नेताओं की भाषा में आयी गिरावट की वजह लूट की संस्कृति और बढ़ता राजनीतिक अपराधीकरण है

संसद और विधानभाओं में माननीय सदस्यों द्वारा आपस में गाली-गलौच, मार-पीट की घटनाएं कई बार सामने आने के बाद, ऐसा लगता है कि इन दिनों देश के राजनैतिक परिदृश्य में अपशब्दों और गालियों की बौछार का मौसम सा चल रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही, केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने उत्तर प्रदेश में अपने संसदीय क्षेत्र फरूर्खाबाद में एक जनसभा के दौरान नरेन्द्र मोदी को 2002 के गुजरात दंगों को रोकने में नाकाम रहने के लिए नपुंसक कह डाला। उनके इस अपशब्द पर मचा बवाल अभी शांत भी नहीं हुआ था कि, कुछ ही देर बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता व बसपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने नरेन्द्र मोदी को ’हैवान’ और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को ’सियासी भूखा भेडि़या’ तक कह डाला। आम आदमी पार्टी के बारे में उन्होंने यह भी कहा कि वह ’न पिद्दी न पिद्दी का शोरबा’ जैसी है। इसके बाद जिस राजनैतिक दल के शब्दकोश में जो भी आलोचनात्मक शब्द रेकार्ड में थे, सब खंगाल डाले गये। यही नहीं, इस घटना के बाद कई नेताओं के चरित्र प्रमाणपत्र बयां करते पोस्टर दिल्ली की सड़कों पर बहुतायत में नजर आने लगे।

अभी कुछ दिन और तिहाड़ में सोएंगे सहारा श्री

सहारा ग्रुप के मुखिया सुब्रत रॉय को अभी कुछ दिन और जेल में रहना होगा। सहारा का मामला आज जस्टिस केएस राधा कृष्णन और जेएस खेहर की विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन आज जारी हुई विचार सूची से उसे हटा दिया गया। सुनवाई कि अगली तारीख को ले कर अभी कोई फैसला नहीं …

काबुल में स्वीडिश पत्रकार की गोली मार कर हत्या

काबुल 11 मार्च। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आज सुबह एक रेंस्तरां के बाहर खड़े स्वीडन के पत्रकार की अज्ञात बंदूकधारी ने गोली मार कर हत्या कर दी। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी। स्वीडन दूतावास ने उसकी पहचान नील्स हार्नर, 52, के रूप में की है। नील्स स्वीडिश रेडियों के दक्षिणी एशिया के कॉरेसपॉन्डेन्ट थे, वे अभी हाल ही में काबुल आए थे। नील्स ब्रिटिश एंव स्वीडन का नागरिक थे।

पिंकसिटी प्रेस क्‍लब जयपुर में शुरू हुईं चुनावी तैयारियां

जयपुर। पिंकसिटी प्रेस क्‍लब जयपुर के वार्षिक चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। चुनाव 29 मार्च 2014 को होंगे। चुनाव संपन्‍न कराने के लिए एलएल शर्मा को मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। शर्मा दूसरी बार मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी बनाए गए हैं।

आज़म की भैंस की आलेचना यानी उप्र सरकार की आलोचना, आईपीएस को कारण बताओ नोटिस

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा कबीना मंत्री आज़म खान के भैंसों के चोरी हो जाने की घटना के बाद दिया एक बयान सरकार को बहुत नागवार लगा है। आज़म खान की भैंसों की चोरी और बरामदगी के बाद श्री ठाकुर ने कुछ चैनलों पर कहा था कि मंत्रीजी की भैंस की तत्काल बरामदगी से आशा का बड़ा संचार हुआ है, लेकिन यह कष्ट का विषय है कि 2011 में चोरी गयी उनके बच्चे की साइकल और 2013 में उनसे ठगे गए 5000 रुपये में एफआइआर दर्ज होने के बाद अब तक गोमतीनगर थाने की पुलिस ने उनसे पूछताछ तक नहीं की।

संपादक साहब, प्रसून पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांक लीजिए

मीडिया एक कीचड़ बन चुका है और इस कीचड़ के हम्माम में सब नंगे हैं. पुण्य प्रसून बाजपेयी और अरविंद केजरीवाल की कथित सेटिंग की खबर पर कई चैनल पिले पड़े हैं. ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि एक पत्रकार ने "आप" के लिये सारी पत्रकार बिरादरी की इज़्ज़त उतरवा दी… साथ ही ये भी कि किस तरह से सैटिंग के जरिये नेताओ की आवाज़ जनता तक पहुँचाई जाती है.

कांग्रेस ने दिल्ली की पत्रकार सुचरिता मोहंती को लोकसभा का टिकट दिया

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने 194 उम्मीदवारों की जो पहली लिस्ट जारी की है उसमें दिल्ली की पत्रकार सुचरिता मोहंती का भी नाम है। सुचरिता को ओडिशा में जगन्नाथ पुरी से टिकट मिला है। सुचरिता बिजनेस जर्नलिस्ट हैं। नेशनल हेरल्ड से अपना करियर शुरू करने वाली सुचरिता के पास पत्रकारिता का करीब 28 साल का लंबा तजुर्बा है। वह फाइनेंशियल एक्सप्रेस और इकनॉमिक टाइम्स में वरिष्ठ पदों पर रहीं हैं। उन्होंने सीआईआई और पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ भी काम किया है। उनके पति प्रियरंजन दास भी जाने-माने बिजनेस जर्नलिस्ट हैं। वह टाइम्स ऑफ इंडिया में इकनामिक एडीटर, डीएनए में डिप्टी एडीटर और फाइनेंशियल क्रॉनिकल में मैनेजिंग एडीटर रहे हैं।

स्टिंग के दौरान शक होने पर कर्नाटक के मंत्री ने TV9/NEWS9 के पत्रकारों को अपने गुण्डों से पिटवाया

बंगलूरू। कर्नाटक के बाहुबली नेता और ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार पर स्टिंग करने गए TV9/NEWS9 के दो पत्रकारों को मंत्री द्वारा अपने गुंडों से पिटवाने और पुलिस के हवाले कर देने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार TV9/NEWS9 के दोनों पत्रकार, जिसमें एक महिला पत्रकार है, एक मामले में डीके शिवकुमार पर स्टिंग ऑपरेशन करने उनके घर गए हुए थे। पैसों के लेनदेन पर हो रही बातचीत के दौरान मंत्री को शक हो गया के उनका स्टिंग किया जा रहा है। मंत्री ने तुरंत अपने गुंडों को बुलवा कर दोनों को को पकड़वा लिया। मंत्री के गुंडों ने दोनो के साथ मारपीट की और दुर्व्यवहार किया। इसके बाद मंत्री ने पुलिस को बुला कर दोनों को उनके हवाले कर दिया।

पिछली साल ही ख़त्म हो गए थे एनडीएमसी पार्किंग ठेके, अब हो रही अवैध वसूली

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के तहत चलने वालीं 16 पार्किंग लॉट से पार्किंग ठेकेदार पिछले एक सप्ताह से अवैध रूप से वसूली कर रहे हैं। इस गोरखधंधे में उनके साथ प्रवर्तन विभाग के अफसर भी मिले हुए हैं। जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह ग्रुप पांच के पार्किंग कांट्रेक्टर ने इन पार्किंगों को आगे चलाने से इनकार कर दिया था। इस ग्रुप में बाराखंबा रोड और जनपथ इलाके की कुल 14 पार्किंग आती हैं। उस पार्किंग ठेकेदार पर लाइसेंस फीस के रूप में एनडीएमसी के करोड़ों रुपये बकाया हैं। मजेदार बात यह है कि अपनी चिट्ठी दे कर वह पार्किंग ठेकेदार अपनी आगे की देनदारी से तो बच गया, लेकिन वह अभी भी वहां आने वाले लोगों की पर्ची अवैध रूप से काट कर पैसा अपनी जेब में रख रहा है।

औरंगाबाद के एमवीआई ने न्यूज़ कवर कर रहे इंडिया न्यूज़ और इंडिया टीवी के पत्रकारों से मार-पीट की

औरंगाबाद, बिहार। शहर के महाराजगंज रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पास चुनाव कार्य के लिए वाहनो को पकड़ रहे औरंगाबाद के मोटर यान निरीक्षक(एमवीआई) केके त्रिपाठी दो इलेक्ट्रॅनिक मीडियाकर्मियों से भिड़ गए। एमवीआई द्वारा वाहनों की धरपकड़ के लिए किये जा रहे कार्य की इंडिया न्यूज़ के पत्रकार धीरज पाण्डेय एवं इंडिया टीवी के प्रियदर्शी किशोर श्रीवास्तव द्वारा न्यूज कवरेज के लिए वीडियोग्राफी की जा रही थी। इस दौरान जैसे ही एक वाहन आया उसे एमवीआई द्वारा रोका गया। रोके जाने पर वाहन से उतरते ही चालक ने वाहन के अंदर मौजूद महिला मरीज की ओर इशारा किया और डॅक्टर द्वारा रेफर किए गए कागजात दिखाते हुए वाहन को नहीं रोके जाने का आग्रह किया, लेकिन एमवीआई उनका आग्रह सुनने के बजाय दादागिरी दिखाते हुए उल्टा-सीधा कहने लगे। इस दौरान वाहन जब्ती की कवरेज कर रहे पत्रकार धीरज पाण्डेय ने एमवीआई की इस हरकत को अपने कैमरे में  कैद कर लिया। कैमरे में अपनी हरकत के कैद होने का जैसे ही भान एमवीआई को हुआ वे पत्रकार से भिड़ पड़े और उन्होंने धीरज पाण्डेय को जोर से धक्का दिया जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। सड़क पर गिरते ही एमवीआई धीरज पाण्डेय पर पिल पड़े।

उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली से लोकसभा चुनाव लड़ रहे मशहूर समाजशास्‍त्री प्रो. आनंद कुमार का समर्थन करें

मशहूर समाजशास्‍त्री प्रो. आनंद कुमार उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं. लोकतंत्र के हक में राजनीति में पढ़े-लिखे और अनुभवी व्‍यक्तियों की जरूरत को देखते हुए हमें पार्टीलाइन से बाहर जाकर भी उनका समर्थन करना चाहिए.

जी न्यूज वाले चम्पादक जी ने आज प्रसून जी से पुराना बदला चुकता कर लिया…

Mayank Saxena : ये चौधरी साहब वही हैं न, जिन्होंने मुझे चम्पादक सीरीज़ शुरू करने के लिए मजबूर किया था.. तो इन चम्पादक जी ने आज प्रसून जी से पुराना बदला चुकता कर लिया… क्यों नौकरी छोड़ आए थे उसके विरोध में… हैं भई…

केजरी ने जब कहा प्राइवेटाइजेशन पर बात नहीं करेंगे तो पुण्य ने तुरंत टापिक बदल दिया!

मुकेश अंबानी वाली मीडिया कंपनी नेटवर्क18 की वेबसाइट फर्स्ट पोस्ट डॉट कॉम पर केजरी-पुण्य वीडियो विवाद पर राहुल रोशन नामक एक सज्जन का लंबा एनालिटिकल लेख प्रकाशित हुआ है. वेबसाइट अंग्रेजी में है इसलिए लेख भी अंग्रेजी में है. अंबानी की मीडिया कंपनी जिस वेबसाइट को चलाती हो, उस पर केजरीवाल या पुण्य प्रसून बाजपेयी की प्रशंसा तो होगी नहीं, खासकर तब जब कोई नया विवाद खड़ा किया गया हो और उसमें घी-तेल डालकर आग जलाने की तैयारी हो.

आजतक वाले दीपक शर्मा ने पुण्य प्रसून को victim of circumstances बताया

Deepak Sharma :  …पत्नी नौकरी नहीं करेगी…  बच्चे कान्वेंट स्कूल में नही पढ़ेंगे… घर में मेड खाना नहीं बनाएगी… गाज़ियाबाद की एक सोसाइटी के छोटे से मकान में ही रहेंगे…

पानी सहेजने की कला और उसके महत्व को बताती पुस्तक ‘भागीरथी’ का विमोचन

बाड़मेर/ सीकरः लक्ष्मणगढ़ स्थित मोदी इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी एंड साइंस में आयोजित, युवा लेखक अशोक सिंह राजपुरहोत की पुस्तक 'भागीरथी' के विमोचन समरोह में बोलते हुए वॉटर मैन राजेन्द्र सिंह ने कहा कि राजस्थान में पानी हमेशा से ही आम जनता के लिए किसी जंग से कम नहीं रहा है। यहां के जीवट ग्रामीणों ने पानी सहेजने की अपनी कला से पुरे विश्व को सीख दी है लेकिन वर्तमान में इस राज्य में पानी के अपव्यय की घटनाओ ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में जल बचत की बातों को करीने से सजाकर लोगो के सामने पेश करने की युवा लेखको की  कोशिशें सराहनीय है। इस अवसर पर मोदी इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी एंड साइंस के वाइस चांसलर प्रोफेसर एनवी सुब्बारेड्डी ने कहा कि आज समाज बदलाव चाहता है और यह बदलाव युवा लेखक ही कर सकते है। इस मौके पर मोदी इंस्टीट्यूट के डीन प्रोफ़ेसर सतीश शास्त्री ने कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर पानी को लेकर हमेशा देश में एक काले पानी के इलाके की तरह रहे हैं। लेकिन इसी बाड़मेर-जैसलमेर में परम्परागत पेयजल स्रोतो के संरक्षण के लिए जो प्रयास वर्तमान समय में होने चाहिए वह नहीं हो रहे हैं। भागीरथी पुस्तक के सम्पादक अशोक सिंह राजपुरोहित और सह-संपादक प्रवीण बोथरा ने इस पुस्तक को लेकर दर्शकों के सामने अपनी बात रखी और मौजूद दर्शको के सवालों के जवाब भी दिए।

वीडियो पर ‘आजतक’ का बयान- इंटरव्यू बिना छेड़छाड़ दिखाया गया, साजिशन छवि खराब की जा रही

Aaj Tak statement on the malicious video

New Delhi, March 10, 2014  :  A video clip showing an Aaj Tak anchor in conversation with Arvind Kejriwal is being circulated as part of a motivated campaign to malign Aaj Tak's reputation as an independent channel, which fearlessly broadcasts the truth. The Kejriwal interview was aired live in full on February 14 on all platforms of the India Today Group.

भड़ास वाले यशवंत ने वीडियो विवाद को मोदी परस्त कार्पोरेट मीडिया और भाजपा की मिलीजुली साजिश का नतीजा बताया

Yashwant Singh : पुण्य प्रसून बाजपेयी और अरविंद केजरीवाल के वीडियो को बेवजह तूल दिया जा रहा है…. यह भाजपा और कार्पोरेट मीडिया की मिलीजुली साजिश का हिस्सा है… चैनलों में जो डिबेट होते हैं, उसमें ब्रेक के दौरान जाने कौन कौन सी बातें होती हैं.. मुझे याद है… एक बार एक डिबेट के दौरान ब्रेक हुआ तो एक कांग्रेस परस्त कवि ने मुझसे कहा कि ''यशवंत जी, इतना काहे दौड़ाते हो… थोड़ा समझा करो.. कांग्रेस का नमक खाया है तो हलका फुलका उनके पक्ष में तर्क देने ही पड़ेंगे…''

एसपी गोंडा ने एक दिन में किए 26 तबादले, चुनाव आयोग में शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने लोक सभा चुनावों की घोषणा के ठीक पहले एसपी गोंडा के रूप में नियुक्त किये गए उदय शंकर जायसवाल द्वारा तैनाती के 24 घंटे के अंदर ही 10 थानों और 4 पुलिस चौकियों में फेरबदल करने के सम्बन्ध में चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है।

IBN7 के रिपोर्टर ने पर्यटक का बटुआ उड़ाया

चम्बा, हिमाचल प्रदेश। खुद को आईबीएन7 औऱ डे एंड नाईट चैनल का रिपोर्टर बताने वाले व्यक्ति पर गुजरात से डलहौज़ी घूमने आये पर्यटकों ने पैसे हड़पने का आरोप लगाया है। हुआ यूं की मुबई से हिना ट्रेवल्स से डलहौज़ी घूमने आये कुछ पर्यटक जब बर्फ का आनंद ले रहे थे तभी किसी पर्यटक का पर्स बर्फ में गिर गया। वहीं उनकी तस्वीरें खींच रहे उक्त रिपोर्टर को वो पर्स मिल गया। वह रिपोर्टर उस पर्स को पुलिस स्टेशन में जमा करवाने की बात कह कर वहाँ से खिसक गया। जब मामला डलहौज़ी पुलिस स्टेशन पहुंचा तो उक्त रिपोर्टर ने बड़ी मुश्किल के बाद पर्यटक को पांच हज़ार रुपये लौटा दिए।

केजरीवलवा ठोंकले रह ताल… तूहीं जितबे बजउले रह गाल…

Yashwant Singh : बनारस को जो लोग हिंदुत्व का गढ़ और भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानकर चल रहे हैं उन्हें बताना चाहूंगा कि बनारस वाले जैसा दिखते हैं, वैसा होते नहीं… याद करिए उन दिनों को जब आडवाणी हिंदू रथ पर सवार होकर देश भर में सांप्रदायिकता की आग फैला रहे थे.. तब बनारसियों ने आडवाणी और उनके रथ को लेकर ऐसी ऐसी कविताएं, मुहवारे, गाने, कविताएं बनाए थे कि सुन कर हंसते हंसते लोट पोट हो जाएं…

8 PM JOURNALISM : ये हमारा दाग है

Deepak Sharma : बरसों पहले जब 8 PM WHISKY लॉन्च कि गई तो एक बिजनेस ट्रेनी पत्रकार के तौर में इसकी लांच पार्टी में मौजूद था. शराब की एक बोतल गिफ्ट में मिली थी जो मैंने पड़ोस के एक बिजली मिस्त्री मित्र को सप्रेम भेंट कर दी. बड़े आदमी से रिश्वत ली और आम आदमी के हाथ में आगे बड़ा दी. ये पत्रकारिता से रोमांस के दिन थे.

इंडिया टुडे आयोजन में केजरीवाल… अंगरेजीपसंद लोगों के बीच खांटी हिंदीवाल… दो टूक सवाल-जवाब (देखें वीडियो)

Om Thanvi :  इंडिया टुडे आयोजन में केजरीवाल। अंगरेजीपसंद लोगों के बीच खांटी हिंदीवाल। दो टूक सवाल-जवाब। घोटाले ही नहीं, मरने वाले गरीबों की बात करना, अपने बन्दों की हिंसा के लिए माफी मांगना, मोदी की धज्जियाँ उड़ाना …

जो पत्रकार ऐसे संकट की घड़ी में तटस्थ रहेगा, वो अपने दायित्व से बच रहा : ओम थानवी

Om Thanvi : पत्रकारिता में जब-तब निष्पक्षता या तटस्थता की सीख बहुत सुनने को मिलती है। निष्पक्षता का मतलब निष्क्रिय या बे-पेंदे ढुलमुल रहना नहीं हो सकता। कभी पक्ष रखना भी निष्पक्षता का ही एक रूप होता है, बशर्ते वह निस्स्वार्थ हो और न्याय के हक में हो। न्याय कानूनी अर्थों में नहीं, नैतिक अर्थों में।

केजरीवाल-पुण्य प्रसून टेप में कुछ भी गलत नहीं है…

Sanjay Sharma : मैंने अब तक सैकड़ों इंटरव्यू किये होंगे… मुझे याद नहीं आ रहा कि किसी भी नेता ने यह ना कहा हो कि- ''कैसा रहा? बढ़िया छापना…''. हम भी कहते हैं कि- ''बहुत अच्छा रहा…''. और किसी खास अंश का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि यह आपने बहुत बढ़िया बोला.. और यह भी कई बार कहा है कि इसका यह अंश बहुत अच्छा रहा, इसको बढ़िया करके छापेंगे… इसमें गलत क्या है…

इस वीडियो के आधार पुण्य प्रसून को बिका कहना या पक्षकार कहना गलत बात है

Awadhesh Kumar : आजकल एक वीडियो चल रहा है जिसमें आज तक के श्री Punya Prasoon Vajpayee और Sri Arvind kejarival की इंटरव्यू के बाद या बीच की अनौपचारिक बातचीत है। इससे यह साबित किया जा रहा है कि पत्रकार मिलीभगत से काम कर रहे हैं। मेरे वाल पर भी ब्रेकिंग न्यूज के नाम से इसे लगाया गया है। इसी तरह एक तस्वीर पुण्य प्रसून वाजपेयी जी की आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ चल रही है। उसमें यह नहीं बताया जाता कि कहां कि तस्वीर है, किस समय की है, प्रसंग क्या है?

ज़ी न्यूज़ पर केजरी-प्रसून के संबंध में जारी वीडियो क्लिप्स पर चर्चा चल रही है

पंकज कुमार झा : ज़ी न्यूज़ पर केजरी-प्रसून के संबंध में जारी वीडियो क्लिप्स पर चर्चा चल रही है. अपने पुराने कर्मचारी से शायद हिसाब चुकता करेगा आज यह चैनल….दिलचस्प. पुण्य प्रसून और केजरीवाल का अन्तरंग वीडियो कल से नेट पर वायरल हो रहा है. शायद एक लंबे साक्षात्कार के बाद की बातचीत को इसमें चुपके से फिल्मा लिया गया है. इसमें मोटे तौर पर प्रसून निर्देश लेते दिख रहे हैं कि क्या दिखाया जाय और किसे कितना दिखाया जाय.

इलाहाबाद में कैनविज टाइम्स के क्राइम रिपोर्टर को छात्रनेता ने पीटा

कैनविज टाइम्स, इलाहाबाद के ब्यूरो ऑफिस के क्राइम रिपोर्टर अनुराग तिवारी होली के विज्ञापन के लिए सीएमपी डिग्री कॉलेज के महामंत्री के पास गए. इस दौरान पैसों को लेकर अनबन होने के कारण कॉलेज के महामंत्री और उनके साथ कुछ अन्य छात्र नेताओं ने कैनविज टाइम्स के संवाददाता की जमकर धुनाई कर दी.

नवजोत सिद्धू MH1 से और नीरज पटेल News Nation से जुड़े

वरिष्ठ पत्रकार नवजोत सिद्धू MH1  से जुड़ गयी हैं. वो मेनिजिंग एडिटर बनी हैं. चैनल की सारी जिम्मेदारी उन्हें दी गयी है. नवजोत सिद्धू पिछले बारह साल से मीडिया में काम कर रही हैं. इससे पहले वो आजतक, ANI, PTC, हिंदुस्तान टाइम्स, प्रज्ञा और जनता टीवी में भी कार्यरत रही हैं. नवजोत सिद्धू एंकर भी रही हैं. उन्हें पुरस्कार भी मिल चुका है.

कानपुर के डीआईजी और आईजी को भी तत्काल हटाएं : हाईकोर्ट

लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज राज्य सरकार द्वारा अब तक आईजी ज़ोन तथा डीआईजी रेंज, कानपुर को नहीं हटाये जाने के पर गहरी नाराजगी जताते हुए आदेशित किया कि उनके साथ इस मामले से जुड़े अन्य सभी पुलिसकर्मी को तत्काल कानपुर से हटाया जाये. जस्टिस इम्तियाज़ मुर्तजा और जस्टिस डी के उपाध्याय की बेंच ने यह आदेश डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में स्वतः संज्ञान में लिए तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा दायर पीआईएल की सुनवाई के समय दिया.

विधायक स्तर के नेता के यहां बड़े-बड़े संपादक, ब्यूरो चीफ अपने पैरों पर चलकर क्यों पहुंचे

संपादक स्तर के लोग अपने स्तर का खास ध्यान रखते हैं और स्तरीय कार्यक्रम में ही शिरकत करते हैं. प्रधानमंत्री के दौरे से लेकर मुख्यमंत्री के दौरे तक में संपादक या ब्यूरो चीफ दिख जाते हैं.. इससे कम पर नाक भौं सिकोड़ते हैं. पर ये संपादक और ब्यूरो चीफ लोग केवल विधायक स्तर के नेता के कार्यक्रम में अपने पैरों पर चलकर पहुंच जाएं तो सोचना पड़ता है कि माजरा क्या है.

तहलका फेम पत्रकार आशीष खेतान को ‘आप’ ने नई दिल्ली सीट से उतारा

लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से 60 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की गई है जिसमें खोजी पत्रकार आशीष खेतान को नई दिल्ली सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. खेतान तहलका के पत्रकार रह चुके हैं.  आशीष खेतान ने तहलका के बाद गुलेल डॉट कॉम की स्थापना की और बीते दिनों में कई स्टिंग किए. नई दिल्ली सीट को लेकर चर्चा थी कि यहां से अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ सकते हैं.

दिल्ली टाइम्स (टीओआई) वालों की गैर-जिम्मेदारी… ‘क्वीन’ फिल्म की कहानी गलत बता दी…

Parul Jain:  how irresponsible Delhi times (Times of India) is. today on page no 6 (must see must do), brief story of queen is given. where it is written that rani's wedding cancelled due to a car accident of her fiance which is totally wrong.

केजरीवाल और पुण्य प्रसून के बीच ‘सेटिंग’ वाले वीडियो को लेकर अखबारों में भी छपी खबरें

अरविंद केजरीवाल और पुण्य प्रसून बाजपेयी में आफ द रिकार्ड बातचीत वाले वीडियो के लीक हो जाने व सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद इससे संबंधित खबरें अखबारों में भी चटखारे लेते हुए छपी है. नवभारत टाइम्स, प्रभात खबर, दैनिक जागरण सहित कई अखबारों की यह खबर सुर्खियां बनी है… अखबारों में क्या छपा है, इसे जानने के लिए नीचे दी गई खबरें पढ़ें…

नक्सलियों से लड़ते हुए मारे गए सिपाही को माले वाले दीपांकर भट्टाचार्य ने शहीद करार दिया!

Samar Anarya : भाकपा माले लिबरेशन के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य 'नक्सलियों' से लड़ते हुए 'शहीद' हो गए सिपाही के लिए सम्मान और मुआवजा मांग रहे हैं. जियो, मधु किश्वर की दलालों को पोलित ब्यूरो में रख और पंहुचते भी कहाँ तुम. बाकी ये बता दो कि लिबरेशन के 'अंडरग्राउंड' होने के दिनों में उसके हथियारबंद दस्ते के हाथों मारे गए पुलिस वालों को लिए भी 'शहीद' का दर्ज मांगोगे या नहीं? और अगर उनके लिए माँगा तो जान दे आये अपने कामरेडों को क्या कहोगे?

रामगोपाल यादव की भड़ास : चुनाव तक समाचार न देखें, सिर्फ पिक्चर व गाने सुनना

लखनऊ। टूंडला में सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सासद प्रो. रामगोपाल यादव शनिवार को फिर मंच से मीडिया पर बरसे। जनसभा में उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं को चुनाव तक टीवी तथा अखबार से दूर रहने की सलाह दी। सपा प्रत्याशी अक्षय यादव के कार्यालय के शुभारंभ समारोह में उन्होंने कहा कि चैनल रुपए लेकर किसी को भी आगे पीछे कर देते हैं। मीडिया के मालिक व वरिष्ठ पत्रकार हमारे आदमी नहीं हैं। इसलिए चुनाव तक सिर्फ पिक्चर व गाने सुनना।

पत्रकार ओमप्रकाश चौरसिया का निधन : साथ छूट जाता है, यादें रह जाती हैं

एक और पत्रकार साथी ओम प्रकाश चौरसिया का साथ छूट गया. कोलकाता के अस्पताल में कैंसर का इलाज कराने के दौरान उनकी मौत हो गयी. हाल में हमने अपने कई पुराने साथियों को खोया है. चाहे शशिकांत हों, राजीव हों, बुद्धदेव हों या धर्मेद्र हों, मौत की हर खबर के बाद मन विचलित होता रहा. मन में अनेक सवाल उठते रहे. कैसे देखते-देखते जीवन खत्म हो जाता है. इस बार भी यही सवाल उठ रहे हैं. ओमप्रकाश का मेरा 25 सालों से ज्यादा का संबंध था. गुमला में वह रहते थे. रात हो या दिन, सुविधा हो या नहीं, काम पर कोई फर्क नहीं दिखा. जज्बेवाले पत्रकार. कभी शिकायत नहीं की. सीमित संसाधन में काम के बल पर आगे बढ़ने का तेवर.

मीडिया पर दलाल होने का इल्ज़ाम लगाने वालों के लिए कुछ बातें

Mayank Saxena : पत्रकारिता के पिछले 8 साल के अनुभव में न जाने कितने लोग मिले जो चिरौरी करते थे कि कहीं से एक फ़र्ज़ी प्रेस कार्ड बनवा दो…कई ऐसे लोग मिले जो चैनल का स्टीकर चाहते थे, गाड़ी पर लगाने के लिए…कई ऐसे लोग मिले, जिन्होंने क्रेडिट कार्ड और इंश्योरेंस बेचते हुए भी गाड़ी पर प्रेस लिखवा रखा था…ऐसे तमाम लोग मिले जो कहते रहे, "यार तुम्हारे साथ के लोगों ने फ्लैट बुक करवा लिया…गाड़ी ले ली…कैसे पत्रकार हो.."

पढ़ने में समय देने में भारतीय दुनिया भर में सबसे आगे हैं

Shailesh Bharatwasi : हम ख़ामख़ाह रोते हैं कि हिंदुस्तानियों में पढ़ने का कल्चर नहीं है। देखिए किसी सर्वेक्षण कंपनी के अध्ययन के अनुसार पढ़ने में समय देने में भारतीय दुनिया में सबसे आगे हैं। इस रपट के अनुसार भारतीय औसत रूप से 1 सप्ताह में 10 घंटे 42 मिनट का समय किताब पढ़ने को देते हैं। टीवी देखने, इंटरनेट सर्फ करने से भी अधिक पढ़ते हैं।

दुनिया का कालापन उजागर करने वाले मीडिया हाउसेस के हाथ खुद काले हो गए हैं

Vaibhav Agrawal : पत्रकारिता की जब बात करते हैं, तो भारतीय फिल्मों का वो सीन याद आता है, जिसमें खादी का कुरता पहने और एक बैग लटकाए हर जगह सच की तलाश में घूमता कलम का सिपाही… अपने घर की प्रेस से अखबार छाप कर, दुनिया को सच बताता है और काले धंधे करने वाले उसके पीछे पड़ जाते हैं… लेकिन टीवी समाचार चैनल आने के बाद पत्रकारिता की दुनिया भी अब ग्लैमर और चकाचौंध से भरपूर हो गयी है..

‘कामेडी नाईट विद कपिल’ को टक्कर देने के लिये आया दीपक चौरसिया का नया शो!

भारतीय टीवी इंडस्ट्री बड़ी प्रगतिशील है और इसके प्रोग्राम भी एक अलग प्रभाव रखते हैं. इसी में 'कामेडी नाईट विद कपिल' का कुछ अलग ही अंदाज है. इसी को टक्कर देने के लिये आ गया है एक नया शो जो कि टीवी सीरियलों के चैनल पर नहीं बल्कि समाचार चैनल पर है. ये शो इन्डिया न्यूज पर है जिसका नाम है चुनावी नाइट विद दीपक चौरसिया. वैसे ये 'इन्डिया न्यूज' चैनल समाचारों के लिये है लेकिन इसमें समाचार के नाम पर कुछ नहीं है, सिर्फ पैसा कमाना और सुपारी पत्रकारिता है.

सीरिया में संघर्ष में पत्रकार की मौत

दुबई : सीरिया के पूर्वी शहर देइर अल जोर में सरकारी सैनिकों और विपक्षी लडाकुओं के बीच हुए संघर्ष में एक सीरियाई पत्रकार की मौत हो गई.  एक क्षेत्रीय प्रसारक अल मयादीन ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि कल सरकारी सैनिकों और लड़ाकुओं के बीच हुए संघर्ष में उनके कैमरामैन उमर अब्दुल कादिर को गर्दन में गोली लगी. उमर को तुरन्त अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

आजतक के एडिट रूम से वीडियो को लीक करा के मोदी की तकनीकी सेना के पास पहुंचाया गया

Avinash Das : यह इंटरव्यू के तुरत बाद का दृश्‍य है। ऑफ कैमरा अनौपचारिक वार्ता करते हुए अरविंद केजरीवाल और पुण्‍यप्रसून वाजपेयी माइक्रोफोन के तार अलग करते हुए खड़े होते हैं। अरविंद पूछ रहे हैं कि उन्‍होंने इस मुद्दे पर क्‍यों बोला और बाकी मुद्दों पर क्‍यों नहीं बोला। पुण्‍य कहते हैं कि ये वाला हिस्‍सा हम डालेंगे, वह ज्‍यादा क्रांतिकारी है। वगैरा-वगैरा। क्‍योंकि तब तक माइक्रोफोन कनेक्‍ट था और कैमरा भी रोलिंग मोड में था, फुटेज आजतक के एडिट रूम तक पहुंच गया।

मीडिया केजरी से इतना बेचैन क्यों?

Sheetal P Singh : सचमुच में Kejriwal चुभ रहा है। india news, Zee news, Zee business, India TV, ABP news आदि आदि सिर्फ़ केजरीवाल की आलोचना की ख़बरों, प्रायोजित बहसों, नक़ली मुक़दमों और कार्टूनों से 24 घंटा बिताते लगते हैं। अज्ञात कारणों से 'आजतक' इनका विलोम है। NDTV बैलेंस रहने की कोशिश करता है। समाचार प्लस और न्यूज़ नेशन TATA SKY पर नवागंतुक हैं सो कोई टिप्पणी नहीं।

केजरीवाल-पुण्य प्रसून वीडियो : ये कोई स्टिंग नहीं है, रॉ फुटेज का आखिरी का संयोगवश रेकॉर्ड हो गया हिस्सा है

Mayank Saxena : आज तक, पुण्य प्रसून वाजपेयी और अरविंद केजरीवाल वाला वीडियो देखा…इस में कोई शक़ नहीं कि वीडियो असली है…कम से कम प्रसून जी की आवाज़ बेहद ढंग से पहचानता हूं…फोन से लेकर सामने तक लेकिन सवाल कुछ और हैं… पहला सवाल ये कि आखिर वीडियो किसी अंदर के कर्मचारी ने ही लीक किया है, क्योंकि ये रॉ फुटेज का हिस्सा है…तो कम से कम आज तक प्रबंधन को जांच तो करनी ही चाहिए…

केजरीवाल और पुण्य प्रसून बाजपेयी की साख पर बट्टा लगाने वाले इस वीडियो / स्टिंग की सच्चाई क्या है?

Yashwant Singh :  अरविंद केजरीवाल और पुण्य प्रसून बाजपेयी का एक कथित स्टिंग सामने आया है. इसमें कुछ आफ द रिकार्ड बातें हो रही हैं कि क्या दिखाना है, क्या नहीं दिखाना है. कौन वोट बैंक है और कौन नहीं है. किस पर बात करनी है और किस पर बात नहीं करनी है. किस पर फोकस करना है, किस पर नहीं करना है. यह वीडियो यूट्यूब पर किन्हीं सिद्धार्थ शर्मा ने 'अरविंद केजरीवाल एंड पुण्य प्रसून बाजपेयी एक्सपोज्ड' नाम से डाल रखा है.

कई मौतों के जिम्मेदार हैं ये टीआरपीबाज़ चैनल

पत्रकारिता से जुड़कर उसपे ही सवाल खड़े करना कोई समझदारी भरा कदम नहीं है, लेकिन अपनी दिल की भड़ास न निकालना भी खुद के प्रति भड़ास पैदा करता है। पिछले कई सालों से मीडिया में कुछ ऐसा हो रहा है जिस पर गौर करें तो मन में तमाम प्रकार के सवाल उठने लाज़मी है। लोगों को विवादों के कटघरे में खड़ी करने वाली मीडिया आज खुद विवाद का प्रयाय बनती दिख रही है। जिन खबरों को पढ़कर या सुनकर हम अपने दिन की शुरूआत करते हैं, वहीं खबरें लोगों के आमजीवन पर क्या असर डालती है, क्या इसके बारे में हमने कभी विचार किया है? आजकल हत्या और आत्महत्या की वारदातें अखबार और चैनलों के माध्यम से हमें रोज पढ़ने और सुनने को मिलती है, ऐसे में ये बात सोंचने पर विवश करती है कि क्या देश में हो रहे आत्महत्या और हत्या की जिम्मेदार मीडिया नहीं है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए मेरा स्टैनो पैसे मांगे तो मुझे बताएं

वर्ष 2012 में पुलिस अधीक्षक, जौनपुर के पद पर श्रीमती मंजिल सैनी ने अपने आशुलिपिक के भ्रष्टाचार से तंग आकर दिनांक 19.12.2012 को जनपद के सभी अधिकारियों/ थाना प्रभारियों को पत्र भेज कर कहा कि 'मेरे संज्ञान में आया है कि मेरे द्वारा जितने भी स्थानान्तरण/ नियुक्ति जनहित में या अन्य कारणों से किया जा रहा है, उसके लिए मेरे आशुलिपिक/ स्टेनो द्वारा अनावश्यक रूप से कर्मचारियों से अनुचित पैसे की मांग की जा रही है, जो कदापि अनुचित है तथा भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। मैं स्पष्ट करना चाहॅूंगी कि यदि किसी कर्मचारियों को इस तरह से प्रताड़ित किया जाता है तो मुझे व्यक्तिगत रूप से अथवा मेरे सीयूजी मोबाइल पर अवगत करायें। भविष्य में इस तरह मेरे स्टेनों द्वारा अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जाता है तो मुझे तत्काल अवगत कराया जाय। कृपया सम्मेलन करके अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को अवगत करा दें।'

बिहार के दलितों की बदहाली के लिए ज़िम्मेदार हैं लालू, पासवान और नीतीश कुमार

15 अगस्त 2007 और 15 अगस्त 2013 के बीच क्या संबंध है। निश्चित तौर पर यह भारत देश की आजादी की तिथि है, लेकिन बात जब बिहार राज्य की हो तो, यह मामला दलित, अतिपिछड़ों व पिछड़ों की हकमारी के दिन के तौर पर इतिहास में दर्ज हो चुका है। और इसका पूरा श्रेय राज्य …

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों का विरोध कर रहे हैं PTI के छह निदेशक

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने के मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए प्रेस ट्रस्‍ट ऑफ इंडिया के 15 निदेशकों की एक बैठक शुक्रवार को बुलाई गई थी। उसमें सिफारिशों को लागू करने का विरोध करने वाले छह निदेशक अनुपस्थित रहे। सूत्रों का कहना है कि वेज बोर्ड को लेकर मालिकों में भी खींचातानी चल रही है। इसी प्रकार दैनिक जागरण की कानपुर यूनिट से सूचना है कि वहां के मालिकान मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन नोएडा यूनिट से खबर है कि वहां का प्रबंधन सिफारिशों को लागू करना चाहता है। पिछले दिनों इंडियन न्‍यूज पेपर सोसाइटी के अध्‍यक्ष रवींद्र कुमार ने मजीठिया वेज बोर्ड की खिल्‍ली उड़ाने वाला बयान जारी किया था, जिस पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी और उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी। उधर मजीठिया मंच ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि समाचार पत्र उद्योग में शीर्ष पदों पर विराजमान लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे तो मंच अपने सदस्‍यों के साथ संयुक्‍त रूप से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्‍मान न करने वालों के खिलाफ आरपार की लड़ाई शुरू करेगा।

उपेक्षित साहित्यकारों और विलुप्त अनुवादित रचनाओं को मुख्यधारा में लाएगी ‘भाषान्तर’ वेबसाइट

हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए एक नई वेबसाइट 'भाषान्तर' की शुरुआत की गई है। वाबसाइट ने चर्चित साहित्यकारों, लेखकों, कवियों के साथ ही उपेक्षित रचनाकारों का भी एक वृहद डेटाबेस तैयार किया है। इस संबंध में भाषान्तर परिवार की ओर से कहा गया है कि "हम कुछ हिंदी प्रेमियों एवं सांस्कृतिक-कर्मियों ने मिलकर तय किया है कि हिंदी साहित्य को इंटरनेट की मुख्यधारा में प्रस्तुत किया जाय। अपने इस प्रयास के अन्तर्गत हम हिंदी के प्रमुख साहित्यकारों के साथ-साथ उन दुर्लभ लेखकों/ कवियों की प्रकाशित/ अप्रकाशित रचनाएँ भी शामिल करेंगे, जो काल-कवलित हो चुके हैं और जिन्हें हिंदी जगत ने लगभग भुला ही दिया है। हमारा प्रयास रहेगा कि हिंदी के उन उपेक्षित रचनाकारों को भी इंटरनेट पर प्रस्तुत किया जाय जिनकी रचनाओं की ओर हिंदी के आलोचक कोई ध्यान नहीं देते हैं। साथ ही हम भारतीय लोक साहित्य एवं बाल साहित्य को भी इंटरनेट पर सुरक्षित करने की कोशिश करेंगे। हिंदी में विदेशी साहित्य का लगातार अनुवाद हो रहा है किन्तु वह अनुवाद एक बार प्रकाशित होने के बाद पुनर्प्रकाशन के अभाव में विलुप्त हो जाता है, हम उसको भी संरक्षित करने का प्रयास करेंगे। यह सब कठिन बहुत है पर आप सभी का साथ होने से सब मंगल होगा, ऐसा हमें विश्वास है।"

आऱटीआई में हुआ खुलासा, मायाराज के मुकाबले अखिलेशराज में महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ा

प्रत्येक महिला दिवस पर सरकारों द्वारा इस बात का ज़ोर-शोर से प्रचार किया जाता है कि वे महिलाओं के उत्पीड़न से निपटने और महिलाओं के लिए भय मुक्त वातावरण बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठा रहीं हैं। हमने उप्र सरकार के नारों की ज़मीनी हक़ीक़त को जानने के लिए उप्र राज्य महिला आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण करने का निर्णय लिया, जिससे पता चल सके कि महिला के विरुद्ध हो रहे अपराधों की वास्तविक स्थिति क्या है और इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

पत्रकार से मारपीट मामले में मानवाधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक से मांगा जवाब

बराड़ा, हरियाणा। राष्ट्रीय समाचार पत्र 'सच कहूं' से जुड़े पत्रकार संदीप कुमार से मारपीट के मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्रीनिवास वशिष्ठ को जांच का जिम्मा सौंपा है और छह हफ्तों में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इससे पूर्व डीसीपी अंबाला ग्रामीण नाज़नीन भसीन द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट से आयोग ने संतुष्ट नहीं था। आयोग ने माना कि इससे पहले हुई जांच में पत्रकार की ओर से पेश किए गए कंई अहम सबूतों को दरकिनार कर दोषी पुलिस कर्मियों को पाक-साफ साबित करने की कोशिश की गई थी। जबकि पत्रकार के साथ मारपीट हुई है। आयोग की इस जांच से पत्रकार ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो पाने की उम्मीद जताई है।

पैसा जिसके बाप मैनेज करते हैं, वो तमाम फ्लॉप के बाद भी चलते रहते हैं : नवाजुद्दीन सिद्दीकी

Avinash Das : गुरुवार को धग [DHAG] के प्रीमियर में नवाज [Nawazuddin Siddiqui] मिल गये थे। हमने साथ फिल्‍म देखी और तय हुआ कि एक दिन अच्‍छे से बैठते हैं। फिर आज हम मिले और आधे दिन के साथ में उन्‍होंने मुझे फिल्‍म इंडस्‍ट्री की पॉलिटिक्‍स के बारे में विस्‍तार से बताया। संघर्ष करके खुद को साबित करने वाले अभिनेताओं को यह इंडस्‍ट्री आज भी हाशिये पर ढकेलने के मूड में रहती है।

मोदी की चुप्पी में रहस्य की गांठें हैं, जिन्हें वे कभी खोल न पाएंगे, खोलेंगे तो और उलझ जाएंगे : ओम थानवी

Om Thanvi : इंडिया टुडे वाले अपनी गर्ज से अपने आयोजन के लिए अपने भाड़े के विमान से केजरीवाल को जयपुर से दिल्ली लाए। पूछने पर यह बात केजरीवाल ने साफ भी कर दी। फिर भी बतंगड़ जारी है। कोई पाखंडी कह रहा है, कोई झूठा, कोई बेईमान।

भोपाल प्रेसपूल के बंगलों पर पत्रकारों और मीडिया हाउसों का अनधिकृत कब्जा, हाई कोर्ट ने दिए कार्यवाही के आदेश

भोपाल। पत्रकार कोटे के सरकारी मकानों के आवंटन में होने वाली गड़बड़ी और रिटायर हो जाने, तबादला हो जाने, पत्रकारिता छोड़ देने और यहां तक की मृत्यु हो जाने पर भी मकान खाली न कराए जाने को लेकर हाईकोर्ट जबलपुर मे दायर जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डबल बेंच ने सरकार को 30 अप्रैल तक कार्रवाही के निर्देश दिए हैं। पिटीशनर श्रीप्रकाश दीक्षित ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान को पत्र लिख कर याचिका के मुददों पर दलीय हितों से उपर उठ कर बिना भय और पक्षपात के ईमानदारी से कार्रवाई का आग्रह किया है। यह भी उल्लेखनीय है की सीएजी की आडिट टीम ने इस कोटे से आवंटित 187 मकानों मे से अधिकांश को अनधिकृत कब्जा घोषित कर करोंडों रूपए की वसूली के निर्दश दे रखे हैं।

कांग्रेस के भोगी नेताओं एनडी, सुरजेवाला, सिंघवी की लिस्ट में अब हुड्डा का भी नाम!

Shravan Kumar Shukla : एनडी, सुरजेवाला, सिंघवी, हुड्डा… लंबी लिस्ट है कांग्रेस के भोगियों की! कांग्रेस पार्टी में योगियों और भोगियों की लंबी लिस्ट है. इस पार्टी में योगी तब हुआ करते थे जब आजादी की लड़ाई चल रही थी. आजादी मिलते ही योगी सब एक एक कर भोगी बनते गए या फिर कांग्रेस से किनारे होते चले गए. एनडी तिवारी के भोग के लंबे किस्से हैं.

स्याही पोतने वाले को योगेंद्र यादव ने लिखित रूप से माफ कर दिया

Mayank Saxena :  योगेंद्र यादव ने अभी ट्वीट कर के कहा है कि उन्होंने संसद मार्ग थाने में बाक़ायदा प्रार्थनापत्र दिया है कि स्याही फेंकने वाले व्यक्ति के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज की जाए और न ही उसे हिरासत में लिया जाए…फिलहाल वो मेट्रो में हैं और लोगों से मिलने गुड़गांव जा रहे हैं…

दैनिक जागरण का कमाल, बिना एफआईआर शिक्षक की दर्शा दी गिरफ्तारी

फर्रूखाबाद। कानपुर से प्रकाशित दैनिक जागरण समाचार पत्र ने कमाल कर दिया है। नंबर एक की तेज रफ्तार के कारण फर्रुखाबाद के 27 फरवरी के संस्करण में गलत समाचार प्रकाशित कर दिया गया। पेज नंबर 3 पर बैनर शीर्षक ''प्रधानाचार्य ने जारी कर दिये फर्जी नियुक्ति पत्र'' वाले समाचार में कोतवाली फतेहगढ़ तिर्वा कालौनी निवास प्रधानाध्यापक सत्यप्रकाश श्रीवास्तव की गिफ्तारी की खबर के साथ ही उनका फोटो छाप दिया है।

बुलंदशहर में अमर उजाला नेताओं-अफसरों की तरफदारी कर रहा!

बुलंदशहर : यहां नेताओं और अफसरों की गोदी में बैठ गया है 'अमर उजाला'… निष्पक्षता का ढिंढोरा पीटने वाले अमर उजाला की हालत बुलंदशहर में ठीक नहीं है… यहाँ ये नेताओं और अफसरों की गोदी में फल फूल रहा है.. ये कोई पत्रकार या आम आदमी नहीं कह रहा, बल्कि इसकी खबरें ही इसकी पोल खोल रही हैं… यहां पर ये नंबर एक होने का दावा भी करता है…

पूंजी > शक्ति : मीडिया > बिक्री : संपादक > मैनेजर : मालिक > सुपर पावर : पत्रकारिता > टांय टांय फिस्स : (रवींद्र शाह स्मृति प्रसंग)

मुद्रित शब्दों के प्रति अपनी गहरी आस्था, अपने सामाजिक सरोकार, पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और आने वाले समय की आहट को पहले से पहचानने की क्षमता रखने वाले हमारे समय के समृद्ध पत्रकार रवीन्द्र शाह को गुजरे दो साल हो गये। कभी न अस्त होगा ‘रवि’ कार्यक्रम के जरिये लगातार दो साल से मित्रगण रवीन्द्र शाह स्मृति प्रसंग के जरिये ऐसा कुछ कर रहे हैं जो रवि को पसंद था। 27 फरवरी शिवरात्रि के दिन इंदौर के जॉल आडिटोरियम में ‘पत्रकारिता, कार्पोरेट कल्चर, न्यू मीडिया’ पर विमर्श हुआ। भेरू सिंह चौहान के कबीर के भजनों के बाद प्रारंभ हुए इस विमर्श के प्रारंभ में रवीन्द्र शाह का मृत्यु पूर्व के कुछ दिन पहले का एक ऑडियो दिखाया गया जिसमें रवीन्द्र शाह कह रहे हैं-

समाचार पत्रों और न्यूज़ एजेंसियों के संगठन ने की मजीठिया वेज लागू करने की मांग

समाचार पत्रों और न्यूज़ एजेंसियों के संगठन 'कंफेडेरेशन ऑफ न्यूज़ पेपर एंड न्यूज एम्प्लॉईज़ ऑर्गेनाइज़ेशन(CNNAEO)'ने समाचार पत्रों और न्यूज़ एजेंसियों के कर्मचारियों के वेज पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की मांग की है। CNNAEO ने इंडियन न्यूज़ पेपर सोसाइटी(INS) के अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार के उस बयान की आलेचना की है जिसमें …

शशि शेखर के चेले ने पीसीएस अधिकारी के धड़ पर अपना चेहरा चिपका कर अपने ही अखबार में छाप लिया फोटो!

वाह रे हिन्दुस्तान। एक तरफ देश के इस प्रमुख अखबार के प्रधान संपादक शशि शेखर जी अखबार के पहले पन्ने पर ईमानदारी और सिद्धांतों की दुहाई वाले लेख लिख रहे हैं तो दूसरी तरफ आगरा में हिन्दुस्तान को संभालने वाले उनके चेले बेईमानी का रिकार्ड तोड़ रहे हैं। आगरा की मीडिया में इन दिनों हिन्दुस्तान के सिटी चीफ मनोज मिश्रा की करतूत सुर्खियों में है। मामला थोड़ा पुराना जरूर है लेकिन शशि शेखर के हाल ही में प्रकाशित लेख के बाद चर्चा का विषय बन गया है।

बिजली चोर दोस्त को बचाने के लिए विजिलेंस टीम से लड़ गए देवरिया के पत्रकार

गोरखपुर, 8 मार्च। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के पत्रकारों ने एक बिजली चोर को छुड़वाने के लिए बिजली विभाग की विजिलेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ गाली गलौज की और बिजली चोर को छुड़ाकर अपने साथ लेते गए। बिजली चोर देवरिया के वाणिज्य कर विभाग में बाबु के पद पर तैनात है। चर्चा है कि इस मामले में विजिलेन्स विभाग के अधिकारी पत्रकारों के खिलाफ भी सरकारी कार्य में बाधा डालने की कार्यवाही करने की तैयारी कर रहे है और बकायदा झगड़ा करने वाले पत्रकारों की वीडियो रिकार्डिग भी की है।

डा. मत्स्येंद्र प्रभाकर ‘सिटी टाइम्स’ से जुड़े

लखनऊ में डा. मत्स्येंद्र प्रभाकर ने हिन्दी दैनिक 'सिटी टाइम्स' में बतौर कार्यकारी सम्पादक ज्वाइन कर लिया है. इस अखबार के मुख्य कर्ता-धर्ता और सम्पादक शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी हैं. यह समाचार पत्र 'सिटी टाइम्स' जिसे एम.सी.आई.-5 मीडिया कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड ने कुछ महीने पहले ही अधिग्रहीत किया था.

सांप्रदायिक और कश्मीर विरोधी है अखिलेश सरकारः रिहाई मंच

लखनऊ 07 मार्च 2014। रिहाई मंच ने मेरठ स्थित स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वलिद्यालय में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों पर गत दिनों भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान, पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दर्ज मुकदमें को उत्तर प्रदेश पुलिस के सांप्रदायिक और कश्मीर विरोधी मानसिकता का उदाहरण करार दिया है। मंच ने मुकदमा दर्ज …

प्रेस क्लब में महिला दिवस पर तंबोला खेला जाएगा!

Mrinal Vallari : दिल्ली के "सशक्तीकृत" पत्रकारों की "भलाई" के लिए (…)ख्यात सबसे "सशक्तीकृत" इलाके में आसपास ही हैं दो कद्दावर संस्थाएं- प्रेस क्लब और महिला प्रेस क्लब। महिला प्रेस क्लब ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्वसंध्या पर आमिर खान को बुलाया जो आजकल टीवी पर एक नई "क्रांतिकारी" लाइन बघार रहे हैं कि "महिलाएं कॉक्रोच से डरती हैं और पुरुष बॉस से डरते हैं।" खैर, "क्रांतिकारी" मार्केटियर आमिर खान से मैं इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं कर सकती।

यशस्वी यादव को अफगानिस्तान भेजा जाए डेपुटेशन पर

Kartikeya Mishra : शाबास यशस्वी यादव.. आपके शानदार नेतृत्व में कानपुर पुलिस ने दिखा दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में पौरुष की कोई कमी नहीं| मुज़फ्फरनगर दंगे चूँकि खूंखार और दुर्दांत डॉक्टरों ने नहीं कराये थे, इसलिए पुलिस ने समय से कार्रवाई नहीं की| अब भी समय है कि हमारी दरियादिली को हमारी कायरता और अकार्यकुशलता समझने वाले चेत जाएँ.. बाई द वे.. सुना है कि अमेरिका इस साल के अंत तक अफ़ग़ानिस्तान से वापस लौटने वाला है| भेजा जाय यादव जी को डेपुटेशन पर..

होली है.. सुब्रत राय के बाद अब योगेंद्र यादव के चेहरे पर स्याही

माहौल पूरा होलियाना हो चुका है. क्या सुब्रत राय और क्या योगेंद्र यादव. जनता जनार्दन सभी को रंगने में लगी है. ताजी सूचना के मुताबिक आम आदमी पार्टी के नेता और गुड़गांव से लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार योगेंद्र यादव के चेहरे पर एक शख्स ने तब स्याही रगड़ दी जव वे मीडिया से बात कर रहे थे. वो शख्स पीछे से आया और योगेंद्र यादव के चेहरे पर स्याही पोत दी. स्याही रगड़ते हुए भारत माता की जय कह रहे इस शख्स को आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने पकड़ा, पीटा और संसद मार्ग पुलिस को सौंप दिया.

पत्रकार नेता हेमंत तिवारी को पत्रकारिता और पत्रकार कम, सत्ता-सिस्टम व नेता ज्यादा सूट करते हैं

यूपी में एक पत्रकार नेता है. नाम है हेमंत तिवारी. जब पत्रकारों पर दुख पड़ता है या पत्रकारों का मसला होता है तो ये अक्सर दाएं बाएं नजर आते हैं और मोर्चा संभालने से परहेज करते हैं. पर अगर सत्ता सिस्टम और नेता को इनकी जरूरत पड़े तो फौरन हाजिर हो जाते हैं. मायावती के जमाने में हेमंत तिवारी मायावती को अपने हाथों केक खिलाते हुए माया के जन्मदिन की फोटो अपने सरकारी आवास पर लगाकर रखते थे ताकि इनके घर आने जाने वालों को इनके ताकत, रसूख के बारे में पता चल सके.

नौसेना पनडुब्बी हादसे पर युवा संसद में जमकर हंगामा

भोपाल। रूस निर्मित पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरत्न हादसे पर बहस के दौरान युवा संसद में जमकर हंगामा हुआ। रक्षामंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्ष ने रक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की। महंगाई, कृषि और महिला अपराध के मामले भी विपक्ष ने जोर-शोर से उठाए। खास बात यह रही कि तमाम अवरोध के बाद भी युवा संसद की कार्रवाई चलती रही। आखिर में नए राज्य तेलंगाना के गठन पर सरकार की ओर से लाए गए विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। यह नजारा था माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) के सभाकक्ष का, जहां युवा संसद का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

हरीश रावत ने धोखाधड़ी की है, झूठ बोला है, मुकदमा दर्ज करें

सेवा में, थानाध्यक्ष, थाना धारचूला, जिला- पिथौरागढ़ : विषय- 10 माह बाद भी बाढ़ सुरक्षा कार्य षुरू नहीं होने के कारण आरोपी के खिलाफ प्रथम सूचना दर्ज किये जाने के संदर्भ में : महोदय, वर्ष 2013 में 16 व 17 जून को आयी भीषण आपदा के बाद धारचूला तहसील के अंतर्गत धौलीगंगा, काली नदी और गोरी गंगा किनारे स्थित गांव खतरे की चपेट में आ चुके हैं। इन गांवों के सैकड़ों आवासीय भवन नदी में बह चुके हैं और सैकड़ों आवासीय भवन अभी भी खतरे में हैं। गोरी गंगा, धौली गंगा और काली नदी के किनारे बसे इन गांवों को बचाने के लिय सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ सुरक्षा का कार्य शुरू होना था।

यशवंत व्यास और अमर उजाला के रास्ते अलग, राजेंद्र गुप्ता और राजीव पांडे की नई पारी

चर्चा है कि यशवंत व्यास अब अमर उजाला से सक्रिय रूप से नहीं जुड़े हुए हैं. अमर उजाला अखबार से उन्हें पहले ही हटा दिया गया था. उन्हें मैग्जीन निकालने और चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी. मैग्जीन निकालने चलाने के लिए बनाई गई कंपनी में यशवंत व्यास को हिस्सेदार भी बनाया गया. ताजी सूचना के मुताबिक यशवंत व्यास अमर उजाला से अलग हो चुके हैं. मैग्जीन निकालने की प्रक्रिया से थोड़ा बहुत ही संबंध बना हुआ है उनका. सूत्रों का कहना है कि वे जयपुर में सेटल हो गए हैं. उनकी नई पारी के बारे में पता नहीं चल सका है. यशवंत व्यास को जब इस बारे में फोन किया गया तो उन्होंने फोन पिक नहीं किया. 

प्रगति मेहता चुनाव लड़ेंगे, लक्ष्मी एंकर बनीं, अनेहस शाश्वत व अमिताभ मिश्र की नई पारी

लोकसभा चुनाव के लिए हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर संस्करण में कार्यरत ज्वाइंट न्यूज एडिटर प्रगति मेहता को भी टिकट मिला है. लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने लोकसभा चुनाव में उन्हें उतारने का फैसला किया है. प्रगति बिहार की मुंगेर लोकसभा सीटे से चुनाव लड़ेंगे. प्रगति अमर उजाला के नोएडा ब्यूरो में भी काम कर चुके हैं. हिंदुस्तान गया संस्करण की लांचिंग में उन्हें वहां का संपादकीय प्रभारी बनाया गया था. वे हिन्दुस्तान, पटना में प्रिंसिपल करेस्पांडेंट के रूप में काम कर चुके हैं. ज्ञात हो कि 2014 के लोस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने आईबीएन7 के पूर्व मैनेजिंग एडिटर आशुतोष और दैनिक जागरण के नेशनल ब्यूरो में कार्यरत रहे पूर्व पत्रकार जरनैल सिंह को लोकसभा का टिकट दिया है.

65 सालों में किसी पत्रकार का नाम इतिहास में दर्ज नहीं हुआ है : गुलाब कोठारी

जयपुर। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी का कहना है कि मीडिया से काफी उम्मीदें हैं, लेकिन अब समझौते होने लगे हैं। पत्रकारों को सरकारों द्वारा सुविधाएं दी जा रही हैं। एक अच्छा पत्रकार संत से बड़ा होता है। संत एक संप्रदाय का होता है और पत्रकार सबका। दोनों समाज के लिए काम करते हैं। पहले मीडिया अंकुश लगाने का काम करता था, आजादी से पहले पत्रकारों के नाम गिनाए जाते थे और अब 65 सालों में किसी पत्रकार का नाम इतिहास में दर्ज नहीं हुआ है। आज पत्रकार श्रमजीवी कहलाना पसंद करते हैं, बुद्धिजीवी नहीं। आज के युवा को संकल्प लेना है कि वह बीज बने, फल चाहे किसी को भी मिले।

Jagjit Kaur is still denied of Justice

A women of Punjab, Jagjit Kaur who is protesting at Jantar-Mantar since 14 months has done extremely angry today and burnt the edifices of CM-Punjab Prakash Singh Badal, DCM-Punjab Sukbeer Singh Badal, PM Manmohan Singh, HM Sushil Kumar Shinde, UPA President Sonia Gandhi, BJP PM Candidate Narendra Modi and the accused IPS-Naunihal Singh at the site of her protest at Jantar Mantar with hundreds of youth in Delhi.

यौन अपराधों के विरुद्ध आमिर खान की मुहिम से जुड़ें, नीचे दिए नंबर पर मिस कॉल करें

Hello everyone, I just saw the first episode of "STAYAMEV JAYATE". The topic of the episode was regarding Rape Cases and incidents of sexual harassment in India. I know, We all are busy in our daily routine life. But still, we all are afraid about our mother, sister, daughter and Wife's security. Please give a miss call on 18001032301. This number is to create 'One Stop Center' in every city of India to help rape victims.

International Women’s Day: Celebrating Power or Weakness?

Like other valuable days dedicated like celebrating love as in Valentine’s Day or for cancer patients as in World’s Cancer Day, The International Women’s Day celebrates the true spirit of womanhood. Conventionally, celebrating Women’s Day has been symbolised as the reflection of progress and a call for change.  It’s the extraordinary occasion to delight the moments of those brave women who make a striking move to revolutionize something in the society.

पाकिस्तानी हैकरों ने मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक की

मेरठ की स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को पाकिस्तानी हैकरों ने हैक कर लिया है। जैसे ही ये खबर फैली कि कुछ कश्मीरी स्टूडेंट्स को एशिया कप क्रिकेट में भारत पर पाकिस्तान कि जीत की ख़ुशी मानाने के चलते ससपेंड कर दिया गया है, तो पाकिस्तान के हैकर्स ने यूनिवर्सिटी कि वेबसाइट सुभारती डॉट ऑर्ग के होम पेज को हैक कर लिया। हैकर्स ने वाबसाइट पर पाकिस्तान का झंडा लहराकर भारत विरोधी तमाम बातें लिखीं हैं।

पत्रकार राजेश्वर लाठर को मिली पीएचडी की उपाधी

रोहतक। पत्रकार राजेश्वर लाठर को पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में शोध के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनके शोध का विषय 'समाचारों का प्रबंधन' था। उन्हें यह उपाधि राजस्थान के झुझनूं स्थित सिंघानिया विश्वविद्यालय की ओर से उनका शोध पूरा होने पर दी गई। विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार यादव और शोध विभाग के डीन डॉ. सुमेर सिंह ने राजेश्वर लाठर को डिग्री देते हुए उनको इस उपलब्धि पर बधाई दी। कई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल्स में उनके शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शोध निर्देशक डॉ. सुबोध कुमार, अपने पत्रकार साथियों, संपादकों और परिजनों को दिया।

वो दर्द को रस मानते हैं, देखें किस तरह मारेंगे मुझे

मेरे पास मेरे क़त्ल के तरीकों के इतने आफरों की बाढ़ आ गयी है कि मैं हैरान हूँ। मतलब, अतीत में मरने के तरीके इतने जोर-शोर से प्रचारित नहीं किये गये थे वरना तरीके मौजूद तो थे ही, इसके बोनान्जा आफर खपाने के लिए कितने ही लोगों को नरक से गुज़ारा गया।

पत्रकार से मुलायम के घटिया बोल- क्या तुम्हारे परिवार में कोई मरा है

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण हुई मरीजों की मौत पर जब मुलायम सिंह यादव से पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे गए तो वो मीडिया पर भड़कते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि क्या तुम्हारे परिवार का या कोई मीडियाकर्मी मरा है.

मिस्र में पत्रकारों को पिंजरे में बंद कर कोर्ट में किया गया पेश (देखें तस्वीर)

मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी का समर्थन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए अल जजीरा के पत्रकार की बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में अल जजीरा के पत्रकार फादेल फहमी और ऑस्ट्रेलियन रिपोर्टर पीटर ग्रेस्टी समेत 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से आठ हिरासत में हैं. इन पर प्रतिबंधित संगठन ब्रदरहुड के समर्थन और गलत रिपोर्ट दिखाने का आरोप है.

पत्रकार चंद्रिका राय हत्याकांड की जांच सीबीआई करेगी

सीबीआई ने मध्य प्रदेश के पत्रकार चंद्रिका राय और उनके तीन परिजनों की दो साल पहले हुई हत्या के मामले में प्रकरण दर्ज किया. इस मामले में राज्य पुलिस ने मृतक के चालक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. राय, उनकी पत्नी दुर्गा, पुत्र जलज राय और बेटी निशा राय की 17-18 फरवरी, 2012 को हत्या कर दी गयी थी. स्थानीय पुलिस ने मृतक के चालक को गिरफ्तार कर लिया था और 26 मई, 2012 को उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.

मोदी का गुजरात माडल : सपनों की सियासत

एक झूठ को सौ बार बोलो तो वह सच लगने लगता है। गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी यही करते हैं। वे अच्‍छे वक्‍ता है। वे बखूबी जानते हैं कि इस देश की बदहाली को लेकर आम लोगों के मन में कितना गुबार है। वे इसी गुबार को हवा देते हैं। उनके लिए सपना बुनते हैं, उनके सपनों को हवा देते हैं। देश में 81.5 करोड़ वोटर हैं। इनमें से 47 फीसदी युवा हैं। आबादी का 44 फीसदी हिस्‍सा शहर में रहता है। मोदी दोनों तबके मोदी की बड़ी ताकत हैं।

लैपटाप चोर प्रोफेसर को सोशल मीडिया ने पकड़वाया

दिल्ली के एक प्रोफेसर ने बेंगलुरु में एक एमएनसी एक्जीक्युटिव का लैपटॉप उड़ा लिया. लेकिन सोशल मीडिया के कारण पकड़ में आ गया. अब उसे गिरफ्तार किया जाएगा और मुकदमा चलेगा. एक अंग्रेजी न्यूजपेपर के मुताबिक दिल्ली के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने बेंगलुरु एयरपोर्ट में एक लैपटॉप पड़ा देखा और उन्होंने उसे उठा लिया. इसके बाद वह दिल्ली चले आए. जिस व्यक्ति का वह लैपटॉप था, उसने वहां तैनात सीआईएसएफ से शिकायत की.

तरूण तेजपाल की जमानत अर्जी पर सुनवाई जारी

होटल की लिफ्ट में अपनी सहयोगी महिला पर यौन हमला करने के आरोपी तहलका के संस्थापक संपादक तरूण तेजपाल की जमानत याचिका पर बम्बई उच्च न्यायालय बंद कमरे में सुनवाई जारी रखे हुए है। अदालत की गोवा पीठ के सामने बहस हुई। पीठ में 50 वर्षीय पत्रकार की जमानत याचिका विचाराधीन है। तेजपाल फिलहाल सदा उप जेल में है।

जेल से नहीं निकल पाए सुब्रत राय, पैसे लौटाने की योजना खारिज

सहाराश्री सुब्रत राय को अभी जेल में ही दिन बिताने होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के 20 हजार करोड़ रुपए लौटाने के लिए सहारा समूह की तरफ से पेश किए गए प्रपोजल को आज ठुकरा दिया. कोर्ट ने कहा कि सहारा को कोई सम्मानजनक प्रपोजल पेश करना होगा. सहारा समूह के सुपर बॉस सुब्रत राय को अभी मंगलवार तक तिहाड़ जेल में ही रहना होगा क्योंकि न्यायालय इस मामले में अब 11 मार्च को ही आगे विचार करेगा. 

सहारा क्रेडिट को. सोसायटी से निवेशकों को खतरा, पीआईएल दायर कर जांच की मांग

सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड द्वारा कथित रूप से की जा रही अनियमितताओं के सम्बन्ध में आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक पीआईएल दायर की गई है। आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने इस पीआईएल में कहा है कि सहारा क्रेडिट का पंजीयन बहु-राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम 2002 के अंतर्गत पंजीयन संख्या यूपी 35 पर किया गया है। सहकारी संस्थाओं का उद्देश्य, समान उद्देश्य वाले व्यक्तियों द्वारा अपने संसाधनों का एक साथ उपयोग कर कुछ सामूहिक हितों की सिद्धि करना होता है।

‘समाचार प्लस’ पर ‘कानपुर कांड’ के जोरदार कवरेज से डाक्टर हुए प्रसन्न

यूपी में हुए कानपुर कांड का कवरेज कई रीजनल न्यूज चैनलों ने अपने-अपने तरीके से किया. जी न्यूज यूपी-यूके ने जहां इस पर पंचायत लगाई और सभी पक्षों को सामने बिठाकर लाइव दिखाया, वो प्रशंसनीय रहा. इससे काफी कुछ स्पष्ट हो गया. समाचार प्लस यूपी-यूके चैनल ने भी जोरदार कवरेज किया. इस कवरेज को कानपुर में सैकड़ों डाक्टरों ने एक साथ बैठकर देखा और तालियां बजाई.

शारधा, पर्ल और अब सहारा के हश्र से सबक लें निवेशक

जो लोग चिटफंड स्टायल की कम्पनियों में अपनी मेहनत की कमाई को बैंकों के मुकाबले जल्द दुगुना देखना चाहते थे, उनके लिए आने वाला वक्त मुसीबतों का कारण बन सकता है। क्योंकि रिजर्व बैंक की सख्ती, कम्पनी मंत्रालय की सतर्कता और सबसे बढ़कर अदालतों की सक्रियता के कारण चिटफंड कंपनियों लिए अब जनता से धन उगाहना आसान नहीं रह गया है। इन कम्पनियों की कार्यशैली को देखते हुए ऐसा होना उनके साम्राज्य के ख़त्म होने जैसा है।

हिंदी दैनिक ‘सच कहूं’ को दर्जनों मीडियाकर्मियों की जरूरत, करें आवेदन

हिंदी अखबार 'सच कहूं' में वैकेंसी है. संपादकीय से लेकर विज्ञापन विभाग तक में काफी लोगों की जरूरत है. अखबार की तरफ से एक विज्ञापन जारी कर मीडियाकर्मियों से बायोडाटा भेजने को कहा गया है. दिल्ली-नोएडा एडिशन के लिए सीनियर सब एडिटर और जूनियर सब एडिटर की पांच पोस्ट हैं.

कलम की आजादी की आंशिक चिंता के बाद जमकर चली दारू

यशवंत भाई, कलम की आजादी की चिंता करने के लिए कई राज्यों से पंजाब के तरनातरन में सैकड़ों पत्रकार इकट्ठे हुए। बस कलम की आजादी को लेकर कुछ एक देर आंशिक चिंता जताई, उसके बाद बस ऐसा लगा कि जैसे ये दारू की पार्टी के लिए ही कार्यक्रम था। नेशनल काउंसिल आफ इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन की दसवीं स्टेट कान्फ्रेंस में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ के पत्रकार शामिल हुए। यहां एक बेन्कवेट हाल में आज 6 मार्च से तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ।

Access by Women to Public Services: Perception & Experience

: CMS-INDIA CORRUPTION STUDY 2013 : The ninth round of the CMS-India Corruption Study (CMS-ICS 2013) specifically focussed on access of women to certain basic and essential public services. Women constitute around 49 percent of India’s population (Census 2011); play a greater role in managing the household affairs than their counterpart and therefore, directly or indirectly are subject to far more negative consequences of ineffective governance – not only individually, but at household level. 

जगदंबिका पाल और रामकृपाल यादव ने पाला बदला

लोकसभा चुनाव आते ही टिकट के चक्कर में और जीतने की संभावना को देखकर नेताओं ने पाला बदलना शुरू कर दिया है. कांग्रेस से जगदंबिका पाल ने इस्तीफा दे दिया है तो लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल को रामकृपाल यादव ने टाटा बाय बाय बोल दिया है. जगदंबिका पाल के बीजेपी में शामिल होने की संभावना है. पाल यूपी में एक दिन के लिए मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पाल पूर्वी यूपी के डुमरियागंज से सांसद हैं. उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. साथ ही पार्टी भी छोड़ने की घोषणा कर दी.

पत्रकार ओपी यादव को मिला मारवाड़ी इंडिया प्राइड अवार्ड

नई दिल्ली, 6 फरवरी। दूरदर्शन न्यूज, नई दिल्ली में कार्यरत वरिष्ठ पत्राकार ओपी यादव को हैदराबाद में आयोजित एक राष्ट्रीय सेमीनार और सम्मान समारोह में 'मारवाड़ी इंडिया प्राइड अवार्ड' से सम्मानित किया गया। प्रवासी मारवाडियों की संस्था शाइनिंग इंडिया न्यूज और एक मुलाकात सर्वे एजेंसी द्वारा आयोजित इस समारोह के विशिष्ठ अतिथि आंध्र प्रदेश सरकार के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री मंडावा वेंकटेश्वर राव, पूर्व सिंचाई मंत्री टी नागेश्वर राव व पूर्व चीफ सरकारी व्हिप वेंकट रमन्ना रेड्डी ने ओपी यादव को मारवाड़ी सम्मान का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। पुरस्कार देने के बाद पूर्व मंत्री श्री टी नागेश्वर राव ने यादव को बधाई देते हुए उनके द्वारा राष्ट्रीय एकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

नौकरी छोड़ रहे लोगों को रोकने के लिए ज़ी मीडिया ने बदली अपनी एचआर पॉलिसी

ज़ी मीडिया में अब राजा बाबू के साथ ज्यादा टाइम तक लोग काम नहीं कर पा रहे हैं, तो गीतांजलि को इंस्ट्रक्शन देकर इस मेल(नीचे पढ़ें) को निकला गया। सुना है कि राजा बाबू को चेयरमैन साहब से 2 महीने का टाइम मिला है, चैनल को ऊपर लाने का। तो इससे गुस्सा होकर 5 डेज वर्किंग तो जनाब पहले ही कर चुके है, पर कंटेंट कंहा से लायेंगे। अपने न्यूज़ एंड एनालिसिस को देखकर ही खुश होते रहतें हैं। ऑफिस में बात-चीत चल रही है कि बस इलेक्शन तक का वेट कर लो, उसके बाद तो शायद ज़ी के दिन ठीक हो जायेंगे क्योकि वो अब इलेक्शन टाइम तक ही ज़ी में हैं।

लाइव इंडिया के ‘आपरेशन खाकी’ का असर : दिल्ली पुलिस के करप्ट पांच कर्मी नपे

: Press Relese of Operation Khaki : Dear friends, This is about the great expose done by Live India news channel on Delhi police. "Operation khaki" The sting operation did by our channel live india shows how some corrupt police officials are not only promoting the business of flesh trade but also are the part of this ugly nexus.

लखनऊ के सूचना विभाग में लगी कमाल की आग, धुआं तक नहीं

: बड़े अफसर के दफ्तर वाली आग पर पानी फेंक रहे हैं बड़े-बड़े पत्रकार :

लखनऊ से कुमार सौवीर की रिपोर्ट

आप इंडिया टीवी देखते हैं ना। हां, तो फिर ठीक है। उप्र सूचना विभाग में इसी तर्ज में आग लगी है। रहस्यमयी आगजनी। आग भयावह थी। पूरा दफ्तर भस्म हो गया। सारा सामान भस्मीभूत हो गया। अलमारी में रखी फाइलें तक फुंक गयीं। कमरे में रखा कम्यूटर-टीवी तक राख हो गया। लेकिन कमरे के पर्दे पर कोई भी शिकन तक नहीं हुई। दरवाजा भी पूरी तरह सुरक्षित रहा।

‘जानेमन जेल’ फ्लिपकार्ट पर भी

पिछले साल आनलाइन सर्वाधिक बिकी कुछ किताबों में एक 'जानेमन जेल' अब फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है. आप अब बेहद आसानी से इस किताब को अपने पास मंगा सकते हैं. नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और किताब बुक करें.

मुंबईकरों ने पहचानी सस्ती जेनरिक दवाइयों की महत्ता

मुंबई शहर अपने आप में एक ब्रांड है। यहाँ रहने वाले लोग भी ब्रांडेड हैं। उनके कपड़े, गाड़िया सब के सब ब्रांडेड हैं, यहाँ तक की उनकी सोच भी ब्रांडेड हो गयी है। जाहिर सी बात है कि ये तथाकथित ब्रांडेड लोग दवाइयां भी ब्रांड देखकर खरीदते हैं। लेकिन जब जेनरिक मेडसिन के बारे में इन्हें जानकारी मिली तो उन्हें जेनरिक पर भरोसा हुआ और ब्रांड का मोह भंग हो गया। और इस शुभ कार्य में कड़ी का कार्य प्रसिद्ध पर्यावरणविद दंपति नूसरत खत्री और अफजल खत्री ने किया। उन्होंने “स्वस्थ भारत विकसित भारत” अभियान चला रही संस्था प्रतिभा-जननी सेवा संस्थान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह को मुंबई के मालाड स्थित रहेजा टिपको हाइट्स के क्लब हाउस में जेनरिक मेडसिन पर व्याख्यान देने के लिए बुलाया।

रायपुर में आयोजित कला-विमर्श संगोष्ठी में कलाकारों ने खूब निकाली भड़ास

शायर का नाम याद नहीं, पर शेर मौजूं है, ‘‘दोनों दल पूरी तैयारियों के साथ आये, हम गर्दन लेकर वो आरियों के साथ आये।’’ छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग ने जब कलाकारों से संवाद का मन बनाया होगा तो पता नहीं उनकी मनः स्थिति ठीक यही थी या नहीं, पर आयोजन के नजारे कुछ ऐसे ही थे। मौका था संस्कृति विभाग द्वारा दिनांक 5 मार्च 14 को रायपुर में आयोजित कला-विमर्श संगोष्ठी का, जिसमें राज्यभर के कलाकारों-संस्कृतिकर्मियों को आपसी चर्चा के लिये आमंत्रित किया गया था। भारतीय रेल की मेहरबानी से इन पंक्तियों का लेखक गोष्ठी में पूरे एक घंटे की देरी से पहुंचता है, तब तक आयोजन का उद्घाटन सत्र लगभग खत्म हो चुका होता है और मंच पर पद्मभूषण तीजनबाई अपनी सुपरिचित भाव-भंगिमा में नज़र आ रही थीं। संस्कृति विभाग के राहुल सिंह धन्यवाद ज्ञापित करते नजर आते हैं। राहुल पुरातत्व विभाग से ताल्लुक रखते हैं पर उनका कैमरा डिस्कवरी वालों की तरह हमेशा मौके की तलाश में रहता है और बेचारे खूबसूरत पक्षियों को पता ही नहीं चलता कि उनकी छवि बगैर कापीराईट के किसी ने चुरा ली है। कैमरों में लिप्त रहने के कारण राहुल की नजर थोड़ी पैनी है और शायद उन्हें कलाकारों के मूड का थोड़ा-बहुत अंदेशा रहा होगा, लिहाजा उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रारंभ में ही यह कह दिया था कि प्रत्यक्षतः कलाकारों से जुड़े हुए होने के कारण संस्कृति-विभाग को दीगर सरकारी विभागों की तरह नहीं देखा जा सकता पर इसके बावजूद यह है तो सरकारी विभाग ही और इसकी अपनी कुछ सीमायें भी हैं।

RUSSIA TODAY चैनल की न्यूज़ एंकर ने ऑन एयर इस्तीफा दिया

मॉस्को द्वारा फंडेड न्यूज़ चैनल RUSSIA TODAY की न्यूज़ एंकर लिज़ व्हाल ने रूसी सरकार के यूक्रेन में हस्तक्षेप के चलते बुधवार को ऑन एयर न्यूज़ कास्ट के दौरान इस्तीफा दे दिया। व्हाल ने कहा कि वो एक ऐसे मीडिया संगठन के साथ काम नहीं कर सकतीं जो रूस द्वारा एक स्वतंत्र राष्ट्र में किए जा रहे हस्तक्षेप की खबरों को 'व्हाइटवॉश' कर दे। व्हाल रशिया टुडे के लिए वॉशिंगटन से रिपोर्टिंग करती हैं। न्यूज़ कास्ट में बोलते हुए उन्होनें कहा कि ' मुझे अमरीकी होने पर गर्व है औऱ मैं सत्य के प्रसार में विश्वास रखतीं हूं, और इसीलिए इस न्यूज़ कास्ट के बाद मैं इस्तीफा दे रही हूं।' इससे पहले मंगलवार को रशिया टुडे की एक और न्यूज़ एंकर एब्बे मार्टिन ने अपने चैनल की लाइन से विपरीत स्टैण्ड लेते हुए रूस द्वारा यूक्रेन में किए जा रहे हस्तक्षेप को गलत ठहराया था। एब्बे मार्टिन ने कहा था कि रूस ने यूक्रेन में जो किया वो ग़लत है।

भास्कर वालों ये विधायक जी का नहीं पत्रकार विनाद शर्मा का फोटो है

खबरों कि दुनिया में स्पीड का बहुत महत्व है। स्पीड न हो तो खबरों की दौड़ में आप पीछे रह जाएंगे। इस तेज़ी के कारण अक्सर गलतियां हो जाया करती हैं। वेबसाइट bhaskar.com हो तो  फिर कहना ही क्या। bhaskar.com ने आज सुबह अपनी वेबसाइट पर अम्बाला सिटी से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री …

नेता जी, आपके बेटा जी को नसीहतों की नहीं, रहनुमाई की जरूरत है

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव की सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। इससे पहले भी कई बार वह सरकार को नसीहतें दे चुके हैं। यह कहना मुश्किल है कि क्या वास्तव में मुलायम सिंह यादव सरकार से नाराज हैं या लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने की पूर्व संध्या पर वह नसीहत देकर उस गुस्से को कम करना चाहते हैं, जो लोगों में सपा सरकार के प्रति बढ़ता जा रहा है। यह सवाल इसलिए भी वाजिब है क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सरकार पर छींटाकशी की है। ऐसा नहीं है कि मुलायम सिंह यादव अखिलेश से मुलाकात नहीं करते होंगे। जो नसीहतें उन्होंने सार्वजनिक तौर पर दी हैं, वे घर पर भी दी जा सकती थीं। बहरहाल, हकीकत क्या है, यह मुलायम सिंह जानते होंगे, या अखिलेश, लेकिन सच यह है कि सपा सरकार से जो उम्मीदें प्रदेश की जनता ने लगाई थीं, वे मिट्टी में मिलती नजर आ रही हैं।

अमर उजाला गाजीपुर ने फोटो किसी की और नाम किसी और का छापा

प्रदेश के अग्रणी दैनिक हिंदी समाचार पत्र अमर उजाला, गाजीपुर के लंका मैदान मे आगामी 10 मार्च से तीन दिवसीय विराट किसान मेले का आयोजन कर रहा है। इस वृहद कार्यक्रम को लेकर अमर उजाला की टीम हफ्तों से तैयारियों मे जुटी हुई है। अपने आयोजन को लेकर अमर उजाला के गाजीपुर संस्करण मे खबरे और लेख नियमित प्रकाशित हो रहे है।

न्यूज़24 ने 9 बजे के न्यूज़ शो की बलि अपने मीडिया संस्थान के कार्यक्रम ‘मंथन’ के नाम पर चढा दी

Rahul Pandey :  माना कि ये किसी शादी का फंक्शन नही बल्कि एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में क्या क्या हुआ इसे बताया जा रहा है पर प्राइम टाइम में 9 बजे रात को इस तरह अपने मीडिया संस्थान को प्रचारित करना न्यूज़ चैनल पर कहां तक जायज़ है. न्यूज़24 ने 9 बजे के न्यूज़ शो की बलि अपने मीडिया संस्थान के कार्यक्रम 'मंथन' के नाम पर चढा दी.

विधायक इरफान सोलंकी पर एफआइआर दर्ज कर डीजीपी स्वयं पर्यवेक्षण करें : हाईकोर्ट

उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा दायर पीआईएल में आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही पर गहरी नाराजगी जताते हुए हड़ताल के सम्बन्ध में गठित न्यायिक समिति से पुलिस की भूमिका की विशेष रूप से जांच किये जाने के आदेश निर्गत किये.

ज़मानत पर छूटे कांडा का दिनभर गुणगान करता रहा हरियाणा न्यूज़

गुड़गांव, 5 मार्च। गोपाल कांडा जेल से बाहर क्या आए, हरियाणा न्यूज पूरी तरह से गुणगान में जुट गया। गुणगान करें भी क्यों न, भई मालिक जो जेल से बाहर आ गए हैं। हरियाणा न्यूज पर दिन भर इस तरह से कांडा की शान में स्पेशल पैकेज चलते रहे, जैसे कि वे आंदोलन की लड़ाई लड़ते जेल में गए हों और अब जीत हासिल कर लौटे हों। गीतिका शर्मा सुसाइड मामले में आरोपी हैं कांडा। हरियाणा की सिरसा विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं और जेल जाने से पहले हरियाणा सरकार में गृह राज्य मंत्री रहे हैं। कांडा को कल ही दिल्ली की कोर्ट से जमानत मिली है।

पत्रकारपुरम से आस-पास की करोड़ों की ज़मीन हथियाना चाहते हैं वीआईपी पत्रकार

वाराणसी। सुना ही नहीं देखा और कर्इ बार झेला भी है कि मंत्री से लेकर वीवीआर्इपीयों के लिए आम रास्ता किस तरह खास हो जाता है कि उस पर से गुजरने की जुर्रत हम मिनटों से लेकर घंटो तक नहीं कर सकते। लेकिन किसी खास सड़क का प्रयोग केवल पत्रकार ही करेंगे और उस पर से कोर्इ गुजरेगा नहीं ऐसा पहली बार सुन रहा हूं। ये सड़क बनारस के शिवपुर में प्रदेश शासन के सहयोग से वीडीए द्वारा विकसित की गयी पत्रकारपुरम कॉलोनी की सड़क है। यहां रहने वाले एक खास किस्म के पत्रकारों के गोल ने इस हवा को बनाने में कोर्इ कसर बाकी नहीं रख छोड़ी हैं। पत्रकारपुरम के बगल में ही रहने वाले लोग इस बात से परेशान है कि अगर ऐसा हुआ तो वो करेंगे क्या?

भदोही के पत्रकार सुरेश गांधी को धमका रही पुलिस, मुख्यमंत्री से की शिकायत

संतरविदास नगर। भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी का पुलिस द्वारा उत्पीड़न लगातार जारी है। एक बार फिर पुलिस ने सुरेश गांधी की पत्नी रश्मि गांधी को धमकी दी है कि अगर उन्होनें पुलिस व प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को वापस नहीं लिया तो उनके द्वारा दर्ज कराई गए मुकदमें में फाइनल रिपोर्ट लगा दी जाएगी। उनसे कहा गया है कि पुलिस से दुश्मनी मंहगी पड़ेगी, उन पर फरिज़ी मुक़दमें दर्ज़ करा दिए जाएंगे, माफियाओं से मिलकर उनकी परिवार समेत हत्या करावा दी जाएगी साथ ही बच्चों का अपहरण भी करवा दिया जाएगा। पुलिस द्वारा दी गयी धमकी के बाद पत्रकार सुरेश गांधी व उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री समेत राज्यपाल,  डीजीपी, आईजी, डीआईजी, प्रमुख सचिव गृह, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग आदि को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की शिकायत की है।

एसपी साहब टहल रहे थे तो पत्रकार ने कहा ‘साहब पांय लागी’, इसलिए पिट गया बेचारा

पांय लागी’ शब्द भारतीय दण्ड विधान की किस धारा के तहत जुर्म माना जायेगा? यह सवाल मेरी दाल-भात-तरकारी में कंकर-बालू की तरह पिछले दो महीनों से मुझे लगातार पीड़ा दे रहा है। इसका जवाब तलाशने के लिए सियासी मोहल्लों के संस्कार और नौकरशाही की शाहाना रवायतों पर भरपूर नजर डाली लेकिन वहां भी ‘पांव छुआई’ संस्कृति का सम्मान और दुलार देखने को मिला। रामायण, गीता, महाभारत जैसे महान ग्रंथों से भी पैर छूकर आशीर्वाद लेने की सीख, संस्कार मिले हैं। आज तो हिन्दुओं के अलावा अल्पसंख्यक समुदाय भी पैर छूने से गुरेज नहीं कर रहा। समूची भारतीय संस्कृति का शिष्ट आचरण ही है अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लेना। पांव छूना अतिसम्मान का परिचायक है। फिर एक पुलिस अधिकारी ‘पांय लागी’ कहने पर किसी को कैसे पीट सकता है? अपने पुलिसवालों से कैसे पिटवा सकता है? समझ से परे है, लेकिन है सच।

कानपुर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की दबंगई के मामले नए नहीं है

चलिए मान लेते है कि कानपुर की घटना में पूरी ग़लती सपा विधायक और एसएसपी की थी, फिर भी डॉक्टरो का इमर्जेंसी और ICU की सर्विसेज़ बंद कर देना कही से भी सही नहीं ठहराया जा सकता है। कानपुर मेडिकल कालेज के अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों के द्वारा मारपीट के मामले कोई नए नहीं है। ज़रा पता तो करिये कि पिछले दस सालों में अकेले हैलट हॉस्पिटल में कितनी बार जूनियर डॉक्टरों की तीमारदारों से मारपीट के बाद हड़ताले हुई है। हर बार तो सपा विधायक और एसएसपी नहीं थे वहाँ पर। फिर क्यों डॉक्टर लोग हमेशा ऐसा करते आये हैं?

जनसरोकारी पत्रकारिता के लिए समाचार प्लस चैनल की टीम सम्मानित

जनसरोकारी पत्रकारिता करते हुए समाचार प्लस चैनल ने करोड़ों लोगो के दिलों को छुआ है। कभी किसी अबला की आवाज़ बुलंद करना, तो कभी देश के लिए पकिस्तान में काम करने वाले खुफिया एजेंट की मदद के लिए आवाज उठाने वाले इस चैनल को कभी टीईटी के आंदोलनकारियों ने, तो कभी सपा विधायक की गुड़ाई के विरोध में खड़े डॉक्टरों ने अपना प्रवक्ता माना और अभूतपूर्व प्यार और सम्मान दिया। ऐसे ही प्रदेश सरकार में काफी दिनों से लंबित पड़ी अपनी मांगो को ले कर जब उत्तर प्रदेश सयुंक्त राज्य कर्मचारी संघ ने आंदोलन शुरू किया तो उनके सबसे करीब था, सिर्फ और सिर्फ समाचार प्लस। दिन-रात आंदोलन कर रहे कर्मचारियो के हक़ की लड़ाई लड़ने वाले इस चैनल को मांगे पूरे होने के बाद सयुंक्त राज्य कर्मचारी संघ ने दिल से धन्यवाद दिया।

भड़ास की खबर पर चंदौली के पत्रकार आनंद सिंह की प्रतिक्रिया

भड़ास4मीडियो पर प्रकाशित ख़बर 'बसपा प्रत्‍याशी ने चंदौली के पत्रकारों को बांटी नगदी!' पर चंदौली के पत्रकार आनंद सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया भेजी है। हम उनकी प्रतिक्रिया का सम्मान करते हुए उसे भड़ास पर प्रकाशित कर रहे हैं। भड़ास की शुरू से ही पॉलिसी रही है कि आने वाली प्रतिक्रियाओं को ससम्मान प्रकाशित किया जाए जिससे कि पाठकों तक सभी पक्षों की बात पहुंच सके।

न्यूज एक्सप्रेस की तकीनीकी टीम के संवाद को उर्मिलेश से नहीं जोड़ा जाना चाहिए

पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा लिखित और भड़ास पर प्रकाशित खबर ''न्‍यूज़ एक्‍सप्रेस में उर्मिलेश को थप्‍पड़ लगाने की इच्‍छा ऑन एयर कैसे हुई? (देखें वीडियो)'' को लेकर न्यूज एक्सप्रेस चैनल से जुड़े सोर्सेज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इनका कहना है कि जिसे गाली बताया जा रहा है, वो दरअसल फ्लोर मैनेजर ने पीसीआर को बोला था जो बैकग्राउंड में सुनाई पड़ गया था. फ्लोर मैनेजर का पीसीआर को यह निर्देश स्टूडियो में goof up के लिए था. बस गड़बड़ ये हुआ कि ये आन एयर चला गया. ये तकनीकी इरर है. इसको मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

सतीश के. सिंह, कादंबिनी शर्मा और मेहराज दुबे की दूरदर्शन में नियुक्ति!

खबर है कि सतीश के सिंह, कादंबिनी शर्मा और मेहराज दुबे अब सरकारी नौकरी करने वाले हैं. इन तीनों की तैनाती दूरदर्शन में हो गई है. सतीश के सिंह का पद नेशनल चैनल एडवाइजर का है. मेहराज दुबे को डीडी के रीजनल चैनल्स का एडवाइजर बनाया गया है. ऐसा ही कोई बड़ा पद कादंबिनी शर्मा को भी दिया गया है. कादंबिनी और मेहराज अभी एनडीटीवी में कार्यरत हैं. माना जा रहा है कि ये लोग जल्द एनडीटीवी छोड़कर दूरदर्शन को अपनी सेवाएं देंगे.

हाकी-डंडो, कट्टों से लड़ने वाले डॉक्टर चार लाठी खाए तो पढ़ाकू बच्चे बन गए

ये चित्र, फोटो-पत्रकार अभिनव राजन चतुर्वेदी का है, दैनिक जागरण,जनसंदेश से लेकर कई अखबारो में काम कर चुके हैं। इन्हें और इनके साथियों को अब से दो साल पहले, सितम्बर 2012 में गोरखपुर मेडिकल कालेज के नवोदित डाक्टरों ने मार-मार कर मरणासन्न कर दिया था। कानपुर मेडिकल कालेज में हुए बवाल के बाद डाक्टरों के आंदोलन का जो असर है, उसकी फोटो फेसबुक और अन्य माध्यमों में देख कर अब से दो साल पहले जिला अस्पताल के बेड पर लगभग बेसुध पड़े अभिनव का चेहरा मेरे दिमाग में घूम गया। सवाल ये उठता है कि कहाँ से आ जाते है हर छोटे से हूं-तूं के बाद झुण्ड के झुण्ड डॉक्टर लड़ने मारने को और वो भी हाकी-डंडो और कट्टो से लैस होकर। कितनी असुरक्षा की भावना इनमें होती है कि हर बात पर ये उग्र और आंदोलित हो जाते है।

एनडी तिवारी की तरह भूपिंदर सिंह हुड्डा की भी है नाजायज औलाद!

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर एक पत्नी के रहते दूसरी शादी करने और दूसरी शादी से रजत नाम का एक 20 वर्षीय बेटा होने का दावा किया गया है। एनडी तिवारी ने तो आखिरकार अपने जैविक पुत्र को अपना नाम दे दिया तो क्या हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा भी ऐसा कुछ करेंगे। जैसे एनडी तिवारी पितृत्व विवाद में सालों उलझे रहे वैसे ही हुड्डा भी ऐसे ही मामले में फंसते नजर आ रहे हैं।

REQUEST TO GRACE THE LAUNCH OF MY FORTHCOMING BOOK “THE PRIME MINISTER: DISCOURSES IN INDIAN POLITY”

Dear Sir/Ma’am, I am delighted to inform you that I have written a book called “The Prime Minister: Discourses in Indian Polity” in the backdrop of evolution of Political system and the Prime Minister's Office (PMO) in India. The canvas of the book ranges from the debates of the Constituent Assembly to debates in India's present day Parliament to several contemporary issues involving governance of the Indian state.

डीएम साहब ने पुचकारा तो मान गए औरंगाबाद के रूठे पत्रकार

औरंगाबाद जिले के पत्रकारों का हाल भी अजीब है, पहले तो आंदोलन करते है, जिलाधिकारी को अल्टीमेटम देते है, फिर कब मान जाते है पता ही नहीं चलता। करीब एक माह पूर्व औरंगाबाद के पत्रकारों ने सूचना भवन में एक आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में हिंदुस्तान अखबार को छोड़कर बाकी सभी अखबारो एवं इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। सभी ने एक मत से कहा की औरंगाबाद एसडीओ राजीव रौशन के विदाई समारोह में उन्हें बुलाया नहीं गया और जिलाधिकारी खबरों को लेकर पूरी जानकारी नहीं देते है इसलिए हम लोग खबरों का बहिष्कार करेंगे और जिलाधिकारी के नाम और फ़ोटो नहीं छापेंगे।

महाराष्ट्र में भी खूब ‘सुयश’ रहा है आईपीएस यशस्वी यादव का

जितेंद्र प्रताप सिंह jp20024@gmail.com ने भड़ास को मेल करके सूचित किया है कि बिना बात डाक्टरों और मीडियाकर्मियों की हड्डियां तोड़ने वाले कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव का 'सुयश' महाराष्ट्र में भी खूब रहा है. बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि आज जो यशस्वी यादव कानपुर समेत पूरे देश में विवाद का विषय बना हुआ है, वो असल में महाराष्ट्र कैडर का आईपीएस अधिकारी है.

न्‍यूज़ एक्‍सप्रेस में उर्मिलेश को थप्‍पड़ लगाने की इच्‍छा ऑन एयर कैसे हुई? (देखें वीडियो)

Abhishek Srivastava :  विनोद कापड़ी और सतीश के. सिंह के राज में न्‍यूज़ एक्‍सप्रेस पर पैनल पर बैठे वक्‍ताओं के बारे में क्‍या कहा जाता है, जानना हो तो इस वीडियो को देखें और ठीक 4:39 मिनट पर वरिष्‍ठ पत्रकार Urmilesh जी की आवाज़़ के बैकग्राउंड में अचानक उभरी एक और आवाज़ को सुनें।

जनसंदेश टाइम्स बनारस ने चंदौली-भदोही एडिशन समेटा, उत्तराखंड के रामनगर में पत्रकार की बाइक तोड़ी

जनसंदेश टाइम्स, वाराणसी ने अपना एक डाक एडिशन बन्द कर दिया है। ऐसा पैसा बचाने के चक्कर में किया गया है। यह एडिशन है चन्दौली और भदोही का। चन्दौली को वाराणसी सिटी एडीशन के साथ और भदोही को जौनपुर के साथ अटैच कर दिया गया है। अन्दर सूत्रों के अनुसार ऐसा मजीठिया के डर से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और भी अंकों को मर्ज किये जाने की तैयारी चल रही है।

अंबिकानंद सहाय, जगमोहन शर्मा और वैशाली चौधरी के बारे में सूचनाएं

ईटीवी का हिमाचल रीजनल चैनल जल्द आ रहा है. चैनल ने हिमाचल प्रदेश की कमान जगमोहन शर्मा के हाथों सौंपी है. जगमोहन शर्मा पिछले लगभग 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम कर रहे हैं. इससे पहले वे श्रीन्यूज के प्रदेश प्रमुख भी रह चुके हैं. साथ की कई अन्य चैनलों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं. दैनिक जागरण और रेडियो के लिए भी काम कर चुके हैं.

कानपुर कांड : हाईकोर्ट ने एसएसपी यशस्वी यादव को तत्काल हटाने को कहा, न्यायिक जांच के आदेश

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा कल उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की हड़ताल समाप्त किये जाने हेतु इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक रिट याचिका दायर की गयी थी, जिस पर आज उनके द्वारा मामले की जल्द सुनवाई हेतु प्रार्थना करने के बाद कोर्ट ने स्वतः ही मामले का संज्ञान लिया.

“Existential Crisis”: INS responsible for its predicament

INS President Ravindra Kumar (ToI March 3) was building up a case for nullifying all the elaborate institutional work  that went on for more than three years behind the Majithia wage boards’ recommendations regarding emoluments of newspaper and news agency employees, journalists and others. Having lost the last ditch stand against this revision coming after 12 years, he is now crying wolf characterizing the Supreme Court’s judgment on February 7 as “judicial euthanasia”. 

चुनाव आयोग का पेड न्यूज को चुनावी अपराध बनाने का प्रस्ताव

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने सरकार से प्रस्ताव किया है कि वह पेड न्यूज को चुनावी अपराध बनाए हालांकि वह उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की निगरानी कर इस समस्या से खुद भी निपटना जारी रखेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत ने यहां लोकसभा चुनाव कार्यक्रमों के ऐलान के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पेड न्यूज के तीन पहलू हैं, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और उम्मीदवारों द्वारा किया जाने वाला खर्च।

क्या शारदा की आड़ में बाकी चिटफंड कंपनियों के हित साधे जा रहे हैं?

सहारा श्री सुब्रत राय को सुप्रीम कोर्ट की राय के मुताबिक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बावजूद सहारा में निवेश करने वाले निवेशकों का पैसा लौटने की संभावना कम है। आरोप तो कि सहारा में वास्तविक निवेशकों के निवेश के बाजाय राजनेताओं और दूसरे लोगों के बेहिसाब कालाधन खपाया ज्यादा गया  है। शारदा समूह के पोंजी घोटाले के राजनीतिक एजेंडे के बारे में गिरफ्तार सांसद कुणाल घोष के सनसनीखेज बयानों के बावजूद बंगाल में चिटफंड फर्जीवाड़े के मामले में  राजनेताओं के कालाधन का मामला सामने नहीं आया।

अण्णा : गांधी से गन्ना तक (रवीश कुमार का बेहतरीन विश्लेषण)

Ravish Kumar : अण्णा- गांधी से गन्ना तक… आदरणीय अण्णा, मैं कल्पना करना चाहता हूँ पर कर नहीं पा रहा हूँ । यही कि मोहन दास करमचंद गांधी किसी पार्टी का विज्ञापन कर रहे हैं । कैमरे के सामने टेक रीटेक दे रहे हैं । आप गांधी के बाद लगभग गांधी बनने वाले शख़्स तो बन ही गए थे।

हार्ट अटैक से डा. राकेश त्रिवेदी का निधन बाकियों के लिए सतर्क रहने की खतरे की घंटी है

Jaideep Karnik : मुंबई में हूँ – डॉ. राकेश त्रिवेदी के निधन का समाचार दु:खद और बेहद पीड़ा पहुँचाने वाला है….लंबा अरसा उनके साथ नईदुनिया में साथ रहा। एक शिक्षाविद जो विज्ञान और पर्यावरण पर लेखन को लेकर पहचाना जाता था। एक शिक्षक होने के कारण वो युवाओं से भी दोस्ताना व्यवहार ही रखते थे….

चैनल ने कर ली डील, अब सपा के खिलाफ़ नहीं दिखाएगा ख़बर

महज कुछ साल पहले लांच हुआ एक प्रादेशिक न्यूज़ चैनल शुरुआत में जन-समस्याओं जोर-शोर से उठा कर सपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने के चलते प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोर रहा था। पर अब दिन पर दिन चैनल सपामय होता दिख रहा है। अभी हाल ही में इस चैनल के प्रदेश मुख्यालय पर काम करने वाले एक पत्रकार ने चैनल के सीईओ की सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ एक मीटिंग फिक्स कराई, जिसमे मुख्यमंत्री और चैनल मालिक के बीच एक डील हुई।

वर्धा के हिंदी विश्वविद्यालय को गिरीश्वर मिश्र नामक नए कुलपति मिले

Sanjeev Chandan :  हिन्दी विश्वविद्यालय को नये कुलपति मिल गये हैं… गिरीश्वर मिश्र… दिल्ली विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर हैं. कल ही जनसत्ता में Om Thanvi जी ने हिन्दी विवि के बौद्धिक उत्पाद की हकीकत सामने रखी है. अब नये कुलपति के हवाले है पतवार….. विकल्प उनके पास है.. वे किन चीजों का चुनाव करते हैं… विश्वविद्यालय के ग़ुट और ग़ोटियां उन्हें अपने नियंत्रण में ले लेंगे या वे इससे मुक्त होंगे…..

एक और किताब वापस लेने का दबाव… हिंदुओं में भी कठमुल्लों का अवतार कब से हुआ?

Krishna Kant : अमेरिकी लेखिका वेंडी डोनेगर की किताब 'द हिंदूज़: ऐन ऑल्टरनेटिव स्टोरी' को शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति के विरोध के बाद पेंग्विन प्रकाशन ने वापस ले लिया था. अब यह समिति उनकी दूसरी किताब 'ऑन हिंदूइज्म' को वापस लेने का दबाव बना रही है. 'ऑन हिंदुइज़्म' की प्रकाशक कंपनी एल्फ बुक को पत्र लिखकर किताब 10 मार्च तक वापस लेने की मांग की गई है।

एसपीजी कमांडो की बदसलूकी के बाद एकजुट मीडिया ने राहुल गांधी के कार्यक्रम और कांग्रेस की प्रेस ब्रीफिंग का किया बहिष्कार

नयी दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा से जुडे एसपीजी कमांडो की बदसलूकी के कारण कल मीडियाकमियो ने उनके कार्यक्रम और बाद मे कांग्रेस के संवाददाता सम्मेलन का बहिष्कार कर सत्तारूढ पार्टी को हैरत में डाल दिया। बुरे बर्ताव का शिकार हुए पत्रकारों का गुस्सा इस कदर बढ गया कि कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा और पार्टी के प्रवक्ता राज बब्बर ने उन्हें मनाना चाहा लेकिन मीडिया टस से मस नहीं हुआ।

सुब्रत राय के इशारे पर हुआ था मीडियाकर्मियों से दुर्व्यवहार

उन्नाव : सुप्रीम कोर्ट में पेश होने काफिले के साथ दिल्ली जा रहे सहारा सुप्रीमो सुब्रत राय सहारा का कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों से लखनऊ कानपुर राजमार्ग पर उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने जमकर हाथापाई और धक्कामुक्की की फिर अगवा करने का प्रयास किया। उनके कैमरों व मोबाइल छीन। हालांकि बाद में फोटो डिलीट करने के बाद कमरे की बैट्री, मोबाइल की बैट्री व मेमोरी कार्ड छीन कर फोटो न छापने की धमकी देते हुए छोड़ा। कहा कि यदि छापी तो दो दिन बाद आकर बताएंगे।

फर्जी पत्रकार बन महिला की अश्लील वीडियो क्लिप बनाई

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में चार युवकों ने फर्जी पत्रकार और स्पेशल पुलिस आफिसर बनकर एक महिला की अश्लील क्लिप बना ली और उससे दो लाख रुपये की मांग कर ब्लैकमेल करने लगे. डरी हुई महिला ने आरोपियों को तत्काल आठ हजार रुपये दे दिए, पर वे दो लाख रुपये की मांग करते रहे. पीड़ित महिला ने गाजियाबाद के विजयनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने बताया कि रविवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस को उनके पास से मोबाइल फोन और प्रेस लिखे कई फर्जी आईकार्ड मिले हैं.

इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद डॉ. राकेश त्रिवेदी का निधन

इंदौर। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश त्रिवेदी का सोमवार शाम हृदयघात के कारण निधन हो गया। वे 62 वर्ष के थे। गुजराती साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ.त्रिवेदी का विज्ञान पत्रकारिता में बड़ा योगदान था। पर्यावरण के क्षेत्र में डॉ. त्रिवेदी ने सक्रिय रूप से कार्य किया।

पेड न्यूज में लिप्त होने के आरोप पर काली पट्टी बांधकर किया विरोध

गोवा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के तहत कई पत्रकार सोमवार राज्य विधानसभा सत्र के दौरान काली पट्टी बांधे नजर आए. गोवा के राज्यपाल बी वी वांचू के संबोधन के साथ आज से शुरू हुए सत्र के दौरान पत्रकारों ने कलाई पर काली पट्टी बांध कर हिस्सा लिया. पार्रिकर की ओर से मीडिया में पेड न्यूज और इस पर विपक्षी कांग्रेसी पार्टी का नियंत्रण होने के आरोपों के बाद गोवा में पत्रकारों के शीर्ष संगठन जीयूजे ने पार्रिकर से लिखित रूप से माफी की मांग की.

जी न्यूज पर नंगे हुए एमएलए इरफान सोलंकी और आईपीएस यशस्वी यादव

जी न्यूज वालों ने कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव और विधायक इरफान सोलंकी को नंगा कर दिया… शानदार प्रोग्राम था… अब वो वीडियो भी न्यूज चैनलों पर चलने लगे हैं जिसे भड़ास ने यूट्यूब पर अपलोड किया था… कानपुर के इस सत्ता संरक्षित पुलिसिया गुंडा कांड के पूरे प्रकरण को यूपी की मीडिया अंडरप्ले कर रही थी लेकिन भड़ास पर हुए हो हल्ले और सोशल मीडिया के साथियों की सक्रियता से काफी दूर तक गूंजा…. डाक्टरों की एकजुटता और दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की दौड़ ने प्रकरण को नेशनलाइज बनाया. इसी कारण इस प्रकरण की खबर नेशनल न्यूज चैनलों पर चलने लगी है..

नेशनल हेराल्ड के एडिटर-इन-चीफ रहे टीवी वेंकटाचलम का निधन

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार टीवी वेंकटाचलम(85) का मंगलवार को निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। पत्रकारिता जगत में 60 वर्ष का लम्बा जीवन बिताने वाले वेंकटाचलम ने मात्र 19 साल की उम्र में पत्रकार के रूप में अपने करियर शुरू किया था। उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) में 30 वर्षो तक काम किया।

यूएनआई को माफियाओं से बचाने के लिए कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन

दिल्ली, 3 मार्च। प्रवासी भलाई संगठन के तत्वाधान में बुद्धिजीवियों, लेखकों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त जनसभा में सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस मुख्यालय पर दस्तक दिया। मुद्दे था स्वतंत्र पत्रकारिता की मांग और यूएनआई बचाने का अभियान। इस अवसर पर सड़क पर उतरे लोगों ने देश के कर्णधारों को अभिव्यकित की आजादी की हिफाजत के लिए चेताया। जनसभा को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ नेता और सामाजिक चिंतक विमल त्रिवेदी ने कहा कि उदारीकरण के दौड़ में देश के हुक्मरानों ने जनहित की बेतहाशा उपेक्षा की है। इस वजह से देश की चेतना के निजीकरण की नौबत देखने को मिल रही है। यूएनआई जैसी प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी भी आज इसी वजह से भूमाफिया और घोटालेबाजों की गिरफ्त में है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि अगर देश को साम्राज्यवादी शकितयों और साम्प्रदायिकता से बचाना है तो स्वतंत्र पत्रकारिता को बचाना ही होगा।

माहौल मिले तो दलित भी सवर्ण पत्रकारों से बेहतर काम कर सकते हैं

मीडिया आज जो तमाम दावे पेश कर रहा है, जो वो दिखा रहा है क्या वही सत्य है? मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन मीडिया का लोकतंत्र तब कहां चला जाता है जब किसी अनुभवी और योग्य दलित व्यक्ति को अपने वजूद को बचाने के लिए हर मुद्दे पर समझौता करना पड़ता हैं। उसे उन अयोग्य व्यक्तियों के नीचे काम करना पड़ता है जो मीडिया की सही परिभाषा तक नहीं जानते हैं? मैं स्वयं कई सालों से मीडिया में काम कर रहा हूं लेकिन वक्त और तजुर्बे के हिसाब से जो स्थान या उचित प्रतिनिधत्व मिलना चाहिए था, वो मुझे नहीं मिला है।

सहाराश्री के मुंह पर स्याही : हां, इस संसार में कहीं ना कहीं न्याय है

Ashutosh Dixit : खबर : तुने ये क्या कर डाला ! स्याही फेंकने वाले शख़्स ने अपना नाम मनोज शर्मा बताया और ख़ुद को पेशे से एक वकील बताया. (आभार-BBC)

कानपुर कांड : सुनिए, बेशर्मी से ये गुंडा विधायक किस तरह डाक्टरों को ही बता रहा है गुंडा

गत शुक्रवार कानपुर में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुयी बर्बर पुलिसिया कार्यवाही के बाद सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी आज जी न्यूज पर बार बार एक बात जोर देकर कह रहे थे कि मेरी दो गाड़ियाँ भीड़ ने तोड़ दीं| ये डॉक्टर नहीं गुंडे हैं गुंडे! लेकिन सवाल यह कि क्या दो गाड़ियों के टूटने का बदला किसी की जान लेकर लिया अथवा उसकी निर्ममतापूर्वक तरीके से पिटाई करवाकर लिया जायेगा? सपा विधायक ने यह भी कहा कि मेरे सर पर चोट लगी थी और तीन टाँके आये थे! अगर वास्तव में ऐसा है तो क्या विधायक ने अपना मेडिकल करवाया?

संपादकजी रेलवे में ट्रांसफर-एप्वायंटमेंट में दलाली करते थे, सीबीआई जांच में हुआ खुलासा

रेलवे में नियुक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति में कथित भ्रष्टाचार की नए सिरे से जांच के दायरे में एक पत्रकार की भूमिका भी है। एजेंसी ने रेलवे के अज्ञात अधिकारियों तथा ‘परिपूर्ण रेलवे समाचार’ के संपादक सुरेश त्रिपाठी के खिलाफ ताजा जांच दर्ज की है। त्रिपाठी ने अपने खिलाफ जांच को सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की ‘‘प्रतिशोधपूर्ण’’ कार्रवाई बताया है। सीबीआई रेल मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और तैनाती में भ्रष्टाचार और रिश्वत के लेनदेन में बिचौलियों की भूमिका के आरोपों की जांच कर रही है।

हावड़ा के भोजपुरी फेस्टिवल में शारदा सिन्हा, तारकोश्वर मिश्रा समेत कई लोग सम्मानित

कोलकाता। विश्व भोजपुरी उत्थान कल्याण समाज की ओर से भोजपुरी की पांच विभूतियों को सम्मानित किया गया। शरत सदन, हावड़ा में आयोजित भोजपुरी फेस्टिवल-2014 में विख्यात भोजपुरी गायिका पद्मश्री शारदा सिन्हा को महेन्द्र मिश्र सम्मान, कालिदास के संस्कृत काव्य 'मेघदूत' के हिन्दी व अंग्रेजी गीति-नाट्य रूपांतरकार मृत्युंजय कुमार सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान, भोजपुरी फिल्म निर्माता शशिधर सिंह को नज़ीर हुसैन सम्मान, वरिष्ठ पत्रकार तारकेश्वर मिश्रा को राहुल सांकृत्यायन सम्मान एवं साहित्यकार डॉ. अभिज्ञात को कबीर सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान महामंडलेश्वर एचएच स्वामी डॉ. उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज (मारीशस) एवं सांसद सुल्तान अहमद द्वारा प्रदान किए गए।

भाजपा प्रवक्ता GVL Narasimha Rao काला धन खपाने का धंधा करता है!

NEWS EXPRESS द्वारा ‎OperationPrimeminister‬ में 11 कंपनी का पर्दाफाश किया गया था, उसमे से एक कंपनी थी DRS, India। उसमे Diwakar Srivastava (COO,DRS) को फ़र्ज़ी ओपिनियन पोल करने के लिए हाँ कहते हुए दिखाया गया था। साथ ही वह फ़र्ज़ी ओपिनियन पोल के लिए काला धन लेने तक के लिए तैयार था। जब आम आदमी पार्टी के वालंटियर ने इस कंपनी कि छानबीन करना चाहा था तो हमने पाया की इस कंपनी का Chairman and Managing Director कोई और नहीं BJP का ही एक बड़ा नेता और प्रवक्ता G V L Narasimha Rao निकला।

गुजरात नहीं, उत्तर प्रदेश के ‘मामुओं’ की उपज हैं नरेंद्र मोदी

राष्ट्रीय परिदृश्य पर मोदी क्यों उभरे? जिस किसी से पूछिए तो वो गुजरात, गोधरा, विकास इन्ही शब्दों से गुंथा कुछ जवाब देता नज़र आयेगा, पर बात इतनी आसान नहीं है। मोदी उपज है विगत बीस वर्षों से भटकी हुई उत्तर प्रदेश की राजनीति की। जो यूपी देश को अपने सांसदों के दम पर प्रधानमंत्री देता था, वो ही मंडल कमीशन की आंधी के बाद जातीयता के दलदल में ऐसा धंसा कि मामुओं (मायावती का मा + मुलायम का मु + अखिलेश + आज़म का अ) के मोह में उलझ कर रह गया। राष्ट्रीय पार्टियों के न फलने फूलने का असर ये रहा कि न तो अब कोई राष्ट्रीय नेता है और न ही उच्च स्तर का विकास। गुजरात, मध्यप्रदेश, हिमांचल, हरियाणा जैसे राज्य यूपी से आगे निकल गए। इन राज्यों में कार्पोरेट पहुंचे, रोजी-रोजगार पहुंचा और हम वहीं के वहीं सपा बसपा के झंडाबरदार बने रहे और पापा-बेटा और बहन भैया को सींच-सींच कर ताकत देते रहे।

यूपी में समाजवादी कैसे करते हैं आन स्पाट न्याय, देखें ये तस्वीर

उत्तर प्रदेश की हालत बेहद खराब है. यहां पुलिस वाले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गुंडों की तरह काम कर रहे हैं. आम जनता की तो बात छोड़िए, डाक्टरों तक को ऐसे सरेआम पीटा जा रहा है जैसे वे कोई देशद्रोही हों या बड़े क्रिमिनल हों.

कानपुर का कप्तान यशस्वी यादव बात करने लायक नहीं : भाजपा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कांत बाजपेर्इ ने कल कानपुर मेडिकल कालेज में जाकर मामले का पूरा जायजा लिया। उन्होंने पुलिस कप्तान यशस्वी यादव और सपा नेता इरफान सोलंकी के खिलाफ कार्यवाही कराने के लिए आंदोलन करने का आश्वासन दिया।

‘फंड्री’ दलित सिनेमा का उत्सव है

पिछले हफ्ते समय निकाल ‘फंड्री’ देखने गया था. चेम्बूर के एक सिंगल स्क्रीन थिएटर ‘अमर’ में “लास्ट डे – लास्ट शो” देखा. यहाँ चालीस रूपए में बालकनी का टिकट मिल जाता है. फंड्री  की स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में जो जोश भरा माहौल था वह बस अनुभव ही किया जा सकता है. मेरा एक दोस्त चेम्बूर के एक मल्टीप्लेक्स में इस फिल्म को देखने गया था. वहाँ की टिकट डेढ़ सौ रूपए से कम की नहीं आती. साथ ही वहाँ का दर्शक वर्ग भी मुख्यतः अमीर-सवर्णों का ही था जो फिल्म के गंभीर दृश्यों के दौरान भी अपनी जाति की समझ के अनुसार ठहाके लगा कर हँसना नहीं भूलता था.

मीडिया में क्षरण विज्ञापन की वजह से, पूंजीवाद की वजह से रिपोर्टरों के हाथ बांध दिए गए

: मोरल वैल्यू की जगह मार्केट वैल्यू को मीडिया में जगह देना खतरनाक : बरबीघा, शेखुपरा (बिहार) :  वर्तमान मीडिया में मोरल वैल्यू की जगह मार्केट वैल्यू को जगह दिया जा रहा है जो कि देश और समाज के लिए खतरनाक है। पूंजीवाद-बाजारवाद जब-जब हावी हुआ है तब तब समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उक्त बातें एसकेआर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा0 शिवभगवान गुप्ता ने कही। वे श्रीनवजीवन अशोक पुस्तकालय में आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विचार गोष्ठी का विषय 'मीडिया का सामाजिक सरोकार' रखा गया था।

मैं सुपारी पत्रकार नहीं हूं, ‘शगुन टीवी’ अब भी चल रहा : अनुरंजन झा

शगुन टीवी के कर्ताधर्ता अनुरंजन झा ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि शगुन टीवी बंद नहीं हुआ है. इस तरह की खबरें गलत है. उन्होंने कहा- ''जब आपको यह पता है कि शगुन बंद हो गया तो आपको यह भी पता होगा कि हम क्या कर रहे हैं… मित्र जिस दिन यह कंधा 70 लोगों का परिवार ढोने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा उस दिन शगुन बंद कर दूंगा .. आप चाहें तो http://shaguntv.com पर लाइव देख सकते हैं .. शुभचिंता के लिए शुक्रिया''

दैनिक भास्कर जिस हिन्दी के भरोसे चल रहा है, उसी की ऐसी-तैसी करने में सबसे आगे है

LN Shital : देश के सबसे बड़े समाचार पत्र समूह – दैनिक भास्कर ने अपने खुद के एक प्रस्तावित आयोजन का विज्ञापन प्रकाशित किया है, जिसका शीर्षक है – 'आओ मनाएं नारित्व का जश्न'। कितनी शर्म और दुःख की बात है कि अख़बार जिस हिन्दी के भरोसे चल रहा है, उसी की ऐसी-तैसी करने में सबसे आगे है। सही शब्द 'नारीत्व' है, न कि 'नारित्व'।

सुब्रत राय के निजी सुरक्षा गार्डों ने तीन मीडियाकर्मियों को जमकर पीटा

लखनऊ से दिल्ली सड़क मार्ग से आने के दौरान तीन मीडियाकर्मियों की धुनाई सुब्रत राय के निजी सुरक्षा गार्डों ने की. इन तीनों मीडियाकर्मियों का गुनाह बस इतना था कि इन्होंने अपनी ड्यूटी निभाते हुए सड़क से गुजर रहे सुब्रत राय की तस्वीर उतारने की हिमाकत की. पीटे गए पत्रकारों में हिंदुस्तान अखबार के फोटोग्राफर शुभम निगम, दैनिक जागरण के फोटोग्राफर संजय यादव और हिंदुस्तान के क्राइम रिपोर्टर राहुल पांडेय हैं.

कन्नौज के पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को भी नहीं बख्शा

कन्नौज। साइकिल यात्रा में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं से पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार जैन भिड़ गए। काफी कहा-सुनी होने के बाद वह जब बाहर गेट की तरफ आए तो उन्होंने कुछ पत्रकारो से भी अभद्रता करनी शुरू कर दी। उधर कुछ कार्यकर्ताओं ने भीड़ को रोकने का आरोप पुलिस पर लगाया है। गेट के अंदर जाने को लेकर कुछ पुलिसवालों ने मीडिया प्रेस पास होने के बाद भी पत्रकारों को नहीं घुसने दिया। इसको लेकर पत्रकारों की झड़प हुई।

गुरुदास कामत द्वारा पेड न्यूज छपवाने से भड़की ‘आप’ ने प्रेस रिलीज में भड़ास का जिक्र किया

नीचे वो प्रेस रिलीज है जो आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र ईकाई की तरफ से प्रेस को दिया गया. इसमें गुरुदास कामत द्वारा महाराष्ट्र के अखबारों में पेड न्यूज छपवाने की भड़ास पर प्रकाशित खबर का भी लिंक दिया गया है. इस मामले को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति गरम हो गई है. कांग्रेस के शुभचिंतकों ने भी गुरुदास कामत के इस घटिया व्यवहार की निंदा की है.

लोकसभा चुनाव तक के लिए Aroon Purie ने टीआरपी टारगेट दे दिया, पढ़ें आंतरिक मेल

From: AP

To: TV Today All

As 1 billion people vote and TV TodayNetwork gears up to cover the most complex election of the world, I wanted to convey my good wishes. I would also like to share a few thoughts. This poll is not only a contest between political parties or ideologies. It is also a battle for TV Today. Regardless of who forms the government, it should be ITG which comes out the WINNER.

डॉक्टरों की हड़ताल खत्म करने हेतु पीआईएल

उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की हड़ताल समाप्त किये जाने हेतु सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा आज इलाहाबाद हाई कोर्ट, लखनऊ बेंच में एक रिट याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर में घटी घटनाओं से सारे डॉक्टर समूह में यह धारणा बन गयी है कि एसएसपी कानपुर यशस्वी यादव के नेतृत्व और सीधे हस्तक्षेप में की गयी कार्यवाही पुलिस की शक्ति का व्यापक दुरुपयोग और सत्ता पक्ष के एमएलए के प्रति पूरी तरह एकपक्षीय कार्यवाही थी.

प्रतिष्ठित अखबार में शादी पर संपादकीय और मेरे मन के कई सवाल

Nadim S. Akhter : दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अखबार में आज शादी पर संपादकीय छपा है. उसमें एक लाइन है–विवाह करके और संतान पैदा करके व्यक्ति पितृ ऋण से मुक्त होता है— इसे लाइन को पढ़ने के बाद मन में कई सवाल हैं, उनके जवाब जानने की उत्सुकता है.

दैनिक लोकदशा अचानक बंद, फर्स्ट इंडिया में डेढ़ माह से तनख्वाह नहीं मिली

Dhiraj Kulshreshtha : जयपुर में पत्रकारिता संकट में है…. पत्रकार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है…  गहलोत का जेबी अखबार दैनिक लोकदशा अचानक बन्द हो गया… मालिक लोकसभा चुनाव तक भी चलाने की इच्छा शक्ति छोड़ चुके हैं…

‘लिट-प्रोम’ ने ‘मोहन दास’ के जर्मन अनुवाद को उत्कृष्टता की श्रेणी में पहला स्थान दिया है

Uday Prakash : आज सुबह भी ठीक से नहीं हो पायी थी और सोनभद्र, बनारस की थकान लंबी नींद के बाद भी ठीक से उतरी नहीं थी कि एक बहुत अच्छी खबर ने नये उत्साह से भर दिया. एक तरफ़ 'हिंदी' के चापलूस, गिरोहबाज़, जातिवादी, मीडियाकर तिकड़मियों की घृणा और दूसरी तरफ़ रचनाओं की निरंतर बढ़ती हुई अनायास विराट साहित्यिक स्वीकृति. महत्वपूर्ण एशियाई, अफ़्रीकी और लैटिन अमेरिकी साहित्य के जर्मन अनुवाद की सर्वश्रेष्ठ अनूदित कृतियों के अपने चयन के लिए विख्यात 'लिट-प्रोम' संगठन ने इस बार 'मोहन दास' के जर्मन अनुवाद को उत्कृष्टता की श्रेणी में पहला स्थान दिया है. यह एक निस्संदेह बड़ी सफलता है.

अध्यात्म भी अंधविश्वास ही है, बस कान-हाथ घुमाकर पकड़ने से ज़्यादा कुछ नहीं

Jitendra Naruka : अध्यात्म, ध्यान, अपनी अंतरात्मा में ईश्वर खोजना या शांति खोजना सब अंधविश्वास के ही रूप हैं.. अक्सर कुछ तर्क को स्थान देने वाले लोग ये कहकर अपने आप को उसी अंधविश्वास मे लीन कर लेते हैं, 99% सवालों को जानने वाला मनुष्य 1% सवाल जो नहीं जानता उनकी खोज मे या यों कहें अपने वश से बाहर के दुखों पर पार पाने को हमेशा ग़लत तरीके के असफल प्रयास मे उलझ जाते हैं या उलझा दिए जाते हैं, हम अपनी अंतरात्मा मे जब ईश्वर या शांति या उपाय ढूंढते हैं, सिवाय अंधकार और गहराने के कुछ प्रकाश या जवाब नहीं मिलता अंदर खोजने को कुछ है ही नहीं कम से कम ईश्वर, सवालों का जवाब, दुखों का अंत तो कदापि नहीं…

रोहित शेखर की ईमानदारी, लड़ाई और जीत को सलाम

Mayank Saxena  : एनडी तिवारी से पत्रकार पूछ रहे थे, "तो क्या आप रोहित शेखर को अपना बेटा मानते हैं…अपना वारिस मानते हैं…"

एनडी तिवारी बार बार जवाब टाल रहे थे…फिर अचानक अपनी उपलब्धियां गिनाने लगे…पत्रकारों ने फिर पूछा तो बोले, "आप मुझ से क्या सुनना चाह रहे हैं…"

सीधी बात करने वाले केजरीवाल, मोदी से चुनाव लड़ने की बात को गोल क्यों कर गए?

Nadim S. Akhter : जो लोग ये मृगमरीचिका पाले बैठे हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल सीधे-सीधे नरेंद्र मोदी से भिड़ेगे, वो बगल में रखे घड़े से पानी पी लें, वरना प्यास से गला सूखता रहेगा. भई, अगर केजरीवाल अब भी उतने ही -आम आदमी- होते, जैसा दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले थे, तो कल यूपी में अपनी सभा में साफ-साफ कह देते कि नरेंद्र मोदी देश में चाहे कहीं से भी लड़ें, उनके खिलाफ में चुनाव लड़ूंगा.

अंग्रेजी वाले जिसे oomph ‘ऊम्फ’ कह कर निकल जाते हैं, उसे हम ‘नमक’ कहेंगे

Sanjay Sinha : आज मुझे दो खूबसूरत लड़कियों से मिलना है। एक का नाम है यामी गौतम, जिसे आपने विकी डोनर फिल्म में देखा हो। उनकी एक और फिल्म आ रही है, नाम है 'टोटल सियापा'। दूसरी लड़की का नाम है कंगना रनाउत, जिनकी फिल्म 'क्वीन' भी आने वाली है। कंगना की बहुत सी फिल्में आ चुकी हैं, और आप उन्हें पहचानते हैं। दोनों से मेरी मुलाकात होगी। यामी गौतम से अब तक मिला नहीं हूं लेकिन वो मुझे सुंदर लगती हैं, लेकिन कंगना में सुंदरता से हट कर जो चीज है, उसे ऊम्फ (oomph) कहते हैं। मेरे लिए ये शब्द नया है।

पासवर्ड न पता होने से दिल्ली पुलिस आठ साल में 667 शिकायतें नहीं देख पाई

Abhishek Srivastava : मेरे साथ इंटर पास किए 10 में से 8 सहपाठी आइटी में हैं। ग्रेज़ुएशन किए 10 में 6 आइटी में हैं। जिन्‍होंने गणित या भौतिकी में आगे की पढ़ाई की, वे भी देर-सबेर आइटी में चले गए। मेरे रिश्‍तेदारों के बच्‍चे भी आइटी में हैं। मेरे जानने वालों के बच्‍चे भी आइटी में हैं। पिछले बीस बरस में जिसने भी इंटर पास किया, आइटी क्षेत्र में चला गया या जाते-जाते रह गया।

वीएन राय साब, ये है अंतिम संवाद, अब मिलेंगे कोर्ट में गवाही के दौरान

Sanjeev Chandan : (एक खत उसके नाम, जिससे सावधान रहने की जरूरत है, हिंदी समाज और हिंदी की चेतना को …. उसके नाम जिसकी नजर हिंदी के नाम पर करोड़ों के बाजार पर है, अनुदान राशियों और मालदार संस्थाओं पर है.)

विभूति राय महोदय,

यह शायद आपसे अंतिम सम्वाद हो, जो सार्वजनिक तौर पर कर रहा हूं. वैसे तो आप खुद ही घोषित कर चुके हैं कि आप मोटी चमड़ी के हैं. लेकिन आप साहित्यिक और दूसरे सामाजिक सरोकारों की दावेदारी भी करते रहे हैं, इसलिए थोड़ी शर्म-हया तो होगी ही. वैसे उसकी अपेक्षा तो हमें नहीं है, हिंदी विश्वविद्यालय में कुलपति रहते हुए आपके कारनामो के मद्देनजर.

राहुल गांधी का नया प्रयोग, आम कांग्रेसी चुनेंगे लोक सभा उम्मीदवार

संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र भारतवर्ष में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव प्रत्येक पांच वर्ष के कार्यकाल के पश्चात् निर्वाचन आयोग के द्वारा करवाये जाते है। कई बार सत्ता परिवर्तन का अवसर आया किन्तु सदैव चुनाव परिणामों के अनुसार निर्वाचित जनप्रतिनिधि अहिंसक तरीके से सत्ता संभालते रहे है। इस लोकतांत्रिक परम्परा को भारत में आत्मसात कर लिया गया है। इसमें किसी को कोई संदेह नहीं है, किन्तु दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र के लोकतंत्र में यह एक विडम्बना रही कि राजनैतिक दलो में आंतरिक लोकतंत्र की स्थिति पर सदैव प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। किसी भी राजनैतिक दल की ओर से चुनाव में कौन उम्मीदवार होगा, इसके निर्धारण की पद्धति की पारदर्शिता संदिग्ध रही है। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा आसन्न होती है उसके कुछ समय पुर्व से राजनैतिक दलो में उम्मीदवारी को लेकर स्पर्धा सामने आती है, लोक सभा या विधानसभा चुनाव की स्थिति में राजनैतिक दलो में उम्मीदवारी के अभिलाषी नेता व कार्यकर्ता प्रदेश व देश की राजधानी की ओर दौड़ लगाते है।

जनसंदेश टाइम्‍स, इलाहाबाद से एडिटोरियल हेड रवि प्रकाश मौर्य का इस्तीफा

इलाहाबाद से खबर है कि जनसंदेश टाइम्स में एडिटोरियल हेड के रूप में कार्य कर रहे रवि प्रकाश मौर्य ने यहां के जीएम रंजीत कुमार मौर्य से विवाद होने के बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने रवि मौर्या से विज्ञापन की एक खबर लगाने को कहा था जिसे उन्होंने लगाने से मना कर दिया था। यह बात सीईओ व डायरेक्टर तक पहुंची तो रवि मौर्या ने सीईओ को इस्तीफा भेज दिया। बता दें कि करीब दो माह पूर्व सीईओ आरपी सिंह से विवाद के होने बाद यहां के सम्पादकीय प्रभारी आनंद नारायण शुक्ल ने भी इस्तीफा दे दिया था और अपनी टीम लेकर सिटी टाइम्स चले गये।

सुशासन बाबू आप तो ऐसे न थे…!

कोलकाता से करीब 60 किलोमीटर पश्चिम में एक छोटा सा स्टेशन है दुआ। 1997 मे तत्कालीन रेल मंत्री के तौर पर इस स्टेशन का उद्घाटन बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। कार्यक्रम के कवरेज के सिलसिले में देर तक नीतीश कुमार के साथ रहने का अवसर मिला। वह जमाना लालू यादव का था। लेकिन कुछ खासियतों के चलते मुझे नीतीश कुमार तब हिंदी पट्टी के बेहद सुलझे हुए नेता लगे थे। अपने गृह प्रदेश बिहार के लालू यादव के ठेठ देशी अंदाज के विपरीत नीतीश के व्यक्तित्व में गजब की सौम्यता थी। स्टेशन का उद्घाटन करने के साथ ही नीतीश ने रेलवे सुरक्षा बल जवानों के एक समारोह को भी संबोधित किया था। साधारणतः ऐसे कायर्क्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज कराते हुए रेल मंत्री जवानों के लिए इनामी राशि व तमाम लोकलुभावन घोषणाएं करते हैं। लेकिन परंपरा के विपरीत नीतीश कुमार ने इससे परहेज करते हुए केवल मुददे की बात कही। इससे मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि हिंदी पट्टी से और मंडल-कमंडल की राजनीति की उपज होने के बावजूद  नीतीश कुमार काफी सुलझे हुए हैं।

सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार डा. वीरेन्द्र आजम को कृषि पत्रकारिता का किसान चक्र एवार्ड मिला

सहारनपुर। राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाने वाला कृषि पत्रकारिता का वर्ष 2013 का ‘‘किसान चक्र एवार्ड’’ सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डा. वीरेन्द्र आज़म को दिया गया है। यह एवार्ड चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय के गोल्डन जुबली सभागार में देश भर के वनस्पति व कृषि वैज्ञानिकों की संस्था ‘‘सोसायटी फॉर प्लांट रिसर्च’’ द्वारा 21 फरवरी से 23 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार के उद्घाटन सत्र में दिया गया।

दस दिनों में हटाएं आपराधिक इतिहास वालों की सुरक्षा: उप्र हाई कोर्ट

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा सुरक्षाकर्मियों के दुरुपयोग के सम्बन्ध में दायर पीआईएल में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज उत्तर प्रदेश सरकार से 10 दिनों में आपराधिक इतिहास वाले सभी 288 व्यक्तियों की सुरक्षा हटाये जाने के आदेश पारित किये हैं। सुनवाई की अगली तिथि 07 अप्रैल निश्चित की गयी है। इस सूची में पूर्व मंत्री राम अचल राजभर, राकेशधर त्रिपाठी, दद्दू प्रसाद, नन्द गोपाल गुप्ता, पूर्व संसद हरीश नागपाल, डीपी यादव, पंकज चौधरी, बेगम नूर बानो, मंत्री राज किशोर सिंह के भाई बृज किशोर सिंह सहित कई पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी नेता शामिल हैं।

‘दृश्यांतर’ पत्रिका के बहाने धीरेन्द्र अस्थाना की आत्मकथा पर गोष्ठी

…चार अंकों में ही इतनी लोकप्रिय होने वाली दृश्यांतर पत्रिका शायद हिंदी की पहली ऐसी साहित्यिक पत्रिका है, जो हर तरह से बहुत अच्छी सामग्री देने के साथ-साथ रचनाधर्मिता के मानदंडों पर खरी उतरती है… यह उद्गार सुप्रसिद्ध रचनाकार सुधा अरोड़ा ने मणिबेन नानावटी महिला महाविद्यालय, मुंबई में दिनांक 26 फरवरी को दृश्यांतर के लोकार्पण कार्यक्रम में व्यक्त किए।

सात दिन में स्थिति स्पष्ट करे सरकार नहीं तो रद्द होगा आईपीएस का ट्रांसफर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा आईजी अभियोजन से आईजी नागरिक सुरक्षा के पद पर हुए ट्रांसफर के विरुद्ध दायर याचिका में केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने आज राज्य सरकार के अधिवक्ता से निर्देश प्राप्त करने को कहा कि क्या उनके ट्रांसफर के समय 28 जनवरी 2014 को जारी नियम के अनुसार सिविल सेवा बोर्ड का गठन किया गया था और क्या इस बोर्ड द्वारा संशोधित आईपीएस कैडर रूल्स 1954 के प्रावधानों का संज्ञान लिया गया था। कैट ने मामले की अगली सुनवाई 07 मार्च को नियत की है।

वर्षों से अपडेट नहीं हुई उप्र सरकार की वेबसाइट, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार से आरटीआई एक्ट के सुचारू अनुपालन हेतु की गई कार्यवाही के सम्बन्ध में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्तिगण इम्तियाज़ मुर्तजा और डीके उपाध्याय की बेंच ने आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा दायर पीआईएल में किया।

कॉस्ट कटिंग के नाम पर दबंग दुनिया ने आधा दर्जन पत्रकारों को निकाला

दबंग दुनिया, रायपुर, में इन दिनों कास्ट कटिंग का सिलसिला तेजी से चल रहा है। कम से कम खर्चे पर अखबार निकालने के लिए एक के बाद एक संस्थान से रिपोर्ट्स, पेज डिजाइनर और अन्य लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। फरवरी महीने की सैलरी देने के साथ ही मैनेजमेंट ने आधा दर्जन लोगों से कह दिया कि आज से आपकी सेवाएं समाप्त, हमें आपकी जरुरत नहीं है।

केदारनाथ मंदिर के रावल कहां हैं!

केदारनाथ मंदिर के रावल भीमाशंकर लिंग एक बार फिर से लोगों के निशाने पर हैं। जून माह में आई आपदा के बाद संतो व धर्माचार्यों के विरोध को किसी तरह शांत करने में कामयाब रहे थे, लेकिन केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर उनकी गैरमौजूदगी के बाद एक बार फिर से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। शिवरात्रि के दिन भगवान केदारनाथ के शीतकालीन पूजा स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विधि विधान के अनुसार मंदिर के कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण होता है। लेकिन इस महत्वपूर्ण अवसर पर रावल मौजूद नहीं थे।

पार्टियां अच्छे और जिताऊ कंडीडेट तलाश कर रही हैं, चैनल अच्छे और टिकाऊ पत्रकार खोज रहे हैं

Vikas Mishra : चुनाव आसपास है। जो हाल राजनीतिक पार्टियों और नेताओं का है, कुछ वैसा ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और उसके पत्रकारों के साथ हो रहा है। पार्टियां अच्छे और जिताऊ कंडीडेट तलाश कर रही हैं, चैनल अच्छे और टिकाऊ पत्रकार खोज रहे हैं। अपनी पार्टी में उपेक्षित नेता दूसरी पार्टियों के अच्छे ऑफर पर जा रहे हैं। भले ही वो पार्टी पहले वाले से कमजोर हो। चैनलों में भी कई उपेक्षित लोग अच्छा ऑफर पाकर दूसरे चैनल में जा रहे हैं, भले ही वो चैनल पहले वाले से कमतर हो।

कानपुर कांड : दो जरूरी वीडियो और कुछ अहम तस्वीरें, ताकि सनद रहे

Yashwant Singh : कानपुर कांड में नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं … सपा विधायक इरफान सोलंकी और सपाई एसएसपी यशस्वी यादव ने अपने इगो को शांत करने के लिए जूनियर-सीनियर डाक्टरों को बेरहमी से मारा.. मीडिया वाले भी पीटे गए… पर पावर और पैसे की गुलाम मीडिया ने अपने लोगों की पिटाई को तो साइडलाइन किया ही, डाक्टरों की पिटाई के पीछे के कारणों के बारे में भी दुष्प्रचार किया…

कानपुर मेडिकल कॉलेज में पुलिस बर्बरता और कनपुरिया मीडिया का सच

एक मार्च को दैनिक हिंदुस्तान में खबर पढ़ कर मुझे पता चला कि कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज के छात्रों और वहाँ के सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी के बीच संघर्ष हो गया है। अखबार ने लिखा है कि विधायक हैलट अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर पर खड़े थे. सामने मेडिकल छात्रों ने एक वृद्ध को बाइक से टक्कर मार दी, उसने कुछ कहा तो वे उसे पीटने लगे. विधायक ने उन्हें समझाने के लिए अपना गनर भेजा तो उससे भी भिड़ गए. विधायक खुद पहुंचे तो उनके गाल पर थप्पड़ मार दिया. गनर ने गन तानी तो लड़कों ने विधायक के सिर पर पत्थर मार दिया और भारी पथराव कर दिया. विधायक का सिर फट गया और वे अपने साथियों के साथ जान बचा कर भाग आए.

आजतक के एसाइनमेंट डेस्क से तीन ने दिया इस्तीफा, जयपुर में नीरज व शरद की नई पारी

आजतक न्यूज चैनल के एसाइनमेंट डेस्क से पिछले महीने अनुरोध कुमार और निखिल राठौर के इस्तीफे के बाद इस महीने तीन और इस्तीफे हो गए हैं. सेलरी मिलते ही आजतक के एसाइनमेंट डेस्क से पुष्पेंद्र कुमार, दीपांकर नंदी और पंकज चौधरी ने इस्तीफा दे दिया है. पुष्पेंद्र कुमार न्यूज नेशन में एसोसिएट प्रोड्यूसर बनेंगे. दीपांकर नंदी भी न्यूज नेशन गए हैं सीनियर प्रोड्यूसर के पद पर. पंकज चौधरी ने जी न्यूज का रुख किया है जहां वे एसाइनमेंट हेड बनाए जाएंगे. चर्चा है कि अगले महीने भी कुछ और इस्तीफे होंगे.

रितुल जोशी ने टीवी टुडे समूह से ग्यारह वर्षों का नाता तोड़ा, जयपुर में राम प्रसाद को प्रमोशन

आजतक न्यूज चैनल से रितुल जोशी ने इस्तीफा दे दिया है. वे डिप्टी एडिटर के पद पर कार्यरत थीं. कुछ लोगों का कहना है कि वे ब्रेक ले रही हैं कुछ समय के लिए. वहीं चर्चाएं ये है कि वे न्यूज एक्सप्रेस के साथ नई पारी की शुरुआत कर सकती हैं. रितुल जोशी टीवी टुडे के साथ पिछले ग्यारह वर्षों से थीं. वे विदेश मंत्रालय बीट की रिपोर्टिंग करती थीं, साथ ही साथ एंकर के बतौर भी जिम्मेदारी निभाती थीं.

एक पत्र नरेंद्र मोदी जी के नाम

: दुविधा में हूँ कि आपको किस तरह संबोधित करूं, ‘प्रिय’ नहीं लिख सकता कि ये खुद को धोखा देना होगा और ‘आदरणीय’ इसलिए नहीं लिखता की ये आपसे धोखा होगा. मगर उस संस्कार और उस शिक्षा का क्या करूं जो हमें अपनों से बड़ों को संबोधित करने एक तरीका बताता है. भारतीय संस्कृति में ‘जी’ शब्द आदर का प्रतीक है सो….

मोदी जी,

देश के सबसे cash rich व्यापारी सुब्रत राय पिछले दो साल से आयकर विभाग और सेबी को अपने बही-खातों का हिसाब नहीं दे पा रहे

Deepak Sharma : चिटफंड ने हर नेता को चित किया… ATTN MR KEJRIWAL/MR MODI … मेरे बैंक खाते में जितना भी पैसा है उस पैसे के एक एक रूपए का हिसाब मैं दे सकता हूँ. मेरी सारी जमा पूँजी, सारी धनराशि और उस पर दिये गए कर का लेखा जोखा आयकर विभाग किसी भी वक्त परख सकता है. आपकी भी यही स्थिति होगी. यही मेरा और आपका ईमान है. लेकिन भारत की त्रासदी देखिये. इस देश का छदमवाद देखिये. पिछले दो साल से देश के सबसे cash rich व्यापारी सहाराश्री आयकर विभाग और सेबी को अपने बही खातों का हिसाब नहीं दे पा रहे. यही निचोड़ है सहारा प्रकरण का.

PIB downgraded!

Press Information Bureau (PIB), the source media for all official information and publicity of the Government of India, was downgraded by the combo of Information and Broadcasting Minister Manish Tewary and Prime Minister’s Media Adviser or Press Secretary Suresh Pachauri, when the Prime Minister Dr. Man Mohan Singh held his third formal mega press conference on January 3, 2014 to announce his retirement from the Prime Ministerial candidature after the 2014 General Elections, among other announcements and information that he gave to the people of India.

DJ advt Scam of Bihar : nexus between accused persons and officials-ministers

By Shri Krishna Prasad, Advocate

New Delhi : In connection with the criminal Revision case No-188/2013,the opposite party No-02,Raman Kumar Yadav, a Motijheel Area resident of Muzaffarpur in Bihar,has submitted his 'Counter-Affidavit' in the court of the Honourable Additional District and sessions Judge (Muzaffarpur) under the guidance of the senior lawyer,Shri Krishna Prasad on Feb 28.The copy of the 'Counter-Affidavit' has also been handed over to Mr Raghuvir Singh the respected lawyer of the Chief General Manager, Dainik Jagran,Aanand Tripathi and the Associate Editor, Dainik Jagran,Shailendra Dixit the same day.

आप पार्टी का रंग बदलना आश्चर्यजनक लगने लगा है : डा. अश्विनी महापात्रा

: इंडियन मीडिया सेंटर', छत्तीसगढ़ इकाई ने आयोजित किया सेमिनार : रायपुर. इंडियन मीडिया सेंटर की छत्तीसगढ़ इकाई ने एक संगोष्ठी का आयोजन स्थानीय वृंदावन हॉल में रखा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अश्विनी महापात्र थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार और संपादक मधुकर द्विवेदी तथा दिशा एजुकेशन सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमेश उपाध्याय उपस्थित थे.

अमरेंद्र यादव और विशाल राज मिश्रा के बारे में सूचनाएं

अमरेंद्र यादव अब फारवर्ड प्रेस के साथ कार्यरत नहीं हैं. उन्‍होंने पत्रकारिता में एमफिल के शोध कार्य के लिए रायपुर (छत्‍तीसगढ) में रहने का फैसला किया है. आज 2 मार्च को उनका विवाह भी है.   फारवर्ड प्रेस परिवार की तरफ से प्रमोद रंजन ने बताया कि बतौर प्रधान संवाददाता उनके द्वारा किये गये कामों की हम सभी सराहना करत हैं तथा उनके सुखद वैवाहिक जीवन व उज्‍जवल भविष्‍य के लिए कामना करते हैं.

टीवी पत्रकार हरीश चन्द्र बर्णवाल की किताब ‘मोदी मंत्र’ रिलीज

वरिष्ठ टीवी पत्रकार हरीश चन्द्र बर्णवाल की नई किताब मोदी मंत्र का विमोचन समारोह नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 28 फरवरी को आयोजित किया गया। किताब का लोकार्पण भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी, वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय, भारतीय जनता पार्टी के दो राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी और डॉक्टर विजय सोनकर शास्त्री ने किया।

संघियों ने कई बार तिरंगा जलाया है, क्या राष्ट्रभक्त मोदी इसके लिए माफी मांगेंगे?

सन् 1999 से 2004 तक स्वघोषित रूप से प्रतिबद्ध स्वयंसेवकों के नेतृत्ववाली वाली एनडीए सरकार का दुस्साहस एक समय इतना बढ़ गया था कि उसने भारतीय संविधान की समीक्षा के लिए एक आयोग का गठन किया था। ऐसा करके एनडीए सरकार संविधान से स्वतंत्रता, समानता और न्याय (जो वस्तुतः फ्रांसीसी क्रांति की देन हैं), जैसे विदेशी मूल्यों को निकाला निकाल देना चाहती थी। उस समय संघ परिवार की ही एक शाखा विश्व हिंदू परिषद के नेता आर्चाय धर्मेद्र और गिरिराज किशोर ने तो एक कदम आगे बढ़कर संविधान में किये जाने वाले परिवर्तनों को भी सुझा दिया था। परन्तु आयोग के सदस्यों को लगा कि अगला चुनाव जीतने के बाद ही संविधान बदला जाए। लेकिन भाजपा नेतृत्व का संविधान बदलने का मुंगेरीलाल का यह सपना पूरा नहीं हो सका क्योंकि वह आम चुनाव के बाद सत्ता से बेदखल हो गयी थी।

DAVP asks for withdrawal of ‘Bharat Nirman’ advertisements

New Delhi: The Department of Audio Visual Publicity (DAVP) on Monday issued an advisory to private TV channels, Doordarshan, FM radio channels, All India Radio as well as Community Radio Stations to not run 'Bharat Nirman' audio-visual spots after March 2. The advisory further added that channels should strictly adhere to this deadline as payments would not be made for audio-video spots telecast for the Bharat Nirman campaign beyond the deadline.

रवींद्र कुमार का बयान आपत्तिजक : मजीठिया मंच

मजीठिया मंच ने इंडियन न्‍यूज पेपर सोसाइटी (आईएनएस) के अध्‍यक्ष रवींद्र कुमार के वेज बोर्ड पर उस बयान को दुर्भाग्‍यपूर्ण और आपत्तिजनक करार दिया है जिसमें श्री कुमार ने वेज बोर्डों को घिसा-पिटा और पुरातनपंथी रवायत तक (continuance of the anachronism of Wage Boards) कह डाला है। आईएनएस अध्‍यक्ष ने नई दिल्‍ली में आयोजित इंडियन न्‍यूज पेपर सोसाइटी (आईएनएस) के प्‍लैटिनम जुबली समारोह में यह बात कही, जबकि माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने न सिर्फ मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को सर्वथा उचित ठहराया है, बल्कि इसके गठन को भी पूरी तरह संवैधानिक माना है। कुमार ने सर्वोच्च न्‍यायालय के फैसले की खिल्ली उड़ाने वाला यह बयान ऐसे कार्यक्रम में दिया है जिसमें महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मौजूद थे।

कानपुर में पत्रकारों को पीटे जाने के खिलाफ चंदौली में पत्रकारों ने निकाला जुलूस

मुगलसराय (चंदौली) : कानपुर में समाचार संकलन कर रहे पत्रकारों व छायाकारों पर सत्तारूढ़ दल के विधायक इरफान सोलंकी व एसएसपी यशस्वी यादव के इशारे पर किए गए बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज के विरोध में नगर के पत्रकारों ने शनिवार को बांह पर काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला। पत्रकारों ने इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक रामप्रगट यादव को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम एक पत्रक भी सौंपा।

बिजनौर के वरिष्ठ पत्रकार ताराचंद का निधन

बिजनौर से सूचना है कि अंग्रेजी और हिन्दी दैनिक अखबारों के वरिष्ठ पत्रकार ताराचन्द का शनिवार की दोपहर हृदयगति रूक जाने से निधन हो गया. वे 72 वर्ष के थे. नगीना के मोहल्ला नालबन्दान निवासी ताराचन्द 10 वर्ष पूर्व हिन्दू इन्टर कालेज में राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हुये थे.

मुंबई में कांग्रेस नेता गुरुदास कामत ने किया ‘पेड न्यूज’ का शुभारंभ

मुंबई : लोकसभा चुनाव के लिए आचर संहिता लागू होने से पहले ही मुंबई में पेड न्यूज का खेल शुरू हो गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुरुदास कामत ने इसका श्रीगणेश किया है. शनिवार को कामत ने मुंबई से निकलने वाले तीन हिंदी अखबारों और 5 उर्दू अखबारों में पैसे देकर आधा-आधा पेज का फर्जी न्यूज छपवाया.

‘समाचार प्लस’ चैनल की एक्सक्लूसिव खबर से हरक सिंह रावत की गद्दी बची

जी हां. कई बार मीडिया वालों के चलते नेताओं की गद्दी चली जाती है तो कुछ एक बार गद्दी बच भी जाती है. उत्तराखंड सरकार में मंत्री हरक सिंह रावत अपनी रंगीनमिजाजी के लिए जाने जाते हैं. पिछले दिनों उन पर एक महिला ने छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था. वही महिला समाचार प्लस चैनल पर लाइव बैठी और आरोपों से मुकर गई. समाचार प्लस चैनल के इस फुटेज को कई नेशनल चैनलों ने दिखाया.

सच तो यह है कि विभूति नारायण राय और ओम थानवी की अदला-बदली हो सकती थी : विष्णु खरे

: कलुष-परीक्षण एवं छिद्रान्वेषण : अंग्रेज़ी में केतली द्वारा भगोने को काला बताए जाने की कहावत है. हिंदी में भी ‘छन्नी कहे सूप से जिसमें खुद सत्तर छेद’ जैसी मिसाल है. 'जनसत्ता' के कार्यकारी सम्पादक जब ‘वर्धा हिंदी – हिंदी शब्दकोष’ की समीक्षा करते हैं तो इस तरह की लोकोक्तियों का बरबस स्मरण हो आता है. सम्पादकजी से वर्षों से इस लेखक का राब्ता रहा है और उसने बीसियों बार मौखिक या लिखित रूप से उन्हें उनके अखबार की शब्दों और भाषा की गंभीर ग़लतियों से आगाह किया है. लेकिन सभी अयोग्य, जाँगरचोर और कायर सम्पादकों की तरह, जिनका हिंदी में पाशविक बहुमत (ब्रूट मेजोरिटी) है, वे हर बार अपने अज्ञेय मातहतों की शान में ‘चूभोमाब’ जैसा कुछ असंसदीय कहकर सुबुकदोष (श्लेष सायास) होते रहे हैं.

राजीव शर्मा जिया न्यूज में सीनियर ईपी बने, तनसीम हैदर को आजतक में बड़ी जिम्मेदारी

दो सूचनाएं है टीवी जगत से. राजीव शर्मा ने नई पारी की शुरुआत कर दी है. वे जिया न्यूज में सीनियर एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बनाए गए हैं. राजीव ने दिव्य हिमाचल और राष्ट्रीय सहारा जैसे अखबारों में लंबे समय तक काम किया. फिर जैन टेलीविजन, दूरदर्शन, एस1 न्यूज, साधना न्यूज समेत कई चैनलों में वरिष्ठ पदों पर रहे. जिया न्यूज में वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद के सीईओ और एडिटर इन चीफ के रूप में ज्वाइन करने के बाद नवीन कुमार ने मैनेजिंग एडिटर के पद पर ज्वाइन किया. नई ज्वायनिंग राजीव शर्मा की हैं जो सीनियर एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बनाए गए हैं.

भास्कर में कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर सुधीर अग्रवाल को लिखा पत्र

श्री सुधीर अग्रवाल जी/ श्री पवन अग्रवाल जी,

मैनेजिंग डायरेक्टर दैनिक भास्कर,

कॉरपोरेट ऑफिस, भोपाल

रिस्पेक्टिड सर,

मैं लगभग तीन साल से अम्बाला भास्कर में सब-एडीटर के पद पर कार्य करता रहा। यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि भास्कर नंबर वन है, और इसके मुकाबले कोई भी अखबार नहीं है। मैं आपको बताना चाहूंगा कि ऑफिस में कंपनी के नियम धड़ल्ले से टूट रहे हैं।

सीरियाई विद्रोहियों ने अपहृत स्पेनी पत्रकार को छोड़ा

सीरियाई विद्रोहियों ने जिस स्पेनी पत्रकार मार्क मार्ख़ीनेडस का पिछले साल सितम्बर में अपहरण कर लिया था, उसे रिहा कर दिया गया है। 'डियारियो डे कतालूनिया' नामक समाचार पत्र के लिए काम कर रहे मार्क मार्ख़ीनेडस तुर्की पहुँच गए हैं।

मीडियाकर्मियों-डाक्टरों को पीटने वाले कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव को निलंबित करो : सिद्धार्थ कलहंस

कानपुर में डॉक्टरों और पत्रकारों की बर्बर पिटाई की निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अविलंब कारवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से घटना के दोषी कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

कानपुर कांड को लेकर एमसीआई और पीसीआई को भेजे गए पत्र में नूतन ठाकुर ने क्या-क्या लिखा है, यहां पढ़ें

सेवा में,

अध्यक्ष,

मेडिकल कौसिल ऑफ़ इंडिया,

नयी दिल्ली

विषय- कानपुर में मेडिकल कॉलेज में हुई घटना की जांच किये जाने विषयक

प्रिय महोदय,

यह कि मैं डॉ नूतन ठाकुर निवासी 5/426, विराम खंड, गोमती नगर, लखनऊ फोन 094155-34525 एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ और विभिन्न सामाजिक कार्यों से सम्बद्ध हूँ. मैं  अन्य क्षेत्रों के अलावा मानव अधिकार तथा सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व और पारदर्शिता के क्षेत्र में भी कार्यरत हूँ

डॉक्टरों की पीठ तोड़ सबक सिखाने जैसी बात कह एसएसपी यशस्वी यादव पुलिसवालों को उकसा रहे थे (पढ़ें पूरा पत्र)

सेवा में,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नयी दिल्ली

विषय- कानपुर में मेडिकल कॉलेज में हुई घटना की जांच किये जाने विषयक

प्रिय महोदय,

यह कि मैं डॉ नूतन ठाकुर निवासी 5/426, विराम खंड, गोमती नगर, लखनऊ फोन 09415534525 एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ और विभिन्न सामाजिक कार्यों से सम्बद्ध हूँ.

कानपुर कांड के लिए एसएसपी यशस्वी यादव जिम्मेदार, कार्यवाही की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने कानपुर में मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के सम्बन्ध में अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेज कर तत्काल कार्यवाही कराये जाने की मांग की है. अपनी शिकायत में डॉ ठाकुर ने कहा है कि उन्होंने घटना से जुड़े तमाम लोगों से बातचीत की और प्रारंभिक जांच में यह पाया कि पुलिस ने एसएसपी यशस्वी यादव की उपस्थिति में उनके उकसाने पर रात आठ-नौ बजे और पुनः दो बजे मेडिकल कॉलेज में अनावश्यक बल प्रयोग किया और कई निरपराध लोगों को बुरी तरह मारा-पीटा जिसमे उम्रदराज प्रोफ़ेसर भी शामिल थे. इसके अलावा मीडियाकर्मियों, जिसमे प्रेस फोटोग्राफर भी शामिल थे, के साथ पूरी तरह अकारण मारपीट की गयी.

नरेंद्र मोदी से डरे अखिलेश यादव सरकारी खजाना दोनों हाथों से लुटा रहे हैं

Kumar Sauvir : यूपी में खतरा है नरेंद्र मोदी की धमक का। सो, अखिलेश यादव अब सरकारी खजाने को दोनों हाथों से लुटा रहे हैं। मकसद है, आज लखनऊ की रैली का असर डाईल्‍यूट करना। इसीलिए अखिलेश सरकार ने यूपी के हर बड़े अखबार में चार-चार प्रमुख पन्‍नों का विज्ञापन जारी कर दिया, जिसमें विकास के बड़े-बड़े दावे दिये गये। लेकिन हकीकत यह है कि अखिलेश यादव के मीडिया-प्रबंधकों की अक्‍ल वाकई दो-कौड़ी की ही है।

शाहजहांपुर में पत्रकार प्रदीप सिंह का अपहरण

शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के कलान में पत्रकार प्रदीप सिंह का अल्हागंज से अपहरण हो गया. प्रदीप सिंह का अल्हागंज में ढाबा है और वहीं से कलान आने के लिए वह सुबह एक ट्रक में बैठे थे. बदमाशों ने उनसे घर पर फोन भी कराया है जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है. पुलिस सक्रियता से पत्रकार की तलाश में जुट गयी है. कलान में एक हिन्दी अखबार के रिपोर्टर प्रदीप सिंह कस्बे में परौर रोड पर रहते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार की किताब ‘वो तेरे प्यार का गम’ का विमोचन इरफान खान ने किया

राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार की एक नई पुस्तक आयी है- ''वो तेरे प्यार का गम.'' मशहूर बॉलीवुड संगीत निर्देशक दान सिंह के जीवन और संगीत पर लिखी इस पुस्तक को देश के प्रतिष्ठित प्रकाशन समूह राजकमल ने छापा है. पुस्तक का लोकार्पण पिछले दिनों विश्व पुस्तक मेले में जाने माने अभिनेता इरफान खान ने किया. इस मौके पर बॉलीवुड के चर्चित गीतकार इरशाद कामिल भी मौजूद रहे.

कांग्रेस और भाजपा कार्पोरेट माफिया के इशारे पर चलती हैं : आप

: उत्तराखंड की पांचों सीटों पर चुनाव लड़ेगी आप :  देहरादून । आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के वरिष्ठ सहयोगी और प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कारपोरेट माफिया ने देश को खोखला कर दिया है और अब ओपिनियन पोल के माध्यम से देश में नया खेल चलाया है, लेकिन इनका खेल अब नहीं चलेगा। पैसे के दम पर ओपिनियन पोल से इस तरह का माहौल बनाया जाता है जैसे कांग्रेस और भाजपा के अलावा कोई पार्टी है ही नहीं। अब जनता सब समझ चुकी है। आप का मकसद सत्ता भोगना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है।

एआईआर और दूरदर्शन सेवाओं के उन्नयन के लिए केन्द्र सरकार ने दिए 3500 करोड़

शुक्रवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन की 12वीं योजना 'ब्रॉडकास्टिंग इनफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क डेवलपमेंट' को मंज़ूरी दी। योजना के अंतर्गत प्रसार भारती की प्रसारण सेवाओं की आधआरभूत संरचना और नेटवर्क के उन्नयन के लिए, केन्द्र सरकार द्वारा ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के लिए 3500 करोड़ रुपए दिए जाना प्रस्तावित हैं।

‘क्या अंबानी को जरूरत है समाजवाद की’: साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी

बेगूसराय। गोदरगावाँ के विप्लवी पुस्तकालय के 84वें वार्षिकोत्सव में 'आजादी के दीवानों के स्वप्न और वर्तमान भारत' विषय पर आयोजित आमसभा में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी ने कहा कि जब लोग अपने लिए लड़ते हैं तभी हारते हैं। सही जगह पहुँचने के लिए सही घोड़ा औए ठीक सवार का होना ज़रूरी है। उन्होनें कहा कि लोभ व्यक्ति को डरपोक बनाता है और आज के समय में जो लोग संस्कृति की बात करते हैं वे कभी उन्होंने- नरहरि दास, मीरा, कबीर, सूर व तुलसी का नाम नहीं लेते। देश में आर्थिक समाजवाद की ज़रूरत पर बल देते हुए उन्होने कहा कि हमारी आज की व्यवस्था में अमीर अपनी ख्वाहिशें पूरी कर लेता है लेकिन गरीब बेरोजगार की फौज बिकने के लिए तैयार रहती है, वही राजनीतिज्ञों के बहकावे में आकर उनके हाथ का खिलौना बन जाती है। उन्होनें व्यंग करते हुए पूछा क्या अंबानी को जरूरत है समाजवाद की?

आईपीएस यशस्वी यादव के ‘यश’ से कानपुर को मुक्त कराएं : संजय शर्मा

Sanjay Sharma :  कानपुर में लग ही नहीं रहा कि पुलिस का राज है. अगर सपा विधायक की डॉक्टर से लड़ाई हुई तो इसका मतलब यह कदापि नहीं होना चाहिए कि खुद को सबसे वीवीआईपी समझने बाले एसएसपी यशस्वी यादव खुद गुंडों की तरह हॉस्टल में घुस कर डॉक्टरों को पीटें… उससे भी ज्यादा शर्मनाक यह रहा कि मीडिया के उन लोगों को भी पीटा गया जो इसकी कवरेज कर रहे थे…

सेबी और उसके अहंकारी चेयरमैन को इस सबसे क्या!

: सहाराश्री की गिरफ़्तारी के बहाने दयानंद पांडेय के कुछ सवाल :  तो क्या सहाराश्री भाग जाते? कि वह भगोड़े हैं। अगर वह श्रवण कुमार की तरह अपनी मां की सेवा सारा रिस्क ले कर कर रहे थे तो क्या उन की निंदा की जानी चाहिए? फिर उन्हें ४ मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना है तो अभी से उन की गिरफ़्तारी के क्या मायने हैं? क्या न्याय सचमुच अंधा होता है? और कि यह सारा सिस्टम भी अंधा हो गया है? तो क्या यह सिस्टम अब बदल नहीं दिया जाना चाहिए। इस सिस्टम में आग नहीं लगा दी जानी चाहिए? और फिर सेबी की इस ज़िद का भी क्या करें?

वो रिपोर्ट, जो अब ‘जानकीपुल’ पर मौजूद नहीं है…

Avinash Mishra :  युवा हस्ताक्षर, पहली उड़ान और इसके बाद …यह रिपोर्टिंग मैंने आज ही की तारीख में गत वर्ष की थी। इसमें इतनी सामर्थ्य नहीं थी कि यह किसी दैनिक अखबार या किसी पत्रिका में प्रकाशित हो सके। इसके लिए इसकी सही जगह थी इंटरनेट, जहां यह प्रकाशित होने के बाद प्रशंसित और विवादित हुई। यह 'जानकीपुल' पर आई और तमाम प्रतिपक्षों और स्पष्टीकरणों के बावजूद अपनी हत्या से पहले एक सप्ताह तक सबसे पॉपुलर पोस्ट बनी रही। हिंदी साहित्य के शीर्ष आलोचक नामवर सिंह के एक पत्र की वजह से इसके 'जानकीपुल' से हट जाने के बाद मैंने इसे अपने फेसबुक नोट के रूप में बचा लिया। आज इसकी बरसी पर इसे उस स्पष्टीकरण के साथ यहां प्रस्तुत कर रहा हूं, ताकि सनद रहे…।

सुब्रत सहारा पर चुप क्यों है ये केजरीवाल?

Amitaabh Srivastava : सुब्रत रॉय प्रकरण पर टीम केजरीवाल की खामोशी पर ताज्जुब हो रहा है। आखिर सुब्रत रॉय पर भी करोड़ों आम आदमियों को चूना लगाने का आरोप है। मामला एक दो करोड़ का नहीं 20 हजार करोड़ का है और सीधे तौर पर देश की सबसे बड़ी अदालत के आदेश पर गिरफ्तारी हुई है । 2000 रुपये की आम आदमी टाइप हालत से लेकर अरबों की हैसियत वाले एक शख्स की बेहद सनसनीखेज और नाटकीय कहानी पर आम आदमी की पार्टी की तरफ से एक कमेंट तो बनता था बॉस। अँबानी के अलावा और भी विवादास्पद लोग हैं साहब..

(पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से)

राय बहादुर ने पहले अदालत को ही नायाब सुझाव दिया कि वह उन्हें ‘हाउस अरेस्ट’ कर ले

Om Thanvi : देश की सर्वोच्च अदालत से लुकाछिपी का बचपना जाहिर करने वाले सुब्रत राय और किसी से नहीं, मीडिया से परेशान हैं। पूरे पन्ने का इश्तहार दे करोड़ों रुपये उछाल दिए, पर मनचाही न्यूज कहीं हासिल हुई, कहीं नहीं। वकील और डाक्टरों के घर जाने लेकिन अदालत न जा पाने वाले राय बहादुर ने पहले अदालत को ही नायाब सुझाव दिया कि वह उन्हें 'हाउस अरेस्ट' कर ले।

पैसे तो हैं सहारा के पास लेकिन उसे जमा करने वाले ‘निवेशक’ कौन हैं यह पता नहीं चल रहा है

सहारा के सुब्रत राय आखिरकार गिरफ्तार हुए. आप लेकिन एक तथ्य पर जरा गंभीरता से गौर कीजिये. कोई भी चिट-फंड कंपनियां जब विवाद में फंसती है या भागती है या उसके किसी प्रमोटर की गिरफ्तारी होती है तो देश में हाहाकार मच जाता है. किसी जवान बिटिया के बाप आत्महत्या करने पर मजबूर होते हैं तो किसी की जीवन भर की कमाई लुट जाने के कारण हाहाकार मचने की खबर आती है. अभी ममता बनर्जी द्वारा शारदा चिट-फंड के माध्यम से ऐसे ही करोड़ों खसोटने का वृत्तांत आपने जाना ही होगा. साथ ही सुना होगा ऐसी ही दर्जनों दर्दनाक कहानियाँ सपनों के छीन जाने की. है न?

यूपी सरकार के लिए बेइज्जती का कारण बने अखिलेश के पसंदीदा आईपीएस यशस्वी यादव

आईपीएस यशस्वी यादव से कोई पंगा नहीं लेता क्योंकि वो दो सेकेंड में सामने वाले को औकात पर ला देते हैं. इसके पीछे बड़ी वजह उन पर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मेहरबानी है. उन्हें नेता मुलायम सिंह यादव कुनबे का वरदहस्त प्राप्त है. कोई उन्हें अखिलेश यादव का क्लास फेलो बताता है तो कोई उन्हें नेताजी कुनबे का रिश्तेदार.

पाकिस्तानी कोर्ट ने पत्रकार की हत्या के दो दोषियों को सजा-ए-मौत दी

कराची: पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने एक पत्रकार की हत्या के दो दोषियों को मौत की सजा और चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायमूर्ति मुश्ताक अहमद लेघारी ने कामरान उर्फ जीशन और फैजल मोटा को 'जियो न्यूज' के पत्रकार वली खान बाबर की हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई है। बाबर की वर्ष 2011 में कार्यालय से जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

Harsh remark on Hon’ble Judges by Subrat Roy

Respected Sir, Attached are 2 documents sent out by Mr. Subrata Roy after his arrest in the Contempt proceedings of the Hon'ble Supreme Court.  The tone and tonality of the circular can best be described as "Threatening" and one instigating to act and react. It looks like a letter written by a revolutionary going to prison and asking his comrades to react so as to bow down the government.

Operation Prime Minister का पूरा सच सुनिए सेफोलाजिस्ट भावेश झा की जुबानी

Dear Yashwant ji, जैसा आपसे फ़ोन पर बात हुई थी, ऑपरेशन प्राइम मिनिस्टर के बारे में… उसी को लेकर अपनी बात रख रहा हूं…  February 12 को इवनिंग में मेरे पास एक लड़की का +91 xxxxxx4836 नंबर से फ़ोन आया था. उसने मुझे बताया कि उसका नाम सुगंधा त्यागी है और वो एक इलेक्शन रिलेटेड वेबसाइट कंपनी में काम करती है.

ठगश्री को उसकी औकात समझा दी सर्वोच्च न्यायालय ने…

Sanjaya Kumar Singh : सहाराश्री तो गिरफ्तार हो गए। अब शायद वो निवेशक सामने आएं जिनके पैसे सहारा नहीं लौटा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मां की बीमारी के भावुक कारण पर भी राहत नहीं दी। काश इस देश में दूसरों का पैसा हड़पने वाले सभी लोगों से एक जैसा व्यवहार होता।

कानपुर में कई मीडियाकर्मियों का कैमरा टूटा और कइयों की हड्डियां…

Zafar Irshad : कल रात सपा विधायक और मेडिकल कॉलेज के जूनियर डाक्टरों के बीच पथराव के बाद पुलिस ने भी लाठियां भांजी, लेकिन इसकी ज़द में आ गए कई टीवी कैमरामैन और पत्रकार… कई का कैमरा टूटा, और कई की हड्डियां.. जो लोग पत्रकारों की नौकरी को ऐश वाली नौकरी कहते हैं, और दलाल कहते हैं, वो देख लें कि क्या उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान मुफ्त में बिना किसी गलती के लाठियां खायी हैं, हड्डियां तुड़वाई हैं…

‘यूएनआई बचाओ’ आंदोलन के तहत कल दस जनपथ पर बारह बजे जुटान

Rakesh Mishra Pravasi : देश की सबसे प्रतिष्टित एजेंसियों में से एक न्यूज़ एजेंसी है युनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया। नेहरू ने देश की पत्रकारिता को बेहतर दिशा देने के लिए विधान चन्द्र राय के नेतृत्व में इसकी स्थापना की थी. एजेंसी का उद्देश्य देश "भारत के लिए पत्रकारिता करने के लिए भारत की एजेंसी स्थापित करना" था. एजेंसी को एक नॉन प्रोफिटेबल कंपनी के तौर पर प्रमोट किया गया. देश के सभी स्थापित अख़बारों की अंशधारिता देने के बाद रोटेशन प्रणाली से इसके प्रबंधन और प्रचालन की जिम्मेदारी बेहतर और समर्पित व्यक्तियों के हाथों में रखना तय किया गया.

दिल्ली के एक पत्रकार ने गोवा सरकार से की तरुण तेजपाल की मुखबिरी

जी हां. दिल्ली के एक पत्रकार ने तरुण तेजपाल की मुखबरी कर दी और अचानक ली गई तलाशी में तेजपाल के पास से मोबाइल फोन बरामद हो गया. इस तरह तेजपाल पर एक और केस दर्ज हो चुका है. अपनी सहकर्मी से यौन प्रताड़ना के आरोपी और तहलका मैगजीन के पूर्व संपादकतरूण तेजपाल के खिलाफ जेल में मोबाइल रखने का मामला दर्ज किया गया है.

इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी के समारोह में राष्ट्रपति ने पेड न्यूज पर चिंता जताई

नई दिल्ली। इंडियन न्यूज पेपर सोसाइटी की प्लैटिनम जुबली पर आयोजित समारोह के दौरान अपने संबोधन में आइएनएस के अध्यक्ष रवींद्र कुमार ने गुरुवार को कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक आवश्यक गुण है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षो के दौरान प्रिंट मीडिया ने कई संकटों का सामना करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रिंट मीडिया ने धैर्य के साथ सभी समस्याओं का सामना किया है।

लौट के राजकुमार हिंदुस्तान, आगरा आए

राजकुमार शर्मा का अमर उजाला, नोएडा में मन नहीं लगा. उन्हें अपने पुराने संस्थान की ऐसी याद आई कि वो अमर उजाला का खूंटा तुड़ाकर फिर से हिंदुस्तान, आगरा के पाले में चले गए. राजकुमार अभी कुछ हफ्तों पहले ही अमर उजाला, नोएडा के हिस्से बने थे. हिंदुस्तान, आगरा में कार्यरत रहे राजकुमार शर्मा ने संपादक पुष्पेंद्र शर्मा से खुन्नस के बाद इस्तीफा देकर नई पारी की शुरुआत अमर उजाला के साथ की. पर पुष्पेंद्र ने दुबारा ऐसा चारा फेंका कि राजकुमार शर्मा आगरा हिंदुस्तान लौट आए.

पत्रकारों को गिफ्ट देने की जांच इस्पात मंत्रालय के सीवीओ करेंगे

लखनऊ स्थित आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा लगभग 1000 स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को राष्ट्रीय इस्पात उपभोक्ता काउंसिल में गलत नामांकन के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग को दी गयी शिकायत की जांच इस्पात मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा की जायेगी. डॉ ठाकुर को भेजे एसएमएस में आयोग कार्यालय द्वारा बताया गया कि इस मामले में अग्रिम कार्यवाही इस्पात मंत्रालय के सतर्कता अधिकारी करेंगे.

बलिया में सुभाष लाल रिटायर, हल्द्वानी में मीडिया सेंटर को दस लाख

बलिया से खबर है कि तीन दशक तक सरकार के सूचना तंत्र से जुड़ मीडिया की सेवा करने वाले जिला सूचना कार्यालय के संरक्षक सुभाष लाल शुक्रवार को सेवानिवृत हो गए. कार्यकाल के अंतिम दिन विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों ने सुभाष लाल के मंगलमय जीवन की कामना की तथा उन्हें भावभीनी विदाई दी.

हजार, डेढ़ हजार रुपये में मीडिया को मैनेज किया पत्रकार राहुल श्रीवास्तव ने

यूपी के मीरजापुर में आयोजित राहुल गांधी की रैली का मीडिया प्रबन्धन देख रहे ‘जनसंदेश’ अखबार के सोनभद्र प्रतिनिधि राहुल श्रीवास्तव ने मीडिया को खूब छकाया और पटाया. राजनीतिक रैली जैसे बड़े आयोजनों के मौके पर सभी मीडिया हाउसों में ज्यादा से ज्यादा विज्ञापन बटोरने की होड़ सी लग जाती है. ऐसे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी व स्थानीय कांग्रसियों ने इसे मैनेज करने के लिए राहुल श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी.

यूपी में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मधुकर जेटली ने चीफ सेक्रेट्री जावेद उस्मानी पर हल्ला बोला

: चीफ सेक्रेटरी जावेद उस्मानी गलत ढंग से बने हैं मेट्रो के चेयरमैन, उन्हें हटना ही होगा : मधुकर जेटली यूपी सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त हैं. उन्होंने आईएएस अफसरों से अपनी भारी नाराजगी सामने ला दी है. वाह्य सहायतित परियोजना के सलाहकार मधुकर जेटली को राज्यमंत्री का दर्जा देकर अखिलेश सरकार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है.

शामली में कई पत्रकारों पर कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा

यूपी के नए बने शामली जिले से खबर है कि यहां कोर्ट के आदेश के बाद कई पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. ये मुकदमा जान से मरने का प्रयास, अवैध वसूली और लूट की धाराओं में दर्ज है. जिन लोगों पर मुकदमा किया गया है, उनके नाम हैं- शरद मालिक, राहुल राणा, वरुण पंवार, और पंकज प्रजापति. बताया जाता है कि ये पत्रकार अवैध खनन के मामले की कवरेज के लिए गए थे. तब खनन माफियाओं ने इनसे मारपीट की.