इनसाइट मीडिया अवार्ड्स से नवाज़े गए 22 मीडियाकर्मी

भोपाल, मध्य प्रदेश। इनसाइट टावा न्यूज़ नेटवर्क की ओर से आयोजित एक भव्य समारोह में बाईस प्रतिभा संपन्न और अनुभवी लोगों को सम्बंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए इनसाइट मीडिया अवार्ड्स 2014 से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के संस्कृति एंव पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इनसाइट टी.वी. न्यूज नेटवर्क के प्रधान संपादक राजेश भाटिया ने बताया कि इनसाइट मीडिया अवार्ड 2014 में बेस्ट एडीटर प्रिंट मीडिया का अवार्ड देवेश कल्याणी (संपादक प्रदेश टुडे) को, बेस्ट रीजनल न्यूज पेपर का अवार्ड राजेश सिरोठिया (चीफ एडिटोरियल डायरेक्टर अग्निबाण) को, बेस्ट प्रिंट मीडिया रिपोर्टिंग (हिन्दी) के लिए मनीष दीक्षित (राजनैतिक संपादक दैनिक भास्कर) और दूसरा दीपेश अवस्थी (विशेष संवाददाता पत्रिका) को, बेस्ट प्रिंट मीडिया रिपोर्टिंग (अंग्रेजी) का अवार्ड सुचांदना गुप्ता (विशेष संवाददाता टाइम्स ऑफ़ इण्डिया) को दिया गया।

मीडिया से कभी नेता डरते थे, अब मीडिया के कठपुतली बनने का खतरा

Vikas Mishra : मदारी जिस तरह बंदर नचाता है, उसी तरह राजनीतिक पार्टियां मीडिया को नचाने में लगी हैं। एक बड़ा रंगमंच सजा है। जनता न्यूज चैनल देखकर कहती है कि यही सबसे बड़ी ताकत है। हम इस सिस्टम के भीतर बैठे हैं, हम देख रहे हैं मीडिया की ताकत की सच्चाई को। जो मजा दे रहा है, जिसे देखकर मजा मिल रहा है, उसे दिखाया जा रहा है। अगर पत्रकार हैं तो दिल पर हाथ रखकर बोलिए- क्या शोएब इकबाल, विनोद बिन्नी, रामबीर शौकीन के गिराए केजरीवाल सरकार गिरनी थी..? ये तीन थे, पांच भी होते तो भी कुछ नहीं उखड़ना था।

क्या पी7न्यूज के बुरे दिन शुरू हो गए हैं!

चर्चा है कि पी7न्यूज चैनल के प्रबंधन ने चैनल के वरिष्ठों को कह दिया है कि चैनल को खुद चलाओ. यानि कंपनी अब चैनल चलाने के लिए पैसे नहीं देगी, खुद चैनल के जरिए पैसे निकालो और इसे चलाओ. इन दिनों चैनल के अंदर हालात ऐसे हैं कि एक के बाद एक इस्तीफों की झड़ी लग रही है. वैसे तो पिछले चार सालों में इस चैनल के इनपुट हेड के तौर पर कई दिग्गज आये और वक़्त के साथ इस चैनल को अलविदा भी कहते गए लेकिन जबसे 2011 से चैनल में सहारा परिवार से लोग आये तो चैनल के बुरे दिन शुरू हो गए.

‘आप’ से चुनाव लड़ने को जज साहब ने लिया वीआरएस

देवरिया 6 फरवरी। अन्ना को अपना आदर्श मानने वाले एवं देश में व्याप्त भ्रष्टाचार खास तौर पर न्यायपालिका में फैली बुराईयों को समाप्त करने की नीयत से एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है। सेवा निवृत्ति का आदेश मिलते ही न्यायिक अधिकारी ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। न्यायिक अधिकारी का कहना है कि वह देवरिया को अपना कर्मभूमि बनाएंगे तथा यदि पार्टी ने उन्हे चुनाव लड़ने का मौका दिया तो देवरिया लोकसभा से चुनाव भी लड़ सकते हैं।

विवेक वशिष्ठ, जगदीप शुक्ला और मयंक तिवारी की नई पारी

पत्रकार विवेक वशिष्ठ साई टीवी से जुड़ गये हैं. बताया जाता है कि उन्हें चैनल हेड बनाया गया है. विवेक वशिष्ठ पिछले बारह साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. इससे पहले वो मंगल कलश टीवी, कात्यायनी टीवी में भी कार्यरत रहे.

हरिराम पांडेय के संपादकीय लेख संकलन ‘कही-अनकही’ का लोकार्पण

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम. के. नारायणन ने मंगलवार 4 फरवीर 2014 की शाम 38वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में सन्मार्ग के स्टॉल पर हरिराम पांडेय लिखित सन्मार्ग के संपादकीय लेखों के संकलन 'कही-अनकही' का लोकार्पण किया। इसमें 2013 में प्रकाशित संपादकीय लेख हैं। अपनी बेबाक, तटस्थ, पारदर्शी तथा संवेदनशील लेखन के लिए श्री पांडेय पत्रकारिता की दुनिया में अलग से पहचाने जाते हैं। बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी, प्रख्यात हिन्दी आलोचक डॉ. नामवर सिंह, डॉ. जगदीश्वर चतुर्वेदी, कवि केदारनाथ सिंह सहित विभिन्न साहित्यकार भी उनके सम्पादकीय के मुरीद रहे हैं।

Women achievers conferred with ‘Indian Woman Power Awards’

New Delhi: Indian Woman Power Awards were conferred on 20 women achievers from various fields in a glittering function organised by Seemapuri Times Magazine on 29th January 2014 at the constitution club, New Delhi . The awards were conferred by Mr. Harish Rawat, then former union minister, Govt.of India/ Chief Minister of Uttarakhand. The awards were presented to those women who are working tirelessly for a good & strong Nation building.

मियां और महावीर को साथ बैठाने की बेवकूफी

जैन समाज को अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा मिल गया। जैन समाज के बहुत सारे लोग इससे खुश हैं। जो लोग खुश हो रहे हैं, खुशी व्यक्त कर रहे हैं, और खुशी का पैगाम पसार रहे हैं, उनको खुश होने का हक भी है। क्योंकि वे नहीं जानते कि जैन समाज को अल्पसंख्यक बनाकर कांग्रेस ने एक तीर से कितने निशाने साध लिए हैं। वे यह भी नहीं जानते कि जैन समाज को मिले इस दर्जे से समाज का कोई भला नहीं होना है। क्योंकि जैन समाज का जो भला होना था, वह तो उसकी अपनी मेहनत, अपनी ताकत और अपने बल बूते पर हो चुका। उसे फायदे के नाम पर कुछ नहीं मिलेगा। क्योंकि वह एक सक्षम समाज है। यह दर्जा ठीक वैसा ही है, जैसे सिख भी अल्प संख्यक हैं और उनको किसी भी तरह का कोई सरकारी फायदा अल्पसंख्यक होने के कारण नहीं मिलता।

लखनऊ क्राईम-ब्रान्च में तैनात सिपाही पर बलात्कार का आरोप

देवरिया, 5 फरवरी। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के दामन पर एक और दाग लग गया है। देवरिया जिले के रहने वाले एक सिपाही के खिलाफ एक युवती ने दुराचार करने का आरोप लगाया है। युवती का यह भी आरोप है कि वर्तमान समय में सिपाही लखनऊ में क्राईच ब्रान्च में तैनात है जो गन्दे-गन्दे एवं धमकी भरे एसएमएस भेजकर युवती तथा उसके परिजनों को परेशान कर रहा है। इस मामले को लेकर पिछले कई महीने से युवती परेशान थी। लेकिन उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। वह कई बार कोतवाली थाने गई थी, लेकिन थाने की पुलिस उसे सिर्फ आश्वासन दे रही थी और उधर आरोपी सिपाही युवती का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं था।

बोकारो में हुआ हिन्दी की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘नया सृजन’ का विमोचन

हिन्दी के अंतर्राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार की मंशा से बोकारो से एक पत्रिका 'नया सृजन' का प्रकाशन आरंभ किया गया है। पत्रिका का विमोचन इस वसंत-पंचमी की संध्या को हिन्दी के मुर्धन्य साहित्यकारों और विचारकों के हाथों हुआ। पत्रिका के संपादक वेंकटेश शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पत्रिका के बहाने दुनिया भर के हिन्दी प्रेमियों को एक मंच पर लाना और परस्पर विचार-विनिमय के लिए मंच तैयार करना ही इस पत्रिका का उद्देश्य है। इस क्रम में किसी वाद के विवाद में न पड़ कर हर हिन्दी प्रेमी एकजुट हों और अपना स्नेह-सहयोग, आशीर्वाद दें तो हिन्दी के इस विश्वव्यापी अभियान को संबल मिलेगा।

चूरू के कुमार अजय को साहित्य अकादमी का ‘युवा पुरस्कार’

चूरू, 5 फरवरी। भारत सरकार की साहित्य अकादमी की ओर से बुधवार को जोधपुर में आयोजित समारोह में राजस्थानी के चर्चित लेखक कुमार अजय को युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नामचीन कवि, आलोचक नंदकिशोर आचार्य के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में अकादेमी अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने अजय को ताम्रफलक व पचास हजार रुपए का चैक देकर सम्मानित किया।

बिहार विधानसभा की प्रेस सलाहकार समिति में सिर्फ तीन गैर-सवर्ण

बिहार विधान सभा की प्रेस सलाहकार समिति एक महत्वपूर्ण समिति है। यही समिति पत्रकारों से जुड़े मामलों को देखती है। समिति के सभापति स्वयं विधानसभा के अध्यक्ष होते हैं, जबकि कोई पत्रकार समिति का उपाध्यक्ष होता है। इस प्रतिष्ठापूर्ण समिति में सदैव से सवर्ण पत्रकारों का आधिपत्य रहा है, जबकि मीडिया में बड़ी संख्या में दलित व पिछड़ी जाति के पत्रकार भी हैं। लेकिन उनको कभी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व प्रेस सलाहकार समिति में नहीं मिला।

अन्ना हज़ारे ने कहा पूरे देश में पत्रकार सुरक्षा कानून की ज़रूरत है

महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर बढ़ते हमलों पर वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की है। पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति ने इस मांग को लेकर जिला इन्फॉरमेशन ऑफिसों का घेराव करने का निर्णय लिया है। समुचे महाराष्ट्र मे 17 फरवरी को यह आंदोलन हो रहा है। इस आंदोलन का भी अन्ना हजारे जी ने समर्थन किया है।पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति के अध्यक्ष एस.एम. देशमुख के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने कल रालेगण सिद्धि मे अन्ना हजारे की मुलाकात की, आधे घंटे की बातचीत मे एस. एम. देशमुख ने महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर बढ़ते हमलों का सारा ब्यौरा अन्ना हजारे को दिया।

सचिन को छापने-दिखाने में कारोबारी फायदा है, साएनआर राव को कौन जानता है

श्रीगंगानगर। सदियों से दुनिया की तरक्की में योगदान दे रहा विज्ञान आज क्रिकेट के सामने बौना हो गया है। ऐसे भी कह सकते हैं कि मीडिया ने विज्ञान को क्रिकेट से हरवा दिया है। आज मीडिया क्रिकेट को विज्ञान की तुलना में अधिक महत्व दे रहा है। उस विज्ञान की उपेक्षा की जा रही है जिसका तरक्की में सबसे अधिक योगदान होता है। मीडिया के  वर्तमान आधुनिक स्वरूप में भी विज्ञान का योगदान है ना कि क्रिकेट का। वैज्ञानिक सीएनआर राव और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया। लेकिन मीडिया ने जिस प्रकार से सचिन को प्रमुखता दी उससे तो ऐसे लगता है जैसे श्री राव का उनके सामने कोई अस्तित्व ही नहीं है। श्री राव की तुलना में सचिन की ये बड़ी-बड़ी फोटो। खबरों में उनसे बड़े अक्षरों में नाम। अखबारों में भी श्री राव से पहले सचिन का नाम लिखा गया मानो सचिन के सामने वे तो कुछ हैं ही नहीं।

पॉलिटिकल स्टंट है गरीब सवर्णों को आरक्षण देने की मांग

सोशल मीडिया के जमाने का चलन है कि बड़े लोग मुद्दों को उछालते हैं और छोटे लोग उस पर बहस करते हैं। उसी परंपरा का निर्वाह करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने जो आरक्षण पर बहस छेड़ी है, हम उस पर बहस करने के लिए तैयार हो गये हैं। होना भी चाहिये, हो सकता है खुद जनार्दन द्विवेदी के लिए यह मामला उतना गंभीर नहीं रहा होगा, मगर गांव-गिरांव के हम जैसे लोगों के लिए यह मसला साधारण नहीं है। माननीय महोदय के द्वारा उपलब्ध कराये गये इस मौके का हम बहस करने के लिए इस्तेमाल जरूर करेंगे और कोशिश करेंगे कि इस बहस का कोई सार्थक नतीजा सामने आये।

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में कोर्ट में जीत को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं

Zafar Irshad : बधाई…हम सुप्रीम कोर्ट में केस जीत गए, मजीठिआ वेज बोर्ड का चार साल बाद, और हम पत्रकार भी अब बिरयानी खा सकेंगे कभी कभी…आज दिल बहुत खुश है, नाचने का मन कर रहा है, लेकिन किसके साथ नाचूं..?…शुक्रिया हमारी यूनियन के नेताओं का जिन्होंने 4 साल तक कोर्ट के चक्कर लगाये, और हम गरीब पत्रकारों को दोगुना सैलरी तो दिलवाई ही साथ ही साथ पिछले चार साल का बकाया एरिअर भी…बधाई सुप्रीम कोर्ट को भी जिसने हम गरीब पत्रकारो की आवाज़ सुनी…. (पीटीआई कानपुर में कार्यरत पत्रकार जफर इरशाद के फेसबुक वॉल से.)

पीटीआई के मजीठिया वेज बोर्ड की खबर रिलीज करते ही देश भर के मीडियाकर्मियों में हर्ष

सुप्रीम कोर्ट में आज फैसले का दिन था. पहले से तय था कि आज मजीठिया आयोग की सिफारिश को लेकर चल रहे मुकदमे में फैसला आएगा. सब लोग टकटकी लगाए इंतजार कर रहे थे. कोर्ट ने ज्यों ही मीडियाकर्मियों के पक्ष में फैसला सुनाया, सबसे पहले न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया ने खबर रिलीज कर दी. चार टेक में रिलीज खबर में कोर्ट के फैसले की खास-खास बातों को बताया गया.

मजीठिया वेतनमान 11 नवंबर 2011 से देना होगा, साल भर में 4 किश्तों में एरियर दें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अखबारों और समाचार एजेंसियों के पत्रकारों-गैर पत्रकारों के लिए मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों को लागू करने के आदेश देते हुए कहा है कि संशोधित वेतन 11 नवंबर 2011 से लागू होगा और सभी बकाया राशि यानि एरियर का भुगतान साल भर में चार किश्तों में करना होगा. अप्रैल 2014 से नया वेतनमान के हिसाब से सेलरी मिलने लगेगी.

मजीठिया वेज बोर्ड : मीडियाकर्मी जीते, मालिकों ने मुंहकी खाई

सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दे दिया है. इस तरह मीडियाकर्मियों की जीत हुई और मालिक लोग हार गए. हालांकि मालिकों ने बड़ी चालाकी से कई वर्षों तक कोर्ट के चक्कर में वेज बोर्ड की सिफारिशें लटकाकर अरबों रुपये बचा लेने में भी सफलता हासिल कर ली है. कई अखबारों ने तो अपने परमानेंट इंप्लाइज तक को हटा दिया या कांट्रैक्ट पर कर दिया ताकि उन्हें वेज बोर्ड के हिसाब से बढ़ा हुआ वेतनमान और एरियर न देना पड़े.

पत्रकारिता विश्वविद्यालय मे सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारम्भ

भोपाल । माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्‍वविद्यालय द्वारा संचालित सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारम्भ हो गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों में आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 फरवरी 2014 निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2014 में वैब संचार, वीडियो प्रोडक्‍शन, पर्यावरण संचार, भारतीय संचार परम्पराएँ, योगिक स्वास्थ्य प्रबंधन एवं आध्यात्मिक संचार, फिल्म पत्रकारिता एवं डिजिटल फोटोग्राफी जैसे विषयों में सांध्यकालीन पी.जी. डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये गये हैं। पाठ्यक्रम विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के साथ-साथ नौकरीपेशा व्यक्तियों, सेवानिवृत्त लोगों, सैन्य अधिकारियों तथा गृहिणियों के लिए भी उपलब्ध होंगे।

भारत दूत में एनई बने आरआरएस सोलंकी

वरिष्‍ठ पत्रकार आरआरएस सोलंकी ने बनारस में भारत दूत ज्‍वाइन कर लिया है. उन्‍हें यहां पर समाचार संपादक बनाया गया है. सोलंकी कुछ समय पहले ही दैनिक जागरण से रिटायर हुए थे. अब वे भारत दूत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्‍मेदारी निभाएंगे.

शामली में खनन माफियाओं ने मीडियाकर्मियों पर की फायरिंग, बंधक बनाया

शामली के झिंझाना से खबर है कि बुधवार को यमुना का सीना चीर रहे रेत माफियाओं ने यमुना नदी का पानी लाल कर दिया. खनन माफियाओं ने दो पुलिस वालों की मौजूदगी में ग्रामीणों, मीडियाकर्मियों व भाकियू नेताओं पर जमकर फायरिंग कर दी. घटना में सैकड़ों अवैध हथियार खुलेआम चले, लेकिन पुलिस लाइन से गार्द में लगे दोनों सिपाही आंखे बंद कर पूरा खेल देखते रहे.

पत्नी पीड़ित चार हजार पति लापता…. आईआईटी में लगातार आत्महत्याएं….

Sanjay Tiwari : पति सताए तो कानून बचाए लेकिन पत्नी सताए तो पति कहां जाए? पढ़कर भौचक्क हूं कि अकेले जबलपुर में बीते पांच साल में पत्नी की प्रताड़ना से परेशान करीब साढे चार हजार पति लापता हो गये जिसमें ज्यादातर अब नर्मदा के किनारे सन्यासी होकर जीवन बिता रहे हैं।

राज्यमंत्री के नाचने को मीडिया द्वारा मुद्दा बना देना गलत बात

Jitendra Dixit : निजी जीवन में मीडिया की दखलंदाजी को लेकर गाहे-बगाहे चिंता जताया जाना वाजिब है। हर बात को बतंगड़ बनाना कहां तक उचित है? कल खबरिया चैनलों ने एक विवाह पार्टी में डांस देखने को लेकर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री की खिंचाई की। अरे, शादी-विवाह के मौके पर नाच-गाना कोई नयी बात नहीं है। वहां शोकगीत तो नहीं होंगे।

हमारा मीडिया निष्पक्ष है! सच्चीमुच्ची!!

Nadim S. Akhter :  सच है, इस देश में मीडिया निष्पक्ष है. नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार रोजाना 11 रुपये से ज्यादा कमाने वाले को अमीर करार देती है, गरीबों का मजाक उड़ाती है लेकिन मीडिया की चुप्पी हमें चौंकाती नहीं. कोई नहीं पूछता कि कांग्रेस के रशीद मसूद तो 5 रुपये वाली थाली ले आए थे, नरेंद्र मोदी 5 रुपये का ढोकला कहां से लाएंगे ??? हां, जब कांग्रेस वाली केंद्र सरकार के योजना आयोग ने ऐसा बेतुका आंकड़ा दिया था, गरीबों का उपहास किया था तो मीडिया ने आसमान सिर पर उठा लिया था. खबर खूब बिकी थी.

फ्रीजर में आशुतोष महाराज और चैनलों पर उबाल

Awadhesh Kumar :  आसाराम बापू के बाद ऐसा लग रहा है जैसे हमारे कुछ टीवी चैनलों के टीआरपी के लिए आशुतोष महाराज मिल गए हैं। अलग-अलग तरीके से ताबड़तोड़ खबरें, बहस…..इस तरह चल रहीं हैं मानो इस समय देश के लिए सबसे बड़ा मुद्दा वही हो। किसी साधु का शरीर डीप फ्रीजर में रखा हो और उसकी सांसे बंद हो, ह्दय के धड़कन रुके हुए हों तो आम तौर पर उसे मृत या साधुओं के लिए ब्रह्मलीन हुआ माना जाएगा। डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर रहे हैं और पंजाब सरकार ने भी यही कहा है। लेकिन उनके भक्त कह रहे हैं कि वे समाधी की अंतिम अवस्था में हैं जहां शरीर की सारी क्रियाएं रुक जातीं हैं।

अरुण कानपुरी का एक मेल, ‘प्रभात खबर’ और पुष्प रंजन को बधाई

भड़ास पर अरुण कानपुरी के निधन की खबर पढ़कर मैं स्तब्ध रह गया.

KAASH YE KHABAR JHUTHI HOTI !

Last week ARUN SE DER RAAT BAAT HUI THI.

1990 KE Dainik Jagran WALE SAATHI KO AKHIRI SALAM !!

-Pushpranjan

9971749139

चैनल में पैसे का लेन-देन और हंगामा

गुड़गांव : हरियाणा के कांग्रेसी विधायक हैं रघुबीर कादियान और उनका एक हरियाणा का क्षेत्रीय न्यूज चैनल है 'आई विटनेस'। इसका संचालन गुड़गांव से होता है। दो दिन पहले चैनल का हेड आफिस हंगामे का केंद्र बन गया। जमकर बवाल हुआ। बताते हैं कि चैनल के एक जूनियर स्टाफ ने इनपुट से जुड़े किसी बड़े अधिकारी का ही गला पकड़ लिया और जमकर गाली-गलौच की। मामला किसी स्ट्रिंगर के पैसे के लेन-देन से जुड़ा हुआ था।

अखिलेंद्र प्रताप सिंह की प्रेस कांफ्रेंस और दिनकर कपूर से मुलाकात

Yashwant Singh : प्रेस क्लब आफ इंडिया में आज दिनकर कपूर से मुलाकात हुई. हम दोनों इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान एक साथ सीपीआईएमएल (लिबरेशन) के होलटाइमर बने. फिर अलग-अलग मोर्चों पर काम करने के लिए अलग-अलग इलाकों की ओर रवाना किए गए. बाद में मैं तो जाने कब पार्टी से कार्यमुक्त होकर मीडिया वाला फिर भड़ास वाला बन गया लेकिन दिनकर भाई ने रास्ता नहीं बदला, हां पार्टी बदल ली. सीपीआईएमएल (लिबरेशन) में जब एक बड़ी फूट हुई तो अखिलेंद्र, लालबहादुर आदि के साथ दिनकर ने भी अलग रास्ता चुना और आजकल ये सभी लोग आईपीएफ यानि आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के बैनर तले कार्यरत हैं.

रघु, भुवनेश, अजीत, आशीष, सुशील, मनोज, वीओएम के बारे में सूचनाएं

रघु आदित्य ने राजस्थान से जल्द ही शुरू होने वाले न्यूज चैनल 'न्यूज इंडिया' ज्वाइन कर लिया है. उन्हें एक्जीक्यूटिव एडिटर का पद दिया गया है. दैनिक भास्कर समूह के बीटीवी में रघु कार्य कर रहे थे. रघु के अलावा भुवनेश तिवाड़ी ने भी 'न्यूज इंडिया' का दामन थाम लिया है. भुवनेश अभी सिटी न्यूज में काम कर रहे थे. 'न्यूज इंडिया' के टेक्निकल डिपार्टमेंट में अजीत सिंह और आशीष नागर ने ज्वाइन किया है.

कारवां, असीमानंद, मीडिया और माता

Abhishek Srivastava : कारवां पत्रिका में असीमानन्‍द पर कवरस्‍टोरी को छपे छह दिन हो गए, लेकिन मीडिया में इसे उठाने की सुध आज जगी। टीवी वाले या तो वाकई पढ़ते-वढ़ते नहीं हैं, या फिर माता के निर्देश का इंतज़ार करते हैं।

‘हिंदुस्तान’ अखबार से दबा कर पैसा कमा रही हैं शोभना भरतिया, जरा देखें मुनाफे के आफिसियल आंकड़े

अखबार अब धंधा हो गए हैं और इनका आखिरी मकसद टर्नओवर को बढ़ाना है. इसी फंडे पर चलते हुए सारे बड़े अखबारों का मुनाफा लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी अनुपात में सत्ता और सिस्टम के घपले, घोटाले, भ्रष्टाचार, कुनीतियों, अराजकता को उजागर करने की क्षमता लगातार घटती जा रही है. मुनाफा बढ़ने और ताकत घटने के बीच रिश्ता है.

सुदर्शन टीवी चैनल नोएडा में अपनी विशाल इमारत में हुआ शिफ्ट

Roy Tapan Bharati : सुरेश चव्हाण टीवी न्यूज चैनल में अब जाना-पहचाना नाम है। 41 साल के चव्हाण मूलतः साईं बाबा के नगर शिरडी के रहने वाले हैं। उनसे मेरा संबंध उनके टीवी चैनल पर पैनल डिस्कशन में शिरकत की वजह से बना। चव्हाणजी कुछ अलग किस्म के हैं और वह अपने टीवी को अपने तरीके से चला रहे हैं। उनके रग-रग में राष्ट्रवाद का खून है और वह हर पल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नजरिए से सोचते हैं। उनका मंत्र है, सुदर्शन टीवी को ही नहीं, भारत को भी अव्वल बनाना है। उनके 'बिंदास बोल' टीवी प्रोग्राम के प्रशंसक देश ही नहीं विदेश में बसे भारतीय भी हैं।

अंशुमान तिवारी का जागरण से इस्तीफा, अजय प्रकाश और आशीष महर्षि का भास्कर में तबादला

तीन सूचनाएं हैं. सबसे बड़ी दैनिक जागरण से. कभी दैनिक जागरण के नेशनल ब्यूरो में काफी वरिष्ठ पद पर रहे अंशुमान तिवाठी को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी रास नहीं आई और उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. महीनों पहले अंशुमान को दैनिक जागरण उत्तर प्रदेश का प्रभारी और स्टेट ब्यूरो का चीफ बनाकर लखनऊ भेजा गया था. यह जिम्मेदारी उन्हें रामेश्वर पांडेय के रिटायर होने के बाद दी गई थी. पर अंशुमान ने दैनिक जागरण में अपनी लगातार उपेक्षा के कारण त्रस्त होकर करीब 18 साल की लंबी पारी को विराम देने का फैसला कर लिया. देखना है कि अंशुमान त्रिपाठी अब कब व कहां नई पारी की शुरुआत करते हैं.

मीडियाकर्मियों के मजीठिया वेज बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आज

आज वो दिन है जब मीडियाकर्मियों के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसला सुनाया जाएगा. इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में अखबारों के मालिक ले गए और कई तरह के बहाने बनाकर वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू किए जाने से रोके रखा. इस बीच हिंदुस्तान, लोकमत समेत कई अखबारों ने अपने यहां से स्थायी कर्मचारियों को बुरी तरह परेशान करके निकाल दिया या दूर दराज ट्रांसफर कर दिया या फिर उन्हें कांट्रैक्ट पर रख लिया.

वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद बने जिया न्यूज के सीईओ और एडिटर इन चीफ

खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद ने नई पारी की शुरुआत कर दी है. वे जिया न्यूज के सीईओ और एडिटर इन चीफ बनाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक जिया न्यूज प्रबंधन ने एसएन विनोद को चैनल को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें फ्री हैंड दिया गया है यानि वे किसी को भी रख निकाल सकते हैं और चैनल को दुरुस्त करने के लिए कोई भी बदलाव कर सकते हैं.

बेनी बाबू के दिए दर्द से नहीं उबर पा रहे लखनऊ के कई पत्रकार

लखनऊ : बेनी बाबू के मोबाइल, कैश और बैग ने लखनऊ की पत्रकारिता को गरम कर रखा है. होटल ताज में आयोजित कार्यक्रम में बैग पाने के लिए दर्जनों पत्रकार लाइन में लगे रहे. शर्म हया को ताक पर रखकर. इतना करने के बाद भी बेनी बाबू ने इन लोगों को छोटा सा बैग थमाकर अरमानों पर पानी फेर दिया. कई दिनों तक यह मामला सचिवालय के प्रेस रूम और तमाम जगहों पर गरमा गरम बहस का मुद्दा बना रहा.

कैनविज टाइम्‍स को धोखा देने वाली टीम ने वॉयस ऑफ मूवमेंट ज्‍वाइन किया

: पुराने मीडियाकर्मी को काम करने से मना किया गया : लखनऊ : कुछ दिन पहले प्रभात रंजन दीन लगभग तीस लोगों की टीम के साथ कैनविज टाइम्‍स को ठप करके निकल गए थे. दीन के चलते कैनविज टाइम्‍स दीन हीन स्थिति में पहुंच गया. टीम के जाने के अगले दिन अखबार भी प्रकाशित नहीं हुआ. लखनऊ में इस बात की जबर्दस्‍त चर्चा रही. अखबारों में वीर रस लिखने वाले दीन के नैतिकता पर उंगली उठी. उनकी पीठ में छूरा घोंपने की आदतों पर भी लोग चर्चा करते दिखे. इस बार दीन ने दो दर्जन मीडियाकर्मियों को दीन दुखी बना दिया है.

पत्रिका ने लिखा – आईआरएस की सर्वेक्षण पद्धति सर्वश्रेष्ठ!

नई दिल्ली। एमयूआरसी ने मंगलवार को इंडियन न्यूज पेपर सोसायटी को लिखे एक पत्र में विस्तार से बताया है कि क्यों वर्तमान सर्वेक्षण पद्धति सर्वश्रेष्ठ है।

रीडरशिप में पोल खुलने से नाराज 18 मीडिया समूह आईआरएस से अलग हुए

नई दिल्ली। इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी की कार्यकारी समिति की ओर से सर्वसम्मति से इंडियन रीडरशिप सर्वे (आइआरएस-2013) को खारिज करने के बाद दैनिक जागरण समेत कई प्रमुख अखबारों ने खुद को आइआरएस से अलग कर लिया है।

कर्नाटक मीडिया एकेडमी अवार्ड की घोषणा, कई पत्रकार सम्मानित

बेंगलुरु। गुरुवार को कर्नाटक मीडिया एकेडमी अवार्ड 2012 और 2013 की घोषणा मीडिया एकेडमी के अध्यक्ष एमए पोनप्पा द्वारा की गई। यह अवार्ड कर्नाटक सरकार की ओर से दिया जाता है। वेबसाइट वनइंडिया-कन्नड़ के चीफ एडिटर एसके शाम सुंदर, टाइम्स ऑफ इंडिया के एचएस बालाराम और मनीपाल मीडिया नेटवर्क के डा. सतीश यू पाई को अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। अन्य पत्रकारों में, उदयवाणी के रवि हेगड़े, विजय कर्नाटका की सुगाता श्रीनिवास, डेक्कन हेराल्ड की आशा कृष्णास्वामी, वरिष्ठ पत्रकार सदाशिव शेनॉय को भी यह अवार्ड दिया जाएगा। सम्मानित होने वाले पत्रकारों में शाम सुंदर एक मात्र वेब जर्नलिस्ट हैं।

संसद सत्र आज से, सरकार के लिए आसान नहीं है ‘अपनों’ को संभालना!

15वीं लोकसभा का समापन सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। सरकार ने तैयारी की है कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पास करा लिए जाएं। उसने अपने तईं विपक्ष से भी भरपूर समझदारी बनाने की कसरत कर ली है। भ्रष्टाचार विरोधी विधेयकों को पास कराने के लिए मुख्य विपक्षी दल भाजपा नेतृत्व तो राजी है। लेकिन, सरकार को समर्थन देने वाली पार्टी सपा ने कई ‘किंतु-परंतु’ के सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे ज्यादा आफत तो आंध्र के कांग्रेसी सांसदों के पाले से ही आ रही है।

राहुल और मोदी दोनों उल्टी अंग्रेजी में ही करते हैं

Nadim S. Akhter : 3 दिसंबर 2013 को मैंने नरेंद्र मोदी के एक इंटरव्यू का लिंक शेयर किया था, जिसमें मोदी, करण थापर के शो -डेविल्स एडवोकेट- में गुजरात दंगों का जिक्र आने के बाद संभल नहीं पाए. उनका कंठ-गला सूख गया, पीने के लिए एक ग्लास पानी मांगने लगे और करण थापर से अपनी दोस्ती की -दुहाई- देते हुए इंटरव्यू को खत्म करने का एकतरफा ऐलान कर दिया. करण, मोदी को समझाते रहे लेकिन नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने माइक-वाइक निकाला और चलते बने.

बेनी गिफ्ट प्रकरण की सतर्कता आयोग से जांच की मांग

लखनऊ स्थित आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने लगभग 1000 स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को राष्ट्रीय इस्पात उपभोक्ता काउंसिल में कथित गलत नामांकन की केंद्रीय सतर्कता आयोग से जांच कराये जाने की मांग की है. आयोग के अध्यक्ष प्रदीप कुमार और प्रधानमंत्री को भेजी अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि मंत्रालय की नियमावली के अनुसार इस काउंसिल में लौह एवं इस्पात, गृह निर्माण और सम्बंधित उद्योगों से सदस्य बनाए जाने का नियम है.

बेटे को मरता नहीं देख सकते मां-बाप, परिवार ने की इच्छामृत्यु की मांग

सीहोर, मध्य प्रदेश। शासन की तमाम स्वास्थ्य योजनाएं एक मासूम का इलाज नही करवा पा रही है। मजबूर माता-पिता को अपने बच्चे के इलाज के लिए मदद मांगनी पड़ रही है। लेकिन बीमारी का इलाज इतना मंहगा है कि अब लोगों की मदद भी कम पड़ रही है। मदद के सभी दरवाजे बंद देख, बेहद मजबूर औऱ निराश माता-पिता ने अपने परिवार सहित अपनी जीवनलीला समाप्त करने का मन बना लिय़ा है। मासूम की मां ने 22 फरवरी को परिवार सहित आत्मदाह करने के लिए आवेदन जिला-कलेक्टर को दिया है।

गाजीपुर में बदहाल हाईवे के खिलाफ वर-वधु और बारातियों ने किया सत्‍याग्रह

वर्षों से बदहाल नेशनल हाईवे से बेजार एक नवविवाहित वर-वधू ने बरातियों समेत सड़क दुरुस्त करने की मांग को लेकर गाजीपुर मे सत्याग्रह किया। मामला सुहवल क्षेत्र के ताड़ीघाट बारा मार्ग के नेशनल हाईवे 24 का है। अपनी तरह के इस अनूठे सत्याग्रह मे नवविवाहित वर-वधू और बरातियों ने सड़क पर बैठ कर शासन प्रशासन से नेशनल हाईवे तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। वर-वधू के इस सत्याग्रह को लेकर जहां पूरे इलाके मे चर्चा रही, वहीं क्षेत्रीय विधायाक और प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह जल्द ही सड़क को दुरुस्त करा देने का दम भर रहें हैं।

200Cr ‘Hindustan’ Advt. Scam: SC to decide on Shobhana Bhartia’s SLP

New Delhi: “My Lord, this is the first case of the serious economic offence of the powerful media house of the country.The Munger Deputy Police Superintendent and the Police Superintendent in Bihar have submitted their Supervision Reports No.01 & 02 and have held that all allegations against the named accused persons including the petitioner,Shobhana Bhartia, in the Munger Kotwali P.S Case No.445/2011, are prime-facie true.The Hon’ble High Court at Patna has also rejected the petition of the petitioner and has directed the Munger police to complete the police investigation within three months from the receipt of the court order.Then,the petitioner, Shobhana Bhartia moved the Hon'ble Supreme Court.

वायकॉम18 ला रहा है नया म्यूज़िक चैनल ‘Pepsi MTV Indies’

वायकॉम इंक. और नेटवर्क18 के ज्वाइंट वेंचर वायकॉम18 ने आज अपने नए 'इंडी' म्यूज़िक चैनल के नाम की घोषणा की। पेप्सिको  इंडिया द्वारा प्रायोजित इस चैनल का नाम है 'Pepsi MTV Indies'। चैनल उभरते हुए कलाकारों और संगीत की विभिन्न विधाओं को एक बड़ा प्लैटफार्म उपलब्ध कराएगा। म्यूज़िक के साथ ही चैनल स्वतंत्र फिल्में, कला, हास्य-व्यंग आदि को भी लोगों के घरों तक पहुंचाएगा।

चुनाव का टाइम है, नेताजी लाख रुपया महीना देंगे तभी छपेंगे

चुनाव के दौरान पेड न्यूज प्रकाशित और प्रसारित करने के मीडिया के रवैये के खिलाफ पिछले 6-7 साल से तूफान मचा हुआ है। 2007 के उत्तरप्रदेश विधानसभा के चुनाव में इसकी चर्चा शुरू हुई। इस कुरीति से मतदाता व जनवादी तबके तो परेशान नहीं दिखे लेकिन पत्रकार और उनकी महंती का शौक रखने वाले इस क्षेत्र के दिग्गज आपे से बाहर होते गये। पत्रकार संगठनों के सम्मेलनों में बगुला भगतों ने इस मुद्दे पर गला फाड़-फाड़ कर आसमान को जैसे सिर पर उठा लिया। चुनाव आयोग ने इसके बाद न्यूज छापने पर तमाम तरह की पाबंदियां लगा दीं। वैसे तो गंगा अभी भी घोषित रूप से पवित्र नदी है लेकिन कानपुर में इसकी वास्तविकता क्या है सभी जानते हैं। किसी गंदे नाले से ज्यादा गंदगी कानपुर में है, इस बात से सभी परिचित हैं। इसी तरह चुनाव आयोग की पाबंदियों के बाद मीडिया संस्थाओं के संचालकों के बैकफुट पर आ जाने से पत्रकारिता की गंदगी साफ हो जाने जैसे फतवे जारी किये जा रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि इस बार लोकसभा चुनाव की दुदंभि बजने के पहले ही पेड न्यूज धड़ल्ले से छपना शुरू हो गयी है।

नीरा राडिया ने बुक कराया था बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी के लिए कमरा

बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी केशव एन नंबूदरी को दिल्ली के महरौली इलाके के होटल में तीस साल की महिला के यौन उत्पीड़न के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। पुजारी के साथ रह रहे उसके रिश्तेदार को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि नंबूदरी जिस कमरे में ठहरा था उसे पूर्व कारपोरेट दलाल नीरा राडिया ने बुक करवाया था। वह दो फरवरी को अपने रिश्तेदार के साथ केरल से दिल्ली पहुंचा था और राडिया के ड्राइवर के परिचय-पत्र के आधार पर होटल के कमरे में दाखिल हुआ। शीतकाल में मंदिर बंद होने के बाद वह केरल चला गया था। मई में मंदिर का द्वार खुलने से पहले उसे मार्च में बदरीनाथ लौटना था।

उमा भारती को राहुल गांधी अधेड़ क्यों लगते हैं (देखें वीडियो)

उमा भारती पिछले दिनों मध्य प्रदेश के सीहोर गईं. वहां गणेश जी का दर्शन किया और फिर राजनीतिक बयानबाजी की. उन्होंने राहुल गांधी को अधेड़ कह दिया… उमा भारती को केजरीवाल सबसे बड़े भ्रष्ट नजर आते हैं… उमा भारती गणेश जी की पूजा करने के तुरंत बाद परनिंदा शुरू कर देती हैं..

बलिया में मुस्लिम महिला लापता, सीएम अखिलेश के यहां से फोन आने पर जागी पुलिस (देखें वीडियो)

यूपी पुलिस का हाल बुरा है. बलिया में पुलिस वाले सोते रहे. कोई लापता हो जाए, कोई गायब हो जाए तो बला से. पर जब सीएम अखिलेश यहां से फोन आया तो पुलिस वालों को ड्यूटी याद आ गई. लगे खोजने तलाशने और दर-दर पूछने कि इस गायब महिला को कहीं देखा है…

जब दिल बड़ा करके ‘एबीपी न्यूज’ ने ‘आज तक’ का नाम अपनी स्क्रीन पर फ्लैश किया… (देखें तस्वीर)

Nadim S. Akhter : टीआरपी रेटिंग वाली टेलिविजन पत्रकारिता के इस दौर में एबीपी न्यूज चैनल का यह कदम सराहनीय, प्रशंसनीय और अनुकरणीय है. कल न्यूज चैनल -आज तक- ने पहले से ही बदनाम दिल्ली पुलिस की पोल-खोल करके उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर किया और स्टिंग ऑपरेशन में ये दिखाया कि कैसे दिल्ली पुलिस का सिपाही से लेकर एसएचओ तक हरे-लाल नोटों की खातिर वर्दी और उस पर जड़े सितारों को बेचने के लिए तैयार बैठा है. खरीद सको तो खरीद लो. पांच सौ-हजार रुपये में ही आप कानून को खरीद सकते हैं, ये जानकर देश को तो शर्म आई लेकिन मुझे नहीं लगता कि दिल्ली पुलिस को आई होगी.

राजगढ़ में पत्रकार से अभद्र व्यवहार करने पर पुलिस उप निरीक्षक लाइन हाजिर

राजगढ़ (म. प्र.) : पुलिस अधीक्षक सुशांत कुमार सक्सेना ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में एक पुलिस उप निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन राजगढ़ हाजिर कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जयराज कुबेर के अनुसार जिले के पचोर पुलिस थाना में पदस्थ पुलिस उप निरीक्षक विजय वर्मा ने भोपाल से प्रकाशित एक दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता पंडित रमाकांत शर्मा को २६ जनवरी की दोपहर पचोर के गांधी चौक पर रोक कर अभद्र व्यवहार किया था।

नभाटा, गुड़गांव से अलख राम सिंह का इस्तीफा

गुड़गांव। नवभारत टाइम्स ग्रुप के गुड़गांव ऑफिस में पत्रकारों का आवागमन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस सप्ताह एनबीटी का एक और पत्रकार ब्यूरो चीफ की तानाशाही से परेशान होकर अलविदा कह गया. नाम है अलख राम सिंह. इन्होंने लगभग 6 महीने पहले गुड़गांव ऑफिस में ज्वॉइन किया.

अब पत्रकार भी करने लगे हुड्डा की जय हो

रोहतक : ये सीएम सिटी के कुछ सो काल्ड पत्रकार बाज नहीं आएंगे। इन्हें मौका मिलना चाहिए चमचागिरी का, बस शुरू हो जाते हैं। सीएम सिटी के इसलिए कहता हूं कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक से ही हैं। अपने दौरे में जब भी वे पत्रकारों से रूबरू होते हैं तो कोई कुछ मांगता है तो कोई कुछ। अब तो सरेआम जय हो के नारे भी लगाने शुरू कर दिए हैं इन्होंने।

भूखंड के लिए उदयपुर के पत्रकार धरने पर

उदयपुर से खबर है कि नगर विकास प्रन्यास से लंबे समय से भूखंडों की मांग कर रहे पत्रकार आज कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे. इस संबंध में न्यायालय में चल रहा वाद भी खत्म हो गया है, लेकिन यूआईटी सचिव आरपी शर्मा की हठधर्मिता के कारण पत्रकारों को उनका जायज हक नहीं मिल पा रहा है. इसी कारण पत्रकारों को धरने पर बैठना पड़ा. यह धरना पत्रकार संघर्ष समिति की तरफ से दिया जा रहा है.

बीना शुक्ला की लड़ाई, भड़ास वालों की गिरफ्तारी और जागरण के बनिये मालिक

Yashwant Singh : दैनिक जागरण, कानपुर में कार्यरत रही एक महिला मीडियाकर्मी अपने यौन शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. पुलिस, प्रशासन, कोर्ट हर जगह चक्कर काट रही हैं. पर आरोपी आज भी जागरण में बड़े ठाठ से नौकरी कर रहे हैं. महिला पर ही दबाव पड़ रहा है कि वह केस वापस ले ले, मुंह बंद रखे… पीड़िता महिला मीडियाकर्मी बीना शुक्ला (इन्हें अपना नाम सार्वजनिक होने से कोई आपत्ति नहीं है) ने आज एक टेप जारी किया है. इस टेप में जागरण के एक कर्मी, जो अहम गवाह है, से बातचीत है. बीना की लड़ाई को कोई मीडिया हाउस नहीं लड़ रहा क्योंकि आरोपी जागरण जैसे मीडिया हाउस में कार्यरत हैं और प्रबंधन से संरक्षित हैं… ऐसे में बीना ने फेसबुक, सोशल मीडिया के लोगों से अपील की है कि वे आगे आएं और उनके मसले को उठाएं…

दैनिक जागरण में यौन शोषण की शिकार महिला मीडियाकर्मी ने जारी किया एक टेप (सुनें)

बीना शुक्ला दैनिक जागरण, कानपुर की मीडियाकर्मी रही हैं. उनके साथ जागरण में ही कार्यरत चार वरिष्ठों ने यौन शोषण किया. बीना ने पहले दैनिक जागरण के मालिकों से लिखित शिकायत की. पर मालिकों ने चुप्पी साध ली और बीना को ही टर्मिनेट करने का फरमान जारी कर दिया. जब दैनिक जागरण के मालिकों ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही कोई जांच बिठाई तो वे पुलिस के पास गईं. पुलिस के छोटे बड़े सभी अधिकारियों ने मामला दैनिक जागरण का देखकर शिकायत को ठंढे बस्ते में डाल दिया. मजबूरन बीना को कोर्ट जाना पड़ा.

नामवर जी बड़ा काम कर रहे हैं, साहित्य सेवा में पप्पुओं, लवलियों और पोंटियों को शामिल कर कहे हैं

Abhishek Srivastava : तो लीजिए साहेबान, साहित्‍य की दुनिया में जला है नया चिराग जिसमें तेल की जगह शराब है। शराब व्‍यवसायी और रियल एस्‍टेट के सरताज मरहूम पोन्‍टी चड्ढा की वेव कंपनी हिंदुस्‍तान टाइम्‍स अखबार के सहयोग से प्रस्‍तुत करती है दिल्‍ली लिटरेचर फेस्टिवल 2014…! इस मेले की शुरुआत श्री राजेंद्र यादव को श्री नामवर सिंह द्वारा श्रद्धांजलि से होगी।

पुण्य प्रसून का ‘आप’ से बड़ा याराना दिखता है!

दीपक शर्मा जी ने आजतक पर दिल्ली पुलिस का असली चेहरा यानि भ्रष्ट चेहरा बेनकाब किया. दिल्ली के कई थानों में रिपोर्टर ने ख़ाकी को खुफ़िया कैमरे में कैद करने के लिए रुपये भी लुटाए. दिल्ली के बॉर्डर एरियाओं तक ख़ाकी का टेस्ट परखा गया. टेस्ट कहीं निगेटिव निकला तो ज्यादातर जगह पॉजिटिव आया.  स्टिंग को ऑन एयर करने से पहले (और बाद तक) हर बार की तरह (लेकिन आज कुछ ज्यादा ही) पुण्य प्रसून वाजपेयी मंद-मद मुस्कुराते नज़र आए. स्टिंग चलने लगा.. ख़ाकी बेनकाब होना शुरू हो गई…वाजपेयी जी की मुस्कुराहट और दोगुनी हुई…. वाजपेयी ख़ाकी के दामन पर लगे दागों को एक-एक कर दिखाते रहे और सवाल दागते रहे…

कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार शंकर प्रसाद चौधरी का निधन

कोलकाता : वरिष्ठ पत्रकार शंकर प्रसाद चौधरी का लंबी बीमारी के बाद यहां निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी हैं। परिवार के सूत्रों ने कहा कि चौधरी लंबे समय से कई बीमारियों से पीड़ित थे और उन्होंने कल अंतिम सांस ली। चौधरी 90 के दशक के मध्य में यूनाइटेड न्यूज आफ इंडिया (यूएनआई) के कोलकाता ब्यूरो से मुख्य संवाददाता पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

पेड न्यूज माफिया निशिकांत ठाकुर ने भाजपा ज्वाइन कर ‘आप’ को निपटाने की सुपारी ली!

Yashwant Singh : भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और पेड न्यूज के लिए कुख्यात रहा निशिकांत ठाकुर 'राजनीति' अब खुलकर करेगा. सूचना मिली है कि यह शख्स गाजे-बाजे के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गया. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसे भाजपा की सदस्यता दिलाई. संभव है कि यह चुनाव वगैरह भी लड़ ले और जीत भी जाए. आप समझ सकते हैं कि भ्रष्ट राजनेताओं और मीडिया माफियाओं के बीच कितना तगड़ा नेक्सस है. दोनों एक दूसरे को प्रोटेक्ट करते हैं और एक दूसरे को गाहे-बगाहे मदद करते हैं. कभी खुल कर तो कभी छिप कर.

रिटायर होने के बाद निशिकांत ठाकुर करेंगे भाजपा की राजनीति

लंबे समय तक मीडिया से जुड़े रहे निशिकांत ठाकुर ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जेपी नड्डा भी मौजूद थे। बिहार में जन्मे निशिकांत ठाकुर ने अपने जीवन की नई पारी शुरू की है। हालांकि, इससे पहले वह कभी सक्रिय राजनीति में नहीं रहे, लेकिन 'दैनिक जागरण' समूह में विभिन्न दायित्व निभा चुके ठाकुर का सामाजिक दायरा काफी बड़ा रहा है।

दो कहानियां : जो पत्थर छोड़ने का साहस करते हैं वही मसीहा बनते हैं…. आखिरी काम…

Sanjay Sinha : पता नहीं क्यों, लेकिन आज सुबह से ही मन कर रहा था कि कोई मेरी कहानी सुनाता। मैंने तो न जाने कितनी कहानियां लिखीं, कितनी कहानियां लिखूंगा । लेकिन क्या कहीं कोई मेरी कहानी भी लिख रहा है? मैं जानता हूं, आप सब मेरी कहानियां लिख रहे हैं। बेशक आप उन्हें कागज़ पर नहीं उकेर रहे लेकिन आपने अपने दिल में मेरी ढेरों कहानियां उकेरी हैं, जब कभी आपसे मिलूंगा तो आप सब मुझे मेरी कहानी ज़रूर सुनाएंगे। आख़िर ज़िंदगी है भी क्या, चंद यादें और कुछ कहानियां। आइए आज आपको मुरुगेसन की कहानी सुनाता हूं। मुरुगेसन की चर्चा मैंने इस बार जबलपुर में Amit Chaturvedi से की थी, और उन्होंने कल मुझसे अनुरोध किया कि मैं उसकी कहानी आप सबको सुना दूं।

‘जनसत्ता’ छोड़कर ‘जी न्यूज’ गया तो बॉस खुश करने का फार्मूला मिला

Sanjay Sinha : जनसत्ता छोड़ कर ज़ी न्यूज़ ज्वायन कर चुका था। कागज़-कलम और कम्यूटर की जगह कैमरा और वीडियो मशीन पर काम करने लगा था। रिपोर्टिंग में था, रोज शूट करके लाता। बॉस को बताता कि ये शूट किया, वो शूट किया, इस तस्वीर को देखिए, उस तस्वीर को देखिए… लेकिन बॉस मेरे दिखाए विजुअल से खुश नहीं होते। बहुत परेशान रहता कि बॉस को कौन से विजुअल दिखाऊं कि उनका दिल जीत सकूं।

जनसत्ता का वो कौन सीनियर था जिसने शेखर झा की मौत पर संजय सिन्हा का लेख नहीं छापा?

Sanjay Sinha : बॉस पर लिखना आसान काम नहीं है। एक तरह से मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने की तरह है। खास तौर पर तब जब Sanjaya Kumar Singh ने मेरे बॉस होने का मुझे अहसास करा दिया है। लेकिन फिर लगता है कि सर ओखल में देने के बाद मूसल की परवाह नहीं करनी चाहिए। ऐसे में मैं बतौर बॉस कैसा हूं, इस बारे में मैं क्यों चिंता करूं?

बिहार डायरी बिफोर इलेक्शन : परवीन अमानुल्ला की चोट सुशासन बाबू के लिेए ‘गहरी’ है

Sushant Jha : परवीन अमानुल्ला की चोट सुशासन बाबू के लिेए 'गहरी' है। किसी नजदीकी का सुशासन से भरोसा टूटा है जो मियां-बीवी दोनों ने मिलकर जताया था! अब पाटलिपुत्र की गलियों में कानाफूसी है कि परवीन, बीजेपी का दामन थाम सकती है-उनके पति पहले ही सचिव बनकर केंद्र सरकार में जा चुके हैं! उनके पति अफजल अमानुल्लाह, नीतीश के खास थे और इसीलिए बिहार के मुख्य सचिव थे।

सोशल मीडिया नहीं, मास मीडिया कहिए जनाब

इस हफ्ते फेसबुक के दस साल पूरे होने का जश्‍न मनाया जा रहा है. फेसबुक की इंडिया चीफ कृतिगा रेड्डी का कहना है कि यह साल एफबी इंडिया के लिए अहम होगा. रेड्डी मानती हैं कि भारत मार्क जकरबर्ग की उम्‍मीदों पर खरा उतरेगा. 42 साल की रेड्डी चाहती हैं कि सोशल मीडिया की जगह इसे मास मीडिया कहा जाना चाहिए. खासकर भारतीय कंपनियां फेसबुक को सोशल मीडिया नहीं, बल्कि मास मीडिया प्लैटफॉर्म के रूप में देखें.

जब जब होवे दंगे की बात… तब तब पानी मांगत जात! (देखें दो वीडियो)

Yashwant Singh :  राहुल गांधी का अर्नब गोस्वामी ने जो इंटरव्यू लिया, उसमें राहुल का परफारमेंस सही नहीं रहा.. यहां तक कि उनसे वाड्रा जमीन घपले का सवाल नहीं पूछा गया, जिसके कारण माना गया कि इंटरव्यू प्रायोजित था.. पर जिसने भी वो इंटरव्यू देखा, उसने कहा कि अर्नब काफी आफेंसिव थे और राहुल मिमियाते हुए जवाब दे रहे थे.. मुझे भी ऐसा ही लगा…

प्रकाशकों ने विज्ञापनदाताओं से की आईआरएस 2013 पर भरोसा न करने की अपील

देश के 18 प्रमुख समाचार पत्र प्रकाशकों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पिछले सप्ताह जारी किए गए इंडियन रीडरशिप सर्वे 2013(आईआरएस) के नताजो की भर्त्सना की है। प्रकाशकों का कहना है कि सर्वे का नतीजों में चौंकाने वाली ग़ल्तियां हैं। इन 18 प्रकाशकों में शामिल हैं: द टाइम्स ऑफ इंडिया, जागरण, भास्कर, इंडिया टुडे, आनंद बाज़ार पत्रिका, लोकमत, आउटलुक, डीएनए, साक्षी, द हिन्दू, द ट्रिब्यून, अमर उजाला, बर्तमान पत्रिका, आज समाज, मिड डे, द स्टेट्समैन, नई दुनिया और दिनकरन।

तहलका पीड़िता का आरोप, ईमेल के ज़रिए किया जा रहा बदनाम

तहलका पत्रिका के संपादक तरुण तेजपाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार ने गोवा पुलिस से शिकायत की है। पीड़िता का कहना है कि ईमेलों के माध्यम से उसकी पहचान उजागर करने और उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद गोवा पुलिस की एक टीम ने मुंबई जा कर पीड़िता के बयान लिए।

पत्रकार लोकेंद्र पाराशर की मां का निधन

ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार लोकेंद्र पाराशर की माताजी श्रीमति सुशीला देवी पाराशर का गत शनिवार रात को  निधन हो गया। वे 65 वर्ष की थीं। उनका अंतिम संस्कार रविवार को गृहग्राम रिछैरा मऊछ (नयागांव) में किया गया। उनकी चिता को मुखाग्नि उनके पति लक्ष्मण प्रसाद पाराशर ने दी। अंतिम संस्कार में क्षेत्र के कई गणमान्यजन शामिल थे। उनके निधन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सदस्य प्रभात झा, प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, अशोक अर्गल, मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, महिला बाल विकास मंत्री माया सिंह, मंत्री लालसिंह आर्य सहित कई पत्रकारों ने संवेदना व्यक्त की है।

चंचल और दयानंद पांडेय की फेसबुकिया भिड़ंत चर्चा में है इन दिनों, आप भी आनंद लें

चंचल कांग्रेस में हैं. कभी बीएचयू में हुआ करते थे. कांग्रेस पार्टी है. बीएचयू विश्वविद्यालय है. चंचल में कई और भी है. कलाकार. साहित्यकार, रंगकर्मी. पेंटर. पत्रकार. स्तंभकार. कई सारे डाइमेंशन्स समेटे हुए हैं. जौनपुर के रहने वाले हैं. बनारस उनकी रगों में है. इन दिनों दिल्ली में हैं. उनकी मुंबई पर लिखी गई एक पोस्ट को लेकर दयानंद पांडेय ने कुछ तथ्यगत आपत्तियां जताई और चंचल को हांकू टाइप आदमी करार दिया. दयानंद पांडेय भी पत्रकार हैं. साहित्यकार हैं. निर्दल बताते हैं खुद को. गोरखपुर को जीते हैं. इन दिनों लखनऊ में हैं. तो इन दो के बीच जो बौद्धिक घमासान हुआ, उसका आचमन ढेर सारे लोगों ने किया. कई तो इधर-उधर पार्टी बनाकर बम बरसाने लगे, जैसे कोई फाइनल वॉर शुरू हुआ हो. तो आप भी आनंद लें.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

रिश्वतखोर दिल्ली पुलिस पर स्टिंग करने के लिए ‘आजतक’ को बधाई

Yashwant Singh : दिल्ली पुलिस का या यूपी पुलिस का स्टिंग करने में ज्यादातर चैनलों और ज्यादातर पत्रकारों की फटती है क्योंकि मीडिया मालिकों और इनके पालतू पत्रकारों को डर होता है कि कहीं किसी मामले में पुलिस वाले डंडा न कर दें… सो, ये लोग उतनी ही पत्रकारिता करते हैं जितने में सब पीआर-लायजनिंग-दुआ-सलाम सब कायम रह सके… ऐसे में आजतक वालों को बधाई. खासकर Deepak Sharma को. दिल्ली पुलिस रिश्वतखोरी पर शानदार स्टिंग को लेकर मुंबई वाले वरिष्ठ पत्रकार Pankaj Shukla अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं:

दो सौ करोड़ का ‘हिन्दुस्तान’ विज्ञापन घोटाला : सुप्रीम कोर्ट तय करेगा शशि शेखर समेत कइयों का अखबारी भविष्य

नई दिल्ली। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड की चेयरपर्सन शोभना भरतिया की ओर से दायर स्पेशल लीव पीटिशन में आने वाले दिनों में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हिन्दी दैनिक अखबार 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक शशि शेखर,  दैनिक हिन्दुस्तान के पटना संस्करण के पूर्व संपादक अकू श्रीवास्तव, भागलपुर संस्करण के संपादक बिनोद बंधु, अखबार से जुड़े अन्य संपादक महेश खरे, विजय भास्कर, विश्वेश्वर कुमार आदि के अखबारी भविष्य को तय करेगा। इन दिनों इस बड़े अखबारी विज्ञापन घोटाले की सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।

डा. रोशन जैकब का गोंडा से तबादला और दुर्गाशक्ति नागपाल प्रकरण से सबक

आखिरकार मंगलवार को गोंडा की डीएम डा. रोशन जैकब का तबादला हो गया। वाराणसी जिले के मूल निवासी व 28 नवम्बर 2012 से कृषि उत्पादन आयुक्त के स्टाफ आफिसर रहे 2000 बैच के आईएएस अजय कुमार उपाध्याय को गोंडा का नया डीएम बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि 15 अक्टूबर 2012 को दूसरी बार जिलाधिकारी के रूप में गोंडा की डीएम का कार्यभार सम्हालने वाली डा. जैकब का सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के नेताओं से कई बार टकराव हुआ।

कॉर्पोरेट मालिकों ने अपने चैनलों से कहा है मोदी विरोध से बचें

झाड़ू लेकर घूमने वाले केजरीवाल और उनके साथियों को इस बात की कोई उम्मीद ही नहीं थी कि वह पहले ही चुनाव में दिल्ली की सत्ता पर काबिज हो जाएंगे। आम आदमी पार्टी(आप) अभी मात्र एक वर्ष पहले ही अस्तित्व में आई है। भले ही यह बीजेपी और कांग्रेस की सोची समझी रणनीति रही हो कि आप को दिल्ली के तख़्त पर बिठाकर चारों ओर से घेर लिया जाये और आप अभिमन्यु की तरह इस चक्रव्यूह में फंस तो जाये पर निकले परास्त होकर ही। इस नई पार्टी ने कांग्रेस और भाजपा से लेकर सभी क्षेत्रीय दलों तक में एक बेचैनी सी पैदा कर दी है। आप आगामी चुनाव में क्या भूमिका निभाएगी यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना ज़रूर है कि शुरुआत में ही पार्टी ने एक भी नेता और उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे बिना भारत का राजनीतिक परिदृश्य बदल दिया है। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार डॉ. हर्षवर्धन मुख्यामंत्री न बन पाने के कारण बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। वे हर दिन कुछ भी ऊल-जलूल प्रतिक्रिया देते पाये जाते हैं।

पढ़ाई में सख्ती जरूरी है, लेकिन इतनी नहीं कि छात्र को जान गंवानी पड़े

कुछ ब्लैक बोर्ड, चॉक के टुकड़े और छुट्टी की घंटी किसी स्कूल की जरूरत हो सकती हैं, लेकिन परिचय और पहचान नहीं। उसका परिचय वे विद्यार्थी होते हैं जो वहां से अर्जित ज्ञान को समाज में अभिव्यक्त करते हैं। यह एक सामान्य तथ्य है कि स्कूलों में विद्यार्थियों की सोच और समझ काफी हद तक शिक्षकों से प्रभावित होती है। इस मामले में मैं खुद को खुशनसीब समझता हूं कि मुझे बहुत अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। हालांकि उनमें से कोई भी लंदन, न्यूयॉर्क या पेरिस से नहीं आए थे। वे सभी आस-पास के गांवों से हैं। उनमें से ज्यादातर के पढ़ाने का तरीका काबिले तारीफ रहा है। लेकिन मुझे कुछ ऐसे शिक्षकों से भी पढ़ने का अवसर मिला है जो हमारे दुर्भाग्य से शिक्षक बन गए थे। अगर वे शिक्षक नहीं बनते तो भी देश में शिक्षा के क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं होता। अगर वे आतंकवादियों व डकैतों का रिमांड लेने या फांसी की सजा पाए कैदियों को फंदे पर लटकाने की नौकरी करते तो वहां उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल होता।

आयाराम गयाराम मुख्यमंत्रियों के चलते नौकरशाही हो रही बेलगाम

01 फरवरी 2014 को केंद्र सरकार में जल संसाधन मंत्री हरीश रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बन गए। इस तरह 13 सालों में सत्तारूढ होने वाले वे आठवें मुख्यमंत्री हैं। 08 दिसम्बर को चार राज्यों के विधान सभा चुनावों में सूपड़ा साफ़ होने के बाद कांग्रेस में जो बेचैनी और उथलपुथल हुई, उसकी पदचाप दबे पाँव उत्तराखंड में भी सुनाई दे रही थी। उक्त चुनाव परिणामों के बाद दिल्ली व छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदले गए और चर्चाओं के गर्म बाजार में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की विदाई तय बतायी जाने लगी थी। उत्तराखंड में ऐसी चर्चा होना कोई नयी बात नहीं है। बल्कि राज्य के बनने से लेकर आज तक, बीते तेरह सालों में ऐसी चर्चाएं आम तौर पर होती ही रही हैं। यही वजह है कि इन तेरह सालों में राज्य ने आठ मुख्यमंत्री बदलते देखे। मुख्यमंत्री बनाओ, मुख्यमंत्री हटाओ का यह खेल राज्य बनने के साथ ही शुरू हो गया था।

आईएएस अफसर और महिला कर्मी के सम्बन्धों की सीबीसीआईडी जांच की मांग

प्रिय मित्र,
                जैसा कि आप सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में आवास ,सूचना, महिला और बाल कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पद पर आसीन सदाकांत भारत सरकार की सूचना चुराकर बेचने और जमकर घूस खाने के आरोपी है। सीबीआई ने घोटालेबाजों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर में इन महाशय का नाम शामिल कर इनके घर की तलाशी भी ली थी। यह बात अलग है कि अब अखिलेश सरकार और सदाकांत एक दुसरे के साधक-सिद्धक बन अपने-अपने हित साध रहे हैं।

हरीश रावत जी आपको अपनी करनी और कथनी से खुद को साबित करना होगा

प्रतिष्ठा में,
         श्रीयुत हरीश जी रावत
         माननीय मुख्यमंत्री,
         उत्तराखंड शासन, देहरादून।
आदरेय,
       श्री रावत जी सादर नमस्कार।

उत्तराखंड राज्य में मुख्यमंत्री मनोनीत होने पर आपको बधाई। यद्यपि ऐसी विपरीत परिस्थितियों में यहां पर बधाई देना इसलिये उचित प्रतीत नहीं हो रहा है कि प्राकृतिक आपदा की मार और स्थापना के तेरह वर्षों में कुनीति और अदूरदर्शिता से राजनीतिज्ञों और नौकरशाही के हाथों लुट-पिट चुके इस राज्य में बधाई और उत्सव जैसे शब्द बेईमानी साबित होते हैं। चूंकि वर्ष 2002 के चुनावों से आज तक आपकी अभीप्सा भी थी और सही मायने में आपका हक भी था अतः आपको अब मिले ऐसे सुयोग की व्यक्तिशः बधाई।

करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी में फंसा एनडीटीवी!

एस. गुरुमूर्ति ने एक ट्वीट किया है. इसके जरिए बताया है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एनडीटीवी के हिस्से में करीब पौने नौ सौ करोड़ रुपये के आसपास की रकम को 'अनएसेस्ड इनकम' घोषित किया है और इस पर टैक्स लगाया जाएगा. गुरुमूर्ति ने इस सूचना के समर्थन में स्क्रिब्ड डाट काम पर अपलोड दर्जनों पन्नों की पीडीएफ फाइल का लिंक दिया है. नीचे गुरुमूर्ति का ट्वीट और दस्तावेज का लिंक दिया जा रहा है…

बद्रीनाथ मंदिर के रावल (पुजारी) छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार, 238 साल की परंपरा टूटी

बद्रीनाथ मंदिर में सन् 1776 में रावल परम्परा की शुरुआत हुई। तब से लेकर अब तक मंदिर में 19 रावलों का इस पद तिलपात्र किया गया। पिछले 238 सालों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब भगवान नारायण के मुख्य अर्चक गिरफ्तार हुआ हो और गिरफ्तारी भी किसी ऐसे वैसे मामले में नहीं बल्कि लड़की से छेड़खानी के आरोप में। करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के केन्द्र के मुख्य अर्चक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का यह अपनी तरह का पहला मामला है।

बेगुसराय में एनयूजेआई की बलिया शाखा का गठन, सदस्यता अभियान होगा तेज

बेगुसराय। एनयूजेआई की बैठक में बलिया शाखा का गठन किया गया। अनुमंडल के एक दर्जन पत्रकार इस बैठक में शामिल हुए, जिनको जिला संयोजक संतोष कुमार गुप्ता ने एनयूजेआई द्वारा निर्गत पहचान पत्र प्रदान किया। इस मौके पर संतोष गुप्ता ने एनयूजेआई द्वारा बिहार में पत्रकारों के हितों कि रक्षा करने की दिशा में संघ के कार्यों का उल्लेख किया। बैठक में बलिया अनुमंडल में संघ की गतिविधियों को संचालित करने के लिए एक समिति का गठन भी किया गया, जिसमें फरोग-उर-रहमान को सर्वसम्मति अध्यक्ष का प्रभार सौंपा गया।

‘चैनल वन’ के साथ कमलकांत गौरी और मनोज वर्मा की नई पारी

न्यूज चैनल 'चैनल वन' के साथ दो लोगों ने नई पारी की शुरुआत की है. कमलकांत गौरी को न्यूज कोआर्डिनेटर बनाया गया है. कमलकांत गौरी पहले आजाद न्यूज में हुआ करते थे. आजाद न्यूज चैनल बंद हो जाने के बाद कमलकांत ने चैनल वन का रुख किया है.

वरिष्ठ पत्रकार अरुण कानपुर का हार्ट अटैक से निधन

गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार और कलमकार अरुण कानपुरी का आज सुबह छह बजे देहान्त हो गया. उनका निधन हार्टअटैक के कारण हुआ. अरुण कानपुर की उम्र करीब 57 वर्ष थी. उनका शव आज मंगलवार सुबह उनके कमरे में मिला.

साइकल से सीहोर पहुंचा अमेरिका का टीवी प्रोड्यूसर

सीहोर, मध्य प्रदेश। साइकल से दुनिया नापने निकले अमेरिका के कैलिफेर्निया शहर निवासी, गैरेट ऑस्टिन ग्रैडी आजकल सीहोर में हैं। ऑस्टिन अमेरिका के सीबीएस चैनल में सहायक प्रोड्यूसर हैं। उन्होनें अपनी साइकिल यात्रा 2010 में अमेरिका से शुरू की थी। पिछले साल नवंबर तक वे अपनी साइकिल से 3668 मील (5903 किलोमीटर) की दूरी पूरी कर चुके हैं। अब उनके हांगकांग से लंदन तक का सफ़र जारी है।

मासूम की हत्या से नाराज़ ग्रामीणों ने एसपी की कार का शीशा तोड़ा

देवरिया 4 फरवरी। 6 वर्षीय मासूम बालक की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक पर अपना गुस्सा उतारा। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे ग्रामीणों ने उनके के साथ धक्का-मुक्की की और चूडि़यां दिखाई। इस घटना में पुलिस अधीक्षक की कार का शीशा टूट गया।

एआईआर के डीजी वेंकटेश्वरलू हुए रिटायर, शहरयार सम्हालेंगे कार्यभार

ऑल इंडिया रेडियो को 26 साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद डाइरेक्टर जनरल, आर. वेंकटेश्वरलू बीती 31 जनवरी को रिटायर हो गए। वे मात्र तीन महीना ही इस पद पर रहे। वेंकटेश्वरलू ने अपने कैरियर की शुरुआत 1988 में स्टेशन डाइरेक्टर के रूप में की थी। आय स्त्रोतों को बढ़ाने, मानव संसाधन विकास तथा कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में वेंकटेश्वरलू ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

सात प्रेम कहानियां : स्त्री मन को झकझोर देने वाली कहानियां

प्रेम शब्द से सारी दुनिया परिचित है l यह एक ऐसी अनुभूति है जिस के बिना इंसान को सारा जीवन निरर्थक लगने लगता हैl इस अनुभति के विभिन्न रूप लोगों के जीवन में देखने को मिलते हैं l प्रेम कहीं पूजा है, कहीं तपस्या है l प्रेम के बिना जीवन मरुथल है l इस के बिना इंसान को जीवन की राहें बहुत लंबी लगने लगती हैंl समय-समय पर इसके बारे में कहानियाँ भी लिखी गयी हैं l प्रेम राधा और मीरा ने कृष्ण से किया l प्रेम के उदाहरण लैला-मजनू, शीरीं-फरहाद भी हैं l प्रेम के नाम पर लोगों की गर्दनें भी कट गयी हैंl

अमर उजाला कानपुर के वरिष्‍ठ पत्रकार प्रेम दीक्षित की मां का निधन

अमर उजाला कानपुर में कार्यरत वरिष्‍ठ पत्रकार श्री प्रेम दीक्षित की मां श्रीमती सुरेश कुमारी (70) का कल उन्नाव स्थित उनके मायके में हार्ट अटैक हो जाने के कारण निधन हो गया है।  देर शाम उनका पार्थिव शरीर उनके हेमन्‍त बिहार बर्रा, कानपुर स्थित निवास पर लाया गया। शव यात्रा उनके निवास स्‍थान से भैरव घाट पर पहुची जहां पर नगर के प्रबुद्ध जनों, पत्रकारों, समाजसेवियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्तिकेय, प्रियंका, अनुरोध, निखिल, अनूप, हितेश, कौशल, अभिनव समेत कइयों ने टीवी टुडे ग्रुप छोड़ा

खबर है कि टीवी टुडे ग्रुप के चैनल आजतक से कार्तिकेय शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है. उनकी रिफत जावेद से खटपट चल रही थी. चर्चा है कि कार्तिकेय न्यूजएक्स चैनल ज्वाइन कर रहे हैं, बतौर एक्जीक्यूटिव एडिटर. एक अन्य जानकारी के मुताबिक दिल्ली आजतक की रिपोर्टर प्रियंका कांडपाल ने रिजाइन कर दिया है. वो इंडिया टीवी में ज्वाइन कर रही हैं. माना जा रहा है कि नकवी जी इंडिया टीवी को मजबूत करने के लिए टीवी टुडे ग्रुप के लोगों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.

कैनविज टाइम्स से कइयों ने दिया इस्तीफा, प्रकाशन ठप

कैनविज टाइम्स लखनऊ के सहयोगियों ने रविवार की शाम अचानक प्रबंधन का बहिष्कार कर दिया और दफ्तर छोड़ कर बाहर चले गए। इसमें न केवल संपादकीय विभाग के कर्मचारी शामिल हैं, बल्कि सिस्टम विभाग और सर्कुलेशन विभाग और यहां तक कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी भी शामिल हैं। ज्ञातव्य है कि कैनविज टाइम्स के प्रधान संपादक प्रभात रंजन दीन ने 21 जनवरी को ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन कम्पनी के चेयरमैन कन्हैया गुलाटी ने उनसे एक फरवरी तक रुकने का आग्रह किया था।

बेनी ने पत्रकारों को बांटे कैश, मोबाइल और सूटकेस

लखनऊ : लोकसभा चुनावों की अधिसूचना इसी महीने जारी होने की संभावना है। इससे ठीक पहले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने सोमवार को होटेल ताज में एक करोड़ से ज्यादा रुपए कैश बांटा। इस्पात उपभोक्ता परिषद की सदस्यता के नाम पर ज्यादातर पैसा लखनऊ और बाराबंकी के पत्रकारों व मंत्रीजी के संसदीय क्षेत्र के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को दिया गया।

4 फरवरी को राज्यपाल व मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा नीरज की कृतियों का लोकार्पण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान एवं हेल्प यू  एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में 4 फरवरी को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी ऑडिटोरियम में 'लखनऊ की एक शाम, राष्ट्रीय भावनात्मक एकता के नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस साहित्योत्सव में डॉ. गोपाल दस नीरज की पुस्तकों 'नीरज संचयन' व 'काव्यांजलि' का लोकार्पण गणमान्य अतिथियों कि मौजूदगी में किया जायेगा। इस समारोह कि अध्यक्षता राज्यपाल बीएल जोशी करेंगे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम कि शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यामंत्री अखिलेश यादव मुख्य अतिथि व कैबिनेट मंत्री आज़म खान, शिवपाल यादव व हिंदी संस्थान के कार्यकारिणी अध्यक्ष उदयवीर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप  में शामिल होंगे। इस साहित्योत्सव में अखिल भारतीय कवी सम्मलेन एवं मुशायरा का भी आयोजन किया गया है जिसमें देश के विख्यात कवि एवं शायर शिरकत करेंगे। स्वागत गीत मिथिलेश लखनवी द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।

सड़कों पर चाय बेचने को मजबूर आईआईटीटीएम के छात्र

नई दिल्ली। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। इसके लिए केंद्र में पर्यटन मंत्रालय भी बना हुआ है। देश की ऐतिहासिक विरासतों और यहां की संस्कृति की जानकारी दुनियाभर में फैले, इसके लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा पांच बड़े शहरों में भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) चलाए जा रहे हैं। इनमें छात्रों को टूरिज्म और मैनेजमेंट की शिक्षा दी जाती है। लेकिन, इन संस्थानों में से कई ऐसे हैं, जहां प्लेसमेंट सेल ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है। इसका खामियाजा यहां से पढ़ाई करने वालों को उठाना पड़ रहा है। अब ये छात्र दिल्ली में चाय, मूंगफली बेचकर, कोरियर बॉय व कॉल सेंटर आदि में काम करके अपना गुजारा चला रहे हैं।

केजरीवाल की ‘हिटलिस्ट’ के जवाब में कई ‘बड़ों’ ने की हल्ला बोलने की तैयारी

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी राजनीतिक निशानेबाजी से भाजपा और कांग्रेस दोनों के भीतर हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने इन दलों के कई दिग्गज नेताओं को खुलेआम भ्रष्ट करार किया है। इनकी बाकायदा सूची जारी करके इन्हें लोकसभा चुनाव में हराने की ‘सुपारी’ ले ली है। केजरीवाल के इन आक्रामक तेवरों से दोनों दलों में काफी नाराजगी बढ़ी है। इन दलों के कई बड़े नेताओं ने मानहानि के नोटिस भिजवाने शुरू कर दिए हैं। चुनौती दे दी है कि केजरीवाल या तो उन्हें भ्रष्ट साबित करें, या खुद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें। भाजपा-कांग्रेस के साथ ही सपा जैसे दलों ने भी टीम केजरीवाल की खबर ली है। सपा सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि केजरीवाल उनके सुप्रीमो मुलायम सिंह के ‘चरणों’ से भी अपनी तुलना नहीं कर सकते। यदि उन्होंने ‘नेता जी’ के बारे में इस तरह की बातें फिर से कीं, तो सपा के कार्यकर्ता उन्हें सबक सिखा देंगे।

मीडिया से गायब होते साहित्य को आक्रमक मार्केटिंग नीतियों की ज़रूरत

मीडिया साहित्य को जन-जन के बीच पहुंचाने का सबसे बड़ा जरिया रहा है, लेकिन व्यावसायीकरण की अंधी दौड़ में मुख्यधारा मीडिया ने साहित्य व संस्कृति को लगभग भुला दिया है। निजी टीवी चैनलों व एफएम रेडियो में साहित्य के लिए कोई स्थान नहीं है। साहित्य की गंभीर चर्चा की उम्मीद तो छोड़िए, टीआरपी न दे पाने के कारण कवि सम्मेलनी कार्यक्रम भी टीवी के दृश्यपटल से गायब ही रहते हैं। इक्कीसवीं सदी के पहले दशक में मीडिया ने अपना जबरदस्त विस्तार किया है। मीडिया के विस्तार को यदि मीडिया की तरक्की मान लिया तो निश्चित तौर पर इसे काफी अंक मिल जाएंगे, चाहे अखबरों की बात हो या टीवी व एफएम की सभी का विस्तार हुआ है। आज देशभर में विभिन्न भाषाओं के करीब तीन सौ से ज्यादा समाचार चैनल टीवी पर दिखाए जा रहे हैं। जन सेवा प्रसारण, जिसमें दूरदर्शन, संसद के दोनों चैनल व आकाशवाणी शामिल है, को छोड़कर किसी भी निजी न्यूज चैनल पर साहित्य से संबंधित कोई कार्यक्रम नहीं प्रसारित किया जाता है। भारतीय इलेक्टॉनिक मीडिया में तो भूत-प्रेत, टोना- टोटका, ज्योतिष व अंध विश्वास को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम भी साहित्य पर भारी दिखाई देते हैं।

डॉ. नूतन ठाकुर के साथ वकीलों ने की बदसलूकी, मुख्य न्यायाधीश से की शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा अधिवक्ता अशोक पाण्डेय के साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में जस्टिस डॉ सतीश चंद्रा के लखनऊ से इलाहाबाद बेंच में हुए ट्रांसफर तथा जजों के सम्बन्ध में शिकायत प्रकोष्ठ बनाए जाने सम्बन्धी पीआईएल के बाद उन्हें आज गाली गलौज तथा तीव्र दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। जहां कुछ अधिवक्ताओं ने उन्हें कोर्ट नंबर 2 के बाहर भी धमकी दी वहीँ गेट नंबर 3 के सामने काफी संख्या में अधिवक्ताओं ने उन्हें घेर कर उनसे बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि वे किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा बार के मामले में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे और डॉ ठाकुर को कोर्ट परिसर में घुसने नहीं देंगे। बड़ी मुश्किल से कोर्ट सुरक्षाकर्मियों द्वारा डॉ ठाकुर को उनके वाहन तक पहुँचाया जा सका।

व्यंगकार प्रेम जनमेजय को मिलेगा साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान

भोपाल, 3 फरवरी। हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता को सम्मानित किए जाने के लिए दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान इस वर्ष ‘व्यंग्य यात्रा’ (दिल्ली) के संपादक डा. प्रेम जनमेजय को दिया जाएगा। सम्मान कार्यक्रम 7 फरवरी 2014 को गांधी भवन, भोपाल में सायं 5 बजे आयोजित किया गया है। आयोजन के मुख्य अतिथि प्रख्यात व्यंग्यकार ज्ञान चतुर्वेदी होंगें तथा अध्यक्षता समालोचक और बुद्धिजीवी विजयबहादुर सिंह करेंगें। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला होंगें तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में लेखक गिरीश पंकज मौजूद रहेंगें।

काली कमाई को सफेद बनाने में जुटा सहारा ग्रुप

सहारा ग्रुप अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए नई चाल चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट का डंडा पड़ते ही सहारा यह बताने में जुट गया है कि 22 हजार करोड़ कहां से आए। सहारा ने गोल्डन यू स्कीम के जरिए एडवांस पैसा लेने के लिए एक फॉर्म निकाला है। फॉर्म को गौर से पढ़ने पर साफ हो जाता है कि यह कवायद संभावित सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए शुरू की गई है। फॉर्म के आवश्यक निर्देश में साफ लिखा है कि फॉर्म भरने वाले ‘कार्यकर्ता’ मई 2012 से पूर्व के जुड़े होने चाहिए। लेकिन आगे तो सहारा ने दुस्साहस दिखाते हुए कहा है कि फॉर्म में कोई तारीख न दी जाय।

हुड्डा को पड़ा थप्पड़ तो लोगों ने मनाया ‘थौलोत्सव’

हरियाणा से खबर है कि मुख्यमंत्री भूपेंदर हुड्डा के थप्पड़ पड़ने के बाद वहां के कई इलाकों में 'थौलोत्सव' मनाया गया। हरियाणा के कुछ इलाकों में थप्पड़ को थौल भी कहते हैं। इस थप्पड़ की गूंज जैसे ही लाखों युवाओं के कानों में पहुंची वैसे ही उनके घरों में खुशी की लहर दौड़ गई। सबने फोन कर के एक-दूसरे को बधाइयां दीं। लोग देर रात तक इस घटना का ज़िक्र करते हुए ठाहके लगाते रहे। कुछ लोगों का कहना था कि ये तो होना ही था।

अनंत श्री ने किया दिवंगत रवीन्द्र शुक्ला के काव्य संग्रह का लोकार्पण

लखनऊ। सोशल मीडिया, ब्लाग व पत्र पत्रिकाओं में लेखन, पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारो पर अपनी लेखनी चलाने वाले दिवंगत रवीन्द्र शुक्ला द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘दरकती है जिन्दगी‘ का लोकार्पण अनन्त श्री द्वारा स्थानीय जयशंकर प्रसाद सभागार, राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह कैसरबाग में किया गया। ‘एक शाम काव्य, ध्यान और आध्यात्मिक संवाद अनंत श्री के साथ’ नामक इस कार्यक्रम में अनंत श्री जो कि अनंत पथ के संस्थापक, नयी आध्यात्मिक क्रांति के सूत्रधार हैं, ने उपस्थित श्रोताओं से जीवन और मृत्यु के रहस्यों पर तथा जीवन में प्रसन्नता के स्थान पर चर्चा की तथा सामूहिक ध्यान भी कराया।

साप्ताहिक वीकएंड टाइम्स का दसवें वर्ष में प्रवेश, गोष्ठी का आयोजन

उत्तर प्रदेश के प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र वीकएंड टाइम्स ने अपने दसवें वर्ष की शुरआत होने पर राजनीति और मीडिया विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें देश भर से आये पत्रकारों ने राजनीति और मीडिया के घालमेल पर चिंता जताते हुए पत्रकारों से अपने पेशे में ईमानदारी लाने की बात पर बल दिया। देश भर में मीडिया के सामने आ रहे ज्वलंत मुद्दों पर पत्रकारों ने अपनी राय रखी।

जनवाणी, एक डूबते अखबार की कहानी

मेरठ से प्रकाशित जनवाणी अखबार के हाल के बारे में आपको कुछ अवगत कराना चाहता हूं। तीन साल तक इस संस्थान में काम करने के बाद अंत में मुझे भी ये संस्थान छोड़ने को विवश होना पड़ा। अब हाल ये है कि इस संस्थान में वे लोग ही काम कर रहे हैं जिनके सामने यहां काम करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। संकेत मिल रहे हैं कि ये अखबार कभी भी बंद हो सकता है और मालिक लोग इसके उत्तराखंड संस्कण को बेचने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ और तथ्य आपको बताना चाहता हूं। नीचे लिखी बातों पर ध्यान दें।

पत्रकारों से ज्यादा कमाते हैं रेहड़ी वाले, टैक्स भी नहीं देते

मैं व्यक्तिगत तौर पर फल-सब्जी वाले से लेकर तमाम रेहड़ी वालों की मेहनत का कद्रदान हूं। हमेशा उनकी मदद करने को इच्छुक रहता हूं। आज रविवार को फुर्सत के क्षण में अपने मुहल्ले (वसुंधरा, गाजियाबाद) की एक मुख्य सड़क पर कुछ फल-सब्जी वालों से बतिया रहा था। तभी मुझे जानकर खुशी और हैरानी दोनों एक साथ हुई। एक सब्जी वाला, वसुंधरा में ही 10 हजार रुपया महीना किराए के मकान में रह रहा था। अब उसने एक बिल्डर से, वसुंधरा में 25 लाख रुपये में दो कमरे का मकान खरीद ले लिया है और उसका परिवार अब वहीं रहने चला गया है। इसके पहले उसने दिल्ली में भी 50 गज का प्लॉट खरीदकर उस पर मकान बना लिया था, वहां से भी हर महीना किराया आ रहा है।

एनडीएमसी इंजीनियरों ने कराया 56 लाख का रोड कटिंग घोटाला

नई दिल्ली। नगर पालिका परिषद में अवैध रूप से रोड कटिंग का मामला सामने आया है। इससे एनडीएमसी को करीब 56 लाख का नुकसान हुआ है। एनडीएमसी के इंजीनियर अवैध रोड कटिंग करने वाली कंपनी से सेटिंग करके सारा मामला रफा दफा करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने अपने ही स्तर पर लाखों रुपये माफ करके इस फाइल को बंद कर दिया था। अब इस मामले की शिकायत तमाम एजेंसियों तक पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

कुछ लोगों को मालूम ही नहीं होता कि वे भाग्यशाली हैं

पिछले एक महीने में जिनके बारे में मैंने सबसे ज्यादा बात की है, वे हैं, मेरे एक मित्र की टोपी, एक बस कंडक्टर जो बहुत झगड़ालू है, शक्ल से भाग्यशाली लोग और मेरा पुराना रेडियो। इन सब बातों का आपस में दूर-दूर तक कोई गहरा रिश्ता नहीं है लेकिन इनमें ऐसा कुछ है जिनकी वजह से मैं इन्हें याद रखता हूं। इस सूची में मेरे मित्र आशीष की टोपी पहले नंबर पर है। यह एक पुरानी टोपी है लेकिन यह और टोपियों से कहीं ज्यादा आकर्षक है। यह मुझे किसी प्राचीन पोप की याद दिलाती है। जब मैंने इसका इतिहास जानना चाहा तो यह काफी चौंकाने वाला था, क्योंकि उनके मुताबिक इसका अतीत अज्ञात है। उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि अब्राहम लिंकन ने जब अमेरिका के राष्ट्रपति की शपथ ली, तो यह टोपी उनके सर पर थी। वे यह भी मानते हैं कि महान योद्धा सिकंदर इसी टोपी को पहनकर दुनिया घूमा था। बाद में यह उससे खो गई। अगर ऐसा है तो यह बहुत चिंता की बात है, क्योंकि सिकंदर भविष्य में इस टोपी को मांग भी सकता है। अब तक वह अपनी सेना काफी बढ़ा चुका होगा। वह एक टोपी के लिए युद्ध भी कर सकता है।

बढ़ रहा सोशल मीडिया का प्रभाव, सुरक्षा मानक तय करना ज़रूरी

आज के आधुनिक युग में सोशल मीडिया एक क्रांति के रूप में उभर कर सामने आया है। फिर चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो सोशल मीडिया ने अपनी अलग और महत्तवर्ण पहचान बना ली है। आज चाहे युवा वर्ग हो, राजनैतिक क्षेत्र हो, शिक्षा का क्षेत्र हो, तकनीकी का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या कोई अन्य क्षेत्र हो सोशल मीडिया ने हर एक क्षेत्र में अपने को स्थापित कर लिया है। सोशल मीडिया ने मुख्य तौर पर वैचारिक क्रांति को जन्म दिया है, इस माध्यम ने अयोग्य सरकारों को अपदस्थ करने, बेहतरीन सोच विकसित करने, नव निर्माण के लिए संघर्षों और सामाजिक समझ के दायरे को विकसित किया है, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के परे राजनीतिक परिदृश्य को भी पूरी तरह बदल कर रख दिया है। आज राजनीतिक परिदृश्य और युवाओं की स्थिति को सोशल मीडिया ने एक नया रूप रंग दिया है।

भारतीय राजनीति का केजरी’काल’

अरविन्द केजरीवाल के उदय ने भारतीय राजनीति की दिशा और सोच तो बदल ही दी है, यह अलग बात है कि वह आधे-अधूरे अधिकारों और इच्छाशक्ति वाली अपनी सरकार को कैसे चलाते हैं और कब तक चलाते हैं। इसमें दो राय नहीं कि आज़ादी के बाद से देश पर शासन कर रही कांग्रेस और इस बीच में जनता पार्टी और बीच में एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने काफी हद तक विकास की सोच और तौर तरीके बदले, मगर यह कहना अनुचित नहीं होगा कि पार्टी की सोच जहां एक तरफ अपने विचारों पर आधारित थी वहीँ उसी पार्टी के सरकार के मंत्रियों की सोच संसद और मंत्रालयों में काफी हद तक कांग्रेस के तौर तरीकों से प्रभावित थी, यही वजह रही कि सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद अगले चुनाव में एनडीए और उसके घटक दलों को मुंह की खानी पड़ी। यही नहीं इसके बाद हुए फिर एक चुनाव में कमोबेश यही स्थिति रही और हार कर पार्टी को जब अपने सिद्धांत और विचारों में कमी नज़र आयी तो उसने एक दम नए अंदाज़ में फिर से अपना पूरा चोला ही बदल कर बजाय पार्टी को आगे करने के देश भर में अपनी एक चमत्कारिक छवि बना चुके गुजरात के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने नरेंद्र मोदी को आगे करके अपने पक्ष में जो माहौल बनाने की कोशिश की है उसके पहले दौर के परिणाम तो उसके लिए उत्साहित करने वाले हैं मगर जिन मोर्चों पर पार्टी को शिकस्त खानी पड़ी, वह अब भी वैसे के वैसे ही हैं, और यहीं पर पार्टी का आगे का भविष्य टिका है। पार्टी के आम नेताओं के मुह से अकसर यही सुना जाता है कि सरकार बदले बदले से नज़र  आते हैं।

इमेज सुधारने के लिए सुब्रत रॉय बांटेंगे 56000 नौकरियां

बाज़ार नियामक संस्था सेबी से अपने रिश्ते सुधारने के लिए सुब्रत रॉय के स्वामित्व वाले सहारा ग्रुप ने कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में 56000 नौकरियां देने के लिए आवेदन मांगे हैं। कम्पनी आने वाले तीन सालों में चार लाख लोगों को नौकरी देगी। जब से सुब्रत रॉय और सेबी में टकराव हुआ है, सुब्रत रॉय की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय के देश छोड़ के जाने पर तब तक के लिए रोक लगा दी है जब तक वे सेबी को निवेशकों के पैसों से संबंधित जानकारी नहीं दे देते।

एफएम रेडियो पर खबरों के प्रसारण के लिए सुप्रीम कोर्ट में पीआइएल

अभिव्यक्ति की आजादी लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। सूचना प्रसारण के माध्यम उसी आजादी के तहत लोगों तक अपनी पहुंच बनाते हैं। लेकिन इन सबके बीच एफएम व सामुदायिक रेडियो के पास मुख्यधारा मीडिया की तरह खबरें प्रसारित करने का अधिकार न होना चौंकाता है। सरकार के नियमों के मुताबिक एफएफ व सामुदायिक रेडियो न तो अपना कोई बुलेटिन बना सकते हैं न ही अपनी ओर से कोई समाचार प्रसारित कर सकते हैं। इस मामले में कई बार स्वयं सेवी संगठनों व प्राइवेट प्रसारकों ने सरकार से सार्थक कदम उठाने की पहल भी की, लेकिन सरकार ने संवदेनशील माध्यम होने की बात कहकर खबरों के प्रसारण की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया।

उत्तराखंड राज्य पुनर्गठन विधेयक में संशोधन जरूरी है

उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की विवशता ने एक बार फिर यहां उपजे राजनैतिक अनिश्चय के कारण कम से कम यह तो उजागर कर ही दिया है कि यहां के निवासी राजनैतिक रूप से कितने कमजोर हैं। वैसे तो निष्कंटक राजकाज चला पाना गये जमाने में कभी संभव रहा होगा, परंतु यहां तो शुरुआत ही गलत हुई है। राज्य गठन के तेरह वर्ष बीतने के साथ ही यहां कुल मिलाकर छः व्यक्ति भूतपूर्व मुख्यमंत्री हो गये हैं। आज की तारीख में इतनी राजनैतिक अस्थिरता देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है। खास तौर पर हिमालयी राज्यों में तो कतई नहीं।

सीपीआई(माओवादी) ने यूसिल से मांगा पाँच करोड़ सालाना टैक्स

जादूगोड़ा। देश की सबसे पुराने और एकमात्र यूरेनियम खदानों पर अब माओवादियों का नज़र पड़ गयी है। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि.(यूसिल) प्रबंधन के पीके नायक और एससी भौमिक के नाम पत्र लिखकर सीपीआई माओवादी ने यूसिल से पाँच करोड़ प्रतिमाह टैक्स की मांग की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस पर चिंता व्यक्त की है। यूसिल प्रबंधन के पीके नायक औऱ एससी भौमिक को संयुक्त रूप से लिखे पत्र में माओवादियों ने कहा है कि बागजाता तथा अन्य खदानों को चालू हुए करीब 10 साल से अधिक बीत चुका है, लेकिन यूसिल प्रबंधन ने खदान खोलने के समय स्थानीय लोगो से जो वादे किए थे वो अभी पूरे नहीं किए गए हैं। उचित मुआवजा, पुनर्वास और नौकरी की बता अब भुला दी गई है। खदान क्षेत्र से विस्थापित लोग वर्षों से यूसिल के दफ्तर के चक्कर काट कर निराश हो गए है। अपने हक़ की बात उठाने के कारण मजदूरों पर झूठे केस लादे जा रहे हैं। बागजाता खदान से 110 तथा तुरामडीह खदान से 341 मजदूरों को निकाल दिया गया है। यूसिल प्रबंधन कमल, दीपक तथा प्रसाशन ने मिलकर मजदूर तथा अन्य लोगो का हजारो करोड़ रुपैया हजम कर दिया यह काम यूसिल प्रबंधन, प्रशासन के सहयोग के बिना संभव नहीं है।

युवक ने हरियाणा के सीएम हुड्डा को थप्‍पड़ मारा

पानीपत : कांग्रेस के रोड शो के दौरान एक युवक ने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को थप्पड़ जड़ दिया। सीएम को थप्पड़ जड़ने का दुस्साहस करने वाले इस युवक को सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह युवक नौकरी न मिलने के कारण डिप्रेशन में चल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि युवक से पुलिस पूछताछ कर रही है।

महिला पत्रकार गुणसेकर की निर्मम हत्‍या

कोलंबो : श्रीलंका की एक वरिष्ठ महिला पत्रकार की उनके घर में हत्या कर दी गई । पुलिस प्रवक्ता अजीथ रोहना ने बताया कि मेल गुणसेकर (40) का शव कोलंबो के उपनगर में स्थित उनके आवास से मिला। रोहना ने बताया कि उनके माता-पिता और भाई ने गिरजाघर से लौटने के बाद रविवार सुबह सवा आठ बजे उनका शव देखा। उन्होंने बताया कि पत्रकार के सिर और चेहरे पर कटने के जख्म हैं।

वरिष्‍ठ पत्रकार शंभुदयाल बाजपेयी बने कैनविज टाइम्‍स के संपादक

कैनविज टाइम्‍स, लखनऊ से खबर है कि शंभुदयाल बाजपेयी को अखबार का नया संपादक बनाया गया है. बाजपेयी ने अपनी जिम्‍मेदारी संभाल ली है. खबर है कि प्रभात रंजन दीन अपनी टीम के साथ निकल गए हैं. शंभुदयाल वरिष्‍ठ पत्रकार हैं. वे लंबे समय तक दैनिक जागरण से जुड़े रहे हैं. वे बरेली तथा गोरखपुर में जागरण के संपादकीय प्रभारी रहे हैं. कुछ समय उन्‍होंने इस्‍तीफा देकर चंद्रकांत त्रिपाठी के अखबार से जुड़े. माहौल अनुकूल नहीं होने पर उन्‍होंने इस अखबार को भी अलविदा कह दिया.

रबि झा मामले में उप-श्रमायुक्त कार्यालय नहीं पहुंचा कशिश न्यूज़

कशिश न्यूज़ प्रबंधन द्वारा जमशेदपुर में कार्यरत पत्रकार रबि झा को बिना कारण एवं  बिना किसी पूर्व सूचना के कार्य से हटाये जाने सम्बन्धी मामले को झारखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने जमशेदपुर के उप-श्रमायुक्त के समक्ष उठाया गया था। इस मामले में उप-श्रमायुक्त ने पत्र भेज कर कशिश प्रबंधन और झारखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रमोद कुमार झा को 28 जनवरी को उनके कार्यालय में उपस्थित होकर अपना-अपना पक्ष रखने को कहा था।

पत्रकार राधेकृष्ण ने बृजभूषण तिवारी के जीवन पर लिखी किताब

समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वर्गीय बृजभूषण तिवारी के जीवन पर देश के जाने-माने पत्रकार राधेकृष्ण ने “संघर्ष पथ रू समाजवादी पुरोधा बृजभूषण तिवारी पर एकाग्र” नामक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक में मुलायम सिंह यादव ने ‘बृजभूषण तिवारी सच्चे समाजवादी थे’ शीर्षक से एक आलेख लिखा है। अपने आलेख में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस को दोहरे चरित्र वाली पार्टी बताते हुए कहा है कि इसकी कथनी और करनी में हमेशा जमीन-आसमान का फर्क रहा है। उन्होंने कहा है कि आज की तारीख में कांग्रेस डूबता हुआ जहाज है। धोखा देने वालों का यही हश्र होता है। कांग्रेस की हमने उस समय मदद की थी जब केंद्र में उसकी सरकार को गंभीर खतरा था, लेकिन कांग्रेस ने हमारा शुक्रिया अदा करने के बजाय हमें कमजोर करने की साजिश रची। कांग्रेस ने कई मौकों पर हमें अंधेरे में रखा। जब हमने कांग्रेस की मदद करने का फैसला किया था तो हमारे कई शुभचिंतकों ने हमसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। बृजभूषण तिवारी ने हमें आगाह किया था कि मैं कांग्रेस पर ज्यादा भरोसा न करूं क्योंकि यह पार्टी भरोसे के लायक नहीं है।

हाथरस में पुलिस द्वारा पीटे गए पत्रकारों को मिलेगा मुआवज़ा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में, दो साल पहले पुलिस द्वारा मीडियाकर्मियों को बेवजह पीटे जाने के मामले में मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। आयोग ने हाथरस के पुलिस अधीक्षक को दो अखबारों और न्यूज चैनल्स के सात पत्रकारों को मुआवज़ा देने को कहा है। पीड़ित पत्रकारों को मुआवज़े के रूप में 2,89,612 रुपये दिए जाएंगे

उत्तराखंड में फिर केन्द्र से थोपा गया मुख्यमंत्री

केन्द्र से राज्यों में नेता थोपना कोई नई बात नहीं है। देश में लोकतंत्र शुरू होने के साथ ही यह सिलसिला भी शुरू हो गया था। अपनी पंसद के व्यक्ति को सत्ता की चाबी सौंपने का क्रम इंदिरा गांधी के दौर में ज्यादा रहा। बाद में भारतीय जनता पार्टी के उदय और कुछ राज्यों में उसकी सरकार बनने के बाद वहां भी केन्द्र से नेता थोपने का क्रम शुरू हुआ। हाल में उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन भी ऊपर से नेता थोपने की परम्परा का ही एक हिस्सा है। विजय बहुगुणा की पहले ताजपोशी और बाद में हरीश रावत को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपने का कांग्रेस हाईकमान का फरमान इसी परम्परा को आगे बढ़ाने का काम है। यह दिलचस्प बात है कि अब तक राज्य के आठों मुख्यमंत्रियों को जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने नहीं बल्कि केन्द्र में बैठे नेताओं ने चुना है।

पत्रकार अभिरंजन की किताब “बचपन की पचपन कविताएं” का लोकार्पण

नई दिल्ली। शुक्रवार 31 जनवरी की शाम हिन्दी बाल साहित्य के लिए एक ख़ास और कभी न भूलने वाली शाम बन गई, जब हिन्दी के वरिष्ठ लेखक और पत्रकार अभिरंजन कुमार की एक बेहद ख़ूबसूरत किताब “बचपन की पचपन कविताएं” का लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के लिए मशहूर समालोचक डॉक्टर विश्वनाथ त्रिपाठी के साथ ही जब हिन्दी बाल साहित्य के दिग्गजों प्रकाश मनु, बालस्वरूप राही, शेरजंग गर्ग, दिविक रमेश और रमेश तैलंग ने पुस्तक को अनरैप किया, तो समारोह में उपस्थित सभी लोगों की आंखें इस गौरव से चमक उठीं कि हिन्दी में भी अब बच्चों के लिए इतनी ख़ूबसूरत किताबें छपने लगी हैं। बच्चों की 55 कविताओं से लैस 84 पृष्ठों वाली इस हार्डबाउंड, सचित्र और रंगीन किताब को नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दरियागंज, दिल्ली ने प्रकाशित किया है।

मीडिया क्रुक्स के पोल में दीपक चौरसिया सबसे बेकार पत्रकार चुने गए

मीडीया क्रुक्स डॉटकॉम नामक एक वेबसाइट द्वारा कराए गए पोल "India’s Worst Journalists-2014"(भारत के सबसे बेकार पत्रकार-2014) में नंबर एक पर रहे इंडिया न्यूज़ के दीपक चौरसिया को लोगों ने सबसे घटिया पत्रकार के रूप में चुना है। आसाराम बापू को ले कर इंडिया न्यूज पर दीपक चौरसिया ने जिस तरह के कार्यक्रम दिखाए उससे चौरसिया की खूब आलोचना हुई है। आरोप है चौरसिया ने आसाराम के एक विडियो के साथ छेड़छाड़ की और उसे आपने एक कार्यक्रम में दिखाया। इससे आसाराम की छवि खराब हुई है। ट्विटर पर लोगों ने चौरसिया को #ArrestCHORasia के नाम से कैम्पेन चलाया हुआ था। बहुत कम लोग जानते हैं कि चौरसिया एक बहादुर पत्रकार हैं जिन्होनें 2003 का अमरीका-ईराक युद्ध कवर किया था। चौरसिया एक सैनिक की तरह वर्दी, हैलमेट आदि पहन के युद्ध के मैदान में नज़र आ रहे थे। बस एक ही गड़बड़ थी, युद्ध ईराक में लड़ा जा रहा था और चौरसिया कुवैत से रिपोर्टिंग कर रहे थे, वे युद्ध के बीच में नहीं थे जैसा के टीवी पर दिखाया जा रहा था। पत्रकारिता को थिएटर समझने वाले चौरसिया इस कारण न सिर्फ पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं बल्की साधे नंबर एक की पोजीशन पर पहुंच गए।

बिना एक पैसा खर्च किए राज्यसभा पहुंचने का प्रमाणपत्र मिल गया : हरिवंश

: राजनीतिक पाठशाला के आरंभिक अनुभव : न कोई पूर्व सूचना थी, न आभास या एहसास कि बिहार जद (यू) से राज्यसभा जाना होगा. अब तक पत्रकारिता में, बाहर से राजनीति का दरस-परस होता था, घेरे के (राजनीति) बाहर की दुनिया की. दर्शक की भूमिका में. पत्रकारिता में रहते देखा, सुना और पढ़ा कि मौजूदा राजनीति में राज्यसभा वगैरह जाना कितना कठिन हो गया है?

ईटीवी ला रहा है क्षेत्रीय भाषा के न्यूज़ चैनल्स

नेटवर्क18 समूह द्वारा नियंत्रित ईटीवी चैनल्स, जेनेरल एन्टरटेन्मेंट चैनल्स, जल्दी ही 24 घंटे के न्यूज़ चैनल्स शुरू करने जा रहा है। मुकेश अंबानी द्वारा न्यूज़ नेटवर्क कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने के बाद ये पहला बड़ा कदम उठाया गया है। फिलहाल योजना ईटीवी बांग्ला, कन्नडा, गुजराती, हिमाचल और मराठी न्यूज चैनल्स लाने की है। इस काम के लिए सभी जरूरी स्वीकृतियां ली जा चुकीं हैं। ईटीवी के ऐन्टरटेन्मेंट चैन्लस पूर्व की भांति चलते रहेंगे, जबकि न्यूज़ चैन्लस के लिए ईटीवी के अन्दर  जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।

नए चैनल ‘न्यूज30’ की तैयारी, पंकज शुक्ल और डा. प्रवीण तिवारी ने संभाली जिम्मेदारी

'अध्यात्म' नाम से डेवोशनल चैनल संचालित करने वाले विपुल कृष्ण अब एक न्यूज चैनल भी लाने जा रहे हैं, 'न्यूज30' नाम से. इस चैनल को लांच कराने की जिम्मेदारी डा. प्रवीण तिवारी को दी गई है. डा. प्रवीण ने लाइव इंडिया से इस्तीफा देकर मैनेजिंग एडिटर के रूप में 'न्यूज30' ज्वाइन कर लिया है.

पत्रकार गए मकान की चाभी लेने, मिला बाबा जी का ठुल्लु

शुक्रवार कि सुबह-सुबह रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों का भारी हुजूम देखकर मुझे आश्चर्य हुआ, कि जो पत्रकार अपने आपको सबसे व्यस्त बतलाते हुए थकता नहीं है वो इतनी सुबह यहाँ क्या कर रहा है। जब मैंनें उसी तरह के अन्य अपवाद किस्म के पत्रकारों को टोली बना कर प्रेस क्लब के बाहर घूमते देखा तो मुझे पूरी तरह से यकीन हो गया कि हो न हो फिर इन लोगों को अध्यक्ष महोदय और कार्यकारणी के सदस्यों द्वारा लॉलीपॉप थमाने की कोशिश कि गई है। मैंने पूरा माजरा समझने के लिए पास के ही पान की दूकान की ओर अपना रुख किया। वहाँ खड़े हमारे एक पत्रकार साथी ने मुझसे हाथ मिलाते हुए कहा क्या बात है आपको भी आज चाभी मिलने वाली है क्या?………ये वाक्य सुनते ही मैंने उनसे पूछा ……किस चीज की चाभी…..? तो उन्होंने कहा …….अरे आप को नहीं मालुम? आज मुख्यमंत्री पत्रकारों को चाभी देने वाले हैं। नई राजधानी में, जो पत्रकारों के लिए मकान बने हैं उसकी चाभी दी जायेगी ……..इतना सुनते ही मुझे पूरा खेल समझ में आ गया ……मैंने उनसे कहा की भाई साहब पहले जमीन तो अलॉट हो जाने दो तभी तो उसमें मकान बनेगा। तभी तो उसकी चाभी आपको और अन्य पत्रकारो को प्रदान की जायेगी …..तो उन्होंने कहा ……नहीं यार सब बन चुका है। लगता है आप उस तरफ गए नहीं हो।

आरटीआई में नहीं दी सूचना, आईपीएस अफसर पर तीसरी बार जुर्माना

लखनऊ। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, आईजी कार्मिक तनूजा श्रीवास्तव द्वारा सहकर्मी आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मांगी गई सूचना नहीं देने पर उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने शुक्रवार को 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ वे आरटीआई एक्ट में तीन बार दण्डित होने वाली देश की संभवतः पहली आईपीएस अधिकारी बन गयी हैं।

रिट दायर करने पर नूतन ठाकुर को धमकी, एफआइआर दर्ज

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा अधिवक्ता अशोक पाण्डेय के साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में, जस्टिस डॉ. सतीश चंद्रा के लखनऊ से इलाहाबाद बेंच में हुए ट्रांसफर के खिलाफ पीआईएल दायर की है।  इसके बाद से उन्हें धमकियां मिल रही हैं।

आईजी स्तर के अधिकारी को नियम-विरुद्ध कार्यमुक्त किया, गाड़ी, ड्राइवर छीने

लखनऊ। एडीजी अभियोजन आर. एन. सिंह ने आज आईजी अमिताभ ठाकुर को ना सिर्फ एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त कर दिया बल्कि उनके साथ सम्बद्ध स्टेनो, अर्दली, ड्राइवर तथा सुरक्षाकर्मी भी हटा लिए। यहाँ तक कि श्री ठाकुर के साथ सम्बद्ध गाड़ी भी हटा ली। श्री ठाकुर को अपनी निजी गाडी बुलानी पड़ी।

कवरेज कराने का बहाना बना मीडिया कर्मी को ठगा

लुधियाना से खबर है कि कवरेज कराने की कहानी गढ़कर एक ठग ने निजी चैनल के मीडिया कर्मी को ठग लिया. ठग उसका कीमती वीडियो कैमरा, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान ले उड़ा. आरोपी मंडी अहमदगढ़ के गांव पंज गराइयां में रहने वाला तरनजोत सिंह संधू है. जवाहर नगर कैंप निवासी बलविंदर सिंह गोल्डी की शिकायत पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

पत्रकार राजकुमार चौहान के निधन पर शोकसभा

नोएडा के पत्रकार राजकुमार चौहान के निधन पर बिलासपुर और दनकौर के पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया है. मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले राजकुमार चौहान का बृहस्पतिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. इस सिलसिले में एक शोकसभा का आयोजन ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नंदगोपाल वर्मा के निवास पर आयोजित किया गया.

मोदी और उनकी पत्नी जशोदा बेन को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियों का दौर

Om Thanvi : आज इंडियन एक्सप्रेस में उस अभागी स्त्री जशोदाबेन का इंटरव्यू है, जिससे 17 साल की उम्र में नरेन्द्र मोदी ने शादी की। जल्दी ही उसे अपनी किस्मत पर छोड़ कर मोदी 'देश भ्रमण' को निकल गए और कभी नहीं लौटे। ससुराल जाने पर बहू को यह कर वापस भेज दिया गया कि अभी जाओ पढ़ो।

चोटी, बाल, बवाल और जान

Vikas Mishra : नौवीं में मेरा एडमिशन गोरखपुर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में हुआ था। परंपरावादी ब्राह्मण परिवार में जन्म हुआ था। वाह्य और आंतरिक दोनों संस्कार उसी के थे। सिर पर करीब एक फुट लंबी और मोटी चोटी (शिखा, चुरकी कुछ भी कह सकते हैं) हुआ करती थी। उसे बांधकर घुमाकर बालों के बीच करीने से रखते थे, गांव के स्कूल तक तो कोई बात नहीं थी, लेकिन गोरखपुर में पहले दिन से दिक्कतें शुरू हो गईं।

‘वीकएंड टाइम्स’ के स्थापना दिवस पर लखनऊ में मीडिया दिग्गजों का जमावड़ा

लखनऊ से प्रकाशित वीकएंड टाइम्स के दसवें साल में प्रवेश करने के मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज शाम एक विमर्श का आयोजन किया गया. विषय था- 'राजनीति और मीडिया'. इसमें न्यूज़24 के संपादक अजित अंजुम, लाइव इंडिया के संपादक एनके सिंह, जनसत्ता के संपादक ओम थानवी, राष्ट्रीय सहारा के संपादक राजीव सक्सेना, भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह और पत्रकारों की यूनियन के अध्यक्ष के. विक्रम राव, ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया.

ITO Crossing Name – Fraud behind it

To,

Shri Arvind Kejariwal,

Chief Minister of Delhi NCT

Government of Delhi

Delhi Secretariat, I P Estate,

New Delhi – 110002

Sub:  Application under RTI Act 2005

Ref:  Dy. Secretary (RTI) / PIO – File No. 1/CM/RTI/2014/ID-275/2567 dated 28-01-2014

Respected Sir,

I wrote a letter to you on dated 13-01-2014 regarding name of ITO Crossing as “Ramcharan Aggarwal Chowk” fraudulently by the previous Chief Minister Mrs. Sheila Dixit in recommendation of the MCD with documentary proofs.

देश के प्रमुख अखबारों ने आईआरएस रिपोर्ट को नकारा

देश के प्रमुख मीडिया समूहों ने इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस-2013) की ताजा रिपोर्ट की अत्यंत कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। मीडिया समूहों का कहना है कि इस रिपोर्ट में चौंकाने वाली खामियां हैं। आईआरएस की रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए टाइम्स ऑफ इंडिया समूह, दैनिक जागरण समूह, दैनिक भास्कर समूह, द हिंदू समूह, आनंद बाजार पत्रिका समूह, इंडिया टुडे समूह, ट्रिब्यून, लोकमत समूह, अमर उजाला, मलयालम मनोरमा, आउट लुक समूह और मिड डे ने चिट्ठी लिखी है।

फोटो जर्नलिस्‍ट को थप्‍पड़ मारने वाला सिपाही सस्‍पेंड

नई दिल्ली। दिल्ली के राजघाट पर एक पागल हाथी की तस्वीरें ले रहे ट्रिब्यून अखबार के फोटो जर्नलिस्ट मानस रंजन को थप्‍पड़ मारने वाले सिपाही को सस्‍पेंड कर दिया गया है। हुआ यूं कि राजघाट पर एक हाथी ने रेलिंग और साइन बोर्ड उखाड फेंके और अपने ऊपर बैठे महावत को नीचे गिरा दिया।

पत्रकारों को ‘स्व. रामप्रसाद बहुगुणा स्मृति पुरस्कार’ देने के लिए बनी समिति

देहरादून : 30 मई को पत्रकारिता दिवस के अवसर पर स्व. रामप्रसाद बहुगुणा स्मृति पुरस्कार दिये जाने हेतु शासन द्वारा चयन समिति का गठन कर लिया गया है। सचिव सूचना विनोद फोनिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

वीडियो में देखिए भदोही पुलिस की गुंडई

जिलाधिकरी अमृत त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक अशोक शुक्ला के निर्देश पर निहत्था व निर्दोष युवक पर किस तरह बरसती रही पुलिस की लाठी… सिर्फ अपनी नाकामी छिपाने व दहशत फैलाने के लिए बरसाई गयी लाठियां… कलम बंद रहे इसलिए पत्रकारों को भी चिन्हित करने की डीएम ने दी थी धमकी…  जब प्रशासनिक लापरवाही की छपी खबर तो किरकिरी से बचने के लिए सुरेश गांधी पर की गयी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई…  हाईकोर्ट के स्थगन आदेश पर भी पुलिस ने माफियाओं से लूटवा दिया लाखों की गृहस्थी, सरेराह पकड कर मारा गया पत्रकार को… 

हरिवंशजी : मेरे परोक्ष गुरू

हरिवंश जी से मेरी आज तक एक ही मुलाकात है। नौकरी के सिलसिले में मैं उनसे मिला था। प्रभात खबर में जगह नहीं थी। उसके बाद उनसे मुलाकात नहीं है। बनारस में हिंदुस्तान में रहते हुए एक बार उन्होंने मुझे प्रभात खबर ज्वाइन करने के लिए बुलाया था। लेकिन, पैसे कम थे। लिहाजा मैं गया नहीं। लेकिन, ये सब छोड़िए। दरअसल, मेरा भाग्य-नसीब ही कुछ खोटा रहा होगा जो मैं इतने बड़े संपादक के साथ काम नहीं कर सका।