्तान पटना के भागलपुर ब्यूरो में भेजा गया था लेकिन कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई थी. 

सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक सम्बन्धों को गैर कानूनी माना

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाइकोर्ट के उस फैसले को गैरकानूनी करार दिया है जिसमें समलैंगिकों के सहमति से बनाये गए यौन सम्बन्धों को सही माना गया था. जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस जेएस मुखोपाध्याय की पीठ ने हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ योगगुरू रामदेव, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य के द्वारा दायर याचिका पर ये फैसला दिया.

पुतिन ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी बंद की

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को भंग कर दिया है. आरआईए रूस की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी थी और इसके जिम्मे रूस की सभी सरकारी नीतियों और जनजीवन की हलचलों को कवर करना तथा देश की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुधारने की जिम्मेदारी थी. पुतिन का ये कदम रूसी मीडिया पर उनके नियंत्रण बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है.

अदालत के सामने आज पेश किए जाएंगे तरुण तेजपाल

पणजी : तहलका के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को बुधवार को अदालत के सामने पेश किया जाएगा। उनकी चार दिवसीय पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त हो चुकी है। तेजपाल को उनकी महिला सहकर्मी के साथ कथित दुष्कर्म करने के आरोप में 30 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

मीडिया के खिलाफ एकजुट दिखे सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद

मीडिया के खिलाफ जनप्रतिनिधियों और नेताओं के मन में कितना मलाल है यह यूपी विधानसभा की कार्रवाई के दौरान देखने को मिला. आज तक चैनल पर मुजफ्फरनगर दंगों पर किए गए स्टिंग के जांच के लिए बनाई गई समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सदन के समक्ष पेश की. इसमें चैनल को रा फुटेज न देने तथा अन्‍य आरोप लगाते हुए अवमानना का आरोपी बताया गया. सदन ने इसे स्‍वीकार करते हुए आजतक, हेडलाइंस टुडे, सुप्रिय प्रसाद तथा चैनल के लिए स्टिंग करने वाले चैनल के रिपोर्टर तथा कैमरामैन को अवमानना के तहत दोषी पाया तथा कार्रवाई का प्रस्‍ताव पास किया.

2जी मामले में उपेंद्र राय और सुबोध जैन को भी अवमानना की नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2जी स्पेक्ट्रम जांच में कथित रूप से हस्तक्षेप करने के आरोप में सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय के अलावा दो पत्रकार उपेंद्र राय और सुबोध जैन के खिलाफ अवमानना कार्यवाही के लिए नोटिस जारी किया है। निवेशकों को धन लौटाने के मामले में अदालत की नाराजगी झेल रहे सुब्रत राय के लिये यह नई परेशानी है। इसके साथ ही सहारा समूह की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

स्टिंग करने वाले आज तक चैनल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्‍ताव

लखनऊ : यूपी विधानसभा ने मुजफ्फरनगर दंगों पर सनसनीखेज स्टिंग दिखाने वाले टीवी चैनल आज तक के चैनल हेड सुप्रिया प्रसाद को अवमानना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मंगलवार को यूपी विधानसभा में स्टिंग ऑपरे‌शन की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। न्यूज चैनल के एक्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्टर, रिपोर्टर और कैमरामैन के खिलाफ मंगलवार को राज्य विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पारित किया गया।

सोनभद्र पुलिस द्वारा प्रताड़ित पत्रकार ने की मुख्यमंत्री से शिकायत

सोनभद्र से निकलने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र कूटचक्र के सम्पादक महेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से पत्र लिखकर अनपरा के थानाध्यक्ष द्वारा वहां के एक पत्रकार के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने की शिकायत की है। महेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि वे पिछले कई दिनों से सोनभद्र के एक पत्रकार सुल्तान शहरयार की कथित जालसाजियों के खिलाफ कूटचक्र में लिखते रहे हैं। जिसकी वजह से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।

मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शलभ भदौरिया के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश

भोपाल। आर्थिक अपराध ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शलभ भदौरिया के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया है। उनके खिलाफ डाक शुल्क में छूट पाने के लिए एक पत्रिका का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल करके शासन को करीब दो लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में केस दर्ज किया गया था. बीस साल पहले शलभ भदौरिया और विष्णु विद्रोही ने म.प्र. श्रमजीवी पत्रकार संघ का पंजीयन कराया था जिसमें डाक शुल्क देने से बचने के लिए उन्होंने दूसरी पत्रिका के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया था. बाद में शिकायत मिलने पर जांच की गई जिसमें ब्यूरों ने आरोपों को सही पाया था.

आकाशवाणी की मुफ्त एसएमएस समाचार सेवा लांच

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आल इंडिया रेडियो की मुफ्त एसएमएस सेवा लांच कर दी है. इस सेवा के तहत पंजीकृत मतदाताओं को उनके मोबाइल पर खबरों की सुर्खियां निःशुल्क प्रदान की जाएंगी. आल इंडिया रेडियों का संचालन सरकार की प्रसारण इकाई प्रसार भारती द्वारा किया जाता है.

हाई कोर्ट चीफ जस्टिस की टिप्पणी से व्यथित छात्र ने उन्हें भेजा खुला पत्र

इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच के चीफ जस्टिस धनञ्जय यशवंत चंद्रचूड तथा एक अन्य जज की टिप्पणियों से व्यथित कक्षा बारह के छात्र आदित्य ठाकुर ने उन्हें एक खुला पत्र भेज कर अपना ऐतराज़ जताया है.

पत्रकारिता और राजनीति में फिर से आम आदमी

पत्रकारिता में आम आदमी के जिक्र करने के पूर्व मैं साहित्य से बात आरम्भ करता हूं. साहित्य का ही एक हिस्सा पत्रकारिता है इसीलिए पत्रकारिता की एक परिभाषा यह भी दी जाती है कि पत्रकारिता जल्दी में लिखा गया साहित्य है. साहित्य में जो संवेदनशीलता और जीवन-मूल्यों की बात होती है, वही पत्रकारिता में भी होती है. 

अशोक बाजपेयी के हुलफुल्लेपन के अंतर्राष्ट्रीय दुष्परिणाम

मुझे लोक या आंचलिक भाषाओं का मरजीवड़ा कहलाए जाने की कोई पछाँही बीमारी नहीं है किन्तु कभी-कभी कथित बोली-बानियों के कुछ शब्द कतिपय सन्दर्भविशेषों में बहुत कारगर हो उठते हैं. हमारे बुंदेलखंड में अतिरिक्त या मूर्ख उत्साहीलालों के लिए ‘हुलफुल्ला’ विशेषण चलता है और शायद उसी अर्थ में ‘हुड़ुकलुल्लू’ को भी हिंदी में कई, विशेषतः युवा, लेखकों ने अंगीकार किया है. इधर एक ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण हादसा पेश आया है कि यह दोनों शब्द बहुत याद आ रहे हैं.

चौबे से छब्बे बनने के चक्कर में कहीं दुबेजी बनकर न रह जाए ‘आप’

‘आप’ पार्टी ने जो चमत्कार दिल्ली में किया है, वह अन्य प्रांतों में पहले भी हो चुका है। आंध्र में 1983 में ‘तेलुगु देशम’ और असम में ‘अगप’ ने 1985 में इतनी सीटें और वोट प्राप्त कर लिए थे कि अनुपात की दृष्टि से देखा जाए तो वे ‘आप’ से भी आगे निकल गई थीं। इन दोनों पार्टियों के पास ऐसे सुनिश्चित और उत्तेजनात्मक मुद्दे थे कि उनके कारण उनकी विजय होनी ही थी। लेकिन ‘आप’ बिना किसी खास मुद्दे के ही इतनी सीटें और वोट ले आई। इसका मूल कारण था, जनता की थकान। 

रामविलास पासवान वाली स्थिति ना हो जाए अरविंद केजरीवाल की

दिल्ली में सरकार बनाने के जादुई आंकड़े से महज सात पायदान दूर रहे आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा न तो किसी को समर्थन देने और न किसी से समर्थन लेने का अडिग फैसला और दिल्ली की जनता को एक बार फिर मध्यावधि चुनाव की ओर धकेलने की उनकी मंशा उन्हीं पर भारी पड़ सकती है। अरविंद चाहते तो वह बिना शर्त कांग्रेस या बीजेपी के समर्थन से सरकार बना सकते थे पर उन्होंने ऐसा न करने का फैसला लेकर दिल्ली को मध्यावधि चुनाव की ओर धकेल शायद अपने और अपनी पार्टी के पैर पर ही कुल्हाड़ी मार ली है। 

देवरिया में न्यू मीडिया संगोष्ठी में पांच लोग होंगे सम्मानित

आगामी 21 दिसंबर को देवरिया स्थित जिला पंचायत सभागार में नया मीडिया एवं ग्रामीण पत्रकारिता विषयक संगोष्ठी का आयोजन नया मीडिया मंच द्वारा किया जा रहा है. उक्त कार्यक्रम में नया मीडिया के विस्तार एवं ग्रामीण अंचलों में इसकी जरुरत पर तमाम राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों का वक्तव्य होना है. उक्त आयोजन में दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्वं संपादक श्री शंभूनाथ शुक्ल, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ श्रीकांत सिंह, संपादक श्री पंकज चतुर्वेदी, वरिष्ठ स्तंभकार एवं टीवी पत्रकार श्री उमेश चतुर्वेदी सहित संपादक श्री पंकज झा, श्री यशवंत सिंह, श्रीमती अलका सिंह(रेडियो पत्रकार) श्री संजीव सिन्हा, श्री लतांत प्रसून, श्री आशुतोष कुमार सिंह, आदि वक्ता उपस्थित रहेंगे. 

‘आप’ ना तो हाशिये की आवाज है और ना अपने मौजूदा स्वरुप में बन सकती है

ये सही बात है कि 'आप' ने दिल्ली में कांग्रेस-बीजेपी के खिलाफ एक नया मोर्चा खोला है और यथास्थितिवाद के खिलाफ व्यापक जनाक्रोश का बड़ा फायदा उसको जरूर मिला है. लेकिन जैसा कि कुछ विद्वान् लोग कह रहे हैं, क्या उसके खाते में जो तथाकथित जनअसंतोष की लहर है उसको एक सही राजनीतिक दिशा दे दी जाये तो भारतीय राजनीति का मौजूदा स्वरुप बदलने में और फासीवादी शक्तियों के उभार को रोकने में मदद मिल जायेगी? 

हिन्दुस्तान में सागर मिश्रा, कृष्ण कुमार का म्युचुअल ट्रांसफर

हिन्दुस्तान में दो लोगों का आपस में म्युचुअल ट्रांसफर किया गया है. नई दिल्ली से सब एडिटर सागर मिश्रा वाराणसी चले गये हैं उनकी जगह लेने के लिए वाराणसी में काम कर रहे कृष्ण कुमार को नई दिल्ली भेजा गया है. सागर मिश्रा ने ही प्रबंधन से वाराणसी जाने की इच्छा जताई थी.

तेजपाल की सजा तहलका को भी मिलनी चाहिए

तहलका के समूचे प्रकरण पर जब आप उनमें काम कर रहे पत्रकारों के नज़रिए से देखते हैं तो आपको दो तरह की अतियों का सामना एक साथ करना होता है. दोनों अतियां विरोधाभाषी और अतार्किक ही दिखेंगी आपको. एक विचार यह कि सभी ‘सरोकारी’ पत्रकारों को कंपनी छोड़ देना था तो दूसरा ये कि तेजपाल के अपराध की सज़ा संस्थान को क्यूं मिले? पहली बात का जबाब यही है कि आपको किसी व्यक्ति के (चाहे वह बॉस ही क्यूं न हो) अपराध की सज़ा खुद को देने की ज़रूरत नहीं है. जब तक महीने का तनख्वाह आपके खाते में आती रहे तब तक बने रहिये नौकरी पर. 

नामवर जी के लिए अच्छा यही है कि संन्यास ले लें

दूसरी परम्परा के उद्घोषक, प्रतिगामी विचारपोषकों के विरुद्ध देश के कोने-कोने तक पहुंच प्रगतिशीलता का परचम फहराने वाले डॉ. नामवर सिंह अब क्या ‘शव साधक’ बन गए हैं. आनंद मोहन व पप्पू यादव जो हिंदी क्षेत्र ही नहीं, संपूर्ण देश में सामाजिक सद्भाव के शत्रु, रक्तपात, अपराध और दबंगई के पर्याय माने जाते हैं को महिमामंडित करने वालों की कतार में नामवर जी का पुरोहित बन जाना, आश्चर्य से ज्यादा पीड़ादायक है.

Bhartia is a daredevil economic offender : Sharma tells Supreme Court

New Delhi : The Respondent No.02, Mantoo Sharma, in his counter-affidavit to the Supreme Court of India in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603/2013, has told the court that the principal accused in the Munger Kotwali P.S Case No.445/2011, Shobhana Bhartia, Chairperson of M/S The Hindustan Times Limited, New Delhi, is a daredevil economic offender in the media world. In the support of his assertion, Mr.Sharma has annexed the enquiry-report of the Munger District Magistrate, Mr.Kuldeep Narayan that was sent to the Patna High Court. 

मासिक पत्रिका ‘सुजाता’ का प्रकाशन मेरठ से प्रारंभ

देश की महिला मासिक पत्रिकाओं के बीच एक नाम और जुड़ गया है-सुजाता। लंबे समय से पत्रकारिता में जुड़ी रहीं ऋचा जोशी ने मेरठ से हिंदी मासिक 'सुजाता' का प्रकाशन प्रारंभ किया है। 'अपनी सी कहे-अपनी सी लगे' स्‍लोगन के साथ महिलाओं की ये पत्रिका बाजार में पंहुच रही है और इसे आंशिक तौर पर www.sujataonline.com पर भी पढ़ा-देखा जा सकता है। दस रुपये मूल्‍य की ये पत्रिका छपाई और कागज की गुणवत्‍ता के साथ स्‍तरीय रचनाओं से सबको आकर्षित करती है।

न्यूज रूम में ही पत्रकार ने भाजपा की जीत का जश्न मना डाला

बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी में एक पत्रकार हैं ऋषभ कुमार सक्सेना, संघी हैं तो भाजपाई तो होंगे ही. चलिए यहां तक तो ठीक है लेकिन जनाब ने बिजनेस स्टैंडर्ड के संपादकीय कक्ष में ही भाजपा की जीत का जश्न मना डाला. जैसे ही भाजपा की जीत की खबर आने लगी पत्रकार महोदय सबको जा-जाकर बधाई देने लगे और पूरे स्टाफ में सबको जबरन मिठाई बांटी.

दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगे और अरविन्द केजरीवाल उप राज्यपाल बनें

Sanjaya Kumar Singh : जनादेश तो अरविन्द केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए ही है। सीटें थोड़ी कम रह गईं तो क्या हुआ। और अरविन्द केजरीवाल तोड़-फोड़ कर सरकार बनाएंगे नहीं, भाजपा बनाएगी तो उसे जीने नहीं देंगे। दोबारा चुनाव कराना जनादेश का अपमान होगा।

बी. वेंकट राव बने सहारा के न्यूज चैनलों के ग्रुप एडिटर

गवर्नेंस नाऊ मैग्जीन के एडिटर बी. वेंकट राव ने नई पारी की शुरुआत कर दी है. उन्होंने डूबते बेसहारा सहारा का दामन थाम लिया है. उन्हें सहारा मीडिया के न्यूज चैनलों का ग्रुप एडिटर बनाया गया है. बताया जाता है कि बी. वेंकट राव को सहारा प्रबंधन ने अपने यहां इंट्रोड्यूस कर दिया है.

Office of Press Registrar has flouted the orders of C.I.C in illegal publication

New Delhi : The Respondent No.02, Mantoo Sharma, in his Counter-Affidavit to the Supreme Court of India in the Special Leave Petition(Criminal) No.1603 of 2013, has told the court that the office of the Press Registrar, the Government of India, New Delhi, has arbitrarily flouted the orders of the Central Information Commission (New Delhi) in …

जनमित्र सम्मान से नवाजे गए वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत

नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्रता दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में जनसंदेश टाइम्स, वाराणसी के उप समाचार संपादक विजय विनीत को जनमित्र अवार्ड से नवाजा गया. यह सम्मान पत्रकारिता के माध्यम से प्रदेश के अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने और मानवाधिकार उल्लंघन रोकने के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय प्रयास के लिए दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में देश की नामचीन हस्तियां उपस्थित थीं.

देश में क्या करेंगे, पहले बंगाल में ही भाजपा से मुकाबला कर लें कामरेड

हाल के विधानसभा चुनावों में माकपा के लिए बुरी खबर है कि बंगाल, केरल और असम के बाहर बाकी भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए राजस्थान विधानसभा में उसके जो तीन विधायक थे, वे अब नहीं हैं। तीनों सीटें माकपा ने भाजपा से हारकर गंवा दी हैं। हालांकि माकपा को शर्म आयेगी नहीं।

जीतने के बाद पहला इंटरव्यू देने के लिए केजरीवाल को बरखा दत्त ही मिली थीं!

Yashwant Singh :  सुना है केजरीवाल ने दिल्ली जीतने के बाद पहला इंटरव्यू राडिया कांड में शामिल रहीं कुख्यात पत्रकार बरखा दत्त को दिया है… गांव में होने के कारण मैं टीवी से दूर हूं लेकिन एक साथी ने जब फोन करके यह जानकारी दी तो मुझे लगा कि केजरीवाल को ऐसा करने से बचना चाहिए था.. कार्पोरेट लाबिस्ट नीरा राडिया की परम मित्र बरखा दत्त से केजरीवाल को बचना चाहिए था…

‘न्यूज एक्सप्रेस’ चैनल में नौकरी खोज रहे हैं विनोद कापड़ी!

: कानाफूसी : भड़ास ने जो संभावना जताई थी, वही हुआ. इंडिया टीवी से विनोद कापड़ी की नौकरी पूरी तरह जा चुकी है. भैंस से रेप की घटना पर एक डाक्यूमेंट्री बनाने के हल्ला-गुल्ला के बाद इन दिनों फिर से वे रोजी रोटी के चक्कर में चैनलों के चक्कर काट रहे हैं. ताजी सूचना ये है कि विनोद कापड़ी आजकल में पुणे शहर के आसपास देखे गए हैं. वे साईं प्रसाद मीडिया के मालिकों से मीटिंग बैठक में लगे हुए हैं. कुछ शर्तों को लेकर बात अभी बाकी है.

अलीगढ में पत्रकारों को संगठित करने की मुहिम तेज

खबरों को खोजने, कुछ अलग लिखने और सबसे पहले ब्रेकिंग न्यूज़ बनाने के चक्कर में अलग-थलग चल रहे अलीगढ़ में पत्रकारों ने अब संगठित होने का प्रयास शुरू कर दिया है. सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही अलीगढ़ में भी पत्रकारों का मजबूत संगठन होगा. इसी प्रयासों की शुरुआत सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों ने बैठक करके की. तस्वीर महल स्थित पार्क में हुई बैठक में पत्रकारो ने प्रतिस्पार्धात्मक समय में पत्रकारों के बीच बढ़ रही दूरियों को कम करने पर कारगर कदम उठाने की बात कही.

पत्रकार जासी जोसेफ को एआईसीजे ने किया सम्मानित

मुम्बई : भारतीय कैथोलिक पत्रकार संघ (एआईसीजे) ने रविवार 8 दिसंबर को अपनी स्वर्ण जयन्ती मनाई. इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष जानेट लारेंस डिसूजा ने वरिष्ठ कैथोलिक पत्रकार जासी जोसेफ को गोल्डेन जुबली पुरस्कार से सम्मानित किया. डिसूजा ने कहा कि जोसेफ ने एक निर्भीक कैथोलिक पत्रकार के रूप में खोजी पत्रकारिता द्वारा नीति परिवर्तन, व्यवस्था सुधार और सरकारी प्रशासन को बेहतर बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है.

एनडीटीवी पर प्रतिबंधित दवा की दुकान सजाकर बैठा है फर्जी डॉक्टर मुनीर खान

पिछले महीने एनडीटीवी ने एक डॉक्टर मुनीर खान की चमत्कारिक दवा के बारे में खबर चलाई थी. जिसमें बताया गया था कि ये गलत दवा है तथा इसे मार्केट में रोकने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस समय एनडीटीवी खुद ही उसी दवा को अपने चैनल पर ही प्रमोशनल फीचर में चला रहा है. ताज्जुब हो रहा है कि कैसे कोई चैनल जिस दवा के गलत होने की खबर चलाई थी उसी के विज्ञापन को अपने ही चैनल पर चला रहा है.

नई दुनिया ने मंत्री जी को हारा और जीता दोनों दिखा दिया

नई दुनिया इंदौर ने ऐसी गलती की है कि क्या कहें. अक्सर पहले पेज पर सही होता है पर नई दुनिया ने पहले पेज पर गलत खबर लगाई है और अंदर के पन्ने पर सही खबर लगाई है. इस बार मध्य प्रदेश के चुनाव में कई मंत्री चुनाव हारे हैं. अब ये खबर बड़ी थी तो अखबार ने हारने वाले मंत्रियों की सूची उनके नाम और विधान सभा क्षेत्र सहित पहले पेज पर प्रकाशित की. इसमें जैतपुर से जयसिंह मरावी को हारा हुआ बताया गया है जबकि मरावी चुनाव जीते हैं.

दिल्ली की राजनीति में हुए इस ऐतिहासिक बदलाव के हम सब साक्षी हैं

अरविन्द केजरीवाल की रामलीला मैदान में जनता के सामने लोकपाल बिल को पास करने की मुराद तो पूरी नहीं हो सकी पर इस व्यक्ति ने दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव जरुर किया है, कांग्रेस की चूलें हिला कर रख दी है। 15 साल के सशक्त शासन को जड़ों से उखाड़ कर फेंक दिया है। बेशक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार नहीं बना सकी पर उसने चुनाव में अपनी भूमिका के दर्शन उन सभी दलों को करा दिए जो अब से पहले केजरीवाल को बच्चा बता रहे थे। इससे साफ़ जाहिर हो जाता है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भी केजरीवाल राजनैतिक दलों को चुनौती देने वाले हैं। 

प्रभुदत्त दूबे बने खबर भारती के बयूरो हेड, एसपी यादव दबंग दुनिया से जुड़े

खबर भारती भोपाल से खबर है कि सीनियर रिपोर्टर प्रभुदत्त दूबे को प्रबंधन ने मध्य प्रदेश का बयूरो हेड बना दिया है. प्रभुदत्त अब तक ये जिम्मेदारी सम्भाल रहे अनूप सक्सेना की जगह लेंगे. बताया जा रहा है कि सीनियर रिपोर्टर प्रभुदत्त दुबे को चुनाव में अच्छा काम करने का ईनाम मिला है. चुनाव में प्रभुदत्त दुबे ने अपने आपको प्रबंधन के सामने साबित किया और बदले में प्रबंधन ने बढ़ाकर और प्रमोशन देकर चैनल का नया बयूरो हेड बनाया है.

वो मदारी कौन, जो खेल रहे थे ब्लैकमेलिंग का खेल?

देहरादून । उत्तराखण्ड सचिवालय में तैनात जेपी जोशी प्रकरण में आखिर वो मदारी कौन थे, जो पर्दे के पीछे से ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहे थे। भले ही पुलिस ने इस प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हो, लेकिन इस प्रकरण का मास्टर माइण्ड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं कांग्रेस की महिला नेत्री रितु कण्डियाल की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध नजर आ रही है। वहीं इस खेल के कुछ कथित पत्रकारों का भी घिनौना चेहरा इस प्रकरण में सामने आने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। 

ज्योतिषी जी के अखबार में छपती है चोरी की खबर

वाराणसी। महोदय शहर के मानिंद ज्योतिषी है। राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतराष्ट्रीय स्तर की भविष्यवाणियां करते रहते हैं। कितनी बारिश होगी, कैसी ठंड पड़ेगी से लेकर कौन सी फिल्म हिट होगी, सब कुछ इनके भविष्यवाणी के दायरे में है। इनका विज्ञापन आपकी समस्याओं के हल की गांरटी देता है। ज्योतिष में हाथ आजमाते-आजमाते इन दिनों 'भारत एकता टाइम्स' नाम से अखबार निकाल निकाल रहे हैं। लेकिन हाथ देखकर भाग्य बांचने का दावा करने वाले महोदय का अखबार चोरी की खबर लगाने लगा और महोदय को पता ही नहीं चला। 

C Voter के यशवंत को ‘आप’ के बारे में गलत आंकलन के लिये माफी मांगनी चाहिये

Sheetal P Singh : हालांकि ये कभी नहीं सुधरेगा, पर C Voter के यशवंत को आप के बारे में गलत आकलन के लिये माफ़ी मांगनी चाहिये…

‘आप’ के मतदाता ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को क्यों नहीं जिताया?

Virendra Yadav : 'आप' और केजरीवाल की सबसे बड़ी सीमा उनकी विचारधारा विहीनता और 'नो आईडियालोजी ' का नारा है. राजनीतिक तंत्र 'न वाम न दक्षिण' की विचारधारा विहीनता से नहीं चलता है. हाँ, इससे म्युनिसिपलटियों को जरूर चलाया जा सकता है, मेट्रोपालिटन दिल्ली को भी चलाया जा सकता है.

औरों को भी ‘आप’ से सीखना होगा, खोल में सिमटे रहने की आदत छोड़नी होगी

Ambarish Rai : देश कांग्रेस और भाजपा का विकल्प चाहता है… दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने यह कमी पूरी की. बिना किसी उलझावपूर्ण सैद्धांतिक बहसों क़े सीधे साधे तरीके से महंगाई और भ्रस्टाचार के खिलाफ सफल जनगोलबंदी कर ली मगर तमाम जटिल प्रश्नों पर अभी भी उन्हें अपना रुख साफ करना है.

महात्मा गांधी ने नमक तो केजरीवाल ने पानी को मुद्दा बना डाला

Yogesh Kumar Sheetal : नमक जैसी चीज को राष्ट्र का मुद्दा बना देने वाले महात्मा गांधी के पास आत्मबल था. केजरीवाल ने पानी को मुद्दा बना डाला. RTI के माध्यम से पानी के निजीकरण के पीछे की कहानी सबके सामने लाई और साबित किया कि भाजपा और कांग्रेस की जनविरोधी नीतियां एक हैं और किस तरह दोनों पार्टियां तंजानिया, कोलंबिया, फिलिपिंस आदि देशों में विश्व बैंक के इस खेल को जानकर भी अनदेखा कर रही है.

जियो डा. कुमार विश्वास!

Atul Kanakk : लोगों ने उसकी प्रतिभा से आक्रांत होकर उसके खिलाफ सामूहिक लामबद्व कर ली, लेकिन उसने एक बार कुछ ठान लिया तो फिर अपने पथ पर आगे बढ़ता गया। षड्यंत्रों ने उसे स्नेह सने स्टिंग के व्यूह में फँसाना चाहा तो कुंठाओं ने उसके खिलाफ अनर्गल प्रलाप किये। लोकप्रियता के शिखर पर पहुँचने की कीमत कुमार विश्वास ने अनेक आत्मीय मित्रों की कुंठाओं को चुपचाप सहकर चुकाई। लोग उसकी विराट उपलब्धियों में क्षुद्रताओं की अनुशंसा तलाशते रहे और प्रेम का यह कवि अपनी निष्ठाओं और अपनी मान्यताओं के प्रति प्रबिद्वताओं का जीवन जीता रहा।

इनमें से भाकपा माले (लिबरेशन) तो अन्ना हजारे के आन्दोलन में शरीक भी हुई थी… फिर यह नतीजे?

Samar Anarya : बजिंदर सिंह — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया– 637 वोट– तिमारपुर
रोहतास — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 337वोट — नरेला
मुन्ना यादव — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 172वोट — वजीरपुर
रामरूप — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 203 वोट — कोंडली
विनोद कुमार — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 146 — पटपड़गंज

पढ़िए, इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत क्या कहते हैं ‘आप’ की जीत पर…

Rana Yashwant : मैं तमाम आपत्तियों के बावजूद दांते और मार्क्स का हमेशा से कायल रहा। दांते में एक अजीब सा दंभ था – तुम अपनी राह चलते चलो, लोग चाहे कुछ भी कहें और मार्क्स को वाहवाही और लफ्फाजी से नफरत थी। दांते और मार्क्स में मौलिकता थी, सोच के पीछे मजबूत तर्क हुआ करता था और दोनों निर्भीक थे। वर्ना पोपशाही के दौर में क्रांतिकारी विचारों का अलख जगाने की हिम्मत वही कर सकता था जो जान पर खेलने का साहस रखता हो।

अरविन्द केजरीवाल जरा संभल के चलना, मूर्ति मत बनना

Sachin Kumar Jain : आप के नाम एक पाती…. जैसा हमारे समाज में होता है; एक ठीक-ठाक इंसान मिलता है, तो उस एक इंसान को मूर्ति बना कर सिंहासन पर बिठा दिया जाता है. उसकी पूजन की जायेगी. उसका इतना प्रक्षाल किया जाएगा कि वह अपने होने का मकसद ही भूल जाएगा; दूसरा खेल होता है जब सलाहकार, समीक्षक और कुछ करीबी लोग व्यक्ति को संस्था से बड़ा बनाने में जुट जाते हैं. ऐसा होते ही "आप" की दशा और दिशा बदला जायेगी.

आज अरविंद का जुनून सबके लिए सबक बन गया है… मेरा सलाम, बधाई और शुभकामनाएं

Annu Anand : किसी भी बदलाव की पहली सीढ़ी जनून है. यह बात सच हो गई. दस साल पहले २००३ में दिल्ली से बस के रास्ते ब्यावर जाते हुए Arvind Kejriwal ने मुझसे कहा था कि वो पूरी तरह से अपनी सरकारी नौकरी छोड़ कर देश में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करना चाहते हैं तो मैंने इसे एक क्रांतिकारी युवा का फितूर माना.

किरण बेदी और बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

Nadim S. Akhter : एक कहावत सुनी है आपने. बेगानी शादी में, अब्दुल्ला दीवाना. किरण बेदी कुछ उसी तरह का काम कर रही हैं. पहले तो लाख मान-मनौव्वल पर वह -राजनीति नहीं करने- की अपनी जिद पर अड़ी रहीं. शुचिता वाली सोच. लेकिन अब जब आम आदमी पार्टी को आशातीत सफलता मिल गई है तो किरण बेदी परेशान हैं. कैसे अपनी उपयोगिता दिखाएं. सो उन्होंने बीजेपी और -आप- के बीच मध्यस्थता करने का ऐलान कर दिया ताकि दिल्ली की जनता को दोबारा चुनाव में ना जाना पड़ जाए.

केजरीवाल भी कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं, कुछ और सोचिए किरण जी

एक कहावत सुनी है आपने. बेगानी शादी में, अब्दुल्ला दीवाना. किरण बेदी कुछ उसी तरह का काम कर रही हैं. पहले तो लाख मान-मनौव्वल पर वह -राजनीति नहीं करने- की अपनी जिद पर अड़ी रहीं. शुचिता वाली सोच.

सुब्रत राय को सुप्रीम कोर्ट का अवमानना नोटिस

सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा दिन ब दिन सहारा पर कसता ही जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने 2जी केस में दखल देने के लिए सहारा के कर्ताधर्ता सुब्रत राय पर अवमानना नोटिस जारी कर दिया. नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने उनसे पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना का केस क्यूं ना चले. कोर्ट ने चार सप्ताह में इस पर जवाब दाखिल करने को कहा है.

क्योंकि आम आदमी पार्टी उतनी भी आम नहीं

Mitra Ranjan : ये सही बात है कि ''आप'' ने दिल्ली में कांग्रेस-बीजेपी के खिलाफ एक नया मोर्चा खोला है और यथास्थितिवाद के खिलाफ व्यापक जनाक्रोश का बड़ा फायदा उसको जरूर मिला है. लेकिन जैसा कि कुछ विद्वान् लोग कह रहे हैं, क्या उसके खाते में जो तथाकथित जनअसंतोष की लहर है उसको एक सही राजनीतिक दिशा दे दी जाये तो भारतीय राजनीति का मौजूदा स्वरुप बदलने में और फासीवादी शक्तियों के उभार को रोकने में मदद मिल जायेगी? यहाँ सवाल महज स्थापित सत्ता-ध्रुवों के खिलाफ 'आप' के समर्थन-विरोध का नहीं है, सवाल देश की व्यवस्था में बुनियादी बदलाव का है.

अजीत खरे को रामेश्वरम हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार

झांसी से दिया जाने वाला 'रामेश्वरम हिन्दी पुरस्कार-2013', हिन्दुस्तान के पत्रकार अजीत खरे को दिया जायेगा. रामेश्वर संस्थान झांसी के अध्यक्ष डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2013 के लिए निर्णायक समिति ने हिन्दुस्तान, लखनऊ के विशेष संवाददाता अजीत खरे को चयनित किया गया है. श्री खरे को यह पुरस्कार 17 दिसम्बर 2013 को राजकीय संग्रहालय सभागार, झांसी में दोपहर 2:30 बजे आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जायेगा.

वही होगा जो आज हमारे वरिष्‍ठ समाजवादी पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी के साथ हुआ है ‘जनसत्‍ता’ में

Abhishek Srivastava : कछुआ अगर खरगोश की गति से दौड़ना चाहे तो क्‍या होगा? वही, जो आज हमारे वरिष्‍ठ समाजवादी पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी के साथ हुआ है 'जनसत्‍ता' अखबार में। कल चुनाव नतीजा आया और आज नतीजों पर उनका लेख छप गया। अरे भाई, ज़रा ठहर कर सोच लेते तो ब्‍लंडर से बच जाते।

मीडिया के चुके पुरोधा दलाली में जरूर अप टू डेट हो सकते हैं, लिखने-पढ़ने और जन मानस समझने में बिलकुल नहीं

: पत्रकार नदीम एस. अख्तर का ये लिखा सौ फीसदी सच साबित हुआ… :

हर चर्चित मसले पर फेसबुक पर अपनी बेबाक व गहन विश्लेषणात्मक राय जाहिर करने के लिए मशहूर युवा व तेजतर्रार पत्रकार नदीम एस. अख्तर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक बाद एक पोस्ट पब्लिश किया था. इसमें उन्होंने जो जो बातें कहीं, वो आज नतीजे आने के बाद सच साबित हुईं. नदीम ने अपने लिखे की तरफ मेरा ध्यान आकृष्ट उन्हीं दिनों करा दिया था लेकिन अपनी व्यस्तता की वजह से इसे भड़ास पर प्रकाशित नहीं कर पाया था.

आप के टिकट पर एक और पत्रकार राखी विरला भी जीती

आम आदमी पार्टी  के टिकट पर इस बार कई पत्रकार चुनाव जीते हैं. पड़पड़गंज सीट से मनीष सिसोदिया ने जहां जीते हैं वहीं एक और पत्रकार ने मंगोलपुरी सीट से जीत दर्ज की है. पत्रकार राखी विरला ने मंगोलपुरी विधानसभा सीट से आप के टिकट पर चुनाव लड़कर शीला दीक्षित सरकार में मंत्री राजकुमार चौहान को पराजित किया. उन्होंने चौहान पर दस हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की.

Mantoo Sharma submits to Court ‘List of Important Dates’ in Govt. Advt Scam

New Delhi : The Respondent No. 02, Mantoo Sharma, in his counter-affidavit in the Supreme Court of India, has also submitted the 'List of Important Dates' in connection with the Special Leave Petition(Criminal) No.1603 of 2013 in the world famous Rs.200 crore Dainik Hindustan Govt. Advertisement Scam of Bihar. The S.L.P. (Criminal) No.1603 of 2013 has been filed by the Chairperson of M/S The Hindustan Times Limited,New Delhi.And the Supreme Court of India will hear the case on December 16, 2013 next.

तरुण तेजपाल पर लगी दो अतिरिक्‍त धाराएं

पणजी : गोवा अपराध शाखा ने महिला सहकर्मी के यौन शोषण के आरोपी तहलका के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल की मुश्किलें बढ़ाते हुए उनके खिलाफ अतिरिक्त आरोप लगाए हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तेजपाल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अब आईपीसी की धारा 341 और 342 जोड़ी गई हैं। ये धारायें किसी को गलत ढंग से बंधक बनाने से जुड़ी है। तेजपाल से पूछताछ कर रहे अधिकारियों ने कहा कि पीडि़ता, गवाहों के बयानों के बाद और होटल के सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद तेजपाल के खिलाफ अतिक्ति धाराएं लगाई गई हैं।

रवींद्र मौर्या ने की ‘गुंडई’, पीटे गए जनसंदेश टाइम्‍स के दो कर्मचारी

बनारस में स्‍थानीय लोगों से 'गुंडई' करना जनसंदेश टाइम्‍स के कुछ कर्मचारियों के लिए भारी पड़ गया. रविवार को स्‍थानीय लोगों ने जनसंदेश टाइम्‍स के ऑफिस में घुसकर दो कर्मचारियों की जमकर धुनाई की. मारपीट करने वाले लोग भीड़ के हाथ नहीं लगे अन्‍यथा उनकी धुक्‍का फजीहत करने की तैयारी पूरी थी. उग्र भीड लगभग 20 मिनट तक अखबार के ऑफिस को अपने कब्‍जे में कर रखा था. पुलिस को सूचना देने के बाद स्‍थानीय लोग अखबार कार्यालय से बाहर निकले. इस मामले में दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा है. अखबार के घायल कर्मचारी को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.

मृदुल त्यागी ने नई दुनिया से नाता तोड़ा, पत्रिका से राजकुमार कंसोरिया का इस्तीफा

नई दुनिया इंदौर से खबर है कि समाचार संपादक मृदुल त्यागी ने नई दुनिया से नाता तोड़ लिया है. वे पिछले जून में आई नेक्स्ट मेरठ से नई दुनिया में आए थे. खबर है कि उन्होंने हिन्दुस्तान आगरा के साथ अपनी नई पारी शुरू की है.

दिल्ली में कांग्रेस आक्रोश की लहर में डूब गई

कांग्रेस की हथेली से दिल्ली इस तरह फिसल जाएगी यह अप्रत्याशित और चौकाने वाली बात है। इसका विश्लेषण राजनीतिक विशेषकों ने पहले कभी नहीं   किया था। यह चौकाने वाली बात इसलिए है कि मुख्यमंत्री रूप में शीला दीक्षित का यहां विवादस्पद नहीं रही है। दिल्ली के नवनिर्माण का जो सशक्त अभियान चलाया था, वह अलग से रेखांकित करने लायक है। कांग्रेस ने अन्य राज्यों में चाहे जैसी भी भूमिका निभायी हो, जनता की आशाओं आकांक्षाओं को भले ही पूरा नहीं किया हो लेकिन शीला दीक्षित के साथ वह अध्याय नहीं खुलता है। 

Shobhana Bhartia has done manipulation, fraud: Mantoo Sharma tells Court

New Delhi : The Respondent No.02, Mantoo Sharma, in his Counter-Affidavit , to the Supreme Court of India, has accused the Chairperson of M/S The Hindustan Times Limited(New Delhi) of cunningly declaring the Munger and Bhagalpur publications/editions of Dainik Hindustan 'Registered ones',fraudulently printing the Registration Number -RNI No.44348/1986 (that is allocated to the Patna publication/edition of Dainik Hindustan by the Press Registrar, New Delhi) on the Print-lines of the publications/editions of Muner and Bhagalpur, publishing the government advertisements of the Union and the state governments and receiving the payment against the published government advertisements from the government treasury illegally, amounting to Rs.200 crore from August,03,2001 to June 30,2011( a period of nine years and eleven months approximately).

पत्रकारिता का यह फार्मेट रहे ना रहे पर पत्रकारिता रहेगी : शैलेश

कल्पतरु एक्सप्रेस द्वारा हर महीने आयोजित होने वाले मीडिया विमर्श की दसवीं शृंखला में शनिवार को श्रोताओं को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज नेशन टीवी चैनल के सीईओ शैलेश ने कहा कि भले ही कल को पत्रकारिता का यह फार्मेट न रहे पर पत्रकारिता रहेगी, खबरों की जरूरत हमेशा रहेगी। उन्होंने कहा कि आज कंटेंट डिलिवरी के लेबल पर बड़े बदलाव हो रहे हैं, आगे न्यूज रहेगी, पेपर नहीं रहेगा। टीवी चैनल रहेंगे पर टीवी सेट नहीं होगा। उसके लिए हमें अपने ड्राइंग रूम में बैठकर खबरों पर निगाह दौड़ाने की जरुरत नहीं रहेगी। इस सब की जगह मोबाइल, टेबलेट लेते जाएंगे।

मीडिया से अदृश्य ग्रामीण भारत के सरोकार

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत गांव में बसता है। देश की उन्नति के लिए गांव की उन्नति आवश्यक है। आजादी के दौरान महात्मा गांधी ने अपनी पत्रकारिता के जरिए भी ग्रामीण चेतना को जगाने का काम किया था, जिसके लिए उन्होंने यंग इंडिया, हरिजन, स्वराज जैसे समाचार पत्रों में भी ग्रामीण भारत की वकालत की थी। ग्रामीण भारत की अहमियत को समझते हुए ही आजाद भारत के प्रधानमंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। फौज मे जवान और खेत में किसान की वकालत की। कृषि क्षेत्र में कई क्रान्तिकारी शुरूआतें कीं और फैसले लिए। लेकिन, यही भारत जैसे-जैसे अपनी उम्र के पड़ावों को पार करता गया वैसे–वैसे धुंधला होता गया। 

आइए इस जीत का स्वागत करें, ‘आप’ ने एक रास्ता दिखाया है

Shambhunath Shukla : यह जीत उन नवयुवकों की है जो चाहते थे कि राजनीति अब बुड्ढों-ठुड्ढों के हाथ से आजाद हो. यह जीत उनकी है जो चाहते थे कि राजनीति अब मंदिर-मस्जिद की न हो और यह जीत उनकी भी है जो चाहते थे कि अब जाति के नाम पर राजनीति न हो. आइए इस जीत का स्वागत करें. आप ने एक रास्ता दिखाया है.

नक्षत्र न्यूज के चैनल हेड परिवेश वात्स्यायन ने दिया इस्तीफा, कर्मचारी स्ट्राइक पर

रांची स्थित झारखंड-बिहार के रीजनल न्यूज चैनल नक्षत्र न्यूज से चैनल हेड परिवेश वात्सायन ने इस्तीफा दे दिया है. परिवेश काफी दिनों से प्रबंधन से नाराज चल रहे थे. इस नाराजगी की वजह प्रबंधन द्वारा चैनल की दुर्दशा पर ध्यान ना देना बताया जा रहा है.

मध्यप्रदेश की जनता के भाग्य में शायद विपक्षहीन सरकार लिखी है

मध्यप्रदेश की १४वीं विधानसभा का परिदृश्य लगभग साफ़ हो गया है. प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है. यह स्पष्ट हो चला है कि भाजपा ने मध्यप्रदेश को अपना अभेद्य गढ़ बना लिया है. तमाम विधानसभा उपचुनावों के बाद नगरीय निकायों में हुई भारी पराजय और अब विधानसभा चुनाव में मिल करारी शिकस्त मध्यप्रदेश में कांग्रेस की क्षमताओं का आकलन करवाने हेतु पर्याप्त है. 

जागरण हल्द्वानी से अखिलेश, सुशील, नाजिम का इस्तीफा, विनय, राहुल की इंट्री

जागरण हल्द्वानी से लगातार लोगों का जाना जारी है. सब एडिटर कमलेश पांडेय ने इस्तीफा दे दिया है. कमलेश ने हिन्दुस्तान गोरखपुर में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी नई पारी शुरू की है. हल्द्वानी से ही सुशील कुमार ने जागरण छोड़कर कैनविज टाइम्स बरेली में बतौर सब एडिटर ज्वाइन किया है. नाजिम निकरानी ने भी कल शाम को जागरण हल्द्वानी से इस्तीफा दे दिया है. जागरण हल्द्वानी में हालात बहुत खराब हैं और जल्द ही कई और लोगों के छोड़कर जाने की खबर है.

न्‍यूज30 चैनल में आरई बने राजकुमार सिंह

न्‍यूज एक्‍सप्रेस, लखनऊ में एडिटर क्‍वार्डिनेशन के पद पर कार्यरत रहे राजकुमार सिंह ने अपनी नई पारी यूपी-उत्‍तराखंड से लांच होने जा रहे चैनल न्‍यूज30 के साथ अपनी नई पारी शुरू की है. उन्‍हें यहां पर स्‍थानीय संपादक बनाया गया है. चैनल ग्रेटर नोएडा से संचालित होगा.

पत्रकार मनीष सिसोदिया बने पड़पड़गंज सीट से विधायक

नई दिल्ली : पत्रकार से नेता बने मनीष सिसोदिया नई दिल्ली की पड़पड़गंज विधान सभा सीट से चुनाव जीत गए हैं. मनीष आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थे. मनीष सिसोदिया कई वर्षों तक जी न्यूज में काम कर चुके हैं. मनीष अन्ना हजारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ चले आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे. आम आदमी पार्टी के गठन में भी मनीष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

समाचार प्‍लस से इस्‍तीफा देकर बी टीवी जाएंगे अतुल अग्रवाल

समाचार प्‍लस से एंकर अतुल अग्रवाल ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे एक्‍जीक्‍यूटिव एडिटर के तौर पर चैनल से जुड़े हुए थे. दूसरी खबर यह आ रही है कि प्रबंधन ने उनको खुद ही बाहर जाने को कह दिया है. हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई है. बताया जा रहा है कि अतुल भास्‍कर समूह के बी टीवी के साथ एडिटर के रूप में जुड़ने जा रहे हैं. इसके पहले समाचार प्‍लस के अलग अलग विभागों से लगभग एक दर्जन लोग इस्‍तीफा दे चुके हैं. माना जा रहा है कि इन सभी लोगों ने अतुल अग्रवाल की शह पर इस्‍तीफा दिया है. अतुल इन सभी को बी टीवी लेकर जाने वाले हैं.

विवेकानंद बने हिंदुस्‍तान, नोएडा में एनई, शशि भूषण जनसेतु जाएंगे

अमर उजाला, कानपुर से खबर है कि विवेकानंद त्रिपाठी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर डीएनई के पद पर कार्यरत थे. विवेकानंद लंबे समय से अमर उजाला से जुड़े हुए थे. इसी साल की शुरुआत में उन्‍हें गोरखपुर से कानपुर भेजा गया था. उन्‍होंने अपनी नई पारी हिंदुस्‍तान के साथ शुरू की है. उन्‍हें नोएडा में एनई बनाया गया है. वे अमर उजाला के लिए पश्चिमी यूपी में लंबे समय तक काम कर चुके हैं. उन्‍हें नोएडा में सुनील द्विवेदी के स्‍थान पर लाया गया है. सुनील के इलाहाबाद जाने के बाद नोएडा में एनई का पद खाली पड़ा हुआ था. 

यूपी में सूचना आयुक्‍त बनने के लिए हो रहे कैसे कैसे जतन

यूपी में सूचना आयुक्‍त बनने के लिए कई पत्रकार भी हाथ-पैर मार रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि खाली पड़ी आठ सीटों में कम से कम दो सीटों पर पत्रकार कोटे से नियुक्ति होनी है. इसमें एक नाम तो क्‍लीयर है, सारी लड़ाई दूसरे सीट के लिए चल रही है. पत्रकार कोटे से सूचना आयुक्‍त बनने वाले एक सीट पर वरिष्‍ठ पत्रकार अरविंद सिंह बिष्‍ट का नाम तय माना जा रहा है. अरविंद सिंह सपा प्रमुख के समधी हैं, लिहाजा उनकी दावेदारी को लेकर किसी को कोई शंका नहीं है. पर दूसरे सीट को लेकर लखनऊ के कई धुरंधर पत्रकार लाबिंग करने में जुटे हुए हैं.

टीआरपी : आजतक की बढ़त कायम, इंडिया न्‍यूज फिसला

48वें सप्‍ताह की टीआरपी आ गई है. इस सप्‍ताह में कई महत्‍वपूर्ण बदलाव हुए हैं. एबीपी न्‍यूज दूसरे नम्‍बर से तीसरे स्‍थान पर पहुंच गया है. इंडिया टीवी ने दूसरे नम्‍बर पर वापसी की है. आजतक लगातार नम्‍बर एक पर बना हुआ है. टीआरपी में नुकसान होने के बावजूद फिलहाल उसे चुनौती देने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है.

नेताजी ने करवटें बदलते गुजारी कत्ल की रात

राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए शनिवार की रात कत्ल की रात रही। चुनाव नतीजों के एक दिन पहले की रात को कत्ल की रात क्यों कहते हैं, यह तो पता नहीं परंतु इतना पता जरूर है कि राजस्थान विधानसभा के फिलहाल 199 विधानसभा क्षेत्रों से विधायक बनने का सपना देख रहे 2087 उम्मीदवारों को शनिवार की रात शायद ही नींद आई हो। करवटें बदलते पूरी रात उन्होंने अपने को फूल मालाओं से लदा, भीड़ से घिरा और मुंह लड्डुओं भरा देखते गुजार दी। 2087 में तो जीतना सिर्फ 199 को ही है परंतु सपने देखने में क्या है, उसके पैसे थोड़े ही लगते हैं। पैसे तो जहां लगने थे 1 दिसंबर तक लग चुके। और बहुत अच्छे से लगे।

अतीक जैसों को उम्मीदवार बनाकर सपा भाजपा का रास्ता आसान कर रही है

Anand Pradhan : समाजवादी पार्टी में अतीक अहमद की वापसी और लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया जाना बताता है कि सपा उत्तर प्रदेश की जनता के जनादेश का अनादर करने पर तुल गयी है। वह देश के बदले हुए मूड को समझने में भी नाकाम हो गयी है। कहाँ है, अखिलेश यादव जिन्होंने विधानसभा चुनावों से पहले डीपी यादव को पार्टी में आने से रोक दिया था? दूसरे, अतीक अहमद जैसों को उम्मीदवार बनाकर सपा भाजपा का रास्ता आसान कर रही है क्योंकि अतीक जैसे उम्मीदवारों को सामने करके भाजपा साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल करेगी।

मुझे संतुष्टि है कि अच्छे लोगों ने मेरी सच्चाई को झुकने नहीं दिया : अमृता सोलंकी

Amrita Solanki : मैने आज तक बहुत से अधिकारियों को सेल्यूट किया पर आज मै अपने पूरे मन से पूरे सम्मान से सेल्यूट करती हूं मेरे मलावर थाने के उन सभी आरक्षकों का जिन्होंने बिना किसी भय के बिना किसी दबाव के मेरे सच में साथ देते हुए बयान दिए!

दुष्कर्म मामला और जजों की दुविधा

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली के बचाव में कैसे-कैसे लोग क्या-क्या बोल रहे हैं? खुद गांगुली कह रहे हैं कि उनकी तुलना तेजपाल से न की जाए। क्यों न की जाए? क्या इसलिए कि तेजपाल पत्रकार है और आप न्यायाधीश हैं? क्या पत्रकार की कोई इज्जत नहीं होती? क्या मान-हानि सिर्फ जजों की ही होती है? अत्याचार या अपराध कोई भी करे, खबर सभी की ली जानी चाहिए। और जो अपने आपको औरों से ज्यादा महत्वपूर्ण समझें, उसकी खबर तो और भी ज्यादा ली जानी चाहिए। भारतीय न्यायशास्त्रों में इसका जोरदार समर्थन हुआ है। यदि महामात्य और उसका भृत्य एक ही तरह का अपराध करें तो महामात्य की सजा उससे कई गुना कठोर होती है।

आगरा कल्पतरु में एक साथ कई इस्तीफे

आगरा कल्पतरु एक्स्प्रेस से खबर है कि संस्थान से छह पत्रकारों ने इस्तीफे दे दिए गए हैं. जिसमें तरुण, शोएब, धर्मेन्द्र पाराशर व सिटी इंचार्ज दिनेश भदोरिया शामिल हैं. इन लोगों ने प्रधान संपादक को पत्र लिखकर इस्तीफा सौंपा है. अभी इनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और ये लोग काम पर आ रहे हैं. चर्चा ये भी है कि इस्तीफा प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए दिया गया है.

गुवाहाटी की महिला पत्रकार ने लगाए तेजपाल और शोमा पर आरोप

तहलका की महिला पत्रकार के द्वारा तेजपाल पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद अब तहलका की एक पूर्व पत्रकार ने शोमा चौधरी और तेजपाल पर उसकी शिकायत पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया है. पीड़िता उद्दीपना गोस्वामी तहलका से 2000 से जुड़ी थी और अब स्वतंत्र पत्रकार हैं.

पुष्कर और अजमेर शरीफ में जल स्वच्छता अभियान चलाएंगे : जलजोगिनी

नई दिल्ली : आस्था केंद्रों के सरोवरों की स्वच्छता का अभियान छेड़ने वाली स्वंयसेवी संस्था जलजोगिनी अब राजस्थान के पुष्कर और अजमेर शरीफ में जल स्वच्छता के लिए अभियान चलाएगी। जलजोगिनी के कामकाज के दायरे में दिल्ली और एनसीआर को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। जलजोगिनी के कामकाज का लेखाजोखा पेश करने और भावी दिशानिर्देश तय करने के लिए आयोजित सेमिनार में यह जानकारी जलजोगिनी के संस्थापक सचिव आलोक कुमार ने यह जानकारी दी। जलजोगिनी झारखंड के देवघर में शिवगंगा की स्वच्छता के लिए प्रभावी अभियान छेड़ चुकी है।

नेतृत्व का अभाव कांग्रेस को भारी पड़ेगा

‘एग्जिट पोल हमेशा ‘एक्जेक्ट पोल' नहीं होते, लेकिन वे जनमत सर्वेक्षणों के नतीजों की तरह अनाप-शनाप भी नहीं होते। यदि उनका नतीजा यह है कि अभी हुए पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस चार राज्यों में हार रही है तो लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि वह क्यों हार रही है और इस हार के परिणाम क्या होंगे? इसका असर लोकसभा के आगामी चुनावों पर क्या होगा?

IFWJ condemns killing of journalist Sai Reddy

Indian Federation of Working Journalist (IFWJ) has condemned the gruesome killing on Friday of Sai Reddy, an indomitable journalist of Chhattisgarh. He was a fighter and was unsparing in his reports be it the Police administration or deviant groups of Naxals. He was arrested by the Police in 2008 and the IFWJ had organized a big Dharna and demonstration for his immediate release, which was led by its President K Vikram Rao. 

22 साल में 44 बार तबादले की मार खाकर भी खेमका शेर बने हुए हैं

हरियाणा सरकार बैठे-बिठाए अपने सिर मुसीबत मोल ले रही है। उसने अपने बहुचर्चित अफसर अशोक खेमका को एक आरोप-पत्र थमा दिया है। यह आरोप-पत्र उनके घर पर रात को साढ़े आठ बजे थमाया गया। वे खुद घर पर नहीं थे। उनके 16-17 साल के बेटे को मजबूर किया गया कि वह आरोप-पत्र ले और रसीद पर दस्तखत करे। इस घटना ने उनके घर में तनाव पैदा कर दिया, जिसकी खेमका ने निंदा की है और उसे आतंकित करने वाली कार्रवाई कहा है। उनकी 73 वर्षीय रुग्ण मां पर इस घटना का बुरा असर पड़ा है।

कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों के चलते वह प्रोग्राम बाबरी मस्जिद की भांति ही ध्वस्त हो गया

बाबरी मस्जिद ध्वंस के बाद हम कुछ पत्रकारों ने सोचा कि मुस्लिम बुद्धिजीवियों का एक सममेलन बुला कर साम्प्रदायिकता का मुकाबला करने के लिए कोई रणनीति तय की जाए। नवभारत टाइम्स से हबीब अख्तर और टाइम्स आफ इंडिया से जुबैर रिजवी कुछ उर्दू एवं हिंदी के पत्रकार और जेएनयू के प्रो. इमतियाज अहमद व एक अन्य प्रो. मिल कर बैठे और मुस्लिम इंटेलीजेंसिया मीट बुलाने का फैसला किया गया और स्थान जे. एन. यू. का सिटी सेंटर तय किया गया। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया, जेएनयू और अलीगढ़ मुस्लिम विवि के बहुत सारे प्रोफेसर, शबाना आजमी और फारूक शेख आदि फिल्मी हस्तियां और सैयद शहाबुद्दीन आदि अनेक नेता शामिल हुए। 

लोकमत ने 61 मीडियाकर्मियों को झूठे, फर्जी और आधारहीन आरोप लगा नौकरी से हटा दिया, हम सब चुप रहे

संवेदनाओं से रीत रहे इस समाज में अभी भी अखबारों और पूरे मीडिया जगत से समाज की यह अपेक्षा बची है कि वह कम से कम उनके दुख, तकलीफों, शोषण और अन्याय-अत्याचार को आवाज दे सकता है. कुछ हद तक यह काम हो भी रहा है, मगर समाज की आवाज बनने का दंभ भरने वाले पत्रकार और संवाद-जगत के मसीहा बने फिरते लोग ही सर्वाधिक अन्याय-अत्याचार और शोषण का शिकार बने हुए हैं. 

सम्मान समारोह में पत्रकार पुत्र और मां दोनों की आंखों से आंसू गिरते रहे

Lalajee Nirmal : मां के आंख के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. अवसर था अम्बेडकर महासभा द्वारा लखनऊ में आयोजित दलित रत्न सम्मान आयोजन. दलित रत्न से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार संतोष कुमार बाल्मीकि ने यह सम्मान अपनी माँ को समर्पित किया.

पूर्वांचल विवि में स्क्रिप्टिंग, सम्पादन एवं फिल्म निर्माण विषयक कार्यशाला शुरू

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को विज्ञान संचार, स्क्रिप्टिंग, कैमरा, सम्पादन एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण विषयक कार्यशाला का उद्घाटन किया गया. उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रख्यात विज्ञान फिल्मकार एम रहमान ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को लेकर निर्मित की जा रही फिल्में आज स्वस्थ समाज का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि आम आदमी के मुद्दों को ध्यान में रख कर डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण करें। विश्व में इन दिनों बड़े पैमाने पर छोटी बड़ी विज्ञान विषयों पर फिल्म निर्माण का कार्य हो रहा है। इसके लिए नई पीढ़ी के लोगों को आगे आना चाहिए।

दैनिक जागरण से कमल, सुशील और नवीन का इस्तीफा, सहारा से गौरव गए

दैनिक जागरण, हल्द्वानी से जुड़े तीन पत्रकारों ने इस्तीफा दे दिया है। हल्द्वानी आफिस में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार कमल शर्मा, सुशील कुमार ने इस्तीफा दिया है। वहीं दैनिक जागरण के अल्मोड़ा आफिस में पांच साल से कार्यरत नवीन बिष्ट को दैनिक जागरण ने बागेश्वर ट्रांसफर कर दिया था जिससे खिन्न होकर नवीन बिष्ट ने इस्तीफा दे दिया।

तेजपाल की रिमांड 4 दिन बढ़ी, मजिस्ट्रेट के सामने शोमा का बयान दर्ज

अपनी महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न के आरोपी तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की पुलिस रिमांड कोर्ट ने आज चार दिन के लिए और बढ़ा दी है. तेजपाल पिछले छह दिनों से पुलिस रिमांड पर हैं. आज उनकी रिमांड की अवधि खत्म हो रही थी इसलिए पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड बढ़ाये जाने की मांग की थी.

सीबीसीआईडी ने शुरू की पत्रकार राकेश शर्मा हत्याकांड की जांच

इटावा के पत्रकार राकेश शर्मा की हत्या की जांच सीबीसीआईडी ने शुरू कर दी है. राकेश शर्मा की 23 अगस्त को इटावा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. राकेश के परिजनों ने घटना की सीबीसीआईडी जांच की मांग की थी. पिछले पखवाड़े शासन ने राकेश की हत्या की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी थी. जांच एजेंसी के अधिकारी जांच के सिलसिले में शुक्रवार को इटावा आए थे. हत्या के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को नामजद किया था.

सीबीसीआईडी ने शुरू की पत्रकार राकेश शर्मा हत्याकांड की जांच

इटावा के पत्रकार राकेश शर्मा की हत्या की जांच सीबीसीआईडी ने शुरू कर दी है. राकेश शर्मा की 23 अगस्त को इटावा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. राकेश के परिजनों ने घटना की सीबीसीआईडी जांच की मांग की थी. पिछले पखवाड़े शासन ने राकेश की हत्या की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी थी. जांच एजेंसी के अधिकारी जांच के सिलसिले में शुक्रवार को इटावा आए थे. हत्या के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को नामजद किया था.

जागरण मोदी के मोहपाश में कैद हो चुका है

एक जागरुक पाठक होने के नाते यह बात पिछले एक महीने से खटक रही है कि अख़बारी दुनिया में भी राजनीति का रंग इस क़दर छाया है कि देश का सबसे बड़ा अख़बार कहा जाने वाला दैनिक जागरण भी इस मोह से बच नहीं सका. पिछले एक महीने के ही अख़बार उठा कर देखे जाएं तो यह यकीन हो जाएगा कि नरेन्द्र मोदी को पहले पेज पर छापने में दैनिक जागरण ने कितनी दिलचस्पी दिखाई है जबकि अमर उजाला ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए समाज से पूरी तरह ताल्लुक़ रखने वाली खबरों को ही प्रमुखता दी है. 

पत्रिका ने किया संदीप माथुर, मंगेश कौशिक का तबादला

राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने श्रीगंगानगर (राजस्थान) संस्करण के संपादकीय प्रभारी श्री संदीप माथुर व चुनाव डेस्क प्रभारी एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री मंगेश कौशिक का स्थानांतरण कर दिया गया है। माथुर का ट्रांसफर अहमदाबाद और कौशिक का तबादला कलकत्ता किया गया है।

सीबीआई ने टेप कांड में नीरा राडिया से की पूछताछ

चर्चित राडिया टेप कांड में उद्योगपतियों व सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य के साथ टेप की गई टेलीफोन बातचीत की जांच के सिलसिले में कारपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया से सीबीआई ने पूछताछ की है. सीबीआई के सूत्रों राडिया के साथ पूछताछ किए जाने की पुष्टि की है. जबकि राडिया ने इस बारे में भेजे गए मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया.

सीबीआई ने टेप कांड में नीरा राडिया से की पूछताछ

चर्चित राडिया टेप कांड में उद्योगपतियों व सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य के साथ टेप की गई टेलीफोन बातचीत की जांच के सिलसिले में कारपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया से सीबीआई ने पूछताछ की है. सीबीआई के सूत्रों राडिया के साथ पूछताछ किए जाने की पुष्टि की है. जबकि राडिया ने इस बारे में भेजे गए मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया.

शिल्पा चित्रांश, संदीप तोमर ने आई नेक्स्ट छोड़ा, राजा और कुशल खरे पर लटकी तलवार

दैनिक जागरण का बच्चा अखबार आई नेक्स्ट अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। आई नेक्स्ट मेरठ के वर्तमान हालात देखकर तो लगता है कि संस्थान ने अपने हाईपेड पुराने लोगों से हाथ झाड़कर नए सस्ते और टिकाऊ कर्मचारी लाने का प्लान तैयार बनाया है।

महिला पत्रकार से छेड़छाड़ में रिटायर्ड एमडी धराये

जयपुर के एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल में कार्यरत महिला पत्रकार से छेड़छाड़ एवं अभद्रता के आरोप में जयपुर स्थित सीकर डेयरी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रणजीत सिंह गोदारा के पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. महिला ने पुलिस से शिकायत की थी आरोपी ने उसे डेयरी की बड़ी खबर देने के बहाने उसे घर बुलाकर उसके साथ अभद्रता की. महिला पत्रकार ने बताया है कि वह आरोपी से फेसबुक के जरिए परिचित है.

अब वाहनों पर फर्जी प्रेस लिखने वालों की खैर नहीं

अलीगढ़/हाथरस। सावधान! अब उन लोगों की आफत आने वाली है, जिन लोगों ने अपने अपने वाहनों पर फर्जी तरीके से प्रेस शब्द का प्रयोग कर रखा है। जनपद के पुलिस अधीक्षक ने सभी थानों की पुलिस को निर्देश दिये हैं कि प्रेस लिखे वाहनों की चेकिंग की जाये. उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपील की है कि मीडियाकर्मी अपने साथ अपना आईडी कार्ड रखें और पुलिस की चेकिंग कार्यवाही में सहयोग करें। 

मोदी के साथ आज वही लोग खड़े हैं, जो ब्राह्मण विरोधी हैं

संजीव भट्ट से लेकर प्रदीप शर्मा और राहुल शर्मा से लेकर आरबी श्रीकुमार तक मोदी राज में गुजरात के जितने अफसरों को निशाना बनाया जा रहा है, सभी के सभी ब्राह्मण जाति से आते हैं। इसी तरह हिरेन पंड्या से लेकर संजय जोशी और नितिन गडकरी तक भाजपा के जितने भी नेताओं को मोदी ने टारगेट पर लिया सभी ब्राह्मण हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या नरेंद्र मोदी ब्राह्मण विरोधी हैं?

तेजपाल और जस्टिस गांगुली पर एक ही तरह के आरोप के बावजूद कार्रवाई अलग-अलग क्यों

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके गांगुली पर एक ही तरह के आरोप हैं। भारतीय दंड संहिता में भी देश के सभी नागरिकों के लिए एक ही कानून है, तो फिर क्यों दोनों ही मामलों में अलग-अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक तरफ जहां तेजपाल मामले में सरकार से लेकर मीडिया तक मुखर है, तो एके गांगुली के खिलाफ बोलने की हिम्मत कोई भी नहीं कर रहा है। क्या एके गांगुली के कानूनी कद को देखते हुए मीडिया चुप है या फिर तेजपाल मामले में भाजपा की अतिसक्रियता के चलते मीडिया मुखर है। आखिर क्या है पूरा सच?

बाजार ने सिर्फ अखबार के पेज और डिजाइन ही बल्कि खबरों का समाजशास्त्र भी बदला है

अखबारों के अर्थशास्त्र के साथ खबरों का समाजशास्त्र भी बदलने लगा है। अब पाठक यह भी पूछने लगा है कि हमारी खबरें छपती हैं कि नहीं? डॉ अंबेडकर के निर्वाण दिवस पर पटना के दारोगाराय पथ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। वहां भास्कर की बुकिंग के लिए कुछ मार्केटिंग वाले भी मौजूद थे। भास्कर के एक सदस्य ने एक व्यक्ति के सामने बुकिंग के आग्रह के साथ बुकिंग रसीद भी बढ़ा दी। उस व्यक्ति ने तुरंत पूछ लिया कि इसमें दलितों की खबर छपती है या नहीं? ऐेसे किसी प्रश्न की अपेक्षा उस व्यक्ति को नहीं थी। वह इतना ही कह पाया कि अखबार में दलितों की खबर भी छपेगी। 

भारत रत्न के खिलाफ दायर पीआईएल खारिज

विधि छात्रा तनया ठाकुर और कक्षा बारह के छात्र आदित्य ठाकुर द्वारा डॉ सीएनआर राव को भारत रत्न दिए जाने के फैसले के खिलाफ दायर पीआईएल को इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया.

प्रेस का मुंह बंद करने पर उतारूं हैं नक्सली

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले नक्सली अब पत्रकारों पर हमला कर मौत के घाट उतार रहे हैं. छत्तीसगढ के धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने वरिष्ठ पत्रकार साई रेड्डी की हत्या कर दी. इस हत्या के बाद छत्तीसगढ़ में हड़कंप मचा हुआ है. नक्सलियों ने कुछ समय पहले एक पत्रकार नेमीचंद जैन की भी हत्या की थी. दंतेवाड़ा जिले के पत्रकार नेमीनंद जैन की हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद उस समय नक्सलियों ने जैन के परिवार और मीडिया से मांफी मांगी थी.

‘दैनिक जागरण’ का कमाल, स्थानांतरित अधिकारी हुए बहाल

‘दैनिक भाष्कर’ के पटना से प्रकाशित होने की आहट के बाद पटना से प्रकाशित होने वाले तमाम हिन्दी अखबारों में प्रतिस्पर्धा की होड़ और समाचारों पर पैनी नजर रखने के दावे किए जा रहे हैं। यह पैनी नजर कैसी है इसका उदाहरण दिखा पटना से प्रकाशित ‘दैनिक जागरण’ के शुक्रवार को प्रकाशित अंक के 11वें नंबर पृष्ठ पर। ‘नक्सलियों का नेटवर्क तोड़ेगी पुलिस’ शीर्षक समाचार में इस अखबार ने एक ऐसे आईपीएस अधिकारी को मगध रेंज का डीआईजी और उन्हें लगातार घटनास्थल पर कैंप करने की बात लिखी है जिस अधिकारी का छह माह पूर्व ही तबादला हो चुका है। 

जनसंदेश टाइम्स और पीएफ विभाग मिलकर पचा रहे दो साल से पीएफ

मैं 8 माह तक जनसंदेश टाइम्स गोरखपुर में कार्यरत था और मै परमानेंट कर्मचारियों में से एक हूँ. बड़े आश्चर्य का विषय है कि सरकारी पीएफ विभाग इस बात को जानते हुए कि आज तक गोरखपुर जनसंदेश टाइम्स के कर्मचारियों का एक भी रुपया खाते में नहीं जमा हुआ, कोई भी क़ानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रहा. 

सरकार-नवाबों पर भारी पड़ रहे वजीरे आला आजम

समाजवादी सरकार में फिर हचचल है। मुस्लिम सियासत में पैठ बनाने को आतुर आजम साहब फिर नाराज हो गये हैं। उनका निशाना हमेशा सधा रहता है, अबकी बार भी ऐसा ही है। एक तरफ तो उन्होंने अपने गृह जनपद रामपुर में नवाब खानदान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो दूसरी तरफ लखनऊ में उनके निशाने पर अहमद हसन (अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री) जैसे कुछ साथी, तमाम नौकरशाह, कुछ अधीनस्थ कर्मचारी और मीडिया चढ़ा रहता है। वह किसी को नहीं छोड़ते, यहां तक कि मुलायम को भी मौका पड़ने पर वह अपने तेवर दिखा देते हैं। फिर भी वह सरकार की ‘नाक के बाल’ बने हुए हैं तो यह उनकी काबलियत ही है। भले ही सपा महासचिव राम गोपाल यादव, सांसद नरेश अग्रवाल, अहमद बुखारी जैसे तमाम नेताओं को आजम मंजूर नहीं हो, लेकिन वह मुलायम की चाहत हैं तो कोई मुंह नहीं खोलता है।

मोदी बिल्ली हैं, सपा उस कबूतर की तरह गलती ना करे

तमाम अन्य नेताओं की तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी बार-बार, सयम बेसमय दोहराते रहते हैं कि यूपी में भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी कोई फैक्टर नहीं हैं। टेलीविजन पर जो पेश किया जा रहा है, यथार्थ उससे अलग हैं। एक जिम्मेदार नेता होने के कारण अखिलेश की बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अच्छा होता सीएम साहब अपने दावे के समर्थन में इस बात का भी खुलासा कर देते कि उनके पास ऐसी कौन सी रिपोर्ट आई है जिसके आधार पर वह राज्य में मोदी फैक्टर को नकार रहे हैं। 

माखनलाल पत्रकारिता विवि में बाबा साहेब की पुण्यतिथि पर आयोजन

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के छात्रों ने 6 दिसंबर 2013 को डा. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के परिसर में किया। इस आयोजन में विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्य पुष्पेंद्र पाल सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। सभा की शुरूआत डा. बाबा साहेब अम्बेडकर के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई। 

पत्रकारों को भीख मांगते देख मुझे तो शर्म आने लगी

रोहतक । रोहतक के सो काल्ड पत्रकारों का शर्मनाक चेहरा एक बार फिर सामने आ गया। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने थोड़ा सा क्या पुचकारा, बस फिर क्या था मिमयाने लगे। एक के बाद एक डिमांड सामने आने लगी। कोई प्लाटों में आरक्षण मांग रहा था तो कोई कुछ और। डिमांड अपने लिए नहीं बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी के नाम पर की जा रही थी। यह ड्रामा पूरे 15 मिनट तक चला। इस सारे ड्रामे का गवाह मैं खुद बना और यह सारा ड्रामा वीडियो कैमरे पर भी कैद करवाया ताकि भविष्य में कभी कोई क्रांतिकारी बनने का दम न भर सके।

नक्सलियों ने पत्रकार की धारदार हथियार से हत्या की

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले में पत्रकार साई रेड्डी की नक्सलियों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी. वे रायपुर से प्रकाशित देशबंधु अखबार से जुड़े हुए थे. जिले के उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने इस घटना में नक्सलियों का हाथ होने की आशंका जताई है. इसके पहले भी साई रेड्डी पर नक्सलियों ने हमला किया था.

तेजपाल ने फिर कहा, दोनों के बीच सब कुछ सहमति से हुआ

तरुण तेजपाल ने गोवा पुलिस के साथ जांच में फिर कहा कि उनके और आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार के बीच जो कुछ हुआ वह आपसी सहमति से हुआ था. गोवा पुलिस के एक जांच अधिकारी ने ये बातें कही. पुलिस उपाधीक्षक सैमी टावारेस की देखरेख में जांच अधिकारी सुनीता सावंत के नेतृत्व वाली गोवा पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम तेजपाल के बयान ले रही है.

प्रेस फोटोग्राफर पर छात्रा ने लगाया छेड़छाड़ व ब्लैकमेलिंग का आरोप

डेराबस्सी : पंजाब में एक छात्रा ने प्रेस फोटोग्राफर के खिलाफ पुलिस में छेड़छाड़ व मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई है. पीड़िता नर्सिंग की छात्रा है. उसने जालंधर से प्रकाशित होने वाले हिंदी दैनिक अखबार के स्थानीय फोटोग्राफर मेजर अली पर ये आरोप लगाए हैं. पीड़िता पहले भी मेजर अली के खिलाफ उसे परेशान करने और छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस से कर चुकी है.

राहुल सौमित्र इंडिया न्यूज़ से जुड़े, सुधीर सिंह का ट्रांसफर सहारा देहरादून

राहुल सौमित्र ने इंडिया न्यूज़ के साथ नई पारी शुरू की है. उन्होंने यहां बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर ज्वाइन किया है. राहुल इसके पहले समाचार प्लस, सहारा समय और डीएनए में काम कर चुके हैं. वो दिल्ली में कुछ सांसदों के यहां पीए भी रह चुके हैं.

फाइलों में सिमटा डीएलए, गाजियाबाद दफ्तर में लगा ताला

छह साल पहले धमाकेदार एंट्री करने वाले डीएलए के गाजियाबाद कार्यालय में आखिर तीन दिसम्बर को ताला लग गया. जुलाई में इंदु शेखावत, रोहित शर्मा व सरकुलेशन की टीम को निकालने से सरकुलेशन पर बुरा असर पड़ा था. जुलाई 2013 को इंदु शेखावत, रोहित शर्मा, व सरकुलेशन की टीम को निकाल दिया गया था. उसके बाद डीएलए के सरकुलेशन पर बुरा असर पड़ा था. नोएडा में मई में कार्यालय बंद कर दिया गया था. 

वरिष्ठ पत्रकार पीवी विवेकानन्द का निधन

वरिष्ठ पत्रकार पीवी विवेकानन्द का मंगलवार को कालीकट के एक निजी नर्सिंग होम में निधन हो गया. वे 61 वर्ष के थे. उनका जन्म पालघाट, केरल में हुआ था. उन्होंने 35 वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी कलम से अंतर्राष्ट्रीय सम्मान हासिल किया था. वे शारजाह के दैनिक न्यूज पेपर गल्फ टुडे के कार्यकारी सम्पादक तथा सम्पादकीय सलाहकार रहे थे.

मीडिया को नगद नारायण का प्रसाद दिया श्रीजयराम संस्था अध्यक्ष ने

कुरुक्षेत्र : औरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत। धर्म, नैतिकता का पाठ पढ़ाने और लोभ, मोह से दूर रहने का संदेश देने वाले धर्माचार्य भी नगद नारायण को ही काम निकलाने का जरिया मान बैठे हैं। मामला नगर की एक प्रमुख धार्मिक संस्था जयराम विद्यापीठ के अध्यक्ष एवं उत्तराखंड संस्कृत यूनिवर्सिटी के संस्था के कुलपति ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी का है। ब्रह्मचारी ने ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित अपने आश्रम का स्थापना दिवस मनाने के साथ अपने गुरुदेव स्व. देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम आयोजित किया था। इस अवसर पर एक आईएएस के अलावा नगर के गणमान्य लोग एवं मीडिया कर्मी भी आमंत्रित किए गए।

बिहार में भास्कर के आने से कई अखबारों की हालत खराब

बिहार में धमाकेदार लांचिंग की तैयारी कर रहे दैनिक भास्कर ने बिहार के सभी स्थापित अखबारों के प्रबंधन का होश उड़ा दिया है। पटना के बाद अब मुजफ्फरपुर में तोड़-फोड़ का सिलसिला जारी है। यहां से दैनिक जागरण के सुजीत पप्पू, अजीतकुमार, शमशाद प्रभात खबर से कुणाल और कुमार गौरव जबकि हिंदुस्तान से संतोष कुमार, शशिकांत द्विवेदी, नलिनी रंजन, रुपेश समेत दर्जनभर लोग भास्कर के संपर्क में हैं। इनमें से कई लोग अपने संस्थान से छुट्टी पर चल रहे हैं तो कई दिल्ली दौरे पर हैं।

आईआईएमसी के छात्रों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को ज्ञापन सौंपा

दिनांक 3 दिसंबर मंगलवार को भारतीय जनसंचार संस्थान का छियालीसवां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ. इस मौके पर सत्र 2012-13 के छात्रों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव विमल जुल्का ने उपाधि प्रदान की. 

हिन्दू के पूर्व सीईओ अरुण अनंत एचटी मीडिया से जुड़े

द हिन्दू के पूर्व सीईओ अरुण अनंत एचटी मीडिया से जुड़ गए हैं. एचटी मीडिया के सीईओ राजीव वर्मा ने आफिस में सहयोगियों को मेल भेजकर ये सूचना दी है. शीघ्र ही उनके पद और काम की घोषणा कर दी जायेगी. अनंत एचटी मीडिया में बिनय रॉय चौधरी को रिपोर्ट करेंगे. वे एचटी की मार्केटिंग टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे.

हिन्दुस्तान, आरा से राकेश सिंह पहुंचे भास्कर, कई कतार में

बिहार के सबसे लोकप्रिय अखबार हिन्दुस्तान से उसके संवाददाताओं के मोहभंग होने का सिलसिला लगातार जारी है। राजधानी पटना में दर्जन भर वरिष्ठ संवाददाताओं के अखबार छोड़ने के बाद लगी आग की लपटें अब जिला मुख्यालयों तक पहुंच गई हैं। हिन्दुस्तान आरा के सुपर स्टिंगर राकेश कुमार सिंह ने दैनिक भास्कर का दामन थाम लिया है। वहीं एक अन्य ने आज से दफ्तर नहीं आने की सूचना दी है। 

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पीटीआई भवन पर कब्जा करने की तैयारी

भोपाल। देश के प्रीमियम समाचार अभिकरण 'प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया' के भोपाल कार्यालय के भवन पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस का मुख्यालय इस पर कब्जा करना चाहता है। पुलिस हेडक्वाटर के गेट नं. 3 से सटे 'मोती बंगला' में पीटीआई का ऑफिस है, जो पीडब्ल्यूडी ने 1956 में प्रदेश बनने के साथ ही इसे किराए पर दिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार किराया अद्यतन है। 

सहाराकर्मी सहारा के खिलाफ 9 दिसंबर को जंतर-मंतर पर करेंगे आमरण अनशन

मित्रों आप लोगों को सहारा के द्वारा किये गए और वर्तमान में भी किये जा रहे कुकृत्यों के बारे में भली भांति पता होगा. सहारा के लिए कोई भी नियम कानून का कोई मतलब नहीं है देश के सारे नियम कानून सहारा अपनी जेब में रखता है, इसीलिए कोई भी गलत कार्य करने में इसको कोई भी संकोच नहीं होता है। सहारा अपने आप को देश का सबसे बड़ा परिवार मानता है और सहारा श्री सुब्रत राय अपने आप को इस परिवार का अभिभावक होने पर गर्व महसूस करते हैं। लेकिन आज उसी अभिभावक के आदेश पर कर्मचारियों से जबर्दस्ती इस्तीफा लिखवाया जा रहा है, जो लोग इस्तीफा नहीं दे रहे है या तो उनके साथ मारपीट करके इस्तीफा लिया जा रहा है या तो टर्मिनेट किया जा रहा है।

दो महीने से दर-दर भटक रहे वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी, नहीं हो रही सुनवाई

भदोही। संतरविदासनगर भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी पुलिस प्रशासन व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा की ज्यादतियों का शिकार हो न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सच्चाई को सामने लाने का खामियाजा गांधी समेत उनका कुनबा भुगत रहा है। बाहुबली विधायक के हाथों की कठपुतली बने मुख्यमंत्री से लेकर गृह सचिव, डीजीपी, आईजी व पुलिस अधीक्षक समेत आला हुक्मरान तक को सच्चाई न तो दिखाई पड़ती है और न सुनाई पड़ती है और जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व उच्च न्यायालय इलाहाबाद नोटिस भेजकर जवाब मांग रहा है तो प्रशासनिक व पुलिस महकमा धृतराष्ट्र की भूमिका में है।

अरविन्द केजरीवाल का विरोध आखिर क्यों?

देश में भ्रष्टाचार, चमचागीरी, सत्ताई दलाली, चारणभाटी अब कुछ लोगों के लिए रोजी रोटी बन चुकी है और यह सत्य है कि कोई भी सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन रोजी रोटी पर लात पड़े तो वह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। आज घूसखोरी, कमीशन कुछ लोगों के लिए रोजगार बन चुका है। थाने, सरकारी दफ्तर और अन्यत्र सभी जगह भ्रष्टाचार के कीड़े भर चुके हैं। आजादी पश्चात ब्रिटिश इंडिया के लोकसेवक आजाद इंडिया में लोकसेवक बनते हैं और अंग्रेजी व्यवस्था इंडियन व्यवस्था के नाम से आज भी उसी तेवर में चलती ही आ रही हैं।

लड़कियों! सफाई मांगने वाले मर्द खुद चोर हैं

Manisha Pandey : याद है फिल्‍म देव डी। देव के किसी ने कान भर दिए कि वो पारो के साथ सो चुका है। देव का दिमाग खराब। वो बिना सोचे-समझे इस बात को सच मान लेता है और पारो को लूज कैरेक्‍टर। अगर वह पारो मीना कुमारी, मधुबाला और यहां तक कि माधुरी दीक्षित और जूही चावला भी होती तो क्‍या करती? देव के पैरों में गिर जाती, अपनी शुचिता, पवित्रता और बेदाग चरित्र की दुहाई देती। देव से हाथ जोड़कर कहती कि वो झूठ बोल रहा है। ये सच नहीं है। मैंने तुम्‍हारे अलावा किसी को नहीं छुआ। मेरे शरीर पर सिर्फ और सिर्फ तुम्‍हारा हक है। एंड ब्‍ला-ब्‍ला-ब्‍ला डायलॉग मारती।

पीड़िता शीबा असलम फ़हमी को ही गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए एमएम ने!

Mukesh Kumar : कल शीबा असलम फ़हमी जी से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें उस जुर्म में फँसाया जा रहा है जो उन्होंने किया ही नहीं। सन् 2011 में उन्हें किसी ने धमकी दी थी जिसे उन्होंने कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस की सायबर क्राइम सेल को भेज दिया था। इसके बाद वे भूल गईं कि उसका क्या हुआ। परसों अख़बार से उन्हें पता चला कि उन्हीं के ख़िलाफ़ मामला बना दिया गया है और उनकी गिरफ़्तारी के आदेश भी दे दिए गए हैं।

हरामखोरों को गाली, लात, झापड़, गोजी, गोली का सामना करना पड़ेगा (एक अखबार के वर्षगांठ पर निमंत्रण पत्र)

देश में अजब-गजब किस्म के अखबार-मैग्जीन और अजब-गजब किस्म के संपादक हैं. यूपी के गाजीपुर जिले से एक अखबार निकलता है, 'आंचलिक क्रांति' नाम से. इसके संपादक और प्रबंधक हैं त्यागी मुखदेव सिंह. त्यागी जी अदभुत किस्म के प्राणी हैं. बड़े बेबाक और लीक से हटकर चलने वाले.

भड़ास पर छपी खबर पर मुझे कुछ कहना है… कुमार सुशांत की ब्लैकमेलिंग का शिकार मैं बना…

यशवंत जी आपने अपने भड़ास फॉर मीडिया पोर्टल पर ‘मैगजीन वी द पावर के नाम पर हो रहा प्लाट बिकवाने और ठगी का धंधा’ शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की है। आपने खबर के अंत में लिखा है कि यह खबर एक पत्रकार के पत्र पर आधारित है। जिस पत्रकार ने आपको पत्र लिखकर यह जानकारी दी, क्या आपने एक बार भी यह जानने की कोशिश की वह कितना सच और कितना झूठ लिख रहा है। कुछ बातें मैं बताना-कहना चाह रहा हूं…

सीकेटी के बेटे अक्षत के निधन की मर्मांतक खबर लोकल अखबारों में ओझल थी

Shambhu Dayal Vajpayee : बरेली के अखबार देख कर मुझे कल से वंदना देवेन्‍द्र की ''समय का हिसाब'' की 'अखबार ज्‍यादा' कविता रह रह कर याद आ रही है। वंदना प्‍लास्टिक सर्जन डा. डीके अग्रवाल की पत्‍नी हैं। 11-12 साल पहले मैं जब मैं दैनिक जागरण, बरेली में सिटी चीफ था तो यह पुस्‍तक मुझे किसी ने दी थी। चंद्र कांत त्रिपाठी तब अखबार के महाप्रबंधक और स्‍थानीय संपादक थे। अभी डेढ साल पहले ही चंद्र कांत त्रिपाठी ने बड़े पदों पर रहने की करीब 35 साल की अपनी अखबारी यात्रा दैनिक जागरण, गोरखपुर से समाप्‍त की है।

मिलान कुंदेरा को पढ़ने से कोई औरत की इज्‍जत करना नहीं सीखता : मनीषा पांडेय

Manisha Pandey : इंडिया टुडे में तरूण तेजपाल पर कवर स्‍टोरी छपी है। कल ऑफिस में वो स्‍टोरी पढ़ रही थी। अचानक एक लाइन पर मेरी आंखें रुक गईं। स्‍टोरी बताती है उस जवान, टैलेंटेड, निहायत काबिल तरूण तेजपाल के बारे में जो एडिटिंग के कामों के बीच ऑफिस में बैठकर मिलान कुंदेरा को पढ़ता रहता था। मिलान कुंदेरा? मिलान कुंदेरा मतलब कि द जोक? अनबिअरेबल लाइटनेस ऑफ बीइंग? लाइफ इज एल्‍सव्‍हेयर? इममॉरटैलिटी?

अब शोमा चौधरी को गोवा पुलिस ने किया तलब

महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न में तरुण तेजपाल की गिरफ्तारी के बाद गोवा पुलिस ने इस प्रकरण में जांच के लिए तहलका की पूर्व मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी को नोटिस भेजा है. शोमा ने कुछ दिन पहले ही तहलका से इस्तीफा दे दिया था.

दो मैनेजिंग एडिटरों दिलीप मंडल और प्रमोद रंजन की फेसबुकी जंग

इंडिया टुडे के मै‍नेजिंग एडिटर दिलीप मंडल को फारवर्ड प्रेस के मैनेजिंग एडिटर प्रमोद रंजन ने तगडी लताड लगायी है। यह वाक् युद्ध इन दिनों फेसबुक पर चल रहा है। दिलीप मंडल पर दलित-पिछडों से संबंधी जातिवादी नारे उछाल कर अपना उल्‍लू सीधा करने के आरोप पहले से भी दबे-छुपे लगते रहे हैं लेकिन इस बार प्रमोद रंजन द्वारा उठाये गये मुद्दों ने उन्‍हें बेनकाब कर दिया है। आइए यहां हम इस विषय पर धडाधड बढ रहे फेसबुक स्‍टेटसों के माध्‍यमों से देखें कि कौन क्‍या कह रहा है।

मैगजीन ‘वी द पावर’ के नाम पर हो रहा प्लाट बिकवाने और ठगी का धंधा

एक राशिद नसीम हैं जो 'वी द पावर' के चेयरमैन हैं. इन्होंने अपने लाभ के लिए मैगजीन की शुरुआत की. इसके सम्पादक संजय श्रीवास्तव हैं जो राशिद के लिए जमीन बिकवाने और नेताओं को मैनेज करवाने और उसके काले कारनामों पर पट्टी डालने का काम करते हैं. संजय श्रीवास्तव के गुरू प्रभात रंजन दीन रहे हैं. संजय ने प्रभात रंजन से पत्रकारिता सीखी है लेकिन जब संजय कैनविज टाइम्स में थे तो अपने गुरू और उस संस्थान में नौकरी देने वाले प्रभात रंजन दीन को ही हटाने के लिए लाबिंग कर दिये. कैनविज के चेयरमैन को जब जाकर हकीकत पता चली तो उन्होंने संजय को नौकरी से निकाला.

कर्जदार गन्ना किसान को हवालात में बंद करने का आईपीएफ ने किया विरोध

गुन्नौर । ऑल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) ने गन्ना किसान राजेन्द्र सिंह यादव को कर्ज वसूली के लिए आज गिरफ्तार कर गुन्नौर तहसील हवालात में बंद किये जाने पर विरोध जताया व तहसीलदार गुन्नौर को ज्ञापन देकर तत्काल किसान को रिहा करने की मांग की. इस बाबत एक पत्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज कर पार्टी ने प्रदेश में कर्जदार किसानों से तत्काल कर्ज वसूली बंद करने व किसानों का उत्पीडन रोकने की मांग की है.

निरीक्षण के दौरान बार-बार क्यूं चढ़ा प्रमुख सचिव का पारा

इलाहाबाद। सूबे की सरकार से कराए जा रहे विकास योजनाओं की जमीनी सच्चाई देखने आए उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव सूर्यप्रताप सिंह ने अफसरों से सवाल किया-आप लोग आखिर करते क्या हैं? विकास योजनाओं में बीस फीसदी भी कार्य नहीं दिख रहा है। प्रमुख सचिव का सवाल सुन अफसर निरूत्तर होकर बगल झांकने को मजबूर हुए। ठंड के मौसम में भी बीडीओ साहब पसीने से तर बतर थे। अधूरे दस्तावेज और विकास योजनाओं में बदइंतजामी देख प्रमुख सचिव का पारा कई बार हाई हुआ। कई कर्मचारियों के गैर हाजिर रहने पर प्रमुख सचिव का अगला सवाल था-यह तो मालूम था कि आज निरीक्षण है, फिर भी लोग ड्यूटी से नदारद क्यों है? जवाब में बीडीओ चुप लगाए रहे। नौ से ज्यादा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश हो गया। 

हिन्दुस्तान, पटना में प्रमोशन, कई ब्यूरो इंचार्ज बने स्टाफ रिपोर्टर

हिंदुस्तान, पटना ने अब भास्कर से निपटने की पूरी तैयारी की है. मंगलवार को कई ब्यूरो इंचार्ज स्टाफ रिपोर्टर में प्रमोट किये गए. इन्हें अच्छी सेलरी दी जायेगी. इन ब्यूरो में संजय क्रांति, सुनील तिवारी, राजेश, और शैलेश भी हैं. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोग हिन्दुस्तान से भास्कर में ना जायें.

भास्कर ने अमर उजाला की खबर चुराकर छाप दी

भास्कर वालों की शेम-शेम. भास्कर वालों ने अमर उजाला की खबर को चुराकर अपने यहां नई खबर बना दिया. भास्कर ने मध्य प्रदेश में एक कुत्ते की वफादारी की कहानी छापी है जिसमें भास्कर ने दिखाया है कि कैसे एक कुत्ते ने अपनी जान देकर अपनी मालकिन की रक्षा की. ये खबर भास्कर वालों ने अमर उजाला मेरठ से चुराकर छापी है और इसे नई खबर बनाने के लिए भास्कर ने इसे ग्वालियर की घटना बना दिया है. 

एक ऐसा गांव जहां आज भी लोग आने-जाने और शादी करने से घबराते हैं

सीहोर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के आष्‍टा विकासखंड के पगारियाचोर गांव में कुछ साल पहले एड्स से पांच व्यक्तियों की मौत हो गई थी. लेकिन सालों बीतने के बाद, आज भी लोग इस गांव में आने-जाने और शादी करने से घबराते हैं. मध्यप्रदेश में एड्स एवं एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या एक चिंतनीय पहलू तो है ही, साथ ही प्रदेश में एड्स पीड़ित परिवारों की उपेक्षा भी चिंता का सबब बन चुका है.

रत्‍नाकर दीक्षित बनेंगे सोनभद्र में जागरण के प्रभारी, हरेंद्र शुक्‍ला आज से जुड़े

दैनिक जागरण, बनारस से खबर आ रही है कि रत्‍नाकर दीक्षित को सोनभद्र का प्रभारी बनाया जा रहा है. रत्‍नाकर अभी बनारस में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. इसके पहले भी रत्‍नाकर को सोनभद्र भेजे जाने की तैयारी थी, लेकिन आखिरी समय में प्रबंधन ने अपना निर्णय वापस ले लिया था. पर इस बार उन्‍हें भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई है. 

क्योंकि एक बार मैं तुम लोगों से सच्चे दिल से SORRY कहना चाहता हूं…

Prakhar Shrivastava : कल्याणी होस्टल…. भोपाल के शिवाजी नगर में बना दो मंजिला होस्टल, जो बनाया तो कामकाजी महिलाओं के लिए था लेकिन इसमें साथ में रहते थे 19 अनाथ बच्चे… सुरेश, रवि, मुकेश, असलम, अनिल बाकी नाम अब याद नहीं हैं… ये वो अनाथ बच्चे थे जिनके माता-पिता को 2-3 दिसंबर 1984 की काली रात भोपाल गैस कांड ने लील लिया था…

मन्ना डे, राजेन्द्र यादव, बिज्जी, ओम प्रकाश वाल्मीकि और परमानन्द श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि

कोलकाता : पश्चिम बंग हिन्दीभाषी समाज के तत्वावधान में कोलकाता के राजस्थान सूचना केंद्र में शनिवार को प्रसिद्ध गायक मन्ना डे, साहित्यकार और हंस पत्रिका के संपादक राजेन्द्र यादव, हिंदी दलित साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रसिद्ध ओमप्रकाश वाल्मीकि, हिंदी और राजस्थानी लेखक विजयदान देथा और कवि एवं आलोचक परमानंद श्रीवास्तव के निधन पर संगीत समीक्षक मीना बनर्जी की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. 

उस कामातुर मेहमान की मैंने यूं की मेहमानवाज़ी

Manika Mohini : मित्रों, रोज़ रेप की घटनाएं सुनने में आ रही हैं. इस सन्दर्भ में अपने निजी जीवन से जुडी एक घटना आप लोगों के साथ बांटना चाहती हूँ कि मैंने कैसे असामान्य परिस्थिति उत्पन्न होने पर प्रत्युत्पन्नमति से विपत्ति को टाला। हालांकि यह उदाहरण वर्तमान रेप के मामलों में बच कर निकलने में सहायक नहीं हो सकता लेकिन मेरी बात से शायद लड़कियों में कुछ जागरूकता या हौसला-अफजाई हो सके. मैंने एक लेखक के तौर पर अपना अनुभव बांटने के लिए अपने जीवन से जुडी इस घटना को अनावृत करने की हिम्मत जुटाई है. आशा है, आप इसे सकारात्मक रूप में लेंगे।

मनीष भारतीय हिन्दुस्तान में स्टाफर बने, मयंक व्यास समेत तीन ने दिव्य भास्कर छोड़ा

हिन्दुस्तान, मोतिहारी से खबर है कि माडेम प्रभारी मनीष भारतीय को प्रबंधन ने सुपर स्ट्रिंगर से स्टाफर बना दिया है. यहां अखबार के प्रसारण व वर्क प्रेशर को देखते हुए लंबे समय से एक स्टाफर की जरुरत थी. इस बात की भी चर्चा है कि भास्कर का रुख देखते हुए हिन्दुस्तान प्रबंधन ने यह कदम उठाया है. करीब एक दशक पहले उन्होंने होम ब्लाक से करियर की शुरुआत 'हिन्दुस्तान' से ही की थी.

डॉ महर उद्दीन खां का इश्कजादे और शहजादे पर आल्हा

राजनीति में आजकल एक साहेब हैं जिनके इश्क के चर्चे चारों ओर हैं और दूसरे युवराज हैं ही जिन्हें आजकल शहजादे के नाम से खूब जाना जा रहा है. इन दोनों राजनीति के साहेबजादों पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ महर उद्दीन खां ने एक लघु आल्हा लिखा है. आप लोग भी पढ़िए और रस लीजिए.

कांग्रेस-भाजपा को इस बार गुडबॉय कहिए और झाड़ू पर बिना हिचक बटन दबा दीजिए

Yashwant Singh : मेरी दिल्ली में आज वोट का दिन है. इतिहास बनाने का दिन है. नौजवानों को अपनी ताकत दिखा देने का दिन है. इसी दिन का तो हम सबको इंतजार था. राजनीति के ठेकेदारों को उनकी औकात बताने का इंतजार था. कांग्रेस-भाजपा को इस बार गुडबॉय कहिए और झाड़ू पर बिना हिचक बटन दबा दीजिए.

चोखे का साथ नहीं छूटा है, उसे आदत नहीं, ख्वाब बनाकर रखे हुए हूं

Vikas Mishra : वीकली ऑफ और पत्नी का व्रत। कानपुर से जेपी त्रिपाठी जी का फोन आया, पूछा-क्या कर रहे हैं, मैंने कहा-आलू की भुजिया बना रहा हूं। त्रिपाठी जी बोले-क्यों चोखा क्यों नहीं बना रहे हैं। मैंने कहा-बेटे को ज्यादा पसंद नहीं है। उसको चोखा परोसकर, मैं चोखे का इगो हर्ट करना नहीं चाहूंगा। जी हां-चोखा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार का बेहद आसान डिश। मुझे जानने वाले जानते हैं कि ये मुझे कितना पसंद है, खाना भी और बनाना भी।

कभी इंटर्न हुआ करती थीं, देखते ही देखते एंकर और प्रोड्यूसर बन गईं

मीडिया जगत में तहलका के तरुण तेजपाल ने तहलका मचा दिया है. उन पर अपनी बेटी की उम्र की एक लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. ये पीड़ित लड़की तेजपाल की मैगजीन तहलका में काम करती है. पुलिस के पास मामले के पहुंचने से पहले तेजपाल ने गजब की तेजी दिखाई. आरोप स्वीकारा और खुद को 6 महीने के लिए संपादक पद से हटने की सजा दी. ऐसे में सवाल है कि खुद अपराधी ही अपने अपराध की सजा देने लगे तो फिर कानून की कोई ज़रूरत ही नहीं है. कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए चाहे वो आसाराम हो या फिर तरूण तेजपाल.

दिल्ली के चुनाव में ‘आप’ और बीएचयू की वो बात

Anand Pradhan : दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस-भाजपा को कड़ी चुनौती दी है. लेकिन उन्हें वोट और सीटें कितनी मिलेंगी, इसे लेकर भ्रम और कयास बने हुए हैं. कई लोगों को लग रहा है कि ‘आप’ को वोट देना बेकार तो नहीं जाएगा?

एक रात शराब पिला दी, 66 सालों से शुद्ध पानी को तरसा दिया : डा. कुमार विश्वास

Dr. Kumar Vishwas : शराब पर बिकेगी दिल्ली? पिछले लगभग एक सप्ताह से दिल्ली की गलियों में क़ानून और नैतिकता की लाश पर नंगा नाच करते हुए कांग्रेस और भाजपा की तरफ से धड़ल्ले से शराब बाँटी जा रही है। कुछ टीवी चैनलों के साथ-साथ हमारे चुस्त-दुरुस्त युवा दोस्तों ने भारतीय लोकतंत्र के इस घिनौने सच को अपने कैमरों में क़ैद किया है। हालाँकि दिल्ली के वोटर अब इन सब से प्रभावित नहीं होंगे, ऐसा हमें विश्वास है, लेकिन प्रश्न ये है कि क्या इस अनैतिक, असंवैधानिक, अशोभनीय राजनीतिक प्रपंच को ख़त्म करने का कोई मुहूर्त निकालना पड़ेगा?

अमिताभ श्रीवास्तव ने टीवी टुडे ग्रुप से विदा ले ली है

Vikas Mishra : हमारे प्रिय अमिताभ सर..। जिसका कभी भी टीवी टुडे ग्रुप से भले ही कुछ ही पलों का नाता रहा हो, अमिताभ जी उसके लिए अविस्मरणीय होंगे। हमेशा चुस्त दुरुस्त। चलते फिरते ज्ञानकोष। गूगल सर्च करने की जरूरत नहीं, बस अमिताभ जी से पूछ लीजिए। राजनीति, समाज, फिल्म, गीत-संगीत, साहित्य सभी विधाओं पर जबरदस्त पकड़। 1995 में जब आईआईएमसी से राष्ट्रीय सहारा नोएडा में इंटर्नशिप करने गया था तो वहां वो जनरल डेस्क के इंचार्ज थे। सबसे कम उम्र के चीफ सब एडिटर।

जनसेवा मेल के सम्पादक के खिलाफ मानहानि का केस हारा जागरण

झांसी से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक जनसेवा मेल के सम्पादक एवं मालिक सुधीर सिंह गौर के खिलाफ जागरण के झांसी के सम्पादक यशोवर्धन गुप्त द्वारा दायर मानहानि के मुकदमें को न्यायालय ने निरस्त कर दिया है. जागरण के झांसी सम्पादक ने सुधीर गौर के खिलाफ जनसेवा मेल में उनके बारे में एक गलत खबर को बढ़ा चढ़ाकर चलाने के लिए पर मान हानि का मुकदमा किया था.

जनसेवा मेल, उरई के स्थानीय सम्पादक मुकेश उदैनिया को मातृ शोक

झांसी से प्रकाशित होने वाले हिन्दी समाचार पत्र दैनिक, जनसेवा मेल के उरई के स्थानीय सम्पादक मुकेश उदैनिया की माता जी उषा उदैनिया का लम्बी बीमारी के बाद कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम मे देहांत हो गया. वे 72 वर्ष की थीं.

उत्तर प्रदेश की मीडिया में भी कई तरुण तेजपाल है

तहलका की बदौलत पूरे देश में तहलका मचाने वाले तरुण तेजपाल को भले ही मीडिया और बीजेपी की मिलीभगत से उजागर किया गया हो लेकिन असल में यह उतना बड़ा मामला नहीं जितना बड़ा बताया/बनाया जा रहा है। दरअसल आप खुद ही अंदाज़ा लगाइये कि किसी लड़की के साथ वह महज सेकेंडो भर में क्या कर लेगा। वो भी लिफ्ट के अंदर अपनी ही बेटी की हमउम्र के साथ। शर्मसार तेजपाल नहीं बल्कि मुद्दा है। वाकया गोवा का है, सरकार बीजेपी की तो सब जल्दी-जल्दी हो रहा है, लेकिन उन तेजपालों का क्या होगा जो आज भी बड़ी सफाई से स्वच्छन्द टहल रहे हैं।

एनडीटीवी-वेदांता गठजोड़ और बेटी बचाओ अभियान की हकीकत

एनडीटीवी व वेदांता के गठजोड़ से इन दिनों बेटी बचाओ अभियान चल रहा है..(शायद कारपोरेट सोशल रिस्पोंसबिलिटी एक्ट की खानापूर्ति के वास्ते)..एनडीटीवी के चिकने चमकदार मंच पर एक दिन के लिए लायी गयी यह बेटियां, प्रियंका चोपड़ा व काजोल के बीच बैठी हुई हैं. अपने वालीवुड़ी अंदाज में प्रियंका उनसे उनके दुखड़े पूछ रही….

काशी से कैलास तक का सफरनामा यानि “द्वितीयोनास्ति”

हेमंत शर्मा की किताब "द्वितीयोनास्ति" कई मायनों में अदभुत है। रविवार को संत मोरारी बापू के हाथों से इस पुस्तक का दिल्ली में लोकार्पण हुआ। करीब तीन घंटे का यह समारोह आध्यात्मिक, राजनीतिक, साहित्य और पत्रकारिता के दिग्गजों का एक दुर्लभ संगम था। एक तरफ सुप्रसिद्ध कथा वाचक मोरारी बापू और स्वामी रामदेव थे तो दूसरी तरफ साहित्य के आचार्य स्वामी नामवर सिंह और मीडिया मुगल रजत शर्मा।

हम गांव के बड़े गन्ना उत्पादक रहे हैं लेकिन अब यह बेहद घाटे का सौदा हो गया है

किसानों की व्यथा-कथा इस देश में नई कतई नही है भिन्न-भिन्न प्रांतो के किसान अलग-अलग रुप से प्रताडित और शोषित है विदर्भ का किसान आत्महत्या कर रहा है तो यूपी का किसान अपनी बहन-बेटी की शादी और रोजमर्रा के खर्चो के लिए सरकार का मूँह ताक रहा है कि वह चीनी मिल मालिकों के साथ सख्ती से पेश आए और उसके बकाया का भुगतान कराये लेकिन हालत जस की तस बनी हुई है।

खान-पान की पारंपरिक विविधता का मटर-पनीरीकरण और प्याज-लहसुनीकरण कर दिया है

Priyankar Paliwal : छौंक या बघार या तड़का लगाने के पंचफोड़न में राई, जीरा, मेथी, सौंफ और कलौंजी शामिल हैं. आपके घर की रसोई में अब इनमें से कितनों का उपयोग होता है? एक बेचार जीरा भर जैसे-तैसे अस्तित्व बचाए है. बाकी सब प्याज-लहसुन के पेस्ट की भेंट चढ़ गए. जलते अंगारे पर घी के साथ हींग या लौंग की धुंआर तो छोड़ ही दें. जब कहता हूं कि आपने अपनी खान-पान की पारंपरिक विविधता का मटर-पनीरीकरण और प्याज-लहसुनीकरण कर दिया है तो आप बुरा मानते हैं .

तेजपाल अंदर लेकिन गांगुली और जोशी बाहर क्यों?

रिटायर्ड जस्टिस, पत्रकार और नौकरशाह। सेक्स स्कैंडल। एक साथ एक ही तरह के तीन मामले सामने आए। पत्रकार तरुण तेजपाल गिरफ्तार हो गए, लेकिन रिटायर्ड जस्टिस एके गांगुली और आईएएस जेपी जोशी पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि इन दोनों को बचाने के लिए प्रभावशाली नेता, अफसर आदि मैनेजमेंट में भी लगे हैं। हालांकि विधिक रूप से ऐसी कोई मजबूरी नहीं है कि परिस्थितिजन्य मामलों में अभियुक्त को विवेचना से पहले गिरफ्तार किया जाए। लेकिन एक ही जैसे मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल जेल पहुंच गए, लेकिन अपर सचिव जेपी जोशी से पुलिस केवल बयान भर ले सकी।

अवधेश कुमार को भी लगता है कि आसाराम पर बहस ने टीवी बहस का स्तर गिराया है

Awadhesh Kumar : इंडिया न्यूज पर आसाराम बापू बहस… कई मित्रों ने पूछा कि आज रात आठ बजे श्री दीपक चौरसिया के साथ इंडिया न्यूज पर नारायण साई वाली बहस में मैं क्यों नहीं था। मुझे बुलावा आया था, और पहले मैंने विशेष आग्रह पर सहमति भी दे दी थी, लेकिन बाद में मैंने मना कर दिया। कारण, ऐसे गंदे आरोपों पर बहस में अपना स्तर गिरता है।

सहारा के पत्रकार के खिलाफ अवर निरीक्षक ने की वसूली की शिकायत (पढ़ें पत्र)

मैं भड़ास का नियमित पाठक हूं। अगर आप इस पत्र को प्रकाशित करते हैं तो ऐसे गोरखधंधे करने वाले पत्रकार का चेहरा सामने आयेगा जैसे पटना में पत्रकार टीटीओ बनकर वसूली करता था। मेरे द्वारा भेजे गये पत्र का अंश-

जब पता चला कि लड़का मेरा भतीजा है तो लोग अपने स्कोर सेटल करने लगे

जीवन में काफी कुछ महत्वपूर्ण अनायास ही होता रहा है इसी क्रम में जेल यात्रा भी अनायास ही हो गई वह भी ऐसे अपराध में जो मैंने किया ही नहीं था। किशोरावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक छात्र, किसान मजदूर, अध्यापक, पत्रकार और जनांदोलनों में सक्रिय भागीदारी करता रहा और अनेक बार गिरफ्तारी भी दी कई बार जेल यात्रा भी की मगर जो यह जेल यात्रा हुई इसके अपने ही अनुभव रहे। 

देश का सबसे बड़ा कृषि क्षेत्र यूपी, लेकिन यहां की सरकारें खेती पर ही सबसे ज्यादा उदासीन

Chanchal Bhu : 'विकास' एक लंगड़ा पहलवान है. कागज़ में अच्छा लगता है. जमीन पर इसे देखिये तो हाँफते हुए चलता है. उदाहरण के लिए हम सड़क को लेते हैं. केन्द्र ने अच्छी योजना दी. प्रधानमंत्री सड़क योजना. गाँव को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ दो. जुड़ गयी. मजेदार आंकडा देखिये. सार्वजनिक निर्माण विभाग, ठेकेदार और राजनीति ने सड़क निर्माण में अपनी साझेदारी दिखाते हुए लाभ का बंटवारा तो कर लिया. अब इसकी उपयोगिता देखिये. इस पर साइकिल, ट्रैक्टर और यदाकदा निजी वाहन चले और सड़क गड्ढे में चली गयी.

तहलका उस संक्रमण काल से गुजर रहा है जिससे कभी प्रभात खबर गुजरा था

तहलका पत्रिका के विरोधियों के लिए बीता हफ्ता काफी अच्छा रहा. अपने संस्थान में काम करने वाली एक युवा महिला पत्रकार पर यौन हमले की घटना के प्रकाश में आने के बाद तरुण तेजपाल और तहलका के भविष्य को लेकर चर्चा का बाज़ार गर्म है. एक तरफ़ जहां भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अचानक ‘नारीवादी’ बनकर अपने खिलाफ हुए स्टिंग ऑपरेशनों का बदला तहलका और तरुण तेजपाल पर हमला करके ले रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पत्रकार मधु त्रेहान ने तहलका को बंद करने की मांग करते हुए एक नई बहस छेड़ दी. हालांकि इस बहस को चलाने वाले लोग, मीडियाकर्मी और संस्थान खुद कितने दूध के धुले हैं, वह एक अलग बहस का विषय है.

कहां गए श्रीश मुलगांवकर जैसे संपादक

शंभूनाथ शुक्ल : कहां गए श्रीश मुलगांवकर जैसे संपादक! प्रिंट मीडिया के संपादकों के उच्च आदर्शों की यह एक उत्कृष्ट कथा है। इंडियन एक्सप्रेस के चीफ एडिटर थे श्रीश मुलगांवकर। वे प्रगतिशील विचारों के पैरोकार और सामंती परंपराओं के जबर्दस्त विरोधी थे। एक दिन इंडियन एक्सप्रेस के पहले पेज पर एक राजा साहब की पोलो खेलते हुए फोटो छप गई। बस श्रीश मुलगांवकर का पारा गरम।

शीला दीक्षित को अपनी कुर्सी सरकने का आभास हो गया, उन्होंने अपनी रैली कैंसिल कर दी

Nadim S. Akhter : चुनाव का वक्त उन नेताओं-सीएम-पीएम के लिेए कितना बेदर्द और दुखदायी होगा, जिन्हें पता होता है कि उनकी सत्ता-कुर्सी-गद्दी जा रही है. एक-एक करके वे सारी गलतियां याद करते होंगे कि हाय, ये ना किया होता तो अच्छा होता, वो ना किया होता, तो कितना अच्छा होता. लेकिन जब तक चुनाव नहीं आते, ये कुर्सी पर विराजमान होके लालबत्ती गाड़ी में घूमते हैं, तो अपने आपको भगवान से कम नहीं आंकते. जनता को अपना चाकर समझते हैं और ये बात हर राजनीतिक पार्टी पर लागू होती है. लेफ्ट-राइट-बीच वाले, सब पे.

एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में केजरीवाल के सामने शीला और हर्षवर्धन के तर्क ठहर नहीं पाए

Nadim S. Akhter : एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में केजरीवाल के सामने शीला और हर्षवर्धन के तर्क ठहर नहीं पाए. एबीपी न्यूज ने दिल्ली चुनाव स्पेशल पर अभी एक तगड़ा कार्यक्रम दिखाया. इसमें एक-एक करके अलग-अलग मुद्दों पर सीएम पद के तीनों कैंडिडेट, अरविंद केजरीवाल, शीला दीक्षित और हर्षवर्धन की राय दिखाई गई. दरअसल एबीपी न्यूज की टीम ने इसके लिए अलग से मेहनत नहीं की, बल्कि पके-पकाए माल को compile करके एक साथ परोस दिया लेकिन दर्शकों के लिए ये एक बहुत फायदे का साबित हुआ. इस कार्यक्रम को देखने वाले दर्शक कम से कम एक जगह-एक साथ तीनों कैंडिडेट्स की राय देखकर ये मन बना पाएंगे कि वोट किसे देना है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस या फिर बीजेपी. बहुत अच्छा प्रोग्राम था.

मेराज फैजाबादी का जाना आजादी के बाद गरीब हुई उर्दू को और बेसहारा कर गया

आज के दौर में जहां मुशायरे मज़हबी रंग अख्तियार कर चुके हैं, और हालात यहां तक खराब हो चुके हैं कि अगर आप किसी अपने गैर मुस्लिम दोस्त के साथ मुशायरे में चले जायें तो अगली सुबह आप उससे शर्म के मारे आंख नहीं मिला सकेंगे. कुछ वैसी ही बल्कि इससे भी खस्ता हालत कवि सम्मेलनों की हो गई है वहां भी सुबह होते-होते लगता है कि लगता है कि भारत में हिंदुत्व का परचम लहराया जा चुका है और बाकी लोग अपनी जान बचाते इधर-उधर भागे फिर रहे हैं। 

जब मुझे लगा दिल्ली में कोई मुझसे प्रेम विवाह नहीं करेगा तो मैंने अरैंज्ड शादी की

Vimal Kumar : कल मेरी शादी के 25 साल हो जायेंगे. मेरी शादी पटना में हुई थी. प्रयाग जी, विष्णु नागर, असद जैदी, इब्बार रब्बी, रामकृष्ण पाण्डेय, राजेश वर्मा चंद्रप्रकाश झा सुमन, अमिताभ, नीलाभ मिश्र, कुमार रंजन दिल्ली से गए. उदयप्रकाश जी और मंगलेश जी नहीं जा सके. जब मुझे लगा की दिल्ली में कोई मुझसे प्रेम विवाह नहीं करेगा तो मैंने अरैंज्ड शादी की. बेरोजगारी के दिनों में वैसे भी कोई प्रेम करता नहीं. तब मेरी 1700 रुपये की नौकरी लगी थी. एक कमरे के मकान में रहता था, मयूर विहार हिंदुस्तान टाइम्स के अपार्टमेंट में.

दबंग की नई एचआर कर रहीं रिपोर्टरों के साथ दबंगई

इंदौर का प्रतिष्ठित अखबार जब भोपाल लांच हुआ तब रिपोर्टर या अन्य कर्मचारियों को ज्वाइन करवाते समय कम सेलरी पर इस आश्वासन के साथ रखा गया था कि अखबार के छ: माह पूरे होने के साथ ही मांगी गई सेलरी प्रदान की जाएगी अथवा सेलरी काम देखने के हिसाब से बढ़ा दी जाएगी। इसके अलावा काम अच्छा हुआ तो इसके लिए अतिरिक्त पेंमेंट भी दिया जाएगा। लेकिन डेढ़ साल होने के बाद भी सेलरी बढ़ाने की बात तो दूर ना ही बोनस मिला न ही अवकाश। 

वरिष्ठ पत्रकार एवं रंगकर्मी लोकनाथ पंडा का निधन

वरिष्ठ पत्रकार, रंगकर्मी एवं समाजसेवी लोकनाथ पंडा का शनिवार की रात दिल का दौरा पड़ने की वजह से संबलपुर, उड़ीसा में निधन हो गया. वे 67 वर्ष के थे. रविवार को संबलपुर के कमली बाजार स्थित स्वर्गद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

कैसे बचेंगे सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे भ्रष्ट शासन से

‘ये जो पब्लिक है ये सब जानती है पब्लिक है!’ रोटी फ़िल्म में किशोर कुमार द्वारा गाया गया यह गीत तो हम सभी को याद ही है। पर इसका महत्त्व शायद हम भूल चुकें हैं. पब्लिक सब जानती तो है, पर एक बोतल शराब और चंद रुपयों के लिए अपने ज़मीर, अपनी आत्मा, अपनी सत्ता को दांव पर लगा देती है। यही पब्लिक है जो एक चोर एक महाचोर के फेर में चोर को महाचोर बना देती है। अब कैसे कहें कि ये पब्लिक सब जानती है। 

यौन शोषण रोकने में कितना कारगर है विशाखा दिशानिर्देश

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल का मसला अब लगभग अपनी समाप्ति की ओर अग्रसर है। मीडिया के भारी दबाव व जनचेतना के चलते अब यह मामला कानून और कोर्ट की दहलीज पर पहुच चुका है। जहां समयानुसार व विधिसम्मत कार्यवाही होना लाजमी है।

हिंदुस्तान, पटना में हताशा और निराशा का माहौल

दैनिक भाष्कर के लांच होने के पहले ही बिहार के अग्रणी अखबार में हताशा और निराशा का माहौल व्याप्त हो गया है। हिंदुस्तान के सिटी डेस्क से 5 पत्रकार तो चले ही गए अभी और भी प्रमुख पत्रकारों के जाने के संकेत मिले हैं। इसकी वजह वेतन में कमी तो थी ही लेकिन प्रमुख वजह सिटी इंचार्ज कमलेश के अशिष्ट एवं तानाशाही व्यवहार से क्षुब्ध होना भी बताया जा रहा है। इसके अलावा समाचार संपादक प्रमोद मिश्र से भी उनके कई पत्रकार सहकर्मी नाखुश हैं। शशि शेखर के साथ बैठक में उन्होंने आश्वस्त किया था कि हिंदुस्तान पटना से किसी भी पत्रकार या अन्य सहकर्मियों को जाने नहीं देंगे लेकिन वे इस मामले में असफल सिद्ध हुए। 

तरुण, तहलका और पत्रकारिता की त्रासदी का युग

वर्ष 2001 में तरुण तेजपाल ने तहलका डॉट कॉम के जरिये भाजपा के नेता बंगारू लक्ष्मण को रिश्वत लेते कैमरे में कैद कर के तहलका मचा दिया था. उसके बाद मैच फिक्सिंग करते खिलाड़ियों और बुकियों को बेनक़ाब करना हो या गुजरात दंगों में अपने स्टिंग ऑपरेशन "कलंक" के जरिये माया कोडनानी और बाबू बजरंगी की संलिप्तता दिखाकर उनको सलाखों के पीछे भिजवाना, ऐसे कई खुलासों ने तहलका और तरुण तेजपाल को पत्रकारिता जगत में एक पहचान दिला दी, तहलका की खोजी पत्रकारिता लगातार जारी रही. तहलका अपनी खोजी पत्रकारिता के लिए जाना माना नाम बन गया.

तेजपाल से छह दिनों में बंगारू और गुजरात दंगों के खुलासों का हिसाब चुकता करेगी गोवा की बीजेपी सरकार

Deepu Naseer :  गोआ पुलिस को तेजपाल की छह दिन की रिमांड मिल गयी है, हालांकि मांगी 14 दिन की थी। एफआईआर के मुताबिक अपराध में सिर्फ और सिर्फ तेजपाल ही शामिल था। मतलब, पुलिस को तेजपाल से किसी और आरोपी का पता ठिकाना नहीं मालूम करना है। तेजपाल ने अपराध करते वक़्त किसी हथियार का भी इस्तेमाल नहीं किया यानि पुलिस को हथियार भी बरामद नहीं करना है। तो क्या तेजपाल कोई रैकेट चलता था? ऐसी भी अब तक कोई खबर नहीं आयी है।

संजय मिश्रा प्रभात खबर बिहार के स्टेट कोआर्डिनेटर बने, कई अन्य इधर-उधर

स्वयं प्रकाश के इस्तीफा देकर हिंदुस्तान ज्वाइन करने के बाद संजय मिश्रा को प्रभात खबर प्रबंधन ने बिहार का स्टेट कोआर्डिनेटर बना दिया है. संजय पहले प्रभात खबर में ही ग्रामीण मैग्जीन 'पंचायतनामा' के एडिटर के रूप में कार्यरत थे. वे अब भी पंचायतनामा देखते रहे हैं. साथ ही स्टेट कोआर्डिनेटर का भी काम देखेंगे.

पत्रकारिता की मेरी पहली पारी और वो कांग्रेसी संपादक

: सब भूल गया कुछ याद रही : ‘वक्त का ये परिंदा रुका है कहां, मैं था पागल जो इसको भुलाता रहा, चार पैसा कमाने मैं आया शहर, गांव मेरा मुझे याद आता रहा.’ सुनते-सुनते ढेर सारी पुरानी बातें याद आती गयी. दस साल देखते ही देखते निकल गए. अभी जब छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव निपट गए हैं और दिल्ली का घमासान जारी है तो जरा फुर्सत में दस साल पहले के अपने समय को ताकने निकला हूं. दिल्ली की ऐसी ही सर्दियों के दिन थे. शीला दीक्षित अपनी दूसरी पारी के लिए मैदान में थी. प्रसारण पत्रकारिता की पढ़ाई खत्म करने के बाद एक राष्ट्रीय चैनल में इंटर्नशिप कर नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा था.

देख लो, मीडिया में मीडिया वालों की भी बनती हैं खबरें

राजनेताओं व आम लोगों में एक धारणा थी कि मीडिया वाले खुद अपनी खबरों को नहीं दिखाते, लेकिन तहलका मसले पर लगातार न्यूज चैनलों पर उससे जुड़ी खबरों को दिखाकर यह साबित कर दिया है कि खबर किसी की भी बन सकती है। चुनावी मौसम में तहलका प्रकरण पर महाकवरेज करके मीडिया ने लोगों में अपनी गिरती इमेज को बरकरार रखा है।

‘द हिन्दू’ में यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए नीति जारी

तरुण तेजपाल मामले का असर मीडिया संस्थानों पर दिखने लगा है. देश के प्रमुख समाचार पत्र हिन्दू ने अपने यहां यौन उत्पीड़न की घटनाओं से निपटने के लिए आंतरिक शिकायत समिति का गठन शुरू कर दिया है. तेजपाल प्रकरण के आने के बाद ये बात सामने आई थी कि लगभग सभी मीडिया संस्थानों में यौन उत्पीड़न की जांच के लिए कोई कमेटी नहीं है. इस मुद्दे पर मीडिया की खूब आलोचना हो रही थी.

इनबाक्स संदेशों से आपका मन भर गया हो तो तहलका हिंदी का नया अंक बाजार से ले आइए

Pooja Singh : कतई जरूरी नहीं है कि अपने साहस का प्रदर्शन करने के लिए हर बेहूदा सवाल का जवाब दिया जाए. हर बात बोल कर बताई जाए. उस उन्मांदी भीड़ को भरोसे में लिया जाए जो पहले ही यह तय कर चुकी हो कि एक अपराध की आड़ लेकर उस आईने को ही तोड़ दिया जाए जिसमें अपनी शक्ल देखते उसे हर 15वें दिन शर्मिंदा होना पड़ता है.

‘तहलका’ हिंदी के नए अंक में कार्यकारी संपादक संजय दुबे का संपादकीय: हमने तहलका क्यों नहीं छोड़ा?

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल अब अपने खिलाफ लगे आरोपों का कानूनी तरीके से सामना कर रहे हैं. शोमा चौधरी, जिन पर तरुण को बचाने की कोशिशों के आरोप हैं अब तहलका की अंग्रेजी पत्रिका छोड़ चुकी हैं. तो क्या तहलका को छोड़कर जाने का अब भी कोई औचित्य है, जैसा कि कई लोग हमें करने को कह रहे हैं. कुछ उकसा भी रहे हैं. लेकिन हमने तहलका तब भी तो नहीं छोड़ा जब तरुण के खिलाफ कानूनी मामला चलना शुरू नहीं हुआ था और शोमा भी तहलका में थीं.

तहलका अंग्रेजी के नए अंक से तीन नाम गायब, रमेश शर्मा का नाम अब संपादक के रूप में

Uday Prakash : अभी-अभी 'तहलका' (अंग्रेज़ी) का नया अंक (७ दिसंबर) मिला. पहली बार इसमें संपादक के रूप में तरुन तेजपाल और प्रबंध संपादक के रूप में शोमा चौधरी का नाम नहीं है. पहले के उप-प्रधान संपादक रमेश शर्मा अब इस अंक में बतौर संपादक हैं. बाकी सभी नाम पहले के ही समान पदों पर हैं. सिवा मुंबई की विशेष संवाददाता को छोड़ कर.

Ajit Anjum साहेब, आप इस बार का ‘तहलका’ हिंदी जरूर देखिएग

Vikas Kumar : Ajit Anjum साहेब, आप इस बार का तहलका हिंदी जरूर देखिएगा. ताकि आपको अंदाजा मिल सके को साहस किसे कहते हैं. Anand Pradhan ने लिखा है, तहलका में ही लिखा है. और इसी मुद्दे पर लिखा है. अगर आपको यह अंक दूकान पर न मिले तो बताइएगा. मैं पोस्ट कर दूंगा…आप जब सलेक्टिव होते हैं तब तो अपना एकाउंट ही डिलीट करके बैठ जाते हैं.

खुद को बहुत बड़ा स्वाभिमानी जताते हैं, लेकिन थूककर चाटते उन्हें कई बार देखा है

Vikas Mishra : वो दावा करते हैं कि आदमी को बस दो मिनट में पहचान जाते हैं, सच ये है कि आज तक खुद को ही पहचान नहीं पाए। वो चेलों और चमचों से घिरे रहते हैं, दूसरों की जासूसी करवाते हैं और दावा करते हैं कि तमाम लोग उनके मित्र हैं। वो हर मित्र से फायदा उठाना चाहते हैं, उसके पद, पोजीशन, रसूख का और कहते हैं कि निःस्वार्थ दोस्ती करते हैं। खुद को बहुत बड़ा स्वाभिमानी जताते हैं, लेकिन थूककर चाटते उन्हें कई बार देखा है।

एसपी ग्रामीण, वाराणसी ने आरटीआई में गलत सूचना दी, आयोग में शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा 10 से 15 अक्टूबर 2013 के बीच एसएसपी वाराणसी द्वारा पुलिसकर्मियों के किये गए स्थानान्तरण से सम्बन्ध में आरटीआई में सूचना मांगे जाने पर पर जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) एसपी ग्रामीण, वाराणसी ने पूर्णतया गलत सूचना प्रदान की है.

सोनिया दुनिया के धनी नेताओं में बारहवें नंबर पर! नब्बे हजार करोड़ रुपये की मालकिन!!

एक चौंकाने वाली खबर है. सोनिया गांधी को एक वेबसाइट ने दुनिया के सबसे अमीर 12 नेताओं में से एक माना है. पैसे के मामले में दुनिया के सबसे अमीर राजनेताओं में सोनिया का स्थान 12वां है. उन्हें इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से भी धनी बताया गया है. वेबसाइट का नाम है 'हफिंगटन पोस्ट' जो बेहद चर्चित और भरोसेमंद वेबसाइट है. यह दुनिया के शीर्ष कुछ वेबसाइटों में से एक है.

मजीठिया पर अंतिम सुनवाई 10 दिसम्बर को

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों और गैर पत्रकार कर्मियों के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड मामले की अंतिम सुनवाई के लिए दस दिसम्बर की तिथि तय की है. 27 नवम्बर को अखबार प्रबंधकों के द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए दस दिसम्बर का समय दिया.

सीओ सिटी ने हिन्दुस्तान के फोटोग्राफर के साथ अभद्रता की

उन्नाव में सीओ सिटी नेहा सिंह ने हिन्दुस्तान के फोटोग्राफर के साथ जमकर बदसलूकी की. पत्रकार की बाइक की चाभी निकाल ली और औकात में रहकर पत्रकारिता करने की धमकी भी दी.

modus operandi of Shobhana Bhartia in committing serious economic offences

: ShriKrishna Prasad, Advocate :  New Delhi : Rs.200 crore Dainik Hindustan Advertisement Scam of M/S The Hindustan Times Limited(New Delhi), the Respondent No.02,Mantoo Sharma (Munger,Bihar) ,in his Counter-Affidavit, has told the Supreme Court of India how the powerful media house of India,M/S TheHindustan Times Limited(New Delh) (Now changed into M/S the Hindustan Media Ventures Limited,New Delhi) has been committing forgery, cheatings and fraud with the Union and Bihar governments  since 2001 continuously  in clear connivance with the officials of the Directorate of Information & Public Relation Department,Govt. of Bihar,Patna, D.A.V.P(New Delhi) and the office of the Press Registrar,New Delhi in a bid to get the Union and Bihar govt. advertisements by printing, publishing and circulating  illegal and unauthorized newspaper ,’Dainik Hindustan’ among readers in  the Munger district of Bihar in India.The Supreme Court of India has been told about the modus operandi of the deep –rooted forgery, cheatings and fraud of M/S The Hindustan Times Limited(New Delhi) in a desparate bid  to loot the government money in crores in the form of the government advertisement publication.

कई एंकरों की तुरंत मुकदमा चलाकर तुरंत फैसला देने की आदत एक दिन उन्हें भी कठघरे में खड़ा करने वाली है

तुरंता न्याय का धंधा करने वाले मीडिया के कुछ अपने दुष्ट न्याय हैं: पहला न्याय यह है कि जो मीडिया से मारता है वह मीडिया से मरता है. जो मीडिया से शिकार करता है वह एक न एक दिन मीडिया का शिकार बनता है. दूसरा यह कि मीडिया का यह दुष्ट न्याय एक-दूसरे को नीचा दिखाने की मध्यवर्गीय चैनल एंकरों की आपसी होड़ से पैदा होता है. इस न्याय के अनुसार भयानक कंपटीशन में पली-बढ़ी अपनी ही बिरादरी अपनों से ही हिसाब चुकता किया करती है. एक समय जो तेजपाल ने किया उसी का हिसाब उनकी बिरादरी उन्हीं से चुकता कर रही है.

अजीत अंजुम मिशन तहलका में नए-नए टारगेट चुन रहे हैं

हिंदी समाचार और विज्ञापन चैनल न्यूज़ 24 के प्रबन्ध संपादक अजीत अंजुम अपने फ़ेसबुक वाल पर तरह-तरह की अपनी तस्वीरें ही आमतौर पर लगाते हैं और बहुत कम ही ऐसा ही होता है जब वे समकालीन मुद्दों या मीडिया से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करते हैं. इधर कई दिनों से वे अगर ऐसा कुछ कर या लिख रहे हों तो मुझे पता नहीं क्योंकि अभी मैं उनके मित्रों की सूची में नहीं हूं और उनकी वाल नहीं देख सकता हूं. पिछली बार जब उन्होंने कुछ दिनों के लिए अपना प्रोफाइल डिऐक्टिवेट किया था तो मैंने अनजाने में सूची से उनका नाम हटा दिया था. मुझे तब लगा था कि उन्होंने फ़ेसबुक छोड़ दिया है. 

मोगा में एक स्टिंगर ने एस.एस.पी. के नाम पर तीन लाख की उगाही की!

: कानाफूसी : पंजाब के मोगा जिले में खुद को कई बड़े न्यूज चैनलों का स्टिंगर बताने वाले एक मीडियाकर्मी ने जिले के एस.एस.पी. के नाम पर बटोर तीन लाख रुपए ले लिए. खबर मिलने के बाद पुलिस ने इस रिपोर्टर साहिब को उठा लिया. जनाब की पुलिस ने सी.आई.ए. स्टाफ में ले जाकर सेवा की. पुलिस के मुताबिक रिपोर्टर ने अपनी गलती मान ली है. पुलिस ने इसकी वीडियो भी बनाई है. स्थानीय पत्रकारों के दखल के बाद पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया.

हिंदुस्तान, पटना के स्टेट ब्यूरो से चार का इस्तीफा, भास्कर जाने वालों की संख्या पंद्रह हुई

हिंदुस्तान के पटना एडिशन में हाहाकार मचा हुआ है. प्रबंधन सकते में है. ग्यारह लोगों के कल इस्तीफा देने के बाद आज चार और लोग हिंदुस्तान को गुडबाय कह गए. ये चारों स्टेट ब्यूरो में कार्यरत थे. इस वक्त ये चारों लोग हिंदुस्तान की बजाय भास्कर के आफिस में बैठे हुए हैं. इनके नाम जो पता चले हैं, वो इस प्रकार हैं- अतुल उपाध्याय, इंदुभूषण, आलोक चंद्रा और विजय कुमार.

अनुरंजन झा के चक्कर में मनीषा उपाध्याय की नौकरी गई

नौकरी करती थीं हमार टीवी में और स्टिंगबाजी के लिए दीपक चौरसिया व अनुरंजन झा के प्रस्ताव को कुबूल किया. इस कारण हमार टीवी मैनेजमेंट ने मनीषा उपाध्याय को अपने यहां से बर्खास्त कर दिया. कुमार विश्वास को फंसाने के लिए जिस लड़की ने उनका स्टिंग किया, वो मनीषा उपाध्याय हैं.

राघव बहल, मुकेश अंबानी और दक्षिणपंथी ‘नेटवर्क18’ पर ‘कारवां’ मैग्जीन की कवर स्टोरी

अंग्रेजी मैग्जीन 'कारवां' ने अपने दिसंबर अंक में बड़े बोल्ड विषय पर कवर स्टोरी प्रकाशित की है. नेटवर्क18 को मुकेश अंबानी द्वारा टेकओवर किए जाने के बाद राघव बहल के दक्षिणपंथी हो जाने के विषय को कवर स्टोरी के रूप में प्रकाशित किया गया है. राहुल भाटिया द्वारा लिखित यह कवर स्टोरी कुल 16 पेजों में है. नीचे 'कारवां' मैग्जीन की कवर पेज की फोटो के अलावा कवर स्टोरी के कुछ हिस्से दिए जा रहे हैं.

बिपाशा के चक्कर में पत्रकारों की हुई दुर्गति

हरियाणा के यमुनानगर में पत्रकारों ने पत्रकारिता का जनाजा निकाल दिया. खराब दौर से गुजर रही एक्ट्रेस बिपाशा बसु का यहां के पत्रकारों ने कितना तो इंतजार किया और जब मोहतरमा आईं तो उन्होंने पत्रकारों की परवाह ही नहीं की. ऊपर से आयोजकों ने पत्रकारों को जो सुनाया, वो तो सच में दर्दे डिस्को था. 

एबीपी न्यूज़ को उसकी रिपोर्टर ने ही शर्मसार कर दिया

तरूण तेजपाल को जब गोवा सेशन कोर्ट ने बेल को लेकर राहत नहीं दी तो गोवा क्राइम डिपार्टमेंट के सामने रिपोर्टिंग कर रहीं एबीपी न्यूज़ की रिपोर्टर रोहिणी स्वामी ने बिना सोचे समझे ब्रेकिंग न्यूज चलवा दी कि तरुण तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि जांच अधिकारी अदालत से बाहर भी नहीं निकली थीं.

वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सेठी के निवास पर हमला

नीमच, मध्य प्रदेश। वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सेठी के निवास व सांध्य दैनिक मालवा आज तक के कार्यालय पर 8-10 अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की. इन लोगों ने पत्थरों की बारिश कर सेठी के निवास पर लगे सभी शीशे चकनाचूर कर दिए व सेठी के निवास के समीप खड़ी नाकोड़ा कार ड्राइविंग स्कूल की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. 

‘हिंदुस्तान’ के जरिए बिहारियों को लूट रहे हैं बिल्डर

पटना के एक आलीशान होटल पाटलिपुत्र में इन दिनों एक प्रदर्शनी चल रही है। इस प्रदर्शनी का श्रेय स्वयं को सबसे बड़ा अखबार कहने वाले दैनिक हिन्दुस्तान को जाता है। इस प्रदर्शनी का शीर्षक है – “डेस्टिनेशन दिल्ली”। इस प्रदर्शनी के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि अब बिहार के लोग भी दिल्ली में अपना घर होने के सपने को साकार कर सकते हैं। हिन्दुस्तान अखबार की ओर से प्रदर्शनी को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अर्पिता ने बताया कि उनका अखबार पिछले 5 वर्षों से इस तरह का आयोजन कर रहा है। अब तो यह इतना लोकप्रिय और सफ़ल रहा है कि हर साल इसे 4 बार आयोजित किया जाता है।

पत्रकार ने गैंगरेप का वीडियो यूट्यूब व एफबी पर किया अपलोड, पीड़िता की पहचान उजागर हो रही

Yashwant Singh : एक पत्रकार महोदय ने यूट्यूब पर गैंगरेप का एक वीडियो अपलोड किया है और उसे फेसबुक पर शेयर कर दिया है… हालांकि उन्होंने एंगल ये दिया है कि गैंगरेपिस्टों को पहचानिये और उनको फांसी दिलवाइये लेकिन इस कवायद में सबसे ज्यादा नुकसान उस पीड़िता का हो रहा है जिसकी आवाज, चीख, पुकार, बातचीत के तरीके आदि से उसकी पहचान का खुलासा हो रहा है… कम से कम उसके करीबी व परिचित तो जान ही जाएंगे कि ये लड़की या महिला कौन है. लड़की का चेहरा ब्लर कर दिया गया है लेकिन यह तरीका वहां कारगर होता है जहां सिर्फ पिक्चर पब्लिश किया जा रहा हो. जब आप वीडियो फार्मेट में डालते हैं तो पहचान उजागर करने वाली कई चीजें होती हैं. आवाज सबसे बड़ा व सशक्त माध्यम है पहचान उजागर करने का.

लोकमत समूह ने 61 कर्मचारियों को निकाला, प्रबंधन का यूनियन पर कब्जा

लोकमत समाचारपत्र समूह ने नागपुर, अकोला और गोवा के अपने 61 कर्मचारियों को हटा दिया है. 21 नवंबर को आननफानन में हुई इस कार्रवाई में किसी को अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया. इसमें 10 पत्रकार हैं. बाकी पेजीनेशन तथा छपाई विभाग के कर्मचारी हैं. इतना ही नहीं, लोकमत प्रबंधन ने पिछले 17 सालों से चल रहे मान्यताप्राप्त श्रमिक संगठम लोकमत श्रमिक संघटना पर भी अवैध कब्जा कर लिया है. लोकमत प्रबंधन की मांग है कि संगठन कोर्ट में जारी रीक्लासीफिकेशन, ठेका कर्मचारियों को परमानेंट करने का मामला बिना शर्त वापस ले. साथ ही संगठन ठेका कर्मचारियों से अपना नाता तोड़ ले, उनका साथ न दे और नागपुर के बाहर संघटना की शाखा न खोले. 

बीएचयू, मदन मोहन मालवीय, हिंदू राष्ट्रवाद, संघ, सोशलिस्ट और कम्युनिस्ट

Ujjwal Bhattacharya : एक तर्क आया है कि चूंकि मदन मोहन मालवीय हिंदू राष्ट्रवादी थे, इसलिये बीएचयू एक हिंदू राष्ट्रवादी संस्थान है. मैं किसी की ख़ुशी में खलल नहीं डालना चाहता हूं. लेकिन मालवीय जी हिंदू राष्ट्रवादी थे. कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठाता आशुतोष मुखर्जी व उनके बाद कुलपति बने उनके पुत्र श्यामाप्रसाद मुखर्जी हिंदू राष्ट्रवादी थे – क्या इसकी वजह से ये विश्वविद्यालय हिंदू राष्ट्रवाद के संस्थान बन जाते हैं?

टीओआई में सुब्रत राय से संबंधित आज कुल चार खबरें हैं

Kumar Sauvir : द टाइम्‍स ऑफ इंडिया में आज एकसाथ चार खबरें हैं। एक ही शख्‍स से सम्‍बन्धित। नाम है सहारा इंडिया वाले सुब्रत राय। पहली खबर पहले पन्‍ने पर है। एक कॉलम में। हेडिंग है:- सुब्रत राय हिट्स आउट ऐट सोनिया, सेबी। दूसरी खबर पृष्‍ठ 13 में तीन कॉलम में फोटो के साथ है, जिसका शीर्षक है:- सुब्रत कम्‍पेयर्स सेबी विद "सरकारी गुण्‍डा".. और तीसरा समाचार तीन कॉलम में फोटो के साथ पेज-14 में प्रकाशित हुआ है जिसका शीर्षक है:- सहारा इस अ विक्टिम ऑफ पॉलिटिकल वेंडेटा: राय

पटना, हिन्दुस्तान से एक साथ दस लोगों ने दिया इस्तीफा

बिहार में सबसे ज्यादा प्रसार वाले हिन्दी दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में हाहाकार मच गया है। शनिवार की शाम यहां कार्यरत दो क्राइम रिपोर्टरों सहित दस लोगों ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले सभी लोग पटना से शीघ्र ही प्रकाशित होने वाले दैनिक ‘भास्कर’ से जुड़ने जा रहे हैं। हिन्दुस्तान को सबसे बड़ा झटका बिहार के सबसे माहिर पेजीनेटर दिलीप मिश्रा के इस्तीफा से लगा है।

आरपी सिंह बने जनसंदेश टाइम्‍स में सीईओ, गोरखपुर में डाक एडिशन बंद कराया

जनसंदेश टाइम्‍स, गोरखपुर से खबर है कि आरपी सिंह ने यहां सीईओ के रूप में ज्‍वाइन किया है। आरपी सिंह इसके पहले मेरठ में सुभारती ग्रुप से जुड़े हुए थे। वहां से हटाए जाने के बाद उनकी जनसंदेश टाइम्‍स में इंट्री हो गई है। हालांकि माना जा रहा है कि बाबू सिंह कुशवाहा की बिरादरी का होने के चलते यहां उन्‍हें सुपर बास बनाया गया है। नई नौकरी ज्‍वाइन करने के बाद यहां भी उन्‍होंने पुराना पैतरा शुरू कर दिया है। उनका यह फैसला अखबारी जगत में मजाक का विषय बन गया है।

Mantoo Sharma prays to Supreme Court to Dismiss the SLP of Shobhana Bhartia

By ShriKrishna Prasad, Advocate

New Delhi,30 Nov 13.In connection with the Special Leave Petition(Criminal) No.1603 of 2013 ,the Supreme Court of India will hear on December 16 next, the Respondent No.02,Mantoo Sharma, in his Counter-affidavit on page Nos.134,135,136,137 & 138, has respectifully prayed that Your Lordships may graciously be pleased to…

कांग्रेस परस्त तेजपाल और पीड़िता का दक्षिणपंथी कनेक्शन

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता इन दिनों संदेह के घेरे में है. खोजी पत्रकारिता को नया आयाम देने वाले तरुण तेजपाल जहां यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे हुए हैं वहीं दीपक चौरसिया तथा अनुरंजन झा आम आदमी पार्टी के कथित फ़र्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सवालों के दायरे में हैं. तीनों की साख और आम आदमी से इनका जुड़ाव इन्हें पत्रकारों की भीड़ से अलहदा रखता है. फिर तीनों ही ढाढ़ी वाले हैं गोयाकि ढाढ़ी वालों का समय इस वक़्त ठीक नहीं चल रहा. दीपक चौरसिया तथा अनुरंजन झा पत्रकारिता के राजनीतिक गठजोड़ के मारे हैं तो इनकी बात फिर कभी. फिलहाल तो सर्वाधिक सुर्खियां तरुण तेजपाल द्वारा तहलका की कनिष्ठ पत्रकार के यौन उत्पीड़न की खबर बटोर रही है. 

HT Advt Scam : Mantoo Sharma prays to SC to issue guidelines to owners / editors

New Delhi : In connection with the Special Leave Petition(Criminal) No.1603 of 2013 ,the Supreme Court of India will hear  on December 16 next, the Respondent No.02, Mantoo Sharma, Munger ,Bihar, in his Counter-Affidavit, has prayed to the Hon’ble Supreme Court  to issue guidelines to the owners and editors of the Print, Broadcast and Electronic Media in matters relating to the Rs.200 crore  Dainik Hindustan Advertisement Scam of Bihar.

मैं तो मल्लिका शेहरावत, बिपाशा बासु, सनी लियोन जैसी महिलाओं का फैन हूं

Tara Shanker : आप हों या न हों, मैं तो हूँ फैन! मल्लिका शेहरावत, बिपाशा बासु, सनी लियोन जैसी महिलाओं का! उनकी अदाकारी के लिए उतना नहीं जितना कि उनकी ख़ुद्दारी, निर्भीकता और आज़ाद ख़याली का! बहुत गुस्सा आता है जब हमारा कुंठित समाज उनका मजाक उड़ाता रहता है- कवि सम्मेलनों में, टीवी के हास्य कार्यक्रमों में! उनके नाम पे हज़ारों misogynist jokes और चुटकुले बनाये जाते हैं….शर्म आनी चाहिए इस महिलाविरोधी समाज को!

चीन का ग्वान्जाऊ शहर : यहां इंसान को छोड़कर सभी जीवों का मांस खाया जाता है

चीन के ग्वान्जाऊ शहर की धरती पर उतरे हुए बीस दिन हो रहे हैं. नया देश. नईसंस्कृति. खान-पान, रहन-सहन और पहनावा आदि सबकुछ अपने से बहुत कुछ भिन्न. महिलाएँ और पुरुष दोनों पैंट-शर्ट पहनते हैं. दोनों समान रूप से साइकिल, कार और मोपेड आदि चलाते हुए मिलते हैं. दोनों नौकरी, व्यवसाय और किसानी के सच्चे सहभागी. दोनों में इतनी बराबरी कि प्राकृतिक भेद के अलावा इन्हें कहीं और किसी तरह से भी अलगाना बेहद मुश्किल. यानी सही मायनों में स्त्री-पुरुष में पूरा बराबरी का दर्ज़ा.